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छत्तीसगढ़ को खेलों की बड़ी सौगात की तैयारी, रायपुर में टेनिस एक्सिलेंस सेंटर का प्रस्ताव

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 रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से सौजन्य मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में खेल प्रशिक्षण और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।


डिप्टी सीएम साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 23 खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं, जिनकी शीघ्र स्वीकृति का आग्रह उन्होंने किया है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का क्षेत्रीय केंद्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) की स्थापना, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के क्षेत्रीय केंद्र, बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर में दो अतिरिक्त खेलों की मंजूरी, तथा रायपुर में टेनिस के लिए खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर की स्वीकृति की आवश्यकता है।

डिप्टी सीएम साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में खेल प्रतिभाओं की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान में राज्य की कोचिंग एवं खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से पीछे है, जिससे खिलाड़ियों के व्यवस्थित विकास में बाधा आती है। राज्य सरकार का उद्देश्य जिला और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इन संस्थाओं के माध्यम से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग-कैनोइंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

जया एकादशी व्रत आज: स्नान का शुभ समय, पूजा विधि और महत्व, जानें पूरी जानकारी

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 Jaya Ekadashi 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी आज यानी 29 जनवरी को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 04:34 बजे से शुरू होकर 29 जनवरी को दोपहर 01:56 बजे तक रहेगी।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी के दिन स्नान, ध्यान, जप और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं तथा भय, क्लेश और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में इसे विजय और मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी बताया गया है।

जया एकादशी पर स्नान का शुभ समय और महत्व

शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह स्नान आत्मशुद्धि का प्रतीक होता है, जिससे मन, वाणी और कर्म की अशुद्धियां दूर होती हैं। पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है, हालांकि गृहस्थ श्रद्धालु घर पर स्वच्छ जल में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पूर्व जन्मों के पाप और अनजाने दोषों का नाश होता है।

ध्यान और जप से कैसे कटते हैं पाप

जया एकादशी पर ध्यान और नाम जप को विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जप करने से मानसिक नकारात्मकता समाप्त होती है। भगवान विष्णु के स्वरूप का ध्यान करने से भय, चिंता और तनाव दूर होते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस साधना से क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे मानसिक दोष शांत होते हैं और व्यक्ति धर्म के मार्ग पर अग्रसर होता है।

जया एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

जया एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा प्रातः काल या दोपहर में करना श्रेष्ठ माना गया है।
पूजा के दौरान पीले वस्त्र धारण करें, विष्णु प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं और तुलसी दल, पुष्प व अक्षत अर्पित करें। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस पूजा से हिंसा, असत्य और अधर्म से जुड़े पापों का नाश होता है तथा भक्त को विष्णु कृपा प्राप्त होती है।

जया एकादशी पर किन पापों से मिलती है मुक्ति

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत रखने से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेख है कि यह एकादशी भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है।
श्रद्धा भाव से किया गया यह व्रत व्यक्ति को भय, शोक और रोग से मुक्ति दिलाता है। इसी कारण जया एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है।

आधारभूत सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।



मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया।

गृहमंत्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी दीपांशु काबरा, एडीजी अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक भईया लाल रजवाड़े, ललित चंद्राकर, विधायक रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

महासमुंद: तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 1 से 3 फरवरी तक, लोक व शास्त्रीय संगीत की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियाँ

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 महासमुंद : प्रदेश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर स्थल सिरपुर में 1, 2 और 3 फरवरी को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ-साथ देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगी।


शुभारंभ अवसर पर प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम की विशेष प्रस्तुति

प्रथम दिवस 1 फरवरी 2026 को महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर दोपहर 12 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। जिसमें फुलझरिया कर्मा पार्टी, बिलासपुर द्वारा कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच राजनांदगांव की लोक कला की झलक दिखेगी। दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव 2026 का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। तत्पश्चात दोपहर 3:30 बजे से 4:10 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों द्वारा कत्थक एवं लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी प्रकार शाम 4:10 बजे से 4:20 बजे तक सुश्री सुरेखा कामले एंड ग्रुप द्वारा ध्रुपत की प्रस्तुति, शाम 4:20 बजे से 4:30 बजे तक प्रो. डॉ. लवली शर्मा द्वारा सितार वादन की शास्त्रीय प्रस्तुतिँ होंगी। शाम 4:30 बजे से 4:40 बजे तक निदेशक, संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा तथागत नाटक, शाम 4:40 बजे से 4:50 बजे तक इंदिरा कला संगीत विद्यालय खैरागढ़ द्वारा ओडिसी नृत्य, शाम 4:50 से 5:00 बजे तक हिमानी वासनिक राजनांदगांव द्वारा भरथरी की प्रस्तुति होगी। वहीं शाम 5 बजे से रात्रि 7 बजे तक सुनील तिवारी लोक कला मंच, रायपुर का रंग-झांझर कार्यक्रम दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम, दिल्ली की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

