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CG Job Alert: छत्तीसगढ़ में 1501 सरकारी नौकरियां, बिजली कंपनी में भर्ती शुरू; 26 नवंबर तक मौका

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश की तीनों स्टेट पॉवर कंपनियों में कुल 1501 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने 38 प्रकार के पदों के लिए विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अलग-अलग संवर्गों के रिक्त पद भरे जाएंगे।


छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 5 नवंबर 2026 को भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी किया है। इसमें कुल 1501 पदों में द्वितीय श्रेणी के 195 और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 1306 पद शामिल हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 की शाम 8 बजे से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 26 नवंबर 2026 रात 11:55 बजे निर्धारित की गई है। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट https://cspc.co.in पर उपलब्ध है।

डाटा एंट्री ऑपरेटर के 609 और जूनियर इंजीनियर के 167 पद

इस भर्ती में सबसे ज्यादा पद डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस पद के लिए कुल 609 रिक्तियां हैं। इनमें जनरेशन कंपनी के 95, ट्रांसमिशन कंपनी के 64 और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 450 पद शामिल हैं।

वहीं, कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के कुल 167 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें जनरेशन कंपनी के 11, ट्रांसमिशन कंपनी के 32 और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 124 पद हैं। इन पदों के अलावा इंजीनियरिंग, आईटीआई, सुरक्षा, चिकित्सा और प्रशासनिक संवर्ग में भी भर्ती होगी।

सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के पदों का विवरण

तकनीकी एवं अधिकारी संवर्ग में विभिन्न विषयों के सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति की जाएगी।

सहायक अभियंता के पद:

  • मैकेनिकल – 26 पद

  • इलेक्ट्रिकल – 92 पद

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन – 10 पद

  • कंप्यूटर साइंस – 2 पद

  • सूचना प्रौद्योगिकी – 2 पद

  • सिविल – 20 पद

कनिष्ठ अभियंता के पद:

  • मैकेनिकल – 12 पद

  • इलेक्ट्रिकल – 167 पद

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन – 9 पद

  • कंप्यूटर साइंस – 1 पद

  • सूचना प्रौद्योगिकी – 1 पद

  • सिविल – 26 पद

सुरक्षा और फायर विभाग में भी निकली वैकेंसी

पॉवर कंपनी की भर्ती में सुरक्षा और अग्निशमन विभाग के लिए भी पद रखे गए हैं। इनमें फायर ऑफिसर के 1, सब फायर ऑफिसर के 6, सुरक्षा अधिकारी के 3, सुरक्षा निरीक्षक के 10 और सुरक्षा उप निरीक्षक के 19 पद शामिल हैं। इसके अलावा फायर अटेंडेंट ग्रेड-II के 45 पदों पर भी भर्ती की जाएगी।

ITI पास युवाओं के लिए भी मौका

आईटीआई और तकनीकी ट्रेड से जुड़े युवाओं के लिए भी इस भर्ती में अवसर दिया गया है। अलग-अलग ट्रेड में अटेंडेंट (प्लांट) ग्रेड-III के पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • फिटर – 84 पद

  • टर्नर – 36 पद

  • इलेक्ट्रीशियन – 90 पद

  • इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक – 45 पद

  • इलेक्ट्रॉनिक्स – 45 पद

इसके अलावा शिफ्ट केमिस्ट के 6 और प्रोग्रामर के 3 पद भी निर्धारित किए गए हैं।

चिकित्सा और गैर-तकनीकी संवर्ग में भी नियुक्तियां

भर्ती के तहत चिकित्सा, वित्त, विधि और प्रशासनिक विभागों में भी रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें लेखा अधिकारी/सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के 15, चिकित्सा अधिकारी के 15, सहायक विधि अधिकारी के 8 और सहायक औद्योगिक संबंध अधिकारी के 8 पद शामिल हैं।

चिकित्सा एवं पैरामेडिकल क्षेत्र के पदों में सहायक स्टाफ नर्स के 18, सहायक फार्मासिस्ट के 25, सहायक लैब तकनीशियन के 6, सहायक रेडियोग्राफर के 3, सहायक ड्रेसर के 5 और सहायक ईसीजी तकनीशियन के 3 पद शामिल हैं।

वहीं, स्टेनोग्राफर ग्रेड-III अंग्रेजी के 12 और हिंदी के 13 पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी।

छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को मिलेगी प्राथमिकता

भर्ती विज्ञापन के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। इनकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में दी गई है।

तीनों पॉवर कंपनियों के साझा पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के समय कंपनियों की प्राथमिकता का क्रम भी बताना होगा। अंतिम चयन मेरिट सूची, उम्मीदवार की ओर से दी गई प्राथमिकता और संबंधित कंपनी में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा।

26 नवंबर रात 11:55 बजे है आवेदन की अंतिम तारीख

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 की शाम 8 बजे से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 26 नवंबर 2026 रात 11:55 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इसी समय तक नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से आवेदन शुल्क जमा किया जा सकेगा।

यह विस्तृत भर्ती विज्ञापन पहले 7 अगस्त 2026 को जारी किए गए संक्षिप्त विज्ञापन और 14 सितंबर 2026 को जारी संशोधन के आधार पर तैयार किया गया है।

पॉवर कंपनी प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध भर्ती विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। खासकर शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य पात्रता संबंधी नियमों की जानकारी लेने के बाद ही आवेदन करें।

पति को छुड़ाने थाने पहुंची महिला से सरकारी आवास में गैंगरेप, 11 साल बाद दो पुलिसकर्मियों को 20-20 साल की जेल

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 सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद थाने से जुड़े 11 साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की गुहार लेकर थाने पहुंची महिला के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी के सरकारी आवास में गैंगरेप करने के मामले में कोर्ट ने दो पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश प्रबोध कुमार वर्मा ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।


इस मामले में दोषी ठहराए गए तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव अब सीओ के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि तत्कालीन एसएसआई वेदपाल सिंह उर्फ वेगपाल सिंह वर्तमान में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी तैनाती फिरोजाबाद में बताई गई है।

थानेदार के सरकारी आवास में महिला से हुआ था सामूहिक दुष्कर्म

मामला 6 अगस्त 2015 का है। पीड़िता अपने पति को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की उम्मीद लेकर देवबंद थाने पहुंची थी। आरोप था कि तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव के सरकारी आवास में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। विरोध करने और घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी बृजमोहन यादव और एसएसआई वेदपाल सिंह को अदालत ने दोषी करार दिया है।

गैंगरेप में 20 साल की सजा, दोनों पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी के तहत दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

वहीं, जान से मारने की धमकी देने के मामले में धारा 506 के तहत पांच-पांच साल के साधारण कारावास और 20-20 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों धाराओं की सजाएं एक साथ चलेंगी।

कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357 के तहत आदेश दिया है कि गैंगरेप के मामले में वसूले जाने वाले जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। धमकी देने के मामले में लगाए गए जुर्माने की 75 प्रतिशत राशि भी पीड़िता को मिलेगी। शेष रकम सरकारी खजाने में जमा होगी। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

थाने से एसएसपी तक लगाई गुहार, हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

