Media24Media.com: कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय के कड़े तेवर, अफसरों पर बरसे, बोले- मै करूंगा कार्रवाई

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कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय के कड़े तेवर, अफसरों पर बरसे, बोले- मै करूंगा कार्रवाई

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान अफसरों पर भड़के। उन्होंने अफसरों को हिदायत देते हुए कहा कि भाषा में संयम रखे और संयम चुका तो कार्रवाई करें। सीएम ने कहा कि यदि आप से कार्रवाई नहीं हो रही है तो आगे मैं कार्रवाई करूंगा। कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम साय ने राजस्व प्रकरणों में ढिलाई पर भी अफसरों पर नाराजगी जताई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे सभी फलैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि बीते 9 महीने में यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से दुर्व्यवहार की सामने आई हैं जो गंभीर है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी भाषा पर काबू रखें और ऐसा नहीं कर सके तो कड़ी कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जन समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं।

राजस्व विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए। सारंगढ़ ,बस्तर, खैरागढ़ में राजस्व मामलों की धीमी गति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी। उन्होंने कलेक्टरों को राजस्व मामलों को तेज गति से निपटाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सम्बंधित सभी कार्य समय-सीमा पर पूरे हों अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी ली।अविवादित नामांतरण के केस को समय सीमा पर पूरा करें, 70 प्रतिशत से कम निराकरण वाले जिले ज्यादा फोकस करें। विवादित विभाजन के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो सीमांकन जनता से जुड़ा विषय है जो आदेश है उसका सीमांकन हो जाये। नागरिक छोटे छोटे त्रुटि के लिए भटकते रहते हैं। जल्द से जल्द निराकरण हो इसका ख्याल रखें डायवर्शन में जिलों का प्रदर्शन अच्छा है, समय सीमा में निराकरण करने से सरकार की छवि बनती है। आपके अधीनस्थ समय और कोर्ट पहुँचे इसका ध्यान रखें कमिश्नर भी मोनिटरिंग करते रहें।

पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। मनरेगा में मानव दिवस की सृजन कम होने पर बस्तर, कबीरधाम और बिलासपुर कलेक्टरों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप दें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हमें भारत सरकार से अधिक मात्रा में आवास प्राप्त हुये हैं। जिले विशेष ध्यान देकर पूर्णता सुनिश्चित कराएं। प्रधानमंत्री आवास योजना हमारी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। 15 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली किश्त जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर प्रधानमंत्री आवास योजना पर विशेष ध्यान दें।

किडनी मरीजों की संख्या घटाने पर करें फोकस
कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम साय ने सुपेबेड़ा के किडनी रोगियों को लेकर चिंता जताई है। कलेक्टरों को निदेश देते हुए सीएम साय ने कहा कि किडनी के मरीजों की संख्या घटाने तेजी से कार्य करें। इसके लिए यदि जरूरत पड़े तो तो दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर काम करें। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का रोगियों को लाभ मिले इस ओर भी अधिकारी कार्य करें। सीएम साय ने इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली भी नाराजगी जताई। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र, खैरागढ़ में बेड ऑक्यूपेंसी और क्योर रेट जीरो होने पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि सभी जिले आयुष्मान पंजीयन आगामी 6 माह में शत प्रतिशत करें। पीएम जनऔषधि के जो केंद्र संचालित नहीं हैं उन्हें शुरू करें और यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को जनऔषधि केंद्र स्पष्ट रूप से दिखें। सीएम साय ने इस दौरान कहा कि डायलिसिस की सुविधा हर ज़िले में उपलब्ध कराएं।

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