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स्वामी आत्मानंद स्कूल पटेवा के 9 विद्यार्थियों का संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन

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पटेवा- स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, पटेवा के विद्यार्थियों ने खेल के क्षेत्र में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। विद्यालय के 9 विद्यार्थियों का चयन संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किया गया है।

चयनित विद्यार्थियों में बालक वर्ग से रुद्र पाटकर, युवराज ध्रुव और अमन दुबे शामिल हैं। वहीं बालिका वर्ग में यामिनी सेन, सुप्रिया जाटवर, पूजा पटेल, सिमरन जोगी, शीतल साहू और एक अन्य चयनित खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा के दम पर संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में स्थान बनाया है।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, पिछले चार वर्षों से स्वामी आत्मानंद विद्यालय, पटेवा के विद्यार्थी खेलकूद के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं जिला एवं संभाग स्तर के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर विद्यालय का नाम गौरवान्वित कर चुके हैं।

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर विद्यालय के व्यायाम शिक्षक वैभव मानिकपुरी एवं प्रधानाध्यापक अरुण बेनर्जी ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी चयनित खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे और विद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

विद्यालय परिवार ने चयनित सभी खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ में महाप्रशासनिक सर्जरी: 23 IAS अफसरों का थोक में तबादला, बदले गए कई जिलों के कलेक्टर!

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नवा रायपुर- छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में एक बड़ा फेरबदल करते हुए 23 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया है, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा आज, 18 अगस्त 2026 को जारी इस सूची ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है 

इस महा-सर्जरी में कई कप्तानों (कलेक्टरों) के जिले बदले गए हैं, तो वहीं कई सीनियर अफसरों को भारी-भरकम अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं

 इन दिग्गजों को मिला बड़ा और अतिरिक्त जिम्मा

सोनमणि बोरा (1999): प्रमुख सचिव को आदिम जाति व अनुसूचित जाति विकास के साथ अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिला है

आर. संगीता (2005): नगरीय प्रशासन सचिव से अब सचिव, मंत्रालय के महत्वपूर्ण पद पर तैनात की गई हैं

भुवनेश यादव (2006): योजना एवं आर्थिक सचिव के साथ-साथ अब आदिम जाति व पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के सचिव का अतिरिक्त जिम्मा संभालेंगे 

बदले गए इन 6 जिलों के 'कप्तान' (कलेक्टर)

सरकार ने जमीन स्तर पर कसावट लाने के लिए आधा दर्जन जिलों के कलेक्टर बदल दिए हैं 

रणबीर शर्मा , गरियाबंद 

कुंदन कुमार , कांकेर

अमृत विकास तोपनो, मुंगेली 

जयश्री जैन, सक्ती

तुलिका प्रजापति, कबीरधाम 

तनुजा सलाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी

संचालनालयों और निगमों में नए चेहरे

नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर: कांकेर कलेक्टर से अब संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास 

भोसकर विलास संदिपान: अब प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे (सुश्री इफ्फत आरा इस प्रभार से मुक्त)

सौमिल रंजन चौबे: कृषि उप सचिव से सीधे प्रबंध संचालक, पर्यटन मण्डल बनाए गए 

विवेक आचार्य: पर्यटन मंडल से हटाकर वापस इनके पैतृक विभाग (वन विभाग) में भेज दिए गए हैं 

अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां

जगदीश सोनकर: विशेष सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण 

रिमिजियुस एक्का: विशेष सचिव, PHED तथा मिशन संचालक, जल-जीवन मिशन 

भगवान सिंह उइके: कलेक्टर गरियाबंद से अब संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग 

गोपाल वर्मा: कलेक्टर कबीरधाम से अब संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन 

लीना कोसम: अब आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग

माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम शासकीय योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के लिए उठाया है।





बीजेपी ने जारी की राज्यों के प्रभारियों की सूची, विनोद तावड़े को यूपी, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुघ को गुजरात की जिम्मेदारी

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नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए मंगलवार को विभिन्न राज्यों के नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची जारी की। पार्टी ने आगामी चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को यूपी का सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बीजेपी सांसद सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी और तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। ऐसे में पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए विनोद तावड़े को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वहीं पंजाब और गुजरात में भी संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी सतीश पूनिया और तरुण चुघ के कंधों पर होगी।

बीजेपी की ओर से जारी की गई नई सूची को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी ने राज्यों में संगठन को और मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया है।

प्रमुख नियुक्तियां

  • विनोद तावड़े — उत्तर प्रदेश प्रभारी

  • जगदीश ईश्वरभाई पटेल — उत्तर प्रदेश सह-प्रभारी

  • सतीश पूनिया — पंजाब प्रभारी

  • तरुण चुघ — गुजरात प्रभारी

बीजेपी के इस संगठनात्मक फेरबदल को आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: जेल में बंद इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश

