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तेज आंधी में ढही निर्माणाधीन दीवार, एक ही परिवार के तीन लोग घायल

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 कोरबा। शहर में मौसम बदलने के बीच कुसमुंडा थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा सामने आया है। प्रेम नगर स्थित कपाटमुड़ा रोड पर निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए। हादसे में पति-पत्नी और उनका मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार, देर रात तेज हवा और मौसम में अचानक बदलाव के दौरान संतोष वर्मा के निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान की दीवार भरभराकर पास में स्थित अजय धनवार के घर पर गिर गई। उस समय अजय धनवार, उनकी पत्नी और छोटा बच्चा घर के अंदर सो रहे थे।

दीवार गिरते ही पूरा परिवार ईंट और मलबे के नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए तीनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे में घर के भीतर रखा स्कूटर, बर्तन, बिस्तर समेत अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और चारों ओर मलबा फैला हुआ है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

करेंसी टावर में लिफ्ट में फंसी ACS ऋचा शर्मा, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

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 रायपुर। करेंसी टावर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी ऋचा शर्मा लिफ्ट में फंस गईं। घटना सुबह करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है, जब वे लगभग 10 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसी रहीं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट के भीतर न तो पर्याप्त रोशनी थी और न ही वेंटिलेशन की समुचित व्यवस्था, जिससे उन्हें घबराहट होने लगी। बताया जा रहा है कि इमरजेंसी अलार्म और हेल्पलाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं, जिसके चलते राहत पहुंचने में देरी हुई।

सूत्रों के मुताबिक, ACS ने अपने मोबाइल से अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने डॉ. रोहित यादव से संपर्क कर पावर बैकअप और सोलर सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए।

घटना की सूचना मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर आने के बाद उनकी हालत असहज बताई गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस टावर में लिफ्ट फंसने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस कॉम्प्लेक्स में बड़ी संख्या में ऑफिस और दुकानें संचालित हैं, वहीं सातवीं मंजिल पर जिम होने के कारण रोजाना भारी आवाजाही रहती है।

इतने बड़े कॉम्प्लेक्स में सीमित लिफ्ट और आपातकालीन सुविधाओं की कमी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नगर निगम, फायर सेफ्टी और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

‘SMILE’ योजना—हाशिए से सम्मान की ओर एक सशक्त पहल

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नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा शुरू की गई SMILE (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) योजना आज देश के सबसे वंचित वर्गों—ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों—के जीवन में बदलाव की एक नई कहानी लिख रही है। 12 फरवरी 2022 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लॉन्च की गई यह योजना सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

₹390 करोड़ का निवेश, बदलाव की मजबूत नींव

वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इस योजना के लिए कुल ₹390 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए ₹265 करोड़ और भिक्षावृत्ति पुनर्वास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित किए गए हैं। हर वर्ष बढ़ते बजट से यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जमीनी स्तर पर असर—हजारों को मिला नया जीवन

मार्च 2026 तक भिक्षावृत्ति उप-योजना के तहत 31,055 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 9,935 व्यक्तियों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। इसके अलावा, देश के 17 राज्यों में 21 ‘गरिमा गृह’ संचालित हो रहे हैं, जहाँ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सुरक्षित आवास, भोजन और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समग्र सहयोग

SMILE योजना, Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 के अनुरूप, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सहायता देती है। इसके तहत छात्रों को छात्रवृत्ति, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में, आयुष्मान भारत TG प्लस के तहत हर ट्रांसजेंडर व्यक्ति को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलता है, जिसमें जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी और हार्मोन थेरेपी भी शामिल हैं।

भिक्षावृत्ति से आत्मनिर्भरता की ओर

इस योजना के अंतर्गत, भिक्षावृत्ति में लगे लोगों की पहचान कर उन्हें आश्रय, परामर्श और कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है, ताकि वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें।

‘SMILE’—सिर्फ योजना नहीं, बदलाव की सोच

SMILE योजना का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे हालात बनाना है जहाँ व्यक्ति को किसी सहायता की जरूरत ही न पड़े। यह योजना समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देती है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है।

