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विज्ञान जगत की बड़ी खबर: Francis Halzen को 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

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अमेरिकी विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञानी फ्रांसिस हाल्ज़ेन (Francis Halzen) को वर्ष 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने उन्हें IceCube Neutrino Observatory में निर्णायक योगदान और खगोलीय स्रोतों से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो की खोज के लिए यह सम्मान दिया है। 

आखिर न्यूट्रिनो क्या हैं?

न्यूट्रिनो बेहद सूक्ष्म और लगभग बिना द्रव्यमान वाले विद्युत-तटस्थ कण हैं, जो पदार्थ के साथ बहुत कम प्रतिक्रिया करते हैं। हर सेकंड अरबों न्यूट्रिनो हमारे शरीर से होकर गुजरते हैं, लेकिन हमें उनका पता तक नहीं चलता।

यही वजह है कि वैज्ञानिकों के लिए इन्हें पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है।

दक्षिणी ध्रुव की बर्फ में बना अनोखा प्रयोग

फ्रांसिस हाल्ज़ेन ने 1980 के दशक में यह विचार विकसित किया कि दक्षिणी ध्रुव की विशाल और पारदर्शी बर्फ की परतों का इस्तेमाल न्यूट्रिनो को पकड़ने के लिए किया जा सकता है।

जब कोई उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो बर्फ में मौजूद परमाणु के नाभिक से टकराता है, तो बेहद हल्की नीली रोशनी पैदा हो सकती है। बर्फ के अंदर लगाए गए हजारों सेंसर इस रोशनी को रिकॉर्ड करते हैं। इसी विचार से आगे चलकर IceCube Neutrino Observatory का निर्माण हुआ। 

ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद

IceCube ने वैज्ञानिकों को ऐसे उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो का अध्ययन करने में मदद की है, जो हमारी आकाशगंगा के बाहर मौजूद अत्यंत शक्तिशाली खगोलीय स्रोतों से आते हैं।

इन कणों के जरिए वैज्ञानिक ब्लैक होल जैसे अत्यधिक ऊर्जावान ब्रह्मांडीय क्षेत्रों के बारे में नई जानकारी हासिल कर सकते हैं। 

Francis Halzen कौन हैं?

फ्रांसिस हाल्ज़ेन का जन्म 1944 में बेल्जियम में हुआ था। वह लंबे समय से अमेरिका की University of Wisconsin–Madison में भौतिकी के प्रोफेसर रहे हैं और IceCube परियोजना के प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल हैं। 

क्यों महत्वपूर्ण है यह पुरस्कार?

हाल्ज़ेन के काम ने खगोल विज्ञान को देखने का एक नया तरीका उपलब्ध कराया है। अब वैज्ञानिक केवल प्रकाश, रेडियो तरंगों या गुरुत्वाकर्षण तरंगों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि न्यूट्रिनो के जरिए भी ब्रह्मांड की दूर-दराज की घटनाओं का अध्ययन कर सकते हैं।

यानी दक्षिणी ध्रुव की बर्फ में छिपे इन बेहद मुश्किल कणों ने ब्रह्मांड के उन रहस्यों तक पहुंचने का रास्ता खोला है, जिन्हें पारंपरिक तरीकों से समझना बेहद कठिन था।


भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ा बदलाव

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हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ दी है। 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने तत्काल प्रभाव से कप्तानी से हटने का फैसला किया। हालांकि, वह खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का हिस्सा बनी रहेंगी। उनकी जगह स्मृति मंधाना को टीम का नया ऑल-फॉर्मेट कप्तान बनाया गया है।

एक दशक लंबी कप्तानी का सफर

हरमनप्रीत कौर की नेतृत्व यात्रा की शुरुआत 2012 में हुई। उस समय मिताली राज और झूलन गोस्वामी के चोटिल होने के कारण उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 एशिया कप फाइनल में भारत की कप्तानी करने का मौका मिला। हरमनप्रीत ने टीम को 18 रन से जीत दिलाई और भारत ने खिताब अपने नाम किया।

इसके बाद 2016 में वह भारत की नियमित टी20 कप्तान बनीं, जबकि मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद 2022 में उन्होंने वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी भी संभाल ली।

2017 विश्व कप — 171 रनों की ऐतिहासिक पारी

हरमनप्रीत के करियर का सबसे यादगार शुरुआती अध्याय 2017 महिला विश्व कप में लिखा गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 115 गेंदों पर नाबाद 171 रन की तूफानी पारी खेली और भारत को फाइनल में पहुंचाया।

हालांकि फाइनल में भारत इंग्लैंड से हार गया, लेकिन हरमनप्रीत की उस पारी ने भारतीय महिला क्रिकेट को देशभर में नई पहचान दिलाई।

2020 टी20 विश्व कप और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2020 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया। इसके बाद 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम ने रजत पदक जीता।

2023 — एशियन गेम्स में ऐतिहासिक स्वर्ण

2023 में हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2026 में भी भारत ने एशियन गेम्स का स्वर्ण बरकरार रखा—कप्तान के रूप में हरमनप्रीत का यह अंतिम बड़ा अभियान रहा।

