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आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत, रिश्तेदार गंभीर रूप से झुलसा, इलाज जारी

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेलर बरभाठा में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत से रोपा लगाकर घर लौट रहे दो ग्रामीणों पर गाज गिर गई, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका रिश्तेदार गंभीर रूप से झुलस गया।


खेत से लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सेलर बरभाठा निवासी हीराबाई धुरी और उनके रिश्तेदार सुग्रीव धुरी रविवार को खेत में धान का रोपा लगाने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिर गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल दोनों को इलाज के लिए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने महिला को किया मृत घोषित

सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद हीराबाई धुरी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सुग्रीव धुरी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

घटना की सूचना मिलते ही सीपत थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

गांव में पसरा मातम

खेत से काम कर लौट रहे ग्रामीणों के साथ हुए इस दुखद हादसे के बाद से सेलर बरभाठा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

गरियाबंद: भूतेश्वरनाथ से लौट रही श्रद्धालुओं की बस पुल पर धंसी, एक राहगीर घायल

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 गरियाबंद। जिले के मरौदा गांव स्थित प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ धाम से दर्शन कर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। भकुर्रा मार्ग स्थित पुल के पास सामने से आ रहे एक वाहन को साइड देने के प्रयास में बस का अगला पहिया पुल के किनारे मिट्टी में धंस गया। हादसे के दौरान सड़क किनारे चल रहा एक राहगीर बस की चपेट में आकर घायल हो गया, जिसे तत्काल डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


54 यात्री बाल-बाल बचे

बताया जा रहा है कि बस में रायपुर के 54 श्रद्धालु सवार थे। पहिया धंसने से बस का सामने का शीशा पूरी तरह टूट गया। हालांकि, गनीमत रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।

सावन सोमवार के कारण लगा भारी जाम

हादसे के बाद भकुर्रा मार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम की ओर जा रहे थे, जिन्हें जाम के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि कई महिलाएं और यात्री घंटों सड़क किनारे बैठने को मजबूर दिखे।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली। काफी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित निकालकर आवागमन बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

चीन में टाइफून ‘डॉल्फिन’ का खतरा, रेड अलर्ट जारी; कई उड़ानें रद्द, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

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बीजिंग- चीन में शक्तिशाली टाइफून ‘डॉल्फिन’ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है और प्रभावित इलाकों में एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।


टाइफून के चलते कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से समुद्र तटीय और निचले इलाकों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

टाइफून के चलते परिवहन और दैनिक जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं राहत उपाय किए जा रहे हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमले तेज, बेलगोरोद में 5 लोगों की मौत; शांति की कोशिशों पर जोर

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मॉस्को/कीव- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ती जा रही है। रूस के बेलगोरोद शहर में यूक्रेन की ओर से किए गए एक ड्रोन हमले में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। रूसी अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद दो अपार्टमेंट इमारतों में आग लग गई और कई आवासीय तथा गैर-आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने देश के यूरोपीय हिस्से के साथ-साथ क्रीमिया, काला सागर और आज़ोव सागर के ऊपर 150 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। वहीं, यूक्रेन की ओर से भी रूस के खिलाफ ड्रोन हमलों में तेजी देखी जा रही है।

इसी बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने युद्ध के बीच शांति की दिशा में प्रयास जारी रखने पर जोर दिया है। हाल के हमलों के बावजूद यूक्रेन की ओर से रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने और देश की रक्षा क्षमता मजबूत करने की अपील की जा रही है।

रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते ड्रोन हमलों ने संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगाते रहे हैं और नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार करते हैं।

गाजा पर ट्रंप की 15-सूत्रीय योजना को इजरायल ने किया खारिज, हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण तक पीछे नहीं हटेगा इजरायल

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गाजा में शांति बहाली को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15-सूत्रीय ‘बोर्ड ऑफ पीस’ योजना को इजरायल ने खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि हमास के पूरी तरह निरस्त्रीकरण होने तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी।

ट्रंप की योजना का उद्देश्य गाजा में संघर्ष को समाप्त करना, हमास को हथियार छोड़ने के लिए तैयार करना और चरणबद्ध तरीके से इजरायली सेना की वापसी का रास्ता तैयार करना है। हालांकि, इजरायल ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा है कि किसी भी वापसी से पहले हमास का पूर्ण और वास्तविक निरस्त्रीकरण जरूरी है।

