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ओमान के तट के पास भारतीय जहाज पर बड़ा हमला, एक भारतीय नाविक की मौत; 13 लोगों को बचाया गया

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नई दिल्ली/मस्कट- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक भारतीय वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ है। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर सवार 13 अन्य भारतीय चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत सरकार ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए हमले की निंदा की है।

क्या हुआ पूरा घटनाक्रम?

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारतीय वाणिज्यिक जहाज MSV AL JUSUFI पर सोमवार शाम ओमान के लिमाह (Limah) तट के पास हमला हुआ।

  • जहाज पर कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे।

  • हमले में एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ और उसकी मौत हो गई।

  • बाकी 13 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया।

  • ओमान में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।

  • बचाए गए भारतीयों की जल्द स्वदेश वापसी और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।

फिलहाल विदेश मंत्रालय ने हमले के हथियार, हमलावरों की पहचान और घटना के सटीक कारणों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

भारत सरकार ने क्या कहा?

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को बेहद चिंताजनक बताते हुए वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तत्काल बंद करने की मांग की है।

सरकार ने कहा है कि क्षेत्र में तनाव कम करने, कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ाने और समुद्री व्यापार के लिए सुरक्षित रास्ते बहाल करने की जरूरत है।

भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों बना है सबसे बड़ा खतरा?

इस घटना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हमला ऐसे समय हुआ है, जब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की कोशिशें जारी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। इसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और LNG का परिवहन होता है।

इसे दोबारा खोलने में तीन बड़ी चुनौतियां हैं:

1. समुद्र में बारूदी सुरंगों का खतरा: इस क्षेत्र में समुद्री माइंस बिछाए जाने की आशंका है। जब तक समुद्री रास्तों की पूरी जांच और सफाई नहीं होती, जहाजों के लिए सुरक्षित आवाजाही मुश्किल रहेगी।

2. सीजफायर पर अनिश्चितता: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर स्थायी सहमति नहीं बन पाई है। बातचीत में तनाव और सैन्य कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।

3. शिपिंग कंपनियों का डर: जहाजों पर हमलों और बीमा की बढ़ती लागत के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां इस रास्ते से गुजरने में सावधानी बरत रही हैं।

भारत पर क्या होगा इसका असर?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा रहने से भारत पर कई तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं।
  • पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

  • LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

  • समुद्री माल ढुलाई और बीमा का खर्च बढ़ सकता है।

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।

  • भारत के विदेशी व्यापार और महंगाई पर असर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

अब पूरी दुनिया की नजर ओमान और आसपास के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर है। भारत इस घटना की जानकारी जुटाने के साथ अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर काम कर रहा है।

दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोलने की कोशिशें इस क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगी।

निष्कर्ष

ओमान के तट के पास भारतीय जहाज पर हुआ हमला केवल एक समुद्री घटना नहीं है, बल्कि यह पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है। इसका असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।



आयुष्मान योजना में बड़ा खेल! 16 अस्पतालों पर गिरी गाज, रायपुर के 8 अस्पतालों का पंजीयन रद्द

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 रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के 19 निजी अस्पतालों की जांच कराई गई, जिसमें 16 अस्पतालों में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां पाई गईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन सभी 16 अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। कार्रवाई में सबसे अधिक रायपुर के 8 अस्पताल शामिल हैं।


जांच के दौरान मरीजों से इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलने, बिना जरूरत मरीजों को भर्ती करने, उपचार पैकेज की गलत कोडिंग करने, एजेंटों के माध्यम से मरीज जुटाने और फर्जी दस्तावेजों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है।

11 अस्पतालों में मरीजों से अतिरिक्त वसूली

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सबसे अधिक अनियमितताएं मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने से संबंधित मिली हैं। जांच के दायरे में आए 16 अस्पतालों में से 11 में मरीजों से अतिरिक्त वसूली की शिकायतें और अनियमितताएं दर्ज की गईं। वहीं, 7 अस्पतालों में अनावश्यक रूप से मरीजों को भर्ती करने और 5 अस्पतालों में इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग करने की बात सामने आई।

इसके अलावा 6 अस्पतालों में एजेंटों के जरिए मरीज लाने तथा 2 अस्पतालों में फर्जी दस्तावेजों से जुड़ी गड़बड़ियां पाई गईं। इन निष्कर्षों के आधार पर विभाग ने संबंधित अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया है।

22 दिन की पड़ताल के बाद सामने आया मामला

आयुष्मान योजना में कथित अनियमितताओं का मामला एक मीडिया संस्थान की 22 दिनों तक चली पड़ताल के बाद सामने आया। इस पड़ताल में निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को भर्ती कराने और इलाज के बदले कमीशन दिए जाने के कथित खेल का खुलासा किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, पड़ताल के दौरान पत्रकारों ने मरीज उपलब्ध कराने वाले एजेंट के रूप में अस्पतालों से संपर्क किया। आरोप है कि कुछ अस्पतालों से जुड़े लोगों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीज उपलब्ध कराने के बदले इलाज की राशि का 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन देने की पेशकश की। कुछ स्थानों पर डमी मरीजों को भर्ती करने से संबंधित बातचीत भी कैमरे में रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया गया।

मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अस्पतालों की जांच कराई। जांच में मिली अनियमितताओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

