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संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल-जब मासूम की चौखट पर खुद पहुँचा प्रशासन, दूर हुई आधार की बाधा

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रायपुर- ई-गवर्नेंस (e-Governance) का वास्तविक उद्देश्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके सुशासन, पारदर्शिता और दक्षता स्थापित करना है। इसका असली मकसद तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल बनाना है, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को सुगम, सशक्त और सुरक्षित बनाया जा सके। सरकारी योजनाएँ जब फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँचती हैं, तो वह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना की एक खूबसूरत मिसाल बन जाती है। सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने हाल ही में कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता दिखाई है, जहाँ तमाम बंदिशों और कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे एक मासूम के घर पहुँचकर उसका आधार कार्ड बनाया गया।

मुश्किल हालात और पहचान का संकट

शासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक ऐसे बच्चे की पहचान की गई थी, जिसकी उम्र 5 वर्ष से अधिक होने के बाद भी उसका आधार नामांकन नहीं हो पाया था। इस मासूम का परिवार अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा था।बच्चे की माता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, और पिता काफी समय पहले परिवार को छोड़कर अलग हो चुके हैं। देखभाल कर रहे परिजनों ने बिलाईगढ़, भटगांव, सरसीवा और सारंगढ़ के कई आधार केंद्रों के चक्कर लगाए, लेकिन विशेष पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चे को केंद्र तक ले जाकर प्रक्रिया पूरी कराना मुमकिन नहीं हो पा रहा था।

​'होम-सर्विस', मिनटों में हुआ समाधान

जब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया, तो कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ई-जिला प्रबंधक (EDM) की टीम तुरंत सक्रिय हुई। निर्देशों का पालन करते हुए आधार ऑपरेटर आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरणों के साथ सीधे बच्चे के घर पहुँचे। बिना किसी देरी के बच्चे के घर पर ही संवेदनशीलता के साथ आधार नामांकन की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क संपन्न की गई। ई-गवर्नेंस (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) का अर्थ नागरिकों और व्यवसायों को सरकारी सेवाएं, जानकारी और संचार सुविधाएं प्रदान करने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग करना है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन को "SMART" (सरल, नैतिक, जवाबदेह, उत्तरदायी और पारदर्शी) बनाना और भ्रष्टाचार को कम करना है।

​खुला सरकारी योजनाओं का मार्ग

इस एक दस्तावेज के बन जाने से अब इस मासूम के लिए भविष्य में मिलने वाली सभी सरकारी, सामाजिक और शैक्षणिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का रास्ता साफ हो गया है। ​इस संवेनदशील पहल से गद्गद होकर आवेदनकर्ता सुमत राम बंजारे और सुमित्रा कुमारी घृतलहरे ने प्रशासन का सहृदय धन्यवाद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब हम थक-हार कर बैठ गए थे, तब प्रशासन ने खुद आगे बढ़कर हमारे बच्चे की सुध ली। कलेक्टर साहब, ईडीएम और ऑपरेटर की इस मानवीय पहल को हम कभी नहीं भूलेंगे। यह केवल एक कार्ड नहीं, हमारे बच्चे के सुरक्षित भविष्य की पहचान है। ​जिला प्रशासन की यह त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली यह साबित करती है कि ई-गवर्नेंस का असली मकसद तकनीक के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाना है।


नारायणपुर के आदिवासी अंचल प्रतिभावान विद्यार्थियों का नई दिल्ली स्थित संसद भवन का शैक्षणिक भ्रमण

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राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में EMRS छेरीबेड़ा के बच्चों ने बिखेरी चमक, छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता 

रायपुर- राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता (National Youth Parliament Competition) संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्कूली और कॉलेज छात्रों के लिए आयोजित एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय प्रक्रियाओं की समझ और नेतृत्व गुणों का विकास करना है ताकि वे जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के जन-प्रतिनिधि बन सकें।  जब हौसले बुलंद हों और मार्गदर्शन सही मिले, तो छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर के सुदूर वनांचल की प्रतिभाएँ भी देश की राजधानी दिल्ली तक अपनी धमक दर्ज करा सकती हैं।

छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता बनकर उभरी

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के नारायणपुर जिले में स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) छेरीबेड़ा के विद्यार्थियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। राजस्थान के उदयपुर (खेरवाड़ा) में आयोजित आंचलिक (जोनल) स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में इस विद्यालय की 53 सदस्यीय टीम ने न केवल छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि अपने उत्कृष्ट और ओजस्वी प्रदर्शन से पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला था, जिसमें छत्तीसगढ़ की टीम उपविजेता बनकर उभरी।

संसद की कार्यवाही देखने नई दिल्ली जाएंगे 8 होनहार विद्यार्थी

इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले 8 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ है। इन बच्चों को अब देश के लोकतंत्र के मंदिर—नई दिल्ली स्थित संसद भवन का शैक्षणिक भ्रमण करने और वहाँ लाइव कार्यवाही देखने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा। ज्ञात हो कि स्पीकर की भूमिका में हर्षा को प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान में मनसाय और अनुराधा तथा तृतीय स्थान अंजीला, निकिता, वेदिका, जयबति और शामी को मिला। इन बच्चों ने जिस आत्मविश्वास के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय बहसों को मंच पर जीवंत किया, उसने निर्णायकों का दिल जीत लिया।



सफलता के पीछे का 'मार्गदर्शन और समर्पण'

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे विद्यालय के प्राचार्य का प्रेरणादायी नेतृत्व और विज़न रहा है। वहीं, बच्चों को संसद की बारीकियां सिखाने और उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाने में कार्यक्रम प्रभारी व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के कड़े प्रशिक्षण और समर्पण की मुख्य भूमिका रही। प्राचार्य ने इस गौरवमयी उपलब्धि पर NESTS हेड क्वार्टर (नई दिल्ली), EMRS स्टेट सोसायटी CTD रायपुर, नारायणपुर कलेक्टर  और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  सहित सभी उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है, जिनके निरंतर सहयोग से बच्चों को आगे बढ़ने का हौसला मिला।

बस्तर संभाग के नारायणपुर जैसे वनांचल क्षेत्र के बच्चों की इस बड़ी छलांग से पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है। विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

राजिम की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी, बना नगर पालिका : राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

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रायपुर- राज्य शासन ने राजिमवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजिम नगर पंचायत की सीमाएं ही राजिम नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राजिम नगर पंचायत के नगर पालिका के रूप में उन्नयन पर कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे राजिम में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को और ज्यादा गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंचेगा।



भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतकर बनाया नया कीर्तिमान

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई दी है।

'क्रिकेट के मक्का' कहे जाने वाले लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना किसी भी क्रिकेटर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होती है। भारतीय महिला टीम की यह शानदार जीत देश में महिला क्रिकेट के निरंतर विकास, खिलाड़ियों के अदम्य साहस, कौशल, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट चरित्र का प्रमाण है।

यह ऐतिहासिक विजय भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है। साथ ही, यह उपलब्धि उन लाखों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, जो भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने कहा:

"यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे गौरवपूर्ण क्षणों में से एक है। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना अत्यंत विशेष उपलब्धि है और यह इस टीम के साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचायक है। खिलाड़ियों ने इस चुनौती को शानदार ढंग से स्वीकार किया और पूरे देश को गौरवान्वित किया। मैं बीसीसीआई के पूर्व मानद सचिव एवं वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के दूरदर्शी नेतृत्व और महिला क्रिकेट के विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की भी सराहना करता हूँ, जिसने ऐसी उपलब्धियों की मजबूत नींव रखी है। बीसीसीआई की ओर से मैं हरमनप्रीत कौर, सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को इस अविस्मरणीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।"

बीसीसीआई के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा:

