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साड़ी खरीदने के बहाने दुकान में चोरी! 10 महिलाओं समेत 12 गिरफ्तार, 36 हजार का माल बरामद

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 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में साड़ी खरीदने के बहाने कपड़ा दुकान से चोरी करने के मामले में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में राजस्थान के बारां जिले की 10 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दुकान और उससे लगे गोदाम से करीब 36 हजार रुपये की साड़ियां चोरी हुई थीं। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई साड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं।


खरीदारी के बहाने दुकानदार को उलझाया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम कुछ महिलाएं दो कारों से लटोरी चौकी क्षेत्र के करवां स्थित एक कपड़ा दुकान पहुंचीं। आरोप है कि महिलाओं ने साड़ी खरीदने के बहाने दुकानदार को बातचीत और सामान दिखाने में उलझाए रखा। इसी दौरान दुकान से साड़ियां चोरी कर ली गईं। दुकान से लगे गोदाम से भी साड़ियों के बंडल गायब होने की बात सामने आई।

महिलाओं के जाने के बाद दुकानदार ने जब सामान का मिलान किया, तो कई साड़ियां गायब मिलीं। जांच के दौरान करीब 36 हजार रुपये की साड़ियों की चोरी का पता चला। इसके बाद दुकानदार ने लटोरी चौकी में शिकायत दर्ज कराई।

बनारस रोड किनारे तंबू से पकड़े गए आरोपी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में जुट गई। इसी दौरान बनारस रोड के किनारे तंबू लगाकर रह रहे कुछ महिला और पुरुषों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की और कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया।

चोरी की साड़ियां बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के बारां जिले की 10 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। उनके पास से चोरी की गई साड़ियां बरामद की गई हैं। मामले में पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

खरीदारी के बहाने दुकान में पहुंचने और वहां से सामान चोरी होने की इस घटना के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

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 रायपुर : छत्तीसगढ का विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के अंतर्गत 23 अक्टूबर को जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। राष्ट्रपति की उपस्थिति बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सदियों पुरानी परंपराओं और सामाजिक विरासत के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर होगी। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की सहभागिता से बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक संवाद व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।


उल्लेखनीय है कि बस्तर का मांझी दल और बस्तर पंडुम के विजेता राष्ट्रपति से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान मांझी दल के प्रतिनिधियों और बस्तर के युवाओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा एवं पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होने का आत्मीय आमंत्रण दिया था। राष्ट्रपति ने न केवल इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया, बल्कि बस्तर से पहुंचे अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए अपने हाथों से उन्हें भोजन भी परोसा था।

इस आत्मीय मुलाकात के दौरान बस्तर के युवाओं ने राष्ट्रपति से कहा था कि जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ आपने राष्ट्रपति भवन में हमारा स्वागत किया है, उसी तरह हम भी नक्सलवाद खत्म होने के बाद नए बस्तर की ओर से अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप बस्तर में आपका स्वागत करेंगे। अब राष्ट्रपति का मुरिया दरबार में शामिल होना उस आत्मीय आमंत्रण के साकार होने का विशेष अवसर होगा।

बस्तर की पारंपरिक संवाद व्यवस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है मुरिया दरबार

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का अनूठा संगम है। इसी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार बस्तर की सदियों पुरानी पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक है। इसमें मांझी-चालकी और पारंपरिक प्रतिनिधियों की सहभागिता बस्तर की विशिष्ट सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को अभिव्यक्त करती है। यह परंपरा जनजातीय समाज की सामूहिक भागीदारी, आपसी संवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम रही है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति से इस ऐतिहासिक परंपरा का गौरव और बढ़ेगा। यह अवसर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय समाज की विशिष्ट पहचान और नई पीढ़ी के अपनी परंपराओं से जुड़ाव को नई प्रेरणा देगा।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए बस्तर में विशेष उत्साह

राष्ट्रपति के बस्तर आगमन और मुरिया दरबार में शामिल होने को लेकर जनजातीय समाज, मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा से जुड़े पारंपरिक प्रतिनिधियों में विशेष उत्साह है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के युवाओं द्वारा दिया गया आत्मीय आमंत्रण अब साकार होने जा रहा है। यह अवसर बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता, गौरवशाली परंपराओं और बदलते बस्तर की नई पहचान को देश के सामने प्रस्तुत करेगा।

इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित प्रदेश के मंत्रीगण, बस्तर सांसद, जगदलपुर विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जगदलपुर महापौर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, बस्तर दशहरा समिति के सम्मानित सदस्य, मांझी-चालकी तथा अन्य पारंपरिक पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

गरियाबंद के जंगल में मिला नक्सलियों का विस्फोटक डंप, टिफिन IED और UBGL राउंड बरामद

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली है। मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जमीन में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किया है। बरामद सामग्री में 2.5 किलोग्राम की टिफिन आईईडी, चार यूबीजीएल राउंड और कोडेक्स वायर शामिल हैं। संभावित खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों के तहत विस्फोटकों को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया।


CRPF और जिला पुलिस ने चलाया संयुक्त अभियान

जानकारी के मुताबिक, मैनपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाड़ीघाट, कठवा और गंवरमुड़ के जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों और छिपाकर रखी गई सामग्री की तलाश के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 65वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। जवानों ने जंगल के संवेदनशील इलाकों में तलाशी लेते हुए संदिग्ध स्थानों की जांच की।


पुलिया के पास जमीन में दबाकर रखा था डंप

तलाशी के दौरान गोवरमुंडा क्षेत्र में एक पुलिया के पास संदिग्ध सामग्री मिलने पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की। इसके बाद बम खोज एवं निष्क्रियकरण दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने सावधानीपूर्वक जांच की, जिसके बाद जमीन में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किया गया।

टिफिन IED, चार UBGL राउंड और कोडेक्स वायर मिले

सुरक्षाबलों के अनुसार, बरामद सामग्री में 2.5 किलोग्राम वजन की एक टिफिन आईईडी, चार यूबीजीएल राउंड, दो मीटर कोडेक्स वायर और 15 खाली खोखे शामिल हैं। इसके अलावा दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं भी मिली हैं। आशंका है कि इस सामग्री को जंगल में छिपाकर रखा गया था।

