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‘The Paradise’ की रिलीज़ से पहले बढ़ी चर्चा

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मुंबई- साउथ सुपरस्टार नानी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘The Paradise’ अपनी रिलीज़ से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है और रिलीज़ से पहले इसके सेंसर सर्टिफिकेट और हिंसा से जुड़े दृश्यों को लेकर काफी चर्चा हो रही है।



फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खास उत्सुकता है, क्योंकि ‘The Paradise’ में नानी को एक अलग और दमदार अंदाज में देखा जाने वाला है। फिल्म की कहानी, एक्शन और विजुअल ट्रीटमेंट को लेकर भी सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा देखने को मिल रही है।

सेंसर सर्टिफिकेट और हिंसा पर चर्चा

रिलीज़ से पहले फिल्म के सर्टिफिकेशन और कुछ हिंसक दृश्यों को लेकर सवाल और चर्चाएं सामने आई हैं। फिल्म में एक्शन और हिंसा की मात्रा को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी हुई है। हालांकि, फिल्म के अंतिम कंटेंट और सेंसर से जुड़ी जानकारी को लेकर आधिकारिक तौर पर सामने आई बातों को ही आधार माना जाना चाहिए।

नानी के फैंस में उत्साह

‘The Paradise’ को लेकर नानी के फैंस के बीच खासा उत्साह है। फिल्म की रिलीज़ के साथ अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि कहानी, एक्शन और नानी का किरदार बड़े पर्दे पर किस तरह सामने आता है।

फिल्म 24 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। रिलीज़ से पहले सेंसर और हिंसा से जुड़े मुद्दों की चर्चा ने फिल्म को लेकर लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट

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10 महीनों में 14 बार दर्ज हुई आपत्ति, मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली- देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने पिछले करीब 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज की।

रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों का संबंध मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने और मतदाता डेटा के डिजिटल प्रबंधन से है।

मामला क्या है?

चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संधू और जोशी ने कई मौकों पर यह आपत्ति दर्ज की कि आयोग के नाम पर कुछ फैसले या आदेश उनकी जानकारी अथवा मंजूरी के बिना लिए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं। दोनों आयुक्तों की आपत्तियां चुनावी प्रक्रिया के बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों से जुड़ी थीं।

एसआईआर बना विवाद का मुख्य केंद्र

इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एसआईआर यानी Special Intensive Revision है।

एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण करना है। इसमें मतदाता रिकॉर्ड की जांच की जाती है और पात्रता से संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट किया जाता है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बिहार से शुरू हुई यह प्रक्रिया बाद में देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुंची और इसके दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए। यह संख्या व्यापक मतदाता रिकॉर्ड की प्रारंभिक छंटाई से संबंधित है; इसे अंतिम रूप से मताधिकार खो चुके लोगों की संख्या के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।

फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति

रिपोर्ट के मुताबिक, फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर भी दोनों चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए।

फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, नए फॉर्म में आवेदक से यह जानकारी मांगी गई कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में था या नहीं।

सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कथित तौर पर इस बदलाव की वैधानिक प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। संधू ने बाद में इसे “अनधिकृत और गैरकानूनी” बताते हुए हटाने की मांग की।

मतदाता डेटा के केंद्रीकरण पर भी सवाल

दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों में मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम का मुद्दा भी सामने आया।

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के डिजिटल सिस्टम ईसीआईनेट (ECINet) में मतदाता डेटा के प्रबंधन और राज्य स्तर के अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए गए।

आयुक्तों ने कथित तौर पर चिंता जताई कि मतदाता सूची के डेटाबेस का संचालन धीरे-धीरे केंद्र स्तर पर अधिक केंद्रीकृत हो रहा है और इससे स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है।

गोवा में 97 मतदाताओं का मामला

रिपोर्ट में गोवा का एक उदाहरण भी दिया गया है।

इसके अनुसार, 97 मतदाताओं के मामलों में स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें पात्र पाया, लेकिन संबंधित डिजिटल सिस्टम में उनके नाम बहाल करने की प्रक्रिया समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी।

