Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

भीषण गर्मी में राहत: सुखबासुपारा में नलकूप खनन से दूर हुई पेयजल समस्या, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपघरा के सुखबासुपारा में नलकूप खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।


उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नलकूप खनन कराया, जिससे अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई है।




नलकूप शुरू होने के साथ ही गांव में खुशी का माहौल है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस त्वरित पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताते हुए इसे भीषण गर्मी के बीच बड़ी सौगात बताया है।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में स्वदेशी रक्षा तकनीक की अहम भूमिका: संजय सेठ

No comments Document Thumbnail

 “भारत की सैन्य शक्ति हमारे रक्षा उद्योगों के कारखानों में गढ़ी जाती है,” यह बात रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कही। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प को दिया, जिसे स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों की प्रभावशीलता ने और मजबूत किया।

5 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्ट-अप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा, “हमारे स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम भविष्य की वृद्धि के प्रमुख चालक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे हमारे युग के विश्वकर्मा हैं।”

रक्षा राज्य मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर भारत के दुश्मनों की साजिशों को विफल करने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ उपकरणों का प्रभावी उपयोग सरकार, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र, नवोन्मेषकों, स्टार्ट-अप्स और MSMEs के आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र के संकल्प का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े ‘नए भारत’ के उदय का प्रमाण हैं, जो अपनी क्षमताओं को मजबूत कर राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है। “यह नया भारत किसी पर बुरी नजर नहीं डालता, लेकिन अपनी संप्रभुता को खतरा पहुंचाने वालों को नजरअंदाज भी नहीं करता,” उन्होंने जोड़ा।

तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए उन्होंने उद्योगों से नवाचार करने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तकनीकी रूप से आगे रहने का आह्वान किया। उन्होंने रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख किया और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रभाव की सराहना की।

इस अवसर पर सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने उद्योगों से उभरते क्षेत्रों में सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी संप्रभुता और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।

तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026 का आयोजन भारतीय सेना के नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड तथा SIDM द्वारा ‘रक्षा त्रिवेणी संगम - जहां तकनीक, उद्योग और सैनिक एक साथ आते हैं’ थीम पर किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई 2026 को किया। इसमें 284 स्टॉल लगे हैं, जहां निजी रक्षा निर्माता अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

कार्यक्रम में UAVs, ड्रोन, काउंटर-UAV, ऑल टेरेन व्हीकल्स, निगरानी उपकरण और अन्य रक्षा उत्पादों के प्रदर्शन भी शामिल हैं।

इस दौरान नॉर्दर्न कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, 1 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, SIDM के अध्यक्ष अरुण टी रामचंदानी सहित उद्योग जगत, स्टार्ट-अप्स और अकादमिक क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हुए शामिल

No comments Document Thumbnail

महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिलाओं के खाते में 642 करोड़ रूपए की राशि का किया अंतरण

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजनांदगांव जिले के मोतीपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में  शामिल हुए। 


इस अवसर पर उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए महतारी वंदन योजना के तहत 27वीं किस्त के रूप में 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें राजनांदगांव-खैरागढ़ राजमार्ग के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बाईपास निर्माण, टेड़ेसरा-घुमका-बाकल मार्ग (35 किमी) के चौड़ीकरण हेतु 75 करोड़ रुपयेnतथा धनगांव-इंदामरा-बांकल मार्ग के लिए 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 8 में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक वार्ड को 25-25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी मंदिर के समीप 15 कमरों के सर्किट हाउस, जनपद पंचायत राजनांदगांव के नवीन भवन के लिए 1 करोड़ रुपये, हॉकी प्रशिक्षण हेतु नए खेल मैदान तथा महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट निर्माण की जिम्मेदारी देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार  सरकार की “जनता तक सीधी पहुँच” की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून  तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से अब 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को घर बैठे ही सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के तहत शीघ्र ही टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की जनसमर्पित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तापमान के बावजूद मुख्यमंत्री का यह सतत प्रवास सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

