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ग्राम पंचायतों के लिए उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू

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नई दिल्ली:- उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने वर्ष 2024 और 2025 में आयोजित वर्चुअल क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की सफलता के बाद, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ग्राम पंचायतों के लिए अपने राष्ट्रीय वर्चुअल क्षमता निर्माण कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू किया है। यह श्रृंखला 13 फरवरी 2026 को पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाना और संरक्षण तंत्र को मजबूत करना है।

इस पहल के तहत पहली बैठक बिहार, झारखंड और ओडिशा राज्यों के साथ आयोजित की गई, जिसमें 1,011 ऑनलाइन लिंक के माध्यम से हजारों पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को उपभोक्ता अधिकारों, उभरते उपभोक्ता मुद्दों और शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याओं पर सीधे सवाल पूछने और स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

पंचायतों की अहम भूमिका पर जोर

सत्र में पंचायतों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे उपभोक्ता अधिकारों को बढ़ावा दें, अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक लगाएं और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) और ई-जागृति पोर्टल जैसे शिकायत मंचों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित कर सकें।

इससे पहले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत पंचायत प्रतिनिधियों के लिए उपभोक्ता अधिकारों, कर्तव्यों और शिकायत निवारण प्रणाली पर व्यापक जागरूकता सत्र आयोजित किए थे। यह अभियान 20 दिसंबर 2024 को शुरू होकर 22 अगस्त 2025 को समाप्त हुआ था और दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पंचायतों को कवर किया गया था।

क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजन

इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता क्षेत्रीय भाषाओं में सत्रों का आयोजन रहा, जिससे प्रभावी संवाद, व्यापक भागीदारी और बेहतर समझ सुनिश्चित हुई। संबंधित राज्यों की भाषाओं में दक्ष अधिकारियों ने सत्रों की अध्यक्षता की, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद संभव हुआ।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने की पहल

इस पहल से पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता मजबूत हुई है, जिससे वे अपने समुदायों में उपभोक्ता संरक्षण के संवाहक बन सकें। स्थानीय संस्थाओं को उपभोक्ता अधिकारों और शिकायत निवारण प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी देकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को जागरूक और सशक्त बनाने में मदद मिली है।

वर्चुअल कार्यक्रम के फायदे

वर्चुअल प्रारूप ने कम लागत, व्यापक पहुंच और तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित करने के लाभ दिखाए हैं। सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद विभाग ने पंचायती राज मंत्रालय के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को जारी रखने और विस्तार करने का निर्णय लिया है।

निष्कर्ष

इस सतत प्रयास के माध्यम से उपभोक्ता मामलों का विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उपभोक्ता जागरूकता शासन के हर स्तर तक पहुंचे और विशेष रूप से ग्रामीण नागरिकों को जागरूक निर्णय लेने और समय पर शिकायत निवारण तक पहुंचने में सशक्त बनाया जा सके।


महाशिवरात्रि 2026: श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व

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नई दिल्ली/महासमुंद-आज देशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। भगवान शिव की आराधना के लिए मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शिवालयों में “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया है।

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

देशभर में भव्य आयोजन

काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकालेश्वर, केदारनाथ, सोमनाथ और बैद्यनाथ धाम सहित देश के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। कई जगहों पर भजन-कीर्तन, शिव बारात और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।

आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व

महाशिवरात्रि केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और शिव भक्ति करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनुष्य को शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

युवाओं और श्रद्धालुओं की भागीदारी

इस वर्ष युवाओं में भी महाशिवरात्रि को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर युवाओं ने सेवा कार्य, रक्तदान शिविर और स्वच्छता अभियान भी चलाए, जिससे पर्व के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

निष्कर्ष

महाशिवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, तप, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

हर हर महादेव!


