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चक्रवात अर्नब से बर्बाद हुई फसल तो सरकार देगी राहत, CM साय ने कलेक्टरों को दिए सर्वे के आदेश

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।


उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं

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 लेखक- डॉ.ओम डहरिया ( सहायक जनसंपर्क अधिकारी )

रायपुर : ’छत्तीसगढ़ की पावन धरा सदियों से त्याग, तपस्या, संघर्ष और स्वाभिमान की साक्षी रही है। यहां’ के घने जंगलों, पर्वतों और वनांचलों में स्वतंत्रता की ऐसी अनगिनत गाथाएं जन्मीं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी। इतिहास के पन्नों में अपेक्षित स्थान नहीं पा सके इन जनजातीय नायकों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान को अब एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में नवा रायपुर अटल नगर में निर्मित ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ देश में जनजातीय शौर्य, स्वाभिमान और आधुनिक डिजिटल तकनीक के अनूठे संगम के रूप में उभरा है। यह भव्य संग्रहालय केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन अमर बलिदानियों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।


छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने इस भव्य संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह अवसर केवल एक संग्रहालय के लोकार्पण का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के संकल्प की सार्थक अभिव्यक्ति का था। लगभग 50 से 55 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक संग्रहालय जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली देश की विशिष्ट परियोजनाओं में शामिल है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक योगदान को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। यह संग्रहालय उसी सोच का साकार स्वरूप है, जिसमें विकास के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और पुरखों के बलिदान को सहेजने का संकल्प निहित है। विशेष रूप से जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक धरोहर का निर्माण प्रदेश के जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को नई ऊंचाई प्रदान करता है।

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में सोनाखान के अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया, वह आज भी छत्तीसगढ़ की सामूहिक चेतना में जीवित है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनका संघर्ष केवल विद्रोह नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण था। इस संग्रहालय में वीर नारायण सिंह सहित उन असंख्य जनजातीय योद्धाओं की गाथाओं को जीवंत किया गया है, जिनका संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत आधारशिला बना।

जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में स्थापित इस संग्रहालय की भव्य दीर्घाएं इतिहास के उन अध्यायों से परिचित कराती हैं, जिन्हें जानना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। यहां लगभग 650 से अधिक जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से जनजातीय संघर्षों का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह और सोनाखान विद्रोह जैसी ऐतिहासिक घटनाएं दर्शकों को जनजातीय वीरता के उस दौर में ले जाती हैं, जब सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे पुरखों ने शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के लिए निर्मित विशेष दीर्घाएं स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के योगदान को और व्यापक रूप में प्रस्तुत करती हैं।

इस संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता इतिहास और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय है। अत्याधुनिक वीएफएक्स तकनीक, डिजिटल प्रोजेक्शन, दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतियों और जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से ऐतिहासिक घटनाओं को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शक स्वयं को उस कालखंड का साक्षी महसूस करते हैं। यहां इतिहास केवल पढ़ा या देखा नहीं जाता, बल्कि उसकी अनुभूति होती है। युद्धभूमि का वातावरण, वीर सेनानियों का संघर्ष, जनजातीय समाज की जीवनशैली और स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदान आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत हो उठते हैं।

डिजिटल सूचना प्रणाली इस संग्रहालय को विशेष पहचान प्रदान करती है। प्रत्येक दीर्घा में स्थापित डिजिटल बोर्ड, क्यूआर कोड और अन्य आधुनिक माध्यमों से आगंतुक संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हो जाती हैं। प्रशिक्षित गाइड भी दर्शकों को जनजातीय विद्रोहों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराते हैं। इस प्रकार यह संग्रहालय इतिहास, शोध, शिक्षा और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

आगंतुकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। संग्रहालय परिसर में स्वच्छ पेयजल, व्यवस्थित पार्किंग, सीसीटीवी सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा शिशुवती माताओं के लिए शिशु देखभाल कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से बच्चों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए संग्रहालय का भ्रमण सुविधाजनक और ज्ञानवर्धक बनता है।

लोकार्पण के बाद से ही इस ऐतिहासिक संग्रहालय के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में एक से दो हजार तथा अवकाश के दिनों में चार से पांच हजार तक दर्शक यहां पहुंच रहे हैं। शुभारंभ से अब तक तीन लाख से अधिक आगंतुकों का संग्रहालय का अवलोकन करना इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मुक्केबाज मैरीकॉम सहित विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सैन्य जवानों और विदेशी पर्यटकों ने भी यहां प्रदर्शित जनजातीय शौर्यगाथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की सराहना की है।

