Media24Media.com: स्लीपर कोच यात्रियों के लिए राहत : रेलवे का बड़ा फैसला, अब नॉन-AC कोच में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा

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स्लीपर कोच यात्रियों के लिए राहत : रेलवे का बड़ा फैसला, अब नॉन-AC कोच में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा

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 नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने स्लीपर कोच में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब तक सिर्फ AC कोचों में उपलब्ध बेडरोल सुविधा (चादर, तकिया और कवर) को नॉन-AC स्लीपर कोच में भी शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से यात्रा और अधिक आरामदायक व सुविधाजनक होने की उम्मीद है।


अब स्लीपर कोच में भी AC जैसी सुविधा

अब तक बेडरोल सुविधा केवल 3AC, 2AC और 1st AC यात्रियों तक सीमित थी, लेकिन अब स्लीपर कोच यात्री भी निर्धारित शुल्क देकर यह सेवा प्राप्त कर सकेंगे। रेलवे का कहना है कि यह सेवा ऑन-डिमांड और ऑन-पेमेंट आधार पर उपलब्ध होगी, और यात्रियों को पूरी तरह से स्वच्छ व सैनिटाइज्ड बेडरोल दिया जाएगा।

1 जनवरी 2026 से चेन्नई डिविजन में शुरुआत

दक्षिण रेलवे के चेन्नई डिविजन द्वारा यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस सेवा की शुरुआत की जा रही है।
यह सुविधा 1 जनवरी 2026 से चुनिंदा ट्रेनों में शुरू होगी। इस घोषणा के बाद यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इसे एक स्वागतयोग्य कदम बताया है।

स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत

स्लीपर कोच में यात्रा करने वालों को अब तक चादर, कंबल और तकिया खुद लेकर चलना पड़ता था, जो विशेषकर सर्दियों में काफी परेशानी भरा होता था।
नई व्यवस्था से :

  • अतिरिक्त सामान ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी
  • मामूली शुल्क देकर आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा

कितना होगा किराया?

रेलवे ने शुल्क भी तय किए हैं—

  • बेडशीट : लगभग ₹20
  • तकिया / कवर : अलग शुल्क
  • भविष्य में ₹20, ₹30 और ₹50 की स्लैब में सुविधा उपलब्ध होने की योजना

सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद फैसला

इस सेवा को 2023-24 में NINFRIS स्कीम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था।
पायलट फेज में मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद इसे अब स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम नॉन-फेयर रेवेन्यू बढ़ाने के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव भी देगा।

देशभर में लागू होने की संभावना

अधिकारियों का मानना है कि अगर चेन्नई मॉडल सफल रहा, तो इसे प्रयागराज, झांसी, आगरा, कानपुर, लखनऊ सहित पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

 

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