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इस्लामाबाद- पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को इलाज और चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अदालत ने उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया है।

तीन सदस्यीय पीठ ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए इमरान खान के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। इसमें उनके निजी चिकित्सक और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को भी शामिल किया जाना है। अदालत ने उनके परिवार को अस्पताल में उनसे मिलने तथा विदेश में रह रहे उनके बेटों से फोन पर बातचीत की सुविधा देने का निर्देश भी दिया है।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनकी पार्टी और परिवार लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं। जेल प्रशासन की ओर से अदालत में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में उनके ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और हृदय संबंधी असामान्य संकेतों का उल्लेख किया गया था। उनकी आंखों की समस्या को लेकर भी लगातार चिकित्सकीय चिंता सामने आती रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आदेश कैदी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए दिया जा रहा है। अदालत के निर्देश के अनुसार इमरान खान को अस्पताल में रखा जाएगा और उनके इलाज की निगरानी मेडिकल बोर्ड करेगा।

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और विभिन्न मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है। वह और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।

टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन से कॉरपोरेट जगत में हलचल, उत्तराधिकार और गवर्नेंस पर बढ़ी चर्चा

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मुंबई- देश के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की है कि उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होने के बाद वे पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। उनके इस फैसले के बाद टाटा समूह में उत्तराधिकारी के चयन, कॉरपोरेट गवर्नेंस और समूह की भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

करीब एक दशक बाद बदलेगा टाटा संस का नेतृत्व

एन. चंद्रशेखरन ने फरवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। अब लगभग एक दशक बाद उनके कार्यकाल के बाद समूह को नया नेतृत्व चुनना होगा। चंद्रशेखरन ने अपने उत्तराधिकारी की पहचान जल्द शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन व्यवस्थित तरीके से हो सके।

उत्तराधिकारी चुनने के लिए समिति गठित

चंद्रशेखरन के फैसले के बाद टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के अगले चेयरमैन के चयन के लिए एक समिति गठित की है। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी और प्रभाव को देखते हुए इस चयन प्रक्रिया को बेहद अहम माना जा रहा है।

टाटा संस की नेतृत्व व्यवस्था में यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब समूह एयर इंडिया, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल कारोबार सहित कई बड़े एवं पूंजी-गहन क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। ऐसे में नए चेयरमैन के सामने समूह की मौजूदा रणनीति को आगे बढ़ाने और कारोबारों के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

टाटा संस बोर्ड की बैठक और AGM भी चर्चा में

18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (AGM) को भी नेतृत्व परिवर्तन के घटनाक्रम के बीच स्थगित कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार बैठक में आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका, जिसके कारण इसे आगे के लिए टालना पड़ा। यह टाटा संस के इतिहास में एक असामान्य घटनाक्रम माना जा रहा है।

इसी बीच बोर्ड के भीतर चंद्रशेखरन के पुनर्नियुक्ति संबंधी फैसले को लेकर भी अलग-अलग मत सामने आने की खबरें हैं। कुछ निदेशक उनके फैसले पर पुनर्विचार की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

कॉरपोरेट गवर्नेंस पर क्यों बढ़ी चर्चा?

टाटा समूह की स्वामित्व एवं प्रबंधन संरचना अन्य पारिवारिक कारोबारी समूहों से अलग है। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और ट्रस्ट्स की भूमिका समूह के प्रमुख निर्णयों में प्रभावशाली रहती है। ऐसे में चेयरमैन के उत्तराधिकार का सवाल केवल व्यक्ति के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रस्ट्स, बोर्ड और पेशेवर प्रबंधन के बीच संतुलन से भी जुड़ा है।

विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा भी तेज हुई है कि भारत की बड़ी कंपनियों को नेतृत्व परिवर्तन के लिए पहले से स्पष्ट और पारदर्शी उत्तराधिकार योजना तैयार करनी चाहिए। अचानक होने वाला नेतृत्व परिवर्तन कारोबार की निरंतरता, निवेशकों के भरोसे और रणनीतिक फैसलों पर असर डाल सकता है।

निवेशकों और उद्योग जगत की नजर नए चेयरमैन पर

टाटा समूह का नया नेतृत्व ऐसे समय चुना जाएगा जब समूह के सामने कई बड़ी व्यावसायिक चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। एयर इंडिया के विस्तार और वित्तीय प्रदर्शन से लेकर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे प्रमुख कारोबारों के सामने बदलते तकनीकी परिदृश्य तक, नए चेयरमैन को कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर फैसले लेने होंगे।