यूनियन बजट 2026–27: MSME सेक्टर को विकास का केंद्र

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सरकार ने MSME को “चैंपियन” बनाने के लिए 3-स्तरीय रणनीति अपनाई:
    👉 इक्विटी सपोर्ट, 👉 लिक्विडिटी सपोर्ट, 👉 प्रोफेशनल सपोर्ट

  • कूरियर निर्यात सीमा ₹10 लाख प्रति कंसाइनमेंट हटाने का प्रस्ताव, जिससे छोटे व्यापारियों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंच मिलेगी।

  • MSME सेक्टर का योगदान:

    • 🏭 35.4% मैन्युफैक्चरिंग

    • 📦 48.58% निर्यात

    • 💰 31.1% GDP

    • 👩‍💼 7.47 करोड़+ उद्यम, 32.82 करोड़+ रोजगार

MSME को बढ़ावा देने की 3-स्तरीय रणनीति

इक्विटी सपोर्ट (Equity Support)

  • ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund – भविष्य के बड़े MSME तैयार करने के लिए

  • SRI Fund में ₹2,000 करोड़ अतिरिक्त – माइक्रो एंटरप्राइज को जोखिम पूंजी

  • अब तक 682 MSME को ₹15,442 करोड़ निवेश सहायता

लिक्विडिटी सपोर्ट (Liquidity Support)

  • TReDS प्लेटफॉर्म से ₹7 लाख करोड़+ फंड MSME को

  • नए कदम:
    ✔ CPSEs को MSME भुगतान TReDS से करना अनिवार्य
    ✔ CGTMSE क्रेडिट गारंटी से इनवॉइस डिस्काउंटिंग
    ✔ GeM + TReDS इंटीग्रेशन
    ✔ TReDS रिसीवेबल्स को एसेट सिक्योरिटी बनाना

मतलब: MSME को तेजी से और सस्ता लोन मिलेगा

प्रोफेशनल सपोर्ट (Professional Support)

  • ICAI, ICSI, ICMAI मिलकर Corporate Mitra तैयार करेंगे

  • ये MSME को:

    • टैक्स

    • कंप्लायंस

    • मैनेजमेंट
      में मदद करेंगे (कम लागत में)

छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा निर्यात मौका

  • कूरियर निर्यात की ₹10 लाख सीमा हटेगी

  • B2C ई-कॉमर्स ग्लोबल बिक्री आसान

  • रिटर्न/रिजेक्टेड शिपमेंट ट्रैकिंग में टेक्नोलॉजी उपयोग

छोटे स्टार्टअप, कारीगर, हस्तशिल्प उद्योग को फायदा

 MSME के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएँ

Udyam Registration & Udyam Assist

  • 7.30 करोड़+ MSME रजिस्टर

  • फ्री, डिजिटल और पेपरलेस

PMEGP योजना

  • 10.71 लाख+ माइक्रो एंटरप्राइज सहायता

  • ₹29,249 करोड़ सब्सिडी

  • 87 लाख+ रोजगार

MSME Champions Scheme

तीन भाग:

  • ZED (Zero Defect Zero Effect)

  • LEAN (उत्पादकता सुधार)

  • Innovative (Incubation, Design, IPR)

गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और इनोवेशन बढ़ाने के लिए

ONDC & TEAM Initiative

  • 5 लाख MSME को ई-कॉमर्स नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य

  • सप्लाई चेन लागत कम

ODR Portal (Online Dispute Resolution)

  • MSME भुगतान विवाद सुलझाने का डिजिटल प्लेटफॉर्म

  • कोर्ट जाने से पहले समझौता संभव

Credit Guarantee Scheme (CGSMSE)

  • बिना कोलेटरल लोन गारंटी

  • गारंटी सीमा ₹10 करोड़

  • ट्रांसजेंडर उद्यमियों को विशेष लाभ

 PM Vishwakarma Scheme

  • 18 ट्रेड के कारीगरों को ट्रेनिंग और लोन

  • 30 लाख+ लाभार्थी

  • 30,000+ कारीगर GeM पर

  • ई-कॉमर्स मार्केटिंग सपोर्ट

श्रम सुधार (Labour Reforms)

  • लेबर कोड से:
    ✔ आसान कंप्लायंस
    ✔ डिजिटल सिस्टम
    ✔ सोशल सिक्योरिटी
    ✔ MSME पर इंस्पेक्शन बोझ कम

निष्कर्ष (Conclusion)

  • MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं

  • ग्रामीण विकास, रोजगार और निर्यात में बड़ी भूमिका

  • बजट 2026-27 MSME को फॉर्मल, इनोवेशन-ड्रिवन और ग्लोबल मार्केट-ओरिएंटेड बनाने का लक्ष्य रखता है

आने वाले वर्षों में MSME भारत के विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे

मौसम ने ली करवट: 11 राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, IMD की चेतावनी

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नई दिल्ली। देश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। तापमान में बढ़ोतरी के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है।