निष्कर्ष

SMILE योजना आज एक ऐसी पहल बनकर उभरी है, जो न केवल जीवन बदल रही है, बल्कि समाज में समानता और गरिमा के मूल्यों को भी मजबूत कर रही है। यह योजना साबित करती है कि सही नीतियों और प्रतिबद्धता के साथ, हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा सकता है।

ओडिशा में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार, ₹90,000 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर: अश्विनी वैष्णव

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भुवनेश्वर: अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में रेलवे बुनियादी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में ₹90,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। यह निवेश राज्य में रेल नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाता है।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने  भुवनेश्वर रेलवे स्टेशनके पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और समयबद्ध तथा उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ओडिशा को ₹10,928 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन मिला है, जिससे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए ओडिशा के सभी 30 जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे दूरदराज और आंतरिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा,बालासोर से बेरहामपुर तक प्रस्तावित चार-लाइन तटीय रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये पहल न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि ओडिशा को राष्ट्रीय माल और यात्री नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ेंगी।


‘विश्व सूत्र’ पहल के जरिए भारतीय हथकरघा को मिला वैश्विक मंच

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भुवनेश्वर: वस्त्र मंत्रालय  के तहत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय और National Institute of Fashion Technology (NIFT) ने “विश्व सूत्र – वीव्स ऑफ इंडिया फॉर द वर्ल्ड” नामक विशेष डिजाइनर कलेक्शन पेश किया। यह प्रस्तुति फेमिना मिस इंडिया 2026 के मंच पर की गई, जिससे भारतीय हथकरघा को वैश्विक पहचान देने का प्रयास किया गया।

इस अनूठी पहल में देशभर के 30 राज्यों के 30 अलग-अलग हथकरघा वस्त्रों को शामिल किया गया, जिन्हें 30 देशों की सांस्कृतिक प्रेरणाओं के साथ आधुनिक डिजाइन में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य भारतीय परंपरागत बुनाई को वैश्विक फैशन के अनुरूप बनाना है।

इस कलेक्शन में ओडिशा की इकट, कांचीपुरम, मुगा, पटोला और बनारसी जैसी प्रसिद्ध बुनाई को ग्रीक, नॉर्वेजियन, मिस्री, स्पेनिश और यूएई शैली के साथ जोड़ा गया, जिससे एक नया डिजाइन दृष्टिकोण सामने आया।

कार्यक्रम में 61वीं फेमिना मिस इंडिया की 30 राज्य विजेताओं ने इन परिधानों को पहनकर भारतीय हथकरघा की भव्यता को प्रदर्शित किया।

विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र भारत की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने, रोजगार सृजन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने “गांव से ग्लोबल” विजन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर साध्वी सतीश सैलने पारंपरिक कुनबी बुनाई से प्रेरित परिधान पहना, जो यूरोपीय डिजाइन शैली में प्रस्तुत किया गया था।

यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और प्रधानमंत्री के 5F विजन—फार्म से फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन—को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


ओडिशा में देश की पहली 3डी चिप पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला, सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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भुवनेश्वर: भुवनेश्वर के इंफो वैली में देश की पहली उन्नत 3डी चिप पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला रखी गई। यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस परियोजना का शुभारंभ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में किया गया। यह हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस परियोजना 3D Glass Solutions द्वारा स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे राज्य और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ओडिशा अब वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना के तहत हर साल 70,000 ग्लास पैनल, 5 करोड़ असेंबल्ड यूनिट्स और लगभग 13,000 उन्नत मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और ओडिशा इस बदलाव का अहम केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में पिछले 12 वर्षों में छह गुना वृद्धि हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ओडिशा में दो सेमीकंडक्टर परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं और कई अन्य प्रस्तावों पर काम चल रहा है। साथ ही, राज्य में रेलवे परियोजनाओं के तहत ₹90,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।


यह अत्याधुनिक परियोजना खोरधा जिले में स्थापित की जा रही है, जहां 2028 तक उत्पादन शुरू होने और 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल ओडिशा को एक उभरते सेमीकंडक्टर और तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


आईएनएस सुनयना ने थाईलैंड से रवाना होकर समुद्री सहयोग को दिया नया आयाम

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फुकेट: INS Sunayna (आईओएस सागर) ने 17 अप्रैल 2026 को फुकेट, थाईलैंड से तीन दिवसीय ऑपरेशनल टर्नअराउंड (OTR) सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रस्थान किया। यह मौजूदा तैनाती के दौरान उसका दूसरा पोर्ट कॉल था।

