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छत्तीसगढ़: शादी से लौट रहीं लड़कियां बनीं दरिंदगी का शिकार, इलाके में दहशत

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 अंबिकापुर/सरगुजा। सरगुजा जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां शादी समारोह से लौट रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित रूप से कई युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।


पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात चार नाबालिग लड़कियां एक शादी समारोह से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार 8-9 युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। दो लड़कियां किसी तरह वहां से भागने में सफल रहीं, जबकि दो अन्य को आरोपी अलग-अलग स्थानों पर ले गए, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया।

घटना के बाद पीड़िताएं देर रात घर पहुंचीं, लेकिन भय के कारण तुरंत परिजनों को जानकारी नहीं दी। अगले दिन 25 अप्रैल को एक पीड़िता ने परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने 26 अप्रैल को एक पीड़िता की मां की शिकायत पर प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) और POCSO Act की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों पीड़िताओं का चिकित्सकीय परीक्षण (MLC) भी कराया गया है।

अमोलक सिंह ढिल्लो (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है। 29 अप्रैल को दोनों पीड़िताओं को आगे की कार्रवाई के लिए अंबिकापुर लाया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में सस्ती गैस का रास्ता साफ, साय कैबिनेट के अहम निर्णय

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 रायपुर। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने शहरी गैस वितरण नीति, खेल अधोसंरचना के विस्तार, आर्थिक सहायता और प्रशासनिक मामलों से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई।


शहरी गैस वितरण नीति 2026 को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’’ को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के तहत प्रदेश में स्वच्छ और सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आम उपभोक्ताओं को एलपीजी के मुकाबले किफायती विकल्प मिलेगा, वहीं पाइपलाइन के जरिए गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा।

इससे शहरी क्षेत्रों में ईंधन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और गैस पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक क्रिकेट मैदान

कैबिनेट ने आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण के लिए जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा की भूमि में से 5 एकड़ जमीन रियायती दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया है।

स्वेच्छानुदान मद से 11.98 करोड़ की सहायता

मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 6,809 व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति दी है। यह सहायता जरूरतमंदों को त्वरित राहत, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने और विभिन्न परिस्थितियों में सहारा देने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।

IPS अधिकारियों पर पुराना आदेश निरस्त

कैबिनेट ने वर्ष 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों—संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता—से संबंधित 26 सितंबर 2019 के पदावनति आदेश को पुनर्विलोकन के बाद निरस्त करने का निर्णय लिया। साथ ही 24 सितंबर 2019 के निर्णय को भी अपास्त करते हुए उससे जुड़े सभी आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया गया है।

 

काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर लौटे पीएम मोदी, काशीवासियों का किया अभिवादन

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वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kashi Vishwanath Dham में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और इसके बाद कॉरिडोर का भ्रमण किया। दर्शन के उपरांत उनका काफिला वापस रवाना हुआ। इस दौरान गेट नंबर-4 पर मौजूद लोगों का उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किया।


बच्चों से किया संवाद
मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री ने नन्हे बच्चों से बातचीत की। बच्चों के साथ उनका संवाद आत्मीय रहा और वे मुस्कुराते नजर आए। वहीं श्रद्धालु भी प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्साहित दिखे।

वैदिक विधि से संपन्न हुआ पूजन
मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री ने षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना की। पंडित ओम प्रकाश मिश्र समेत ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान संपन्न कराया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

त्रिशूल-डमरू के साथ किया अभिवादन
पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर बाबा विश्वनाथ के भक्तों का अभिवादन किया। परिसर में शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

रोड शो में उमड़ा जनसैलाब
प्रधानमंत्री का काफिला मंडुवाडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन और चौक होते हुए मंदिर पहुंचा। इस दौरान रास्ते भर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।

स्कूली बच्चों और NCC कैडेट्स में उत्साह
बनारस रेलवे स्टेशन और लहुराबीर चौराहे के पास स्कूली बच्चे और NCC कैडेट्स प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पहुंचे। उनके हाथों में संदेश लिखे पोस्टर और छोटे उपहार भी नजर आए।

करीब एक साल बाद प्रधानमंत्री के काशी आगमन को लेकर शहर में खासा उत्साह देखने को मिला।

भारत की हवाई सुरक्षा और मजबूत, रूस से जल्द मिलेगी S-400 की चौथी यूनिट

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 India-Russia Defense Deal : भारत की हवाई रक्षा प्रणाली को जल्द ही बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, रूस से S-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम की चौथी यूनिट अगले महीने की शुरुआत में भारत पहुंच सकती है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब देश अपनी सीमाओं पर हवाई सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में जुटा है।