BDS ने मौके पर ही नष्ट किए विस्फोटक

विस्फोटकों को दूसरी जगह ले जाने में जोखिम को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए टिफिन आईईडी तथा चार यूबीजीएल राउंड को नियंत्रित विस्फोट के जरिए मौके पर ही नष्ट कर दिया।

सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री से होने वाले संभावित खतरे को कम करने में मदद मिली है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबल क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों और छिपाई गई सामग्री की तलाश लगातार कर रहे हैं।

विलुप्त हो रही रामलीला की परंपरा को सहेज रहा है चरौदा, अंचल में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा दशहरा पर्व

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 आरंग। जब मोबाइल और टीवी की चकाचौंध ने गांव की चौपालों से लोक-संस्कृति को दूर कर दिया है, ऐसे में करीब 2900 की आबादी वाला एक छोटा सा गांव आज भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को सीने से लगाए हुए है। मंगलवार को दशहरा पर्व अंचल भर में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा और गांव-गांव में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला का मंचन होगा।


इस कड़ी में ग्राम चरौदा एक मिसाल बनकर उभरा है। यहां के बाजार चौक में नव जागृति लीला मानस मंडली द्वारा वर्ष 1998 से पिछले 27 वर्षों से अनवरत रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह सिर्फ नाटक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास है।


मंडली के मैनेजर तुकाराम सेन बताते हैं कि दशहरा आते ही गांव में अलग ही उल्लास होता है, बच्चे बेसब्री से लीला मंचन का इंतजार करते हैं और कलाकारों में भी उत्सुकता रहती है।

मंडली अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने चिंता जताते हुए कहा कि टीवी-मोबाइल के युग में इस परंपरा से लोगों का जुड़ाव कम हो रहा है, इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

गांव के शिक्षक और संस्कृति प्रेमी महेन्द्र पटेल का कहना है- "रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की पाठशाला है। इसमें त्याग, मर्यादा और सत्य की सीख है। यदि हम इसे नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से कट जाएगी। जरूरत है कि युवा आगे आएं और इस परंपरा को थामें।"

परंपरा को जीवित रखने चंदू साहू,भारत साहू,मुंशी साहू, प्रेमचंद साहू, हेमंत साहू, बुगेश्वर साहू, ओम प्रकाश साहू, पितांबर साहू, देवलाल साहू, मोहर सेन, देवा साहू, घनश्याम साहू,विष्णु प्रसाद साहू, डिगेश्वर साहू,अमित साहू, फागुलाल, गोपाल यादव, चंद्रकांत मानिकपुरी,सौरभ साहू जैसे युवा कलाकार निस्वार्थ भाव से जुटे हैं। मंडली द्वारा सीता स्वयंवर, सीता हरण, अहिरावण वध, रावण-अंगद संवाद, रावण वध जैसे प्रसंगों के माध्यम से नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

ऋषि-मुनियों पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा भारी, शिक्षक जेल भेजा गया

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 जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित पोस्ट के मामले में पुलिस ने एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शिक्षक ने फेसबुक पर हिंदू देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और धार्मिक ग्रंथों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां साझा की थीं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की शिकायत पर कुनकुरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 199 और 299 के तहत अपराध दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 52 वर्षीय हेमंत कुमार बेदी के रूप में हुई है। वह बगीचा विकासखंड के कूदमुरा स्थित माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक है। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने में इस्तेमाल किया गया वीवो कंपनी का मोबाइल फोन और उसमें लगा जियो सिम कार्ड भी जब्त किया है।

VHP जिलाध्यक्ष की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह ने कुनकुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि फेसबुक पर हेमंत बेदी नाम के खाते से एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें हिंदू धर्म, देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।

शिकायतकर्ता ने पोस्ट में लिखे कथित वाक्यांशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और लोगों में नाराजगी पैदा हुई। धार्मिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताते हुए परिषद ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

नोटिस देने पहुंची पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी

शिकायत मिलने के बाद कुनकुरी पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू की। थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देने के लिए पुलिस टीम पहुंची।

पुलिस के अनुसार, टीम को देखकर आरोपी वहां से भागने लगा। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपने फेसबुक खाते से पोस्ट साझा करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने पोस्ट से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त कर लिया।

BNS की धाराओं में मामला दर्ज, जेल भेजा गया आरोपी

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर हेमंत कुमार बेदी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस मामले में सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री और उससे जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कि

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग को लेकर सख्त हुए CM फडणवीस, बोले- हमलावरों के आकाओं को भी नहीं छोड़ेंगे

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 मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गंभीर और निंदनीय बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल आरोपियों के साथ-साथ पर्दे के पीछे से साजिश रचने वाले लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मुंबई पुलिस को जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिले हैं और कुछ संदिग्धों की पहचान भी की गई है। पुलिस जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करेगी।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुलिस मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। वारदात में शामिल कुछ आरोपी महाराष्ट्र में सक्रिय थे, जिन्हें गिरफ्तार किए जाने की जानकारी उन्होंने दी। वहीं, अन्य आरोपियों के राज्य से बाहर या विदेश में होने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पकड़ने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

राज्य के बाहर और विदेश में छिपे आरोपियों पर भी कार्रवाई

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस दूसरे राज्यों में सक्रिय आरोपियों को पकड़ने के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय करेगी। विदेश में मौजूद संदिग्धों तक पहुंचने के लिए केंद्र सरकार की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हमलावर छिपकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनकी योजनाओं को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जांच के दौरान साजिश के पीछे मौजूद लोगों की भूमिका का पता लगाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस उन लोगों तक भी पहुंचेगी, जो कथित तौर पर पर्दे के पीछे से आरोपियों को निर्देश दे रहे हैं।

बॉलीवुड कलाकारों की सुरक्षा की होगी समीक्षा

अभिनेता पर फायरिंग की घटना के बाद बॉलीवुड कलाकारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं का विश्लेषण किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में पेशेवर तरीके से जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई करेगी। घटना के बाद कलाकारों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी जांच से जुड़े पहलुओं के आधार पर की जा सकती है।

विपक्ष पर भी बरसे मुख्यमंत्री

फायरिंग की घटना को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने विपक्ष को अपने शासनकाल की घटनाओं पर भी ध्यान देने की नसीहत दी। फडणवीस ने मनसुख हिरेन हत्याकांड का उल्लेख करते हुए विपक्ष के कार्यकाल में पुलिस के कथित दुरुपयोग, तबादलों और नियुक्तियों में अनियमितताओं के आरोप लगाए।

