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पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल

पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ - मुख्यमंत्री

रायपुर- डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 



मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है।मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।

सम्मेलन को सांसदबृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।

इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Raghav Chadha Joins BJP : AAP का राज्यसभा में बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत कई सांसद BJP में शामिल

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 Raghav Chadha Joins BJP : राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है । राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आज शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आम आदमी पार्टी से बगावत का ऐलान करते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने चार अन्य सांसदों के नाम भी बताए जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है। इस तरह से आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भाजपा में शामिल (Raghav Chadha Joins BJP) हो गए हैं। जिन सांसदों में आम आदमी पार्टी छोड़ी है, उनमें सभी पार्टी के बड़े नाम शामिल थे।


इन नेताओं ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin से मुलाकात की। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने संविधान के प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि सात सांसदों ने विलय से संबंधित दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। चड्ढा ने कहा कि उन्होंने दो अन्य सांसदों के साथ व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ जमा किए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, लेकिन अब यह राष्ट्रीय हित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है। मुझे महसूस हुआ कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक उनके साथ हैं। चड्ढा ने जिन अन्य सांसदों के समर्थन का दावा किया, उनमें हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के नाम शामिल हैं।

वहीं, AAP की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने कहा कि वे राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि भाजपा में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने के समान है, जिसके आधार पर उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। (Raghav Chadha Joins BJP)

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव विकासशील

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सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। 

मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकरी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक,  उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के बीच सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।


भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव

आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित

रायपुर- प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई  से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

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खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित

काला बाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 के तैयारियों का लिया जाएजा

नैनो यूरिया-नील हरित काई जैसे विकल्प अपनाने के निर्देश; उन्नत बीज, क्लस्टर खेती और एग्रीटेक पंजीयन पर फोकस

रायपुर- पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।

वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।  

मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है।

मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। 

मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। 

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी :- आयुक्त रजत बंसल

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जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

परिणाम के अनुरूप होगा हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन

प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिलों के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

रायपुर- जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। 

बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। 

उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है। 

बैठक में अपर संचालक उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।

चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, राघव चड्ढा ने छोड़ी पार्टी

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 भारतीय राजनीति में एक बड़ा झटका देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के प्रमुख नेता राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) का दामन थाम लिया है

यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब देश में आगामी चुनावों की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव AAP के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि राघव चड्ढा पार्टी के प्रमुख और युवा चेहरों में से एक थे।

उनके इस फैसले से न केवल पार्टी के भीतर हलचल बढ़ी है, बल्कि विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं। आने वाले दिनों में इसका असर चुनावी रणनीतियों और गठबंधनों पर भी देखने को मिल सकता है।


डीजीसीए ने जारी की फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों की नई रैंकिंग, पायलट प्रशिक्षण में पारदर्शिता पर जोर

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नागर विमानन मंत्रालय (MoCA) ने मंत्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में अप्रैल 2026 के लिए डीजीसीए द्वारा अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की दूसरी चरण की रैंकिंग जारी की है। इससे पहले रैंकिंग का पहला चरण 1 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित किया गया था।

यह नई रैंकिंग प्रणाली नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा तैयार की गई एक महत्वपूर्ण सुधार पहल है, जिसका उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही को मजबूत करना है। यह डेटा-आधारित प्रणाली संस्थानों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करती है।

पायलट प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इस रैंकिंग प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण को अधिक पारदर्शी बनाना और युवाओं के लिए इसे आकर्षक करियर विकल्प बनाना है। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 वर्षों में देश को लगभग 30,000 नए पायलटों की आवश्यकता होगी।

तेजी से बढ़ रहा है एविएशन सेक्टर

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी नीति के तहत:

  • अगले 5 वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट बनेंगे

  • भारतीय एयरलाइंस करीब 500 नए विमान शामिल करेंगी

  • बड़े एयरपोर्ट ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होंगे

  • संशोधित UDAN योजना के तहत 29,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है

रैंकिंग के प्रमुख निष्कर्ष (अप्रैल 2026)

  • पहली बार एक FTO को Category ‘A’ मिला: Avyanna Aviation Pvt. Ltd

  • Category ‘B’ में संस्थानों की संख्या बढ़ी

  • Category ‘C’ में कमी आई, जो बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) ने रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया

Category ‘B’ में शामिल प्रमुख संस्थान

  • Academy of Carver Aviation

  • FSTC Flying School Pvt. Ltd

  • National Flying Training Institute Pvt. Ltd

  • Indira Gandhi Rashtriya Uran Akademi

  • Flytech Aviation Academy

  • Chimes Aviation Academy

  • The Bombay Flying Club

  • The Gujarat Flying Club सहित अन्य

सुधारों के सकारात्मक परिणाम

  • ट्रेनिंग फ्लाइंग घंटे 32% से बढ़कर 50% हुए

  • FTOs में विमान संख्या में वृद्धि

  • CPL (Commercial Pilot License) प्राप्त करने का समय कम हुआ

  • पिछले 8 वर्षों में CPL जारी होने की संख्या 2.5 गुना बढ़ी

‘Train in India, Fly in India’ पर जोर

सरकार का लक्ष्य भारतीय FTOs को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना और देश में ही पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। इसके लिए:

  • FTO नीति को उदार बनाया गया

  • एयरपोर्ट रॉयल्टी समाप्त की गई

  • जमीन किराया कम किया गया

  • CPL परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया

यह रैंकिंग प्रणाली भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे छात्रों को बेहतर विकल्प चुनने और संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन: किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्रीय कृषि विकास पर जोर

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लखनऊ में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के लिए नई दिशा, ठोस कार्ययोजना और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि विकास का अगला चरण तभी सफल होगा जब वैज्ञानिक शोध सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचे और सरकारी योजनाओं का लाभ छोटे किसानों को प्रभावी ढंग से मिले। साथ ही, प्रत्येक राज्य को अपनी भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार स्पष्ट कृषि रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता बताई गई।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब एक ही राष्ट्रीय बैठक के बजाय क्षेत्रीय (जोनल) सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं पर गहराई से चर्चा संभव हो रही है। उन्होंने उत्तर भारत के राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा हरित क्रांति के अग्रणी रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और पर्वतीय राज्यों में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने देश के सामने तीन प्रमुख लक्ष्य रखे—खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और पोषक आहार उपलब्ध कराना। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने, उचित मूल्य दिलाने और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

सम्मेलन में उर्वरकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए संतुलित खाद के प्रयोग, मिट्टी की सेहत सुधारने और प्राकृतिक खेती को अपनाने की बात कही गई। साथ ही नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।

कृषि में गुणवत्ता वाले बीजों के महत्व को रेखांकित करते हुए बदलते मौसम और कम वर्षा की स्थिति के अनुसार खेती की योजना बनाने की आवश्यकता बताई गई। इसके अलावा किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड और किसान आईडी को सुविधाजनक साधन बताते हुए इनके विस्तार पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों को व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी पहल बताया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद बढ़ा है, जिससे नई तकनीकों का बेहतर उपयोग हो रहा है। उन्होंने कृषि को उत्पादन तक सीमित न रखते हुए आय बढ़ाने, लागत घटाने और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मेलन में एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) को छोटे किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में विस्तार की सलाह दी गई। साथ ही कृषि को खाद्य प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

यह सम्मेलन खरीफ और रबी सीजन के लिए साझा रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने मिलकर कृषि विकास के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।

AAP संसदीय दल में टूट के दावे: राघव चड्ढा बोले-‘दो-तिहाई से ज्यादा सांसद हमारे साथ’

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 Raghav Chadha Quit AAP: आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी कलह के बीच राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने बड़ा दावा करते हुए पार्टी से अलग होने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ पार्टी के “दो-तिहाई से अधिक” राज्यसभा सांसद हैं और वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय का विकल्प अपना सकते हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Raghav Chadha के साथ Sandeep Pathak और Ashok Kumar Mittal भी मौजूद रहे। इस दौरान चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और अब “राष्ट्रहित” के बजाय “निजी हित” में काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, वह अब अपने मूल्यों से दूर हो चुकी है। ऐसे में हमने फैसला किया है कि हम सकारात्मक राजनीति के लिए नया रास्ता अपनाएंगे।”

चड्ढा ने यह भी दावा किया कि Harbhajan Singh, Swati Maliwal, विक्रमजीत सिंह साहनी और अन्य नेता उनके साथ हैं। हालांकि, इन नेताओं की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

इस मौके पर Sandeep Pathak ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्होंने अलग होने का निर्णय लिया है।

वहीं, आम आदमी पार्टी या पार्टी प्रमुख Arvind Kejriwal की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो इसका असर राज्यसभा की राजनीति और राष्ट्रीय सियासत पर पड़ सकता है। फिलहाल, स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

कानून-व्यवस्था कसने 69 पुलिसकर्मियों का तबादला, एसपी का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

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 मनेन्द्रगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने आदेश जारी कर कुल 69 पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। इस फैसले को लंबे समय से लंबित माना जा रहा था।


जारी आदेश के अनुसार, चार सहायक उपनिरीक्षकों (एएसआई), 13 प्रधान आरक्षकों और 52 आरक्षकों को जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में नई पदस्थापना दी गई है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

रणनीतिक फेरबदल पर जोर

पुलिस विभाग के अनुसार, यह तबादला सूची एक रणनीतिक कदम के तहत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी पुलिसकर्मियों की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा असर

