Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

भारत में एआई शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: उद्योग के साथ मिलकर पाठ्यक्रम को नया रूप देने की तैयारी

No comments Document Thumbnail

भारत सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पाठ्यक्रम में व्यापक सुधार की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि छात्रों को उभरती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर रूप से तैयार किया जा सके। इस संबंध में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में एआई पाठ्यक्रम टास्कफोर्स के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

मौजूदा पाठ्यक्रम का अध्ययन

टास्कफोर्स ने देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में चल रहे बी.टेक (कंप्यूटर साइंस एवं संबंधित शाखाओं) के पाठ्यक्रम का आधारभूत अध्ययन किया। यह अध्ययन उद्योग विशेषज्ञों और नैसकॉम के सहयोग से किया गया।

अध्ययन में पाया गया कि भारत में एआई से जुड़े विषयों का विस्तार हुआ है, लेकिन अभी भी शिक्षण पद्धति, बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण अंतर मौजूद हैं। विशेष रूप से जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग ऑपरेशंस (MLOps) और फाउंडेशन मॉडल विकास जैसे क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता बताई गई।

प्रमुख फोकस क्षेत्र

टास्कफोर्स ने पाठ्यक्रम सुधार के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:

  • व्यावहारिक आधारित शिक्षण: पहले सेमेस्टर से ही वास्तविक उद्योग उपयोग मामलों पर आधारित शिक्षा

  • क्रेडिट-आधारित एकीकरण: एआई पाठ्यक्रम को औपचारिक शैक्षणिक क्रेडिट प्रणाली में शामिल करना

  • व्यावहारिक प्रशिक्षण में वृद्धि: 25–30% से बढ़ाकर 40–75% तक व्यावहारिक अनुभव

  • उद्योग-एकीकृत शिक्षण: कैपस्टोन प्रोजेक्ट और एआई समाधान विकास पर जोर

  • जिम्मेदार एआई: सभी सेमेस्टर में एआई गवर्नेंस और नैतिकता का समावेश

  • मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम: प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और उन्नत डिप्लोमा की सुविधा

शिक्षक विकास पर जोर

बैठक में यह भी माना गया कि पाठ्यक्रम सुधार के साथ-साथ शिक्षकों का प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इसके लिए निम्न सुझाव दिए गए:

  • ट्रेन-द-ट्रेनर कार्यक्रम

  • मानकीकृत मूल्यांकन ढांचा

  • आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना

  • उद्योग विशेषज्ञों को सहायक शिक्षक के रूप में शामिल करना

साझा एआई अवसंरचना

एक राष्ट्रीय स्तर के साझा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसमें सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थान मिलकर काम करेंगे। इससे सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को GPU कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक तकनीकों तक समान पहुंच मिल सकेगी।

भविष्य की कार्ययोजना

बैठक में निम्नलिखित अगले कदमों पर सहमति बनी:

  • राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन

  • एआईसीटीई के साथ समन्वय कर नए पाठ्यक्रम को लागू करना

  • उद्योग-आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • गैर-तकनीकी विषयों में एआई जागरूकता के लिए अलग कार्ययोजना

यह पहल भारत में एआई शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

युवा संगम चरण-VI: हरियाणा के विद्यार्थियों का त्रिपुरा दौरा, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को मिला बढ़ावा

No comments Document Thumbnail

त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने 26 मई 2026 को अगरतला स्थित लोक भवन में हरियाणा के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल ‘युवा संगम चरण-VI’ कार्यक्रम के तहत त्रिपुरा के दौरे पर आया हुआ था।

छात्रों का स्वागत और अनुभव

यह प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र ने किया, सबसे पहले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अगरतला पहुंचा, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल से मुलाकात के दौरान छात्रों ने त्रिपुरा की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन की प्रमुख पहल और विकास प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बातचीत से उन्हें राज्य की सांस्कृतिक विविधता और संस्थागत ढांचे को समझने का अवसर मिला।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक भ्रमण

