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शतरंज की बिसात पर भारत का डबल धमाका, ओपन में रजत और महिला वर्ग में कांस्य पदक

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46वें FIDE चेस ओलंपियाड में टीम इंडिया का शानदार प्रदर्शन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई, सर्वश्रेष्ठ संयुक्त प्रदर्शन के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार अपने नाम की नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी

रायपुर : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 46वें FIDE चेस ओलंपियाड 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भारत ने ओपन वर्ग में रजत पदक और महिला वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर विश्व शतरंज के मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है।

चौधरी ने कहा कि शतरंज की बिसात पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, एकाग्रता, धैर्य और रणनीतिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। ओपन वर्ग में रजत और महिला वर्ग में कांस्य पदक देश की शतरंज प्रतिभाओं की उत्कृष्टता को दर्शाता है।
भारत ने ओपन और महिला वर्ग के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर प्रतिष्ठित नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी भी अपने नाम की। यह लगातार तीसरा चेस ओलंपियाड है, जिसमें भारत ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय शतरंज खिलाड़ियों की ये उपलब्धियां देश की नई पीढ़ी को शतरंज से जुड़ने और विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने भारतीय दल के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी सदस्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नाबालिग पत्नी से शादी की तो भी POCSO से नहीं बच पाएगा पति, HC का बड़ा फैसला

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 नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुआ विवाह किसी वयस्क आरोपी को POCSO एक्ट या आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई से स्वतः सुरक्षा नहीं देता। जस्टिस संजीव नरूला ने 23 सितंबर 2026 के आदेश में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया।


अदालत के समक्ष आरोपी की ओर से दलील दी गई थी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत यौवनावस्था प्राप्त कर चुकी लड़की का विवाह वैध माना जा सकता है और इसलिए पति-पत्नी के बीच बने संबंधों को आपराधिक कृत्य नहीं माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

16 साल 3 महीने की लड़की से शादी का मामला

यह मामला उस समय का है जब लड़की की उम्र 16 साल 3 महीने थी, जबकि युवक की उम्र 28 साल थी। दोनों ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी की और साथ रहने लगे। बाद में लड़की गर्भवती हुई।

गर्भावस्था के दौरान लड़की सरकारी अस्पताल पहुंची, जहां उसकी उम्र सामने आने के बाद अस्पताल की ओर से मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद युवक के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, लड़की ने जून में मृत बच्चे को जन्म दिया था।

कोर्ट ने कहा- शादी से बच्चे की उम्र नहीं बदल जाती

जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि किसी बच्चे की उम्र विवाह के बाद बदल नहीं जाती। अदालत के अनुसार, यदि घटना के समय लड़की 18 वर्ष से कम उम्र की थी, तो POCSO कानून के तहत वह ‘बच्चे’ की श्रेणी में आती है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्सनल लॉ किसी व्यक्ति को ऐसे आपराधिक कानून से छूट नहीं दे सकता, जिसमें संसद ने ऐसी कोई छूट निर्धारित नहीं की है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग ठुकरा दी।

नाबालिग पत्नी ने किया था पति का बचाव

मामले में नाबालिग लड़की ने अपने पति का बचाव भी किया था। उसने अदालत को बताया कि दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी और उस पर किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती नहीं की गई। उसने पहले आरोपी की जमानत याचिका का भी समर्थन किया था।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तथ्य को आपराधिक मामले को खत्म करने का आधार नहीं माना। अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या व्यक्तिगत कानून के तहत विवाह होने के कारण 18 वर्ष से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध को POCSO के दायरे से बाहर किया जा सकता है। कोर्ट ने इसका जवाब नहीं में दिया।

POCSO में 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति ‘बच्चा’

POCSO एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को बच्चा माना जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इसी वैधानिक उम्र-सीमा को आधार बनाया। अदालत ने कहा कि पर्सनल लॉ के तहत विवाह की वैधता का सवाल अलग हो सकता है, लेकिन इससे POCSO और अन्य लागू आपराधिक प्रावधानों के तहत जिम्मेदारी स्वतः समाप्त नहीं होती।

