Media24Media.com: डंके की चोट पर बोले पीयूष गोयल - किसानों, MSME और देसी उद्योगों के हित पूरी तरह सुरक्षित

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डंके की चोट पर बोले पीयूष गोयल - किसानों, MSME और देसी उद्योगों के हित पूरी तरह सुरक्षित

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 नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील की रूपरेखा को लेकर जारी संयुक्त बयान के बाद देश में उठ रही आशंकाओं पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को स्पष्ट शब्दों में स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि यह समझौता पूरी तरह भारत के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर किया गया है और इसमें किसानों, MSME, हैंडीक्राफ्ट व हैंडलूम सेक्टर के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है।


पीयूष गोयल ने कहा,

“डंके की चोट पर मैं कह सकता हूं कि इस ट्रेड डील में भारत के किसानों, डेयरी सेक्टर, MSME और देसी उद्योगों के हितों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। GM फूड, मीट और डेयरी उत्पादों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई है।”

भारत को अमेरिका में बेहतर मार्केट एक्सेस

ट्रेड डील की रूपरेखा के बाद देश में जताई जा रही चिंताओं के बीच गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत भारत को अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका में कम टैरिफ पर बेहतर मार्केट एक्सेस मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत का बाजार केवल कुछ सीमित उत्पादों के लिए ही खोला गया है।

कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित

केंद्रीय मंत्री ने कहा,
“जिस तरह से हमारे किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की गई है, वह सराहनीय है। भारत-अमेरिका के बीच देर रात फाइनल हुआ साझा बयान देश के हर कोने में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।”

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एक हैंडीक्राफ्ट कारीगर ने टैरिफ घटने से मिलने वाले फायदों को लेकर उम्मीद जताई है। कारीगर के अनुसार, 18 प्रतिशत टैरिफ होने से नए ऑर्डर मिलेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

18% टैरिफ, कई उत्पादों पर 0 ड्यूटी

गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाया गया 50 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह दर भारत के पड़ोसी देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कई अहम सेक्टर ऐसे हैं, जहां अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर 0 प्रतिशत ड्यूटी जारी रहेगी, जिनमें शामिल हैं—

  • रत्न और हीरे
  • फार्मास्युटिकल उत्पाद
  • स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स

कृषि उत्पादों को भी बड़ी राहत

कृषि क्षेत्र में भी कई भारतीय उत्पाद अमेरिका में 0 रेसिप्रोकल टैरिफ के साथ निर्यात किए जाएंगे। इनमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल व नारियल तेल, वेजिटेबल वैक्स, सुपारी, काजू, चेस्टनट, ब्राजील नट के साथ कई फल और सब्जियां शामिल हैं।

2047 के विकसित भारत की दिशा में अहम कदम

पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेड डील बेहद अहम है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के उद्देश्य से फरवरी 2024 में बातचीत शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा,
“टेक्सटाइल और ऐपेरल सेक्टर में भारत को बड़ा फायदा होगा। यह समझौता संतुलित है और दोनों देशों के नेताओं की दूरदृष्टि को दर्शाता है।”

ट्रेड डील की प्रमुख बातें

  • अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करेगा
  • भारत कुछ अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा या समाप्त करेगा
  • अगले 5 वर्षों में भारत 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा, विमान, तकनीक और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है
  • रूसी तेल खरीद पर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त शुल्क हटाया गया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समझौता भारत के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगा और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ भारत के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।

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