नतीजतन, ये 97 पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सवाल उठता है कि यदि जमीनी स्तर का अधिकारी किसी व्यक्ति को पात्र मानता है, तो डिजिटल प्रणाली में उस निर्णय को दर्ज और लागू करने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने आंतरिक मतभेद या विभाजन की धारणा को खारिज किया।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि एसआईआर सहित आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और दोनों चुनाव आयुक्तों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की मंजूरी से लिए गए हैं।

इसलिए इस खबर को समझते समय दोनों पक्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है:

रिपोर्ट का दावा:
दो चुनाव आयुक्तों ने कई फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं।

चुनाव आयोग का पक्ष:
आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

इसका संवैधानिक महत्व क्या है?

चुनाव आयोग भारत की संवैधानिक संस्था है और इसका आधार संविधान का अनुच्छेद 324 है।

चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त शामिल होते हैं। 2023 के कानून के तहत आयोग के कामकाज में जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से निर्णय लेने का प्रावधान है। यदि सदस्यों के बीच मतभेद हो तो कानून के अनुसार बहुमत से निर्णय लिया जा सकता है।

इसी वजह से दो चुनाव आयुक्तों द्वारा बार-बार लिखित आपत्ति दर्ज किए जाने की रिपोर्ट को चुनावी प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निष्कर्ष

चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विवाद सीधे मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण और चुनावी डेटा के प्रबंधन जैसे मूल चुनावी कार्यों से जुड़ा है। फिलहाल सार्वजनिक चर्चा में एक तरफ इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट है, जबकि दूसरी तरफ चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का यह कहना है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

नवविवाहिता ने चूहा मार दवा खाई, इलाज के दौरान मौत; मायके पक्ष ने ससुराल पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

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 सरगुजा। मैनपाट थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान सूरजपुर निवासी वर्षा यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वर्षा ने चूहा मारने की दवा खा ली थी। गंभीर हालत में उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


1 मई को हुई थी शादी

जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर के वार्ड क्रमांक-13, प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव की शादी 1 मई 2026 को मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने और मौत की यह घटना सामने आई है।

पिता को भेजा था मैसेज- 'जीना नहीं चाहती'

परिजनों के अनुसार, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता उमेश यादव को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर कहा था कि वह जीना नहीं चाहती। इसके कुछ देर बाद उसके पति अजय यादव ने परिजनों को फोन कर वर्षा की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उसे इलाज के लिए अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर आईसीयू में इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मायके पक्ष ने लगाए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप

वर्षा के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता उमेश यादव का कहना है कि 15 सितंबर को भी उनकी बेटी ने फोन कर मारपीट किए जाने की बात कही थी। परिजनों का आरोप है कि 19 सितंबर को भी वर्षा ने ससुराल में उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं होने की बात कही थी।

परिजनों के मुताबिक, वर्षा एमएससी की पढ़ाई करना चाहती थी। मायके पक्ष ने प्रताड़ना के पीछे पैसों के लेन-देन का मामला होने की आशंका भी जताई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस और प्रशासन ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और नायब तहसीलदार लखेश्वर सिदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। नायब तहसीलदार के अनुसार, मायके पक्ष ने मारपीट और पैसों के लेन-देन से जुड़े आरोप लगाए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रायपुर के गोलबाजार गणपति का भव्य स्वर्ण श्रृंगार, 750 ग्राम सोने का मुकुट; कीमत 1 करोड़ से ज्यादा

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 रायपुर। राजधानी का ऐतिहासिक गोलबाजार गणेशोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से भगवान गणपति का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया है। गणेश प्रतिमा को 750 ग्राम सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। समिति के अनुसार, मुकुट की वर्तमान बाजार कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है।


स्वर्ण मुकुट से सजे भगवान गणपति के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। देर रात तक पंडाल में भक्तों की भीड़ बनी रहती है। समिति के मुताबिक, दर्शन का क्रम सुबह करीब 4 बजे तक चलता है। पंडाल में आयोजित भजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