उन्होंने उद्योगपतियों की सुरक्षा से जुड़े पुराने मामलों का जिक्र करते हुए भी विपक्ष पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग उन्हें मुंबई पुलिस की जांच और उसकी पेशेवर क्षमता पर भरोसा है। उन्होंने दावा किया कि बॉलीवुड जगत को भी मुंबई पुलिस पर विश्वास है।

फिलहाल, मामले में जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

आज की बड़ी खबरें | 19 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक

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नमस्कार! स्वागत है आपका आज के ताज़ा समाचार बुलेटिन में। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ से लेकर देश-दुनिया तक की दिनभर की बड़ी खबरें,आज की प्रमुख सुर्खियों के साथ।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

PM Modi to inaugurate Chhattisgarh's new Assembly building, unveil projects worth Rs 14260 crore

राजधानी रायपुर और प्रदेश की प्रमुख सुर्खियाँ

  • स्कूलों की दिवाली छुट्टियाँ: 18 अक्टूबर की स्थानीय समाचार रिपोर्टों में छत्तीसगढ़ के स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ाकर 6 से 11 नवंबर तक किए जाने की खबर है। अभिभावक अपने स्कूल या शिक्षा विभाग के मूल आदेश से तारीखों की पुष्टि करें।

  • शिक्षक पात्रता परीक्षा: विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आदेश जारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दिए जाने की खबर सामने आई है।

  • पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण: राज्य में तीन भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण संबंधी खबर प्रकाशित हुई है। पात्रता और लागू होने वाली भर्तियों की शर्तें आधिकारिक अधिसूचना से जाँचना जरूरी है।

  • यातायात और सार्वजनिक परिवहन: त्योहारी सीजन में बस किराया बढ़ने तथा चार शहरों में 240 पीएम ई-बसें चलाने की योजना की खबरें भी स्थानीय सुर्खियों में हैं।

कृषि, राजस्व और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

डिजिटल गिरदावरी पर प्रशासन का जोर: 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य सचिव विकास शील ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने, खेतों में वास्तविक फसल की स्थिति दर्ज करने और खसरा रिकॉर्ड का सत्यापन करने के निर्देश दिए थे। इसका संबंध फसल संबंधी सरकारी रिकॉर्ड की सटीकता से है।

किसानों के लिए इसका महत्व:

  • खेत में वास्तव में बोई गई फसल का सही रिकॉर्ड होना।

  • भूमि और फसल संबंधी रिकॉर्ड में विसंगतियों की जाँच।

  • कृषि से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं में सही जानकारी उपलब्ध होना।

किसान अपने खेत की दर्ज फसल और रकबे में गलती मिलने पर संबंधित पटवारी या राजस्व कार्यालय से सत्यापन की जानकारी लें।

कानून, अपराध और प्रशासन

  • बिलासपुर: 18 अक्टूबर की रिपोर्ट में एक बच्ची को बचाने आई दादी की चाकू मारकर हत्या किए जाने और आरोपी की गिरफ्तारी की खबर प्रकाशित हुई। यह गंभीर आपराधिक मामला है; जाँच के निष्कर्षों के बिना अतिरिक्त विवरण को पुष्ट तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

  • अवैध खनन: अवैध खनन के मामले में जेसीबी ऑपरेटर को तीन साल की सजा सुनाए जाने की खबर आई है।

  • पैतृक संपत्ति: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से जुड़ी रिपोर्ट में कहा गया कि बेटी को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिल सकता है और गहने दिए जाने भर से जमीन का अधिकार समाप्त नहीं होता। वास्तविक कानूनी स्थिति संबंधित मामले के तथ्यों और लागू कानून पर निर्भर करती है।

 राष्ट्रीय समाचार — भारत

August 2025 Train Cancellations: Indian Railways Releases Full List, Check Before You Travel

रेलवे: वैष्णो देवी के लिए सीधी ट्रेन

आज की समाचार रिपोर्टों में गुजरात के साबरमती से जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक सीधी रेल सेवा शुरू होने की खबर है। इससे तीर्थयात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है। ट्रेन के नंबर, समय और ठहराव की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी से करें।

SC to hold 2-day nat’l meet of district judiciary

सुप्रीम कोर्ट: बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बहस

18 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पाबंदियों की माँग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से जवाब माँगा। यह विषय बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, निजता और डिजिटल पहुँच के बीच संतुलन से जुड़ा है। जवाब माँगा जाना अपने-आप में अंतिम फैसला नहीं है।

Photo Album | PIB

भारत की कूटनीति: SCO बैठक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 19–20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने की खबर है। व्यापार, संपर्क व्यवस्था और क्षेत्रीय सहयोग प्रमुख विषय बताए गए हैं।

स्वास्थ्य और दवाओं से जुड़ी खबर

19 अक्टूबर की एक करंट-अफेयर्स रिपोर्ट में 137 कैंसर-रोधी दवाओं पर 30% व्यापार मार्जिन सीमा लागू किए जाने का दावा है। इस खबर के व्यावहारिक अर्थ और दवाओं की वास्तविक कीमतों पर प्रभाव को समझने के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना तथा दवा-वार सूची की पुष्टि आवश्यक है।

 दुनिया की बड़ी खबरें

Iran, Oman to collect shipping fees in Strait of Hormuz: Report | World News

पश्चिम एशिया: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव

आज की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और तेल टैंकर के समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने की सूचना दी। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। यदि यहाँ जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो कच्चे तेल, परिवहन और आयात लागत पर असर पड़ सकता है।

Estrategia de Estados Unidos contra cárteles en América Latina: qué incluye la Coalición Anticárteles anunciada por Donald Trump

अमेरिका की रूस संबंधी प्रतिबंध नीति

अमेरिकी प्रशासन की रूस पर प्रतिबंध और रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित शुल्क संबंधी नीति की समीक्षा जारी है। 18 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आर्थिक प्रभावों का आकलन करने के लिए 60 दिन तक का समय ले सकते हैं। इससे भारत की ऊर्जा खरीद और व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