कार्यक्रम के तहत छात्रों ने त्रिपुरा के कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने राज्य की समृद्ध परंपराओं, विरासत और विकास यात्रा को नजदीक से जाना।

इसके अलावा, छात्रों ने त्रिपुरा के प्रसिद्ध मंदिरों का भी दर्शन किया, जहां उन्हें राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव हुआ।

‘युवा संगम’ पहल

Yuva Sangam Phase VI की शुरुआत उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक एकीकरण को बढ़ावा देना है।

यह कार्यक्रम 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच युवाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से भारत की विविधता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित है।

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की 30वीं वर्षगांठ: भारतीय वायुसेना की गौरवशाली परंपरा और अद्भुत हवाई कौशल का उत्सव

No comments Document Thumbnail

भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबैटिक टीम सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team) ने 26 मई 2026 को एयर फ़ोर्स स्टेशन बिदर में अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाई। यह अवसर टीम के तीन दशकों की उस गौरवशाली यात्रा को समर्पित था, जिसमें उसने सटीक हवाई करतबों और उत्कृष्ट उड़ान कौशल के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाया है।

इस समारोह में वायु सेना प्रमुख ए. पी. सिंह और एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ट्रेनिंग कमांड  एस. श्रीनिवास उपस्थित रहे। विशेष आकर्षण के रूप में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के साथ स्मारक हवाई प्रदर्शन में उड़ान भी भरी।

इस अवसर पर “हॉलो डायमंड” (Hollow Diamond) संरचना में एक विशेष गठन उड़ान भरी गई, जिसे टीम के उन वीर सदस्यों की स्मृति में समर्पित किया गया जिन्होंने इस गौरवशाली यात्रा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। यह श्रद्धांजलि टीम की एकता, साहस और अटूट भावना को दर्शाती है।

वर्ष 1996 में बिदर में स्थापित यह टीम अब तक भारत और विदेशों में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। यह टीम हॉक Mk-132 विमान उड़ाती है, जो अपनी लाल-सफेद रंग योजना के लिए प्रसिद्ध है।

“सदा सर्वोत्तम” (Always the Best) के आदर्श वाक्य के साथ सूर्यकिरण टीम आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है और भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता, अनुशासन और गौरव का प्रतीक बनी हुई है।


आईएनएस सुदर्शिनी का ऐतिहासिक अटलांटिक पार अभियान: लोकायण-26 के तहत एंटीगुआ आगमन, समुद्री सहयोग और कूटनीति को बढ़ावा

No comments Document Thumbnail

भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शिनी 27 मई 2026 को एंटीगुआ पहुंचा, जहां उसने अपने ऐतिहासिक अटलांटिक महासागर पार अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह यात्रा चल रहे लोकायण-26 अभियान का हिस्सा है। जहाज का स्वागत भारत के मानद महावाणिज्य दूतविजय तेवानी  तथा एंटीगुआ एवं बारबुडा रक्षा बल के रक्षा प्रमुख ब्रिगेडियर टेलबर्ट बेंजामिन ने किया।

ऐतिहासिक अटलांटिक पार यात्रा

INS सुदर्शिनी ने यह पहली बार अटलांटिक महासागर की यात्रा की है। इससे पहले वर्ष 2007 में INS तरंगिणी ने यह उपलब्धि हासिल की थी। केप वर्डे के मिंडेलो से एंटीगुआ तक का यह चरण इस अभियान का सबसे लंबा भाग रहा, जो 19 दिनों तक चला।

इस दौरान जहाज ने पूरी तरह पालों के सहारे यात्रा की और पारंपरिक समुद्री नौवहन कौशल का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान चालक दल को भारी समुद्री लहरों और तेज हवाओं जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने अनुशासन, सतर्कता और कुशल संचालन से सफलतापूर्वक पूरा किया।

