Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन, पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का होगा विशेष गायन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष का समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली विरासत को समर्पित होगा। साथ ही, विकसित भारत@2047 की दिशा में देश की युवा शक्ति की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इस वर्ष पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का विशेष गायन होगा।

प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। इसके बाद दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल द्वारा उन्हें सामान्य सलामी दी जाएगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। इस वर्ष प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी तथा 24-24 जवान शामिल होंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए इस वर्ष भारतीय सेना समन्वयक सेवा है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे।

तिरंगा फहराने के साथ होगा 21 तोपों की सलामी का समन्वय

गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। तिरंगा फहराने का कार्यक्रम 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के वीर तोपचियों द्वारा दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी के साथ समन्वित होगा।

इस अवसर पर स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगे को दिया जाएगा ‘राष्ट्रीय सलाम’

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस से जुड़े जवानों वाला राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ‘राष्ट्रीय सलाम’ पेश करेगा। इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान मेजर लोकेन्द्र सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगा फहराए जाने के बाद सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन प्रस्तुत करेगा और समारोह में मौजूद सभी लोग राष्ट्रीय गीत का गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। सेना बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे।

हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरे पर ‘वंदे मातरम्’ का ध्वज होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

2,500 NCC कैडेट और ‘My Bharat’ स्वयंसेवक होंगे शामिल

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और ‘My Bharat’ के स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे, जिसके बाद राष्ट्रगान होगा।

इस वर्ष कुल 2,500 बालक एवं बालिका कैडेट तथा ‘My Bharat’ स्वयंसेवक समारोह में भाग लेंगे। ये सभी ज्ञानपथ पर लाल किले की प्राचीर के सामने बैठेंगे और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत@2047’ विषय को दर्शाने वाले व्यू-कटर भी लगाए जाएंगे।

देशभर से करीब 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल

इस वर्ष लाल किले पर आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक, पीएम मुद्रा योजना की महिला उद्यमी, NAMASTE, PM AJAY और SEED योजनाओं के लाभार्थी, उत्कृष्ट My Bharat स्वयंसेवक, PMAY (Urban) के लाभार्थी, पीएम स्वनिधि के स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के शहरी स्वच्छता कर्मी और दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा कर्तव्य पथ एवं सेंट्रल विस्टा में कार्यरत उत्कृष्ट कर्मचारी, युवा नवप्रवर्तक, विभिन्न क्षेत्रों के श्रेष्ठ वैज्ञानिक, भारत टैक्सी के सारथी और चालक, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के श्रेष्ठ इंटर्न, स्टार्टअप इंडिया से जुड़े उत्कृष्ट स्टार्टअप, पीएम कौशल विकास योजना के उत्कृष्ट प्रशिक्षित युवा, सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग ऑर्डरली, पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर और उत्कृष्ट किसान भी समारोह में शामिल होंगे।

देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1,500 से अधिक लोग पारंपरिक परिधानों में भी समारोह में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

समारोह में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर 25 क्लोक रूम बनाए गए हैं। आगंतुकों की सहायता के लिए 200 स्वयंसेवक, जिनमें 100 NCC और 100 My Bharat स्वयंसेवक शामिल हैं, तैनात रहेंगे।

जरूरतमंद लोगों के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में NCC कैडेट व्हीलचेयर सहायता उपलब्ध कराएंगे। 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवा शुरू होगी और आमंत्रित अतिथियों के लिए मेट्रो सेवा नि:शुल्क रहेगी। पार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए रैंप और यातायात संबंधी जानकारी के लिए Google एवं Mappls Maps पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

इस बार नदियों की जगह देश की प्रमुख झीलों के नाम पर होंगे एनक्लोजर

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैठने वाले एनक्लोजरों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें डल, चिलिका, लोकटक, सांभर, पुष्कर, पांगोंग त्सो, वुलर, वेम्बनाड, पुलिकट, कोलेरू और अन्य प्रमुख झीलों के नाम शामिल हैं।

स्वच्छता और बारिश से निपटने की भी तैयारी

समारोह के बाद लाल किले पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। NCC कैडेट और My Bharat स्वयंसेवक दर्शकों के जाने के बाद प्लॉगिंग और कचरा हटाने का कार्य करेंगे।

संभावित बारिश को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी एवं सीवेज व्यवस्था की व्यापक सफाई की जा रही है, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में प्रतियोगिताएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय और MyGov के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत के निर्माण में AI की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ पर चित्रकला प्रतियोगिता और संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन, आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष तथा परमाणु तकनीक से जुड़े ऑनलाइन क्विज शामिल हैं।

इन प्रतियोगिताओं के करीब 600 विजेता भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे।