Shanghai Skyline

चीन की अर्थव्यवस्था में 4.5% वृद्धि

Reuters की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की अर्थव्यवस्था में तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5% वृद्धि दर्ज की गई। खुदरा बिक्री में 1.1% वृद्धि और औद्योगिक उत्पादन में 5.5% वृद्धि भी रिपोर्ट की गई। चीन की आर्थिक स्थिति का वैश्विक व्यापार और औद्योगिक मांग पर असर पड़ता है।

A large group of people walking down a street photo – Free Paris Image on Unsplash

फ्रांस और यूरोप में आर्थिक अनिश्चितता

यूरोपीय शेयर बाजारों पर फ्रांस की राजनीतिक अनिश्चितता का दबाव दिखाई दिया। महँगाई, जीवनयापन की लागत और सरकारी नीतियों से जुड़े विवाद निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।

अर्थव्यवस्था, बैंकिंग और शेयर बाजार

आज के बाजार का मुख्य संकेत

19 अक्टूबर 2026 की शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित

रुपया- ₹94.96/$

शुक्रवार का बंद भाव

भारत की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड- 7.3789%

शुक्रवार का स्तर

ब्रेंट क्रूड- $107.95

प्रति बैरल, रिपोर्टेड वायदा भाव

सोना- $4,181

प्रति ट्रॉय औंस, वैश्विक स्पॉट भाव

आज निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

  • रुपया और RBI: पिछले सप्ताह रुपया लगभग 2% मजबूत होकर ₹94.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। RBI के हस्तक्षेप और विदेशी मुद्रा बाजार के उपायों से उसे सहारा मिला, लेकिन महँगा तेल अब भी जोखिम है।

  • बॉन्ड और ब्याज दरें: सरकारी बॉन्ड यील्ड लगातार नौवें सप्ताह बढ़ी। महँगाई और आगे ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से बॉन्ड बाजार पर दबाव बना हुआ है।

  • एशियाई शेयर बाजार: जापान का निक्केई 1.2% और ताइवान का बाजार 1.4% नीचे रहा। AI कंपनियों के भारी निवेश और उस निवेश से मिलने वाले संभावित मुनाफे को लेकर चिंता प्रमुख कारणों में शामिल है।

  • अमेरिकी कंपनियों के नतीजे: इस सप्ताह Meta, Tesla और अन्य बड़ी कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इनके नतीजे वैश्विक टेक शेयरों की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

  • भारत की ओर से SCO बैठक में भागीदारी क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और मध्य एशिया के साथ संपर्क पर चर्चा का अवसर है।

  • होर्मुज में टैंकर से जुड़ी घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा की चिंता बढ़ाती है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

खेल समाचार

Paris Paralympics: Archer Sheetal Devi placed 2nd in Ranking Round; Tokyo bronze winner Harvinder 9th in recurve - The Statesman

एशियन पैरा गेम्स: शीतल देवी का शानदार प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल करके विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और पुराने एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। पायल नाग ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 675 अंक बनाए।

  • अवनि लेखरा: शूटिंग क्वालिफिकेशन में उनकी स्थिति पर भी नजर है; शुरुआती रिपोर्ट में उन्हें चौथे स्थान पर बताया गया। 

  • पैरा बैडमिंटन: भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले जारी हैं। पदक और मैच परिणामों के लिए नवीनतम आधिकारिक स्कोर देखना जरूरी है।

विज्ञान, तकनीक और AI

आज के वैश्विक बाजारों में AI सिर्फ तकनीकी खबर नहीं, बल्कि आर्थिक बहस का भी बड़ा विषय है। बड़ी टेक कंपनियाँ डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी पूँजी खर्च कर रही हैं। निवेशकों की चिंता यह है कि भविष्य की कमाई इन खर्चों की भरपाई पर्याप्त रूप से कर पाएगी या नहीं।

इसका व्यापक अर्थ:
  • AI से उत्पादकता और नए रोजगार अवसर पैदा हो सकते हैं।

  • कंप्यूटिंग और बिजली की माँग बढ़ सकती है।

  • निवेश की लागत अधिक होने पर टेक कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

छत्तीसगढ़ का मौसम और पर्यावरण

रायपुर · आज, 19 अक्टूबर- 26°C

धूप वाला मौसम

अनुमानित अधिकतम- 32°C

न्यूनतम- 18°C

बारिश की संभावना कम

रायपुर में दिन के दौरान बारिश की अनुमानित संभावना लगभग 2% है। यह पूर्वानुमान है

छत्तीसगढ़ के मौसम के बारे में अतिरिक्त जानकारी:

  • दक्षिण छत्तीसगढ़: 17 अक्टूबर की रिपोर्ट में अगले पाँच दिनों के दौरान कुछ दक्षिणी जिलों में बारिश की संभावना बताई गई थी। 

  • किसानों के लिए: कटाई, धान सुखाने और फसल भंडारण का कार्यक्रम तय करने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी देखना उपयोगी रहेगा।

शिक्षा और रोजगार

  • डिजिटल शिक्षा और ई-कचरा: 19 अक्टूबर की एक करंट-अफेयर्स रिपोर्ट में स्कूलों में स्वच्छता, प्रशासनिक दक्षता और ई-कचरा प्रबंधन से जुड़े अभियान का उल्लेख है।
स्वास्थ्य और जनहित
        • MP News: Food Outlets, Sweet Shops Inspected, Samples Taken

रायपुर में खाद्य सुरक्षा जाँच

आज प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाइयों में मरे हुए कॉकरोच और सिरप में फफूँद जैसी समस्याएँ पाए जाने के बाद चार खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए।

आपके लिए जरूरी: मिठाई खरीदते समय निर्माण की तारीख, दुकान की स्वच्छता, पैकिंग और खाद्य लाइसेंस की जानकारी पर ध्यान दें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग से की जा सकती है।

सिनेमा, मनोरंजन और ट्रेंडिंग
  • मनोरंजन जगत: 19 अक्टूबर की उपलब्ध राष्ट्रीय सुर्खियों में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग घटना की जाँच और CCTV फुटेज की खबरें हैं।


छत्तीसगढ़ भाजपा महिला मोर्चा आज करेगा कन्या पूजन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की ओर से कन्या पूजन एवं नवकन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के बोरियाकला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगी।


