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छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले, पढ़िए किसे क्या मिलेगा फायदा

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 रायपुर, 26 मई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सड़क निर्माण कार्यों, सरकारी भर्ती व्यवस्था और सरकारी स्क्रैप निस्तारण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।


कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले डामर (बिटुमिन) की बढ़ती कीमतों को लेकर रहा। सरकार ने ठेकेदारों को सीमित राहत देने का निर्णय लिया है। वहीं, व्यापमं की जगह बने नए कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

डामर महंगा होने पर ठेकेदारों को राहत

राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को आंशिक क्षतिपूर्ति देने का फैसला लिया है।

सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण सड़क निर्माण और संधारण कार्य प्रभावित हो रहे थे। विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के अनुसार राहत केवल बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि के आधार पर तय फार्मूले से दी जाएगी। अन्य निर्माण सामग्रियों पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम यथावत लागू रहेंगे।

MSTC के जरिए होगी सरकारी स्क्रैप की ई-नीलामी

कैबिनेट ने सरकारी विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा कबाड़ और अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण के लिए Metal Scrap Trade Corporation Limited (MSTC) के साथ अनुबंध अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।

MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाकर स्क्रैप खरीद सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। साथ ही अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी। कार्यालय परिसरों में जगह और स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर होगी।

यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू है और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था।

व्यापमं की जगह बने नए चयन मंडल को मंजूरी

कैबिनेट ने Chhattisgarh Employee Selection Board को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

“छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद पुराने व्यापमं यानी छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। अब उसकी सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में शामिल कर दी गई हैं।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे

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 रायपुर : राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें।


बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। 

राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं। 

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।

राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। 

बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन  मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास  सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का निधन, कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ भाजपा और प्रदेश की  राजनीति के लिए आज मंगलवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का इलाज के दौरान निधन हो गया। वे बिलासपुर में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल होने पहुंचे थे, जहां कार्यक्रम के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।


जानकारी के अनुसार, रूपनारायण सिन्हा हाल ही में भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए थे, जहां वे कार्यक्रम प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती थी और वे लंबे समय से पार्टी संगठन एवं सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए थे।

रूपनारायण सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ थी और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अलग पहचान मानी जाती थी। योग और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भी वे लगातार सक्रिय रहते थे।

उनके निधन के बाद भाजपा संगठन सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। नेताओं ने उनके निधन को संगठन, सार्वजनिक जीवन और योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

’प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।


   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत /2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG NEWS : मासूम की कब्र से सिर गायब होने का मामला, 3 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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 बालोद। जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दी चौकी के ग्राम माहुद-बी में तीन वर्षीय मासूम प्रिया साहू की कब्र से छेड़छाड़ और सिर गायब होने के मामले में तीन महीने बाद भी पुलिस को कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। जांच में देरी और कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया।


ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की शिकायत तत्काल दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हल्दी चौकी प्रभारी लता तिवारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी लेने पर उन्हें धमकाया जाता है और उच्च अधिकारियों तक शिकायत नहीं पहुंचाने का दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने चौकी प्रभारी को हटाने की मांग भी की।

गौरतलब है कि 14 फरवरी की रात सामने आई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदने पर मासूम बच्ची का सिर धड़ से गायब मिला था। घटनास्थल के आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

सोमवार को ग्राम पंचायत और ग्राम समिति के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की मांग पर अड़ गए। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई।

मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Monika Thakur ने बताया कि जांच को तेज करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामला अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा प्रतीत हो रहा है तथा आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

लगातार बढ़ती चिंता के बीच अब ग्रामीण पारंपरिक आस्था का सहारा लेते हुए ‘आंगा देव’ की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि गांव में फैले भय और असुरक्षा के माहौल को दूर किया जा सके।

महंगाई का डबल अटैक, पेट्रोल-डीजल के बाद महंगी हुई CNG

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 नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब सीएनजी ने भी आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। देश के कई शहरों में सीएनजी के दामों में फिर बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दी गई।


अब दिल्ली में सीएनजी ₹83.09 प्रति किलो की दर से मिलेगी। इससे पहले इसकी कीमत ₹81.09 प्रति किलो थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम लोगों और वाहन चालकों की जेब पर पड़ रहा है।

