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छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - अरुण साव

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’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’

उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश

हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहा

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

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छत्तीसगढ़ सदन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन

रायपुर- नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, कमलेश जांगड़े, ज्योत्सना महंत, संतोष पांडेय, विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल,  रूपकुमारी चौधरी, महेश कश्यप और भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, श्जल अर्पणश् कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।


गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री साय  ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए विकास के स्पष्ट मंत्र

विकसित भारत जी राम जी योजना, लखपति दीदी, पीएम आवास और पीएम सूर्यघर योजना को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, यही सुशासन की कसौटी - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।

इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोरमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है

मुख्यमंत्री साय ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत

कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

weather update: अगले तीन घंटे में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी

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 रायपुर- यह  आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भेजा गया मौसम संबंधी आपातकालीन चेतावनी संदेश (Emergency Alert) है।

​जिसके अनुसार अति गंभीर चेतावनी (Extremely Severe Alert) दी गई है। 

संदेश: अगले 3 घंटों के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ तीव्र अंधड़/गर्जना (Severe Thunderstorms) होने की संभावना है।

​ मुख्य बातें: 

​समय सीमा: अगले 3 घंटे।

​स्थिति: तेज कड़क, बिजली गिरने की आशंका और हवाओं के साथ बारिश।

​ सुझाव: अगर आप इन प्रभावित जिलों में हैं, तो बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक जीतने वाले झंडू कुमार का सम्मान, केंद्रीय मंत्री ने दिए ₹10 लाख

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नई दिल्ली- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को अपने आवास पर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने झंडू कुमार को ₹10 लाख की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की।

बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट श्रेणी में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत का खाता खोला।

सम्मान समारोह के बाद झंडू कुमार ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री से मिलना उनके लिए बेहद गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि खेलों में उपलब्धि के लिए उन्हें इस तरह सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मंडाविया ने उनसे स्कॉटलैंड में प्रतियोगिता के अनुभवों के बारे में विस्तार से बातचीत की, जो उनके लिए यादगार पल रहा।

झंडू कुमार का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक रहा है। खेलों में पहचान बनाने से पहले वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। वर्ष 2023 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के मुख्य कोच राजेंद्र राहेलू ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर में प्रशिक्षण का अवसर दिया।

झंडू कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

इससे पहले झंडू कुमार खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 में रजत पदक और 2025 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 18 से 24 अक्टूबर 2026 के बीच जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है।

झंडू कुमार ने कहा कि देश के नेतृत्व से मिलने वाला समर्थन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह एशियन पैरा गेम्स में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का पूरा प्रयास करेंगे।


महाराष्ट्र को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की दूसरी किस्त मिलेगी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की समीक्षा बैठक

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नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत जारी धनराशि के उपयोग की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में महाराष्ट्र सरकार को योजना की दूसरी किस्त (Second Installment) जारी करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में महाराष्ट्र को ₹335 करोड़ की राशि जारी की थी। राज्य सरकार ने इस राशि में से लगभग ₹260 करोड़ का उपयोग कर लिया है, जो निर्धारित 75 प्रतिशत उपयोग के मानक से अधिक है। इसके आधार पर महाराष्ट्र दूसरी किस्त प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि ₹335 करोड़ की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि तय समय के भीतर 75 प्रतिशत से अधिक धनराशि का प्रभावी उपयोग राज्य की कृषि विकास योजनाओं के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी धन का समय पर खर्च होने के साथ-साथ उसकी निरंतर निगरानी भी आवश्यक है, ताकि राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में महाराष्ट्र के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को करीब ₹14,000 करोड़ की सहायता राशि मात्र पांच दिनों में सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करने की राज्य सरकार की पहल की प्रशंसा की।

बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। वहीं डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), बीज, तिलहन तथा एग्रोफॉरेस्ट्री जैसे क्षेत्रों में खर्च की गति बढ़ाने और लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों द्वारा सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक और गैर-केसीसी दोनों प्रकार के किसान योजना का लाभ लेने के पात्र हैं, लेकिन आवेदन के दौरान किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर प्रस्तावित घोषणा का उद्देश्य केवल पारदर्शिता और सही जानकारी सुनिश्चित करना है, न कि किसी पात्र किसान को योजना से वंचित करना।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्य घटकों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