यह संग्रहालय केवल अतीत की स्मृतियों को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढि़यों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम भी है। विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि भारत की स्वतंत्रता केवल कुछ महानगरों या चुनिंदा आंदोलनों के संघर्ष का परिणाम नहीं थी, बल्कि दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले जनजातीय समाज ने भी इसके लिए असाधारण त्याग और बलिदान दिया था। यही कारण है कि यह स्मारक राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसके साथ ही संग्रहालय छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाओं को भी विस्तार दे रहा है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय रोजगार, पर्यटन सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। नवा रायपुर की पहचान अब आधुनिक प्रशासनिक राजधानी के साथ जनजातीय इतिहास और सांस्कृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित यह भव्य स्मारक इस बात का प्रमाण है कि अपनी ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही सांस्कृतिक संरक्षण की सार्थक दिशा है। जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के सतत मार्गदर्शन में साकार यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु बन गया है।

नवा रायपुर की धरती पर खड़ा यह भव्य डिजिटल स्मारक आने वाली सदियों तक जनजातीय स्वाभिमान की अमर ज्योति प्रज्वलित रखेगा। इसकी प्रत्येक दीर्घा, प्रत्येक मूर्ति और प्रत्येक ऐतिहासिक दृश्य मानो यही संदेश देता है कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल पराधीनता से मुक्ति नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अटूट संकल्प है।

छत्तीसगढ़ के वीर जनजातीय पुरखों ने अपने रक्त से स्वतंत्रता का जो इतिहास लिखा था, उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक ने नई अभिव्यक्ति दी है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि इतिहास का पुनर्जागरण, बलिदानियों का सम्मान और जनजातीय अस्मिता के गौरव का राष्ट्रीय उद्घोष है।

 

 

छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, मुख्य सचिव ने 15 नवंबर तक गिरदावरी पूरी करने के दिए निर्देश

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 रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निराकरण के पश्चात इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

15 नवंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करने के निर्देश

राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 15 नवंबर से पूर्व सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो वे ग्राम सभा में आवेदन देकर तत्काल इसे पूर्ण करवा सकते हैं।

निर्माण कार्यों में गति लाने पर जोर

बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए लोक निर्माण विभाग ने शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा किया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना पर कार्य करने को कहा गया। बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।

पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा

बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना में बिना किसी विलंब के प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34 लाख की ठगी, इंदौर से 5 आरोपी गिरफ्तार

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 रायगढ़। शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर रायगढ़ के एक डॉक्टर से 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले की जांच के लिए रायगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में दो अलग-अलग साइबर अपराधों में आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर पुलिस बैंक खातों, संदिग्ध लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।


स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश के नाम पर डॉक्टर से ठगी

पुलिस के अनुसार, पहले मामले में डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के जरिए उनकी पहचान सुनील नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसने शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और स्पार्टन ट्रेड कंपनी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद व्हाट्सएप पर कंपनी का पोर्टफोलियो भेजा गया और निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया। धीरे-धीरे अलग-अलग लोग डॉक्टर से संपर्क करने लगे और निवेश के नाम पर कई बार रकम जमा कराई गई। पोर्टफोलियो में लगातार बढ़ता मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उन्हें अपने निवेश पर अच्छा लाभ होने का भरोसा हो गया।

लेकिन जब डॉक्टर ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बजाय उनसे और पैसे लगाने के लिए कहा जाने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

म्यूल बैंक खाते से साइबर ठगी की रकम का लेनदेन

दूसरे मामले में सूरज शर्मा ने 27 सितंबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल 2 लाख 97 हजार 298 रुपये का लेनदेन हुआ था। रकम प्राप्त होने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें दर्ज हुईं, जिसके चलते उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन में किया गया है। बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल में इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, बैंक खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ कमाने के मामले में सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के खिलाफ 30 सितंबर को अपराध दर्ज किया गया।

एक मोबाइल नंबर ने खोला दोनों मामलों का कनेक्शन

दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर मिला, जो इंदौर की संदेही तनिषा पाटिल से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क के तथ्य भी सामने आए। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रायगढ़ पुलिस की विशेष टीम इंदौर पहुंची।

पुलिस ने इंदौर के एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा। इसके बाद विजय नगर इलाके से ज्योति मालवीय और उसकी जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, इंदौर से खरसिया आकर रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

सभी आरोपियों को इंदौर की अदालत में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें रायगढ़ लाया गया।

दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की भूमिका

पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 06/2026 में तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है। वहीं, अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार पांच आरोपियों के नाम

  1. ज्योति मालवीय (20 वर्ष): निवासी मोहनीपुरा, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।

  2. तनिषा पाटिल (21 वर्ष): निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर।

  3. तरुण नागर (23 वर्ष): निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, परदेशीपुरा, इंदौर।

  4. गायत्री विश्वकर्मा (21 वर्ष): निवासी किरोड़ीमल नगर, थाना कोतरारोड, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।

