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वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रामीण सड़कों के निर्माण हेतु ₹18,907 करोड़ आवंटित, 26,474 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य

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भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) तथा अन्य ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं के अंतर्गत 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 18,907 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई, जिसमें पीएमजीएसवाई और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) के तहत राज्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की।

समीक्षा बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियों (SRRDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

अंतिम छोर तक संपर्क (Last-Mile Connectivity) पर विशेष जोर

सचिव ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों के लक्ष्यों और क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष वंचित क्षेत्रों तक ग्रामीण सड़क संपर्क सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे पीएमजीएसवाई-I तथा पीएम-जनमन (PM-JANMAN) के अंतर्गत शेष सभी असंबद्ध बस्तियों को शीघ्र जोड़ने की दिशा में कार्य करें। विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की बस्तियों को प्राथमिकता देने को कहा गया। उन्होंने सभी पात्र ग्रामीण क्षेत्रों तक हर मौसम में उपयोग योग्य सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं को दूर करने तथा लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में आरसीपीएलडब्ल्यूईए के तहत प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क अवसंरचना के रणनीतिक महत्व को देखते हुए सचिव ने संबंधित राज्यों को कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने और स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

भाग लेने वाले राज्यों ने अपनी कार्ययोजनाएँ प्रस्तुत कीं और मंत्रालय को आश्वस्त किया कि सभी लंबित कार्य और वार्षिक लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे।

गुणवत्ता और डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने पर बल

समीक्षा का एक प्रमुख विषय ग्रामीण सड़क परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता रहा। सचिव ने कहा कि टिकाऊ और विश्वसनीय ग्रामीण संपर्क सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन और प्रभावी रखरखाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

राज्यों से फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाने, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और परियोजना क्रियान्वयन के दौरान प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।

बैठक में ई-मार्ग (e-MARG) प्लेटफॉर्म के सार्वभौमिक उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। यह प्रणाली ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, प्रदर्शन मूल्यांकन और भुगतान की रीयल-टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करती है। इसके व्यापक उपयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

आगे की रणनीति

बैठक के समापन पर सचिव ने राज्यों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने, भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने, परियोजना माइलस्टोन का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने तथा राज्य सरकारों, राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA) और ग्रामीण विकास मंत्रालय के बीच समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

राज्यों ने भी क्रियान्वयन में तेजी लाने, अवसंरचना की गुणवत्ता में सुधार करने तथा देश की प्रत्येक पात्र बस्ती तक हर मौसम में सड़क संपर्क का लाभ पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय जलागम प्रबंधन दिशानिर्देशों पर एनआरएए की द्वितीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित

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भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) के ज्ञान साझेदार राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) ने विश्व बैंक समर्थित "रीवार्ड (REWARD) कार्यक्रम" के अंतर्गत बेहतर जलागम प्रबंधन के लिए मसौदा राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों (NTG) पर द्वितीय राष्ट्रीय स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन 17–18 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा में किया।

उद्घाटन सत्र में भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण, एनआरएए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर कुमार तथा विभाग और प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस परामर्श बैठक में जलागम विकास और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इनमें भूमि संसाधन विभाग, राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण, विश्व बैंक, रीवार्ड कार्यक्रम से जुड़े राज्य (कर्नाटक और ओडिशा), एनआरएए के कंसोर्टियम साझेदार, नाबार्ड, आईसीएआर संस्थान तथा अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम के विश्व दिवस के अवसर पर नरेंद्र भूषण ने “मेरी मिट्टी, मेरा फ़र्ज़” शीर्षक से एक लघु फिल्म का शुभारंभ किया। यह फिल्म मिट्टी संरक्षण, क्षतिग्रस्त भू-दृश्यों के पुनर्स्थापन, वर्षा आधारित क्षेत्रों के विकास तथा जलागम प्रबंधन के माध्यम से सतत भविष्य सुनिश्चित करने के संदेश को समर्पित है।

अपने संबोधन में सचिव, भूमि संसाधन विभाग ने कहा कि जलागम प्रबंधन विज्ञान आधारित, जनभागीदारी पर आधारित तथा प्रशासनिक दृष्टि से सरल होना चाहिए। उन्होंने दिशानिर्देश तैयार करते समय वर्षा आधारित क्षेत्रों के विकास, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल सघनता बढ़ाने, जल सुरक्षा एवं भूजल पुनर्भरण को सुदृढ़ करने, जलवायु लचीलापन विकसित करने तथा जलागम परिसंपत्तियों के रखरखाव जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों में सुझाए गए उपाय व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने योग्य होने चाहिए।

