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संत गाडगे बाबा के आदर्शों पर चलकर समरस, स्वच्छ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारत इनोवेट्स 2026 का फ्रांस में शुभारंभ, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने किया उद्घाटन

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नीस (फ्रांस)- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को फ्रांस के नीस स्थित नीस प्रदर्शनी केंद्र में भारत इनोवेट्स 2026 (Bharat Innovates 2026) के प्रथम संस्करण का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय डीप-टेक नवाचारों और वैश्विक साझेदारों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. अजय कुमार सूद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "भारत पैमाने और गति के साथ नवाचार करता है। भारत एक सतत भविष्य के लिए नवाचार करता है और पूरी दुनिया के लिए नवाचार करता है। नवाचार भारत के डीएनए में है। भारत इनोवेट्स दुनिया को भारत के साथ मिलकर वैश्विक नवाचार के अगले अध्याय का निर्माण करने का निमंत्रण है।"

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत इनोवेट्स 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन नीस में होना भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती और दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग का प्रतीक है।

उद्घाटन के बाद दोनों नेताओं ने भारत इनोवेट्स इनोवेशन पवेलियन का दौरा किया, जहां भारतीय नवप्रवर्तकों और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित 120 अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

14 से 16 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 11 उच्च स्तरीय पैनल चर्चाएं, विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित मास्टरक्लास, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें, 50 से अधिक स्टार्टअप्स के निवेशक पिच सत्र तथा वैश्विक निवेशकों, उद्योगों, विश्वविद्यालयों और नीति निर्माताओं के साथ नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय डीप-टेक नवाचारों को वैश्विक मंच प्रदान करना, निवेश आकर्षित करना और भारत-फ्रांस के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, उद्यमिता तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाना है। यह पहल दोनों देशों की भविष्य-केंद्रित और तकनीक-आधारित साझेदारी को नई दिशा देने की उम्मीद जगाती है।

विदिशा में बनेगा देश का मॉडल किसान स्कूल, शिवराज सिंह चौहान ने रखी आधारशिला

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विदिशा- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा जिले के Berkhedi Jetu में किसानों के लिए एक अनूठे “किसान स्कूल” की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक कृषि, आधुनिक तकनीक और एकीकृत खेती को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय किसानों की प्रशिक्षण कक्षा के रूप में आयोजित किया गया। मंत्री ने कहा कि यहां आए सभी किसान विद्यार्थी हैं और उन्हें सीधे खेतों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

49 एकड़ में बनेगा मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र

बेरखेड़ी जेतू में बनने वाला कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) 49 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे देश का मॉडल केवीके बनाया जाएगा, जहां आधुनिक खेती के प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए जाएंगे। भवन निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना इसी खरीफ सीजन से खेतों में प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

ढाई एकड़ में भी संभव सम्मानजनक आय

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भूमि के छोटे होते आकार के बावजूद वैज्ञानिक और एकीकृत खेती अपनाकर एक हेक्टेयर (करीब ढाई एकड़) भूमि से भी परिवार की आजीविका सम्मानजनक रूप से चलाई जा सकती है। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया गया है।

‘खेत बचाओ अभियान’ को मिलेगा विस्तार

केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों से मृदा परीक्षण कराने और संतुलित उर्वरकों के उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रहा है। अभियान के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों को मिलेगी एग्री क्लिनिक और मोबाइल सलाह

नए कृषि विज्ञान केंद्र में ‘एग्री क्लिनिक’ स्थापित किया जाएगा, जहां किसान पौधों, पत्तियों और मिट्टी के नमूने लाकर रोगों की पहचान और उपचार संबंधी सलाह प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी किसानों को तत्काल वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

नकली बीज और खाद पर सख्ती

केंद्रीय मंत्री ने नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने किसानों से खरीद के समय बिल लेने और क्यूआर कोड के जरिए उत्पादों की जांच करने की अपील की।

छोटे किसानों के लिए मशीन बैंक

सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक स्थापित करेगी। यहां लेजर लेवलर, डीएसआर मशीन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसान कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

