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भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चुनाव याचिका खारिज कराने की मांग ठुकराई

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel को चुनावी मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। Chhattisgarh High Court ने उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग को नामंजूर कर दिया है। अब अदालत इस मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर करेगी। अगली सुनवाई 23 जून को तय की गई है।


दरअसल, दुर्ग लोकसभा सांसद और भाजपा नेता Vijay Baghel ने पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल की जीत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार बंद होने की अवधि में भूपेश बघेल ने पाटन क्षेत्र में समर्थकों के साथ रैली और रोड शो किया था।

याचिकाकर्ता का दावा है कि इस दौरान चुनावी नारे लगाए गए और मतदाताओं से वोट मांगे गए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन है। साथ ही इस मामले में वीडियो साक्ष्य होने का भी दावा किया गया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से दलील दी गई कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं, इसलिए इसे खारिज किया जाए।

हालांकि हाईकोर्ट ने माना कि मामले में सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार हैं और याचिका को आगे बढ़ाने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही भूपेश बघेल की याचिका खारिज कर दी गई।

बता दें कि इससे पहले इसी मामले में Supreme Court of India में भी अपील की गई थी, जहां से भूपेश बघेल को हाईकोर्ट में नया आवेदन पेश करने की अनुमति मिली थी। अब हाईकोर्ट ने उस आवेदन को भी नामंजूर कर दिया है।

‘ये लोग गद्दार हैं…’ बागी सांसदों पर भड़के संजय राउत, ऑन कैमरा दी गाली

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 मुंबई। संजय राउत ने पार्टी में संभावित फूट की अटकलों के बीच बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बागी नेताओं पर धोखा देने का आरोप लगाया और नाराजगी जताते हुए ऑन कैमरा अपशब्दों का इस्तेमाल कर दिया।


Sanjay Raut ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे Arvind Sawant और Anil Desai की बातों को ध्यान से सुनें। साथ ही उन्होंने Rajabhau Waje की निष्ठा और ईमानदारी की खुलकर तारीफ की। बताया जा रहा है कि पार्टी के 9 सांसदों में फिलहाल यही तीन नेता Uddhav Thackeray के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं।

राउत ने कहा कि राजनीतिक पद स्थायी नहीं होते, लेकिन संगठन के प्रति वफादारी हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने कहा, “आज हम सांसद-विधायक हैं, कल नहीं रहेंगे, लेकिन पार्टी और संगठन ने हमें जो दिया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता। Bal Thackeray ने हमें बच्चों की तरह पाला और उद्धव ठाकरे ने भाइयों जैसा प्यार दिया।”

इसी दौरान पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए राउत ने गुस्से में अपशब्द कहे और मीडिया से कहा कि उनकी बातों को सेंसर न किया जाए। उन्होंने बागी नेताओं को “गद्दार” करार दिया।
बाद में दिल्ली में Arvind Sawant, Anil Desai और Rajabhau Waje ने Sanjay Raut के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राउत ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में सांसदों को खरीदने की कोशिश हो रही है।
 
उन्होंने कहा, “मुझे एक अहम व्यक्ति का फोन आया था। बताया गया कि सांसदों को 50 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जाएंगे।”
 
शिवसेना (UBT) में जारी अंदरूनी घमासान अब खुलकर सार्वजनिक मंच पर दिखाई देने लगा है।

रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: लैंडिंग के दौरान विमान से टकराया पक्षी

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 रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित Swami Vivekananda Airport पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। Air India की दिल्ली-रायपुर फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट (पक्षी टकराने) की घटना का शिकार हो गई। घटना के बाद विमान को तत्काल तकनीकी जांच के लिए रोक दिया गया। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।


लैंडिंग के दौरान हुआ बर्ड हिट

जानकारी के मुताबिक Air India की दिल्ली-रायपुर उड़ान निर्धारित समय के अनुसार सुबह 8:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान ने सुबह करीब 8:08 बजे एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, इसी दौरान पक्षी टकराने की घटना सामने आई।

घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइन प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को तुरंत तकनीकी निरीक्षण के लिए रोक दिया।

दिल्ली जाने वाली फ्लाइट हुई प्रभावित

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यही विमान सुबह 8:55 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होने वाला था, लेकिन बर्ड हिट के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने तक उड़ान रोक दी गई।

