तीर्थराज 'आनंद' की खास रिपोर्ट पढ़िए
आपने सर्प दंश या नाग के डसने से इंसान की मौत की खबर तो बहुत पढ़ी होगी। अब यदि इंसान के काटने से सांप की मौत हो जाए तो आश्चर्य में डाल देने वाली घटना है। नागपंचमी के दिन हम आपको एक अजब-गजब लेकिन सत्य घटना से रूबरू करा रहे हैं।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मोहाच्छी बंकटवा गांव में एक अनोखी घटना हुई, जिसमें एक साल के बच्चे ने कोबरा सांप को काटकर मार डाला। यह घटना तब हुई जब बच्चा घर के पास खेल रहा था, उसी दौरान एक कोबरा उसके पास आ गया और उसके हाथ में लिपट गया। नासमझ बच्चे ने डरने या रोने की बजाय, सांप को अपने दूध के दांतों से काट लिया। बच्चे के काटते ही सांप की तुरंत मौत हो गई। यह नजारा देख कर परिजन दंग रह गए। देखते ही देखते बच्चा गोविंद कुमार को सांप के काटने पर बेहोशी आ गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है। परिवार और गांव वाले मानते हैं कि यह जहरीला कोबरा था, जिसकी मौत बच्चे के काटने से हो गई।
इस मामले ने चिकित्सकों और विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। एक रिपोर्ट्स के अनुसार, इंसान के काटने से निकलने वाले बैक्टीरिया और मांसपेशी की ताकत छोटे और नाजुक शरीर वाले सांपों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी कारण कोबरा की तत्काल मौत हो गई। आम तौर पर कोबरा का विष घातक होता है, लेकिन बच्चे को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया है। इससे उसकी जान बच गई।
यह घटना सोशल मीडिया और खबरों में तेजी से वायरल हो रहा है। और इसकी सत्यता को लेकर चर्चा भी है। हालांकि, परिवार और स्थानीय लोग घटना की पुष्टि कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इंसान का काटना भी कई बार छोटे जीवों के लिए जानलेवा हो सकता है।
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अपनी दादी की गोद में बालक गोविंद कुमार |
फैक्ट फ़ाइल:-
घटना: बिहार, पश्चिम चंपारण, बंकटवा गांव
पीड़ित: एक साल का बच्चा, गोविंद कुमार
परिणाम: कोबरा की मौत, बच्चा अस्पताल में सुरक्षित
चिकित्सा स्थिति: बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में, हालत स्थिर।
यह घटना अभूतपूर्व और दुर्लभ मानी जा रही है, क्योंकि आम तौर पर कोबरा जैसे खतरनाक ज़हरीले सांप के काटने पर इंसान की जान जाने का खतरा होता है, ना कि सांप की।
हर साल भारत में सर्पदंश से 60 हजार मौतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल दुनियाभर में सवा लाख लोग सांप के काटने से मर जाते हैं। इनमें से अकेले भारत में करीब 60 हजार मौतें होती हैं, जिससे भारत को Snake Bite Capital of the World कहा जाता है। बिहार सरकार के मुताबिक अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच राज्य में करीब 1000 लोगों की मौत सांप काटने से हुई। इस दौरान 15 हजार से ज्यादा मरीजों को सही वक्त पर इलाज मिल सका।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में जिज्ञासा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है, जो ऐसे मामलों को जन्म देती है। ऐसे में जरूरत है कि बच्चों को जागरूक किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित इलाज की सुविधा बढ़ाई जाए। अगर कोई बच्चा सांप को काटता है और निगलता है, तो जहर का असर आमतौर पर खतरनाक नहीं होता, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं कहा जा सकता। शरीर में किसी भी इंटरनल इंजरी या ब्लीडिंग की स्थिति में यह जानलेवा भी बन सकता है।