आईएमडी के मुताबिक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश (पश्चिमी भाग), राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16-17 फरवरी को बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिलेगा।

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मौसम फिलहाल सुहावना बना रहेगा। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 17-18 फरवरी को बारिश के चलते ठंड एक बार फिर दस्तक दे सकती है।

कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज, सूरजपुर में सामूहिक इस्तीफों से सियासी हलचल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर सियासी घमासान खुलकर सामने आ गया है। नई जिला कार्यकारिणी के विस्तार के महज 3-4 दिन बाद करीब 10 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें एक पूर्व सांसद की बहू का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। एक साथ हुए इन इस्तीफों से जिला कांग्रेस कमेटी में हलचल मच गई है।


‘गुटबाजी’ के आरोप

इस्तीफा देने वाले नेताओं का आरोप है कि संगठन में एक खास गुट को तवज्जो दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं की अनदेखी हो रही है। अंदरखाने चल रही नाराजगी अब सार्वजनिक हो गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या सूरजपुर में कांग्रेस दो धड़ों में बंट चुकी है?

बीजेपी का हमला

इस्तीफों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गर्त की ओर जा रही है और वहां एक-दूसरे को नीचे दिखाने की राजनीति चल रही है। वहीं संतोष पांडेय ने कांग्रेस को “बिना विचारधारा वाली पार्टी” तक करार दिया।

कांग्रेस की सफाई

पूरे मामले पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा, “हमारी पार्टी में प्रजातंत्र जीवित है। गुटबाजी अगर कहीं है तो भाजपा में है। हम बातचीत से मसले सुलझाते हैं और इस मामले में भी प्रभारी से चर्चा की जाएगी।”

सूरजपुर में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक ओर भाजपा हमलावर है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे आंतरिक लोकतंत्र बता रही है। अब नजर इस बात पर है कि क्या संवाद से मामला सुलझेगा या इस्तीफों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा धाम : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।


इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।


उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है।

इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मजबूत समाज से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। सामाजिक समरसता, जागरूकता और सामूहिक चिंतन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खारीझरिया में आयोजित झरिया यादव महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री साय ने खारीझरिया में मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे महासम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समाज के प्रबुद्धजनों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। आज प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय संचालित हैं तथा प्रदेश में मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी निरंतर स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यादव समाज की गौसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज के रूप में समाज ने सदियों से गौवंश संरक्षण और सेवा का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है तथा होली पर्व से पूर्व अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी।वनवासी परिवारों के हित में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

11.75 करोड़ के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में 11 करोड़ 75 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपये की लागत के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार रुपये की लागत के एक विकास कार्य का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में झरिया यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष जगनिक यादव सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

महाशिवरात्रि 2026: 300 साल बाद बना 8 योग का संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और उपाय

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 Mahashivratri 2026 Shubh Muhurt: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा हर कष्ट को दूर कर मनोकामनाएँ पूर्ण करती है।


इस बार महाशिवरात्रि पर दुर्लभ 8 शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 5:04 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 5:34 बजे

शिव पूजा में आवश्यक सामग्री

भगवान शिव की पूजा कुछ विशेष वस्तुओं के बिना अधूरी मानी जाती है —

  • जल या गंगाजल
  • बेलपत्र
  • अक्षत (चावल)

मान्यता है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित करने से भी भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की बाधाएँ दूर करते हैं।

महाशिवरात्रि के खास उपाय

1. गंगाजल अर्पित करें

शुद्ध मन से शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है तथा मानसिक शांति मिलती है।

2. दूध से अभिषेक

गाय का दूध चढ़ाने से परिवार में सुख-शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।

3. रुद्राक्ष अर्पित कर धारण करें

पूजा के बाद रुद्राक्ष को लाल या सफेद धागे में गले या बाजू में धारण करने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।

महाशिवरात्रि केवल व्रत और पूजा का दिन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है। श्रद्धा से किया गया छोटा सा अभिषेक भी जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकता है।

AIIMS नौकरी का सपना दिखाकर दरिंदगी- 6 लाख ऐंठे, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला सामने आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक 25 वर्षीय युवती से करीब 6 लाख रुपये ऐंठने और दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।


आमानाका थाना पुलिस के अनुसार आरोपी रितेश चंद्राकर (26), निवासी पांडातराई (कवर्धा), को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

