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चेतन साहू हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद, प्रेम संबंधों के विवाद में हुई थी युवक की हत्या

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत अर्थदंड भी लगाया है। आदेश के मुताबिक, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।


दिसंबर 2024 में हुई थी हत्या

मामला 29 दिसंबर 2024 की रात का है। पुलिस की जांच के अनुसार, चेतन साहू और रोशनी लकड़ा के बीच पहले से जान-पहचान थी। बाद में रोशनी की नजदीकियां किसी अन्य युवक से बढ़ गई थीं। दिसंबर 2024 में रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी। इसी दौरान चेतन उससे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, लगातार फोन आने से परेशान होकर रोशनी ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी को दी। इसके बाद चेतन को कसारीडीह सिविल लाइन स्थित क्वार्टर के पास मिलने के लिए बुलाया गया।

अस्पताल के पास विवाद के बाद किया गया हमला

जांच के अनुसार, 29 दिसंबर की रात करीब 8:30 बजे आयुष्मान अस्पताल के पास विवाद हुआ। इसी दौरान चेतन पर लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों से हमला किया गया। गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा तथा कुलेश्वर साहू को गिरफ्तार किया। मामले में तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था।

अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा

मामले की सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। सजा वारंट के अनुसार, BNS की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास के साथ 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

इसके अलावा, धारा 191(2) के तहत दो वर्ष और धारा 191(3) तथा 118(1) के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

छत्तीसगढ़ की शक्तिपीठ परियोजना : पांच प्रमुख शक्तिपीठों का होगा विकास

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 धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर)

रायपुर : पर्यटन एक ऐसी यात्रा या भ्रमण है, जो मनोरंजन या फुर्सत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्य से किया जाता है। अतिथि देवो भवः भारतीय परंपरा प्राचीन काल से रही है। छत्तीसगढ़ में लगभग 138 स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के आधार पर पर्यटन स्थल के रूप में प्राथमिकता दी गई है, जिसमें 58 स्मारकों को 11 अभ्यारण 03 राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित घोषित किया गया है। पर्यटन मानव की प्राचीन एवं मौलिक प्रवृत्ति है। पर्यटन धरातलीय तथा मानवीय विभिन्नताओं विविधताओं का अवलोकन कर ज्ञान की बढ़ोतरी एवं मनोरंजन करता है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक प्रमुख गंतव्य है। यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर ने इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है।


छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तराखंड के चार धाम की तर्ज पर राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए शक्तिपीठ परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत लगभग 1,000 किलोमीटर लंबे आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों एवं महत्वपूर्ण पूजा स्थलों का विकास, सौंदर्याकरण तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच मार्ग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, विश्राम स्थल एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसमें पांचों शक्तिपीठों का भ्रमण एवं दर्शन कराया जाएगा, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों कुदरगढ़, डोगरगढ़, रतनपुर, चन्द्रपुर एवं दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान किया है। इस परियोजना के तहत रतनपुर स्थित मां महामाया, चंद्रपुर की मां चंद्रहासनी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और सूरजपुर के कुदरगढ़ मंदिर को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाना था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार गठन के बाद बजट में इसके लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद थी। इन पाँचों शक्तिपीठों को बेहतर सड़कों, यात्री सुविधाओं, विश्राम स्थलों और सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और जिला प्रशासन द्वारा इन मंदिरों में सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का काम तेजी से किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASHAD)योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित माँ महामाया मंदिर, रतनपुर के समग्र विकास के लिए 200 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रेषित की गई है। उक्त कार्य योजना को स्वीकृति मिलते ही एंजेसी तय कर कार्य प्रारंभ की जाएगी। यह मंदिर 11वीं-12वीं शताब्दी के दौरान कलचुरी राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा बनवाया गया था और यह माँ महालक्ष्मी एवं माँ महासरस्वती को समर्पित है। यह दक्षिण कोशल क्षेत्र की आराध्य देवी और रतनपुर राज्य की कुलदेवी के रूप में पूजी जाती हैं। इसके अलावा डोंगरगढ़, कुदरगढ़, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा की शक्तिपीठों के लिए सीपीआर तैयार करने प्रक्रियाधीन है।

प्रसाद योजना के तहत केंद्र सरकार ने प्रथम चरण में देश के 26 धार्मिक तीर्थ स्थलों का चयन किया है। इन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां पहुंच सकें। पर्यटन को बढ़ावा मिले। इन स्थलों की प्रसिद्धी का विस्तार हो। हमारे प्रमुख देवी तीर्थ स्थल महामाया मंदिर और दंतेश्वरी मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है।

यह सुविधाएं की जानी है विकसित

पांचों शक्तिपीठों में गार्डन, ठहने की व्यवस्था, लाइटिंग, हवन-पूजन स्थल, रेलिंग, पानी, सामुदायिक शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोप-वे, पर्यटन मंडल का केंद्र, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा व्यवस्था और होम स्टे आदि की सुविधाएं विकसित की जानी है। इन स्थलों में बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुव्यवस्थित पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। इन पर्यटन स्थलों की विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए उनके विकास में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

1.    मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित डोंगरगढ़ की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में विराजी माँ बम्लेश्वरी देवी इस क्षेत्र की ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का मुख्य केंद्र हैं। समुद्र तल से लगभग 1600 फीट की ऊँचाई पर पहाड़ी पर स्थित यह पवित्र मंदिर माँ शक्ति के पावन रूपों में विशेष स्थान रखता है। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास लगभग 2200 वर्ष पुराना है। यह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 2200 वर्ष पहले यहाँ कामाख्या नगरी (वर्तमान डोंगरगढ़) थी, जहाँ राजा वीरसेन का शासन था। निःसंतान होने पर उन्होंने शिव और दुर्गा की आराधना की। देवी की कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसके बाद उन्होंने इस मंदिर की स्थापना करवाई। 11वीं शताब्दी में कलचुरी राजा कर्णदेव ने इस मंदिर को पुनर्विकसित किया। बाद में 15वीं-16वीं शताब्दी में गोंड राजाओं ने इस क्षेत्र और मंदिर का विस्तार किया। मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेशों में भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास 2500 वर्ष से भी प्राचीन बताया जाता है। केंद्र सरकार ने यहां प्रसाद योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजना की घोषणा की है।


