Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र, भावी पीढ़ी को शिक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई सामाजिक सेवा और दायित्वों के निर्वहन की शपथ

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कर रही कार्य

नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास ने पकड़ी रफ्तार, जनजातीय युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के सामुदायिक भवन परिसर में लगाया सिंदूर का पौधा

रायपुर- शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु जैसे महान संतों और समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर आगे बढ़ते हुए नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने प्रकृति शक्ति तथा कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन किया। इस अवसर पर समाज के युवक-युवतियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व समाज को आगे ले जाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का पूरा निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से संपन्न होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूत बनाकर पहुंचाना होगा। उन्होंने स्मरण किया कि एक समय कंवर समाज अलग-अलग इकाइयों में बंटा हुआ था, लेकिन वरिष्ठजनों और समाज के पुरोधाओं के प्रयासों से सभी को एक सूत्र में जोड़ा गया। उन्होंने महाराष्ट्र से आए कंवर समाज के प्रतिनिधियों और सगा-बंधुओं का भी छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत किया।

शिक्षा से खुलते हैं जीवन में आगे बढ़ने के अनेक रास्ते

मुख्यमंत्री साय ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शासकीय नौकरी प्राप्त करना नहीं है। एक सफल उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी अच्छी शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति को निर्णय लेने की क्षमता देती है और समाज को प्रगति की दिशा दिखाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समाज के सक्षम और प्रबुद्ध लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

मोदी की गारंटी से जनकल्याण को मिली नई गति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है। सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है और तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। प्रदेश के लगभग भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से बुजुर्गों की तीर्थयात्रा की इच्छा पूरी की जा रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

जनजातीय समाज का सम्मान और विकास सरकार की प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 हजार 661 गांवों को शामिल किया गया है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन के अंतर्गत देशभर में बन रही लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की सुविधा दे रही हैं।

नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास की नई सुबह

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर का एक बड़ा भू-भाग चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, आज वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। शांति और विश्वास के नए वातावरण के साथ बस्तर में शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी खुल रहे हैं।

प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की ताकत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों।

उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी तेजी से अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कंवर समाज से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा के साथ प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ की जनजातीय समाज व्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक है। शिक्षा समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है। कोई भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि कंवर समाज सहित प्रदेश की 42 जनजातियों का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। समाज को शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के नवनिर्माण और विकास की नई संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इनमें रायपुर के लाभांडी में नवनिर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपए, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम खैरझिटी में आदिवासी कंवर (पैंकरा) समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए शामिल हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया सिंदूर का पौधा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के नवनिर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री के साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष  सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय, भीम सिंह कंवर सहित कंवर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

यूक्रेन में रूस का भीषण ड्रोन हमला, शॉपिंग सेंटर तबाह; 16 की मौत, 130 से ज्यादा घायल

No comments Document Thumbnail

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह में शुक्रवार को रूस के ड्रोन हमले ने भारी तबाही मचा दी। रूसी ड्रोन ने शहर के एक व्यस्त शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 130 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों में 23 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

एक के बाद एक दो हमले

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, शॉपिंग सेंटर पर दो बार ड्रोन हमला किया गया। पहला हमला होने के करीब 30 मिनट बाद दूसरा ड्रोन उसी इलाके में पहुंचा। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि दूसरे हमले का उद्देश्य घटनास्थल पर पहुंचे बचावकर्मियों और आपातकालीन सेवाओं को निशाना बनाना हो सकता है। इसी वजह से इसे ‘डबल-टैप स्ट्राइक’ कहा जा रहा है।

 बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग घायल

हमले में 130 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कम से कम 23 बच्चे शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार करीब 29 घायल गंभीर स्थिति में हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी है। 

मलबे में अभी भी तलाश जारी

हमले के बाद शॉपिंग सेंटर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां आग भी लग गई। राहत एवं बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 9 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। 

जेलेंस्की ने जताया कड़ा विरोध

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की कड़ी निंदा की है और रूस पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को और मजबूत एयर डिफेंस सहायता देने तथा रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की है।