  5. सूरज शर्मा (21 वर्ष): निवासी हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना कोतरारोड, रायगढ़।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क की जांच अभी जारी है। आरोपियों के संपर्कों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की पड़ताल के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बोले- देश पर संकट आता है तो इन्हें खुशी मिलती है

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 बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश को मुश्किल में देखकर खुश होता है और संकट के समय जनता के बीच डर और अफवाह फैलाने का काम करता है। पीएम मोदी ने ईरान में जारी तनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत एकजुट होकर परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तब विपक्ष खाद और गैस की किल्लत जैसी अफवाहें फैलाकर लोगों को डराने में जुटा है।


प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी की। इसके तहत करीब 19 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए।

'देश पर संकट आता है तो इन्हें खुशी मिलती है'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। जब देश पर संकट आता है तो उन्हें खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि ईरान में तनाव के बीच भारत एकजुट होकर हालात का सामना करने में जुटा है, लेकिन विपक्ष अफवाह फैलाने का काम कर रहा है।

पीएम मोदी के मुताबिक, लोगों के बीच यह डर फैलाया गया कि देश में खाद की कमी हो जाएगी और बहनों को गैस नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद देश में अफरातफरी का माहौल पैदा करना और सरकार को बदनाम करना था। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देशवासियों की सेवा करते रहेंगे।

चारपाइयों पर बैठे नजर आए कार्यक्रम में शामिल लोग

बनासकांठा के कार्यक्रम में एक खास नजारा भी देखने को मिला। यहां मौजूद लोग कुर्सियों के बजाय चारपाइयों पर बैठे थे। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लोगों के लिए यह हैरानी की बात हो सकती है कि कार्यक्रम में सभी लोग चारपाइयों पर बैठे हैं।

उन्होंने बनासकांठा की सराहना करते हुए कहा कि यहां गांवों की परंपरा को फिर से जीवित किया गया है। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर इसकी जानकारी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को दी जाती तो शायद इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिल जाती।

कृषि बजट में पांच गुना बढ़ोतरी का दावा

प्रधानमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर बताते हुए कहा कि अन्नदाता विकसित भारत के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कई योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

पीएम मोदी ने दावा किया कि वर्ष 2013 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है।

एमएसपी को लेकर पिछली सरकारों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मुद्दे पर भी पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक छोटे किसानों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जबकि देश के करीब 85 प्रतिशत किसान छोटे किसान हैं।

पीएम मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने एमएसपी को लेकर किए गए वादे पूरे किए हैं। उनके मुताबिक, एमएसपी के माध्यम से किसानों के खातों में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में सरकार की नीतियों के कारण किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी बचत हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और कृषि क्षेत्र को विकसित भारत की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बनाना है।

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, केंद्रीय मंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द

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 रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन हो गया है। उन्होंने 76 वर्ष की उम्र में भोपाल स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार और शुभचिंतकों में शोक की लहर है। मां के निधन के बाद शिवराज सिंह चौहान का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा भी रद्द कर दिया गया है।


भोपाल एम्स में चल रहा था इलाज

जानकारी के अनुसार, काशी बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और भोपाल एम्स में उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के पैतृक गांव जैत में किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ दौरा हुआ रद्द

शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही थीं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक और सार्वजनिक गतिविधियां निर्धारित थीं। हालांकि, मां के निधन के बाद उनका यह दौरा रद्द कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया दुख

काशी बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं तथा दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां का निधन किसी भी परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण होता है। उन्होंने इस दुख की घड़ी में चौहान परिवार और सभी शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

काशी बाई के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।

Dhanteras 2026: धनतेरस पर 1 घंटे 22 मिनट रहेगा राहुकाल, जानें खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त

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 Dhanteras 2026 Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व धन, आरोग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। दीपावली से पहले आने वाले इस त्योहार पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और अन्य नई वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। साथ ही शाम को घर के बाहर यम दीपक जलाने की परंपरा भी निभाई जाती है।


इस साल धनतेरस का पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदारी और पूजा-पाठ के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व रहेगा। हालांकि, इस दौरान राहुकाल का भी ध्यान रखना जरूरी है। मान्यता है कि राहुकाल में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। ऐसे में अगर आप धनतेरस पर सोना-चांदी या कोई अन्य कीमती सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर ले लें।

धनतेरस 2026 पर कब रहेगा राहुकाल?

नई दिल्ली के समय के अनुसार, शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 22 मिनट होगी।

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, राहुकाल के दौरान नए काम की शुरुआत और मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए इस अवधि में खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए दूसरा समय चुनना बेहतर माना जाता है।

राहुकाल में किन कामों से बचना चाहिए?

