Media24Media.com: छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य बढ़ाया

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छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य बढ़ाया

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में मिलेट्स उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा की। उन्होंने कोदो और कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की। बघेल ने खरीफ 2023 हेतु कोदो का समर्थन मूल्य 3000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 3200 रुपए प्रति क्विंटल करने तथा कुटकी का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 3350 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कोदो तथा कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित नहीं करती है। राज्य सरकार द्वारा कई बार केंद्र से कोदो और कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित करने का आग्रह किया गया लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसकी घोषणा नहीं की गई। इसलिए छत्तीसगढ़ के मिलेट्स उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कोदो- कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कोदो का समर्थन मूल्य जो वर्ष 2022-23 में 3000 प्रति क्विंटल था जिसे खरीफ 2023 हेतु बढ़ाकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल करने तथा कुटकी का समर्थन मूल्य जो 3100 रुपए प्रति क्विंटल था उसे बढ़ाकर 3350 प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल-

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज शाम कोदो-कुटकी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो एवं कुटकी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना में खरीफ 2023 में उत्पादित कोदो का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3200 रूपए प्रति क्विंटल और कुटकी का न्यूनतम उपार्जन मूल्य 3350 रूपए प्रति क्विंटल किया गया है। रागी फसल के लिए भारत सरकार द्वारा खरीफ 2023 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 3846 रूपए प्रति क्विंटल के अनुसार उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन अवधि का निर्धारण वन विभाग द्वारा किया जाएगा। कोदो-कुटकी एवं रागी का उपार्जन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जाएगा।

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण-

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 9.65 करोड़ रूपए अंतरित किए। इस राशि में गोबर विक्रेताओं को 4.93 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 1.45 करोड़ रूपए, स्व-सहायता समूहों की 1.14 करोड़ रूपए की लाभांश राशि के साथ ही गौठान समिति के सदस्यों को 2.26 करोड़ रूपए की मानदेय राशि शामिल है। गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को आज वितरित की गई राशि को मिलाकर 588.83 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष धान की खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ होगी राज्य सरकार द्वारा इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस साल हम लोगों ने 130 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है, उम्मीद है कि हम इस लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे। पिछले साल हम लोगों ने 107 लाख 53 हजार मीटरिक टन धान की खरीदी की थी, इस साल हम धान खरीदी का नया रिकार्ड बनाएंगे। इस साल भी छत्तीसगढ़ के लोग जोरदार दशहरा-दीवाली मनाने वाले हैं। बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्तों का भुगतान भी बिलकुल ठीक समय पर किया जा रहा है। अभी हाल ही में 28 सितंबर को योजना की तीसरी किश्त का भुगतान भी कर दिया गया है। न्याय योजनाओं के अंतर्गत अभी तक पौने दो लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया जा चुका है।

गौठानों में अब तक 138.26 क्विंटल गोबर की खरीदी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में अब तक 138.26 क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है, जिसके एवज में पशुपालक किसानों को अब तक 276.53 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 280.04 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 2 किश्तों में लगभग 30 करोड़ रूपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बोनस का भी भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के मामले में गौठान समिति की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। 6453 गौठान स्वावलंबी गौठानों ने अब तक 83 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय किया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, आदिम जाति विकास मंत्री मोहन मरकाम, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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