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असम में ऑयल इंडिया की फैक्ट्री में भीषण आग: चार अधिकारियों पर गिरी गाज, हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 4 हुआ

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असम से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। यहां ऑयल इंडिया लिमिटेड के औद्योगिक परिसर में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना ने चार कर्मचारियों की जान ले ली है। इस हादसे के बाद अब कंपनी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

निलंबित किए गए लोगों में तीन अधिकारी और एक कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी ने इनके खिलाफ आधिकारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऑयल इंडिया के परिसर में इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ? क्या रखरखाव के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था? और इस घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? फिलहाल मामले की जांच जारी है।

6 नवंबर की सुबह हुआ था भीषण हादसा

दरअसल, यह घटना 6 नवंबर 2026, शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजकर 5 मिनट पर असम के डिब्रूगढ़ जिले के तेंगाखाट स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के इंटरमीडिएट टैंक फार्म यानी ITF परिसर में हुई।

जानकारी के मुताबिक, परिसर में स्थित इंडायरेक्ट बाथ हीटर यानी IBH यूनिट में रखरखाव का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक विस्फोट हुआ और देखते ही देखते वहां आग फैल गई।

बताया गया है कि संबंधित IBH क्षेत्र को 4 नवंबर से ही रखरखाव कार्य के लिए अलग किया गया था।

हादसे के समय वहां ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम करने वाली ठेका कंपनी के कर्मचारी मौजूद थे।

सात कर्मचारी झुलसे, अब तक चार की मौत

इस भीषण आग की चपेट में आने से कुल सात कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें से एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

शुरुआत में घायलों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और ऑयल इंडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए कुछ घायलों को बाद में दूसरे अस्पतालों में भी स्थानांतरित किया गया।

हादसे के बाद एक-एक कर घायलों की मौत की खबर सामने आती रही।

मृतकों में राजू दत्ता, तपस ज्योति गोगोई, रूपम गोहाई और सैलेन गोगोई के नाम सामने आए हैं।

रूपम गोहाई को गंभीर हालत में डुलियाजान से गुवाहाटी के नेमकेयर अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

रविवार को सैलेन गोहाई के निधन के बाद इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई।

वहीं, तीन अन्य घायल कर्मचारियों की हालत भी गंभीर बताई गई है।

तीन अधिकारी और एक कर्मचारी निलंबित

हादसे के बाद ऑयल इंडिया लिमिटेड ने चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

कंपनी के प्रवक्ता प्रंकुश मल्ला बुजरबरुआ के मुताबिक, निलंबित किए गए चार लोगों में तीन अधिकारी और एक कर्मचारी शामिल हैं।

इन पर आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में कथित लापरवाही का आरोप है।

हालांकि, कंपनी की इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि जांच में इन सभी की जिम्मेदारी अंतिम रूप से साबित हो चुकी है। हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।

आग बुझाने के लिए लगानी पड़ीं 11 दमकल गाड़ियां

घटना के बाद ऑयल इंडिया के अग्निशमन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

कंपनी के फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम को सक्रिय किया गया। इसके अलावा दमकल वाहनों और ड्राई केमिकल पाउडर टेंडर की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, आग पर काबू पाने के लिए कुल 11 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट तक आग बुझा दी गई और स्थिति नियंत्रण में आ गई।

कंपनी ने किया मुआवजे का ऐलान

इस हादसे के बाद ऑयल इंडिया लिमिटेड ने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायल कर्मचारियों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

कंपनी की ओर से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने ऑयल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही।

उन्होंने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच कराने की जरूरत भी बताई।

जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव प्रक्रिया

इस हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

ऑयल इंडिया ने घटना की जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित की है। समिति को विस्फोट और आग के तत्काल तथा मूल कारणों का पता लगाने, नुकसान का आकलन करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, राज्यसभा सांसद तेराश गोवाला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रखरखाव के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके कारण विस्फोट और आग की इतनी बड़ी घटना हुई? क्या सुरक्षा मानकों में कोई कमी थी या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ?

इन सभी सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।


कर्नाटक में भीषण सड़क हादसा: निर्माणाधीन पुल से टकराई कार, चार युवकों की दर्दनाक मौत

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कर्नाटक से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक कार निर्माणाधीन पुल से टकरा गई। हादसे में कार सवार चार युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चारों युवक महाराष्ट्र के प्रसिद्ध भवानी देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए इस भीषण हादसे ने चारों परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं।

दर्शन करके लौट रहे थे चारों युवक

मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा कर्नाटक के यादगीर जिले के शाहपुर तालुक में इब्राहिमपुर के पास सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर हुआ।

पुलिस के अनुसार, चारों युवक शनिवार को महाराष्ट्र के तुलजापुर स्थित भवानी देवी मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद वे कार से अपने गांव की ओर लौट रहे थे।

इसी दौरान उनकी कार निर्माणाधीन पुल के पास पहुंची। बताया जा रहा है कि अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे निर्माणाधीन पुल के ढांचे से जा टकराई।

टक्कर इतनी जोरदार कि कार के उड़े परखच्चे

हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

इस दुर्घटना में कार में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और मददगार मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इस तरह इस भीषण सड़क हादसे में चारों युवकों की जान चली गई।

मृतकों की हुई पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। मृतकों के नाम हैं—

  1. गुरुराज सुरेश चव्हाण, उम्र 29 वर्ष।

  2. रेड्डी बागला राठौड़, उम्र 33 वर्ष।

  3. गोविंदा सीथ्या चव्हाण, उम्र 28 वर्ष।

  4. कुमार रामू राठौड़, उम्र 26 वर्ष।

चारों युवक कर्नाटक के यादगीर जिले के रहने वाले थे। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, घरों में मातम छा गया।

तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही? जांच में जुटी पुलिस

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक का वाहन से नियंत्रण हटने के कारण कार निर्माणाधीन पुल से टकराई।

वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में मृतक रेड्डी राठौड़ के भाई की शिकायत का उल्लेख है, जिसमें चालक पर तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

शाहपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

इस हादसे के बाद निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और रात के समय रोशनी जैसी व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं, यह जांच का विषय है।

हालांकि, फिलहाल पुलिस ने हादसे के लिए किसी निर्माण संबंधी कमी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

एक धार्मिक यात्रा से घर लौट रहे चार युवकों की जिंदगी रास्ते में ही खत्म हो गई। चार परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


रूस में नौकरी का सपना पड़ा भारी! रायपुर का युवक जेल में बंद होने का दावा, रूसी सेना में भर्ती के दबाव का परिवार ने लगाया आरोप

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने विदेश में नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

रायपुर के रहने वाले 38 वर्षीय टिकेश्वर साहू बेहतर रोजगार की तलाश में रूस गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि विदेश में अच्छी नौकरी मिलेगी, परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और बच्चों का भविष्य बेहतर होगा। लेकिन अब परिवार का दावा है कि टिकेश्वर रूस में जेल में बंद हैं और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है।

परिवार ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रायपुर पुलिस कमिश्नर से मदद की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय हस्तक्षेप करें, ताकि टिकेश्वर की सुरक्षित भारत वापसी हो सके।

कैसे मिला रूस में नौकरी का ऑफर?

