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मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का कमाल-उन्नत मक्का बीज और कृषि सहायता से संवरी कृषक शुभम दुबे की राह

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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य के कृषकों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक कृषि आदान (उर्वरक व दवाएं) उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं।

मक्का की खेती से शुभम दुबे की जिंदगी में नया उत्साह 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की खुशहाली को नई गति मिल रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कृष्णापुर निवासी कृषक शुभम दुबे की जिंदगी में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। शुभम दुबे ने अपनी लगभग दो एकड़ भूमि पर मक्का की खेती की है। कृषि विभाग की ओर से उन्हें उन्नत किस्म के मक्का बीज, खाद और खरपतवार नियंत्रण के लिए आवश्यक दवाएं प्रदान की गई थीं।

सब्जियों से मक्का की ओर रुख, बढ़ी उत्पादन और आय की उम्मीद

कृषक शुभम दुबे ने बताया कि पहले वे अपने खेत में पारंपरिक रूप से सब्जियों की खेती किया करते थे, लेकिन उससे अपेक्षित उत्पादन और लाभ नहीं मिल पाता था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से जुड़कर जब उन्होंने उन्नत किस्म के बीज और पोषण प्रबंधन के साथ मक्का लगाया, तो पौधों का विकास काफी तेजी से हुआ। खरपतवार नियंत्रण के लिए सुझाई गई दवाओं के इस्तेमाल से फसल को पनपने का पूरा अवसर मिला। शुभम दुबे का कहना है कि फसल समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार हो रही है, जिससे उन्हें बाजार में सही समय पर उपज बेचकर अच्छा दाम मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री एवं शासन का जताया आभार

कृषि विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर प्राप्त सहायता से उत्साहित होकर शुभम दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से छोटे और पारंपरिक किसानों को खेती की नई दिशा मिल रही है और उनका कृषि के प्रति भरोसा बढ़ा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने लाइबेरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

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भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज नई दिल्ली के GPOA, ब्लॉक-3 में लाइबेरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में लाइबेरिया की सीनेट और प्रतिनिधि सभा के सदस्य तथा लाइबेरिया के महिला विधायी कॉकस के सदस्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एलेन-अट्टोह व्रेह ने किया। बैठक में UN Women के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

यह प्रतिनिधिमंडल 10 से 15 अगस्त 2026 तक भारत के दौरे पर है। यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहकर्मी सीख मिशन (South-South Peer Learning Mission) के तहत आयोजित की जा रही है। इस मिशन को UN Women का सहयोग प्राप्त है और इसका वित्तपोषण भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की सरकारों द्वारा भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA) फंड के माध्यम से किया जा रहा है। इस फंड का प्रशासन संयुक्त राष्ट्र के दक्षिण-दक्षिण सहयोग कार्यालय (UNOSSC) द्वारा किया जाता है।

बैठक के दौरान लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल को महिला-नेतृत्व वाले विकास (Women-Led Development) के लिए भारत द्वारा की जा रही प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री  अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि भारत महिलाओं को राष्ट्रीय विकास की सक्रिय भागीदार के रूप में देखता है।

उन्होंने महिला सशक्तीकरण के प्रति भारत की विधायी, कार्यक्रमगत और संस्थागत प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। इसमें महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व, लैंगिक उत्तरदायी शासन और बजट व्यवस्था, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा से निपटने के लिए संस्थागत तंत्र, देखभाल अर्थव्यवस्था (Care Economy) तथा स्थानीय शासन में महिलाओं का नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने साझा हित के विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के ढांचे के तहत भारत और लाइबेरिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक के अंत में लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख एलेन-अट्टोह व्रेह को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने समूह फोटो भी खिंचवाई।



छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, ₹2,883 करोड़ के मामले में ED की कार्रवाई

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। ED के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत की गई है।

₹2,883 करोड़ की कथित अपराध से हुई आय

ED की जांच जिस मामले से जुड़ी है, उसमें आर्थिक अपराध शाखा (EOW)/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की चार्जशीट के आधार पर कथित घोटाले से हुई अपराध की आय लगभग ₹2,883 करोड़ आंकी गई है। ED के अनुसार, कथित अनियमितताएं वर्ष 2019 से 2022 के दौरान शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री से जुड़ी थीं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे मामले में राजनीतिक पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिकारियों, शराब निर्माताओं, FL-10A लाइसेंस धारकों और उनके सहयोगियों से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था और कथित तौर पर अवैध कमीशन की उगाही की गई।

ED की जांच में क्या सामने आया?