देशभर में 343 स्थानों पर बैंड प्रदर्शन

देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, Integrated Defence Staff, RPF और असम राइफल्स के बैंड शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों के लिए प्रवेश खुला रहेगा।

अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी फहराया जाएगा तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

कुल मिलाकर, 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह भारत की स्वतंत्रता की गौरवशाली विरासत, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा और विकसित भारत@2047 के संकल्प को एक साथ सामने लाएगा। समारोह में युवाओं की भागीदारी, तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति की भावना को विशेष महत्व दिया गया है।

भारत ने स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन दूरबीन लॉन्च की, रक्षा क्षेत्र की तकनीक अब आम नागरिकों के लिए उपलब्ध

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन मिनी रत्न श्रेणी-I रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (IOL) ने नागरिक बाजार के लिए स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन बाइनोक्युलर्स (दूरबीन) लॉन्च किए हैं। इसका विकास और निर्माण इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की इकाई ऑर्डनेंस फैक्ट्री, देहरादून ने किया है।

‘GARUD’ को स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के जरिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत करने वाले उत्पाद के रूप में विकसित किया गया है। वर्ष 1943 से सटीक ऑप्टिकल उपकरणों के निर्माण की विरासत रखने वाली ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने रक्षा क्षेत्र में अपने अनुभव और आधुनिक तकनीक को मिलाकर इस दूरबीन को तैयार किया है।

8x मैग्निफिकेशन और 7.6 डिग्री का विस्तृत दृश्य क्षेत्र

‘GARUD’ में 8x मैग्निफिकेशन और 7.6 डिग्री का विस्तृत फील्ड ऑफ व्यू दिया गया है। इससे दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने के साथ-साथ व्यापक क्षेत्र का अवलोकन किया जा सकता है।

दूरबीन में व्यक्तिगत दृष्टि के अनुसार समायोजन के लिए ±5 डायोप्टर एडजस्टमेंट, लंबे समय तक आरामदायक उपयोग के लिए सॉफ्ट-टच आईकप और बेहतर पकड़ के लिए एर्गोनोमिक डिजाइन दिया गया है। इसका वेदर-रेसिस्टेंट निर्माण विभिन्न बाहरी परिस्थितियों में भरोसेमंद उपयोग सुनिश्चित करता है।

लगभग 610 ग्राम वजन वाली ‘GARUD’ को पोर्टेबल और मजबूत बनाया गया है। इसका उपयोग बर्डवॉचिंग, वन्यजीव अवलोकन, प्रकृति भ्रमण, यात्रा, खेल, वानिकी, समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी कार्यों में किया जा सकता है।

रक्षा क्षेत्र के अनुभव से नागरिक बाजार तक पहुंची तकनीक

‘GARUD’ की लॉन्चिंग के साथ इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने नागरिक ऑप्टिक्स बाजार में प्रवेश किया है। यह उत्पाद दशकों से भारतीय रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विकसित की गई ऑप्टिकल तकनीक को आम नागरिकों और पेशेवर उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यह दूरबीन ऐसे ऑप्टिकल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसने चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विश्वसनीय उपकरण के रूप में लंबे समय तक सेवा दी है।

नई दिल्ली में हुआ लॉन्च

स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन बाइनोक्युलर्स का औपचारिक शुभारंभ 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित DPSU भवन में संयुक्त सचिव (लैंड सिस्टम्स) डॉ. गरिमा भगत की उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर रक्षा उत्पादन विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और वाइल्डलाइफ सोसाइटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘GARUD’ का लॉन्च भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर विनिर्माण क्षमता को नागरिक उपयोग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

तंबाकू पर शिकंजा कसने की तैयारी, कोटपा के कड़े अमल से बनेगा तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़

No comments Document Thumbnail

रायपुर- तंबाकू के सेवन पर रोक और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और बहुक्षेत्रीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ (कोटपा) के कड़े क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं इंद्रजीत बर्मन ने की।

कार्यशाला में मुंबई से पहुंचीं वाइटल स्ट्रैटजीज की मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान और लोगों को सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उपायों पर जानकारी दी। वहीं वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. हंसा कंडू ने राज्य में तंबाकू नियंत्रण कानून को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं की बहुक्षेत्रीय सहभागिता की आवश्यकता पर विचार साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच और उपलब्धता कम करने के उपायों पर चर्चा की गई, ताकि कम उम्र में तंबाकू सेवन की शुरुआत को रोका जा सके।

कार्यशाला में तंबाकू मुक्त समुदाय, तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू मुक्त गांव की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों के साथ जिला स्तर पर एमआईएस की प्रगति और उसके अपडेट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को कोटपा के प्रावधानों के प्रभावी पालन और मैदानी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने राज्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ वैधानिक प्रावधानों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण में जिला स्तर से आए जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी), जिला सलाहकार (एनटीसीपी), सामाजिक कार्यकर्ता, दंत शल्य चिकित्सक एवं दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला एनजीओ सहयोगियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता, आपूर्ति और उपयोग को कम करने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की क्षमता विकसित करना रहा। स्वास्थ्य विभाग का जोर कानून के सख्त पालन, विभागीय समन्वय और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य में तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने पर है।