एक नजर में पूरी खबर

  • स्थान: क्रिवी रिह, यूक्रेन

  •  हमला: रूसी ड्रोन हमला

  •  मौत: कम से कम 16

  •  घायल: 130+

  •  बच्चे घायल: करीब 23

  •  गंभीर घायल: करीब 29

  •  लापता: 9, जिनमें 2 बच्चे

  •  स्थिति: बचाव एवं मलबा हटाने का अभियान जारी

  •  यूक्रेन का आरोप: दूसरा हमला राहतकर्मियों को निशाना बनाने के लिए किया गया। 

यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में नागरिक इलाकों पर जारी बढ़ते हवाई हमलों के बीच हुआ है। शनिवार को भी यूक्रेन के कई हिस्सों में रूसी हमलों की खबरें सामने आईं।

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: और तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी ‘Reform Express’

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Economic Times World Leaders Forum 2026 में भारत की आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की दिशा को लेकर बड़ा बयान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में देश में रिफॉर्म की रफ्तार और तेज होगी और सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।

‘Reform Express’ और तेज होगी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में पिछले वर्षों में कई नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म्स किए गए हैं और आने वाले समय में इन सुधारों को और गति दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “Reform Express” अब और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि Ease of Living और Ease of Doing Business को भी बेहतर बनाने पर है। इसका लाभ युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग तक पहुंचाने की बात प्रधानमंत्री ने कही।

लाइसेंस राज से PLI तक बदलाव

प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक नीतियों में आए बदलाव का उदाहरण देते हुए पुराने Licence Raj की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले उत्पादन बढ़ाने पर भी कई तरह की पाबंदियां थीं, जबकि अब सरकार उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए Production Linked Incentive (PLI) जैसी योजनाएं चला रही है।

पीएम मोदी ने इसे भारत की आर्थिक सोच में बड़े बदलाव के रूप में पेश किया और कहा कि सरकार का उद्देश्य कारोबार को रोकना नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण देना है।

भारत को बताया ‘Growth और Hope का Bright Spot’

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भारत को विकास और उम्मीद की एक मजबूत किरण के रूप में देख रही है। उन्होंने भारत की राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता को इसकी बड़ी ताकत बताया। 

उन्होंने यह भी कहा कि एक स्थिर और सुरक्षित भारत न केवल अपने विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि दुनिया की स्थिरता में भी योगदान दे सकता है।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर

पीएम मोदी ने सरकार की नीतियों को उद्योग और उत्पादन को बढ़ावा देने वाली बताया। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, सीमा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। 

सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें कारोबार शुरू करना, निवेश करना और उत्पादन बढ़ाना पहले की तुलना में आसान हो।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करती रहेगी।

उन्होंने खास तौर पर कहा कि आने वाले समय में Ease of Living और Ease of Doing Business को और विस्तार दिया जाएगा तथा युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सरकार का काम जारी रहेगा।

पीएम मोदी के बयान की बड़ी बातें

  • 🚄 ‘Reform Express’ और तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी।

  • 📈 आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर।

  • 🏭 उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों पर फोकस।

  • 🇮🇳 भारत को वैश्विक विकास और उम्मीद का ‘Bright Spot’ बताया।

  • 🏛️ राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता को भारत की ताकत बताया।

  • 👨‍💼 Ease of Doing Business और 👨‍👩‍👧 Ease of Living को और बेहतर करने का दावा।

  • 🎯 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सुधारों की गति बढ़ाने पर जोर।

तेलंगाना की फार्मा फैक्ट्री में भीषण रिएक्टर ब्लास्ट, 2 मजदूरों की मौत; 9 घायल

No comments Document Thumbnail

हैदराबाद- तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले के पोचमपल्ली मंडल में शुक्रवार देर रात एक फार्मास्युटिकल यूनिट में रिएक्टर फटने से बड़ा हादसा हो गया। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में तेज आग लग गई। इस हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं।

शिफ्ट बदलने के दौरान हुआ धमाका

पुलिस के अनुसार, हादसा शुक्रवार देर रात उस समय हुआ जब फैक्ट्री में कर्मचारियों की शिफ्ट बदल रही थी। इसी दौरान यूनिट में लगे एक केमिकल रिएक्टर में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसके बाद फैक्ट्री परिसर में आग फैल गई और आसपास अफरा-तफरी मच गई। 

विस्फोट के तुरंत बाद मौके पर दमकल विभाग और पुलिस की टीमें पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाया। 