टाटा समूह में यह नेतृत्व परिवर्तन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका असर केवल एक कंपनी पर नहीं, बल्कि समूह की कई प्रमुख कंपनियों और भारत के कॉरपोरेट क्षेत्र में उसके प्रभाव पर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में नए चेयरमैन के चयन और समूह की रणनीतिक दिशा पर उद्योग जगत और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

बेंगलुरु के स्कूल में फ्लू का प्रकोप, 500 से अधिक छात्र बीमार; ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी रूप से बंद

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बेंगलुरु- बेंगलुरु के रिचर्ड्स टाउन स्थित क्लेरेंस हाई स्कूल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और कर्मचारियों के फ्लू जैसे लक्षणों से प्रभावित होने के बाद स्कूल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कुछ दिनों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। स्कूल के अनुसार, 500 से अधिक विद्यार्थी और 21 कर्मचारी बुखार, सर्दी, खांसी और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों से प्रभावित बताए गए हैं।

दो H1N1 मामलों की पुष्टि

स्कूल प्रशासन ने बताया कि H1N1 के दो मामलों की पुष्टि हुई है और एक कर्मचारी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और संक्रमण के संभावित प्रसार को रोका जा सके।

हालांकि, इस मामले में कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। स्वास्थ्य आयुक्त गुरुदत्त हेगड़े के अनुसार, करीब 500 विद्यार्थियों के H1N1 संक्रमित होने की खबर सही नहीं है। उन्होंने कहा कि दो शिक्षकों में H1N1 की पुष्टि हुई है, जबकि किसी विद्यार्थी के H1N1 पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं हुई है। फ्लू जैसे लक्षण वाले विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर उठे सवाल

स्कूल प्रशासन ने विद्यालय के आसपास साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है। स्कूल के आसपास मौजूद कुछ स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और दुकानों के कारण कचरा जमा होने तथा स्वच्छता संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिक निकाय से आसपास के क्षेत्र की सफाई और खाद्य विक्रेताओं के निरीक्षण की मांग की है।

नागरिक अधिकारियों ने स्कूल के आसपास सफाई और सैनिटाइजेशन की कार्रवाई भी की है। प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

स्कूल 19 अगस्त से दोबारा खुलने की तैयारी में

स्कूल प्रशासन के अनुसार, एहतियाती तौर पर ऑफलाइन कक्षाएं 18 अगस्त तक स्थगित रखी गईं और इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रही। स्कूल ने बताया है कि स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के बाद 19 अगस्त से स्कूल दोबारा खोलने की योजना है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर आराम करना, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

बेंगलुरु की यह घटना स्कूलों में स्वच्छता, स्वास्थ्य निगरानी और संक्रमण नियंत्रण की तैयारियों की अहमियत को एक बार फिर सामने लाती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और स्कूल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण सड़क हादसा, 8 मजदूरों की मौत; 32 घायल

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भिंड- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए। हादसा भिंड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छिमका गांव के पास करीब रात 1 बजे हुआ, जहां मजदूरों से भरी पिकअप और एक डंपर ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

घर लौट रहे थे मजदूर

जानकारी के अनुसार, सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले थे। वे ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद पिकअप वाहन से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छिमका गांव के पास उनका वाहन सामने से आ रहे डंपर से टकरा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर मौजूद मवेशियों से बचने के प्रयास में पिकअप चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन दूसरी ओर चला गया, जहां सामने से आ रहे डंपर से उसकी टक्कर हो गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।

पांच की मौके पर मौत, तीन ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा

टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर वाहन के अंदर फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

घायलों को तत्काल गोहद अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या 23 से 32 तक बताई गई है; नवीनतम पुलिस-आधारित रिपोर्टों में 32 घायलों का उल्लेख है।

मृतकों की पहचान शुरू

पुलिस के अनुसार मृतकों में से छह की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान की प्रक्रिया जारी थी। मृतक सभी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी क्षेत्र से बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों और घायलों के परिजन भी घटनास्थल एवं अस्पताल पहुंचने लगे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय कर मृतकों के शव उनके घर तक पहुंचाने तथा घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मृतकों के परिजनों को प्रत्येक को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

हादसे ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल

भिंड की यह दुर्घटना एक बार फिर प्रवासी एवं ग्रामीण मजदूरों की सुरक्षित आवाजाही और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। रात के समय लंबी दूरी की यात्रा, वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों का होना, सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी और तेज रफ्तार जैसे कारण दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

छात्र प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व जज की अध्यक्षता में बनेगी हाई-पावर्ड कमेटी

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नई दिल्ली- देश के विभिन्न हिस्सों में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल की। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी गठित करने की मंशा जताई है। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।

पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में होगी समिति

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार प्रस्तावित समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे। इसमें एक पूर्व हाईकोर्ट जज और सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी/पूर्व DGP को भी शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने बताया कि एक पूर्व CBI निदेशक और एक पूर्व DGP की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। हालांकि समिति की अंतिम संरचना, अधिकार क्षेत्र और जांच की प्रक्रिया को लेकर औपचारिक आदेश जारी होना बाकी है।

कोर्ट ने संबंधित पक्षों को समिति के कार्यादेश और जांच के दायरे को लेकर लिखित सुझाव देने की अनुमति दी है। बताया गया है कि औपचारिक आदेश में समिति के गठन और कामकाज का विस्तृत स्वरूप तय किया जाएगा।

पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की होगी जांच

प्रस्तावित समिति छात्र प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए पुलिस ज्यादती के आरोपों की तथ्यात्मक पड़ताल करेगी। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न एवं अन्य शिकायतों पर भी विचार किया जा सकता है। समिति को आवश्यकता पड़ने पर महत्वपूर्ण या तत्काल मामलों में अंतरिम रिपोर्ट देने की संभावना भी जताई गई है।

यह मामला उन छात्र आंदोलनों से जुड़ा है, जिनमें कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया था।

पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

जहां प्रदर्शनकारी पक्षों की ओर से पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में अत्यधिक बल प्रयोग से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भीड़ के कुछ हिस्सों द्वारा बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल का इस्तेमाल किया गया।

बिहार सरकार ने भी अपने जवाब में पुलिस द्वारा अनुपातहीन बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है। सरकार के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हथियारों से फायरिंग की घटनाएं हुईं, लेकिन इन घटनाओं के संबंध में उसका पक्ष अलग है और मामले की परिस्थितियों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत हो रही है।

छात्रों के भविष्य को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट गंभीर

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामलों में, जहां गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि या गंभीर अपराध शामिल नहीं हैं, छात्रों के खिलाफ मामलों को समाप्त करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि हजारों छात्रों का भविष्य इस मामले से जुड़ा हुआ है।

हालांकि गंभीर अपराधों में शामिल या गंभीर आपराधिक इतिहास वाले लोगों के मामलों को अलग तरीके से देखने की बात कही गई है।

अंतिम आदेश का इंतजार

सुप्रीम कोर्ट की इस पहल को छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष तथ्यात्मक जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी पक्षों के सुझावों पर विचार करने के बाद अदालत समिति की अंतिम संरचना, अधिकार क्षेत्र और कार्यप्रणाली को लेकर औपचारिक आदेश जारी करेगी।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे न केवल पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच का रास्ता स्पष्ट होगा, बल्कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी आगे की दिशा तय हो सकती है।

संस्कृति विभाग द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के लिए 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

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चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रतिवर्ष 12 से 24 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि

रायपुर- छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।

प्रविष्टियां भेजने का पता -

संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,

द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) - 492018

प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा से सजेगा ‘पावस प्रसंग’, शास्त्रीय नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां 21 से 25 अगस्त तक

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संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला में चार दिवस होगा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुक्ताकाशी मंच पर सजेगी कला और संगीत की सुरमयी शाम

रायपुर- संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम  ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम  21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन  शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।

‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक  भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।

‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत  सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वान

संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।

परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य और मूल्य शिक्षा की पहल: कोकड़ी सरकारी स्कूल ने 200 से अधिक परिवारों को किया सम्मानित

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महासमुंद- चेतना विकास मूल्य शिक्षा, जीवन विद्या अध्ययन, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था, अखंड समाज एवं सार्वभौम व्यवस्था तथा शिक्षा के मानवीयकरण की दिशा में कार्यरत कोकड़ी सरकारी स्कूल में ‘कोकड़ी दर्शन जनपहल-06’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग और संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक परिवारों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था एवं अखंड समाज-सार्वभौम व्यवस्था की समझ विकसित करना तथा परिवार और समाज में स्वच्छता, नशामुक्ति, अपराधमुक्ति, शाकाहार, व्यवहार कुशलता, सही संबोधन, कृषि नवाचार, आवर्तनशील खेती, स्वावलंबन, हुनर एवं स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने बताया कि जनपहल में विकसित भारत-विकसित संसार की संकल्पना, सुखी एवं समृद्ध व्यक्ति-परिवार-समाज-देश-विश्व निर्माण, पशु-पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन, प्रकृति संतुलन, सही आहार-विहार-व्यवहार, बच्चों एवं अभिभावकों के अभिव्यक्ति कौशल, गांव की छोटी-छोटी समस्याओं के स्थानीय समाधान, जनप्रतिनिधियों के कर्तव्य एवं दायित्व तथा शिक्षा के मानवीयकरण जैसे विषयों पर खुली चर्चा एवं परिचर्चा हुई।

विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले परिवारों का सम्मान

कार्यक्रम में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में अपने कार्यों से प्रेरणा देने वाले अनेक परिवारों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें तेंदुवाही के समृद्ध किसान जागेश्वर सिंह पटेल, कोकड़ी में 40 से अधिक गिर गायों का पालन करने वाले रामशरण पटेल, नशामुक्त एवं शाकाहारी जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले अशोक कुमार सोनवानी, मोहित भारती सहित अनेक परिवार शामिल रहे।

इसके अलावा मधुबन दर्रीपाली से पहुंचे लगभग 20 परिवारों सहित गणेश राम सहिस, पशु चिकित्सक डॉ. अनिल देवदास, समाजसेवी रायतुम संतोष कुमार साहू, सुशील आर्य पटेवा, नरसिंह यादव, कोमल यादव, पूरन साहू एवं खूबचंद भारती सहित अनेक परिवारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

अतिथियों ने कोकड़ी स्कूल को बताया प्रेरणादायी मॉडल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शुक्लांबर पटेल, शिक्षक रायगढ़, उर्मिला मंगल सिदार, शिक्षक रायगढ़ तथा चंद्रकला बाबूलाल नायक, समाजसेवी रायगढ़ रहे। अतिथियों ने कोकड़ी सरकारी स्कूल के शैक्षिक प्रयोगों और जीवन विद्या अध्ययन आधारित गतिविधियों की सराहना की।

शुक्लांबर पटेल ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को शिक्षा के मानवीयकरण की दिशा में विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाला प्रेरणादायी विद्यालय बताते हुए कहा कि पूज्य ए. नागराज जी, मध्यस्थ दर्शन एवं जीवन विद्या अध्ययन के प्रणेता, स्वयं विद्वानों के साथ विद्यालय का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने विद्यालय में किए जा रहे प्रयोगों को सरकार द्वारा आत्मसात कर अन्य विद्यालयों में भी लागू किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उर्मिला मंगल सिदार ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को जीवन विद्या अध्ययन आधारित मॉडल स्कूल बताते हुए गेंदलाल कोकडिया द्वारा अपने वेतन के पैसे से तेंदुवाही में स्थापित मानवीय शिक्षा शोध केंद्र के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन के माध्यम से ग्रामीणों और शिक्षा जगत में मूल्य शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

जीवन विद्या आधारित संस्कारों पर भी हुई चर्चा

चंद्रकला बाबूलाल नायक ने जीवन विद्या अध्ययन आधारित विवाह, नामकरण एवं मृत्यु संस्कार जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं इन प्रयोगों को जीवन में अपनाया है। उन्होंने अपनी बेटी राखी का विवाह गेंदलाल कोकडिया के साथ जीवन विद्या अध्ययन आधारित पद्धति से किए जाने तथा अपनी सास के मृत्यु संस्कार को भी इसी दृष्टिकोण से संपन्न किए जाने का अनुभव साझा किया।

संकुल समन्वयक सुरेश कुमार साहू ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को प्रेरणादायी विद्यालय बताते हुए चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला को समझने के लिए अन्य विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का कोकड़ी स्कूल में शैक्षिक भ्रमण कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जीवन विद्या अध्ययन एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल करने तथा इसे शैक्षिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्य-पुस्तकों का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अभिव्यक्ति कौशल और व्यक्तित्व विकास पर जोर

कोकड़ी सरकारी स्कूल के सहयोगी शिक्षक हेमंत कुमार देवांगन ने जीवन विद्या अध्ययन से अपने जीवन में आए बदलावों को साझा करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन से व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं व्यवहार में सकारात्मक सुधार आता है।

राखी गेंदलाल कोकडिया ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि चेतना विकास का अर्थ मानव की समझ का विकास है। उन्होंने कहा कि आदर्श परिवार व्यवस्था के लिए जीवन विद्या अध्ययन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परिवार के प्रति क्या, क्यों, कैसे और कितना की समझ विकसित होती है तथा संबंधियों के प्रति कर्तव्य और दायित्व की भावना मजबूत होती है। इससे परिवार में सुख, समृद्धि और आपसी सौहार्द का वातावरण बनता है।

रागेश्वर कोकडिया, सरस्वती शिशु मंदिर झलप ने बौद्धिक विकास को चेतना के विकास से जोड़ते हुए बच्चों के अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए जीवन विद्या अध्ययन आधारित प्रेरणादायी अनमोल वचनों को उपयोगी बताया।

