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चक्रधर समारोह में सजेगी सुर, ताल और संस्कृति की दस दिवसीय महफिल

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कविता कृष्णमूर्ति, अनुज शर्मा, भारती बंधु और इंडियन आइडल फेम कलाकारों समेत देश-प्रदेश की नामचीन प्रतिभाएं बिखेरेंगी संस्कृति के रंग

शास्त्रीय नृत्य, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य वादन से गुलजार होगा रायगढ़

रायपुर- महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 में इस बार कला और संस्कृति के विविध रंग एक साथ देखने को मिलेंगे। रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितम्बर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में स्थानीय प्रतिभाओं से लेकर देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे से शुरू होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में शास्त्रीय नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोककला, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा जीवंत होगी।

संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह की खासियत यह होगी कि हर शाम कला की एक अलग विधा और अलग रंग दर्शकों के सामने आएगा। दस दिनों तक रायगढ़ का रामलीला मैदान सुर, ताल, नृत्य और लोक परंपराओं के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा।

गणेश वंदना से होगा शुभारंभ, पंडवानी और लोकसंगीत से सजेगी पहली शाम

समारोह का शुभारंभ 14 सितम्बर को वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति से होगा। इसके बाद पद्मश्री सम्मानित अनुज शर्मा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति देंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित डॉ. उषा बारले अपनी पंडवानी प्रस्तुति से पहली सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएंगी। लोकधुनों, लोकगाथाओं और पंडवानी की सशक्त परंपरा से समारोह का आगाज होगा।

15 सितम्बर को तबला, कुचिपुड़ी और राजस्थानी लोककला का संगम

15 सितम्बर की शाम में निशित गंगानी का तबला वादन, टी. लक्ष्मी रेड्डी की कुचिपुड़ी प्रस्तुति, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर की राजस्थानी फोक प्रस्तुति और तरुणा साहू एवं समूह की पंडवानी प्रस्तुति होगी। इसके साथ माधवरस बैंड द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति सांस्कृतिक संध्या को भक्तिरस से सराबोर करेगी।

16 सितम्बर को कथक और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की छटा

16 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य की विविधता मंच पर दिखाई देगी। मौमाला नायक कथक की प्रस्तुति देंगी। भूपेन्द्र साहू एवं समूह छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगे। डॉ. यास्मीन सिंह एवं समूह तथा विभूति शर्मा द्वारा कथक की प्रस्तुतियां होंगी, जबकि पायल साहू एवं समूह लोककला के रंग बिखेरेंगे।

17 सितम्बर को भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक की त्रिवेणी

17 सितम्बर की शाम लोककला एवं संगीत के साथ शास्त्रीय नृत्य की अनेक विधाओं का संगम देखने को मिलेगा। बादल-बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट्स एवं लिटरेचर द्वारा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति होगी। मधुमिता रॉय मिश्रा कथक और जान्हवी बेहरा ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। शिवरंजनी हरीश एवं कलार्पणा नृत्य समूह पद्म भूषण शोभना के शिष्यगण भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगे। शिव शक्ति कला संस्थान द्वारा कथक की प्रस्तुति भी होगी।

18 सितम्बर को मणिपुरी, कुचिपुड़ी और कबीर भजनों की सुरमयी शाम

18 सितम्बर को डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री सम्मानित भारती बंधु कबीर भजनों से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करेंगे। श्वेता नायक एवं समूह कुचिपुड़ी तथा अनुराग शर्मा लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

काव्य और ओडिसी से सजेगी 19 सितम्बर की शाम

19 सितम्बर कला और साहित्य के प्रेमियों के लिए खास होगी। गौरी शंकर दाश और रीला होता ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां देंगी। वहीं पद्मश्री सम्मानित सुरेन्द्र शर्मा एवं अन्य कलाकार काव्य संध्या के माध्यम से हास्य और साहित्य का रंग भरेंगे। नृत्य और काव्य का यह संगम समारोह की शाम को विशिष्ट बनाएगा।

20 सितम्बर को गोटीपुआ, गायन और कथक का अनूठा संगम

20 सितम्बर को बी. साहू एवं समूह गोटीपुआ नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इंडियन आइडल फेम अमित साना अपनी गायन प्रस्तुति से संगीत प्रेमियों का मनोरंजन करेंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेन्द्र बरेठ एवं समूह कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। लोकनृत्य, लोकप्रिय गायन और शास्त्रीय नृत्य का यह संगम दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