इन 16 अस्पतालों का आयुष्मान पंजीयन निरस्त

स्वास्थ्य विभाग की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद जिन अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  1. श्री अनंत साई अस्पताल, रायपुर: एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने की अनियमितता।

  2. पल्स अस्पताल, दुर्ग: इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग और अतिरिक्त वसूली।

  3. नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर, कोंडागांव: मरीजों से अतिरिक्त वसूली।

  4. हरि कृष्णा केयर अस्पताल, कोरबा: अतिरिक्त वसूली और अनावश्यक भर्ती।

  5. स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल, बस्तर: अनावश्यक भर्ती, गलत पैकेज कोडिंग और अतिरिक्त वसूली।

  6. एसके केयर अस्पताल, रायपुर: अतिरिक्त वसूली और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की अनियमितता।

  7. जय जगन्नाथ हेल्थकेयर, कबीरधाम: मरीजों से अतिरिक्त वसूली।

  8. अशोक प्रसूति मंदिर, बिलासपुर: गलत पैकेज कोडिंग, अतिरिक्त शुल्क और फर्जी दस्तावेजों से जुड़ी अनियमितता।

  9. केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, बिलासपुर: मरीजों से अतिरिक्त वसूली।

  10. श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, दुर्ग: अनावश्यक भर्ती और अतिरिक्त वसूली।

  11. श्री महावीर अस्पताल, रायपुर: मरीजों से अतिरिक्त वसूली।

  12. श्रीनिवास अस्पताल, रायपुर: फर्जी दस्तावेज और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने की अनियमितता।

  13. वरदान अस्पताल, रायपुर: गलत पैकेज कोडिंग, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की अनियमितता।

  14. सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रायपुर: मरीजों से अतिरिक्त वसूली।

  15. हेरिटेज अस्पताल, रायपुर: अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने की अनियमितता।

  16. श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल, रायपुर: अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की अनियमितता।

तीन अस्पतालों में नहीं मिली बड़ी अनियमितता

जांच के दौरान तीन अस्पतालों में कोई बड़ी अनियमितता दर्ज नहीं की गई। इनमें मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, बिलासपुर, विजन सेंटर आई हॉस्पिटल, रायपुर और डीएचटी अस्पताल, सरगुजा शामिल हैं।

नर्सिंग होम एक्ट के तहत भी होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा कार्रवाई आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के पंजीयन तक सीमित है। अस्पतालों के संचालन और अन्य निर्धारित नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए नर्सिंग होम एक्ट के तहत अलग से कार्रवाई की जाएगी।

अतिरिक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं इंद्रजीत बर्मन के मुताबिक, जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त किया गया है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अलग टीम गठित की गई है।

इस कार्रवाई के बाद आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के हितों और अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।

आज की बड़ी खबरें | 3 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज की सुबह की प्रमुख खबरें। इस बुलेटिन में छत्तीसगढ़ से लेकर देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और मनोरंजन तक की अहम खबरें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

आज राज्योत्सव का समापन करेंगे अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज शाम 5:30 बजे नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है।


महादेव सट्टा ऐप केस में बड़ी कार्रवाई

महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने की खबर है। रायपुर में अदालत में पेशी और मामले की आगे की जांच पर नजर रहेगी।


ऊर्जा क्षेत्र में ₹5.60 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश और वर्ष 2030 तक 15 गीगावाट हरित ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य सामने रखा है।


धान खरीदी पर नजर: राज्य में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की तैयारी है। किसानों के लिए खरीदी व्यवस्था और पंजीयन महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।

देश की बड़ी खबरें
  • भारतीय नौसेना के लिए बड़ा रक्षा सौदा: आठ अगली पीढ़ी के कॉर्वेट युद्धपोतों के निर्माण के लिए ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध किए जाने की खबर है।


  • विशाखापत्तनम रिफाइनरी में आग: HPCL की रिफाइनरी में आग लगने की घटना सामने आई। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कोई जनहानि नहीं हुई।

  • दिल्ली में वायु प्रदूषण: दिल्ली का AQI 312 तक पहुंचने और हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में जाने की खबर है।
राजनीति और सरकार
  • अमेरिका में मध्यावधि चुनाव: 3 नवंबर को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति और संसद में उनकी पार्टी की ताकत का आकलन होगा।

  • छत्तीसगढ़ की विकास योजनाएं: राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 1,600 मकान पूरे हो रहे हैं और 68 लाख से अधिक महिलाओं को मासिक सहायता मिल रही है।
अर्थव्यवस्था और बिजनेस
  • भारत में ऊर्जा, रक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश की गतिविधियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

  • छत्तीसगढ़ में ₹5.60 लाख करोड़ के ऊर्जा निवेश का लक्ष्य निवेशकों के लिए बड़ी खबर है।

  • वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।
शेयर बाजार और बैंकिंग

आज बाजार की शुरुआती तस्वीर, सकारात्मक शुरुआत के संकेत

  • GIFT Nifty में तेजी के संकेत।

  • सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.7% की बढ़त।

  • विदेशी निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयरों में ₹3,115 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

  • ब्रेंट क्रूड लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास।

ध्यान दें: बाजार में ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल और वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों की हलचल से उतार-चढ़ाव संभव है।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