2025 — वह पल जिसका इंतजार था

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का सबसे बड़ा अध्याय 2025 महिला वनडे विश्व कप में लिखा गया।

भारत ने पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत ने 89 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ 167 रन की निर्णायक साझेदारी की।

इसके बाद फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीती।

इसके साथ हरमनप्रीत भारत की पहली महिला कप्तान बनीं जिन्होंने वनडे विश्व कप जिताया। वह कपिल देव और एमएस धोनी के बाद भारत की तीसरी महिला/पुरुष कप्तान बनीं जिन्होंने 50 ओवर का विश्व कप जीता।

कप्तानी के आखिरी पड़ाव पर भी इतिहास

2026 में हरमनप्रीत ने कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाए। वह 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं और 150 से ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी भी बनीं।

उन्होंने भारत को 2026 एशियन गेम्स में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक भी दिलाया। इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया।

अब स्मृति मंधाना के हाथों में कमान

हरमनप्रीत के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम का नया ऑल-फॉर्मेट कप्तान बनाया गया है।

स्मृति 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और इससे पहले वह 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 4 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उनके पास कप्तानी का अनुभव है—उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2024 और 2026 में महिला प्रीमियर लीग का खिताब दिलाया।

अब स्मृति के सामने चुनौती होगी कि वह हरमनप्रीत की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

हरमनप्रीत का संदेश

कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत ने साफ किया कि उनका भारतीय क्रिकेट से सफर खत्म नहीं हुआ है। वह खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ बनी रहेंगी और नई कप्तान तथा युवा खिलाड़ियों का समर्थन करती रहेंगी।

एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने के बाद अब कप्तानी की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना के कंधों पर है।

कप्तानी खत्म हुई है, लेकिन हरमनप्रीत कौर की भारत के लिए कहानी अभी बाकी है।

रूस-यूक्रेन युद्ध से बड़ी खबर

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रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बार फिर हवाई हमला किया है। बुधवार तड़के हुए हमलों के दौरान राजधानी के कई इलाकों में धमाकों की आवाज़ सुनाई दी। कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार, हमलों में शहर की कई इमारतों और गोदामों को नुकसान पहुंचा है।

रूस के हमले के साथ ही यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी शहर द्निप्रो में भी हवाई हमला हुआ, जहां एक औद्योगिक परिसर को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इससे पहले दावा किया था कि यूक्रेन की खुफिया जानकारी के अनुसार रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।

युद्ध के लगातार बढ़ते हवाई हमलों ने यूक्रेन की वायु सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है।

रक्षा क्षेत्र से बड़ी खबर-एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख

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केंद्र सरकार ने वर्तमान उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का 29वां प्रमुख नियुक्त किया है। वह 31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे और मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे।

लगभग चार दशक के सैन्य करियर वाले एयर मार्शल दीक्षित के पास 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। वह मिराज-2000, मिग, जगुआर और तेजस जैसे कई प्रमुख विमानों को उड़ा चुके हैं और ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक तथा ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से जुड़े रहे हैं।

सामूहिक भागीदारी से विकसित भारत का संकल्प होगा पूरा, बनेगा स्वर्णिम भारत

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लेखक - ओम प्रकाश डहरिया

सहायक जनसंपर्क अधिकारी 

रायपुर- सेवा जब संकल्प बनती है, संकल्प जब समर्पण में बदलता है और समर्पण जब राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है, तब एक ऐसी यात्रा प्रारंभ होती है, जो केवल किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे देश की आकांक्षाओं और भविष्य की यात्रा बन जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने का अवसर इसी भाव को अभिव्यक्त करता है। जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए तय की गई इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन से जोड़ने के उद्देश्य से देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान की एक प्रेरक पहल ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ है, जो गांव, जिला और राज्य स्तर पर सेवा, समर्पण, निष्ठा और राष्ट्र संकल्प की भावना को आगे बढ़ा रही है।

7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने शासन की जिम्मेदारी संभाली थी। वहां से प्रारंभ हुई उनकी शासन और जनसेवा की यात्रा ने 7 अक्टूबर 2026 को 25 वर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया है। इन ढाई दशकों में शासन के केंद्र में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को रखते हुए विकास को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास प्रमुखता से सामने आया है। प्रधानमंत्री के रूप में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र इसी सोच को व्यापक स्वरूप देता है। आज विकसित भारत-2047 का संकल्प इसी जनभागीदारी को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानकर आगे बढ़ने का आह्वान करता है।

‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ अपने आप में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना का सुंदर संगम है। ज्योति हमारी परंपरा में प्रकाश, ज्ञान, आशा और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक है, जबकि कलश मंगल, पवित्रता और शुभ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। जब यही ज्योति और कलश सेवा के भाव से जुड़ते हैं, तब वे राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश देते हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ प्रत्येक नागरिक को यह स्मरण कराने का अवसर भी है कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का साझा संकल्प है।