पीड़िता के लिए न्याय की लड़ाई आसान नहीं रही। पीड़िता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजीव तोमर और जपनीत सिंह छाबड़ा के मुताबिक, घटना के बाद महिला ने स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

30 नवंबर 2015 को तत्कालीन एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायत भेजी गई, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। करीब दो साल की कानूनी लड़ाई के बाद 7 नवंबर 2017 को हाईकोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई।

जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद भी पीड़िता ने हार नहीं मानी। उसने प्रोटेस्ट पिटीशन और परिवाद के जरिए अदालत में अपनी लड़ाई जारी रखी।

500 से ज्यादा तारीखें, परिवार पर 10 बार हमले का आरोप

करीब 11 साल तीन महीने तक चले इस मुकदमे में 500 से अधिक तारीखें पड़ीं और आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अधिवक्ताओं के अनुसार, इस दौरान पीड़ित परिवार को लगातार दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ा।

परिवार का आरोप है कि मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से उसके सदस्यों पर करीब 10 बार हमले और मारपीट की गई। इसके अलावा पीड़ित परिवार के खिलाफ पांच से अधिक मुकदमे भी दर्ज कराए गए। तमाम मुश्किलों के बावजूद महिला अपनी गवाही पर कायम रही।

फैसले के दिन भी परिवार को सता रहा था हमले का डर

मुकदमे के दौरान हुए कथित हमलों के कारण पीड़ित परिवार शुक्रवार को फैसले के दिन भी दहशत में था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।

परिवार के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8 बजकर 53 मिनट पर देवबंद कोतवाली के सीयूजी नंबर पर तीन बार फोन किया गया। शुरुआत में कॉल रिसीव नहीं हुई और बाद में नंबर ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद परिवार ने रास्ता बदलकर सहारनपुर कचहरी पहुंचने का फैसला किया।

आखिरकार अदालत के फैसले के साथ महिला की 11 साल से अधिक लंबी कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव पूरा हुआ और दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।

2015 से 2026 तक ऐसे चली इंसाफ की लड़ाई

  • 6 अगस्त 2015: देवबंद थाने में पति को छुड़ाने पहुंची महिला के साथ सरकारी आवास में सामूहिक दुष्कर्म की घटना।

  • 30 नवंबर 2015: तत्कालीन एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई।

  • 7 नवंबर 2017: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।

  • 2017 से 2026: सीबीसीआईडी जांच, प्रोटेस्ट पिटीशन और अदालत में लंबी सुनवाई चली। 500 से अधिक तारीखें पड़ीं और आठ गवाहों के बयान दर्ज हुए।

  • 6 नवंबर 2026: फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने बृजमोहन यादव और वेदपाल सिंह को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

न्यायधानी में सड़क पर युवतियों का हाईवोल्टेज ड्रामा, बाल पकड़कर घसीटा और बरसाए लात-घूंसे

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में युवतियों के बीच सड़क पर मारपीट के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। अलग-अलग स्थानों पर युवतियों के दो गुटों के बीच हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वायरल वीडियो में युवतियां एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचती, सड़क पर घसीटती और लात-घूंसे मारती दिखाई दे रही हैं। सार्वजनिक स्थानों पर हुई इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल युवतियों की पहचान शुरू कर दी है। फिलहाल विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा, लात-घूंसे भी चले

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवतियों के दो गुटों के बीच पहले कहासुनी होती दिखाई देती है। कुछ ही देर में विवाद बढ़ जाता है और दोनों पक्षों की युवतियां एक-दूसरे से मारपीट करने लगती हैं। इस दौरान बाल पकड़कर खींचने, सड़क पर घसीटने और लात-घूंसे चलाने के दृश्य सामने आए हैं।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से मारपीट का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगे।

कुदुदंड पुल और सरकंडा-बहतराई मार्ग के आसपास की घटनाओं की चर्चा

स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, मारपीट की घटनाओं को कुदुदंड पुल और सरकंडा-बहतराई मार्ग के आसपास के इलाकों से जोड़कर देखा जा रहा है। विवाद के पीछे पुरानी रंजिश होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, दोनों वायरल वीडियो में शामिल युवतियों के बीच विवाद कहां और किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर भी चर्चा

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। दावा किया जा रहा है कि मारपीट में शामिल कुछ युवतियों ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर कथित तौर पर 'कैसा लगा' जैसे कैप्शन के साथ स्टेटस भी लगाए। हालांकि, इन पोस्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को जांच के बाद ही सही माना जा सकेगा।

वायरल वीडियो से युवतियों की पहचान कर रही पुलिस

मामले में बिलासपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस वीडियो के आधार पर युवतियों की पहचान करने में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

बिजली विभाग में शराब कांड! मिठाई की जगह बोतलें बांटने का आरोप, EE से पूछताछ

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 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिजली विभाग का एक कार्यालय उस वक्त चर्चा में आ गया, जब त्योहार के दौरान मिठाई के डिब्बों की जगह शराब की बोतलें बांटे जाने का आरोप सामने आया। जिला मुख्यालय स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) कार्यालय में शराब की बोतलें मिलने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर विभाग पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कार्यालय से शराब की बोतलें जब्त कर जांच शुरू कर दी है।


कांग्रेस ने लगाया शराब बांटने का आरोप

मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि त्योहार के मौके पर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिठाई के बजाय उपहार के रूप में शराब की बोतलें दी जा रही थीं। कांग्रेस ने इसे विभागीय कार्यप्रणाली में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए मामले की जांच की मांग उठाई है।

आरोप सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा और पुलिस ने भी इसकी जांच शुरू कर दी।

EE को पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई पुलिस

शराब की बोतलें मिलने की सूचना पर पुलिस टीम विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय पहुंची। यहां जांच के दौरान शराब की बोतलें जब्त की गईं। इसके बाद पुलिस कार्यपालन अभियंता को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना लेकर गई।

इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। कार्यालय में शराब की बोतलें किसने रखीं, वे कहां से आईं और किस उद्देश्य से वहां लाई गई थीं, पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अधिकारी ने जताई अनभिज्ञता, पुलिस पर लगाए अभद्रता के आरोप

दूसरी ओर, विद्युत विभाग के अधिकारी ने कार्यालय में शराब की बोतलें मिलने के संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता कि शराब की बोतलें कार्यालय में कहां से आईं और किसने वहां रखीं।

अधिकारी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई और रास्ते में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने पुलिस के इस रवैये को अशोभनीय बताया है।

शराब की बोतलें जब्त, जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल पुलिस ने विद्युत विभाग के कार्यालय से मिली शराब की बोतलें जब्त कर ली हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कार्यालय तक कैसे पहुंची और इसके पीछे किसकी भूमिका है।

कांग्रेस के आरोपों और विभागीय अधिकारी के बयान के बीच अब जांच के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रंप को मारने की सनक! व्हाइट हाउस के पास हथियारों से लैस युवक गिरफ्तार

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 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। व्हाइट हाउस के नजदीक एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों को उसकी कार से तीन हथियार और दर्जनों कारतूस मिले हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसके दिमाग में कुछ आवाजें आती थीं, जो उसे वॉशिंगटन जाकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने के लिए उकसाती थीं।


अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार रात वॉशिंगटन डीसी में कॉन्स्टिट्यूशन एवेन्यू के पास की गई। सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने एक खड़ी कार में मौजूद व्यक्ति की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसकी गाड़ी से एक पिस्तौल, दो राइफल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए।

कार में सोते मिला संदिग्ध, गूगल ट्रांसलेट से हुई पूछताछ

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय रोनी योरड्रिक्स गुआनिपा क्रिनोस के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजकर 42 मिनट पर वह नीले रंग की फोर्ड F-150 पिकअप गाड़ी में सोता हुआ मिला था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने उससे पूछताछ शुरू की।

NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने अधिकारियों से बातचीत करने के लिए गूगल ट्रांसलेट का इस्तेमाल किया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि उसके सिर में आवाजें सुनाई देती हैं, जो उसे राष्ट्रपति ट्रंप को मारने के लिए कहती हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी वर्ष 2024 में अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुआ था।

आरोपी ने किया चौंकाने वाला दावा, कार से मिले तीन हथियार

पूछताछ के दौरान क्रिनोस ने अधिकारियों को बताया कि कुछ लोग उसे मारना चाहते थे और उसने उन्हीं में से एक व्यक्ति से बंदूक छीन ली थी। उसका दावा था कि यह हथियार कार में रखे भूरे रंग के बैग में मौजूद है।

आरोपी ने यह भी बताया कि उसने करीब एक महीने पहले कुछ हथियार खरीदे थे और वह चोरी की गाड़ी में रह रहा था। उसने अधिकारियों से कहा कि वह अपने हथियार सरकार को सौंपना चाहता है।

इसके बाद अधिकारियों ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी में एक पिस्तौल, दो राइफल और कई कारतूस बरामद किए गए। हथियारों की बरामदगी के बाद मामला और गंभीर हो गया और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

हथियार रखने और चोरी की गाड़ी इस्तेमाल करने के आरोप

क्रिनोस पर बिना वैध अनुमति हथियार रखने और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा बिना पंजीकरण के राइफल और पिस्तौल रखने तथा कारतूस से जुड़े तीन अलग-अलग आरोप भी दर्ज किए गए हैं।

आरोपी पर बिना अनुमति वाहन का इस्तेमाल करने, चोरी और चोरी की संपत्ति अपने पास रखने से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। उसे सोमवार को फेडरल कोर्ट में पेश किया जाना है।

ट्रंप पर पहले भी हो चुके हैं तीन जानलेवा हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार जानलेवा हमलों और हत्या की कोशिशों का सामना कर चुके हैं। उनके खिलाफ अब तक तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

1. 13 जुलाई 2024: पेंसिल्वेनिया के बटलर में हमला

ट्रंप एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रूक्स ने दूर स्थित एक इमारत की छत से उन पर गोलियां चलाईं। एक गोली ट्रंप के दाहिने कान को छूकर निकल गई। इस हमले में रैली में मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए। सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मार गिराया।

2. 15 सितंबर 2024: फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में साजिश

ट्रंप अपने गोल्फ क्लब में मौजूद थे। इसी दौरान 58 वर्षीय रयान वेस्ली रॉथ झाड़ियों में राइफल लेकर छिपा हुआ मिला। सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट ने उसकी संदिग्ध गतिविधि देखकर गोली चलाई, जिसके बाद वह भाग निकला। पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। सितंबर 2025 में अदालत ने उसे ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया।

3. 25 अप्रैल 2026: वॉशिंगटन डीसी के होटल में गोलीबारी

ट्रंप व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में शामिल होने के लिए वॉशिंगटन हिल्टन होटल पहुंचे थे। इसी दौरान 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन शॉटगन लेकर सुरक्षा जांच वाले क्षेत्र में घुस गया और बॉलरूम की तरफ बढ़ने लगा। उसने सुरक्षाकर्मियों पर गोली चलाई, जिसमें सीक्रेट सर्विस का एक अधिकारी घायल हो गया। बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण अधिकारी की जान बच गई। सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया और ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग ने एलन पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया।

व्हाइट हाउस के पास हथियारों के साथ संदिग्ध की ताजा गिरफ्तारी ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित खतरों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आज की बड़ी खबरें | 7 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़, देश और दुनिया का संपूर्ण समाचार बुलेटिन

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज की सुबह की प्रमुख खबरें। इस बुलेटिन में छत्तीसगढ़ से लेकर देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बैंकिंग, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल और मनोरंजन तक की अहम खबरें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

  1. रायपुर में 400 करोड़ रुपये का अस्पताल: अमित शाह द्वारा रायपुर में आर्टेमिस शांति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन की खबर आज के प्रमुख राज्य समाचारों में शामिल है।

  2. छत्तीसगढ़ में 1,703 सरकारी पदों पर भर्ती: राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्रुप-2, श्रेणी-3 के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया के लिए अधिसूचना जारी की है।

  3. भर्ती में प्रमुख पद: 1,206 असिस्टेंट ग्रेड-3, 279 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और 30 हिंदी स्टेनोग्राफर के पद शामिल बताए गए हैं।

  4. बिलासपुर-मनाली-लेह रेल परियोजना: देश के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन की योजना से जुड़ी खबर भी छत्तीसगढ़ के समाचार संकलन में प्रमुखता से है।


राष्ट्रीय समाचार

  • महाराष्ट्र एंटीलिया मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मिली जमानत रद्द कर दी है।

  • दिल्ली की राजनीति: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेकर बनाए गए छह AI डीपफेक वीडियो और पोस्ट हटाने का आदेश दिया।

  • नकली करेंसी मामला: NIA ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।

  • खाद्य सुरक्षा: मथुरा में जब्त पनीर की खेप नष्ट किए जाने की खबर सामने आई है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

  1. अमेरिका में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनावों में नुकसान के बाद स्टीफन मिलर को नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करने की घोषणा की है। सुसी वाइल्स की जगह वे जिम्मेदारी संभालेंगे।

  2. यूरोप में बम धमकियां: यूरोपीय देशों में हवाई उड़ानों और मीडिया संस्थानों को नई बम धमकियां मिली हैं। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं।

  3. वैश्विक बाजार में AI कंपनियों पर दबाव: AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण बाजार में बड़ी हलचल देखी गई है।

अर्थव्यवस्था और बिजनेस


  • महिंद्रा की EV योजना: कंपनी को मार्च 2027 तक हर महीने 11,000–12,000 इलेक्ट्रिक SUV बेचने की उम्मीद है।

  • महिंद्रा का विस्तार: 2027 की पहली छमाही में पांच नए मॉडल लाने की योजना बताई गई है।

  • क्रिटिकल मिनरल्स: सिंगरेनी कोलियरीज और अमेरिकी कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों में संभावित सहयोग पर चर्चा हुई है।

  • ई-कुकिंग को बढ़ावा: EESL ने राष्ट्रीय कुशल कुकिंग कार्यक्रम के अंतर्गत इंडक्शन कुकटॉप और कुकवेयर का ₹6,990 का ऑफर घोषित किया है।

शेयर बाजार और बैंकिंग

  • शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स ने सात कारोबारी सत्रों में लगभग 10.6% की तेजी दर्ज की। इसे 35 वर्षों की सबसे मजबूत प्री-दिवाली सात सत्रों की तेजी बताया गया है।

