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भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने जीता SAFF महिला चैम्पियनशिप 2026 का खिताब, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

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नई दिल्ली- भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए SAFF Women's Championship 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया और अपने कौशल, अनुशासन तथा टीम भावना के दम पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीम की यह उपलब्धि देशभर के युवाओं, विशेषकर लड़कियों को फुटबॉल और अन्य खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम को SAFF महिला चैम्पियनशिप 2026 जीतने पर बधाई। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह जीत आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दमदार खेल

भारतीय महिला टीम ने प्रतियोगिता के दौरान शानदार लय बनाए रखी और मजबूत टीमों के खिलाफ आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब तक का सफर तय किया। टीम की एकजुटता, रणनीतिक खेल और जीत के जज़्बे ने भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

महिला फुटबॉल को मिलेगा नया प्रोत्साहन

विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत भारत में महिला फुटबॉल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। हाल के वर्षों में महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और SAFF चैम्पियनशिप की यह सफलता उसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला टीम की सफलता देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि समर्पण, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। टीम की यह जीत खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और भारत में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीय महिला फुटबॉल टीम की इस शानदार सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन करने में सक्षम हैं। यह जीत भारतीय फुटबॉल के लिए गर्व का क्षण है और आने वाले वर्षों में खेल के प्रति युवाओं के उत्साह को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

संयुक्त राष्ट्र सैन्य जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित होने पर प्रधानमंत्री ने मेजर अभिलाषा बराक को दी बधाई

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री ने आज मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में United Nations Interim Force in Lebanon (यूएनआईएफआईएल) में एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान मेजर बराक की उत्कृष्ट सेवा, समर्पण और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में भारत के दीर्घकालिक योगदान की वैश्विक मान्यता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेजर अभिलाषा बराक की यह उपलब्धि देश के असंख्य युवाओं, विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो राष्ट्र और मानवता की सेवा का सपना देखती हैं।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई। यूएनआईएफआईएल में उनकी भूमिका और उत्कृष्ट कार्य भारत के गौरव तथा संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में देश की महत्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाते हैं। उनकी सफलता युवाओं और विशेषकर देश की बेटियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी।


भारत में कारोबार करना हुआ आसान: डिजिटल सुधारों और सुशासन से बदला व्यापारिक परिदृश्य

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नई दिल्ली- पिछले एक दशक में भारत ने कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। डिजिटल गवर्नेंस, नियमों के सरलीकरण और विश्वास-आधारित प्रशासन की बदौलत देश का व्यावसायिक वातावरण अधिक पारदर्शी, तेज और उद्यम-अनुकूल बना है। इन सुधारों का सकारात्मक प्रभाव निवेशकों के बढ़ते विश्वास और वैश्विक रैंकिंग में भारत की बेहतर स्थिति के रूप में सामने आया है।

विश्व बैंक की Doing Business Report 2020 के अनुसार भारत की रैंकिंग 2014 में 142वें स्थान से बढ़कर 2019 में 63वें स्थान पर पहुंच गई। वहीं IMD World Competitiveness Ranking 2025 में भारत 2021 के 43वें स्थान से सुधरकर 2025 में 41वें स्थान पर पहुंचा है।

स्टार्टअप और एमएसएमई को मिला बड़ा प्रोत्साहन

जनवरी 2016 में शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया पहल ने देश में उद्यमिता को नई गति दी है। मार्च 2026 तक 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी जा चुकी है, जिन्होंने 23.3 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए हैं। इनमें लगभग 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार शामिल हैं।

इसके अलावा, SPICe+ और MCA21 Version 3 जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने कंपनी पंजीकरण और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाया है। उद्यम पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई के लिए पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन, निःशुल्क और कागज रहित हो गया है।

भूमि और संपत्ति पंजीकरण में डिजिटल क्रांति

डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत देश के 97 प्रतिशत से अधिक कैडस्ट्रल नक्शों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। ULPIN और NGDRS जैसी प्रणालियों ने भूमि रिकॉर्ड और संपत्ति पंजीकरण को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया है, जिससे विवादों और धोखाधड़ी की संभावनाएं कम हुई हैं।

व्यापार अनुमतियों और लाइसेंस प्रक्रियाओं में सरलीकरण

सरकार ने श्रम कानूनों के एकीकरण, सिंगल विंडो सिस्टम और पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) अब 32 केंद्रीय विभागों और 34 राज्यों की स्वीकृतियों को एक मंच पर उपलब्ध कराता है।