गांव को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में खूबचंद भारती, अशोक सोनवानी, नंदकुमार पटेल (पंच कोकड़ी) एवं मोहित भारती ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ललिता बरिहा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता जानकी पटेल, विद्यालय प्रबंध समिति कोकड़ी के अध्यक्ष कामदेव यादव सहित ग्रामीणों एवं उपस्थित परिवारों ने अपने गांव को नशामुक्त, अपराधमुक्त, स्वच्छ, व्यवहारकुशल एवं संस्कारयुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया।

‘कोकड़ी दर्शन जनपहल-06’ कार्यक्रम ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए परिवार, समाज, प्रकृति, कृषि, संस्कार, व्यवहार एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने कोकड़ी सरकारी स्कूल के इन प्रयासों को ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

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नई दिल्ली- युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष प्रदान किए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए इस बार बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को पुरस्कार देने का निर्णय लिया है।

17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

खेल और खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 17 खिलाड़ियों को वर्ष 2025 का अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है।

पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वी. और प्रियंका गोस्वामी शामिल हैं। बैडमिंटन में ट्रीसा जॉली और पुल्लेला गायत्री गोपीचंद को सम्मानित किया जाएगा।

बॉक्सिंग में नरेंद्र, शतरंज में विदित संतोष गुजराथी और दिव्या जितेंद्र देशमुख, जबकि डेफ शूटिंग में धनुष श्रीकांत को अर्जुन पुरस्कार मिलेगा।

हॉकी में लालरेम्सियामी और राजकुमार पाल, कबड्डी में सुरजीत और पूजा को सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा पैरा-शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल, पैरा एथलेटिक्स में एकता भ्याण, रोइंग में अरविंद सिंह और शूटिंग में अखिल श्योराण को अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

फुटबॉल में लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार

खेल में लंबे समय तक योगदान और सक्रिय खेल करियर समाप्त होने के बाद भी खेलों के प्रोत्साहन में योगदान देने वाले खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाले अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) से फुटबॉल के आई. अरुमैनायगम को सम्मानित किया जाएगा।

5 प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार

खेलों में लगातार उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने वाले प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 प्रदान किया जाएगा।

नियमित श्रेणी में एथलेटिक्स के परवीर सिंह, बॉक्सिंग के छोटे लाल यादव और शूटिंग की नेहा नंदकुमार चव्हाण को सम्मानित किया जाएगा।

वहीं लाइफटाइम श्रेणी में बॉक्सिंग के धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती के वीरेंद्र कुमार को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया जाएगा।

आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

खेलों के प्रचार और विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली कॉरपोरेट संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों को दिए जाने वाले राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 के लिए आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे का चयन किया गया है।

मंत्रालय ने इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की सुविधा दी गई थी।

इस वर्ष प्राप्त बड़ी संख्या में आवेदनों पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने विचार किया। समिति में प्रतिष्ठित खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता के अनुभवी व्यक्तित्व और खेल प्रशासक भी शामिल थे।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के माध्यम से सरकार देश के उन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मानित करती है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, समर्पण और निरंतर प्रयासों से भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की पूरी सूची इस प्रकार है:

🏅 अर्जुन पुरस्कार 2025

  1. तेजस्विन शंकर — एथलेटिक्स

  2. मोहम्मद अजमल वी. — एथलेटिक्स

  3. प्रियंका गोस्वामी — एथलेटिक्स

  4. ट्रीसा जॉली — बैडमिंटन

  5. पुल्लेला गायत्री गोपीचंद — बैडमिंटन

  6. नरेंद्र — बॉक्सिंग

  7. विदित संतोष गुजराथी — शतरंज

  8. दिव्या जितेंद्र देशमुख — शतरंज

  9. धनुष श्रीकांत — डेफ शूटिंग

  10. लालरेम्सियामी — हॉकी

  11. राजकुमार पाल — हॉकी

  12. सुरजीत — कबड्डी

  13. पूजा — कबड्डी

  14. रुद्रांश खंडेलवाल — पैरा-शूटिंग

  15. एकता भ्याण — पैरा एथलेटिक्स

  16. अरविंद सिंह — रोइंग

  17. अखिल श्योराण — शूटिंग

🏆 अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)

  1. आई. अरुमैनायगम — फुटबॉल

🎯 द्रोणाचार्य पुरस्कार — नियमित श्रेणी

  1. परवीर सिंह — एथलेटिक्स

  2. छोटे लाल यादव — बॉक्सिंग

  3. नेहा नंदकुमार चव्हाण — शूटिंग

🎯 द्रोणाचार्य पुरस्कार — लाइफटाइम श्रेणी

  1. धर्मेंद्र सिंह यादव — बॉक्सिंग

  2. वीरेंद्र कुमार — कुश्ती

🏅 राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025

  1. आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे

कानपुर आयुध निर्माणी के 423 संविदा श्रमिकों के वेतन विवाद का समाधान, ₹50 लाख बकाया वेतन का भुगतान