इजरायल के इस रुख से गाजा में शांति योजना के क्रियान्वयन को लेकर नई चुनौती पैदा हो गई है। दूसरी ओर, हमास ने भी इजरायली सेना की वापसी और सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं। ऐसे में ट्रंप की योजना को जमीन पर लागू करने के लिए आगे की बातचीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 85वें संस्करण का नेतृत्व किया, ‘नशा मुक्त भारत’ का दिया संदेश

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात से देशभर में आयोजित ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 85वें संस्करण का नेतृत्व किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का संदेश था—‘फिटनेस को हां, ड्रग्स को ना।’

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा फिट इंडिया आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के युवाओं को नशे के खिलाफ अभियान के केंद्र में रखा गया। पहल का उद्देश्य नशे जैसी हानिकारक आदतों के सकारात्मक विकल्प के रूप में फिटनेस को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

डॉ. मांडविया ने ‘संडे ऑन साइकिल’ को एक जन आंदोलन बताते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के फिट इंडिया आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर युवाओं और नागरिकों ने साइकिलिंग के माध्यम से फिटनेस का संदेश दिया है।

दिसंबर 2024 में डॉ. मांडविया द्वारा शुरू किए गए ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान में अब तक देशभर में 30 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं।

दिल्ली में इसका मेगा आयोजन मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सामूहिक ‘नशा मुक्त भारत’ संकल्प रहा, जिसमें 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने नशे से मुक्त जीवन जीने और अपने परिवार, मित्रों तथा समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

रविवार सुबह तड़के ही फिटनेस गतिविधियां शुरू हो गईं। सुबह 5:30 बजे तक 1,000 से अधिक नागरिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके थे। प्रतिभागियों ने योग और जुंबा सहित विभिन्न फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास 5 किलोमीटर की साइकिलिंग राइड आयोजित की गई।

कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष गेम जोन भी बनाया गया, जहां कैरम, शतरंज, लूडो और बैडमिंटन जैसी गतिविधियों के साथ-साथ टग ऑफ वॉर और बाधा दौड़ जैसी फिटनेस गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

इस अवसर पर अभिनेता एवं मॉडल सिद्धार्थ निगम, अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी और जूनियर नेशनल चैंपियन गुरवीर सिंह, IRS अधिकारी एवं फिट इंडिया एंबेसडर नरेंद्र कुमार तथा फिट इंडिया चैंपियन और प्रसिद्ध जुंबा प्रशिक्षक मीनल पाठक सहित कई विशेष अतिथियों ने भाग लिया।

साइकिलिंग राइड पूरी करने के बाद सिद्धार्थ निगम ने कहा कि सुबह 5 बजे दिल्ली के लोगों को इतने उत्साह और ऊर्जा के साथ साइकिल चलाते देखना शानदार अनुभव था। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ की थीम लोगों को यह संदेश देती है कि हानिकारक नशे की जगह फिटनेस, मेहनत और अपने लक्ष्य हासिल करने की आदत अपनानी चाहिए।

उन्होंने युवाओं से ड्रग्स, सिगरेट और शराब से दूर रहने तथा प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट फिटनेस के लिए देने की अपील की। उन्होंने कहा—“Fitness ka dose, aadhe ghante roz.”

गुरवीर सिंह ने भी पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत युवाओं को फिटनेस की ओर प्रेरित करने और नशे से दूर रखने वाली बेहतरीन पहल हैं। उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए देने का आग्रह किया।

उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 39 पदक जीतने के प्रदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है।

‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI), राहगीरी फाउंडेशन और MY Bharat के सहयोग से किया जाता है।

यह साइकिलिंग अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित किया जाता है। इसमें SAI क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs), SAI प्रशिक्षण केंद्रों (STCs), खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्रों (KISCEs), खेलो इंडिया केंद्रों (KICs) तथा हजारों नमो फिट इंडिया क्लबों के साथ साइकिलिंग प्रेमी, स्कूल और कॉलेज भी भाग लेते हैं।


भारत अगली औद्योगिक क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो जैव प्रौद्योगिकी और AI से संचालित होगी: डॉ. जितेंद्र सिंह

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि भारत अगली औद्योगिक क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अगली औद्योगिक क्रांति जैव प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित होगी, जबकि पिछली औद्योगिक क्रांति IT आधारित थी और भारत उसमें देर से शामिल हुआ था।

एक मीडिया कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब दुनिया के उन शुरुआती देशों में शामिल है, जिनके पास समर्पित जैव प्रौद्योगिकी नीति ‘BioE3’ है। इसके अलावा भारत के पास राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया AI मिशन भी हैं तथा अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों में देश ने तेजी से प्रगति की है।