नौसेना को मिलेंगे 8 नए युद्धपोत

₹53,866.50 करोड़ के रक्षा अनुबंध के तहत GRSE और Goa Shipyard आठ अगली पीढ़ी के कॉर्वेट बनाएंगे।


दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बातचीत की उम्मीद

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर सीमित सैन्य कार्रवाई की है। दूसरी ओर ईरान के साथ युद्धविराम और समुद्री मार्ग खोलने को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है।


यूरोप के सुपरमार्केट में साइबर हमला

कई यूरोपीय देशों में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम प्रभावित हुए। खाद्य सामग्री खराब होने की घटनाएं सामने आई हैं।


इजरायल की राजनीति: बेंजामिन नेतन्याहू ने व्यापक गठबंधन सरकार बनाने की अपील की है।

विज्ञान, टेक्नोलॉजी और AI
  • AI और डीपफेक के बढ़ते प्रभाव को लेकर फिल्म उद्योग में चिंता सामने आई है। अभिनेता चिरंजीवी और राम चरण ने AI से होने वाले संभावित नुकसान पर चर्चा की है।
  • साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा वैश्विक स्तर पर बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मौसम और पर्यावरण

रायपुर का आज का मौसम- 29°C

अनुमानित अधिकतम तापमान

बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक की संभावना है।

IMD के अनुसार 3 और 4 नवंबर को रायपुर में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए सावधानी बरतें।

खेल जगत

हॉकी में भारत की शानदार जीत

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया। भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है।

फॉर्मूला-1 में नया इतिहास

  • इटली के किमी एंटोनेली के सबसे कम उम्र के F1 विश्व चैंपियन बनने की खबर है।

  • क्रिकेट: ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है।

  • भारतीय तैराकी: धिनिधि ने यूथ ओलंपिक में 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए उपलब्धि हासिल की।
सिनेमा और मनोरंजन
  • अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की आगामी फिल्म Mysaa का पहला गाना रिलीज हुआ है।
  • AI और डीपफेक से कलाकारों की छवि और फिल्म उद्योग पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा तेज है।

आज का संपादकीय निष्कर्ष

आज की सबसे बड़ी तीन प्राथमिकताएं हैं: छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव और विकास, भारत की रक्षा क्षमता में विस्तार तथा पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव। वहीं शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे।


US-Iran War: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिका का हमला, रडार और मिसाइल लॉन्चर बने निशाना; मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ा तनाव

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 वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप को निशाना बनाया है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में इस हमले की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी कार्रवाई में रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर जैसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।


यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव हो रहे हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के जरिए समझौते की संभावनाएं भी तलाश रहा है। हमले की खबर ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है।

केशम द्वीप पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, क्या थे निशाने?

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर सीमित स्तर की सैन्य कार्रवाई की है। इस दौरान ईरान के रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि अमेरिका पिछले कुछ सप्ताह से ईरान के खिलाफ छोटी-छोटी सैन्य कार्रवाइयां कर रहा था। इन अभियानों को सार्वजनिक रूप से बड़े सैन्य अभियान के तौर पर पेश नहीं किया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य अमेरिकी सैन्य बलों और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना था।

हालांकि, केशम द्वीप पर हुए ताजा हमले में कितना नुकसान हुआ है और कितने सैन्य ठिकाने प्रभावित हुए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी।

मिडटर्म चुनाव के बीच ट्रंप का ईरान पर दबाव

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बीच ईरान पर हुई सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं।

हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 नवंबर को एक सवाल के जवाब में कहा था कि वह मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा हमले शुरू करने की योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने ईरान के साथ समझौते की संभावना भी जताई थी।

ऐसे में केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर ने वॉशिंगटन की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

क्यों महत्वपूर्ण है केशम द्वीप?

ईरान का केशम द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यह इलाका वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

इसी रणनीतिक महत्व के कारण केशम द्वीप पर होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि को अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सीजफायर और शांति वार्ता पर फिर संकट के बादल

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिशें हुई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद जताई है।

दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से भी ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने का दबाव बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।

ऐसे माहौल में केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर किसी नए व्यापक सैन्य अभियान या औपचारिक सीजफायर टूटने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी है। यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर केवल प

Rajyotsav 2026: आज राज्योत्सव का भव्य समापन, अमित शाह करेंगे शिरकत; राज्य अलंकरण से सम्मानित होंगी प्रदेश की विभूतियां

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नवा रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आज होगा समापन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे अध्यक्षता; बॉलीवुड गायक अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुति रहेगी आकर्षण का केंद्र


रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का आज भव्य समापन होने जा रहा है। राज्योत्सव मैदान में आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

समापन समारोह में प्रदेश की कला, साहित्य, संस्कृति, खेल, शिक्षा, विज्ञान, कृषि और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बॉलीवुड के मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य की लाइव प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगी।

अमित शाह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम, जानिए कब कहां पहुंचेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर 2:40 बजे विशेष विमान से रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

इसके बाद उनका कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

  • दोपहर 2:40 बजे: रायपुर एयरपोर्ट आगमन।

  • दोपहर 3:00 बजे: पंडरी स्थित निजी अस्पताल के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे।

  • शाम 4:50 बजे: नवा रायपुर के सेक्टर-16 स्थित पीपल वन पहुंचेंगे।

  • शाम 5:00 बजे के आसपास: विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण करेंगे।

