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भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

प्राकृतिक आपदा के दो मामलों में मृतकों के परिजनों को 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधानों के तहत जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के दो मामलों में कुल 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।


अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर तहसील के ग्राम पाकरटोली निवासी अनूप पवन खलखो की सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती संजीता खलखो को 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

इसी प्रकार कुनकुरी तहसील के ग्राम हस्तिनापुर निवासी विकास कुमार की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो जाने पर उनकी माता बालमती मलार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के साथ पूर्ण की जा रही हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

भीषण गर्मी को लेकर PM मोदी की अपील: ज्यादा पानी पिएं, लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

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 नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी है और लोगों को खुद के साथ-साथ दूसरों का भी ध्यान रखना चाहिए।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान नहीं देने पर स्थिति ‘लू लगने’ यानी हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समय पर देखभाल और सतर्कता किसी की जान बचा सकती है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और जरूरतमंदों को भी पानी उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशीलता और करुणा भीषण गर्मी के दौरान बेहद मायने रखती है।

उन्होंने नागरिकों को चक्कर आना, मतली, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करे या कमजोरी दिखाई दे तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी और ओआरएस उपलब्ध कराना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपने बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी और अन्य परिजनों का नियमित हालचाल लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दें।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, बालकनी, छत, दुकान या कार्यालय के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखना किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में करुणा और सतर्कता ही सबसे बड़ी जरूरत है।

छत्तीसगढ़ में बकरीद को लेकर अलर्ट: खुले में कुर्बानी पर रोक, डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड अलर्ट मोड पर हैं। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। खुले में कुर्बानी, तेज आवाज में डीजे बजाने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं नमाज शिफ्ट में अदा कराई जाएगी।


छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पिछले साल से शिफ्ट में नमाज अदा कराने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सुबह 6 से 11 बजे तक होगी नमाज

राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में बकरीद की नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अलग-अलग शिफ्ट में अदा कराई जाएगी। प्रशासन के अनुसार इससे ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी।

खुले में कुर्बानी पर सख्त रोक

वक्फ बोर्ड और प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों में ही की जा सकेगी।

प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम की टीमों को त्योहार के दौरान विशेष सफाई अभियान चलाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजे और तेज आवाज पर भी सख्ती

त्योहार के दौरान तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम बजाने पर भी प्रशासन सख्त रहेगा। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में साउंड सिस्टम बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जरूरी, सुप्रीम कोर्ट ने ECI के SIR को सही ठहराया

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 नई दिल्ली, 27 मई। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वैध ठहराते हुए कहा कि यह प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की संवैधानिक आवश्यकता को मजबूत करती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि SIR कराना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे गैर-कानूनी नहीं कहा जा सकता।


मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि निर्वाचन आयोग ने SIR के जरिए अपने वैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण किया है। अदालत ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है, इसलिए इस तरह का पुनरीक्षण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आयोग द्वारा उठाया गया कदम केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था। अदालत ने माना कि लंबे समय से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम जुड़ने और हटने, शहरीकरण, प्रवासन और दोहराव जैसी समस्याओं को देखते हुए SIR जरूरी था।

दरअसल, SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उससे जुड़े नियमों के तहत चुनाव आयोग को इतने व्यापक स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण कराने का अधिकार नहीं है। इन याचिकाओं में NGO ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) की याचिका भी शामिल थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया “NRC जैसी” है, जिसमें चुनाव आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है। वहीं निर्वाचन आयोग ने दलील दी थी कि आधार कार्ड और वोटर आईडी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माने जा सकते।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। बिहार में SIR अभियान का पहला चरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। आयोग ने इस प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 65 लाख लोगों के नाम भी सार्वजनिक किए थे।

गरियाबंद में सनसनी: ब्लेड से गर्दन काट मितानिन की हत्या, बचाने पहुंचे पति और बेटे भी घायल

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 रायपुर : गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। दीवानमुडा गांव में एक मितानिन महिला की ब्लेड से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


मिली जानकारी के अनुसार मृतिका की पहचान छबीलता यादव के रूप में हुई है, जो गांव में मितानिन के तौर पर कार्यरत थी। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार के साथ होटल व्यवसाय में हाथ बंटा रही थी, तभी गांव के ही देवीसिंह ने अचानक हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने ब्लेड से महिला की गर्दन पर लगातार वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला को बचाने पहुंचे उसके पति और बेटों पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही देवभोग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी देवीसिंह को हिरासत में ले लिया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

CG NEWS : बीच बाजार सराफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या, लूट की वारदात से फैली सनसनी

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 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के पेंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटमी साप्ताहिक बाजार में मंगलवार शाम सराफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार तीन अज्ञात आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने लूट की वारदात को भी अंजाम दिया है।