इस फैसले का मुख्य कानूनी निष्कर्ष यह है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुआ विवाह, यदि पत्नी घटना के समय 18 वर्ष से कम उम्र की थी, तो केवल विवाह की स्थिति के आधार पर POCSO मामले से आपराधिक सुरक्षा नहीं देता।

Bilaspur Murder: चाकू गोदकर युवक की हत्या, बाईपास के पास मिला शव; एक संदिग्ध हिरासत में

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Bilaspur Murder : न्यायधानी बिलासपुर में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को फदहाखार-महमंद बाईपास के पास फेंककर आरोपी फरार हो गए। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।


पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका

पुलिस के मुताबिक, मृतक ओम लहरे और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर पुरानी रंजिश थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मौका देखकर ओम लहरे के साथ मारपीट की और उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शव को फदहाखार-चांदमारी बाईपास के पास ठिकाने लगा दिया और मौके से फरार हो गए।

सड़क पर मिले खून के निशान

बाईपास के पास शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच के दौरान सड़क पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

शव पर चोट के गहरे निशान भी मिले हैं। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है और पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

हत्या की वजह और आरोपियों की तलाश जारी

प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और वारदात का पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस संदिग्ध से पूछताछ के साथ ही अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है।

बाढ़ के बीच फंसे 6 कर्मचारी, प्रशासन ने किया एयरलिफ्ट; सुरक्षित बीजापुर पहुंचाया

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 बीजापुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच इंद्रावती पार माड़ क्षेत्र में फंसे छह कर्मचारियों को जिला प्रशासन ने एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर पहुंचाया। पटवारी और सर्वेयर दल के ये कर्मचारी गिरदावरी सर्वे के सिलसिले में बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से उनकी वापसी का रास्ता बाधित हो गया और वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंस गए।


लगातार बारिश से बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर

क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इससे इंद्रावती पार माड़ क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो गया। गिरदावरी सर्वे के लिए पहुंचे पटवारी और सर्वेयर दल के छह सदस्य भी वहीं फंस गए।

कर्मचारियों के फंसे होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कलेक्टर विश्वदीप ने अधिकारियों को कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर सभी छह कर्मचारियों को एयरलिफ्ट कराया।

बीजापुर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण

एयरलिफ्ट के जरिए सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बीजापुर लाया गया। यहां जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद सभी कर्मचारियों की स्थिति सामान्य बताई गई।

कलेक्टर विश्वदीप ने जिला अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बीच क्षेत्र में जाकर सर्वे कार्य करने वाले कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

आपदा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव व्यवस्था के संबंध में चर्चा की।

लगातार बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से छह कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी की स्थिति सामान्य पाए जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।

पत्थर से सिर कुचलकर महिला की हत्या, पड़ोसी गिरफ्तार

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 कोरबा। पसान थाना क्षेत्र के ग्राम लोकहड़ा में महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतका के पड़ोसी सहस राम मिंज (38) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला द्वारा आरोपी की पत्नी और छोटे भाई की पत्नी को शराब पिलाने की बात से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।


खेत के पास मिला था महिला का शव

घटना 23 सितंबर की है। ग्राम लैंगा के पास लोकहड़ा गांव में 24 वर्षीय सुखमनिया एक्का का शव खेत के पास संदिग्ध अवस्था में मिला था। उसके सिर पर पत्थर से वार के निशान थे। सूचना मिलने पर पसान थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मामले की जांच के लिए फोरेंसिक, साइबर और डॉग स्क्वॉड की टीम को लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना पत्थर सहित अन्य साक्ष्य जुटाए।

‘बाघा’ ने पहुंचाया आरोपी के घर

लोकहड़ा वनांचल क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां तकनीकी और संचार सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। डॉग ‘बाघा’ ने घटनास्थल से सुराग लेने के बाद करीब आधा किलोमीटर दूर एक घर तक पुलिस को पहुंचाया।

घर में रहने वाले सहस राम मिंज को पुलिस ने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पत्नी और भाभी को शराब पिलाने से था नाराज