कृषि आधारित स्टार्टअप और प्रोसेसिंग पर जोर

कार्यक्रम में कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की घोषणा भी की गई। युवाओं को मशरूम उत्पादन, डेयरी, मधुमक्खी पालन और पोल्ट्री जैसे कृषि आधारित उद्यमों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दाल और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने दाल एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों द्वारा उत्पादित दालों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में दाल मिल स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित उर्वरकों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने का एक जनआंदोलन है।

विश्व रक्तदाता दिवस विशेष-37 अधिकारियों व सैनिकों ने किया रक्तदान

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विश्व रक्तदाता दिवस पर हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन 

आरंग- रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर कंपोजिट हास्पीटल भिलाई में डीआईजी मेडीकल डाक्टर मनोज कुमार सिन्हा के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सीआरपीएफ कैंप भिलाई के डाक्टरों,अधिकारियों व सैनिकों ने रक्तदान कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर डीआईजी मेडीकल डॉक्टर मनीषा गर्ग ने रक्तदाता दिवस मनाये जाने के बारे में जानकारी दी। और कहा रक्तदान- महादान है। इससे अनेकों जरूरतमंदों की जान बचती है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लोगो में रक्तदान को लेकर तरह तरह के भ्रम है।जिसे हमें दूर करने की आवश्यकता है। शिविर में 37 लोगों ने रक्तदान किया‌।शिविर के आयोजन संयोजन में विशेष सहयोग बालाजी हास्पीटल रायपुर का रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी,कर्मचारी व मेडीकल स्टाफ मौजूद रहे।


एक ही घर से पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी, पत्नी जमीन पर मिली मृत, पति फंदे पर लटका मिला

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 भिलाई। शहर के वैशाली नगर क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ही घर से पति-पत्नी के शव बरामद किए गए। घर के अलग-अलग कमरों में पत्नी का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि पति फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


Satya Prakash Tiwari के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 9 बजे घर में काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर मृतक की मां वहां पहुंचीं। उन्होंने देखा कि बहू जी विद्यावती सामने वाले कमरे में मृत अवस्था में पड़ी हुई थीं।

इसके बाद जब वह घर के अंदर वाले कमरे में पहुंचीं तो उनका बेटा जी वेंकट रमन फंदे पर लटका मिला। यह दृश्य देखकर उन्होंने तुरंत अपने छोटे बेटे जी मदन राव को घटना की जानकारी दी। बाद में Vaishali Nagar Police को सूचना दी गई।

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि जी वेंकट रमन ऑटो चालक थे और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। दंपति का एक बेटा है, जो Odisha में काम करता है। माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही वह भिलाई के लिए रवाना हो गया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही दोनों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

श्रीलंका दौरे के बाद कोलंबो से रवाना हुआ आईएनएस शारदा, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

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भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस शारदा (INS Sharda) 13 जून 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से अपने सफल बंदरगाह दौरे के बाद रवाना हो गया। यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग, मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

इस दौरान भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच कई पेशेवर, प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, समन्वय और सहयोग को नई ऊर्जा मिली।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर

दौरे के दौरान श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों को भारतीय नौसेना द्वारा छोटे हथियारों के संचालन, बुनियादी अग्निशमन, प्राथमिक उपचार तथा बचाव प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना था।

वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों की अहम मुलाकात

यात्रा के दौरान श्रीलंकाई नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर रियर एडमिरल जगथ कुमारा ने आईएनएस शारदा का दौरा किया और जहाज के अधिकारियों एवं चालक दल के साथ संवाद किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

खेल और पेशेवर आदान-प्रदान से बढ़ी मित्रता

दौरे के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएं, पेशेवर चर्चाएं और क्रॉस-डेक विजिट्स आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने दोनों नौसैनिक बलों के बीच पारस्परिक समझ, संचालन क्षमता और मित्रता को और मजबूत किया।

भारतीय उच्चायुक्त से की शिष्टाचार भेंट

कोलंबो प्रवास के दौरान आईएनएस शारदा के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा से शिष्टाचार मुलाकात भी की। इस बैठक में भारत-श्रीलंका संबंधों और समुद्री सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