राजस्थान और तेलंगाना के लिए कृषि योजनाओं के तहत 605.71 करोड़ रुपये की मंजूरी

No comments Document Thumbnail

भोपाल- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के तहत राजस्थान और तेलंगाना के लिए बड़ी वित्तीय मंजूरियों को स्वीकृति दी है। किसानों के हित, योजनाओं की प्रगति और व्यय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राजस्थान को 340.59 करोड़ रुपये तथा तेलंगाना को 265.12 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

चौहान ने आज भोपाल से राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में दोनों राज्यों के लिए PM-RKVY और कृषोन्नति योजना के तहत महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गईं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतिश चंद्र सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

ये स्वीकृतियां दोनों राज्यों की प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (PAC) बैठकों में स्वीकृत वार्षिक कार्य योजनाओं, पहली मदर सैंक्शन के उपयोग और अब तक हुए व्यय की समीक्षा के बाद जारी की गईं।

राजस्थान को 340.59 करोड़ रुपये

राजस्थान के लिए 20 अप्रैल 2026 को हुई PAC बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 849.37 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें केंद्र का हिस्सा 509.62 करोड़ रुपये था।

इसके बाद 4 मई 2026 को राज्य के लिए 216.13 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन जारी की गई। अब तक राजस्थान द्वारा इसमें 164.39 करोड़ रुपये, यानी 76.06 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री की मंजूरी के बाद राजस्थान को कुल 340.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 216.12 करोड़ रुपये RKVY तथा 124.47 करोड़ रुपये कृषोन्नति योजना के तहत शामिल हैं।

 शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान सरकार को कृषि के व्यापक विकास के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और किसानों को समय पर तथा सुगमता से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तेलंगाना को 265.12 करोड़ रुपये

तेलंगाना के लिए 27 अप्रैल 2026 को हुई PAC बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 651.06 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें केंद्र का हिस्सा 390.63 करोड़ रुपये था।

12 मई 2026 को तेलंगाना के लिए 157.65 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन जारी की गई थी। राज्य ने अब तक 96.05 करोड़ रुपये, यानी स्वीकृत राशि का 60.93 प्रतिशत खर्च किया है।

व्यय की प्रगति को देखते हुए चौहान की मंजूरी के बाद तेलंगाना को कुल 265.12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 157.66 करोड़ रुपये RKVY और 107.46 करोड़ रुपये कृषोन्नति योजना के तहत दिए जाएंगे।

किसान ID और उर्वरक वितरण मॉडल की सराहना

केंद्रीय कृषि मंत्री ने तेलंगाना सरकार द्वारा विकसित किसान ID और उर्वरक वितरण के नए मॉडल की सराहना की। उन्होंने तेलंगाना के कृषि मंत्री को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे किसानों तक सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने तेलंगाना में तिलहन और दलहन मिशन के तहत व्यय की प्रगति को अपेक्षाकृत धीमा बताया। उन्होंने राज्य सरकार को इन मिशनों के अंतर्गत खर्च और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यों को कृषि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय और नीतिगत सहयोग उपलब्ध करा रही है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

No comments Document Thumbnail

बरसात के बाद अतिवृष्टि एवं बाढ़ से खराब हुए सड़कों-पुलों के निर्माण व सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के दिए निर्देश, टाइम-लाइन के अनुसार सभी निर्माण कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने कहा

काम पूर्ण होने के 3 माह के भीतर सभी देयकों के भुगतान और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश, कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान एक माह में करने कहा

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर   

रायपुर- लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से प्रस्तावित, स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों और कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। बंसल ने अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत और विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।

बंसल ने वर्षा ऋतु के बाद अतिवृष्टि एवं बाढ़ से खराब हुए सड़कों एवं पुलों के निर्माण व सुधार के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित सड़कों व पुलों पर आवागमन यथाशीघ्र प्रारंभ करना है। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बरसात के बाद बी.टी. पेच रिपेयरिंग के काम युद्ध स्तर पर करने के लिए 31 सितम्बर तक एजेंसियां तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए 31 अगस्त तक निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा। 

 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों के साथ ही निविदा प्रक्रिया की प्रगति, बिलों के भुगतान, न्यायालयीन प्रकरणों, मानव संसाधन तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण कार्यों के निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी संपर्क के लिए सड़कों एवं पुलों तथा द्रुतगामी सड़कों के प्रस्तावों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपसी सहमति से होने वाले भू-अर्जन की कार्यवाही 3 महीने में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन के तत्काल बाद नामांतरण भी कराने को कहा।     