2 की मौत, 9 घायल

पुलिस के मुताबिक, हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हुई है। वहीं 9 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से दो को 50 प्रतिशत से अधिक जलने की चोटें आई हैं, जबकि बाकी सात लोगों को मामूली चोटें बताई गई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 

घायलों का अस्पताल में इलाज

गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, घायलों को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद के निजी अस्पतालों में ले जाया गया है। दो गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 

आग पर पाया गया काबू

रिएक्टर में विस्फोट के बाद लगी आग ने फैक्ट्री परिसर में काफी दहशत पैदा कर दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस और राहत दलों ने घटनास्थल पर स्थिति को संभाला।

हादसे की वजह की जांच शुरू

फिलहाल रिएक्टर में विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में रिएक्टर की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और फैक्ट्री में अपनाई जा रही प्रक्रिया समेत अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है। 

पहले भी हुआ था हादसा

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इसी फैक्ट्री में पिछले महीने भी एक हादसा हुआ था, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हुई थी। हालांकि, इस पुराने हादसे और मौजूदा विस्फोट के बीच कोई आधिकारिक संबंध अभी स्थापित नहीं किया गया है।

हादसे की बड़ी बातें

  • 📍 स्थान: पोचमपल्ली मंडल, यादाद्री भुवनगिरी, तेलंगाना

  • 🏭 घटना: फार्मा यूनिट में केमिकल रिएक्टर ब्लास्ट

  • 💥 समय: शुक्रवार देर रात, 21 अगस्त

  • ⚫ मौत: 2 कर्मचारी

  • 🏥 घायल: 9 कर्मचारी

  • 🔥 गंभीर रूप से झुलसे: 2, 50% से अधिक जलने की चोटें

  • 🚒 आग: दमकल विभाग ने काबू पाया

  • 👮 जांच: पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

फिलहाल हादसे की सटीक वजह और मृतकों की पहचान से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

दिल्ली प्रवास के बाद रायपुर लौटे CM साय, निवेश और प्रश्नपत्र लीक मामले पर दिया बड़ा बयान

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद शनिवार को रायपुर लौट आए। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और छत्तीसगढ़ के विकास तथा प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।


रायपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। सरकार आने वाले समय में निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने और बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में निवेश बढ़ने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन्हें छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई केंद्रीय मंत्रियों को भी छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में केंद्रीय मंत्री प्रदेश के दौरे पर आएंगे।

प्रश्नपत्र लीक मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश

वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री साय ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रकरण में जो भी व्यक्ति शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

22 भारतीय नाविकों से जुड़े दो जहाजों का समुद्री डाकुओं ने किया अपहरण

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- यमन और सोमालिया के तट के पास दो अलग-अलग घटनाओं में सशस्त्र समुद्री डाकुओं ने दो विदेशी झंडे वाले व्यावसायिक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात यह है कि उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार सभी 22 भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

पहला जहाज — MT Sibu 1

20 अगस्त को इरिट्रिया के झंडे वाला तेल उत्पाद टैंकर MT Sibu 1 अदन की खाड़ी में यमन के तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर समुद्री डाकुओं के कब्जे में चला गया।

जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें 16 भारतीय नागरिक शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, करीब छह सशस्त्र समुद्री डाकू जहाज पर चढ़े और उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। जहाज ने संकट का संदेश भी भेजा था।

दूसरा जहाज — M/V Lutuf

इससे पहले 17 अगस्त को कैमरून के झंडे वाला मालवाहक जहाज M/V Lutuf सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था।

इस जहाज पर 10 सदस्यीय क्रू था, जिसमें 6 भारतीय शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आठ हथियारबंद समुद्री डाकू, AK-47 जैसी राइफलों के साथ दो छोटी नावों से जहाज तक पहुंचे और उसे अपने कब्जे में ले लिया।

क्रू ने शुरुआत में जहाज के सुरक्षित हिस्से, जिसे Citadel कहा जाता है, में शरण लेने की कोशिश की। हालांकि, समुद्री डाकू वहां तक पहुंच गए और बाद में क्रू सदस्यों को जहाज के ब्रिज पर ले गए। अब तक किसी भारतीय नाविक के घायल होने की खबर नहीं है। 

भारत सरकार ने क्या किया?