एनआरएए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने पहली राष्ट्रीय परामर्श बैठक में प्राप्त सुझावों का उल्लेख करते हुए निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी, डेटा-आधारित दृष्टिकोण, अभिसरण (कन्वर्जेंस), पंचायती राज संस्थाओं की सहभागिता तथा परियोजना-उपरांत स्थिरता पर जोर दिया। उन्होंने चैटबॉट आधारित अनुप्रयोगों के एकीकरण, प्रौद्योगिकी-संचालित निगरानी एवं मूल्यांकन प्रणाली, मजबूत निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) और राष्ट्रीय वेब पोर्टल विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव (जलागम प्रबंधन) ने योजना निर्माण हेतु उच्च-रिज़ॉल्यूशन चित्र प्राप्त करने के लिए ड्रोन तकनीक के उपयोग, भूमि संसाधन सूची (LRI) एवं हाइड्रोलॉजी-लाइट दृष्टिकोण को अपनाने, राज्यों में संस्थागत एवं क्रियान्वयन तंत्र में सुधार तथा तकनीकी सेवा प्रदाताओं, संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी के माध्यम से जलागम परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव एवं स्थिरता सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श का सुझाव दिया।

इस परामर्श बैठक का उद्देश्य मसौदा राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों पर विचार-विमर्श करना तथा विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल करते हुए देशभर में जलागम योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और स्थिरता को मजबूत बनाना है। इन चर्चाओं से जलागम प्रशासन में सुधार और वर्षा आधारित क्षेत्रों में जलवायु लचीलापन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की अपेक्षा है।

बैठक के दौरान भूमि संसाधन सूची (LRI), हाइड्रोलॉजी, निर्णय सहायता प्रणाली (DSS), प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी एवं मूल्यांकन, सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक संगठन, आजीविका संवर्धन, जलागम स्थिरता तथा रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित वेब पोर्टल विकास जैसे प्रमुख विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

इस कार्यक्रम में राज्यों तथा प्रतिष्ठित संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 विशेषज्ञों और व्यावसायिकों ने भाग लिया, जो देश में वैज्ञानिक एवं सतत जलागम प्रबंधन को आगे बढ़ाने के प्रति व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने डुवासु, मथुरा का दौरा किया

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भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने 17 जून 2026 को उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (डुवासु), मथुरा का दौरा किया।

दौरे के दौरान सचिव ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान, नैदानिक तथा पशुधन विकास संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने टीचिंग वेटरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स (टीवीसीसी), लाइवस्टॉक फार्म कॉम्प्लेक्स (एलएफसी), विभिन्न उन्नत प्रयोगशालाओं तथा शिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। गंगवार ने विश्वविद्यालय की विशेष बकरी इकाई (गोट यूनिट) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने उन्नत प्रजनन एवं प्रजनन जैव-प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों में विशेष रुचि दिखाई।

दौरे का प्रमुख आकर्षण भारत की अग्रणी बकरी वीर्य संरक्षण (गोट सीमेन फ्रीजिंग) सुविधा का निरीक्षण रहा, जो बकरी इकाई में स्थापित है। विश्वविद्यालय द्वारा बकरियों की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधार, संरक्षण तथा श्रेष्ठ जर्मप्लाज्म के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए गंगवार ने चर्चा की कि ऐसी तकनीकें छोटे जुगाली करने वाले पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविकाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सचिव ने परिसर में राष्ट्रीय अभियान “एक पेड़ मां के नाम” के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। यह पहल कृषि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक समर्पण का प्रतीक है।

गंगवार ने दीनदयाल उपाध्याय सभागार में संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों, छात्रों एवं शोधकर्ताओं के साथ एक संवादात्मक सत्र की अध्यक्षता भी की। इस दौरान पशु स्वास्थ्य, डेयरी विकास, उद्यमिता तथा क्षेत्र में भविष्य की विकास संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।

