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कर्नाटक के तैराक मणिकांता ने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की, छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने जीता दूसरा पदक

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ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में एक और स्वर्ण पदक जीता

असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक ने चोट के बावजूद वेटलिफ्टिंग में जीते स्वर्ण पदक

रायपुर- कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अपना तीसरा लगातार स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। वहीं ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की स्पर्धा में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धियां उन्होंने गुरुवार को यहां खेले जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दूसरे दिन हासिल कीं।

मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी खुशी की बात रही, जहां स्थानीय तैराक अनुष्का भगत ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में दूसरा स्थान हासिल कर अपना दूसरा रजत पदक जीता।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें लगभग 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।

मणिकांता, जिन्होंने बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण पदक जीते थे, ने अपना दबदबा जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले 2ः25.93 सेकंड में जीत लिया। त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (2ः34.04 सेकंड) ने रजत और ओडिशा के कान्हू सोरेन (2ः36.21 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अंजलि मुंडा ने 2ः53.82 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (2ः59.33 सेकंड) ने रजत और ओडिशा की अंजलि मलिक (3ः06.13 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

पदक तालिका में कर्नाटक छह स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा तीन स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

वेटलिफ्टिंग में असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा ने चोट से जूझते हुए शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीते। मोनिखा ने घुटने की चोट के बावजूद महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 57 किग्रा स्नैच और 75 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 132 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की दीपा रानी मलिक (120 किग्रा) ने रजत और अंडमान-निकोबार की अलास्का अलीना (115 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया।

मोनिखा, जो असम के धेमाजी जिले से हैं, ने बताया कि तीन महीने पहले अभ्यास के दौरान उनका घुटना मुड़ गया था और कोच उन्हें प्रतियोगिता से हटाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने खेलने का फैसला किया। उन्नीस साल के खिलाड़ी ने कहा,” मैं इस प्रतियोगिता को मिस नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। मुझे खुशी है कि मैं दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकी।”

मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा भी पीठ की चोट से जूझ रहे थे। स्नैच में 108 किग्रा उठाने में संघर्ष के कारण वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी करते हुए 130 किग्रा उठाकर कुल 235 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम (230 किग्रा) ने रजत और ओडिशा के सुब्रत नाइक (228 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

रजत बंसल बने मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव, जनसंपर्क आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार

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 ​ नवा रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी रजत बंसल को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रजत बंसल अब मुख्यमंत्री सचिवालय में अपनी भूमिका निभाएंगे। जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने पर नए जनसंपर्क आयुक्त को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। रजत बंसल की नियुक्ति से सभी अटकलों पर विराम लग गया है।


​महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी

​सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, रजत बंसल को निम्नलिखित पदों पर नियुक्त किया गया है:
​ विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय: उन्हें अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। 


 आयुक्त, जनसंपर्क: उन्हें जनसंपर्क विभाग के आयुक्त की कमान सौंपी गई है। ​ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), संवाद: छत्तीसगढ़ सरकार की संवाद एजेंसी के सीईओ का प्रभार भी अब उनके पास होगा।

​ खनिज विभाग का भी मिला जिम्मा

​मुख्यमंत्री सचिवालय और जनसंपर्क के साथ-साथ श्री बंसल को खनिज संसाधन क्षेत्र में भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म तथा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम (CMDC) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
​ पृष्ठभूमि: इस नियुक्ति से पहले रजत बंसल 'विशेष सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग' के रूप में कार्यरत थे, साथ ही उनके पास खनिज विभाग के उक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार पहले से था, जिसे यथावत रखते हुए उनकी भूमिका का विस्तार किया गया है।

​ डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश

​यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से सचिव रजत कुमार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय, मुख्यमंत्री कार्यालय और राजभवन सहित सभी संबंधित विभागों को सूचनार्थ भेज दी गई हैं।

भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और घरेलू क्षमता निर्माण पर जोर: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा, “भारत महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण को तेजी से बढ़ाने, स्टार्टअप-प्रधान खनन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और आयात निर्भरता कम करने के लिए मजबूत घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण कर रहा है।”




यह बात उन्होंने “नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट” (NMET) के संचालन निकाय की बैठक में जीपीओए कॉम्प्लेक्स में कही। बैठक की सह-अध्यक्षता कोल और खनन मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री एवं NMET के संचालन निकाय के अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी ने की। बैठक में खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ मिनरल्स एंड मैटीरियल्स टेक्नोलॉजी (CSIR–IMMT) के निदेशक, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट के निदेशक, परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधि, अन्वेषण एजेंसियों के अधिकारी और राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विशेष रूप से लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण की गति को वैश्विक मांग और भारत की रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुरूप रखना जरूरी है। उन्होंने राजस्थान के सिवाना बेल्ट और जम्मू एवं कश्मीर के सलाल–हाइमना ब्लॉक में चल रहे कार्यों का उल्लेख किया और अधिक संभावित क्षेत्रों में स्वदेशी अन्वेषण प्रयासों को बढ़ाने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि भारत में कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए खनन और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में प्रवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाना आवश्यक है। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की सफलता का हवाला देते हुए कहा कि इसी तरह की संस्थागत मदद, लक्षित प्रोत्साहन और मार्गदर्शन खनन तकनीकों और अन्वेषण विधियों में नवाचार को सक्षम कर सकते हैं।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि निजी अन्वेषण एजेंसियों में क्षमता निर्माण दीर्घकालिक विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने नोटिफाइड प्राइवेट एक्सप्लोरेशन एजेंसियों (NPEAs) की भूमिका को मजबूत करने, तकनीक और वित्त तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने और परियोजना अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया।

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मंत्री ने आगे कहा कि तेजी से अनुमोदन, बेहतर खरीद प्रणालियाँ और समय पर प्री-एक्सप्लोरेशन क्लियरेंस अन्वेषण गतिविधियों में गति बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में वन स्वीकृतियों से संबंधित मुद्दे समयसीमा पर प्रभाव डालते हैं और इन्हें हल करने के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत है।

स्थानीय भागीदारी पर उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अन्वेषण चल रहा है, वहां निर्वाचित प्रतिनिधियों जैसे सांसद और विधायक को जोड़ा जा सकता है। इससे स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ेगी और परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एंड-टू-एंड घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास आवश्यक है, जिसमें प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन शामिल हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में प्रसंस्करण क्षमता स्थापित करने के प्रयासों का उल्लेख किया, जो भारत की वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में स्थिति को मजबूत करेंगे।

मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से उन्नत तकनीकों और विशेषज्ञता तक पहुँच बनाई जा सकती है, जबकि CSIR–IMMT और परमाणु ऊर्जा विभाग जैसी संस्थाओं के माध्यम से स्वदेशी तकनीक विकास पर ध्यान बनाए रखना चाहिए।

बैठक के दौरान NMET की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने वार्षिक योजनाओं, परियोजना अनुमोदन, वित्तीय सहायता और संस्थागत तंत्र पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि NMET को नवाचार का समर्थन जारी रखना चाहिए, अन्वेषण एजेंसियों को सक्षम बनाना चाहिए, राज्यों को प्रोत्साहित करना चाहिए और महत्वपूर्ण खनिजों की वसूली के लिए पायलट परियोजनाओं को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है ताकि वे खनिज विकास के दीर्घकालिक लाभ को समझ सकें।

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इस अवसर पर जी. किशन रेड्डी ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज भारत के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे और उनके अन्वेषण को प्राथमिकता देने, तेज नीलामी प्रक्रिया सुनिश्चित करने और राज्यों व निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।

खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने NMET की गतिविधियों की प्रगति, स्टार्टअप पहल, परियोजना अनुमोदन तंत्र और समन्वय व दक्षता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी।

1 मई से मकान सूचीकरण शुरू, महासमुंद में फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