भारत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमालिया के संबंधित अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाया है। नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि वह सोमालियाई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विदेश मंत्रालय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 

चिंता क्यों बढ़ी?

अदन की खाड़ी, सोमालिया के आसपास और पश्चिमी हिंद महासागर में हाल के महीनों में समुद्री डकैती की घटनाओं में दोबारा वृद्धि देखी जा रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। AP के अनुसार, अप्रैल 2026 से क्षेत्र में छह व्यावसायिक जहाजों के अपहरण की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात:
  1. 22 भारतीय नाविक — 16 MT Sibu 1 पर और 6 M/V Lutuf पर — सभी के सुरक्षित होने की सूचना है।
  2. दोनों जहाज अभी समुद्री डाकुओं के नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
  3. भारत सरकार और भारतीय उच्चायोग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

रक्षाबंधन से पहले बहनों को विष्णु भैया का महतारी वंदन उपहार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।

महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।

हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा

सूरजपुर जिले की तेज कुमारी, मंजू रजवाड़े, पुनिया प्रजापति, शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, मेनका रजवाड़े और लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बचत से स्वरोजगार तक की नई राह

महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।
मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।

भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा

कोरबा की शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की हेमंत बंजारे, मोहला जिले की देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है।

रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक का खुलासा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार; 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला

No comments Document Thumbnail

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में 20 अगस्त को आयोजित बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष की ‘कीटशास्त्र’ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया।


लिफाफे में छेद कर बनाया पेपर का वीडियो

पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में सुई की मदद से छोटा छेद किया गया। इसके बाद मोबाइल कैमरे से प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।

आरोप है कि प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र की सामग्री अपने कॉलेज के कुछ छात्रों को 11 हजार रुपये में उपलब्ध कराई। इसके बाद यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य छात्रों तक पहुंच गया।

छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा छात्र अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य संदिग्ध आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल, सुई और फेविकोल समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की 100 से अधिक सदस्यों वाली टीम को जांच में लगाया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और कार्रवाई की।

पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश

पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। पुलिस की कार्रवाई को इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।A

CG NEWS : मासूम को कुचलकर बस छोड़ भागे चालक-कंडक्टर, पुलिस ने शुरू की तलाश

No comments Document Thumbnail

 बेमेतरा। जिले के खंडसरा चौकी क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। बंसापुर-सेमरिया गांव के पास स्कूल बस की चपेट में आने से 3 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, डीएवी स्कूल जांता की बस बंसापुर-सेमरिया गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान बस की चपेट में 3 वर्षीय बच्चा आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हादसे की सूचना मिलने पर खंडसरा चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।

चालक-कंडक्टर की तलाश में जुटी पुलिस

हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर बस को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर दोनों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस भर्ती का झांसा, 12 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। पुलिस आरक्षक के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में उतई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने के बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।


मामला उतई थाना क्षेत्र के सेलूद का है। सेलूद निवासी गैंदलाल बंछोर ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में बेमेतरा जिले के अतरिया निवासी उमेश दास मानिकपुरी ने उसके बेटे विकास बंछोर को पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाया था।

आरोप है कि सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उमेश दास ने गैंदलाल से अलग-अलग समय पर किस्तों में कुल 12 लाख रुपये लिए। रकम लेने के बाद काफी समय बीत गया, लेकिन युवक की नौकरी नहीं लगी। इसके बाद गैंदलाल ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाकर उसे टालता रहा।

न नौकरी लगी और न ही रकम वापस मिली। काफी इंतजार के बाद पीड़ित ने उतई थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू की और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद उतई पुलिस की टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उमेश दास मानिकपुरी और राजेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इनकी जांच के जरिए कथित ठगी और पैसों के लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं, गड़बड़ी पर होगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने के मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। साथ ही प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की तकनीकी जांच में साइबर सेल की भी सहायता ली जा रही है, ताकि प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। भर्ती हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि है। इस मामले की पूरी तह तक जाकर जांच की जाएगी। प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किसने इसे प्रसारित किया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, प्रत्येक तथ्य सामने लाया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी। मामले की गंभीरता और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएगी।

गठित जांच समिति द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करने के साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया, किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच कहां तक रही। पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा, जिससे मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित प्रभावित हों।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा प्रारंभ होने तक की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