"यह ऐतिहासिक जीत महिला क्रिकेट में वर्षों से किए गए सतत निवेश और विश्वास का परिणाम है। बीसीसीआई ने मजबूत घरेलू ढाँचे, बेहतर अवसरों और पेशेवर सहयोग के माध्यम से महिला क्रिकेटरों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है। मैं बीसीसीआई के पूर्व मानद सचिव एवं वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष श्री जय शाह के दूरदर्शी नेतृत्व को भी श्रेय देना चाहता हूँ। उनके ऐतिहासिक निर्णय—केंद्रीय अनुबंधित महिला खिलाड़ियों के लिए समान वेतन, घरेलू महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में वृद्धि तथा महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की शुरुआत—ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है। लॉर्ड्स में मिली यह ऐतिहासिक जीत उन्हीं प्रयासों और सबसे बढ़कर खिलाड़ियों एवं सहयोगी स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।"

बीसीसीआई भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ और उनसे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता है। यह जीत आने वाली पीढ़ियों की महिला क्रिकेटरों को प्रेरित करेगी तथा भारत में महिला क्रिकेट के विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कारगिल विजय दिवस 2026 के उपलक्ष्य में 'शौर्य विजय यात्रा' का शुभारंभ

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कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी आयोजन के अंतर्गत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक से 13 दिवसीय ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह स्मारक मोटरसाइकिल अभियान द्रास (लद्दाख) स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक जाएगा।

इस अभियान में 28 मोटरसाइकिल सवार, जिनमें सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी तथा उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं, लगभग 1,900 किलोमीटर की कठिन हिमालयी यात्रा तय करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। इस अभियान का ध्येय वाक्य है—"One Ride, One Nation, One Salute" (एक यात्रा, एक राष्ट्र, एक सलाम)।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने साहस, धैर्य, अनुशासन और अद्वितीय देशभक्ति का ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिखा, जिसे आज भी विश्व की सेनाएँ सम्मान के साथ अध्ययन करती हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 फीट की ऊँचाई और शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे के अत्यंत कठिन मौसम में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए दुश्मन के कब्जे से प्रत्येक चोटी, पहाड़ी और बंकर को पुनः प्राप्त किया तथा तिरंगे की आन-बान-शान को कायम रखा। यह विजय भारत के उस अटूट संकल्प का प्रतीक है कि देश की भूमि, अस्मिता और सम्मान पर उठने वाली हर शत्रुतापूर्ण नजर का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

राजनाथ सिंह ने परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) तथा सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) सहित सभी वीर सैनिकों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन वीरों का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव प्रेरित करता रहेगा।

यात्रा के दौरान प्रतिभागी चंडीमंदिर युद्ध स्मारक, रेजांग ला युद्ध स्मारक तथा लेह युद्ध स्मारक सहित विभिन्न सैन्य स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वे वीर नारियों से भी मिलेंगे और उनके साहस एवं धैर्य का सम्मान करेंगे। यह यात्रा 26 जुलाई 2026, अर्थात कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध स्मारक पहुँचकर सम्पन्न होगी।

इस अभियान की एक विशेषता यह है कि यात्री अपने साथ राष्ट्रीय समर स्मारक की पवित्र मिट्टी से भरा एक कलश लेकर चलेंगे, जिसे कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों की स्मृति में अर्पित किया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक की यह पवित्र मिट्टी जब कारगिल की पावन धरती से मिलेगी, तब यह वर्तमान पीढ़ी की श्रद्धा और देश के वीरों के अदम्य पराक्रम के पावन संगम का प्रतीक बनेगी।

रक्षा मंत्री ने बताया कि शौर्य विजय यात्रा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक और देश के विभिन्न भागों से आए नागरिक एक साथ भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही सभी की भाषाएँ, परंपराएँ और पृष्ठभूमियाँ अलग-अलग हों, लेकिन एक तिरंगा, एक राष्ट्र और अपने वीरों के प्रति समान सम्मान ही भारत की वास्तविक पहचान है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट भी उपस्थित थे। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाएगी तथा यह संदेश देगी कि देश की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि हमारी स्मृतियों, संस्कारों और मूल्यों में भी होती है।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