भारत जब वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब हमारा देश कैसा होगा, इसका निर्धारण आज लिए जा रहे संकल्पों और किए जा रहे प्रयासों से होगा। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था, आधुनिक शहर, बेहतर सड़कें, उद्योग अथवा अत्याधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं है। विकसित भारत वह होगा, जहां किसान समृद्ध हो, महिलाएं आत्मनिर्भर हों, युवाओं के सपनों को अवसर मिले, गरीबों को आगे बढ़ने की शक्ति मिले, बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण मिले तथा समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा में सम्मान के साथ सहभागी बने।

यही कारण है कि सेवा संकल्प अभियान का वास्तविक महत्व जनभागीदारी में निहित है। गांव से शहर तक जब नागरिक सेवा के किसी छोटे से कार्य को भी अपने कर्तव्य से जोड़ते हैं, तो वही छोटा प्रयास राष्ट्र निर्माण की बड़ी शक्ति बन जाता है। स्वच्छता के लिए श्रमदान, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण, जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, जल संरक्षण, बेटियों की शिक्षा, माताओं और बच्चों के सुपोषण के लिए जागरूकता अथवा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना—ऐसे अनेक कार्य विकसित भारत की बुनियाद को मजबूत कर सकते हैं। राष्ट्र की प्रगति केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदार भागीदारी से गति प्राप्त करती है।

‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ इसी चेतना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। यह यात्रा हमें बताती है कि सेवा किसी पद की मोहताज नहीं होती। समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी क्षमता के अनुरूप सेवा कर सकता है। किसान खेत में उत्पादन बढ़ाकर, शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर, युवा नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से, महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर और आम नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे सार्थक माध्यम यही हो सकता है कि सेवा के भाव को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे जीवन का संस्कार बनाया जाए। सेवा संकल्प अभियान हमें अतीत की यात्रा का स्मरण कराने के साथ भविष्य की जिम्मेदारी भी सौंपता है। यह कृतज्ञता के साथ कर्तव्य का, उपलब्धियों के साथ आकांक्षाओं का और सेवा के साथ राष्ट्र संकल्प का अभियान है।

आज जब भारत आत्मविश्वास के साथ वर्ष 2047 की ओर आगे बढ़ रहा है, तब सेवा की यह ज्योति हर गांव, हर घर और हर मन में प्रज्ज्वलित होना आवश्यक है। करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयास जब एक साझा राष्ट्रीय उद्देश्य से जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत का विराट संकल्प साकार होगा। आइए, सेवा को संस्कार, समर्पण को शक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोच्च कर्तव्य मानकर आगे बढ़ें। सेवा की ज्योति से संकल्प का प्रकाश फैलाएं और जनभागीदारी की शक्ति से विकसित भारत-2047 के स्वप्न को सिद्धि तक पहुंचाएं। तभी विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा तभी  वास्तव में भारत स्वर्णिम भारत  बनेगा।

सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया एमओयू, एग्रो प्रोसेसिंग में ₹350 करोड़ का नया निवेश

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सिंगापुर यात्रा में छत्तीसगढ़ को मिले ₹43,600 करोड़ के एफडीआई निवेश प्रस्ताव

उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को तैयार करने ITE Education Services के साथ समझौता

Valency International छत्तीसगढ़ में बनाएगी एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर की ITE Education Services के साथ एमओयू किया गया। वहीं एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में ₹350 करोड़ का नया निवेश प्रस्ताव भी मिला। इसके साथ ही सिंगापुर यात्रा में छत्तीसगढ़ को मिले एफडीआई निवेश प्रस्तावों की राशि बढ़कर ₹43,600 करोड़ हो गई है।

मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। इसके अलावा दुनिया की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नामांकन पर पहले Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में भाग लिया है।

युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली स्किलिंग पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार और ITE Education Services, Singapore के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ITE कॉलेज का भ्रमण कर वहां के उद्योग आधारित प्रशिक्षण मॉडल को भी समझा।

सिंगापुर में Cisco, BYD और Singapore Airlines जैसी बड़ी कंपनियां ITE कॉलेजों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण देने और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं। इसी अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ में भी लिया जाएगा। इससे उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “निवेश से उद्योग आते हैं और कुशल युवा उन उद्योगों की ताकत बनते हैं। सिंगापुर ने कौशल विकास का एक सफल मॉडल तैयार किया है। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक प्रशिक्षण मिले और वे अपने प्रदेश में ही बेहतर करियर बना सकें। प्रदेश में आने वाले उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार कुशल युवा यहीं मिलें।”

किसानों की उपज को मिलेगा बड़ा बाजार

मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर की Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ के निवेश का आमंत्रण दिया। 22 देशों में कारोबार करने वाली यह कंपनी प्रदेश में इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी।

इस हब में काजू, तिल, दलहन और मूंगफली की प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे किसानों की उपज का प्रदेश में ही मूल्य संवर्धन होगा, उन्हें नए बाजार मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

सिंगापुर के विदेश मंत्री से हुई मुलाकात

मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों के बीच छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। सिंगापुर के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के विकास में किस तरह लिया जा सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।