करीब ढाई घंटे तक चली तकनीकी जांच के बाद विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद फ्लाइट सुबह लगभग 11:35 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई। देरी की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

विमानन विभाग ने बताया गंभीर मामला

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार बर्ड हिट की घटनाओं को विमानन क्षेत्र में बेहद गंभीर माना जाता है। ऐसी स्थिति में विमान के इंजन, पंखों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की गहन जांच की जाती है, ताकि उड़ान के दौरान किसी भी तरह का जोखिम न रहे।

विस्तृत तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी गई।

घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है और सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

CG NEWS : रेत विवाद में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाया

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 कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मंगलवार देर रात सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी में दिल दहला देने वाली वारदात हुई, जहां भाजपा नेता Bharat Singh Gaharwar उर्फ लल्ला सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी समेत जिंदा जला दिया गया। इस हमले में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 11 बजे भरत सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को पहले टिपर से कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि वाहन के दरवाजे जाम हो गए थे, जिससे अंदर फंसे लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की।

इस भयावह घटना में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल लोगों को गंभीर हालत में Ambikapur Medical College में भर्ती कराया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए Surguja Range Police के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों — अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी — को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी भी भाजपा से जुड़े हुए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक भरत सिंह गहरवार और आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर विवाद चल रहा था। घटना से कुछ घंटे पहले मंगलवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी।

G7 समिट में मोदी-स्टार्मर की अहम बैठक, व्यापार, तकनीक और शिक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार

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जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुई पारस्परिक यात्राओं के बाद भारत-यूके संबंधों में आई तेजी पर संतोष व्यक्त किया और Vision 2035 के तहत चल रहे सहयोग की प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement) को जल्द लागू करने की उम्मीद जताई, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने लिवरपूल विश्वविद्यालय द्वारा बेंगलुरु में परिसर स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। साथ ही यॉर्क विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय द्वारा मुंबई में अपने कैंपस स्थापित करने की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में ब्रिटेन की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत–ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हो रही प्रगति तथा हाल ही में शुरू किए गए भारत–ब्रिटेन महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक आपूर्ति शृंखला वेधशाला का भी स्वागत किया।

बैठक में पश्चिम एशिया और यूक्रेन सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों से निपटने और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने तथा बहुआयामी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।



10वां भारत-थाईलैंड रक्षा संवाद: इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर

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10वां भारत-थाईलैंड रक्षा संवाद 16 जून 2026 को बैंकॉक में आयोजित किया गया। इस संवाद में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा से जुड़े पारस्परिक हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप-स्थायी सचिव एडमिरल नुट्टापोल डियावानिच और भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती ने की।

दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रतिनिधिमंडलों ने पिछले रक्षा संवाद के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा के प्रमुख विषयों में सैन्य-से-सैन्य संपर्क, क्षमता निर्माण पहल, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग तथा अन्य साझा हितों के क्षेत्र शामिल रहे।

बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा उद्योग सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और सैन्य क्षमताओं के विकास में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की, ताकि दोनों देशों के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को प्रोत्साहन मिल सके।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडलों ने Association of Southeast Asian Nations (आसियान) के नेतृत्व वाले तंत्रों सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय रक्षा मंचों के अंतर्गत सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने संवाद और सहयोग के माध्यम से साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने तथा व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक का समापन भविष्य की गतिविधियों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की आगामी दिशा पर चर्चा के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया था।

कुरूद-अभनपुर के बीच स्पीड ट्रायल रन आज होगा, रेलवे ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

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 अभनपुर/रायपुर। South East Central Railway के रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत बहुप्रतीक्षित अभनपुर–कुरूद नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर आज 17 जून 2026 को अहम स्पीड ट्रायल रन किया जाएगा। रेलवे की विशेष परीक्षण ट्रेन सुबह 10 बजे इस नए रेलखंड पर दौड़ेगी। इसे नियमित रेल सेवा शुरू होने से पहले अंतिम तकनीकी और सुरक्षा जांच का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।


ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा की होगी जांच

रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्पीड ट्रायल के दौरान नई ब्रॉडगेज लाइन की गति क्षमता, ट्रैक की मजबूती, पुल-पुलियों की स्थिरता, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा। किसी भी नई रेल लाइन को संचालन की मंजूरी देने से पहले यह प्रक्रिया अनिवार्य होती है।

रेलवे ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

रेल प्रशासन ने ट्रायल को देखते हुए अभनपुर से कुरूद के बीच आने वाले सभी गांवों और रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि परीक्षण के दौरान ट्रेन सामान्य से अधिक गति से चल सकती है, इसलिए किसी भी व्यक्ति, वाहन या पशु का ट्रैक के आसपास मौजूद रहना खतरनाक हो सकता है।

ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश

रेलवे ने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों से ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। मवेशियों को भी ट्रैक के आसपास न जाने देने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।

जनजागरूकता के लिए रेलवे की ओर से आसपास के गांवों में मुनादी, सूचना पत्रक और अन्य माध्यमों से लोगों को पहले ही अलर्ट किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बड़ा फायदा

अभनपुर–कुरूद रेलखंड को क्षेत्र की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में माना जा रहा है। इस नई ब्रॉडगेज लाइन के शुरू होने से Raipur और Dhamtari अंचल के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।

साथ ही कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामग्री और अन्य माल परिवहन में सुविधा बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, स्पीड ट्रायल सफल रहने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर इस मार्ग पर नियमित रेल सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

ऑपरेशन दृष्टि के तहत रांची में मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप शुरू, 200 से अधिक लोगों की रोशनी लौटाने का लक्ष्य

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रांची- भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की एक विशेष नेत्र चिकित्सा टीम ने ऑपरेशन दृष्टि के तहत झारखंड के रांची स्थित सैन्य अस्पताल नामकुम में मेगा एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप का शुभारंभ किया है। यह शिविर 15 से 19 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 200 से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराकर उनकी दृष्टि बहाल करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

यह विशेष सर्जिकल टीम ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा, सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष (नेत्र रोग), आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली के नेतृत्व में कार्य कर रही है। शिविर में मोतियाबिंद के लिए फेकोइमल्सिफिकेशन (Phacoemulsification), ग्लूकोमा के लिए मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS) तथा विट्रियो-रेटिनल रोगों के लिए एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन जैसी अत्याधुनिक प्रक्रियाएं की जा रही हैं।

शिविर में पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों के आश्रितों और जरूरतमंद नागरिकों की व्यापक जांच की जा रही है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों के शामिल होने की संभावना है।

इस मिशन को सफल बनाने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों द्वारा अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण रांची पहुंचाए गए हैं, जिससे क्षेत्र में उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन भारतीय सेना और वायुसेना की दोहरी भूमिका को दर्शाता है, जो एक ओर देश की सीमाओं की सुरक्षा करती हैं और दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी करती हैं।

ऑपरेशन दृष्टि भारतीय सशस्त्र बलों का एक प्रमुख जनसेवा कार्यक्रम है, जो अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञता को मानवीय सेवा से जोड़ता है। रांची से पहले इस पहल के तहत लेह, लद्दाख, लक्षद्वीप, भुज, कच्छ और बागडोगरा सहित देश के विभिन्न दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में आठ सफल उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

बिजली दरों में संशोधन से आम उपभोक्ताओं पर न्यूनतम असर

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41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

14.5 लाख परिवारों को अब भी मिल रही मुफ्त बिजली

सिंचाई पम्प धारी कृषकों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं

सब्सिडी, सौर ऊर्जा एवं राहत योजनाओं से अधिकांश उपभोक्ताओं को संरक्षण

रायपुर- छत्तीसगढ़ में विद्युत टैरिफ के वार्षिक संशोधन के बावजूद  छत्तीसगढ़ सरकार ने आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को न्यूनतम रखने के लिए कई स्तरों पर राहत और संरक्षण की व्यवस्था की है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए औसतन 6.23 प्रतिशत अर्थात लगभग 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि स्वीकृत की गई है, लेकिन राज्य में मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना, बिजली बिल समाधान योजना और पीएम सूर्यघर योजना जैसी पहलों के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव काफी सीमित रहेगा।

