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सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया, जाने CAA Portal क्या है, जहां करना होगा नागरिकता के लिए पंजीकरण

 CAA Online Portal: केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. इसके प्रभाव से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों को नागरिकता मिल सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सरकार के मंत्री लंबे समय से इसकी वकालत करते आ रहे हैं. अब चूंकि सीएए की अधिसूचना जारी कर दी गई है, इसके बाद चर्चा है कि जल्द ही इसके लिए एक अलग वेब पोर्टल स्थापित किया जाएगा. इसके माध्यम से नागरिकता के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिटिजनशिप रेजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल को इसी महीने लॉन्च किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि यह पोर्टल क्या है और इस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।


मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले सीएए की अधिसूचना जारी कर दी है. खबर है कि इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. केंद्र सरकार ने सीएए के लिए एक अलग वेब पोर्टल तैयार कर लिया है. इस पर भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन डाला जा सकेगा. हालांकि, सीएए पोर्टल को कब लॉन्च किया जाएगा, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध मौजूद नहीं है. लेकिन माना जा रहा है कि सीएए को लागू किये जाने के तुरंत बाद पोर्टल को लॉन्च किया जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, सीएए पोर्टल पर लंबे समय से काम चल रहा है. सरकार की मंजूरी मिलते ही सीएए पोर्टल को लाइव किया जा सकता है.

भारत में नागरिकता के लिए सीएए ऑनलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा. इसके लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट सब्मिट करना होगा. रजिस्ट्रेशन करने के बाद सरकारी स्तर पर जांच – पड़ताल की जाएगी. अगर आवेदक के सारे दस्तावेज सही पाये जाते हैं, तो उसे भारत की नागरिकता दी जा सकती है.

सीएए कानून क्या है?

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 को लागू करने से जुड़े नियमों को सोमवार 11 मार्च 2024 को अधिसूचित कर दिया गया. इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से दस्तावेज के बिना आने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

सीएए के नियम जारी हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आये बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी.

सीएए को दिसंबर, 2019 में संसद में पारित किया गया था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका था क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अब तक अधिसूचित किया जाना बाकी था, लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है.

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