परिवार के मुताबिक, टिकेश्वर साहू रायपुर में एक स्टोर मैनेजर के रूप में काम करते थे। इसी दौरान उन्हें टेलीग्राम ऐप के माध्यम से रूस में डिलीवरी एजेंट की नौकरी का प्रस्ताव मिला।

उन्हें अच्छी कमाई का भरोसा दिलाया गया था। साथ ही कहा गया था कि शुरुआत में टूरिस्ट वीजा पर रूस जाना होगा और नौकरी तय होने के बाद वीजा को वर्क वीजा में बदल दिया जाएगा।

बेहतर भविष्य की उम्मीद में टिकेश्वर ने रूस जाने का फैसला किया। वे 7 सितंबर को रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए और 8 सितंबर को रूस पहुंच गए। पहले वे मॉस्को पहुंचे और फिर वहां से वोल्गोग्राद गए।

परिवार के अनुसार, रूस पहुंचने पर नौकरी दिलाने का वादा करने वाले व्यक्ति ने उन्हें शुरुआती खर्च के लिए 5 हजार रूसी रूबल भी दिए थे।

16 सितंबर के बाद अचानक टूट गया संपर्क

परिवार का कहना है कि 16 सितंबर को टिकेश्वर से आखिरी बार सामान्य रूप से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया।

शुरुआत में परिवार को लगा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण नेटवर्क या संपर्क में परेशानी हो सकती है। लेकिन कुछ दिनों बाद परिवार के मोबाइल पर रूस के एक नंबर से हाथ से लिखे पत्र की तस्वीर आई।

परिवार ने उस पत्र की लिखावट को टिकेश्वर की लिखावट के रूप में पहचाना। परिजनों के मुताबिक, पत्र में टिकेश्वर ने लिखा था कि उन्हें प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़े एक मामले में फंसाया जा रहा है और रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

पांच मिनट की वीडियो कॉल में रो पड़े टिकेश्वर

परिवार ने उस रूसी नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की। काफी अनुरोध के बाद टिकेश्वर को परिवार से करीब पांच मिनट की वीडियो कॉल पर बात करने की अनुमति मिली।

परिवार के एक सदस्य के अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान टिकेश्वर काफी परेशान थे और रो रहे थे। उन्होंने बताया कि वे जेल में हैं और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है।

परिजनों का आरोप है कि टिकेश्वर पर ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया जा रहा है, जिनसे यह दिखाया जा सके कि वे अपनी इच्छा से रूसी सेना में शामिल हो रहे हैं।

हालांकि, रूस में उन पर लगे आरोपों और सेना में भर्ती के दबाव की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल ये बातें परिवार के आरोपों और टिकेश्वर से हुए कथित संवाद पर आधारित हैं।

टिकेश्वर की सेहत को लेकर परिवार परेशान

इस पूरे मामले में परिवार को उनकी जान और स्वास्थ्य की भी चिंता है।

परिजनों के मुताबिक, टिकेश्वर को थायरॉइड की समस्या है और उन्हें नियमित रूप से दवाइयां लेनी पड़ती हैं। परिवार का आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें जरूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

परिवार ने बताया कि 22 अक्टूबर को रूस में नियुक्त वकील ने उन्हें जानकारी दी थी कि ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण टिकेश्वर को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

इसके बाद से परिवार को उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और रिहाई की संभावित तारीख के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

रूस में वकील किया, डेढ़ लाख रुपये खर्च

टिकेश्वर को वापस लाने की कोशिश में परिवार ने रूस में एक वकील की मदद ली है। परिवार का कहना है कि अब तक वकील की फीस के रूप में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति भी लगातार प्रभावित हो रही है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता किसी तरह टिकेश्वर को सुरक्षित भारत वापस लाने की है।

मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

टिकेश्वर की पत्नी मनोरमा साहू ने 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला को पत्र लिखकर मदद मांगी।

उन्होंने मामले की जांच कराने, कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करने, टिकेश्वर को कानूनी सहायता और जरूरी चिकित्सा सुविधा दिलाने के साथ उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की है।

परिवार ने नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय, राज्य सचिवालय और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री के शिकायत पोर्टल पर भी आवेदन दिया गया है।

पुलिस ने क्या कहा?

इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि परिवार की शिकायत प्राप्त हो गई है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत को राज्य के गृह विभाग भेजा जाएगा और वहां से आगे की कार्रवाई के लिए विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा।

परिवार का कहना है कि उन्होंने भारतीय और रूसी दूतावासों को भी ईमेल भेजे हैं। भारतीय दूतावास की ओर से जवाब मिला है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और आगे अपडेट दिया जाएगा। परिवार के अनुसार, रूसी दूतावास से अब तक जवाब नहीं मिला है।

छत्तीसगढ़ से रूस गए एक अन्य युवक का मामला भी आया था सामने

गौरतलब है कि इससे पहले बिलासपुर जिले के 21 वर्षीय विनीत कुमार दुबे के रूस में लापता होने का मामला भी सामने आया था। उनके परिवार ने भी नौकरी के नाम पर रूस बुलाए जाने और वहां फंसने की आशंका जताई थी।

दोनों मामलों में परिवारों ने बताया कि युवकों को टेलीग्राम के माध्यम से नौकरी का प्रस्ताव मिला था और विदेश जाने से पहले उन्हें काम की वास्तविक प्रकृति की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।

इन घटनाओं ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाले संभावित फर्जीवाड़े और युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल—टिकेश्वर साहू की सुरक्षित वापसी कब होगी?