  • विदेशी निवेशकों की वापसी: भारतीय शेयरों में विदेशी निवेश बढ़ने से बाजार को समर्थन मिला।

  • RBI की नई समिति: भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय बाजारों के संचालन, तरलता, विदेशी मुद्रा और सरकारी प्रतिभूतियों से जुड़े मुद्दों पर सलाह के लिए तकनीकी परामर्श समिति बनाई है।

  • सोने की कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने में गिरावट आई, हालांकि सप्ताह के आधार पर इसमें लगभग 5% की बढ़त रही।

रक्षा और आंतरिक सुरक्षा

  • यूरोप में हवाई सुरक्षा और महत्वपूर्ण संस्थानों को मिली धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

  • नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी से जुड़े मामले में NIA की कई राज्यों में कार्रवाई हुई है।

विज्ञान, तकनीक और AI


  • AI बाजार में हलचल: AI कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

  • AI डीपफेक पर अदालत की सख्ती: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजनीतिक डीपफेक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।

  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र: भारत के बजट 2026-27 में India Semiconductor Mission 2.0 का प्रस्ताव रखा गया है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा

  • कैंसर की दवाओं में राहत: 137 कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमा के कारण कीमतें कम होने की खबर है।

  • दिल्ली में प्रदूषण का असर: बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं देने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा और रोजगार

  • इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्लांट पैथोलॉजी के एक गेस्ट टीचर पद के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 13 नवंबर 2026 बताई गई है।

  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

कृषि और किसान


  • छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने की पहले घोषित योजना पर किसानों की नजर रहेगी।

  • राज्य में धान खरीदी की तैयारियां किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • केंद्र सरकार ने खुले बाजार में चावल बिक्री का लक्ष्य बढ़ाने और साप्ताहिक स्टॉक जानकारी देने से जुड़ा कदम उठाया है।

 मौसम और पर्यावरण
रायपुर का आज का मौसम- 31°C, अनुमानित अधिकतम तापमान

न्यूनतम 19°C | आसमान मुख्यतः साफ

  • रायपुर में आज बारिश की संभावना नहीं बताई गई है।

  • छत्तीसगढ़ में 7 नवंबर से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

  • दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने के कारण स्कूलों और कार्यालयों के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं।

कानून और न्यायपालिका
  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने सचिन वाजे की जमानत रद्द की।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने AI से बनाए गए राजनीतिक डीपफेक वीडियो हटाने का आदेश दिया।

  • सिविल सेवा परीक्षा 2025 से जुड़े OBC क्रीमी लेयर के मुद्दे पर न्यायिक प्रक्रिया चर्चा में है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन

  • बिलासपुर-मनाली-लेह रेल परियोजना: प्रस्तावित रेल कॉरिडोर और दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन की योजना चर्चा में है।

  • राष्ट्रीय राजमार्ग: फ्री-फ्लो टोलिंग व्यवस्था के लिए नए डिजाइन नियमों की खबर है।

  • छत्तीसगढ़ रेल कनेक्टिविटी: कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल कॉरिडोर की लगभग 8,000 करोड़ रुपये की परियोजना को राज्य मंत्रिमंडल का समर्थन मिलने की खबर पिछले सप्ताह आई थी।

खेल समाचार
  1. मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया: 13 साल के टेस्ट करियर का अंत। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए।


  2. रवि शास्त्री की प्रतिक्रिया: पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि शमी को टेस्ट क्रिकेट में एक और मौका मिलना चाहिए था।

  3. भारतीय क्रिकेट: अंडर-19 क्रिकेट में भारत की जीत की खबर भी चर्चा में है।

सिनेमा और मनोरंजन
  • राम चरण की अगली फिल्म: निर्देशक सुकुमार के साथ RC17 की शूटिंग फरवरी 2027 में शुरू होने की रिपोर्ट है।


  • दीपावली स्पेशल: फिल्मी सितारों के दीपावली समारोह और नई फिल्मों की तैयारियां मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय हैं।

आज की वायरल और ट्रेंडिंग खबरें
  • अमेरिकी राजनीति में ट्रंप के प्रशासनिक बदलाव की चर्चा।

  • मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास पर क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं।

  • AI डीपफेक और सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो को लेकर बहस।

  • दीपावली की तैयारियों और छोटी दिवाली की तिथि को लेकर लोगों में उत्सुकता।

आज का निष्कर्ष: आज के समाचारों में छत्तीसगढ़ की सरकारी भर्तियां, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, कृषि और रेल कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शमी का संन्यास, शेयर बाजार की तेजी और AI डीपफेक पर न्यायिक सख्ती प्रमुख चर्चा में हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती विवाद: अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन करने पर भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 पर FIR, OCM चौक पर लगा था जाम

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने वाली भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों के खिलाफ रायपुर पुलिस ने FIR दर्ज की है। आरोप है कि 4 नवंबर को राजधानी के OCM चौक के पास प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित किया, जिससे लंबा जाम लग गया। इस जाम में एंबुलेंस और स्कूल बसें भी फंस गई थीं। कोतवाली थाना पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग बाधित करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।


क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, 4 नवंबर 2026 को भीम आर्मी के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में एकजुट हुए थे। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने का निर्णय लिया।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी OCM चौक पहुंचे और मुख्य सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और शहर के प्रमुख मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए थे।

 एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंसीं

प्रदर्शन के कारण OCM चौक और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सबसे गंभीर स्थिति तब बनी जब:

  • मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस जाम में फंस गईं।

  • स्कूली बच्चों को घर छोड़ने वाली बसें आगे नहीं बढ़ सकीं।

  • कामकाज के लिए निकले लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।

  • मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खाली करने की अपील की, लेकिन तत्काल सड़क खाली नहीं हुई।

पुलिस ने लाउडस्पीकर से की समझाइश

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। लाउडस्पीकर के माध्यम से उन्हें मुख्य सड़क खाली करने के लिए कहा गया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि नवा रायपुर के तूता में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल उपलब्ध है। उनसे वहां जाकर अपनी मांगें रखने की अपील की गई।

हालांकि, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग बाधित करने के आरोप में FIR दर्ज की।

दिनेश आजाद समेत किन 11 लोगों पर FIR?

कोतवाली थाना पुलिस द्वारा दर्ज मामले में भीम आर्मी के इन पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं:

  1. दिनेश आजाद – प्रदेश अध्यक्ष, भीम आर्मी

  2. देवेंद्र मैरिसा – जिला अध्यक्ष

  3. युवराज ढीढी

  4. अन्य आठ लोग

कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ध्यान दें: FIR दर्ज होने का अर्थ आरोप साबित होना नहीं है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों का निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

आखिर क्यों नाराज हैं पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी?