  • शाम 6:00 बजे: राज्योत्सव मैदान पहुंचकर समापन समारोह में शामिल होंगे।

  • रात 8:20 बजे: विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित होंगी प्रदेश की प्रतिभाएं

राज्योत्सव के समापन अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण समारोह कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इस दौरान छत्तीसगढ़ की उन विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश का नाम रोशन किया है।

साहित्य, कला, संस्कृति, खेल, समाज सेवा, विज्ञान, कृषि और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को राज्य अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। इन सम्मानों का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं और उपलब्धियों को पहचान देना तथा नई पीढ़ी को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।

उषा बारले की पंडवानी और अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों से सजेगी शाम

राज्योत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष तैयारी की गई है। मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू होगा।

कार्यक्रम का निर्धारित समय इस प्रकार है:

  • शाम 6:00 से 6:30 बजे: दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर के कलाकार छत्तीसगढ़ी और मध्य भारतीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

  • शाम 6:30 बजे: पद्मश्री सम्मानित सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका उषा बारले अपनी विशेष प्रस्तुति देंगी।

  • शाम 7:00 से रात 9:00 बजे: राज्य अलंकरण समारोह आयोजित होगा।

  • रात 9:00 बजे से: बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी लोकप्रिय आवाज और गीतों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

शिल्पग्राम में भी दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति

मुख्य मंच के अलावा राज्योत्सव परिसर के शिल्पग्राम में भी सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम रहेगी। यहां दोपहर 3 बजे से अलग-अलग विधाओं की 10 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। रायपुर की प्रसिद्ध गायिका आस्था भट्ट भजन गायन से दर्शकों को भक्तिमय माहौल में सराबोर करेंगी।

राज्योत्सव मैदान को आकर्षक रोशनी, साज-सज्जा और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला एवं संस्कृति के प्रतीकों से सजाया गया है। तीन दिनों तक चले इस आयोजन का अंतिम दिन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास और उपलब्धियों को समर्पित रहेगा।

अमित शाह की मौजूदगी, राज्य अलंकरण से प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का समापन यादगार बनाने की तैयारी है।

जीजा के घर चोरी करने वाला सगा साला गिरफ्तार, ऑनलाइन जुए की लत में बना चोर; 37 लाख के जेवर बरामद

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दो दिन तक जीजा के घर रुककर बनाई थी चोरी की साजिश, ग्राइंडर से तोड़ा ताला और अलमारी का लॉकर; CCTV फुटेज से खुला रिश्ते में छिपे चोर का राज


रायपुर। ऑनलाइन जुए की लत और कर्ज चुकाने की मजबूरी ने एक युवक को ऐसा अपराधी बना दिया कि उसने अपने ही रिश्तेदार के घर को निशाना बना लिया। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नगर में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए पीड़ित के सगे साले को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जीजा के सूने मकान से सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी चोरी की थी। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 25 तोला सोने के जेवर बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 37 लाख रुपये बताई गई है।

दो दिन जीजा के घर रुककर बनाई चोरी की योजना

पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी अनिल शर्मा कृषि विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ के पद पर कोंडागांव में पदस्थ हैं और परिवार के साथ वहीं रहते हैं। रायपुर के लक्ष्मी नगर स्थित उनके मकान में परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग मंजिलों पर रहते हैं।

घटना से कुछ दिन पहले आरोपी प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय अपनी बहन और प्रार्थी की पत्नी के साथ जीजा के घर दो दिन तक रुका था। इसी दौरान उसे घर की अलमारी में सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी रखे होने की जानकारी मिल गई। उसे यह भी पता था कि उसकी बहन कोंडागांव लौट चुकी है और मकान सूना है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने चोरी की साजिश रची।

ग्राइंडर से तोड़ा ताला, अलमारी का लॉकर भी काटा

प्रार्थी के अनुसार, 28 अक्टूबर को मकान की सफाई करने वाली महिला सफाई के बाद ताला लगाकर चाबी उनकी मां सुमित्रा शर्मा को सौंपकर गई थी। 30 अक्टूबर की सुबह उनकी मां ने फोन कर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा होने और घर में चोरी होने की जानकारी दी।

रायपुर पहुंचने पर अनिल शर्मा ने देखा कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर कमरे में रखी अलमारी और उसका लॉकर भी क्षतिग्रस्त था। अलमारी में रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी गायब थी।

शिकायत के आधार पर टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 1004/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

CCTV फुटेज ने खोला रिश्तेदार का राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक संदिग्ध व्यक्ति मकान की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश करते और सीढ़ियों के रास्ते तीसरी मंजिल तक जाते दिखाई दिया।

जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान प्रार्थी के साले प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा और चोरी में शामिल होने से इनकार करता रहा। हालांकि, साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर उसने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

ऑनलाइन जुए में डूबा कर्ज, जीजा के घर को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ऑनलाइन जुआ खेलने की लत थी। इस वजह से उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने जीजा के घर चोरी करने की योजना बनाई।

वारदात के दिन आरोपी दीवार फांदकर मकान में दाखिल हुआ। इसके बाद छोटे ग्राइंडर की मदद से दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़कर अंदर पहुंचा। फिर अलमारी का लॉकर तोड़कर सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी चोरी कर ली।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चोरी के बाद कुछ आभूषण घर में ही छोड़ दिए और कपड़ों को व्यवस्थित तरीके से अलमारी में रख दिया था, ताकि तत्काल किसी को उस पर संदेह न हो।

