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तेंदुआ खाल तस्करी का भंडाफोड़: 3 राज्यों में फैला गिरोह, 9 आरोपी गिरफ्तार

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 बलरामपुर। जिले में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने तेंदुआ खाल तस्करी में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से दो तेंदुए की खाल बरामद हुई है।


जानकारी के मुताबिक, वन मंत्री के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 2 अप्रैल 2026 को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल), राज्य उड़नदस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर थाना बसंतपुर क्षेत्र के ग्राम जमई मोड़ के पास घेराबंदी की।

कार्रवाई के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें एक तेंदुए की खाल बरामद हुई। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया और उनके पास से एक और खाल जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपी झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं, जो लंबे समय से अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी में सक्रिय थे।

सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में टीम जुटी हुई है।

​ महासमुंद पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 2 करोड़ से अधिक का गांजा जब्त

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फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो से तस्करी कर रहे महाराष्ट्र के 5 तस्कर गिरफ्तार

​ महासमुंद । नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में महासमुंद पुलिस को आज एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर घेराबंदी कर 281 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो लग्जरी कारों को भी जब्त किया है।


​ओडिशा से पुणे जा रही थी नशे की खेप

​पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से दो लग्जरी गाड़ियां अवैध मादक पदार्थ लेकर महाराष्ट्र की ओर जा रही हैं। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकेबंदी की गई।

​चेकिंग के दौरान ओडिशा की तरफ से आ रही एक फॉर्च्यूनर (MH 12 WC 0090) और एक स्कॉर्पियो (MH 12 YH 0090) को रोका गया। संदेह होने पर जब वाहनों की तलाशी ली गई, तो सीटों के पीछे बोरियों में भरा हुआ भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह माल ओडिशा के फूलबनी जिले से लेकर पुणे (महाराष्ट्र) खपाने जा रहे थे।

​ महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

​पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
​प्रशांत शंकर गोले (38 वर्ष, सतारा)
​क्षितिज वीरसेन जाधव (21 वर्ष, सतारा)
​अक्षय नंदकुमार निगम (27 वर्ष, सतारा)
​अभिषेक डेविड जगले (26 वर्ष, सोलापुर)
​महेश काटकर (39 वर्ष, सतारा)
​ कुल 2.06 करोड़ की संपत्ति जब्त

​पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

​ मादक पदार्थ: 281.900 किलो ग्राम गांजा (कीमत ₹1,40,95,000)
​वाहन: एक फॉर्च्यूनर (कीमत ₹40 लाख) और एक स्कॉर्पियो (कीमत ₹25 लाख)
​ अन्य सामग्री: 4 नग मोबाइल फोन (कीमत ₹50 हजार)

​ कुल जुमला कीमती: ₹2,06,45,000

​सिंघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस तस्करी के 'बैकवर्ड' और 'फॉरवर्ड' लिंकेज की जांच कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।

​बावनकेरा के लाल भरत यादव ने बढ़ाया मान, पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद पर हुआ चयन

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 पटेवा, ​महासमुंद । जिले के ग्राम पंचायत बावनकेरा के एक होनहार युवा ने अपनी मेहनत से सफलता का नया इतिहास रचा है। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े भरत यादव ने छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर चयनित

​कठिन परिश्रम से पाया मुकाम

पिता गजानंद यादव और माता गणेशिया बाई के सुपुत्र भरत यादव ने कम उम्र में ही अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपना हथियार बनाया। जानकारी के अनुसार, भरत अपने ग्राम पंचायत से पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनने वाले पहले युवा हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।


​ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

भरत यादव की प्रतिभा का लोहा शासन स्तर पर भी माना गया है। प्रशिक्षण के दौरान 'नक्सल समस्या एवं राज्य की प्रतिक्रिया' विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भरत को शहीद लव कुमार भगत ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी सराहना की।

​ क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणा

भरत की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य ऊंचा हो और इरादे नेक, तो संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। गांव में उनके स्वागत और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि भरत यादव की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान

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सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने जीते तीन स्वर्ण और एक रजत पदक

रायपुर- 'प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती'- यह कहावत 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026' में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी   (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे। 

सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।

ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते  हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।

उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है।

रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।''

देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है। 

साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, '' साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।''

उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ''हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।'' 

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ''शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।''

इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।

​बावनकेरा के लाल भरत यादव ने बढ़ाया मान, पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद पर हुआ चयन

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पटेवा, ​महासमुंद- जिले के ग्राम पंचायत बावनकेरा के एक होनहार युवा ने अपनी मेहनत से सफलता का नया इतिहास रचा है। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े भरत यादव ने छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