फिलहाल टिकेश्वर का परिवार सरकार और विदेश मंत्रालय से जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है। परिवार चाहता है कि रूस में उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए, उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा मिले और कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।

रायपुर का यह परिवार अब अपने बेटे, पति और पिता की सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठा है।


पीएम मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ मनाई दिवाली, कहा—देश के वीर जवान मेरे परिवार का हिस्सा

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छत्तीसगढ़ के बस्तर से आज की एक बड़ी और खास खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दीपावली का पर्व देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ बस्तर में मनाया। प्रधानमंत्री के इस दौरे को सुरक्षा बलों के मनोबल और बस्तर में बदलते हालात के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 8 नवंबर को बस्तर पहुंचे और करनपुर स्थित CRPF कैंप में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों से मुलाकात की और देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान, त्याग और बलिदान को नमन किया।

जवानों को बताया अपना परिवार

जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और देश के भीतर शांति बनाए रखने वाले सुरक्षा कर्मी उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वे दिवाली का त्योहार उन वीर जवानों के साथ मनाने आए हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात समर्पित रहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर कभी नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र रहा है, लेकिन अब यहां शांति और विकास का नया दौर दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और बलिदान को दिया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का किया जिक्र

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय से चल रही लड़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की दिवाली विशेष है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी हिंसा के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, अब देश के हर जिले में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हो चुका है और करोड़ों लोगों ने नक्सली हिंसा के डर से मुक्ति पाई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों और इस अभियान में योगदान देने वाले सभी लोगों को दिया।

https://youtube.com/shorts/VNtT9sElEUE?si=DDWnYUm1PE70TEBH

बस्तर में विकास को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री?

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस बस्तर में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने जवानों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता मजबूत हुआ है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ दीपावली मनाई और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

बस्तर दौरे का क्या है महत्व?

गौरतलब है कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में CRPF, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड यानी DRG के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रधानमंत्री का जवानों के बीच दिवाली मनाना सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और उनके मनोबल को बढ़ाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।



सूरजपुर में शिक्षक के घर सनसनीखेज डकैती का खुलासा, मासूम बच्ची के गले पर चाकू रखकर लूटे थे डेढ़ लाख रुपये; दो महिलाओं समेत छह गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक सनसनीखेज डकैती का मामला सामने आया है। यहां नकाबपोश बदमाशों ने देर रात एक शिक्षक के घर में घुसकर परिवार को चाकू की नोक पर बंधक बनाया और ढाई साल की मासूम बच्ची के गले पर चाकू रखकर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए चार पुरुषों और दो महिलाओं समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों तक पहुंचने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

क्या है पूरा मामला?

मामला सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अघिना सलका का है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय शिक्षक राधेश्याम सिंह 26 अक्टूबर की देर रात अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब डेढ़ बजे चार नकाबपोश बदमाश घर में दाखिल हुए।

आरोपियों ने घर के चैनल गेट का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों को धमकाना शुरू कर दिया। बदमाशों ने परिवार को डराने के लिए ढाई साल की मासूम बच्ची के गले पर चाकू रख दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए नकदी की मांग की।

मासूम की जान खतरे में देखकर परिवार के लोग बुरी तरह घबरा गए। इसी दौरान आरोपियों ने घर की अलमारी में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात के बाद आरोपी घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गए।

पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

घटना की शिकायत मिलने के बाद भटगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई।

जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार पुलिस के रडार पर आई। कार के नंबर और उसकी आवाजाही से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पूछताछ के बाद पुलिस ने इस वारदात में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें चार पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।

मास्टरमाइंड को लेकर भी हुआ बड़ा खुलासा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शारदा चौहान को इस वारदात की मास्टरमाइंड बताया गया है। बताया जा रहा है कि उसका शिक्षक के परिवार से परिचय था और उसे घर की गतिविधियों तथा नकदी रखे होने की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर कथित तौर पर डकैती की योजना बनाई गई।

पुलिस ने इस मामले में हुल्लेश्वर दास, देवकरण दास उर्फ विजय दास, विकास दास, शांतुदास, शारदा चौहान और सोनू कुमारी को गिरफ्तार किया है।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 लाख 40 हजार रुपये नकद, सात मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, एक चाकू और चेहरे ढकने के लिए इस्तेमाल किए गए स्टॉल बरामद किए हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद भी जांच से जुड़े अन्य पहलुओं पर नजर बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक परिचित परिवार की दिनचर्या और घर में रखी नकदी की जानकारी अपराधियों तक कैसे पहुंची और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।

सूरजपुर की इस घटना ने एक बार फिर घरों की सुरक्षा और बच्चों की हिफाजत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

आरोपियों और बरामदगी की जानकारी

विवरण

    जानकारी

घटना स्थल

     ग्राम अघिना सलका, थाना भटगांव, सूरजपुर

घटना की तारीख

     26 अक्टूबर 2026 की रात

पीड़ित

    शिक्षक राधेश्याम सिंह, उम्र 35 वर्ष

गिरफ्तार आरोपी

     6 — चार पुरुष, दो महिलाएं

लूटी गई नकदी

    लगभग ₹1.50 लाख

बरामद नकदी

     ₹1.40 लाख

बरामद संपत्ति

    लगभग ₹4.60 लाख मूल्य की

जांच में CCTV

     200 से अधिक कैमरे


ओडिशा में भीषण अग्निकांड: एक ही परिवार के चार लोगों की जलकर मौत, दो मासूम बच्चे भी शामिल

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ओडिशा के जाजपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक घर में लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदगी छीन ली। मृतकों में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इस हादसे में परिवार का एक 22 वर्षीय युवक भी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे इलाज के लिए कटक रेफर किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा शनिवार, 7 नवंबर की रात करीब 8:30 बजे जाजपुर जिले के नालीपुर गांव में हुआ। यह गांव बालिचंद्रपुर थाना क्षेत्र और बड़ाचना ब्लॉक के अंतर्गत आता है। आग घर के अंदर उस समय लगी, जब परिवार के लिए खाना बनाया जा रहा था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में मौजूद तबस्सुम और गुलअफ्सा एलपीजी गैस का इस्तेमाल कर खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घर की छत एस्बेस्टस की थी और आग तेजी से फैलने के कारण परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।

इस हादसे में घर के मालिक निजामुद्दीन की बहू तबस्सुम, उनकी बेटी गुलअफ्सा और गुलअफ्सा के दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत बच्चों में एक करीब 10 साल की बच्ची और दूसरा आठ महीने का मासूम बच्चा शामिल बताया गया है।

बताया जा रहा है कि घर में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही दरवाजा था। आग तेजी से फैलने के कारण अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। इस घटना में परिवार का एक 22 वर्षीय युवक भी गंभीर रूप से झुलस गया। उसे पहले बड़ाचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की सूचना मिलते ही चांदीखोल दमकल केंद्र की टीम और बालिचंद्रपुर पुलिस मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने और राहत-बचाव का काम शुरू किया। लेकिन तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी और चार लोगों की जान जा चुकी थी।

अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर आग लगी कैसे?

पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खाना बनाने के दौरान एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था, इसलिए गैस से जुड़ी किसी संभावित वजह की भी जांच जरूरी है। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही आग लगने की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

ओडिशा के इस दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि।



छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में करंट का कहर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; पति-बेटे को बचाने में मां ने भी गंवाई जान

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां बिजली के करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पहले पिता और बेटे की जान गई, जबकि दोनों को बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से झुलसी मां ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से स्थानीय लोग और व्यापारी समुदाय सदमे में हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

जानकारी के मुताबिक, घटना 6 नवंबर 2026 की सुबह बलौदाबाजार शहर के नेहरू चौक के पास की है। यहां रहने वाले कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता सुबह अपने घर की बालकनी में सफाई कर रहे थे।

इसी दौरान बालकनी में लगी लोहे की रेलिंग में अचानक बिजली का करंट फैल गया। जैसे ही राकेश गुप्ता ने रेलिंग को छुआ, वे करंट की चपेट में आ गए और लोहे की रेलिंग से चिपक गए।

पिता को बचाने दौड़ा बेटा, लेकिन खुद भी आया करंट की चपेट में

अपने पिता को करंट से तड़पता देखकर उनका 24 वर्षीय बेटा उन्हें बचाने के लिए तुरंत आगे आया। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि लोहे की रेलिंग में भी बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है।

पिता को बचाने की कोशिश में बेटा भी करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में पिता और बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पति और बेटे को बचाने पहुंचीं मां, इलाज के दौरान मौत

जब वर्षा गुप्ता ने अपने पति और बेटे को करंट की चपेट में देखा, तो वे भी उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं। इस दौरान वे भी बुरी तरह झुलस गईं।

आसपास के लोगों की मदद से तीनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद राकेश गुप्ता और उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया।

वहीं, गंभीर रूप से घायल वर्षा गुप्ता को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन 7 नवंबर को इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

इस तरह एक ही परिवार के तीनों सदस्यों की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई।

घर के पास से गुजर रही थी 11 हजार केवी की बिजली लाइन

इस घटना के बाद घर के आसपास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मकान के पास से लगभग पांच फीट की दूरी पर 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। आशंका जताई जा रही है कि बिजली के तार और घर के आसपास मौजूद किसी धातु या सफाई के सामान के संपर्क से लोहे की रेलिंग में करंट फैल सकता है।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक करंट फैलने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह जांच की जा रही है कि हादसा शॉर्ट सर्किट, खुले बिजली के तार या किसी अन्य विद्युत खराबी के कारण हुआ।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की है।

बिजली के करंट का स्रोत क्या था और घर की रेलिंग तक बिजली कैसे पहुंची, इसकी जानकारी विद्युत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे से उठे कई बड़े सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • घरों के इतने करीब से हाईटेंशन लाइन गुजरने पर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?

  • क्या बिजली की लाइन और मकान के बीच निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन किया गया था?

  • क्या समय रहते बिजली विभाग को संभावित खतरे की जानकारी दी गई थी?

  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


इंडिगो विमान में हाईजैक की धमकी, 178 यात्रियों की अटकी सांसें, इमरजेंसी में बेंगलुरु लौटा विमान

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बेंगलुरु से लखनऊ जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान के टॉयलेट में हाईजैक करने की धमकी वाला एक हस्तलिखित नोट मिला। इस घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को देखते हुए पायलट ने बड़ा फैसला लिया और विमान को वापस बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय किया।

मामला 7 नवंबर की शाम का है। जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-451 बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शाम करीब 5 बजकर 50 मिनट पर लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। विमान में कुल 178 यात्री सवार थे।

उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद एक यात्री जब विमान के टॉयलेट में गया, तो वहां उसे एक कागज पर हाथ से लिखा धमकी भरा संदेश दिखाई दिया। इस संदेश में दावा किया गया था कि विमान को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर हाईजैक कर लिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि इस संदेश को नजरअंदाज करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

यात्री ने तुरंत इसकी जानकारी केबिन क्रू को दी। इसके बाद क्रू मेंबर्स ने पायलट को पूरे मामले से अवगत कराया। पायलट ने तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC से संपर्क किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को वापस बेंगलुरु ले जाने का फैसला किया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। विमान के सुरक्षित लैंड करते ही सभी 178 यात्रियों को बाहर निकाला गया और विमान को अन्य विमानों से अलग सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

इसके बाद CISF, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई। करीब 90 मिनट तक चले सर्च ऑपरेशन में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने धमकी को फर्जी यानी Hoax घोषित कर दिया। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने पर विमान ने उसी रात दोबारा लखनऊ के लिए उड़ान भरी और अपनी यात्रा पूरी की।

इंडिगो का आधिकारिक बयान

इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि विमान में सुरक्षा संबंधी खतरे की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया था। निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत पायलट ने विमान को वापस उसके मूल एयरपोर्ट पर लाने का फैसला किया।

एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया और कहा कि जांच के दौरान यात्रियों को जलपान और लगातार जरूरी अपडेट उपलब्ध कराए गए।

अब जांच का मुख्य सवाल यह है कि विमान के टॉयलेट में धमकी भरा नोट किसने रखा था? अधिकारियों की ओर से इस मामले की जांच शुरू की गई है, ताकि नोट छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना से जुड़े 5 महत्वपूर्ण तथ्य
  1. फ्लाइट नंबर – 6E-451

  2. रूट – बेंगलुरु से लखनऊ

  3. विमान में यात्री – 178

  4. आपातकालीन जांच – करीब 90 मिनट

  5. अंतिम परिणाम – धमकी फर्जी पाई गई और विमान ने दोबारा उड़ान भरी।

फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और विमान ने अपनी यात्रा पूरी की।


 

आज की बड़ी खबरें | 8 नवंबर 2026 | हिंदी न्यूज़ बुलेटिन

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नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका आज के न्यूज़ बुलेटिन में। आइए जानते हैं देश-दुनिया और छत्तीसगढ़ की आज की बड़ी खबरें। तो चलिए, शुरू करते हैं।