उन्होंने राजनांदगांव जिले में चल रहे औद्योगिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम पटेवा में लगभग 345 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा ग्राम बिजेतला में 25 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल योगेश दत्त मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

घरों में बर्तन धोने से विधायक तक: बंगाल चुनाव में कलिता माझी की जीत चर्चा में

No comments Document Thumbnail

 West Bengal Vidhan Sabha Chunav Result 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता कलिता माझी की जीत खास चर्चा का विषय बनी हुई है। घरेलू कामगार के रूप में जीवनयापन करने वाली माझी ने ऑसग्राम विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर राजनीति में एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलिता माझी पहले चार घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर करीब 2,500 रुपये प्रतिमाह कमाती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और इस बार चुनाव में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्हें कुल 1,07,692 मत प्राप्त हुए और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 मतों से पराजित किया।

गुस्करा नगर पालिका क्षेत्र से जुड़ी माझी की उम्मीदवारी पहले से ही उनके जमीनी जुड़ाव के कारण चर्चा में थी। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उन्हें अभेदानंद थांडर के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा और इस बार उन्हें टिकट दिया, जिसका परिणाम जीत के रूप में सामने आया।

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को राज्य में प्रचंड जनादेश मिला। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 208 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार किया और तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन का अंत कर दिया।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 मतों से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता जैसे फिरहाद हकीम, शोवनदेब चट्टोपाध्याय और जावेद खान ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत दर्ज की।

विश्लेषकों के अनुसार, कलिता माझी की जीत न केवल एक राजनीतिक सफलता है, बल्कि यह सामाजिक-आर्थिक बदलाव और जमीनी स्तर से उभरने वाले नेतृत्व का भी प्रतीक मानी जा रही है।

पत्नी के मायके जाने से नाराज युवक 150 फीट टॉवर पर चढ़ा, 2.5 घंटे चला ड्रामा

No comments Document Thumbnail

 कोरबा। जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत करमंदी गांव में एक युवक द्वारा हाईटेंशन टॉवर पर चढ़कर हंगामा करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, करमंदी निवासी मुकेश सांडे का अपनी पत्नी से आए दिन विवाद होता था। घरेलू कलह से परेशान होकर उसकी पत्नी मायके चली गई थी। पत्नी को मनाने के प्रयास विफल होने पर युवक कथित रूप से नशे की हालत में गांव के समीप स्थित करीब 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ गया और शोर-शराबा करने लगा।

युवक को टॉवर पर चढ़ा देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नवीन पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टॉवर की अधिक ऊंचाई के कारण युवक से सीधे संवाद करना कठिन हो रहा था। प्रारंभ में युवक बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ, हालांकि बाद में पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से उससे संपर्क स्थापित किया।

इस दौरान युवक द्वारा टॉवर के करंट प्रवाहित तारों के निकट जाने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो गई। पुलिस ने समझाइश देते हुए युवक से शांतिपूर्वक नीचे उतरने की अपील की।

बातचीत के दौरान युवक ने अपनी पत्नी के घर लौटने की शर्त रखी। इसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नी से संपर्क कर उसे समझाया। पत्नी ने भविष्य में विवाद न करने की शर्त पर घर लौटने की सहमति दी। युवक द्वारा शर्त स्वीकार करने के बाद करीब ढाई घंटे की मशक्कत के पश्चात वह सुरक्षित नीचे उतर आया।

पुलिस ने युवक को समझाइश देते हुए आगे इस प्रकार की हरकत न करने की चेतावनी दी है।

मौसम ने ली करवट, कई राज्यों में अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली : पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण समेत कई मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज दिनभर आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा।


आईएमडी के अनुसार, दोपहर या शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। इस दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिनके झोंके 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सामान्य से कम तापमान के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, केरल और आंतरिक तमिलनाडु में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता से मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।

