Media24Media.com: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बलौदाबाजार जिले में 28 हजार से अधिक मकान हुए स्वीकृत

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बलौदाबाजार जिले में 28 हजार से अधिक मकान हुए स्वीकृत

Document Thumbnail

रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत  28 हजार 754 मकान हुए स्वीकृत किए गए है जिसमें से आज 15 हजार 436 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी कर दिया गया है। जिससे वर्षाे से पक्के घर की आस में रहने वाले हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे है। इस खुशी को उत्सव को बदलने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी ने गांव गांव में आवास उत्सव आयोजन कराने के निर्देश संबधित अधिकारियों दिए है। जिसके तहत हितग्राहियों को योजना के संबध में विस्तृत जानकारी,सूची का वाचन,घर की डिजाइन,किश्तों का विवरण सहित सक्षम हितग्राही अतिरिक्त पैसा मिलाकर और बड़े घर बनाने हेतु प्रेरित किए जाएंगे।

उक्त सभी बाते कलेक्टर दीपक सोनी ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना के समीक्षा बैठक में कही है। उन्होंने संबधित अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को दो टूक कहा की निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की समझौता नही होनी चाहिए। सभी मकान निर्धारित  90 दिवस की समय सीमा में ही पूर्ण कराएं।पहले साल भर में लगभग 7 हजार मकान बनाने होते थे जिसको हम बड़ी मुश्किल से पूर्ण कर पाते है।  पर अब लक्ष्य से 4 गुणा अधिक 28 हजार हो गया है मतलब हम लोगो को अब 4 गुणा अधिक मेहनत की जरूरत है। तब जाकर आवास का लाभ हितग्राहियों को मिल पाएगा। इस दौरान सोनी ने अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह पुरुस्कृत करने की बात कही है।

गौरतलब है की जिले में जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 28 हजार 754 मकान हुए स्वीकृत किए गए है। जिसमे जनपद पंचायत बलौदाबाजार 6731, भाटापारा 3756, कसडोल 7658, पलारी 6497 एवं सिमगा 4112 शामिल है। इसी तरह से इसमें से आज दिनांक तक 15 हजार 436 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी कर दिए गए है। जिसमे से जनपद पंचायत बलौदाबाजार 3534, भाटापारा 2568, कसडोल 3734, पलारी 2979 एवं सिमगा 2621 शामिल है।

 

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.