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उन्नत आयुध एवं उपकरण इंडिया लिमिटेड (AWEIL) के अंतर्गत आयुध निर्माणी, कानपुर में कार्यरत 423 संविदा श्रमिकों से संबंधित एक महत्वपूर्ण वेतन विवाद का केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के समय पर हस्तक्षेप और निरंतर सुलह प्रयासों से सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में की गई।

सुलह प्रयासों के फलस्वरूप ठेकेदार मैसर्स इमेंस मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड ने 13 अगस्त 2026 को 423 श्रमिकों को जून और जुलाई 2026 के बकाया वेतन के रूप में लगभग ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) का भुगतान किया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के हस्तक्षेप के बाद प्रधान नियोक्ता द्वारा ठेकेदार का मई 2026 का लंबित बिल भी जारी कर दिया गया। इससे वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान में मदद मिली और संबंधित श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सका।

समय पर किए गए हस्तक्षेप और प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप आयुध निर्माणी, कानपुर में श्रमिकों के एक समूह द्वारा प्रस्तावित हड़ताल/प्रदर्शन को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। इससे औद्योगिक गतिविधियों में संभावित व्यवधान को रोका जा सका और प्रतिष्ठान में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द को बढ़ावा मिला।

सुलह कार्यवाही के दौरान प्रबंधन को श्रमिक कल्याण, उचित सेवा शर्तों और श्रम कानूनों के अनुपालन से संबंधित अपने वैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने तथा कल्याणकारी उपायों को समय पर लागू करने के महत्व पर जोर दिया गया।

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह कार्यबल के कल्याण और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।

यह सफल सुलह प्रक्रिया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, वैधानिक लाभों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा प्रभावी सुलह और रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध कायम करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शादी का झांसा, लड़की की बदली आवाज और लाखों की ठगी! मामा-भांजे का साइबर गैंग गिरफ्तार

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 जांजगीर-चांपा। मैट्रिमोनियल साइट और फोन के जरिए शादी का रिश्ता तय कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी ब्लूटूथ और वॉयस चेंजिंग हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज में बात कर युवकों को अपने जाल में फंसाते थे। मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामा-भांजे को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू (26) और उसके भांजे सोनू साहू (20) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, वॉयस चेंजिंग हेडफोन, व्हाट्सऐप चैट से जुड़े दस्तावेज और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के प्रचार-प्रसार से संबंधित फ्लेक्सी-पंपलेट बरामद किए गए हैं।

शिकायत के बाद सामने आया ठगी का मामला

मामले का खुलासा अजय राठौर की साइबर थाने में दर्ज शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति अजय के पास पहुंचा और इमरजेंसी का हवाला देते हुए इलाज के लिए तत्काल नकद राशि की जरूरत बताई। आरोपी ने अजय के बैंक खाते में 2 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बदले में उनसे नकद राशि ले ली।

इसके तीन-चार दिन बाद अजय का बैंक खाता होल्ड हो गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सोनू साहू की यूपीआई आईडी से ट्रांसफर की गई रकम साइबर ठगी से जुड़ी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

लड़की की आवाज में करते थे बातचीत

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे वर्ष 2025 से इस तरह की ठगी में सक्रिय थे। आरोपी ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के नाम से प्रचार करते थे। शादी के लिए कोई युवक संपर्क करता था तो आरोपी विशेष हेडफोन और वॉयस चेंजिंग तकनीक के जरिए लड़की की आवाज में उससे बातचीत करते थे।

बातचीत के जरिए विश्वास जीतने के बाद आरोपी पंजीयन, रिश्ता पक्का करने और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में मंगाते थे। रकम प्राप्त होते ही आरोपी मोबाइल बंद कर संपर्क से बाहर हो जाते थे।

कितने लोगों से हुई ठगी, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और गिरोह ने कुल कितनी रकम की ठगी की है। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

BRICS 2026: भारत की अध्यक्षता में पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में चार ज्ञान संकलनों का विमोचन

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भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के तहत आयोजित 12वीं BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने BRICS सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ BRICS पर्यावरण कार्य समूह द्वारा तैयार चार ज्ञान-संकलनों (Knowledge Compendiums) का विमोचन किया। ये दस्तावेज BRICS सदस्य देशों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, ज्ञान प्रणालियों और नवाचारों को दर्शाते हैं।