117 साल पुरानी है गणेशोत्सव की परंपरा

समिति के अनुसार, गोलबाजार में सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा को इस वर्ष 117 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आयोजन से व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता भी करीब 37 वर्षों से गणेशोत्सव के आयोजन और व्यवस्थाओं में सक्रिय हैं।

गोलबाजार गणपति के स्वर्ण मुकुट की परंपरा वर्ष 2018 से चली आ रही है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग और उनकी आस्था को देखते हुए भविष्य में रिद्धि-सिद्धि के लिए भी स्वर्ण मुकुट तैयार कराने की योजना है।

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाई 2 किलो चांदी

समिति के मुताबिक, पिछले वर्ष एक श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने के बाद भगवान गणपति को 2 किलो चांदी अर्पित की थी। समिति इसे श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान गणपति के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रतीक मानती है।

गणपति के साथ बालाजी, लक्ष्मी और पद्मावती के दर्शन

गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इनके दर्शन के लिए रायपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

समिति के सदस्यों के अनुसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ समाज को एकजुट करना भी है। इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष भी पारंपरिक आयोजन के साथ आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। आयोजन में नई पीढ़ी के युवा भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।

SIR पर EC का बड़ा स्पष्टीकरण, अंदरूनी मतभेद की खबरें खारिज; कहा- सभी फैसले सर्वसम्मति से

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 नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की खबरों पर आयोग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि SIR समेत सभी रणनीतिक और प्रशासनिक फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की सहमति से लिए गए हैं।


आयोग के सूत्रों के मुताबिक, SIR से जुड़े फैसलों समेत निर्वाचन आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने कहा कि प्रत्येक फैसले पर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की लिखित मंजूरी और सहमति रही है।

किस रिपोर्ट के बाद आया आयोग का स्पष्टीकरण?

आयोग का यह बयान The Indian Express की 23 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद आया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं।

रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने, फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची से जुड़े मामलों में अपील तथा चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों के संबंध में सवाल उठाया था कि क्या उन्हें उनकी जानकारी और मंजूरी के बिना जारी किया गया। इन आपत्तियों की प्रतियां CEC ज्ञानेश कुमार को भी भेजे जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

चुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने की व्यवस्था क्या है?

निर्वाचन आयोग तीन सदस्यीय संवैधानिक संस्था है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। आयोग की मौजूदा संरचना में ज्ञानेश कुमार CEC हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं।

2023 के कानून के तहत आयोग के कामकाज को जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से संचालित किए जाने का प्रावधान है। मतभेद की स्थिति में बहुमत के आधार पर निर्णय लेने की व्यवस्था भी है।

रिपोर्ट में किन मुद्दों का जिक्र?

The Indian Express की रिपोर्ट में फॉर्म-6 में कथित बदलाव, मतदाता सूची के डेटा के केंद्रीकरण और कुछ मामलों में मतदाता नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में गोवा में 97 मतदाताओं से जुड़ी एक प्रक्रिया का भी जिक्र किया गया है, जहां स्थानीय स्तर पर पात्र पाए गए मतदाताओं से संबंधित फैसलों को सॉफ्टवेयर में दर्ज करने में समस्या आने की बात कही गई।

हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि आयोग के सभी फैसले तीनों सदस्यों की सहमति से ही लिए गए हैं।

विपक्षी दलों ने उठाए सवाल

रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई।

वहीं, अन्य विपक्षी नेताओं ने भी SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं। ये राजनीतिक दलों के आरोप और प्रतिक्रियाएं हैं; चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक सूत्रों के माध्यम से आंतरिक मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए सभी फैसलों को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया है।

फिलहाल SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है। आयोग के स्पष्टीकरण और सामने आई मीडिया रिपोर्टों में दावों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।

कांग्रेस पहले अपने संगठन में चल रहे विरोध और अंतर्कलह को देखे : मुख्यमंत्री

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस की नीतियों और संगठन के भीतर चल रही खींचतान को लेकर निशाना साधा है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इससे पहले वे पंजाब के प्रभारी थे, जहां उनका विरोध हुआ।