उन्होंने बताया कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जो पहले लगभग नगण्य थी, अब करीब 9 अरब अमेरिकी डॉलर की हो गई है और अगले 8 से 9 वर्षों में 40–45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

मीडिया कॉन्क्लेव में प्रौद्योगिकी डेवलपर्स, उद्योग जगत के नेताओं और अन्य हितधारकों के साथ संवाद करते हुए मंत्री ने भारत के वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरने, तकनीकी बदलाव की तेज गति, नवाचार, निजी क्षेत्र की भागीदारी और उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल अप्लायंस अवॉर्ड्स के विजेताओं को भी बधाई दी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की तकनीकी यात्रा में बड़ा बदलाव आया है और आज देश कई क्षेत्रों में वैश्विक मानकों के अनुरूप काम कर रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने चंद्रयान मिशन द्वारा चंद्रमा पर जल अणुओं के प्रमाण का पता लगाने को वैश्विक वैज्ञानिक ज्ञान में भारत के योगदान का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत में कभी प्रतिभा या वैज्ञानिक क्षमता की कमी नहीं रही, बल्कि आवश्यकता ऐसे सक्षम नीतिगत वातावरण की थी, जो इन क्षमताओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदल सके।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पारंपरिक विनिर्माण के साथ-साथ जैव प्रौद्योगिकी, सर्कुलर इकोनॉमी, रीसाइक्लिंग और अन्य तकनीक-आधारित क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। उनके अनुसार औद्योगिक परिवर्तन का अगला चरण मुख्य रूप से AI और जैव प्रौद्योगिकी से संचालित होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि भारत इस बदलाव का पहले से ही हिस्सा है और उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास समर्पित जैव प्रौद्योगिकी नीति है। सरकार की BioE3 पहल—Biotechnology for Economy, Employment and Environment का उद्देश्य देश में जैव प्रौद्योगिकी के मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण करना है। जैव प्रौद्योगिकी का प्रभाव चिकित्सा विज्ञान, कृषि और खाद्य उत्पादन पर बढ़ेगा तथा इससे आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोले जाने का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि इस निर्णय ने यह साबित किया है कि सक्षम नीतिगत ढांचा देश की क्षमताओं को किस तरह सामने ला सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अब करीब 9 अरब डॉलर की है और तेजी से विस्तार कर रही है।

उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के उभरने को इस बदलाव का उदाहरण बताया। कई भारतीय कंपनियों ने अपने रॉकेट विकसित किए हैं और कुछ ने कुछ ही वर्षों में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभा और क्षमता पहले से मौजूद थी, अब उस क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार उन क्षेत्रों में भी निजी क्षेत्र को तेजी से शामिल कर रही है, जो पहले मुख्य रूप से सरकारी क्षेत्र तक सीमित थे। परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन उद्योग जगत को भी उभरते क्षेत्रों के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करने के लिए तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा कि 2047 के भारत के विजन से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए देश के पास सीमित समय है। वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र को विकसित होना होगा और निजी क्षेत्र को नए क्षेत्रों में भागीदारी के लिए तैयार रहना होगा। सरकार इस बदलाव के लिए आवश्यक अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।

मंत्री ने कहा कि तकनीक शिक्षा और अवसरों तक पहुंच को भी बदल रही है, खासकर महानगरों से बाहर रहने वाले युवाओं के लिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के एक छात्र के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया, जिसने डिजिटल लर्निंग संसाधनों की मदद से IIT-JEE परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने कहा कि तकनीक ने शिक्षा के ऐसे अवसरों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाया है, जो पहले कई लोगों के लिए कठिन थे।

उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी यह दर्शाता है कि नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों से भी बड़ी संख्या में युवा उद्यमी सामने आ रहे हैं। तकनीक तक पहुंच और उसका प्रभावी उपयोग युवा भारतीयों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पुराने कानूनों और प्रक्रियाओं को समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 2,000 अप्रचलित कानूनों को हटाया गया है, जिनमें ऐसे प्रावधान भी शामिल थे जो सामाजिक और प्रशासनिक बदलावों के बावजूद पुराने दौर से चले आ रहे थे।