दोपहर 12 बजे से होगा कन्या पूजन कार्यक्रम

भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। इस दौरान नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया जाएगा। कन्याओं को तिलक लगाया जाएगा, लाल चुनरी ओढ़ाई जाएगी और पुष्प व फल अर्पित कर उनका सम्मान किया जाएगा।

पूजन के बाद कन्याओं को भोजन कराया जाएगा। इसके साथ ही महाप्रसादी का आयोजन भी किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की परंपरा को सामाजिक और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है।

महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता होंगी शामिल

इस आयोजन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के साथ संगठन की कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। प्रदेश कार्यालय परिसर में होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से नवरात्रि की धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

कन्या पूजन को भारतीय धार्मिक परंपरा में नारी शक्ति और देवी दुर्गा के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और भोजन कराकर आशीर्वाद लेते हैं।

अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में कन्याओं को आमंत्रित कर उनके पैर धोने, तिलक लगाने और विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है।

कन्या भोज में आमतौर पर पूड़ी, हलवा और काले चने का प्रसाद तैयार किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भोजन अर्पित करने से पहले मां दुर्गा को भोग लगाया जाता है। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराया जाता है और उन्हें उपहार या दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है।

भाजपा महिला मोर्चा का यह आयोजन भी नवरात्रि की इसी धार्मिक परंपरा के अनुरूप किया जा रहा है।

Navratri 2026: अष्टमी-नवमी का संयुक्त व्रत आज, जानें कन्या पूजन, हवन और पारण का शुभ मुहूर्त

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 Navratri 2026 Ashtami Navami Vrat: शारदीय नवरात्र के दौरान इस बार अष्टमी और नवमी व्रत की तिथियों को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को महाअष्टमी और महानवमी से जुड़े अनुष्ठान किए जा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी पर मां महागौरी और नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। ऐसे में संयुक्त व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण का सही समय जानना जरूरी है।


पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, तिथियों में घटत-बढ़त के कारण इस बार अष्टमी और नवमी के व्रत से जुड़े अनुष्ठानों के समय पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं अष्टमी और नवमी व्रत करने वाले भक्तों के लिए पूजा, हवन, कन्या पूजन और पारण से जुड़ी जरूरी जानकारी।

अष्टमी-नवमी व्रत 2026: तिथियों को लेकर क्यों है असमंजस?

हिंदू पंचांग में तिथि की गणना के आधार पर व्रत और त्योहारों की तारीख निर्धारित होती है। इस बार तिथियों के संयोग के कारण महाअष्टमी और महानवमी के अनुष्ठानों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं सामने आ रही हैं।

अष्टमी तिथि मां महागौरी को समर्पित है, जबकि नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्र के इन अंतिम दिनों में कन्या पूजन, हवन और दुर्गा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। हालांकि, पूजा और व्रत पारण का समय निर्धारित करने के लिए स्थानीय पंचांग और अपनी पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।

अष्टमी व्रत करने वाले कब करें कन्या पूजन और पारण?

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। ऐसे में अष्टमी के अनुसार व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को कन्या पूजन और हवन के समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बताई गई गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि में ही पूजा-अनुष्ठान संपन्न करने की परंपरा मानने वाले भक्त तिथि समाप्त होने से पहले अपने अनुष्ठान कर सकते हैं।

अष्टमी व्रत का पारण: अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद पारण कर सकते हैं, यदि उनके स्थानीय पंचांग और व्रत परंपरा में यही समय मान्य हो। पारण से पहले तिथि और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

नवमी व्रत करने वाले कब करें हवन और कन्या पूजन?

जो श्रद्धालु 19 अक्टूबर को नवमी का व्रत कर रहे हैं, उनके लिए 20 अक्टूबर को भी नवमी से जुड़े अनुष्ठान करने का अवसर बताया गया है। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी।

इस गणना के अनुसार, नवमी व्रत रखने वाले श्रद्धालु नवमी तिथि के दौरान हवन और कन्या पूजन कर सकते हैं। व्रत पारण के लिए दशमी तिथि को मानने वाले भक्त 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद पारण कर सकते हैं। हालांकि, यह समय स्थानीय पंचांग और व्रत की परंपरा से सत्यापित करना चाहिए।

19 अक्टूबर को हवन और कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त

उपलब्ध विवरण के अनुसार, 19 अक्टूबर को पूजा-अनुष्ठान के लिए अमृत काल का समय इस प्रकार बताया गया है:

  • अमृत काल: सुबह 8:29 बजे से 10:16 बजे तक।

श्रद्धालु अपने क्षेत्र के पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करके कन्या पूजन और हवन की तैयारी करें।

20 अक्टूबर को हवन और कन्या पूजन का मुहूर्त

20 अक्टूबर को नवमी तिथि के दौरान पूजा-अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये मुहूर्त बताए गए हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 बजे से 5:32 बजे तक।

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।

मुहूर्त की गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए पूजा शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।

राहुकाल में पूजा और हवन करने से बचें

ज्योतिषीय मान्यताओं में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस दौरान कई लोग नए या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचते हैं।

19 अक्टूबर के लिए दिए गए विवरण के अनुसार, राहुकाल का समय सुबह 7:50 बजे से 9:16 बजे तक बताया गया है। श्रद्धालु इस अवधि को ध्यान में रखकर अपनी पूजा की योजना बना सकते हैं।

हालांकि, राहुकाल और अन्य मुहूर्तों का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

अष्टमी-नवमी पर इन बातों का रखें ध्यान

  • व्रत रखने से पहले अष्टमी और नवमी की तिथि की पुष्टि करें।

  • कन्या पूजन और हवन का समय स्थानीय पंचांग के अनुसार तय करें।

  • व्रत पारण अपनी धार्मिक परंपरा और मान्य तिथि के अनुसार करें।

  • पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और कन्याओं का सम्मानपूर्वक पूजन करें।

  • घर में हवन करते समय अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखें।

नवरात्र के अंतिम दिनों में मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ कन्या पूजन और हवन को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालुओं को तिथि और मुहूर्त की सही जानकारी लेकर ही धार्मिक अनुष्ठान करने चाहिए।

छत्तीसगढ़ में 4 दिन बदलेगा मौसम, 10 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए बालोद, धमतरी और गरियाबंद समेत 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, राजधानी रायपुर में फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है। यहां तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में नमी का प्रभाव बढ़ने से मौसम में बदलाव हो सकता है। इसके चलते प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

