Media24Media.com: सेमीकंडक्टर का स्वर, भारत का नया दौर, PM मोदी के नेतृत्व में भारत बना रहा तकनीकी आत्मनिर्भरता की नई पहचान

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सेमीकंडक्टर का स्वर, भारत का नया दौर, PM मोदी के नेतृत्व में भारत बना रहा तकनीकी आत्मनिर्भरता की नई पहचान

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के जरिए भारत न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी एक भरोसेमंद साझेदार बन रहा है।


आज मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को पीएम मोदी सेमीकॉन इंडिया 2025 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत की इस यात्रा को और गति देगा।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन : आत्मनिर्भरता की नींव

  • दिसंबर 2021 में शुरू हुआ 76,000 करोड़ रुपए का आईएसएम भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग का वैश्विक केंद्र बनाने का प्रयास है।
  • 2023 से 2025 के बीच 6 राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 10 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं।
  • गुजरात के साणंद में कायन्स सेमीकॉन की इकाई रोज़ाना 60 लाख चिप्स बनाने की क्षमता के साथ तैयार हो रही है।
  • नोएडा और बेंगलुरु में 3-नैनोमीटर चिप डिजाइन केंद्र भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बन रहे हैं।
  • वर्ष 2025 के अंत तक भारत की पहली मेड-इन-इंडिया चिप लॉन्च होगी।

वैश्विक सहयोग : सिलिकॉन कूटनीति

  • 29-30 अगस्त 2025 को पीएम मोदी की जापान यात्रा से भारत-जापान साझेदारी को नई दिशा मिली।
  • जापानी पीएम शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (TEL) का दौरा किया गया।
  • दोनों देशों ने आपूर्ति श्रृंखला को लचीला और विश्वसनीय बनाने का संकल्प लिया।
  • भारत-जापान डिजिटल साझेदारी 2.0 और आर्थिक सुरक्षा पहल के तहत अनुसंधान व नवाचार पर जोर दिया गया।

कौशल विकास : नई प्रतिभाओं का निर्माण

  • 2030 तक भारत को 10 लाख कुशल सेमीकंडक्टर पेशेवरों की आवश्यकता होगी।
  • 278 कॉलेजों में EDA टूल्स की पढ़ाई शुरू की गई।
  • अब तक 60,000 से अधिक लोग प्रशिक्षित हो चुके हैं।
  • डिज़ाइन लिंक्ड प्रोत्साहन (DLI) योजना से 22 कंपनियों को 234 करोड़ रुपए का सहयोग मिला।
  • 17 संस्थानों ने 20 चिप्स का सफल निर्माण किया।
  • आर्थिक असर : वैश्विक बाजार में भारत की धमक
  • भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2023 में 38 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 45-50 बिलियन डॉलर तक पहुंचा।
  • 2030 तक इसका लक्ष्य 100-110 बिलियन डॉलर रखा गया है।
  • वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का होगा, जिसमें भारत 10% हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी में है।
  • PLI योजना से 14 क्षेत्रों में 1.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश और हजारों नए रोजगार सृजित हुए हैं।

 

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