2.    मां महामाया मंदिर रतनपुर

रतनपुर महामाया मंदिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सिद्ध शक्तिपीठ है। बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर महामाया देवी का यह मंदिर 1050 ईसवी में बना बताया जाता है। राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित मंदिर क्षेत्र को कलचुरियों की राजधानी माना जाता है। यह कलचुरी राजाओं की कुलदेवी का ऐतिहासिक मंदिर है, जहाँ माता का कंधा गिरने की मान्यता है।


इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी (लगभग 12-13वीं शताब्दी) में कलचुरी वंश के राजा रतनदेव प्रथम द्वारा कराया गया था। बाद में 1492 ईस्वी (विक्रम संवत 1552) में राजा बहार साईं ने वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार व निर्माण कराया। गर्भगृह में माँ महामाया की दुर्लभ दोहरी (ड्यूअल) प्रतिमा है - आगे महिषासुरमर्दिनी और पीछे देवी सरस्वती की आकृति विराजमान है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ माता सती का दाहिना हाथ गिरा था।

3.    मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में स्थित माँ दंतेश्वरी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था के अद्भुत मिलन का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह मंदिर दंतेवाड़ा में शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम तट पर स्थित है, जो सदियों से आदिवासियों और आम लोगों की अगाध श्रद्धा का केंद्र रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ माता सती के दाँत गिरे थे, जिसके कारण इस पावन स्थल का नाम दंतेवाड़ा और माता का नाम दंतेश्वरी पड़ा। 14वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर की अधिष्ठात्री देवी को बस्तर के काकतीय राजा अपनी कुलदेवी मानते थे। मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर से निर्मित छह भुजाओं वाली महिषासुरमर्दिनी की भव्य मूर्ति स्थापित है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान इस मंदिर का महत्व सबसे चरम पर होता है। उत्सव के दौरान माता के छत्र और डोली को दंतेवाड़ा से जगदलपुर ले जाया जाता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से हजारों आदिवासी और आम श्रद्धालु पैदल पहुँचते हैं। यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और आपसी भाईचारे को दर्शाता है।


4.    मां बागेश्वरी कुदरगढ़ धाम

सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड स्थित बागेश्वरी माता को राक्षसों के संहार के लिए जाना जाता है। यह शक्ति एवं साहस का प्रतीक माना जाता है।  1500 फीट ऊंचे पहाड़ों पर स्थित यह मंदिर चारों ओर घने जंगलों से घिरा है।  मान्यता के अनुसार कुदरगढ़ क्षेत्र मां भगवती पार्वती की तपोस्थली रही हैं। जहां माता भगवती ने शक्ति का रूप धारण कर राक्षसों का संहार किया था। बाद में इसी जगह पर लगभग चार सौ साल पहले राजा बालंद ने माता बागेश्वरी को स्थापित किया, वे माता के भक्त थे। बाद में चौहान वंश के राजा ने बालंद को युद्ध में पराजित कर दिया था, जिसके बाद उसी वंश ने माता के मंदिर की देख रेख की। तब से हर साल नवरात्र में सुबह की पहली आरती चौहान वंश के वंशज ही यहां करते हैं। 18वीं सदी में चौहान राजाओं ने छत्तीसगढ़ के मूल आदिवासी बैगा जनजाति को माता के देख-रेख और पूजा की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब से आज तक बैगा समुदाय के लोग ही माता कि पूजा करते है।


5.    मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर

    छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले (पूर्व में जांजगीर-चांपा) के चंद्रपुर में महानदी के तट पर स्थित मां चंद्रहासिनी देवी का मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ है। यह मंदिर महानदी और मांड नदी के संगम के पास चंद्रपुर में स्थित है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, संबलपुर के राजा चंद्रहास ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम 'चंद्रपुर' और देवी का नाम 'चंद्रहासिनी' पड़ा।  वर्ष 1522 में चांद्रपुर के गोंड राजा धुंध्या राम साह अत्राम ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। गोंड राजाओं ने मां को अपनी कुलदेवी माना और शक्ति पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाया।


          सक्ती जिला स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है। यह चंद्रपुर की पहाड़ी पर स्थित हैं। मंदिर की सुंदर कलाकृति प्राचीनता का अनुभव कराती है। लोगों की माता को लेकर बड़ी आस्था है। इसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और ऐसी मान्यता है कि यहां माता सती का बायां कान गिरा था। वर्ष 1935 में महानदी में भीषण बाढ़ आई थी। तब राजा चंद्रहास के वंशज ठाकुर शशिभूषण ने माता को बकरा बलि अर्पित कर प्रार्थना की, जिसके बाद नदी का जलस्तर कम हो गया और लोगों की जान बची। आज भी नदी के पास पत्थर पर माता के पद-चिह्न मौजूद हैं, जिनकी पूजा की जाती है।

राज्य के आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पारिस्थितिकी दृष्टि से संवहनीय पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन, अनुभव की गुणवत्ता एवं आकर्षण को सुदृढ़ करना, छत्तीसगढ़ की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना, आर्थिक विकास एवं संबन्धित क्षेत्रों में पर्यटन के योगदान में वृद्धि करना। पर्यटन से संबन्धित अधोसंरचना के विकास में निजी निवेशकों के प्रयत्नों को प्रोत्साहित करना। शासन की भूमिका को सुविधापरक बनाना, पर्यटन के क्षेत्र में नई अवधारणाएं जैसे- टाइम शेयर, पारिस्थितिकी पर्यटन, साहसिक पर्यटन, इत्यादि को बढ़ावा देना। स्थानीय समुदाय की बौद्धिक सम्पदा एवं अधिकारों का सम्मान करना। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना, जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संम्भावना होगी।

