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सनातन के अपमान पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त: पन्नालाल गिरफ्तार, सीएम बोले- 'बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी'

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 रायपुर। सनातन धर्म और भगवान शिव को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी तरह के बयान या टिप्पणी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पन्नालाल द्वारा सनातन धर्म के आराध्य भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब प्रकरण में कानून के अनुसार आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

धार्मिक संगठनों में था आक्रोश

उल्लेखनीय है कि भगवान शिव और शिवलिंग पर की गई टिप्पणी के बाद मामला गरमा गया था। टिप्पणी से विभिन्न धार्मिक संगठनों और समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के अपमान को लेकर बेहद गंभीर है।

" शिवालय नगरी आरंग" पर बना गीत सोशल मीडिया में वायरल, कलाकारों की हो रही सराहना

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 आरंग। शिवालयों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध नगरी आरंग के गौरव को समर्पित गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गीत की परिकल्पना पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने की है। गीत को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा और आरंग अंचल के लोकप्रिय गायक गंगा साहू ने अपनी आवाज दी है।


गीत के बोल कांशी जैइसे नगरी मोर आरिंग दीपक सारथी ने लिखे हैं, जबकि संगीत देवेंद्र साहू का है। वीडियो की कैमरा और एडिटिंग विरु साहू ने की है। कोरियोग्राफी मास्टर उत्तम साहू की रही और रिकॉर्डिंग आरंग स्थित महामाया स्टूडियो में की गई।गीत में आरंग के प्राचीन शिवालयों और शिवलिंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।



कलाकारों की इस पहल का उद्देश्य नगर के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाना है।सोशल मीडिया पर रिलीज होते ही गीत को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

कई सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने शिवालयों पर आधारित इस गीत की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

चरौदा में मना "ग्रीन डे", बच्चों में दिखा गजब उत्साह, ग्रीन फैशन शो रहा आकर्षण का केंद्र

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 आरंग। पर्यावरण संरक्षण और "हरियर छत्तीसगढ़" का संदेश देने शनिवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में "ग्रीन डे" बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय किसान नेता पारसनाथ साहू रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान के.के. परमाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव, ग्राम पंचायत के पंच प्रेमलाल साहू और कन्हैया धीवर उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय गीत गायन से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नारा, गीत और फूल-पत्तों की प्रदर्शनी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण "हरा परिधान में फैशन शो" रहा। हरे रंग की वेशभूषा में सजे बच्चों और शिक्षकों ने मंच पर उत्साह के साथ कैटवॉक कर बच्चों से खूब तालियां बटोरीं।प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा कापी ,पेन देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पारसनाथ साहू ने सभी प्रतिभागियों को नगद 500 रूपए ,कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव ने पेन तथा पंच प्रेमलाल साहू ने सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किया। इस अवसर पर पारसनाथ साहू ने कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए।इस अवसर पर संस्था प्रधान के.के. परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर प्रसाद साहू, सुशील कुमार आवडे, जितेन्द्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, पायल शुक्ला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की।

नाबालिग से हैवानियत: रात में घर में घुसा आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग पीड़िता को रात में घर से उठाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने आरोपी जगदीश साहनी उर्फ टिल्ली (19) को बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी की।


रात 3 बजे घर में घुसा था आरोपी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना बालको थाना क्षेत्र की है। 10 अगस्त 2025 की रात पीड़िता अपने माता-पिता और भाई के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 3 बजे आरोपी जगदीश साहनी चुपके से घर में घुसा और पीड़िता के साथ मारपीट करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई, तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

होश आया तो डैम के पास थी पीड़िता

आरोपी बेहोशी की हालत में पीड़िता को उठाकर घर के पीछे स्थित डैम के पास ले गया। जब पीड़िता को होश आया, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर घसीटा और मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, आंख, कान और पैरों में गंभीर चोटें आईं। सुबह होने पर आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर

परिजनों को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने बालकोनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

न्यायालय ने सुनाई सजा और जुर्माना

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

धारावार सजा: न्यायालय ने बीएनएस (BNS) की धारा 137(2), 74, 76, 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 331(2) बीएनएस के तहत 3 वर्ष तथा धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

अर्थदंड: अदालत ने सभी धाराओं में 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेशानुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

CG NEWS : शादी से इनकार पर युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने वाला प्रेमी गिरफ्तार

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 तखतपुर (बिलासपुर) : शादी का प्रस्ताव ठुकराने से नाराज युवक द्वारा अपनी पूर्व प्रेमिका की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तखतपुर थाना पुलिस ने आरोपी को कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।


वीडियो कॉल का किया दुरुपयोग

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनील चतुर्वेदी का युवती के साथ प्रेम संबंध था। हाल ही में जब युवती ने शादी करने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने रंजिश रखते हुए पूर्व में वीडियो कॉल के दौरान ली गई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिए। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था।

साइबर सेल की मदद से मिली लोकेशन

तस्वीरें वायरल होने के बाद पीड़िता ने तखतपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी अवनीश पासवान के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की, जो कर्नाटक के बेंगलुरु में मिली।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

पुलिस टीम ने बेंगलुरु में दबिश देकर आरोपी सुनील चतुर्वेदी को हिरासत में लिया और तखतपुर लाया। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

CSIR एकीकृत कौशल पहल के फेज-III के प्रथम वर्ष की समीक्षा के लिए समन्वयकों की बैठक पुणे में आयोजित

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पुणे- CSIR एकीकृत कौशल पहल (CSIR Integrated Skill Initiative) के फेज-III (2025–30) के प्रथम वर्ष की निगरानी समिति की समन्वयक सम्मेलन-सह-बैठक (Coordinators' Conclave-cum-Meeting) का सफल आयोजन 6–7 अगस्त 2026 को पुणे स्थित CSIR-राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (CSIR-NCL) में किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन CSIR-मानव संसाधन विकास केंद्र (CSIR-HRDC), गाजियाबाद ने CSIR-NCL, पुणे के सहयोग से किया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य फेज-III के प्रथम वर्ष में हासिल प्रगति की व्यापक समीक्षा करना, विभिन्न CSIR प्रयोगशालाओं के बीच ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत तथा पारंपरिक दीप प्रज्वलन किया गया। CSIR-NCL के वैज्ञानिक-जी डॉ. राजेश जी. गोन्नाडे ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सहयोग, नवाचार और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।

इसके बाद CSIR-HRDC के वैज्ञानिक-जी एवं स्किल नोडल प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. विनय कुमार ने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी और वर्ष 2025–26 के दौरान CSIR एकीकृत कौशल पहल के तहत हासिल महत्वपूर्ण प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह पहल देशभर में एक मजबूत कौशल विकास तंत्र तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाओं को तैयार करना और तकनीक-आधारित कार्यबल का निर्माण करना है।

CSIR-सेंट्रल प्लानिंग डायरेक्टोरेट (CPD) के वैज्ञानिक-एफ डॉ. अभिषेक कुमार ने पहल की प्रमुख उपलब्धियों और वर्ष के दौरान किए गए नीतिगत हस्तक्षेपों पर प्रकाश डाला। वहीं, CSIR-HRDC, गाजियाबाद के प्रमुख डॉ. टी. एस. राणा ने कौशल विकास के लिए डिजिटल तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार-आधारित समाधानों में CSIR की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इंस्टीट्यूट ऑफ पेस्टिसाइड फॉर्मुलेशन टेक्नोलॉजी (IPFT), गुरुग्राम के निदेशक एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ. मोहना कृष्ण रेड्डी मुदियम ने कहा कि कौशल विकास राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने CSIR एकीकृत कौशल पहल को मजबूत, भविष्य के लिए तैयार और उद्योग-केंद्रित कौशल विकास व्यवस्था बनाने के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकता स्तंभों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