मौसम की संभावित गतिविधियों को देखते हुए संबंधित जिलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की जरूरत है।

पत्थलगांव और कुनकुरी में 3-3 सेंटीमीटर बारिश

प्रदेश के कुछ इलाकों में शनिवार को बारिश दर्ज की गई। जशपुर जिले के पत्थलगांव और कुनकुरी में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई। वहीं, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। शनिवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में 34 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान

राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 अक्टूबर को रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है, हालांकि दोपहर या शाम के समय बादल छाने के आसार हैं।

फिलहाल राजधानी में तेज बारिश के संकेत नहीं हैं। ऐसे में दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

मौसम बदलने पर बरतें सावधानी

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली की गतिविधि के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

तीन साल की बच्ची पर हमला करने पहुंचा युवक, दादी ने रोका तो चाकू से गोदकर मार डाला

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम मेंड्रा में तीन साल की मासूम बच्ची को बचाने के लिए आगे आई उसकी दादी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते गांव का एक युवक बच्ची को अपने साथ ले जाने पहुंचा था। दादी ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर धारदार हथियार से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


बच्ची को ले जाने की कोशिश, दादी ने किया विरोध

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे ग्राम मेंड्रा में हुई। तीन साल की बच्ची पड़ोस के घर में खेल रही थी। इसी दौरान गांव का 26 वर्षीय प्रशांत शुक्ला कथित तौर पर धारदार हथियार लेकर वहां पहुंचा और बच्ची को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा।

बच्ची की मां और उसकी 56 वर्षीय दादी राजकुमारी यादव ने युवक को ऐसा करते देख लिया। दोनों ने उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की नीयत से वहां आया था।

जब राजकुमारी यादव ने बच्ची को बचाने के लिए आरोपी का विरोध किया, तो उसने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कई वार लगने से महिला गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

महिला पर हमले के बाद उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों को अपनी ओर आते देख आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया।

परिजन गंभीर रूप से घायल राजकुमारी यादव को तत्काल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर लेकर पहुंचे। हालांकि, चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बच्ची को बचाने की कोशिश में दादी की जान चले जाने से ग्रामीण स्तब्ध हैं।

पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला को किया गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलने के बाद सकरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 19 शिक्षकों के फर्जी ट्रांसफर आदेश का मामला: 15 जिलों के DEO से तीन दिन में रिपोर्ट तलब, AI से आदेश बनाने की आशंका

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छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने 6 अगस्त 2026 की तारीख से जारी बताए जा रहे एक स्थानांतरण आदेश को फर्जी बताते हुए प्रदेश के 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से तीन दिन के भीतर विस्तृत जानकारी और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इस मामले में विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित फर्जी आदेश किन माध्यमों से संबंधित कार्यालयों तक पहुंचा और उसके आधार पर कितने कर्मचारियों की कार्यमुक्ति या नई जगह पर जॉइनिंग हुई। यह जानकारी 17 और 18 अक्टूबर को प्रकाशित समाचार रिपोर्टों में सामने आई है। 

सरकारी लेटरहेड और हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग का मामला

मामला छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के नाम से जारी बताए गए स्थानांतरण आदेश से जुड़ा है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, आदेश पर क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3 और तारीख 6 अगस्त 2026 दर्ज थी। इसमें कुल 19 शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण दर्शाए गए थे।

DPI के पत्र में दिए गए विवरण के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने विभागीय लेटरहेड के साथ अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और हस्ताक्षर का कथित रूप से दुरुपयोग किया। संचालनालय ने आदेश को फर्जी बताते हुए संबंधित जिलों से इसकी प्रमाणिकता और उसके आधार पर हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। 

क्या AI की मदद से बनाया गया था फर्जी आदेश?

इस मामले में AI के इस्तेमाल की बात भी समाचार रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं होता कि आदेश वास्तव में किस टूल या तरीके से तैयार किया गया था। इसलिए फिलहाल इसे AI से तैयार किए जाने की आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित आदेश को सरकारी दस्तावेज जैसा दिखाने के लिए विभागीय लेटरहेड और अधिकारी के नाम व हस्ताक्षर का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दस्तावेज किसने तैयार किया, उसे किसने प्रसारित किया और संबंधित कार्यालयों में उसकी पुष्टि क्यों नहीं हो सकी।

15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगा गया जवाब

DPI ने जिन जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी है, उनमें शामिल हैं:

  1. बलौदाबाजार-भाटापारा

  2. दुर्ग

  3. बेमेतरा

  4. बस्तर

  5. सारंगढ़-बिलाईगढ़

  6. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

  7. रायपुर

  8. बलरामपुर-रामानुजगंज

  9. राजनांदगांव

  10. उत्तर बस्तर कांकेर

  11. बालोद

  12. कबीरधाम

  13. धमतरी

  14. सरगुजा

  15. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

इन सभी जिलों से निर्धारित समयसीमा में बिंदुवार जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

तीन दिन के भीतर इन तीन बिंदुओं पर मांगी जानकारी

DPI ने जिला शिक्षा अधिकारियों से मुख्य रूप से तीन सवालों के जवाब मांगे हैं।

1. फर्जी आदेश कार्यालय तक कैसे पहुंचा?

अधिकारियों को बताना होगा कि कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से प्राप्त हुआ था। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दस्तावेज सीधे कार्यालय में भेजा गया, सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित हुआ या किसी अन्य माध्यम से पहुंचा।

2. कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति या जॉइनिंग के लिए आवेदन किया?

DPI ने पूछा है कि आदेश के आधार पर किन कर्मचारियों ने पुरानी जगह से कार्यमुक्त होने या नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। साथ ही, कितने कर्मचारियों को वास्तव में कार्यमुक्त किया गया और कितनों को नई जगह पर जॉइनिंग दी गई। इसके लिए कर्मचारियों की सूची और संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं।

3. आदेश फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई?

जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि कथित आदेश के फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद उनके स्तर पर क्या कदम उठाए गए। इसमें संबंधित रिकॉर्ड की जांच और आदेश के आधार पर हुई कार्रवाई का विवरण महत्वपूर्ण होगा।

क्या कुछ शिक्षकों ने नई जगह पर जॉइनिंग भी कर ली?