एक चौपाल ऐसा भी जहाँ खुशियों और तालियों की रही गूंज

No comments Document Thumbnail

लखपति दीदियों के हौसले की उड़ान देख गदगद हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , सबको और मेहनतकर अब करोड़पति बनने की राह पर चलने कहा

मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री का मिला आशीर्वाद और प्रोत्साहन

बैगा बाहुल्य कमारखोल में आम पेड़ नीचे लगाई मुख्यमंत्री ने चौपाल

ग्रामीणों की माँग पर सामुदायिक भवन , कमारखोल में रामख़िलावन के घर से देवसरा तक छह किलोमीटर मिट्टी मुरुम सड़क, मुक्तिधाम शेड और महतारी सदन की घोषणा

रायपुर- मई की तपती गर्मी में आज लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दूरस्थ गांवों के औचक दौरे पर रहे । कबीरधाम ज़िले के पंडरिया स्थित लोखान पंचायत में आज मुख्यमंत्री का आगमन हुआ । इस अवसर पर वे बैगा बाहुल्य कमराखोल में पीएम जनमन योजना के तहत हुए कार्यों का निरीक्षण किए और वहीं पास में आम के पेड़ों के नीचे अपनी चौपाल लगा लिए । अपने बीच मुख्यमंत्री को देख ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई । बीरनमाला, कमल के फूल से मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन करते हुए ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे ।

इस दौरान महतारी शक्ति को सामने बैठा देख मुख्यमंत्री ने पूछ लिया कितनी महतारी यहाँ लखपति हो गई हैं ? एक साथ अनेक हाथ हवा में उठ गए । मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते सबको करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ने कहा । उन्होंने बारी- बारी से लखपति दीदियों से बातचीत की । यहाँ जंगल से बीन कर लाए 

महुआ और चार को मुख्यमंत्री साय को उपहार के रूप में देते हुए कुकदूर की लखपति दीदी कचरा तेलगाम ने मुख्यमंत्री से कहा कि महुआ का पौष्टिक लड्डू बनाकर खाइएगा , वरना मैं बना कर दूँगी । मुख्यमंत्री भी उनकी आत्मीयता देख भाव विभोर होकर मुस्कुराते हुए बोले कि घर जाकर बनवाकर खाऊँगा । कचरा तेलगाम दीदी आस पास के गांवों में बन रहे प्रधानमंत्री आवासों में सेंट्रिग प्लेट लगाती हैं और इससे उन्हें एक साल में ८० हज़ार की आय हुई है । उन्होंने कहा कि आज चौपाल लगा देख वे साहस वहाँ पहुँची और मुख्यमंत्री  के लिए भेंट स्वरूप जंगल से बीने महुआ और चार दी हैं । 

वहीं डीलर दीदी रजमत बाई धुर्वे ने बताया कि वे प्रधानमंत्री आवासों के लिए मटेरियल सप्लाई का काम करती हैं । उन्हें सालाना 2.50 - 3 लाख का मुनाफा हुआ है । लखपति पशु सखी शिवरानी पटेल का कहना है कि समूह से जुड़ सीआईएफ से उन्होंने व्यवसाय के लिए ऋण लिया और अपने खेत में सब्जी- भाजी लगायी । उन्हें सालाना डेढ़ लाख की आय हो रही । इस बिहान योजना से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए धन्यवाद स्वरूप उन्होंने अपने खेत की सब्जियां टोकरी में मुख्यमंत्री को भेंट की । मुख्यमंत्री ने भी सभी दीदियों से बात कर प्रोत्साहित किया कि इसी तरह मन लगाकर काम करिए और आर्थिक रूप से सशक्त होइए। 

ज्ञात हो कि लोखन पंचायत में 58 लखपति दीदियां हैं जो विभिन्न व्यवसाय से जुड़ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं । 