बताया गया है कि S-400 सिस्टम की तीन यूनिट पहले ही भारत को मिल चुकी हैं, जबकि चौथी यूनिट की आपूर्ति अंतिम चरण में है। वहीं, पांचवीं और आखिरी यूनिट नवंबर तक मिलने की संभावना जताई जा रही है।

2018 में हुआ था बड़ा रक्षा सौदा
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ लगभग 5 अरब डॉलर में S-400 मिसाइल सिस्टम की पांच यूनिट खरीदने का समझौता किया था। यह दुनिया के सबसे उन्नत लंबी दूरी के सतह से हवा में मार करने वाले रक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है।

और यूनिट खरीदने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, भारत ने S-400 सिस्टम की पांच और यूनिट खरीदने को भी मंजूरी दी है। इसके बाद कुल यूनिट की संख्या 10 तक पहुंच सकती है। इसे मौजूदा सौदे का ही अगला चरण माना जा रहा है।

प्रतिबंधों की आशंका नहीं
यह सौदा अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद किया गया था। अमेरिका ने CAATSA कानून के तहत प्रतिबंध लगाने की बात कही थी, हालांकि अब तक भारत पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि नई खरीद पर भी प्रतिबंध की संभावना कम है।

ऑपरेशन में साबित हुई ताकत
हाल के सैन्य अभियानों में S-400 सिस्टम की उपयोगिता सामने आ चुकी है। इसने दुश्मन के हवाई खतरों को समय रहते ट्रैक और निष्क्रिय करने में अहम भूमिका निभाई है।

कई लक्ष्यों को एक साथ कर सकता है ट्रैक
S-400 ट्रायम्फ एक अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जो एक साथ कई हवाई खतरों—जैसे फाइटर जेट, ड्रोन और मिसाइल—को ट्रैक कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी यूनिट की तैनाती से भारत की ‘टू-फ्रंट’ चुनौती (चीन और पाकिस्तान) से निपटने की क्षमता और मजबूत होगी तथा देश की हवाई सुरक्षा और ज्यादा अभेद्य बनेगी।

आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास को लेकर बड़ी घोषणाएं

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अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया AI हब के ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा साउथ कोस्टल रेलवे ज़ोन के गठन को लेकर रही। उन्होंने बताया कि इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा और 1 जून 2026 से यह ज़ोन प्रभावी हो जाएगा। इससे राज्य में रेलवे प्रशासन को और मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश को इस बार ₹10,134 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट मिला है, जो पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के संयुक्त बजट ₹886 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है।

उन्होंने कहा कि राज्य में करीब ₹1,06,000 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और बड़े शहरों को बेहतर तरीके से जोड़ना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य के 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अलावा 832 फ्लाईओवर और अंडरपास पूरे हो चुके हैं, जबकि 299 पर काम जारी है। रेलवे ट्रैक के मामले में 1,759 किमी ट्रैक तैयार हो चुका है और 3,300 किमी निर्माणाधीन है।

मंत्री ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश का रेलवे नेटवर्क अब 100% विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे आधुनिक रेलवे प्रणाली में अग्रणी बनाता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेन और 22 अमृत भारत ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रा तेज और आरामदायक हुई है।

ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार लाइनों वाला नेटवर्क बनाया जा रहा है, जिससे इसकी क्षमता दोगुनी हो जाएगी और करीब 500 नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुलेगा। साथ ही, मालगाड़ी और कंटेनर सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

भविष्य की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पर बात करते हुए मंत्री ने “हाई-स्पीड डायमंड” परियोजना का जिक्र किया, जिसके तहत प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। जैसे:

  • अमरावती से हैदराबाद: लगभग 70 मिनट

  • अमरावती से चेन्नई: लगभग 112 मिनट

  • हैदराबाद से पुणे: लगभग 1 घंटा 55 मिनट

  • पुणे से मुंबई: लगभग 48 मिनट

  • चेन्नई से बेंगलुरु: लगभग 73 मिनट

  • हैदराबाद से बेंगलुरु: लगभग 2 घंटे 8 मिनट

मंत्री ने कहा कि ये सभी पहलें आंध्र प्रदेश को एक बड़ा रेलवे और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के संतुलित विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

मछली पालन से बदली तकदीर: प्रकाश धीवर बने आत्मनिर्भर, 20 लोगों को दे रहे रोजगार

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 रायपुर : राजधानी रायपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर विकासखंड तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत बेलदार सिवनी के निवासी  प्रकाश धीवर आज मछली पालन के क्षेत्र में एक सफल और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरे हैं। मछली पालन उनके लिए केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य स्रोत बन चुका है।


