Media24Media.com: मेडिकल कॉलेज से 40 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर गायब, बड़े पैमाने पर हुई कालाबाजारी

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मेडिकल कॉलेज से 40 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर गायब, बड़े पैमाने पर हुई कालाबाजारी

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कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में जमकर कोहराम मचाया है। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की महसूस की गई। हालांकि भारत में अब कोरोना की दूसरी लहर का कहर धीमा हो गया है। इसी बीच यूपी के बस्ती मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल कैली में जंबों ऑक्सीजन सिलेंडर घोटाला सामने आया है। कोरोना की दूसरी लहर में अस्पताल से 40 जंबो सिलेंडर गायब हो गए। इसकी रिपोर्ट तक ऑक्सीजन नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी ने प्राचार्य को नहीं की।





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मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सिलेंडर गायब होने या फिर कालाबाजारी करने की जानकारी ही नहीं है। यह सिलेंडर उस समय से गायब है, जब पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। जिसके अभाव में न जाने कितने मरीजों की मौत हो गई थी। मामले का खुलासा कभी न होता अगर शासन ने खरीदे गए सिलेंडर का हिसाब-किताब न मांगा होता। सिलेंडर गायब होने की खबर लगते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है।





प्राचार्य डॉक्टर मनोज कुमार ने दी जानकारी





प्राचार्य डॉक्टर मनोज कुमार ने जब इसकी जांच कराई तो ये साबित हो गया कि बड़ी संख्या में सिलेंडर गायब है। मामला सामने आने के बाद सबके हाथ-पैर फूल गए, छानबीन तेज हो गई। मयूर ऑक्सीजन प्लांट से लेकर स्टोर और खलीलाबाद के पास सिलेंडर से भरे वाहन के पलटने के स्थान तक जांच हुई, मगर कहीं भी सिलेंडर का पता नहीं चला। खलीलाबाद पुलिस से भी जानकारी ली गई। मगर सिलेंडर का कहीं भी पता नहीं चला।





सिलेंडर की कालाबाजारी





प्राचार्य का कहना है कि जांच में टीम लगा दी गई हैं, रिपोर्ट मिलते ही संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ DM की अनुमति के बाद विधिक कार्रवाई कर दी जाएगी। सिलेंडर की कालाबाजारी होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पचपेड़िया रोड पर स्थित एक प्राइवेट निजी अस्पताल में छापा मारकर पांच जंबों सिलेंडर बरामद किए गए। वहीं एक अन्य हैप्पी नामक निजी अस्पताल का लाइसेंस इसलिए निरस्त कर दिया गया, क्योंकि यहां पर मरीजों से प्रति घंटा ऑक्सीजन का पांच हजार लिया जाता था। बताया जा रहा है कि कैली अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर निजी अस्पतालों को महंगे दामों पर बेचा जाता था।





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बता दें कि खाली ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 200 खाली सिलेंडर लगभग 32 लाख में खरीदे थे। इस तरह अगर देखा जाए तो लगभग साढ़े छह लाख के खाली सिलेंडरों को गायब कर दिया गया है, जिस समय 40 सिलेंडर की कालाबाजारी की गई, उस समय एक भरे हुए सिलेंडर को 25 से 30 हजार में बेचा जा रहा था। इस तरह घपलेबाजों ने सिर्फ एक बार में 12 लाख से ज्यादा कमाए। इधर, BJP नेता अनूप खरे और रुधौली विधायक संजय जायसवाल ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. CMC डॉक्टर सोमेश श्रीवास्तव ने इस बारे में बताया की सिलेंडर गायब नहीं हुए है, स्टॉक पूरा है मगर कितना स्टॉक है इसकी जानकारी वे नहीं दे सके।





UP में 642 नए कोरोना केस





बता दें कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए संक्रमितों के आंकड़ों के हिसाब से बीते 24 घंटे में यूपी में 82 लोगों की मौत के साथ 642 नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। बीते बुधवार को जारी आंकड़ों में संक्रमितों की संख्या 709 दर्ज की गई थी। इस लिहाज से रोजाना संक्रमितों की संख्या में तेजी से कमी देखी जा रही है। इतना ही नहीं प्रदेश में बीते 24 घंटे में 1231 लोग कोरोना से स्वस्थ होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए। इसके चलते प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मामलों का ग्राफ अब 12243 तक पहुंच गया है।


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