विभागीय सचिव ने पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की जीएसटी, रायल्टी व ठेकेदारों के फायनल भुगतान सहित सभी देयकों के भुगतान आगामी 30 सितम्बर तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के तीन महीने के भीतर सभी देयकों का भुगतान कर और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में कार्यों को क्लोज करें। बंसल ने आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख अभियंता को अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में उनके द्वारा समय-सीमा में पूर्ण किए गए निर्माण कार्यों की संख्या की मार्किंग के लिए पत्र जारी करने को कहा।

 बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सीपीग्राम्स (CPGRAMS – Centralized Public Grievances Redress & Monitoring System) तथा लोक सेवा गांरटी से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों का त्वरित और प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं को हर 15 दिनों में स्वयं इन पोर्टल्स को देखकर निराकरण की स्थिति से अवगत रहने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित पेंशन प्रकरणों को 30 सितम्बर तक निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के अमांग-अजांच प्रमाण पत्र भी संकलित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय, दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता बी.के. पटोरिया और विद्युत एवं यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता सुरेश भूपल तथा दुर्ग परिक्षेत्र के सभी 7 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू

No comments Document Thumbnail

परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

रायपुर- छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45  पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित हुई सड़क सतह

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग (रा.रा. क्र.-45) के किमी 290.000 स्थित ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, वर्तमान में GSB (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) और अत्यधिक संख्या में भारी वाहनों के आवागमन के कारण इस विशेष हिस्से की सड़क सतह को क्षति पहुंची थी।

विभाग लगातार मुस्तैद

विभाग ने जानकारी दी कि क्षति की सूचना मिलते ही EPC अनुबंधक (मेसर्स शांति इंजीकॉन प्रायवेट लिमिटेड) द्वारा सुधार कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है, जो लगातार जारी है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं और यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया जा रहा है।

286 करोड़ की लागत से 58 प्रतिशत काम पूरा

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रा.रा. क्र.-45 के 42.598 किमी (किमी 278.750 से 321.348) लंबे मार्ग के 2-लेन चौड़ीकरण व उन्नयन (मय पेव्ड शोल्डर, पैकेज-2) के लिए 286.00 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी गई थी। नियम अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। DBM (डामरीकरण) 25.770 किमी, HP कल्वर्ट 98 नग, RCC बॉक्स कल्वर्ट 14 नग, माइनर ब्रिज 07 नग, RCC नाली 4.890 किमी, रिटेनिंग वॉल व टो-वॉल कुल 4.467 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है।

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मार्ग पर आवागमन जारी है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

तिरंगा मय हुआ चरौदा, सीआरपीएफ ने निकाली विशाल तिरंगा बाइक रैली

No comments Document Thumbnail

आरंग- "घर घर तिरंगा" अभियान के तहत गुरुवार को सीआरपीएफ कैंप भिलाई के उप महानिरीक्षक अजय कुमार सिंह के दिशानिर्देश में कमांडेंट आशीष यादव, उप कमांडेंट अजय सिंह, सहायक कमांडेंट मोहम्मद जावेद, प्रभाकर प्रसाद सिंह, डॉ किरण कुमार इत्यादि द्वारा विशाल तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली में सैकड़ों सीआरपीएफ जवानों और अधिकारियों ने बाइकों पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति का संदेश दिया। 

बाइकों पर लगे तिरंगे और जवानों के जोशीले नारों से पूरा क्षेत्र तिरंगा मय हो गया।

तिरंगा रैली का शुभारंभ मोंटेशरी स्कूल सीआरपीएफ कैंप भिलाई से हुआ। यहां से रैली शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा पहुंची। जहां बच्चों व शिक्षको व ग्रामीणों ने जवानों का गर्म जोशी के साथ स्वागत अभिनंदन किया। जवानों के पहुंचते ही बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। बैंड-बाजे पर बजते देशभक्ति गीत एवं सामूहिक वंदे मातरम् गायन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने हाथों में तिरंगे लहराकर जवानों का स्वागत किया। 

इस अवसर पर कमांडेंट आशीष यादव और उप कमांडेंट अजय सिंह ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने "घर घर तिरंगा" अभियान का महत्व समझाते हुए कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है। इसे हर घर में फहराकर हम देश के प्रति सम्मान व्यक्त करें। वहां से रैली भिलाई में भ्रमण करते हुए इंदिरा चौक आरंग पहुंचे जहां स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने जवानों का फूल मालाओं से आत्मीय अभिनंदन किया। वहां भी तिरंगा वितरण किया। तत्पश्चात् शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला आरंग पहुंचकर बैंड बाजे के साथ राष्ट्रीया गीत गायन पश्चात तिरंगा वितरण किया। इस दरम्यान संपूर्ण वातावरण तिरंगामय रहा।इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा और विकासखंड स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन ने जवानों का गर्म जोशी से स्वागत करते हुए कहा आज हम जवानों के त्याग बलिदान से ही सुरक्षित है।हमें जवानों और तिरंगा का सदैव सम्मान करना चाहिए।अंत में केंद्रीय विद्यालय भिलाई में तिरंगा बाइक रैली का समापन हुआ।