इस दौरान जहाज ने रॉयल थाई नौसेना के साथ कई पेशेवर, रणनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया, जिससे भारत और थाईलैंड के बीच नौसैनिक सहयोग और मजबूत हुआ।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर सिद्धार्थ चौधरी ने रियर एडमिरल सथापोर्न वाजरत से मुलाकात कर समुद्री सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच और संयुक्त योग सत्र का आयोजन किया गया, जिससे आपसी संबंध और मजबूत हुए। साथ ही, जहाज पर आयोजित डेक रिसेप्शन में वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भाग लिया, जहां समुद्री सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा हुई।

पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) के दौरान एचटीएमएस क्लोंगयाई के साथ संयुक्त अभ्यास किया गया, जिसमें संचार ड्रिल और फॉर्मेशन संचालन के जरिए दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

यह दौरा भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी को दर्शाता है, जो ‘MAHASAGAR’ दृष्टिकोण के अनुरूप है।

अब आईओएस सागर जकार्ता, इंडोनेशिया की ओर रवाना हो चुका है, जहां वह अपने अगले पोर्ट कॉल के तहत क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को और सशक्त करेगा।


बस्तर में क्रिकेट का महासंग्राम: सचिन खुद खेलेंगे बच्चों के साथ

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 दंतेवाड़ा : कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहा बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। इसी बदली हुई तस्वीर के बीच 22 अप्रैल को भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपने परिवार के साथ दंतेवाड़ा पहुंचेंगे। उनका कार्यक्रम इंद्रावती नदी के किनारे बसे छिंदनार गांव में प्रस्तावित है, जहां वे स्थानीय बच्चों और ग्रामीणों के बीच समय बिताएंगे।


बच्चों के साथ खेलेंगे क्रिकेट

इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि सचिन तेंदुलकर खुद बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में यह कार्यक्रम न सिर्फ खास बल्कि यादगार बनने जा रहा है। क्षेत्र के बच्चों और ग्रामीणों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

खेल और शिक्षा को बढ़ावा

यह पहल सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के माध्यम से की जा रही है, जो लंबे समय से बस्तर जैसे क्षेत्रों में खेल और शिक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रही है। खासतौर पर उस समय यह पहल शुरू की गई थी, जब यह इलाका नक्सल समस्या से प्रभावित था।

बदलते बस्तर की तस्वीर

अब हालात में सुधार के बाद सचिन का यह दौरा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। यह न केवल बच्चों को प्रेरित करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि बस्तर अब विकास और अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हालिया दौरा और जमीनी पहल

हाल ही में फाउंडेशन की टीम ने भी छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के पास स्थित गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया। साथ ही बिलासपुर के गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से मुलाकात कर जमीनी हकीकत को समझने का प्रयास किया गया।

फोन कॉल को लेकर विवाद बना जानलेवा: B.Ed छात्रा की गला दबाकर हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार

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 दुर्ग। पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में एक बीएड छात्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मृतिका के सहपाठी और कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है।


मृतिका की पहचान यूनेश्वरी वर्मा के रूप में हुई है, जो खैरागढ़ जिले की निवासी थी और दुर्ग स्थित बीएम कॉलेज में बीएड की पढ़ाई कर रही थी। वह पिछले दो वर्षों से शहर में किराए के मकान में रह रही थी। आरोपी कार्तिक राम साहू (27) बालोद जिले का रहने वाला है और उसी कॉलेज में छात्र है।

पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध था। घटना वाले दिन फोन कॉल नहीं उठाने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो बाद में बढ़ गया। आरोपी युवक यूनेश्वरी को सुभाष नगर स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया, जहां दोनों के बीच फिर से तीखी बहस हुई।

गुस्से में ली जान

बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी ने आक्रोश में आकर युवती का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने युवती को बेहोश समझते हुए 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया।

मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार

एंबुलेंस के पहुंचने पर युवती को मृत पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।

तनाव के बीच फिर अस्थिर हुआ होर्मुज स्ट्रेट, ईरान ने भारतीय जहाज को लौटाया

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 Iran War: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में एक बार फिर अस्थिरता देखने को मिल रही है। शनिवार, 18 अप्रैल को ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक भारतीय जहाज को बीच रास्ते से लौटने का निर्देश दिया।