अब वे पहली बार असम में प्रभारी बनकर गए हैं और वहां भी उनका विरोध सामने आया है। कांग्रेस को देखना चाहिए कि आखिर उसके अपने संगठन के भीतर क्या हो रहा है और उसके नेताओं को अपने ही लोगों के बीच विरोध और अपमान का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। वह जनता से जो वादे करती है, उन्हें पूरा नहीं करती। यही कारण है कि जनता का कांग्रेस से लगातार विश्वास उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भी कांग्रेस के पांच वर्षों के शासन को देखा और उसके बाद अपना स्पष्ट निर्णय दिया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई। इसके बाद लोकसभा चुनाव और नगरीय निकाय तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी जनता ने कांग्रेस को नकार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता केवल वादों पर नहीं, बल्कि काम और परिणाम के आधार पर अपना निर्णय करती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। अपने ही नेताओं के बीच विरोध, अंतर्कलह और असंतोष की जो स्थितियां सामने आ रही हैं, कांग्रेस को पहले उनका समाधान करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन का असर, अगले दो दिन बारिश के आसार; कई जिलों में अलर्ट

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 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां जारी हैं, जबकि बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।


मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर की सुबह 11.30 बजे डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय था। यह पिछले छह घंटे में करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का असर

दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। इसके चलते जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। वहीं राजधानी रायपुर में मंगलवार रात मौसम में बदलाव देखने को मिला, लेकिन उमस और गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली।

कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार सुबह 10 बजे तक कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और बेमेतरा में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश

प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कवर्धा में सबसे अधिक 4 सेंटीमीटर बारिश हुई। राजपुर और कोटा में 3-3 सेंटीमीटर, जबकि चांदो, भैयाथान, मरवाही और दर्री में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जांजगीर, लोरमी, कोरबा और अजगरबहार में 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।

राजनांदगांव में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में भी बारिश की संभावना

राजधानी रायपुर में 23 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर न रहने तथा मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

आज सुबह की बड़ी खबरें,23 सितंबर 2026

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देश की खबरें

1.  भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति-26’

भारतीय वायुसेना इस सप्ताह तरंग शक्ति-26 के दूसरे संस्करण की मेजबानी करने जा रही है। अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच सामरिक तालमेल, संयुक्त अभियान क्षमता और आपसी सहयोग बढ़ाना है। इसका आयोजन जोधपुर में होना है। 

याद रखें:
तरंग शक्ति-26 → भारतीय वायुसेना → जोधपुर

2.  दिल्ली में देर रात बुलडोजर कार्रवाई

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में देर रात ध्वस्तीकरण कार्रवाई की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई में एक मस्जिद और कुछ घर प्रभावित हुए हैं। यह स्थानीय प्रशासन से जुड़ा मामला है और इसकी परिस्थितियों पर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आ रही हैं। 

3.  सुप्रीम कोर्ट ने दवा कंपनियों के मूल्य निर्धारण पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं के एमआरपी और पीटीआर के बीच बड़े अंतर को लेकर दवा कंपनियों से जुड़े मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की है। मामला दवाओं की कीमत और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव से संबंधित है।

क्यों महत्वपूर्ण?
स्वास्थ्य क्षेत्र + दवा मूल्य निर्धारण + उपभोक्ता संरक्षण

4.  पुलिसकर्मियों को एआई चैटबॉट पर दस्तावेज अपलोड न करने की सलाह

मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया और एआई उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिसकर्मियों को ChatGPT और Gemini जैसे एआई प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक दस्तावेज अपलोड नहीं करने को कहा गया है। 

मुख्य मुद्दा: साइबर सुरक्षा और सरकारी जानकारी की गोपनीयता।

5.  राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव 16 अक्टूबर को

निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को चुनाव कराने की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट शामिल है। पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव भी उसी दिन होगा। 

दुनिया की बड़ी खबरें

6. ट्रंप–शी जिनपिंग मुलाकात पर दुनिया की नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारों की नजर है।

बातचीत से जुड़े प्रमुख मुद्दों में व्यापार शुल्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दुर्लभ खनिज, ताइवान और वैश्विक आपूर्ति शृंखला शामिल हैं।

