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आरंग में नाबालिग से दुष्कर्म, 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर। जिले के आरंग थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


पुलिस के अनुसार, ग्राम भानसोज निवासी प्रशांत लहरी (19 वर्ष) ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने आरंग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी को 9 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी,सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

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 रायपुर : महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।


कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।

ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की।

आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं।

ममता का कहना है कि “बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।" आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की गई कार्रवाई- ग्राम समोदा में हटाई गई अवैध कब्जा

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दुर्ग- जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई, अवैध कब्जों पर जेसीबी के माध्यम से शासकीय भूमि रिक्त कराई गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण तथा सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई की गई। 

ग्राम के ही ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे। 




तेजराम विद्रोही के कार को टककर मारना महज एक दुर्घटना है या जानलेवा कोशिश?

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सोमवार 9 मार्च की शाम को करीब 4.30 बजे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही के कार को तेज रफ़्तार ट्रक क्रमांक CG08 AG 9972 द्वारा टककर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया और ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया.  वेगन आर कार क्रमांक CG 04HS 1055 भारतीय किसान यूनियन फिंगेश्वर के ब्लॉक संयोजक रेखराम साहू का है जिसे तेजराम विद्रोही यूनियन के काम से उपयोग करता रहता है. घटना के दिन वे रेखराम साहू के साथ पंडित सुन्दरलाल शर्मा चौक राजिम से नवापारा की ओर पुल के पास स्थिति विभा ग्राफिक्स के पास किसान संगठन की बैनर के लिए जा रहे थे कि सुमित भोजनालय के सामने सड़क किनारे हरा चना ख़रीदे और गाड़ी में बैठे तभी ट्रक ने चालक साइड को जोरदार टककर मार दिया कार तेजराम विद्रोही चला रहे थे और सामने यात्री सीट पर रेखराम साहू बैठे थे जो बाल बाल बच गए। 

इस घटना की जानकारी लेने थाना राजिम पहुँचे  महासमुंद जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, तथा किसान यूनियन के सदस्यों कृष्ण कुमार चंद्राकर, भूनूराम साहू, रोशन चंद्राकर, भीखम चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, योगेंद्र साहू, ललित साहू ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए  कहा कि यह घटना महज एक दुर्घटना है या विद्रोही की जान लेने की कोशिश? क्योंकि तेजराम विद्रोही प्रदेश में मजदूरों किसानों की अधिकारों के लिए संघर्ष का आवाज बन चूका है. छत्तीसगढ़ में एक नामी बीज कंपनी द्वारा सैकड़ों किसानों  व मजदूरों का करोड़ों रूपये का भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण उन्होंने कम्पनी पर पुरे छत्तीसगढ़ में प्रतिबन्ध लगाने और किसानों व मजदूरों को भुगतान करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं. प्रतिनिधि मंडल ने थाना प्रभारी राजिम से मुलाक़ात कर मांग किया है कि इसे केवल साधारण दुर्घटना की दृष्टि से न देखकर साजिश की दृष्टिकोण से जाँच किया जाना चाहिए।

Crude Oil Price Surge : मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में आग, भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा अरबों डॉलर का बोझ

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 Crude Oil Price Surge : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार में साफ दिखाई देने लगे हैं। Middle East में बढ़ते संघर्ष, खासकर Iran, Israel और United States के बीच तनाव ने कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। इसका सीधा असर तेल आयात पर निर्भर देशों, खासकर India पर पड़ रहा है।


विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो भारत को हर महीने 7 से 8 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त विदेशी मुद्रा खर्च करना पड़ सकता है। इससे देश में महंगाई बढ़ने और चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। कुछ समय पहले तक कच्चे तेल की कीमत लगभग 66 डॉलर प्रति बैरल थी, जो बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई और यह करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई।

इसी तरह LNG की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं और 24 से 25 डॉलर प्रति ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस उछाल की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और संभावित आपूर्ति बाधाओं की आशंका है।