शौर्य विजय यात्रा भारतीय सेना की ऑपरेशन विजय के दौरान प्रदर्शित मूल्यों—कर्तव्य, सम्मान और निःस्वार्थ सेवा—को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह अभियान वीर सैनिकों की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाते हुए आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और बलिदान के आदर्शों के प्रति प्रेरित करने का प्रयास है।

वक्फ बोर्ड में राम मंदिर से भी बड़ा घोटाला, मुख्यमंत्री योगी से जांच की मांग

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 बरेली : ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश के सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों और जमीनों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। मौलाना रजवी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि यदि इस मामले की निष्पक्ष और सही दिशा में जांच की गई, तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा।


सपा शासनकाल में हुआ वक्फ संपत्तियों का अवैध सौदा: मौलाना बरेलवी

सोमवार को बरेली में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पत्र जारी करते हुए मौलाना रजवी ने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया:

  • समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान वक्फ की बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त और अवैध कब्जे का धंधा खूब फला-फूला।

  • तत्कालीन वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों और जिम्मेदार लोगों ने मिलीभगत कर सरकारी व धार्मिक जमीनों के सौदे किए।

  • मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में अल्पसंख्यक, वक्फ और हज मंत्रालय की कमान आजम खां के पास थी। इस दौरान उनके पसंदीदा और चहेते लोगों को ही वक्फ बोर्ड में चेयरमैन और सदस्य के पदों पर बैठाया गया।

"गरीबों के हक की जमीनें कौड़ियों के दाम बेचीं"

मौलाना रजवी ने वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वक्फ की जमीनें मूल रूप से मुस्लिम समाज के गरीब, कमजोर, यतीमों और बेसहारा लोगों के कल्याण के लिए थीं। इन जमीनों पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मदरसे बनाए जाने चाहिए थे, लेकिन बोर्ड के तत्कालीन कर्ताधर्ताओं ने इन्हें निजी स्वार्थ के लिए बेचकर भारी लूट-खसोट की। उन्होंने कहा, "अगर वक्फ संपत्तियों और उससे होने वाली आय का सही व पारदर्शी उपयोग हो, तो पूरे देश के मुसलमानों का शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ापन दूर किया जा सकता है।"

मौलाना ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की है कि वक्फ बोर्ड के घोटालों की गहनता से जांच कराकर सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हाजी नसीर अहमद नूरी, मुफ्ती फारुख मिस्बाही, हाजी नाजिम बेग, राहत हुसैन मुन्ना, काशिफ खान, डॉ. अनवर रज़ा कादरी और हाफिज रजी अहमद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

महासमुंद-राजिम मार्ग पर सनसनी: नाले में तैरती मिली युवक की सड़ी-गली लाश, जांच में जुटी पुलिस

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 राजिम। महासमुंद-राजिम मार्ग पर फिंगेश्वर के पास स्थित सरगी नाले में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पानी में तैरती हुई एक अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यह पूरा मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र का है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों ने नाले में एक पुराना शव तैरते हुए देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फिंगेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाकर पंचनामा की कार्रवाई की और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस द्वारा मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

हत्या या दुर्घटना? जांच में जुटी पुलिस

शव काफी पुराना होने के कारण पूरी तरह सड़-गल चुका है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के लोगों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक की मौत हत्या है, दुर्घटना है या फिर कोई अन्य कारण। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

भगवान की भक्ति में लीन थे पुजारी, आरती करते-करते आया हार्ट अटैक, मौके पर ही मौत

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 रांची: झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद भावुक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। रातू रोड स्थित इंद्रपुरी (रोड नंबर-9) के एक मंदिर में सोमवार शाम संध्या आरती के दौरान मुख्य पुजारी आचार्य रजनी कांत मिश्रा (60) का दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से निधन हो गया। भगवान की भक्ति में लीन पुजारी के हाथ में उस वक्त डमरू और शंख था। भक्तों के सामने ही उन्होंने पूजा स्थल पर दम तोड़ दिया।


