Media24Media.com: गर्मियों में होने वाली गंभीर बीमारी है पीलिया, खराब पानी और दूषित भोजन से बचें

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गर्मियों में होने वाली गंभीर बीमारी है पीलिया, खराब पानी और दूषित भोजन से बचें

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पीलिया गर्मियों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। पीलिया होने पर आंखों और नाखून का रंग पीला होने लगता है। यदि शरीर में थकान महसूस होने के साथ पाचन तंत्र खराब रहने लगता है, तो सतर्क होने की आवश्यकता है। आंखें व त्वचा तभी पीली होती है, जब शरीर में बिलुरुबिन (पीला पदार्थ) की मात्रा बढ़ जाती है। बिलुरुबिन लिवर में जाता तो है, लेकिन मात्रा अधिक होने से न तो पच पाता है और न ही सही मात्रा में शरीर से निकल पाता है। इससे लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने के साथ इस अंग के पाइप, बाइल डक्ट आदि में भी संक्रमण हो जाता है। लाल रुधिर कणिकाओं (आरबीसी) के टूटने से भी बिलुरुबिन लेवल बढ़ता है।

राज्य हेपेटाइटिस (पीलिया) नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने बताया कि शरीर में आंखों और नाखून का पीला होना, पेशाब का पीला होना, बुखार आना, उल्टी आना, पेट में दर्द और चक्कर आना पीलिया के प्रमुख लक्षण हैं। पीलिया का प्रमुख कारण खराब पानी का सेवन, दूषित भोजन करना, ज्यादा मसालेदार और नमक का सेवन करना, लिवर में घाव होना, मलेरिया से पीड़ित होना और थैलीसीमिया (शरीर में खून बनने की रफ्तार का धीमा होना) है। अधिक शराब पीने वालों को पीलिया का खतरा अधिक होता है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। पीलिया होने पर व्यक्ति को खानपान का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। इससे लिवर सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। पीलिया के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं या एएनएम या मितानिन से संपर्क करें।

पीलिया से बचाव

डॉ. गहवई ने बताया कि पीलिया से बचने के लिए साफ पानी ही पीना चाहिए। साफ पानी पीने से पीलिया का खतरा काफी कम हो जाता है। पीलिया के मरीजों को उबले हुए पानी का सेवन करना चाहिए। पीलिया होने पर संतुलित व हाइजेनिक भोजन करना चाहिए। स्ट्रीट फूड से परहेज करना चाहिए। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। पीलिया से पीड़ित मरीज को नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करना चाहिए। इसके रोगी को शराब का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए।

क्या है पीलिया

पीलिया एक ऐसा रोग है, जो जानलेवा भी हो सकता है। खून में बिलीरुबिन तत्व की मात्रा ज्यादा होने की वजह से पीलिया रोग हो सकता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। बिलीरुबिन की मात्रा ज्यादा होने पर यह शरीर के उत्तकों में पहुंच जाता है। इस रोग में स्किन, नाखून और आंखों का सफेद भाग पीला नजर आने लगता है। इस स्थिति को पीलिया या जॉन्डिस कहते हैं। पीलिया एक ऐसा रोग है, जो हेपेटाइटिस 'ए' या हेपेटाइटिस 'सी' वायरस के कारण फैलता है। पीलिया शरीर के अनेक भागों को अपना शिकार बनाता है और शरीर को बहुत हानि पहुंचाता है। इस रोग में पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं करता है और शरीर का रंग पीला पड़ जाता है।  

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