दूसरे दिन इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार, नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार की होगी शानदार प्रस्तुति

द्वितीय दिवस 2 फरवरी को सायं 4 बजे से 4:40 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा क्लासिकल वोकल, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट, तबला वादन एवं सुगम संगीत की प्रस्तुतियाँ होंगी। इसके पश्चात शाम 4:40 बजे से 4:50 तक सूफी स्पिरिचुअल म्यूजिक, शाम 4:50 बजे से 5:00 बजे तक कबीर संगीत संध्या की प्रस्तुति होगी। शाम 5:00 बजे 5:15 बजे तक संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा थेरीगाथा नाट्य प्रस्तुति एवं शाम 5:15 बजे से 5:30 बजे तक भरतनाट्यम नृत्य का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक पुष्पा साहू, भिलाई द्वारा नवा किस्मत लोक कला मंच की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक इंडियन आइडल फेम 10 के नितिन कुमार, इंडियन आइडल फेम 12 के नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार अपनी गायन प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

अंतिम दिन प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति

तृतीय दिवस 3 फरवरी समापन दिवस पर दोपहर 2 बजे से बजे तक इशिका गिरी रायपुर द्वारा कत्थक की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी प्रकार 2:10 बजे से भूमिसुता मिश्रा रायपुर द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:20 बजे से कुमारी आसना दिल्लीवार दुर्ग द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:30 बजे से राजनंदिनी पटनायक पिथौरा द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:35 बजे से गीतिका चक्रधर रायपुर द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:45 बजे से आंचल पाण्डेय बिलासपुर द्वारा ओडिसी एकल, दोपहर 3:00 बजे से नवा बिहान लोक कला मंच पिलवापाली बसना द्वारा पंथी नृत्य, दोपहर 3:15 बजे से एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के छात्रों द्वारा बस्तरिहा नाच, दोपहर 3:30 बजे से नानगांव बोहधन एवं साध्वी सेवा मगरपाली द्वारा डंडा नृत्य, दोपहर 3:45 बजे से छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच कन्हारपुरी द्वारा सोला सिंगार लोक प्रस्तुतियाँ एवं शाम 4:15 बजे से 4:30 बजे तक श्री किशोर हम्पीहोली, स्वर संगम सांस्कृतिक मंच नागपुर द्वारा अम्रपाली नृत्य नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव का समापन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके पश्चात सावित्री कहार लोक कला मंच रायपुर द्वारा लोक साधना की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति के साथ सिरपुर महोत्सव 2026 का भव्य समापन होगा।

Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू हुआ संसद का बजट सत्र

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 Budget Session 2026 : संसद का बजट सत्र 2026 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी वर्षों के विकास एजेंडे को सदन के सामने रखा। अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून का उल्लेख होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान की स्थिति बनी रही।


राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 10–11 वर्षों में देश की बुनियाद मजबूत हुई है और वर्ष 2026 से भारत एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्णायक समय बताया।

अभिभाषण में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में अब 2 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई है।

युवाओं के लिए भविष्य की तकनीकों पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक इन योजनाओं का लाभ 25 करोड़ लोगों तक सीमित था, जो अब बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंच चुका है। इसमें दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राष्ट्रपति ने स्टार्टअप और मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 20 लाख से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। इन स्टार्टअप्स में लगभग 40 प्रतिशत में महिला निदेशक हैं।

खेलों के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

उन्होंने आदिवासी गौरव और राष्ट्रीय महापुरुषों को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सरदार वल्लभभाई पटेल और गुरु तेग बहादुर जी का उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विरासत को याद करना नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।

नक्सलवाद पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण से शांति का माहौल बन रहा है और कई गांवों में वर्षों बाद विकास पहुंचा है।

अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई कर रही है और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ कानून को लेकर विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया, हालांकि सरकार का कहना है कि यह कानून संसद से पारित हो चुका है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद का बजट सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया।

दिल्ली में गडकरी से मिले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, छत्तीसगढ़ को मिली सड़क विकास की बड़ी सौगात की उम्मीद