21 सितम्बर को कथक, संतूर-पखावज-तबला और नृत्य नाटिका

21 सितम्बर की शाम बनारस घराने के कथक से लेकर वाद्य संगीत तक विविध प्रस्तुतियों से सजेगी। रूद्रशंकर सिन्हा बनारस घराने का कथक प्रस्तुत करेंगे। सोनू गुप्ता एवं समूह लोकगीत, वांसती वैष्णव एवं समूह कथक प्रस्तुत करेंगे। त्रिवेणी संगम द्वारा संतूर, पखावज और तबला वादन होगा। संस्कार कला संघ नृत्य नाटिका तथा नृत्यांजलि बनारस घराने के कथक की प्रस्तुति देगी।

22 सितम्बर को कथकली, ओडिसी, सितार और सूफियाना अंदाज

समारोह की 22 सितम्बर की शाम शास्त्रीय नृत्य, वाद्य संगीत और सूफियाना अंदाज के नाम रहेगी। गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली, दीक्षा रथ ओडिसी नृत्य और प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। पुनरिक साहू-लहरंगगा लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे, जबकि रायगढ़ के राकेश शर्मा सूफी गायन और गजल से शाम को सुरमयी बनाएंगे।

कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू के सुरों से होगा भव्य समापन

दस दिवसीय समारोह का 23 सितम्बर को भव्य समापन होगा। अंतिम शाम देश की सुप्रसिद्ध और पद्मश्री सम्मानित गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपनी सुरमयी प्रस्तुति देंगी। उनके साथ जान कुमार सानू भी गायन की प्रस्तुति देंगे। देश के लोकप्रिय कलाकारों के सुरों से सजी यह शाम 41वें चक्रधर समारोह की यादों को लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में संजोए रखेगी।

रायगढ़ बनेगा कला और संस्कृति का केंद्र

41वां चक्रधर समारोह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना, संगीत और नृत्य के प्रति उनके समर्पण तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ एक ही मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलना समारोह की विशेष उपलब्धि है।

14 से 23 सितम्बर तक रायगढ़ में होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन कला प्रेमियों के लिए दस दिनों तक उत्सव का माहौल बनाएगा। शास्त्रीय नृत्य की विविध विधाओं से लेकर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों, पंडवानी, भजन, गजल और लोकप्रिय गायन तक चक्रधर समारोह में भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का ऐसा रंगारंग संसार देखने को मिलेगा, जो रायगढ़ को दस दिनों तक कला और संस्कृति की राजधानी में बदल देगा।

रायपुर के पास तेंदुए की दहशत, 5 बकरियों का किया शिकार; खेत में बैठा रहा तेंदुआ

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वन विभाग की टीम मौके पर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज कर सुरक्षित पकड़ने की तैयारी

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आसपास एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रायपुर के पास एक खेत में घुसे तेंदुए ने 5 बकरियों का शिकार कर दिया। बकरियों के शिकार के बाद तेंदुआ खेत में ही बैठा रहा, जिसके चलते आसपास के इलाके में लोगों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।

खेत में घुसकर बकरियों का किया शिकार

जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ खेत में पहुंचा और वहां मौजूद बकरियों को अपना शिकार बनाया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। तेंदुए के खेत में ही मौजूद होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों को सतर्क किया गया और मौके से दूर रहने की अपील की गई।

वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। रायपुर से विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया गया है।

वन विभाग की टीम तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज यानी बेहोश कर सुरक्षित तरीके से पकड़ने की तैयारी कर रही है। इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास नहीं जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। रेस्क्यू टीम के ऑपरेशन के दौरान भी लोगों को मौके से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि तेंदुआ घबराकर किसी व्यक्ति पर हमला न करे।

वन्यजीव और इंसानी बस्तियों के बीच बढ़ता संपर्क

रायपुर के आसपास तेंदुए की इस तरह मौजूदगी एक बार फिर वन्यजीवों के प्राकृतिक क्षेत्र और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संपर्क की ओर ध्यान खींचती है। ग्रामीण इलाकों में पशुओं पर वन्यजीवों के हमले से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

फिलहाल वन विभाग का मुख्य उद्देश्य तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू करना है। टीम की निगरानी में पूरा ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

