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स्वच्छता पखवाड़ा 2026: देशभर में स्वच्छता और जनजागरूकता की नई मिसाल, DBT के अभियान को मिली बड़ी सफलता

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नई दिल्ली- स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने 1 मई से 15 मई 2026 तक देशव्यापी स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का सफल आयोजन किया। इस दौरान नई दिल्ली स्थित विभागीय मुख्यालय के साथ-साथ सभी स्वायत्त संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया।

पखवाड़े की शुरुआत 1 मई को नई दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह से हुई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छ, स्वस्थ और जिम्मेदार भारत के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।

स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस

पंद्रह दिनों तक चले इस अभियान में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य जांच शिविर, पर्यावरण जागरूकता व्याख्यान, हस्ताक्षर अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान, तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं और विभिन्न सेमिनारों के माध्यम से लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अलावा "वेस्ट टू वेल्थ" प्रतियोगिता ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिसमें बेकार वस्तुओं को उपयोगी उत्पादों में बदलने की कला को बढ़ावा दिया गया। जूट बैग वितरण और लकड़ी के पैकिंग मटेरियल से आकर्षक गमले तैयार करने जैसी गतिविधियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

स्कूलों और समुदायों तक पहुंचा अभियान

स्वच्छता पखवाड़ा केवल संस्थानों तक सीमित नहीं रहा। आसपास के सरकारी स्कूलों में शौचालयों और कक्षाओं के नवीनीकरण का कार्य किया गया। विद्यार्थियों के बीच निबंध, कविता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।

साथ ही प्रयोगशाला अपशिष्ट प्रबंधन (Laboratory Waste Management) पर विशेष व्याख्यान आयोजित कर वैज्ञानिक संस्थानों में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा दिया गया।

जनभागीदारी और श्रमदान को मिला बढ़ावा

अभियान के दौरान जल संरक्षण, स्वच्छता और श्रमदान को बढ़ावा देने वाली कई गतिविधियां आयोजित की गईं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को मिला सम्मान

पखवाड़े के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार की गई। विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के आधार पर तीन संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुना गया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के विजेता संस्थान:

🥇 BRIC - National Institute of Animal Biotechnology (NIAB)

🥈 BRIC - National Agri-Food Biotechnology Institute (NABI)

🥉 BRIC - Institute of Bioresources and Sustainable Development (IBSD)

इन संस्थानों को 2 जून 2026 को आयोजित एक विशेष समारोह में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव द्वारा सम्मानित किया गया।

देश को दिया स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश

DBT के इस अभियान ने यह साबित किया कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से सफल होने वाला राष्ट्रीय आंदोलन है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह पखवाड़ा एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

मुख्य बिंदु:

✅ 1 से 15 मई तक चला स्वच्छता पखवाड़ा 2026
✅ देशभर के DBT संस्थानों में व्यापक आयोजन
✅ वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
✅ स्कूलों में स्वच्छता और शिक्षा सुधार की पहल
✅ वेस्ट टू वेल्थ और प्लास्टिक मुक्त भारत पर विशेष जोर
✅ NIAB, NABI और IBSD बने सर्वश्रेष्ठ संस्थान

वन्यजीव फोरेंसिक प्रशिक्षण सम्पन्न, हाथियों की मृत्यु की होगी वैज्ञानिक जांच

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


 
 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए 78 वन अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान तथा संरक्षण संबंधी प्रयासों को मजबूत बनाना था।

 
मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
         छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जैसे जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हाथियों की मृत्यु के वास्तविक कारणों की सटीक जानकारी मिलने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
 
हाथी की मृत्यु को माना जाएगा संभावित अपराध स्थल
          प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जंगल में मृत पाया गया हाथी केवल एक वन्यजीव मृत्यु का मामला नहीं, बल्कि संभावित अपराध स्थल भी हो सकता है। इसलिए घटनास्थल की सुरक्षा, साक्ष्य संग्रहण, विषप्रयोग, शिकार अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
 
फोरेंसिक जांच और नमूना संरक्षण की दी गई जानकारी
         विशेषज्ञों ने वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा मृत्यु जांच की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण में जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए सुरक्षित तरीके अपनाने की जानकारी भी दी गई। वन्यजीव अपराधों, विशेषकर हाथीदांत तस्करी से जुड़े मामलों में कानूनी साक्ष्य तैयार करने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाणों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।
 
फील्ड में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
        प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त एवं ऊतक नमूना संग्रहण, रोग एवं विष विज्ञान जांच तथा दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से जांच कार्य करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे अधिकारियों की तकनीकी क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी।
 
विशेषज्ञ संस्थानों ने साझा किया अनुभव
           कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान तथा वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी दी। अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक श्रीमती प्रियंका पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।
 
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
         प्रशिक्षण के माध्यम से सभी 78 प्रतिभागियों को हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मृत्यु जांच के लिए मानकीकृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इससे वन विभाग की फोरेंसिक जांच, रोग निगरानी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण और संरक्षण संबंधी क्षमता और मजबूत होगी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण के माध्यम से हाथियों सहित सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रदेश में हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण और बेहतर वन्यजीव प्रबंधन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