15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश पर चर्चा

सीईओ राउंडटेबल में मुख्यमंत्री साय ने 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इनमें TCS, SMBC, Tolaram Group, Agrocorp, Indian Ocean Group और Blue Aqua शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों, सुधारों और बेहतर कारोबारी वातावरण की जानकारी दी। बैठक में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

AI और डिजिटल फाइनेंस में युवाओं को प्रशिक्षण देने पर चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने Global Finance & Technology Network (GFTN) के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। बैठक में GFTN के ग्रुप सीईओ Sopnendu Mohanty, इंडिया, एशिया, जापान एवं ASEAN के सीईओ James Boey और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Anthony Thomas सहित उनकी टीम शामिल हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के युवाओं को AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण देने, प्रदेश के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और नई तकनीकों के लिए टेक लैब स्थापित करने में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

इन महत्वपूर्ण समझौतों और बैठकों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा संपन्न हुई। इस यात्रा ने निवेश के साथ-साथ कौशल, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के नए अवसर छत्तीसगढ़ के लिए खोले हैं। प्रतिनिधिमंडल 7 अक्टूबर को रायपुर लौटेगा।


आज का समाचार बुलेटिन

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नमस्कार! स्वागत है आपका आज के खास न्यूज़ बुलेटिन में।

देश-दुनिया, छत्तीसगढ़, राजनीति, कारोबार, खेल और टेक्नोलॉजी की हर बड़ी खबर पर रहेगी हमारी पैनी नज़र।

तो बिना देर किए, शुरू करते हैं आज की बड़ी खबरें।

देश की बड़ी खबरें

मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने भी विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के तरीके पर आपत्ति जताई है।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबर

छत्तीसगढ़ का मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा स्थगित

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित कर दिया गया है। उनके दौरे में दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर, चित्रकोट जलप्रपात और कवर्धा का भोरमदेव मंदिर शामिल था।

दौरे की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

बस्तर में सुरक्षा कैंप अब बनेगा विद्यार्थियों का हॉस्टल

बस्तर में पहले सुरक्षा कैंप के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे एक भवन को अब आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और शैक्षणिक परिसर के रूप में विकसित किया गया है।

अबूझमाड़ क्षेत्र में छात्राओं के लिए भी नया छात्रावास तैयार किया जा रहा है। इसे क्षेत्र में शिक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कोंडागांव

कोंडागांव जिला प्रशासन की ओर से महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित कंप्यूटर स्किल टेस्ट की संशोधित सूचना जारी की गई है।

अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

आज RBI करेगा ब्याज दर पर फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति आज रेपो रेट पर फैसला करेगी।

बाजार में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

अगर रेपो रेट बढ़ता है तो इसका असर:

  • होम लोन की ब्याज दर पर पड़ सकता है।

  • नए कर्ज महंगे हो सकते हैं।

  • व्यापारिक ऋण की लागत बढ़ सकती है।

  • बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है।

शेयर बाजार

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स: 685 अंक बढ़कर 73,067.81 पर बंद हुआ।
निफ्टी: 220 अंक बढ़कर 22,776.10 पर पहुंचा।

हालांकि आज बाजार की दिशा RBI के ब्याज दर संबंधी फैसले और कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित हो सकती है।

रुपया कमजोर

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर लगभग ₹96.42 प्रति डॉलर तक पहुंच गया।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुपये पर दबाव डाल रही हैं।

दुनिया की बड़ी खबर

रूस-यूक्रेन युद्ध

रूस ने बुधवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव पर फिर हवाई हमला किया।

हमले में कई इमारतों और गोदामों को नुकसान पहुंचने की खबर है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भी रूस की ओर से बड़े हमले की आशंका जताई है।

विज्ञान की बड़ी खबर

🏆 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

फ्रांसिस हाल्ज़ेन को वर्ष 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया है।

उन्हें उच्च-ऊर्जा वाले न्यूट्रिनो और ब्रह्मांड में उनकी उत्पत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है।

टेक्नोलॉजी और AI

Nvidia की वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल

AI के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और मांग के कारण Nvidia का बाजार मूल्य लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर के स्तर के करीब पहुंच रहा है।

AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश का उत्साह अमेरिकी शेयर बाजारों को भी मजबूती दे रहा है।

Boston Dynamics में नया CEO

रोबोटिक्स कंपनी Boston Dynamics ने रोहित प्रसाद को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 7 अक्टूबर से प्रभावी हुई है।

क्रिकेट की बड़ी खबर

हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ दी है।

अब स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया ऑल-फॉर्मेट कप्तान बनाया गया है।

हरमनप्रीत खिलाड़ी के रूप में टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।

एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में मलेशिया को 5–1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भी स्थान सुनिश्चित कर लिया है।

श्रेयस अय्यर का शानदार शतक

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने शानदार नाबाद शतक लगाया।

उन्होंने सिर्फ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। भारत ने 172 रन के लक्ष्य को केवल 14.4 ओवर में 8 विकेट से हासिल कर लिया।