पुलिस के अनुसार, आरोपी सहस राम मिंज पिता प्रेम सिंह, निवासी लोकहड़ा उरांवपारा ने पूछताछ में बताया कि मृतका सुखमनिया एक्का उसकी पत्नी की सहेली थी। दोनों के घर करीब 50 मीटर की दूरी पर थे।

आरोपी के मुताबिक, सुखमनिया उसकी पत्नी और छोटे भाई की पत्नी को शराब पिलाती थी। उसने कई बार मृतका को ऐसा करने से मना किया था, जिससे वह नाराज था।

सुनसान जगह पर किया हमला

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की शाम आरोपी बकरी चराकर घर लौटा तो उसने अपनी पत्नी, भाभी और सुखमनिया को शराब के नशे में देखा। इस पर उसने सुखमनिया को घर से चले जाने के लिए कहा।

पुलिस का दावा है कि इसके बाद जब सुखमनिया अपने चाचा के घर जाने लगी तो आरोपी ने उसका पीछा किया। मुडहीकुवां खेत के पास सुनसान स्थान पर उसने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई एसपी सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी नीतिश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में की गई।

बारिश में मदद के बहाने मोबाइल चोरी, फिर UPI से 2.84 लाख पार; चार आरोपी गिरफ्तार

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 बिलासपुर। चकरभाठा थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी कर उससे जुड़े बैंक खातों से UPI के जरिए रकम निकालने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बारिश के दौरान मदद करने के बहाने मोबाइल चोरी करने और बाद में मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलकर ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए बैंक खातों से रकम निकालने का आरोप है।


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक पावर बैंक, चोरी की रकम से खरीदे गए कपड़े और 15 हजार रुपये नकद सहित करीब 75 हजार रुपये का सामान बरामद किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

बारिश में मदद के बहाने चोरी

पुलिस के अनुसार प्रार्थी सूरज सतनामी ने 25 सितंबर 2026 को चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 8 सितंबर की रात करीब 11 बजे वह इंडियन कॉफी हाउस, चकरभाठा के पास तेज बारिश के कारण रुका था। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।

होश आने पर उसने खुद को सिम्स अस्पताल में भर्ती पाया। इस दौरान उसका दोस्त भी वहां मौजूद नहीं था और उसका मोबाइल फोन गायब था। मोबाइल में प्रार्थी और उसकी मां के बैंक खाते लिंक थे।

तबीयत ठीक होने के बाद घर लौटकर उसने दो-तीन दिन बाद नया सिम लेकर मोबाइल में लगाया। इसके बाद उसे बैंक खातों से हुए UPI लेन-देन के मैसेज मिलने लगे। जांच करने पर पता चला कि उसके और उसकी मां के बैंक खातों से कुल 2 लाख 84 हजार रुपये निकाले गए हैं।

आधार की फोटो से रीसेट किए पेमेंट ऐप

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा गवाहों के बयान और बैंक से प्राप्त जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने वारदात की जानकारी दी। आरोपियों पर मदद करने के बहाने मोबाइल चोरी करने और उसके बाद मोबाइल में मौजूद गैलरी एवं एल्बम से आधार कार्ड की फोटो हासिल करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार इसी जानकारी का इस्तेमाल कर फोन-पे और पेटीएम जैसे ऑनलाइन पेमेंट ऐप को रीसेट किया गया।

इसके बाद प्रार्थी और उसकी मां के बैंक खातों से रकम निकालकर आरोपियों के खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस के मुताबिक रकम का कुछ हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग आईडी में डाला गया, जबकि कुछ पैसे खाने-पीने और कार से घूमने में खर्च किए गए।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में विवेक वर्मा (20), करन नायक (18 वर्ष 9 माह), गौरी शंकर साहू उर्फ लालू (18 वर्ष 8 माह) और गगन उर्फ शिबू साहू (25) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी चकरभाठा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो वीवो मोबाइल, एक पोको मोबाइल, एक आईफोन, एक पावर बैंक, चोरी की रकम से खरीदे गए कपड़े और 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई है।

