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रायपुर में 8 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म मामले में 30 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

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संतोषी नगर क्षेत्र की घटना, टिकरापारा पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत की कार्रवाई

रायपुर- राजधानी के संतोषी नगर इलाके में 8 वर्षीय बच्ची से कथित यौन अपराध का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में 30 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्ची के परिवार का परिचित और उसके पिता का दोस्त बताया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे की बताई गई है। शिकायत के मुताबिक आरोपी बच्ची के घर पहुंचा और उसे चिप्स देने के बहाने अपने पास बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उसने बच्ची के साथ यौन अपराध किया। बच्ची किसी तरह वहां से निकलकर परिजनों तक पहुंची, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

बच्ची की पहचान गोपनीय

पुलिस बच्ची का बयान दर्ज करने के साथ घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। कानून के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

ग्राम खमतराई में उत्साह से जला आशीर्वाद का दीप, विकसित भारत का लिया संकल्प

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आरंग- ग्राम खमतराई में मुख्यकार्यपालन अधिकारी आरंग  राजेंद्र पांडे  के मार्गदर्शन में खमतराई के ग्रामपंचायत  सरपंच सती बिशन लहरी सरपंच एवं कल्याण डहरिया सचिव के संयोजन में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर उत्साहपूर्वक आशीर्वाद का दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों नागरिकों, युवाओ महिलाओं बच्चे ने सहभागिता निभाते हुए दीप प्रज्वलित कर देश के विकास और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।  जनप्रतिनिधियों नागरिकों शिक्षकों ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा समाज में सेवा, सहयोग और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। साथ ही आगामी सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।

इसी कड़ी में सेवा ही संकल्प अभियान अन्तर्गत ग्राम पंचायत ख़मतराई में पंचायत परिसर में 301, प्राथमिक स्कूल में 101, मिडिल स्कूल 101, हाई स्कूल में 151, जय स्तंभ चौक में 121, श्री राम मंदिर में 151, गायत्री मंदिर 51, सहाड़ा देव में 21, बंजरंग में 101, महामाया मंदिर में 51, गाँधी चौक में 101, वासुदेव चौक 151, धानमंडी में 201, प्रत्येक घर से 1-5 दिया के 551 घरों सहित ग्राम पंचायत ख़मतराई में कुल 2100 आर्शीवाद का दिया जलाया गया

सरपंच सती बिशन लहरी एवं कल्याण डहरिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में  दीपोत्सव  उत्सव के रूप में सभी नागरिकों उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने कहा कि दीप प्रज्वलन केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सकारात्मक कार्यों के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत ख़मतराई के सरपंच सती बिसन लहरी, उपसरपंच,ज्ञानचंद लोधी, प्राचार्य  टिकेश्वरी चंद्राकर, संकुल समन्वयक हरीश दीवान, प्रधानपाठक, नरसिंग मानिकपुरी, शिक्षक भूषण जलक्षत्रि,सचिव कल्याण डहरिया, रोजगार सहायक अशवनी साहू, पंच गण कुमारी लोधी, मोहित साहू, गोदावरी साहू, प्रमिला साहू, रामकुमार लोधी, सुमति साहू, बूथ अध्यक्ष सीताराम साहू, पूनम चंद साहू मंडी अध्यक्ष, कोमन्नारायण साहू वरिष्ठ कार्यकर्त्ता, सनद साहू, सोमन साहू, धर्मेंद्र साहू, बलराम साहू, भागवत साहू, पुनौटिन यादव, गांधारी साहू, रेखा साहू मितानिन, झम्मन लोधी पायल साहू, डिम्पल साहू, चिंताराम लोधी, आजु राम साहू, नकुल साहू, भृत्य विनोद यादव, हितेश साहू, अशोक साहूआदि सभी की सहभागिता रही।


छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्ज्वलित

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण को मिली नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। प्रदेशभर में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए 1.50 करोड़ से अधिक दीये प्रज्वलित किए। गांव से लेकर शहर तक विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति जनभावनाएं व्यक्त की गईं।

मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीये जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। अनेक स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां एवं संदेश भी बनाए गए।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य सेवा और सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों को रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ना है।