लद्दाख में पहली बार शुरू हुआ योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स, समग्र स्वास्थ्य को मिलेगा बढ़ावा

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लेह- राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान (NISR), लेह में तीन माह (400 घंटे) का योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), नई दिल्ली और राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान, लेह के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री योग पुरस्कार से सम्मानित एवं महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) के संस्थापक अध्यक्ष वेन. भिक्षु संघसेना ने किया। इस अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के आयुष, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. ताशी थिनलास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान, लेह के निदेशक डॉ. पद्मा गुरमेट ने की।

डॉ. पद्मा गुरमेट ने प्रतिभागियों को लद्दाख के पहले योग वेलनेस सर्टिफिकेट कोर्स का हिस्सा बनने पर बधाई देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को योग के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों पहलुओं में दक्ष बनाएगा। उन्होंने लद्दाख में योग एवं ध्यान को बढ़ावा देने के लिए वेन. भिक्षु संघसेना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों और वेलनेस पद्धतियों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य अतिथि डॉ. ताशी थिनलास ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा, पारंपरिक चिकित्सा और योग के समन्वय से समग्र स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवनशैली सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने लद्दाख में योग विशेषज्ञों की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में योग को व्यापक रूप से शामिल करने की योजना की जानकारी दी।

वेन. भिक्षु संघसेना ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को समर्पण और ईमानदारी के साथ अपनाने का आह्वान किया तथा ध्यान (Meditation) को योग का अभिन्न हिस्सा बताते हुए महाबोधि मेडिटेशन सेंटर आने का निमंत्रण भी दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कोर्स समन्वयक गोपाल शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। अंत में डोलमा त्सेरिंग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसी के साथ तीन माह के योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

यह पहल लद्दाख में योग शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को दी शुभकामनाएं, साहस और राष्ट्रसेवा की सराहना की

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर देश की सेवा में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता करने तक, सीआरपीएफ के जवानों ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके समर्पण और सेवा भावना ने देशवासियों का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से नक्सलवाद (माओवाद) के खिलाफ सीआरपीएफ की निर्णायक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों के साहस, समर्पण और निरंतर अभियानों के कारण प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर अपने संदेश में कहा कि सीआरपीएफ ने हर कठिन परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अद्वितीय साहस का परिचय दिया है। उन्होंने बल के सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित सेवा की कामना करते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया।

सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, जो आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सल विरोधी अभियानों, चुनावी सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाता है।


जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 की तैयारी बैठक आयोजित, मानव और प्रकृति केंद्रित वैश्विक परिवर्तन पर जोर

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महासमुंद- जीवन विद्या अध्ययन आधारित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों के स्वागत, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय शिक्षा और वैश्विक मानव निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही (महासमुंद) के संचालक एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने कहा कि जीवन विद्या का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि सर्व शुभ और सर्व मंगल के लिए समर्पित मानव का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन मानव और प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन तथा मानवीय मूल्यों की स्थापना पर आधारित है।

उन्होंने मानव मैत्री समिति बोडरा (धमतरी) के टोमन साहू के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सुझाव दिया कि सम्मेलन में आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को कॉपी, पेन, बैग, थाली और गिलास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भोजन और पेयजल के लिए इन्हीं का उपयोग करें। इससे प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 5 से 6 डिस्पोजेबल कप एवं प्लेटों के उपयोग से होने वाले प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

कोकड़िया ने सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सरकार एवं भारत सरकार के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या आधारित चेतना विकास मूल्य शिक्षा, कार्यशालाओं, पुस्तकों और शिविरों के माध्यम से इस विचारधारा को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर मानवीय मूल्यों से युक्त समाज का निर्माण हो सके।

अंतरराष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर ने सम्मेलन की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का निर्णय इसलिए लिया, ताकि समाधान, समृद्धि और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन शैली को समाज तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने अभ्युदय संस्थान, अछोटी (दुर्ग) के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में सरदार मंजीत सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए "सबके साथ, सबका विकास" की भावना को आगे बढ़ाने पर बल दिया। वहीं महावीर अग्रवाल ने उत्पादन कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित करने का सुझाव दिया, जिससे आत्मनिर्भरता और शुद्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

