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अश्लील डांस को मिली प्रशासनिक छूट, SDM तुलसी दास मरकाम सस्पेंड

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 गरियाबंद। गरियाबंद जिले के उरमाल गांव में आयोजित ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में खुलेआम अश्लील नृत्य के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में मैनपुर के तत्कालीन एसडीएम तुलसी दास मरकाम को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कमिश्नर महादेव कावरे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।


जांच में पुष्टि हुई है कि उरमाल गांव में नियमों और शर्तों के विपरीत ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी। कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच पर डांसर्स द्वारा अश्लील नृत्य किया गया, जो न केवल अनुमति की शर्तों का उल्लंघन था, बल्कि सामाजिक मर्यादाओं के भी खिलाफ था।

कार्यक्रम में मौजूद थे SDM, वीडियो बनाने और पैसे लुटाने के आरोप

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 9 जनवरी को स्वयं एसडीएम तुलसी दास मरकाम कार्यक्रम में मौजूद थे। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की थी। वायरल वीडियो फुटेज में एसडीएम मोबाइल से वीडियो बनाते और मंच पर पैसे लुटाते हुए नजर आए हैं। कार्यक्रम रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चला।

6 दिन का आयोजन, ओडिशा से बुलाई गई थीं डांसर्स

जानकारी के अनुसार, उरमाल गांव की युवा समिति द्वारा मनोरंजन के नाम पर 6 दिवसीय ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए 29 दिसंबर 2025 को एसडीएम कार्यालय से अनुमति ली गई थी।

कार्यक्रम में ओडिशा के कटक से ‘जय दुर्गा ओपेरा’ की डांसर्स को बुलाया गया था। 8, 9 और 10 जनवरी को डांस कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनका गांव और आसपास के इलाकों में व्यापक प्रचार किया गया। आयोजकों के अनुसार समिति को रोजाना लगभग 1.20 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था, जबकि अतिरिक्त अश्लील नृत्य के लिए अलग से डांसर्स बुलाने की व्यवस्था की गई थी।

पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में

वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मी भी डांसर्स के साथ आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ फुटेज में पुलिसकर्मी और दर्शक मंच के पास जाकर डांसर्स पर पैसे उड़ाते नजर आए। पंडाल में भारी भीड़ मौजूद थी, जिसमें अधिकारी, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल थे।

टिकट बिक्री और मोटे मुनाफे का खेल

कार्यक्रम के लिए 200 से 400 रुपये तक के टिकट रखे गए थे। बताया गया है कि एक दिन के लिए बार डांसरों की फीस करीब 60 हजार रुपये तय थी। आयोजकों ने अधिक मुनाफे के लालच में कार्यक्रम को खुलेआम अश्लीलता में बदल दिया।

पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर

इस मामले में पहले एक स्थानीय युवक की शिकायत पर आयोजक देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।

और कार्रवाई के संकेत

एसडीएम के निलंबन के बाद मामला और गंभीर हो गया है। प्रशासनिक एजेंसियां अब वीडियो फुटेज, अनुमति प्रक्रिया और पुलिसकर्मियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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