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 महासमुंद : जनगणना के प्रथम चरण में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 1 मई से शुरू होने वाला है। इस संबंध में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुन्द, बागबाहरा, कोमाखान और तुमगांव चार्ज के लिए नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वन प्रशिक्षण शाला महासमुन्द में आयोजित किया गया।


प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स गंभीरता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करें क्योंकि उन्हें अपने अपने चार्ज में प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देना है इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खांडे ने भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के उप संचालक मनोज कुमार महिलांगे तथा जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जनगणना संबंधी अधिनियम , आधारभूत शब्दों, नजरी नक्शा तैयार करने की विधि तथा प्रगणक द्वारा पूछे जाने वाले कुल 34 प्रश्नों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों तथा सुपरवाइजरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल एप में जानकारी भरने के तरीके की जानकारी दी गई। इसके लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रत्येक फील्ड ट्रेनर्स को उनके मोबाइल में एचएलओ एप इंस्टॉल और लाॅगिन करवा कर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जहां फील्ड ट्रेनर्स ने अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में मोबाइल एप में जानकारी भर कर देखा।

इस दौरान तहसीलदार भवानी शंकर साव, प्रभारी अधिकारी रणधीर सिंह बघेल, ओमनारायण शर्मा आदि उपस्थित रहे।

बौद्ध धर्म में प्रमुख स्थल श्रावस्ती के लिए नई 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे की मंजूरी: राष्ट्रीय राजमार्ग 927 (बराबंकी–बहराइच)

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उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले का बौद्ध धर्म और इतिहास में अत्यधिक महत्व है। माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने यहाँ कई वर्षाओं में प्रवास किया और अनेक उपदेश दिए। श्रावस्ती विद्वानों, आध्यात्मिक साधकों और भारत की समृद्ध बौद्ध धरोहर में रुचि रखने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करता है।

इस वैश्विक स्तर पर सम्मानित बौद्ध स्थल तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए, केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग 927 के बराबंकी–बहराइच खंड में 4-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना श्रावस्ती जिले तक यात्रा को तेज, सुरक्षित और कुशल बनाएगी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्यटन आधारित आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगी।

हालांकि श्रावस्ती का वैश्विक महत्व है, लेकिन लंबे समय तक कनेक्टिविटी की समस्याओं के कारण इसका पर्यटन पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया। अब नए 101.5 किलोमीटर लंबे बराबंकी–बहराइच हाईवे के बनने से यह स्थिति बदलने की उम्मीद है। एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में यह परियोजना औसत वाहन गति को 40 किमी/घंटा से बढ़ाकर 80 किमी/घंटा कर देगी और बराबंकी से बहराइच की यात्रा समय लगभग 150 मिनट से घटाकर 75 मिनट कर देगी।

बेहतर कनेक्टिविटी से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना है। थाईलैंड, श्रीलंका, जापान और म्यांमार जैसे देशों के नागरिक भारत के बौद्ध धरोहर स्थलों से गहरा आध्यात्मिक संबंध रखते हैं और श्रावस्ती की बेहतर पहुंच इन देशों के तीर्थयात्रियों को अधिक आकर्षित करेगी।

यह हाईवे बहु-मोडल कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा, जिससे प्रमुख राजमार्गों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स हब से सुगम और विश्वसनीय यात्रा सुनिश्चित होगी।

श्रावस्ती में बौद्ध पर्यटन के विकास से स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर उत्पन्न होंगे। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी भी यात्रियों के लिए भीड़ कम करने, यात्रा की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगी।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • परियोजना: 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड NH-927 (बराबंकी–बहराइच)

  • लंबाई: 101.51 किमी

  • कुल पूंजी लागत: ₹6,969.04 करोड़

  • कार्यान्वयन मोड: हाइब्रिड एन्नुइटी मोड (HAM)

  • मुख्य हाईवे कनेक्शन: NH-27, NH-330B, NH-730

  • राज्य राजमार्ग लिंक: SH-13, SH-30B

  • मुख्य कनेक्टिविटी:

    • हवाई अड्डे: लखनऊ, श्रावस्ती

    • रेलवे स्टेशन: बराबंकी, रसौली, जंगीराबाद, राफिनगर, बिंदौरा, बुरहवाल, चौकाघाट, घाघरघाट, जरवल और बहराइच

    • लैंड पोर्ट: रूपैढ़ी लैंड पोर्ट

  • जुड़े नोड्स: 3 आर्थिक नोड्स (SEZ और मेगा फूड पार्क सहित), 2 सामाजिक नोड्स (अभिनव जिलों), 12 लॉजिस्टिक्स नोड्स

  • मुख्य नगर: बराबंकी, रामनगर, जरवाल, कैसरगंज, फखरपुर, बहराइच

  • रोजगार सृजन: 36.54 लाख व्यक्ति-दिन (प्रत्यक्ष) एवं 43.04 लाख व्यक्ति-दिन (अप्रत्यक्ष)

यह परियोजना श्रावस्ती जिले में बौद्ध पर्यटन को नई दिशा देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

पेट्रोलियम और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और देश के किसी भी हिस्से में किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की जानबूझकर फैलाई गई, भ्रामक और सामूहिक अफवाहों पर विश्वास न करें, जो अनावश्यक घबराहट फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं।

पेट्रोल और डीजल: कोई कमी नहीं, कोई राशनिंग नहीं

  1. भारत ऊर्जा सुरक्षा का एक मॉडल है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को ईंधन आपूर्ति करता है। भारत एक नेट निर्यातक देश है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश के 1 लाख से अधिक रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पूरी तरह से खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन प्रदान कर रहे हैं। किसी भी आउटलेट को राशनिंग करने के लिए नहीं कहा गया है।

क्रूड ऑइल आपूर्ति: कोई अंतर नहीं

  1. हॉर्मुज जलसंधि की स्थिति के बावजूद, भारत वर्तमान में दुनिया भर के 41 से अधिक आपूर्तिकर्ताओं से पहले से अधिक क्रूड ऑइल प्राप्त कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च मात्रा उपलब्ध होने के कारण किसी भी व्यवधान की भरपाई हो गई है। सभी भारतीय रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। अगले 60 दिनों की क्रूड आपूर्ति पहले से ही तय कर ली गई है।

स्ट्रैटेजिक रिजर्व: वास्तविक स्थिति

  1. अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि देश में केवल 6 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। वास्तविकता यह है कि भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक मौजूद है, जिसमें क्रूड, उत्पाद स्टॉक और स्ट्रैटेजिक स्टोरेज शामिल हैं। इसलिए किसी भी तरह की कमी की बात करना पूरी तरह गलत है।

LPG: उत्पादन बढ़ा, आयात कम, आपूर्ति सुनिश्चित

  1. LPG की कोई कमी नहीं है। घरेलू रिफाइनरी उत्पादन को 40% बढ़ाकर दैनिक 50 हजार मीट्रिक टन किया गया है, जो हमारी आवश्यकताओं का 60% से अधिक है। कुल आवश्यकता लगभग 80 हजार मीट्रिक टन है। आयात की आवश्यकता घटकर 30 हजार मीट्रिक टन रह गई है। 800 हजार मीट्रिक टन सुनिश्चित एलपीजी कार्गो पहले से ही अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों में आ रहा है। रोजाना 50 लाख सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित किए जा रहे हैं।

PNG: लंबी अवधि की योजना, संकट प्रतिक्रिया नहीं

  1. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह सस्ता, साफ और सुरक्षित ईंधन है। भारत वर्तमान में 92 MMSCMD गैस घरेलू रूप से उत्पादन करता है, कुल दैनिक आवश्यकता 191 MMSCMD है। PNG कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गए हैं। PNG को LPG की कमी के कारण नहीं बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के हिस्से के रूप में बढ़ाया जा रहा है।

