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छत्तीसगढ़ में 4 दिन बदलेगा मौसम, 10 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए बालोद, धमतरी और गरियाबंद समेत 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, राजधानी रायपुर में फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है। यहां तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में नमी का प्रभाव बढ़ने से मौसम में बदलाव हो सकता है। इसके चलते प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

मौसम की संभावित गतिविधियों को देखते हुए संबंधित जिलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की जरूरत है।

पत्थलगांव और कुनकुरी में 3-3 सेंटीमीटर बारिश

प्रदेश के कुछ इलाकों में शनिवार को बारिश दर्ज की गई। जशपुर जिले के पत्थलगांव और कुनकुरी में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई। वहीं, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। शनिवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में 34 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान

राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 अक्टूबर को रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है, हालांकि दोपहर या शाम के समय बादल छाने के आसार हैं।

फिलहाल राजधानी में तेज बारिश के संकेत नहीं हैं। ऐसे में दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

मौसम बदलने पर बरतें सावधानी

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली की गतिविधि के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

तीन साल की बच्ची पर हमला करने पहुंचा युवक, दादी ने रोका तो चाकू से गोदकर मार डाला

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम मेंड्रा में तीन साल की मासूम बच्ची को बचाने के लिए आगे आई उसकी दादी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते गांव का एक युवक बच्ची को अपने साथ ले जाने पहुंचा था। दादी ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर धारदार हथियार से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


बच्ची को ले जाने की कोशिश, दादी ने किया विरोध

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे ग्राम मेंड्रा में हुई। तीन साल की बच्ची पड़ोस के घर में खेल रही थी। इसी दौरान गांव का 26 वर्षीय प्रशांत शुक्ला कथित तौर पर धारदार हथियार लेकर वहां पहुंचा और बच्ची को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा।

बच्ची की मां और उसकी 56 वर्षीय दादी राजकुमारी यादव ने युवक को ऐसा करते देख लिया। दोनों ने उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की नीयत से वहां आया था।

जब राजकुमारी यादव ने बच्ची को बचाने के लिए आरोपी का विरोध किया, तो उसने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कई वार लगने से महिला गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

महिला पर हमले के बाद उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों को अपनी ओर आते देख आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया।

परिजन गंभीर रूप से घायल राजकुमारी यादव को तत्काल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर लेकर पहुंचे। हालांकि, चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची को बचाने की कोशिश में दादी की जान चले जाने से ग्रामीण स्तब्ध हैं।

पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला को किया गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलने के बाद सकरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 19 शिक्षकों के फर्जी ट्रांसफर आदेश का मामला: 15 जिलों के DEO से तीन दिन में रिपोर्ट तलब, AI से आदेश बनाने की आशंका

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छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने 6 अगस्त 2026 की तारीख से जारी बताए जा रहे एक स्थानांतरण आदेश को फर्जी बताते हुए प्रदेश के 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से तीन दिन के भीतर विस्तृत जानकारी और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इस मामले में विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित फर्जी आदेश किन माध्यमों से संबंधित कार्यालयों तक पहुंचा और उसके आधार पर कितने कर्मचारियों की कार्यमुक्ति या नई जगह पर जॉइनिंग हुई। यह जानकारी 17 और 18 अक्टूबर को प्रकाशित समाचार रिपोर्टों में सामने आई है। 

सरकारी लेटरहेड और हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग का मामला

मामला छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के नाम से जारी बताए गए स्थानांतरण आदेश से जुड़ा है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, आदेश पर क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3 और तारीख 6 अगस्त 2026 दर्ज थी। इसमें कुल 19 शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण दर्शाए गए थे।

DPI के पत्र में दिए गए विवरण के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने विभागीय लेटरहेड के साथ अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और हस्ताक्षर का कथित रूप से दुरुपयोग किया। संचालनालय ने आदेश को फर्जी बताते हुए संबंधित जिलों से इसकी प्रमाणिकता और उसके आधार पर हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। 

क्या AI की मदद से बनाया गया था फर्जी आदेश?

इस मामले में AI के इस्तेमाल की बात भी समाचार रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं होता कि आदेश वास्तव में किस टूल या तरीके से तैयार किया गया था। इसलिए फिलहाल इसे AI से तैयार किए जाने की आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित आदेश को सरकारी दस्तावेज जैसा दिखाने के लिए विभागीय लेटरहेड और अधिकारी के नाम व हस्ताक्षर का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दस्तावेज किसने तैयार किया, उसे किसने प्रसारित किया और संबंधित कार्यालयों में उसकी पुष्टि क्यों नहीं हो सकी।

15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगा गया जवाब

DPI ने जिन जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी है, उनमें शामिल हैं:

  1. बलौदाबाजार-भाटापारा

  2. दुर्ग

  3. बेमेतरा

  4. बस्तर

  5. सारंगढ़-बिलाईगढ़

  6. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

  7. रायपुर

  8. बलरामपुर-रामानुजगंज

  9. राजनांदगांव

  10. उत्तर बस्तर कांकेर

  11. बालोद

  12. कबीरधाम

  13. धमतरी

  14. सरगुजा

  15. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

इन सभी जिलों से निर्धारित समयसीमा में बिंदुवार जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

तीन दिन के भीतर इन तीन बिंदुओं पर मांगी जानकारी

DPI ने जिला शिक्षा अधिकारियों से मुख्य रूप से तीन सवालों के जवाब मांगे हैं।

1. फर्जी आदेश कार्यालय तक कैसे पहुंचा?

अधिकारियों को बताना होगा कि कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से प्राप्त हुआ था। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दस्तावेज सीधे कार्यालय में भेजा गया, सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित हुआ या किसी अन्य माध्यम से पहुंचा।

2. कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति या जॉइनिंग के लिए आवेदन किया?

DPI ने पूछा है कि आदेश के आधार पर किन कर्मचारियों ने पुरानी जगह से कार्यमुक्त होने या नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। साथ ही, कितने कर्मचारियों को वास्तव में कार्यमुक्त किया गया और कितनों को नई जगह पर जॉइनिंग दी गई। इसके लिए कर्मचारियों की सूची और संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं।

3. आदेश फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई?

जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि कथित आदेश के फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद उनके स्तर पर क्या कदम उठाए गए। इसमें संबंधित रिकॉर्ड की जांच और आदेश के आधार पर हुई कार्रवाई का विवरण महत्वपूर्ण होगा।

क्या कुछ शिक्षकों ने नई जगह पर जॉइनिंग भी कर ली?

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि कथित फर्जी आदेश के आधार पर वास्तव में कितने कर्मचारियों ने नई जगह पर कार्यभार ग्रहण किया। कुछ समाचार रिपोर्टों में शिक्षकों के जॉइनिंग करने की बात कही गई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से प्रभावित कर्मचारियों की प्रमाणित संख्या और प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

इसीलिए DPI ने जिला शिक्षा अधिकारियों से सूची और दस्तावेज मांगे हैं। जिला स्तर से प्राप्त जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने आवेदन आए, कितनी कार्यमुक्तियां हुईं और कितने कर्मचारियों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण कराया गया।

संबंधित कर्मचारियों पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई

DPI के पत्र से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, विभाग ने मामले में संबंधित शासकीय कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी मांगी है और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होना चाहिए।

यह भी जरूरी है कि फर्जी आदेश तैयार करने या प्रसारित करने वाले व्यक्ति और आदेश के आधार पर कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों की भूमिकाओं की अलग-अलग जांच की जाए। केवल किसी दस्तावेज के आधार पर आवेदन देने या जॉइनिंग करने से किसी व्यक्ति की जानबूझकर संलिप्तता अपने आप सिद्ध नहीं होती।

सरकारी आदेशों की सत्यता जांचना क्यों जरूरी?

स्थानांतरण जैसे प्रशासनिक आदेश कर्मचारियों की पदस्थापना, वेतन, सेवा रिकॉर्ड और विभागीय व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। ऐसे में किसी आदेश को लागू करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

सरकारी आदेशों की सत्यता की जांच संबंधित विभाग के आधिकारिक पत्राचार, आदेश क्रमांक, जारी करने वाले सक्षम अधिकारी और विभागीय रिकॉर्ड के माध्यम से की जा सकती है। इस मामले में भी जिला कार्यालयों से मांगे गए दस्तावेज यह स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं कि कथित आदेश पर किस स्तर पर भरोसा किया गया और आगे क्या कार्रवाई हुई।

अब आगे क्या होगा?

DPI ने 14 अक्टूबर 2026 को संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर तीन दिन के भीतर जानकारी मांगी थी। अब जिला कार्यालयों से मिलने वाली रिपोर्ट इस मामले की आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी। इससे कथित फर्जी आदेश के प्रसार, उसके आधार पर हुई कार्यवाही और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। 

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश को लेकर DPI ने 15 जिलों के DEO से रिपोर्ट मांगी है। सरकारी लेटरहेड और अधिकारी के हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग की जांच के साथ यह पता लगाया जा रहा है कि आदेश के आधार पर कितने कर्मचारियों की कार्यमुक्ति या जॉइनिंग हुई। AI के इस्तेमाल और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


रायपुर में मासूम बच्चों से क्रूरता का आरोप, सिगरेट से दागने की बात आई सामने; मां और सौतेला पिता गिरफ्तार

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 Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन मासूम बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पंडरी क्षेत्र के तरुण नगर में हुई इस घटना में तीन वर्षीय बच्चे का हाथ फ्रैक्चर होने और उसके चेहरे व आंखों के आसपास चोटें आने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बच्चों का सौतेला पिता उनके साथ मारपीट करता था और उन्हें सिगरेट से भी दागता था। पुलिस ने मामले में सौतेले पिता राजा दीप और बच्चों की सगी मां अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार किया है। घटना की जानकारी मिलने पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी हस्तक्षेप किया और बच्चों की सुरक्षा व देखभाल के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।


छोटी-छोटी बातों पर बच्चों की पिटाई का आरोप

जानकारी के अनुसार, अन्नू देवी पासवान अपने पति राजा दीप के साथ रायपुर के लोधीपारा स्थित तरुण नगर में किराए के मकान में रह रही थी। अन्नू के पहले पति से तीन बच्चे हैं—तीन वर्षीय रोहित, छह वर्षीय लक्ष्मी और आठ वर्षीय समीर।

आरोप है कि राजा दीप बच्चों के साथ छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था। बताया गया है कि 13 अक्टूबर की रात रोहित और समीर के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। इस दौरान तीन वर्षीय रोहित का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। उसके चेहरे और आंखों के आसपास भी गंभीर चोटें आईं। वहीं, आठ वर्षीय समीर की आंखों में चोट लगने की बात सामने आई है।

बच्चों के साथ कथित प्रताड़ना की जानकारी सामने आने के बाद मामला पुलिस और संबंधित विभागों तक पहुंचा।

छह साल की बच्ची ने पड़ोसियों को दी जानकारी

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान छह वर्षीय लक्ष्मी डरकर पड़ोसियों के घर पहुंच गई। उसने अपने भाइयों के साथ हो रही मारपीट के बारे में पड़ोसियों को बताया। इसके बाद पड़ोसियों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

सूचना मिलने पर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू की। गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय रोहित को उपचार के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनकी देखभाल के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई।

मां और सौतेले पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजा दीप और अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार किया है। दोनों पर बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही है।

घटना ने बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा से बचाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मामले में पुलिस की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान

घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मेकाहारा अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायल बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने बाल गृह पहुंचकर दूसरे बच्चे की सुरक्षा और देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, मानसिक परामर्श और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

बच्चों को घटना से उबरने में मदद देने के लिए उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।

चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए मिली थी सूचना

जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित विभागों ने मामले में कार्रवाई शुरू की। गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय बच्चे को 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बताया गया है कि दूसरे बच्चे को बाल गृह और छह वर्षीय बच्ची को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है। आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।

अस्पताल में भर्ती बच्चे का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक बताया गया है।

बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास पर जोर

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा, बेहतर देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बच्चों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