MAHASAGAR विजन को मिला बल

आईएनएस शारदा की यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग और मित्रता का प्रतीक रही। साथ ही इसने MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के अनुरूप क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, स्थिरता और साझा विकास के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया।

यह दौरा केवल एक नौसैनिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले भारत ने रचा इतिहास, मंत्रालय ने बनाया नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 से पहले भारत ने योग के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दुनिया को अपनी योग शक्ति का परिचय दिया है। आयुष मंत्रालय ने आज आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से "Most Viewers for a YouTube Live Yoga Stream" श्रेणी में नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

इस ऐतिहासिक लाइव योग सत्र में 4,35,831 लोगों ने भाग लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन योग सहभागिता रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 2024 में 2,46,252 दर्शकों का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने इस पुराने रिकॉर्ड को 1,89,579 दर्शकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

योग ने जोड़ी दुनिया

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के प्रचार-प्रसार के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से योग साधकों, छात्रों, शिक्षकों, संस्थानों, पेशेवरों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया और "योग 365" अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा,

"आज की यह उपलब्धि साबित करती है कि योग लोगों को क्षेत्र, संस्कृति और देशों की सीमाओं से परे जोड़ने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह नया विश्व रिकॉर्ड योग को जीवनशैली के रूप में वैश्विक स्वीकृति मिलने का प्रमाण है। मैं सभी नागरिकों से 'योग 365' के संकल्प को अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता हूं।"

दुनिया को दिया बड़ा संदेश

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का अवसर है कि योग स्वास्थ्य और कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

उन्होंने कहा,

"हमारा उद्देश्य लोगों को यह प्रेरणा देना है कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे जीवनभर की आदत बनाएं।"

कई नेताओं ने भेजे संदेश

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई गणमान्य नेताओं के संदेश भी प्रसारित किए गए। सभी वक्ताओं ने योग को बेहतर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

"स्वस्थ आयु के लिए योग" होगा 2026 की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है — "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)।

यह थीम जीवनभर स्वस्थ रहने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और बेहतर जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन 21 जून को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से हजारों योग प्रेमी एकत्रित होंगे।

हर घर योग, हर दिन योग

आयुष मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी योग संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामाजिक समूहों और वैश्विक भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया।

देश अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर बढ़ रहा है और मंत्रालय ने एक बार फिर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे "हर घर योग, हर दिन योग" के संकल्प को अपनाकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन की कुंजी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में 295 करोड़ रुपये से अधिक के 341 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

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विकास कार्यों से आमजन की सुविधाओं का होगा विस्तार - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 295 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन विकास कार्यों के माध्यम से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन जांजगीर-चांपा जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले को लगभग 295 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन अधिक सुगम बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी तथा आमजन को सीधे लाभ मिलेगा।

विभिन्न विभागों के कार्य शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन के 182 कार्यों में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद  कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ - 23 जून से निजी स्कूलों को मिलेंगी किताबें, 13 जुलाई तक पूरा होगा वितरण

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से पहले पाठ्यपुस्तक वितरण को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने निजी स्कूलों के लिए कक्षा 1 से 10वीं तक की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की किताबों के वितरण का शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य के 7,890 निजी स्कूलों को 23 जून से 13 जुलाई तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।


जानकारी के मुताबिक, प्रदेशभर में करीब 55 लाख पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए पाठ्यपुस्तक निगम के 12 स्थायी एवं अस्थायी डिपो बनाए गए हैं। वितरण प्रक्रिया जिला एवं विकासखंड स्तर पर तय कार्ययोजना के अनुसार संचालित होगी।

रायपुर के 947 निजी स्कूलों को 25 जून से किताबें

रायपुर बुक डिपो से रायपुर और बलौदाबाजार जिले के कुल 1,201 निजी स्कूलों को किताबें वितरित की जाएंगी। इनमें रायपुर जिले के चारों विकासखंडों के 947 स्कूलों को 25 जून से 12 जुलाई तक पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी।