कठिन परिश्रम से पाया मुकाम 

पिता गजानंद यादव और माता गणेशिया बाई के सुपुत्र भरत यादव ने कम उम्र में ही अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपना हथियार बनाया। जानकारी के अनुसार, भरत अपने ग्राम पंचायत से पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनने वाले पहले युवा हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानित 

भरत यादव की प्रतिभा का लोहा शासन स्तर पर भी माना गया है। प्रशिक्षण के दौरान 'नक्सल समस्या एवं राज्य की प्रतिक्रिया' विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भरत को शहीद लव कुमार भगत ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी सराहना की।

क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणा 

भरत की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य ऊंचा हो और इरादे नेक, तो संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। गांव में उनके स्वागत और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि भरत यादव की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

दिल दहला देने वाला हादसा: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

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 नासिक। डिंडोरी इलाके से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसमें एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।


जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार तड़के शिवाजी नगर के पास हुआ। परिवार के लोग किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार सीधे पानी से भरे कुएं में जा गिरी।

मौके पर स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने बताया कि सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के निवासी थे। मृतकों में सुनील दत्तु दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के 6 बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 7 से 14 साल के बीच है, जिसमें 5 लड़कियां और 11 साल का एक लड़का शामिल हैं।

पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को राहत प्रदान की जा रही है।

अंधेरी रात में देवदूत बने CRPF जवान, दुर्गम रास्तों से तीन माह की बच्ची की बचाई जान

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 दंतेवाड़ा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए Central Reserve Police Force (CRPF) के जवानों ने तीन माह की गंभीर रूप से बीमार बच्ची की जान बचा ली।


जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर स्थित तिमिनार गांव में देर रात एक मासूम के बीमार होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ की 165वीं बटालियन की चार्ली कंपनी के जवानों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

सहायक कमांडेंट राजेश गुर्जर के नेतृत्व में जवान खराब रास्तों, घने अंधेरे और विषम परिस्थितियों को पार करते हुए गांव तक पहुंचे।

गांव पहुंचने के बाद जवानों ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया और तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर उसे दंतेवाड़ा अस्पताल भेजा। समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से मासूम की जान बचाई जा सकी।

सीआरपीएफ जवानों के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है।

रायपुर पहुंचे एस. जयशंकर, IIM दीक्षांत समारोह में करेंगे छात्रों को संबोधित

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 रायपुर। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर शनिवार सुबह रायपुर पहुंच गए। वे नवा रायपुर स्थित Indian Institute of Management Raipur के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आए हैं।


रायपुर एयरपोर्ट पर उनके आगमन पर गजेंद्र यादव ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और आईआईएम के प्रतिनिधियों ने भी उनका अभिनंदन किया। स्वागत के बाद विदेश मंत्री सीधे एयरपोर्ट से नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर के लिए रवाना हो गए।

दीक्षांत समारोह में डॉ. जयशंकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। अपने उद्बोधन में वे मैनेजमेंट, लीडरशिप, वैश्विक परिप्रेक्ष्य और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव देंगे। कार्यक्रम के दौरान सफल विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम समाप्ति के बाद विदेश मंत्री का आज ही रायपुर से वापस लौटने का कार्यक्रम है। उनकी वापसी दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है। प्रशासन द्वारा उनके दौरे को लेकर सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

जंगल में दंतैल का कहर: महुआ बीनने गए ग्रामीण की जान गई

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 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां महुआ बीनने जंगल गए एक वृद्ध की हाथी के हमले में मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार तड़के की बताई जा रही है।


मिली जानकारी के अनुसार, मरवाही वन परिक्षेत्र के सिवनी बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंडी के डडिंया गांव निवासी 55 वर्षीय त्रिलोचन सिंह सुबह करीब 4 बजे महुआ बीनने जंगल गए थे। इसी दौरान एक दंतैल हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया।

हाथी ने वृद्ध को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। वहीं, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

रायपुर में ‘अंधे कत्ल’ का खुलासा: लव ट्रायंगल में युवक को जिंदा दफनाया, 5 आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर। रायपुर ग्रामीण के अभनपुर थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज ‘अंधे कत्ल’ मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। भरेंगाभाठा गांव के पास मुरूम गड्ढे में दफन मिला युवक का शव लव ट्रायंगल में हुई निर्मम हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।


पुलिस के अनुसार, 21 मार्च को सड़क किनारे गड्ढे में दबे एक शव की सूचना मिली थी, जिसमें मृतक का हाथ और पैर बाहर दिखाई दे रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गला दबाकर हत्या किए जाने और जिंदा दफनाने की पुष्टि हुई।

जांच में मृतक की पहचान माना निवासी नितेश बत्रा के रूप में हुई, जो पहले से लापता था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, जिससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी श्याम सुंदर सोनी और सावित्री साहू के बीच प्रेम संबंध थे, जबकि मृतक नितेश का भी पहले सावित्री से संबंध रह चुका था। सावित्री नितेश से दूरी बनाना चाहती थी और उसकी मौजूदगी से परेशान थी।