सवा लाख ‘आशीर्वाद के दीपों’ से जगमगाया खारुन तट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण को मिली नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री महादेव घाट में आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में हुए शामिल

प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिवस पर 1.25 लाख दीपों से आलोकित हुआ खारुन नदी का पावन तट

मुख्यमंत्री ने खारुन मैया की महाआरती में की सहभागिता, प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की

प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक मनाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर का महादेव घाट सवा लाख दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। खारुन नदी के पावन तट पर आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए और प्रदेशवासियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। सवा लाख दीपों की एक साथ प्रज्वलित ज्योति से महादेव घाट का पूरा परिसर आलोकित हो उठा। श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के इस अनुपम संगम के बीच खारुन मैया की भव्य महाआरती की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज खारुन मैया के पावन तट पर प्रज्वलित सवा लाख दीप प्रधानमंत्री मोदी के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के स्नेह, आत्मीयता और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

विराट दीपोत्सव के दौरान साध्वी प्रज्ञा भारती एवं आचार्यों द्वारा विधि-विधान के साथ खारुन मैया की महाआरती की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी महाआरती में सहभागिता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को समर्पित साध्वी प्रज्ञा भारती द्वारा रचित एवं स्वरबद्ध गीत का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने देखे ऐतिहासिक परिवर्तन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय और परिवर्तन देखे हैं, जिनकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने से लेकर अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने तक देश ने नए आत्मविश्वास और सामर्थ्य का अनुभव किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित में बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। उनके दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और राष्ट्रसेवा की भावना ने देश में विकास और जनकल्याण की गति को तेज किया है। आज भारत विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए शासन का केंद्र हमेशा गरीब और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति रहा है। इसी भावना के अनुरूप गरीब परिवारों को पक्का आवास, घर-घर शौचालय, जन-धन खाते, रसोई गैस कनेक्शन, खाद्यान्न सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक देशवासी को अपने परिवार का सदस्य मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनकी सरकार ने गरीब की छोटी से छोटी आवश्यकता और उसके जीवन को बेहतर बनाने वाली सुविधाओं को शासन की प्राथमिकता बनाया है।

प्रधानमंत्री के साथ काम करने का अवसर मेरे सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने कार्य अनुभव को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब मुझे भी उनकी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उस दौरान मुझे उनकी कार्यशैली, अनुशासन, परिश्रम और जनसेवा के प्रति समर्पण को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और जनसेवा की प्रेरक यात्रा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने तक उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित रहे हैं। यह देश का सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसने विश्व पटल पर भारत का मान और सम्मान बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ से रहा है गहरा आत्मीय जुड़ाव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा है। प्रदेश के विकास को केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिला है। प्रधानमंत्री मोदी की विकास दृष्टि में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से यहां के जनजातीय तथा दूरस्थ अंचलों के विकास को महत्वपूर्ण स्थान मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल की है। वर्षों तक हिंसा और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाले बस्तर में आज शांति और विकास के नए द्वार खुले हैं। सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं तथा विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोगों के जीवन में आ रहा यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई शक्ति दे रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि शांति के वातावरण में बस्तर की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन, संस्कृति और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को स्थानीय लोगों की समृद्धि और रोजगार से जोड़ा जाए।

जनसेवा के 25 वर्षों पर एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रारंभ हुआ है। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए सेवा के संकल्प को अपने गांव, शहर, मोहल्ले और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।


सवा लाख दीपों ने दिया सामूहिक शुभकामनाओं का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज महादेव घाट पर सवा लाख दीप प्रज्वलित कर प्रदेशवासियों ने प्रधानमंत्री  मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर में विभिन्न स्थानों पर लगभग 32 लाख दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में आशा, विश्वास, सकारात्मकता और प्रकाश का प्रतीक है। आज जलाया गया प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ ही सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है।

उन्होंने विराट दीपोत्सव एवं महाआरती के भव्य आयोजन के लिए आयोजकों, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी विशाल जनभागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।