राष्ट्रीय समाचार

होर्मुज के पास दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराए

ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज क्षेत्र के पास दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग की चपेट में आए। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई

ईरान की नाकेबंदी तोड़ने के प्रयास के आरोप में अमेरिकी सेना ने एक मालवाहक जहाज को रोका। पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है।

इंडिगो की फ्लाइट को धमकी

बेंगलुरु से लखनऊ जा रही इंडिगो की उड़ान को धमकी मिलने के बाद विमान वापस लौट आया। सुरक्षा एजेंसियों की जांच महत्वपूर्ण रहेगी।

दिल्ली में प्रदूषण की चुनौती

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड कक्षाओं का आदेश चर्चा में है।

लालकृष्ण आडवाणी का जन्मदिन

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी आज 99 वर्ष के हो गए।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री नाकेबंदी और सैन्य गतिविधियों को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

अल्बानिया में प्रदर्शन: राजधानी तिराना में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

ऑस्ट्रेलिया में वन्यजीव संरक्षण: वैज्ञानिकों के एक प्रयोग में छह कैप्टिव-ब्रेड दुर्लभ सांपों को जंगल में छोड़ा गया, जिनमें से चार जीवित रहे।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

बलौदाबाजार में करंट से तीन लोगों की मौत

बालकनी की रेलिंग में करंट फैलने से एक दंपती और उनके बेटे की मौत की खबर सामने आई है। यह विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी है।

स्वच्छता सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ को उपलब्धि

रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा ने राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों में पहचान बनाई।


जनजातीय गौरव दिवस की तैयारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, 15 नवंबर के जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे।


माओवादियों के विस्फोटक डंप का खुलासा

बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 711 BGL शेल, 955 डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला

हसदेव-बांगो नहर परियोजना के लिए अधिग्रहित लेकिन अनुपयोगी भूमि को वापस करने की मांग वाली याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दीं।

रायपुर में NIT की नई पहल

NIT रायपुर और AKSI Aerospace ने एयरोस्पेस क्षेत्र में Centre of Excellence स्थापित करने के लिए साझेदारी की है।

राज्य में 1,703 सरकारी पदों की घोषणा

दिवाली से पहले राज्य सरकार ने 1,703 सरकारी पदों की घोषणा की थी।

अर्थव्यवस्था और व्यापार

1. भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश की उम्मीद: निजी निवेश में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण में 11.9% की वृद्धि दर्ज हुई थी।

2. सेवा क्षेत्र में सुधार: अक्टूबर में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची। घरेलू मांग में सुधार इसका प्रमुख कारण रहा।

3. डाबर में बड़ा प्रबंधन बदलाव: कंपनी के ग्लोबल CEO मोहित मल्होत्रा 13 नवंबर को पद छोड़ेंगे। कंपनी ने नेतृत्व में बदलाव की जानकारी दी है।

शेयर बाजार और बैंकिंग
  • आज रविवार होने के कारण NSE और BSE में नियमित कारोबार नहीं होगा।

  • पिछले कारोबारी सत्र की रिपोर्ट के अनुसार सेंसेक्स में 1,718 अंकों की तेजी और निफ्टी में 25,000 का स्तर पार होने की खबर आई थी। इसे आज का लाइव भाव न समझें।

  • RBI ने वित्तीय बाजारों के मुद्दों पर विचार के लिए तकनीकी परामर्श समिति बनाई है।

  • बैंकिंग अलर्ट: 9 से 15 नवंबर के बीच SBI, HDFC और ICICI सहित बैंकों की शाखाएं अलग-अलग क्षेत्रों में छह दिन बंद रह सकती हैं। बैंक जाने से पहले अपने राज्य की RBI छुट्टी सूची जरूर देखें।
रक्षा और सुरक्षा
  1. रक्षा मंत्री ने सिक्किम के सुकना में त्रिशक्ति कोर के अंतर्गत LAC क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचे और आधुनिक उपकरणों की तैनाती की समीक्षा की।

  2. भारत और म्यांमार के बीच पहली त्रि-सेवा संयुक्त मानवीय सहायता एवं आपदा राहत एक्सरसाइज 'राहत मित्र' शुरू हुई।

  3. DRDO ने 5 नवंबर को प्रलय क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

  4. भारतीय नौसेना का नया एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट 'अमिनी' नौसेना को सौंपा गया।

विज्ञान, टेक्नोलॉजी और AI
  • भारत और यूरोपीय संघ ने Horizon Europe कार्यक्रम में भारत की भागीदारी के लिए वार्ता पूरी की।

  • CSIR-NEERI ने राष्ट्रीय AI-ML हैकाथॉन 2026 में प्रथम पुरस्कार जीता।

  • वैज्ञानिकों ने ऐसा सिलिकॉन चिप विकसित किया है जो अवरोधों के पार टेराहर्ट्ज तरंगों को जाने देने में सक्षम है। इससे भविष्य की 6G तकनीक को मदद मिल सकती है।

कानून, न्यायपालिका और शासन
  • सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध हटाने से इनकार किया और गुजरात हाईकोर्ट को संबंधित चुनौती दो महीने में तय करने को कहा।

स्वास्थ्य और शिक्षा
  • AIIMS रायपुर में दुर्लभ परजीवी बीमारी से प्रभावित महिला के फेफड़े को बचाने वाली जटिल सर्जरी की खबर सामने आई है।

  • छत्तीसगढ़ सरकार कोचिंग सेंटरों को नियंत्रित करने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए नया कानून बनाने की योजना पर काम कर रही है।

  • आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं के चलते छत्तीसगढ़ के 16 अस्पतालों का पंजीकरण रद्द किए जाने की खबर भी सामने आई थी।

कृषि, पर्यावरण और मौसम
  • छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए मौसम और फसल संबंधी स्थानीय सलाह पर नजर रखना जरूरी है।

  • नवंबर में जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन के मुद्दे पर COP31 अंतरराष्ट्रीय चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

  • छत्तीसगढ़ के लिए आज का कोई नया जिला-वार मौसम अलर्ट इन स्रोतों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है। इसलिए बारिश या तापमान का अनुमान बिना पुष्टि के नहीं दिया जा रहा।

 खेल समाचार

भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

भारत ने वर्षा से प्रभावित दूसरे ODI में DLS पद्धति से न्यूजीलैंड को चार रन से हराया और पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।

WTA Finals 2026 शुरू

महिला टेनिस का प्रतिष्ठित WTA Finals 8 से 15 नवंबर तक इंडियन वेल्स में आयोजित हो रहा है।


सिनेमा और मनोरंजन
  • मलयालम फिल्म 'Bouma' का आधिकारिक ट्रेलर आज जारी हुआ।

  • मुंबई में सिनेमाघरों पर मनोरंजन कर बढ़ाने का प्रस्ताव चर्चा में है। प्रस्तावित बदलाव को अभी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिलनी बाकी है।

  • इस सप्ताह OTT पर नई रिलीज की सूची भी जारी हुई है।


Diwali 2026: PM मोदी से लेकर CM योगी तक, देश के दिग्गज नेताओं ने दी दीपावली की बधाई, जानें किसने क्या कहा?