मंत्रालय की चेतावनी: भ्रामक जानकारी के खिलाफ कार्रवाई

  1. मंत्रालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट फैल रही हैं, जो कतिपय देशों में राशनिंग की झूठी जानकारी देकर भारत में संकट का भ्रम फैला रही हैं।

  2. कुछ पोस्ट सरकारी आदेशों को आपात स्थिति के रूप में गलत तरीके से पेश कर रही हैं, जबकि वे केवल सामान्य प्रशासनिक उपाय हैं।

  3. इस भ्रामक जानकारी के फैलाव से अनावश्यक चिंता और अफवाहें पैदा हो रही हैं। मंत्रालय सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे ईंधन और गैस की उपलब्धता के बारे में केवल आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। गलत जानकारी फैलाना कानून के तहत अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारत-श्रीलंका सहयोग को नई दिशा: जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन पर साझा अनुभव

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श्रीलंका की संसद की इंफ्रास्ट्रक्चर और स्ट्रैटेजिक डेवलपमेंट संबंधी सेक्टोरल ओवरसाइट कमेटी का एक उच्चस्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल, एस. एम. मरिक्कर, सांसद (अध्यक्ष) के नेतृत्व में, इस समय भारत के एक सप्ताह के आधिकारिक अध्ययन दौरे पर है।

इस दौरे के तहत जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने प्रतिनिधिमंडल के लिए जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण (SBM-G) पर एक विस्तृत प्रस्तुति का आयोजन किया।

इस अवसर पर DDWS के सचिव अशोक के. के. मीना, अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (NJJM) कमल किशोर सोअन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए सचिव, DDWS अशोक के. के. मीना ने बताया कि भारत में केंद्र और राज्य सरकारें बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों को ग्राम पंचायतों के माध्यम से लागू करती हैं, ताकि जमीनी स्तर पर लोगों तक आवश्यक सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकें। उन्होंने बताया कि भारत में ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता के लिए दो प्रमुख मिशन—जल जीवन मिशन (2019) और स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण (2014)—लागू किए जा रहे हैं।

उन्होंने इन मिशनों के क्रियान्वयन से जुड़े चार प्रमुख बिंदुओं को साझा किया:

  • ग्राम पंचायतों के माध्यम से विकेंद्रीकरण और समुदाय आधारित सेवा वितरण

  • विभिन्न विभागों के बीच समन्वय

  • पारदर्शिता और निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग

  • सतत विकास, जैसे ग्रे-वॉटर प्रबंधन और वर्षा जल संचयन

इसके बाद जल जीवन मिशन के निदेशक हरि नारायणन मुरुगन ने भारत-श्रीलंका पेयजल सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने की घोषणा की थी, जिसके बाद जल जीवन मिशन शुरू किया गया। वर्तमान में 17% से बढ़कर 82% ग्रामीण घरों तक नल जल पहुंच चुका है और 15 करोड़ से अधिक घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाकर JJM 2.0 के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें संचालन, रखरखाव, जनभागीदारी और सतत जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण पर प्रस्तुति देते हुए उप सचिव कृतिका कुलहरी ने बताया कि यह मिशन 2014 में शुरू हुआ था और 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित किया गया। अब इसका दूसरा चरण ODF प्लस और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है।

उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत:

  • 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए

  • 2.72 लाख से अधिक सामुदायिक शौचालय परिसरों का निर्माण हुआ

  • शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है

इसके बाद एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें श्रीलंकाई प्रतिनिधियों ने भारत के अनुभवों से सीखने में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने अपने देश में जल स्रोतों में भारी धातुओं (जैसे पारा) की समस्या और जल शुद्धिकरण की उच्च लागत जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया तथा सस्ती और प्रभावी तकनीकों के लिए सहयोग का आग्रह किया।