बाजार पहुंच और लॉजिस्टिक्स में सुधार

GeM, ONDC, PM गतिशक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पोर्टल और लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक 2.0 जैसी पहलों ने व्यवसायों को नए बाजारों से जोड़ने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग 2014 के 54वें स्थान से सुधरकर 2023 में 38वें स्थान पर पहुंच गई है।

आसान हुआ ऋण और वित्तीय सहायता प्राप्त करना

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, क्रेडिट गारंटी योजनाएं और क्रेडिट असेसमेंट मॉडल (CAM) जैसी योजनाओं ने छोटे उद्यमियों और एमएसएमई को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराना आसान बनाया है। मुद्रा योजना के तहत अब तक 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।

कर प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता

वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद देश की कर व्यवस्था अधिक एकीकृत और पारदर्शी हुई है। GST के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या 2017 के लगभग 60 लाख से बढ़कर अप्रैल 2026 तक 1.64 करोड़ से अधिक हो गई है। फेसलेस असेसमेंट और नए ई-फाइलिंग पोर्टल ने कर अनुपालन को और आसान बनाया है।

निर्यात और वैश्विक व्यापार को मिला बढ़ावा

जिलों को निर्यात हब बनाने की पहल, ICEGATE, Trade Connect और Export Promotion Mission जैसी योजनाओं ने भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद की है। इससे स्थानीय उद्यमों और निर्यातकों को नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

विश्वास-आधारित प्रशासन की ओर कदम

जन विश्वास अधिनियम और अनुपालन बोझ कम करने की पहलों के तहत हजारों नियमों को सरल बनाया गया है तथा कई छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक श्रेणी में रखा गया है। इससे व्यापारिक गतिविधियों में अनावश्यक कानूनी बाधाएं कम हुई हैं।

निष्कर्ष

डिजिटल बुनियादी ढांचे, नियामकीय सुधारों और पारदर्शी प्रशासन के संयोजन ने भारत को अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। इन सुधारों ने न केवल उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा दिया है, बल्कि भारत को वैश्विक व्यापार और निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य भी बनाया है।

झारखंड से ताज़े आमों की पहली वाणिज्यिक खेप यूनाइटेड किंगडम रवाना, कृषि निर्यात को मिला नया आयाम

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कृषि निर्यात के क्षेत्र में झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) ने राज्य से ताज़े आमों की पहली वाणिज्यिक खेप को यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर 4 जून 2026 को कोलकाता में फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया।

यह खेप 1.5 मीट्रिक टन ताज़े अमरपाली आमों की है, जिन्हें झारखंड के सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित महिला संचालित किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से प्राप्त किया गया है। इस खेप का निर्यात कोलकाता स्थित एम/एस जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लंदन, यूनाइटेड किंगडम भेजा जा रहा है।

इस निर्यात की पृष्ठभूमि में एपीडा द्वारा 5 मई 2026 को सिमडेगा जिले के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) तथा प्रगतिशील किसानों के लिए आयोजित एक निर्यातोन्मुखी क्षमता निर्माण कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम में निर्यात संबंधी आवश्यकताओं, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजार अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।

इसके बाद एपीडा ने बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एम/एस जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के बीच समन्वय स्थापित कर जिले से निर्यात गुणवत्ता वाले आमों की खरीद सुनिश्चित कराई। वर्तमान खेप इसी पहल का परिणाम है।

इस पहल से किसान उत्पादक कंपनी की निर्यात मूल्य श्रृंखला में प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित हुई है तथा इसके सदस्य किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच प्राप्त हुई है। एफपीसी से जुड़े किसानों को अपने उत्पाद के लिए घरेलू बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ।

यह पहल क्षेत्र के किसान समूहों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पद्धतियों को अपनाने, फसल कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन के लिए प्रोत्साहित करेगी।

झारखंड की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां बागवानी फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं। राज्य में उत्पादित अमरपाली आम अपनी गुणवत्ता और बाजार में स्वीकृति के लिए प्रसिद्ध हैं। इस खेप के साथ झारखंड भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जो ताज़े फलों का निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कर रहे हैं।

एपीडा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बाजार विकास, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता सुधार, ट्रेसबिलिटी प्रणाली तथा निर्यात प्रोत्साहन गतिविधियों के माध्यम से सहयोग प्रदान करता है। साथ ही, यह महिला एवं जनजातीय किसान उत्पादक संगठनों सहित विभिन्न किसान समूहों की कृषि निर्यात में भागीदारी को भी प्रोत्साहित करता है।