आयात पर भारी निर्भरता

भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक तेल कीमतों के प्रति काफी संवेदनशील मानी जाती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि देश अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल की खपत करता है।

इसके अलावा देश अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरत भी आयात से पूरी करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

हर महीने 7–8 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च

आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो भारत को हर महीने 7 से 8 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

तेल महंगा होने से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और खाद्य उत्पादों की लागत भी बढ़ जाती है। इन क्षेत्रों में लागत बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है और महंगाई बढ़ सकती है।

चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। अनुमान है कि यह सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2.2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

चालू खाता घाटा बढ़ने का मतलब है कि देश को विदेशों से आयात और सेवाओं के भुगतान के लिए अधिक विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ेगी, जिससे आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

थोक महंगाई पर ज्यादा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की तुलना में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर ज्यादा पड़ता है। अगर तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो इससे थोक महंगाई दर लगभग 0.8 से 1 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

इसका असर उद्योग और व्यापार पर ज्यादा पड़ता है क्योंकि कच्चे माल, परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ जाती है।

तेल कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर तेल मार्केटिंग कंपनियों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।

कुछ समय तक कंपनियां कीमतों का बोझ खुद उठा सकती हैं, लेकिन अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में भी बदलाव करना पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तेल बाजार फिलहाल उच्च जोखिम के दौर में प्रवेश कर चुका है। खास तौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है।

अगर यहां से तेल की आपूर्ति बाधित होती है तो वैश्विक बाजार में कीमतें मौजूदा स्तर से भी काफी ऊपर जा सकती हैं।

रुपये और निवेश पर असर

तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। इससे देश के राजकोषीय संतुलन पर दबाव पड़ सकता है और रुपये की विनिमय दर कमजोर हो सकती है।

अगर रुपये में गिरावट आती है तो आयात और महंगा हो जाएगा। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हो सकता है, जिससे निवेश प्रवाह कम होने की आशंका रहती है।

जी-7 देशों ने रणनीतिक तेल भंडार खोलने से किया इनकार

इस बीच दुनिया की प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के समूह G7 ने फिलहाल अपने रणनीतिक तेल भंडार को खोलने से इनकार कर दिया है। बैठक के बाद Roland Lescure ने कहा कि अभी बाजार की स्थिति ऐसी नहीं है कि आपातकालीन तेल भंडार का उपयोग किया जाए।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो बाजार को स्थिर रखने के लिए समन्वित कदम उठाए जा सकते हैं।

शेयर बाजार पर भी असर

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सोमवार को तेल मार्केटिंग और पेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से इन कंपनियों की लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशकों की चिंता भी बढ़ जाती है।

UN में अफगानिस्तान को लेकर अमेरिका-भारत के अलग रुख, भारत ने कहा – तरक्की की राह पर है काबुल

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 संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका और भारत के रुख अलग-अलग नजर आए। जहां United States ने अफगानिस्तान पर लोगों को गलत तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया, वहीं India ने काबुल के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि अफगानिस्तान तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।


संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Harish Parvathaneni ने कहा कि अफगानिस्तान के युवाओं में क्रिकेट के प्रति बढ़ता उत्साह वहां के लोगों के जीवन में खुशी ला रहा है और भारत को उनकी इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व है।

सोमवार को United Nations Security Council (UNSC) की बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान में मानवीय चुनौतियों, सीमा पार हिंसा और व्यापार पर लगी बाधाओं को लेकर चिंता भी जताई। बैठक में भारत की ओर से बयान देते हुए पर्वतनेनी ने कहा कि नई दिल्ली लगातार अफगान लोगों की मदद और विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।

अफगान लोगों के साथ खड़ा है भारत

पर्वतनेनी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत विकास परियोजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सहयोग कार्यक्रमों के माध्यम से अफगान जनता का समर्थन करता रहेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत ने अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 500 से अधिक विकास साझेदारी परियोजनाएं लागू की हैं। इसके अलावा भारत खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसे क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