16 मार्च की रात विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सावित्री के घर पर मौजूद नितेश और श्याम के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। श्याम ने लकड़ी से नितेश पर हमला किया और सावित्री ने भी उसे उकसाया। इसके बाद अन्य आरोपियों को बुलाकर नितेश की बेरहमी से पिटाई की गई।

घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की साजिश रची। नितेश को ऑटो में बैठाकर अलग-अलग जगह घुमाया गया और उसकी स्कूटी को पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। बाद में सुनसान इलाके में ले जाकर उसका गला दबाया गया और अधमरी हालत में मुरूम खदान में जिंदा दफना दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में श्याम सुंदर सोनी, सुमित कोसले, सावित्री साहू और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, आरोपी माईकल सैनी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी श्याम सुंदर सोनी के खिलाफ पहले से पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल ऑटो, लकड़ी और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।

इस पूरे मामले के खुलासे में अभनपुर थाना और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

खत्म हुआ इंतजार! 14 अप्रैल को खत्म होगा खरमास, 15 से फिर गूंजेंगी शहनाइयां

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 सनातन परंपरा में अशुभ माने जाने वाले खरमास का समापन अब करीब है। पिछले महीने 15 मार्च से शुरू हुआ खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही एक महीने से रुके विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी।


ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि में रहते हैं, तब खरमास लगता है। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही यह अवधि समाप्त हो जाएगी, जिसे मेष संक्रांति के रूप में भी मनाया जाता है।

15 अप्रैल से शुरू होंगे मांगलिक कार्य

खरमास खत्म होते ही 15 अप्रैल से विवाह सहित सभी शुभ कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। ऐसे में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में शादियों की धूम देखने को मिलेगी।

अप्रैल के प्रमुख विवाह मुहूर्त

15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल 2026 को विवाह के लिए शुभ तिथियां मानी गई हैं।

क्यों खास है शुभ मुहूर्त?

हिंदू परंपरा में विवाह को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है।

विलुप्त होती 'चंदैनी' विधा को सहेजने की पहल, संस्कृति मंत्री ने सरपंच को लगाया गले

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आरंग/नवा रायपुर- छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा 'लोरिक चंदा' (चंदैनी लोकनाट्य) को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ऐतिहासिक ग्राम गढ़ रीवा के 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू और पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि महेन्द्र कुमार पटेल ने नवा रायपुर में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की।

आयोजन का प्रस्ताव सरपंच और फाउंडेशन के सदस्यों ने ग्राम रीवा में 'चंदैनी लोकनाट्य महोत्सव' आयोजित करने का प्रस्ताव मंत्री के समक्ष रखा।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल इस पहल से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू को गले लगा लिया। उन्होंने ग्रामीण और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लोक कला को बचाने के इस जज्बे की मुक्त कंठ से सराहना की।

​कला का संरक्षण जरूरी: चर्चा के दौरान महेंद्र कुमार पटेल ने मंत्री जी को अवगत कराया कि 'लोरिक चंदा' विधा अब विलुप्त होने की कगार पर है और प्रदेश में केवल गिनी-चुनी टोलियां ही इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

​संस्कृति मंत्री ने महोत्सव में शामिल होने का आश्वासन देते हुए कहा कि लोक कलाओं को सहेजने वाली ऐसी पहल सराहनीय है और सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी।

CG NEWS : 8 करोड़ की अफीम बरामदगी केस में नया मोड़, सस्पेंड अधिकारी बहाल

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 दुर्ग। जिले के चर्चित अफीम खेती मामले में निलंबित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को बहाल कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहीं एकता साहू को अब विकासखंड धमधा में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है।


उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ था। करीब 5 एकड़ जमीन पर फैली इस खेती ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।


इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 8 करोड़ रुपए कीमत की अफीम बरामद की थी और पूरी फसल को नष्ट कर दिया गया था।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया था कि संबंधित क्षेत्र की कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू ने खेतों का नियमित निरीक्षण नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण कागजों में मक्के की फसल दर्ज रही, जबकि जमीन पर अफीम की खेती जारी थी। इस गंभीर चूक के चलते उन्हें निलंबित किया गया था।

अब उनकी बहाली के फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में लापरवाही स्पष्ट थी, तो बहाली किन आधारों पर की गई। प्रशासन की ओर से इस पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भिलाई में हुआ किसान फ्यूल पाइंट का शुभारंभ, क्षेत्र में हर्ष की लहर