गौरतलब है कि विद्युत दरों का निर्धारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा किया जाता है, जो एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है। आयोग विद्युत कंपनियों की वार्षिक राजस्व आवश्यकता, उत्पादन लागत, कोयला, ट्रांसमिशन तथा वितरण व्यय सहित विभिन्न आर्थिक पहलुओं का अध्ययन कर दरों का निर्धारण करता है। नए टैरिफ में घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। हालांकि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के कारण प्रदेश के अधिकांश परिवारों पर इसका अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

प्रदेश में लगभग 51 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा 26.5 लाख ऐसे उपभोक्ता, जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इन राहतों के कारण लगभग 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर वृद्धि का प्रभाव शून्य से लेकर मात्र 3.65 प्रतिशत तक ही होगा।

किसानों पर अतिरिक्त व्यय भार नहीं

राज्य के 8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में किए जाने के कारण किसानों पर इसका अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। कृषि पंपों के स्थायी प्रभार को भी यथावत रखा गया है।

सौर ऊर्जा से हजारों परिवारों का बिल हुआ शून्य

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना का छत्तीसगढ़ राज्य में तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक लगभग 66 हजार उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें से 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। वर्तमान में लगभग 89 हजार घरों में सौर संयंत्र स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने आगामी वर्षों में 5 लाख घरों में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे बिजली उपभोग की लागत में कमी आएगी।

बिजली बिल समाधान योजना से मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा 12 मार्च 2026 से मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में विशेष राहत प्रदान की जा रही है।

बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तथा संपूर्ण सरचार्ज में छूट दी जा रही है। वहीं घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत तथा पूरे सरचार्ज में छूट का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही शेष राशि को अधिकतम 60 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। योजना के तहत अब तक 6 लाख बीपीएल, 1.5 लाख घरेलू तथा 33 हजार कृषि उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है। लगभग 1328 करोड़ रुपये के बकाया देयकों का समाधान किया जा चुका है, जिसमें 749 करोड़ रुपये की राहत उपभोक्ताओं को दी गई है।

उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने पर भी जोर

राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्टील उद्योगों को लोड फैक्टर पर मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को पूर्ववत जारी रखा गया है। इससे राज्य के उद्योग अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बने रहेंगे और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आदिवासी क्षेत्रों के छात्रावासों को विशेष राहत

बस्तर एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल कर विशेष राहत प्रदान की गई है। इससे इन संस्थानों के संचालन व्यय में कमी आएगी।

कम बिजली खर्च करने का नया अवसर

10 किलोवाट से अधिक भार वाले घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक तथा सार्वजनिक उपयोगिता उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं पीक आवर्स में 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत का बेहतर प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा।

ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूत करने बड़ा निवेश

राज्य सरकार बिजली उत्पादन और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। वर्तमान में 2×660 मेगावाट क्षमता के सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है, जिसकी पहली इकाई मार्च 2029 तक शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा मड़वा में 800 मेगावाट क्षमता के नए विद्युत संयंत्र की योजना पर भी कार्य चल रहा है।

आगामी वर्षों में 400/132 केवी के 4, 220/132 केवी के 17 तथा 132/33 केवी के 34 नए उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 106 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण जारी है तथा लगभग 300 अतिरिक्त उपकेंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

उपभोक्ता हित और व्यवस्था दोनों का संतुलन

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उत्पादन एवं वितरण लागत, पूर्व वर्षों के वित्तीय दायित्वों तथा विद्युत अधोसंरचना विस्तार की आवश्यकताओं को देखते हुए किया गया यह संशोधन सीमित दायरे का है। राज्य सरकार ने सब्सिडी, राहत योजनाओं और सौर ऊर्जा कार्यक्रमों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव न्यूनतम रखने का प्रयास किया है।

CG NEWS : मिर्ची पाउडर फेंककर लूट करने वाला गिरोह बेनकाब, 4 आरोपी पुलिस गिरफ्त में

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 रायपुर। अभनपुर क्षेत्र में बैंक मित्रों और च्वाइस सेंटर संचालकों को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का Raipur Rural Police ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए गए हैं।


पुलिस के अनुसार पहली घटना 1 जून 2026 को हुई थी। ग्राम बिरोदा निवासी पोषण लाल साहू, जो Bank of Baroda खोरपा में बैंक मित्र के रूप में कार्यरत हैं, बैंक से करीब दो लाख रुपये लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सारखी-बिरोदा मार्ग पर पुलिया के पास दो युवकों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों ने मिर्ची पाउडर फेंकने का प्रयास किया और नुकीले हथियार से धमकाकर नकदी से भरा बैग और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