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल के दौरान इन कार्यों को करने से परहेज किया जाता है:

  • नई खरीदारी: सोना-चांदी, वाहन और अन्य महंगी वस्तुओं की खरीदारी टालने की मान्यता है।

  • नए कारोबार की शुरुआत: दुकान, व्यापार या नए कार्यालय का उद्घाटन करने से बचना चाहिए।

  • मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और अन्य शुभ आयोजनों की शुरुआत टालनी चाहिए।

  • नई यात्रा: किसी महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत के लिए दूसरा समय चुनना शुभ माना जाता है।

  • बड़े आर्थिक फैसले: महत्वपूर्ण लेन-देन, निवेश और आर्थिक समझौतों को इस अवधि में टालने की सलाह दी जाती है।

  • करियर से जुड़े फैसले: नौकरी या व्यवसाय से जुड़े बड़े शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए राहुकाल से अलग समय चुनने की मान्यता है।

धनतेरस 2026 पर खरीदारी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त

धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और अन्य वस्तुओं की खरीदारी के लिए चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है। नई दिल्ली के अनुसार, 6 नवंबर को खरीदारी के लिए बताए गए शुभ समय इस प्रकार हैं:

चौघड़िया मुहूर्तसमय
अमृत चौघड़ियासुबह 10:31 से 10:42 बजे तक
शुभ चौघड़ियादोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक
चर चौघड़ियाशाम 4:10 से 5:32 बजे तक
लाभ चौघड़ियारात 8:48 से 10:26 बजे तक

इन समयों में स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और पंचांग के अनुसार अंतर हो सकता है।

धनतेरस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस की शाम भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के लिए नई दिल्ली के अनुसार शुभ समय इस प्रकार बताया गया है:

पूजा एवं कालसमय
धनतेरस पूजा मुहूर्तशाम 6:02 से 7:57 बजे तक
प्रदोष कालशाम 5:32 से रात 8:09 बजे तक
वृषभ काल (स्थिर लग्न)शाम 6:02 से 7:57 बजे तक
यम दीपदानशाम 5:32 से 6:51 बजे तक

धनतेरस पर क्यों की जाती है भगवान धन्वंतरि की पूजा?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसी कारण इस दिन उनकी पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जाती है।

धनतेरस पर माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

छत्तीसगढ़ में 13 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, पेन लेने घर से निकली थी बच्ची; तीन आरोपी गिरफ्तार

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 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। रनचिरई थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर तीन युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल है।


पेन लेने घर से निकली थी बच्ची

मिली जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय बालिका घर से पेन लेने के लिए निकली थी। इसी दौरान गांव के दो युवक उसे कथित तौर पर जबरन अपने घर ले गए। काफी देर तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

तलाश के दौरान रात करीब 11 बजे बच्ची एक युवक के घर में बेहोशी की हालत में मिली। उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया गया।

12 दिन बाद परिजनों को बताई आपबीती

बताया जा रहा है कि घटना के बाद बच्ची काफी डरी हुई थी। इसी वजह से उसने करीब 12 दिनों तक परिजनों को कुछ नहीं बताया। बाद में बच्ची ने परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन रनचिरई थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

शिकायत मिलते ही रनचिरई थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नाबालिग से जुड़े इस गंभीर अपराध की पुलिस जांच कर रही है। बच्ची की पहचान और परिवार की निजता को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

छत्तीसगढ़ में BJP का सियासी शक्ति प्रदर्शन! आज नड्डा, शिवराज और सुधांशु त्रिवेदी का दौरा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज शुक्रवार को भाजपा की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। भारतीय जनता पार्टी के तीन प्रमुख राष्ट्रीय नेता एक ही दिन प्रदेश के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी आज छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इन नेताओं के प्रवास को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां की गई हैं।


जेपी नड्डा दुर्ग में करेंगे जनसभा और पदयात्रा में शिरकत

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दोपहर 1 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे दुर्ग के लिए रवाना होंगे। दुर्ग में वे विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे आयोजित भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखा जा रहा है।

दोपहर 2:30 बजे सुधांशु त्रिवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी दोपहर 2:30 बजे रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मीडिया से रूबरू होंगे। इस दौरान वे एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित 'वोट चोर-गद्दी छोड़' महारैली और देश-प्रदेश से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रख सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान के दौरे पर भी रहेगी नजर

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। भाजपा के इन तीनों राष्ट्रीय नेताओं के अलग-अलग कार्यक्रमों को प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मध्यप्रदेश में भी 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान

इसी अभियान के तहत मध्यप्रदेश में भी भाजपा की ओर से इंदौर, जबलपुर और भोपाल में बड़ी रैलियां आयोजित करने की तैयारी है। इन कार्यक्रमों में करीब एक लाख लोगों के जुटने का लक्ष्य बताया गया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी अभियान के तहत रैलियां निकाली जाएंगी।

मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश प्रभारी, संगठन महामंत्री, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान और तीन प्रमुख स्थानों पर बड़ी रैलियों के आयोजन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

आज की सबसे बड़ी खबरें | छत्तीसगढ़, देश और दुनिया | 30 अक्टूबर 2026

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नमस्कार! छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक, बड़ी खबरें और सटीक अपडेट्स—आज के न्यूज़ बुलेटिन में!