इस दरम्यान "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के नारों से गूंजता रहा।

सौतेली मां की डंडे से पीट-पीटकर हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 बाराद्वार (जांजगीर-चांपा): ग्राम दुरपा में सौतेली मां की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी बेटे को बाराद्वार पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अनिल कुमार सिदार (38 वर्ष), निवासी दुरपा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।


क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार घटना शाम लगभग 6:45 बजे की है। मृतका कौशिल्या सिदार (55 वर्ष) का अपने सौतेले बेटे अनिल कुमार सिदार के साथ विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने लकड़ी की बेड़ी से अपनी सौतेली मां पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोटें आने के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बाराद्वार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया और परिजनों व गवाहों के बयान दर्ज किए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर पर गंभीर चोट, शरीर की हड्डियों में कई फ्रैक्चर और आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि हुई है। अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक के कारण श्वास व हृदय गति रुकने से महिला की मौत होना पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी जेल भेजा गया

मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी अनिल कुमार सिदार को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद का हुआ खात्मा

रायपुर- तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को संबोधित किया।

जिले के 211 वीर बलिदानी जवानों को उप मुख्यमंत्री ने किया नमन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के अमूल्य सहयोग से आज नक्सलवाद का खात्मा संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी नक्सल आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल था। आज उन्हीं क्षेत्रों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने की हर घर तिरंगा लगाने की अपील

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए आमजनों से अपने घरों में तिरंगा लगाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की।

सांसद महेश कश्यप ने बताया ऐतिहासिक गर्व का क्षण

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के चलते जहां किसी का पहुंचना संभव नहीं था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सफल मार्गदर्शन में नक्सलवाद का खात्मा हुआ है और इन क्षेत्रों में विकास तथा राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण बना है।

इस दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर, सहित जनप्रतिनिधि  बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ रामकृष्ण रंगनाथ वाय एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



विश्व हाथी दिवस 2026: विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय समारोह, हाथी संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल जारी

No comments Document Thumbnail

विशाखापत्तनम- विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आज विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय स्तर के समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने की। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कोनिडेला पवन कल्याण समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव  तन्मय कुमार, महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी, अपर महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश पांडे सहित मंत्रालय, आंध्र प्रदेश वन विभाग, भारतीय रेल, विभिन्न राज्यों के वन विभागों, वैज्ञानिक संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान से हाथी संरक्षण पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हाथियों के लिए एक टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रिमोट सेंसिंग और जियोस्पेशियल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को पारंपरिक ज्ञान के साथ जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मानव–हाथी संघर्ष (Human-Elephant Conflict) को कम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है। साथ ही, संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों के कल्याण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सिंह ने कहा कि हाथी संरक्षण भारत के लिए केवल एक नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि देश की सभ्यतागत विरासत और पारिस्थितिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में 33 हाथी रिजर्व और वैज्ञानिक रूप से चिन्हित 150 हाथी गलियारे (Elephant Corridors) हैं। भारत में दुनिया की लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी आबादी पाई जाती है।

उन्होंने कहा कि मानव–हाथी संघर्ष एक जटिल समस्या है और इसके समाधान के लिए विभिन्न हितधारकों को साथ लाकर, जमीनी स्तर पर सत्यापित वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग करना जरूरी है।

‘Conflict to Coexistence’ होगा आंध्र प्रदेश का मंत्र

मुख्य वक्तव्य देते हुए आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि मानव–हाथी संघर्ष के मामलों से निपटने के लिए राज्य सरकार का मंत्र ‘Conflict to Coexistence’ यानी ‘संघर्ष से सह-अस्तित्व की ओर’ है।

उन्होंने कहा कि मानव–हाथी संघर्ष राज्यों की प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसे साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश सरकार की H.A.N.U.M.A.N. (Healing And Nurturing Units for Monitoring, Aid and Nursing of Wildlife) पहल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ स्थानीय समुदायों को जोड़ा जा रहा है और वन विभाग के अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

‘गज गौरव पुरस्कार 2026’ प्रदान किए गए

विश्व हाथी दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हाथी संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को ‘गज गौरव पुरस्कार 2026’ प्रदान किए।