झारखंड से ताज़े आमों की पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप राज्य के किसान उत्पादक संगठनों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत

अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। 

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्याम धावड़े, आईजी अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वांछित आरोपी को पकड़ने गई छत्तीसगढ़ पुलिस पर हमला, ग्रामीणों ने चोर समझकर पीटा

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 कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में वांछित आरोपियों की तलाश में पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों को चोर समझकर ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की, जिसमें एक आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कोखराज थाना क्षेत्र के ईचौली गांव की है। स्थानीय पुलिस ने मामले में तीन ग्रामीणों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के देवनगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में तीन वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही थी। आरोपियों में आकाश, शिवम केशरवानी और उसका एक अन्य साथी शामिल हैं। इन्हीं की गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम कौशांबी के ईचौली गांव पहुंची थी।

बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे, जिससे ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके। पुलिस ने पहले आरोपी आकाश को हिरासत में लिया और इसके बाद दूसरे आरोपी शिवम केशरवानी के घर पहुंची। जैसे ही पुलिस उसे पकड़ने लगी, उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से "चोर-चोर" चिल्लाना शुरू कर दिया।

आरोपी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बिना स्थिति की पुष्टि किए लोगों ने पुलिसकर्मियों को चोर समझ लिया और उनका घेराव कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

पुलिस के अनुसार टीम में आरक्षी जगदेव प्रसाद वर्मा, हेड कांस्टेबल युसूफ खान, सिपाही अजय चौधरी, आरक्षी संदीप सिंह और आरक्षित सत्येंद्र प्रधान शामिल थे। आरोप है कि शिवम केशरवानी, उसके परिजनों और समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों को आरोपी को ले जाने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस दल को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

हमले में आरक्षी जगदेव प्रसाद वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घायल आरक्षी को तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना की सूचना मिलने पर कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है तथा हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

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रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।

जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।

जनचौपाल में सांसद कमलेश जांगड़े, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रसोई गैस के दाम बढ़े, 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर ₹29 महंगा

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 Domestic LPG Gas Cylinder Price : देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि हुई है। इसके बाद दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं।


पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतों और ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों को लागत संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों पर भी देखने को मिला है।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़ चुके हैं

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगा होने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बावजूद घरेलू सिलेंडर के दामों में तत्काल वृद्धि नहीं की गई थी।

इससे पहले सरकार ने 1 मई को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़ाई गई थी, जबकि 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 261 रुपये का इजाफा किया गया था। इसके बाद 1 जून को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की गई।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ने की संभावना है।

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: अमेरिका-ईरान टकराव से वैश्विक चिंता गहराई

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क- मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हालिया घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने होरमुज़ जलडमरूमध्य के निकट ईरान के कुछ तटीय रडार और निगरानी ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि ईरान ने क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों को तेज कर दिया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से छोड़े गए कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया। वहीं ईरान ने दावा किया कि उसकी कार्रवाई अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई है। इस घटनाक्रम के बाद कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में भी सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

तनाव के बीच दोनों देशों के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयास भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर मतभेदों के कारण वार्ता में अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, क्योंकि होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में किसी भी व्यवधान का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की निगाहें अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर टिकी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील कर रहा है। 


अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हुए विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल को मिला मौका

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नई दिल्ली- भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण तीन मैचों की वनडे श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है। 

जानकारी के अनुसार, कोहली को यह चोट आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान लगी थी। मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन फिलहाल वे पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं।

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने बताया कि टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि कोहली जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला तक फिट होकर वापसी कर सकते हैं। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अंतिम फैसला मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

दूसरी ओर, यशस्वी जायसवाल के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है। हाल के वर्षों में उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का विश्वास जीता है। अब अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उन पर सभी की नजरें रहेंगी।

कोहली की गैरमौजूदगी निश्चित रूप से भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए चुनौती होगी, लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का यह सुनहरा मौका भी है।



जंतर-मंतर पर गूंजी युवाओं की आवाज़, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर CJP का प्रदर्शन

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नई दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र, युवा पेशेवर और अभिभावक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रियाओं में जवाबदेही और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के सामने रोजगार संबंधी चुनौतियों को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। कई प्रतिभागी प्रतीकात्मक रूप से मास्क और तख्तियां लेकर पहुंचे तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।