आज की टॉप 5 बड़ी खबरें

  1. छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश से धान की फसल प्रभावित: खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी फसल को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। किसानों ने नुकसान का आकलन और मुआवजे की मांग की है। 

  2. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी: राज्य मंत्रिमंडल ने ₹8,000 करोड़ के कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल कॉरिडोर को समर्थन दिया है। साथ ही, धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने की जानकारी सामने आई है।

  3. देश की अर्थव्यवस्था पर अहम अपडेट: वित्त मंत्रालय के अक्टूबर आकलन में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3% रहने का अनुमान जताया गया है। साथ ही, महंगाई से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान दिलाया गया है। 

  4. शिक्षा क्षेत्र में बदलाव: CBSE ने 2028 की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अध्ययन योजना में बदलाव किया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को आधिकारिक दिशानिर्देशों पर नजर रखनी चाहिए। 

  5. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान: नासा के मंगल रोवर द्वारा मंगल ग्रह पर बेहद सूक्ष्म धूल कणों का पता लगाए जाने की खबर अंतरराष्ट्रीय विज्ञान अपडेट में शामिल है। 

छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरें

बेमौसम बारिश से धान को नुकसान

  • बलरामपुर में कटी हुई धान की फसल भीगने और रायगढ़ सहित कुछ इलाकों में खड़ी फसल को नुकसान की खबर है।
  • तेज हवाओं और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ी है।
  • राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने फसल नुकसान का आकलन तथा राहत पहुंचाना अहम चुनौती है।

धान खरीदी 15 नवंबर से प्रस्तावित

राज्य में धान खरीदी की तैयारियां जारी हैं। पिछले साल पंजीकृत जिन किसानों के पास AgriStack ID है, उन्हें अलग से पंजीकरण कराने की जरूरत से छूट देने की जानकारी भी प्रकाशित हुई है। किसान अपनी पात्रता और टोकन संबंधी निर्देशों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से करें। 

कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल कॉरिडोर को समर्थन

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने लगभग ₹8,000 करोड़ की इस रेल परियोजना को समर्थन दिया है। परियोजना से रेल संपर्क, माल परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके वास्तविक लाभ परियोजना की मंजूरी, निर्माण और क्रियान्वयन की प्रगति पर निर्भर करेंगे। 

अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश

29 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 1 से 29 अक्टूबर के दौरान 31.7 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 58.5 मिमी थी। यानी राज्य में अक्टूबर की बारिश सामान्य से लगभग 46% कम रही। इसके बावजूद हाल की मौसमी प्रणाली के कारण कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है। 

मतदाता सूची को लेकर छत्तीसगढ़ में विवाद

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची में वार्डों के बड़े पैमाने पर बदलाव के आरोप को लेकर राजनीतिक विवाद की खबर है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। 

देश की बड़ी खबरें

न्यायाधिकरणों की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। मामला न्यायिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और उनके प्रशासनिक नियंत्रण से जुड़ा है। 

कर्नाटक की पुरानी भर्ती प्रक्रिया पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के वर्ष 2011 की विवादित भर्ती प्रक्रिया को वैध ठहराने वाले कानून को रद्द करते हुए नई भर्ती प्रक्रिया का आदेश दिया है। इस फैसले का असर संबंधित अभ्यर्थियों और भर्ती व्यवस्था पर पड़ सकता है। 

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क

दिल्ली ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का निर्धारित लक्ष्य समय से पहले हासिल करने की खबर दी है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। 

दुनिया की बड़ी खबरें

चुनाव के बाद सरकार गठन पर अनिश्चितता

इजरायल के चुनाव में किसी भी प्रमुख राजनीतिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। मतगणना के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गठबंधन बनाने के लिए बातचीत महत्वपूर्ण होगी। अंतिम नतीजों और सरकार गठन की स्थिति पर नजर बनी हुई है। 

किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात

एक जापानी विशेषज्ञ ने इस वर्ष उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सार्थक शिखर बैठक होने की संभावना कम बताई है। यह विशेषज्ञ का आकलन है, किसी आधिकारिक बैठक-निर्णय की घोषणा नहीं।

मंगल ग्रह पर धूल के सूक्ष्म कणों का अध्ययन

नासा के मंगल रोवर से संबंधित एक नई वैज्ञानिक खबर में बेहद छोटे धूल कणों का पता लगाने की जानकारी सामने आई है। मंगल के वातावरण और धूल के व्यवहार को समझने में ऐसे अध्ययन उपयोगी हो सकते हैं।