अपने संबोधन में गंगवार ने देशभर में पशु चिकित्सा अवसंरचना को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से आधुनिक क्लीनिकल सुविधाओं, नैदानिक प्रयोगशालाओं, उन्नत प्रजनन प्रणालियों तथा प्रौद्योगिकी-संचालित पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा संस्थान पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, रोग नियंत्रण, ग्रामीण समृद्धि तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों और शोध समुदाय से जमीनी स्तर के किसानों एवं पशुपालकों को सीधे लाभ पहुंचाने वाले व्यावहारिक और क्षेत्र-उन्मुख समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा ने अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में डुवासु के योगदानों पर प्रकाश डाला। यह दौरा विश्वविद्यालय और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के बीच सहयोग को और मजबूत करने में सफल रहा तथा संस्थागत अनुसंधान को राष्ट्रीय पशुधन विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने रॉबर्ट ए. एफ. थरमन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

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प्रधानमंत्री ने थरमन को बौद्ध धर्म के एक प्रख्यात विद्वान, प्रतिष्ठित शिक्षक तथा भारत के आजीवन मित्र के रूप में वर्णित किया। मोदी ने कहा कि अपने कार्यों के माध्यम से थरमन ने बौद्ध विचारों को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया और विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ तथा संवाद के स्थायी सेतु निर्मित किए।

कुछ वर्ष पूर्व न्यूयॉर्क शहर में हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी थरमन के साथ अत्यंत सार्थक और उत्कृष्ट बातचीत हुई थी।

प्रधानमंत्री ने इस दुख की घड़ी में थरमन के परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री ने लिखा:

“ रॉबर्ट ए. एफ. थरमन के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे बौद्ध धर्म के एक प्रख्यात विद्वान, प्रतिष्ठित शिक्षक और भारत के आजीवन मित्र थे। अपने कार्यों के माध्यम से उन्होंने बौद्ध विचारों को विश्वभर में लोकप्रिय बनाया और विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ के स्थायी सेतु स्थापित किए। कुछ वर्ष पूर्व न्यूयॉर्क शहर में हुई हमारी मुलाकात मुझे स्नेहपूर्वक याद है, जहाँ हमारी अत्यंत उत्कृष्ट बातचीत हुई थी। इस शोक की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ हैं।”

छत्तीसगढ़ में अभी और सताएगी गर्मी, मानसून की रफ्तार थमी; अगले कुछ दिनों तक हीटवेव का अलर्ट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार अभी थोड़ा और बढ़ सकता है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। अब संभावना जताई जा रही है कि 23 जून के आसपास मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ सकता है।


मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की रफ्तार थमने की वजह से प्रदेश में फिलहाल गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। खासकर छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में 21 जून तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा तापमान, गर्मी करेगी परेशान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य भारत में 19 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा। मानसून के सक्रिय होते ही धीरे-धीरे प्रदेश को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में बारिश, तूफान और वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नया पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम पर पड़ेगा। इसके कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

मानसून आने तक राहत नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। फिलहाल प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी, उमस और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।

मिडिल ईस्ट में शांति की बड़ी पहल: अमेरिका-ईरान समझौते पर साइन, होर्मुज स्ट्रेट फिर खुलेगा

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 अमेरिका और Iran के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक अहम समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस डील का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करना बताया जा रहा है।


अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, समझौते पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए गए। Emmanuel Macron के साथ वर्साय में आयोजित डिनर के दौरान ट्रंप ने दस्तावेज पर साइन किए, जबकि ईरान ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी।

समझौते की बड़ी बातें

  • महीनों से बंद पड़े Strait of Hormuz को जल्द दोबारा खोला जाएगा।
  • ईरानी तेल पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में तत्काल राहत दी जाएगी।
  • अमेरिका, ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटाने और फंड्स अनफ्रीज़ करने को तैयार हुआ।
  • ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और संवर्धित परमाणु सामग्री नष्ट करने का वादा किया।
  • अगले 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों को बिना शुल्क सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
  • 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड

समझौते के तहत ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अंतिम सहमति बनने के बाद क्षेत्रीय देशों के सहयोग से 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड जारी किया जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस योजना में अमेरिकी सरकार का पैसा नहीं लगेगा, लेकिन यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

यह समझौता मिडिल ईस्ट में शांति और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

नागोई हत्याकांड: वर्चस्व की लड़ाई ने ली दो जानें, पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा

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 रायपुर 17 जून 2026 /कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम नागोई में 16-17 जून की रात हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना आपसी पुरानी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का परिणाम है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।




 पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच कई वर्षों से आपसी विवाद और वर्चस्व को लेकर तनाव बना हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसने गंभीर रूप लेते हुए दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। मामले में थाना सोनहत में अपराध दर्ज कर विस्तृत विवेचना की जा रही है।

जिला प्रशासन ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के मुताबिक घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

भीषण सड़क हादसा: ट्रक-बस की आमने-सामने टक्कर, 6 यात्री घायल

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 कोरबा। जिले के पाली क्षेत्र में आज बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में 6 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।


मिली जानकारी के अनुसार, यात्री बस कोरबा से बिलासपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान तेंदूपत्ता गोदाम के पास सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के वक्त बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हादसे में घायल 6 यात्रियों को तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और बाधित यातायात को सामान्य कराया। साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

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 रायपुर : 21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।


राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।

बीजापुर जिले में विधायक सुश्री लता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चौतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चुनाव याचिका खारिज कराने की मांग ठुकराई

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel को चुनावी मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। Chhattisgarh High Court ने उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग को नामंजूर कर दिया है। अब अदालत इस मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर करेगी। अगली सुनवाई 23 जून को तय की गई है।


दरअसल, दुर्ग लोकसभा सांसद और भाजपा नेता Vijay Baghel ने पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल की जीत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार बंद होने की अवधि में भूपेश बघेल ने पाटन क्षेत्र में समर्थकों के साथ रैली और रोड शो किया था।

याचिकाकर्ता का दावा है कि इस दौरान चुनावी नारे लगाए गए और मतदाताओं से वोट मांगे गए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन है। साथ ही इस मामले में वीडियो साक्ष्य होने का भी दावा किया गया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से दलील दी गई कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं, इसलिए इसे खारिज किया जाए।

हालांकि हाईकोर्ट ने माना कि मामले में सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार हैं और याचिका को आगे बढ़ाने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही भूपेश बघेल की याचिका खारिज कर दी गई।

बता दें कि इससे पहले इसी मामले में Supreme Court of India में भी अपील की गई थी, जहां से भूपेश बघेल को हाईकोर्ट में नया आवेदन पेश करने की अनुमति मिली थी। अब हाईकोर्ट ने उस आवेदन को भी नामंजूर कर दिया है।

‘ये लोग गद्दार हैं…’ बागी सांसदों पर भड़के संजय राउत, ऑन कैमरा दी गाली

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 मुंबई। संजय राउत ने पार्टी में संभावित फूट की अटकलों के बीच बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बागी नेताओं पर धोखा देने का आरोप लगाया और नाराजगी जताते हुए ऑन कैमरा अपशब्दों का इस्तेमाल कर दिया।


Sanjay Raut ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे Arvind Sawant और Anil Desai की बातों को ध्यान से सुनें। साथ ही उन्होंने Rajabhau Waje की निष्ठा और ईमानदारी की खुलकर तारीफ की। बताया जा रहा है कि पार्टी के 9 सांसदों में फिलहाल यही तीन नेता Uddhav Thackeray के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं।

राउत ने कहा कि राजनीतिक पद स्थायी नहीं होते, लेकिन संगठन के प्रति वफादारी हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने कहा, “आज हम सांसद-विधायक हैं, कल नहीं रहेंगे, लेकिन पार्टी और संगठन ने हमें जो दिया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता। Bal Thackeray ने हमें बच्चों की तरह पाला और उद्धव ठाकरे ने भाइयों जैसा प्यार दिया।”

इसी दौरान पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए राउत ने गुस्से में अपशब्द कहे और मीडिया से कहा कि उनकी बातों को सेंसर न किया जाए। उन्होंने बागी नेताओं को “गद्दार” करार दिया।
बाद में दिल्ली में Arvind Sawant, Anil Desai और Rajabhau Waje ने Sanjay Raut के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राउत ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में सांसदों को खरीदने की कोशिश हो रही है।
 
उन्होंने कहा, “मुझे एक अहम व्यक्ति का फोन आया था। बताया गया कि सांसदों को 50 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जाएंगे।”
 
शिवसेना (UBT) में जारी अंदरूनी घमासान अब खुलकर सार्वजनिक मंच पर दिखाई देने लगा है।

रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: लैंडिंग के दौरान विमान से टकराया पक्षी