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Diwali Wishes 2026: दिवाली के मौके पर सोशल मीडिया पर छाईं शुभकामनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।


नई दिल्ली। देशभर में आज दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। घरों से लेकर बाजारों तक रोशनी और उत्सव का माहौल है। इस खास अवसर पर देश के राजनीतिक दिग्गजों ने भी सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा कर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

PM मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशहाली और सकारात्मकता की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "देशभर के अपने परिवारजनों को दीपावली की असीम शुभकामनाएं।"

प्रधानमंत्री के इस संदेश के जरिए उन्होंने देश के लोगों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अयोध्या के दीपोत्सव का किया जिक्र

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी देशवासियों को दीपावली की बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने अयोध्या में मनाए जा रहे दीपोत्सव और रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "अलौकिक, भव्य और दिव्य अयोध्याधाम। श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा यह दीपोत्सव ऐतिहासिक है। सदियों के लंबे इंतजार के बाद हमारे आराध्य रामलला के अपने निज मंदिर में विराजमान होने से यह उत्सव और भी विशेष हो गया है।"

उन्होंने आगे देशवासियों को दीपावली की अनंत शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में खुशियों और मंगल की कामना की।

CM योगी आदित्यनाथ ने सेवा और सद्भाव का दिया संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपावली के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में दीपावली को सत्य की साधना और सर्वमंगल की सनातन भावना का महापर्व बताया।

सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, "सत्य की साधना और सर्वमंगल की सनातन भावना के पावन महापर्व दीपावली की सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं।"

उन्होंने आगे कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की पुण्य स्मृति से जुड़ा यह पर्व हमें सेवा, समरसता और सद्भाव के साथ लोक-कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कोई आंगन अंधकार में न रहे और कोई जीवन आशा से वंचित न रहे, यही दीपोत्सव का लोक-मंगलकारी संकल्प है। उन्होंने प्रभु श्रीराम और माता जानकी से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैलने की कामना की। अपने संदेश का समापन उन्होंने 'जय जय सियाराम' के उद्घोष के साथ किया।

दीपावली पर नेताओं के संदेशों में दिखा एकता और खुशहाली का संदेश

दीपावली के अवसर पर देश के प्रमुख नेताओं की शुभकामनाओं में खुशहाली, सकारात्मकता, सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई दी, वहीं बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अयोध्या के ऐतिहासिक दीपोत्सव को याद किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज में समरसता और लोक-कल्याण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

Diwali 2026: आज मनाई जा रही दिवाली, शाम 5:54 से 7:50 बजे तक लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

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Diwali 2026 Puja Muhurat: प्रदोष काल में बन रहा लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ संयोग, जानें वृषभ लग्न, महानिशीथ काल और चौघड़िया मुहूर्त की पूरी जानकारी।


रायपुर। रोशनी, खुशियों और समृद्धि का पर्व दीपावली आज 8 नवंबर, रविवार को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही घरों और बाजारों में त्योहार की रौनक दिखाई दे रही है। शाम होते ही दीपों की जगमगाहट के बीच मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाएगी। हिंदू धर्म में दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या की रात प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव का आगमन होता है। इस बार लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। आइए जानते हैं दिवाली पर पूजा का सही समय, अमावस्या तिथि और अन्य महत्वपूर्ण मुहूर्त।

Diwali 2026: लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ समय

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रदोष काल को बेहद शुभ माना जाता है। इस वर्ष 8 नवंबर को शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक लक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त रहेगा। पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट का समय मिलेगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान प्रदोष काल के साथ वृषभ लग्न का संयोग बन रहा है। वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि स्थायी रूप से बनी रहती है।

दिवाली पर प्रदोष काल कब से कब तक?

पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। इसके साथ ही प्रदोष काल शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गृहस्थ परिवारों के लिए इसी अवधि में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

दीपावली की पूजा में प्रदोष काल के अलावा निशीथ काल और महानिशीथ काल का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन विशेष समयों में की गई पूजा और साधना से शुभ फल प्राप्त होते हैं।

व्यापारियों के लिए कब है लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त?

दीपावली का पर्व व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए भी खास महत्व रखता है। इस दिन दुकानों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ बही-खातों का पूजन किया जाता है।

इस साल व्यापारियों के लिए कुंभ लग्न दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। वहीं, सिंह लग्न रात 12 बजकर 25 मिनट से देर रात 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में लक्ष्मी साधना और श्री यंत्र पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।

Diwali 2026: महानिशीथ काल का मुहूर्त

दिवाली की रात महानिशीथ काल को विशेष साधना और मंत्र जाप के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष 8 नवंबर को महानिशीथ काल रात 11 बजकर 39 मिनट से देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

इस दौरान साधक मां लक्ष्मी की विशेष आराधना और मंत्र जाप कर सकते हैं। वहीं, निशा पूजा और मां काली की पूजा के लिए रात 1 बजकर 37 मिनट से देर रात 3 बजकर 15 मिनट तक का समय बताया गया है।

दिवाली 2026 के शुभ चौघड़िया मुहूर्त

दिवाली पर पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी देखा जाता है। इस बार शुभ चौघड़िया दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

इसके अलावा शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 10 बजकर 27 मिनट तक शुभ, अमृत और चर चौघड़िया का समय रहेगा। वहीं, लाभ चौघड़िया रात 1 बजकर 43 मिनट से देर रात 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।

दिवाली 2026: अमावस्या तिथि का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसी अमावस्या तिथि पर दीपावली का पर्व मनाया जाता है।

दिवाली के दिन घरों में दीप जलाने, रंगोली बनाने, दीपदान करने और मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि दीपावली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ, प्रकाशमय घरों में प्रवेश करती हैं। यही वजह है कि इस दिन घरों को दीपों और रोशनी से सजाया जाता है तथा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा की जाती है।

भिलाई में भारी वाहनों की एंट्री पर बड़ा प्रतिबंध: सुबह 6 से रात 11 बजे तक नो-एंट्री, 16 नवंबर तक लागू रहेगा आदेश

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भिलाई- त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन ने भिलाई के नंदिनी रोड पर भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत यह आदेश जारी किया है।

इस आदेश के अनुसार भिलाई के पावर हाउस चौक से छावनी चौक तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का आवागमन सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।

यह व्यवस्था 6 नवंबर 2026 से लागू हो गई है और 16 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

किन इलाकों में रहेगा प्रतिबंध?