अर्थव्यवस्था, कारोबार और शेयर बाजार

वित्त वर्ष 2026-27 में 7.3% वृद्धि का अनुमान

वित्त मंत्रालय के अक्टूबर आकलन में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3% रहने का अनुमान है। हालांकि, महंगाई के संभावित जोखिम भी बताए गए हैं। यह अनुमान है, अंतिम आर्थिक परिणाम नहीं।

 बाजार खुलने से पहले सतर्कता के संकेत

30 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित बाजार रिपोर्ट के अनुसार, कमजोर वैश्विक बाजारों और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सतर्क रहने की संभावना जताई गई। गिफ्ट निफ्टी लगभग 23,014 पर था। यह बाजार खुलने से पहले का संकेत है, दिन का अंतिम परिणाम नहीं। 

पिछले कारोबारी दिन बाजार में तेजी

29 अक्टूबर को सेंसेक्स 905.01 अंक चढ़कर 74,151.04 पर और निफ्टी 237.90 अंक बढ़कर 22,936.75 पर बंद हुआ था। बैंकिंग, FMCG और IT शेयरों में खरीदारी तेजी के प्रमुख कारणों में शामिल रही।

आज किन बातों पर नजर रखें?

  • बैंकिंग शेयरों में कारोबार की दिशा।
  • RBI की नीतियों और ब्याज दरों से जुड़ी घोषणाएं।
  • UPI और डिजिटल भुगतान से संबंधित आधिकारिक बदलाव।
  • बैंकों के तिमाही नतीजे और कर्ज वृद्धि के आंकड़े।

कृषि और ग्रामीण विकास

किसानों के लिए मौसम और फसल प्रबंधन अहम

छत्तीसगढ़ में हाल की बारिश और धान की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए किसानों को स्थानीय कृषि विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। कटी हुई फसल को सुरक्षित रखना और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करना उपयोगी हो सकता है।

सुरक्षा, कानून और अपराध

हिमालयी क्षेत्रों में निर्माण और पर्यटन पर सख्ती की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट से संबंधित एक पर्यावरणीय रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटन, सड़क निर्माण और जलविद्युत परियोजनाओं पर अधिक कड़ी निगरानी की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य भूस्खलन, जंगलों की क्षति और पर्यावरणीय दबाव कम करना है। 

विज्ञान, टेक्नोलॉजी और AI

वित्तीय सेवाओं में AI पर चर्चा

मुंबई में 30 अक्टूबर को FINIXX Summit & Awards 2026 आयोजित होने का कार्यक्रम है। इसमें वित्तीय सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल नवाचार और ग्राहक सेवाओं के भविष्य पर चर्चा प्रस्तावित है।

 खेल जगत

भारत–न्यूजीलैंड T20 सीरीज

30 अक्टूबर के खेल कार्यक्रम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथे T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का उल्लेख किया गया है। मैच के समय, टीम में बदलाव और लाइव स्कोर की पुष्टि आधिकारिक क्रिकेट अपडेट से करनी चाहिए। 

मनोरंजन

अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट से जुड़ी खबर

30 अक्टूबर के समाचार संग्रह में हॉलीवुड अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट के निधन की खबर प्रकाशित हुई है। 

आज का संभावित तापमान

रायपुर के उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार:

  • अनुमानित न्यूनतम तापमान: 22°C
  • अनुमानित अधिकतम तापमान: 29°C
  • हवा की गति: लगभग 14 किमी/घंटा


दिवाली से पहले कर्मचारियों-पेंशनरों को साय सरकार का बड़ा तोहफा, महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हुआ

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।


राज्य सरकार का यह निर्णय 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा। इससे प्रदेश के करीब 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए इसे त्योहार से पहले बड़ी राहत माना जा रहा है।

हर महीने 36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी पड़ेगा। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से सरकारी खजाने पर लगभग 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह और 432 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त बोझ आएगा।

1 नवंबर से लागू होगी नई दर

राज्य सरकार के इस फैसले के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं, पेंशनरों को भी बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों की मासिक आय और पेंशनरों को मिलने वाली राहत में बढ़ोतरी होगी।

मुख्यमंत्री साय ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों में दीपावली की खुशियां और उत्साह भी बढ़ेगा।

बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान, किसानों को मिलेगा मुआवजा? मंत्री टंकराम वर्मा ने दिया भरोसा

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इस बीच राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल नुकसान का आकलन अनावरी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता दी जाएगी।


अनावरी रिपोर्ट के आधार पर होगा फसल नुकसान का आकलन

मंत्री टंकराम वर्मा के मुताबिक, प्रदेश में मौसम की स्थिति के कारण कुछ क्षेत्रों में धान की फसल प्रभावित हुई है। ऐसे इलाकों में नुकसान का आकलन कराया जाएगा। इसके लिए अनावरी रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