जानकारी के मुताबिक पेंड्रा निवासी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू कोटमी साप्ताहिक बाजार में सोने-चांदी का कारोबार करने पहुंचे थे। रोज की तरह उन्होंने बाजार में अपनी दुकान लगाई थी। बताया जा रहा है कि शाम के समय पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक बाजार पहुंचे और सीधे व्यापारी के पास पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने बेहद करीब से व्यापारी के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही प्रदीप सोनी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मदद से घायल व्यापारी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। व्यापारी की मौत की खबर फैलते ही परिवार में मातम छा गया और बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

लूट की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने वारदात के दौरान लूट की घटना को भी अंजाम दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बदमाश कितनी रकम या कितना सोना-चांदी लेकर फरार हुए हैं। पुलिस नुकसान का आकलन कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पेंड्रा पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से एक कारतूस बरामद किया है। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। जिलेभर में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राम गोपाल गर्ग भी बिलासपुर से पेंड्रा के लिए रवाना हो गए हैं।

व्यापारियों में नाराजगी

भीड़भाड़ वाले साप्ताहिक बाजार में दिनदहाड़े हुई हत्या और लूट की इस घटना से व्यापारियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक कोटमी साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी पहुंचते हैं, ऐसे में खुलेआम गोलीबारी की घटना से लोगों में भय का माहौल है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कर्नाटक में खत्म हो सकता है सियासी सस्पेंस, गुरुवार को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्दारमैया

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 कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहा सियासी घटनाक्रम अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। कांग्रेस शासित राज्य में पिछले कई महीनों से जारी अटकलों के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में पार्टी आलाकमान की मैराथन बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं।


सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्दारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने उनसे नेतृत्व परिवर्तन के लिए तैयार रहने को कहा है।

राहुल गांधी ने दिया संकेत

राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने सिद्दारमैया से कहा कि अब “अगले व्यक्ति को मौका दिया जाना चाहिए।”

बताया जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान राज्य में सहज और विवाद रहित नेतृत्व परिवर्तन चाहता है। सूत्रों के अनुसार सिद्दारमैया ने पार्टी के फैसले को स्वीकार करने की बात कही है, हालांकि औपचारिक इस्तीफे से पहले उन्होंने एक-दो दिन का समय मांगा है।

नेतृत्व परिवर्तन का फॉर्मूला तैयार

हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक को राज्यसभा और एमएलसी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं सबसे ज्यादा हैं। सूत्रों का दावा है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का पूरा फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है और 18 जून के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा

गौरतलब है कि 20 मई को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज हैं। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थक लंबे समय से दावा कर रहे हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर ढाई-ढाई साल का फार्मूला तय हुआ था। इसी के तहत अब शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठ रही है।

CG NEWS : आठ महीने बाद हत्या का खुलासा: पैसों के लालच में सरपंच ने रची साजिश, चार आरोपी गिरफ्तार

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 कांकेर। नरहरपुर थाना हल्बा पुलिस ने आठ महीने पुराने हत्या के मामले का खुलासा करते हुए सरपंच समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि जमीन बिक्री में हुए पैसों के गबन का राज खुलने के डर से ग्रामीण की हत्या की गई थी। मृतक मिलन पटेल को शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया था।


पुलिस के अनुसार 28 जुलाई 2025 को ग्राम डुमरपानी निवासी मिलन पटेल ने जहरीला पदार्थ सेवन किया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 जुलाई 2025 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की।

जांच के दौरान मृतक की पुत्री जागेश्वरी पटेल ने गांव के वतन पटेल पर संदेह जताया। पूछताछ में वतन पटेल ने खुलासा किया कि मिलन पटेल की हत्या के लिए उसे 10 हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और सरपंच कंशराम नेताम के नाम सामने आए। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जमीन बिक्री में हेरफेर का आरोप

पुलिस जांच में पता चला कि अप्रैल 2025 में मिलन पटेल ने अपनी जमीन 16 लाख 50 हजार रुपये में बेची थी। इस सौदे में सरपंच कंशराम नेताम, सोनाराम सिन्हा और बिहारी लाल शोरी साक्षी और सहयोगी थे। आरोप है कि जमीन बिक्री की वास्तविक रकम मृतक और उसके परिवार से छुपाई गई थी।

बताया गया कि खरीदार द्वारा दिए गए चेक भी सरपंच कंशराम नेताम ने अपने कब्जे में रखे थे। बाद में शिकायत के बाद चेक मृतक की पुत्री को सौंपे गए। जमीन सौदे की जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने मामले की शिकायत की थी।