कार्यक्रम के समापन पर संयुक्त सचिव (जल) स्वाति मीना नाइक ने कहा कि भारत और श्रीलंका आपसी सहयोग और ज्ञान साझा करने के माध्यम से जल प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में सनसनी: वरिष्ठ आईपीएस रतनलाल डांगी सस्पेंड, सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और यौन उत्पीड़न के आरोप

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने 2003 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और आईजी रतनलाल डांगी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। गृह विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी आदेश में डांगी पर पद की गरिमा के विपरीत आचरण और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


सूत्रों के अनुसार, यह मामला तब गरमाया जब एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी ने डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक और अश्लील फोटो वायरल होने से विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचा।


आदेश में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर प्रसारित डांगी का व्यवहार विभाग की गरिमा के अनुरूप नहीं था। हालांकि डांगी ने आरोपों को गलत बताते हुए महिला पर ब्लैकमेलिंग का काउंटर केस दर्ज कराया था, लेकिन शासन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन का निर्णय लिया।

निलंबन की अवधि में डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नया रायपुर रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना उनके लिए मना है। उन्हें इस दौरान केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत की गई है।

एलएल.एम. (कॉरपोरेट लॉ एंड मैनेजमेंट) कार्यक्रम का शुभारंभ: IICA और NLUJAA की संयुक्त पहल

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कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने 24 मार्च 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन–I में एलएल.एम. (कॉरपोरेट लॉ एंड मैनेजमेंट) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। यह दो वर्षीय पूर्णतः आवासीय पाठ्यक्रम भारतीय कॉरपोरेट मामलों का संस्थान (IICA) और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एंड ज्यूडिशियल एकेडमी, असम (NLUJAA) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें IICA के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह, NLUJAA के कुलपति प्रो. के. वी. एस. शर्मा, MCA के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार शांतनु मित्रा, उप सचिव शेखर श्रीवास्तव, NLUJAA के रजिस्ट्रार गुणजीत रॉय चौधरी, कर्नल अमनदीप सिंह पुरी, IICA के सेंटर फॉर इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी के प्रमुख सुधाकर शुक्ला तथा स्कूल ऑफ कॉरपोरेट लॉ के प्रमुख डॉ. प्याला नारायण राव सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य शामिल थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए MCA की सचिव ने IICA और NLUJAA की सराहना की कि उन्होंने कम समय में कॉरपोरेट लॉ में एक विशेष मास्टर कार्यक्रम की परिकल्पना और शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह पहल IICA के नॉर्थईस्ट सेंटर के उद्घाटन के बाद एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम की संरचना अत्यंत सुविचारित है और यह MCA के नियामक ढांचे से प्रेरित है, जिससे छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और नियामकों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

IICA के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि यह दो वर्षीय कार्यक्रम कॉरपोरेट लॉ, गवर्नेंस और नियामक ढांचे में पेशेवर दक्षताओं को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उन्होंने खासकर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के छात्रों के लिए इसके महत्व पर जोर दिया।

NLUJAA के कुलपति प्रो. के. वी. एस. शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम कानूनी शिक्षा को प्रबंधन और अनुपालन संबंधी दृष्टिकोण के साथ जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने MCA और सभी सहयोगी संस्थानों के योगदान की सराहना की।

यह एलएल.एम. कार्यक्रम चार सेमेस्टर में कुल 54 क्रेडिट का होगा, जिसमें पहले वर्ष की पढ़ाई NLUJAA, असम में और दूसरे वर्ष की पढ़ाई IICA, आईएमटी मानेसर परिसर में होगी।

इस कार्यक्रम में प्रति बैच 60 सीटें उपलब्ध होंगी। आवेदन प्रक्रिया 24 मार्च 2026 से शुरू होकर 24 जून 2026 तक चलेगी। शैक्षणिक सत्र 10 अगस्त 2026 से NLUJAA, असम परिसर में आरंभ होगा। इच्छुक अभ्यर्थी NLUJAA की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

DPIIT और KRAFTON के बीच समझौता: स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा नया बढ़ावा