‘30 Giant Steps’ का विमोचन

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘30 Giant Steps’ का विमोचन रहा। इसमें वर्ष 2020 से 2026 के बीच प्रोजेक्ट एलिफेंट के तहत हासिल की गई 30 प्रमुख उपलब्धियों, महत्वपूर्ण पड़ावों और संरक्षण पहलों को रेखांकित किया गया है।

प्रोजेक्ट एलिफेंट की शुरुआत वर्ष 1992 में केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में हुई थी। तीन दशकों से अधिक समय से यह योजना हाथियों, उनके आवास और गलियारों के संरक्षण, मानव–हाथी संघर्ष को कम करने तथा बंदी हाथियों के कल्याण की दिशा में काम कर रही है।

दक्षिण भारत के लिए क्षेत्रीय कार्ययोजना जारी

समारोह में ‘Regional Action Plan for Comprehensive Understanding and Management of Human–Elephant Conflict in Southern India’ भी जारी की गई। यह कार्ययोजना कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मानव–हाथी संघर्ष के व्यापक और समन्वित प्रबंधन पर केंद्रित है।

प्रोजेक्ट एलिफेंट के तहत दक्षिणी हाथी क्षेत्र वाले राज्यों, वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार इस योजना में 500 करोड़ रुपये के भारत सरकार के सहयोग का प्रावधान है।

योजना में हाथी आवासों की कनेक्टिविटी, गलियारों का संरक्षण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, संघर्ष कम करने के लिए बुनियादी ढांचा, आवास पुनर्स्थापन, सामुदायिक भागीदारी, अनुसंधान एवं निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, क्षमता निर्माण तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।

हाथी संरक्षण पर विशेष प्रकाशन जारी

समारोह में Journal of Wildlife Science का विशेष अंक भी जारी किया गया, जो भारत में हाथी संरक्षण के तीन दशकों को समर्पित है। इसमें पिछले तीन दशकों में हाथी संरक्षण से संबंधित वैज्ञानिक ज्ञान और अनुसंधान को संकलित किया गया है।

इसके अलावा ‘Asian Elephants in Central India Before 1947’ नामक मोनोग्राफ भी जारी किया गया। इसमें वर्ष 1947 से पहले मध्य भारत में हाथियों के वितरण, स्थिति और मानव–हाथी संबंधों का ऐतिहासिक विवरण प्रस्तुत किया गया है।

प्रोजेक्ट एलिफेंट की 23वीं संचालन समिति की बैठक

विशाखापत्तनम में प्रोजेक्ट एलिफेंट की 23वीं संचालन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने की।

बैठक में हाथी संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान ‘The Trumpet’ के Volume VI Issue 01, Nilgiri Elephant Reserve के लिए Model Elephant Conservation Plan, ‘Captive Elephant Husbandry: Science, Welfare and Practice’ तथा मानव–हाथी संघर्ष अध्ययन के दूसरे चरण से जुड़ी पहलें जारी की गईं।

मानव–हाथी संघर्ष पर राष्ट्रीय कार्यशाला

विश्व हाथी दिवस समारोह के तहत ‘Human–Elephant Conflict: Varying Scenarios Across India’ विषय पर कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें हाथी बहुल राज्यों के नियामक प्राधिकरणों, वैज्ञानिक संस्थानों और मैदानी एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला में मानव–हाथी संघर्ष की स्थिति, रुझानों और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अलग-अलग स्वरूपों की वैज्ञानिक आंकड़ों और मैदानी अनुभवों के आधार पर समीक्षा की गई। चर्चा में विद्युत करंट से हाथियों की मौत रोकने, रेलवे से होने वाली हाथी मृत्यु को कम करने, पशु चिकित्सा हस्तक्षेप, आवास एवं गलियारा प्रबंधन और एकीकृत लैंडस्केप दृष्टिकोण जैसे विषयों पर जोर दिया गया।

21,450 स्कूलों के 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट एलिफेंट और National Museum of Natural History के समन्वय से देशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया।

इस अभियान में 21,450 स्कूलों के 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों को हाथियों के पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व तथा उनके आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए चित्रकला एवं मुखौटा निर्माण प्रतियोगिताएं, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए।

देशभर के विद्यार्थियों ने हाथियों के संरक्षण और सुरक्षा की शपथ लेते हुए स्वयं को वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के युवा दूत के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

हाथियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता

विशाखापत्तनम में आयोजित विश्व हाथी दिवस 2026 समारोह ने हाथियों के संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर दोहराया। विज्ञान और तकनीक के उपयोग, हाथी आवास एवं गलियारों के संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से भारत का लक्ष्य हाथियों की स्वस्थ आबादी और मजबूत वन परिदृश्य को सुरक्षित रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए देश की इस राष्ट्रीय धरोहर प्रजाति का भविष्य सुरक्षित रह सके।