मंत्री ने किसानों से घबराने के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नुकसान का आकलन होने का इंतजार करने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में बारिश की स्थिति का उल्लेख करते हुए 44 प्रतिशत बारिश होने की जानकारी भी दी।

फसल बीमा और RBC 6-4 के तहत मिलेगी सहायता

बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और RBC 6-4 के प्रावधान महत्वपूर्ण होंगे। हालांकि, किसानों को मिलने वाली सहायता नुकसान की प्रकृति, पात्रता और संबंधित नियमों पर निर्भर करेगी।

फसल बीमा के तहत दावा करने वाले किसानों को योजना की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। वहीं, राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत राहत के लिए नुकसान का आकलन और लागू पात्रता मानकों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे में प्रभावित किसानों की नजर अब प्रशासन की सर्वे प्रक्रिया और नुकसान से संबंधित रिपोर्ट पर टिकी है।

पटवारियों की हड़ताल पर मंत्री ने जताई नाराजगी

फसल नुकसान के बीच प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल को लेकर भी मंत्री टंकराम वर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हजारों पटवारी पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। मंत्री के मुताबिक, पटवारियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से आवेदन देकर हड़ताल शुरू की, जबकि उन्हें पहले सरकार के सामने अपनी मांगें और समस्याएं रखनी चाहिए थीं।

उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश की जा सकती थी। मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार पटवारियों की मांगों और हड़ताल से प्रभावित होने वाले राजस्व कार्यों को लेकर गंभीर है।

गिरदावरी के समय हड़ताल से बढ़ी परेशानी

धान खरीदी से पहले गिरदावरी की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके तहत खेतों में बोई गई फसलों और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है। यही जानकारी आगे धान खरीदी सहित विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में उपयोग होती है।

ऐसे समय में पटवारियों की हड़ताल से गिरदावरी और राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, बेमौसम बारिश के कारण फसल नुकसान के आकलन की जरूरत भी बढ़ गई है।

अब प्रशासन के सामने प्रभावित फसलों का आकलन करने, पात्र किसानों तक राहत पहुंचाने और गिरदावरी से जुड़े कामों को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।

छत्तीसगढ़ में 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती की तैयारी, केदार कश्यप और दीपक बैज समेत कई नाम शामिल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद बड़े बदलाव की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा और कांग्रेस के करीब 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती की गई है। इनमें मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य प्रमुख नेता शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में गृह विभाग के औपचारिक आदेश का इंतजार है।


बताया जा रहा है कि सुरक्षा समीक्षा के दौरान नेताओं को मिलने वाले सुरक्षा घेरे में एक-एक स्तर की कटौती की गई है। इसके तहत Z+ श्रेणी की सुरक्षा को Z, Y+ को Y और Z श्रेणी को Y में बदले जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा का निर्धारण संबंधित व्यक्ति को मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर किया जाएगा।

केदार कश्यप, दीपक बैज और कवासी लखमा की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव

सूत्रों के अनुसार, करीब नौ नेताओं की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी की गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा बस्तर के कर्मा परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा की भी समीक्षा की गई है। हालांकि, अंतिम सूची और प्रत्येक नेता की नई सुरक्षा श्रेणी की आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

छह महीने तक चली सुरक्षा समीक्षा

बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा के बदलते हालात को इस फैसले की प्रमुख वजह माना जा रहा है। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती रही है। अब खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, करीब छह महीने तक समीक्षा प्रक्रिया चलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत सुरक्षा पूरी तरह समाप्त करने के बजाय कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में एक स्तर की कमी की गई है।

विजय शर्मा बोले- पूरी सुरक्षा हटाना उचित नहीं

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के मुताबिक, नक्सलवाद से जुड़े हालात में बदलाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था की करीब छह महीने तक समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि खतरा कम होने की स्थिति में भी किसी व्यक्ति की पूरी सुरक्षा हटा देना उचित नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि फिलहाल सुरक्षा में एक स्तर की कटौती की गई है। अगले छह महीनों में दोबारा समीक्षा की जाएगी। इसके बाद परिस्थितियों और खतरे के आकलन के अनुसार आगे का निर्णय लिया जा सकता है।

Z+, Z, Y+ और Y सुरक्षा में क्या है अंतर?

