Media24Media.com: आमचो बस्तर बांबू राखी से सजेगा बाजार, चाइना राखी को टक्कर देने बांस राखी

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आमचो बस्तर बांबू राखी से सजेगा बाजार, चाइना राखी को टक्कर देने बांस राखी

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कहा जाता है कि बस्तर अंचल में बड़े पैमाने पर बांसों का आच्छादन था, जिसके कारण इस अंचल का नाम बस्तर पड़ा, शायद यही कारण है कि बांस यहां की संस्कृति में रचा बसा है। बांस का उपयोग यहां के धार्मिक विधि-विधानों को पूरा करने में भी आमतौर पर किया जाता है। बस्तर के इन्हीं बांसों से बने राखियों को इस साल बहनें अपने भाईयों की कलाईयों को बांधेंगी और उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी।




बस्तर अंचल में बांस को अत्यंत पवित्र स्थान प्राप्त है और इन्हीं पवित्र भावनाओं के साथ ये राखियां तैयार की जा रही हैं। यह राखियां देखने में भी बहुत ही आकर्षक हैं।  जिला प्रशासन बस्तर द्वारा स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए लगातार विविध काम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अगस्त महीने में आ रही राखी के त्योहार को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत बस्तर विकासखंड की रोतमा के स्व सहायता समूह की महिलाएं इन दिनों बांस की अनूठी राखियां बना रही हैं। महिलाओं द्वारा राखी के अलावा बांस के खूबसूरत गहने भी तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही अन्य समूहों को भी इस काम से जोड़ा जाएगा।


घर बैठे मंगा सकते हैं राखी


जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया कि समूह की महिलाएं बड़े स्तर पर अनूठे और खूबसूरत डिजाइनर राखियों पर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि स्थानीय APS और ट्राइबल टिकनी संस्था द्वारा डिजाइनर बांस की राशियों सहित गहने पर विशेष प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहयोग दिया जा रहा है। महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले इसके लिए सटीक मार्केटिंग प्लान किया गया है। जल्द ही राखियां और गहने बाजार के विभिन्न काउंटर्स पर उपलब्ध होंगे। जिसे घर बैठे भी मंगाया जा सकेगा। 


इन जगहों पर उपलब्ध होगी राखी


जिला प्रशासन का पूरा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रवासी आत्मनिर्भर बने जिसके लिये स्थानीयों लोगों को भी उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा राखियों का क्रय किया जाना मददगार साबित होगा। राखी के निर्माण में गांव के बांस और ग्रामीण औजारों का उपयोग किया जा रहा है जो बस्तर की प्राचीन हस्तशिल्प को भी प्रदर्शित करती है। इस बार रक्षाबंधन में  बहन अपने भाई को बांस की राखी बांधेगी और भाई अपनी बहन को बांस के गहने उपहार स्वरूप दे सकेंगे, जिससे भाई बहन के रिश्ते में एक अनूठापन बना सकेगा। जल्द ही बांस के गहने और राखियों को प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों को भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

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