Media24Media.com: ‘ईरान समर्थक’ तत्वों पर निगरानी बढ़ी, गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया आगाह

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‘ईरान समर्थक’ तत्वों पर निगरानी बढ़ी, गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया आगाह

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 पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संभावित सांप्रदायिक तनाव और हिंसा को लेकर सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है।


सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी को भेजे गए सर्कुलर में राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों से अलर्ट रहने को कहा गया है। इसमें विशेष रूप से ऐसे “ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों” की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जो भड़काऊ भाषण देकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

विदेश की घटनाओं का देश में असर पड़ने की आशंका

एडवाइजरी में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम का असर भारत में धार्मिक आयोजनों और सभाओं के दौरान दिख सकता है। भड़काऊ बयानबाजी के जरिए कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए इंटेलिजेंस निगरानी बढ़ाने और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।

यह अलर्ट अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर कथित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान के जवाबी हमलों से क्षेत्र में तेजी से बढ़े तनाव के बीच जारी किया गया है।

नरेंद्र मोदी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संयम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

CCS की बैठक में हालात की समीक्षा

प्रधानमंत्री ने बदलते हालात पर चर्चा के लिए कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में ईरान पर हुए हवाई हमलों, उसके बाद बढ़ते सैन्य तनाव और खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई।

कमेटी ने क्षेत्र में यात्रा कर रहे भारतीयों, छात्रों और प्रवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार और आवागमन पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की भी समीक्षा की गई।

CCS ने तनाव को जल्द समाप्त करने और बातचीत व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर बल दिया।

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