Media24Media.com: जंगल सफारी की तर्ज पर रामचुआ-हरमो में बनेगा एक और सफारी

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जंगल सफारी की तर्ज पर रामचुआ-हरमो में बनेगा एक और सफारी

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छत्तीसगढ़ में नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी की तर्ज पर कवर्धा जिले के रामचुआ-हरमो में एक और जंगल सफारी का निर्माण किया जाएगा। यह जंगल सफारी प्राकृतिक वन संपदा को बिना नुकसान पहुंचाए 191 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्मित किया जाएगा। जंगल सफारी में वन्य प्राणियों और आने वाले पर्यटकों के लिए नवीन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। 

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने शासकीय निवास कार्यालय में रामचुआ-हरमो क्षेत्र में प्रस्तावित जंगल सफारी परियोजना के संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्राकृतिक वन संपदा को नुकसान पहुंचाए बिना जंगल सफारी का निर्माण किया जाए। प्राकृतिक रूप से मौजूद जंगलों को कोई नुकसान न हो, इस पर भी विशेष सावधानी रखा जाए।

बैठक में वन मंत्री ने दिए ये निर्देश

वन मंत्री अकबर ने बैठक में बताया कि प्रस्तावित नवीन जंगल सफारी को भोरमदेव मंदिर समेत अन्य पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ जोड़कर एक सर्किट बनाया जाएगा। उन्होंने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी के तर्ज पर एक और जंगल सफारी निर्माण के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित किया। इस जंगल सफारी में शेर, चीता, सफेद शेर, भालू, हिरण, सांभर, नीलगाय समेत अन्य पशु-पक्षी के लिए अलग-अलग सफारी का निर्माण किया जाएगा। 

75 करोड़ रूपए की लागत से बनेगा जंगल सफारी

निर्माण कार्य पर लगभग 75 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इस जंगल सफारी निर्माण के लिए 3 साल का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री अकबर के सामने अधिकारियों ने जंगल सफारी निर्माण परियोजना के संबंध में पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कवर्धा जिले के रामचुआ-हरमो क्षेत्र के 191 हेक्टेयर में जंगल सफारी तैयार करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। ये जंगल सफारी पहाड़ के ठीक नीचे स्थित है। 

जंगल सफारी में रहेगी ये सुविधा

यह प्राकृतिक सौंदर्य और भव्यता के साथ-साथ पर्यटकों के लिए काफी मनोरम स्थल होगा। जंगल सफारी निर्माण से किसी को भी कोई परेशानी नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि सफारी के अंदर कैचमेंट क्षेत्र में चेकडेम का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ-साथ प्राकृतिक रूप से बह रहे नाले को भी व्यवस्थित किया जाएगा। जंगल सफारी के मुख्य दरवाजे के सामने प्रशासनिक जोन भी तैयार किया जाएगा। जहां टिकट काउंटर के साथ-साथ फूड जोन, प्रसाधन, पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। 

केंद्रीय गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश

जंगल सफारी क्षेत्र में पहाड़ से कुछ दूर तक पर्यटकों के आने-जाने के लिए सड़क निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक आसानी से पूरे जंगल को घूमकर सफारी का लुफ्त उठा सकेंगे। वन मंत्री अकबर ने कहा कि जंगल सफारी का निर्माण प्राकृतिक रूप से मौजूद वन संपदा को बिना नुकसान पहुंचाए तैयार किया जाए। जंगल सफारी निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के गाइडलाइन का पालन भी सुनिश्चित हो। जंगल सफारी में कौन-कौन से पशु-पक्षी और वन्य-प्राणी रख सकते हैं। उनके लिए अनुकूल वातावरण क्या होगा। इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

व्यू प्वाइंट तैयार करने के निर्देश

मंत्री अकबर ने कहा कि पर्यटन एक रूट में ऐसे तरीके से तैयार किया जाए, जिससे पर्यटक एक ओर से अंदर जाए और जंगल सफारी का नजारा देखते हुए दूसरे रास्ते से वापस मुख्य द्वार प्रशासनिक एरिया के रास्ते निकल जाए। पर्यटकों को जंगल सफारी घूमने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए पहाड़ी के कुछ दूर एरिया पर व्यू प्वाइंट में तैयार भी किया जाए, जिससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा ले सके।

बैठक में ये रहे उपस्थित

बैठक में क्रेडा के सदस्य कन्हैया अग्रवाल, किसन साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख  राकेश चतुर्वेदी, PCC वाइल्ड लाइफ नरसिम्हा राव, CCF दुर्ग शालिनी रैना, कवर्धा DFO दिलराज प्रभाकर, विषय वस्तु विशेषज्ञ जितेन्द्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।     

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