उन्होंने अविवाहित बेटियों के लिए पारिवारिक पेंशन अधिकार, महिला सरकारी कर्मचारियों के नामांकन अधिकार और 10 वर्ष की सेवा पूरी करने से पहले मृत्यु होने वाले कर्मचारियों के परिवारों से जुड़े पेंशन प्रावधानों में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बड़ी संख्या में दस्तावेजों के लिए राजपत्रित अधिकारी से सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त करने के फैसले को भी याद किया और कहा कि यह नागरिकों तथा युवाओं के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2047 के भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को केवल अनुकरण करने वाले राष्ट्र की भूमिका से आगे बढ़ना होगा और ऐसी क्षमताओं एवं नवाचारों को विकसित करना होगा, जिन्हें दूसरे देश भी अपनाना चाहें। इसके लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर सहयोग आवश्यक है।

उन्होंने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच व्यापक साझेदारी का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच पहले मौजूद संदेह को आपसी सीख और सहयोग से बदलना होगा। सरकार और उद्योग को एक-दूसरे से सीखते हुए प्रभावी कार्यप्रणालियों को अपनाना और बेहतर तालमेल के साथ काम करना होगा।

मंत्री ने कहा कि भारत के बड़े विकासात्मक, तकनीकी और आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए “पूरी सरकार के साथ पूरा राष्ट्र” (Whole of Government + Whole of Nation) का दृष्टिकोण आवश्यक होगा।

असम के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़ रुपये

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर की चर्चा

संकट की इस घड़ी में असम के भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मानवीय संवेदना और अंतरराज्यीय सहयोग की भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि असम में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 1.25 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत, 1 करोड़ से ज्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे गए

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत PMAY-U और PMAY-U 2.0 में 1.25 करोड़ से अधिक मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक मकान बनकर तैयार होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। सरकार अब PMAY-U 2.0 के कार्यान्वयन को और तेज कर पात्र शहरी परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

इसी क्रम में PMAY-U 2.0 के तहत केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की 8वीं बैठक 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव सतेंद्र सिंह ने की। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त अतिरिक्त आवास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए 2.09 लाख से अधिक मकानों को मंजूरी दी गई।

इनमें करीब 1.42 लाख मकान लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) श्रेणी के तहत स्वीकृत किए गए हैं। इस श्रेणी में लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 67,045 मकान किफायती आवास साझेदारी (AHP) श्रेणी के तहत स्वीकृत हुए हैं। इसके अंतर्गत सार्वजनिक और निजी एजेंसियां राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर किफायती आवास परियोजनाएं विकसित करती हैं।

नवीनतम स्वीकृतियों के साथ PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें 14.40 लाख BLC, 2.48 लाख AHP, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) के लाभार्थियों के लिए और 13,046 किफायती किराये के आवास (ARH) के तहत स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक के दौरान आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने योजना की व्यापक समीक्षा की। इसमें राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वयन की गति, स्वीकृत मकानों का समय पर निर्माण और पूर्णता, जियो-टैगिंग, धनराशि का उपयोग, लाभार्थियों का सत्यापन, मकानों की वास्तविक स्थिति तथा PMAY-U और PMAY-U 2.0 की समग्र प्रगति का आकलन किया गया।

सचिव ने योजना के तेजी से क्रियान्वयन, समय पर धनराशि जारी करने, प्रभावी निगरानी और सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति नियमित रूप से बैठक कर योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी, समय पर स्वीकृतियां सुनिश्चित करेगी और कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करेगी।

PMAY-U 2.0 केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी परिवारों के सामाजिक समावेशन, बेहतर जीवन स्तर और आर्थिक सुरक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अन्य वंचित वर्गों की आवासीय जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

CSMC की 8वीं बैठक में स्वीकृत 2.09 लाख मकानों में से 2.03 लाख मकान महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 16,662 मकान वरिष्ठ नागरिकों, 21,954 मकान SC लाभार्थियों, 14,252 मकान ST लाभार्थियों और 75,511 मकान OBC लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत अब तक स्वीकृत 1.25 करोड़ मकानों में से 1 करोड़ मकान महिलाओं के नाम यानी परिवार की महिला मुखिया के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं। यह प्रधानमंत्री के ‘नारी शक्ति’ पर जोर के अनुरूप महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

PMAY-U की शुरुआत जून 2015 में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य के साथ की गई थी। अब PMAY-U 2.0 इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शहरी भारत के अतिरिक्त 1 करोड़ पात्र EWS/LIG/MIG परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है, जिनकी वार्षिक आय ₹9 लाख तक है।