लोगों के लिए जरूरी अपील

  • तेंदुए को देखने या उसका वीडियो बनाने के लिए उसके करीब न जाएं।

  • खेत या झाड़ियों वाले इलाकों में अकेले जाने से बचें।

  • बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • रेस्क्यू टीम के काम में बाधा न डालें।

  • तेंदुआ नजर आने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

फिलहाल इलाके में तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम तैनात है और ट्रैंक्विलाइजेशन की तैयारी की जा रही है।

62 साल की उम्र में 10वीं पास कर कौशल्या देवी ने रचा मिसाल, महासमुंद की मां ने साबित किया—पढ़ाई की कोई उम्र नहीं

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पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते छूट गई थी पढ़ाई, फिर दोबारा शुरू की पढ़ाई; तीनों बच्चे सरकारी सेवा में, मां की उपलब्धि पर परिवार में खुशी

महासमुंद- उम्र को अक्सर लोग नई शुरुआत में सबसे बड़ी बाधा मान लेते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के महासमुंद की कौशल्या देवी बंसल ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने 62 वर्ष की उम्र में कक्षा 10वीं की परीक्षा पास कर न सिर्फ अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी की, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गईं जो किसी कारणवश शिक्षा बीच में छोड़ देते हैं।


अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर सामने आई कौशल्या देवी की कहानी यह संदेश देती है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनकी पढ़ाई कम उम्र में ही छूट गई थी। हालांकि, मन में पढ़ाई पूरी करने की इच्छा बनी रही। इसी इच्छा और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने बाद के वर्षों में दोबारा पढ़ाई शुरू की और आखिरकार 10वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली।

परिवार की जिम्मेदारियों के बीच छूटी थी पढ़ाई

कौशल्या देवी ने जीवन के शुरुआती दौर में पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। इसी वजह से उनकी औपचारिक शिक्षा आगे नहीं बढ़ सकी। समय बीतता गया, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां बढ़ती गईं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने की इच्छा उनके मन में बनी रही।

बाद में उन्होंने उम्र की परवाह किए बिना दोबारा पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाया। उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं था, बल्कि वर्षों से अधूरे रह गए एक सपने को पूरा करना था।

तीनों बच्चे सरकारी सेवा में

कौशल्या देवी की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनके तीनों बच्चे सरकारी सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका एक बेटा कमिश्नर, दूसरा बेटा पुलिस अधीक्षक (SP) और बेटी ज्वॉइंट कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

बच्चों की सफलता के बाद भी कौशल्या देवी ने खुद के अधूरे सपने को पीछे नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने का फैसला किया और परिवार के सहयोग से इसे मुकाम तक पहुंचाया।

62 की उम्र में परीक्षा पास करना बना प्रेरणा

10वीं की परीक्षा पास करना किसी भी विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है, लेकिन 62 वर्ष की उम्र में इसे हासिल करना कौशल्या देवी के लिए विशेष मायने रखता है। उन्होंने यह दिखाया कि यदि मन में दृढ़ इच्छा और लक्ष्य हासिल करने का संकल्प हो तो उम्र रास्ते की दीवार नहीं बन सकती।

उनकी कहानी उन महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास संदेश देती है, जो किसी कारण से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। कौशल्या देवी ने साबित किया कि अधूरा सपना कभी भी पूरा किया जा सकता है, बस शुरुआत करने का साहस चाहिए।

समाज के लिए बड़ा संदेश

कौशल्या देवी बंसल की कहानी केवल 10वीं पास करने की कहानी नहीं है। यह आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और आजीवन सीखने की भावना की कहानी है।

आज जब शिक्षा और कौशल को लेकर लगातार जागरूकता बढ़ रही है, ऐसे में 62 वर्षीय कौशल्या देवी का यह कदम समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है। उनकी सफलता बताती है कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने का भी जरिया है।

कौशल्या देवी की कहानी का संदेश

“उम्र चाहे कितनी भी हो, अगर सीखने की इच्छा जिंदा है तो नई शुरुआत हमेशा संभव है।”

महासमुंद की कौशल्या देवी बंसल ने 62 साल की उम्र में 10वीं पास कर यह साबित कर दिया कि सपनों को पूरा करने की कोई तय उम्र नहीं होती।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त कर्मचारी को देनी होगी विभागीय जांच की पूरी जानकारी

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RTI के तहत अपनी ही विभागीय जांच से जुड़े दस्तावेज मांगना कर्मचारी का अधिकार, सूचना रोकने की दलील को कोर्ट ने किया खारिज

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार (RTI) को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी को उसके खिलाफ हुई विभागीय जांच और बर्खास्तगी का आधार बने दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि जब कर्मचारी अपनी ही विभागीय जांच से संबंधित रिकॉर्ड अपने बचाव के लिए मांग रहा हो और उसमें किसी तीसरे व्यक्ति की निजता का सवाल न हो, तो केवल RTI की छूट का हवाला देकर सूचना रोकी नहीं जा सकती।

क्या है पूरा मामला?