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 रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने गडकरी से बिलासपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने बायपास निर्माण, रायपुर और बिलासपुर के बीच भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक 6-लेन मार्ग की मंजूरी तथा मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने का अनुरोध किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 13 राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के साथ ही 8 सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी आग्रह किया।


उप मुख्यमंत्री साव ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण यातायात का काफी दबाव है, जिससे निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने इसके समाधान के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से शहर के बाहर से होकर उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किमी लंबा फोरलेन बायपास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बायपास बिलासपुर शहर के प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही शहर के भीतर यातायात के दबाव को प्रभावी तरीके से कम करते हुए औद्योगिक विकास संचार तंत्र एवं नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा।


साव ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कोल माइन्स एवं दक्षिणी हिस्से में आयरन माइन्स को देखते हुए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने, कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन, स्टील व सीमेंट उत्पाद को बाहर भेजने तथा प्रदेशवासियों के सुचारू आवागमन के लिए मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीन फील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टीविटी से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने गडकरी से भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किमी 6-लेन मार्ग के निर्माण की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने गडकरी को बताया कि वर्तमान में रायपुर से बिलासपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा हुआ है, किंतु एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण राज्य की तीनों भारतमाला परियोजनाओं के बीच सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। आरंग-दर्री मार्ग के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी एक घंटे में तय होगी तथा तीनों भारतमाला सड़कों के आपस में जुड़ जाने से सीधा संपर्क होगा, जिससे सभी तरह के परिवहन में समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी।

साव ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के 13 खंडों के उन्नयन के लिए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए विद्यमान मार्गों को उन्नत किए जाने पर जोर देते हुए आठ सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी अनुरोध किया।

4 फरवरी को साय कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक 4 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में संपन्न होगी।


सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और बड़े फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है। बजट, प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अहम विषयों पर मंत्रिपरिषद की मुहर लग सकती है।

कैबिनेट बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से जारी की जाएगी।

शादी के दबाव में प्रेमी बना कातिल, युवती की हत्या कर शव बांध में फेंका

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 राजनांदगांव। जिले के खैरागढ़ क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां प्रेम-प्रसंग को शादी में बदलने का दबाव बना रही युवती की उसके ही प्रेमी ने बेरहमी से हत्या कर दी। खैरागढ़ पुलिस ने Rajnandgaon Girlfriend Murder Case को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


घटना 26 जनवरी की दोपहर की है। गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के बीच खैरागढ़ पुलिस को हरडुवा बांध में पानी के भीतर एक युवती का शव तैरने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवती के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और शव को दुपट्टे के सहारे एक बड़े पत्थर से बांधकर पानी में फेंका गया था। हालात को देखते हुए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आधार कार्ड से हुई पहचान

जांच के दौरान घटनास्थल से युवती का आधार कार्ड और मेडिकल दस्तावेज बरामद हुए, जिसके आधार पर उसकी पहचान नए रामनगर निवासी 21 वर्षीय रूपा साहू के रूप में हुई। परिजनों को सूचना देने के बाद पुलिस ने मामले की गहन छानबीन शुरू की।

प्रेम संबंध और शादी का दबाव बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि रूपा साहू का हरडुवा निवासी आनंद वर्मा से लंबे समय से प्रेम संबंध था। युवती आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे वह नाराज चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, 25 जनवरी को दोनों की मुलाकात हुई और वे हरडुवा बांध की ओर गए। वहीं आरोपी ने पत्थर से युवती के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के इरादे से शव को पत्थर से बांधकर पानी में फेंक दिया।

हालांकि, शव पानी में ऊपर आ जाने के कारण मामला उजागर हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, वहीं मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक

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 रायपुर। महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन को अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताया।


मुख्यमंत्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा कि अजित पवार का संपूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय निधन न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने विमान हादसे में दिवंगत सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हैं कि सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

महाराष्ट्र को बड़ा झटका, विमान दुर्घटना में डिप्टी सीएमअजित पवार समेत 6 की मौत

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 Ajit Pawar Died in Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति से एक स्तब्ध कर देने वाली खबर आई है। बुधवार, 28 जनवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान उनके गढ़ बारामती में लैंडिंग के दौरान भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में अजित पवार समेत 6 लोगों की मौत हो गई है।


महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार आज सुबह एक बड़े विमान हादसे का शिकार हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना उस समय हुई जब पवार एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बारामती जा रहे थे। विमान जब लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी वह अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। इस विमान में अजित पवार के साथ उनके कुछ सुरक्षाकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी भी सवार थे, जिनकी कुल संख्या 6 बताई जा रही है। हादसे में सभी की जान जाने की खबर सामने आ रही है।