37 लाख के सोने के जेवर बरामद, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय (31 वर्ष) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 25 तोला सोने के आभूषण बरामद किए हैं। जब्त जेवरों की अनुमानित कीमत 37 लाख रुपये बताई गई है।

आरोपी मूल रूप से वार्ड क्रमांक 13, पंजाबीपारा, थाना कोतवाली, जिला महासमुंद का निवासी है। वर्तमान में वह प्रिंस कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, टिकरापारा रायपुर में रह रहा था। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

रिश्तों का भरोसा तोड़कर की गई इस चोरी का खुलासा होने के बाद इलाके में भी चर्चा है। ऑनलाइन जुए की लत के चलते युवक ने न केवल कर्ज का बोझ बढ़ाया, बल्कि अपने ही जीजा के घर चोरी कर रिश्तों को भी दांव पर लगा दिया।

धान खरीदी से पहले महासमुंद के 363 किसानों की बढ़ी चिंता, फार्मर आईडी और एग्रीस्टैक पंजीयन अधूरा होने से MSP पर धान बेचने में आ सकती है परेशानी

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महासमुंद- छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले महासमुंद जिले के किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिले के 363 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। फार्मर आईडी नहीं बनने और जमीन से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण इन किसानों को इस खरीफ सीजन में अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। धान खरीदी की तारीख नजदीक आने के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है।

15 नवंबर से शुरू होनी है धान खरीदी

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने की जानकारी दी गई है। महासमुंद जिले में प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के 202 धान उपार्जन केंद्रों में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इस खरीफ सीजन में जिले के 1 लाख 61 हजार 874 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें 3,974 नए किसान शामिल हैं। लेकिन इन तैयारियों के बीच 363 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन अधूरा रहना चिंता का विषय बना हुआ है।

आखिर क्यों अटका 363 किसानों का पंजीयन?

मिली जानकारी के अनुसार, इन किसानों की सबसे बड़ी समस्या जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी है। कई किसानों के खसरा रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हो पाया है, वहीं कुछ मामलों में जमीन के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी का मिलान नहीं हो रहा है।

फार्मर आईडी बनाने के लिए जमीन से संबंधित रिकॉर्ड का सही होना और उनका सत्यापन जरूरी है। इसी प्रक्रिया में देरी होने से किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा नहीं हो सका।

बताया जा रहा है कि पटवारियों की हड़ताल के कारण भी जमीन संबंधी दस्तावेजों की जांच और खसरा रिकॉर्ड में सुधार का काम प्रभावित हुआ है।

31 अक्टूबर को समाप्त हुई पंजीयन की समय-सीमा

इस खरीफ सीजन में किसान पंजीयन और आवश्यक संशोधन के लिए 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले के 363 किसान जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।

ऐसे में अब इन किसानों की नजर पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाने और प्रशासन की ओर से मिलने वाली राहत पर टिकी हुई है।

किसान नेताओं ने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि जिन किसानों का पंजीयन तकनीकी या राजस्व संबंधी कारणों से अधूरा रह गया है, उन्हें एक और मौका मिल सके।

किसानों का कहना है कि उनकी पूरी साल की मेहनत धान की फसल पर निर्भर रहती है। यदि समय रहते फार्मर आईडी और एग्रीस्टैक पंजीयन की समस्या दूर नहीं हुई तो उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है।

नोडल अधिकारी ने क्या कहा?

रिपोर्ट के अनुसार, नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 3,974 नए किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं 363 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन अभी पूरा नहीं हो पाया है। इनमें अधिकांश मामले खसरा रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं के हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि नए किसान पंजीयन और एग्रीस्टैक पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाने के संबंध में फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

महासमुंद जिले में खेती-किसानी की स्थिति

इस खरीफ सीजन में जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से 85,779 किसानों को कुल 517 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया है। कृषि ऋण का निर्धारित लक्ष्य 500 करोड़ रुपये था, जिसे पार किया गया। इससे किसानों को खाद, बीज और खेती की अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मिली है।

किसानों के लिए जरूरी बात

जिन किसानों की फार्मर आईडी या एग्रीस्टैक पंजीयन प्रक्रिया अधूरी है, उन्हें अपनी संबंधित सहकारी समिति, उपार्जन केंद्र और राजस्व विभाग से संपर्क कर खसरा रिकॉर्ड तथा जमीन के दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या धान खरीदी शुरू होने से पहले इन 363 किसानों की समस्या का समाधान हो पाएगा? क्या शासन पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाकर किसानों को एक और मौका देगा?