ASI के बेटे पर जानलेवा हमला, अपहरण और लूटकांड से दहला कोरबा

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 कोरबा। जिले में बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र अंतर्गत बुधवारी बाईपास से बलगी मार्ग पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बोलेरो सवार युवकों ने पहले एक युवक को वाहन से टक्कर मार दी और बाद में उसका पीछा करने वाले युवक का कथित तौर पर अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल युवक चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू जिला पुलिस बल में पदस्थ एएसआई रामनारायण रात्रे का पुत्र है। बताया जा रहा है कि बोलेरो सवारों ने रास्ता छोड़ने की बात को लेकर विवाद शुरू किया। इसी दौरान जब चंद्रमणि वाहन से उतरकर सड़क पर पहुंचा, तब बोलेरो चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।

पीछा करने पर युवक का किया अपहरण

घटना के बाद चंद्रमणि के साथी अरविंद राठौर और साहिल निर्मलकर स्कूटी से बोलेरो का पीछा करने लगे। आरोप है कि बलगी मार्ग पर बोलेरो सवार युवकों ने अरविंद राठौर को पकड़ लिया और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।

25-30 युवकों ने की बेरहमी से पिटाई

पीड़ित के अनुसार, उसे एक स्थान पर ले जाकर करीब 25 से 30 युवकों ने मिलकर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसे गंभीर रूप से घायल कर मृत समझकर वहीं छोड़ दिया।

नकदी और जेवर भी लूटे

मारपीट के दौरान आरोपियों ने अरविंद की जेब में रखी करीब एक लाख रुपये की नकदी, आईफोन, सोने की अंगूठी और गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

पुलिस ने दोनों घटनाओं में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने कुछ आरोपियों की पहचान कर ली है। जानलेवा हमले के मामले में एक आरोपी की पहचान नीरज साहू के रूप में हुई है, जो बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, नीरज साहू के खिलाफ पहले से भी बांकीमोंगरा थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल सभी आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

CG NEWS : सड़क निर्माण स्थल पर सो रहे मजदूरों पर हाथी का हमला, दो की मौत

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 मनेन्द्रगढ़। गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क निर्माण कार्य में लगे दो श्रमिकों की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


निर्माण स्थल के पास सो रहे थे श्रमिक

जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले देवसील गांव के आगे सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। कार्य में लगे श्रमिक रविवार रात काम खत्म होने के बाद भोजन कर निर्माण स्थल के पास ही आराम कर रहे थे। इसी दौरान एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और श्रमिकों पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने श्रमिकों को दौड़ाकर कुचल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य मजदूर किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे।

दो श्रमिकों की मौत

हादसे में 22 वर्षीय गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल अमर सिंह (35) को उपचार के लिए सोनहत अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।

ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा बढ़ाने की मांग

घटना के बाद देवसील और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।

फिलहाल वन अमला हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को सामने लाती है, जहां वन्यजीव संरक्षण और विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

AIIMS रायपुर में मानवता को सलाम, सुमना की किडनियों से दो मरीजों को मिला जीवनदान

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 रायपुर। कभी-कभी छोटी सी जिंदगी भी ऐसा संदेश दे जाती है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। राजधानी रायपुर की 12 वर्षीय सुमना कुंडू अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अपने निधन के बाद वह दो लोगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन गई। अंगदान के जरिए सुमना ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।


गंभीर बीमारी से जूझ रही सुमना पिछले नौ दिनों से रायपुर AIIMS में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस कठिन घड़ी में सुमना के परिजनों ने साहसिक और प्रेरणादायक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति प्रदान की।

दो मरीजों को मिला नया जीवन

सुमना की दोनों किडनियों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक किडनी 15 वर्षीय किशोर को और दूसरी 45 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई। सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।

AIIMS रायपुर के चिकित्सकों ने बताया कि सुमना का अंगदान दो परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अस्पताल प्रशासन ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

अंतिम विदाई में छलक पड़े भाव

अंगदान के इस महान कार्य के सम्मान में AIIMS रायपुर में सुमना कुंडू को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। भावुक माहौल में सभी ने सुमना और उसके परिवार के इस निर्णय को नमन किया।

अंगदान के प्रति बढ़ी जागरूकता

सुमना की कहानी अब लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक और प्रेरित कर रही है। चिकित्सकों का मानना है कि अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है।


सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है। योजना को मंजूरी मिलने पर कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद भुगतान किए बिना उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

ट्रांसफर नीति पर भी हो सकता है फैसला

कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित तबादला (ट्रांसफर) नीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से नई ट्रांसफर नीति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इस संबंध में लिया गया निर्णय लाखों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कई अन्य प्रस्तावों पर होगी चर्चा

बैठक में प्रशासनिक सुधार, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा के साथ कुछ नई घोषणाओं और नीतिगत फैसलों पर भी मुहर लग सकती है।