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भारत के स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने देशभर के स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों और उद्यमियों को समर्थन देने के लिए एक डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल एंटरटेनमेंट, ऑनलाइन गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, इंटरएक्टिव मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रोडक्ट स्टार्टअप्स के विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत स्टार्टअप्स को संरचित उद्योग सहभागिता के माध्यम से स्केलेबल और उद्योग-उन्मुख समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी।

इस पहल के तहत स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, उद्योग संबंधी जानकारी, नॉलेज एक्सचेंज प्लेटफॉर्म और विशेष सहभागिता के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्हें प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (PoC) विकास, बाजार तक पहुंच और उद्योग तंत्र में एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहयोग मिलेगा।

इस अवसर पर DPIIT के संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि यह सहयोग भारत की डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की साझेदारियां स्टार्टअप्स को नवाचार, विस्तार और उभरती प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समाधान विकसित करने में सक्षम बनाती हैं।

इस सहयोग के अंतर्गत DPIIT, KRAFTON इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज के तहत नवाचार प्रतियोगिताएं आयोजित करने, साथ ही गेम डिजाइन, एनीमेशन, इमर्सिव टेक्नोलॉजी, ई-स्पोर्ट्स प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हैकाथॉन, वर्कशॉप और मास्टरक्लास आयोजित करने की संभावनाओं पर कार्य करेगा।

यह साझेदारी उद्योग से जुड़ाव, ज्ञान साझा करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुभव का अवसर भी प्रदान करेगी। चयनित स्टार्टअप्स को पायलट प्रोजेक्ट्स में भागीदारी और परिणामों के आधार पर आगे सहयोग के अवसर मिल सकते हैं।

इसके अलावा, यह पहल स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रमों में भागीदारी और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करेगी।

यह समझौता DPIIT के उप सचिव टी. एल. के. सिंह और KRAFTON इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गवर्नमेंट रिलेशंस प्रमुख विभोर कुकरेती द्वारा दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

तेल की लाइफलाइन पर टेंशन: होर्मुज को रोकने वाला कमांडर ढेर?

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 तेहरान/तेल अवीव। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच Israel ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps Navy के प्रमुख Alireza Tangsiri को मार गिराया गया है।


इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई Bandar Abbas में की गई, जहां हुए हमले में उनकी मौत हुई। हालांकि, Iran ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

 क्या अब खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट?

इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल Strait of Hormuz को लेकर उठ रहा है। माना जा रहा था कि Alireza Tangsiri इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण और संभावित अवरोध के प्रमुख जिम्मेदार थे।

ऐसे में उनकी मौत की खबर के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह खुल सकेगा।

 वैश्विक बाजार की नजर

Strait of Hormuz दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और LNG सप्लाई का मुख्य मार्ग है।

इसके बंद रहने से ईंधन की कीमतों में उछाल आया
वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई
कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी

 स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक सैन्य अधिकारी की मौत से हालात तुरंत नहीं बदलेंगे। Iran की रणनीति और सैन्य निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं, इसलिए Strait of Hormuz को लेकर स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।

 आगे क्या?

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि Iran इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है और Strait of Hormuz में आवाजाही को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

कुम्हारी खारून ब्रिज 1 महीने बंद, दुर्ग पुलिस का डायवर्सन प्लान लागू

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 दुर्ग। कुम्हारी स्थित खारून नदी ब्रिज पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने व्यापक डायवर्सन प्लान लागू किया है।


भिलाई सेक्टर-6 पुलिस कंट्रोल रूम में एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में बैठक आयोजित कर यह योजना तैयार की गई।


 एक महीने तक बंद रहेगा ब्रिज

मरम्मत कार्य के चलते दुर्ग-रायपुर को जोड़ने वाला खारून ब्रिज एक महीने तक बंद रहेगा। इस दौरान हल्के, मध्यम और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं।