महासमुंद के किसानों को अब प्रशासन के अगले फैसले का इंतजार है।


दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ की महिलाओं को बड़ा उपहार

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गृह मंत्री अमित शाह के आतिथ्य में कल राज्योत्सव में जारी होगी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त

रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने की दिशा में चलाई जा रही महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले योजना की नवंबर माह की 33वीं किस्त का अंतरण कल यानी 3 नवंबर 2026 को राज्योत्सव समारोह के दौरान किया जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह करेंगे राशि का अंतरण

राज्योत्सव समारोह के मुख्य मंच से भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (क्ठज्) के माध्यम से कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाएगी। त्योहार से पहले खाते में राशि आने से महिलाओं और उनके परिवारों में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है।

इन महिलाओं के खातों में पहुंचेगी राशि

ई-केवाईसी पूर्ण करा चुकीं प्रदेशभर की 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राही लाभान्वित होंगी। नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्र की 6,908 महिलाओं को उनकी 13वीं किस्त की राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार कुल 67 लाख 40 हजार 410 महिलाओं को इस चरण में लाभ मिलेगा।

योजना के सफर पर एक नजर

छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2024 से लागू इस योजना के तहत पहली किश्त 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से प्रदान की गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब तक 32 किस्तों के माध्यम से महिलाओं को कुल 20 हजार 717.87 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। 33वीं किस्त के जुड़ने के बाद यह कुल आंकड़ा बढ़कर 21 हजार 350.50 करोड़ रुपये हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ शासन की इस निरंतर वित्तीय सहायता से प्रदेश की महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। हितग्राही महिलाएं भुगतान की स्थिति व अन्य जानकारी आधिकारिक पोर्टल mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा प्ले स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकती हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।


राज्यपाल  रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।


अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम

    राज्यपाल  डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और     असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।


आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण

    एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।


गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन 

 
    आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें

    एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया।

    आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।

सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना

    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया।

तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

    हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया।

विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम

    उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है।

    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

 

 

 

शिल्पग्राम में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया जानने उमड़ रहे लोग

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सफेद, रंगीन, पीला मैसूर कोसा सहित रेशम के विभिन्न प्रकार बने आकर्षण का केंद्र

लघु एवं सीमांत किसानों को एक ही स्टॉल पर मिल रही शहतूत रेशम उत्पादन से जुड़ी सभी जानकारी

रायपुर- राज्योत्सव परिसर स्थित शिल्पग्राम में ग्रामोद्योग विकास विभाग के स्टॉल पर रेशम कीटपालन की प्रक्रिया समझने बड़ी संख्या में किसान एवं आम नागरिक पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक रेशम कीड़ों को देखने के लिए भी लोगों में खासा उत्साह दिख रहा है।

स्टॉल में रेशम के विभिन्न प्रकारों और उनसे तैयार होने वाले धागों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा और रैली साबू बीज प्रमुख हैं। इन धागों का उपयोग कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क के साथ-साथ बनारसी एवं कांजीवरम जैसी पारंपरिक साड़ियों के निर्माण में किया जाता है। लोग रेशम के प्रकारों, उसके उत्पादन और वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया को करीब से जान-समझ रहे हैं।

स्टॉल में टसर धागा विक्रय केंद्र भी है, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशेष सिल्क उत्पाद रखे गए हैं। इनमें सारंगढ़ से समलेश्वरी मलबरी सिल्क एवं समलेश्वरी टसर सिल्क, सरगुजा से महामाया सिल्क, जगदलपुर से दंतेश्वरी सिल्क, कांकेर से अरण्य सिल्क, महासमुंद से खल्लारी सिल्क, रायगढ़ से फॉरेस्ट गोल्ड सिल्क, गरियाबंद से गंडेश्वर सिल्क और जांजगीर-चांपा से प्रसिद्ध चांपा सिल्क के रेशम धागे और अन्य सामग्री शामिल हैं। साथ ही टसर बीजागर और स्पिनिंग मशीन के जरिए धागाकरण की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

किसानों को ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। इसी क्रम में लोग निजी क्षेत्र में शहतूत की खेती और रेशम कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में जान रहे हैं। इसके तहत निजी भूमि पर एक एकड़ में शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना में पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण व सिंचाई सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही पौधरोपण के बाद किसानों को शहतूत की खेती और रेशम कीटपालन की तकनीकी जानकारी देने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों को शहतूत रेशम उत्पादन से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर विकसित करना है।

गौरतलब है कि शहतूत रेशम कीटपालन कृषि आधारित कुटीर उद्योग है, जिसका अंतिम उत्पाद रेशम है। इसे खेती-किसानी के साथ आसानी से अपनाया जा सकता है। श्रम आधारित होने के कारण इसमें विभिन्न स्तरों पर रोजगार का सृजन होता है। परिवार आधारित उद्योग होने से यह ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का भरोसेमंद साधन के साथ ही कृषि क्षेत्र की प्रमुख नगदी फसलों में शामिल है, जो मात्र एक माह में ही नगद आमदनी उपलब्ध कराती है।


छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026- खाना खजाना जोन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्टॉल बना आकर्षण का केन्द्र

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पताल (टमाटर) की चटनी के साथ मूंग बड़ा का स्वाद लोगों को खूब भाया

रायपुर- नवा रायपुर में चल रहे राज्योत्सव में खाना खजाना जोन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। स्टॉल क्रमांक 12 "छत्तीसगढ़ी व्यंजन - जय जोहार जय छत्तीसगढ़" पर पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए लोगों की कतार लगी हुई है।

यहां परोसे जा रहे मूंग बड़ा का स्वाद लोगों को सबसे ज्यादा भा रहा है, खासकर पताल (टमाटर) की चटपटी चटनी के साथ इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। गर्मागर्म मूंग बड़ा और चटपटी चटनी के कॉम्बिनेशन की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।