डॉ. पद्मा गुरमेट को लद्दाख यूटी स्टेट अवॉर्ड-2025 से किया गया सम्मानित

No comments Document Thumbnail

लेह- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा, लेह के निदेशक डॉ. पद्मा गुरमेट को वर्ष 2025 के लिए यूटी लद्दाख स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान लद्दाख में सोवा-रिग्पा चिकित्सा पद्धति के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार यूटी स्टेट अवॉर्ड समारोह के दौरान लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रदान किया। समारोह में वर्ष 2022 से 2025 के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान और अनुकरणीय सेवाओं के लिए कुल 36 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों के समर्पण, उत्कृष्टता और सेवा को सम्मानित करना है, जिन्होंने समाज पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने युवा पीढ़ी को उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ने तथा केंद्र शासित प्रदेश के कल्याण और विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

डॉ. पद्मा गुरमेट का यह सम्मान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान लद्दाख की समृद्ध पारंपरिक ज्ञान एवं चिकित्सा प्रणाली सोवा-रिग्पा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए उनके लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा, लेह के फैकल्टी, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने डॉ. पद्मा गुरमेट को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सोवा-रिग्पा के विकास और विस्तार के लिए उनके निरंतर समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में वर्ष 2024 और 2025 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार देश के प्रख्यात कलाकारों को प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सम्मानित कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा के संवाहक हैं तथा देश की सामूहिक स्मृति के संरक्षक और भविष्य की सांस्कृतिक दृष्टि के निर्माता हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज सम्मानित किए गए कलाकार मिलकर भारत का एक ऐसा सांस्कृतिक मानचित्र प्रस्तुत करते हैं, जो इस मिट्टी से जुड़ी कहानियों और गीतों से बुना गया है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के नृत्य, लोक उत्सव, भाषाएं और बोलियां शामिल हैं, जिन्हें पीढ़ियों ने अपनी कला और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखा है।

उन्होंने कहा कि भारत में संगीत की असंख्य परंपराएं, विभिन्न नृत्य शैलियां और लोक रंगमंच के अनेक रूप मौजूद हैं। भारतीय संस्कृति की जड़ें प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई हैं। देश की विविध पाक परंपराओं, पहनावे, नृत्य और संगीत में प्रकृति की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। कलाकार पक्षियों की चहचहाहट, झरनों की कल-कल, पेड़-पौधों, बादलों और नदियों से प्रेरणा लेकर अपनी कला को अभिव्यक्त करते हैं।

गुरु-शिष्य परंपरा का महत्वपूर्ण योगदान

राष्ट्रपति ने भारतीय कला परंपराओं के संरक्षण में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कला के क्षेत्र में गुरु सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक के समान होते हैं, जिनसे ज्ञान और अनुभव एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता है।

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि तेजी से बदलते समय में देश की कई लोक कलाएं विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही हैं। ऐसे में केवल इन कलाओं का दस्तावेजीकरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवंत बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

राष्ट्रपति ने संगीत नाटक अकादमी द्वारा संचालित ‘कला-दीक्षा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने वरिष्ठ कलाकारों से आग्रह किया कि वे अगली पीढ़ी के कलाकारों को तैयार करने और पारंपरिक कलाओं के ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्थित प्रयास करें।

लोक और जनजातीय कलाएं भारत की सांस्कृतिक पहचान की आधारशिला

राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन को कला के मूल्यों और संवेदनाओं से समृद्ध करने का सबसे स्वाभाविक प्रशिक्षण स्थल है। लोक एवं जनजातीय कलाएं जीवन के प्रति सहज उत्साह और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। इन कलाओं में समुदाय की स्मृतियां और सामूहिक चेतना स्वतः अभिव्यक्त होती हैं। यही कारण है कि लोक कलाएं भारत की सांस्कृतिक पहचान की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।

उन्होंने कहा कि सम्मानित कलाकार भारतीय परंपराओं के वाहक होने के साथ-साथ देश की सामूहिक सांस्कृतिक स्मृति के संरक्षक भी हैं। उनकी कला वर्तमान पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए नई सांस्कृतिक दिशा तैयार करती है।

भारत की सॉफ्ट पावर का महत्वपूर्ण केंद्र है संगीत नाटक अकादमी

राष्ट्रपति ने कहा कि संगीत नाटक अकादमी भारत की सॉफ्ट पावर का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अकादमी आने वाले समय में भी भारतीय कला और संस्कृति की ऊर्जा को पूरी दुनिया तक पहुंचाने तथा समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

राष्ट्रपति ने संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में उनके योगदान की सराहना की।


सुबह 6 बजे पहुंचे अफसर, बाहर पुलिस बल: राजनांदगांव में नाहटा और भंसाली समूह पर ED की बड़ी कार्रवाई