ED के अनुसार, कथित शराब घोटाले में अलग-अलग तरीकों से अवैध धन की व्यवस्था किए जाने की जांच की जा रही है। इनमें शराब की सरकारी खरीद पर कथित कमीशन, बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री तथा शराब निर्माताओं से कथित कमीशन जैसे पहलुओं की जांच शामिल है।

जांच के दौरान ED ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी ने पहले भी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में तलाशी अभियान चलाकर नकदी, सोना, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। अप्रैल 2026 की एक कार्रवाई में लगभग ₹5.39 करोड़ की नकदी और सोना जब्त किए जाने की जानकारी ED ने दी थी।

आगे क्या?

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ED कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध की आय से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला फिलहाल राज्य की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के केंद्र में है।


Air India में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन, Tewolde Gebremariam बने नए CEO और MD

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नई दिल्ली- Air India ने अपने बदलाव और पुनर्गठन के अगले चरण के लिए Tewolde Gebremariam को नया Chief Executive Officer (CEO) और Managing Director (MD) नियुक्त किया है। वह मौजूदा CEO Campbell Wilson का स्थान लेंगे। Air India के बोर्ड ने 5 अगस्त को उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी।

कौन हैं Tewolde Gebremariam?

Tewolde Gebremariam विमानन क्षेत्र के अनुभवी अधिकारियों में से एक हैं। उन्होंने करीब 36 वर्षों तक Ethiopian Airlines में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और 2011 से 2022 तक इसके Group CEO रहे। उनके नेतृत्व में Ethiopian Airlines ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की प्रमुख एयरलाइनों में अपनी पहचान मजबूत की।

उनके कार्यकाल में Ethiopian Airlines का राजस्व चार गुना से अधिक बढ़ा और एयरलाइन के बेड़े का आकार भी लगभग तीन गुना हुआ। उन्होंने COVID-19 महामारी और 2019 के Boeing 737 MAX हादसे जैसे गंभीर संकटों के दौरान भी एयरलाइन का नेतृत्व किया।

अब Air India के सामने बड़ी चुनौती

Tewolde ऐसे समय Air India की कमान संभाल रहे हैं, जब एयरलाइन बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। Tata Group के स्वामित्व में आने के बाद Air India ने ब्रांड री-ब्रांडिंग, बेड़े के आधुनिकीकरण और Vistara के विलय जैसे कई बड़े कदम उठाए हैं। Campbell Wilson ने इस शुरुआती बदलाव की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।

हालांकि, एयरलाइन के सामने वित्तीय नुकसान, परिचालन संबंधी चुनौतियां, सुरक्षा एवं नियामकीय अनुपालन और विमान बेड़े के आधुनिकीकरण जैसी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में Air India को 2 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ।

सुरक्षा और भरोसा सबसे बड़ी प्राथमिकता

2025 में अहमदाबाद में Air India के Boeing 787 हादसे के बाद एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर नियामकीय निगरानी बढ़ी है। ऐसे में नए CEO के सामने सुरक्षा मानकों, अनुपालन और संचालन व्यवस्था को मजबूत करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

Tata Group को Tewolde से बड़ी उम्मीदें

Tata Sons के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने संकेत दिया है कि Air India के पूर्ण बदलाव में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में Tewolde के सामने एयरलाइन को अधिक कुशल, सुरक्षित, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की चुनौती होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि Ethiopian Airlines को सफलतापूर्वक बदलने का Tewolde का अनुभव Air India के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि वह Air India के सामने मौजूद वित्तीय, परिचालन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।