दस हजार समुद्री मील का मील का पत्थर

इस अभियान के दौरान जहाज ने 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से रवाना होने के बाद कुल 10,000 समुद्री मील की दूरी भी पूरी कर ली।

समुद्री कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग

भारतीय नौसेना  का यह अभियान समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय मित्रता को सुदृढ़ करने और भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह अभियान “वसुधैव कुटुम्बकम्” अर्थात “संपूर्ण विश्व एक परिवार है” की भावना को भी दर्शाता है।

आगे की यात्रा

एंटीगुआ में प्रवास के दौरान जहाज का दल पेशेवर संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेगा। इसके बाद यह पोत अमेरिका के नॉरफोक की ओर रवाना होगा, जहां यह आगामी SAIL 250 कार्यक्रमों में भाग लेगा।

यह अभियान पश्चिम एशिया, भूमध्यसागर, यूरोप और अफ्रीका में सफल बंदरगाह यात्राओं के बाद अब कैरेबियन और अमेरिकी चरण में आगे बढ़ रहा है।

पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा: भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी को नई गति, निवेश और तकनीकी सहयोग पर जोर

No comments Document Thumbnail

भारत और कनाडा के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 28 मई 2026 को कनाडा की तीन दिवसीय सफल और ऐतिहासिक यात्रा संपन्न की। इस यात्रा के दौरान टोरंटो में उच्च स्तरीय बैठकों, अकादमिक संस्थानों, नवाचार केंद्रों, सरकारी प्रतिनिधियों, उद्योग जगत, निवेशकों और भारतीय समुदाय के साथ कई महत्वपूर्ण संवाद हुए।

शिक्षा और नीति संवाद

मंत्री ने टोरंटो विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित Munk School of Global Affairs and Public Policy में छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक प्रगति, सुधारों और वैश्विक नेतृत्व पर प्रकाश डाला और भारत-कनाडा संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

नवाचार और तकनीकी सहयोग

उन्होंने Ontario Centre of Innovation का दौरा किया और स्टार्टअप, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र दुनिया में तेजी से उभर रहा है और कनाडा इसके साथ साझेदारी कर सकता है।

उद्योग और निवेश चर्चा

मंत्री ने कनाडा-भारत व्यापार गलियारे से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की और व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड  से मुलाकात कर विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की।

प्रमुख वित्तीय संस्थानों से बैठक

गोयल ने Ontario Teachers' Pension Plan और CPP Investments के साथ बैठक की, जिसमें भारत में दीर्घकालिक निवेश अवसरों पर चर्चा हुई।

भारत-कनाडा आर्थिक लक्ष्य

उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच वर्तमान में लगभग 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार है, जिसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों देश CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रवासी भारतीयों से संवाद

यात्रा के अंत में उन्होंने कनाडा-भारत फाउंडेशन और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की और भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

यह यात्रा भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने और वैश्विक निवेश व सहयोग के नए अवसर खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


भारत और दक्षिण कोरिया ने CEPA अपग्रेड वार्ता में प्रगति पर चर्चा, डिजिटल ट्रेड और निवेश सहयोग पर जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- India-Korea Comprehensive Economic Partnership Agreement (IK CEPA) के उन्नयन को लेकर 12वें दौर की वार्ता 25 से 27 मई 2026 के बीच नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह वार्ता 20 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा के बाद हुई, जिसमें दोनों देशों ने CEPA अपग्रेड वार्ता को तेज करने पर सहमति जताई थी।

यह वार्ता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं ऊर्जा मंत्रालय के बीच हुई। भारतीय पक्ष का नेतृत्व कपिल चौधरी ने किया, जबकि कोरियाई पक्ष का नेतृत्व Park Geun-oh ने किया।

प्रमुख चर्चा बिंदु

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें शामिल हैं:

  • वस्तु व्यापार (Trade in Goods)

  • सेवाओं का व्यापार (Trade in Services)

  • मूल नियम (Rules of Origin)

  • निवेश (Investment)