BNS और IT Act की धाराओं में मामला

चकरभाठा पुलिस ने अपराध क्रमांक 564/2026 के तहत धारा 303(2), 318(4), 238, 112, 3(5) BNS तथा धारा 66(C), 66(D) IT Act के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश शेन्डे के नेतृत्व में की गई।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

चकरभाठा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल डायल-112 या नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस ने मोबाइल में बैंकिंग और UPI से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने तथा अनजान लोगों को मोबाइल फोन सौंपने से बचने की सलाह दी है।

विश्व पर्यटन दिवस पर ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन

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 रायपुर /  विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष  जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष  जसप्रीत भाटिया,  कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर  विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ  मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं

श्री नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है।

प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी।

डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आज के आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करना होना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से नई दिशा

छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में दिखी पर्यटन उद्योग की सहभागिता

आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस प्रकार आयोजन ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट मंच का स्वरूप लिया।

पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के श्री शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के श्री सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के श्री मानसिंह को प्रदान किया गया।

इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार श्री अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा के श्री सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।

🌅 आज की सुबह की समाचार बुलेटिन

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नमस्कार! स्वागत है आपके आज के न्यूज़ बुलेटिन में। 

सुबह की शुरुआत करें देश-दुनिया की बड़ी, जरूरी और ताजा खबरों के साथ। राजनीति से लेकर बाजार, मौसम, खेल, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन तक—जानिए आज क्या है खास।

आज की 10 बड़ी खबरें

1. एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन
एथलेटिक्स में एंसी सोजन ने रजत, तेजस्विन शंकर ने कांस्य और पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीता।

2. बैंक हड़ताल पर बड़ा अपडेट
28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को यूनियनों ने बातचीत के बाद फिलहाल टाल दिया है।

3. छत्तीसगढ़ में भारी बारिश
बस्तर समेत कई इलाकों में भारी बारिश हुई। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान रहा।

4. महासमुंद से मजदूर तस्करी मामले का खुलासा
महासमुंद से शुरू हुई जांच में अंतरराज्यीय मजदूर तस्करी नेटवर्क का पता चला। पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट है।

5. सर्वोच्च न्यायालय का निजी विश्वविद्यालयों को निर्देश
निजी विश्वविद्यालयों को पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, शुल्क संरचना और सरकारी लाभों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है।

6. छत्तीसगढ़ में सड़क परियोजना
कवर्धा में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 7.8 किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 54 करोड़ रुपये की परियोजना सामने आई है।

7. मेडिकल इंटर्न का मानदेय बढ़ा
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न का मासिक मानदेय बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है।

8. अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजर बनी हुई है।

9. आरबीआई और बैंकिंग प्रणाली में नकदी
भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के बाद बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी की मात्रा में काफी कमी आई है।

10. संयुक्त राष्ट्र महासभा
ईरान, यूक्रेन, गाजा, जलवायु परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे मुद्दे संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रमुख बने हुए हैं।

छत्तीसगढ़ — स्थानीय खबरें

मौसम और बारिश

बस्तर और आसपास के जिलों में पिछले दिनों भारी बारिश हुई। जगदलपुर में 246.3 मिलीमीटर, लोहंडीगुड़ा में 230.5 मिलीमीटर और बस्तानार में 221.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

राज्य में कुल मौसमी बारिश लगभग सामान्य रही है, लेकिन अलग-अलग जिलों में काफी अंतर देखा गया है।

जिन क्षेत्रों पर नजर जरूरी है:
बस्तर, सुकमा, बीजापुर, गरियाबंद, धमतरी और आसपास के इलाकों में बारिश के कारण सड़क संपर्क तथा नदी-नालों की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

मजदूर तस्करी

महासमुंद से शुरू हुई पुलिस जांच में छत्तीसगढ़ और ओडिशा से मजदूरों को दूसरे राज्यों की ईंट भट्ठियों तक ले जाने वाले संदिग्ध अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला।

रिपोर्ट के अनुसार 10 स्थानों पर छापेमारी के बाद पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई तथा नकदी और दस्तावेज जब्त किए गए।