इस अवसर पर विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की संयोजक एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत एवं मोतीलाल साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, कौशल्या साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे।


मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें - इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है।

श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।

’1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात’

महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे - सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के पहले वर्ष 100 बच्चों को इसका लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने में भी सरकार सहयोग कर रही है।

’मनिंदर की सफलता बनी श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों की मिसाल’

महासम्मेलन में एक प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और एक लाख 75 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। मनिंदर ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश सुनिश्चित किया है। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च अब श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मनिंदर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता केवल एक बेटी की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणा है। आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा की उड़ान को सीमित न करें, इसके लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। सरकार उनके इस सपने को अपना संकल्प मानकर आगे बढ़ा रही है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूत आधार दिया जा रहा है।

100 श्रमिक दीदियों के हाथों में ई-रिक्शा की चाबी, आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान

मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरे पर आत्मनिर्भर भविष्य का उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही श्रीमती यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं से आत्मीय बातचीत की और उन्हें नए स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पूरे परिवार को सशक्त बनाती है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक बहनों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपने परिश्रम के बल पर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में मजबूत भागीदार बनें।

’श्रमिक बहनों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन’

राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन के दौरान आत्मीयता से भरा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आईं श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से सहजता से बातचीत की। उन्होंने उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब उनका लाभ पात्र श्रमिक तक सरलता और समय पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिक बहनों से संवाद के दौरान उनके अनुभव भी जाने। मुख्यमंत्री को अपने बीच बैठकर सहजता से भोजन करते और परिवार के सदस्य की तरह बातचीत करते देखकर श्रमिक बहनों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

’डिजिटल तकनीक से योजनाओं को बनाया जा रहा सरल और पारदर्शी’

मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ पंजीयन से लेकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड व्यवस्था से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब श्रमिक देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करते हुए भी राशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पीएफ व्यवस्था में तकनीकी सुधारों से रोजगार या कार्यस्थल बदलने पर भी श्रमिकों के लिए खाते से जुड़ी सुविधाओं की निरंतरता आसान हुई है।

’हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’’

विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर ने महासम्मेलन को विशेष स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महासम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रमिक भाई-बहनों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। श्रमिकों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करने का आग्रह किया।

’श्रमिकों तक समय पर पहुंच रहा योजनाओं का लाभ: श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन’

श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले 100 बच्चों को योजना का लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है।

 देवांगन ने कहा कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत सहायता राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। आज के कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। यह पहल श्रमिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

’सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से श्रमिकों तक योजनाएं पहुंचाना लक्ष्य रू डॉ. रामप्रताप सिंह’

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिले और उनका लाभ बिना किसी कठिनाई के प्राप्त हो।

उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अटल करियर निर्माण योजना भी संचालित की जा रही है। प्रदेश में अब तक 25 श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन कर बड़ी संख्या में श्रमिकों को योजनाओं और आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि श्रमिक कल्याण में डिजिटल तकनीक के उपयोग की छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की डिजिटल पहल का प्रस्तुतीकरण किया गया।

’श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण से मजबूत होगा छत्तीसगढ़: सांसद बृजमोहन अग्रवाल’

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लोगों से अपने घर, आंगन और मोहल्लों में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और महिलाओं को ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने जैसी पहल श्रमिक परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में रोजगार मेले का आयोजन कर लगभग तीन हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  सुनील सोनी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

सामान्य सभा में वतन ने अधिकारियों को घेरा

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सड़क से किसान तक के मुद्दों पर विभागों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जवाब से बचते दिखे अधिकारी


आरंग : जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर ने एक के बाद एक जनहित के मुद्दे उठाते हुए विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। पीएमजीएसवाई और पीडब्ल्यूडी की जर्जर सड़कों से लेकर धान खरीदी, फसल बीमा, गौधाम योजना, आंगनबाड़ियों और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्यों के भुगतान तक उन्होंने अधिकारियों को घेरा। सवालों की बौछार के बीच कई अधिकारी स्पष्ट जवाब देने के बजाय एक-दूसरे के विभाग पर जिम्मेदारी डालते नजर आए।