अधिकारियों का मानना है कि इस फेरबदल से जिले में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मजबूती मिलेगी। नए स्थानों पर तैनाती से पुलिसकर्मियों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव से थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार आने की उम्मीद है और आम जनता को बेहतर पुलिसिंग का लाभ मिल सकेगा।

तालाब में युवक की लाश मिलने से सनसनी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

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 कोरबा। जिले के सर्वमंगलवा नगर स्थित बरमपुर बस्ती के तालाब में शुक्रवार सुबह एक युवक की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।


मृतक की पहचान बिलासपुर निवासी केशव यादव के रूप में हुई है, जो कुसमुंडा क्षेत्र की एक निजी खदान कंपनी में कार्यरत था। मामला कुसमुंडा थाना अंतर्गत सर्वमंगला चौकी क्षेत्र का है।

स्थानीय लोगों की सूचना पर चौकी प्रभारी वैभव तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तालाब में तैर रही लाश को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रारंभिक जांच में घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मृतक के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।

फिलहाल, मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

कांग्रेस नेता के बेटे की गोली मारकर हत्या, घर में घुसकर 3 नकाबपोशों ने बरसाई गोलियां

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 जांजगीर-चांपा। जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में कांग्रेस नेता के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है।


मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सीमेंट-रेत व्यवसायी और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर की है। रात करीब साढ़े 3 बजे तीन नकाबपोश हमलावर घर में घुसे और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाते हुए अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान बड़े बेटे आयुष कश्यप (19) को सिर और सीने में गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटे बेटे को भी गोली लगी है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एएसपी उमेश कुमार कश्यप ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

घटना के बाद प्रभारी एसपी निवेदिता पाल, एडिशनल एसपी उमेश कश्यप सहित साइबर और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस घर में लगे सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ आसपास के कैमरों की भी जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश में जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू और विधायक व्यास कश्यप ने घटनास्थल का जायजा लिया।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

रानू साहू केस: हाईकोर्ट सख्त, संपत्ति अटैचमेंट के खिलाफ सभी याचिकाएं खारिज

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा की पूर्व और निलंबित कलेक्टर आईएएस रानू साहू से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अहम फैसला सुनाते हुए उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों के अटैचमेंट के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।


मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। यह पूरा प्रकरण कथित कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रानू साहू और उनके परिजनों की करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया था कि ED ने ऐसी संपत्तियों को भी अटैच किया है, जो कथित अपराध से पहले खरीदी गई थीं और जिनका FIR में उल्लेख नहीं है। अपीलेट ट्रिब्यूनल से राहत न मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।

कोर्ट की अहम टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध से पहले खरीदी गई संपत्ति भी PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत स्वतः सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” की परिभाषा व्यापक है, जिसमें अपराध से अर्जित संपत्ति के साथ उसकी समतुल्य कीमत भी शामिल होती है।

अदालत ने यह भी माना कि यदि अवैध कमाई की सीधी संपत्ति का पता नहीं चलता, तो उसकी बराबर मूल्य की अन्य संपत्तियों को भी अटैच किया जा सकता है। मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में वित्तीय लेन-देन जटिल और छिपे हुए होते हैं, जिससे प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटाना कठिन होता है।

इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने ED की कार्रवाई को वैध ठहराते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

इस फैसले से प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को कानूनी मजबूती मिली है, वहीं याचिकाकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है।

कानून से ऊपर भीड़! युवक को तालिबानी सजा, पत्नी संग निकाला जुलूस

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 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। नारायणपुर क्षेत्र के पस्ता गांव में चोरी के शक में एक युवक के साथ भीड़ ने बर्बरता की हदें पार कर दीं।


जानकारी के अनुसार, गांव में चोरी की आशंका के आधार पर कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसकी पिटाई कर दी। आरोप है कि इसके बाद युवक के कपड़े उतरवाए गए, उसका आधा सिर मुंडवा दिया गया और गले में चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवक की पत्नी को भी जबरन साथ घुमाया गया, जिससे घटना और गंभीर हो गई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान गांव के कई लोग मौके पर मौजूद थे, जिनमें सरपंच पति सहित दर्जनों लोग शामिल थे। बावजूद इसके किसी ने भी इस अमानवीय कृत्य को रोकने की कोशिश नहीं की। घटना का वीडियो बनाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है, जो अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

पीड़ित युवक के परिजनों ने रामानुजनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि युवक को झूठे शक के आधार पर फंसाया गया और उसके साथ क्रूर व्यवहार किया गया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और समाज में बढ़ती भीड़तंत्र की मानसिकता को उजागर करती है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार केवल न्यायालय को है, लेकिन ऐसी घटनाएं दर्शाती हैं कि लोग कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचक रहे हैं।

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