Jio Platforms IPO 2026: ₹30,000 करोड़ से ज्यादा का मेगा IPO, ₹1,065–₹1,119 तय हुआ प्राइस बैंड

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भारत के टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Jio Platforms अपना बहुप्रतीक्षित IPO लेकर आ रही है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू के जरिए ऊपरी कीमत पर लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाए जा सकते हैं। इसके साथ ही यह भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बना सकता है।

यह IPO Reliance Industries के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी का मूल्यांकन, उसकी कमाई और भविष्य में डिजिटल सेवाओं की वृद्धि बाजार की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

Jio Platforms IPO की महत्वपूर्ण जानकारी

प्राइस बैंड- ₹1,065–₹1,119

कुल इश्यू का संभावित आकार- ₹30,213 करोड़ तक

नए शेयर- 27 करोड़ तक

IPO खुलने की तारीख- 21 अक्टूबर 2026

IPO बंद होने की तारीख- 23 अक्टूबर 2026

संभावित लिस्टिंग- 28 अक्टूबर 2026

निवेशक कितने रुपये से आवेदन कर सकेंगे?

कंपनी ने एक लॉट में न्यूनतम 12 शेयरों के लिए आवेदन निर्धारित किया है। इसके बाद 12 शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।

12 शेयरों के एक लॉट की कीमत

न्यूनतम प्राइस पर- ₹12,780

अधिकतम प्राइस पर- ₹13,428

यह एक लॉट की गणना है। अंतिम भुगतान आवंटन और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहाँ होगा?

Jio Platforms के IPO में मौजूदा शेयरधारकों के शेयर बेचने के बजाय नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी की योजना से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा अपनी टेलीकॉम सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के कर्ज का भुगतान करने में इस्तेमाल करने की है।

  • लगभग ₹27,500 करोड़ तक कर्ज चुकाने के लिए निर्धारित।

  • शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

  • इस इश्यू में पात्र Reliance Industries शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए अलग आरक्षण की व्यवस्था भी बताई गई है।

 Jio Platforms का कारोबार कितना बड़ा है?

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Jio Platforms केवल मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं है। इसके कारोबार में टेलीकॉम सेवाएँ, 4G/5G नेटवर्क, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, क्लाउड और एंटरप्राइज डिजिटल सेवाएँ शामिल हैं।
  • ग्राहक आधार: जून 2026 के अंत में कंपनी के लगभग 53.33 करोड़ ग्राहक बताए गए।

  • डिजिटल कारोबार: मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं पर जोर।

  • प्रमुख निवेशक: Meta और Google जैसी वैश्विक कंपनियों की भी Jio Platforms में हिस्सेदारी है।

  • IPO का उद्देश्य: कंपनी को सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध करना और टेलीकॉम कारोबार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना।

क्या यह भारत का सबसे बड़ा IPO होगा?

रिपोर्टों के अनुसार, ₹30,213 करोड़ के संभावित इश्यू आकार पर Jio Platforms का IPO अक्टूबर 2024 में Hyundai Motor India के लगभग ₹27,800 करोड़ के IPO से बड़ा हो सकता है। हालांकि, वास्तविक रिकॉर्ड अंतिम इश्यू आकार पर निर्भर करेगा।

कंपनी की रिपोर्ट की गई शर्तों के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट और पात्र Reliance Industries शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित रखने की व्यवस्था है।

निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

IPO का बड़ा आकार अपने-आप में निवेश पर लाभ की गारंटी नहीं है। आवेदन करने से पहले इन बिंदुओं पर विचार करें:

  • वैल्यूएशन: कंपनी की कमाई के मुकाबले शेयर की कीमत कितनी है?

  • कर्ज: IPO से मिलने वाली राशि के इस्तेमाल के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति में क्या बदलाव होगा?

  • प्रतिस्पर्धा: टेलीकॉम बाजार में Airtel और अन्य कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • लिस्टिंग जोखिम: शेयर लिस्टिंग के दिन इश्यू प्राइस से नीचे भी कारोबार कर सकता है।

  • लंबी अवधि की वृद्धि: 5G, ब्रॉडबैंड, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं से भविष्य में कितनी कमाई हो सकती है?

निष्कर्ष: Jio Platforms का IPO भारतीय शेयर बाजार की एक महत्वपूर्ण पेशकश हो सकता है। ₹1,065–₹1,119 का प्राइस बैंड और लगभग ₹30,213 करोड़ का संभावित इश्यू आकार इसे चर्चा में ला रहा है। लेकिन निवेश का निर्णय केवल कंपनी की लोकप्रियता या IPO के आकार के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वित्तीय आँकड़ों, वैल्यूएशन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर लेना चाहिए।


25 करोड़ की रंगदारी का मामला: शोएब ढेबर के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

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विदेशी व्हाट्सएप नंबर से कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को धमकी देने का आरोप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई थी रकम


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने आरोपी के देश छोड़कर फरार होने की आशंका के मद्देनजर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। इससे पहले पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर चुकी है। आरोपी शोएब ढेबर कारोबारी अनवर ढेबर का बेटा है।

मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को विदेशी व्हाट्सएप नंबर से कथित तौर पर धमकी मिलने और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ रुपये की मांग किए जाने से जुड़ा है। पुलिस इस मामले में आरोपी की तलाश कर रही है।

विदेशी नंबर से मांगी गई थी 25 करोड़ की रकम

जानकारी के मुताबिक, सितंबर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर से संदेश मिला था। आरोप है कि संदेश भेजने वाले ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। रकम नहीं देने पर कुकरेजा और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की। इसी जांच के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसे पहले गिरफ्तार भी किया था।