मामला जांजगीर स्थित फैमिली कोर्ट में चालक के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी से जुड़ा है। कर्मचारी के खिलाफ कथित कदाचार के आरोपों को लेकर दो विभागीय जांच शुरू की गई थीं। जांच में उसके खिलाफ सात आरोप लगाए गए और बाद में विभागीय कार्रवाई के तहत उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

बर्खास्तगी के बाद कर्मचारी ने अपने खिलाफ हुई विभागीय जांच से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड RTI के माध्यम से मांगे। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से सूचना देने से इनकार किया गया और RTI कानून में मौजूद कुछ अपवादों का हवाला दिया गया।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने अधिकारियों की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने माना कि कर्मचारी जिस सूचना की मांग कर रहा है, वह उसकी अपनी विभागीय जांच से संबंधित है और उसके बचाव के लिए उपयोगी हो सकती है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मांगी गई जानकारी में किसी तीसरे पक्ष की निजता प्रभावित नहीं होती है, तो केवल RTI Act की धारा 8(1)(c) या 8(1)(j) का हवाला देकर ऐसी सूचना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फैमिली कोर्ट को दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जांजगीर-चांपा फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि पूर्व कर्मचारी को उसकी विभागीय जांच से संबंधित मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। यह आदेश 31 अगस्त 2026 को पारित किया गया था।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय जांच का सामना करने वाले कर्मचारी के लिए संबंधित दस्तावेज उसके बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले से यह संदेश गया है कि RTI कानून की छूट का इस्तेमाल कर्मचारी को उसकी अपनी विभागीय कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता, जब तक कोई वैध गोपनीयता या अन्य कानूनी अपवाद लागू न हो।

छत्तीसगढ़ में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एक दिन में 46 नए मरीज मिले

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प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 298 पहुंचा, रायपुर में सबसे ज्यादा 19 नए मामले; 113 मरीज एक्टिव

रायपुर- छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में एक दिन में 46 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही 1 जनवरी से 8 सितंबर 2026 तक राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल 298 मामले सामने आ चुके हैं।

रायपुर में सबसे ज्यादा मामले

राजधानी रायपुर संक्रमण के मामले में सबसे आगे है। यहां एक दिन में 19 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही जिले में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 127 मामले दर्ज हो चुके हैं, जो प्रदेश के सभी जिलों में सबसे ज्यादा हैं।

कई जिलों में मिले नए मरीज

ताजा आंकड़ों के अनुसार दुर्ग में 4, बिलासपुर और कोरबा में 3-3, जबकि बलौदाबाजार, बस्तर, महासमुंद और राजनांदगांव में 2-2 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, मुंगेली और सरगुजा में भी नए मामले सामने आए हैं। पांच संक्रमित मरीज दूसरे राज्यों से संबंधित हैं।

113 मरीज अभी एक्टिव

प्रदेश में फिलहाल 113 एक्टिव मरीज हैं। इनमें 81 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 32 मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमित मरीजों की निगरानी कर रहा है।

लक्षण दिखने पर रहें सतर्क

स्वाइन फ्लू एक H1N1 इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। सांस लेने में परेशानी या लक्षण गंभीर होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू से किसी मौत की सूचना नहीं है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का स्टार्टअप मिशन, सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल

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रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए साय कैबिनेट की बड़ी पहल; 33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ में युवाओं, रोजगार और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सरकार के मुताबिक इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है। इसके तहत युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपना व्यवसाय और रोजगार पैदा करने वाले उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र

‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 उभरती तकनीक प्रयोगशालाएं और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर विकसित करने की योजना है।

इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। मिशन के तहत NIPUN Job Engine भी विकसित किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के अवसरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 साल

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अन्य सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने को मंजूरी दी है।

यह लाभ स्थायी और अस्थायी राज्य सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ निगम-मंडल, स्वायत्त संस्थाओं, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों जैसे संबंधित वर्गों पर लागू होगा। इस बदलाव से ऐसे कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं या उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। सरकार ने कहा है कि संशोधित आयु सीमा को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