इस पूरे विवाद की जड़ छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया है। राज्य में वर्ष 2023-24 में कुल 5,967 आरक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी।

चयन परिणाम और सूची जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई हैं और कुछ योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर रह गए हैं।

अभ्यर्थियों की प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं:

पहला – मेरिट सूची में कथित गड़बड़ी

कुछ अभ्यर्थियों का आरोप है कि अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ, जबकि उनसे कम अंक पाने वाले कुछ उम्मीदवारों को चयन सूची में जगह मिली।

दूसरा – नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर सवाल

अलग-अलग पालियों में आयोजित परीक्षाओं के अंकों को सामान्यीकृत करने की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता की मांग की है।

तीसरा – फिजिकल टेस्ट पर सवाल

कुछ उम्मीदवारों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़, ऊंचाई और सीना मापने की प्रक्रिया में कथित पक्षपात के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

चौथा – दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग

अभ्यर्थियों का कहना है कि कुल 5,967 पदों में से लगभग 4,367 पदों पर चयन हुआ है और करीब 1,600 पद खाली बताए जा रहे हैं। वे इन रिक्त पदों के लिए दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।

भर्ती विवाद हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है

आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है।

The Lens और The Rural Press की रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी 2026 में बिलासपुर हाईकोर्ट में भर्ती से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। याचिकाकर्ताओं ने फिजिकल टेस्ट कराने वाली आउटसोर्स एजेंसी की कार्यप्रणाली और कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक दिए जाने पर सवाल उठाए थे।

याचिकाकर्ताओं ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की थी। इस मामले में न्यायालय की कार्यवाही और किसी भी अंतरिम आदेश की वर्तमान स्थिति को नवीनतम आधिकारिक न्यायालय रिकॉर्ड से अलग से सत्यापित किया जाना चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

इस घटनाक्रम के बाद दो अलग-अलग मुद्दों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • FIR का मामला: पुलिस दर्ज आरोपों की जांच करेगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

  • भर्ती विवाद: अभ्यर्थियों की शिकायतों, खाली पदों और दूसरी चयन सूची की मांग पर सरकार तथा संबंधित भर्ती अधिकारियों का रुख महत्वपूर्ण होगा।

  • न्यायिक प्रक्रिया: भर्ती से संबंधित याचिकाओं पर अदालत में आगे होने वाली सुनवाई भी इस विवाद की दिशा तय कर सकती है।

अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में दूसरी चयन सूची जारी करने को लेकर कोई अंतिम सरकारी निर्णय सामने नहीं आया है।

निष्कर्ष

रायपुर के OCM चौक पर हुआ प्रदर्शन अब पुलिस कार्रवाई के कारण चर्चा में है। एक तरफ 5,967 आरक्षक पदों की भर्ती में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और खाली पदों पर दूसरी सूची जारी करने की अभ्यर्थियों की मांग है। दूसरी तरफ सार्वजनिक सड़क पर प्रदर्शन के कारण एंबुलेंस, स्कूल बसों और आम नागरिकों को हुई परेशानी को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

अब देखना होगा कि सरकार भर्ती अभ्यर्थियों की शिकायतों पर क्या कदम उठाती है और पुलिस इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई करती है।


छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ा अपडेट: कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 का अनुदान अब डिजिटल रिकॉर्ड से होगा तय, एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य

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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को आर्थिक सहायता देने वाली कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए धान खरीदी पोर्टल, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान आईडी और फार्म आईडी के रिकॉर्ड को आपस में जोड़ा जाएगा।

6 नवंबर को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र किसानों को अनुदान की राशि देने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्रुटिरहित हो। इसका उद्देश्य किसानों से बार-बार दस्तावेज मांगने की जरूरत कम करना और वास्तविक खेती के रकबे के आधार पर पात्रता की जांच करना है।

क्या है कृषक उन्नति योजना?

कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि सहायता योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि लागत में सहायता देकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना और खेती को लाभकारी बनाना है।

खरीफ-2026 के लिए योजना के क्रियान्वयन में धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और मिलेट्स जैसी वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार अब इस योजना के अनुदान वितरण में डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग बढ़ाना चाहती है, ताकि पात्रता का निर्धारण वास्तविक भूमि और फसल संबंधी जानकारी के आधार पर किया जा सके।

तीन बड़े डिजिटल रिकॉर्ड होंगे आपस में लिंक

सरकार की नई व्यवस्था में तीन प्रमुख डेटाबेस का एकीकरण किया जाएगा:

  • धान खरीदी पोर्टल: किसान ने कितनी मात्रा में धान बेचा और खरीदी का लेन-देन हुआ या नहीं, इसकी जानकारी।

  • एग्रीस्टैक: किसान की डिजिटल पहचान और कृषि भूमि से संबंधित रिकॉर्ड।

  • डिजिटल क्रॉप सर्वे: किसान के खेत में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है और उसका रकबा कितना है, इसकी जानकारी।

इसके साथ किसान आईडी, फार्म आईडी और गिरदावरी के रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा।

इससे सरकार को एक ही डिजिटल व्यवस्था में किसान की पहचान, जमीन और फसल का विवरण मिल सकेगा। किसानों को अलग-अलग विभागों में बार-बार एक जैसी जानकारी देने की जरूरत कम होगी।

योजना का लाभ लेने के लिए किन शर्तों पर ध्यान देना होगा?

6 नवंबर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को पात्रता संबंधी प्रक्रिया स्पष्ट रखने के निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, योजना के लिए निम्न बिंदु महत्वपूर्ण होंगे:

  1. किसान का एग्रीस्टैक में पंजीयन होना आवश्यक होगा।

  2. संबंधित भूमि पर डिजिटल क्रॉप सर्वे में धान की फसल दर्ज होनी चाहिए।

  3. किसान की विशिष्ट फार्म आईडी की पुष्टि की जाएगी।

  4. धान खरीदी पोर्टल पर कम से कम एक सफल खरीदी लेन-देन का रिकॉर्ड जरूरी बताया गया है।

  5. योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

महत्वपूर्ण: ये 6 नवंबर की समीक्षा बैठक में बताई गई प्रक्रिया और शर्तों का विवरण है। अंतिम पात्रता, आवेदन की समय-सीमा और दस्तावेजों की सूची के लिए सरकार के विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना जरूरी होगा।

टोकन जारी करते समय होगा रकबे का सत्यापन

धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदान के लिए दर्ज किए गए कृषि रकबे का सत्यापन किया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान ने जितने क्षेत्र में धान की खेती की है, रिकॉर्ड में भी उसी के अनुरूप जानकारी दर्ज हो। डिजिटल सर्वे, गिरदावरी और जमीन के रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर जांच की जा सकेगी।

पिछले साल धान नहीं बेचने वाले किसानों पर विशेष ध्यान

जिन किसानों ने पिछले वर्ष धान नहीं बेचा था, उनके मामलों में भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। यानी जरूरत पड़ने पर अधिकारी खेत और फसल की वास्तविक स्थिति की जांच कर सकते हैं। इससे गलत रकबा दर्ज कराकर योजना का लाभ लेने की संभावना कम करने की कोशिश होगी।

धान के अलावा दूसरी फसलों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार की योजना केवल धान उत्पादकों तक सीमित नहीं है। खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • दलहन: अरहर, उड़द, मूंग और अन्य दलहन फसलें।

  • तिलहन: सोयाबीन, मूंगफली, तिल आदि।

  • मिलेट्स: कोदो, कुटकी और रागी।

इससे किसानों को धान के अलावा दूसरी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने, पानी की खपत कम करने और खेती के विकल्प बढ़ाने का लक्ष्य है।

इससे जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला यह भी है कि खरीफ-2026 के नए ढांचे में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों तथा धान से दूसरी खरीफ फसलों की ओर जाने वाले किसानों के लिए 15,000 रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता का प्रावधान मंजूर किया गया है। इसकी पात्रता और लागू होने की शर्तें संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होंगी।

किसानों को अभी क्या करना चाहिए?