चौपाल में हुआ नामकरण

आज अपने नौनिहाल बच्चे के साथ ऋषि बघेल भी चौपाल पहुँची । यहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री से एक ही गुहार लगायी कि उनके बच्चे का नामकरण कर दें मुख्यमंत्री । बच्चे को गोद में लेकर दुलारते हुए मुख्यमंत्री साय ने पूछा कि कब हुआ है इसका जन्म ? तब माँ ने बताया कि रविवार के दिन । मुख्यमंत्री ने बच्चे को स्नेह से देखते हुए नाम रविशंकर बघेल रखा और आशीर्वाद स्वरूप ५०० रुपए भी दिए । पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने भी बच्चे को ५०० रुपए अपनी ओर से आशीर्वाद स्वरूप दिया ।मुख्यमंत्री के द्वारा नवजात का नाम रखते ही चौपाल में तालियाँ गूंज उठी ।

चौपाल में पहुंचे मेधावी विधार्थी

आज कबीरधाम के पंडरिया के लोखान पंचायत के आश्रित ग्राम कमराखोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल को देख वहाँ से गुज़र रहे राजेंद्र मसराम और उनके पिता भी रुक गए । इस दौरान बातचीत में पता चला कि छिरहा के रहने वाले इस मेधावी बच्चे ने इस साल हाई स्कूल में 94.5 %  अंक के साथ ज़िले में नौवाँ स्थान प्राप्त किया है । मुख्यमंत्री ने उन्हें ख़ुश होकर पेन दिया और पूछा बड़ा होकर क्या बनना चाहते हैं ? इस पर उन्होंने बड़ा होकर आईएएस बनने के सपने को साझा किया । मुख्यमंत्री ने उन्हें खूब सारी शुभकामनाएँ दी ताकि वो अपना सपना पूरा कर सकें । यहाँ कमराखोल के बैगा बस्ती की कक्षा नवमी की बालिका भी चौपाल में मुख्यमंत्री से मिली और बताया कि आज पीएम जनमन से बने उनके आवास में मुख्यमंत्री पहुंचे थे ।वहाँ मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पायी इस लिए वे चौपाल में पहुँचीं । इस साल यह बच्ची हेम कुमारी 75% अंक कक्षा नौवी में लायी । एचसीएम ने आगे भी मन लगाकर पढ़ने की सलाह और बधाई देते हुए पेन दिया । 

घोषणाएँ बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल में

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज चौपाल लगाकर शासकीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और प्रसन्न दिखे कि दूरस्थ अंचल तक हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है । उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर कमरखोल में 

मिशन तालाब गहरीकरण (ट्यूबवेल के साथ), रामखिलावन के घर से ग्राम देवसरा तक मिट्टी मुरुम सड़क (६ किलोमीटर लगभग) , सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम शेड निर्माण तथा 

महतारी सदन ( स्व सहायता समूह की महिलाओं की माँग पर ) की घोषणा की । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह , सीओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल और ग्रामीण चौपाल में उपस्थित रहे ।

कटहल–गुलमोहर की छांव में सजी चौपाल, मुख्यमंत्री ने सरोधी में सुनी जनता की आवाज

No comments Document Thumbnail

खाट में बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर- सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज  खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम सरोधी पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह, आत्मीयता और अपनत्व का अनोखा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें देखने और उनसे मिलने उमड़ पड़े।

गांव की महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महुआ, चार, आम और रखियां बड़ी भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया, वहीं स्कूली बच्चों ने अपने हाथों से तैयार गुलमोहर और कनेर के फूलों के गुलदस्ते भेंट कर अपनी खुशी और सम्मान व्यक्त किया। यह स्वागत ग्रामीण संस्कृति और सादगी की जीवंत झलक बन गया।