क्रिकेट से बढ़ रहा युवाओं का उत्साह

भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने अफगान युवाओं में क्रिकेट के बढ़ते जुनून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज अफगानिस्तान आने वाला कोई भी व्यक्ति वहां के युवाओं को उत्साह के साथ क्रिकेट खेलते देख सकता है। अफगानिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और दुनिया भर में लोगों का दिल जीत रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए क्रिकेट विश्व कप में टीम का जोश और जुनून देखने लायक था और भारत को खुशी है कि वह इस यात्रा का हिस्सा रहा है।

अफगानिस्तान में हमलों की निंदा

भारत ने अफगानिस्तान में सीमा पार से हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। पर्वतनेनी ने कहा कि ऐसे हमलों में आम नागरिकों की जान जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने अफगान क्षेत्र में हुई एयरस्ट्राइक को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया।

अमेरिका ने लगाए गंभीर आरोप

बैठक के दौरान United States ने अफगानिस्तान के Taliban नेतृत्व पर “होस्टेज डिप्लोमेसी” का आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने कहा कि तालिबान निर्दोष अमेरिकियों को हिरासत में लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने अफगानिस्तान के लिए मांगी गई एक अरब डॉलर की मानवीय सहायता पर भी सवाल उठाए और कहा कि तालिबान की नीतियां भरोसा पैदा नहीं करतीं।

वाल्ट्ज ने यह भी कहा कि दोहा शांति समझौते को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। यह समझौता फरवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और तालिबान के बीच हुआ था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से वापसी की थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भी साधा निशाना

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी तालिबान सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में लोगों को गलत तरीके से हिरासत में रखा जा रहा है।

रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान को “गलत तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों का स्टेट स्पॉन्सर” घोषित कर रहा है। उन्होंने कहा कि तालिबान सरकार को हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकियों को तुरंत रिहा करना चाहिए।

'जंग खत्म होने वाली है', डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा,पढ़े क्या कहा?

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 Donald Trump Statement : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने संकेत दिया है कि Iran के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने के बहुत करीब है।


ट्रंप ने कहा कि वह किसी भी “आतंकवादी शासन” को दुनिया को बंधक बनाने या वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे इससे भी अधिक कड़ी सजा मिलेगी, जिससे वह उबर नहीं पाएगा।

बयान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट

ट्रंप के युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जब उनसे पूछा गया कि क्या “जल्द” का मतलब एक सप्ताह के भीतर है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सेना काफी हद तक नष्ट हो चुकी है।

मिडिल ईस्ट पर कब्जे की योजना का आरोप

ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान की योजना पूरे Middle East क्षेत्र पर प्रभाव बढ़ाने और Israel को खत्म करने की थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान के कुछ बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन यदि ईरान सहयोग नहीं करता है तो ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।

कई महत्वपूर्ण लक्ष्य अभी भी निशाने पर

फ्लोरिडा में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक लक्ष्यों को बाद के लिए छोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन पर कार्रवाई की जा सके। उनका कहना था कि यदि इन लक्ष्यों पर हमला किया गया, तो उन्हें दोबारा तैयार करने में कई साल लग सकते हैं। इन लक्ष्यों में बिजली उत्पादन से जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।

तेल की कीमतों पर असर

ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध के चलते वैश्विक जहाजरानी और तेल आपूर्ति पर जो खतरा था, उसे कम किया जा सकेगा। इससे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी और अमेरिकी परिवारों को पेट्रोल-डीजल की कम कीमतों का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा उपलब्ध करा रहा है और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है।

जलडमरूमध्य से टैंकरों की सुरक्षा

ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों को सुरक्षित निकालेंगे। इस संदर्भ में United States Navy को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ईरान की सैन्य क्षमता पर दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार कई जहाज नष्ट किए जा चुके हैं और ईरान की नौसैनिक ताकत को बड़ा झटका लगा है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक दुश्मन पूरी तरह और निर्णायक रूप से पराजित नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस दीर्घकालिक खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए पहले से ज्यादा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ भाजपा का बड़ा फैसला, झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की सूची जारी

