Media24Media.com: मशरूम खाने के बाद एक ही परिवार के 9 लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज

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मशरूम खाने के बाद एक ही परिवार के 9 लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज

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छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जिले में मशरूम खाने के बाद एक ही परिवार के 9 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए हैं। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रविवार देर रात तबीयत बिगड़ने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया, सभी का इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक सभी ने रात में मशरूम की सब्जी खाई थी। इसे कहां से लाया गया था, यह पता नहीं चल सका है, लेकिन उनके जहरीले होने की बात सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि भागुटोला गांव के रहने वाले गौकुर साहू के परिवार ने रविवार रात को बांस पिहरी यानी मशरूम की सब्जी खाई थी। इसके बाद सोने चले गए। रात करीब 2 बजे एक-एक कर लोगों को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। बच्चे भी पेट दर्द से तड़पने लगे। यह देखकर परिवार के किसी सदस्य ने डायल-112 को सूचना दी। थोड़ी देर में पुलिस पहुंची तो परिवार के ज्यादातर सदस्य बेसुध हो चुके थे। इस पर सभी को अस्पताल भेजा गया।

जिला अस्पताल में चल रहा सभी का इलाज 

परिवार के मुखिया गौकुर साहू ने बताया की रात में सबने खाना खाया फिर सो गए। रात दो बजे एक-एक कर सभी पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। सबसे पहले 5 साल की बच्ची बिंदा की तबीयत बिगड़ी। उसे परिजन संभालते, इससे पहले ही अन्य बच्चों और परिवार के सदस्यों ने भी उल्टियां करना शुरू कर दिया। सभी को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि मशरूम में क्या था। फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए परिवार के सदस्यों में गौकुर साहू (50), आरती साहू (19), भक्ति साहू (17), बिंदा साहू (5), उमेसवारी साहू (5), दामेश्वरी साहू (5), प्रतिभा साहू (6), राधिका साहू (27) और रामानंद साहू (17) शामिल है, जिन का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

फूड पॉइजनिंग से 100 से ज्यादा लोग हुए बीमार


इससे पहले MP के रतलाम के आलोट में फूड पॉइजनिंग से 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। उल्टी-दस्त होने के बाद उन्हें एंबुलेंस और ग्रामीणों की मदद से सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। दरअसल, गांव के मगीगाल धन्नालाल के घर मानता का कार्यक्रम था, जिसमें लोगों ने दाल-बाफले और लड्डू खाए थे। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। गंभीर होने पर 70 ग्रामीण आलोट के अस्पताल पहुंचे। करीब 30 लोग निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। कार्यक्रम में मेहमानों को ग्रामीण ने मिलकर भोजन कराया। इसे खाने के बाद करीब 100 लोगों की हालत बिगड़ गई। 

मिठाई खाने के बाद हुए थे 300 से ज्यादा लोग बीमार

बता दें कि इससे पहले मंदसौर जिले में एक शादी समारोह में दूषित मावे से बनी मिठाई खाने से 300 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। बीमार लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भानपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भानपुरा तहसीलदार नागेश पंवार ने बताया कि नीमथूर गांव के कारुलाल के बेटे कन्हैयालाल की शादी में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। इसमें दूषित मावे से बनी मिठाई खाने के बाद अधिकंश लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद कुछ लोगों का स्थानीय इलाज किया गया। इनमें करीब 180 लोगों को भानपुरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया था। पंचायत के सरपंच दुलीचंद अहीर ने बताया कि पहले एक बच्चे को शिकायत हुई। इसके बाद लगातार बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई। भोजन में मावे की मिठाई, छाछ का रायता, पूड़ी, पापड़ और सब्जी बनाई गई थी।

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