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आरंग- शुक्रवार को आरंग राजिम मार्ग पर स्थित ग्राम भिलाई चरौदा के बीच मुख्य मार्ग पर इंडियन ऑयल का "किसान फ्यूल पाइंट " पेट्रोल पंप का शुभारंभ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्र व आसपास के गांव के लोग उपस्थित होकर  पेट्रोल पंप के शुभारंभ के साक्षी बने।पंप का शुभारंभ उपस्थित जनसमुदाय ने एक साथ आसमान में बलून उड़ाकर किया।इस मौके पर बस्तर के "जय जंगो रायतर मांदरी नृत्य दल " की शानदार प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहा। फ्यूल पाइंट के संचालक किसान नेता पारसनाथ साहू ने शुभारम्भ में पहुंचे विशाल जनसमुदाय का आभार जताते हुए कहा मैं स्वयं एक कृषक हूं। किसानों की समस्याएं और दर्द बखूबी समझता हूं। इसीलिए इस फ्यूल पाइंट का नाम किसान फ्यूल पाइंट रखा है।लोगों को बेहतर से बेहतर सेवाएं देना हमारे फ्यूल पाइंट की प्रथम प्राथमिकता होगी। वहीं क्षेत्र व आसपास के गांव से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और लोगों ने अपने -अपने विचार साझा करते हुए कहा क्षेत्र में फ्यूल पाइंट खुलने से लोगो को काफी राहत मिलेगी। लोगो को फ्यूल के लिए आने-जाने में लगने वाले समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य घनश्याम टंडन, प्रवीण साहू,पूर्व जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन,भानुप्रताप साहू,पूर्व आरंग टीआई बोधन साहू,किसान नेता गोविंद चंद्राकर,थानसिंग साहू,झनकराम आवडे, श्रवण चंद्राकर, ईश्वरी साहू,मोहन चंद्राकर,देवशरण धीवर सरपंच चरौदा घसियाराम साहू सरपंच रींवा,हिरामन साहू सरपंच लखौली,तुलसराम साहू,समाजसेवी महेन्द्र कुमार पटेल,कोमल लाखोटी सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांव के नागरिकों व किसानों की उपस्थिति रही।



माटी की महक और आस्था के स्वर: केवल कृष्ण के गीतों ने छेड़ा हृदय का तार

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​रायपुर,छत्तीसगढ़- छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी खुशबू और जनमानस की गहरी संवेदनाएं अब सुरों में ढलकर फिजाओं में तैर रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार केवल कृष्ण की लेखनी से उपजे दो गीतों ने इन दिनों प्रदेश के लोक-मन को झंकृत कर दिया है। जहाँ एक गीत में ममतामयी देवी की करुणा है, वहीं दूसरे में बस्तर की वादियों में लौटती शांति की गूंज।

​ममता की छाँव: 'तोर मया ला कइसे बरनव' 

​छत्तीसगढ़ी लोक-आस्था का केंद्र बिंदु सदैव 'दाई' (माँ) रही है। गीत “तोर मया ला कइसे बरनव वो, दाई अंगार मोती” केवल एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि एक आर्त पुकार है।

​इसकी पंक्तियाँ उस आत्मीयता को स्वर देती हैं, जहाँ एक भक्त अपने समस्त सुख-दुख अपनी माँ के चरणों में समर्पित कर देता है।

​सरलता और भक्ति का ऐसा संगम विरल है, जो श्रोता को सीधे अपनी जड़ों और गांव-गली की स्मृतियों से जोड़ देता है।

https://youtu.be/M-BOa2EgnkY?si=OWIn5FpcPwT0jxmf

बस्तर की नई भोर: 'बोलत हावे ना' 

​दूसरा गीत “बोलत हावे ना” उस बदलते बस्तर की कहानी है, जहाँ कभी सन्नाटा पसरा था। यह गीत नक्सलवाद के काले साये से मुक्त होते अंचल की तस्वीर पेश करता है।

​"वर्षों से खामोश रही बस्तर की मैना अब चहकने लगी है। दहशत की जगह अब सुकून और संगीत ने ले ली है।" सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह गीत शांति और विकास के नए युग का मधुर उद्घोष बन गया है।

शब्दों में सादगी, सुरों में जादू 

इन रचनाओं की सबसे बड़ी शक्ति इनकी लोकभाषा की मिठास है। इसमें कोई कृत्रिम आडंबर नहीं, बल्कि हृदय की सहज अभिव्यक्ति है। यह डिजिटल युग में छत्तीसगढ़ी लोक-संस्कृति को सहेजने और उसे नई पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

रचनाकार का परिचय 

​इन गीतों के रचयिता केवल कृष्ण मूलतः एक सजग पत्रकार हैं। वे बहुत अच्छे स्क्रिप्ट राइटर भी हैं। अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उकेरते रहे हैं। इससे पूर्व उनके द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी उपन्यास 'बघवा' पाठकों के बीच अपनी गहरी पैठ बना चुका है।

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