स्टार्टअप और रोजगार पर सरकार का फोकस

सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि उद्यमी बनकर नए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। राज्य की मौजूदा स्टार्टअप नीति में भी नवाचार, सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और तकनीक आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।

सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में युवा रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खास तौर पर ₹500 करोड़ के मिशन और सरकारी सेवाओं में आयु सीमा बढ़ाने से युवाओं तथा कार्यरत कर्मचारियों—दोनों वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे चीन के राष्ट्रपति, भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत की उम्मीद

नई दिल्ली - चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं। वह 12–13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद, सुरक्षा और व्यापार को लेकर तनाव बना रहा है।

मोदी-शी मुलाकात पर टिकी नजर

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेताओं की बातचीत भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों नेताओं के बीच भारत में पहली औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत होगी।

इस बैठक में सीमा पर शांति, व्यापार, निवेश, तकनीक, सुरक्षा और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।

सीमा विवाद अभी भी सबसे बड़ी चुनौती

भारत और चीन के रिश्तों में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन सीमा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव पैदा हुआ था।

हाल के वर्षों में दोनों पक्षों ने सीमा पर तनाव कम करने और संवाद बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद सीमा पर भरोसे की कमी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं अभी भी भारत-चीन संबंधों के सामने बड़ी चुनौती हैं।

व्यापार और निवेश पर भी होगी चर्चा

भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंध भी आसान नहीं रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार काफी बड़ा है, लेकिन भारत लंबे समय से व्यापार घाटे और चीनी कंपनियों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता जताता रहा है।

शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। हालांकि, सुरक्षा और तकनीकी संवेदनशीलता को लेकर भारत का रुख सावधानी भरा रहने की संभावना है।

ब्रिक्स के मंच पर भारत-चीन संबंध

शी जिनपिंग की भारत यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

मध्य पूर्व में जारी युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दों पर ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा होगी। ऐसे समय में भारत और चीन का साथ मिलकर काम करना संगठन की एकजुटता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत के लिए क्या मायने रखती है यह यात्रा?

शी जिनपिंग की सात साल बाद भारत यात्रा को कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह चीन के साथ संवाद और आर्थिक सहयोग बढ़ाते हुए अपनी सीमा सुरक्षा और रणनीतिक हितों से कोई समझौता न करे।

वहीं, चीन के लिए भारत के साथ बेहतर संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी-शी बातचीत से कुछ क्षेत्रों में तनाव कम करने का रास्ता खुल सकता है, लेकिन वर्षों से चली आ रही अविश्वास की स्थिति को तुरंत खत्म करना आसान नहीं होगा।


मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल

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ईरान-अमेरिका संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल, भारत समेत तेल आयातक देशों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली- मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष तथा प्रमुख समुद्री तेल मार्गों पर हमलों की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ी चिंता

मौजूदा संकट में सबसे ज्यादा नजर होर्मुज जलडमरूमध्य पर है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है और युद्ध से पहले वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते हमलों के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल सात जहाजों के गुजरने की जानकारी सामने आई, जो पिछले दिनों के औसत से काफी कम है।

कच्चे तेल की कीमतों में करीब 30 फीसदी उछाल

बाजार में जारी तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत अगस्त की शुरुआत के निचले स्तर से करीब 30 फीसदी बढ़ चुकी है। निवेशकों को डर है कि अगर संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति और निर्यात पर और दबाव पड़ सकता है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की कमी बढ़ने और कीमतों के और ऊपर जाने का खतरा है।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

तेल की बढ़ती कीमत भारत के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर भारत के तेल आयात बिल पर पड़ सकता है। इसके अलावा महंगा कच्चा तेल रुपये की विनिमय दर, परिवहन लागत और महंगाई पर भी दबाव बढ़ा सकता है।

अगर तेल की कीमत लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बनी रहती है, तो इसका असर पेट्रोल-डीजल से लेकर माल ढुलाई, विमानन और उत्पादन लागत तक दिखाई दे सकता है।

सिर्फ होर्मुज ही नहीं, लाल सागर में भी बढ़ा खतरा

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता सिर्फ होर्मुज तक सीमित नहीं है। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी सुरक्षा स्थिति खराब हुई है। ईरान समर्थित हूती समूह की गतिविधियां बढ़ने से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर भी दबाव बढ़ा है।