आयोग ने थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम मिलने की बात कही। इसका उद्देश्य बच्चों के साथ हिंसा या प्रताड़ना की घटनाओं की सूचना समय पर प्राप्त करना और पीड़ित बच्चों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित, 14 अक्टूबर से प्रभावी हुआ आदेश

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छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के बाद की गई है। जांच एजेंसी की ओर से उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।

प्रकाशित आदेश-पाठ के अनुसार, निलंबन 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना गया है, जबकि विभागीय आदेश 17 अक्टूबर को सार्वजनिक हुआ। इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में जांच और विभागीय कार्रवाई फिर चर्चा में आ गई है।

पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सरकार की कार्रवाई

उपलब्ध आदेश-पाठ के अनुसार, आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक अभियोगपत्र 13 अक्टूबर 2026 को तैयार किया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को इसे रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया। इसी घटनाक्रम के आधार पर राज्य सरकार ने उनके निलंबन की कार्रवाई की।

श्रीवास्तव का नाम मामले से संबंधित जांच के दौरान उनके तत्कालीन पद और कथित भूमिका के संदर्भ में सामने आया है। बताया गया है कि संबंधित अवधि में वे आबकारी उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में वे आबकारी विभाग में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ थे।

हालांकि, पूरक आरोपपत्र दाखिल होना जांच की एक कानूनी प्रक्रिया है। इससे अपने आप किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो जाते। मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

निलंबन आदेश में क्या कहा गया?

वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से जारी आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

आदेश के अनुसार:

  • निलंबन की प्रभावी तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

  • निलंबन अवधि के दौरान श्रीवास्तव का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर रहेगा।

  • उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

  • आदेश पर वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर होने की जानकारी प्रकाशित आदेश-पाठ में दी गई है।

यह निलंबन एक प्रशासनिक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य और आगे की विभागीय प्रक्रिया संबंधित सेवा नियमों के अनुसार संचालित होगी।

EOW-ACB की जांच में क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामले में EOW-ACB ने 17 जनवरी 2024 को अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

जांच का दायरा सरकारी शराब दुकानों के संचालन, कथित अवैध कमीशन और शराब कारोबार से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं जैसे पहलुओं तक बताया गया है। जांच एजेंसियां मामले में विभिन्न व्यक्तियों और कारोबारी संस्थाओं की संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं।

आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाना इसी मामले की आगे बढ़ी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों का पूरा विवरण संबंधित न्यायालयी दस्तावेजों से ही स्पष्ट किया जा सकता है।

निलंबन और दोषसिद्धि में अंतर

किसी सरकारी अधिकारी का निलंबन और अदालत में दोषी साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। निलंबन सेवा नियमों के अंतर्गत की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई है, जबकि आपराधिक मामले में दोषसिद्धि का फैसला न्यायालय करता है।

इसलिए आशीष श्रीवास्तव के मामले में भी अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र प्रस्तुत होने के बाद राज्य सरकार ने निलंबन की कार्रवाई की है।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में आगे की महत्वपूर्ण प्रक्रिया विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से जुड़ी होगी। इसके साथ ही निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी की सेवा संबंधी स्थिति और विभागीय प्रक्रिया भी लागू नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

मामले में किसी नए आदेश, आरोपों के विस्तृत विवरण या न्यायालय के निर्णय की जानकारी सामने आने पर घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार ने कथित शराब घोटाले में अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद निलंबित किया है। आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। मामले में आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति का निर्धारण अदालत की प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।


पिथौरा में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला, ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की तैयारी की

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पिथौरा- महासमुंद जिले के पिथौरा में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर मामला सामने आया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरा के कॉलेज रोड और बागबाहरा रोड के पास, शासकीय वन काष्ठागार लकड़ी डिपो के सामने स्थित जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बताई जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन पर निजी कब्जा करने और निर्माण की कोशिश की जा रही है।

इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि भूमि पर किसी ने बिना वैध अनुमति के कब्जा किया है, तो प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

कहां का है पूरा मामला?

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, मामला पिथौरा के कॉलेज रोड और बागबाहरा रोड के आसपास स्थित उस जमीन से जुड़ा है, जो शासकीय वन काष्ठागार लकड़ी डिपो के सामने बताई गई है। इस स्थान पर जमीन के उपयोग और कथित निजी कब्जे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

हालांकि, संबंधित भूमि का खसरा नंबर, कुल रकबा, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज स्थिति और जमीन पर निर्माण की वास्तविक स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए जमीन के स्वामित्व और कब्जे की स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी अभिलेखों से होना जरूरी है।

ग्रामीणों ने क्या आरोप लगाए?

स्थानीय रिपोर्ट में ग्रामीणों की ओर से सरकारी जमीन पर निजी कब्जे और निर्माण की कोशिश किए जाने का आरोप बताया गया है। ग्रामीण इस मामले में जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं, ताकि जमीन की जांच हो सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यदि किसी सरकारी भूमि पर बिना अनुमति कब्जा या निर्माण किया गया है, तो संबंधित विभाग और राजस्व प्रशासन भूमि अभिलेखों तथा मौके की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं। लेकिन इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से निर्धारित होने की पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन से जांच की मांग

मामले में ग्रामीणों की ओर से जिला प्रशासन को शिकायत करने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। ऐसी शिकायत मिलने पर प्रशासन के सामने मुख्य सवाल होंगे:

  • संबंधित जमीन सरकारी रिकॉर्ड में किस विभाग के नाम दर्ज है?

  • जमीन का खसरा नंबर और कुल क्षेत्रफल कितना है?

  • क्या मौके पर किसी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण हुआ है?

  • यदि निर्माण हो रहा है, तो क्या उसके लिए वैध अनुमति ली गई है?

  • क्या जमीन की नाप-जोख और सीमांकन की आवश्यकता है?

इन बिंदुओं की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जरूरत पड़ने पर राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और संबंधित भूमि-स्वामी सरकारी विभाग के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण भी कर सकते हैं।

सरकारी जमीन की सुरक्षा क्यों जरूरी?