भारत के लिए इसका महत्व इसलिए है क्योंकि अमेरिका-चीन संबंधों में बदलाव का असर वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ सकता है। 

7. ईरान–अमेरिका तनाव और होर्मुज पर नजर

मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर घटनाक्रम महत्वपूर्ण बना हुआ है।

होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी बड़े व्यवधान का असर कच्चे तेल की कीमत, भारत के आयात बिल और रुपये पर पड़ सकता है। हालिया तेल बाजार की गतिविधियों में भी इस मुद्दे का असर दिखाई दिया है। 

8. नेपाल के लिए अमेरिका की अतिरिक्त बाढ़ सहायता

अमेरिका ने नेपाल को बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त 3.1 करोड़ डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिकी सहायता की कुल राशि करीब 3.6 करोड़ डॉलर हो गई है। 

क्षेत्र: मानवीय सहायता + आपदा प्रबंधन

अर्थव्यवस्था और कारोबार

9. रुपया 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर बंद

भारतीय रुपया मंगलवार को करीब 0.2% मजबूत होकर 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक की गतिविधियां रुपये की चाल से जुड़े प्रमुख कारकों में रहीं। 

ध्यान दें:
तेल महंगा → भारत का आयात बिल बढ़ सकता है → रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

10. रूस से भारत के कच्चे तेल आयात में कमी

अगस्त में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात लगभग 16.5% घटा। इस दौरान भारत ने दूसरे स्रोतों से तेल खरीद बढ़ाई। इराक से आयात में भी वृद्धि दर्ज की गई। 

क्यों महत्वपूर्ण?
➡️ ऊर्जा सुरक्षा
➡️ तेल की कीमत
➡️ भारत का व्यापार घाटा
➡️ विदेश नीति

खेल जगत

 11. भारत ने एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण जीता

भारत ने महिला टी-20 क्रिकेट में श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216/3 बनाए और श्रीलंका की टीम 69 रन पर आउट हो गई।

स्मृति मंधाना ने 79 रन बनाए और इस मैच के दौरान महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली पहली बल्लेबाज बनीं।

याद रखें:भारत का 2026 एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण → महिला क्रिकेट

12. आज मनु भाकर और मीराबाई चानू पर नजर

आज एशियाई खेलों में भारत की ओर से कई महत्वपूर्ण मुकाबले हैं।

  • मनु भाकर → 10 मीटर एयर पिस्टल

  • मीराबाई चानू → भारोत्तोलन

  • भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम → चीन के खिलाफ सेमीफाइनल

  • वुशु में रोशिबिना देवी → सेमीफाइनल

विज्ञान और तकनीक

13. इसरो–यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी सहयोग 2032 तक

इसरो और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अपना सहयोग 2032 तक बढ़ाने का फैसला किया है।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में अंतरिक्ष मौसम और रोबोटिक अंतरिक्ष अन्वेषण शामिल हैं। 

एआई पर वैश्विक नियमों की चर्चा तेज

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतारेस ने एआई के लिए वैश्विक शासन और जोखिम प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौजूदा सत्र में एआई के साथ-साथ युद्ध, जलवायु और वैश्विक संस्थाओं में सुधार भी प्रमुख मुद्दे हैं।

पर्यावरण / जल / कृषि

14. ‘जल सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा’

भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह के दौरान जल संरक्षण, भंडारण और बेहतर जल प्रबंधन पर जोर दे रहा है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। 

 महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति चिंता का विषय

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और उसके कारण कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर रिपोर्टें सामने आई हैं। इसका असर किसानों, फसल उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। 


पूजा को लेकर विवाद बना खूनी वारदात की वजह, पत्नी-पुजारियों की हत्या के बाद आरोपी का एनकाउंटर

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 आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद बच्चों को बंधक बनाकर कमरे में छिपे आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। करीब सात घंटे तक चले हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद कमांडो टीम ने आरोपी अरविंद सिंह को काबू करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक जवाबी फायरिंग में गोली लगने से अरविंद घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना में आरोपी का एक बच्चा भी गोली लगने से घायल हुआ है, जबकि दो बच्चे सुरक्षित हैं।