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के संभाग प्रभारियों एवं सहप्रभारियों के साथ-साथ जिला संयोजक और सह-संयोजकों की घोषणा कर दी गई है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और प्रदेश में प्रकोष्ठ की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ये नियुक्तियां की गई हैं।


नई नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में संगठनात्मक विस्तार करने और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें।

पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि इन नियुक्तियों से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी तथा प्रकोष्ठ की गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।

देखें पूरी लिस्ट



 

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : अरूण साव

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नगरीय प्रशासन विभाग में शुरू होंगी दो नई योजनाएं, भूमिगत विद्युतीकरण योेजना के लिए 100 करोड़ एवं आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान

जल जीवन मिशन के लिए 3000 करोड़ का प्रावधान, 44 समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 260 करोड़ 

सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए आगामी बजट में 9451 करोड़ का प्रावधान 

सड़कों के संधारण के लिए ओ.पी.आर.एम.सी., 1534 किमी सड़क के नवीनीकरण एवं नियमित संधारण के लिए 180 करोड़ रूपए का प्रावधान

छत्तीसगढ़ में शुरू होगा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, 100 करोड़ प्रावधानित

छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़, खेल अकादमियों के लिए 15 करोड़ का प्रावधान

राज्य युवा महोत्सव, बस्तर ओलंपिक तथा सरगुजा ओलंपिक के लिए दिए जाएंगे 5-5 करोेड़ 

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,655 करोड़ 73 लाख 55 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2137 करोड़ 75 लाख 66 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 27 करोड़ 9 लाख 95 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4922 करोड़ 64 लाख 79 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2242 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1698 करोड़ 98 लाख 70 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्यों से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 15 करोड़ 4 लाख 20 हजार रूपए, नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3444 करोड़ 62 लाख 45 हजार रूपए तथा खेल एवं युवा कल्याण के लिए 166 करोड़ 83 लाख 10 हजार रुपए शामिल हैं। 

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं बजट में दिखती हैं। हमने पहले साल ज्ञान, दूसरे साल गति और इस साल संकल्प की थीम पर बजट प्रस्तुत किया है। सरकार के ये तीनों बजट जन कल्याण और जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। मोदी की एक-एक गारंटी को पहले दिन से पूरा करने का काम सरकार कर रही है। 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य के बजट से पूरा सहयोग मिल रहा है। कार्यों का कड़ाई से मूल्यांकन करते हुए पारदर्शिता के साथ निर्माण एजेंसियों को भुगतान किया जा रहा है। जिन योजनाओें के काम 80 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गए हैं, उन्हे प्राथमिकता से पूर्ण करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 5077 टंकियां बनाई गई है। गांव के सभी घरों मंे नल से पानी पहुंचने वाले 5028 से अधिक गांवों को हर घर जल प्रमाणित कराया गया है। 

उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत 29 हजार 173 सिंगल विलेज योजनाओं में से 7000 योजनाएं पूर्ण हो गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 9 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा शेष योजनाओं को पूर्ण करने के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 7490 सोलर पंपों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गई है। इनके संचालन एवं संधारण के लिए 3 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। ग्रामीण बसाहटों में हैण्डपंपों के संधारण के लिए आगामी बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से प्रदेश में स्थापित करीब 3 लाख हैण्डपंपों का संचालन-संधारण किया जाएगा। 

उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में बताया कि समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य मद से 20 करोड़ रूपए,  नगरीय योजनाओं के ऋण के लिए 30 करोड़ रूपए तथा राज्य के ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों जहां भूगर्भीय जल की उपलब्धता कम है तथा सतही स्रोत उपलब्ध है, उन क्षेत्रों में नाबार्ड पोषित योजना अंतर्गत 44 समूह जल प्रदाय योजना के लिए 260 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले में सिर्री समूह जल प्रदाय योजना के लिए 2 करोड़ रूपए, सुतियापाट जलाशय से ठाठापुर तक 54 गांवों तथा भीरा छीरपानी जलाशय से 66 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