भिलाई में प्रतिबंधित मार्ग:

  • पावर हाउस चौक से छावनी चौक।

  • नंदिनी रोड का संबंधित मार्ग।

  • इस मार्ग पर भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

प्रतिबंध का समय:

प्रतिबंध शुरू- सुबह 6:00

प्रतिबंध समाप्त- रात 11:00

लागू होने की तारीख- 6 नवंबर 2026

अंतिम तारीख- 16 नवंबर 2026

प्रतिबंधित अवधि- 17 घंटे प्रतिदिन

किन वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध?

प्रशासन के आदेश के अनुसार संबंधित मार्ग पर निम्न वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा:

  1. भारी मालवाहक ट्रक।

  2. मध्यम मालवाहक वाहन।

  3. बड़े माल परिवहन वाहन।

  4. अन्य ऐसे वाहन जो भारी एवं मध्यम मालवाहक श्रेणी में आते हैं।

यह प्रतिबंध सामान्य यात्री वाहनों पर लागू नहीं है।

किन वाहनों को मिलेगी छूट?

आवश्यक सेवाओं को छूट

प्रशासन ने आम जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से बाहर रखा है।

वाहन का प्रकार

 छूट

एंबुलेंस

 हां

फायर ब्रिगेड

 हां

दवाइयां पहुंचाने वाले वाहन

 हां

पेट्रोल-डीजल टैंकर

 हां

LPG गैस सिलेंडर वाहन

 हां

सरकारी राशन वितरण वाहन

 हां

धान एवं चावल कस्टम मिलिंग वाहन

 हां

दूध, सब्जी एवं फल वाहन

 हां

दैनिक आवश्यक वस्तुओं के वाहन

 हां

इन आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से छूट दी गई है।

प्रशासन ने आखिर क्यों लगाया प्रतिबंध?

जिला प्रशासन के अनुसार त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है।

प्रतिबंध लगाने के प्रमुख कारण:

  • त्योहारों में बाजारों में भीड़ नियंत्रित करना।

  • भारी वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकना।

  • आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराना।

  • सड़कों पर जाम की समस्या कम करना।

  • पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

  • कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना।

आदेश का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित समय में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इसमें संबंधित वाहन चालक और वाहन के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।

दुर्ग शहर के 9 प्रमुख मार्गों पर भी प्रतिबंध बढ़ाया गया

इस खबर का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। जिला प्रशासन ने दुर्ग शहर के 9 प्रमुख मार्गों पर भी भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों को दोपहर 12 से 2 बजे तक मिलने वाली छूट समाप्त कर दी है।

इन मार्गों में शामिल हैं:

  1. पुलगांव चौक से पोटिया रोड।

  2. पुलगांव चौक से गंजपारा चौक।

  3. गुरुद्वारा चौक से बटालियन रोड।

  4. धमधा नाका रेलवे ओवरब्रिज से ग्रीन चौक।

  5. पुष्पक नगर से कातुलबोर्ड रोड।

  6. ग्राम बघेरा से गंजपारा दुर्ग।

  7. 32 बंगला बायपास ब्रिज से दुर्ग शहर।

  8. ठगड़ा बांध से दुर्ग शहर।

  9. धनौरा बायपास से महाराजा चौक।

इन मार्गों पर भी सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक प्रतिबंध लागू किया गया है। आवश्यक सेवाओं को छूट जारी रहेगी।

वाहन चालकों के लिए जरूरी निर्देश
  • भारी वाहन चालक प्रतिबंधित समय में नंदिनी रोड पर प्रवेश न करें।

  • माल परिवहन करने वाले वाहन अपने रूट और समय की पहले से योजना बनाएं।

  • आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन संबंधित छूट की शर्तों का पालन करें।

  • यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

  • किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लें।

यह प्रतिबंध कब समाप्त होगा?

16 नवंबर 2026- निर्धारित अंतिम तारीख

प्रशासन के आदेश के अनुसार 16 नवंबर के बाद पहले वाली यातायात व्यवस्था फिर से लागू होगी, जब तक कोई नया आदेश जारी नहीं होता।

निष्कर्ष

त्योहारों के मद्देनजर दुर्ग-भिलाई में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों पर सख्ती बढ़ाई है।

भिलाई में पावर हाउस चौक से छावनी चौक तक सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। यह व्यवस्था 16 नवंबर तक लागू रहेगी।


राहुल गांधी का E20 पेट्रोल पर बड़ा हमला: 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलने का आरोप, केंद्र सरकार और तेल कंपनियों से मांगा जवाब

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नई दिल्ली- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने E20 पेट्रोल में निर्धारित मात्रा से अधिक एथेनॉल मिलाए जाने के आरोप लगाकर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों पर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार द्वारा सात जिलों से एकत्र किए गए पेट्रोल के नमूनों की लैब जांच का हवाला देते हुए दावा किया कि जांच किए गए 14 नमूनों में से 11 में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक पाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे वाहन चालकों को नुकसान हो सकता है और पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है।

हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने इन जांच परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनका E20 पेट्रोल निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप है।

आखिर क्या है पूरा मामला?

यह विवाद पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की मात्रा को लेकर शुरू हुआ है।

  • कर्नाटक सरकार ने राज्य के सात जिलों से पेट्रोल के नमूने एकत्र किए।

  • इन नमूनों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया।

  • राहुल गांधी के अनुसार, 14 नमूनों में से 11 में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक मिली।

  • कुछ नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 30 प्रतिशत से भी अधिक बताई गई।

  • राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल निर्धारित है, तो इससे अधिक मात्रा कैसे पाई गई?