घटना अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है। पुलिस के अनुसार मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद सिंह बाजार से अपने घर पहुंचा था। उस समय घर में उसकी पत्नी बबीता सिंह (40), मां समला देवी (70) और तीन बच्चे मौजूद थे। घर में कुछ पुजारी धार्मिक अनुष्ठान करा रहे थे।

पूजा को लेकर हुआ विवाद

बताया गया कि घर में चार दिन की पूजा का आयोजन किया गया था। मंगलवार शाम अरविंद के घर पहुंचने पर उसने पूजा को लेकर पंडितों से सवाल-जवाब शुरू कर दिया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर पहले पत्नी बबीता सिंह को गोली मारी। इसके बाद पूजा करा रहे पंडित महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) पर भी फायरिंग कर दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

फायरिंग के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा होने लगी। इसके बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया।

पुलिस ने घेर लिया था पूरा मकान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपी को लगातार सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन वह बाहर नहीं आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। देर रात वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने घटनास्थल का जायजा लिया।

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कमांडो टीम को भी मौके पर बुलाया गया। रात करीब 12:30 बजे कमांडो टीम ने मोर्चा संभाला और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा।

करीब 15 मिनट चली फायरिंग

पुलिस के अनुसार, कमांडो टीम के पहुंचने के बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में कमांडो टीम ने भी गोली चलाई। करीब 15 मिनट तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही। इसके बाद आरोपी की ओर से गोली चलना बंद हो गया।

कमांडो टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो अरविंद घायल अवस्था में मिला। उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक बच्चा भी गोली लगने से घायल हो गया। घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि दो अन्य बच्चे सुरक्षित बताए गए हैं।

पूजा को लेकर पहले से नाराज था आरोपी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में पूजा कराने को लेकर अरविंद पहले से नाराज था। पूजा करा रहे एक पंडित के मुताबिक, परिवार की ओर से चार दिन की पूजा रखी गई थी और बुधवार को पूर्णाहुति होनी थी। पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर अरविंद का पत्नी और पुजारियों से विवाद हुआ था।

एसपी ग्रामीण चिराग जैन के मुताबिक, आरोपी पूजा-पाठ कराए जाने का विरोध कर रहा था। विवाद बढ़ने के बाद उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और दोनों पुजारियों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वह बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया।

पुलिस ने घटनास्थल को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की पूरी वजह और फायरिंग के दौरान हुई परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

एशियन गेम्स में भारत की शानदार शुरुआत, अब तक 7 पदक; महिला क्रिकेट ने दिलाया पहला गोल्ड

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नई दिल्ली- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 22 सितंबर तक भारत की झोली में कुल 7 पदक आ चुके हैं, जिनमें 1 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं।

महिला क्रिकेट टीम ने जीता पहला गोल्ड

भारत का पहला स्वर्ण पदक महिला क्रिकेट टीम ने जीता। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का महिला क्रिकेट स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 69 रन पर ऑलआउट हो गई।

शूटिंग में भारत का दबदबा

भारत के चार रजत पदकों में से सभी शूटिंग से आए हैं। एलावेनिल वलारिवन ने महिला 10 मीटर एयर राइफल में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में दो रजत पदक जीते। पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में हिमांशु धिल्लों ने व्यक्तिगत रजत और भारतीय टीम ने टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।

कांस्य पदक भी भारत के नाम

शूटिंग में रुद्रांक्ष पाटिल ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वहीं सुचिका तारियाल ने महिला ट्रेडिशनल MMA के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।

भारत की पदक तालिका

पदक           संख्या
🥇 स्वर्ण1
🥈 रजत4
🥉 कांस्य2
कुल7

एशियन गेम्स अभी जारी हैं और भारत के कई खिलाड़ी शूटिंग, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, वुशु, कबड्डी, हॉकी समेत अन्य खेलों में मुकाबले खेल रहे हैं। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जापान को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जिससे एक और पदक पक्का हो गया है। (