ग्राम सरोधी के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव तले मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस सहज और आत्मीय वातावरण में उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके बीच आकर आपका हाल-चाल जानने, सुख-दुख सुनने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने आए हैं। यह अभियान 1 मई से 10 जून तक चलेगा, जिसमें सरकार स्वयं आपके द्वार तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह समस्याओं का संकलन कर समाधान शिविरों के माध्यम से उनका निराकरण किया गया था और इस वर्ष भी उसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को अभी महज 28 माह हुए हैं, लेकिन मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है, जिससे वनांचल क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और तीर्थ यात्रा दर्शन योजना के माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम सरोधी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें राशन पीडीएस दुकान की स्थापना, नवीन ग्राम पंचायत भवन, पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नए भवन का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही गंडई से बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक सड़क निर्माण, साल्हेवारा-पंडरापानी मार्ग पर मगुरदा नाला पर पुल निर्माण, पीएचसी बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की तैनाती, बकरकट्टा से नवागांव सड़क का नवीनीकरण तथा क्षेत्र में 33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति दी गई। 

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

देशभर में 4 से 10 मई तक ‘फायर सेफ्टी वीक’ का आयोजन, स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा पर जोर

No comments Document Thumbnail

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4 मई से 10 मई 2026 तक देशभर में ‘फायर सेफ्टी वीक’ की शुरुआत की है। इस अभियान में सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय शामिल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने “Fire Safety in Health Facilities” थीम के तहत शपथ दिलाई और कहा कि अस्पतालों व स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य कृष्ण एस. वात्सा ने कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए एक व्यवस्थित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। वहीं अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक सुनील कुमार झा ने सुरक्षा मानकों के पालन, नियमित जांच और प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने “National Guidelines on Fire and Life Safety in Healthcare Facilities (2026)” भी जारी कीं। इन दिशानिर्देशों में जोखिम प्रबंधन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रशिक्षण और जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

फायर सेफ्टी वीक के दौरान देशभर में मॉक ड्रिल, फायर ऑडिट, जागरूकता अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित और सतर्क स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तकनीकी अनुसंधान और ‘सरप्राइज एलिमेंट’ पर दिया जोर

No comments Document Thumbnail

राजनाथ सिंह ने कहा है कि तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में देश को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार रहने हेतु अनुसंधान और ‘सरप्राइज एलिमेंट’ (अचानक रणनीतिक बढ़त) पर लगातार ध्यान देना होगा। वे 4 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।


रक्षा मंत्री ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में कुछ ही वर्षों में युद्ध टैंक और मिसाइलों से ड्रोन व सेंसर आधारित हो गया है। उन्होंने कहा कि आज सामान्य उपयोग की वस्तुएं भी खतरनाक हथियार बन सकती हैं, जिससे सुरक्षा रणनीतियों पर पुनर्विचार जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि युद्ध में जीत उसी की होती है जिसके पास “सरप्राइज” का तत्व होता है। इसलिए भारत को ऐसी क्षमताएं विकसित करनी होंगी, जिससे जरूरत पड़ने पर दुश्मन को चौंकाया जा सके।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में अनुसंधान का कोई विकल्प नहीं है और भविष्य के युद्धों की दिशा प्रयोगशालाओं में तय हो रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने रक्षा अनुसंधान को प्राथमिकता देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के माध्यम से उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया है।

उन्होंने जानकारी दी कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D) बजट का 25% उद्योग, स्टार्टअप और अकादमिक क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 4500 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग किया जा चुका है। साथ ही, नई तकनीक हस्तांतरण नीति के तहत शुल्क में छूट दी गई है और अब तक 2200 से अधिक तकनीकों का हस्तांतरण किया जा चुका है।

रक्षा मंत्री ने उद्योगों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, हाइपरसोनिक हथियार और स्पेस तकनीक जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्वदेशी तकनीकों जैसे आकाश मिसाइल और ब्रह्मोस का सफल उपयोग हुआ, जो भारत की सैन्य क्षमता का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। देश का रक्षा उत्पादन 2025-26 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर है।

इस अवसर पर सेना प्रमुख, वायुसेना अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और शिक्षाविद भी मौजूद रहे। सिम्पोजियम में 284 कंपनियों ने अपने स्वदेशी तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए।

रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन भारत को तकनीकी और सैन्य रूप से और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों को लेकर आयुष मंत्रालय की अहम बैठक