इसका मतलब है कि मध्य पूर्व से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक तेल पहुंचाने वाले एक से अधिक प्रमुख समुद्री मार्ग जोखिम में हैं।

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर

अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा।

महंगे तेल से:

  •  परिवहन और माल ढुलाई महंगी हो सकती है

  •  विमानन क्षेत्र की लागत बढ़ सकती है

  •  उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है

  •  वैश्विक महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है

  •  तेल आयात करने वाले देशों की मुद्राओं पर दबाव पड़ सकता है

  •  वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है

तेल की बढ़ती कीमतों ने पहले ही वैश्विक बाजारों में महंगाई को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

भारत ऊर्जा सुरक्षा पर दे रहा जोर

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के विकल्पों पर भी जोर दे रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए जैव ईंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

आगे क्या होगा?

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष कितना लंबा चलता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही कब सामान्य होती है।

अगर संघर्ष और बढ़ता है तथा खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति और कम होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि तनाव कम होता है और समुद्री मार्गों पर आवाजाही सामान्य होती है, तो बाजार में कीमतों का दबाव कुछ कम हो सकता है।


BRICS SUMMIT 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता, ईरान युद्ध के बीच भारत के सामने बड़ी कूटनीतिक चुनौती

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नई दिल्ली- भारत में होने जा रहे BRICS शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वां BRICS Summit आयोजित होगा। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और ऐसे समय में यह सम्मेलन हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन समेत कई देशों के नेता और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंचेंगे। शी जिनपिंग की भारत यात्रा खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा होगा।

सबसे बड़ा मुद्दा होगा पश्चिम एशिया का संकट

इस बार BRICS Summit ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव तेल, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

BRICS के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संगठन के सदस्य देशों के बीच ही इस संकट को लेकर अलग-अलग हित हैं। ईरान BRICS का सदस्य है, जबकि UAE और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश भी समूह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी देशों को एक साझा बयान पर सहमत कराना भारत के लिए आसान नहीं होगा।

भारत की कूटनीतिक परीक्षा

भारत की कोशिश होगी कि BRICS को किसी एक पक्ष के समर्थन में खड़ा करने के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का रास्ता आगे बढ़ाया जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। ईरान और रूस के नेताओं के साथ भारत की हालिया बातचीत में भी यही रुख सामने आया है।

शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर भी नजर

BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में तनाव रहा है, लेकिन हाल के समय में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। ऐसे में BRICS Summit दोनों देशों को राजनयिक संबंधों को और बेहतर करने का अवसर दे सकता है।

हालांकि व्यापार और निवेश के मोर्चे पर अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। दोनों देशों के बीच सुरक्षा को लेकर अविश्वास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

पुतिन के साथ भी अहम बातचीत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी भी सम्मेलन को खास बनाती है।

भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच BRICS Summit के दौरान द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है।

भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि रूस के साथ उसके संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं और दोनों देश वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं।

तेल और ऊर्जा सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर दिखाई दे रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ी है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए स्थिति और महत्वपूर्ण हो जाती है।

महंगा कच्चा तेल भारत के लिए कई तरह की मुश्किलें पैदा कर सकता है—

महंगा तेल → आयात बिल बढ़ेगा → रुपये पर दबाव → महंगाई बढ़ने का खतरा

इसी वजह से BRICS में ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री व्यापार पर चर्चा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।

BRICS के एजेंडे में सिर्फ युद्ध नहीं

BRICS Summit में पश्चिम एशिया संकट के अलावा कई आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

मुख्य मुद्दों में शामिल हैं:

  • खाद्य सुरक्षा

  •  ऊर्जा सुरक्षा

  •  व्यापार और निवेश

  •  तकनीक और डिजिटल सहयोग

  •  टिकाऊ विकास

  •  स्वास्थ्य सहयोग

  •  सप्लाई चेन की मजबूती

  •  वैश्विक संस्थाओं में सुधार

  •  क्षेत्रीय और वैश्विक शांति

भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा है। भारत की कोशिश BRICS सहयोग को केवल राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित रखने के बजाय विकास और व्यावहारिक सहयोग से जोड़ने की है।

दिल्ली घोषणापत्र पर होगी नजर

दो दिवसीय सम्मेलन के अंत में New Delhi Declaration जारी करने की कोशिश होगी। लेकिन पश्चिम एशिया के मुद्दे पर BRICS देशों के अलग-अलग रुख के कारण संयुक्त घोषणा पर सहमति बनाना बड़ी चुनौती हो सकती है।

यही वजह है कि इस बार सवाल सिर्फ यह नहीं है कि BRICS देश क्या घोषणा करते हैं, बल्कि यह भी है कि क्या वे मौजूदा वैश्विक संकटों पर एक साझा आवाज बना पाते हैं?