जमानत के बाद दोबारा गिरफ्तारी की कोशिश

जानकारी के अनुसार, शोएब ढेबर को पहले गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल गई थी। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस ने उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू की। हालांकि, वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद के लिए 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।

विदेश भागने की आशंका के चलते जारी किया LOC

लगातार तलाश के बावजूद आरोपी का पता नहीं चलने और उसके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अब लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। इसके जरिए संबंधित अधिकारियों को आरोपी की संभावित विदेश यात्रा के संबंध में सतर्क किया जा सकेगा। इससे उसके देश छोड़ने की कोशिश करने पर उसे पकड़ने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल रायपुर पुलिस शोएब ढेबर की तलाश में जुटी है। 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और जान से मारने की धमकी से जुड़े इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Rajasthan Drone Drop Case: पुलिस को ड्रग्स की जगह मिला विस्फोटक और हथियारों का बड़ा जखीरा

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राजस्थान के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक गंभीर सुरक्षा मामला सामने आया है। श्रीगंगानगर जिले के रावला इलाके में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कथित ड्रोन से गिराए गए तीन पैकेट बरामद किए। शुरुआत में अधिकारियों को शक था कि पैकेटों में नशीले पदार्थ हैं, लेकिन तलाशी में संदिग्ध विस्फोटक, हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस मिले।

पूरा मामला क्या है?

NDTV और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 12 और 13 अक्टूबर की दरमियानी रात श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में सीमा पार से आए बताए जा रहे ड्रोन ने खेत में पैकेट गिराए। यह जगह भारत-पाकिस्तान सीमा से लगभग पांच किलोमीटर दूर बताई गई है।

राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त कार्रवाई की। दो युवक, जिनके पंजाब के निवासी होने की जानकारी दी गई, कथित तौर पर पैकेट उठाने पहुंचे थे। उन्हें हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू हुई।

बरामदगी में क्या-क्या मिला?

  • लगभग 7–7.75 किलोग्राम संदिग्ध RDX
  • 2 विदेशी निर्मित पिस्तौल, रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्तौल।
  • सैकड़ों कारतूस और मैगजीन, NDTV ने 867 कारतूस, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों ने लगभग 650 कारतूस बताए।
  • IED से जुड़े उपकरण, रिमोट कंट्रोल, डेटोनेशन उपकरण और अन्य संदिग्ध विस्फोटक सामग्री।

सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की?

  • ANTF और BSF ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।

  • पैकेट लेने पहुंचे दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

  • बम निरोधक दस्ते को बुलाकर विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

  • बरामदगी के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई।

  • जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राजस्थान पुलिस की संबंधित इकाइयाँ भी शामिल हुईं।

क्या किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश थी?

जांच एजेंसियों को संदेह है कि हथियारों और विस्फोटकों की यह खेप किसी बड़े हमले या संगठित आपराधिक गतिविधि के लिए भेजी गई हो सकती है। NDTV की रिपोर्ट में त्योहारों के दौरान या पंजाब में आगामी चुनावों से पहले संभावित हमले की आशंका का उल्लेख किया गया है।

हालाँकि, अभी तक संभावित निशाने, अंतिम प्राप्तकर्ता और पूरी साजिश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे किसी निश्चित आतंकी हमले की साजिश साबित हो चुकी है, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।

ताजा अपडेट: विस्फोटक नष्ट किए गए

15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर से आई बम निरोधक टीम ने श्रीगंगानगर में बरामद संदिग्ध RDX और डेटोनेटर को नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया। अब जांच का प्रमुख उद्देश्य खेप के स्रोत, इसे भेजने वालों और इसके अंतिम गंतव्य का पता लगाना है।

सुप्रीम कोर्ट का आरक्षण पर बड़ा फैसला: धर्म परिवर्तन के बाद SC/OBC आरक्षण का क्या होगा?

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इस खबर को विस्तार से समझने से पहले एक जरूरी बात: अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण और पिछड़ा वर्ग (OBC/BC) आरक्षण दो अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएँ हैं। इस मामले में यह अंतर बहुत महत्वपूर्ण है।

मामला क्या है?

'Even Ajmal Kasab was given fair trial': Supreme Court to CBI in Yasin Malik's case - India News | The Financial Express
15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस  चंद्रशेखर की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की अपील खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। मामला धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम (BC Muslim) आरक्षण देने से संबंधित था।

फैसले का मुख्य बिंदु: केवल हिंदू धर्म से इस्लाम अपनाने के कारण कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग मुस्लिम समुदायों में शामिल नहीं हो जाता। पुराने जाति या समुदाय के दर्जे के आधार पर नई श्रेणी में आरक्षण का दावा अपने-आप स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

इस मामले की पृष्ठभूमि में तीन प्रमुख घटनाएँ हैं।

  1. 2015–2016: समीर अहमद का धर्म परिवर्तन

    मामले के मूल याचिकाकर्ता समीर अहमद पहले हिंदू थे। उन्होंने 2015 में इस्लाम अपनाया और 2016 में नाम परिवर्तन से संबंधित गजट प्रकाशन कराया। इसके बाद उन्होंने मुस्लिम लेब्बाई समुदाय का प्रमाणपत्र मांगा।

  2. 9 मार्च 2024: तमिलनाडु सरकार का आदेश

    राज्य सरकार ने सरकारी आदेश G.O. (Ms.) No. 31 जारी किया। इसके तहत पिछड़ा वर्ग (BC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), विमुक्त समुदायों और अनुसूचित जाति (SC) से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को अधिसूचित पिछड़ा वर्ग मुस्लिम समुदायों में प्रमाणपत्र देने का प्रावधान किया गया था।

  3. 25 जून 2026: मद्रास हाईकोर्ट का फैसला

    हाईकोर्ट ने सरकारी आदेश को असंवैधानिक घोषित कर दिया। अदालत के अनुसार, केवल धर्म परिवर्तन के आधार पर पहले की जाति या सामाजिक पहचान को नई मुस्लिम पिछड़ा वर्ग श्रेणी में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।

  4. 15 अक्टूबर 2026: सुप्रीम कोर्ट का फैसला

    तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की चुनौती खारिज कर दी और हाईकोर्ट का निर्णय बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने किन कानूनी बातों पर जोर दिया?