26 मई 2026 को विभिन्न शहरों में CNG के दाम

  • दिल्ली : ₹83.09 प्रति किलो
  • नोएडा : ₹91.70 प्रति किलो
  • गुरुग्राम : ₹84.12 प्रति किलो
  • गाजियाबाद : ₹102.90 प्रति किलो
  • फरीदाबाद : ₹90.30 प्रति किलो
  • मुंबई : ₹81.00 प्रति किलो
  • कोलकाता : ₹93.50 प्रति किलो
  • चेन्नई : ₹91.50 प्रति किलो
  • बेंगलुरु : ₹90.00 प्रति किलो
  • हैदराबाद : ₹97.00 प्रति किलो
  • अहमदाबाद : ₹82.25 प्रति किलो
  • पुणे : ₹92.50 प्रति किलो
  • सोनीपत : ₹86.60 प्रति किलो
  • करनाल : ₹85.43 प्रति किलो
  • लखनऊ : ₹95.75 प्रति किलो
  • आगरा : ₹95.75 प्रति किलो
  • मेरठ : ₹86.05 प्रति किलो
  • पटना : ₹87.90 प्रति किलो
  • इंदौर : ₹93.55 प्रति किलो
  • जयपुर : ₹90.91 प्रति किलो
  • सूरत : ₹82.95 प्रति किलो

11 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम

सीएनजी की कीमतों में मई महीने में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे पहले 23 मई को भी सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे। उस समय कीमत ₹80.09 से बढ़कर ₹81.09 प्रति किलो हो गई थी।

मई महीने में अब तक चार बार सीएनजी के दाम बढ़ चुके हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

मुंबई में फिलहाल राहत

मुंबई में फिलहाल सीएनजी की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां पिछले महीने 50 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद से कीमत ₹81 प्रति किलो पर स्थिर बनी हुई है।

 
 

बदलता इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ता भारत: रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से खुलेगा तरक्की का द्वार

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 धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक/ सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक


रायपुर : भारत आज तीव्र गति से आधुनिक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और सुदृढ़ आर्थिक नेटवर्क के निर्माण की दिशा में अग्रसर है। सड़क, रेल, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स को एकीकृत करते हुए देश को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास निरंतर जारी है। विकास के इसी दूरदर्शी दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर है। यह कॉरिडोर केवल दो शहरों को जोड़ने वाली सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह ष्नए भारत की नई रफ्तारष् का प्रतीक है, जो उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए क्षितिज खोलने जा रहा है।


मध्य-पूर्वी समुद्री तट को जोड़ने वाला महामार्ग
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर देश के मध्य भाग को पूर्वी समुद्री तट से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक मार्ग है। यह छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी (संपर्क) स्थापित करेगा, जिससे सड़क परिवहन, लॉजिस्टिक नेटवर्क और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस परियोजना को प्रधानमंत्री की “गति शक्ति” और “आत्मनिर्भर भारत” की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

विकास का मूलमंत्र
किसी भी राज्य या देश के विकास का सबसे मजबूत आधार उसका इंफ्रास्ट्रक्चर होता है। जहां विश्वस्तरीय सड़कें, सुगम परिवहन और अत्याधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाएं होती हैं, वहां उद्योगों का तेजी से विस्तार होता है और निवेश आकर्षित होता है। यह कॉरिडोर माल परिवहन को अधिक तीव्र, सुरक्षित और लागत प्रभावी (कम खर्चीला) बनाएगा। इसके परिणामस्वरूप उद्योगों को कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होगा और तैयार उत्पाद कम से कम समय में बाजार तक पहुंच सकेंगे।

चूंकि विशाखापट्टनम बंदरगाह देश के प्रमुख समुद्री द्वारों में से एक है, इसलिए इस कॉरिडोर के माध्यम से छत्तीसगढ़ को सीधे पोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि राज्य के उद्योगों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित होगी, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।

छत्तीसगढ़ को मिलने वाले प्रमुख लाभ
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधनों, कृषि और वनोपज से समृद्ध राज्य है। यहाँ लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और स्टील उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। पूर्व में बेहतर परिवहन और लॉजिस्टिक नेटवर्क के अभाव के कारण उद्योग अपनी पूरी क्षमता का लाभ नहीं उठा पाते थे, परंतु यह कॉरिडोर इन चुनौतियों को समूल समाप्त कर देगा।

औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन
कॉरिडोर के निर्माण से रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, कांकेर और जगदलपुर जैसे क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्लस्टर्स विकसित होंगे। स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम, खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और एमएसएमई (लघु उद्योगों) को एक नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुझान इस क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ेगा।