जानकारी के अनुसार, ‘भाग्य लक्ष्मी’ नामक यह जहाज यूएई से रवाना हुआ था और इसमें भारतीय चालक दल मौजूद था। जैसे ही जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहा था, ईरानी अधिकारियों ने रेडियो संदेश के जरिए स्पष्ट निर्देश दिया कि मार्ग फिलहाल बंद है और जहाज को तत्काल वापस लौटना होगा।

रेडियो बातचीत का ऑडियो वायरल

इस घटनाक्रम का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें जहाज के कैप्टन और IRGC अधिकारी के बीच बातचीत सुनी जा सकती है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि स्ट्रेट से आवाजाही पर रोक है और जहाज को अपने पोर्ट की ओर लौटना होगा। इसके बाद जहाज ने दिशा बदल ली।

गोलीबारी की भी घटना

इससे पहले ईरानी गनबोट्स द्वारा भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर गोलीबारी की घटना भी सामने आई। इनमें से एक टैंकर इराकी तेल लेकर जा रहा था। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन एक जहाज ‘Sanmar Herald’ को नुकसान पहुंचने की खबर है।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

घटना को लेकर भारत सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब कर भारतीय जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। भारत ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर बताते हुए सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की है।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जहां से रोजाना बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। हाल ही में ईरान ने इसे खोलने का संकेत दिया था, लेकिन अमेरिका की आर्थिक नीतियों के विरोध में IRGC ने एक बार फिर प्रतिबंधात्मक रुख अपनाया है।

भारत पर पड़ सकता है असर

भारत अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से तेल की कीमतों और आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समुद्री सुरक्षा को लेकर सतर्क है।

आशीर्वाद समारोह के बाद दूल्हे की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में फंदे पर मिला शव

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 धमतरी। जिले के कुरूद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कन्हारपुरी में शादी के एक दिन बाद ही दूल्हे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।


मृतक की पहचान सिद्धेश्वर कंवर (28), पिता रामजोहन कंवर, निवासी कन्हारपुरी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सिद्धेश्वर का विवाह 16 अप्रैल को महासमुंद जिले के ग्राम डोकरपाली में संपन्न हुआ था। इसके बाद 17 अप्रैल को कन्हारपुरी में आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण शामिल हुए।

बताया गया है कि समारोह समाप्त होने के बाद सिद्धेश्वर अपने कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को संदेह हुआ। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा गया, जहां वह फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

जांच जारी, कई पहलुओं पर फोकस

पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मृतक की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

ग्रामीणों के मुताबिक, शादी के दौरान मृतक का व्यवहार सामान्य था और किसी प्रकार की असामान्यता सामने नहीं आई थी, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली बन गई है।

केला ट्रक में छिपाकर हो रही थी तस्करी, महासमुंद में 4.66 करोड़ का गांजा जब्त

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 महासमुंद। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और बसना थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 912.760 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपए बताई गई है।


पुलिस के अनुसार, तस्कर केला परिवहन की आड़ में गांजा की खेप ले जा रहे थे। आईशर प्रो 2059 ट्रक में केले की बोरियों के बीच 29 बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया।

जांच में यह भी सामने आया कि तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहे थे। मौके से ओडिशा और उत्तरप्रदेश के नंबरों वाली चार फर्जी प्लेट भी जब्त की गई हैं।

कार्रवाई के दौरान झारखंड निवासी आरोपी अब्दुल नईम (42) को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि वह ओडिशा से गांजा लाकर उत्तरप्रदेश में सप्लाई करने की फिराक में था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही कूटरचना से जुड़े प्रावधानों के तहत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इस कार्रवाई में गांजा के अलावा करीब 10 लाख रुपए कीमत का ट्रक, दो मोबाइल फोन और चार फर्जी नंबर प्लेट जब्त की गई हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत लगभग 4 करोड़ 66 लाख 45 हजार रुपए आंकी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में जिले में 72 मामलों में 5629.602 किलोग्राम गांजा जब्त कर 187 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 135 आरोपी अन्य राज्यों के हैं। लगातार चेकिंग और सख्त निगरानी के चलते जिले में तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ तप रहा: 45°C पार पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अब विकराल रूप ले लिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शनिवार को राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है।


मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। हवा में नमी की कमी और पश्चिम एवं दक्षिण-पश्चिम दिशा से चल रही गर्म हवाओं के कारण हीट वेव जैसे हालात बन रहे हैं।

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों तक लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर में भी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अप्रैल में जहां सामान्य अधिकतम तापमान लगभग 39.5 डिग्री सेल्सियस रहता है, वहीं वर्तमान में यह 44 डिग्री के करीब पहुंच गया है, यानी सामान्य से 4 से 5 डिग्री अधिक।

दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। गर्म रातों के कारण नींद और दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में रायपुर का तापमान पहले भी खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। 30 अप्रैल 1942 को यहां 46.1 डिग्री सेल्सियस और 28 अप्रैल 1999 को 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस वर्ष भी तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अप्रैल का अंतिम सप्ताह सबसे अधिक गर्म रहता है और 25 से 30 अप्रैल के बीच तापमान अपने चरम पर पहुंचता है। प्रदेश में अब उसी चरण की शुरुआत हो चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है।

हालांकि राहत के संकेत फिलहाल सीमित हैं। कभी-कभार आंधी या हल्की बारिश की संभावना बन सकती है, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा देर तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

सावधानी जरूरी:

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक पानी पिएं, धूप से बचें, सिर और चेहरे को ढककर बाहर निकलें तथा दोपहर के समय घर में ही रहें। आने वाले दिन इस सीजन के सबसे गर्म साबित हो सकते हैं।

प्रख्यात लेखक और विचारक बलबीर पुंज के निधन पर प्रधानमंत्री ने जताया शोक

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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक, चिंतक और जन बुद्धिजीवी बलबीर पुंज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बलबीर पुंज जी एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी लेखक और विचारक थे, जिन्होंने मीडिया जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी लेखनी व्यापक रूप से पढ़ी जाती थी और उसमें राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता झलकती थी।

उन्होंने कहा कि उनके संसदीय हस्तक्षेप तथ्यों और सिद्धांतों से भरपूर होते थे, जो उनकी गहन समझ को दर्शाते थे।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बलबीर पुंज जी ने भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए और विशेष रूप से विद्यार्थियों, पेशेवरों, विद्वानों और बुद्धिजीवियों को पार्टी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गुजरात सहित कई राज्यों के प्रभारी भी रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि वे पल उनके लिए अविस्मरणीय रहेंगे।

उन्होंने दिवंगत नेता के परिजनों और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।


​ रीवा में पहली बार सजेगी 'चंदैनी' की महफ़िल, तैयारियां जोरों पर

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 आरंग- छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और लोक परंपराओं को जीवंत रखने के लिए ग्राम रीवा (गढ़रीवां) में  22 अप्रैल को एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। 'लोरिक नगर' के नाम से विख्यात इस गांव में पहली बार लोरिक चंदा (चंदैनी) लोकनाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।



बैठक में बनी रणनीति 

​इस महोत्सव को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। शनिवार को ग्राम पंचायत में सरपंच घसियाराम साहू की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक हुई। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों और 'पीपला फाउंडेशन' के सदस्यों ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। महोत्सव को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने जनसहयोग का संकल्प लिया है, जिसमें फाउंडेशन ने 10 हजार रुपये की शुरुआती मदद भी दी है।

दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल 

​इस सांस्कृतिक महोत्सव के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन करेंगी। साथ ही, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और इस विधा के जानकार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

विलुप्त होती कला को बचाने की पहल 

​सरपंच घसियाराम साहू और पीपला फाउंडेशन के  संयोजक महेंद्र कुमार पटेल ने चिंता जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रची-बसी 'चंदैनी' विधा अब धीरे-धीरे कम हो रही है। एक समय था जब लोग रात-रात भर चंदैनी देखने दूर-दूर जाया करते थे। आज इस विरासत को फिर से जीवित करने और सहेजने की जरूरत है। इसी क्रम में यह प्रयास किया जा रहा है।



प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष चंदैनी महोत्सव आयोजित हो रहा है।

​यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू होने का मौका भी देगा। पूरे क्षेत्र में इस महोत्सव को लेकर जबरदस्त चर्चा है।

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