वतन ने पीएमजीएसवाई और पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित सड़कों में जगह-जगह हो चुके गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निर्माण के बाद सड़कों के रखरखाव और मरम्मत पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गड्ढों से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, लेकिन मरम्मत को लेकर विभागीय गंभीरता नजर नहीं आ रही है।

धान खरीदी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने संयुक्त खातेदार किसानों के लिए एग्रीटेक पंजीयन की अनिवार्यता का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रक्रिया किसानों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन रही है। धान खरीदी से पहले किसानों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया में उलझाने के बजाय व्यवस्था सरल की जानी चाहिए।फसल बीमा के मामले में भी उन्होंने सरकार और विभागीय व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का वास्तविक आकलन किसान को इकाई मानकर होना चाहिए, जबकि जिला को इकाई मानने के कारण नुकसान उठाने वाले कई किसानों को मुआवजे का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर फसल बीमा के नाम पर किसानों के खातों से राशि काटी जा रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान से बीमा प्रीमियम लिया जा रहा है तो नुकसान के समय उसे राहत क्यों नहीं मिल रही।गौधाम योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी वतन ने तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने से किसानों को आवारा मवेशियों से अपनी फसल बचाने के लिए जूझना पड़ रहा है। फसल नुकसान की बड़ी वजह बनने वाली इस समस्या के समाधान के लिए गौधाम योजना को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने की जरूरत है।

जर्जर आंगनबाड़ियों के मरम्मत कार्य में देरी पर भी उन्होंने अधिकारियों को घेरा। उनका कहना था कि मरम्मत के लिए सात माह पहले ही फंड का आवंटन हो चुका है, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि राशि उपलब्ध होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ना आखिर किसकी जवाबदेही है। बच्चों से जुड़े ऐसे कार्यों में महीनों की देरी पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।वही कलेक्टर रायपुर के द्वारा बिना ग्राम पंचायतों के अनुमति के शासकीय भूमियों को उद्योग विभाग में स्थानांतरित कर उद्योगपतियों को आवंटन किया जा रहा है जिसके लिए कड़ी आपत्ति दर्ज किया व स्कूल शिक्षा विभाग को कमेटी भंग कर पड़ने वाले बच्चों के पालको को ही कमेटी में अध्यक्ष एवम संचालक मंडल के गठन के लिए केंद्र सरकार के द्वारा निर्देश जारी होने के बाद भी स्कूलों की कमेटी को भंग नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त किया।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से स्वीकृत और पूर्ण हो चुके कार्यों का सरपंचों को भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। उन्होंने कहा कि पंचायतों द्वारा काम पूरा कराने के बाद भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है।जनप्रतिनिधियों और पंचायतों से काम कराने के बाद भुगतान में देरी व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाती है।बैठक में वतन के सवालों पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो कई मामलों में जिम्मेदारी एक-दूसरे के पाले में डालने की स्थिति दिखाई दी। स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की समयसीमा बताने के बजाय विभागीय स्तर पर गेंद इधर से उधर होती रही। इससे बैठक में यह सवाल भी उभरा कि आखिर जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों की जिम्मेदारी लेने को तैयार कौन है। वतन ने सभी मामलों में ठोस कार्रवाई और समयबद्ध निराकरण की मांग की।

आरंग में शिक्षक की सिर कुचलकर हत्या, महानदी किनारे मिला खून से लथपथ शव

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 रायपुर/आरंग। राजधानी रायपुर से लगे आरंग क्षेत्र में एक शिक्षक की हत्या से सनसनी फैल गई। महानदी के किनारे बनचरौदा के पास शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में भारी वस्तु से सिर पर वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।


मृतक शिवकुमार चंद्राकर शासकीय विद्यालय कुम्हारी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे और डंगनिया (चंपारण) के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वे किसान नेता रुपन चंद्राकर के भतीजे थे।

घटनास्थल पर मिली बाइक

जानकारी के अनुसार, शिवकुमार का शव महानदी तट पर पड़ा मिला। घटनास्थल से उनकी बाइक भी बरामद की गई है। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी है।

