Media24Media.com: 36वर्षों से इंतज़ार के बाद अब आर-पार संघर्ष का शंखनाद, लघुवनोपज प्रबंधक संघ 6 फरवरी से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल

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36वर्षों से इंतज़ार के बाद अब आर-पार संघर्ष का शंखनाद, लघुवनोपज प्रबंधक संघ 6 फरवरी से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल

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मुख्यमंत्री एवं एमडी से मिलकर रखी अपनी मांगे, मांगे पूर्ण न होने पर दिया हड़ताल का अल्टीमेटम, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ प्रबंधक संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न। 2016 से सेवा नियम लागू, एक वर्ष की परिक्षावधि के बाद नियमित करने का दिया था आदेश किंतु आज तक नही किया अमल. 1988 से 14 लाख लघुवनोपज संगठनकर्ता परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचा रहे प्रबंधक.


महासमुंद। छत्तीसगढ़ लघुवनोपज प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 प्रबंधकों ने 36 वर्षों से लंबित नियमितीकरण की मांग एवं वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद भी प्रबंधकों को 7, 8, 9 ग्रेडपे न मिलने के चलते मुख्यमंत्री एवं एमडी से मुलाकात की और अपनी मांगो को पूरी करने की मांग की।


लघु वनोपज संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामाधर लहरे महासमुंद जिलाध्यक्ष लक्ष्मी लाल पटेल, उपाध्यक्ष बेदनाथ मेहरा ने बताया कि प्रबंधक विगत 36 वर्षों से 14 लाख लघुवनोपज संगठनकर्ता परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचा रहे है। जिनमे से मुख्य रूप से तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान, बोनस का वितरण, 14 लाख परिवारों का बीमा, छात्रवृत्ति, 65 प्रकार के लघुवनोपज का न्यूनतम संग्रहण दर में संग्रहण आदि शामिल है। प्रबंधकों के महेनत के ही कारण छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संग्रहण में पूरे देश मे नंबर एक है। कोई भी राज्य हमारे आस-पाए भी नही है। लघु वनोपजो के संग्रहण में प्रदेश सरकार को 13 राष्ट्रीय अवार्ड भी मिले। फिर भी सरकार एवं अधिकारियों द्वारा विगत 36 वर्षो से प्रबंधको का सिर्फ शोषण और छला जा रहा है। श्री लहरे ने कहा कि 2016 में प्रबंधकों के लिए सेवा नियम भी लागू किया गया था जिसमे साफ लिखा है 1 वर्ष की परिक्षावधि के बाद प्रबंधक नियमित माने जाएंगे। किंतु उसे भी आज तक धरातल में नही लाया गया। जिसके चलते प्रदेश के समस्त प्रबंधकों ने 06 फरवरी 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

60 लाख संग्राहकों पर पड़ेगा असर

प्रबंधकों के हड़ताल पर जाने से लघुवनोपज संग्रहण, 14 लाख परिवारों के बीमा प्रकरण, बोनस भुगतान सम्बन्धी अनेक योजनाएं जो सीधे आम जनता से जुड़ी है, पूर्ण रूप से प्रभावित होंगी। जिसका प्रभाव आने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। प्रबंधकों के साथ प्रदेश के 60 लाख संग्रहक सीधे तौर पर जुड़े है। जिसका प्रभाव सभी चुनाव में मुख्य रूप से दिखता है।

प्रबंधकों ने राज्य सरकार को दिलाये थे 13 नेशनल अवार्ड

प्रबंधको के कड़ी महेनत के चलते ही विगत वर्षों न्यून्तम समर्थन मूल्य योजना अंतर्गत वनोपजों के संग्रहण एवं विपडन हेतु राज्य शाशन को 13 राष्ट्रीय अवार्ड मीले थे उक्त जानकारी जिला लघुवनोपज महासमुंद के उपाध्यक्ष बेदनाथ मेहरा ने दी।

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