उपरवारा के प्रीतम पटेल, उमेश देवांगन और उर्मिला कुमारी ने की तारीफ -

स्टॉल पर पहुंचे उपरवारा निवासी प्रीतम पटेल, उमेश देवांगन और उर्मिला कुमारी ने व्यंजनों का स्वाद लेकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि "पताल की चटनी के साथ मूंग बड़ा का स्वाद बिल्कुल घर जैसा है। ऐसे स्टॉल से हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।"

स्टॉल के संचालक बलौदाबाजार के नीरज चंद्राकर ने बताया कि उनके स्टॉल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को पूरी शुद्धता और पारंपरिक तरीके से तैयार किया जा रहा है। चंद्राकर ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान भी विधानसभा परिसर में उनके द्वारा ठेठरी, खुरमी सहित अन्य छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की सप्लाई की गई थी, जिसे काफी सराहा गया था।

महासमुंद के भालुकोना में निकल का बड़ा भंडार मिलने के संकेत, 40 लाख टन से अधिक अयस्क की संभावना से छत्तीसगढ़ में बढ़ी उम्मीदें

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महासमुंद के भालुकोना में मिला 40 लाख टन से अधिक निकल युक्त खनिज का संकेत, देश की महत्वपूर्ण खनिज संपदा में जुड़ सकता है नया नाम

महासमुंद- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के लिए खनिज संपदा के लिहाज से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले की बसना तहसील के भालुकोना क्षेत्र में निकल (Nickel), कॉपर (Copper) और प्लेटिनम समूह के खनिजों (PGE) की मौजूदगी को लेकर उत्साहजनक संकेत मिले हैं। खनन क्षेत्र की कंपनी डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड (Deccan Gold Mines Limited) की ओर से जारी प्रारंभिक भूवैज्ञानिक मॉडलिंग के अनुसार यहां 40 लाख टन से अधिक खनिजयुक्त अयस्क (Ore) होने की संभावना जताई गई है। कंपनी ने 1 नवंबर 2026 को इस संबंध में जानकारी साझा की है।

40 लाख टन से अधिक अयस्क का अनुमान

कंपनी की प्रारंभिक मॉडलिंग में भालुकोना परियोजना में लगभग 0.24 प्रतिशत निकल-समतुल्य (Nickel Equivalent) ग्रेड का अनुमान लगाया गया है। इसके आधार पर 10 हजार टन से अधिक निकल-समतुल्य धातु की मात्रा का संकेत मिला है।

यहां निकल-समतुल्य का अर्थ केवल शुद्ध निकल नहीं है, बल्कि इसमें निकल, कॉपर, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसे खनिजों के योगदान को मिलाकर गणना की गई है।

15 स्थानों पर की गई ड्रिलिंग

कंपनी ने मार्च 2026 से भालुकोना क्षेत्र में खोज कार्य शुरू किया था। अब तक 15 डायमंड कोर ड्रिलिंग होल किए गए हैं, जिनकी कुल गहराई मिलाकर 2,773 मीटर है।

ड्रिलिंग के दौरान कुछ प्रमुख स्थानों पर खनिजों की मौजूदगी के संकेत मिले हैं।

  • BJD-03 में 54 मीटर तक 0.21 प्रतिशत निकल-समतुल्य ग्रेड।

  • BJD-09 में 34.2 मीटर तक 0.31 प्रतिशत।

  • BJD-01 में 29.8 मीटर तक 0.26 प्रतिशत।

  • BJD-02 में 15 मीटर तक 0.31 प्रतिशत।

ये ड्रिलिंग के अलग-अलग हिस्सों के परिणाम हैं, पूरे क्षेत्र का औसत ग्रेड नहीं।

अभी केवल 25 प्रतिशत क्षेत्र का आकलन

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि कंपनी द्वारा जारी वर्तमान अनुमान केवल 1.3 किलोमीटर लंबे चिन्हित खनिज क्षेत्र के लगभग 300 से 350 मीटर हिस्से पर आधारित है।

अर्थात अभी पूरे संभावित खनिज क्षेत्र का आकलन नहीं हुआ है। ड्रोन आधारित मैग्नेटिक सर्वे और इंड्यूस्ड पोलराइजेशन (IP) सर्वे में दक्षिण-पूर्व दिशा में भी खनिजयुक्त संरचनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना सामने आई है। इस क्षेत्र में आगे और खोज की जा सकती है।

30 वर्ग किलोमीटर में फैला है खनिज ब्लॉक

भालुकोना-जामनीडीह निकल ब्लॉक महासमुंद जिले की बसना तहसील में लगभग 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। अप्रैल 2025 में इस ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड को दिया गया था।

इस क्षेत्र में निकल, क्रोमियम, प्लेटिनम समूह के खनिजों और कॉपर की संभावनाओं को लेकर पहले भी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किए जा चुके हैं।

देश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

निकल का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, स्टेनलेस स्टील, विशेष मिश्र धातुओं और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। वहीं कॉपर और प्लेटिनम समूह के खनिज भी आधुनिक उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत में इन खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ने से भविष्य में आयात पर निर्भरता कम करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

अभी अंतिम भंडार की पुष्टि होना बाकी

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 40 लाख टन से अधिक अयस्क का यह आंकड़ा प्रारंभिक भूवैज्ञानिक मॉडलिंग पर आधारित है। इसे अभी प्रमाणित खनिज संसाधन या खनन योग्य भंडार (Mineral Reserve) नहीं माना जा सकता।

इसके लिए आगे और ड्रिलिंग, विस्तृत परीक्षण, खनिजों की गुणवत्ता का आकलन और आर्थिक व्यवहार्यता का अध्ययन जरूरी होगा।

महासमुंद के लिए क्यों खास है यह खबर?