स्वास्थ्य

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न का मानदेय बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की खबर है।

सड़क और आधारभूत ढांचा

कवर्धा में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के लगभग 7.8 किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने की 54 करोड़ रुपये की परियोजना सामने आई है।

सरगुजा संभाग में भी 44 सड़क परियोजनाओं के लिए लगभग 1,093.73 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की रिपोर्ट है।

पुलिस और प्रशासन

छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ स्तर के ढांचे में तीन अस्थायी महानिदेशक स्तर के पद बनाने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन बताया गया है। यह अभी प्रस्ताव के स्तर की खबर है।

कृषि और ग्रामीण विकास

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिसंपत्तियों की निगरानी और डिजिटलीकरण के लिए भू-ग्राम जियो-टैगिंग अभियान में राज्य के प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई है।

भारत — राष्ट्रीय खबरें

शासन और राजनीति

आज राष्ट्रीय राजनीति में संसद, केंद्र और राज्यों से जुड़े नीतिगत तथा प्रशासनिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे।

राजनीतिक दलों और नेताओं के दावों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में देखना जरूरी है।

न्यायपालिका

सर्वोच्च न्यायालय ने निजी विश्वविद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

विश्वविद्यालयों को लेखापरीक्षित वित्तीय रिकॉर्ड, शुल्क संरचना, धन के उपयोग आदि से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

सर्वोच्च न्यायालय में आज भी कई मामलों की सुनवाई सूचीबद्ध है।

अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

बैंक हड़ताल — आज का महत्वपूर्ण अपडेट

28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को यूनियनों ने बातचीत के बाद टाल दिया है।

इसलिए पहले चल रही “आज से बैंक बंद रहेंगे” वाली खबरों के बजाय इस नए अपडेट को ध्यान में रखना चाहिए।

भारतीय रिजर्व बैंक और नकदी

आरबीआई द्वारा बॉन्ड बिक्री, विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और अन्य उपायों के बाद बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी में काफी कमी आई है।

हालिया आंकड़ों के अनुसार अतिरिक्त नकदी 11.16 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर से घटकर लगभग 4.92 लाख करोड़ रुपये रह गई है।

शेयर बाजार

हालिया बाजार आंकड़ों में:

  • निफ्टी मिडकैप 100: लगभग 60,906

  • निफ्टी आईटी: लगभग 28,160

  • निफ्टी बैंक: लगभग 55,580

  • निफ्टी ऑटो: लगभग 26,967

  • डॉलर-रुपया: लगभग 95.82 रुपये प्रति डॉलर

शेयर बाजार के आंकड़े लगातार बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें उपलब्ध सुबह के आंकड़ों के रूप में देखें।

विश्व की खबरें

अमेरिका-ईरान

अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति वैश्विक राजनीति और कच्चे तेल की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।

अमेरिका की ओर से ईरान के साथ बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेत मिले हैं, जबकि ईरान की ओर से कूटनीतिक बातचीत की संभावना पर भी रिपोर्टें हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह में ईरान, यूक्रेन, गाजा, जलवायु परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दे बने हुए हैं।

रक्षा और सुरक्षा

  • मध्य-पूर्व संघर्ष का वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव जारी है।

  • यूक्रेन संघर्ष भी संयुक्त राष्ट्र की चर्चाओं में प्रमुख मुद्दा है।

  • भारत में आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

विज्ञान, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता

कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव स्वास्थ्य सेवा, शासन, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बढ़ रहा है।

भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में नैतिक निगरानी और समान अवसर पर जोर दिया है।

वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े जोखिमों पर भी चर्चा हो रही है।

स्वास्थ्य

  • बस्तर के दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य दल कठिन रास्तों से पहुंचकर लोगों की जांच कर रहे हैं।

  • दंतेवाड़ा के एक हालिया स्वास्थ्य शिविर में 62 लोगों की जांच की गई और चार लोगों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत सामने आई।

शिक्षा

निजी विश्वविद्यालय

सर्वोच्च न्यायालय के पारदर्शिता संबंधी निर्देश शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरों में हैं।