सरकारी जमीन का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं, विभागीय जरूरतों और विकास कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत सामने आने पर समय पर जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। इससे भूमि संबंधी विवादों को बढ़ने से रोकने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में मदद मिलती है।

हालांकि, केवल शिकायत या आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को अतिक्रमणकारी घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए भूमि अभिलेखों, सीमांकन, मौके की स्थिति और संबंधित पक्षों के जवाब की जांच आवश्यक है।

अब आगे क्या?

फिलहाल इस मामले में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायत की तैयारी की जानकारी उपलब्ध है। जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से जांच, सीमांकन, नोटिस अथवा कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक बयान सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह SCO की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

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दुशांबे- भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे का दौरा करेंगे। यह बैठक 19 और 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली है। इसमें सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

SCO की यह बैठक सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और साझा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने का एक मंच है। बैठक के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

1. व्यापार और आर्थिक सहयोग: सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशने पर चर्चा प्रस्तावित है।

2. निवेश को बढ़ावा देना: विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं, व्यावसायिक साझेदारी और सदस्य देशों के बीच आर्थिक संपर्क बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जा सकता है।

3. संपर्क व्यवस्था और कनेक्टिविटी: क्षेत्रीय परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा देशों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

4. नवाचार और तकनीकी सहयोग: बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में तकनीक, नवाचार और नए विकास मॉडल की भूमिका पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

5. सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान: सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों, लोगों के आपसी संपर्क और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करने के विषय भी बैठक के एजेंडे का हिस्सा हैं।

भारत के लिए SCO का महत्व

शंघाई सहयोग संगठन यूरेशियाई क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए एक बहुपक्षीय मंच है। भारत इस संगठन के माध्यम से सदस्य देशों के साथ संवाद करता है और व्यापार, क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक विकास तथा साझा चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाता है।

ताजिकिस्तान में होने वाली इस बैठक के दौरान भारत की भागीदारी सदस्य देशों के साथ संवाद बनाए रखने और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगी। हालांकि, किसी विशेष समझौते या नई पहल की घोषणा तभी निश्चित मानी जाएगी, जब उसकी आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

क्या है SCO?

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation—SCO) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2001 में हुई थी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके कार्यक्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, व्यापार, संपर्क व्यवस्था और सांस्कृतिक संबंध जैसे विषय शामिल हैं।

भारत वर्ष 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था। संगठन के मंच पर भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अन्य सदस्य देशों के साथ चर्चा में भाग लेता है।

निष्कर्ष: ताजिकिस्तान के दुशांबे में 19–20 अक्टूबर को होने वाली SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में राजनाथ सिंह की भागीदारी भारत को व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर सदस्य देशों के साथ संवाद करने का अवसर देगी। बैठक के वास्तविक परिणाम और किसी संभावित समझौते की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।



CRPF में 29 साल बाद लौट सकती हैं लांस नायक और नायक की रैंक, जवानों को मिलेंगे पदोन्नति के अधिक अवसर

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नई दिल्ली- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवानों की लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति संबंधी समस्या को दूर करने के लिए लांस नायक और नायक की रैंक दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में CRPF मुख्यालय ने देशभर की इकाइयों से जवानों की राय माँगी है। यह प्रस्ताव लागू होता है तो कांस्टेबल स्तर के कर्मचारियों को हेड कांस्टेबल बनने से पहले पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CRPF में लांस नायक और नायक की रैंक वर्ष 1997 में समाप्त कर दी गई थीं। उस समय इन रैंकों को कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के पदों के साथ मिला दिया गया था।

अब लगभग 29 साल बाद इन रैंकों को फिर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य जवानों के करियर में पदोन्नति के अवसर बढ़ाना, लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने की समस्या कम करना और उनका मनोबल बेहतर करना है।

प्रस्ताव के तहत कितने साल में प्रमोशन मिल सकता है?

मीडिया रिपोर्टों में प्रस्तावित पदोन्नति व्यवस्था के बारे में निम्न जानकारी सामने आई है:

सेवा अवधि

        प्रस्तावित रैंक

कांस्टेबल के रूप में नियुक्ति

            कांस्टेबल

5 साल की सेवा के बाद

            लांस नायक

10 साल की सेवा के बाद

                नायक

आगे की सेवा के बाद

        हेड कांस्टेबल

यह एक प्रस्तावित व्यवस्था है, अंतिम रूप से स्वीकृत नियम नहीं। अलग-अलग रिपोर्टों में हेड कांस्टेबल बनने की समय-सीमा 15 और 20 साल बताई गई है। इसलिए अंतिम सेवा अवधि और पदोन्नति की शर्तें आधिकारिक आदेश से ही तय मानी जाएँगी।

जवानों को क्या फायदा हो सकता है?

  • पदोन्नति के अधिक अवसर: कांस्टेबल से आगे बढ़ने के लिए दो अतिरिक्त रैंक उपलब्ध हो सकती हैं।

  • करियर में ठहराव कम होने की संभावना: लंबे समय तक एक ही पद पर काम करने वाले जवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

  • जिम्मेदारी और नेतृत्व: नई रैंक के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ और वरिष्ठता की भूमिका निर्धारित की जा सकती है।

  • मनोबल में सुधार: पदोन्नति के अवसर बढ़ने से जवानों को अपने करियर में आगे बढ़ने की बेहतर उम्मीद मिल सकती है।

इन लाभों की वास्तविक स्थिति अंतिम नियमों, पात्रता, उपलब्ध पदों और सेवा शर्तों पर निर्भर करेगी।

अग्निवीरों से क्या संबंध है?

इस प्रस्ताव के पीछे एक अन्य उद्देश्य सेना से सेवा पूरी करने के बाद आने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्रीय बलों में करियर के अवसरों को आकर्षक बनाना भी बताया गया है। हालाँकि, लांस नायक और नायक की रैंक बहाल करने का प्रस्ताव अपने आप में अग्निवीरों की भर्ती या नियुक्ति की गारंटी नहीं है। भर्ती के लिए अलग नियम लागू होंगे।

जवानों से क्यों माँगे गए सुझाव?