  • स्वच्छता एवं फाइटोसैनिटरी मानक (SPS)

दोनों पक्षों ने डिजिटल व्यापार, सप्लाई चेन सहयोग और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग के लिए अलग-अलग उप-समूह बनाने पर भी सहमति जताई।

व्यापार घाटे पर चर्चा

भारत और कोरिया ने स्वीकार किया कि वर्ष 2010 में CEPA लागू होने के बाद भारत का व्यापार घाटा बढ़ा है। इस मुद्दे को CEPA ढांचे के भीतर संतुलित समाधान के साथ हल करने पर सहमति बनी।

रणनीतिक साझेदारी को मजबूती

दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के दृष्टिकोण के अनुरूप “फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप” को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

समयबद्ध निष्कर्ष का लक्ष्य

भारत और कोरिया ने CEPA अपग्रेड वार्ता को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और एक आधुनिक, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता तैयार करने का लक्ष्य दोहराया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग को नई दिशा मिल सके।

कोयला मंत्रालय के रोडशो में कोयला गैसीफिकेशन को लेकर बड़े निवेश और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- कोयला मंत्रालय ने नई दिल्ली में “सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीफिकेशन परियोजनाओं के संवर्धन” योजना पर एक सफल रोडशो का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के नेताओं, तकनीकी प्रदाताओं, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों की बड़ी भागीदारी देखी गई।

कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राज्य मंत्री सतिश चंद्र दुबे  विशिष्ट अतिथि रहे। साथ ही मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कोयला गैसीफिकेशन को बताया रणनीतिक मिशन

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और भविष्य-उन्मुख ऊर्जा प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोयला गैसीफिकेशन केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय मिशन है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने इस क्षेत्र के लिए ₹8,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना शुरू की है और हाल ही में ₹37,500 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है। इससे लगभग ₹2.5 लाख करोड़ तक के निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर

मंत्री ने कहा कि कोयला गैसीफिकेशन से भारत की LNG, मेथनॉल, अमोनिया और उर्वरकों जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम होगी। इससे किसानों, उद्योगों और उपभोक्ताओं को वैश्विक मूल्य अस्थिरता से सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन और उन्नत निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगी और देश को स्वच्छ कोयला तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी।

रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

राज्य मंत्री सतिश चंद्र दुबे ने कहा कि यह योजना देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि यह पहल विशेष रूप से कोयला-समृद्ध और पिछड़े क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और औद्योगिक विकास को गति देगी।

भारत को वैश्विक ऊर्जा हब बनाने की दिशा

कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने कहा कि भारत अपने प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम और समझदारीपूर्ण उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोयला गैसीफिकेशन के जरिए भारत सिंथेटिक गैस, अमोनिया, यूरिया, हाइड्रोजन और स्टील उत्पादन जैसे क्षेत्रों में आयात निर्भरता को कम कर सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना लगभग 25 परियोजनाओं के माध्यम से करीब 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर सकती है।

भविष्य की ऊर्जा रणनीति पर फोकस

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए भारत को अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना आवश्यक है। रोडशो में उद्योग जगत और निवेशकों के साथ तकनीकी, वित्तीय और नीति संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।

मंत्रालय ने कहा कि कोयला गैसीफिकेशन को “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में विकसित किया जाएगा।


खरीफ सम्मेलन-2026 में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखी कृषि विकास की रूपरेखा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित खरीफ सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और नागरिकों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है।

दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ अभियान-2026 सम्मेलन का आयोजन 28 और 29 मई को NASC कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में किया जा रहा है। सम्मेलन में देशभर के कृषि मंत्री, वैज्ञानिक, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

‘टीम एग्रीकल्चर’ का साझा मंच

चौहान ने कहा कि खरीफ सम्मेलन ने पूरे ‘टीम एग्रीकल्चर’ को एक मंच पर लाने का कार्य किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम एग्रीकल्चर में केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारें, वैज्ञानिक, किसान उत्पादक संगठन (FPO), और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारक शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है और राज्यों की सक्रिय भागीदारी से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं, जबकि केंद्र सरकार सहयोगी और साझेदार की भूमिका निभाती है।