PMAY-U 2.0 के विभिन्न घटकों के माध्यम से लाभार्थियों को अपना घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं में घर प्राप्त करने, होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ लेने और गुणवत्तापूर्ण किराये का आवास प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति और नागरिकों की सुरक्षा के संकल्प का संदेश दिया: राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम को प्रदर्शित किया तथा पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमारी महिलाओं के सिंदूर की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

रक्षा मंत्री 9 अगस्त 2026 को दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में आयोजित ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ रक्तदान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय रक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों और उनके आकाओं का सफाया किया तथा भारत की ओर बुरी नजर से देखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े।

‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ की तुलना ऑपरेशन सिंदूर से करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां ऑपरेशन सिंदूर ने साहस और शौर्य का परिचय दिया, वहीं यह विशाल रक्तदान शिविर करुणा और मानव सेवा का प्रतीक है। शिविर में महाराष्ट्र के लगभग 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने रक्तदान कर निस्वार्थ सेवा और सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता की भावना का प्रदर्शन किया।

रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि आज दान किया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण भंडार के रूप में काम आएगा। उन्होंने रक्तदान को ‘जीवनदान’ और ‘महादान’ बताते हुए कहा कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद मानव रक्त का अभी तक कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं किया जा सका है। रक्त केवल मानव शरीर द्वारा ही बनाया जा सकता है और एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है। इसलिए रक्तदान मानव सेवा और परोपकार के सबसे महान कार्यों में से एक है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रत्येक रक्तदाता और रक्त प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपने-अपने तरीके से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से रक्तदान को अपनी जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जब भारत वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब हमारा लक्ष्य केवल विकसित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें एक ऐसे संवेदनशील समाज की भी कल्पना करनी चाहिए, जहां लोग स्वस्थ और सुरक्षित हों तथा जरूरत के समय रक्त जैसी जीवनरक्षक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो।

युवाओं से फिटनेस को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वस्थ और फिट व्यक्ति समाज के लिए अधिक उपयोगी होता है और रक्तदान जैसे नेक कार्यों में बेहतर योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

महाराष्ट्र की वीरता और करुणा की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शक्ति का वास्तविक उद्देश्य दूसरों की रक्षा करना और राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि से आए खिलाड़ियों और पहलवानों का यह योगदान राष्ट्र के लिए एक महान सेवा के रूप में याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव, महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री उदय रविंद्र सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत लता एकनाथ शिंदे, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वी.पी.एस. कौशिक, बेस अस्पताल दिल्ली कैंट के कमांडेंट मेजर जनरल विशाल चौधरी सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारी उपस्थित रहे।

सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) के लिए पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैन्य अस्पताल नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ऑपरेशनल, ट्रॉमा और आपातकालीन परिस्थितियों में भी चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं। लगभग 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी ने ‘सेवा परमो धर्म’ की भावना को मजबूत किया और यह संदेश दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विश्व आदिवासी दिवस पर गरियाबंद में भव्य आयोजन, AAP सांसद संजय सिंह होंगे शामिल

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गरियाबंद- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज 9 अगस्त को गरियाबंद में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के शामिल होने की खबर है।

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकारों और योगदान को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही, समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आदिवासी समाज के लोगों की मौजूदगी रहने की संभावना है।

UPI को लेकर बड़ा अपडेट: ग्राहकों के लिए भुगतान रहेगा मुफ्त, व्यापारियों पर लग सकता है मामूली शुल्क

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भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। UPI के जरिए भुगतान करने वाले आम ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, यानी नागरिकों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहने की संभावना है। वहीं, कुछ मामलों में व्यापारियों से मामूली शुल्क लिए जाने पर चर्चा चल रही है।

UPI देश में डिजिटल लेनदेन का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ग्राहकों पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

व्यापारियों से संभावित शुल्क को लेकर अंतिम व्यवस्था और नियमों का स्पष्ट होना अभी बाकी है।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंडमान-निकोबार में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का किया शुभारंभ

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में, श्री विजय पुरम स्थित फ्लैग प्वाइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का शुभारंभ किया।

डीबीआरएआईटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह एवं ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित तिरंगा कॉन्सर्ट को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान के शुभारंभ के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान कोई और नहीं हो सकता। ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं।

महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को याद करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा ‘मणि कोडी’ की स्तुति भारतीय आत्मा के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा नियति के सूत्र में जोड़ता है।

‘काला पानी’ की कठोर यातनाएँ सहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भारत का केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदान की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेल्युलर जेल में यातनाएँ सहने वाले अनगिनत देशभक्तों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को दिए गए ऐतिहासिक “करो या मरो” के आह्वान को याद करते हुए कहा कि इस आह्वान ने लाखों भारतीयों को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति प्रदान की। उन्होंने तिरंगे के इतिहास में इन द्वीपों के विशेष स्थान का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहीं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक क्षण था।