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 रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित Swami Vivekananda Airport पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। Air India की दिल्ली-रायपुर फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट (पक्षी टकराने) की घटना का शिकार हो गई। घटना के बाद विमान को तत्काल तकनीकी जांच के लिए रोक दिया गया। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।


लैंडिंग के दौरान हुआ बर्ड हिट

जानकारी के मुताबिक Air India की दिल्ली-रायपुर उड़ान निर्धारित समय के अनुसार सुबह 8:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान ने सुबह करीब 8:08 बजे एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, इसी दौरान पक्षी टकराने की घटना सामने आई।

घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइन प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को तुरंत तकनीकी निरीक्षण के लिए रोक दिया।

दिल्ली जाने वाली फ्लाइट हुई प्रभावित

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यही विमान सुबह 8:55 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होने वाला था, लेकिन बर्ड हिट के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने तक उड़ान रोक दी गई।

करीब ढाई घंटे तक चली तकनीकी जांच के बाद विमान को उड़ान के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद फ्लाइट सुबह लगभग 11:35 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई। देरी की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

विमानन विभाग ने बताया गंभीर मामला

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार बर्ड हिट की घटनाओं को विमानन क्षेत्र में बेहद गंभीर माना जाता है। ऐसी स्थिति में विमान के इंजन, पंखों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की गहन जांच की जाती है, ताकि उड़ान के दौरान किसी भी तरह का जोखिम न रहे।

विस्तृत तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी गई।

घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है और सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

CG NEWS : रेत विवाद में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाया

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 कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मंगलवार देर रात सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी में दिल दहला देने वाली वारदात हुई, जहां भाजपा नेता Bharat Singh Gaharwar उर्फ लल्ला सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी समेत जिंदा जला दिया गया। इस हमले में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 11 बजे भरत सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को पहले टिपर से कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि वाहन के दरवाजे जाम हो गए थे, जिससे अंदर फंसे लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की।

इस भयावह घटना में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल लोगों को गंभीर हालत में Ambikapur Medical College में भर्ती कराया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए Surguja Range Police के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों — अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी — को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी भी भाजपा से जुड़े हुए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक भरत सिंह गहरवार और आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर विवाद चल रहा था। घटना से कुछ घंटे पहले मंगलवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी।

G7 समिट में मोदी-स्टार्मर की अहम बैठक, व्यापार, तकनीक और शिक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार

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जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुई पारस्परिक यात्राओं के बाद भारत-यूके संबंधों में आई तेजी पर संतोष व्यक्त किया और Vision 2035 के तहत चल रहे सहयोग की प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement) को जल्द लागू करने की उम्मीद जताई, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने लिवरपूल विश्वविद्यालय द्वारा बेंगलुरु में परिसर स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। साथ ही यॉर्क विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय द्वारा मुंबई में अपने कैंपस स्थापित करने की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में ब्रिटेन की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत–ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हो रही प्रगति तथा हाल ही में शुरू किए गए भारत–ब्रिटेन महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक आपूर्ति शृंखला वेधशाला का भी स्वागत किया।

बैठक में पश्चिम एशिया और यूक्रेन सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों से निपटने और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने तथा बहुआयामी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।



10वां भारत-थाईलैंड रक्षा संवाद: इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर

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10वां भारत-थाईलैंड रक्षा संवाद 16 जून 2026 को बैंकॉक में आयोजित किया गया। इस संवाद में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा से जुड़े पारस्परिक हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप-स्थायी सचिव एडमिरल नुट्टापोल डियावानिच और भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती ने की।

दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रतिनिधिमंडलों ने पिछले रक्षा संवाद के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा के प्रमुख विषयों में सैन्य-से-सैन्य संपर्क, क्षमता निर्माण पहल, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग तथा अन्य साझा हितों के क्षेत्र शामिल रहे।

बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा उद्योग सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और सैन्य क्षमताओं के विकास में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की, ताकि दोनों देशों के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को प्रोत्साहन मिल सके।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडलों ने Association of Southeast Asian Nations (आसियान) के नेतृत्व वाले तंत्रों सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय रक्षा मंचों के अंतर्गत सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने संवाद और सहयोग के माध्यम से साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने तथा व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक का समापन भविष्य की गतिविधियों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की आगामी दिशा पर चर्चा के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया था।

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