शंखनाद के बीच अचानक बिगड़ी तबीयत

प्रत्यक्षदर्शियों और मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के अनुसार, सोमवार शाम आचार्य रजनी कांत मिश्रा हर दिन की भांति भगवान की संध्या आरती कर रहे थे। पूरा मंदिर भजनों और शंखनाद की ध्वनि से गूंज रहा था और श्रद्धालु श्रद्धाभाव से आरती में लीन थे। इसी बीच अचानक आचार्य मिश्रा असहज हुए, उन्होंने अपना सीना पकड़ा और पलक झपकते ही पूजा स्थल पर अचेत होकर गिर पड़े। पुजारी को अचानक गिरता देख मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरती में शामिल श्रद्धालु तुरंत उनकी मदद के लिए आगे बढ़े।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

घटना के वक्त मंदिर में वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश सिंह और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए आचार्य मिश्रा को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल लाने से पहले ही उनका निधन हो चुका था।

क्षेत्र में शोक की लहर

आचार्य रजनी कांत मिश्रा के आकस्मिक निधन से स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आचार्य मिश्रा एक बेहद सरल, सौम्य और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। ईश्वर की आराधना करते हुए और साक्षात भगवान के दरबार में उनका इस तरह चले जाना पूरे इलाके के लोगों को गहरा सदमा दे गया है।

CG NEWS : डीजल चोर गिरोह को पकड़कर छोड़ने के आरोप में एसआई निलंबित, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

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 बिलासपुर। डीजल चोरी के मामले में गंभीर लापरवाही और संदिग्ध आचरण बरतने के आरोप में बिलासपुर एसएसपी ने कोनी थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) उमेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसआई पर आरोप है कि उन्होंने डीजल चोरी के पांच आरोपियों को हिरासत में लिया था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए बिना उनमें से तीन को चुपके से छोड़ दिया।


200 लीटर डीजल और दो स्कॉर्पियो जब्त

मिली जानकारी के अनुसार, कोनी पुलिस ने डीजल चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का 200 लीटर डीजल, दो स्कॉर्पियो वाहन, पाइप और लोहे की छड़ें जब्त की हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में संलिप्त तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से खुली पोल

इस बीच, ग्राम पंचायत सेमरताल के भदौरियाखार (बरपाली) में पुलिस टीम द्वारा दी गई दबिश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में कोनी पुलिस बैसाखु लोनिया, उसके बेटे राजू लोनिया, राजेश लोनिया और भानु लोनिया समेत अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर थाने ले जाती दिख रही है। वीडियो में कुछ आरोपियों के हाथों में हथकड़ी भी साफ नजर आ रही है।

लेनदेन के आरोप, एसएसपी ने बैठाई जांच

वायरल वीडियो के बाद यह बात सामने आई कि हिरासत में लिए गए लोगों में से बैसाखु, राजेश, राजू और एक महिला को बाद में थाने से ही छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया पर आरोपियों को सांठगांठ व भारी लेनदेन के बाद छोड़ने के आरोप लगाए जाने लगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से एसआई उमेश उपाध्याय को सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश देते हुए सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी विकास को मिली नई गति, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ढाई वर्षों में हुए ऐतिहासिक कार्य

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। 



छत्तीसगढ़ संवाद के आडिटोरियम में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री  रामविचार नेताम एवं प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता में विभाग की बहुआयामी उपलब्धियों और भावी योजनाओं का पूरा ब्यौरा साझा किया।

राज्य की 43 जनजातियों के उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 30.62 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जनजाति वर्ग का है। विभाग द्वारा राज्य की 43 जनजातियों एवं उनके उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

