Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

130 बीवियों का अकेला पति था मौलवी, मौत के बाद भी पैदा हो रहे थे बच्चे

Document Thumbnail

‘छोटा परिवार, सुखी परिवार।’ ये कहावत आप ने जरूर सुनी होगी। यहां छोटे परिवार से तात्पर्य एक बीवी और दो बच्चों से है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पति तो एक ही है लेकिन उसकी बीवियां 130 और बच्चे 203 है। दरअसल ये अनोखा परिवार या फिर कहे गांव बसाने वाला शख्स नाइजीरिया में रहने वाले एक मौलवी था। मोहम्मद बेल्लो अबूबकर नाम के इस मौलवी की साल 2017 में मौत हो गई थी। हालांकि इस समय वह एक बार फिर चर्चा में आया है।





यह भी पढ़ें : –बाबरी से सब बरी : 28 साल बाद आडवाणी-मुरली समेत 32 आरोपी बरी





दुनिया में एक बड़ा जनसंख्या विस्फोट





कोरोना महामारी और लंबे लॉकडाउन के बाद एक्सपर्ट्स यह कयास लगा रहे हैं कि जल्द ही दुनिया में एक बड़ा जनसंख्या विस्फोट हो सकता है। ऐसे में 130 बीवियों वाले ये मौलवी साहब लोगों को याद आ गए। मोहम्मद बेल्लो अबूबकर की मौत के बाद भी उनके कुछ बच्चे हुए। दरअसल मौत के समय उनकी कई बीवियां गर्भवती थी। यह मौलवी अपने पूरे परिवार के साथ तीन मंजिला एक मकान में रहता था। खास बात यह थी कि इतनी सारी पत्नियां होने के बावजूद इनके बीच कभी कोई लड़ाई नहीं होती थी। ये सभी शांति से रहते थे।





अबूबकर की मौत अचानक हो गई थी । उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। मरने के पहले उन्होंने अपने पूरे परिवार को बुला बातचीत भी की थी। उनकी अंतिम यात्रा में कई लोग शामिल हुए थे। उनकी मौत के बाद कई बीवियों ने आंसू बहाए थे। अबूबकर जब जिंदा थे तो उन्हें कई विरोध का सामना करना पड़ा था। लोगों का कहना था कि उन्हें अपनी चार बीवियों को छोड़ बाकी सभी को तलाक दे देना चाहिए। हालांकि मौलवी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। उसका कहना था कि ये शादियां शुद्ध है।





130 बीवियों में से 10 के साथ उसका तलाक भी





अपनी 130 बीवियों में से 10 के साथ उसका तलाक भी हो गया था। एक इंटरव्यू में मौलवी ने कहा था कि वह स्वयं शादी नहीं करना चाहता है लेकिन उसकी शादियां अपने आप होती चली जाती है। अबूबकर ने यह भी कहा था कि आमतौर पर लोग 10 बीवियों से ही परेशान हो जाते हैं, लेकिन अल्लाह मुझे 130 बीवियां संभालने के काबिल समझता है, इसलिए उसने मेरी किस्मत में यह लिखा।





यह भी पढ़ें : –हार्ट अटैक आने से कुछ दिन पहले दिखाई देने लगते हैं ये लक्षण





वहीं अबूबकर से निकाह रचाने वाली महिलाएं खुद को सौभाग्यवती समझती थी। वे कहती थी कि अबूबकर में एक चमत्कारी बात थी। आप उनसे शादी करने से इंकार नहीं कर सकते हैं। अब अबूबकर तो इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन उनका कुछ परिवार अभी भी उसी घर में रहता है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.