ऐसे रची गई हत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक हेराफेरी का मामला उजागर होने के डर से सरपंच कंशराम नेताम ने 27 जुलाई 2025 को बिहारी लाल और सोनाराम को अपने घर बुलाया। वहां मिलन पटेल की हत्या की साजिश रची गई। आरोपियों ने वतन पटेल को 10 हजार रुपये, दो पौवा शराब और जहर की डिब्बी देकर हत्या करने के लिए तैयार किया।

शुरुआत में वतन पटेल ने मना किया, लेकिन पैसों और अतिरिक्त लाभ के लालच में वह साजिश में शामिल हो गया।

शराब में जहर मिलाकर दी मौत

आरोपियों के कहने पर वतन पटेल शराब और जहर लेकर मिलन पटेल के घर पहुंचा। उसने स्टील के गिलास में शराब में जहर मिलाकर मिलन पटेल को पिला दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और 29 जुलाई 2025 को उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने मामले में सरपंच कंशराम नेताम, सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और वतन पटेल को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले, पढ़िए किसे क्या मिलेगा फायदा

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 रायपुर, 26 मई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सड़क निर्माण कार्यों, सरकारी भर्ती व्यवस्था और सरकारी स्क्रैप निस्तारण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।


कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले डामर (बिटुमिन) की बढ़ती कीमतों को लेकर रहा। सरकार ने ठेकेदारों को सीमित राहत देने का निर्णय लिया है। वहीं, व्यापमं की जगह बने नए कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

डामर महंगा होने पर ठेकेदारों को राहत

राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को आंशिक क्षतिपूर्ति देने का फैसला लिया है।

सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण सड़क निर्माण और संधारण कार्य प्रभावित हो रहे थे। विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के अनुसार राहत केवल बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि के आधार पर तय फार्मूले से दी जाएगी। अन्य निर्माण सामग्रियों पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम यथावत लागू रहेंगे।

MSTC के जरिए होगी सरकारी स्क्रैप की ई-नीलामी

कैबिनेट ने सरकारी विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा कबाड़ और अनुपयोगी सामग्रियों के निस्तारण के लिए Metal Scrap Trade Corporation Limited (MSTC) के साथ अनुबंध अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।

MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाकर स्क्रैप खरीद सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। साथ ही अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी। कार्यालय परिसरों में जगह और स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर होगी।

यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू है और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था।

व्यापमं की जगह बने नए चयन मंडल को मंजूरी

कैबिनेट ने Chhattisgarh Employee Selection Board को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

“छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद पुराने व्यापमं यानी छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में हो चुका है। अब उसकी सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में शामिल कर दी गई हैं।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे

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 रायपुर : राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें।


बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। 

राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं। 

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।

राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। 

बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन  मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास  सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का निधन, कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ भाजपा और प्रदेश की  राजनीति के लिए आज मंगलवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का इलाज के दौरान निधन हो गया। वे बिलासपुर में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल होने पहुंचे थे, जहां कार्यक्रम के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।


जानकारी के अनुसार, रूपनारायण सिन्हा हाल ही में भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए थे, जहां वे कार्यक्रम प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती थी और वे लंबे समय से पार्टी संगठन एवं सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए थे।

रूपनारायण सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ थी और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अलग पहचान मानी जाती थी। योग और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भी वे लगातार सक्रिय रहते थे।

उनके निधन के बाद भाजपा संगठन सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। नेताओं ने उनके निधन को संगठन, सार्वजनिक जीवन और योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

’प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।


   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत /2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG NEWS : मासूम की कब्र से सिर गायब होने का मामला, 3 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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 बालोद। जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दी चौकी के ग्राम माहुद-बी में तीन वर्षीय मासूम प्रिया साहू की कब्र से छेड़छाड़ और सिर गायब होने के मामले में तीन महीने बाद भी पुलिस को कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। जांच में देरी और कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया।


ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की शिकायत तत्काल दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हल्दी चौकी प्रभारी लता तिवारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी लेने पर उन्हें धमकाया जाता है और उच्च अधिकारियों तक शिकायत नहीं पहुंचाने का दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने चौकी प्रभारी को हटाने की मांग भी की।

गौरतलब है कि 14 फरवरी की रात सामने आई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदने पर मासूम बच्ची का सिर धड़ से गायब मिला था। घटनास्थल के आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

सोमवार को ग्राम पंचायत और ग्राम समिति के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की मांग पर अड़ गए। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई।

मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Monika Thakur ने बताया कि जांच को तेज करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामला अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा प्रतीत हो रहा है तथा आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

लगातार बढ़ती चिंता के बीच अब ग्रामीण पारंपरिक आस्था का सहारा लेते हुए ‘आंगा देव’ की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि गांव में फैले भय और असुरक्षा के माहौल को दूर किया जा सके।

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