दूसरी घटना 14 मार्च 2026 को हुई। Abhanpur में च्वाइस सेंटर संचालक उमेंद्र कुमार देवांगन दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। ग्राम हसदा मोड़ के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोका और चाकू पेट पर टिकाकर डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया।

लगातार हो रही इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए Raipur Rural Police की कप्तान Shweta Srivastava Sinha ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा अभनपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार निगरानी के बाद आरोपियों की पहचान हुई और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ देशबंधु नेताम ने बताया कि भारी कर्ज में डूबे होने के कारण उसने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक पिंटू पहले भी मारपीट और अपहरण जैसे मामलों में जेल जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपियों में परमानंद साहू (26), टेकराम उर्फ टीकू धीवर (30), पिंटू उर्फ देशबंधु नेताम (30) और योगीराज सोनवानी (18) शामिल हैं। सभी आरोपी Abhanpur थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने अन्य जगहों पर भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।

भाटापारा में गौरव का दिन-विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण

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रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अपने एक दिवसीय प्रवास पर भाटापारा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर को एक बड़ी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सौगात देते हुए छत्तीसगढ़ महतारी और देश के वीर सपूत शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। शहीद को नमन करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बनेगी। देश उनके सर्वाेच्च बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।

इस गरिमामय समारोह में राज्य के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस संवेदनशील अवसर पर विधानसभाध्यक्ष डॉ. सिंह ने शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट के परिजनों (पुत्री प्रिया खोण्डे और भाई प्रभाकर खोण्डे) से बेहद आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।

छत्तीसगढ़ महतारी चौक पर नमन

अपने प्रवास के दौरान डॉ. रमन सिंह सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

1971 के युद्ध के नायक शहीद खोण्डे को दी श्रद्धांजलि

इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष भाटापारा स्थित शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण किया।

समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और डॉ. सनम जांगड़े उपस्थित थे। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जनप्रतिनिधिगणों के साथ-साथ बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा और भारी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ में पीएमजीएसवाय की उच्च स्तरीय समीक्षा,मुख्य सचिव ने दिए नई बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के निर्देश

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत और सुगम बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्थायी समिति की 28वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

सर्वे और क्लीयरेंस पहले, निर्माण बाद में

मुख्य सचिव ने बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए अधिकारियों को कार्यप्रणाली बदलने के निर्देश दिए। कोई भी सड़क बनाने से पहले उसका जमीनी स्तर पर व्यापक सर्वे किया जाए। सड़क निर्माण शुरू होने से पहले ही भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस (वन विभाग की अनुमति) से जुड़े सभी कानूनी व प्रशासनिक कार्य अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के कारण जो ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनका सुधार और मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।

PMGSY फेस-4& बिना सड़क वाली सभी बसाहटें जुड़ेंगी

बैठक का सबसे अहम फैसला आगामी चरणों को लेकर रहा। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पीएमजीएसवाय फेस-4 के अंतर्गत राज्य की ऐसी सभी बसाहटों को चिन्हित किया जाए जहां अब तक पक्की सड़कें नहीं पहुंची हैं। एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर इन सभी बसाहटों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सहयोग से बनीं 52 सड़कें

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने अब तक की वित्तीय और भौतिक प्रगति का ब्योरा पेश किया कि राज्य में पीएमजीएसवाय फेस-1, 2 और 3 के तहत अब तक 8 हजार 358 सड़कें और लगभग 447 पुल-पुलिया बनाए जा चुके हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सहयोग से 52 अपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इसके अलावा फेस-3 के तहत 31 बड़े पुलों का निर्माण भी पूरा हुआ।

पीएम जनमन (PM JANMAN) योजना की प्रगति

भारत सरकार द्वारा निर्धारित 1,372 किलोमीटर लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 1,517 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PGVT) की 872 बसाहटों के लिए स्वीकृत 807 सड़कों में से 366 सड़कों का काम पूरा हो चुका है, जबकि 429 सड़कों पर काम तेजी से चल रहा है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज सचिव पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सचिव अब्दुल कैसर अब्दुल हक और छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के सीईओ भीम सिंह सहित वन, परिवहन, लोक निर्माण, वित्त विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