चंद्रशेखर राठौड़ ने अभ्युदय संस्थान अछोटी के इतिहास, उद्देश्यों और वर्षभर किए गए जनहित कार्यों की जानकारी दी। अनिता शाह ने अभिभावक विद्यालय, चेतना विकास मूल्य शिक्षा, संस्कार और उत्सव की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बच्चों में संस्कारों के बीजारोपण की आवश्यकता बताई।

अंकित पोगुला ने सामाजिक परिवर्तन के लिए जीवन विद्या और मानवीय मूल्यों की शिक्षा को देश की अनिवार्य शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की मांग की। वहीं मीना अंजनी अग्रवाल ने जीवन विद्या अध्ययन से समाज में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर विशेष मंचीय कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 की तैयारियों को लेकर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, देशभर तथा विदेशों में संचालित जीवन विद्या अध्ययन केंद्रों में भी तैयारियां तेज की जाएंगी।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा ही सामाजिक नैतिकता को मजबूत कर सकती है। यदि शिक्षा का मानवीकरण नहीं हुआ, तो समाज में अपराध, हिंसा और युद्ध जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती रहेंगी। इसलिए जीवन विद्या के माध्यम से मानव, समाज और प्रकृति के बीच संतुलित एवं शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी: लगातार मानसिक प्रताड़ना और शादी का दबाव आत्महत्या के लिए उकसाने के समान हो सकता है

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाए और उस पर लगातार शादी करने का दबाव बनाया जाए, तो ऐसी परिस्थितियां आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) के दायरे में आ सकती हैं।

अदालत ने अपने अवलोकन में कहा कि किसी व्यक्ति पर लगातार मानसिक दबाव, उत्पीड़न और भावनात्मक प्रताड़ना उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यदि इस तरह की परिस्थितियां किसी व्यक्ति को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर करती हैं, तो मामले के तथ्यों के आधार पर इसे आत्महत्या के लिए उकसाने के रूप में देखा जा सकता है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक घटना के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाना आवश्यक है। अदालत की यह टिप्पणी मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक दबाव से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी दृष्टिकोण के रूप में देखी जा रही है।

इस फैसले ने यह संदेश भी दिया है कि किसी भी व्यक्ति पर लगातार मानसिक दबाव या अनावश्यक सामाजिक एवं वैवाहिक दबाव बनाना गंभीर कानूनी परिणामों का कारण बन सकता है।

रायपुर में छात्रों का आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का दूसरा चरण शुरू

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्र बड़ी संख्या में अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने तथा अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित कई गंभीर समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है, जबकि सरकार की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।

केशव चंद्र ने खान मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला

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नई दिल्ली- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1995 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी केशव चंद्र ने आज भारत सरकार के खान मंत्रालय (Ministry of Mines) के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया।

पदभार संभालने के तुरंत बाद सचिव ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं एवं चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन्हें खनिज अन्वेषण (Mineral Exploration), खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं संचालन, महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज (Critical & Strategic Minerals) तथा खनन एवं खनिज क्षेत्र से जुड़ी अन्य प्रमुख पहलों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर सचिव, खान ने भारत के खनिज क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती औद्योगिक और आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में खनिज क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है।

सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के विकास, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को मजबूत करना है।

भारत का स्वर्णिम गौरव: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास

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भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। उन्होंने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनके करियर का लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक है।

मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपना दबदबा कायम रखा, बल्कि एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद भावुक मीराबाई ने कहा कि इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और उनके परिवार व कोच का अमूल्य योगदान है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वजन सीमा बनाए रखने के लिए उन्हें कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर से मीराबाई चानू को बधाइयाँ मिल रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने करोड़ों भारतीयों को गर्व का अवसर दिया है और युवा खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।

मुख्य बातें:

  • 🥇 मीराबाई चानू ने जीता लगातार तीसरा Commonwealth Games स्वर्ण।

  • 🏋️ महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में हासिल की जीत।

  • भारत के लिए 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक।

  • 🌟 देशभर में खुशी की लहर, मीराबाई की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाइयों का दौर।

CG NEWS : संस्कृति सहेजने और कर्ज से बचाने बैगा समाज का बड़ा फैसला: शादियों में डीजे और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

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 कबीरधाम : विशेष संरक्षित जनजाति और 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' माने जाने वाले बैगा समाज ने अपनी पारंपरिक संस्कृति को बचाने, फिजूलखर्ची रोकने तथा गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से उबारने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। समाज ने शादी-ब्याह, छठी और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाने और शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है।


कबीरधाम जिले के ग्राम हरमों में आयोजित बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव) की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में सामाजिक पदाधिकारियों ने कहा कि डीजे और बढ़ते दिखावे के कारण गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। कई परिवारों को शादी निपटाने के लिए कर्ज लेना पड़ता था, जिससे आगे चलकर जमीन बिकने और पारिवारिक विवाद जैसी गंभीर स्थितियां पैदा होती थीं।

डीजे की जगह गूंजेगी मांदर और नगाड़े की थाप

समाज ने आधुनिक डीजे संस्कृति को नकारते हुए अपनी पारंपरिक संस्कृति की ओर लौटने का संकल्प लिया है। अब किसी भी मांगलिक या सामाजिक आयोजन में डीजे नहीं बजेगा। इसके स्थान पर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान रहे मांदर और नगाड़ा की धुनों को फिर से बढ़ावा दिया जाएगा।

दशगात्र (मृत्यु संस्कार) के लिए सामूहिक सहयोग की नई व्यवस्था

बैगा समाज ने आपसी एकजुटता और शोकाकुल परिवार को संबल देने के लिए दशगात्र संस्कार के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत सेक्टर के किसी भी गांव में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर:

  • प्रत्येक घर से 20 रुपये नकद और
  • एक पैली (लगभग 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग स्वरूप अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।

नशामुक्ति की ओर कदम

सामाजिक वातावरण को सुधारने और आर्थिक तंगी से निपटने के लिए किसी भी आयोजन में शराब परोसने पर रोक लगा दी गई है। पदाधिकारियों का मानना है कि नशाखोरी के कारण न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बदहाल होती है, बल्कि समाज का माहौल भी खराब होता है।

एक नज़र में: बैगा जनजाति

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के जंगलों में सर्वाधिक निवास करने वाली बैगा जनजाति को 'राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र' का दर्जा प्राप्त है। जिले में इनकी कुल जनसंख्या लगभग 60 हजार के आसपास है।

CGPSC भर्ती घोटाला: CBI के बाद ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से शुरू हुई जांच

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और गहराती जा रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध रकम के इस्तेमाल की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।


500 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है भ्रष्टाचार

जांच का मुख्य केंद्र CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उनके कार्यकाल में आयोजित भर्ती प्रक्रियाएं हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्रतिष्ठित सरकारी पदों पर चयन के बदले अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर इस कथित भ्रष्टाचार का दायरा 500 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

CSR और संस्थाओं के जरिए 'व्हाइट' करने की कोशिश

CBI की जांच में मिले वित्तीय दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड्स के आधार पर 47 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन तथा लगभग 1.30 करोड़ रुपये की कथित वसूली के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को संदेह है कि नकद लेन-देन के अलावा सामाजिक संस्थाओं और CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड का सहारा लेकर इस रकम को वैध (व्हाइट) दिखाने का प्रयास किया गया।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि एक निजी पावर प्लांट से जुड़े कारोबारी परिवार के दो सदस्यों के चयन के बदले एक संस्था के खाते में 47 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। एजेंसियां अब उस संस्था के संचालन, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और CSR के नाम पर दिखाई गई शैक्षणिक संस्था के वास्तविक अस्तित्व की जांच कर रही हैं।

फरार कोचिंग संचालक की तलाश तेज

इस पूरे मामले में एक प्रमुख कोचिंग संचालक की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उस पर मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन की गारंटी देने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। नाम सामने आने के बाद से ही आरोपी फरार है। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस व एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

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