निजी विश्वविद्यालयों को वित्तीय रिकॉर्ड, शुल्क और धन के उपयोग से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है।

कृषि

छत्तीसगढ़ में मानसून के अंतिम चरण में बारिश का वितरण महत्वपूर्ण है।

कुछ जिलों में सामान्य से अधिक और कुछ में कम बारिश दर्ज हुई है। इसका असर धान, खरीफ फसलों, खेतों में जल निकासी और कटाई की तैयारी पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकता है।

आधारभूत ढांचा

छत्तीसगढ़ में प्रमुख परियोजनाएं:

  • कवर्धा: राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 7.8 किलोमीटर हिस्से को चार लेन करने की परियोजना — 54 करोड़ रुपये।

  • सरगुजा संभाग: 44 सड़क परियोजनाएं — लगभग 1,093.73 करोड़ रुपये।

 खेल

एशियाई खेल

भारत के लिए एथलेटिक्स में कई पदक आए:

  • एंसी सोजन — रजत पदक

  • तेजस्विन शंकर — कांस्य पदक

  • पारुल चौधरी — कांस्य पदक

  • सरवेश कुशारे ने भी ऊंची कूद में पदक हासिल किया।

पी.वी. सिंधु क्वार्टर फाइनल में चेन यूफेई से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

भारत और अफगानिस्तान के एशियाई खेल मुकाबले पर भी बारिश की स्थिति का असर महत्वपूर्ण है।

आज की 30 सेकंड की झलक

छत्तीसगढ़: बारिश, बस्तर की स्थिति, महासमुंद मजदूर तस्करी जांच, सड़क परियोजनाएं और स्वास्थ्य से जुड़ी खबरें।

भारत: निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय पारदर्शिता पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम।

बैंकिंग: 28–30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल टाल दी गई है।

बाजार: आरबीआई की नकदी प्रबंधन नीति तथा रुपये और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर।

विश्व: अमेरिका-ईरान, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र महासभा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम हैं।

खेल: एशियाई खेलों में भारत की एथलेटिक्स पदक उपलब्धियां प्रमुख खेल खबर हैं।

बैंक हड़ताल टली: 5-डे वर्किंग पर बनेगी कमेटी, जानें बैंक कर्मचारियों की मांगें

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 नई दिल्ली। बैंक कर्मचारियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल फिलहाल टल गई है। 5-डे वर्किंग, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और अन्य लंबित मांगों को लेकर बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के बीच सहमति बनने के बाद हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया।


रविवार देर रात IBA और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर आगे बातचीत जारी रखने और छुट्टियों से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए कमेटी बनाने पर सहमति बनी। इसका मतलब है कि फिलहाल 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक हड़ताल के कारण शाखाओं का कामकाज प्रभावित नहीं होगा।


6 सवाल-जवाब में समझिए क्यों टली बैंक हड़ताल

1. बैंक हड़ताल क्यों होने वाली थी?

बैंक यूनियनें लंबे समय से 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग कर रही हैं। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खोलने और शनिवार-रविवार को छुट्टी देने की मांग है।

इसके अलावा PLI स्कीम और कुछ अन्य लंबित सेवा संबंधी मुद्दों को लेकर भी यूनियनों और बैंक प्रबंधन के बीच मतभेद थे। इन्हीं मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था।

2. हड़ताल किसने टाली?

27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA और UFBU के बीच बैठक हुई। बैठक में लंबित मांगों पर बातचीत आगे बढ़ाने और 5-डे वर्किंग से जुड़े मुद्दे पर कमेटी बनाने पर सहमति बनी। इसके बाद UFBU ने प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी।

3. IBA और UFBU क्या हैं?

इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) बैंकों का प्रतिनिधि संगठन है। यह बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े वेतन, सेवा शर्तों, छुट्टियों समेत विभिन्न मुद्दों पर यूनियनों के साथ बातचीत करता है।

वहीं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की विभिन्न यूनियनों का संयुक्त मंच है। यह कर्मचारियों की मांगों को बैंक प्रबंधन के सामने रखता है।

4. क्या सरकार बैठक में शामिल थी?

