Media24Media.com: खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किये जा रहे हरसंभव प्रयास : विष्णुदेव साय

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खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किये जा रहे हरसंभव प्रयास : विष्णुदेव साय

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेलों के विकास तथा उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य के खिलाड़ियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। साय कल भिलाई में प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित प्रथम अखिल भारतीय वेटलिफ्टिंग कलस्टर चैम्पियनशिप 2024-25 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रथम वाहिनी भिलाई में स्थित इंडोर स्टेडियम के अपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए एक करोड़ रूपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की।


गौरतलब है कि यह चैम्पियनशिप 23 सितम्बर से प्रारंभ हुई थी। खेल मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद विजय बघेल, दुर्ग शहर के विधायक गजेन्द्र यादव, अहिवारा के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि चेयरमेन विनीता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, सेनानी प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र भिलाई राजेश कुकरेजा सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के खेल के प्रति लगाव एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की व्यस्ततम सेवा के बावजूद आप लोग खेल के लिए समय निकाल पाते हैं, यह अत्यंत सराहनीय है। नियमित रूप से खेल खेलने से फिटनेस अच्छी रहती है। उन्होंने कहा कि हमारा देश अनेकता में एकता का देश है, जो कि खेल के माध्यम से चरितार्थ होता है। साय ने वेटलिफ्टिंग खेल हमारे शरीर की असीम संभावनाओं के बारे में हमें बोध कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा राज्य में खेलो के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ में खेलों की अधोसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। हम अभी बस्तरिया ओलंपिक का आयोजन करने जा रहे हैं।

साय ने कहा कि वर्षों बाद बस्तर में शांति लौट रही है और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति कायम हो रही है। उन्होंने कहा कि जब शांति स्थापित होती है तो सांस्कृतिक गतिविधियां और खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती है। इसी कड़ी में हम सभी बस्तरिया ओलंपिक को लेकर बेहद उत्साहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने राज्य में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए हम राज्य में लक्ष्मी बाई राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान का सेंटर आरंभ करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा फोकस सभी खेलों पर है। इसके अंतर्गत एथलेटिक अकादमी, कब्बड्डी एकादमी, तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से इन खेलों में प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का कार्य रहे हैं।

साय ने कहा कि भिलाई में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश भर से आए खिलाड़ियों का स्वागत है। उन्होंने बेहतर आयोजन की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन करें। भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि चेयरमेन विनीता शर्मा ने इस बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने अखिल भारतीय वेटलिफ्टिंग कलस्टर चैम्पियनशिप प्रतियोगिता के महत्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा ने दिया। अखिल भारतीय वेटलिफ्टिंग कलस्टर चैम्पियनशिप में आयोजित विभिन्न खेलों के विजेताओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। समारोह में प्रतियोगी खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट भी किया गया। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों द्वारा सुमधुर एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई के सेनानी राजेश कुकरेजा ने किया। इस अवसर पर संभागायुक्त एस.एन. राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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