वहीं, CSIR-NCL, पुणे के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने कहा कि देशभर में फैली CSIR की प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से CSIR, Skill India Mission में महत्वपूर्ण योगदान देने की अनूठी स्थिति में है। उन्होंने भारत को कुशल प्रतिभाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में इस पहल की भूमिका पर जोर दिया।

37 CSIR प्रयोगशालाओं की प्रगति की समीक्षा

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण वर्ष 2025–26 के दौरान फेज-III के तहत हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा रहा। पहले दिन CSIR की सभी 37 भाग लेने वाली प्रयोगशालाओं के स्किल नोडल कोऑर्डिनेटर्स ने अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इन प्रस्तुतियों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रशिक्षुओं तक पहुंच, नवाचार आधारित पहलों, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी दी गई। इससे निगरानी समिति को विभिन्न प्रयोगशालाओं में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति का व्यापक मूल्यांकन करने के साथ-साथ कौशल विकास से जुड़े सफल मॉडलों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर मिला।

निगरानी समिति ने दिन के अंत में विस्तृत समीक्षा और चर्चा की। समिति ने अब तक हुई प्रगति की सराहना करते हुए कार्यक्रम की गुणवत्ता, प्रभावशीलता, पहुंच और दीर्घकालिक प्रभाव को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उद्योग और कौशल विकास पर तकनीकी सत्र

सम्मेलन के दूसरे दिन दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। Life Sciences Sector Skill Development Council (LSSSDC) के उपाध्यक्ष श्री अंशुल सक्सेना ने CSIR और LSSSDC के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया।

इसके बाद CSIR-CPD के वैज्ञानिक-एफ डॉ. अभिषेक कुमार ने परियोजना योजना और बजट प्रबंधन पर तकनीकी सत्र लिया। इसमें प्रभावी योजना निर्माण, वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, निगरानी और कौशल विकास कार्यक्रमों के कुशल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

भविष्य की रणनीति पर जोर

कार्यक्रम का समापन समापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें स्किल नोडल अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और पहल को और मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए।

दो दिवसीय सम्मेलन ने CSIR की विभिन्न प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने, फेज-III के प्रथम वर्ष की उपलब्धियों की व्यापक समीक्षा करने तथा कार्यक्रम की पहुंच, गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रणनीतियां तय करने में अहम भूमिका निभाई।

बैठक से सामने आए सुझाव और सिफारिशें CSIR एकीकृत कौशल पहल के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करने में सहायक होंगी। साथ ही, यह पहल देश के लिए उच्च कौशलयुक्त वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

नौकरी के बीच 30 मिनट की नींद! Gen Z कैंडिडेट की डिमांड सुनकर IITian फाउंडर भी रह गए हैरान

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नई दिल्ली- सोशल मीडिया पर इन दिनों Gen Z से जुड़ा एक दिलचस्प मामला तेजी से वायरल हो रहा है। एक Gen Z नौकरी उम्मीदवार ने इंटरव्यू के दौरान कंपनी के सामने ऐसी मांग रख दी, जिसे सुनकर कंपनी के फाउंडर भी हैरान रह गए।

उम्मीदवार ने नौकरी के दौरान हर दोपहर 30 मिनट की झपकी (Nap) लेने की अनुमति मांगी। उम्मीदवार का कहना था कि दोपहर में थोड़ी देर आराम करने से वह बेहतर तरीके से काम कर पाएगा और उसकी productivity भी बढ़ सकती है।

इस अनोखी मांग पर कंपनी के IITian फाउंडर की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग Gen Z के work-life balance और workplace expectations को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं।

कुछ यूजर्स ने इसे “Gen Z का नया वर्क कल्चर” बताया, तो कुछ का कहना है कि अगर इससे productivity बढ़ती है, तो कंपनियों को ऐसी मांगों पर विचार करना चाहिए।

आप क्या सोचते हैं—ऑफिस में 30 मिनट की nap की अनुमति मिलनी चाहिए? 