Air India के लिए यह सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि उसके अगले बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।


बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल

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नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण

रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।

शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान

तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। 

आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें

इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।

महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी

बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली  की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। 

तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा

बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से होंगे पौधरोपण

इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। 

बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी

तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 

बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़

प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। 

तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान

 ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

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गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत

रायपुर- छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।

राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।

खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत

GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।

GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।  हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

बजाज फाइनेंस कर्मचारी पर 10 लाख की ठगी का आरोप, लोन बंद कराने के नाम पर की धोखाधड़ी, केस दर्ज

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 कोरबा। जिले में लोन बंद कराने और किस्त जमा करने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजाज फाइनेंस कंपनी के एक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों से रकम लेकर उसे कंपनी के खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया। जिले में अब तक ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पीड़ितों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों के आधार पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच व तलाश शुरू कर दी है।


केस 1: लोन बंद कराने के नाम पर 2 लाख ठगे

मामले में पहली शिकायत बालको क्षेत्र की एक महिला ने दर्ज कराई है। महिला के अनुसार, बजाज फाइनेंस कर्मचारी शशांक सिंह ने लोन की किस्त और खाता पूरी तरह बंद कराने का झांसा देकर उससे करीब दो लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा लिए। रकम लेने के बावजूद आरोपी ने यह पैसा संबंधित लोन खाते में जमा नहीं कराया। शिकायत पर बालको थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत (धोखाधड़ी) का मामला दर्ज किया है।

केस 2: जूस सेंटर संचालक को 5 लाख का चूना

दूसरा मामला बजरंग चौक, राताखार का है। पीड़ित संदीप सिंह, जो दीनदयाल मार्केट (पावर हाउस रोड) में जूस सेंटर चलाते हैं, ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2025 में बजाज फाइनेंस से ₹5,49,856 का लोन लिया था। इसकी मासिक किस्त 14,164 रुपये तय थी। आरोप है कि शशांक सिंह ने खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताते हुए संदीप को झांसा दिया कि एकमुश्त राशि देने पर उनका लोन अकाउंट बंद करा दिया जाएगा।

भरोसा करके संदीप ने अगस्त 2025 में 3 लाख रुपये के दो चेक और 2 लाख रुपये नकद, यानी कुल 5 लाख रुपये आरोपी को दे दिए। आरोपी ने चेक अपने खाते में क्लियर करा लिए, लेकिन लोन अकाउंट बंद नहीं कराया।

केस 3: सीएसईबी चौकी में दर्ज हुआ तीसरा मामला

थगी का तीसरा मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों को मिलाकर अब तक करीब 10 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज हो चुकी है।

फर्जी दस्तावेज से दूसरे लोन लेने का भी आरोप

पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाया है कि लोन प्रक्रिया के दौरान आरोपी शशांक सिंह ने उनके आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल (मिसयूज) कर आरोपी ने अन्य वित्तीय कंपनियों से पीड़ितों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन ले लिए और उन पैसों या खरीदे गए सामान को खुद रख लिया।

RPF कार्यालय के सामने कपल का खुलेआम रोमांस, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

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 रायगढ़। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर एक कपल के खुलेआम रोमांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों एक-दूसरे को गले लगाकर काफी देर तक किस करते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरी घटना की खास बात यह रही कि जिस स्थान पर कपल यह हरकत कर रहा था, उसके ठीक सामने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का कार्यालय भी स्थित है।


जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन सोमवार को रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों की काफी भीड़भाड़ थी। ट्रेनों की आवाजाही के दौरान बड़ी संख्या में यात्री और स्थानीय लोग वहां मौजूद थे। इसी दौरान कपल काफी देर तक एक-दूसरे के गले लगकर खड़ा रहा और सार्वजनिक स्थान पर ही किस करता रहा। इस दृश्य को देखकर आसपास मौजूद लोगों में चर्चा शुरू हो गई, जिसके बाद वहीं खड़े किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद मामला RPF तक पहुंचा। RPF थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा कपल घटना के वक्त शराब के नशे में धुत था। उन्होंने कहा कि जब दोनों सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हरकत कर रहे थे, उसी समय RPF को इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी।