 हल्के वाहनों के लिए डायवर्सन

 दुर्ग से रायपुर
नेवई-उतई-सेलूद-पाटन-अभनपुर मार्ग
सुपेला/रिसाली से: उतई-सेलूद-ढौर-अमलेश्वर मार्ग
खुर्सीपार/चरोदा से: सिरसा गेट-खुर्द-औरी-मोतीपुर-अमलेश्वर
रायपुर से दुर्ग
चंदनीडीह से पुराना रपटा पुल
रायपुरा-महादेवघाट-अमलेश्वर मार्ग

 भारी वाहनों के लिए विशेष नियम

कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
राजनांदगांव से आने वाले वाहन सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक रोके जाएंगे
महासमुंद की ओर से आने वाले वाहन शाम 5 से 8 बजे तक रोके जाएंगे
भिलाई ट्रांसपोर्ट नगर से सुबह 9 से 12 बजे तक कुम्हारी की ओर एंट्री बंद

वैकल्पिक रूट (भारी वाहन)

मुरमुंदा-ओटेबंध-गुधेली-पठारीडीह होकर उरला (रिंग रोड-4)
उरला-सिलतरा से आने वाले वाहन निर्धारित समय पर रोके जाएंगे

 निर्माण एजेंसी को निर्देश

24 घंटे वालेंटियर तैनात रहेंगे
ब्रिज के दोनों ओर क्रेन उपलब्ध रहेगी
सभी डायवर्सन पॉइंट पर रूट मैप और संकेतक लगाए जाएंगे
खराब वाहनों को तुरंत हटाने की व्यवस्था

 पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

कुम्हारी ब्रिज मार्ग से बचें
निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें
ट्रैफिक नियमों का पालन करें

नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती, 5 इनामी नक्सली एसपी कार्यालय में हुए सरेंडर

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 कांकेर। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत आत्मसमर्पण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां 5 हथियारबंद इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, उइकाटोला के जंगलों से निकलकर ये नक्सली कांकेर एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसीएम मंगेश, एसीएम गणेश उइका, एसीएम राजे, एसीएम हिड़मे उर्फ जमाली और एसीएम मंगती शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली अपने साथ एक एसएलआर और दो .303 राइफल जैसे हथियार भी लेकर पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस के समक्ष जमा कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन पांचों नक्सलियों के आत्मसमर्पण से कांकेर जिले के मोहला-अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

योग के बहाने संबंध, VIDEO से ब्लैकमेल: पैसे वसूलने पहुंची पत्नी गिरफ्तार, पति फरार

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 गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक योग शिक्षक ने महिला को योग सिखाने के दौरान उससे नजदीकियां बढ़ाकर संबंध बनाए और बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।


पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मुलाकात वर्ष 2020 में योग शिक्षक राकेश शर्मा से हुई थी। वह उससे योग सीखने लगी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने महिला के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं के जरिए उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने वर्ष 2023 में पीड़िता से 3 लाख रुपये वसूले। इसके बावजूद वह लगातार पैसे की मांग करता रहा। मार्च 2026 में आरोपी ने महिला से 15 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकी दी कि रकम नहीं देने पर वीडियो उसके परिवार को भेज दिए जाएंगे।

लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर पीड़िता ने 20 मार्च 2026 को पालम विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया।

योजना के तहत 21 मार्च 2026 को देवी लाल पार्क की पार्किंग में जैसे ही आरोपी पक्ष पैसे लेने पहुंचा, पुलिस ने दबिश देकर आरोपी की पत्नी नीतू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से एक लाख रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राकेश शर्मा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG NEWS : रोते बच्चे पर आया गुस्सा, मां ने छीन ली मासूम की जिंदगी, पढ़े पूरी खबर

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 सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही चार माह के दुधमुंहे बच्चे की जान ले ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


जानकारी के अनुसार, मामला जयपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि महिला घर में खाना बना रही थी, उसी दौरान उसका बच्चा लगातार रो रहा था। बच्चे के रोने से परेशान होकर मां ने आपा खो दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और मामले की जांच की जा रही है।

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