बस्तर के 92 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर दिखेगा नया बदलाव

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बस्तर- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के लिए इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास होने जा रहा है। पहली बार नक्सल प्रभावित रहे 92 गांवों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया जाएगा।

इन गांवों में लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव रहा है। अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ यहां के ग्रामीण 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।

प्रशासन के अनुसार, इन गांवों में तिरंगा फहराया जाना केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर और शांति एवं विकास की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर भी इस आयोजन को लेकर उत्साह है। वर्षों तक उग्रवाद से प्रभावित रहे इन इलाकों में तिरंगे का फहराया जाना सुरक्षा, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत होती पहुंच का महत्वपूर्ण संदेश देगा।

भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई

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नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़ी चुनाव याचिका को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें बघेल के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से इनकार किया गया था।

इस फैसले के बाद अब चुनाव याचिका पर आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकेगी। याचिका में भूपेश बघेल के चुनाव को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि बघेल का चुनाव अवैध घोषित कर दिया गया है। फिलहाल मामला केवल याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने से जुड़ा है। अब संबंधित आरोपों और दावों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सुनवाई होगी।

इस मामले पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी नजर बनी हुई है।

जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर पर

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जापान की मुद्रा येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 40 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। येन को संभालने के लिए जापान और अमेरिका ने मिलकर दुर्लभ मुद्रा बाजार हस्तक्षेप (Currency Intervention) किया है।

अब निवेशकों की नजर बैंक ऑफ जापान (BOJ) पर है। बाजार में चर्चा है कि अगर येन पर दबाव जारी रहा, तो बैंक ऑफ जापान सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

येन की कमजोरी से जापान के लिए आयात महंगा हो सकता है, खासकर तेल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं, ब्याज दर बढ़ने की संभावना से वैश्विक वित्तीय बाजार भी सतर्क हैं।

विष्णु के सुशासन में ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर छत्तीसगढ़ में पहली बार सुकमा के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने रायपुर पहुंचकर बड़े मंच पर दिखाई प्रतिभा, मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष हुए गदगद

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 रायपुर : रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडोटोरियम में राष्ट्रीय हाथकरधा दिवस आयोजित हुआ जहां इस कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित फैशन शो में एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जब सुकमा के चिंतलनार की पुनर्वासित (आत्मसमर्पित)बेटियों ने मिस इंडिया ईस्ट अनुष्का सोन के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा परिधानों में रैंप वॉक कर बदलाव, आत्मसम्मान और नए विश्वास की मिसाल पेश की। 



जिसमें आत्मा समर्पित बेटियां पुनेम देवे,माड़वी देवे,माड़वी माल्ले,मिडियम गांगी, कुमारी माड़वी नान्दनी, कुमारी डोंडी रामे,कुमारी माड़काम भीमे,कुमारी पोड़ियाम राजे,कुमारी पुनेम ज्योति, कुमारी हिड़मे मारकाम शामिल हुई .


यह केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि हिंसा से विकास, भय से विश्वास और भटके हुए जीवन से सम्मानजनक भविष्य की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की सशक्त अभिव्यक्ति है। ये छत्तीसगढ़ में पहला अवसर था जब ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर सुकमा के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने अपनी प्रतिभा को राजधानी रायपुर के एक बड़े मंच पर दिखाया।

ग्रामोद्योग विभाग की इस पहल की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री डॉ रमन सिंह जी ने प्रसन्नता व्यक्त की एवं मंच पर आकर उन पुनर्वासित बेटियों से मुलाकात कर उनका हौंसला बढ़ाया।

स्कूल परिसर में शराब पार्टी का वीडियो वायरल, 5 शिक्षकों समेत 6 कर्मचारियों को नोटिस