No comments Document Thumbnail

 राजनांदगांव : प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुरुवार तड़के राजनांदगांव शहर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। भोपाल और रायपुर से पहुंची ED की संयुक्त टीमों ने शहर और आसपास के तीन प्रमुख परिसरों में एक साथ दबिश देकर जांच शुरू की।


कार्रवाई के मुख्य दायरों में सत्यम विहार कॉलोनी स्थित नाहटा ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठान और कामठी लाइन स्थित 'भंसाली किराए भंडार' शामिल हैं।

तड़के 6 बजे पहुंची जांच टीम

सूत्रों के अनुसार, ED के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा बलों के साथ सुबह करीब 6 बजे राजनांदगांव पहुंचे और तुरंत परिसरों को अपने कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय लेन-देन, खाते-बही और अन्य अहम दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा के मद्देनजर सभी संबंधित स्थानों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

DMF मामले से जुड़ रहे तार

माना जा रहा है कि यह कार्रवाई जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद में हुई कथित अनियमितताओं और वित्तीय धांधली की जांच के सिलसिले में की गई है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अब तक छापेमारी के मुख्य कारणों या जांच के विस्तृत दायरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अक्टूबर 2025 में भी हुई थी कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अक्टूबर 2025 में नाहटा और भंसाली समूह से जुड़े इन ठिकानों पर ED ने छापेमारी की थी। एक बार फिर हुई इस बड़ी कार्रवाई से स्थानीय व्यापारिक गलियारों में हड़कंप का माहौल है। फिलहाल सभी स्थानों पर जांच जारी है, और ED के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

CG NEWS : गर्लफ्रेंड के घर युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: शराब पार्टी के बाद विवाद, CPR भी नहीं बचा सकी जान

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग (छत्तीसगढ़)। दुर्ग क्षेत्र में एक युवक की अपनी प्रेमिका के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय सिद्धांत दान के रूप में हुई है। सोमवार रात प्रेमिका के घर चल रही शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद यह घटना घटी।


शराब पार्टी के दौरान हुआ था विवाद

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सिद्धांत अपनी गर्लफ्रेंड अंजलीना तंवर के घर पहुंचा था। उस समय घर में अंजलीना के अलावा उसकी सहेली निमिषा (निवासी रायगढ़), निमिषा का बॉयफ्रेंड गौरव और बोरसी निवासी ग्रेसी भी मौजूद थे। सभी लोग एक साथ बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर सिद्धांत और अंजलीना के बीच बहस शुरू हो गई।

जांच में सामने आया है कि नशे की हालत में सिद्धांत द्वारा अपशब्द कहे जाने पर अंजलीना ने उसे थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज होकर सिद्धांत मकान की छत पर चला गया।

छत पर मिला अचेत, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

कुछ समय बाद जब अंजलीना उसे देखने ऊपर पहुंची, तो सिद्धांत छत पर अचेत अवस्था में पड़ा था। अंजलीना ने उसे होश में लाने का प्रयास किया और CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) भी दिया, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद अन्य साथियों की मदद से उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की जानकारी मंगलवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में विवाद की बात सामने आई है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। घटना के समय मौके पर मौजूद अंजलीना, निमिषा, गौरव और ग्रेसी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा सके।

बघेल के बयान पर भड़के अरुण साव, बोले– 'लोकतंत्र में ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं'

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। हरेली तिहार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी से छत्तीसगढ़ का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बघेल के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में भ्रम और अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रही है। साव ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।

ED की कार्रवाई पर कांग्रेस को घेरा

कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन पर भी उपमुख्यमंत्री ने हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ED की जांच में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। साव ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार इस कार्रवाई का विरोध कर रही है, उससे साफ प्रतीत होता है कि पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपियों के संरक्षण में खड़ी है।

स्काईवॉक परियोजना को लेकर हमला

रायपुर के अधूरे स्काईवॉक को पूरा करने की योजना पर बात करते हुए अरुण साव ने इसके अटकाव के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में यह जनहित परियोजना लंबे समय तक अधर में लटकी रही, जिसे अब वर्तमान सरकार पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध है।

निर्दोष आदिवासियों के मामलों की समीक्षा का आश्वासन

नक्सली मामलों में निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की कांग्रेस की मांग पर साव ने कहा कि सरकार ऐसे सभी मामलों की सूक्ष्मता से समीक्षा कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार अपने वादों के प्रति प्रतिबद्ध है और उचित जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्यों पर ध्यान

लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज की चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समयबद्ध और उच्च गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान टेंडर प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि मौसम साफ होते ही सड़कों के निर्माण, मरम्मत और भवनों के कार्य में तेजी लाई जा सके। साव ने कहा कि राज्य में अधोसंरचना विकास को लगातार गति दी जा रही है।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.