लोक निर्माण विभाग

उप मुख्यमंत्री साव ने विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के उत्तर में कहा कि लोक निर्माण विभाग के आगामी बजट में सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए 9451 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी बजट में राजधानी रायपुर में महत्वपूर्ण जंक्शनों पर फ्लाईओव्हरों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इन फ्लाईओव्हरों के निर्माण से शहर का यातायात सुगम होगा एवं जाम से मुक्ति मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों में भी कई फ्लाईओव्हरों के निर्माण प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने सदन में बताया कि सड़कों के निर्माण के साथ ही दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास सरकार लगातार कर रही है। सड़क सुरक्षा कार्यों तथा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ने 51 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। 

उप मुख्यमंत्रीसाव ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर विगत 1 नवंबर को लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 148 अन्य भवनों को पूर्ण कर लोकार्पण कराया गया है। साथ ही 225 भवनों का भूमिपूजन भी किया गया है। उन्हांेने बताया कि राज्य में योजनाबद्ध तरीके से सड़कों के संधारण के लिए ओ.पी.आर.एम.सी. योजनांतर्गत 103 किमी लंबे सिमगा-खरोरा-आरंग-नयापारा-कुरुद मार्ग के रख-रखाव के लिए 59 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए एजेंसी भी तय कर दी गई है। आगामी 5 वर्षों तक एजेंसी द्वारा लगातार इस सड़क की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इसी तर्ज पर वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेशभर की 1534 किमी महत्वपूर्ण सड़कों के नवीनीकरण एवं नियमित संधारण के लिए 180 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  

उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में बताया कि इस साल लोक निर्माण विभाग में दिवंगत कर्मचारियों के 19 परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति के साथ ही 07 मानचित्रकारों और 80 उप अभियंताओं की नई नियुक्ति की गई है। भृत्य से लेकर मुख्य अभियंता के पदों पर 371 शासकीय सेवकों को पदोन्नति दी गई है। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन तथा प्रशासनिक कसावट के लिए 07 नवीन संभागीय कार्यालय एवं 12 नवीन उप संभागीय कार्यालय सृजित किए गए हैं। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि आगामी वर्ष के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 909 करोड़ 50 लाख रूपए एवं स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 467 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में मिशन अमृत 2.0 के लिए 512 करोड़ रूपए, पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए 30 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रूपए तथा नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। 

उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि आगामी बजट में विभिन्न नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद के अंतर्गत 840 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 5 करोड़ रूपए तथा ई-गर्वनेंस योजना के लिए 10 करोड़ रूपए के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली भूमिगत विद्युतीकरण योेजना के लिए 100 करोड़ रूपए और आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग

उप मुख्यमंत्री साव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के आगामी वर्ष के बजट प्रावधानों के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रूपए, युवा रत्न सम्मान योजना के लिए 1.50 करोड़ रूपए तथा खेल अकादमियों के लिए 15 करोड़ एक लाख रूपए के प्रावधान किए गए हैं। राज्य युवा महोत्सव, बस्तर ओलंपिक तथा सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों से आयोजित बस्तर ओलंपिक बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहा है। बड़ी संख्या में युवा एवं महिलाएं उत्साहपूर्वक इनमंे अपनी सहभागिता दे रहे हैं। 

लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण द्वारकाधीश यादव, अजय चंद्राकर, व्यास पाठक, सुनील सोनी, कुंवर सिंह निषाद, धर्मजीत सिंह, भोलाराम साहू, मोतीलाल साहू, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, अनुज शर्मा, राम कुमार यादव, प्रमोद मिंज, नीलकंठ टेेकाम, रोहित साहू, प्रणव कुमार मरपच्ची, लखेश्वर बघेल, शेषराज हरवंश, लता उसेंडी, शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, अंबिका मरकाम  और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित स्पीकर हाउस पहुंचकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने डॉ. रमन सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव उपस्थित थे।