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि कथित फर्जी आदेश के आधार पर वास्तव में कितने कर्मचारियों ने नई जगह पर कार्यभार ग्रहण किया। कुछ समाचार रिपोर्टों में शिक्षकों के जॉइनिंग करने की बात कही गई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से प्रभावित कर्मचारियों की प्रमाणित संख्या और प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

इसीलिए DPI ने जिला शिक्षा अधिकारियों से सूची और दस्तावेज मांगे हैं। जिला स्तर से प्राप्त जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने आवेदन आए, कितनी कार्यमुक्तियां हुईं और कितने कर्मचारियों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण कराया गया।

संबंधित कर्मचारियों पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई

DPI के पत्र से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, विभाग ने मामले में संबंधित शासकीय कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी मांगी है और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होना चाहिए।

यह भी जरूरी है कि फर्जी आदेश तैयार करने या प्रसारित करने वाले व्यक्ति और आदेश के आधार पर कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों की भूमिकाओं की अलग-अलग जांच की जाए। केवल किसी दस्तावेज के आधार पर आवेदन देने या जॉइनिंग करने से किसी व्यक्ति की जानबूझकर संलिप्तता अपने आप सिद्ध नहीं होती।

सरकारी आदेशों की सत्यता जांचना क्यों जरूरी?

स्थानांतरण जैसे प्रशासनिक आदेश कर्मचारियों की पदस्थापना, वेतन, सेवा रिकॉर्ड और विभागीय व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। ऐसे में किसी आदेश को लागू करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

सरकारी आदेशों की सत्यता की जांच संबंधित विभाग के आधिकारिक पत्राचार, आदेश क्रमांक, जारी करने वाले सक्षम अधिकारी और विभागीय रिकॉर्ड के माध्यम से की जा सकती है। इस मामले में भी जिला कार्यालयों से मांगे गए दस्तावेज यह स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं कि कथित आदेश पर किस स्तर पर भरोसा किया गया और आगे क्या कार्रवाई हुई।

अब आगे क्या होगा?

DPI ने 14 अक्टूबर 2026 को संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर तीन दिन के भीतर जानकारी मांगी थी। अब जिला कार्यालयों से मिलने वाली रिपोर्ट इस मामले की आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी। इससे कथित फर्जी आदेश के प्रसार, उसके आधार पर हुई कार्यवाही और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। 

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश को लेकर DPI ने 15 जिलों के DEO से रिपोर्ट मांगी है। सरकारी लेटरहेड और अधिकारी के हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग की जांच के साथ यह पता लगाया जा रहा है कि आदेश के आधार पर कितने कर्मचारियों की कार्यमुक्ति या जॉइनिंग हुई। AI के इस्तेमाल और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


रायपुर में मासूम बच्चों से क्रूरता का आरोप, सिगरेट से दागने की बात आई सामने; मां और सौतेला पिता गिरफ्तार

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 Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन मासूम बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पंडरी क्षेत्र के तरुण नगर में हुई इस घटना में तीन वर्षीय बच्चे का हाथ फ्रैक्चर होने और उसके चेहरे व आंखों के आसपास चोटें आने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बच्चों का सौतेला पिता उनके साथ मारपीट करता था और उन्हें सिगरेट से भी दागता था। पुलिस ने मामले में सौतेले पिता राजा दीप और बच्चों की सगी मां अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार किया है। घटना की जानकारी मिलने पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी हस्तक्षेप किया और बच्चों की सुरक्षा व देखभाल के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।


छोटी-छोटी बातों पर बच्चों की पिटाई का आरोप

जानकारी के अनुसार, अन्नू देवी पासवान अपने पति राजा दीप के साथ रायपुर के लोधीपारा स्थित तरुण नगर में किराए के मकान में रह रही थी। अन्नू के पहले पति से तीन बच्चे हैं—तीन वर्षीय रोहित, छह वर्षीय लक्ष्मी और आठ वर्षीय समीर।

आरोप है कि राजा दीप बच्चों के साथ छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था। बताया गया है कि 13 अक्टूबर की रात रोहित और समीर के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। इस दौरान तीन वर्षीय रोहित का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। उसके चेहरे और आंखों के आसपास भी गंभीर चोटें आईं। वहीं, आठ वर्षीय समीर की आंखों में चोट लगने की बात सामने आई है।

बच्चों के साथ कथित प्रताड़ना की जानकारी सामने आने के बाद मामला पुलिस और संबंधित विभागों तक पहुंचा।

छह साल की बच्ची ने पड़ोसियों को दी जानकारी

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान छह वर्षीय लक्ष्मी डरकर पड़ोसियों के घर पहुंच गई। उसने अपने भाइयों के साथ हो रही मारपीट के बारे में पड़ोसियों को बताया। इसके बाद पड़ोसियों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

सूचना मिलने पर पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू की। गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय रोहित को उपचार के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनकी देखभाल के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई।

मां और सौतेले पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजा दीप और अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार किया है। दोनों पर बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही है।

घटना ने बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा से बचाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मामले में पुलिस की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान

घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मेकाहारा अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायल बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने बाल गृह पहुंचकर दूसरे बच्चे की सुरक्षा और देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, मानसिक परामर्श और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

बच्चों को घटना से उबरने में मदद देने के लिए उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।

चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए मिली थी सूचना

जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित विभागों ने मामले में कार्रवाई शुरू की। गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय बच्चे को 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बताया गया है कि दूसरे बच्चे को बाल गृह और छह वर्षीय बच्ची को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है। आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।

अस्पताल में भर्ती बच्चे का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक बताया गया है।

बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास पर जोर

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा, बेहतर देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बच्चों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

आयोग ने थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम मिलने की बात कही। इसका उद्देश्य बच्चों के साथ हिंसा या प्रताड़ना की घटनाओं की सूचना समय पर प्राप्त करना और पीड़ित बच्चों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित, 14 अक्टूबर से प्रभावी हुआ आदेश

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छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के बाद की गई है। जांच एजेंसी की ओर से उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।

