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रेलवे कर्मचारी बहु-राज्य सहकारी समितियों के साथ सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की अहम बैठक, संशोधित कानून के अनुरूप उपविधियों में बदलाव पर जोर

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नई दिल्ली- सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण (CEA) ने 19 जनवरी 2026 को रेलवे कर्मचारियों की बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य बहु-राज्य सहकारी समिति (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप समितियों की उपविधियों (Bye-laws) के समायोजन को सुगम बनाना था। इस बैठक में रेलवे कर्मचारियों की 16 बहु-राज्य सहकारी समितियों के 40 से अधिक पदाधिकारियों, जिनमें अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल थे, ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 2023 के संशोधन के बाद गठित CEA को बहु-राज्य सहकारी समितियों में मतदाता सूची तैयार करने और स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक देशभर में CEA द्वारा 220 चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं, जबकि 70 चुनाव वर्तमान में प्रगति पर हैं।

देश में रेलवे कर्मचारियों की लगभग 18 बहु-राज्य सहकारी समितियां हैं, जिनके सदस्य 8 से 10 लाख के बीच हैं। ये समितियां मुख्य रूप से अपने सदस्यों से जमा स्वीकार करने और रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने का कार्य करती हैं। इन समितियों द्वारा संचालित जमा और ऋण का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹10,000 करोड़ है, जिनमें से चार समितियों के पास बैंकिंग लाइसेंस भी हैं।

CEA द्वारा अब तक रेलवे कर्मचारियों की पांच सहकारी समितियों में चुनाव कराए जा चुके हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, गोरखपुर और बीकानेर स्थित प्रमुख सहकारी बैंक और क्रेडिट सोसायटी शामिल हैं।

बैठक में संशोधित अधिनियम के अनुरूप उपविधियों में संशोधन, प्रतिनिधि सामान्य निकायों का गठन, प्रतिनिधियों का चुनाव, बोर्ड के कार्यकाल की समाप्ति से कम से कम छह माह पूर्व चुनाव प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कार्यात्मक वेबसाइट बनाए रखने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

CEA के उपाध्यक्ष आर. के. गुप्ता ने निर्वाचन प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रस्तुति दी। वहीं केंद्रीय सहकारी रजिस्ट्रार आनंद कुमार झा और CEA की सदस्य मोनिका खन्ना ने समय पर चुनाव कराने के लिए उपविधियों में शीघ्र संशोधन की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में रेल मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने CEA की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक शासन को मजबूत करने के लिए इस प्रकार की परामर्श बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए।

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