हर घर तिरंगा अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से तिरंगे को गर्व के साथ अपने घर पर फहराने तथा इसके माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।”

उपराष्ट्रपति ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने द्वीपों की समृद्ध जनजातीय विरासत के साथ-साथ कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को और मजबूत करेगी तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

भारत की शांति और उदारता की परंपरा के साथ राष्ट्रीय शक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए राधाकृष्णन ने कहा, “भारत हमेशा उदार रहा है, लेकिन हमारी उदारता को कभी भी हमारी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। हमें अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से तिरंगे को साहस, एकता और आशा की प्रेरणा के रूप में अपनाने तथा स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


उपराष्ट्रपति ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें अभियान की भावना तथा राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव चंचल यादव, विजय पुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंथा तथा जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उम्मर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


अलर्ट: कभी भी खुल सकते हैं मिनीमाता बांगो बांध के गेट, नदी किनारे के गांव और उद्योग रहें सावधान

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 कोरबा : लगातार हो रही बारिश के कारण मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध में जलभराव 89.55% तक पहुंच चुका है। पानी की आवक को देखते हुए हसदेव नदी में कभी भी पानी छोड़ने के लिए गेट खोले जा सकते हैं।


जल संसाधन विभाग की अपील और चेतावनी:

निचले इलाकों से संपत्ति हटाएं: हसदेव नदी के तटीय और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खनिज खदान ठेकेदार और औद्योगिक इकाइयां अपनी चल-अचल संपत्तियों व उपकरणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।

विभाग नहीं होगा जिम्मेदार: कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

मुनादी के निर्देश: बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर चेतावनी) कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव:

बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलियारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांडा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला आदि।

कामिका एकादशी 2026: आज रखा जा रहा है कामिका एकादशी का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और खास मंत्र

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 Kamika Ekadashi 2026: सावन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली पावन कामिका एकादशी आज, 9 अगस्त 2026 को पूरे श्रद्धा-भाव के साथ मनाई जा रही है। सनातन परंपरा में इस एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए समस्त पापों का क्षय होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


पूजन सामग्री और आवश्यक तैयारी

पूजा शुरू करने से पहले लड्डू गोपाल जी या भगवान विष्णु की प्रतिमा, पीले वस्त्र, पीले फूल, केला, पेड़ा, रोली, चंदन, कपूर, धूप, दीप, पंचामृत और तांबे का कलश व्यवस्थित कर लें। ध्यान रखें कि पूजा के लिए केवल साबुत (बिना टूटे) चावल का ही प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त, तुलसी के पत्ते एक दिन पूर्व (दशमी) के ही रखे होने चाहिए।

कामिका एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि

प्रातः स्नान व संकल्प: एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। हाथ में जल, पुष्प और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।

प्रतिमा स्थापना: पूजा स्थल को स्वच्छ करके लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।

अभिषेक व श्रृंगार: प्रभु को पंचामृत एवं गंगाजल से स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं और फिर पीले चंदन व रोली से तिलक लगाएं। तत्पश्चात पीले पुष्प, धूप, दीप और फल अर्पित करें।

भोग व आरती: भगवान को अर्पित किए जाने वाले पंचामृत और मिष्ठान में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना श्री हरि भोग स्वीकार नहीं करते। अंत में घी का दीपक जलाकर कामिका एकादशी की कथा सुनें और आरती उतारें।

सिद्धिदायक मंत्र एवं तुलसी अर्पण नियम

पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें। इसके साथ ही महाविष्णु ध्यान मंत्र का पाठ करें:

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

तुलसी पत्र अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:

तुलसि श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमनःप्रिया॥

तुलसी पूजन का विशेष नियम: एकादशी तिथि के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सख्त वर्जित होता है। इसलिए पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पूर्व यानी दशमी तिथि को ही तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए।

व्रत के नियम और पारण की सही विधि

आहार पर नियंत्रण: एकादशी के दिन चावल, लहसुन, प्याज और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन न करें। व्रती केवल दूध, फल और फलाहार पर ही रहें।

रात्रि जागरण: एकादशी की रात भगवान विष्णु के नाम का भजन-कीर्तन या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

पारण विधि: व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में करें। स्वयं पारण करने से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं अथवा दान-दक्षिणा दें।

 

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