महासमुंद- महासमुंद में पूज्य विवेकसागर जी मसा एवं शासनरत्नसागर जी मसा की निश्रा में जैनों के बाईसवें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ के जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए ! प्रात: व्याख्यान के समय पूज्य विवेकसागर जी ने नेमिनाथ भगवान के जन्म की जैसे ही उद्घोषणा की सभी श्रावकों और श्राविकाओं ने थाली बजाकर पूरे हॉल को गुंजायमान कर दिया । मंच पर झांकी की स्थापना की गई थी जिसमे परदा खुलते ही अंदर माता शिवादेवी और नेमिनाथ भगवान के रूप में कलाकारो ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी । माता का अभिनय श्रीमती रुचि पारख, नेमिनाथ भगवान के बचपन का अभिनय प्रार्थना बरडिया एवं प्रियंवदा दासी का अभिनय भक्ति गोलछा ने निभाया । आज भगवान नेमीनाथ के जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में सामूहिक एकासना आयोजित किया गया था । सभी आराधकों के एकासना की व्यवस्था श्री शांतिनाथ भवन में रखी गई थी । आज दोपहर को नेमीनाथ पंचकल्याणक की पूजा जैन मंदिर में रखी गई थी । रविवार को अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद के द्वारा संगीतमय स्नात्र पूजा मेरू शिखर नवरावे का आयोजन किया गया था । इस स्नात्र महोत्सव में श्रावक और श्राविकाएं इंद्र और डिककुमारी बनकर पधारे थे । इस आयोजन में पहली बार स्नात्र पूजा के साथ नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसमे माता के चौदह स्वप्नों को पाठशाला के बच्चों द्वारा नृत्य के माध्यम से विस्तार पूर्वक प्रदर्शित किया गया । स्नात्र पूजा के पश्चात परमात्मा की आरती, मंगलदीपक और शांति कलश किया गया । जिसका लाभ श्री राणुलाल जी इन्द्रकुमार जी लुनिया, खरतरगच्छ महिला परिषद एवं राजिम से पधारे श्री संजय जी बंगानी परिवार ने लिया । उक्त जानकारी जैन श्री संघ से श्रीमती ललिता बरडिया ने दी ।
जैन समाज द्वारा वृक्षारोपण किया गया
आगे जानकारी देते हुए संघ के सचिव सीए रितेश गोलछा ने बताया कि श्रावण सुदी पांचम के दिन भगवान नेमिनाथ के जन्मकल्याणक एवं पूज्य यति श्री यतनलाल जी की आगामी 4 अगस्त को पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में संघ के अध्यक्ष राजेश लूनिया के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया था । इस कार्यक्रम में जैन समाज से प्रदीप झाबक, दिलीप मालू, संजय मालू, अनिल मालू, नीरज कोचर, विकास चोपड़ा, अमित चोपड़ा, सरस्वती शिशु मंदिर के पदाधिकारी घनश्याम सोनी, श्रीमति संध्या शर्मा, प्रधानाचार्य देवराज वर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे । चातुर्मास में प्रतिदिन प्रात: व्याख्यान दोपहर को स्वाध्याय एवं रात्रि को धर्म चर्चा आयोजित है । जैन श्री संघ नगर के सभी धर्मावलंबियों से इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुरोध करता है ।