IDPA द्वारा MIFF 2026 में ओपन फोरम: “क्या AI रचनात्मकता का भविष्य है?” पर गहन चर्चा

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भारतीय डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IDPA) ने 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) के दौरान “क्या AI रचनात्मकता का भविष्य है?” विषय पर एक ओपन फोरम का आयोजन किया। इस सत्र में फिल्म निर्माण और कंटेंट क्रिएशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, अवसरों, चुनौतियों और प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस चर्चा में सनाथ पी.सी. (Firefly Creative Studio Pvt. Ltd के सह-संस्थापक), उज्ज्वल निर्गुडकर (SMPTE अध्यक्ष), अधिवक्ता हेतल देसाई सोलिया और फिल्म निर्माता सुबोध मेनन (Fanboy Pictures) शामिल रहे।

AI बन रहा है फिल्म निर्माण का नया उपकरण

सत्र में वक्ताओं ने माना कि AI तेजी से क्रिएटिव इकोसिस्टम में अपनी जगह बना रहा है। यह कहानी कहने, प्रोडक्शन प्रक्रिया और तकनीकी सुधारों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन मानव रचनात्मकता और भावनात्मक समझ अभी भी केंद्र में बनी हुई है।

फिल्म तकनीक में AI की भूमिका

उज्ज्वल निर्गुडकर ने कहा कि AI फिल्म निर्माण के विकास का अगला चरण है। उन्होंने बताया कि पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे साउंड एन्हांसमेंट, कलर करेक्शन, विजुअल सुधार और फिल्म रिस्टोरेशन में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

कहानी कहने में मानव तत्व जरूरी

फिल्म निर्माता सुबोध मेनन ने कहा कि AI कंटेंट जेनरेट कर सकता है, लेकिन कहानी की आत्मा हमेशा मानव अनुभव और भावनाओं से जुड़ी होती है। उन्होंने इसे विचार निर्माण और विश्लेषण का सहायक उपकरण बताया।

AI एक सहायक तकनीक

सनाथ पी.सी. ने कहा कि AI इमेज क्वालिटी, साउंड और ऑडियंस एक्सपीरियंस को बेहतर बना सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह निर्भरता के बजाय एक सपोर्ट टूल के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।

कानूनी और कॉपीराइट पहलू

अधिवक्ता हेतल देसाई सोलिया ने AI-जनरेटेड कंटेंट में लाइसेंस डेटा और मानव भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉपीराइट अधिकार मानव रचनाकारों के पास ही रहते हैं।

निष्कर्ष

सभी वक्ताओं ने सहमति जताई कि AI एक शक्तिशाली तकनीक है, जो रचनात्मकता को बढ़ावा देती है, लेकिन कहानी कहने का मूल आधार मानव कल्पना, भावना और कला ही रहेगा।

सत्र के बाद दर्शकों के साथ संवाद भी हुआ, जिसमें AI अपनाने, नैतिक मुद्दों, कॉपीराइट और रचनात्मक पेशों के भविष्य पर चर्चा की गई।

भारत इनोवेट्स 2026 का दूसरा दिन: डीपटेक इनोवेशन, निवेश और वैश्विक सहयोग पर रहा केंद्रित

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भारत इनोवेट्स 2026 (15 जून 2026) के दूसरे दिन वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच व्यापक और गहन संवाद हुआ। इस दिन का मुख्य फोकस नवाचार को गति देना, तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना और डीपटेक समाधानों के व्यावसायीकरण को आगे बढ़ाना रहा।

भारत सरकार की पहल और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह कार्यक्रम भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक पूंजी, उद्योग विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभर रहा है।

इनोवेशन शोकेस में अत्याधुनिक तकनीकें प्रदर्शित

दिन की शुरुआत एक इनोवेशन शोकेस से हुई, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इनमें बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ऊर्जा, मोबिलिटी, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र शामिल रहे।

वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी

मुख्य वक्ता के रूप में एशियन पेंट्स लिमिटेड के को-प्रमोटर और एंजेल निवेशक जलज दानी ने वैज्ञानिक नवाचार को बाजार की जरूरतों और औद्योगिक साझेदारियों से जोड़ने पर जोर दिया।