अदालत के निर्णय में मुख्य रूप से ये बातें सामने आईं:

  • पुरानी जाति का दर्जा अपने-आप नई श्रेणी में नहीं जाता: हिंदू सामाजिक व्यवस्था में मिली पिछड़ेपन की पहचान को केवल धर्म परिवर्तन से मुस्लिम पिछड़ा वर्ग का दर्जा नहीं माना जा सकता।

  • सिर्फ धर्म परिवर्तन से समुदाय का प्रमाणपत्र नहीं मिलता: संबंधित मुस्लिम समुदाय में सदस्यता और आरक्षण की पात्रता के लिए लागू कानूनी शर्तें महत्वपूर्ण हैं।

  • धार्मिक संस्था का प्रमाणपत्र अंतिम फैसला नहीं है: किसी जमात या निजी धार्मिक संस्था का प्रमाणपत्र अपने-आप सरकारी आरक्षण पात्रता तय नहीं कर देता।

  • SC दर्जे के लिए अलग संवैधानिक नियम हैं: संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार इस्लाम अपनाने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति का दर्जा बनाए रखने का दावा नहीं कर सकता।

इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

  • स्थिति                                                        

  • फैसले का संभावित कानूनी असर

  • हिंदू BC/MBC समुदाय का व्यक्ति इस्लाम अपनाता है

  •     पुराने समुदाय के आधार पर तमिलनाडु के BC Muslim आरक्षण का लाभ अपने-आप नहीं मिलेगा।

  • SC समुदाय का व्यक्ति इस्लाम अपनाता है

  • मौजूदा संवैधानिक प्रावधानों के तहत SC दर्जे पर असर पड़ेगा।

  • कोई व्यक्ति पहले से अधिसूचित मुस्लिम पिछड़ा वर्ग समुदाय से संबंधित है

  • उसकी पात्रता संबंधित सूची और लागू नियमों के अनुसार अलग से तय होगी।

  • कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के बाद दोबारा हिंदू धर्म अपनाता है

  • पुराना आरक्षण दर्जा अपने-आप बहाल नहीं होता; तथ्यों और कानूनी शर्तों के आधार पर आकलन आवश्यक है।

ये निष्कर्ष अदालत की रिपोर्ट की गई टिप्पणियों पर आधारित हैं।

क्या यह फैसला पूरे भारत में लागू होगा?

यहाँ एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

  • BC Muslim वाला विवाद: यह मामला तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के विशेष आदेश और राज्य की पिछड़ा वर्ग सूची से जुड़ा है। इसे यह कहकर नहीं समझना चाहिए कि भारत के सभी OBC आरक्षण नियम एक जैसे हो गए हैं।

  • SC आरक्षण: धर्म के आधार पर अनुसूचित जाति की पात्रता संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 से नियंत्रित होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उससे जुड़े प्रतिबंध को भी दोहराया।

  • अन्य राज्यों के OBC नियम: उनकी पात्रता संबंधित केंद्रीय या राज्य सूची और लागू कानूनों के अनुसार जांचनी होगी।

इस मामले में सरकार की दलील क्या थी?

तमिलनाडु सरकार का तर्क था कि जो लोग धर्म परिवर्तन से पहले ही पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ ले रहे थे, उन्हें इस्लाम अपनाने के बाद उससे वंचित नहीं होना चाहिए। सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के आधार पर अपना आदेश जारी किया था।

लेकिन हाईकोर्ट ने उस आदेश को असंवैधानिक माना और सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को सरकार की चुनौती खारिज कर दी।

निष्कर्ष

इस फैसले का मुख्य संदेश यह है कि केवल धर्म परिवर्तन करने से पुरानी जाति या समुदाय के आधार पर तमिलनाडु में BC Muslim आरक्षण का अधिकार अपने-आप नहीं मिलता। SC दर्जे और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के नियम अलग-अलग कानूनी प्रावधानों से तय होते हैं।

आज का न्यूज़ बुलेटिन — 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार

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नमस्कार! आज की बड़ी खबरें, बड़े खुलासे और देश-दुनिया के सबसे अहम अपडेट—चलिए शुरू करते हैं आज का न्यूज़ बुलेटिन!

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

Minister Laxmi Rajwade Said Chhattisgarh Set A New Chapter In Womens Empowerment - Raipur News - साय सरकार के दो साल पूरे:मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोलीं-छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के WhatsApp अकाउंट से ठगी की कोशिश

साइबर सुरक्षा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का WhatsApp अकाउंट हैक होने के बाद उनके संपर्कों से ₹32,000 मांगने वाले संदेश भेजे गए। संदेशों में UPI बंद होने का दावा और भुगतान के लिए QR कोड शामिल था।

आम जनता पर असर: किसी परिचित या जनप्रतिनिधि के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश आने पर सीधे फोन करके पुष्टि करें। QR कोड स्कैन करने या अनजान भुगतान अनुरोध पर भरोसा न करें।

Nava Raipur: Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai chairs a cabinet meeeting #Gallery - Social News XYZ

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की अगली बैठक 27 अक्टूबर को

 रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक प्रस्तावित है।

सहकारी शक्कर कारखानों से उठ रहा किसानों को भरोसा! यहां बेचना पड़ रहा है गन्ना, क्या है वजह? | Chhattisgarh Sugar Industry in Crisis Not much sugarcane is reaching the sugar factory of Kawardha