बता दें कि सिवनी निवासी  प्रकाश धीवर ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में मछली पालन विभाग से संपर्क किया। विभाग से उन्हें यह जानकारी मिली कि ग्राम पंचायत के तालाबों को पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने बिना विलंब किए एक समिति का गठन किया और शासन के नियमानुसार ग्राम पंचायत सिवनी के तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लिया। साथ ही कुछ निजी तालाबों को लीज पर लेकर मछली पालन कार्य प्रारंभ किया।

वर्तमान में उनकी समिति के पास कुल पांच तालाब (8.835 हेक्टेयर) पट्टे पर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 22 से 25 टन मछली का उत्पादन हो रहा है। श्री धीवर “जय महामाया मछुआ सहकारी समिति, बेलदार सिवनी” के अध्यक्ष हैं, जिसमें 21 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्हें 40 प्रतिशत अनुदान पर एक चार पहिया वाहन भी प्राप्त हुआ है। इस वाहन की सहायता से वे रायपुर, खरोरा, तिल्दा और बलौदा बाजार जैसे बड़े मछली बाजारों में जीवित मछली का विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। विभिन्न स्रोतों से उनकी वार्षिक आय लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

मछली पालन के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति हेतु श्री धीवर जिला सहकारी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से न्यूनतम ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का ऋण भी लेते हैं, जिसका उपयोग मछली बीज, चुना और जाल खरीदने में किया जाता है।

शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर श्री प्रकाश धीवर न केवल आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक बने हैं, बल्कि क्षेत्र के लगभग 15 से 20 लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री लखन देवांगन उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

'प्रोजेक्ट धड़कन’ से 2 साल की पारूल को मिला नया जीवन

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ ने नारायणपुर के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा को नया जीवन दिया है। जन्मजात हृदय रोग से ग्रस्त पारूल की रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट चुकी है।‘प्रोजेक्ट धड़कन’ अब नारायणपुर जिले में योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।


थकान से जूझती थी नन्हीं पारूल

अबूझमाड़ अंचल के ब्रेहबेड़ा गांव की पारूल कुछ समय पहले तक जल्दी थक जाती थी और सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी। सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को उसकी गंभीर बीमारी का पता ही नहीं था।


फरवरी 2026 में शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट धड़कन’

नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए फरवरी 2026 में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती पहचान करना है। यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं बेहद सीमित थीं।

3000 बच्चों की स्क्रीनिंग, तीन में मिली बीमारी

अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर 3000 से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की। तीन बच्चों में हृदय रोग के लक्षण मिले, जिनमें पारूल भी शामिल थी। जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत इलाज की व्यवस्था की। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया।

'प्रोजेक्ट धड़कन’ से 2 साल की पारूल को मिला नया जीवन

10 अप्रैल को हुई सफल सर्जरी

रायपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जांच के बाद पारूल के हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि की। 10 अप्रैल 2026 को उसकी सफल हार्ट सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में देखभाल हुई। आज पारूल स्वस्थ है, खेल रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है।

मील का पत्थर साबित हो रही पहल ‘प्रोजेक्ट धड़कन’

कलेक्टर नारायणपुर ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ का उद्देश्य सिर्फ बीमारी की पहचान नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों और मैदानी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

बदलाव की कहानी

कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है जहां जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बुधवार, 29 अप्रैल को जारी किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है।


शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दोपहर 2:30 बजे बोर्ड परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। परिणाम जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

मंत्री यादव ने कहा कि यह केवल अंकों की घोषणा नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और प्रत्येक विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था।


यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाड़ियों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।


दहलीज पर डॉक्टर- घर-घर जांच और उपचार

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

संकल्प की शक्ति- 310 किलोमीटर का जीवन सफर

हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।

आयुष्मान भारत- आर्थिक बेड़ियों से आजादी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।

आयुर्वेद और आधुनिकता का संगम

छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।

जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव

अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया।

पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।

संदीप पाठक के घर के बाहर फूटा गुस्सा: AAP कार्यकर्ताओं ने लिखा ‘गद्दार’, जमकर किया हंगामा

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 मुंगेली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी माहौल गरमा गया है। उनके इस फैसले से नाराज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव बटहा में घर के बाहर प्रदर्शन किया।


जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान घर की दीवार पर आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखकर नाराजगी जताई गई। कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक पर अवसरवाद और विश्वासघात के आरोप लगाए।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दिलाई, उसी को छोड़कर उन्होंने समर्थकों और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

गौरतलब है कि संदीप पाठक आम आदमी पार्टी में प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे। पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है।

उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत सात राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। बाद में इन सांसदों को भाजपा में शामिल होने की मंजूरी भी मिल गई।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

