Media24Media.com: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लोकप्रियता का ग्राफ बुलंदियों पर : इंडिया टुडे–अगस्त 2025 सर्वे के मुताबिक, गृह राज्य में 41.9% लोगों ने कामकाज से जताई संतुष्टि

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लोकप्रियता का ग्राफ बुलंदियों पर : इंडिया टुडे–अगस्त 2025 सर्वे के मुताबिक, गृह राज्य में 41.9% लोगों ने कामकाज से जताई संतुष्टि

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- तीर्थराज 'आनंद' 

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक नया उत्साह और उमंग देखी जा रही है। वजह है — इंडिया टुडे–C Voter द्वारा हाल ही में जारी ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे जिसके नतीजों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता में अप्रत्याशित इजाफा दिखाया है। अगस्त 2025 के इस सर्वे में 41.9% उत्तरदाताओं ने अपने मुख्यमंत्री के कामकाज से संपूर्ण  संतुष्टि जताई है, जो कि फरवरी 2025 के पिछले आंकड़े 39% से 2.9 प्रतिशत  उल्लेखनीय उछाल दर्शाता है।

संतोष और विश्वास का नया अध्याय 

छत्तीसगढ़ जैसा विविधता से भरा राज्य, जहां जनसामान्य की अपेक्षाएं  सरकार से बहुत ज्यादा है, वहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जनता के बीच बढ़ता संतोष राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ी खबर मानी जा रही है। MOTN सर्वे हमेशा लोगों की नब्ज को पकड़ने के लिए जाना जाता है तथा उसी की पुष्टि इस बार भी देखने को मिली। जनता के सर्वे पर आधारित इस रिपोर्ट ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लोग अपने मुख्यमंत्री के कामकाज से प्रत्यक्ष रूप में संतुष्ट हैं और यह स्वीकार्यता पिछले छह महीनों में बढ़ी भी है।

 विष्णु देव के प्रति मजबूत विश्वास, देश में दूसरे नम्बर पर 

सर्वे का निष्कर्ष बयां करता है कि छत्तीसगढ़ के लोगों में विष्णु देव साय के प्रति विश्वास मजबूत होता जा रहा है। अगर हम भारत के बड़े राज्यों की बात करें — उन राज्यों में जिनकी लोकसभा सीटें 10 या उससे अधिक हैं — तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का प्रदर्शन देश में दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं, जिन्हें अपने गृह राज्य में 44.6% संतुष्टि अंक मिला है, जबकि साय 41.9% के साथ नजदीकी टक्कर में हैं।

 क्या है साय सरकार की बढ़ती लोकप्रियता के कारण? 

जनता की संतुष्टि कोई आंकड़ा भर नहीं, बल्कि बदलाव की कहानी है। छत्तीसगढ़ में बीते महीनों में शिक्षा व्यवस्था में साहसिक बदलाव युक्तियुक्तकरण से देखने को मिला, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति और शराब घोटाले में बड़ी संख्या में आबकारी अधिकारियों का निलंबन ऐतिहासिक महत्व रखता है।  महिला सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना  ने महती भूमिका निभाई है। किसानों की समस्याओं का त्वरित निवारण हो, चाहे रिकॉर्ड 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी और इसकी समर्थन मूल्य से 3100 रुपये अंतर की  राशि किसानों के खाते में एक मुश्त डीबीटी करने का मामला हो, नई औद्योगिक नीति से युवाओं को रोजगार , स्वरोजगार संबंधी अनेक मुद्दों पर सरकार ने जो काम किए, वे जनता की जिंदगी में ठोस बदलाव लेकर आए। 

सुशासन से समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नेतृत्वशैली — सहज जनसंवाद, शुचिता और पारदर्शिता — ने एक भरोसेमंद प्रशासन की बुनियाद रखी है, जिसमें युवाओं और ग्रामीण आबादी को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गईं। सुशासन अभियान से जनसंवाद में 41 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण, अंतिम छोर के उन गांवों तक मुख्यमंत्री पहुंचे, जहां छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद कोई भी CM नहीं पहुंच पाए थे।