गन्ने के मूल्य को लेकर किसानों में उत्साह

स्थानीय रिपोर्ट में गन्ने का मूल्य ₹425 प्रति क्विंटल किए जाने का उल्लेख है। यह किसानों की आय और चीनी मिलों की लागत के लिए महत्वपूर्ण विषय है।

Mobile tower installed in Naxalgarh, people will be connected to internet | नक्सलगढ़ में लगा मोबाइल टावर, इंटरनेट से जुड़ेंगे लोग: फोर्स की सुरक्षा में डेढ़ साल में 31 टावर लगाए, ग्रामीण बोले-एक दूसरे से संपर्क होगा - Jagdalpur News | Dainik Bhaskar

सुकमा में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने की पहल

रायपुर क्षेत्र की खबरों में सुकमा कनेक्ट 2.0 के लिए ₹1.17 करोड़ की मंजूरी का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल सेवा वैन के जरिए गांवों तक सेवाएं पहुंचाने की योजना है।

महत्व: दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क तथा डिजिटल सेवाओं की पहुंच शिक्षा, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन संचार में मदद कर सकती है।

राष्ट्रीय समाचार 

IDBI stake sale: Kotak Mahindra, Fairfax to submit financial bids - The Economic Times

 IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी

केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर को IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी कनाडा की Fairfax Financial Holdings की मूल इकाई से जुड़ी कंपनी को बेचने की मंजूरी दी। सौदे का घोषित मूल्य ₹52,878.08 करोड़ है।
  • केंद्र सरकार की हिस्सेदारी: 30.48%

  • LIC की हिस्सेदारी: 30.24%

  • सौदे के बाद सरकार की हिस्सेदारी: 15%

  • सौदे के बाद LIC की हिस्सेदारी: 19%

RRB NTPC के जरिए रेलवे के किन पदों पर मिलती है नौकरी? सब जानिए

रेलवे के 11.4 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस

केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पात्र रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के उत्पादकता-आधारित बोनस को मंजूरी दी गई है। रिपोर्ट में इसका कुल खर्च लगभग ₹2,009 करोड़ बताया गया है।

आम जनता के लिए महत्व: यह कर्मचारियों को त्योहारों के समय आर्थिक सहायता देता है और पात्रता नियमों के अनुसार भुगतान किया जाता है। हर रेलवे कर्मचारी को समान राशि मिलना जरूरी नहीं है।

Courts in Meerut, District Court in Meerut, Civil Court in Meerut

मेरठ के ब्लू ड्रम हत्याकांड में दो दोषियों को मृत्युदंड

मेरठ की अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को 14 अक्टूबर को मृत्युदंड सुनाया। मामले में अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा।

कानूनी महत्व: यह निचली अदालत का सजा संबंधी फैसला है। मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।

SC decides to keep lawyers out of panel to designate senior advocates| India News

मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

15 अक्टूबर के समाचार एजेंडे में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से जुड़ी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी याचिकाओं की सुनवाई शामिल है।

क्यों महत्वपूर्ण है: मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया चुनावी अधिकारों से सीधे जुड़ी है। सुनवाई तय होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने याचिका पर अंतिम फैसला दे दिया है।

Air India strengthens international route network in northern summer schedule | Air India Newsroom & Press Releases

फ्रैंकफर्ट-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान जयपुर डायवर्ट

15 अक्टूबर के समाचार आर्काइव में फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान को कथित फर्जी हाइजैक अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट किए जाने की खबर प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में अलर्ट को तकनीकी गड़बड़ी से जोड़ा गया है।

अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार

सेंसेक्स · 14 अक्टूबर का बंद स्तर, 72,781.89 −0.34%

निफ्टी 50 · 14 अक्टूबर का बंद स्तर, 22,622.70 −0.44%

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहें

  • अमेरिका में महंगाई का दबाव: अपेक्षा से अधिक महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी।

  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली: भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों का शुद्ध निकास लगातार 14 सत्रों तक रहा; साल-दर-तारीख निकासी का आंकड़ा लगभग 32.7 अरब डॉलर बताया गया।

  • कच्चा तेल महंगा: रिपोर्ट के समय ब्रेंट क्रूड लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। महंगा तेल भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकता है।

  • कंपनियों के तिमाही नतीजे: Wipro, Tech Mahindra, Nestlé India और HDFC Life के नतीजों पर निवेशकों की नजर है।

आम आदमी पर संभावित असर: लंबे समय तक तेल महंगा रहने से पेट्रोलियम उत्पादों, परिवहन और कुछ वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। 

अंतरराष्ट्रीय समाचार 

Annual Report 2025  | Aramco

सऊदी अरब में तेल प्रतिष्ठान पर हमले से बढ़ा तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, यमन के हूती विद्रोहियों के हमले में सऊदी अरब के धहरान स्थित Aramco मुख्यालय में आग लगने की खबर आई। हूतियों ने आगे भी सऊदी हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।

भारत पर असर: खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति, समुद्री परिवहन और बीमा लागत प्रभावित हो सकती है।

Iran, Oman to collect shipping fees in Strait of Hormuz: Report | World News

होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर

मध्य पूर्व में संघर्ष और समुद्री जहाजों पर हमलों की खबरों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल परिवहन को लेकर चिंता बनी हुई है। Reuters के अनुसार, 15 अक्टूबर की शुरुआती ट्रेडिंग में ब्रेंट क्रूड लगभग $104.67 प्रति बैरल तक आया।

क्यों महत्वपूर्ण है: इस समुद्री मार्ग में व्यवधान का असर तेल आयात करने वाले देशों, विशेषकर भारत, की ऊर्जा लागत पर पड़ सकता है।

US, allies pressure Iran to return to nuclear deal talks

ईरान-अमेरिका तनाव और क्षेत्रीय कूटनीति

ईरान, अमेरिका और मध्य पूर्व के अन्य देशों के बीच तनाव अंतरराष्ट्रीय समाचारों में प्रमुख बना हुआ है। तेल आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और संघर्ष-विराम की कोशिशें इस घटनाक्रम के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