ये चारों संकलन BRICS पर्यावरण कार्य समूह में हुई रचनात्मक एवं सार्थक चर्चाओं का परिणाम हैं। इनमें BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय अनुभवों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, नवीन समाधानों और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को साझा किया गया है।

1. सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अनुभवों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों और सफलता की कहानियों पर संकलन

भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा तैयार यह संकलन BRICS सदस्य देशों—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और UAE—के उत्कृष्ट उदाहरणों का साझा ज्ञान भंडार है।

इसमें बताया गया है कि BRICS देश नीतिगत नवाचार, व्यवहार परिवर्तन, पर्यावरण शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी, सतत उपभोग एवं उत्पादन, सर्कुलर इकोनॉमी, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और हरित विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सतत जीवनशैली को व्यवहार में कैसे ला रहे हैं।

भारत के योगदान में मिशन LiFE, पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम और SAMBHAV अभियान शामिल हैं, जो नागरिकों के नेतृत्व वाली सतत जीवनशैली के लिए सरकार और समाज के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। यह संकलन नागरिक भागीदारी, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान और डिजिटल एकीकरण पर जोर देते हुए पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और आपसी सीख का एक व्यावहारिक खाका प्रस्तुत करता है।

2. एकीकृत अग्नि प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवोन्मेषी दृष्टिकोणों पर संकलन

दुनिया भर में बदलती जलवायु परिस्थितियां, लंबे समय तक सूखा और बढ़ता तापमान जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ा रहे हैं। इससे पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता, आजीविका और समुदायों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

इस साझा चुनौती को ध्यान में रखते हुए भारत ने अपनी BRICS 2026 अध्यक्षता के दौरान एकीकृत वनाग्नि प्रबंधन (Integrated Wildfire Management) को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रमुख विषय के रूप में आगे बढ़ाया।

इस पहल के तहत देशों ने सामुदायिक नेतृत्व वाली रोकथाम, स्वदेशी ज्ञान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों, प्रौद्योगिकी, तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया सहित विभिन्न अनुभवों और अभिनव समाधानों को साझा किया।

यह संकलन केवल विभिन्न देशों के अनुभवों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है—रोकथाम से तैयारी तक, प्रारंभिक चेतावनी से प्रारंभिक कार्रवाई तक और प्रतिक्रिया से पुनर्बहाली तक आग का सामूहिक रूप से प्रबंधन करना आवश्यक है।

ज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्थानों और समुदायों को जोड़कर BRICS देश सामूहिक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं, जंगलों और जैव विविधता की रक्षा कर सकते हैं, आजीविका को सुरक्षित रख सकते हैं और आग के प्रति अधिक सक्षम भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

3. एकीकृत लैंडस्केप-आधारित हरितीकरण दृष्टिकोण पर संकलन

यह संकलन BRICS सदस्य देशों के अनुभवों, अच्छी कार्यप्रणालियों और नीतिगत दृष्टिकोणों को एक साथ प्रस्तुत करता है, जो भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता हानि और जलवायु परिवर्तन जैसी आपस में जुड़ी चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित हैं।

इसमें सदस्य देशों के सामूहिक योगदान को दर्शाते हुए ऐसे लैंडस्केप-आधारित उपायों को प्रमुखता दी गई है, जो पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली को जैव विविधता संरक्षण के साथ एकीकृत करते हैं।

संकलन में BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान तथा निगरानी और आकलन के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है।

यह पहल पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने, आजीविका में सुधार और वैश्विक पुनर्स्थापना एवं सतत विकास के लक्ष्यों में योगदान देने के लिए सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

4. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) ढांचे और अग्रणी सर्कुलर इकोनॉमी कार्यप्रणालियों पर संकलन

यह संकलन BRICS सदस्य देशों के अनुभवों, नीतिगत दृष्टिकोणों, नियामक उपायों और संस्थागत मॉडलों को प्रस्तुत करता है, जिनका उद्देश्य सर्कुलर और संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण को बढ़ावा देना है।

इसमें सामुदायिक नेतृत्व वाले अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल वेस्ट-एक्सचेंज प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय सर्कुलर इकोनॉमी रोडमैप, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी सिस्टम, रीसाइक्लिंग प्रमाणन और अपशिष्ट क्षेत्र में व्यापक सुधार जैसी प्रमुख पहलों को शामिल किया गया है।

संकलन में भारत के बाजार-आधारित विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) ढांचे की प्रगति को भी रेखांकित किया गया है, जिसे केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का समर्थन प्राप्त है और जिसका विस्तार विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों तक किया गया है।

साथ ही, BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी समाधान, तकनीकी क्षमता निर्माण और सर्कुलर बिजनेस मॉडल विकसित करने जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य संसाधन-कुशल, लचीली और सतत अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

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