शिक्षा और छात्रवृत्ति के क्षेत्र में बड़ा सुधार

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए अब समयबद्ध ऑनलाइन डीबीटी भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 84 हजार 702 विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। राज्य में वर्तमान में 2,817 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं, जहाँ लाखों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर चमके एकलव्य विद्यालयों के सितारे

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 27 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने न केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है, बल्कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य (कुल 162 पदक) जीतकर छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान दिलाया है।

युवाओं के लिए प्रयास और अब नई सीजी एसीई योजना

आदिवासी युवाओं को प्रशासनिक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाने के लिए श्युवा करियर निर्माण योजनाश् के तहत अब तक 164 युवाओं का चयन अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय सेवाओं में हो चुका है। सरकार आगामी वर्ष से इसे और व्यापक रूप देते हुए सीजी-एसीई (ब्ळ-।ब्म्) योजना के रूप में शुरू करने जा रही है। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय, खेल परिसर और विशेष शिक्षण केन्द्रों के माध्यम से भी मदद दी जा रही है।

वनाधिकार और संस्कृति का संरक्षण

वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 4.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और हजारों सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र दिए जा चुके हैं। वनाधिकार से जुड़े 19 हजार मामलों में से 16 हजार से अधिक का त्वरित निराकरण किया गया है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी निर्माण एवं मरम्मत योजना, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव जैसे आयोजन किए जा रहे हैं।

पीएम-जनमन में छत्तीसगढ़ अव्वल

विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए शुरू किए गए पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

बजट में भारी-भरकम प्रावधान और आगामी योजनाएं

बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना कार्यों को तेज कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपए तथा जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत 42,165.95 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। आगामी वर्ष की प्रमुख परियोजनाएं में कोरबा में नया खेल परिसर, बीजापुर में 500 सीट की क्षमता वाला नया प्रयास आवासीय विद्यालय, नारायणपुर एवं सुकमा में सर्वसुविधायुक्त एजुकेशन सिटी, छात्रावासों-आश्रमों के नए भवनों का निर्माण और शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण शामिल हैं।

इस प्रेसवार्ता के दौरान अंत्याव्यवसायी वित्त एवं विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विभाग के आयुक्त  राहुल वेंकट और टीआरटीआई की संचालक हीना अनिमेष नेताम भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़ में मानसून पर लगा ब्रेक: उमस से हलाकान हुए लोग, रायपुर रहा सबसे गर्म

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल बदलने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मानसून पर ब्रेक लगने के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, जिससे लोग भीषण उमस से परेशान हैं। प्रदेश में अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम जनता को दोबारा अच्छी बारिश का इंतजार है। पिछले 24 घंटों में राजधानी रायपुर पूरी तरह सूखा रहने के साथ ही प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया।


15 और 16 जुलाई से राहत के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में मौसम का रुख एक बार फिर बदल सकता है। 15 और 16 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

तापमान का हाल

सोमवार को प्रदेश में रायपुर और बिलासपुर में सर्वाधिक तापमान 35.2°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 23.9°C दर्ज किया गया। आज (मंगलवार) राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। यहाँ का अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने के आसार हैं।

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, औसत समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) इस समय श्रीगंगानगर, हिसार, मुरादाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, बालुरघाट से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मणिपुर तक सक्रिय है। इसके साथ ही, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर, औसत समुद्र तल से 4.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।

तीर्थों की गरिमा बनाए रखें, पिकनिक स्पॉट न बनाएं: देवकीनंदन ठाकुर

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से तीर्थ स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आजकल लोग तीर्थों को घूमने-फिरने या पिकनिक स्पॉट की तरह देखने लगे हैं, जबकि तीर्थ आत्मशुद्धि, आस्था और साधना के केंद्र हैं।


कथा के दौरान उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए स्वच्छता, पवित्रता और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तीर्थों की मर्यादा भंग होती है, तो उनकी दिव्यता और आध्यात्मिक महत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है।

देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि तीर्थ यात्रा के दौरान ऐसा कोई आचरण न करें जिससे धार्मिक स्थलों की गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, स्वच्छता और सदाचार के साथ की गई तीर्थ यात्रा ही वास्तविक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

इस बीच आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से आशीर्वाद प्राप्त किया और कथा श्रवण किया।


मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस पावन अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। ऐसी आध्यात्मिक अनुभूतियां मन को शांति प्रदान करती हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

नक्सलियों की संरक्षक है कांग्रेस : भाजपा

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नन्दन जैन ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा दुर्दांत नक्सली कमांडर हिड़मा का महिमामण्डन किए जाने पर बेहद कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सोमवार को यहाँ भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए जैन ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब कांग्रेस का नक्सल प्रेम खुलकर सामने आया है। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से नक्सलियों के संरक्षण और उन्हें खाद-पानी देने का रहा है।


भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने कहा कि हजारों निर्दोष आदिवासियों, आम नागरिकों और देश के वीर जवानों के खून से जिसके हाथ रंगे हैं, उस खूँखार नक्सली हिड़मा का महिमामण्डन करना कांग्रेस की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव का यह कृत्य बस्तर के शहीदों और उनके परिवारों का घोर अपमान है। इसके लिए उन्हें और उनकी पार्टी को देश से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

जैन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और नक्सलियों का 'भाईचारा' दशकों पुराना है। जब-जब देश में नक्सलियों पर कड़ा प्रहार होता है, तब-तब कांग्रेस नेताओं का दर्द छलक उठता है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ नेता राजबब्बर जैसे बड़े कांग्रेसी नेता समय-समय पर नक्सलियों के पक्ष में खुलकर बयानबाजी करते रहे हैं। राजबब्बर ने तो नक्सलियों को 'क्रांतिकारी' तक कह दिया था। खुद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी हिड़मा जैसे राष्ट्रविरोधी तत्वों का महिमामण्डन कर चुके हैं, जो उनके देशविरोधी एजेंडे को साफ उजागर करता है।

जैन ने कहा कि संसद पर हमला करने वाले अफ़ज़ल गुरु के लिए जिनकी सहानुभूति हो, उनके नेताओं के लिए माओवादी और नक्सलवादी “आदर्श” बन जाएँ तो हैरानी कैसी? कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र अब किसी से छिपा नहीं है। देश पहले, या वोट बैंक पहले— जवाब जनता अच्छी तरह जानती है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जैन ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलियों के वैचारिक आकाओं को पालने-पोषने का काम किया गया। इसी कड़ी में अमर्त्य सेन जैसे चेहरों को व्यवस्था में ऊँचा ओहदा देकर नवाजा गया, जो नक्सलियों की 'वैचारिक ढाल' बनकर काम करते थे। आज जब केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के नेतृत्व में सुरक्षाबल नक्सलियों को उनके मांद में घुसकर ढेर कर रहे हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह बौखला गया है। अपने अस्तित्व को खतरे में देख कांग्रेस अब हिड़मा जैसे दुर्दांत अपराधियों के सहारे अपनी राजनीति चमकाना चाहती है। श्री जैन ने कहा कि कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव अपने इस देशविरोधी और शर्मनाक बयान के लिए तुरंत बस्तर की जनता, जवानों के परिवारों और पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगें। साथ ही कांग्रेस आलाकमान स्पष्ट करे कि क्या वह अपने विधायक के इस नक्सल प्रेम का समर्थन करता है? बस्तर में शांति और विकास की राह में रोड़ा अटकाने वाली और नक्सलियों की पैरवी करने वाली कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वैभव बैस ने कहा कि जब चरणदास महंत मध्यप्रदेश शासन में गृह मंत्री थे तब एडिशनल एसपी भास्कर दीवान की शहादत हुई थी। तबसे लेकर स्वर्गीय एडिशनल एसपी आकाश गिरिपुंजे की शहादत तक कांग्रेस को नक्सली हिंसा से कोई मतलब नहीं रहा है। सुरक्षा बल के जवान पुलिस के जवान व प्रदेश के माटी पुत्र वहाँ पर अपनी शहादत देते रहे।