सोशल मीडिया से दोस्ती, भरोसे का फायदा

पुलिस जानकारी के मुताबिक करीब दो साल पहले आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवती से संपर्क किया। उसने खुद को एम्स रायपुर में कार्यरत बताते हुए अधिकारियों से अच्छी पहुंच होने का दावा किया और युवती को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

भरोसा जीतने के बाद उसने अलग-अलग किस्तों में करीब 6 लाख रुपये लिए। युवती ने यह रकम कर्ज लेकर जुटाई थी। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया।

फर्जी दस्तावेज का खुलासा, फिर ब्लैकमेल

जब युवती ज्वाइनिंग के लिए एम्स पहुंची तो दस्तावेज फर्जी निकले और ठगी का पता चला। इसके बाद आरोपी ने आमनाका स्थित एक होटल में युवती को बुलाकर दुष्कर्म किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा।

कई धाराओं में मामला दर्ज

शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को कवर्धा से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ

  • ठगी
  • दुष्कर्म
  • आईटी एक्ट

की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जल्द मामले का विस्तृत खुलासा करेगी।

नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।


मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, कृष्णा राय, पवन साय, भरत सिंह, अरविन्द प्रसाद साय, कपिल देव साय, सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नई दिल्ली में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन (SHe-Box) का आयोजन

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नई दिल्ली- हिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा (SHe-Box) विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, संसद सदस्य सुधांशु त्रिवेदी, रेखा शर्मा, लवली आनंद और शोभनाबेन महेंद्रसिंह बारैया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, आंतरिक समितियों (IC) और स्थानीय समितियों (LC) के अध्यक्ष व सदस्य, नोडल अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के नेता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि SHe-Box पोर्टल के माध्यम से देशभर में 1.5 लाख से अधिक कार्यस्थलों को जोड़ा गया है और प्रत्येक जिले में स्थानीय समितियों की स्थापना से महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया गया है।

महिलाओं की सुरक्षा और समानता पर जोर

अपने मुख्य संबोधन में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि न्याय और समानता के प्रति देश की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि

  • 1.48 लाख से अधिक संस्थान SHe-Box पोर्टल पर पंजीकृत हैं

  • 60,000 से अधिक आंतरिक समितियां सक्रिय हैं

  • महिला श्रम भागीदारी दर पिछले छह वर्षों में 23% से बढ़कर 42% हो गई है

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हर महिला बिना डर के कार्य कर सके और नेतृत्व कर सके।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जानकारी

राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि कार्यस्थल की सुरक्षा महिलाओं का मौलिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि

  • मुद्रा ऋण का 70% महिलाओं को दिया गया है

  • पीएम स्वनिधि योजना के 44% लाभार्थी महिलाएं हैं

  • 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं

उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर महिला सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।

नई पहल और घोषणाएं

सम्मेलन के दौरान मंत्री ने

  • SHe-Box का नया लोगो

  • PoSH स्वैच्छिक अनुपालन चेकलिस्ट

  • मिशन शक्ति ऐप के साथ SHe-Box का एकीकरण

  • कर्मयोगी भारत PoSH प्रशिक्षण लिंक
    का शुभारंभ किया।

साथ ही राष्ट्रीय कार्यस्थल सुरक्षा प्रतिज्ञा भी दिलाई गई।

विशेष चर्चा और पैनल सत्र

सम्मेलन में “अनुपालन को मजबूत करने और सुरक्षित कार्यस्थल संस्कृति बनाने” पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें मंत्रालय, संसद, सुप्रीम कोर्ट, UN Women और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस चर्चा में संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

व्यापक सहभागिता

इस सम्मेलन में लगभग 1,500 प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि 40,000 से अधिक लोग लाइव वेबकास्ट के माध्यम से जुड़े।

सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना, PoSH कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना और SHe-Box के उपयोग को बढ़ावा देना है।


बेंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन (ICDS 2026) का आयोजन, वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी

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बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के जे.एन. टाटा ऑडिटोरियम में 13–14 फरवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन (ICDS 2026) का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (DRIP) फेज-II और फेज-III के तहत आयोजित किया गया है।

सम्मेलन का आयोजन जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग (जल शक्ति मंत्रालय) और कर्नाटक सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा केंद्रीय जल आयोग (CWC), IISc बेंगलुरु और विश्व बैंक के सहयोग से किया गया है।