प्रकाशित आदेश-पाठ के अनुसार, निलंबन 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना गया है, जबकि विभागीय आदेश 17 अक्टूबर को सार्वजनिक हुआ। इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में जांच और विभागीय कार्रवाई फिर चर्चा में आ गई है।

पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सरकार की कार्रवाई

उपलब्ध आदेश-पाठ के अनुसार, आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक अभियोगपत्र 13 अक्टूबर 2026 को तैयार किया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को इसे रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया। इसी घटनाक्रम के आधार पर राज्य सरकार ने उनके निलंबन की कार्रवाई की।

श्रीवास्तव का नाम मामले से संबंधित जांच के दौरान उनके तत्कालीन पद और कथित भूमिका के संदर्भ में सामने आया है। बताया गया है कि संबंधित अवधि में वे आबकारी उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में वे आबकारी विभाग में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ थे।

हालांकि, पूरक आरोपपत्र दाखिल होना जांच की एक कानूनी प्रक्रिया है। इससे अपने आप किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो जाते। मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

निलंबन आदेश में क्या कहा गया?

वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से जारी आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

आदेश के अनुसार:

  • निलंबन की प्रभावी तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

  • निलंबन अवधि के दौरान श्रीवास्तव का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर रहेगा।

  • उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

  • आदेश पर वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर होने की जानकारी प्रकाशित आदेश-पाठ में दी गई है।

यह निलंबन एक प्रशासनिक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य और आगे की विभागीय प्रक्रिया संबंधित सेवा नियमों के अनुसार संचालित होगी।

EOW-ACB की जांच में क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित मामले में EOW-ACB ने 17 जनवरी 2024 को अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

जांच का दायरा सरकारी शराब दुकानों के संचालन, कथित अवैध कमीशन और शराब कारोबार से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं जैसे पहलुओं तक बताया गया है। जांच एजेंसियां मामले में विभिन्न व्यक्तियों और कारोबारी संस्थाओं की संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं।

आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाना इसी मामले की आगे बढ़ी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों का पूरा विवरण संबंधित न्यायालयी दस्तावेजों से ही स्पष्ट किया जा सकता है।

निलंबन और दोषसिद्धि में अंतर

किसी सरकारी अधिकारी का निलंबन और अदालत में दोषी साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। निलंबन सेवा नियमों के अंतर्गत की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई है, जबकि आपराधिक मामले में दोषसिद्धि का फैसला न्यायालय करता है।

इसलिए आशीष श्रीवास्तव के मामले में भी अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र प्रस्तुत होने के बाद राज्य सरकार ने निलंबन की कार्रवाई की है।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में आगे की महत्वपूर्ण प्रक्रिया विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से जुड़ी होगी। इसके साथ ही निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी की सेवा संबंधी स्थिति और विभागीय प्रक्रिया भी लागू नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

मामले में किसी नए आदेश, आरोपों के विस्तृत विवरण या न्यायालय के निर्णय की जानकारी सामने आने पर घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार ने कथित शराब घोटाले में अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद निलंबित किया है। आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। मामले में आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति का निर्धारण अदालत की प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।


पिथौरा में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला, ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की तैयारी की

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पिथौरा- महासमुंद जिले के पिथौरा में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर मामला सामने आया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरा के कॉलेज रोड और बागबाहरा रोड के पास, शासकीय वन काष्ठागार लकड़ी डिपो के सामने स्थित जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बताई जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन पर निजी कब्जा करने और निर्माण की कोशिश की जा रही है।

इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि भूमि पर किसी ने बिना वैध अनुमति के कब्जा किया है, तो प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

कहां का है पूरा मामला?

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, मामला पिथौरा के कॉलेज रोड और बागबाहरा रोड के आसपास स्थित उस जमीन से जुड़ा है, जो शासकीय वन काष्ठागार लकड़ी डिपो के सामने बताई गई है। इस स्थान पर जमीन के उपयोग और कथित निजी कब्जे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

हालांकि, संबंधित भूमि का खसरा नंबर, कुल रकबा, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज स्थिति और जमीन पर निर्माण की वास्तविक स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए जमीन के स्वामित्व और कब्जे की स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी अभिलेखों से होना जरूरी है।

ग्रामीणों ने क्या आरोप लगाए?

स्थानीय रिपोर्ट में ग्रामीणों की ओर से सरकारी जमीन पर निजी कब्जे और निर्माण की कोशिश किए जाने का आरोप बताया गया है। ग्रामीण इस मामले में जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं, ताकि जमीन की जांच हो सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यदि किसी सरकारी भूमि पर बिना अनुमति कब्जा या निर्माण किया गया है, तो संबंधित विभाग और राजस्व प्रशासन भूमि अभिलेखों तथा मौके की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं। लेकिन इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से निर्धारित होने की पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन से जांच की मांग

मामले में ग्रामीणों की ओर से जिला प्रशासन को शिकायत करने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। ऐसी शिकायत मिलने पर प्रशासन के सामने मुख्य सवाल होंगे:

  • संबंधित जमीन सरकारी रिकॉर्ड में किस विभाग के नाम दर्ज है?

  • जमीन का खसरा नंबर और कुल क्षेत्रफल कितना है?

  • क्या मौके पर किसी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण हुआ है?

  • यदि निर्माण हो रहा है, तो क्या उसके लिए वैध अनुमति ली गई है?

  • क्या जमीन की नाप-जोख और सीमांकन की आवश्यकता है?

इन बिंदुओं की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जरूरत पड़ने पर राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और संबंधित भूमि-स्वामी सरकारी विभाग के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण भी कर सकते हैं।

सरकारी जमीन की सुरक्षा क्यों जरूरी?

सरकारी जमीन का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं, विभागीय जरूरतों और विकास कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत सामने आने पर समय पर जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। इससे भूमि संबंधी विवादों को बढ़ने से रोकने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में मदद मिलती है।

हालांकि, केवल शिकायत या आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को अतिक्रमणकारी घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए भूमि अभिलेखों, सीमांकन, मौके की स्थिति और संबंधित पक्षों के जवाब की जांच आवश्यक है।

अब आगे क्या?

फिलहाल इस मामले में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायत की तैयारी की जानकारी उपलब्ध है। जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से जांच, सीमांकन, नोटिस अथवा कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक बयान सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।


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