Media24Media.com: नक्सल मोर्चे पर दोहरी कामयाबी : बस्तर सीमा पर मुठभेड़, बीजापुर में 30 नक्सलियों ने किया समर्पण

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नक्सल मोर्चे पर दोहरी कामयाबी : बस्तर सीमा पर मुठभेड़, बीजापुर में 30 नक्सलियों ने किया समर्पण

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 बीजापुर। नक्सल उन्मूलन नीति के तहत बुधवार को जिले में सक्रिय 30 नक्सलियों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में उत्तर बस्तर डिवीजन का के.के. (किसकोड़ो कुएम) सब डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज (DVCM), कंपनी नंबर-02 के सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, जनताना सरकार के पदाधिकारी, मिलिशिया और DAKMS कार्यकर्ता शामिल हैं।


आत्मसमर्पण दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, केरिपु सेक्टर के डीआईजी बी.एस. नेगी, बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव और कोबरा व केरिपु बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।

बड़े इनामी नक्सली भी शामिल

  • सोनू हेमला उर्फ कोरोटी (DVCM, ₹8 लाख इनामी, 2003 से सक्रिय)
  • कल्लू पूनेम उर्फ रंजीत (पीपीसीएम, कंपनी-02, ₹8 लाख इनामी, 2011 से सक्रिय)
  • कोसी कुंजाम (पीपीसीएम, कंपनी-02, ₹8 लाख इनामी, 2011 से सक्रिय)
  • मोटी पूनेम उर्फ हड़मे (पार्टी सदस्य, कंपनी-02, ₹8 लाख इनामी, 2013 से सक्रिय)
  • पाण्डे पूनेम (कंपनी-02, ₹8 लाख इनामी, 2015 से सक्रिय)
  • मंगली पोटाम (ACM, दक्षिण सब जोनल सप्लाई टीम, ₹5 लाख इनामी, 2008 से सक्रिय)
  • बोटी ओयाम उर्फ लालू (ACM, इंद्रावती एरिया कमेटी, ₹5 लाख इनामी, 1998 से सक्रिय)
  • इसके अलावा, अन्य एरिया कमेटी व मिलिशिया सदस्य भी शामिल हैं, जिन पर ₹50 हजार से ₹2 लाख तक का इनाम था।

नीति से प्रभावित होकर उठाया कदम

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे शासन की पुनर्वास नीति 2025 और "नियद नेल्लानार" योजना से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं। इस योजना के तहत नक्सल प्रभावित युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पुनर्वास नीति ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का माहौल बनाया है। उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।

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