आयोजकों ने प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बनाए रखने की अपील की। दिल्ली पुलिस की अनुमति के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए और प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। 

युवा प्रतिभागियों का कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे देश के भविष्य से सीधे जुड़े हैं और इन पर गंभीर संवाद की आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने पारदर्शिता, जवाबदेही और अवसरों की समान उपलब्धता की मांग दोहराई।

यह प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि देश का युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक मंचों पर मुखरता से रख रहा है।

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

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निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा

लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी : महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र

स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संकल्प

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 6,000 से अधिक युवा—छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, नवाचारकर्ता, कंटेंट क्रिएटर और उभरते नेता—शामिल हुए।

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से MY Bharat के कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अवसरों और राष्ट्र निर्माण की पहलों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। कार्यक्रम में अभिनेत्री एवं विधायक मैथिली ठाकुर, अभिनेता विक्रांत मैसी, उद्यमी अमन गुप्ता और क्रिकेटर जितेश शर्मा ने भी युवाओं को प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत संकल्प’ के साथ हुआ, जिसमें युवाओं ने 2047 तक आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



कौशल भवन में कर्मचारियों के बच्चों हेतु आधुनिक डे-केयर सुविधा का उद्घाटन

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कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कौशल भवन (MSDE मुख्यालय) में कर्मचारियों के बच्चों के लिए नई डे-केयर (क्रेच) सुविधा का उद्घाटन किया। लगभग 600 वर्ग मीटर में फैली यह सुविधा 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और पोषणपूर्ण वातावरण प्रदान करती है।

डे-केयर में आराम एवं विश्राम कक्ष, खेल एवं गतिविधि क्षेत्र, आयु-उपयुक्त शिक्षण संसाधन, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय, फीडिंग रूम और बेबी-चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं द्वारा संचालित यह केंद्र बच्चों की देखभाल और विकास संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

यह पहल कार्यरत अभिभावकों को गुणवत्तापूर्ण बाल-देखभाल सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ मंत्रालय की समावेशी, परिवार-अनुकूल और कर्मचारी-केंद्रित कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन अवसर पर मंत्रालय, DGT, NCVET और NSDC के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा, पत्नी और साला गिरफ्तार

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 रायगढ़/घरघोड़ा। करोड़ों रुपये की संभावित संपत्ति और मुआवजे पर कब्जा करने की कथित साजिश का खुलासा करते हुए घरघोड़ा पुलिस ने एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य आरोपी, महिला का पिता, फरार है जिसकी तलाश जारी है।


शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने पुलिस को बताया कि वह फैब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से संबंधित व्यवसाय करता है। वर्ष 2008 में उसका विवाह सीमा यादव (सीमा बघेल) से हुआ था। व्यवसाय में आर्थिक प्रगति के बाद उसके ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव का घर पर आना-जाना बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, वह प्रतिदिन अपने व्यवसाय से प्राप्त राशि सुरक्षित रखने के लिए अपनी पत्नी को सौंपता था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्ष 2014 में उसे संदेह हुआ कि व्यवसाय से होने वाली आय के अनुपात में घर में नकदी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। फुटेज की जांच करने पर कथित रूप से यह सामने आया कि उसकी पत्नी आलमारी से रकम निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। शिकायत के अनुसार, जांच में कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते में करीब 22 लाख रुपये के लेन-देन पाए गए, जबकि वह बेरोजगार था।

पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2022 में उसने तमनार क्षेत्र में ऐसी भूमि खरीदने की योजना बनाई थी, जिसके भविष्य में अधिग्रहण होने पर करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना थी। आरोप है कि इस जानकारी का लाभ उठाते हुए ससुर भरतलाल यादव, साला कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल ने मिलकर उस पर दबाव बनाया और लगभग 13.50 लाख रुपये मूल्य की भूमि सीमा बघेल के नाम पर रजिस्ट्री करा ली। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में उसकी अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने के उद्देश्य से उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

मामले की विस्तृत जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ द्वारा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपियों ने कथित रूप से योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, उसकी रकम एवं संपत्ति पर अनुचित लाभ प्राप्त करने तथा उसकी मेहनत की कमाई का गबन करने का प्रयास किया।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर 3 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 49, 318(4), 303(2), 316(2) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी सीमा बघेल और कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी भरतलाल यादव की तलाश जारी है। मामले की विवेचना जारी है।

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