Media24Media.com: ’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के ध्येय के पीछे हमारे महापुरूषों की सोच : भूपेश बघेल

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’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के ध्येय के पीछे हमारे महापुरूषों की सोच : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार केगढ़बो नवा छत्तीसगढ़के ध्येय के पीछे यहां के महापुरूषों की सोच है। उनके चिंतन, दर्शन और सपनों को केंद्र में रखकर राज्य की योजनाएं बनाई जा रही हैं जिनके क्रियान्वयन से लोगों के जीवन में बदलाव रहा है। हम सभी वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं बना रहे हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से जमीन पर उतार रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर में इंडिया न्यूज समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रमगढ़ गे नवा छत्तीसगढ़में ये बातें कहीं। 



उन्होंने कार्यक्रम में चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म indianewschhattisgarh.com को लॉंच किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर भौंरा (लट्टू) चलाकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक भी दिखाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में राज्य शासन की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से हम किसानों की अर्थव्यवस्था सुधार रहे हैं। इस योजना में धान की खेती करने वाले किसानों को हम हर साल प्रति एकड़ नौ हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दे रहे हैं। गोधन न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश के पशुपालकों को 150 करोड़ रूपए दिए गए हैं। 



इस योजना से गौमाता एवं धरती माता की सेवा हो रही है। इससे पर्यावरण की सुरक्षा, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ ही प्रदेश जैविक खेती की ओर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए प्रदेश में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो इस तरह की योजना शुरू कर भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को प्रति वर्ष सात हजार रूपए दे रही है।  


मुख्यमंत्री
ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों और वनांचलों में लोगों को घर के पास ही इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान से प्रदेश में मलेरिया के मामलों में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल होनहारों का भविष्य गढ़ने में मददगार बन रहा है। राज्य में इन स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। राज्य शासन ने इन स्कूलों के साथ ही अन्य स्कूलों के लिए भी दस हजार शिक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया है।

 बघेल ने कहा कि पूरे देश में लघु वनोपजों की खरीदी का 74 प्रतिशत अकेला छत्तीसगढ़ खरीद रहा है। राज्य में समर्थन मूल्य पर 65 तरह के लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है। पहले केवल सात लघु वनोपजों की खरीदी ही समर्थन मूल्य पर होती थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर सबसे कम है। हम लगातार पुलिस जवानों, शिक्षकों, सहायक प्राध्यापकोंपटवारियों तथा अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भर्ती कर रहे हैं। हम चिटफंड कंपनियों की लूट का शिकार लोगों को भी राहत देने का काम कर रहे हैं। अब तक 40 करोड़ रूपए की राशि प्रदेशवासियों को लौटाई जा चुकी है।

 

 

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