खेत में गिरा विमान और लगी भीषण आग

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त तस्वीरों के अनुसार, यह विमान बारामती के पास एक खुले खेत में जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और उसमें तत्काल भीषण आग लग गई। घटनास्थल से आ रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पूरा विमान जलकर राख में तब्दील हो चुका है और आसमान में काले धुएं का गुबार छाया हुआ है। विमान का मलबा चारों तरफ फैला हुआ है और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई है। इस दर्दनाक हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया।

दिल्ली से बारामती रवाना हुआ पवार परिवार

हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली में मौजूद पवार परिवार के सदस्य बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। सांसद सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार दिल्ली में शरद पवार के आवास पर एकत्रित हुए और वहां से एक साथ महाराष्ट्र के लिए निकले हैं। पूरे प्रदेश में अजित पवार के समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी - अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) के लिए आयोजित मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल ओएंडएम ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस (Ministers Level Policy Dialogue on Sustainable O&M of Rural Drinking Water Services) में शामिल हुए। 

नई दिल्ली में आज आयोजित इस महत्वपूर्ण नीति संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल एवं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, भारत सरकार के सचिव एवं अतिरिक्त सचिव सहित देश के विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री भी शामिल हुए। इस संवाद कार्यक्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के बीच ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने गहन विचार-विमर्श किया गया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नीति संवाद में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों, जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों तथा राज्य की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे। साव ने पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया।

बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं सुझावों पर भी गहन चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त, टिकाऊ तथा जनहितकारी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। राज्य की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता ए.के. मालवे तथा कार्यपालन अभियंता संजय राठौर ने भी बैठक में भागीदारी की।

रसोईयों की हड़ताल से जुड़ी खबरें भ्रामक और तथ्यहीन, लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा तूता धरना स्थल का दो रसाईयों मृत्यु से कोई वास्ता नहीं

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रायपुर। कुछ ऑनलाइन न्यूज चैनलों द्वारा यह भ्रामक खबर प्रसारित की जा रही है कि तूता धरना स्थल पर हड़ताल में बैठे रसोईयों में से दो की तबीयत बिगड़ने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा इस संबंध में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि यह जानकारी पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यहीन है।

लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार हड़ताल पर बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों की संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग से चर्चा हुई थी। इस दौरान शासन द्वारा रसोईयों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि, अर्थात 500 रूपए की वृद्धि किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी गई थी तथा हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने निवास स्थान लौटने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद कुछ रसोईयों द्वारा धरना स्थल पर बने रहने का निर्णय लिया गया।

समाचार चैनलों में जिन दो रसोईयों की मृत्यु की खबर प्रसारित की जा रही है, उनमें से एक रसोईया बालोद जिले की निवासी थी, जो 20 एवं 21 जनवरी को धरना स्थल पर उपस्थित रही थी, किंतु बाद में अपने निवास स्थान लौट गई थी। वहां उसकी तबीयत खराब होने पर उसे दल्ली राजहरा स्थित शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान आज उसकी मृत्यु हो गई। दूसरी महिला रसोईया बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड की निवासी थी, जो पहले से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। उन्हें भिलाई स्थित शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हुई।

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मामलों में संबंधित रसोईयों की मृत्यु का धरना स्थल अथवा हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। राज्य शासन सभी रसोईयों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को लेकर सजग है। शासन द्वारा रसोईयों के हित में आवश्यक निर्णय एवं कार्यवाही लगातार की जा रही है।

आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में भारत का ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में संपन्न हुई ‘Mother of All Deals’ यानी IndiaEUTradeDeal भारत को एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर नए शिखर तक पहुँचाने वाली सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह युगांतरकारी डील भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का विश्वसनीय, सशक्त और प्रभावशाली केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह समझौता भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा तथा देश को वैश्विक व्यापार की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता केवल व्यापारिक करार भर नहीं है, बल्कि यह भारत के करोड़ों युवाओं के सपनों को पंख देने वाला अवसर है। इससे रोजगार, निवेश, तकनीक और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को नई दिशा और गति मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि #IndiaEUTradeDeal देश की आर्थिक आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक सुदृढ़ आधार बनेगा। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए भारत को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की ओर अग्रसर करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह भारत की सामूहिक शक्ति, नीति-निर्माण क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

