Media24Media.com: रक्षा मंत्री ने ‘INS विक्रांत’ पर तैनात नौसैनिकों के साथ मनाई होली

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रक्षा मंत्री ने ‘INS विक्रांत’ पर तैनात नौसैनिकों के साथ मनाई होली

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर आयोजित नौसेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान भारतीय नौसेना की सैन्य अभियानगत क्षमताओं की समीक्षा की। रक्षा मंत्री ने आईएनएस ‘विक्रांत’ पर तैनात नौसैनिकों को गुलाल लगाकर होली मनाई। उन्होंने नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत की और समुद्र में सैन्य प्रदर्शनों को देखा जिनके अंतर्गत देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए बहुआयामी मिशन शुरू करने की नौसेना की क्षमता पर प्रकाश डाला गया।


भविष्य के लिए तैयार रहने का दिशनिर्देश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडरों को आगाह किया है कि भविष्य के संघर्ष अप्रत्याशित होंगे, जिसके लिए हमें तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने उभरती हुई समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत की और INS ‘विक्रांत’ पर तैनात नौसैनिकों को गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने देश के समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए नौसेना की क्षमता को उजागर करने वाले परिचालन प्रदर्शनों को भी देखा।

नौसेना की परिचालन क्षमताओं की हुई समीक्षा

रक्षा मंत्री ने सोमवार को स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर आयोजित नौसेना कमांडरों के पहले सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने नौसेना कमांडर्स सम्मेलन के दौरान भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को भी देखा। कमांडरों को अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने समुद्री डोमेन में उभरती सुरक्षा चुनौतियों को प्रभावी ढंग से दूर करने के लिए भविष्य की क्षमता विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्ष अप्रत्याशित होंगे, हमें भविष्य की सभी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं के साथ-साथ पूरे समुद्र तट पर लगातार सतर्कता बरती जानी चाहिए।

रक्षा क्षेत्र बनेगा देश के आर्थिक विकास में प्रमुख भागीदार

बीते सात-आठ साल में रक्षा क्षेत्र प्रमुख रूप से उभरा है, जो अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ देश के विकास को सुनिश्चित कर रहा है। रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले 5-10 वर्षों में 100 बिलियन डॉलर से अधिक ऑर्डर मिलने पर रक्षा क्षेत्र देश के आर्थिक विकास में प्रमुख भागीदार बन जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर हम ‘अमृत काल’ के अंत तक दुनिया की शीर्ष आर्थिक शक्तियों के बीच भारत को देखना चाहते हैं, तो हमें रक्षा महाशक्ति बनने की दिशा में साहसिक कदम उठाने की जरूरत है।

स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत से मिली मजबूती

राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की मिशन आधारित तैनाती ने भारत की स्थिति को इस क्षेत्र के मित्र देशों के ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार’ के रूप में मजबूत किया है। रक्षा मंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत जहाजों और पनडुब्बियों के माध्यम से स्वदेशीकरण और नवाचार में सबसे आगे होने के लिए नौसेना की भूमिका को सराहा। देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत को नौसेना के बेड़े में शामिल किये जाने पर उन्होंने कहा कि इससे यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत का नौसैनिक डिजाइनिंग और विकास उम्मीदों भरा है और आने वाले समय में और अधिक प्रगति होगी।

नौसेना ने किया का उन्नत क्षमता का प्रदर्शन

रक्षा मंत्री के सामने जटिल विमान वाहक और बेड़े का संचालन करने के साथ ही जहाजों और विमानों से हथियार फायरिंग का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा स्पॉटर ड्रोन, रिमोट नियंत्रित लाइफबॉय और फायर-फाइटिंग बॉट सहित स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन भी राजनाथ सिंह ने देखा। भारतीय नौसेना ने बड़े डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लेजर टेक्नोलॉजी और क्रिप्टोग्राफी के डोमेन में स्वदेशी स्रोतों के माध्यम से प्रगति का भी प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्री ने आईएनएस ‘विक्रांत’ पर तैनात नौसैनिकों को गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं।

 
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