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गरियाबंद में नहर में बहता मिला गांजा, पुलिस ने 17 पैकेट जब्त किए

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गांजा तस्करी का अनोखा मामला सामने आया है। मोहतरा से अतरमरा के बीच नहर में गांजा से भरे पैकेट बहते हुए दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एक-एक कर 17 पैकेट बरामद किए।


जानकारी के अनुसार, पाण्डुका थाना क्षेत्र अंतर्गत फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर में गांजा से भरे पैकेट बहने की सूचना पुलिस को मिली थी। यह स्थान नेशनल हाईवे-130 से करीब 5 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नहर से पैकेट निकालने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के अनुसार, बरामद पैकेटों में करीब 68 किलोग्राम से अधिक गांजा होने की आशंका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने गांजा से भरे पैकेट नहर में फेंक दिए होंगे। फिलहाल पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि तस्करों तक पहुंचा जा सके।

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मादक पदार्थों की तस्करी का नया तरीका तो नहीं है। मामले की जांच जारी है।

शादी के कार्ड बांट रहा था कांग्रेस नेता, तभी पहुंची पुलिस... दुष्कर्म केस में 12 दिन पहले गिरफ्तार

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 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेता रवि चंद्रवंशी को दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी शादी 7 मई को तय थी, लेकिन उससे 12 दिन पहले ही पुलिस कार्रवाई होने से मामला चर्चा में आ गया है।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी की महिला मित्र ने कवर्धा महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से रवि चंद्रवंशी के साथ रिश्ते में थी। आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया और 26 अप्रैल को कवर्धा लाया गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय वह शादी के कार्ड बांट रहा था।

रवि चंद्रवंशी कवर्धा जिला किसान कांग्रेस संघ का अध्यक्ष बताया जा रहा है। वह पहले जोगी कांग्रेस से भी जुड़ा रहा है और पंडरिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुका है। करीब दो वर्ष पहले उसने कांग्रेस में वापसी की थी, जिसके बाद उसे संगठन में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कवर्धा एसडीओपी आशीष शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

छत्तीसगढ़ में बारातियों से भरी बस में लगी आग, कूदकर बचाई जान… बड़ा हादसा टला

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 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शादी समारोह के बीच बड़ा हादसा टल गया। बारातियों से भरी एक चलती बस में अचानक आग लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।


राहत की बात यह रही कि सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए, जिससे जनहानि नहीं हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, शर्मा ट्रेवल्स की बस (CG 07 E 1171) कांकेर जिले के अरौद गांव से बारातियों को लेकर बालोद जिले के बड़गांव जा रही थी। इसी दौरान पुरुर थाना क्षेत्र के जगतरा मंदिर के पास चलती बस में अचानक आग लग गई।

आग लगते ही बस में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बस से उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन जलकर खाक हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।


प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
यह घटना एक बार फिर यात्री वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

स्कूलों में जल्द शुरू होंगी गर्मियों की छुट्टियां, राज्यवार जानें पूरी डिटेल्स

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 नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लू ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कई राज्यों में सरकार और स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों और स्कूल टाइमिंग में बदलाव शुरू कर दिया है। ऐसे में अभिभावकों के मन में सवाल है कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां कब से शुरू होंगी और कितने दिनों तक रहेंगी।


बढ़ती गर्मी को लेकर प्रशासन सतर्क

मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव और तेज गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजधानी दिल्ली में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान आने वाले दिनों में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए कई स्कूलों में हर घंटे वॉटर बेल बजाई जा रही है, ताकि छात्र समय-समय पर पानी पी सकें।

कई राज्यों में बदले स्कूल के नियम

गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए कई राज्यों ने अपने स्तर पर फैसले लिए हैं। छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में गर्मी की छुट्टियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। वहीं कुछ राज्यों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें। कई जगह स्कूल सुबह जल्दी खोले जा रहे हैं।

दिल्ली में कब से शुरू होंगी छुट्टियां?

दिल्ली के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर मई के दूसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। पिछले शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 11 मई से अवकाश शुरू हुआ था। ऐसे में इस बार भी मई के दूसरे सप्ताह से छुट्टियां शुरू होने की संभावना है। सरकार जल्द इस पर अंतिम निर्णय ले सकती है।

करीब 50 दिन तक बंद रह सकते हैं स्कूल

पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो दिल्ली में गर्मी की छुट्टियां लगभग 50 दिनों तक रहती हैं। पिछले साल स्कूल 11 मई से 30 जून तक बंद रहे थे। इस बार भी इसी तरह का शेड्यूल लागू होने की संभावना है। हालांकि, स्कूल खुलने से कुछ दिन पहले शिक्षकों को बुलाया जा सकता है।

यूपी में बदला स्कूल टाइम और छुट्टियों का शेड्यूल

उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। वहीं गर्मी की छुट्टियां 20 मई से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चल सकती हैं।

बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए राज्यों में स्कूलों की छुट्टियों और समय में बदलाव किया जा रहा है, ताकि बच्चों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

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 रायपुर : दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए।

राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।

इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

12 साल बाद गुरु का महासंगम: कर्क में गोचर से बनेगा ‘हंस राजयोग’, 3 राशियों के लिए सुनहरा समय

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 नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति (गुरु) अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। करीब 12 साल बाद होने वाला यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे शक्तिशाली ‘हंस राजयोग’ का निर्माण होगा। यह योग 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा और विशेष रूप से कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।