वहीं, रायपुर स्थित सेजेस सरोना डिपो से धमतरी और बेमेतरा जिले के 417 स्कूलों को तथा लालपुर अस्थायी डिपो से महासमुंद और गरियाबंद जिले के 356 स्कूलों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन डिपो में वितरण कार्य 25 जून से 4 जुलाई तक चलेगा।

तय तिथि पर नहीं पहुंचे तो बाद में मिलेगी किताबें

पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि पर यदि किसी स्कूल का प्रतिनिधि या प्राचार्य पुस्तकें लेने नहीं पहुंचता है, तो संबंधित डिपो की पूरी वितरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही उस स्कूल को किताबें दी जाएंगी।

टोकन व्यवस्था भी रहेगी लागू

यदि किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर डिपो से किताबों का वितरण नहीं हो पाता है, तो डिपो प्रभारी संबंधित विद्यालय को टोकन नंबर जारी करेगा। ऐसे स्कूलों को अगले दिन प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिक्षा विभाग और पाठ्यपुस्तक निगम का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर सभी निजी विद्यालयों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

CG NEWS : गांव में 8 मौतों से फैली सनसनी, खजाने के लालच में मानव बलि की आशंका! जांच के लिए कब्र से निकाला गया शव

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 बलौदाबाजार। जिले के एक गांव में हुई लगातार 8 संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इन मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि जांच के लिए पुलिस ने एक शव को कब्र से बाहर निकलवाकर सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।


ग्रामीणों के अनुसार मृतकों में बद्री पटेल, बुटालु साहू, छत्तूराम साहू, बुदलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतु साहू और महेतरू साहू शामिल हैं। इनमें महेतरू को छोड़कर बाकी सभी की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। लगातार हुई इन मौतों ने गांव में डर और आशंका का माहौल पैदा कर दिया है।

खजाने के लालच में बलि की चर्चा

गांव में यह चर्चा भी तेज है कि जमीन में गड़े कथित खजाने, जिसे स्थानीय भाषा में हंडा कहा जाता है, को पाने के लालच में लोगों की बलि दी जा रही थी। हालांकि अब तक इस तरह की बातों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस एंगल पर भी सावधानी से जांच कर रही है।

निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लगातार हो रही मौतों को लेकर लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

Kaushal Kishore Vasanik के अनुसार, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच में जुटी हुई है।

रक्तदान महादान है — क्योंकि आपका एक निर्णय किसी की पूरी दुनिया बचा सकता है

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अगर आपके रक्त की एक बूंद बोल पाती, तो शायद वह कहती—

"मुझे अपने शरीर में मत रोकिए, कहीं कोई जिंदगी मेरा इंतजार कर रही है..."

कल्पना कीजिए...

किसी अस्पताल में एक माँ अपने बच्चे के लिए खून की उम्मीद में बैठी है।
कहीं कोई दुर्घटना का शिकार व्यक्ति जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है।
कहीं कोई मरीज नई सुबह देखने की उम्मीद में रक्त का इंतजार कर रहा है।

उन सभी की उम्मीद किसी दवा, किसी मशीन या किसी चमत्कार पर नहीं, बल्कि आपके रक्तदान पर टिकी हो सकती है।

आपके लिए यह सिर्फ 15 मिनट का समय है, लेकिन किसी के लिए यह पूरी जिंदगी हो सकती है।

रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, न ही इसका कोई कृत्रिम विकल्प है। यह सिर्फ इंसान से इंसान तक पहुंचने वाला जीवन का सबसे अनमोल उपहार है।

आपके शरीर का रक्त कुछ ही दिनों में फिर बन जाएगा, लेकिन आपके द्वारा बचाई गई जिंदगी आपको उम्रभर दुआएँ देती रहेगी।

सोचिए, कितना अद्भुत है कि...