भाजी से रेशा, रेशे से कपड़ा: किसान स्कूल के नवाचारी कृषक रामाधार देवांगन का कृषि मंत्री ने किया सम्मान

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 किसान स्कूल के रामाधार देवांगन का कृषि मंत्री ने किया सम्मान

अलसी और केला, भिंडी, अमारी के अलावा चेच के रेशे से बनाते हैं कपड़ा

प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को भेंट कर चुके हैं प्राकृतिक रेशे से बनी जैकेट 

जांजगीर-चाम्पा- खेती को केवल अनाज और सब्जी उत्पादन तक सीमित न रखते हुए कृषि उपज और स्थानीय संसाधनों से नए उत्पाद तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह से जुड़े रामाधार देवांगन का छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम द्वारा सम्मान किया गया.

उल्लेखनीय है कि कृषि के क्षेत्र में किए गए उनके विभिन्न नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल चुकी है और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. 

रामाधार देवांगन ने कृषि और ग्रामीण जीवन से जुड़े संसाधनों में रोजगार और उद्यमिता की संभावनाएं तलाशते हुए प्राकृतिक रेशों पर विशेष प्रयोग किया. उन्होंने अपनी टीम के साथ अलसी, केला, भिंडी, अमारी और चेच भाजी के रेशे निकालकर उनसे कपड़ा तैयार करने का नवाचार अपने सहयोगी टीम के साथ किया. इन रेशों से तैयार कपड़े से जैकेट सहित अन्य उपयोगी उत्पाद भी बनाए गए हैं. 

भाजी के रेशे से कपड़ा बनाने का अनूठा प्रयोग

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वनस्पतियों और स्थानीय फसलों को केवल भोजन तक सीमित न रखते हुए उनके दूसरे उपयोग तलाशने की दिशा में यह प्रयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अमारी और चेच जैसी स्थानीय भाजियों के तने से रेशा निकालकर उसे उपयोगी कपड़े में बदलने की प्रक्रिया में टीम ने लगातार प्रयोग और मेहनत की. इसी तरह केला, भिंडी और अलसी से भी रेशा प्राप्त कर कपड़ा बनाने का प्रयास किया गया.

बलौदा ब्लॉक के सिवनी गांव के प्रगतिशील व नवाचारी कृषक रामाधार देवांगन का कहना है कि गांव में उपलब्ध फसलों और वनस्पतियों में केवल खाद्य उपयोग ही नहीं, बल्कि मूल्यवर्धन और रोजगार की भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं. किसानों को इन संभावनाओं से जोड़कर खेती को उद्यमिता से जोड़ना उनके प्रयास का प्रमुख उद्देश्य है. 

प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों तक पहुंची जैकेट 

रामाधार देवांगन और किसान स्कूल की टीम द्वारा प्राकृतिक रेशों से तैयार की गई जैकेट देश के प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को भेंट की जा चुकी है. स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह प्रयोग जब राष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट लोगों तक पहुंचा तो इससे किसान स्कूल के नवाचारों को भी व्यापक पहचान मिली। उनका यह प्रयास इस बात का उदाहरण है कि गांव में उपलब्ध संसाधनों और किसानों की मेहनत को तकनीक, कौशल एवं नवाचार से जोड़कर नए उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. 

राष्ट्रीय पुरस्कार से भी हो चुके हैं सम्मानित

कृषि क्षेत्र में विभिन्न नवाचारों के लिए रामाधार देवांगन को पूर्व में कृषि विज्ञान केंद्र व कृषि विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है. कृषि के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के मूल्यवर्धन और ग्रामीण लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित करने की दिशा में वे लगातार प्रयोग करते रहे हैं.

किसान स्कूल बना नवाचार का केंद्र

बहेराडीह गांव में स्थित देश का पहला किसान स्कूल वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को खेती के कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं यहां पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ नए प्रयोगों और स्थानीय संसाधनों के मूल्यवर्धन को भी प्रोत्साहित किया जाता है.

रामाधार देवांगन के रेशे से कपड़ा बनाने के प्रयोग ने यह संदेश दिया है कि किसान की फसल खेत से बाजार तक पहुंचने के बीच कई नए रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा कर सकती है. स्थानीय फसलों से रेशा, रेशे से कपड़ा और कपड़े से उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पूरी प्रक्रिया ग्रामीण क्षेत्र में मूल्यवर्धन का उदाहरण बन रही है. 