Z+ सुरक्षा: यह उच्च स्तर की सुरक्षा श्रेणी है। इसमें खतरे के आकलन के अनुसार कमांडो, पुलिसकर्मी, एस्कॉर्ट और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

Z सुरक्षा: इस श्रेणी में भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है। जवानों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था संबंधित व्यक्ति के खतरे तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार होती है।

Y+ सुरक्षा: इस श्रेणी में सुरक्षा कर्मियों और व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती खतरे के आकलन के आधार पर की जाती है।

Y सुरक्षा: इस श्रेणी में भी जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी और अन्य सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाते हैं।

इन श्रेणियों में सुरक्षाकर्मियों की संख्या हर व्यक्ति के लिए एक समान होना जरूरी नहीं है। वास्तविक व्यवस्था सुरक्षा आकलन और लागू प्रोटोकॉल पर निर्भर करती है।

आधिकारिक आदेश के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल 116 नेताओं की सुरक्षा में बदलाव को लेकर विस्तृत आधिकारिक आदेश सामने आने का इंतजार है। आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन नेताओं की सुरक्षा किस श्रेणी में रखी गई है और किन्हें पहले जैसी सुरक्षा मिलती रहेगी। अगले छह महीनों में प्रस्तावित समीक्षा के बाद सुरक्षा व्यवस्था में आगे भी बदलाव संभव है।

आसमान लाल क्यों दिखाई दिया?

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29 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल और आसपास के इलाकों में आसमान गहरे लाल या नारंगी रंग का दिखाई देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इस दृश्य को चक्रवात ‘अर्नब’ से जोड़कर देखा गया, लेकिन मौसम विभाग ने चक्रवात और आसमान के लाल दिखने के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है।

वैज्ञानिक दृष्टि से इसके कुछ संभावित कारण हो सकते हैं:
  • सूरज की रोशनी का बिखराव: सूर्योदय या सूर्यास्त के समय आसमान लाल-नारंगी दिख सकता है।

  • हवा में धूल और मिट्टी: तेज हवाएँ धूल और मिट्टी के कणों को ऊपर उठा सकती हैं, जिससे रोशनी का रंग बदलता हुआ दिखाई दे सकता है।

  • बादलों और नमी का प्रभाव: घने बादल, नमी और वातावरण में मौजूद कण मिलकर असामान्य रंग पैदा कर सकते हैं।

ये सामान्य वैज्ञानिक व्याख्याएँ हैं; किरंदुल की घटना का सटीक कारण अभी स्थापित नहीं हुआ है।

क्या लोगों को खतरा है?

आसमान का लाल दिखना अपने आप में किसी प्राकृतिक आपदा का प्रमाण नहीं है। हालांकि, यदि आपके इलाके में तेज हवाएँ, बिजली गिरने या भारी बारिश की चेतावनी है, तो सावधानी बरतें।

  • खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।

  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

निष्कर्ष: किरंदुल में लालिमा लिए आसमान के वीडियो वायरल हुए हैं, लेकिन इसे सीधे चक्रवात का परिणाम बताना अभी सही नहीं होगा। घटना के सटीक कारण की पुष्टि के लिए स्थानीय मौसम संबंधी आँकड़ों और वैज्ञानिक विश्लेषण की आवश्यकता है।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों में 1,812 संविदा पदों के लिए भर्ती परीक्षा, 34,604 अभ्यर्थी होंगे शामिल

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छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की भर्ती परीक्षा से जुड़ी खबर महत्वपूर्ण है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालयों में 1,812 संविदा पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस भर्ती परीक्षा में 34,604 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा कार्यक्रम और प्रवेश पत्र से जुड़ी जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।

परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

परीक्षा की तारीख- 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026

कुल पद / अभ्यर्थी- 1,812 पद / 34,604 अभ्यर्थी

परीक्षा केंद्र- 7 शहरों में कुल 24 केंद्र

प्रश्नपत्र- 100 प्रश्न · 100 अंक · 2 घंटे

नेगेटिव मार्किंग- हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती

किन शहरों में परीक्षा होगी?

शहर                            

परीक्षा केंद्र

रायपुर

6

बिलासपुर

6

दुर्ग

4

भिलाई

4

जगदलपुर

2

चांपा

1

सरगुजा

1

कुल

24


परीक्षा का समय

पाली

                परीक्षा का समय

केंद्र में प्रवेश शुरू

पहली

सुबह         8:30–10:30                    

सुबह 7:00 बजे

दूसरी

दोपहर        12:30–2:30

सुबह 11:00 बजे

तीसरी

शाम            4:30–6:30

दोपहर 3:00 बजे

अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पहुँचने की सलाह दी गई है। मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा।

अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान
  • प्रवेश पत्र का प्रिंटआउट साथ रखें।

  • मूल पहचान पत्र अवश्य लेकर जाएँ।

  • प्रवेश पत्र में दिए गए परीक्षा केंद्र, तारीख और पाली को ध्यान से जाँचें।

  • गलत उत्तर पर अंक कटेंगे, इसलिए प्रश्नों का उत्तर सोच-समझकर दें।

  • परीक्षा के बाद विभाग द्वारा मॉडल उत्तर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

आधिकारिक सूचना कहाँ देखें?

भर्ती और प्रवेश पत्र से संबंधित निर्देशों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट देखें:


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