Media24Media.com: दस साल पहले भेजा गया है सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव, विधानसभा में मुख्यमंत्री ने दी विस्तृत जानकारी

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दस साल पहले भेजा गया है सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव, विधानसभा में मुख्यमंत्री ने दी विस्तृत जानकारी

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 महासमुन्द । दक्षिण कोशल की राजधानी और छत्तीसगढ़ की प्राचीन नगरी सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दस साल पहले भेजा गया है। यह जानकारी विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी है।

महासमुन्द क्षेत्र के युवा और सक्रिय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल करने संबंधी सवाल पूछा। जिसके लिखित जवाब में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया है कि यह सही है कि सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। इस दिशा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रायपुर मंडल द्वारा 10 सितम्बर 2014 को सिरपुर में स्थित लक्ष्मण मंदिर एवं अन्य उत्खनित स्थलों को विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल करने के लिए निदेशक (विश्व धरोहर), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा गया है।

लक्ष्मण मंदिर तथा उत्खनित स्थलों के "आऊटस्टेण्डिग यूनिवर्सल वैल्यू ऑफ ऑपरेशनल गाईडलाईन्स" प्रस्तुत कर विश्व धरोहर अनुभाग, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली को 19 जनवरी 2022 को प्रेषित किया गया है। विश्व धरोहर स्थल के रूप में विकसित करने के लक्ष्य के साथ ही सिरपुर विकास प्राधिकरण ( साडा) का गठन किया गया है। राज्य एवं केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के उच्चाधिकारियों से सलाह लेकर अनेक प्रकार के वास्तु, संरचना, पुरातात्विक, जैव विविधता के सर्वेक्षण सिरपुर में कराये जा रहे हैं, जिसमें प्राप्त रिपोर्ट्स का परीक्षण कराया जायेगा। भारतीय पुरातत्व के निदेशक ने कांसेप्ट नोट, जी.आई. सर्वे और विजन डाक्यूमेंट बनाने की सलाह भी दी है, जिसके लिए एन.आई.टी. रायपुर से अनुबंध का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि साडा के लिए बनाये गये उपविधि का शासन से अनुमोदन का कार्य प्रचलित है, उसके पश्चात् ही साडा क्षेत्र हेतु मास्टर प्लान बनाकार निर्माण व विकास कार्य कराये जा सकेंगे।

सिरपुर में अवैध उत्खनन का मामला उठा

महासमुन्द विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने पुरातात्विक महत्व के सिरपुर के समीप जंगल में 25-26 जून, 2024 की दरम्यानी रात जेसीबी से पुरावशेष की अवैध खुदाई का मामला सदन में उठाया। इस पर वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि महासमुंद जिले के प्रसिद्ध पुरा नगरी सिरपुर के कक्ष क्रमांक-04 (रिजर्व फारेस्ट) में 25-26 जून, 2024 की दरम्यानी रात जेसीबी से पुरावशेष की खुदाई की घटना हुई है। इस पर पुलिस विभाग द्वारा अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया है।

घटनास्थल आरक्षित वन के कक्ष क्रमांक- 04 में होने के कारण वन विभाग द्वारा जेसीबी वाहन को जप्त कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19916/05 दिनांक 26.06.2024 पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अधीक्षक महासमुंद के प्रतिवेदन के अनुसार उक्त खनन स्थल रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र होने से मामले की जांच वन विभाग के द्वारा की जा रही है। इसलिए पुलिस विभाग द्वारा अपराध पंजीबद्ध नहीं किया जाना बताया गया है।

महासमुन्द जिले में शिक्षकों की कमी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन महासमुन्द विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने महासमुन्द जिले में शिक्षकविहीन, एकल शिक्षकीय शाला और वर्गवार शिक्षकों की कमी की ओर ध्यानाकृष्ट कराया।

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि महासमुन्द जिले में 08 प्राथमिक शाला, 02 पूर्व माध्यमिक शाला, 04 हाईस्कूल शिक्षक विहीन हैं। 225 प्राथमिक शाला, 05 पूर्व माध्यमिक शाला, 04 हाईस्कूल एकल शिक्षकीय शाला हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की शालाओ में पदस्थापना में विसंगति के सवाल पर बताया गया है कि दर्ज संख्या अनुसार कमी एवं अधिक्य की युक्तियुक्तीकरण कार्यवाही की जाकर विसंगति का निराकरण किया जाता है।

संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं !

वर्षों से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की चिंता करते हुए विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने विधानसभा में पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ में सेवारत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि नहीं तो क्या संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर विचार किया जाएगा?

इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि
वर्तमान में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की योजना नहीं है।

 

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