Media24Media.com: Kolkata Doctor Murder Case : डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई टास्क फोर्स, दुष्कर्म और हत्या मामले पर सरकार को फटकार

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Kolkata Doctor Murder Case : डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई टास्क फोर्स, दुष्कर्म और हत्या मामले पर सरकार को फटकार

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Kolkata Doctor Murder Case : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई की।


कोर्ट ने इस घटना पर राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सख्त सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पूछा कि पीड़िता की पहचान उजागर कैसे हुई? जब 7 हजार लोग अस्पताल में घुसे तब पुलिस वहां क्या कर रही थी। हम सीबीआई से गुरुवार तक स्टेटस रिपोर्ट चाहते हैं। हम एक नेशनल टास्क फोर्स बनाने जा रहे हैं। टास्क फोर्स में AIIMS के निदेशक शामिल होंगे।

सीबीआई गुरुवार तक स्टेटस रिपोर्ट दे

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीबीआई को निर्देश दिया कि वह गुरुवार तक स्टेटस फाइल करे। छानबीन का स्टेज बताने को भी कहा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम रिपोर्ट देखना चाहते हैं। इसके अलावा सीजेआई ने कहा कि हम नैशनल टास्क फोर्स बनाएंगे। टास्क फोर्स सेफ्टी, वर्किंग कंडिशन आदि के बारे में बताएगा। इसके बाद इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हमपर ट्रस्ट करें और इसी के साथ सभी डॉक्टरों को अपना प्रोटेस्ट को वापस लेने का भाी आग्रह किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि शांति पूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर राज्य पुलिस संजीदगी से काम ले। टास्क फोर्स सेफ्टी, वर्किंग कंडिशन आदि के बारे में बताएगा।

पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस से सवाल

पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। सीजेआई के नेतृत्व वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर सवालों की बौछार की। बेंच ने पूछा कि क्या पैरेंट्स को लड़की को चार घंटे नहीं मिलने दिया गया? इसपर सिब्बल ने कहा कि यह तथ्य ठीक नहीं है। इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि क्या शुरुआत में मर्डर केस दर्ज नहीं किया गया? कॉलेज के प्रिंसिपल उस समय क्या कर रहे थे? उन्होंने एक्शन क्यों नहीं लिया? चीफ जस्टिस ने अस्पताल में भारी भीड़ घुसने पर भी सवाल किया कि जब अस्पताल में मॉब पहुंचा तो पुलिस क्या रह रही थी? पुलिस ने क्राइम सीन को क्यों प्रोटेक्ट नहीं किया? मॉब को अंदर कैसे जाने दिया गया? प्रिंसिपल के इस्तीफा देने पर क्या उन्हें कहीं और नियुक्त किया गया? हैरानी की बात यह रही कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच की ओर से पूछे गए सवालों का कपिल सिब्बल के पास कोई जवाब नहीं था।

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