28 अगस्त को लगेगा चंद्र ग्रहण, इन 6 राशियों को रहना होगा सावधान

No comments Document Thumbnail

रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा चंद्र ग्रहण, भारत में नहीं होगा दिखाई; ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन राशियों पर पड़ सकता है असर


नई दिल्ली। वर्ष 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है। खास बात यह है कि यह ग्रहण सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा। खगोलीय गणना के अनुसार यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। हालांकि, भारत में दिन के समय होने के कारण यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। इस दौरान मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ज्योतिष से जुड़ी इन बातों को वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाता है।

सुबह 6:54 बजे शुरू होगा ग्रहण

भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह करीब 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। इसका मुख्य आंशिक चरण सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक रहने की बात कही गई है। ग्रहण का चरम सुबह 9:43 बजे होगा।

भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इसी वजह से भारत में सामान्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके सूतक काल को लेकर विशेष प्रभाव नहीं माना जा रहा है।

ज्योतिषीय गणना में यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र से संबंधित माना जा रहा है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा और राहु का संबंध बनने से मन, भावनाओं, निर्णय क्षमता और मानसिक स्थिति से जुड़े विषय प्रभावित हो सकते हैं।

इन 6 राशियों को रहना होगा सतर्क

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को इस अवधि में मानसिक तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। काम में अचानक रुकावट आने से आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य रखना बेहतर रहेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आय की तुलना में खर्च बढ़ सकता है और अचानक आने वाले खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें और अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सतर्क रहना चाहिए। दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य और अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें। बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से बचें। किसी को बड़ी रकम उधार देने में भी सावधानी बरतें।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण की अवधि में नए काम की शुरुआत को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कार्यस्थल पर परिस्थितियां उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से तनाव बढ़ सकता है। किसी करीबी व्यक्ति से मतभेद की स्थिति बन सकती है। ऐसे में जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आर्थिक और सामाजिक मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। कारोबारियों को किसी भी सौदे में जल्दबाजी से बचना चाहिए। आपकी किसी बात का गलत अर्थ निकाला जा सकता है, इसलिए सार्वजनिक और पेशेवर बातचीत में संयम रखें। प्रेम संबंधों में भी गलतफहमी पैदा हो सकती है। यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है, क्योंकि ग्रहण का संबंध इसी राशि से बताया जा रहा है। इस दौरान वैवाहिक जीवन, संतान और आर्थिक मामलों को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से निराशा हो सकती है। अनजान लोगों के साथ पैसों का लेन-देन करने से बचें।

क्या करें और किससे बचें?

भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए खगोलीय दृष्टि से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोग अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ या अन्य नियमों का पालन कर सकते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण की अवधि में संयम बरतना, विवादों से दूर रहना, जल्दबाजी में आर्थिक निर्णय न लेना और महत्वपूर्ण फैसलों पर अच्छी तरह विचार करना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई राशिफल और ज्योतिषीय बातें धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य या निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।

'साल में 300 दिन खुलें दफ्तर' , सरकारी छुट्टियों पर उठे सवाल: मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। ​छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में मिलने वाली छुट्टियों को लेकर अब एक नई बहस छिड़ गई है। किसान मजदूर संघ (छत्तीसगढ़, रायपुर) ने राज्य सरकार से मांग की है कि सरकारी दफ्तरों में छुट्टियों की संख्या कम की जाए और साल में कम से कम 300 दिन काम अनिवार्य किया जाए। संघ का मानना है कि ज्यादा छुट्टियों की वजह से आम जनता के काम रुक जाते हैं और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


​संघ के संयोजक ललित चन्द्रनाहू ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव विकास शील के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।


​ छुट्टियों का गणित: साल में 125 दिन बंद रहते हैं दफ्तर

​किसान मजदूर संघ ने अपने पत्र में छुट्टियों का पूरा हिसाब-किताब दिया है। पत्र में बताया गया है कि
​शनिवार और रविवार की छुट्टियां और सप्ताह में 5 दिन के कार्य के कारण साल में 47 शनिवार और 49 रविवार (कुल 96 दिन) की छुट्टी रहती है।