सम्मेलन का उद्घाटन कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने की। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, विश्व बैंक के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जोहान्स ज़ुट, ICOLD के अध्यक्ष डी.के. शर्मा सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पुराने बांधों, जलवायु जोखिम और सतत विकास की चुनौतियों को देखते हुए बांध सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण विषय है, जिसके लिए विज्ञान आधारित और सहयोगात्मक प्रयास जरूरी हैं। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बांध सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए पारदर्शी नीतियों और सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया।

सम्मेलन में DAMCHAT नामक एआई आधारित प्लेटफॉर्म और जल शक्ति डेटा प्रबंधन प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। साथ ही बांध डिजाइन और जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशानिर्देश और प्रकाशन जारी किए गए।

ICDS 2026 में 12 देशों के 750 से अधिक प्रतिनिधि, इंजीनियर, नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में बांध सुरक्षा नियम, संरचनात्मक निगरानी, पुनर्वास तकनीक, जलाशय प्रबंधन, जोखिम आधारित निर्णय प्रणाली और बाढ़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है।

यह सम्मेलन भारत की बांध सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, जलवायु सहनशीलता बढ़ाने और आधुनिक जल अवसंरचना विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


देहरादून में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने संबोधित किया

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों को उनकी शैक्षणिक यात्रा पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है और यह सेवा व जिम्मेदारी के नए चरण की शुरुआत भी है।

मंत्री नड्डा ने छात्रों से चिकित्सा पेशे के उच्चतम आदर्शों को अपनाने, निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और मानवता की सेवा में अपने ज्ञान और कौशल को समर्पित करने का आह्वान किया।

उन्होंने पिछले 11 वर्षों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई बड़ी प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में AIIMS की संख्या 6 से बढ़कर 23 हो गई है। उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव दर लगभग 89% तक पहुँच गई है, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, और भारत ने वैश्विक औसत से तेज़ी से पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में कमी दर्ज की है।

केंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना, आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च में कमी, टीबी और मलेरिया नियंत्रण, तथा 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना जैसी उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की असली ताकत समर्पित और संवेदनशील चिकित्सा पेशेवरों में निहित है।



भारत की क्वांटम साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

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क्वांटम कंप्यूटिंग से उत्पन्न होने वाले नए साइबर खतरों से निपटने के लिए भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत भारत सरकार की प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने Synergy Quantum India Private Limited के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कंपनी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों क्षेत्रों में पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी समाधान प्रदान करती है।

इस समझौते का उद्देश्य एक स्वचालित टूल विकसित करना है, जो उपकरणों में उपयोग होने वाले क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम की पहचान करेगा, उन्हें वर्गीकृत करेगा और क्वांटम-संवेदनशील एल्गोरिदम की रिपोर्ट तैयार करेगा। यह टूल किसी डिवाइस को स्कैन करके उसके सुरक्षा तंत्र और एल्गोरिदम का पता लगाएगा, क्वांटम-सुरक्षित और क्वांटम-संवेदनशील एल्गोरिदम के बीच अंतर करेगा और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा ताकि भविष्य में क्वांटम-सुरक्षित सुरक्षा प्रणाली में संक्रमण की योजना बनाई जा सके।

इस समाधान के तीन मुख्य मॉड्यूल होंगे:

  1. वेब एप्लिकेशन: नेटवर्क ट्रैफिक, कमजोरियों और क्वांटम जोखिमों का बाहरी स्कैनिंग।

  2. सिक्योरिटी स्कैनर एजेंट: डिवाइस के अंदर लाइब्रेरी और एंडपॉइंट सुरक्षा का आंतरिक स्कैन।

  3. कंट्रोल सॉफ्टवेयर: एजेंट इंस्टॉलेशन, स्कैन संचालन और सभी कमजोरियों की रिपोर्ट तैयार करना।

यह सहयोग रक्षा, दूरसंचार, बैंकिंग और सरकारी क्षेत्रों सहित महत्वपूर्ण नेटवर्क और उपकरणों में क्रिप्टोग्राफिक कमजोरियों का प्रारंभिक पता लगाने में मदद करेगा और संस्थानों को पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की ओर संक्रमण में सहायता करेगा।

यह साझेदारी “आत्मनिर्भर भारत” पहल के अनुरूप स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी और भारत को क्वांटम सुरक्षा तकनीक में वैश्विक अग्रणी बनाने में मदद करेगी।

