Media24Media.com: मुख्यमंत्री साय की बीजापुर में दो टूक: शिक्षा, पेयजल, रोजगार और नक्सली पुनर्वास को दें प्राथमिकता

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मुख्यमंत्री साय की बीजापुर में दो टूक: शिक्षा, पेयजल, रोजगार और नक्सली पुनर्वास को दें प्राथमिकता

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और 'बाल शिक्षा मित्र' जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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