बैस ने कांग्रेस से सवाल पूछा है कि क्या कांग्रेसी नेता शहीदों की शहादत का सम्मान करती है? क्या कांग्रेस पार्टी अपने वरिष्ठ नेता जिसमें स्व. विद्याचरण शुक्ला, महेंद्र कर्मा सहित कई बड़े नेताओं की शहादत का सम्मान करती है? उन्होंने झीरम घाटी के हमले में अपनी जान गवाही। अगर कांग्रेस अपने शहीद नेताओं का सम्मान करती है तो अपने विधायक अटल श्रीवास्तव पर कार्रवाई करके दिखाए। सुरक्षा बल के सैकड़ो लोगों, हज़ारों आम नागरिकों की हत्या का जिम्मेदार हिड़मा था, जो कांग्रेसियों के लिए आदर्श है। बस्तर की पावन भूमि ने महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव जैसे जननायक दिया है उस बस्तर में हिड़मा कभी नायक नहीं हो सकता।

इस दौरान प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय, प्रदेश मीडिया सह संयोजक गोविन्दा गुप्ता, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी मौजूद रहे।

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर कोलकाता-2026 में ‘बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस’ सम्मान से बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा

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21 राज्यों के बीच छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अभिनव पवेलियन को मिला राष्ट्रीय सम्मान

 तीन दिवसीय आयोजन में निवेश, पर्यटन साझेदारी और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई ऊंचाई

रायपुर- ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित पर्यटन आयोजन के सफल समापन पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को देश के 21 राज्यों की सहभागिता के बीच उसके आकर्षक, सृजनात्मक एवं प्रभावशाली पवेलियन के लिए      “बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक धरोहरों और आधुनिक पर्यटन दृष्टिकोण को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सफल प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।

10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित देश के प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का पवेलियन तीनों दिनों तक आगंतुकों, पर्यटन विशेषज्ञों, टूर ऑपरेटर्स और निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बस्तर की जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट एवं तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव, धार्मिक एवं इको-टूरिज्म, पर्यटन रिसॉर्ट्स तथा राज्य के विविध पर्यटन परिपथों को आधुनिक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसे व्यापक सराहना मिली।

आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव एस भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों, पर्यटन विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ अनेक महत्वपूर्ण बी-टू-बी बैठकों में सहभागिता की। इन बैठकों में पर्यटन निवेश, संयुक्त पर्यटन पैकेजों के विकास, विपणन सहयोग, नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इन संवादों से राज्य के पर्यटन क्षेत्र में भविष्य की नई साझेदारियों और निवेश के अवसरों को भी मजबूती मिली।

मेले में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ राज्य तथा अन्य राज्यों के लगभग 28 पंजीकृत टूर ऑपरेटर्स, होटल संचालकों, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। इससे राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर प्राप्त हुआ।

आयोजन के उद्घाटन अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष तथा थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया था। सभी अतिथियों ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में रेखांकित किया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय मंच राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश और दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस सम्मान ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ आज अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक वैभव और उत्कृष्ट पर्यटन संसाधनों के बल पर राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव एस भारतीदासन ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश, पर्यटकों की संख्या और निजी क्षेत्र की भागीदारी में सकारात्मक वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विधानसभा में दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न खो दिया: आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव रहेंगी प्रेरणा की स्त्रोत - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र  के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

निधन उल्लेख के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह गौरव प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्रियों ने भी डॉ. तीजन बाई के कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना था।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अनेक विश्वविद्यालयों द्वारा डॉ. तीजन बाई को डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उनकी कला, साधना और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि परमात्मा इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों, उनके असंख्य प्रशंसकों और कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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