C-DOT के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास के साथ पारंपरिक क्रिप्टोग्राफी प्रणालियों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और यह सहयोग भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

Synergy Quantum के सह-संस्थापक और सीईओ जय ओबेरॉय ने कहा कि यह साझेदारी भारत की क्वांटम-सुरक्षित सुरक्षा यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह टूल सरकारी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को क्वांटम जोखिमों का आकलन करने और उन्हें कम करने में सक्षम बनाएगा।

समझौता हस्ताक्षर समारोह में C-DOT और Synergy Quantum के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

C-DOT के बारे में:

C-DOT भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्था है, जिसने क्वांटम-सुरक्षित तकनीकों और क्वांटम की वितरण (QKD) प्रणालियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Synergy Quantum के बारे में:

Synergy Quantum एक संप्रभु क्वांटम सुरक्षा कंपनी है, जो राष्ट्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संचालकों को क्वांटम युग में सुरक्षित डिजिटल प्रणालियाँ बनाए रखने में सक्षम बनाती है।


डाक विभाग ने ‘भारत की कठपुतलियाँ’ विषय पर 8 स्मारक डाक टिकट जारी किए, देश की समृद्ध लोक कला परंपरा को मिला सम्मान

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नई दिल्ली- डाक विभाग ने 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में “पपेट्स ऑफ इंडिया (भारत की कठपुतलियाँ)” विषय पर 8 स्मारक डाक टिकटों का विशेष सेट जारी किया। इन टिकटों का औपचारिक विमोचन डाक विभाग की सचिव सुश्री वंदिता कौल ने प्रतिष्ठित अतिथियों, कलाकारों और सांस्कृतिक जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया।

इस अवसर पर सचिव (डाक) ने कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की विरासत के छोटे राजदूत होते हैं। उन्होंने कहा कि यह विशेष अंक भारत की समृद्ध और विविध कठपुतली परंपराओं का सम्मान करता है, जिन्होंने पीढ़ियों से लोककथाओं, मूल्यों और सांस्कृतिक स्मृति को जीवित रखा है।

भारत की प्राचीन कठपुतली परंपरा

कठपुतली कला भारत की सबसे प्राचीन और जीवंत कहानी कहने की परंपराओं में से एक है। सदियों से कठपुतली कलाकार संगीत, कथावाचन और दृश्य कला के माध्यम से महाकाव्य, लोककथाएं, नैतिक शिक्षाएं और सामाजिक संदेश प्रस्तुत करते रहे हैं।

भारत में कठपुतली कला को मुख्य रूप से चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • डोरी वाली कठपुतलियाँ (String Puppets)

  • दस्ताने वाली कठपुतलियाँ (Glove Puppets)

  • छड़ी कठपुतलियाँ (Rod Puppets)

  • छाया कठपुतलियाँ (Shadow Puppets)

यह कला पारिवारिक परंपरा के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती रही है।

देश के विभिन्न राज्यों की कठपुतली कला को दर्शाते टिकट

इस स्मारक श्रृंखला में भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कठपुतली कला को दर्शाया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • कठपुतली – राजस्थान

  • यक्षगान सूत्रदा गोम्बेयट्टा – कर्नाटक

  • डांगर पुतुल – पश्चिम बंगाल

  • काठी कुंधेई – ओडिशा

  • बेनीर पुतुल – पश्चिम बंगाल

  • पावकथकली – केरल

  • रावणछाया – ओडिशा

  • टोलु बोम्मलट्टा – आंध्र प्रदेश

प्रत्येक टिकट संबंधित क्षेत्र की विशिष्ट पोशाक, शैली और प्रस्तुति कला को दर्शाता है।

डिज़ाइन और फिलेटेलिक उत्पाद

डाक टिकटों, प्रथम दिवस आवरण (FDC), ब्रोशर, मिनिएचर शीट और विशेष कैंसलेशन का डिज़ाइन संखा समंता द्वारा किया गया है। इन टिकटों के लिए कलात्मक संदर्भ और सामग्री संगीत नाटक अकादमी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, दरिचा फाउंडेशन और प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार दादी पुदुमजी द्वारा प्रदान की गई।

  • टिकट मूल्य: 500 पैसे (8 टिकटों का सेट)

  • ये टिकट और अन्य फिलेटेलिक उत्पाद देशभर के फिलेटेलिक ब्यूरो और epostoffice.gov.in पर उपलब्ध हैं।


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