UFBU के सर्कुलर के मुताबिक, सरकार बैठक में सीधे तौर पर शामिल नहीं थी। हालांकि PLI योजना में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव को IBA सरकार के सामने रखेगा।

5. हड़ताल होती तो ग्राहकों पर क्या असर पड़ता?

तीन दिन की हड़ताल होने पर बैंक शाखाओं में कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और ATM जैसी कुछ सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती थीं, लेकिन बैंकिंग गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की आशंका थी।

अब हड़ताल टलने के बाद इन सेवाओं पर प्रस्तावित हड़ताल के कारण होने वाला व्यवधान नहीं होगा।

6. क्या बैंकों में 5-डे वर्किंग लागू हो गई है?

नहीं। फिलहाल 5-डे वर्किंग लागू नहीं हुई है। इस मुद्दे पर कमेटी बनाकर समाधान तलाशने पर सहमति बनी है। शनिवार को बैंक बंद रखने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

90 फीसदी से ज्यादा बैंक कर्मचारियों के शामिल होने का दावा

प्रस्तावित हड़ताल में देश की सात प्रमुख बैंक यूनियनों के शामिल होने की बात कही गई थी। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियन पक्ष के अनुसार, इन संगठनों से देश के करीब 90 फीसदी से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं।

5-डे वर्किंग पर सरकार का क्या रुख?

हड़ताल से पहले सामने आई मीडिया रिपोर्टों में वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि सरकार ने बैंकों में 5-डे वर्किंग लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वेतन संशोधन से जुड़ी बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी थी।

ऐसे में अब 5-डे वर्किंग को लेकर आगे होने वाली कमेटी और बातचीत महत्वपूर्ण होगी।

PLI स्कीम पर भी विवाद

5-डे वर्किंग के अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी बैंक यूनियनों की आपत्तियां हैं। खासतौर पर स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI व्यवस्था में बदलाव की मांग की जा रही है।

बैठक में इस मुद्दे पर IBA के साथ बातचीत आगे बढ़ाने और यूनियनों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव का प्रस्ताव सरकार के सामने रखने पर सहमति बनी है।

हड़ताल टली, लेकिन रविवार को क्यों खुले बैंक?

हड़ताल की संभावना को देखते हुए बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए 27 सितंबर रविवार को भी कई बैंक शाखाओं में कामकाज कराया गया। इसके लिए वित्त मंत्रालय की ओर से व्यवस्था की गई थी।

इससे पहले 2016 में नोटबंदी के दौरान भी रविवार को बैंक खोले गए थे। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने और बदलने के लिए बैंकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।

अब तीन दिन की प्रस्तावित बैंक हड़ताल टलने के बाद 28 से 30 सितंबर तक बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज जारी रहने की उम्मीद है। वहीं, कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कमेटी और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

मुनगे से पोषण की बेहतरीन पहल: ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेख

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पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण

प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधे का वितरण

स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल की प्रशंसा

रायपुर- कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली इस पहल की सराहना की।

छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ उसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करना है।

मुनगा या सहजन छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध है। पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व के साथ ही औषधीय गुणों से युक्त है। मुनगा को अपने भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने की पहल बेहतरीन है। मुनगे के पेड़ को पेड़ तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल की जरूरत होती है। मुनगा पोषण, औषधीय गुणों एवं हरियाली के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण के लिए ध्यान केंद्रित कर ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं जनमानस के घरों के लिए व्यापक तौर पर मुनगे के पौधे का वितरण किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधें का वितरण का किया गया है। जिलों में क्रमशः बस्तर जिले में 25,244, कांकेर जिले में 43,071, दंतेवाड़ा में 7,056, नारायणपुर में 21,224, बीजापुर में 15699, सुकमा में 4,835, कोंडागांव में 31983, सरगुजा में 43754, कोरिया में 19022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 11939, सूरजपुर में 64599, बलरामपुर में 27107, जशपुर जिले में 1,62271 पौधे लगाएं गए है।