नोट: पदक तालिका प्रतियोगिता के दौरान लगातार बदल रही है; ऊपर के आंकड़े 22 सितंबर 2026 के उपलब्ध अपडेट के अनुसार हैं।

Asian Games 2026 — India medal tally and winners list

गणित के डर को आकर्षण में बदलने गतिविधि आधारित शिक्षण पर शिक्षकों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

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छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स: फ्रॉम फियर टू फैसिनेशन' पर प्रशिक्षण हुआ आयोजित

गणितीय अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने पर हुई चर्चा

रायपुर- छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में मंगलवार को ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स: फ्रॉम फियर टू फैसिनेशन' विषय पर विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को गणित शिक्षण की ऐसी नवीन, गतिविधि - आधारित और रचनात्मक विधियों से परिचित कराना रहा, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों के लिए गणित को सरल, रोचक और आनंददायक बनाया जा सके।

प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सोनमणि बोरा तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में गणित को केवल पाठ्यपुस्तक, सूत्रों और गणनाओं तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन, अनुभव, गतिविधियों और रचनात्मकता से जोड़कर पढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में गणित के प्रति रूचि और जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ तार्किक सोच विकसित करने में भी सहायक हो सकती है।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ इंजीनियर, ऑल इंडिया रामानुजन सोसाइटी के निदेशक एवं रामानुजन टैलेंट सर्च फाउंडेशन बेंगलुरु के मैथ्स कोच बी. एन. राव ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधि-आधारित एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने गणितीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने के लिए व्यावहारिक उदाहरणों और विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया तथा बताया कि कक्षा में विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सक्रिय सहभागिता बढ़ाकर गणित को सहज एवं आनंददायक बनाया जा सकता है।

सेशन के दौरान शिक्षकों ने स्वयं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर गणितीय अवधारणाओं को समझा। गतिविधियों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि कठिन प्रतीत होने वाली गणितीय अवधारणाओं को भी सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है। शिक्षकों ने इन तकनीकों को अपने-अपने कक्षा में लागू करने के तरीकों को भी समझा।

कार्यक्रम में रायपुर के चार विकासखंडों के शिक्षकों ने ऑफलाइन सहभागिता की, जबकि पूरे रायपुर जिले के शिक्षकों के लिए कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण किया गया। इसके माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षक विशेषज्ञ द्वारा साझा की गई गतिविधि-आधारित गणित शिक्षण की विधियों से जुड़े और लाभान्वित हुए।

इंटरैक्टिव सत्र में गणित शिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों के साथ संवाद भी किया गया। छोटे-छोटे प्रयोग, गतिविधियां, प्रश्नोत्तर और रचनात्मक अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करने के तरीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे प्रभावी शिक्षण उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराना रहा, जिनसे विद्यार्थी गणितीय अवधारणाओं को समझकर सीखें, उनका प्रयोग करें तथा उनमें तार्किक और वैज्ञानिक सोच विकसित हो।

 कार्यक्रम में शिक्षकों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता रही। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए गणित शिक्षण की नई तकनीकों और दृष्टिकोणों को समझा। शिक्षकों के अनुभव और सुझावों ने कार्यक्रम को अधिक संवादात्मक एवं उपयोगी बनाया। इसी तरह 23 सितंबर को बी.एड. विद्यार्थियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

चंपारण्य में ₹73.42 करोड़ के महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को केंद्र की मंजूरी

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राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा चंपारण्य, करीब 15 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार

चंपारण्य को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम - राजेश अग्रवाल

रायपुर- छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर जिले के चंपारण्य में लगभग 73.42 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित “श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स” परियोजना को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति  CSMC ने स्वीकृति प्रदान की है। सीएसएमसी स्वदेश दर्शन 2.0 की केंद्रीय समिति है, जो मिशन निदेशालय की अनुशंसाओं के आधार पर परियोजनाओं की स्वीकृति पर विचार करती है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा किया जाएगा तथा इसके लिए 18 माह की प्रस्तावित कार्यान्वयन अवधि निर्धारित की गई है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना की स्वीकृति पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास को नई गति मिल रही है। चंपारण्य छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली को बेहतर पर्यटक सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी। हमारा प्रयास होगा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली की गरिमा और धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त सुविधाएं विकसित हों। यह परियोजना चंपारण्य को देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के बीच और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करने में सहायक होगी।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। चंपारण्य परियोजना की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 