खेल समाचार

Sanju Samson Achieves MAJOR T20 Milestones During IND vs SA 5th T20I, Joins Virat Kohli and Rohit Sharma in Elite Record List | Latest cricket News at www.lokmattimes.com

क्रिकेट: संजू सैमसन ने बनाया नया रिकॉर्ड

14 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे T20I में संजू सैमसन ने 23 गेंदों पर 56 रन बनाए और अपने T20 अंतरराष्ट्रीय करियर के 100 छक्के पूरे किए। रिपोर्ट के अनुसार, वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बने।

Indian Cricket Best Moments | Indian Cricket Greatest Moments

एशियाई खेलों के पदक विजेताओं से प्रधानमंत्री की मुलाकात

15 अक्टूबर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय एशियाई खेल पदक विजेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम रिपोर्ट किया गया है। पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने भी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीते थे।

PV Sindhu, Lakshya Sen to lead Indian challenge at Denmark Open badminton tournament

बैडमिंटन: डेनमार्क ओपन में भारतीय खिलाड़ियों पर नजर

पी. वी. सिंधु, लक्ष्य सेन और अन्य भारतीय खिलाड़ियों की डेनमार्क ओपन में चुनौती महत्वपूर्ण है। टूर्नामेंट की शुरुआती रिपोर्टों में सिंधु का सामना जर्मनी की यवोन ली और लक्ष्य सेन का मुकाबला चीनी ताइपे के चोउ तिएन-चेन से बताया गया था।

रायपुर और छत्तीसगढ़ का मौसम

CG Weather Update: Rain Alert from Bastar to Surguja; Wet Spell Likely to Continue for Four More Days - Dainik Jagran English

रायपुर · 15 अक्टूबर- 28°C

सुबह के मौसम अवलोकन में शांत हवा

IMD के रायपुर केंद्र पर उपलब्ध रिपोर्ट

कृषि-मौसम सलाह में क्या संकेत है?

भारत मौसम विज्ञान विभाग के कृषि-मौसम मंच पर 15 अक्टूबर के लिए सामान्यतः बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना वाला पूर्वानुमान दर्ज है। 

किसानों के लिए: कटाई, अनाज सुखाने और भंडारण से पहले स्थानीय जिले की मौसम चेतावनी देखें। खेत में काम करने के दौरान बिजली कड़कने पर खुले स्थान से सुरक्षित जगह पर जाएं।

शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और कानून

इन क्षेत्रों में आज की सुबह उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर महत्वपूर्ण अपडेट इस प्रकार हैं:

  • शिक्षा: IIM अहमदाबाद के ब्लेंडेड MBA इन बिजनेस एनालिटिक्स एवं AI कार्यक्रम और GATE 2027 के आवेदन-सुधार संबंधी अपडेट शिक्षा समाचारों में शामिल हैं। आवेदन की समय-सीमा के लिए संबंधित संस्थान का आधिकारिक नोटिस देखें।

  • कानून और न्यायपालिका: मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और मेरठ हत्याकांड का फैसला प्रमुख कानूनी घटनाक्रम हैं। सुनवाई, आदेश और अंतिम निर्णय को अलग-अलग समझना जरूरी है।


पति की हत्या कर नीले ड्रम में छिपाया शव, मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा

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 मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला अदालत में न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह फैसला सुनाया। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए दोनों दोषी

सजा सुनाए जाने के दिन मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों से सजा को लेकर उनका अंतिम पक्ष जानना चाहा।

बताया गया कि मुस्कान ने अपनी छोटी बेटी का हवाला देते हुए उसकी देखभाल की गुहार लगाई। इसके बाद वह चुप हो गई। वहीं, साहिल ने भी अदालत के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया। अंततः अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह वारदात 3 मार्च 2025 को हुई थी। आरोप था कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान और अपराध छिपाने के लिए शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले रंग के ड्रम में भरकर छिपा दिया गया।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस घटना की भयावहता के कारण मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। जुलाई 2025 में जिला अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 30 सितंबर को अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार दिया था।

अभियोजन ने मांगी थी फांसी, बचाव पक्ष ने दी थी रहम की दलील

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील के.के. चौबे ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।

वहीं, बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन ने मुस्कान की दो बेटियों और उसके वृद्ध माता-पिता का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की अपील की थी। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दोनों को मृत्युदंड सुनाया।

इस फैसले के साथ ही चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में निचली अदालत की सजा का चरण पूरा हुआ। मृत्युदंड के मामलों में लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा की पुष्टि और अपील से संबंधित प्रावधान भी महत्वपूर्ण होंगे।

रायपुर सेंट्रल जेल में गूंज रहे मां दुर्गा के जयकारे, 760 बंदियों ने रखा नौ दिनों का उपवास

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल में शारदीय नवरात्र के दौरान भक्ति और आस्था का माहौल है। जेल की चारदीवारी के भीतर इन दिनों मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। ढोलक और मंजीरे की धुन पर जसगीत गूंज रहे हैं, तो बंदी भजन-कीर्तन के जरिए माता की भक्ति में लीन हैं। नवरात्र के अवसर पर जेल में बंद कुल 760 बंदियों ने नौ दिनों का उपवास रखा है। इनमें 52 महिला बंदी भी शामिल हैं।


जसगीत और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ जेल परिसर

नवरात्र के दौरान रायपुर सेंट्रल जेल में प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। बंदी पूरे श्रद्धाभाव से धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो रहे हैं। ढोलक और मंजीरे की थाप पर गाए जा रहे जसगीत और माता के जयकारों से जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। नवरात्र के नौ दिनों तक चलने वाली इस आराधना में बंदी अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन कर रहे हैं।