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 सक्ती। मालखरौदा ब्लॉक स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी में परिसर के भीतर शिक्षकों और कर्मचारी द्वारा कथित रूप से शराब पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में स्कूल परिसर के अंदर पांच शिक्षक और एक स्वीपर आपस में बैठकर शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।


3 दिनों के भीतर मांगा जवाब

जिला शिक्षा अधिकारी ने वीडियो में नजर आ रहे सभी छह कर्मचारियों को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों (वीडियो) का परीक्षण करने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो नियम के तहत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल विभाग द्वारा वायरल वीडियो की सत्यता और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। विद्या के मंदिर में इस तरह की घटना सामने आने से क्षेत्र के ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

"हर घर तिरंगा" और "तिरंगा यात्रा" अभियान राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भव्य माध्यम बनेगा : अरुण साव

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का "हर घर तिरंगा" और "तिरंगा यात्रा" अभियान देशभक्ति की लहर जगाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य और ऐतिहासिक माध्यम बनेगा।  साव ने शुक्रवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रदेशभर में आयोजित होने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' की रूपरेखा साझा की।


प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि बस्तर के वे नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र, जहाँ अब तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जा सका था, वहाँ इस वर्ष 15 अगस्त को तिरंगा लहराएगा। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। श्री साव ने कहा कि वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना, संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, सामाजिक समरसता तथा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को सुदृढ़ करना है। इस दौरान प्रदेश की सभी 450 से अधिक भाजपा मण्डल इकाइयों, बड़े गाँवों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखण्ड मुख्यालयों में जन-जागरण हेतु तिरंगा यात्राएँ निकाली जाएंगीं।

साव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए नगरीय निकायों, जिला पंचायतों और पार्टी पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक संपन्न हो चुकी है, साथ ही रायपुर शहर एवं ग्रामीण जिलों की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी 10 अगस्त को राजधानी के मरीन ड्राइव से तिरंगा यात्रा का ऐतिहासिक शुभारम्भ सुबह 10 बजे होगा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संस्थाएँ, धर्माचार्य और विभिन्न समाजों के विशिष्ट जन शामिल होंगे। यात्रा को यादगार बनाने के लिए लोग पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों, घोड़ों और सवारियों के साथ शामिल होंगे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने सोशल मीडिया पर 'डिजिटल तिरंगा' अभियान की जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे हर घर, दुकान, संस्थान और कार्यालय पर तिरंगा लहराएँ तथा अपनी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करें। इससे पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि भारत अपनी आजादी का पर्व कितने गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है! श्री साव ने कहा कि एक लम्बे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद हमें आजादी मिली है। राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का इससे बड़ा कोई माध्यम नहीं हो सकता। श्री साव ने प्रदेश के सभी वर्गों, संस्थाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राष्ट्र व संविधान के प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।