थाना प्रभारी ने आगे बताया कि कपल कुछ देर बाद अपने आप ही वहां से चला गया। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, स्टेशन जैसे व्यस्त और सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना की पूरे शहर में काफी चर्चा हो रही है।

‘भारत GI’ के जरिए कारीगरों और उत्पादकों को मिलेगा बड़ा बाजार

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भारत की समृद्ध भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पाद विरासत की आर्थिक क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने 5 अगस्त 2026 को वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU पर MSME मंत्रालय के निदेशक मोहम्मद सालिक परवेज और DPIIT के IPR प्रभाग के निदेशक करण थापर ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

भारत में भौगोलिक संकेतकों के पंजीकरण और कानूनी संरक्षण के लिए GI अधिनियम, 1999 के तहत DPIIT नोडल विभाग है। वहीं, MSME मंत्रालय देशभर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों के विकास, वित्तीय सुदृढ़ता तथा समग्र प्रगति को दिशा देने वाला नोडल मंत्रालय है। दोनों पक्षों ने माना कि GI का कानूनी पंजीकरण क्षेत्रीय पहचान की रक्षा करता है, लेकिन इन उत्पादों के आर्थिक मूल्य को अधिकतम करने के लिए स्थानीय शिल्प और उत्पादों को व्यापक स्तर पर व्यावसायिक रूप से सक्षम तथा निर्यात के लिए तैयार उद्यमों में बदलने हेतु समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

इस MoU के माध्यम से भारतीय GI उत्पादों के व्यावसायीकरण, गुणवत्ता मानकीकरण और बाजार पहुंच को तेज करने के लिए एक सहयोगात्मक ढांचा स्थापित किया गया है। इससे स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और उत्पादकों की आजीविका को बेहतर बनाने के साथ-साथ देश में ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।

संयुक्त पहलों के तहत दोनों संगठन अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों में ODOP को शामिल करने की दिशा में काम करेंगे। इसके अलावा, GI उत्पादक समूहों और अधिकृत उपयोगकर्ताओं को समर्पित “भारत GI” बैनर के तहत ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर जोड़ने में सहयोग किया जाएगा। घरेलू और वैश्विक स्तर पर GI उत्पादों के विपणन के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, खरीदार-विक्रेता बैठकों और प्रदर्शनियों में विशेष GI मंडप (GI Pavilions) भी संयुक्त रूप से प्रायोजित किए जाएंगे।

यह MoU उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के बौद्धिक संपदा संरक्षण संबंधी दायित्वों और MSME मंत्रालय के उद्यम विकास संबंधी दायित्वों को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग से क्षमता निर्माण, डिजिटल सशक्तीकरण और कारीगरों, बुनकरों तथा उत्पादक समूहों के लिए बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से भारत के GI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की उम्मीद है।

यह पहल GI उत्पादों को प्रीमियम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में भी मदद करेगी तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में योगदान देगी।

कृषि छात्रों के लिए बड़ी सौगात: 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को 21.35 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी

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मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पूसा स्थित आईसीएआर-आईएआरआई में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप की राशि जारी की। इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से कुल 21.35 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में जारी की गई। इस नई व्यवस्था की शुरुआत के साथ अब कृषि विद्यार्थियों को हर महीने DBT के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त होगी, जिससे अनावश्यक कठिनाइयों और देरी से राहत मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना तथा विद्यार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कृषि शिक्षा को मजबूत, अधिक व्यावहारिक और रोजगार एवं अन्य अवसरों से बेहतर ढंग से जोड़ने का भी साधन है। उन्होंने कहा कि DBT प्रणाली लागू होने से विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी और पारंपरिक व्यवस्था में होने वाली देरी की समस्या समाप्त होगी।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल कक्षा में पढ़ाई से अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी तैयार नहीं किए जा सकते। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और कक्षा से बाहर कृषि की वास्तविक परिस्थितियों को समझने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सुझाव और विचार साझा करने की भी अपील की, ताकि शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि युवाओं को व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं की समझ से भी सशक्त बनाना चाहिए, ताकि वे कृषि क्षेत्र में प्रभावी योगदान दे सकें।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के अनुसंधान और किसानों की मेहनत ने देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत किया है तथा भारत की कृषि प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने युवाओं से अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और देश के लिए कुछ सार्थक करने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, स्टार्ट-अप और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी को कृषि को व्यापक अवसरों वाले क्षेत्र के रूप में देखने तथा उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए नए विचार और समाधान विकसित करने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रगति, उद्यमिता और नवाचार को आगे बढ़ाने में युवा कृषि पेशेवरों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि NSP-DBT प्रणाली छात्रवृत्ति वितरण को अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम बनाएगी। इस प्रणाली से विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे वे छात्रवृत्ति जारी होने को लेकर किसी अनिश्चितता से प्रभावित हुए बिना अपनी पढ़ाई पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक क्षमताओं और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं की समझ से भी लैस करे।

चौहान ने देशभर के ICAR संस्थानों में अध्ययनरत कृषि विद्यार्थियों से ‘हरियाली अमावस्या’ के अवसर पर पौधारोपण गतिविधियों में भाग लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हरित पहल कृषि और पर्यावरण दोनों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पौधारोपण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, ICAR के सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, उप महानिदेशक डॉ. यशपाल सिंह मलिक तथा IARI के निदेशक डॉ. सी. श्रीनिवास राव उपस्थित रहे। ICAR और IARI के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, देशभर से हजारों विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम में भाग लिया।

CG NEWS : रेलवे स्टेशन परिसर से मोटरसाइकिल पार, सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात

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 कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के रेलवे स्टेशन परिसर से एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी की यह पूरी वारदात स्टेशन में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति बाइक लेकर रफूचक्कर होता दिखाई दे रहा है।


सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक को जैसे ही बाइक गायब होने का पता चला, उन्होंने तत्काल कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि संदिग्ध की पहचान की जा सके।

आसपास के इलाकों में घेराबंदी

पुलिस की टीम रेलवे स्टेशन से बाहर जाने वाले सभी रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में भी बाइक व संदिग्ध की पतासाजी में जुटी है। पुलिस यह सुराग लगाने का प्रयास कर रही है कि शातिर चोर वारदात को अंजाम देने के बाद किस दिशा की ओर भागा है।

वाहन चालकों में बढ़ी चिंता

सुरक्षित माने जाने वाले रेलवे स्टेशन परिसर से दिनदहाड़े/अचानक वाहन चोरी की घटना से वहां गाड़ी पार्क करने वाले आम यात्रियों और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान लगभग की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली जाएगी।

युवाओं को राहत: शिक्षक भर्ती से टकराव के बाद SI मुख्य परीक्षा की तिथियां बदलीं, अब 2 से 4 नवंबर तक होंगे इम्तिहान

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर (मुख्य) भर्ती परीक्षा-2024 की तिथियों में संशोधन कर दिया है। अब यह मुख्य परीक्षा 24, 25 और 26 अक्टूबर के स्थान पर 02, 03 और 04 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।


शिक्षक भर्ती परीक्षा से हो रहा था टकराव

गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत इस परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किए गए थे, जिसके बाद मुख्य परीक्षा 24 से 26 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित थी। हालांकि, 25 अक्टूबर को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी तय होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियां आपस में टकरा रही थीं। इससे एक साथ दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की स्थिति बन गई थी।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिली बड़ी राहत

अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं के हित में संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल तिथियों में बदलाव के निर्देश दिए। इसके बाद लोक सेवा आयोग ने नया परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है।

कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 130 से ज्यादा मौतें, कई लोग मलबे में दबे

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 दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप की शक्ल में मौत का महा-तांडव आया है। सोमवार को 7.4 की तीव्रता से आए इस भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। देर रात मरने वालों का आंकड़ा 130 था। वहीं, इस बात की आशंका है कि बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इस खतरनाक भूकंप में हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिमी कोलंबिया में हुआ है। 



इसके अलावा भूकंप के झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किए गए। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र सैन जोस डेल पालमार में 107 किलोमीटर की गहराई में था।

चोको की गवर्नर नूबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर कहाकि क्षेत्रीय राजधानी में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। यह भूकंप जून के आखिर में वेनेजुएला में लगातार आए 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों के बाद आया है। वेनेजुएला में आए भूकंप में सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई थीं और पांच हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।
छोटे भूकंप हैं आम बात

हालांकि मध्य और पश्चिमी कोलंबिया में टेम्ब्लोरेस नाम के छोटे भूकंप आम बात हैं। हालांकि 6.0 मैग्नीट्यूड से ऊपर के भूकंप दुर्लभ हैं। अर्मेनिया शहर के पास 6.2 मैग्नीट्यूड का एक भूकंप 1,100 से अधिक लोगों की मौत का कारण बना। आपदा के बाद, कोलंबिया के नवनियुक्त राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रियेला ने सोमवार को कहाकि उन्होंने भूकंप के बाद सैन जोस डेल पालमार में आपात स्थिति के जवाब की जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहाकि आप अकेले नहीं हैं। सरकार आपके साथ है और कार्रवाई हो रही है।
गिर गया गिरजाघर का टावर

मनीजालेस शहर में एक गिरजाघर का टावर ढहकर उसके मुख्य प्रार्थना कक्ष पर जा गिरा। मनीजालेस के मेयर जॉर्ज एडुआर्दो रोजास ने कहा कि भूकंप के कारण शहर में दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने लोगों से भूकंप के बाद आने वाले झटकों के खतरे को देखते हुए घरों से बाहर रहने की अपील की। स्थानीय मीडिया संस्थानों द्वारा साझा किए गए वीडियो में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो शहरों में कई मकान क्षतिग्रस्त दिखे हैं।

कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि देश में आए भूकंप के बाद सैन जोस डेल पालमार में पैदा हुए आपात हालात से निपटने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सरकार की कार्रवाई की कमान संभाल ली है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए काम कर रही है। इससे पहले जून के आखिर में वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप में सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई थी और 5,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।

रायपुर में Christian Forum अध्यक्ष अरुण पन्नालाल गिरफ्तार, सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा मामला गरमाया

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने 75 वर्षीय पन्नालाल को कथित तौर पर ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गिरफ्तार किया, जिसे लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत सामने आई थी।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद

मामला सोशल मीडिया पर भगवान शिव से संबंधित एक कथित टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पोस्ट में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद बढ़ी हलचल

गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, पन्नालाल की गिरफ्तारी के विरोध में कुछ ईसाई संगठनों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने उनकी रिहाई की मांग उठाई है। वहीं, दूसरी ओर शिकायतकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट को धार्मिक भावनाओं के लिए आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई का समर्थन किया गया है।

मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट की प्रकृति और उससे जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और पोस्ट के संदर्भ, उसकी मंशा तथा उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में बढ़ी संवेदनशीलता

सोशल मीडिया पर धार्मिक विषयों से जुड़ी टिप्पणियां अक्सर तेजी से फैलती हैं और उनसे विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। रायपुर का यह मामला भी इसी वजह से चर्चा में आया है। एक ओर शिकायतकर्ता पक्ष धार्मिक भावनाओं के सम्मान और आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पन्नालाल के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं।

मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों के दावों के बीच फिलहाल पुलिस की जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

मामले पर बनी हुई है नजर

रायपुर में हुई इस गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया पोस्ट, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के सम्मान से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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