इसी प्रकार रायपुर जिले में 23948, महासमुंद में 6420, धमतरी में 48833, बलौदाबाजार में 28398, गरियाबंद में 10527, दुर्ग में 42474 राजनांदगांव जिले में 3480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39222, कबीरधाम में 75776, बेमेतरा में 19575, बालोद में 50933, बिलासपुर में 14965, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 43007, जांजगीर-चांपा में 57653, सक्ती में 6425, कोरबा में 1,01,002, रायगढ़  में 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 9,824, मुंगेली जिले में 6,518 पौधे लगाएं गए है।

इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। यानी घर के आंगन में लगा एक पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का भी जरिया बने। ‘हर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों की ‘मन की बात’ में लगातार हो रही चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।

लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा

‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद  भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक  विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में बारिश-बाढ़ से हालात गंभीर, करीब 5 हजार लोगों का रेस्क्यू; 16 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में प्रदेश में करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों से 16 लोगों को एयरलिफ्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भारी बारिश के कारण कई ग्रामीण और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

अधिकारियों ने लोगों से नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच आने वाले दिनों में भी बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत-बचाव कार्यों को तेज करने की है।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कूटनीति पर जोर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर गतिरोध

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तेहरान/वॉशिंगटन- ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को रोकने के प्रयासों पर फिलहाल गतिरोध बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मौजूदा संकट का समाधान कूटनीतिक और बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। अराघची के अनुसार, इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही जलडमरूमध्य को खोलने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। तेहरान का कहना है कि वह अमेरिकी प्रस्ताव पर मध्यस्थों के माध्यम से औपचारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से रखे गए सात-दिवसीय प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में इसके आसपास बना तनाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

फिलहाल ईरान बातचीत के रास्ते को जारी रखने की बात कह रहा है, जबकि हॉर्मुज को फिर से खोलने और संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

राजनाथ सिंह बोले- भविष्य की जंग तकनीक आधारित होगी, AI और ड्रोन पर भारत का फोकस

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत भविष्य की युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगले 10, 20 और 25 वर्षों के लिए अपनी रक्षा क्षमताओं को विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से तकनीक आधारित होगा और देश को उसी के अनुरूप तैयार रहना होगा।

NDTV Defence Summit 2026 में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य का युद्ध मल्टी-डोमेन होगा, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र के साथ-साथ स्पेस, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ऑटोनॉमस सिस्टम की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल मौजूदा जरूरतों के लिए हथियार तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए फ्यूचर-रेडी और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने देश में विकसित तकनीक और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि भारत को वह तकनीक खुद विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जिसकी भविष्य में आवश्यकता होगी।

उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और ऑटोनॉमस सिस्टम में भारतीय युवाओं और रक्षा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।

रक्षा मंत्री के अनुसार, भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी बढ़त महत्वपूर्ण होगी और भारत इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा रणनीति और क्षमताओं को विकसित कर रहा है।

रविवार को भी खुली बैंक शाखाएं, हड़ताल से पहले ग्राहकों को राहत

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नई दिल्ली- देश के कई हिस्सों में रविवार, 27 सितंबर को भी बैंक शाखाएं खुली हैं। आगामी बैंक हड़ताल के मद्देनजर ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में होने वाली संभावित परेशानी से राहत देने के लिए यह व्यवस्था की गई है।


रविवार को बैंक खुले रहने से ग्राहकों को नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी काम और अन्य शाखा-आधारित बैंकिंग सेवाओं के लिए अतिरिक्त अवसर मिला है। हालांकि, सभी शाखाओं में उपलब्ध सेवाएं और कामकाज का समय संबंधित बैंक के निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

ग्राहकों को सलाह दी गई है कि बैंक जाने से पहले अपनी संबंधित शाखा के कार्य समय और उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि कर लें।

बैंकिंग सेवाओं को लेकर आने वाले दिनों में प्रस्तावित हड़ताल का असर पड़ने की संभावना के बीच रविवार को शाखाएं खुलने का यह निर्णय ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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