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दुनिया के कई बड़े नेताओं के दिल्ली पहुंचने के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए अलग-अलग सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और महत्वपूर्ण इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

भारत के लिए कितना बड़ा मौका?

BRICS Summit भारत के लिए अपनी कूटनीतिक ताकत और वैश्विक नेतृत्व दिखाने का बड़ा अवसर है।

एक तरफ भारत को रूस और चीन जैसे बड़े देशों के साथ संबंधों को संभालना है, दूसरी तरफ ईरान और खाड़ी देशों के बीच संतुलन बनाए रखना है। साथ ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी ध्यान में रखना है।

ऐसे में इस पूरे सम्मेलन में भारत की सबसे बड़ी चुनौती होगी—

“सभी पक्षों के साथ संबंध बनाए रखते हुए BRICS को एकजुट रखना।”

अगर भारत इस चुनौती को सफलतापूर्वक संभालता है और सदस्य देशों के बीच किसी साझा रुख पर सहमति बनती है, तो यह सम्मेलन भारत की वैश्विक कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत कर सकता है।


Zudio स्टोर में चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; 4.83 लाख का सामान बरामद

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 बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित Zudio स्टोर में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की नगदी और करीब 4.83 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार, एक बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को Zudio स्टोर में चोरी की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की तलाश शुरू की।

सुराग के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उनकी कथित संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

नगदी, सामान और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की नगदी के साथ करीब 4.83 लाख रुपये का सामान बरामद किया। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार, एक बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार ने बताया कि चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश और मामले की जांच में जुटी थी। साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

बिस्तर में छिपे जहरीले सांप ने 10 साल के बच्चे को डंसा, इलाज के दौरान मौत

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 बिलासपुर। तोरवा थाना क्षेत्र के नयापारा में जहरीले सांप के डसने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रात में सोने के दौरान बिस्तर में छिपे सांप ने बच्चे को डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

सोने के दौरान सांप ने डंसा

जानकारी के मुताबिक, गौरव चंद्राकर (10) रात में अपने बिस्तर पर सोने गया था। इसी दौरान बिस्तर में छिपे सांप ने उसे डस लिया। कुछ देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद वे उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।

सिम्स में इलाज के दौरान मौत

बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और जहर फैलने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। सूचना मिलने पर तोरवा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

बारिश के मौसम में सांप अक्सर बिल, खेतों और अन्य प्राकृतिक ठिकानों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सोने से पहले बिस्तर की जांच करने के साथ जूते-चप्पल पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह देख लेना चाहिए। घर के आसपास मौजूद कोने-कातर और सामान के नीचे भी सावधानी से जांच करना जरूरी है।

Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च, कीमत 4.49 लाख रुपए तक

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 नई दिल्ली। Apple ने अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo लॉन्च कर दिया है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपए रखी गई है, जबकि इसके टॉप मॉडल की कीमत 4,49,900 रुपए तक जाती है। फोन को 256GB से लेकर 2TB तक के स्टोरेज विकल्प में पेश किया गया है। इसमें 7.6 इंच का इनर डिस्प्ले और 5.4 इंच का आउटर डिस्प्ले दिया गया है।

iPhone Duo में A20 Pro चिप, 48 मेगापिक्सल के दो रियर कैमरे और MagSafe वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। कंपनी ने फोल्डेबल फोन के लिए iOS 27 को भी खास तौर पर तैयार किया है, जिसमें मल्टीटास्किंग और नए कंट्रोल्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं। फोन के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे, जबकि बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी।

2.99 लाख से शुरू, 4.49 लाख तक कीमत

भारत में iPhone Duo के 256GB मॉडल की कीमत 2,99,900 रुपए रखी गई है। 512GB मॉडल 3,24,900 रुपए, 1TB मॉडल 3,74,900 रुपए और 2TB मॉडल 4,49,900 रुपए में मिलेगा। फोन को Star White और Night Sky रंगों में पेश किया गया है।