योजना का लाभ लेने की तैयारी कर रहे किसानों को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • एग्रीस्टैक में अपना पंजीयन और किसान आईडी की स्थिति जांचें।

  • अपनी फार्म आईडी और भूमि रिकॉर्ड में नाम तथा रकबे की जानकारी मिलाएं।

  • डिजिटल क्रॉप सर्वे में बोई गई फसल सही दर्ज हुई है या नहीं, इसकी जानकारी लें।

  • धान खरीदी पोर्टल पर दर्ज जानकारी और खरीदी संबंधी रिकॉर्ड की जांच करें।

  • यदि जमीन, फसल या रकबे की जानकारी गलत है, तो संबंधित कृषि, राजस्व या सहकारी समिति कार्यालय से सुधार की प्रक्रिया पूछें।

  • आवेदन और अनुदान की अंतिम तारीख के लिए आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।

किसानों के लिए जरूरी

केवल एग्रीस्टैक में पंजीयन करा लेना अनुदान मिलने की गारंटी नहीं है। फसल का डिजिटल रिकॉर्ड, भूमि का सत्यापन और योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।

बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए?

मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से:

  • मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह

  • वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव

  • खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले

  • कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी

  • सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना

  • राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी

  • कृषि संचालक राहुल देव

  • भू-अभिलेख संचालक विनीत नंदवार

  • मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेन्द्र शुक्ला

बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील ने की।

किसानों के लिए इस बदलाव का क्या महत्व है?

पुरानी व्यवस्था की चुनौती

  नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य

अलग-अलग विभागों में जानकारी देना

  डेटाबेस का एकीकरण

भूमि और फसल के रकबे में अंतर

  डिजिटल सर्वे से मिलान

अपात्र लाभार्थियों की पहचान में कठिनाई

  रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन

आवेदन प्रक्रिया में परेशानी

  फार्म आईडी आधारित सरल प्रक्रिया

वैकल्पिक फसलों की कम जानकारी

  दलहन, तिलहन और मिलेट्स को प्रोत्साहन

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और धान खरीदी पोर्टल को जोड़ने से पात्रता जांचने में आसानी हो सकती है। वहीं, दलहन, तिलहन और मिलेट्स को प्रोत्साहन देने से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि आवेदन की प्रक्रिया कब शुरू होती है, पात्रता की अंतिम शर्तें क्या होंगी और अनुदान की राशि कब खातों में पहुंचेगी।



चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला: OMSS के तहत बिक्री का लक्ष्य दोगुना कर 50 लाख टन किया

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नई दिल्ली- देश में चावल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम (डोमेस्टिक) यानी OMSS (D) के तहत चावल बेचने का लक्ष्य 25 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इसका उद्देश्य बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ाना, कीमतों को स्थिर रखने में मदद करना और जमाखोरी पर अंकुश लगाना है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 6 नवंबर को इन उपायों की जानकारी दी।

क्या है सरकार का नया फैसला?

केंद्र सरकार ने OMSS (D) के तहत निजी कारोबारियों को ई-नीलामी के माध्यम से बेचे जाने वाले चावल की मात्रा का लक्ष्य दोगुना कर दिया है।

  • पहले बिक्री का लक्ष्य: 25 लाख मीट्रिक टन

  • नया बिक्री लक्ष्य: 50 लाख मीट्रिक टन

  • 31 अक्टूबर 2026 तक बिक्री: 25 लाख मीट्रिक टन

  • पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बिक्री: 11 लाख मीट्रिक टन

इसका मतलब है कि चालू वित्त वर्ष में 31 अक्टूबर तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में OMSS के माध्यम से काफी अधिक चावल बाजार में पहुंचाया जा चुका है।

क्या है OMSS और इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?

OMSS यानी Open Market Sale Scheme केंद्र सरकार की एक व्यवस्था है, जिसके तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) अपने उपलब्ध खाद्यान्न भंडार से चावल और गेहूं जैसी उपज खुले बाजार में बेचता है।

इस योजना के तहत चावल की ई-नीलामी की जाती है और निजी खरीदार इसमें हिस्सा ले सकते हैं। सरकार का उद्देश्य जरूरत के समय बाजार में अनाज की अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

इससे संभावित रूप से:

  • बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ सकती है।

  • थोक बाजार में आपूर्ति का दबाव कम हो सकता है।

  • चावल की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

  • कारोबारियों के पास अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध होने से आपूर्ति बेहतर हो सकती है।

  • उपभोक्ताओं को कीमतों में स्थिरता का लाभ मिल सकता है।

हालांकि, इसका असर खुदरा कीमतों पर कितनी जल्दी और कितना होगा, यह स्थानीय आपूर्ति, मांग, चावल की किस्म और व्यापारियों की कीमतों पर भी निर्भर करेगा।

चावल की कीमतों पर क्यों बढ़ रही है चिंता?

चावल की कीमतों में तेजी के पीछे कमजोर और असमान मानसूनी बारिश को एक महत्वपूर्ण कारण बताया जा रहा है। बारिश की कमी और फसल के पकने के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल भारत के चावल उत्पादन में पिछले करीब एक दशक में पहली बार गिरावट आने की आशंका जताई गई है। हालांकि, यह उत्पादन संबंधी अनुमान है, अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं।

Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में खुदरा चावल महंगाई सालाना आधार पर 8.25 प्रतिशत रही, जबकि अगस्त में यह 5.89 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में औसत खुदरा कीमत लगभग 48.23 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। कुछ दक्षिण भारतीय किस्मों की कीमतों में इससे भी अधिक तेजी दर्ज की गई।

कारोबारियों और मिल मालिकों को हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का ब्यौरा

सरकार ने केवल चावल की बिक्री का लक्ष्य नहीं बढ़ाया है, बल्कि जमाखोरी और बाजार में कृत्रिम कमी रोकने के लिए स्टॉक रिपोर्टिंग को भी अनिवार्य कर दिया है।

6 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, देशभर के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन, प्रोसेसर और राइस मिल मालिकों को अपने चावल और धान के स्टॉक की जानकारी देनी होगी।

स्टॉक की जानकारी छह श्रेणियों में देनी होगी:

  1. बासमती चावल

  2. गैर-बासमती प्रीमियम चावल

  3. गैर-बासमती चावल

  4. पारबॉयल्ड यानी उसना चावल

  5. टूटा हुआ चावल

  6. धान

सभी संबंधित इकाइयों को हर शुक्रवार सरकारी Food Stock Portal पर स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी। गलत जानकारी देने या नियमों का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

पांच दक्षिणी राज्यों को स्टॉक लिमिट लगाने की अनुमति

चावल की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पांच दक्षिणी राज्यों को धान और चावल पर स्टॉक लिमिट लागू करने की सहमति दी है।