सरकारी छुट्टियां: इसके अलावा 29 दिन का अन्य शासकीय अवकाश होता है।
​ अतिरिक्त अवकाश: संत रविदास जयंती जैसी नई घोषित छुट्टियों को मिलाकर साल के 365 दिनों में से करीब 125 दिन केवल छुट्टियों में निकल जाते हैं।

​ बचे हुए दिनों में भी बैठकों की वजह से अटकते हैं काम

​संघ का कहना है कि 125 दिन की छुट्टियों के बाद साल में सिर्फ 240 कार्य दिवस (Working Days) बचते हैं। लेकिन इन 240 दिनों में भी आम जनता का काम पूरी तरह नहीं हो पाता है।
​ कलेक्टर कार्यालय की टीएल बैठक: हर सप्ताह मंगलवार को यह बैठक होती है।
​ राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक: महीने के पहले और चौथे सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर यह बैठक आयोजित होती है।
​इन बैठकों के कारण महीने में लगभग 6 दिन आम जनता के सरकारी काम सही तरीके से संपादित नहीं हो पाते हैं। इसके साथ ही, 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों के समय, मुख्यमंत्री के जिला प्रवास के कारण तीन-तीन दिनों तक काम प्रभावित रहता है।

​ कर्मचारियों की छुट्टियों से भी काम पर असर

​पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न प्रकार के अवकाशों से भी जनहित के काम रुकते हैं:-
​कैजुअल और अर्जित अवकाश: कर्मचारियों को 13 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), 30 दिन का अर्जित अवकाश (Earned Leave) और 3 दिन का ऐच्छिक अवकाश मिलता है।

​ कलेक्टर द्वारा घोषित छुट्टियां: जिला कलेक्टरों द्वारा 2 अतिरिक्त और 48 अन्य अवकाश दिए जाते हैं।

​ मातृत्व और पितृत्व अवकाश: महिला कर्मचारियों को 365-365 दिनों का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को 30 दिनों का पितृत्व अवकाश मिलता है।
​संघ का तर्क है कि इन सब छुट्टियों के जुड़ने से असल में केवल 192 दिन ही काम हो पाता है, जिससे आम नागरिक लगातार परेशान होते हैं।

​ किसान मजदूर संघ की प्रमुख मांगें

​जनहित को ध्यान में रखते हुए संघ ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:-

  • ​ 300 कार्य दिवस अनिवार्य हों: साल के 365 दिनों में से सरकारी कार्यालयों में कम से कम 300 दिन काम करना अनिवार्य किया जाए।
  • ​ गैर-शासकीय आयोग का गठन: छुट्टियों का नए सिरे से निर्धारण करने के लिए 3 सदस्यीय गैर-शासकीय आयोग बनाया जाए।
  • ​ संविदा कर्मचारियों की तर्ज पर नियम: लाखों संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की तरह ही मातृत्व और पितृत्व अवकाश को अवैतनिक किया जाए।

​ अर्जित अवकाश में कटौती: कर्मचारियों के अर्जित अवकाश को घटाकर 13 दिन किया जाए।

​ त्योहारों की छुट्टियों की समीक्षा: शाकम्भरी जयंती, छेरछेरा, रामनवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, ईद-उल-जुहा, कबीर जयंती, हरेली, ईद-ए-मिलाद, रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, हरतालिका (तीज), महात्मा गांधी जयंती, महाशिवरात्रि, कर्मा जयंती और विश्व आदिवासी दिवस जैसे अवसरों की छुट्टियों को निरस्त करने अथवा ऐच्छिक अवकाश घोषित करने पर विचार किया जाए।

​किसान मजदूर संघ का कहना है कि आम जनता के हित में यह कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि सरकारी सेवाएं बिना किसी रुकावट के लोगों को मिल सकें।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव शिकार के आरोप में 6 गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 बीजापुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन अमले ने ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान वन्यप्राणी का मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक तौर पर मांस के नीलगाय का होने की आशंका जताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत नीतिकाकलेर क्षेत्र में वन विभाग को वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 6 संदिग्धों को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान वन्यप्राणी का मांस और शिकार से संबंधित सामग्री बरामद होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

बारिश और दुर्गम इलाकों के बीच भी निगरानी जारी

मानसून के दौरान लगातार बारिश, नदी-नालों में बढ़े जलस्तर और दुर्गम इलाकों में आवागमन की चुनौतियों के बावजूद इंद्रावती टाइगर रिजर्व का मैदानी अमला लगातार गश्त और निगरानी कर रहा है। वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सूचना तंत्र मजबूत करने के साथ अवैध शिकार पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।