इस मामले ने पेट्रोल की गुणवत्ता, वाहन चालकों के खर्च और तेल कंपनियों की जवाबदेही पर बहस शुरू कर दी है।

किन कंपनियों के पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल मिलने का दावा?

राहुल गांधी ने विभिन्न सरकारी और निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल नमूनों का उल्लेख किया।

तेल कंपनी

 कथित एथेनॉल मात्रा

Indian Oil (IOCL)

 31.2%

Hindustan Petroleum (HPCL)

 30.5%

Bharat Petroleum (BPCL)

 निर्धारित सीमा से अधिक होने का दावा

Nayara Energy

 निर्धारित सीमा से अधिक होने का दावा

Shell

 निर्धारित सीमा से अधिक होने का दावा

ये आंकड़े राहुल गांधी और कर्नाटक सरकार द्वारा बताए गए परीक्षण परिणामों पर आधारित हैं। सभी कंपनियों के लिए अलग-अलग सटीक प्रतिशत सार्वजनिक रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से क्या सवाल पूछे?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार से कई सवाल किए।

उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  1. देश में बिकने वाले पेट्रोल में वास्तव में कितना एथेनॉल मिलाया जा रहा है?

  2. निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलने पर तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?

  3. पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की वास्तविक मात्रा की जानकारी क्यों नहीं दी जाती?

  4. तेल कंपनियों की प्रयोगशालाओं ने कथित तौर पर एथेनॉल की मात्रा स्पष्ट क्यों नहीं की?

  5. उपभोक्ताओं को पेट्रोल की गुणवत्ता और संरचना जानने का अधिकार क्यों नहीं मिल रहा?

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाते हुए सार्वजनिक बहस की अपनी चुनौती भी दोहराई।

E20 पेट्रोल क्या होता है?

E20 का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है।

एथेनॉल क्या है?

  • एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल आधारित जैव ईंधन (Biofuel) है।

  • इसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है।

  • भारत में एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है।

  • इसके इस्तेमाल से पेट्रोल में जीवाश्म ईंधन की खपत कम की जा सकती है।

भारत सरकार का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने से भी जुड़ा है।

क्या E20 पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज कम हो सकता है?

यह इस विवाद का सबसे महत्वपूर्ण उपभोक्ता संबंधी पहलू है।

एथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर ऊर्जा कम होती है। इसलिए E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में माइलेज कम हो सकता है।

संभावित प्रभाव:

  • पेट्रोल की तुलना में ईंधन दक्षता में कमी।

  • पुराने वाहनों में अनुकूलता संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

  • कुछ वाहनों में रबर और प्लास्टिक के ईंधन संबंधी पुर्जों पर असर पड़ सकता है।

  • वाहन की उम्र, इंजन डिजाइन और E20 अनुकूलता के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण: निर्धारित मानक के अनुरूप E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से हर गाड़ी का इंजन खराब होता है, ऐसा साबित नहीं है। सरकार ने पहले भी माइलेज में कुछ कमी की संभावना स्वीकार की है।

तेल कंपनियों ने राहुल गांधी के आरोपों पर क्या जवाब दिया?

राहुल गांधी के आरोपों के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने कर्नाटक सरकार के परीक्षण परिणामों पर आपत्ति जताई है।

Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने संयुक्त बयान में कहा:

  • उनके द्वारा बेचा जा रहा E20 पेट्रोल भारतीय मानक IS 17021 के अनुरूप है।

  • E20 पेट्रोल में एथेनॉल की निर्धारित सीमा 19 से 21 प्रतिशत है।

  • कर्नाटक में किए गए परीक्षण निर्धारित वैधानिक और तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार नहीं किए गए।

  • नमूने लेने और उनकी जांच की प्रक्रिया पर सवाल हैं।

  • कंपनियों ने कर्नाटक सरकार से पूरी परीक्षण रिपोर्ट और नमूना संग्रह की जानकारी मांगी है।

इस प्रकार कर्नाटक सरकार के परीक्षण दावों और तेल कंपनियों के जवाब के बीच विवाद बना हुआ है।

सरकार E20 पेट्रोल क्यों लागू कर रही है?

भारत सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के पीछे कई उद्देश्य हैं:

  1. विदेशों से कच्चे तेल का आयात कम करना।

  2. विदेशी मुद्रा की बचत करना।

  3. गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ाना।

  4. किसानों और एथेनॉल उत्पादकों को आर्थिक लाभ पहुंचाना।

  5. पेट्रोलियम क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना।

  6. जीवाश्म ईंधन की खपत और उससे जुड़े कार्बन उत्सर्जन को कम करना।

तेल कंपनियों के अनुसार, 2014-15 से 2025-26 तक एथेनॉल कार्यक्रम से 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचत हुई है।

आम जनता पर इसका क्या असर पड़ सकता है?

मुद्दा

  संभावित असर

पेट्रोल की गुणवत्ता

  निर्धारित मानक का पालन जरूरी

माइलेज

  कुछ वाहनों में कमी संभव

इंजन

  वाहन की E20 अनुकूलता महत्वपूर्ण

मेंटेनेंस

  वाहन के प्रकार पर निर्भर

उपभोक्ता अधिकार

  ईंधन की गुणवत्ता की जानकारी जरूरी

किसान

  एथेनॉल की मांग से लाभ की संभावना

अब आगे क्या हो सकता है?

इस विवाद में कुछ महत्वपूर्ण कदमों की आवश्यकता है:

  • कर्नाटक में एकत्र किए गए सभी 14 नमूनों की परीक्षण प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।

  • स्वतंत्र और निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा जांच कराई जाए।

  • पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को ईंधन की गुणवत्ता संबंधी जानकारी दी जाए।

  • निर्धारित सीमा से अधिक एथेनॉल मिलने की पुष्टि होने पर जिम्मेदार कंपनियों पर कार्रवाई की जाए।

  • केंद्र सरकार और तेल कंपनियां जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करें।

फिलहाल आरोपों और तेल कंपनियों के जवाब के बीच अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

निष्कर्ष

E20 पेट्रोल को लेकर उठा यह विवाद केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि करोड़ों वाहन चालकों, किसानों और देश की ऊर्जा नीति से जुड़ा मामला है।

एक तरफ सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हित में महत्वपूर्ण बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के परीक्षणों के आधार पर निर्धारित सीमा से अधिक एथेनॉल होने के आरोप लगाए गए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है: पेट्रोल पंप पर आम जनता को जो पेट्रोल मिल रहा है, उसमें वास्तव में कितना एथेनॉल है?


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