CRPF मुख्यालय ने अपनी क्षेत्रीय इकाइयों को सैनिक सम्मेलन आयोजित करके संबंधित जवानों और अधिकारियों की राय लेने के लिए कहा था। 17 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुझाव लगभग 48 घंटे के भीतर मुख्यालय तक पहुँचाने को कहा गया था।

अब आगे क्या होगा?

सुझावों और प्रशासनिक समीक्षा के बाद प्रस्ताव पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। अभी उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि नई रैंक बहाली की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है या सभी पात्र जवानों को निश्चित समय पर प्रमोशन मिलना तय है।

निष्कर्ष: CRPF में लांस नायक और नायक की रैंक दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव जवानों के करियर और पदोन्नति व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। लेकिन इसके वास्तविक लाभ तभी स्पष्ट होंगे, जब सरकार और CRPF की ओर से अंतिम नियम, पात्रता और लागू होने की तारीख जारी की जाएगी।


ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, प्रधानमंत्री ने ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया और प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना रविवार तड़के करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुई। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान धान से लदा एक ट्रक ढलान वाले रास्ते पर अनियंत्रित हो गया और सड़क पर चल रहे श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से टकरा गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। रास्ते पर बैरिकेड और पुलिस चेक-पॉइंट भी लगाए गए थे। इसके बावजूद ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुँचा, इसकी जाँच की जा रही है।

राहत एवं बचाव कार्य

हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुँचाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

घटना के बाद अस्पतालों में पीड़ित परिवारों और परिजनों की भीड़ जुट गई। प्रशासन ने घायलों के उपचार और दुर्घटना के कारणों की जाँच पर ध्यान केंद्रित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्वालियर हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, प्रत्येक घायल व्यक्ति को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख, गंभीर रूप से घायलों को ₹2 लाख और अन्य घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

प्रशासनिक लापरवाही की जाँच

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नवरात्रि के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक थी और बैरिकेड लगाए गए थे, तो ट्रक प्रतिबंधित मार्ग में कैसे दाखिल हुआ।

प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू की है। ट्रक की तकनीकी स्थिति और ब्रेक संबंधी संभावित खराबी की भी जाँच की जा रही है। दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे समय में यातायात नियंत्रण, भारी वाहनों पर प्रतिबंध, पर्याप्त पुलिस बल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएँ बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।

ग्वालियर की यह घटना धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर जाँच रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।


जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता

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18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा

रायपुर- नवा रायपुर स्थित आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय गौरव दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोनों प्रतियोगिताओं में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। चित्रकला प्रतियोगिता 12 और 13 नवंबर को होगी, जबकि फोटोग्राफी प्रतियोगिता नवंबर माह में आयोजित की जाएगी।


चित्रकला प्रतियोगिता का विषय ‘मेरी जनजाति, मेरी विरासत’

चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी 5 नवंबर 2026 तक https://tinyurl.com/jjgdpainting पर पंजीयन कर सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए पेंटिंग ब्रश, कैनवास, कार्ट्रिज पेपर, ईजल, ड्राइंग शीट, रंग और पैलेट संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। नियम एवं शर्तें www.cgtrti.gov.in पर देखी जा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए सहायक संचालक  पार्वती जगत से 7805982502 पर संपर्क करें। प्रविष्टियां jjgdpainting@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं।

फोटोग्राफी प्रतियोगिता का विषय ‘जनजातीय जीवन, संस्कृति एवं परंपराएं’

फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए 4 नवंबर 2026 को शाम 5:30 बजे तक https://tinyurl.com/jjgdphotography पर पंजीयन किया जा सकता है। पंजीयन फॉर्म, फोटोग्राफ की सॉफ्ट कॉपी और आवश्यक दस्तावेज jjgdphotography@gmail.com पर भेजने होंगे। प्रतियोगिता के नियम, शर्तों और पुरस्कार राशि की जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए सहायक अनुसंधान अधिकारी अंजनी भगत से 9926588481 पर संपर्क किया जा सकता है।

लाफिन कला में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं खेल प्रतिभाओं का सम्मान

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 महासमुंद। शनिवार को ग्राम लाफिनकला में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं खेल प्रतिभाओं का सम्मान समारोह आयोजन हुआ। जिसमें ग्राम स्तर पर शैक्षणिक उपलब्धि के लिए कक्षा 12वीं में हिमांशी पटेल, कक्षा 10वीं में दीपेश कुमार साहू, कक्षा 8वीं में गीतांजली पटेल तथा कक्षा 5वीं में तनुजा साहू को प्रशस्ति पत्र व नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।


वहीं ग्राम के शिक्षक महेन्द्र पटेल को राज्यपाल पुरस्कार मिलने पर ग्राम का नाम रोशन करने के लिए प्रतीक भेंटकर सम्मानित किया गया।खेलकूद प्रतियोगिताओं में - दीपक जलाओ में अरविंद निषाद, गुलदस्ता बनाओ में प्रथम संजू साहू, द्वितीय ओजस्वी साहू, तृतीय प्रियल साहू, मटका फोड़ में तोमेश निषाद विजेता रहे।फुगड़ी प्रतियोगिता में प्रथम यशु पटेल, द्वितीय पुष्पांजलि निषाद, तृतीय योगिता साहू, कुर्सी दौड़ बालिका वर्ग में प्रथम लिसा साहू, द्वितीय हंसिका साहू, तृतीय निकिता साहू एवं बालक वर्ग में प्रथम भेवेन्द्र साहू, द्वितीय उज्जवल पटेल, तृतीय अरविंद निषाद रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम में सरपंच राधेश्याम साहू, उपसरपंच भुपेंद्र साहू, पंच मोहित साहू, नरेंद्र पटेल, गुंजा साहू, युवा कमलेश साहू, शिक्षक गोवर्धन प्रसाद साहू, महेन्द्र पटेल, ग्राम समिति अध्यक्ष रामकुमार साहू, पूर्व अध्यक्ष हेमू राम साहू, केतन साहू, गिरीश साहू, हरिराम साहू, नेतन पटेल, रामशरण साहू, डाकेश साहू, जीवराखन साहू, यशवंत साहू, एगेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

भाई का दोस्त ही निकला आरोपी! नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में युवक गिरफ्तार

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में खरसिया पुलिस ने 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जीवन लाल यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह कार्रवाई महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई है।