चरौदा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पहुंचे पायलेट

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 आरंग। सोमवार को आजिविका ग्राम संगठन, ग्राम पंचायत एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा के संयुक्त संयोजन में स्कूल प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें नवाचारी शिक्षक महेन्द्र पटेल की पहल पर अलग-अलग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को आमंत्रित किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य रूप से रायपुर से पधारे पायलेट ओ. के. तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा, आरंग से नरेंद्र द्विवेदी, पुराविद् डॉ. शुभ्रा रजक तिवारी, सीआरपीएफ कैंप भिलाई से डॉक्टर इंदु वशिष्ठ, अधिवक्ता रीति शर्मा सोनपिपरे, गृहणी सुषमा तिवारी, सरपंच प्रतिनिधि नीरा देवशरण धीवर, छत्तीसगढ़ी फिल्म एक्ट्रेस सुश्री रिचा शर्मा, सुधा देवदास, नेत्र सहायक अधिकारी अन्नपूर्णा वर्मा, प्रधान पाठिका डार्थी तांडी, नवाचारी शिक्षिका तृप्ति शर्मा, एन. एम. उमा साहू, समाजसेवी सुश्री श्रद्धा रजक अतिथि रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आजीविका ग्राम संगठन अध्यक्ष शकुन चंद्राकर ने किया। इस अवसर पर अलग-अलग क्षेत्र से पहुंची सभी महिलाओं ने अपना - अपना अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को प्रेरित किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मातृशक्ति सम्मान पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।

वहीं बी.ई.ओ. दिनेश शर्मा जी ने अलग-अलग क्षेत्र की विदुषी महिलाओं को आमंत्रित करने वाले पहल की सराहना करते हुए कहा की नारी आज हर क्षेत्र में आगे है। नारी, शक्ति का दूसरा रूप है। माताएं बच्चों के साथ ज्यादातर वक्त व्यतीत करती है इसलिए बच्चों के आचरण और संस्कारों पर माताओं का ज्यादा प्रभाव पड़ता है इसलिए माताओं को सजग रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र भेट करते हुए सम्मानित किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी।

वहीं पायलेट तिवारी जी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा आज महिलाएं हर क्षेत्र में परचम लहरा रही है बल्कि पुरुष पिछड़ रहे हैं। कार्यक्रम के आयोजन व संयोजन में अहम् भूमिका शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, आजिविका ग्राम संगठन अध्यक्ष सकुन चंद्राकर, सरपंच देवशरण धीवर, प्रधान पाठक के. के. परमाल, शिक्षिका संगीता पाटले, प्रभा धीवर, शिक्षक दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर प्रसाद साहू, लिपिक विक्की करमले, देवकी चंद्राकर, अर्चना साहू, सरस्वती धीवर का रहा।

इस मौके पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर शमा बांधा। फिल्म एक्ट्रेस रिचा शर्मा और सुधा देवदास द्वारा किया गया नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। सभी आमंत्रित मातृशक्तियों को श्रीफल, श्रीमद्भागवत गीता, और प्रशस्ति पत्र ‌भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्तियां मितानीन दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, रसोईंया, शिक्षक - शिक्षिकाओं, बच्चों की उपस्थिति व सहभागिता रही।

नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण को मिलेगा बड़ा बूस्ट, योजनाओं की अवधि 2027 तक बढ़ी

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 रायपुर : केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-I) की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लंबित सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में नई गति मिलेगी।


केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। योजनाओं के तहत पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होती है और विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की अवधि बढ़ने से बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत होगी। इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

मुख्यमंत्री साय से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा की सौजन्य मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात की।


मुख्यमंत्री साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में श्रीमती लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

बीजापुर के अंकित सकनी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में पाई सफलता, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

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 रायपुर : बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे से ग्राम गुदमा के युवा अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और गांव का, बल्कि पूरे बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।


इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंकित सकनी और उनके माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अंकित की इस सफलता को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंकित ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचल के छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

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