52 महिला बंदियों ने भी रखा व्रत

जेल में नवरात्र के अवसर पर उपवास रखने वाले 760 बंदियों में 52 महिलाएं भी शामिल हैं। नौ दिनों तक व्रत रखकर बंदी मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। जेल की सख्त दिनचर्या के बीच धार्मिक आयोजन उन्हें अपनी आस्था से जुड़ने का अवसर दे रहा है। नवरात्र का यह आयोजन जेल परिसर में आध्यात्मिकता और श्रद्धा का माहौल बना रहा है।

आस्था के साथ आत्मचिंतन का भी अवसर

नवरात्र का पर्व शक्ति की उपासना और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। जेल में रह रहे बंदियों के लिए भी यह समय पूजा-पाठ के साथ आत्मचिंतन का अवसर लेकर आया है। भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से वे आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं। इस तरह नवरात्र के दौरान रायपुर सेंट्रल जेल में आस्था, साधना और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

Navratri 5th Day 2026: मां स्कंदमाता की पूजा से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें शुभ मुहूर्त, भोग और मंत्र

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 शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। इस वर्ष 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को नवरात्रि की पंचमी तिथि पर भक्त मां स्कंदमाता की आराधना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा करने से बुद्धि, ज्ञान और आत्मबल में वृद्धि होती है। साथ ही भक्त परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की खुशहाली और जीवन में सकारात्मकता के लिए माता से प्रार्थना करते हैं।


मां स्कंदमाता को ममता, प्रेम और करुणा का प्रतीक माना जाता है। भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप का विशेष धार्मिक महत्व है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां को केले का भोग लगाने और पीले रंग के पुष्प अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। आइए जानते हैं मां स्कंदमाता का स्वरूप, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, प्रिय भोग, शुभ रंग और मंत्र।

कौन हैं मां स्कंदमाता? जानें नाम का रहस्य

मां स्कंदमाता मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती भगवान कार्तिकेय की माता हैं। भगवान कार्तिकेय को स्कंद के नाम से भी जाना जाता है। इसी कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है।

मां स्कंदमाता को मातृत्व, वात्सल्य और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। भक्त इस दिन उनकी पूजा करके ज्ञान, विवेक, पारिवारिक सुख और संतान की उन्नति की कामना करते हैं।

मां स्कंदमाता का स्वरूप कैसा है?

मां स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। देवी की चार भुजाएं हैं। उनके दो हाथों में कमल के पुष्प सुशोभित रहते हैं, जबकि एक हाथ में वे बाल स्वरूप भगवान कार्तिकेय को धारण करती हैं और दूसरे हाथ से भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।

माता सिंह पर सवार रहती हैं। उनके मुखमंडल पर दिव्य तेज दिखाई देता है। कमल पर विराजमान होने के कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। उनका स्वरूप ममता और शक्ति के अद्भुत संगम का प्रतीक माना जाता है।

मां स्कंदमाता पूजा मुहूर्त 2026

पंचांग के अनुसार, नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा के लिए निम्नलिखित शुभ समय बताए गए हैं। पूजा करने से पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि कर लें।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 बजे से 5:39 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:47 बजे से 6:11 बजे तक
  • अमृत काल: रात 8:58 बजे से 10:45 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ समय में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करना मंगलकारी माना जाता है।

मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें?

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर देवी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

पूजा की विधि इस प्रकार है:

  • पूजा की चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां स्कंदमाता की प्रतिमा स्थापित करें।
  • देवी को गंगाजल या स्वच्छ जल अर्पित करें।
  • रोली, कुमकुम, अक्षत और पुष्प चढ़ाएं।
  • मां के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं।
  • फल, मिठाई, केले और अन्य सात्विक पकवानों का भोग लगाएं।
  • मां स्कंदमाता के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  • दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • अंत में कपूर या घी के दीपक से मां की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा-विधान में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं।

मां स्कंदमाता का प्रिय भोग क्या है?

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाना विशेष शुभ माना जाता है। इसके अलावा केले से बने पकवान, खीर, हलवा और अन्य सात्विक मिठाइयां भी अर्पित की जा सकती हैं।

भोग तैयार करते समय साफ-सफाई और सात्विकता का ध्यान रखना चाहिए। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में बांटें।

नवरात्रि के पांचवें दिन कौन-सा रंग पहनें?

धार्मिक परंपराओं में नवरात्रि के पांचवें दिन पीले रंग को शुभ माना जाता है। पीला रंग ज्ञान, प्रसन्नता और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर सकते हैं और मां स्कंदमाता को पीले फूल अर्पित कर सकते हैं।

हालांकि, नवरात्रि के प्रत्येक दिन के रंगों का निर्धारण अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों में भिन्न हो सकता है।

मां स्कंदमाता के मंत्र

मां स्कंदमाता की पूजा के दौरान भक्त देवी के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मंत्र जाप से मन एकाग्र होता है और साधक को आध्यात्मिक शांति मिलती है।

मां स्कंदमाता का बीज मंत्र:

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

ध्यान मंत्र:

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

श्रद्धालु पूजा के समय इन मंत्रों का जाप करके मां का ध्यान कर सकते हैं।

मां स्कंदमाता की पूजा का धार्मिक महत्व

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, देवी की पूजा से भक्तों को साहस, विवेक और मानसिक शांति प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।

माता के इस स्वरूप में मातृत्व और शक्ति दोनों का समावेश है। इसलिए श्रद्धालु संतान की खुशहाली, परिवार की उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान पूजा, मंत्र जाप और भक्ति के माध्यम से भक्त आध्यात्मिक साधना करते हैं।

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना

शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की भक्ति के लिए समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करके मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। केले का भोग, पीले पुष्प, मंत्र जाप और आरती इस दिन की पूजा के प्रमुख अंग माने जाते हैं। भक्त मां स्कंदमाता से परिवार में सुख-शांति, संतान की उन्नति और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

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