आपकी नसों में बहने वाला रक्त किसी अनजान की धड़कन बन सकता है।
आपकी एक छोटी सी पहल किसी परिवार की खुशियां लौटा सकती है।
आपका एक निर्णय किसी की अधूरी कहानी को नया अध्याय दे सकता है।

आज विश्व रक्तदाता दिवस पर आइए सिर्फ रक्तदान न करें, बल्कि उम्मीद दान करें, मुस्कान दान करें, जीवन दान करें।

दुनिया में बहुत से लोग अमीर हैं, बहुत से लोग ताकतवर हैं, लेकिन सबसे बड़ा इंसान वही है जो किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए आगे आता है।

🩸 रक्तदान महादान है — क्योंकि आपका एक निर्णय किसी की पूरी दुनिया बचा सकता है।

🩸 हीरो बनने के लिए केप नहीं, बस एक नेक दिल चाहिए।
🩸 आज रक्तदान करें, कल किसी की मुस्कान का कारण बनें।
🩸 रक्तदान करें, जीवनदान दें।

"खून की हर बूंद में छिपी है किसी की नई सुबह, किसी की नई उम्मीद और किसी की नई जिंदगी।"

आज एक यूनिट रक्त दान करें... क्योंकि कहीं कोई आपकी इस नेकी का इंतजार कर रहा है।


G7 Summit में होगा बड़ा मुकाबला या बड़ी दोस्ती? मोदी और ट्रम्प की मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर

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फ्रांस में होने जा रहे G7 Summit से पहले एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दुनिया की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात अब आधिकारिक रूप से तय हो चुकी है।

व्हाइट हाउस की पुष्टि के बाद यह बैठक इस सप्ताह की सबसे चर्चित कूटनीतिक घटनाओं में शामिल हो गई है। दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के नेता जब एक ही मेज पर बैठेंगे, तो चर्चा सिर्फ भारत और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक राजनीति, व्यापार, तकनीक और सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर भी असर पड़ सकता है।

आखिर इतनी खास क्यों है यह मुलाकात?

पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा सौदों से लेकर सेमीकंडक्टर, AI और व्यापार तक दोनों देशों की साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंची है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में:

🔹 भारत-अमेरिका व्यापार को नई गति मिल सकती है।
🔹 रक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है।
🔹 चीन की बढ़ती गतिविधियों पर रणनीति बन सकती है।
🔹 इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा पर चर्चा हो सकती है।
🔹 नई तकनीक और निवेश को लेकर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

दुनिया क्यों देख रही है यह बैठक?

एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी, जिनकी वैश्विक मंचों पर मजबूत पकड़ मानी जाती है, और दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रम्प, जो अपनी आक्रामक और स्पष्ट राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं।

जब ये दोनों नेता आमने-सामने होंगे, तो सिर्फ कैमरों की फ्लैश नहीं चमकेंगी, बल्कि दुनिया यह भी जानना चाहेगी कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

क्या निकल सकता है बड़ा संदेश?

विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं होगी। इसके जरिए दुनिया को यह संकेत मिल सकता है कि वैश्विक चुनौतियों के दौर में भारत और अमेरिका कितनी मजबूती से साथ खड़े हैं।

अब सभी की निगाहें G7 Summit पर टिकी हैं, जहां मोदी और ट्रम्प की यह मुलाकात आने वाले दिनों की अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल सवाल सिर्फ एक है — क्या यह मुलाकात दुनिया को कोई बड़ा संदेश देने वाली है? जवाब का इंतजार पूरी दुनिया कर रही है।


अमेरिका–ईरान शांति समझौता: क्या मध्य पूर्व में खत्म होने जा रहा है तनाव?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौता बहुत जल्द हस्ताक्षरित हो सकता है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकना और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोलना है।

समझौते में क्या हो सकता है?

सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने और अपने परमाणु कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध स्वीकार करने पर सहमत हो सकता है। बदले में अमेरिका कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने और ईरान की जमी हुई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने पर विचार कर सकता है। 

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। हाल के महीनों में क्षेत्रीय संघर्ष और हमलों के कारण यहां तनाव बढ़ गया था, जिससे वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ा। यदि यह मार्ग पूरी तरह खुल जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों को राहत मिल सकती है।

क्या समझौता तय हो गया है?