भालुकोना क्षेत्र में निकल, कॉपर और प्लेटिनम समूह के खनिजों की संभावनाएं सामने आने से महासमुंद जिले की पहचान खनिज संपदा के क्षेत्र में भी मजबूत हो सकती है। हालांकि वास्तविक खनन, रोजगार और स्थानीय विकास पर इसका प्रभाव आगे की जांच, मंजूरियों और परियोजना के विकास पर निर्भर करेगा।


पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान ने प्राथमिक विद्यालय सलिहाभांठा के बच्चों को कराया न्योता भोज

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57 बच्चों और 34 पालकों के साथ बैठकर किया भोजन, विज्ञान के रोचक प्रयोगों से दिया समय प्रबंधन और अनुशासन का संदेश

पटेवा- प्राथमिक विद्यालय सलिहाभांठा में पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान द्वारा बच्चों के उत्साहवर्धन और उनके साथ खुशियां साझा करने के उद्देश्य से न्योता भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के 57 बच्चों और 34 पालकों को आमंत्रित कर स्वादिष्ट खीर-पूड़ी, फल एवं मिठाई परोसी गई। प्रधान ने बच्चों और पालकों के साथ एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन किया और सभी को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत भोजन मंत्र के पश्चात एक बच्ची को अपने हाथों से फल खिलाकर की गई। इसके बाद प्रधान ने स्वयं बच्चों को भोजन परोसा। पालकों ने भी आयोजन में सहयोग किया और बच्चों के साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया। आत्मीयता और अपनत्व से भरे इस आयोजन में बच्चे, पालक एवं शिक्षक काफी उत्साहित नजर आए।

विज्ञान के रोचक प्रयोगों से बच्चों को दिया सीखने का संदेश

न्योता भोज से पहले श्री प्रधान ने बच्चों की कक्षा में पहुंचकर 'हमारे जीवन में विज्ञान के चमत्कार' विषय पर रोचक चर्चा की। उन्होंने विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को सरल और मनोरंजक तरीके से समझाया। साथ ही बच्चों को समय प्रबंधन, अनुशासन, नियमित दिनचर्या और व्यवस्थित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सिक्के को पानी में तैराने वाले प्रयोग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार पानी में रखा कागज सिक्के को डूबने से बचाने में आधार का काम करता है, उसी प्रकार प्राथमिक शिक्षा भी आगे की शिक्षा का मजबूत आधार होती है। प्राथमिक स्तर पर जितनी मजबूत नींव तैयार होगी, भविष्य में सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता उतनी ही सशक्त होगी।

इसी तरह दो गिलासों के बीच से कागज निकालने के प्रयोग में कक्षा चौथी की छात्रा राखी ने सफलतापूर्वक प्रयोग करके दिखाया। इस पर श्री प्रधान ने बच्चों को समझाया कि किसी भी कार्य को करने से पहले सोच-विचार करना, स्वयं से तर्क करना और सही निर्णय लेना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही सोच, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास बेहद जरूरी हैं।

विद्यालय परिवार ने जताया आभार

पूर्व प्राचार्य प्रधान के इस आत्मीय प्रयास से बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार एवं इको क्लब के बच्चों ने स्वादिष्ट न्योता भोज और ज्ञानवर्धक मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने बच्चों को न केवल सामूहिक भोजन और सहभागिता का आनंद दिया, बल्कि विज्ञान, शिक्षा, अनुशासन और जीवन मूल्यों की महत्वपूर्ण सीख भी दी।

कार्यक्रम में एसएमसी अध्यक्ष पिरीत राम साहू, पंचराम ध्रुव, भोजराम साहू, त्रिलोकी साहू, हेमलता साहू, देवकी सिन्हा, जिज्ञासा साहू, नीरा दीवान, कुसुमलता दीवान, लक्ष्मी साहू, बिंदा ध्रुव, बिसनी दीवान, प्रीति सिन्हा, हेमलता ध्रुव, अमरीका ध्रुव, उमठी बाई यादव, सुनीता दीवान, पिलेश्वर सिन्हा, अभिषेक दीवान, हेतराम ध्रुव, हरिशंकर निषाद, दल्लूराम यादव, गुलाब ध्रुव, संतुराम ध्रुव, डगेश्वर साहू, रामचरण यादव, खिलेश्वरी यादव सहित अन्य पालक उपस्थित रहे।

इसके अलावा गत वर्ष एकलव्य विद्यालय में चयनित पूर्व छात्रा रुखमणी एवं मुकेश तथा शिक्षक रामेश्वर ढीढी सहित विद्यालय के बच्चे और पालक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

न्योता भोज के इस आयोजन ने शिक्षा के साथ संस्कार, विज्ञान के साथ तर्कशक्ति और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का प्रेरक संदेश दिया।


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