कृषि मंत्री रामविचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल द्वारा रामाधार देवांगन का सम्मान किए जाने पर किसान स्कूल परिवार, किसानों, बिहान, ग्रामीण महिलाओं, आरसेटी, केवीके के अलावा जांजगीर-चाम्पा और सक्ती जिले के नवाचार से जुड़े लोगों ने हर्ष व्यक्त किया. किसान स्कूल परिवार का कहना है कि ऐसे नवाचार, ग्रामीण युवाओं और किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नए कृषि उद्यम शुरू करने की प्रेरणा देते हैं.\

बरसात के बाद अब धरातल पर दिखेंगे सड़कों के काम, लोक निर्माण विभाग ने 6 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

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कुल 101.24 करोड़ की लागत से सड़कें होंगी चौड़ी और मजबूत, गौरव पथ निर्माण और सौंदर्यीकरण भी होगा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश 

रायपुर- राज्य शासन ने बरसात के बाद सड़कों के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी पूरी कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में 6 कार्यों के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें पांच सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण तथा आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ एवं सौंदर्यीकरण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नए कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। 

कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की है।

विभाग ने राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसी मार्ग में पड़ने वाले आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की है। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर की गई है।

मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं।

सरगुजा में हाथी का हमला, 65 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल; पसली में फ्रैक्चर

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सरगुजा- छत्तीसगढ़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। उदयपुर वन परिक्षेत्र के महेशपुर इलाके में मंगलवार, 6 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे जंगली हाथियों के दल ने 65 वर्षीय ग्रामीण मोहन कुजूर पर हमला कर दिया। हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। 

मुंगरी तालाब के पास हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, मोहन कुजूर सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान महेशपुर के मुंगरी तालाब के पास उनका सामना हाथियों के दल से हो गया। अचानक हुए हमले में वे संभल नहीं पाए और गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उनकी पसली टूट गई है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं। 

घायल हालत में खुद पहुंचे घर के पास

हमले के बाद घायल मोहन कुजूर किसी तरह खुद चलते-घिसटते हुए घर के नजदीक पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उदयपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 

इलाके में करीब 26 हाथियों की मौजूदगी

घटना के बाद महेशपुर और आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 26 हाथियों का दल लगातार मौजूद है। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। 

पहले भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं

उदयपुर क्षेत्र में पिछले दिनों भी हाथियों की मौजूदगी के कारण मानव और वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में इसी क्षेत्र में एक हाथी शावक की करंट की चपेट में आने से मौत के बाद हाथियों के दल की गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई थीं। 

ग्रामीणों में दहशत, सतर्क रहने की अपील

लगातार हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को हाथियों के करीब जाने, अकेले जंगल या तालाब की ओर जाने और हाथियों का रास्ता रोकने से बचने की सलाह दी जा रही है।


बिलासपुर में शिक्षक निलंबित, नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का आरोप; वीडियो हुआ वायरल

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बिलासपुर- जिले के कोटा विकासखंड के बहेरामुड़ा स्थित अनुदान प्राप्त विद्यामंदिर प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ एक सहायक शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। शिक्षक पर स्कूल समय में कथित तौर पर नशे की हालत में पहुंचने और अनुशासनहीन एवं अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप है।


वायरल वीडियो से सामने आया मामला

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया। प्रारंभिक जांच में शिक्षक के स्कूल परिसर में कथित रूप से नशे की हालत में पाए जाने और अनुचित व्यवहार की बात सामने आई।

DEO ने दिए तत्काल निलंबन के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन समिति को संबंधित सहायक शिक्षक के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने और कार्रवाई की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

10 महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा

वायरल वीडियो में शिक्षक कथित तौर पर लंबे समय से वेतन नहीं मिलने की बात कहते हुए दिखाई देते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने करीब 10 महीने से वेतन लंबित होने का दावा किया है। हालांकि, वेतन लंबित रहने के कारणों की अलग से पुष्टि/जांच की जानी बाकी है।

आगे विभागीय कार्रवाई संभव

शिक्षा विभाग ने फिलहाल प्रारंभिक जांच और उपलब्ध शिकायतों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया के बाद अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी।


छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देगा ‘चेन्दरू’ पुरस्कार, उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान

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गांवों की संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार और समृद्धि के नए द्वार-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

सतत ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को मिलेगा प्रोत्साहन

राज्योत्सव में होगा विजेता का सम्मान, उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी होगी जारी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के गांवों की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए गए हैं, जो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी होंगे।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास का प्रभावी माध्यम बनाना भी है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव हमारी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति की जीवंत विरासत हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आजीविका तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ उन लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का प्रयास है, जो जमीनी स्तर पर पर्यटन के माध्यम से अपने गांव और क्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं। होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ देश में ग्रामीण पर्यटन का एक विशिष्ट मॉडल बन सकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण पर्यटन में यह क्षमता है कि पर्यटक किसी स्थान को केवल देखें नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, परंपरा, खान-पान और जीवनशैली को करीब से अनुभव करें। इससे पर्यटन से होने वाली आय सीधे स्थानीय समुदाय तक पहुंच सकती है।

‘चेन्दरू’ नाम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच

पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ छत्तीसगढ़ की उस विशिष्ट पहचान को सामने लाता है, जिसने कभी बस्तर और यहां के सहज प्राकृतिक जीवन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। अब इसी नाम से स्थापित राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार छत्तीसगढ़ के गांवों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जमीनी नायकों और संस्थाओं को सम्मान और पहचान प्रदान करेगा।

एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र से होगा सम्मान

पुरस्कार के अंतर्गत चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को यह सम्मान जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नवाचारी और प्रभावशाली प्रयासों को सामने लाकर राज्य में ग्रामीण पर्यटन की नई प्रेरक कहानियां तैयार करना है।

छह सदस्यीय जूरी करेगी उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन

पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन हेतु छह सदस्यीय निर्णायक मंडल का प्रावधान किया गया है। जूरी की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। इसमें पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्य, उसके प्रभाव, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन तथा संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।

समाचार पत्रों के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी प्रविष्टियां

‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदकों को अपनी प्रोफाइल, फोटोग्राफ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

राज्योत्सव में मिलेगा सम्मान, देश के सामने आएंगी सफलता की कहानियां

चयनित विजेता अथवा संस्था के प्रतिनिधि को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विजेता के कार्यों, नवाचारों और उपलब्धियों को रेखांकित करती सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को व्यापक पहचान मिलेगी और अन्य गांवों तथा समुदायों को भी पर्यटन आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं राज्य की विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से जुड़ी हुई हैं। बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति से लेकर ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक व्यंजन, लोककला, हस्तशिल्प, मेले, पर्व, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय जीवनशैली पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसे में होमस्टे और समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण होगा और इसका आर्थिक लाभ गांवों तक पहुंचेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कला, शिल्प, खान-पान, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास ग्रामीण पर्यटन को केवल पर्यटन गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक-सामाजिक सशक्तता, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करना है।

नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और संरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में PIL, अरपा समेत कई नदियों पर फोकस

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छत्तीसगढ़- प्रदेश की प्रमुख नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, उद्गम स्थलों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) के जरिए मामला सामने आया है।

अरपा नदी समेत कई नदियां शामिल
मामले में अरपा, महानदी, शिवनाथ, हसदेव, तांदुला, पैरी, मांद, केलो, सोन और टिपान जैसी प्रमुख नदियों के उद्गम एवं संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। हाईकोर्ट की निगरानी के बाद राज्य सरकार ने नदियों के उद्गम स्थलों की पहचान, मैपिंग और संरक्षण के लिए राज्य स्तरीय समिति भी गठित की है। 

प्राकृतिक प्रवाह बचाने पर जोर
नदियों के संरक्षण के तहत उद्गम स्थलों की सुरक्षा, अतिक्रमण की स्थिति की जांच, जल प्रवाह और जल गुणवत्ता की निगरानी, कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट तथा वैज्ञानिक तरीके से नदी पुनर्जीवन योजनाओं पर काम किया जा रहा है। 

विशेषज्ञों की भी होगी भूमिका
हाईकोर्ट ने नदी संरक्षण की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए पर्यावरण, भू-विज्ञान, जल विज्ञान और भूजल जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को समिति में शामिल करने पर जोर दिया है।

अरपा नदी को लेकर भी विशेष निगरानी
अरपा नदी के उद्गम क्षेत्र के संरक्षण और नदी के आसपास अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर भी हाईकोर्ट के समक्ष कार्रवाई की स्थिति रखी गई है। जुलाई 2026 के आदेश में कोर्ट ने अरपा सहित प्रमुख नदियों के लिए तैयार की जा रही River Revival Plans और संरक्षण कार्यों की प्रगति पर भी ध्यान दिया। 

उद्देश्य: नदियों के प्राकृतिक स्वरूप और जल प्रवाह को बनाए रखना, प्रदूषण एवं अतिक्रमण पर नियंत्रण करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जलस्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित करना।


छत्तीसगढ़ में 300 मछली पालकों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

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छत्तीसगढ़- प्रदेश में करीब 300 मछली पालकों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मछली उत्पादन बढ़ाने, तालाब प्रबंधन, बेहतर पोषण, रोग नियंत्रण और वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मछली पालकों की आय बढ़ाना और मत्स्य उत्पादन को अधिक प्रभावी एवं लाभदायक बनाना है। विशेषज्ञों ने कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग पर जोर दिया।

इस प्रशिक्षण से मछली पालकों को नई तकनीकों की जानकारी मिलने के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलने की उम्मीद है।


रायपुर में 7-8 अक्टूबर को बड़ा राज्य स्तरीय रोजगार मेला, हजारों युवाओं को नौकरी का मौका

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छत्तीसगढ़ के बेरोजगार और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राजधानी रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा। आयोजन कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा किया जा रहा है।

हजारों पदों पर नौकरी का अवसर

रोजगार मेले में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध कराई गई हैं।

शुरुआती जानकारी में 8 हजार से अधिक पदों पर रोजगार के अवसर बताए गए थे। वहीं, बाद की रिपोर्टों के अनुसार अब तक 85 कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों से 11,500 से अधिक रिक्त पदों की जानकारी विभाग को मिल चुकी है। अन्य कंपनियों से भी संपर्क जारी है, इसलिए उपलब्ध अवसरों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। 

10वीं पास से MBA और इंजीनियरिंग तक मौका

इस रोजगार मेले की खास बात यह है कि इसमें केवल उच्च शिक्षित युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अवसर उपलब्ध हैं।

इनमें शामिल हैं—

🔹 10वीं पास
🔹 12वीं पास
🔹 ITI
🔹 डिप्लोमा
🔹 इंजीनियरिंग
🔹 सामान्य स्नातक
🔹 कृषि स्नातक
🔹 MBA
🔹 MCA
🔹 अन्य स्नातकोत्तर योग्यता वाले उम्मीदवार

अर्थात उम्मीदवार अपनी शैक्षणिक योग्यता और कौशल के अनुसार अलग-अलग कंपनियों में उपलब्ध पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

किन पदों पर मिल सकती है नौकरी?