क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की भौगोलिक और जलवायु विविधता को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के साथ-साथ क्षेत्रीय सम्मेलनों की शुरुआत की है। जयपुर, लखनऊ और भुवनेश्वर में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत में भी जल्द सम्मेलन आयोजित होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्यों की समस्याओं और आवश्यकताओं पर छोटे समूहों में अधिक प्रभावी और विस्तृत चर्चा संभव हो पाती है। भविष्य में आठ कृषि-जलवायु क्षेत्रों के आधार पर क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड उपलब्धि

चौहान ने कहा कि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिक अनुसंधान और केंद्र व राज्यों के सहयोग से भारत ने वर्ष 2025-26 में खाद्यान्न उत्पादन के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

उन्होंने बताया कि:

  • कुल खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

  • चावल उत्पादन 154.024 मिलियन टन रहा और भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व में पहला स्थान हासिल किया।

  • गेहूं उत्पादन 120.657 मिलियन टन और मक्का उत्पादन 55.092 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

तेलहन उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुल तेलहन उत्पादन 43.059 मिलियन टन अनुमानित है। मूंगफली उत्पादन 13.074 मिलियन टन और सरसों उत्पादन 13.768 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

प्राकृतिक खेती और जलवायु परिवर्तन पर फोकस

कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और लंबे सूखे जैसी परिस्थितियों को देखते हुए टिकाऊ और सुरक्षित कृषि पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग, डिजिटल कृषि, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अवसंरचना कोष और पीएम-आशा योजना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

चौहान ने कहा कि भारत में अधिकांश किसानों के पास छोटी जोत है, इसलिए सीमित भूमि से अधिक आय सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत खेती मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कृषि ऋण, निवेश और आधुनिक तकनीकों की मदद से किसान बेहतर खेती कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में ‘खेत बचाओ अभियान’ पर भी व्यापक चर्चा होगी और केंद्र व राज्य मिलकर खरीफ सीजन के लिए संयुक्त कृषि रोडमैप तैयार करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिक्किम पुलिस को प्रदान किया ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’

No comments Document Thumbnail

गंगटोक- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज गंगटोक में आयोजित एक समारोह में सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडियाज़ पुलिस कलर’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सिक्किम पुलिस के सभी वर्तमान और पूर्व अधिकारियों एवं जवानों को बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1897 में स्थापना के बाद से सिक्किम पुलिस ने राज्य में शांति, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय पुलिस व्यवस्था पर लंबे औपनिवेशिक शासन की छाप रही है, जहां पुलिस का उद्देश्य जनता की सेवा करने के बजाय उन पर नियंत्रण रखना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए इस औपनिवेशिक मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। आम नागरिक बिना भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें, इसके लिए पुलिस तंत्र को अधिक जनहितैषी बनाया जाना चाहिए। साथ ही महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर भी उन्होंने बल दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि जनता की सहयोगी और मार्गदर्शक बनना चाहिए। इससे जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा समाज में सुरक्षा और कानून के प्रति सम्मान की भावना बढ़ेगी।

राष्ट्रपति ने सिक्किम पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उसने राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अपने पेशेवर व्यवहार और नागरिकों के प्रति मित्रवत रवैये के कारण सिक्किम पुलिस ने लोगों का सम्मान और विश्वास अर्जित किया है।


जून 2026 में ग्रहों का बड़ा उलटफेर, 7 बड़े गोचर बदल सकते हैं किस्मत

No comments Document Thumbnail

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का विशेष महत्व माना जाता है। जब कोई ग्रह एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसका असर सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। करियर, कारोबार, धन, रिश्ते और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।