घटना की सूचना मिलते ही आरंग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में रंजिश सहित हत्या के अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।

डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर हत्या की वजह और घटनाक्रम को स्पष्ट किया जाएगा।

वतन चन्द्राकर ने साहू समाज भवन नारा में बाउंड्रीवॉल निर्माण का किया भूमिपूजन

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4 लाख रुपए की लागत से बनेगा आहता, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए परिसर को मिलेगा व्यवस्थित स्वरूप

आरंग- ग्राम पंचायत नारा स्थित साहू समाज भवन परिसर में सोमवार को 4 लाख रुपए की लागत से बनने वाले बाउंड्रीवॉल (आहता) निर्माण कार्य का विधि-विधान से भूमिपूजन किया गया। निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर साहू समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर का सम्मान कर आभार व्यक्त किया। निर्माण की स्वीकृति से समाज के लोगों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेश साहू, सरपंच प्रतिनिधि रितेश जांगड़े, उपसरपंच द्रोण चन्द्राकर, प्रहलाद चन्द्राकर सहित जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

पूजा-अर्चना के बाद रखी गई निर्माण की आधारशिला

भूमिपूजन कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने कुदाल चलाकर बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। ग्रामीणों ने बताया कि साहू समाज भवन परिसर में लंबे समय से बाउंड्रीवॉल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। परिसर खुला होने के कारण सुरक्षा और साफ-सफाई बनाए रखने में दिक्कत होती थी।

बाउंड्रीवॉल निर्माण पूरा होने के बाद परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप मिलने की उम्मीद है। इससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

गांव के विकास में सामाजिक परिसरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका : वतन

मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर ने कहा कि गांव का विकास केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। सामाजिक परिसरों का विकास भी ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इससे सामाजिक एकजुटता को मजबूती मिलती है।

उन्होंने कहा कि साहू समाज भवन परिसर में बनने वाला बाउंड्रीवॉल सुरक्षा, स्वच्छता और परिसर के व्यवस्थित उपयोग में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि गांवों की सबसे बड़ी ताकत आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ा होना है। विकास का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्राथमिकता है।

वतन चन्द्राकर ने कहा कि नारा में सामाजिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक प्रयासों में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

निर्माण से ग्रामीणों में उत्साह

ग्रामीणों ने बताया कि बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई बनाए रखने में परेशानी होती थी। अब 4 लाख रुपए की लागत से आहता निर्माण होने से इन समस्याओं के दूर होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य को लेकर समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

भूमिपूजन कार्यक्रम के समापन के बाद उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर रायपुर में 25 लाख दीयों से जगमगाएगा शहर, महादेव घाट पर होगी महाआरती

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रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ में गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत हो रही है। अभियान के तहत राजधानी रायपुर में शाम को करीब 25 लाख दीये जलाए जाएंगे। वहीं, महादेव घाट स्थित खारून नदी के तट पर दीपदान और भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

महादेव घाट पर दीपदान और महाआरती

रायपुर के महादेव घाट पर शाम को दीप प्रज्ज्वलन और महाआरती का कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शामिल होने की जानकारी है। इसके अलावा मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों के भी शामिल होने की संभावना है।

मरीन ड्राइव समेत प्रमुख मार्गों पर जगमगाएंगे दीये

रायपुर में मुख्य दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम मरीन ड्राइव, तेलीबांधा क्षेत्र में शाम करीब 7 बजे आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों और निर्धारित रूट पर भी दीप जलाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने आयोजन को लेकर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारियां की हैं।

प्रदेशभर में भी होंगे आयोजन

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भी दीप प्रज्ज्वलन और सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर में होने वाला 25 लाख दीयों का आयोजन इस अभियान का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

CGPSC ने 265 पदों के लिए इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन किया स्थगित

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रायपुर- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। आयोग ने 20 विभागों में 265 पदों पर भर्ती के लिए होने वाले दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। यह प्रक्रिया पहले 20 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जानी थी।