7.6 इंच का डिस्प्ले

फोन को खोलने पर 7.6 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले मिलता है। कंपनी के अनुसार यह किसी iPhone में दिया गया अब तक का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। वहीं बाहर की तरफ 5.4 इंच की स्क्रीन दी गई है। दोनों डिस्प्ले में ProMotion, Always-On Display और 3,000 निट्स तक की आउटडोर ब्राइटनेस का सपोर्ट है।

फोल्डेबल डिजाइन में 100 से ज्यादा कंपोनेंट से बना प्रिसीजन हिंज दिया गया है। फोन में टाइटेनियम कंस्ट्रक्शन, फ्रंट पर Ceramic Shield 2 और IP68 रेटिंग भी मिलती है।

48MP के दो रियर कैमरे

iPhone Duo में 48 मेगापिक्सल का Fusion प्राइमरी कैमरा और 48 मेगापिक्सल का Fusion Ultra Wide कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 12 मेगापिक्सल का Center Stage फ्रंट कैमरा मिलता है।

फोल्डेबल डिजाइन को ध्यान में रखते हुए फोन में Duo Preview और रियर कैमरे से सेल्फी लेने जैसे फीचर्स दिए गए हैं। iOS 27 में Split View मल्टीटास्किंग और नए कंट्रोल्स जोड़े गए हैं। फोन में Apple Intelligence और Siri AI का सपोर्ट भी मिलता है।

A20 Pro चिप, 24 घंटे तक बैटरी

फोन में A20 Pro चिप के साथ कस्टम वेपर चेंबर दिया गया है, जो हीट मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद करता है। कंपनी का दावा है कि लगातार परफॉर्मेंस के मामले में यह iPhone 17 Pro की तुलना में 35 फीसदी तक बेहतर है।

iPhone Duo में डुअल-बैटरी सेटअप दिया गया है। कंपनी के मुताबिक दोनों डिस्प्ले का बराबर इस्तेमाल करने पर फोन 24 घंटे तक की बैटरी लाइफ दे सकता है।

बिक्री 23 अक्टूबर से

iPhone Duo के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी। भारत में इसकी कीमत 2,99,900 रुपए से शुरू होकर 4,49,900 रुपए तक जाती है।

गटर में मिला नवजात का शव, सफाई के दौरान सामने आया मामला

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 भिलाई। सेक्टर-2 में सड़क नंबर 11 और 12 के बीच गटर की सफाई के दौरान नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। गटर जाम होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद बीएसपी प्रबंधन की ओर से गटर की सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान कर्मचारियों की नजर गटर के अंदर पड़े नवजात के शव पर पड़ी।


शुरुआती जानकारी के अनुसार नवजात की उम्र करीब दो से तीन दिन बताई जा रही है। शव मिलने की सूचना फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी भट्ठी थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस की मौजूदगी में गटर से निकाला गया शव

पुलिस के पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मौजूदगी में नवजात को गटर से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात को गटर में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में हुई संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की आवाजाही की जानकारी जुटा रही है।

भट्ठी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही नवजात की मौत और उसे गटर में छोड़ने से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

20 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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 धमतरी। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत सिहावा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख 20 हजार रुपए बताई गई है। आरोपियों के पास से गांजा परिवहन में इस्तेमाल रॉयल एनफील्ड बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कार्रवाई में कुल 11 लाख 80 हजार रुपए का मशरूका बरामद हुआ है।


फॉरेस्ट नाका पर घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, सिहावा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल से दो संदिग्ध व्यक्ति ओडिशा की ओर से गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेन रोड रतावा फॉरेस्ट नाका के सामने घेराबंदी की।

संदिग्ध हुलिए और बाइक के नंबर के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली गई। दोनों आरोपियों के ट्रॉली बैग और सफारी बैग की जांच करने पर सेलोटेप से पैक किया हुआ कुल 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

बाइक और मोबाइल भी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा 1.50 लाख रुपए कीमत की रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और करीब 10 हजार रुपए का ओप्पो मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एहतेशाम (27), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश और तुषार कश्यप (23), निवासी करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है।

एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सिहावा थाने में अपराध क्रमांक 70/2026 के तहत धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। दोनों को 9 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। धमतरी पुलिस ने कहा है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल, युवाओं के लिए 500 करोड़; पढ़िए कैबिनेट के बड़े फैसले

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, निर्यात, कौशल विकास और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।


1. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2. मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5. मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

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