परियोजना की स्वीकृति के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय पर्यटन एवं  संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।

महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली चंपारण्य देशभर में वैष्णव श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य चंपारण्य को केवल तीर्थ यात्रा के एक पड़ाव तक सीमित न रखते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विरासत एवं अनुभव-आधारित पर्यटन के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है। परियोजना के माध्यम से पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, उनके ठहराव की अवधि बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स में म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, कथा ग्राउंड, ओपन एयर थिएटर, वेलनेस एवं मेडिटेशन सुविधाएं, श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं डॉरमेटरी, मल्टीपर्पज हॉल, रेस्टोरेंट और वेंडर शॉप्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

परियोजना में यज्ञ कुंड एवं जल कुंड का उन्नयन, तालाब विकास, दिव्य पाथवे एवं कवर्ड पाथवे, पार्किंग, साइनेज और लैंडस्केपिंग सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं का भी विकास प्रस्तावित है। यह श्रद्धालुओं के साथ-साथ परिवारों, सांस्कृतिक पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वेलनेस पर्यटन से जुड़े पर्यटकों के लिए भी आकर्षक अनुभव होगा।

परियोजना की परिकल्पना इस प्रकार की गई है कि चंपारण्य आने वाले श्रद्धालुओं को महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी के जीवन, दर्शन और विरासत से परिचित होने का अवसर मिले। सामान्य पर्यटकों के लिए आधे से पूरे दिन तक के प्रवास तथा धार्मिक आयोजनों एवं वेलनेस गतिविधियों के दौरान अधिक अवधि तक ठहरने की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है।

परियोजना की डीपीआर एवं कार्य-सीमा तैयार है और स्वीकृति के बाद निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद चंपारण्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन की गतिविधियों को भी विस्तार मिलेगा। इससे पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

संत गहिरा गुरु विवि को मिले 5 राज्य स्तरीय NSS पुरस्कार

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 सरगुजा संभाग ने लहराया सफलता का परचम

राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा ने संपूर्ण प्रदेश में अपना परचम लहराया है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी वर्ष 2025-26 की राज्य स्तरीय एनएसएस पुरस्कार चयन सूची में विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी संस्थाओं तथा स्वयंसेवकों ने कुल पांच पुरस्कार अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर की श्रेणी में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर सरगुजा संभाग का गौरव बढ़ाया है।

संस्थागत श्रेणी में सरगुजा जिले के सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, अम्बिकापुर को राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं महाविद्यालयीन स्वयंसेवक श्रेणी में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के शिवम शर्मा और शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर नगर की कु. नेहा यादव ने बाजी मारी है। इसके अलावा विद्यालय स्तर की स्वयंसेवक श्रेणी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अधिना (सूरजपुर) की कु. मीना राजवाड़े का चयन हुआ है।

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के अवसर पर 24 सितम्बर को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहाँ इन सभी उत्कृष्ट संस्थाओं और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के अंतर्गत सरगुजा संभाग के छह जिलों में 158 इकाइयां संचालित हैं, जो जमीनी स्तर पर समाजसेवा और सामुदायिक विकास के कार्यों में जुटी हुई हैं।

विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता पर कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने सभी विजेताओं, प्राचार्यों और कार्यक्रम अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का समर्पण ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव है और यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन व निष्ठा का ही परिणाम है।

धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

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नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश

​रायपुर- राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत धमतरी स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय विभागीय प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बालिकाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करना था।

योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है। बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों और अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सही जानकारी ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति रही। कलाकारों ने अपने संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक तथा सामाजिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।

उपस्थित ​प्रमुख जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अंत में  लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश नवीनीकरण के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितम्बर को

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तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल

आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य

रायपुर- राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं।

चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा।

चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।

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