Media24Media.com: गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप को मिला राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड

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गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप को मिला राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड

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छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग (Department of Agriculture in Chhattisgarh) द्वारा संचालित गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana website) के लिए चिप्स द्वारा विकसित वेबसाइट और मोबाइल एप (website and mobile app ) को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है।









देश की ख्याति प्राप्त IT संस्था एलेट्स टेक्नोमिडिया ने डिजिटल गवर्नेंस श्रेणी में गोधन न्याय योजना को वर्चुअल समारोह में 'अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस' प्रदान किया है। वर्चुअल समारोह में छत्तीसगढ़ की कृषि उत्पादन आयुक्त और कृषि विभाग के सचिव डॉ. एम. गीता को सम्मानित किया गया।





गौठानों से की जा रही गोबर खरीदी





बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने हरेली पर्व पर गोबर खरीदी (Bought cow dung) के लिए गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana website) की शुरूआत की है। इस योजना में दो रूपए प्रति किलो की दर पर गौठानों से गोबर खरीदी की जा रही है।





प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा





खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट सहित दीए, गमले, अगरबत्ती जैसे उत्पाद महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। इस योजना से जहां पशुपालकों को पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने में सहयोग मिल रहा है। वहीं बड़ी संख्या में महिला समूहों को रोजगार और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है।





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चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई (Chips Chief Executive Officer Sameer Vishnoi) ने बताया कि चिप्स की ओर से गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप निर्माण करने वाले प्रभारी अधिकारी नीलेश सोनी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया है। बता दें कि चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई के नेतृत्व में चिप्स ने अत्यंत अल्प अवधि और न्यूनतम लागत में इनहाउस इस वेबसाइट और मोबाइल एप का निर्माण किया है।





2 लाख 18 हजार 600 से ज्यादा गोबर विक्रेताओं का पंजीकर





चिप्स द्वारा विकसित गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप (website and mobile app) के विषय में बताते हुए विश्नोई ने कहा कि अब प्रदेश के गोबर विक्रेताओं को घर पर ही ऑनलाइन भुगतान प्राप्त हो रहा है और गोबर विक्रय के संबंध में विस्तृत जानकारी मिल रही है। एप के माध्यम से नवंबर महीने तक 2 लाख 18 हजार 600 से ज्यादा गोबर विक्रेताओं का पंजीकरण किया जा चुका है।





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वहीं लगभग 25 लाख क्विंटल का क्रय एप के माध्यम से किया जा चुका है। एप के माध्यम से गोबर विक्रेताओं के साथ स्व-सहायता समूह को भी जोड़ा जा चुका है। साथ ही इस एप द्वारा गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की जानकारी और विक्रय की व्यवस्था (Knowledge of making vermi compost and arrangement of sales) भी की गई है।


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