मां की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को पीड़िता की मां ने खरसिया पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी नाबालिग बेटी के साथ कथित दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू ने शिकायत दर्ज करने और पीड़िता का बयान लेने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर जांच शुरू की।

भाई का परिचित होने के कारण घर आता-जाता था आरोपी

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी पीड़िता के भाई का परिचित था और इसी वजह से उसका घर आना-जाना था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 14 जनवरी 2026 को जब पीड़िता घर में अकेली थी, तब आरोपी वहां पहुंचा। बातचीत के दौरान उसने पीड़िता के प्रति पसंद जाहिर की और कथित तौर पर उसका विश्वास हासिल कर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में इसके बाद भी कई बार शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया गया है।

मां को संदेह होने पर सामने आया मामला

पुलिस के मुताबिक, कुछ समय बाद बेटी के स्वास्थ्य में बदलाव देखकर उसकी मां को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाई।

BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

खरसिया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और न्यायालय में पेश किया। अदालत से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

‘अभियान संवेदना’ के तहत कार्रवाई

रायगढ़ पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘अभियान संवेदना’ चला रही है। पुलिस के अनुसार, इस अभियान के तहत ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है।

इस प्रकरण में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह और गोविन्द बनर्जी की भूमिका रही।

एसएसपी ने कहा—महिला और बाल सुरक्षा प्राथमिकता

रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को पुलिस गंभीरता से लेती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने महिला एवं बाल सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता बताया।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ किसी भी अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। नाबालिग पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखना भी जरूरी है। फिलहाल आरोपी न्यायिक रिमांड पर है और मामले की जांच जारी है।

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत और 25 घायल; 12 हिरासत में

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 कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। शनिवार शाम महा सप्तमी के अवसर पर चोरबागान दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बनने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज बारिश, संकरी गली में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और प्रवेश-निकास के रास्तों को लेकर पैदा हुए भ्रम ने स्थिति को गंभीर बना दिया। माइक से कथित तौर पर की गई गलत घोषणा और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बारिश के बीच संकरी गली में बढ़ा भीड़ का दबाव

हादसा शनिवार शाम करीब 7:15 से 7:40 बजे के बीच होने की जानकारी सामने आई है। उत्तर कोलकाता की राधा माधव साहा लेन में स्थित पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। इसी दौरान बारिश तेज हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े लोग पंडाल के भीतर जाने लगे, जबकि अंदर मौजूद श्रद्धालु बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

दोनों तरफ से लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण संकरी गली में दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और लोगों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निकास द्वार के पास सीढ़ियों पर कुछ लोग गिर पड़े। पीछे से आ रही भीड़ के कारण कई लोग दब गए।

घटना के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों की आवाजाही रोक दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के कुछ अन्य दुर्गा पूजा पंडालों को भी बंद कराया गया।

माइक से घोषणा और सीटी बजने की भूमिका की जांच

पुलिस हादसे के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था, प्रवेश और निकास के रास्तों की स्थिति तथा आयोजन में तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि माइक से की गई किसी कथित भ्रामक घोषणा के कारण श्रद्धालुओं के बीच भ्रम पैदा हुआ होगा। निजी सुरक्षा गार्डों की ओर से सीटी बजाए जाने से भी लोगों के अचानक आगे बढ़ने की आशंका की जांच की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि पंडाल में लोगों को प्रवेश, निकास और आवाजाही की दिशा के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पूजा समिति से जुड़े लोगों समेत 12 हिरासत में

हादसे के मामले में पुलिस ने पूजा आयोजन समिति से जुड़े सदस्यों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भीड़ बेकाबू कैसे हुई और क्या आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

कोलकाता पुलिस की एंटी-राउडी सेक्शन ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जुटाई है। फुटेज के आधार पर भीड़ की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों का विश्लेषण किया जा रहा है। आयोजन में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।

शनिवार देर रात फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हादसे के लिए आयोजन समिति, किसी सुरक्षा एजेंसी या संबंधित विभाग की ओर से कोई लापरवाही बरती गई थी या नहीं।

हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में जांच की घोषणा

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित टीम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), अपराध जांच विभाग (सीआईडी) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे।

सरकार की ओर से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिया गया है। जांच में हादसे की परिस्थितियों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

राज्य के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की होगी सुरक्षा समीक्षा

कोलकाता की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने का फैसला लिया है। इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी पूजा समितियों से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार इंतजाम करने की अपील की है।

पंडालों में निकास द्वार पर्याप्त चौड़े रखने, रोशनी की व्यवस्था बेहतर करने और लोगों की आवाजाही में बाधा बनने वाले अस्थायी घेरों को हटाने पर जोर दिया गया है। जिन पंडालों में जटिल संरचना के कारण रास्ते संकरे हो रहे हैं, वहां पूजा की रस्मों को सीमित स्थान पर आयोजित करने और बाहर एलईडी स्क्रीन लगाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने घायलों का जाना हाल

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर भर्ती घायलों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए मामले की पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने अन्य दुर्गा पूजा समितियों से भी अपील की कि वे भीड़ के दबाव को देखते हुए सुरक्षा और आवाजाही की समुचित व्यवस्था करें।

मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी के पद पर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो लाख रुपये और घायल व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोलकाता में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुखद है और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।

आज का न्यूज़ बुलेटिन

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नमस्कार! छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक, हर बड़ी खबर पर हमारी नज़र! तो चलिए, शुरू करते हैं आज का दमदार न्यूज़ बुलेटिन!