रोजगार के नए अवसरों का सृजन
इतनी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना के आने से रोजगार के अवसर भी आनुपातिक रूप से बढ़ते हैं। सड़क निर्माण, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क्स, नई औद्योगिक इकाइयों और परिवहन सेवाओं के माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में जीविकोपार्जन के साधन मिलने से पलायन की समस्या पर काफी हद तक रोक लगेगी।

बस्तर क्षेत्र का कायाकल्प
यह कॉरिडोर बस्तर संभाग के लिए विशेष रूप से परिवर्तनकारी सिद्ध होगा। लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से कटे क्षेत्रों में बेहतर सड़क और व्यापारिक संपर्क स्थापित होगा। बस्तर के बहुमूल्य वन उत्पाद, अनूठे हस्तशिल्प, कृषि उपज और लघु उद्योगों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे आदिवासी समुदायों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

कृषि और वनोपज को सही मूल्य
छत्तीसगढ़ देश में धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त यहाँ मक्का, दलहन, फल और लघु वनोपज का भी प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से किसानों और वनोपज संग्राहकों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुगमता होगी। परिवहन लागत घटने से सीधे तौर पर किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।

पर्यटन उद्योग को नई उड़ान
चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर और बस्तर के सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुगम होने से राज्य में पर्यटन उद्योग को भारी बढ़ावा मिलेगा। इससे होटल, गाइड, स्थानीय परिवहन और हस्तशिल्प व्यवसायियों की आय दोगुनी होगी।

व्यापार और निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि
विशाखापट्टनम पोर्ट तक आसान और तेज पहुंच से छत्तीसगढ़ के उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता (कॉम्पिटिटिवनेस) बढ़ेगी। संक्षेप में कहें तो, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर महज एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया महामार्ग है। यह छत्तीसगढ़ को देश के एक प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक हब के रूप में स्थापित करने का सामर्थ्य रखता है।

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही सशक्त अर्थव्यवस्था की नींव होता है, और यही परियोजना आने वाले समय में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। नए भारत की नई रफ्तार का यह कॉरिडोर देश के हर कोने को प्रगति की साझा मुख्यधारा से जोड़ने का एक जीवंत माध्यम है।

सीएम साय कल लेंगे कैबिनेट बैठक, कई अहम फैसलों पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 6 बजे मंत्रालय में आयोजित होगी। प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार के बीच होने वाली यह पहली कैबिनेट बैठक मानी जा रही है।


जानकारी के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सुशासन तिहार के दौरान मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित नहीं हुई थी। ऐसे में इस बार की बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर चर्चा हो सकती है। खास तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के हालिया बस्तर दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों और मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास के दौरान हुई बैठकों के आधार पर कुछ अहम निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

नई तबादला नीति पर भी हो सकती है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश की तर्ज पर नई तबादला नीति को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक कसावट और सुशासन को मजबूत करने के लिए कुछ बड़े फैसले ले सकती है।


शासन की पहल से डुबान क्षेत्र के घर में लौटी रोशनी, सियाराम मरकाम परिवार को गर्मी से मिली राहत

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 रायपुर : राज्य शासन की संवेदनशील पहल और दूरस्थ अंचलों तक बिजली सुविधाओं की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता ने धमतरी जिले के गंगरेल डुबान क्षेत्र स्थित ग्राम तुमाखुर्द निवासी सियाराम मरकाम के परिवार के जीवन में फिर से रोशनी लौटा दी है। वर्षों पहले स्थापित सोलर होम लाइट सिस्टम के खराब हो जाने से उनका परिवार लंबे समय से परेशान था। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली और पंखे की सुविधा बंद होने से दैनिक जीवन कठिन हो गया था।


राज्य शासन की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता बनी रहे तथा गर्मियों के कठिन समय में लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी संवेदनशील दृष्टिकोण के तहत समस्या की जानकारी मिलते ही क्रेडा के तकनीकी अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोलर होम लाइट सिस्टम की मरम्मत की और नई बैटरी स्थापित कर उसे पुनः चालू किया।

सिस्टम के पुनः कार्यशील होते ही श्री मरकाम के घर में फिर से उजाला फैल गया। अब उनका घर रात में रोशन रहने लगा है और पंखे की सुविधा बहाल होने से परिवार को गर्मी से राहत मिली है। दूरस्थ डुबान क्षेत्र में रहने वाले इस परिवार के लिए यह सुविधा बड़ी राहत लेकर आई है।