ज्योतिषियों के मुताबिक, गुरु का कर्क राशि में गोचर शुभ फल देने वाला होता है। इस दौरान गुरु अपनी पूर्ण शक्ति में रहते हैं और जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करते हैं। जून से अक्टूबर तक का यह लगभग पांच महीनों का समय आर्थिक, करियर और सामाजिक दृष्टि से उन्नति का संकेत दे रहा है।

कर्क राशि:

गुरु का गोचर आपकी ही राशि में होने से ‘हंस राजयोग’ का सबसे अधिक लाभ कर्क राशि वालों को मिलेगा। इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। व्यापार में निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा, वहीं करियर में भी नई संभावनाएं बन सकती हैं।

वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य में वृद्धि का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में नई दिशा मिलेगी और नौकरी परिवर्तन के इच्छुक लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

मीन राशि:

मीन राशि के स्वामी गुरु ही हैं, ऐसे में उनका उच्च राशि में गोचर शुभ परिणाम देगा। इस अवधि में आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, वहीं प्रेम संबंधों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर कई लोगों के लिए तरक्की और सफलता के नए द्वार खोल सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर प्रभाव में अंतर संभव है।

छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण

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स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

रायपुर- यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।

बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।

अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में:

काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री साय

जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक : "मन की बात”  देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी के सपनों को मिले पंख,पढ़ाई के साथ मिला रोजगार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा' में वार्ड आया के पद पर पदस्थ शाम कुमारी

सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. (B.Sc.) अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें 'शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा' में वार्ड आया (Ward Aya) के पद पर पदस्थ किया गया है।

पढ़ाई का खर्च अब खुद उठा सकेंगी शाम कुमारी

अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रति संवेदनशील है प्रशासन

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (PVTG) के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं।

शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

महासमुंद में लू का कहर, ऑरेंज अलर्ट जारी, 48 घंटे बेहद अहम

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीषण लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में लू चलने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रायपुर में 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने में पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। वहीं राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

प्रदेश के कई जिलों में लू का असर साफ देखा जा रहा है। बलौदा बाजार, महासमुंद, दुर्ग संभाग, बिलासपुर संभाग, बालोद, बेमेतरा और कबीरधाम जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।

हालांकि बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिणी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली राहत मिल सकती है।

इसके अलावा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी और राजनांदगांव जिलों में विशेष रूप से लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिसके बाद स्थिति में कुछ सुधार की संभावना है और अलर्ट को येलो किया जा सकता है।

ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में पहले भी तापमान के कई रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 1942 में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचा था। हाल के वर्षों में 22 अप्रैल 2025 को 44.4 डिग्री, 2016 में 44 डिग्री, 2018 में 41 डिग्री, 2024 में 42.8 डिग्री और 2023 में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। इस वर्ष भी तापमान पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंच गया है।

मौसम वैज्ञानिक सी.एस. अवस्थी के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में चल रही गर्म हवाओं का असर छत्तीसगढ़ में भी देखा जा रहा है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित चेतना विकास कार्यशाला सम्पन्न, जीवन विद्या पर दिया गया जोर

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महासमुंद- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रकाश में संकुल केंद्र खट्टा में आयोजित राज्य स्तरीय चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला में शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने शिक्षा के उद्देश्य, मानवीय मूल्यों और जीवन विद्या के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।


कार्यक्रम के दौरान शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने बताया कि कार्यशाला में शिक्षा के विभिन्न आयामों जैसे—शिक्षा का उद्देश्य, जीवन विद्या अध्ययन, परिवार एवं समाज में मूल्य, प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ नैतिक और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देती है।”

समापन सत्र में जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशारामस्वरूप दीवान ने कहा कि बच्चों में संस्कार और मूल्य विकसित करने के लिए माताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने जीवन विद्या अध्ययन शिविर और चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशालाओं को समाज के हर वर्ग के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजसेवियों एवं शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे और शिक्षा में जीवन विद्या को शामिल करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की पहल से समाज में जागरूकता बढ़ेगी, पारिवारिक और सामाजिक समरसता मजबूत होगी तथा देशभक्ति की भावना विकसित होगी।

कार्यशाला के आयोजन के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, अधिकारियों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने इसे शिक्षा के मानवीयकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : अरुण साव

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 रायपुर : केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। 



साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया।

साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।

आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके।

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा

केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविर

रायपुर- केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। अरुण साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 

अरुण साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।

आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।


मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, श्री अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

व्हाइट हाउस डिनर में घुसा हथियारबंद हमलावर, डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर की पहली तस्वीर

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 अमेरिका में व्हाइट हाउस (White House Correspondents') Dinner के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की मौजूदगी के बीच हमलावर के हथियार लेकर डिनर हॉल तक पहुंचने की घटना को लेकर जांच तेज कर दी गई है।


ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर हमलावर की पहली तस्वीर और वीडियो साझा किया। वीडियो में आरोपी तेज़ी से सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए होटल परिसर में घुसने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रोकने का प्रयास किया और जवाबी फायरिंग भी की। बाद में हमलावर को काबू कर लिया गया। एक तस्वीर में उसे जमीन पर लेटा हुआ और हाथ बंधे हुए दिखाया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Donald Trump ने बताया कि आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमन एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया के टॉरेंस का निवासी है। उन्होंने कहा कि हमलावर कई हथियारों से लैस था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। ट्रंप ने JD Vance सहित कैबिनेट के सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि भी की।

घटना के बावजूद ट्रंप ने कार्यक्रम जारी रखने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि वे ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं हैं और “बुरे लोगों” को किसी भी हाल में कार्यक्रम बाधित नहीं करने देंगे।

इस घटना पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इस प्रकार की घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।

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