Media24Media.com: बिलासपुर विधायक शैलेष के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव पारित, पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी का आरोप

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बिलासपुर विधायक शैलेष के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव पारित, पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी का आरोप

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बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव पारित किया गया है। शहर कांग्रेस कार्यकारिणी ने विधायक शैलेष के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव पारित किया है। बताया जा रहा है कि शहर उपाध्यक्ष कांग्रेस राजकुमार तिवारी ने शैलेष पांडेय को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव लाया था, जिसे सर्व सम्मति से पारित कर लिया गया है। अब ये रिपोर्ट PCC अनुशासन समिति को भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक शैलेष पांडेय के खिलाफ पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने को लेकर निष्कासन प्रस्ताव पारित किया गया है। अब यह रिपोर्ट  PCC अनुशासन समिति को भेजा जाएगा, जिसके बाद आलाकमान फैसला लेगी। 


बता दें कि बिलासपुर स्थित सिम्स में कांग्रेस नेता पंकज सिंह और एक कर्मचारी के बीच विवाद और सिंह के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विधायक पांडेय ने आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के करीबी होने के कारण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बिलासपुर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद नायक ने गुरुवार को बताया कि पांडेय के बयान के बाद कमेटी ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें बिलासपुर से विधायक शैलेष पांडेय को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की अनुशंसा की गई है। नायक ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने बुधवार को कोतवाली थाने में हंगामा किया था और पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया था।

 6 साल की अवधि के लिए निष्कासित करने की अनुशंसा

अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा कि पांडेय ने बुधवार को कहा था कि वह टीएस सिंहदेव के समर्थक हैं। पांडेय ने इस दौरान कहा था कि पुलिस ने ऊपर से आदेश के बाद ये कार्रवाई की है। साथ ही वहां मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए गए। नायक ने कहा कि विधायक शैलेष पांडेय का ये कार्य पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन है। नायक ने बताया कि जिला शहर कांग्रेस कमेटी की कार्यसमिति की बैठक के दौरान उपाध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने एक प्रस्ताव पेश कर कहा कि विधायक पांडेय को क्यों न 6 साल की अवधि के लिए पार्टी से निष्कासित करने की अनुशंसा की जाए।

सिंहदेव-भूपेश के गुट के बीच बढ़ सकता है विवाद

अध्यक्ष प्रमोद नायक ने बताया कि इस प्रस्ताव का इकाई के महामंत्रियों ने समर्थन किया और बाद में इकाई के सभी सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। नायक ने कहा कि हमने इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के पास प्रस्ताव भेजा है। इस दौरान नायक के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव और बिलासपुर नगर निगम के महापौर रामशरण यादव तथा पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विधायक शैलेष पांडेय ने अपने निष्कासन संबंधी प्रस्ताव पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। उन्होंने कहा है कि शुक्रवार को इस मामले में वह विस्तार से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि अब टीएस सिंहदेव के करीबी विधायक शैलेष पांडेय के आरोप और उनके निष्कासन की मांग के बाद सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गुट के बीच विवाद और बढ़ सकता है।

जानिए क्‍या है पूरा मामला

बिलासपुर की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। यहां PCC उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव और विधायक शैलेष पांडे आमने-सामने हैं। दरअसल, कुछ दिनों पहले विधायक सैलेस पांडे के समर्थक और कांग्रेसी नेता पंकज सिंह के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज गई थी, क्योंकि उन्होंने सिम्स अस्पताल में काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि मारपीट कर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल हो रही है। वहीं पंकज के बचाव में उतरे विधायक शैलेष पांडे ने अपनी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए यहां तक कह डाला कि वह मंत्री टीएस सिंहदेव देव के समर्थक हैं, इसलिए उनके खिलाफ षड्यंत्र पूर्वक FIR दर्ज की जा रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में आलाकमान क्या फैसला लेगी। 

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