श्री सियाराम मरकाम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से वे इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब उनके परिवार को बड़ी सुविधा मिल गई है और घर में फिर से सामान्य जीवन लौट आया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना “सौभाग्य” सहित विभिन्न विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से राज्य शासन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि अंतिम छोर तक रहने वाले परिवारों को भी भरोसेमंद और सतत ऊर्जा सुविधा मिल सके। दूरस्थ क्षेत्रों में सोलर आधारित विद्युत व्यवस्था इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह पहल दर्शाती है कि राज्य शासन की प्राथमिकता केवल बिजली पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उसकी निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है, ताकि हर घर रोशन रहे और लोगों का जीवन सुगम बन सके।

भीषण गर्मी के बीच जल्द दस्तक दे सकता है मॉनसून, केरल में भारी बारिश के संकेत

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 नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मॉनसून के जल्द आने की उम्मीद बढ़ गई है। केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून समय से पहले दस्तक दे सकता है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।


मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। सामान्य तौर पर केरल में मॉनसून 1 जून तक पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके पहले आने की संभावना जताई जा रही है।

केरल में कई जिलों में येलो अलर्ट

IMD ने केरल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 25 मई को पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में अलर्ट जारी किया गया।

वहीं 26 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, आलाप्पुझा और एर्नाकुलम में चेतावनी जारी रहेगी। 27 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और आलाप्पुझा जिलों में अलर्ट रहेगा। इसके बाद 28 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने 28 मई से 3 जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान भी जताया है।

कई राज्यों में जारी है भीषण गर्मी

देश के कई हिस्सों में रविवार को भीषण गर्मी का असर जारी रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।

IMD ने अनुमान जताया है कि 29 मई के बाद गर्मी से धीरे-धीरे राहत मिल सकती है। विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 3 से 5 दिनों तक पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना बनी रहेगी।

राजस्थान में 47 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन से चार दिनों तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में 26 और 27 मई को तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

वहीं आंध्र प्रदेश में मौसम का अलग असर देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही है, जबकि कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले तीन दिनों तक भीषण लू की चेतावनी जारी की है।

 
 

गवर्नेंस समिट 2026 : विकसित भारत के लिए समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के भारती सार्वजनिक नीति संस्थान के सहयोग से 23 मई 2026 को आईएसबी मोहाली परिसर में “गवर्नेंस समिट 2026 : विकसित भारत के लिए समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)” का आयोजन किया।

शिखर सम्मेलन के चौथे संस्करण की शुरुआत उद्घाटन मुख्य भाषण से हुई, जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने संबोधित किया। उन्होंने ऐसे एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतिम छोर पर मौजूद प्रत्येक नागरिक की सेवा कर सके।

उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत के लिए उत्पादकता बढ़ाने, शासन व्यवस्था में सुधार करने तथा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विनिर्माण और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में पहुंच का विस्तार करने का एक परिवर्तनकारी अवसर प्रस्तुत करती है।” उन्होंने यह भी कहा कि एआई के कारण बौद्धिक कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन भारत समावेशी विकास के लिए इस तकनीक का उपयोग करने की विशिष्ट स्थिति में है।

पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में चार विषयगत पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। इनमें डिजिटल वाणिज्य में एआई की भूमिका, महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और वहनीयता, तथा रोजगार सृजन और डिजिटल उद्यमिता जैसे विषय शामिल थे। इसके साथ ही एक समानांतर गोलमेज चर्चा में राज्य सरकारों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक अंतिम छोर तक सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने उद्घाटन संबोधन में भारती सार्वजनिक नीति संस्थान, आईएसबी के एसोसिएट प्रोफेसर और कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अश्विनी छत्रे ने एआई से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को प्रभावी प्रशासनिक ढांचे में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एआई को एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय मिशन के रूप में देखा जाना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देगा।”

उन्होंने असमानता, तकनीकी छलांग लगाने के अवसर और भविष्य के रोजगार को उभरते एआई परिदृश्य के प्रमुख आयाम बताया। प्रोफेसर छत्रे ने यह भी कहा कि एआई से जुड़े अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपाय, सामाजिक सुरक्षा तंत्र और सकारात्मक नीतिगत कदम आवश्यक हैं।

