Media24Media.com: दर्दनाक हादसा: करमा विसर्जन के लिए गई 7 लड़कियों की डूबने से मौत, राष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया दुख

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दर्दनाक हादसा: करमा विसर्जन के लिए गई 7 लड़कियों की डूबने से मौत, राष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया दुख

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झारखंड के लातेहर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां के बालूमाथ में करम डाली विसर्जन के दौरान डूबने से 7 लड़कियों की मौत हो गई है। जिला कलेक्टर अबू इमरान ने मौतों की पुष्टि की है। दरअसल, 10 लड़कियों की टोली करमा डाल को विसर्जित करने गई थी। इस दौरान तालाब से डूबने से 7 लड़कियों की मौत हो गई। जबकि तीन लड़कियों का इलाज जारी है। 


मरने वाली सभी लड़कियों की उम्र 12 से 20 साल की बताई जा रही है। इनमें से 6 लड़कियां एक ही परिवार की थीं। वहीं घटना को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शोक व्यक्त किया है। 

झारखंड: लातेहर ज़िले के बालूमाथ में विसर्जन के दौरान डूबने से 7 बच्चियों की मौत हो गई।

ज़िला कलेक्टर अबू इमरान ने बताया, ''मौत की पुष्टि हो गई है। बचाव के लिए टीम लगी है, हम एनडीआरएफ से भी संपर्क कर रहे हैं। जिनकी स्थिति नाजुक है उनका इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।'' pic.twitter.com/LvsfwcIXZ0

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 18, 2021

राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'लातेहार, झारखंड में करम डाली विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में कई बच्चियों की मृत्यु का समाचार सुनकर बेहद व्यथित हूं। दुःख की इस घड़ी में, शोकाकुल परिवारजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।' 

लातेहार, झारखंड में करम डाली विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में कई बच्चियों की मृत्यु का समाचार सुनकर बेहद व्यथित हूँ। दुःख की इस घड़ी में, शोकाकुल परिवारजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल तस्वीर) pic.twitter.com/ijapCF36GA

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 18, 2021

PM नरेंद्र मोदी  ट्वीट करते हुए कहा कि 'झारखंड के लातेहर जिले में डूबने से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं।' 

झारखंड के लातेहर ज़िले में डूबने से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल तस्वीर) https://t.co/5tM5pAoyk2 pic.twitter.com/eua4KW02u3

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 18, 2021

मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने जताया दुख

वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे को लेकर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवारों को दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। वहीं राज्यपाल रमेश बैस ने भी घटना को अत्यंत मार्मिक और दुखद बताया है। उन्होंने ईश्वर से सभी दिवंगत आत्माओं को चिरशांति प्रदान करने और उनके परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी घटना को लेकर दुःख व्यक्त किया है और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास समेत प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने मृत लड़कियों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है। 


लातेहार उपायुक्त ने दी जानकारी

लातेहार के उपायुक्त अबू इमरान ने बताया कि घटना शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे के करीब जिले के बालूमाथ प्रखंड में शेरागड़ा पंचायत के बुकरू गांव के मननडीह में घटी। उन्होंने बताया कि सभी मृत लड़कियों के शव तालाब से निकाल लिए गए हैं और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि मौके पर राहत और बचाव कार्य के बाद मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं और पूरी घटना की जांच उप उपायुक्त सुरेन्द्र वर्मा करेंगे। 


एक-दूसरे को बचाने के चलते सभी की मौत

उन्होंने बताया कि गांव की 10 बच्चियों की टोली करम डाली को लेकर गांव में ही रेलवे लाइन के समीप बने तालाब में विसर्जन करने गई थी। पेड़ों के पत्तों और डालियों से बनी पूजा की डाली का विसर्जन हो ही रहा था कि अचानक दो बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगी, उन्हें बचाने के लिए बाकी पांच लड़कियां भी गईं और सातों लड़कियां डूब गईं। 


मृतकों में 3 सगी बहने भी शामिल

इमरान ने बताया कि किनारे खड़ी तीन लड़कियों के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण तालाब में उतरे और लड़कियों को निकाला, लेकिन तब तक चार लड़कियों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि तीन लड़कियों की मौत बालूमाथ स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के दौरान हुई। उन्होंने बताया कि मृत लड़कियों की पहचान, रेखा कुमारी ( उम्र 18), रीना कुमारी ( उम्र 16), लक्ष्मी कुमारी (उम्र 12) तीनों सगी बहने हैं। वहीं सुषमा कुमारी (उम्र 12), पिंकी कुमारी (उम्र 18), सुनीता कुमारी (उम्र 20) और बसंती कुमारी (उम्र 12) के रूप में हुई है। सभी स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के छात्र थे। 


20 लाख मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम

सात लड़कियों की मौत के विरोध में ग्रामीणों ने रांची चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया है। इससे रांची चतरा एनच 22 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क जाम कर रहे ग्रामीण मृतक के आश्रितों को 20 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण रेलवे संवेदक पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मांडर गढ़ा में रेलवे संवेदक द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से खोदे गए गड्ढे के कारण यह घटना हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि टोरी शिवपुर रेल लाइन में कार्य कर रहे संवेदक ने रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी का कटाव किया है। वह कहीं तीन फीट तो कहीं 5 फीट है। कहीं यह 20 फीट तक गड्ढा है। 

उपायुक्त ने दिए जांच का आदेश

करम विसर्जन करने गई सातों लड़कियां इसी का शिकार बन गईं। घटना के बाद बालूमाथ एसडीपीओ अजित कुमार और थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार महतो समेत अंचलाधिकारी आफताब आलम घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।  इधर, सात बच्चि‍यों की मौत के बाद लातेहार उपायुक्त ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। अगर रेलवे द्वारा असंवैधानिक तरीके से गड्डा खोदा गया है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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