कर्मचारियों की नजरें बैठक पर टिकीं

राज्य के शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों की निगाहें इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं। विशेष रूप से कैशलेस चिकित्सा योजना और ट्रांसफर नीति को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता बनी हुई है।

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कैबिनेट बैठक में किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और कर्मचारियों तथा आम जनता से जुड़े कौन-कौन से बड़े फैसले सामने आते हैं।

शराब पीने से मना करने पर बहू ने ससुर पर किया हमला, बुजुर्ग घायल

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 दुर्ग। स्मृतिनगर पुलिस चौकी क्षेत्र में पारिवारिक विवाद का एक मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से शराब पीने से मना करने पर एक महिला ने अपने ससुर पर हमला कर दिया। घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात की बताई जा रही है। आरोप है कि महिला नशे की हालत में थी। इसी दौरान उसके ससुर ने उसे शराब पीने से मना किया, जिससे वह नाराज हो गई।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने पास में रखी ईंट उठाकर अपने ससुर पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला ने बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ लोगों के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल बुजुर्ग को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

स्मृतिनगर पुलिस चौकी की टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें - उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पण


रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।

साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

विधायक चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य यामिनी देवी साहू, लोक गायिका आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

मौसम अपडेट-छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून की दस्तक, उमस और गर्मी से अभी राहत नहीं

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रायपुर-छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। हालांकि, राजधानी रायपुर समेत अधिकांश इलाकों में लोगों को अभी भी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, तेज हवाएं चलने और बादल छाए रहने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रहने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बन रहे मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आई है। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से न रुकने की सलाह दी है।

मुख्य बिंदु:

  • छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां जारी

  • रायपुर समेत कई इलाकों में उमस और गर्मी बरकरार

  • कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार

  • तेज हवाओं और बादलों से तापमान में आ सकती है गिरावट

  • मौसम विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह


रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर-10 से 12 जून तक छत्तीसगढ़ की कई मेमू-डेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द

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रायपुर- रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। रेलवे द्वारा किए जा रहे तकनीकी और रखरखाव कार्यों के चलते 10 जून से 12 जून 2026 के बीच छत्तीसगढ़ की कई मेमू (MEMU) और डेमू (DEMU) ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रद्द किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेल पटरियों और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इसके कारण कुछ ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है ताकि कार्य सुरक्षित और समय पर पूरा किया जा सके।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। इससे उन्हें किसी भी असुविधा से बचने में मदद मिलेगी। यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपडेट प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

यात्रा की योजना बना रहे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था रखने और समय से पहले जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें:

  • 10 से 12 जून के बीच कई मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द

  • रेलवे के तकनीकी और रखरखाव कार्य के कारण लिया गया फैसला

  • यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की सलाह

  • रेलवे ने वैकल्पिक यात्रा योजना बनाने की अपील की


श्रम सम्मान राशि भुगतान बंद, 35 हजार अनियमित कर्मचारियों में नाराज़गी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगभग 35 हजार अनियमित कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि 'श्रम सम्मान राशि' योजना के तहत मिलने वाले भुगतान को रोक दिया गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि यह राशि कई कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा थी। भुगतान बंद होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द भुगतान बहाल करने और लंबित राशि जारी करने की मांग की है।

इस मुद्दे को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

वहीं, कर्मचारी नेताओं ने सरकार से संवाद कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और स्थिति सामान्य हो सके।

मुख्य बिंदु:

  • 35 हजार अनियमित कर्मचारियों पर असर

  • 'श्रम सम्मान राशि' का भुगतान रुका

  • कर्मचारी संगठनों ने भुगतान बहाल करने की मांग की

  • आंदोलन की चेतावनी

  • सरकार से जल्द समाधान की अपील


कोरबा में खनन माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 14 वाहन और मशीनें जब्त

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कोरबा-छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा जिले में खनन माफिया पर शिकंजा कस दिया है। विशेष खनिज उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की दो टीमों ने जिले के 15 संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 14 वाहन और मशीनें जब्त की गईं।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अवैध रूप से खनिजों के उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों को कब्जे में लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हानि रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। 

मुख्य बिंदु:

  • 15 संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी

  • 14 वाहन और मशीनें जब्त

  • खनन माफिया के खिलाफ सख्त अभियान

  • कानूनी कार्रवाई शुरू

  • प्रशासन ने आगे भी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए 


इज़रायल का ईरान पर बड़ा पलटवार, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

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तेहरान/यरुशलम- मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इज़रायल ने सोमवार को ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इज़रायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हाल ही में दागी गई मिसाइलों के जवाब में की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान, इस्फहान, तबरीज़ और कराज समेत कई शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। इज़रायल का दावा है कि हमलों का निशाना सैन्य ढांचे और मिसाइल लॉन्चिंग सुविधाएं थीं। 

वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इज़रायल ने आगे भी हमले जारी रखे तो उसका जवाब और अधिक कड़ा होगा। ईरानी अधिकारियों ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेहरान के आसपास का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई पड़ोसी देशों ने भी सुरक्षा कारणों से अपने एयरस्पेस पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर असर डाल सकता है।


राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर, नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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