अपरिहार्य कारणों से टला कार्यक्रम

CGPSC की ओर से 16 सितंबर को जारी सूचना में बताया गया कि निर्धारित दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू कार्यक्रम को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया है। आयोग ने फिलहाल स्थगन की कोई विस्तृत वजह नहीं बताई है।

नई तारीखों का इंतजार

आयोग के अनुसार दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के लिए नई तारीखें अलग से जारी की जाएंगी। अभ्यर्थियों को संशोधित कार्यक्रम की जानकारी के लिए CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

राज्य सेवा परीक्षा-2025 की प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद मुख्य परीक्षा प्रक्रिया पूरी हुई और अब चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में दस्तावेज सत्यापन एवं साक्षात्कार होना था। कार्यक्रम स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों को नई तारीखों की घोषणा का इंतजार करना होगा।

अमेरिकी फेड ने तीन साल बाद बढ़ाई ब्याज दर, वैश्विक बाजारों पर दिखा असर

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वॉशिंगटन- अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन साल से अधिक समय बाद ब्याज दर में बढ़ोतरी की है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 16 सितंबर को प्रमुख फेडरल फंड्स रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में कर दिया।

फेड ने यह फैसला महंगाई के अब भी ऊंचे स्तर पर बने रहने और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती को देखते हुए लिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य महंगाई को उसके 2 प्रतिशत के लक्ष्य की ओर समयबद्ध तरीके से वापस लाना है।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव

फेड के फैसले के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की खासकर छोटी अवधि की यील्ड में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजारों ने फेड के आगे भी सख्त मौद्रिक रुख के संकेतों पर प्रतिक्रिया दी।

शेयर बाजारों में भी हलचल

फेड के फैसले के बाद शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी के बाद दबाव देखने को मिला। अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि वैश्विक बाजारों में भी निवेशकों ने ब्याज

देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान शुरू, जनभागीदारी से स्वच्छता का संदेश

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नई दिल्ली- देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की शुरुआत हो गई है। अभियान के तहत स्वच्छता, साफ-सफाई और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों और जनभागीदारी से जुड़े आयोजनों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का उद्देश्य केवल सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। इसमें स्थानीय निकायों, सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभियान के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण के साथ स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जा रहा है। जनभागीदारी के जरिए देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर जोर रहेगा।

छत्तीसगढ़ में ‘Made in Bastar’ को बढ़ावा, 2024 से अब तक करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

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औद्योगिक विकास के साथ नए सेक्टरों पर फोकस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन में निवेश की उम्मीद

रायपुर- छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों पर भी फोकस कर रही है। इसी कड़ी में ‘Made in Bastar’ को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक राज्य में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आने की बात कही गई है।

राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय संसाधनों, कौशल और उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ‘Made in Bastar’ की अवधारणा के जरिए बस्तर की स्थानीय पहचान और उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

इन क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ छोटे एवं मध्यम उद्यमों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में स्थानीय कच्चे माल और मानव संसाधन का उपयोग कर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

बस्तर के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

‘Made in Bastar’ के तहत बस्तर की स्थानीय कला, हस्तशिल्प, वन आधारित उत्पादों और अन्य पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

निवेश से औद्योगिक आधार मजबूत करने की तैयारी

करीब ₹8 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश को राज्य के औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश अलग-अलग चरण हैं, इसलिए इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के साथ ही इनके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

राज्य में निवेश के लिए बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय से ग्लोबल बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिश

‘Made in Bastar’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को केवल राज्य और देश के बाजार तक सीमित रखने के बजाय व्यापक बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही नए उद्योगों और निवेश के जरिए छत्तीसगढ़ को एक विविधीकृत औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर है।

इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन तक नए क्षेत्रों में संभावित निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को विविधता मिलने के साथ स्थानीय स्तर

अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ, भारत-चीन पर भी असर की आशंका

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वॉशिंगटन- अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक व्यापक विधेयक पारित कर दिया है, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को देने का प्रावधान है। भारत और चीन उन प्रमुख देशों में शामिल हैं, जो इस प्रावधान से प्रभावित हो सकते हैं।

‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 262-159 मतों से मंजूरी दी। इससे पहले विधेयक अमेरिकी सीनेट से भी पारित हो चुका है। अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

भारत समेत प्रमुख खरीदारों पर पड़ सकता है असर

विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर दबाव बढ़ाना और रूस से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों को वैकल्पिक स्रोतों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रस्तावित प्रावधान के तहत अमेरिका रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले प्रमुख देशों पर भारी टैरिफ लगा सकता है। भारत और चीन को इस प्रावधान के संभावित रूप से प्रभावित देशों में प्रमुखता से बताया गया है।

हालांकि, विधेयक अपने आप भारत से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं करता। यह अमेरिकी राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में ऐसा टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। 

भारत ने कहा- ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

अमेरिकी कदम पर भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऊर्जा की खरीद बाजार की परिस्थितियों तथा उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जाती रहेगी। भारत ने यह भी कहा है कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

भारत लंबे समय से रूस समेत विभिन्न देशों से ऊर्जा स्रोतों की खरीद करता रहा है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति में विविधता और किफायती कीमतें देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों पर भी नजर

अमेरिकी विधेयक ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर बातचीत चल रही है। प्रस्तावित नए अधिकारों से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।

अब सभी की नजर राष्ट्रपति ट्रंप के अगले कदम पर है। यदि विधेयक कानून बनता है और इसके तहत भारत जैसे देशों पर टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका असर ऊर्जा आयात, व्यापार लागत और व्यापक आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है।

शासकीय स्कूलों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सार्थक प्रयास : कलेक्टर महोबे

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वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में पांचवां प्रतिभा सम्मान समारोह एवं कॅरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित, 42 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

जांजगीर-चांपा- खरौद के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में पांचवां ‘प्रतिभा सम्मान समारोह एवं कॅरियर मार्गदर्शन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में खरौद के शासकीय प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं सहित खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुल 42 प्रतिभाओं को सम्मान मिला। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर जन्मेजय महोबे रहे। जिला पंचायत के सीईओ विनय पोयाम अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि समारोह की अध्यक्षता एडिशनल एसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने की। विशिष्ट अतिथियों में पामगढ़ एसडीएम आरके तम्बोली, चांपा की माउंटेनियर अमिता श्रीवास, 12वीं की टॉपर छात्रा खुशबू देवांगन, ड्रोन दीदी हेमलता मनहर, स्कूल जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष धनेश्वरी आदित्य, केवराबाई सिदार, पार्षद डॉ. हरेकृष्ण साहू और वरिष्ठ नागरिक सुबोध शुक्ला मौजूद रहे।

कार्यक्रम की रूपरेखा और आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू स्मृति आयोजन समिति खरौद के संयोजक राजकुमार साहू ने दी।

लक्ष्य तय कर अनुशासन के साथ आगे बढ़ें विद्यार्थी : कलेक्टर

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि शासकीय स्कूलों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह का आयोजन एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने आयोजन समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सराहनीय है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य पर फोकस करें। जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है, इसे पहले तय करना चाहिए और फिर उसी दिशा में लगातार मेहनत एवं प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने से सफलता की राह आसान होती है।

सम्मान से विद्यार्थियों को मिलता है प्रोत्साहन : सीईओ

जिला पंचायत सीईओ विनय पोयाम ने कहा कि किसी मंच पर विद्यार्थियों को सम्मान मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाले ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए।

कॅरियर को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक

समारोह की अध्यक्षता कर रहे एडिशनल एसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने विद्यार्थियों को कॅरियर से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मान मिलने से उनमें आगे और बेहतर करने की प्रेरणा पैदा होती है।

उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूल में इस तरह का आयोजन होना महत्वपूर्ण है और आयोजन समिति की यह पहल आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कॅरियर निर्माण की दिशा में आगे भी मार्गदर्शन और सहयोग देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने साइबर सुरक्षा और यातायात जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विद्यार्थियों से चर्चा की।

पामगढ़ एसडीएम आरके तम्बोली ने कहा कि इस तरह के आयोजन हर स्कूल में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि खरौद में पिछले पांच वर्षों से प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है और सभी को इससे जुड़कर कार्यक्रम को सफल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के सम्मान से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।