इन राज्यों में शामिल हैं:

  • आंध्र प्रदेश

  • कर्नाटक

  • केरल

  • तमिलनाडु

  • तेलंगाना

राज्य सरकारें आवश्यकता के अनुसार अपने नियंत्रण आदेशों के जरिए स्टॉक सीमा लागू कर सकती हैं। ये सीमाएं 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रह सकती हैं।

इस कदम का उद्देश्य बाजार में चावल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और जमाखोरी तथा कालाबाजारी को रोकना है।

भारत चावल की उपलब्धता भी बढ़ाई जाएगी

सरकार ने आम उपभोक्ताओं तक किफायती चावल पहुंचाने के लिए भारत चावल की अतिरिक्त मात्रा उपलब्ध कराने का फैसला किया है।

इसके लिए तीन एजेंसियों को अतिरिक्त स्टॉक आवंटित किया जा रहा है:

  • नैफेड (NAFED)

  • एनसीसीएफ (NCCF)

  • केंद्रीय भंडार (Kendriya Bhandar)

इन एजेंसियों को वितरण के अधिक से अधिक माध्यम तलाशने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में भारत चावल की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

आम आदमी और किसानों पर क्या पड़ेगा असर?

सरकार के इन फैसलों का सीधा उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चावल उपलब्ध कराना है।

आम उपभोक्ताओं के लिए: बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में तेजी को रोकने में मदद मिल सकती है। भारत चावल की अतिरिक्त उपलब्धता से किफायती विकल्प भी बढ़ सकते हैं।

व्यापारियों के लिए: स्टॉक की नियमित जानकारी देना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों के लिए: बाजार में धान की कीमतों और सरकारी खरीद पर इन फैसलों का अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, OMSS के तहत चावल बेचने का निर्णय अपने आप में किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या सरकारी खरीद व्यवस्था में बदलाव नहीं है।

निष्कर्ष

चावल की बढ़ती कीमतों और संभावित उत्पादन दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदम एक साथ उठाए हैं। OMSS के तहत बिक्री का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन करना, कारोबारियों के लिए साप्ताहिक स्टॉक रिपोर्टिंग अनिवार्य बनाना, पांच दक्षिणी राज्यों को स्टॉक लिमिट की अनुमति देना और भारत चावल की उपलब्धता बढ़ाना इसी रणनीति का हिस्सा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन फैसलों का असर आने वाले दिनों में थोक और खुदरा बाजार में चावल की कीमतों पर कितना पड़ता है।


भारतीय मूल की नित्या रमन बनीं लॉस एंजिलिस की नई मेयर, करेन बास को हराकर रचा इतिहास

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अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को हराकर शहर की अगली मेयर बनने का रास्ता साफ कर लिया है। चुनाव के नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नित्या रमन को 52.70 प्रतिशत, जबकि करेन बास को 47.30 प्रतिशत वोट मिले। इस तरह रमन ने करीब 5.4 प्रतिशत अंकों के अंतर से जीत हासिल की।

चुनाव में क्या रहा खास?

3 नवंबर 2026 को हुए चुनाव में शुरुआती मतगणना के दौरान मुकाबला कड़ा रहा। लेकिन जैसे-जैसे नए मतों की गिनती हुई, नित्या रमन की बढ़त मजबूत होती गई। 5 नवंबर को करेन बास ने अपनी हार स्वीकार करते हुए रमन को फोन कर जीत की बधाई दी। इसके बाद एसोसिएटेड प्रेस ने भी रमन को विजेता घोषित किया।

लॉस एंजिलिस काउंटी के नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
  • नित्या रमन: 4,60,772 वोट — 52.70%

  • करेन बास: 4,13,519 वोट — 47.30%

  • जीत का अंतर: 47,253 वोट

ये मतगणना के उपलब्ध आंकड़े हैं; इन्हें अंतिम प्रमाणित परिणाम समझने से पहले आधिकारिक चुनाव प्रमाणन का इंतजार करना चाहिए।

कौन हैं नित्या रमन?

नित्या रमन भारत में जन्मी अमेरिकी राजनीतिज्ञ और शहरी नियोजन विशेषज्ञ हैं। वह लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य रही हैं। शहर की आवास व्यवस्था, शहरी विकास और बेघर लोगों की समस्या जैसे मुद्दों पर उनका काम और राजनीतिक सक्रियता चर्चा में रही है।

रमन की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने मौजूदा मेयर को हराया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दो दशकों से अधिक समय में लॉस एंजिलिस के किसी मौजूदा मेयर को चुनाव में हराकर पद से हटाने वाली वह पहली चुनौती देने वाली उम्मीदवार बनी हैं।

किन मुद्दों पर लड़ा चुनाव?

नित्या रमन ने अपने अभियान में लॉस एंजिलिस की कुछ बड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:

  1. बेघर लोगों की समस्या: शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बेघर लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था और आवास उपलब्ध कराने का वादा।

  2. किफायती आवास: घरों की बढ़ती कीमतों और किराये के दबाव को कम करने के लिए अधिक आवास निर्माण पर जोर।

  3. सड़क और बुनियादी सुविधाएं: खराब सड़कों, टूटे फुटपाथों, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार।

  4. सार्वजनिक सुरक्षा: पुलिस व्यवस्था और शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर बदलाव की बात।

  5. प्रशासनिक सुधार: नगर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने का लक्ष्य।

उनके अभियान में 2028 ओलंपिक से पहले सड़क पर रहने वाले बेघर लोगों की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को कम करने का लक्ष्य भी शामिल था।

करेन बास की हार क्यों अहम है?

करेन बास लॉस एंजिलिस की मौजूदा मेयर थीं। उनके कार्यकाल के दौरान शहर को आवास संकट, बेघर लोगों की समस्या और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जनवरी 2025 में लगी भीषण पैलिसेड्स आग और उसके दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर भी उनके प्रशासन की आलोचना हुई थी। इन मुद्दों ने चुनावी बहस को प्रभावित किया।

करेन बास को गवर्नर गैविन न्यूसम, कमला हैरिस और नैन्सी पेलोसी जैसे प्रमुख डेमोक्रेट नेताओं का समर्थन भी मिला था। इसके बावजूद रमन की जीत ने शहर की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया।

भारतीय मूल के लोगों के लिए क्यों खास है यह जीत?

नित्या रमन की सफलता भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व का विषय है। अमेरिका के एक बड़े और अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले शहर की मेयर बनने जा रहीं रमन की जीत यह दिखाती है कि प्रवासी पृष्ठभूमि से आने वाले नेता भी अमेरिकी स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि, उनकी जीत को केवल भारतीय मूल की पहचान तक सीमित करके देखना उचित नहीं होगा। यह चुनाव स्थानीय मुद्दों, मतदाताओं की अपेक्षाओं और मौजूदा प्रशासन के प्रति असंतोष का भी परिणाम है।

अब आगे क्या होंगी चुनौतियां?