जून 2026 ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस महीने एक-दो नहीं बल्कि पूरे 7 बड़े ग्रह परिवर्तन होने जा रहे हैं। इनमें गुरु, शुक्र, सूर्य, मंगल और बुध जैसे प्रमुख ग्रहों के गोचर शामिल हैं। आइए जानते हैं जून महीने में कब-कब बदलने वाली है ग्रहों की चाल।

जून 2026 के 7 बड़े ग्रह गोचर

2 जून – बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर

महीने की शुरुआत बेहद शुभ मानी जा रही है। 2 जून को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि गुरु की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए यह गोचर कई राशियों के लिए भाग्योदय और आर्थिक उन्नति के संकेत दे सकता है। शिक्षा, संतान और धार्मिक कार्यों में भी लाभ मिलने की संभावना रहेगी।

8 जून – शुक्र का कर्क राशि में प्रवेश

वैभव, प्रेम और सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र देव 8 जून को मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यहां उनकी युति गुरु के साथ बनेगी। यह संयोग कला, मीडिया, फिल्म और फैशन जगत से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बढ़ सकती है।

15 जून – सूर्य का मिथुन राशि में गोचर

सूर्य देव 15 जून को वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से कई लोगों को मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में लाभ मिल सकता है। सरकारी नौकरी और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। हालांकि बातचीत और व्यवहार में संयम रखने की सलाह दी गई है।

21 जून – मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश

ऊर्जा, साहस और पराक्रम के कारक मंगल 21 जून को मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान लोगों में आत्मविश्वास और कार्य क्षमता बढ़ सकती है। रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना रहेगी।

22 जून – बुध का कर्क राशि में गोचर

बुद्धि, व्यापार और संवाद के ग्रह बुध 22 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है। शेयर बाजार, निवेश और आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

29 जून – बुध होंगे वक्री

महीने के आखिर में 29 जून को बुध कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे। बुध की उल्टी चाल के कारण संवाद में भ्रम, तकनीकी समस्याएं और गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान किसी भी बड़े निवेश या व्यापारिक फैसले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

30 जून – बुध का अस्त होना

30 जून को बुध सूर्य के प्रभाव में आकर अस्त हो जाएंगे। ज्योतिष के अनुसार बुध के अस्त होने से निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है। कोर्ट-कचहरी, दस्तावेज और पैसों के लेन-देन से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

क्या रहेगा खास?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जून 2026 का महीना कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ सकता है, वहीं कुछ लोगों को निर्णय लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। खासकर बुध के वक्री और अस्त होने का असर व्यापार, तकनीक और संवाद से जुड़े क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिल सकता है।

BJP का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 4 राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले किए गए इस फेरबदल को पार्टी की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।


दिल्ली में पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पंजाब में सुनील जाखड़ की जगह सरदार केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि भाजपा पंजाब चुनाव से पहले सिख वोट बैंक को साधने की तैयारी में जुटी है।

हरियाणा में पार्टी ने महिला नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा का यह कदम संगठन में नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा आगामी चुनावों को देखते हुए राज्यों में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी संगठनात्मक बदलाव कर सकती है।

दिल्ली से KCP उग्रवादी संगठन का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली में संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान मणिपुर के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलेपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) के नेता हाओबिजाम दिलीप सिंह को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि वह एक गुप्त बैठक के सिलसिले में दिल्ली पहुंचा था।


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद सुरक्षा बलों ने मणिपुर के काकचिंग जिले में छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं।

हथियार और अन्य सामान जब्त

सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए बरामदगी अभियान में कई हथियार, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा विभिन्न रंगों के बैग, तिरपाल, प्लास्टिक बैग और एक रेडमी 13सी मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

हाओबिजाम दिलीप सिंह इससे पहले भी मणिपुर में हुई कई हिंसक घटनाओं के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2018 में थोकचोम टोनी सिंह हत्या मामले में भी उसका नाम सामने आया था। हालांकि बाद में उसे मेडिकल आधार पर जमानत मिल गई थी।

जांच एजेंसियों का दावा है कि जमानत मिलने के बाद वह फिर से उग्रवादी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।

क्या है KCP संगठन?

कांगलेपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) मणिपुर के प्राचीन नाम ‘कांगलेइपाक’ पर आधारित संगठन है। इसका गठन कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े इबोहनबी और इबोपिशक द्वारा किया गया था।

यह संगठन भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का समर्थन करता है और मुख्य रूप से मणिपुर के घाटी क्षेत्रों में सक्रिय माना जाता है। इसके अलावा फंड जुटाने और अन्य गतिविधियों के लिए संगठन पहाड़ी इलाकों में भी सक्रिय रहता है।

जबरन वसूली के आरोप

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संगठन पर स्थानीय व्यापारियों, सरकारी अधिकारियों और ग्रामीणों से जबरन वसूली कर धन जुटाने के आरोप हैं। इसके अलावा संगठन पर कई आपराधिक और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगे हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

BSP से करोड़ों के लोहे की चोरी का खुलासा, गोदाम में डंप होता था माल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : दुर्ग जिले के अकलोरडीह गांव में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए एक गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा बरामद किया है। मौके पर लोहे का बड़ा जखीरा और भारी मशीनरी देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई।


मामले के सामने आने के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी।

गोदाम सील, भारी वाहन जब्त

भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोरडीह गांव में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है। साथ ही वहां खड़े करीब एक दर्जन भारी वाहनों को भी जब्त किया गया है। जब्त वाहनों में पोकलेन मशीन, बुलडोजर, ट्रक और चैन माउंटेन जैसी मशीनें शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि गोदाम का इस्तेमाल चोरी के लोहे को इकट्ठा करने और आगे सप्लाई करने के लिए किया जाता था।

संगठित नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से काम कर रहा था। चोरी का माल अकलोरडीह स्थित मोहम्मद सलीम के गोदाम में डंप किया जाता था, जहां से उसे अन्य जगहों पर खपाया जाता था।

आरोपी कथित तौर पर डस्ट परिवहन की आड़ में लोहे की चोरी को अंजाम देते थे। मामले में बीएसपी के कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बीएसपी परिसर और आसपास करीब 400 सीसीटीवी कैमरे तथा 1200 से अधिक CISF जवानों की तैनाती के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में लोहा बाहर निकलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

अब तक 100 टन से अधिक संदिग्ध माल जब्त किया जा चुका है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

मुख्य आरोपी फरार

मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह और गोदाम संचालक मोहम्मद सलीम फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर किए हमले

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन/तेहरान। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के लिए खतरा माना जा रहा था।


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि रातभर चले इन हमलों में ऐसे सैन्य बेस को टारगेट किया गया, जहां से ड्रोन गतिविधियां संचालित होने की आशंका थी। अमेरिका का दावा है कि ये ठिकाने होर्मुज स्ट्रेट में तैनात अमेरिकी सेनाओं और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।

कई ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सेना ने चार ईरानी ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया। वहीं, एक ऐसे सैन्य बेस पर भी हमला किया गया, जहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन ड्रोन्स की गतिविधियां संदिग्ध थीं और वे समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे।

बातचीत के बीच बढ़ी सैन्य कार्रवाई

यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। युद्ध में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

अमेरिका ने बताया रक्षात्मक कदम

अमेरिका ने इन हमलों को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, 27 मई को किया गया यह दूसरा “रक्षात्मक हमला” था। उनका कहना है कि ईरानी सेना की ओर से आक्रामक गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद कार्रवाई की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

No comments Document Thumbnail

अवैध खनन पर शासन-प्रशासन सख्त : केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की कार्रवाई में 4 हाईवा जब्त

राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और परिवहन पर हो रही कड़ी निगरानी

गहन समीक्षा, प्रशासनिक चौकसी और खनिज विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर लग रहा अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।



खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.