आम लोग महसूस करते हैं कि सरकार उनकी जरूरतों और समस्याओं पर ध्यान दे रही है। चाहे किसानों की समृद्धि के लिए कृषक उन्नति योजना हो, गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ, या फिर महिला समूहों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना — हर मोर्चे पर बदलाव की बयार बहती दिखी। विश्लेषक मानते हैं कि मुख्यमंत्री के प्रति बढ़ता संतोष इस परिवर्तन की सीधी पहचान है। साय का बढा हुआ आंकड़ा राजनीति में उनकी स्वीकार्यता को नई ऊँचाइयों पर ले जाता है।

मौजूदा मुख्यमंत्रियों के बीच प्रतिस्पर्धा 

MOTN सर्वे के बड़े राज्यों की सूची में विष्णु देव साय का स्थान प्रतिस्पर्धा के लिहाज से महत्वपूर्ण बनता है। असम के हिमंता बिस्वा सरमा जहाँ प्रथम स्थान पर हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के साय, झारखंड के हेमंत सोरेन, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ और हिमाचल के सुखविंदर सिंह सुक्खू जैसे नामी गिरामी मुख्यमंत्रियों से आगे निकल गए हैं। यह बात साबित करती है कि छत्तीसगढ़ नेतृत्व का नया केंद्र बनता जा रहा है। 3 करोड़ से अधिक  आबादी वाले इस राज्य में मुख्यमंत्री का ऐसा प्रदर्शन, राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके कद को बढ़ाता है।

जनचेतना की बुलंद आवाज 

सर्वे के नतीजे न केवल गृह राज्य में साय के कुशल नेतृत्व को दर्शाते हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के जनमानस के सोच का भी संकेत देते हैं। विगत वर्षों में राज्य ने अनेक चुनौतियां देखीं — माओवाद की विकट समस्या, आर्थिक असमानता, पूर्ववर्ती सरकार में जमकर भ्रष्टाचार, पीएससी परीक्षा में घोटाला, शराब और कोल माइंस घोटाला, डीएमएफ फंड में जमकर लूट  आदि। लेकिन साय की सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ सामने आई।  अब बस्तर में बदलाव की बयार चल रही है। स्कूलों में अव्यवस्थित शिक्षक पदस्थापना में जबरदस्त सुधार हुआ है, औद्योगिक विकास में तेजी आई है।  समन्वित विकास के लिए "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @ 2047" के रोड मैप पर आगे बढ़ रहे हैं। युवा मंत्रियों की टीम और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति इस बदले माहौल के ठोस प्रमाण हैं।

राजनीति के भविष्य की झलक 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की यह रेटिंग बताती है कि जनता यदि सरकार को सकारात्मक मूल्यांकन देती है तो उससे राज्य का मनोबल भी ऊँचा होता है। सुधरती सरकारी सेवाएं, जनता से जुड़े मसलों की सतत मोनिटरिंग, पारदर्शी सुशासन व्यवस्था के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना, विकास–उन्मुख योजनाएं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी लगाम — ये न केवल छत्तीसगढ़ के लिए बल्कि पूरे भारत के राज्यों के लिए उदाहरण हैं कि जन-कल्याण प्राथमिकता बने तो जनता सरकार के पीछे खड़ी हो जाती है।

 नया आत्म विश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा 

MOTN सर्वे का यह दूसरा स्थान छत्तीसगढ़ के नेतृत्व को नये आत्मविश्वास देता है। अब आगे आने वाले समय में मुख्यमंत्री इसे और ऊंचा ले जा पाएंगे या नहीं, यह भविष्य बताएगा। पर सच इतना है कि फिलहाल विष्णु देव साय राज्यवासियों के दिलों में, जनता के भरोसे में और राष्ट्रीय मंच पर खास पहचान बना चुके हैं।

जनता द्वारा स्वयं दिए गए ये आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के कामकाज को अब पहले से ज्यादा सराहा जा रहा है। साय की नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और जनसेवा का जज्बा राज्य में नए उत्साह की लहर फैला रहा है। MOTN सर्वे के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की जनता ने विष्णु देव साय को बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच दूसरे नंबर पर रखा है — ये न सिर्फ एक आंकड़ा है, बल्कि नई उम्मीदों और विश्वास की कहानी है, जिसे छत्तीसगढ़ की राजनीति  में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।


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