लॉस एंजिलिस अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक है। यहां आवास की ऊंची लागत, बेघर लोगों की समस्या, सार्वजनिक सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं को सुधारना नई मेयर के सामने बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक की मेजबानी करेगा, इसलिए शहर की तैयारियों और प्रशासनिक क्षमता पर भी उनकी सरकार की परीक्षा होगी।

निष्कर्ष: नित्या रमन की 52.70 प्रतिशत वोटों के साथ जीत लॉस एंजिलिस की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह चुनावी वादों को जमीन पर उतारकर शहर की समस्याओं का समाधान किस तरह करती हैं।

चुनाव परिणाम

California Mayor, 2026

अनुमानित कुल वोटों में से 76.3% की गिनती पूरी

Nithya Raman- विजेता (AP की घोषणा के अनुसार), गैर-दलीय- 52.7%, 4,60,772 वोट

Karen Ruth Bass- गैर-दलीय- पदासीन- 47.3%- 4,13,519 वोट


असम में Oil India के टैंक फार्म में भीषण आग और विस्फोट, 1 कर्मचारी की मौत, 6 गंभीर रूप से घायल

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डिब्रूगढ़- असम के डिब्रूगढ़ जिले में शुक्रवार सुबह सरकारी तेल कंपनी Oil India Limited (OIL) की एक महत्वपूर्ण तेल भंडारण सुविधा में भीषण आग लगने और विस्फोट की घटना सामने आई। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि छह अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए।

यह घटना तेंगाखाट (Tengakhat) स्थित कंपनी के Intermediate Tank Farm (ITF) में हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग की कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय कर्मचारी मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। आग में झुलसे सभी सात कर्मचारी एक निजी ठेकेदार कंपनी से जुड़े थे, जो Oil India के लिए संचालन और रखरखाव का काम करती है।

कहां और कब हुआ हादसा?
  • दिनांक: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

  • समय: सुबह लगभग 9:05 बजे

  • स्थान: Intermediate Tank Farm (ITF)

  • गांव/इलाका: तेंगाखाट

  • जिला: डिब्रूगढ़

  • राज्य: असम

  • कंपनी: Oil India Limited

यह सुविधा कच्चे तेल के भंडारण और तेल परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हादसा कैसे हुआ?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब सुविधा में रखरखाव का काम चल रहा था।

Oil India के बयान के मुताबिक, आग Indirect Bath Heater (IBH) क्षेत्र में लगी। यह उपकरण कच्चे तेल और गैस को गर्म रखने में इस्तेमाल होता है, ताकि पाइपलाइन में उनका प्रवाह बना रहे।

प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों में वाल्व पर काम करते समय विस्फोट होने की आशंका भी जताई गई थी। हालांकि विस्फोट और आग लगने का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है।

खास बात यह है कि संबंधित IBH क्षेत्र को 4 नवंबर से ही मेंटेनेंस के लिए अलग रखा गया था।

हादसे में किसकी मौत हुई?

मृतक: राजू दत्ता (Raju Dutta)

निवासी: बोरडोलोंगोनी गांव, तेंगाखाट, डिब्रूगढ़

एक कर्मचारी की मौत

रिपोर्टों के अनुसार राजू दत्ता हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए थे और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वह Oil India के लिए काम करने वाली ठेका कंपनी से जुड़े थे।

छह घायल कर्मचारियों की हालत कैसी है?

हादसे में छह अन्य कर्मचारी झुलस गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

मीडिया रिपोर्टों में पांच घायलों को Assam Medical College and Hospital (AMCH), डिब्रूगढ़ और एक को Oil India Hospital, दुलियाजान में भर्ती कराने की जानकारी दी गई है।

रिपोर्टों में पहचाने गए पांच घायल कर्मचारी:

नाम

उम्र

निवास

तपस गोगोई    

40 वर्ष    

मिलन नगर, डिब्रूगढ़

शैलेन गोगोई

45 वर्ष

तेंगाखाट

कुमुद गोगोई

38 वर्ष

तेंगाखाट

गोलाप दत्ता

58 वर्ष

तेंगाखाट

इंद्र गोगोई

40 वर्ष

तेंगाखाट

घायलों को जलने की चोटें आई हैं। सभी का उपचार जारी होने की जानकारी दी गई है।

आग बुझाने के लिए चलाया गया बड़ा अभियान

आग की सूचना मिलते ही Oil India की फायर सर्विस टीम घटनास्थल पर पहुंची।

राहत और बचाव अभियान के प्रमुख बिंदु:

  • कंपनी की फायर सेफ्टी टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

  • फिक्स्ड फायरफाइटिंग सिस्टम को सक्रिय किया गया।

  • दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल पर लगाया गया।

  • कुल 11 फायर टेंडर आग बुझाने के अभियान में लगाए गए।

  • छह घायल कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाया गया।

  • दोपहर लगभग 12:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।

कंपनी के अनुसार इसके बाद स्थिति नियंत्रण में थी।

आग लगने का असली कारण क्या था?

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है।

जांच में मुख्य रूप से इन पहलुओं को देखा जाएगा:

  1. मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी हुई या नहीं।

  2. Indirect Bath Heater में विस्फोट कैसे हुआ।

  3. वाल्व और पाइपलाइन सिस्टम में कोई खराबी थी या नहीं।

  4. सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

  5. आग से उपकरणों और तेल भंडारण सुविधा को कितना नुकसान पहुंचा।

Oil India ने घटना की जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित की है। समिति हादसे के तत्काल और मूल कारणों का पता लगाने के साथ नुकसान का आकलन और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।

Oil India Limited ने क्या कहा?

Oil India Limited ने अपने बयान में घटना पर दुख व्यक्त किया और बताया कि:

  • आग सुबह लगभग 9:05 बजे लगी थी।

  • संबंधित क्षेत्र में रखरखाव का काम चल रहा था।

  • सात कर्मचारी झुलसे, जिनमें एक की मौत हो गई।

  • छह घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

  • कंपनी की फायर सर्विस ने तत्काल कार्रवाई की।

  • घटना की जांच के लिए आंतरिक समिति बनाई गई है।

कंपनी ने मृत कर्मचारी के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

इस घटना का Oil India और देश पर क्या असर पड़ सकता है?

Oil India Limited देश की प्रमुख सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों में से एक है।

इस घटना के बाद कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं:

  • तेल भंडारण केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है?

  • मेंटेनेंस के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त उपाय जरूरी हैं?

  • तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों में आग से बचाव की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

  • ठेका कर्मचारियों को किस स्तर का सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता है?

हालांकि इस हादसे के कारण देश में तेल आपूर्ति बाधित होने की कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

घटना की पूरी टाइमलाइन

  1. 4 नवंबर 2026

    संबंधित IBH क्षेत्र को रखरखाव के लिए अलग किया गया।

  2. सुबह 9:05 बजे, 6 नवंबर

    तेंगाखाट स्थित Oil India सुविधा में आग लगी।

  3. सुबह

    सात कर्मचारी झुलसे। छह को अस्पताल पहुंचाया गया और एक की मौत हुई।

  4. दोपहर 12:30 बजे

    दमकल टीमों ने आग पर काबू पाया।

  5. इसके बाद

    Oil India ने आंतरिक जांच समिति गठित की।

निष्कर्ष: असम के डिब्रूगढ़ में Oil India के टैंक फार्म में हुई आग की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक कर्मचारी की जान चली गई और छह कर्मचारी घायल हुए। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
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