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि समझौता जल्द साइन हो सकता है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि अभी कुछ मुद्दों पर बातचीत बाकी है और हस्ताक्षर की समयसीमा को लेकर पूरी सहमति नहीं बनी है। इसलिए समझौता निकट दिख रहा है, लेकिन अंतिम घोषणा अभी बाकी है। 

दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

यदि यह समझौता सफल होता है तो:

  • मध्य पूर्व में सैन्य तनाव कम हो सकता है।

  • तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है।

  • वैश्विक व्यापार मार्ग सुरक्षित हो सकते हैं।

  • अमेरिका और ईरान के संबंधों में वर्षों बाद सुधार देखने को मिल सकता है।

निष्कर्ष

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता 2026 की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी कुछ मतभेद बने हुए हैं, लेकिन बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है।

ट्रेन लेट होने पर भड़के छात्र, पाटलिपुत्र स्टेशन पर पथराव और तोड़फोड़

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 Patliputra Junction Railway Station पर रविवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब बिहार के विभिन्न जिलों में आयोजित मध निषेध विभाग की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने ट्रेन व्यवस्था को लेकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और छात्रों ने स्टेशन परिसर में पथराव कर ट्रेन परिचालन बाधित कर दिया।


जानकारी के मुताबिक रविवार को बिहार के अलग-अलग जिलों में मध निषेध विभाग की परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन ट्रेन के लेट होने और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से छात्र भड़क गए।

स्पेशल ट्रेन की मांग को लेकर किया हंगामा

रेल अधिकारियों के अनुसार देर रात करीब 11:45 बजे स्टेशन पर दो ट्रेनें खड़ी थीं। इसी दौरान करीब 200 से 250 छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर गए और परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग करने लगे।

रेल प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए उच्च अधिकारियों से बातचीत कर करीब 2:30 बजे स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था भी कर दी, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पथराव के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग

छात्रों द्वारा स्टेशन परिसर में पथराव और तोड़फोड़ किए जाने के बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और चेतावनी के तौर पर फायरिंग भी की।

इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें रेलवे IG समेत अन्य अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

अधिकारियों ने क्या कहा?

रेलवे IG ने बताया कि लगभग 200-250 छात्र ट्रैक पर बैठकर ट्रेन परिचालन रोक रहे थे। जब Railway Protection Force (RPF), Government Railway Police (GRP) और जिला पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

जिला प्रशासन के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारी उन अभ्यर्थियों को भी रोक रहे थे जो परीक्षा देने जाना चाहते थे। इसी कारण पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और रेलवे परिचालन सामान्य रूप से फिर शुरू कर दिया गया है।

CG NEWS : लिफ्ट के बहाने सुनसान जगह ले गए युवक, महिला की सूझबूझ से बची बड़ी वारदात

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 खैरागढ़। जिले के खैरागढ़ में मनरेगा कार्य के लिए घर से निकली एक आदिवासी महिला के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने मदद के बहाने महिला को लिफ्ट दी, लेकिन सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। महिला के विरोध और शोर मचाने पर दोनों आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


पुलिस के अनुसार मामला Salhewara थाना क्षेत्र का है। 25 वर्षीय महिला 8 जून को चूल्हा खोदरा जंगल तालाब क्षेत्र में मनरेगा कार्य के लिए फोटो खिंचवाने पैदल जा रही थी। इसी दौरान देवपुराघाट निवासी सिरताज खान और उसका एक साथी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। दोनों ने महिला से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि वे भी उसी दिशा में जा रहे हैं और उसे रास्ते में छोड़ देंगे।

महिला उनके झांसे में आ गई और बाइक पर बैठ गई। कुछ दूरी तय करने के बाद दोपहर करीब सवा तीन बजे बांधाटोला इलाके के एक सुनसान खेत के पास बाइक रोक दी गई। आरोप है कि वहां दोनों युवकों ने महिला का हाथ पकड़कर उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।

हालांकि महिला ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। महिला का विरोध देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। यही मोटरसाइकिल बाद में पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचने का अहम सुराग बनी।

घटना के दो दिन बाद पीड़िता ने साल्हेवारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर देवपुराघाट निवासी सिरताज खान (29) और रितेश मारकंडे (18) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

पहचान परेड की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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