भीषण गर्मी का असर: हीटवेव से बाघ भी बेहाल, वन विभाग ने शुरू किया खास इंतजाम

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 देहरादून। अप्रैल महीने में ही बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन के साथ वन्यजीवों पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में इस बार मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। हीटवेव का असर अब बाघों पर भी देखने को मिला है, जिसके बाद वन विभाग ने विशेष इंतजाम शुरू किए हैं।


जानकारी के अनुसार, हाल ही में रेस्क्यू किए गए चार घायल बाघों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण पाए गए। इनमें एक बाघ की मौत हो चुकी है, जबकि एक बाघिन सहित तीन अन्य बाघों को कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि बाघिन की हालत सबसे ज्यादा गंभीर है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बाघों को राहत देने के लिए ग्लूकोज चढ़ाने के साथ विशेष प्रकार की आइसक्रीम दी जा रही है। इस आइसक्रीम में इलेक्ट्रोलाइट, मिनरल और जरूरी दवाएं मिलाई गई हैं, ताकि शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी पूरी की जा सके।
कॉर्बेट पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि घायल होने के बाद संभव है कि बाघ लंबे समय तक धूप में पड़े रहे हों या पानी तक नहीं पहुंच पाए हों, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि बाघ सामान्यतः मौसम सहन कर लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक भीषण गर्मी और पानी की कमी उनके लिए भी खतरनाक हो सकती है।

मौसम विभाग ने मंगलवार से राज्य के कुछ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।

आईएनएस सुनयना सिंगापुर पहुंची, समुद्री सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को मिली मजबूती

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भारतीय महासागर जहाज (IOS) सागर के तहत संचालित  आईएनएस सुनयना 26 अप्रैल 2026 को चांगी नेवल बेस (सिंगापुर)पहुंचा। यह इस चल रहे मिशन का चौथा पोर्ट कॉल है, जो MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के तहत संचालित किया जा रहा है।

इस जहाज में 16 मित्र देशों के नौसैनिक शामिल हैं, और इसे पहले माले, फुकेत और जकार्ता में भी पोर्ट कॉल मिल चुका है।

सिंगापुर पहुंचने पर जहाज का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत समुद्री संबंधों की पुष्टि हुई। भारत के उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने जहाज पर क्रू से मुलाकात कर उनके कार्य की सराहना की।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और सिंगापुर नौसेना के 9वें फ्लोटिला कमांडर से समुद्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

इस दौरान जहाज को आम जनता, छात्रों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए भी खोला गया, जिससे उन्हें समुद्री जीवन का अनुभव मिला। “One Ocean, One Mission” थीम पर भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ रन का आयोजन भी किया गया।

जहाज पर सिंगापुर नौसेना के साथ पेशेवर आदान-प्रदान, योग सत्र, थिंक टैंक इंटरैक्शन और डेक रिसेप्शन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल 2026 को सिंगापुर से रवाना होकर हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को मजबूत करने के अपने मिशन को आगे बढ़ाएगा।

रायपुर सुसाइड केस: पूर्व मंत्री के बेटे की मौत पर पत्नी के गंभीर आरोप

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में पूर्व विधायक एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री धनीराम साहू के पुत्र जय साहू की आत्महत्या का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पत्नी किरण साहू ने परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई अहम बातें सामने रखी हैं।


किरण साहू ने आरोप लगाया कि उनके जेठ द्वारा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। उनका कहना है कि परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते लंबे समय से तनाव का माहौल बना हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कई बार डराया-धमकाया गया, जिससे मानसिक दबाव लगातार बढ़ता गया।

मामले में आर्थिक तनाव का पहलू भी सामने आया है। किरण साहू के अनुसार, जय साहू को ट्रेडिंग में करीब 13 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। इससे पहले भी उन्हें कई लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा था, जिसके कारण वे आर्थिक दबाव में थे।

पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद, आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पत्नी को मनाने पहुंचा पति, प्रेमी के घर के सामने लगाई फांसी

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 बालोद। जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां पत्नी को वापस घर लाने की कोशिश में जुटे पति ने निराश होकर आत्महत्या कर ली। घटना अर्जुन्दा थाना क्षेत्र की है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।


जानकारी के अनुसार, ग्राम किलेपार (रनचिरई) निवासी 42 वर्षीय परमानंद यादव की पत्नी कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद परमानंद लगातार उसे वापस लाने का प्रयास कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह पिछले तीन दिनों से पत्नी को मनाने में लगा था, लेकिन पत्नी ने उसके साथ लौटने से इनकार कर दिया।

इसके बाद परमानंद यादव पत्नी के प्रेमी के गांव चौरेल (अर्जुन्दा) पहुंचा, जहां उसने प्रेमी के घर के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसका शव फंदे पर लटका मिला, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलने पर अर्जुन्दा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के कारणों को लेकर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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