माउंटेनियर, टॉपर छात्रा और ड्रोन दीदी ने साझा किए अनुभव

कॅरियर मार्गदर्शन सत्र में चांपा की माउंटेनियर अमिता श्रीवास ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए उन्होंने करीब आठ वर्षों तक कठिन मेहनत की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले लक्ष्य तय करना जरूरी है। इसके बाद सही मार्गदर्शन और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की दिशा में मेहनत करनी चाहिए।

12वीं की टॉपर छात्रा खुशबू देवांगन ने बताया कि उन्होंने कॉमर्स विषय से पढ़ाई कर मेरिट में स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा कि मेहनत और पढ़ाई की सही प्लानिंग से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 10वीं की मेरिट में कुछ अंकों से चूकने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 12वीं में मेरिट में स्थान बनाया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन और पढ़ाई का शेड्यूल बनाने की सलाह दी।

वहीं ड्रोन दीदी हेमलता मनहर ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि एक समय वह घर की चारदीवारी में रहकर परिवार संभालती थीं, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने प्रयासों से आज जिले की पहली ड्रोन दीदी के रूप में पहचान बना चुकी हैं और लखपति दीदी के रूप में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, खुद पर भरोसा बनाए रखना चाहिए और जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उसमें पूरी ताकत से मेहनत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी उपलब्धि के बाद मिलने वाला सम्मान खुशी देता है, लेकिन किसी विद्यार्थी की सफलता परिवार के लिए सबसे गौरव का क्षण होती है।

इन प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

समारोह में शासकीय प्राथमिक स्कूल खाल्हेपारा के 5वीं कक्षा के मयंक कुमार यादव, मोचन रात्रे और सुशांत नोनिया तथा प्राथमिक शाला शुकुलपारा की मोहनी साहू, धानी आदित्य और संतोष आदित्य को सम्मानित किया गया।

मिडिल स्कूल शुकुलपारा की 8वीं कक्षा की यसीता आदित्य, जोनिका बर्मन और संध्या यादव का भी सम्मान हुआ।

शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के 10वीं कक्षा के पुष्पा साहू, तरुण कुमार चौहान और वीणा नोनिया तथा 12वीं कक्षा के हिमेश कुमार आदित्य, अनिशा खूंटे, भूमि काटले, गगन साहू, दिव्या आदित्य, वंशिका नोनिया, यंकिता नोनिया, टुकेश्वर साहू और रिया सिदार को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में आयोजित नेशनल ड्राप रो बॉल प्रतियोगिता में शामिल होनहार खिलाड़ियों भानू सिदार, देवव्रत भारद्वाज और पीयूष बंजारा को भी सम्मानित किया गया। 10वीं कक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 14 विद्यार्थियों तथा 12वीं के चार छात्र-छात्राओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में सीएमओ सत्यनारायण देवांगन, इंदलदेव समिति के अध्यक्ष कृष्णकुमार आदित्य, विजय कुमार मनहर, अजीत बंजारे, शिक्षक रामस्वरूप साहू, धन्यसाय साहू, राजेन्द्र कंवर, जागेश्वर सिदार, प्रकाश साहू, हिमांशु, विकास साहू, व्याख्याता एचएल धृतलहरे, दिलीप कुमार मिश्रा, सालिकराम कश्यप, डीसी देवांगन, भूमिका यादव, विवेक तिवारी, सोमनाथ कश्यप, लिपिक सचिन मिश्रा, अजय कश्यप, संकुल समन्वयक उपेन्द्र सिंह ध्रुव, मिडिल स्कूल शुकुलपारा के प्रधान पाठक डीके कश्यप, शिक्षक गोरेलाल कश्यप, नीलकमल साहू, रविशंकर यादव, सुरेश सिंह, भृत्य सुदामा सिदार और प्रेम आदित्य सहित शिक्षक, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जया अग्रवाल, चांपा ने किया तथा आभार प्रदर्शन स्कूल के प्राचार्य आरके गोस्वामी ने किया।

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