रोजगार मेले में तकनीकी क्षेत्र के साथ-साथ ऑफिस, बैंकिंग, सेल्स, स्वास्थ्य, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध हैं।

तकनीकी पदों में—

➡️ मशीन ऑपरेटर
➡️ असेंबली ऑपरेटर
➡️ फिटर
➡️ वेल्डर
➡️ इलेक्ट्रिशियन
➡️ इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन
➡️ मेंटेनेंस इलेक्ट्रिशियन
➡️ मैकेनिकल इंजीनियर
➡️ क्वालिटी इंस्पेक्टर

ऑफिस एवं सर्विस सेक्टर में—

➡️ कंप्यूटर ऑपरेटर
➡️ कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव
➡️ टेलीकॉलर
➡️ रिलेशनशिप मैनेजर
➡️ सेल्स एग्जीक्यूटिव
➡️ सेल्स ऑफिसर

इसके अलावा बैंकिंग, फाइनेंस और HR से जुड़े पद भी उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर

स्वास्थ्य एवं देखभाल के क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ और केयरटेकर जैसे पदों की रिक्तियां हैं।

वहीं सुरक्षा क्षेत्र में—

➡️ सिक्योरिटी गार्ड
➡️ सिक्योरिटी सुपरवाइजर

और परिवहन/लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में—

➡️ ड्राइवर
➡️ डिलीवरी कर्मचारी
➡️ बाइक राइडर
➡️ पिकर-पैकर

जैसे पदों पर भी अवसर उपलब्ध हैं।

कौन-कौन सी कंपनियां शामिल होंगी?

रोजगार मेले में स्थानीय कंपनियों के साथ कई राष्ट्रीय स्तर की निजी कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों की भागीदारी बताई गई है।

रिपोर्टों में Quess Corp, Randstad India, Rajasthan Textile Mills–Sutlej Textiles, Vardhman Textiles, Genus Power Infrastructure और Airtel Payments Bank सहित कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं।

इसके अलावा Instacart, Spandana Sphoorty Financial, Svatantra Microfin, NIIT, AISECT, Shanta Techno, Rajat Equipments और First Fly Corporate जैसी संस्थाएं भी रिक्तियां उपलब्ध करा रही हैं। 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार छत्तीसगढ़ के ई-रोजगार पोर्टल पर जाकर उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी देख सकते हैं और अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक पोर्टल: erojgar.cg.gov.in

पोर्टल पर उम्मीदवार अलग-अलग कंपनियों की रिक्तियां देखकर यह भी तय कर सकते हैं कि उनकी योग्यता के अनुसार कौन-सा पद उपयुक्त है। रिपोर्ट के अनुसार 7 अक्टूबर तक पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। 

चयनित युवाओं को मिलेगा Offer Letter

इस रोजगार मेले की एक खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को कार्यक्रम के दौरान ऑफर लेटर देने की तैयारी की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब चयनित युवाओं को ऑफर लेटर वितरित करेंगे। 

रोजगार मेले का उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

इस आयोजन के माध्यम से युवाओं और कंपनियों को एक ही स्थान पर लाने की कोशिश की जा रही है, जिससे उम्मीदवार सीधे कंपनियों से बातचीत कर सकें और उपलब्ध नौकरियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

युवाओं के लिए जरूरी जानकारी

📅 तारीख: 7 और 8 अक्टूबर 2026
📍 स्थान: सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर
🏢 आयोजन: कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग
💼 अवसर: 8,000+ से लेकर नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 11,500+ रिक्तियां
🎓 योग्यता: 10वीं से लेकर ITI, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग, MBA/MCA और अन्य योग्यताएं
📝 पंजीयन: ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से
📄 चयन: कंपनियों द्वारा भर्ती/चयन प्रक्रिया
🎁 विशेष: चयनित उम्मीदवारों को ऑफर लेटर देने की तैयारी

 युवाओं के लिए जरूरी सलाह

मेले में जाने से पहले उम्मीदवार अपनी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड/पहचान पत्र, रिज्यूमे (CV), पासपोर्ट साइज फोटो और अनुभव प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो, साथ रखें। साथ ही ई-रोजगार पोर्टल पर अपनी योग्यता के अनुसार उपलब्ध रिक्तियों को पहले से देख लेना बेहतर रहेगा।

यह रोजगार मेला छत्तीसगढ़ के उन युवाओं के लिए खास अवसर है जो निजी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

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