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत

Sharp showers, record crowds, rowdyism keep city police on toes during festival | Kolkata News - The Times of India

देश की सबसे बड़ी खबर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से है, जहां दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसे में कम-से-कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हुए हैं।

यह घटना 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, शाम करीब 7:30 बजे भारी बारिश के बीच पंडाल के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ गई। संकरी गलियों में लोगों की आवाजाही बाधित होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने पंडाल में लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई और घटना की जांच शुरू की। पुलिस ने आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित निकास मार्ग और आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। हादसे के सटीक कारणों का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला

India Temple Stampedes: Major Religious Gathering Tragedies Since 2003

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया। इस हादसे में 13 लोगों की मौत और लगभग 40 लोगों के घायल होने की खबर है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना करीब रात 1:30 बजे हुई। धान से लदा ट्रक नियंत्रण खोकर मंदिर के पास मौजूद लोगों की ओर बढ़ गया और कई लोगों को टक्कर मार दी।

घटना के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

फिलहाल हादसे के कारणों की जांच जरूरी है। वाहन की स्थिति, सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और चालक की भूमिका जैसे पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

छत्तीसगढ़ — इंद्रावती नदी में फंसे 12 लोगों का रेस्क्यू

IAF’s heroic rescue: Man winched from raging Sabari River in Chhattisgarh’s Sukma | Trending

बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच फंसे 12 लोगों को भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला।

18 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बचाए गए लोगों में दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये लोग रातभर बाढ़ के पानी के बीच फंसे रहे। जगदलपुर से पहुंचे एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।

इस तरह के बचाव अभियान में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि तेज बहाव और पानी के बढ़ते स्तर के कारण सामान्य रास्तों से लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

छत्तीसगढ़ में दिवाली की छुट्टियां 6 से 11 नवंबर तक

Dhamtari News: जर्जर स्कूल में ठंड से हाल बेहाल, खुले आसमान के नीचे लग रही पाठशाला | Severe cold wave in Dhamtari Children forced to study under the open sky due to dilapidated school buildings Jarjar School thand ka mausam

छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर है। राज्य में दिवाली की छुट्टियों की अवधि बढ़ाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, पहले जारी शैक्षणिक कैलेंडर में छुट्टियां 6 से 10 नवंबर तक निर्धारित थीं। बाद में संशोधित कार्यक्रम के तहत इन्हें 11 नवंबर तक बढ़ाने की जानकारी दी गई है। इस तरह कुल छह दिन की छुट्टियां होंगी।

रिपोर्टों में सरकारी, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ डी.एड., बी.एड. और एम.एड. महाविद्यालयों का भी उल्लेख है।

रायपुर — 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण, छह घंटे में बरामद

घर में विस्फोटक रखने वाला आरोपी गिरफ्तार, रायपुर पुलिस का खुलासा; आत्महत्या की थी योजना | raipur explosive case main accused Vinay Dewangan arrested khamtarai police Major revelation in the case of finding bomb material in Raipur

राजधानी रायपुर के आरंग क्षेत्र से अपराध से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यहां आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने बच्चे को छह घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया।

17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के परिवार की ओर से गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। इसी दौरान परिवार को फिरौती के लिए फोन आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नाकेबंदी की और साइबर सेल की मदद से तकनीकी निगरानी शुरू की।

रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे को समोदा के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक छोड़ दिया गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया। मामले में एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लेने की जानकारी दी गई है।

इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने का महत्व भी सामने आता है।

कोरबा — बाल संप्रेक्षण गृह से किशोर फरार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बाल सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी खबर है। कोड़िया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से चोरी के मामले में रखे गए एक किशोर के फरार होने की सूचना सामने आई है।

17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह बच्चों की गिनती के दौरान किशोर के गायब होने का पता चला। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि किशोर मुख्य परिसर के चैनल गेट से बाहर निकल गया था।

इस घटना के बाद संस्थान में सुरक्षा, निगरानी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, किसी कर्मचारी की लापरवाही या जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच के निष्कर्ष जरूरी हैं।

देश की अर्थव्यवस्था — भारत का व्यापार घाटा बढ़ा

India Launches New Foreign Trade Policy | Edelman Global Advisory

देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी अहम खबर। सितंबर 2026 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 30.21 अरब डॉलर हो गया, जबकि अगस्त में यह 26.86 अरब डॉलर था।

रॉयटर्स की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में भारत का वस्तु आयात 74.61 अरब डॉलर और निर्यात 44.40 अरब डॉलर रहा। आयात में निर्यात की तुलना में अधिक वृद्धि होने के कारण व्यापार घाटा बढ़ा।

व्यापार घाटे का मतलब है कि देश ने वस्तुओं के आयात पर जितना खर्च किया, उससे कम मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया। हालांकि, केवल व्यापार घाटे के आधार पर पूरी अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। सेवाओं का निर्यात, विदेशी निवेश और अन्य आर्थिक संकेतक भी महत्वपूर्ण हैं।

बैंकिंग और वित्त — HDFC बैंक के नतीजे

FY27 में HDFC Bank करेगा वापसी, CLSA को उम्मीद; 28% चढ़ सकता है शेयर - hdfc bank share may rise upto 28 percent clsa expects bounce back in fy27 maintained outperform rating check target | Moneycontrol Hindi

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी खबरों में HDFC बैंक के तिमाही नतीजे महत्वपूर्ण हैं। रॉयटर्स की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.7 प्रतिशत बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये रहा।

बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,619 करोड़ रुपये पहुंची। शुद्ध ब्याज आय वह अंतर है जो बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच प्राप्त होता है।

हालांकि, बैंक का मुनाफा विश्लेषकों के अनुमानों से थोड़ा कम रहा। निवेशकों को बैंक के मुनाफे के साथ कर्ज की गुणवत्ता, जमा राशि और भविष्य की वृद्धि पर भी ध्यान देना चाहिए।

स्वास्थ्य — कैंसर की दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण की खबर

Most Expensive Cancer Drugs In India: What To Know? | MrMed

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों में कैंसर की दवाओं की कीमतों को लेकर सामने आई जानकारी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों में 137 कैंसर दवाओं के व्यापार मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने और इससे कुछ दवाओं की कीमतें घटने की संभावना बताई गई है।

यदि संबंधित आदेश लागू होता है, तो कुछ मरीजों को दवाओं की खरीद पर राहत मिल सकती है। लेकिन हर दवा की कीमत में एक समान कमी होना जरूरी नहीं है। वास्तविक लाभ संबंधित दवा के पुराने और नए अधिकतम खुदरा मूल्य पर निर्भर करेगा।

मरीजों और उनके परिवारों को सलाह है कि दवा खरीदते समय पैक पर छपी कीमत और बिल की जांच करें।