बस्तर के 'कुख्यात' स्थल अब बनेंगे 'विख्यात' : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए 15 अगस्त के अवसर पर समूचे बस्तर सम्भाग में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक 'तिरंगा रैली' और संगठन की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। श्री शर्मा ने कहा कि देश में राष्ट्रीय पर्वों के आगमन के साथ ही हर नागरिक के मन में देशभक्ति का भाव जागृत होता है और इसी राष्ट्रीयता के भाव को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस बार सम्पूर्ण बस्तर में एक अभूतपूर्व अभियान चलाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से सन 2024 से 2026 तक स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस के पाँच आयोजनों में बस्तर के उन दूरस्थ गाँवों में तिरंगा लहराया गया, जहाँ आजादी के बाद से कभी राष्ट्रध्वज नहीं लहराया था। इस वर्ष बीजापुर जिला के 33 गाँवों, सुकमा जिला के 50 गाँवों और नारायणपुर के 9 गाँवों में पहली बार तिरंगा लहराएगा। श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बस्तर के जो क्षेत्र पूर्व में नक्सली हिंसा और बड़ी घटनाओं के कारण 'कुख्यात' हो गए थे, अब उन्हें विकास और राष्ट्रीय धारा से जोड़कर 'विख्यात' बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पूवर्ती, सिलगेर, दरभा जैसे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों को इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। इस अभियान में बाइक रैली और युवाओं की भागीदारी की चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, आम नागरिक और स्थानीय युवा मिलकर पूरे बस्तर में भव्य बाइक रैली निकालेंगे। इसमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बस्तर के गौरव और स्वाभिमान से जुड़ने वाले सभी वर्ग के लोग भाग लेंगे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भाजयुमो द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मान और तिरंगा भेंट करने के कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि 31 मार्च, 2026 तक बस्तर में चले नक्सल उन्मूलन अभियान व शांति स्थापना के इस पूरे उपक्रम में जिन वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके घरों पर जाकर युवा मोर्चा व पार्टी कार्यकर्ता तिरंगा भेंट कर रहे हैं और शहीद परिवारों से आत्मीय मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के घरों तक भी पहुँचने का हमारा कार्यक्रम तय है। श्री शर्मा ने जानकारी दी कि इस 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्थानों, जिनमें स्कूल, प्रमुख चौराहे और सामुदायिक भवन शामिल हैं, का नामकरण देश व प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा। श्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिशा-निर्देशों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। पूर्व में जो असामाजिक व राष्ट्रविरोधी संगठन भारत के संविधान को मानने से इंकार करते थे, उनका प्रभाव अब समाप्त हो चुका है। इस बार 15 अगस्त को समूचे बस्तर संभाग के हर एक गाँव में भारत का संविधान पूर्णतः लागू होगा और तिरंगा शान से लहराएगा।

पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री तिरंगा अभियान के प्रदेश प्रभारी यशवंत जैन, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, प्रदेश मीडिया सह संयोजक गोविन्दा गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी रोहित द्विवेदी मौजूद थे।

मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 67.20 लाख माताओं और बहनों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए 630.55 करोड़ रुपये

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का मजबूत संकल्प, योजना के तहत अब तक 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण

महतारी वंदन योजना मातृशक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवारों की समृद्धि का अभियान - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव शहला निगार तथा संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की उन प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तब परिवार मजबूत होता है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसलिए मातृशक्ति का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना केवल प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। प्रदेश के लाखों परिवारों में यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भूमिका और अधिक सशक्त हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रही हैं। कई माताएं अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में नियमित निवेश कर रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी विक्रय, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण तथा अन्य छोटे स्वरोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ाई है। इससे वे न केवल परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। महतारी वंदन योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें हर महीने बिना एक हजार रुपए की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। डीबीटी व्यवस्था ने पारदर्शिता बढ़ाई है और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इन सभी प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर रही है।

1 मार्च 2024 से पूरे प्रदेश में लागू है योजना : 30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान

महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। आज जारी की गई 30वीं किस्त के बाद योजना के अंतर्गत वितरित कुल राशि बढ़कर 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक हो गई है।महतारी वंदन योजना का प्रभाव अब प्रदेश के लाखों परिवारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है। अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करना प्रारंभ किया है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही समावेशी विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को साकार करते हुए मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस

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प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज

रायपुर- भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य में बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं पूर्व तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के सभी जिलों के आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने और आवश्यक कार्यवाहियों के संचालन के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

18 को टेबल टॉप और 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज

कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी जिलों में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसके ठीक बाद 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन होगा।

अधिकारियों को कार्यप्रणाली समझने के निर्देश

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान की जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को भली-भांति समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाढ़ आपदा के समय त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए यह अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा

बैठक के दौरान बाढ़ आपदा के समय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन जैसे अंतर-विभागीय समन्वय से की जाने वाली कार्यवाहियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं SDRF के महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय), मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर डिवीजन), NDRF कमांडेंट, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, विज्ञान केंद्र, दूरसंचार, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ-साथ राज्य शासन के पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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