पैनल चर्चाओं में प्रो. चेतन चिटनिस (इंस्टिट्यूट पाश्चर), ऑरेलि गिरो (CEO, Safran Reosc), बर्ट्रांड डेनिस (थेल्स अलेनिया स्पेस), फ्रेडरिक पेरिसोट (CEO, GIFAS), योको फुकाता (Sony Innovation Fund) और सुनील बख्शी (Mizuho Financial Group) जैसे वैश्विक विशेषज्ञ शामिल रहे।

स्टार्टअप–निवेशक संवाद

80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के सामने अपने इनोवेशन प्रस्तुत किए। ये प्रस्तुतियाँ छह प्रमुख क्षेत्रों में आयोजित की गईं—

  • स्पेस और डिफेंस

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर्स

  • हेल्थकेयर और मेडटेक

  • बायोटेक और एग्रीटेक

  • एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी

  • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग

इन सत्रों के दौरान 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों से आगे की बातचीत के लिए प्रतिबद्धता प्राप्त हुई।

प्रमुख उपलब्धियां

दूसरे दिन तक कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गईं—

  • 1,350 से अधिक B2B बैठकें

  • 50 से अधिक सहयोग समझौते

  • 10 से अधिक देशों के 50+ निवेशकों के साथ 80+ स्टार्टअप पिच

  • 40+ स्टार्टअप्स को निवेशक फॉलो-अप

  • लगभग 254.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश व फंडिंग की घोषणा

भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूती

इस आयोजन ने भारत को डीपटेक इनोवेशन और वैश्विक तकनीकी सहयोग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच नवाचार आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स, एक्सेलेरेटर, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और वैश्विक स्केलिंग रणनीतियों पर फोकस रहेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की, किसानों के हितों को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

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नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में उच्च स्तरीय साप्ताहिक कृषि समीक्षा बैठक की। बैठक में पूरे देश में खरीफ 2026 सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में संभावित एल नीनो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष चर्चा की गई। मंत्री ने विशेष रूप से कपास उत्पादन बढ़ाने, दलहन में आत्मनिर्भरता और कम वर्षा वाले जिलों के लिए अग्रिम आपदा प्रबंधन योजना पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों के हितों की सुरक्षा है।

कम वर्षा वाले जिलों के लिए विशेष तैयारी के निर्देश

चौहान ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में कम या असमान वर्षा की संभावना है, उन्हें पहले से चिन्हित किया जाए और राज्य सरकारों के साथ मिलकर फसल-वार आकस्मिक योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, अंतर-फसल (इंटरक्रॉपिंग) और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जोखिम-प्रवण जिले के लिए अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने पर जोर

कृषि मंत्री ने कहा कि 9–10 संभावित प्रभावित राज्यों में जिला प्रशासन, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और अन्य संस्थानों के साथ समन्वय बैठकें की जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को वैज्ञानिक और भरोसेमंद जानकारी दी जाए, ताकि वे सुरक्षित फसल विकल्पों का चयन कर सकें।

कपास उत्पादन बढ़ाने पर विशेष फोकस

बैठक में कपास उत्पादन बढ़ाने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। चौहान ने वैज्ञानिक तकनीक, उपयुक्त किस्मों का चयन, मल्चिंग, नमी संरक्षण और अंतर-फसल प्रणाली को बड़े स्तर पर अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।

दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन

दलहन में आत्मनिर्भरता को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अरहर, उड़द और मूंग जैसी फसलों में देश को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए बेहतर बीज उपलब्धता, क्षेत्र विस्तार और तकनीकी मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उर्वरक और जल भंडारण की स्थिति की समीक्षा

बैठक में उर्वरक उपलब्धता, मंडी भाव, जलाशयों की स्थिति और राज्यों में स्टॉक की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि देश में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है।

कृषि संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि विश्वविद्यालयों, KVKs और राज्य कृषि विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी जानकारी तभी उपयोगी है जब वह समय पर खेतों तक पहुंचे।

कृषि मंत्री ने कहा कि निरंतर संवाद, समीक्षा और फीडबैक से ही खरीफ 2026 को सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।

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