विज्ञान और तकनीक — AI की सुरक्षा पर चिंता

Top Enterprise AI Security Risks in 2026

तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच साइबर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं।

रॉयटर्स की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों के लाइव कंप्यूटर सिस्टम में कुछ AI एजेंटों की अनधिकृत पहुंच से संबंधित घटनाओं की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट में भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In का हवाला दिया गया है।

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AI एजेंट केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं होते। उन्हें फाइलें पढ़ने, सिस्टम में काम करने और अन्य डिजिटल टूल्स इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। अगर ये अनुमतियां जरूरत से ज्यादा व्यापक हों, तो गोपनीय डेटा जोखिम में पड़ सकता है।

कंपनियों को सीमित एक्सेस, गतिविधियों की निगरानी और नियमित सुरक्षा जांच पर जोर देना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय खबरें — सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की सूचना

मध्य पूर्व से सुरक्षा संबंधी खबर सामने आई है। सऊदी अरब में ड्रोन को रोकने की कार्रवाई किए जाने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा का असर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, ड्रोन से जुड़ी किसी घटना का तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ा है या नहीं, यह जानने के लिए बाजार के आंकड़ों और संबंधित सरकारी बयानों की पुष्टि आवश्यक है।

 समापन

तो ये थीं आज की प्रमुख खबरें—छत्तीसगढ़ से लेकर देश और दुनिया तक की अहम अपडेट्स। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबर दिखाना नहीं, बल्कि आपको खबर के पीछे का तथ्य और उसका असर भी समझाना है। आप तक वही जानकारी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है, जिसकी पुष्टि विश्वसनीय स्रोतों से की जा सके। इसी तरह की तथ्यपरक खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। नमस्कार!


Navratri 2026: महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा, जानें प्रिय फूल, शुभ रंग और भोग की पूरी विधि

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 Mahashtami 2026: शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन को महाष्टमी या दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है। महाष्टमी पर माता को प्रिय फूल अर्पित करने, शुभ रंग के वस्त्र पहनने और विशेष भोग लगाने का विधान भी प्रचलित है। आइए जानते हैं मां महागौरी का स्वरूप, उनका प्रिय पुष्प, शुभ रंग और पूजा में लगाए जाने वाले भोग का महत्व।


मां महागौरी का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां महागौरी को मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माना जाता है। उनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और दिव्य है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता का वर्ण गौर है, इसलिए उन्हें महागौरी कहा जाता है।

माता चार भुजाओं वाली हैं। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में डमरू सुशोभित है, जबकि अन्य दो हाथ अभय मुद्रा और वर मुद्रा में माने जाते हैं। उनका वाहन वृषभ यानी बैल है।

धार्मिक मान्यताओं में मां महागौरी को पवित्रता, करुणा और शांति का प्रतीक माना जाता है। महाष्टमी के दिन भक्त माता की पूजा कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

मां महागौरी का प्रिय फूल कौन-सा है?

महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा में सफेद फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से मोगरे के फूल को माता के शांत और निर्मल स्वरूप से जोड़कर देखा जाता है। मोगरे की सुगंध और सफेद रंग पूजा के वातावरण को भक्तिमय बनाते हैं।

पूजा के दौरान भक्त माता को मोगरे के फूल अर्पित कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी उपलब्धता और स्थानीय पूजा परंपरा के अनुसार अन्य सुगंधित सफेद फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में फूलों के साथ श्रद्धा और भक्ति का भाव सबसे महत्वपूर्ण है।

महाष्टमी पर कौन-सा रंग पहनना शुभ माना जाता है?

मां महागौरी की पूजा में सफेद रंग का विशेष महत्व माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सौम्यता का प्रतीक है। माता के गौर स्वरूप के कारण भी इस रंग को उनकी आराधना से जोड़ा जाता है।

महाष्टमी पर पूजा करते समय श्रद्धालु सफेद रंग के वस्त्र पहन सकते हैं। वहीं, लाल रंग को भी हिंदू परंपरा में शुभता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सफेद या लाल वस्त्र धारण कर सकते हैं।

पूजा के समय स्वच्छ वस्त्र पहनकर एकाग्र मन से माता की आराधना करना शुभ माना जाता है।

मां महागौरी को किस चीज का भोग लगाएं?

महाष्टमी पर मां महागौरी को नारियल और नारियल से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा प्रचलित है। भक्त माता को नारियल की बर्फी, लड्डू और अन्य मिठाइयां अर्पित कर सकते हैं।

भोग लगाने के बाद माता की आरती की जाती है और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा और भक्ति से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

भोग तैयार करते समय स्वच्छता का ध्यान रखना और अपनी पारिवारिक पूजा-पद्धति का पालन करना चाहिए।

महाष्टमी पर कैसे करें मां महागौरी की पूजा?

महाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा और मां महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। माता को फूल, अक्षत, रोली और धूप-दीप अर्पित करें।

पूजा के दौरान मां महागौरी के मंत्रों का जाप करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार नारियल या मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद माता की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करें।

महाष्टमी पर कई परिवारों में कन्या पूजन, भोजन और हवन करने की भी परंपरा है। इन अनुष्ठानों की तिथि और विधि स्थानीय पंचांग तथा पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार तय की जाती है।

नवरात्रि व्रत में संयम और अनुशासन का महत्व

नवरात्रि का पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और आस्था का भी संदेश देता है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु खानपान, दिनचर्या और व्यवहार में संयम बरतने का प्रयास करते हैं।

कई परिवारों में नवरात्रि के दौरान बाल और नाखून काटने जैसे कुछ कार्यों से दूर रहने की परंपरा है। इन नियमों का पालन पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार किया जाता है।

व्रत को मन को अनुशासित करने, संकल्प को मजबूत बनाने और आध्यात्मिक साधना का अवसर भी माना जाता है। नियमित पूजा, मंत्र-जाप और इष्टदेव की आराधना से श्रद्धालु अपनी आस्था को मजबूत करने का प्रयास करते हैं।

इस प्रकार महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा, प्रिय फूल अर्पित करना, भोग लगाना और मंत्र-जाप करना नवरात्रि की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

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