इस कार्रवाई में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अधीक्षक, फरसेगढ़-पासेवाड़ा, सेण्ड्रा, कुटरू बफर, कुटरू कोर और मद्देड़ बफर के परिक्षेत्र अधिकारियों सहित मैदानी वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने की सूचना देने की अपील

वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जंगल में अवैध शिकार या वन्यजीवों से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल नजदीकी वन विभाग कार्यालय को सूचना दें। विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति; शिक्षा मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षक पदोन्नति और भर्ती, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने, बहुभाषी शिक्षा, ऑनलाइन अटेंडेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल अधोसंरचना समेत कई विषयों पर विभाग के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।


10,538 स्कूलों का हुआ युक्तियुक्तकरण
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रदेश में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इसके तहत 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन किया गया। वहीं 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों में भी शिक्षकों की पूर्ति की गई।

7 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले दो वर्षों में 7 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति की गई है। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478 पदों पर कुल 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति हुई। इसके अलावा 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति की गई।

सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक से शिक्षक और शिक्षक से प्रधान पाठक के पदों पर भी पदोन्नति की गई है। विभाग ने 2,621 बीएड योग्यताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान-प्रयोगशाला के रूप में समायोजन किया है। पदस्थापना की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से की गई।

5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
मंत्री ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 62 पदों पर 2025 में सीधी भर्ती की गई। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्तियां हुई हैं।

इसके अलावा करीब 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला के 200, शिक्षक के 1,654 और व्याख्याता के 854 पद शामिल हैं।

CBT से होगी संविदा भर्ती परीक्षा
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय समेत अन्य संस्थाओं के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक संविदा पदों पर भर्ती के लिए Computer Based Test (CBT) व्यवस्था शुरू की गई है।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,171 पदों समेत कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। विभाग के अनुसार CBT परीक्षा का परिणाम परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर जारी करने का लक्ष्य है।

2027 से बदलेगा स्कूलों का शैक्षणिक सत्र
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए सभी स्कूलों में एक समान शैक्षणिक समय-सारणी लागू की गई है। इसमें पढ़ाई के साथ खेल, योग, नैतिक शिक्षा और संस्कार शिक्षा पर भी जोर दिया गया है।

वहीं आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 को 1 अप्रैल 2027 से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

स्थानीय भाषाओं में शिक्षा पर जोर
स्कूल शिक्षा विभाग ने बहुभाषी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने भाषा मैपिंग की है। बस्तर और सरगुजा संभाग में बच्चों की घरेलू भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सदरी जैसी भाषाओं को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।

85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस
स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। विभागीय कार्यालयों में आधार आधारित बायोमेट्रिक और स्कूलों में TSK मोबाइल ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

विभाग के मुताबिक प्रतिदिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है।

45 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें
कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार इससे 45,33,261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। पुस्तकों के वितरण और सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था का भी उपयोग किया जा रहा है।

परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार
मंत्री ने बताया कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया। परीक्षा की तैयारी के लिए संभाग स्तर पर बैठक, ब्लू प्रिंट निर्माण, अध्यापन और पालक-शिक्षक बैठकों पर जोर दिया गया।

700 स्कूलों के नए भवनों का प्रावधान
पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों को भी मंजूरी दी गई।

स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक ऐसा विद्यालय स्थापित करना है।

बस्तर में बंद स्कूल फिर खुले
मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद 48 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है, जबकि 36 नए स्कूल भी खोले गए हैं।

बस्तर संभाग में द्विभाषीय पुस्तकों के माध्यम से 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

AI से होगी स्कूलों की मॉनिटरिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया है। इसके माध्यम से स्कूलों की अधोसंरचना, पीएम पोषण, HRMIS और बुनियादी शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।

विभाग के अनुसार पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से करीब 40 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

PVTG बच्चों के लिए आवासीय सुविधा
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालय और छात्रावासों में करीब 33 हजार बच्चों को सुविधा मिल रही है।

कुल मिलाकर स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती-पदोन्नति, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, डिजिटल तकनीक, बहुभाषी शिक्षा, अधोसंरचना और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विभिन्न उपलब्धियों का दावा किया है।

 

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.