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली में आज आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, योग गुरु तथा योग संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के सफल आयोजन के लिए योजना और समन्वित क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने की। उन्होंने कहा कि योग आज केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जन-आंदोलन बन चुका है, जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 190 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है, जिससे योग को वैश्विक पहचान मिली है।

मंत्री ने सभी मंत्रालयों से “whole-of-government approach” अपनाने का आह्वान करते हुए 21 जून को होने वाले कॉमन योग प्रोटोकॉल में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, स्कूलों, कार्यस्थलों और स्वास्थ्य संस्थानों में योग को शामिल करने, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने कहा कि दुनिया भर में भारतीय दूतावास और मिशन IDY 2026 के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जापान में चल रहे योग अभ्यास कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है।

आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ अब एक वैश्विक स्वास्थ्य अभियान बन चुका है।

वहीं एच. आर. नागेंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष 26 करोड़ से अधिक लोगों ने योग दिवस में भाग लिया था और इस वर्ष यह संख्या 30 करोड़ से पार जाने की उम्मीद है।

बैठक में IDY 2026 के लिए विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों और रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें युवाओं की भागीदारी, डिजिटल पहुंच और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

आयुष मंत्रालय ने विश्वास जताया कि समन्वित प्रयासों और व्यापक भागीदारी के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को और भी भव्य और सफल बनाया जाएगा।

निर्माण स्थल पर मुख्यमंत्री का श्रमदान: श्रमिक बहनों के साथ की ईंट जोड़ाई

No comments Document Thumbnail

“ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए… मसाला बढ़िया से डालिए” - जब श्रमिक बहन ने मुख्यमंत्री को सिखाया काम

रायपुर- सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में चल रहे औचक निरीक्षण और जनसंवाद के क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के ग्राम लोखन में एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सुशासन के ध्येय को और अधिक जीवंत बना दिया। 

निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल औपचारिक समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने उस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चुना, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। उनके इस व्यवहार ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल नीति और कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर उसे महसूस करने और जीने की प्रक्रिया है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में कार्य कर रहीं श्रमिक बहनों के बीच जाकर कुछ समय उनके साथ ईंट जोड़ाई में हाथ बँटाया।  

इसी दौरान श्रमिक बहन संगीता ने पूरे आत्मीय अधिकार और सहजता के साथ मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री से कहा - “ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।” यह संवाद एक सामान्य वाक्य से कहीं अधिक था; इसमें वह विश्वास झलकता है, जो आज सरकार और जनता के बीच विकसित हो रहा है। यह वह स्थिति है, जहाँ आम नागरिक बिना झिझक अपनी बात रखता है और नेतृत्व उसे उसी सहजता से स्वीकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जनता के साथ मिलकर धरातल पर साकार करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता का रिश्ता बनता है, तभी विकास की प्रक्रिया प्रभावी और स्थायी बनती है। उनके अनुसार, यही आत्मीयता और साझेदारी सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों और श्रमिकों के लिए पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

सुशासन तिहार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल प्रशासनिक ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सहभागिता और विश्वास पर आधारित एक जीवंत व्यवस्था बन चुका है। यहाँ सरकार और जनता के बीच दूरी नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और साझेदारी का संबंध है - और यही संबंध प्रदेश के समग्र विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रहा है।

एक माह के नवजात का मुख्यमंत्री ने किया नामकरण, “रविशंकर” नाम से गूंजा गांव का आंगन

No comments Document Thumbnail

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई।

इसी दौरान ग्राम की निवासी ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी। 

मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब  ऋषि बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया। 

यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया।

इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है। 

मुख्यमंत्री साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।

एक ग्रामीण का न्योता, मुख्यमंत्री का अपनापन - प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा।


ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया।


प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेशमुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की।

इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं।

मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके।

मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।

सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी - मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है।


बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

उत्कृष्ट विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से मिलने का मिला अवसर

इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के  कृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की कुमारी प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.