इस शिखर सम्मेलन में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में रिलायंस रिटेल, मास्टरकार्ड, अपोलो हॉस्पिटल्स, आईआईटी मद्रास, यूनिसेफ इंडिया, पंजाब पुलिस तथा कई केंद्रीय और राज्य सरकारी मंत्रालयों की भागीदारी रही।

आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) में अत्याधुनिक लिनियर एक्सेलेरेटर का शुभारंभ

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Army Hospital (Research & Referral) के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में 25 मई 2026 को एक अत्याधुनिक रिंग गैन्ट्री-आधारित लिनियर एक्सेलेरेटर (Linear Accelerator) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

यह उन्नत तकनीक Army Hospital (R&R) में कैंसर उपचार सेवाओं को और मजबूत करेगी तथा सेवारत सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी। इससे अस्पताल में बढ़ते मरीजों के उपचार की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

यह लिनियर एक्सेलेरेटर आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीकों जैसे —

  • वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी (VMAT)

  • इंटेंसिटी-मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी (IMRT)

  • इमेज-गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (IGRT)

  • स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडिएशन थेरेपी (SBRT)

  • स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (SRS)

को संचालित करने में सक्षम है।

यह तकनीक ट्यूमर वाले हिस्सों पर अत्यंत सटीक तरीके से रेडिएशन पहुंचाती है, जबकि आसपास के सामान्य ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। इससे उपचार के परिणाम बेहतर होने और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बढ़ने में मदद मिलेगी।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) के अंतर्गत इस नए लिनियर एक्सेलेरेटर की खरीद, पहले इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण की तुलना में एक बड़ा तकनीकी उन्नयन है, जिसे अब सेवा से हटा दिया गया है। यह कदम AFMS के ऑन्कोलॉजी सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। AFMS के अन्य कैंसर उपचार केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है।

इस अवसर पर DG AFMS Arti Sarin, Armed Forces Medical Services के वरिष्ठ अधिकारी तथा अविनाश दास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में महंगा हुआ सफर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बिगाड़ा आम लोगों का बजट

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 25 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल की कीमत ₹109 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।


राजधानी रायपुर में पेट्रोल अब ₹107.96 प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि बड़े शहरों की तुलना में यहां थोड़ी राहत है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित कर दिया है।

बस्तर और सरगुजा संभाग में सबसे ज्यादा असर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बस्तर और सरगुजा संभाग में ईंधन की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पहुंच गया है।

वहीं सरगुजा संभाग में जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर बिक रहा है। रायगढ़ में भी पेट्रोल की कीमत ₹109.03 प्रति लीटर दर्ज की गई है।

दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर पहुंच चुका है।

कोरबा में सबसे सस्ता पेट्रोल

प्रदेश में सबसे कम पेट्रोल कीमत कोरबा में दर्ज की गई है, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा जांजगीर में ₹108.21 और कवर्धा में ₹108.86 प्रति लीटर रेट दर्ज किए गए हैं।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

जानकारों के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों में ट्रांसपोर्टेशन लागत अधिक होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। वहीं बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने से कुछ राहत मिलती है।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग लागत, एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट के आधार पर तय होती हैं।

ट्रांसपोर्ट और आम जनता पर असर

लगातार बढ़ते ईंधन दामों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई और यात्री किराए में बढ़ोतरी हो सकती है।

इधर, संभावित कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रायपुर कलेक्टर ने अधिक कीमत वसूली और अवैध बिक्री की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नागरिक 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सरकारी तेल कंपनियां प्रतिदिन सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी करती हैं।

CG NEWS : गांव में चल रही थी प्रार्थना सभा, धर्मांतरण की शिकायत पर पहुंची पुलिस

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 रायपुर : बिलासपुर जिले में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सुमित यादव ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि 24 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि ग्राम मोहरा में राम स्वरूप सूर्यवंशी के घर के आंगन में टीन शेड के नीचे प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है। आरोप है कि सभा के दौरान ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

शिकायत के बाद सुमित यादव अपने साथियों धीरज भोई, सुभाष साहू और शुभांशु भोई के साथ मौके पर पहुंचे। वहां राम स्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और बिलासपुर निवासी पंकज कुमार करियारे मौजूद मिले।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभा में शामिल लोगों को बेहतर सुविधाएं, अच्छे घर में विवाह और निःशुल्क इलाज जैसी बातें कहकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मौके पर बाइबल और नाश्ते की व्यवस्था होने की बात भी कही गई है।

इसके अलावा शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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