संसद का बजट सत्र आज से... राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी शुरुआत, 1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट

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 Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर दोनों सदनों में चर्चा होगी। केंद्रीय बजट 1 फरवरी (रविवार) को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।


बजट सत्र से पहले सरकार की ओर से विधायी एवं अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजट सत्र को सकारात्मक, रचनात्मक और सुचारु रूप से संचालित करने पर सहमति बनी।

सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को बोलने की पूरी आजादी है, लेकिन संवाद के लिए सुनना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष का पहला सत्र है और सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की गई है ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। बैठक में विभिन्न दलों द्वारा उठाए गए सुझावों को सरकार ने नोट किया है।

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के दौरान सांसद अपने-अपने मुद्दे नियमों के तहत उठा सकते हैं। आम बजट पर चर्चा के दौरान सभी सांसदों को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता होगी। बैठक में 39 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विपक्ष की ओर से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, मनरेगा, यूजीसी से जुड़े विषयों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बजट चर्चा के दौरान उठ सकते हैं अहम मुद्दे

किरेन रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत और नए कानूनों को लेकर विपक्ष की मांगों पर सरकार का स्पष्ट मत है कि संसद द्वारा पारित कानूनों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और पीछे लौटना संभव नहीं है। विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट चर्चा के दौरान विचार किया जा सकता है।

एजेंडा सामने न रखने पर विपक्ष की आपत्ति

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेताओं ने सत्र के लिए सरकारी कामकाज का विस्तृत एजेंडा सामने नहीं रखे जाने पर आपत्ति जताई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उचित समय पर एजेंडा सार्वजनिक किया जाएगा।

होमस्टेज़ ऑफ इंडिया की पहल से जशपुर में सामुदायिक पर्यटन को नई पहचान

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 रायपुर : होमस्टेज़ ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में सामुदायिक पर्यटन को सशक्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत जशपुर जिले में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। तमिलनाडु से आए पहले अतिथि का जशपुर के सामुदायिक होमस्टे में स्वागत किया गया। यह पहल जशपुर को राज्य के एक मॉडल कम्युनिटी टूरिज़्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।


तमिलनाडु निवासी महेश, जो सड़क मार्ग से भारत भ्रमण पर निकले हैं, अपनी यात्रा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में होमस्टे में ही ठहर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर जैसा सादा एवं पौष्टिक भोजन तथा स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को नज़दीक से समझने की इच्छा ने उन्हें होमस्टे को प्राथमिक विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया।


जशपुर प्रवास के दौरान महेश ने विपिन एवं उनके परिवार द्वारा संचालित होमस्टे में निवास किया। यह होमस्टे उस गांव का हिस्सा है, जिसे होमस्टेज़ ऑफ इंडिया ने जिला प्रशासन के सहयोग से सामुदायिक पर्यटन के मॉडल के रूप में विकसित किया है। अतिथि ने परिवार की आत्मीय मेहमाननवाज़ी, पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए पौष्टिक भोजन तथा गांव और आसपास के शांत एवं प्राकृतिक वातावरण की विशेष सराहना की।


महेश ने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल फोन से दूर गांव की शांति में बिताया गया समय उनके लिए मानसिक सुकून और आत्मिक ताज़गी का अनुभव लेकर आया।


इस प्रवास से होस्ट परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त हुई, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिली। साथ ही, देश के दूसरे राज्य से आए अतिथि की मेज़बानी से परिवार को सांस्कृतिक आदान-प्रदान, नए अनुभव और पर्यटन से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान का अवसर भी मिला। इससे परिवार के आतिथ्य कौशल, आत्मविश्वास और उद्यमशील क्षमता में वृद्धि हुई है।

होमस्टेज़ ऑफ इंडिया इस पहल के अंतर्गत होमस्टे विकास के साथ-साथ स्थानीय परिवारों के क्षमता निर्माण, आतिथ्य मानकों के सुदृढ़ीकरण, अतिथि अनुभव को बेहतर बनाने और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं को अपनाने पर निरंतर सहयोग कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी बना रहे।

यह अनुभव दर्शाता है कि आज के जागरूक पर्यटक स्लो ट्रैवल, स्थानीय भोजन, मानवीय जुड़ाव और प्रकृति के समीप रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। जशपुर जैसे क्षेत्र ऐसे यात्रियों के लिए राज्य के उभरते हुए ईको-टूरिज़्म और कम्युनिटी टूरिज़्म गंतव्य के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा दे रही है, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका, सम्मानजनक आय और व्यापक पहचान का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

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