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मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री की सौजन्य मुलाकात, रीवा-रायपुर हवाई सेवा पर चर्चा

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।


इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

चैत्र नवरात्रि : बम्लेश्वरी धाम में आस्था का सैलाब, 8 हजार से ज्यादा ज्योति कलश होंगे प्रज्वलित

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 डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर हजारों ज्योति कलशों की रोशनी से आलोकित होगा।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 तथा पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा।

नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

आस्था और इतिहास से जुड़ा मंदिर

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, इसका संबंध विक्रमादित्य से भी जोड़ा जाता है, हालांकि इसके ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं।
ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, मंदिर का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा कराया गया था। बाद में राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने इसके संचालन हेतु ट्रस्ट का गठन किया, जो वर्तमान में व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है।

रेलवे की विशेष व्यवस्था

नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। साथ ही कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर दिया गया है, जिससे अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग एक हजार पुलिस जवान तैनात किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेगी।

आस्था, व्यवस्था और सुरक्षा का संगम

प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप में आयोजित होने की तैयारी है। हजारों ज्योति कलशों की रोशनी और श्रद्धालुओं की आस्था इस पर्व को विशेष बना रही है।

Chhattisgarh : आवासीय विद्यालय की छात्रा के गर्भवती होने का मामला, आरोपी गिरफ्तार

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 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा स्थित एक बालिका आवासीय विद्यालय से गंभीर मामला सामने आया है। यहां 10वीं कक्षा में अध्ययनरत एक छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है।


स्वास्थ्य जांच के दौरान चिकित्सकों द्वारा गर्भ की पुष्टि किए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई।

मामले के सामने आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रकरण दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी स्थानीय स्तर पर पढ़ाई करने वाला युवक बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

इस संबंध में सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तत्काल जांच कराई गई और अपराध दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए संस्थानों में परामर्श कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या केवल परामर्श कार्यक्रम पर्याप्त होंगे, या फिर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है।

कंगाल पाकिस्तान की टूटी शान! पहली बार रद्द हुई नेशनल डे परेड

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 इस्लामाबाद। पाकिस्तान गंभीर आर्थिक और ईंधन संकट से जूझ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार ने इतिहास में पहली बार पाकिस्तान दिवस (23 मार्च) पर होने वाली भव्य परेड को रद्द कर दिया है।


प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि की है।

ईंधन बचाने के लिए बड़ा कदम

सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए मितव्ययिता (austerity) उपाय लागू किए हैं। इसी के तहत इस साल नेशनल डे परेड और बड़े समारोहों को रद्द करने का फैसला लिया गया है।

 खाड़ी तेल संकट का असर

आधिकारिक बयान के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और तेल आपूर्ति में बाधाओं के कारण यह निर्णय लिया गया है। इससे देश के ऊर्जा भंडार पर भारी दबाव पड़ा है।

सादगी से मनाया जाएगा पाकिस्तान दिवस

  • हालांकि, 23 मार्च को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
  • केवल ध्वजारोहण जैसे सीमित कार्यक्रम होंगे
  • मंत्रालयों और विभागों को सादगी से आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं

 होर्मुज संकट बना बड़ी वजह

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और कथित बाधाओं के चलते तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।
बताया जा रहा है कि ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव ने हालात को और गंभीर बना दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल गई है।

अब बिना एक्सपायरी डेट के नहीं बिकेंगे अंडे, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम

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 लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अंडा उपभोक्ताओं की सेहत और अधिकारों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 1 अप्रैल से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उत्पादन तिथि और एक्सपायरी डेट की मुहर लगाना अनिवार्य होगा।


 पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

नए नियम के लागू होने के बाद दुकानदार अब पुराने या खराब अंडों को ताजा बताकर नहीं बेच पाएंगे। यह फैसला पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त निर्देश पर लिया गया है, जिसका उद्देश्य मिलावटखोरी और बासी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।

 ग्राहकों को होगा सीधा फायदा

अब तक उपभोक्ताओं के पास अंडों की ताजगी जांचने का कोई पुख्ता तरीका नहीं था और उन्हें दुकानदार पर भरोसा करना पड़ता था। इससे फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बना रहता था।

 सेहत रहेगी सुरक्षित

अब हर अंडे पर लगी मुहर देखकर ग्राहक खुद तय कर सकेंगे कि अंडा खाने योग्य है या नहीं। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि ग्राहकों को सही गुणवत्ता भी मिलेगी।

स्टोरेज और लाइफ की चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • सामान्य तापमान (लगभग 30°C) पर अंडे 2 हफ्ते तक सुरक्षित रहते हैं
  • कोल्ड स्टोरेज (2°C–8°C) में अंडे 5 हफ्ते तक उपयोग योग्य रहते हैं

राज्य में अभी अंडों के लिए पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज की कमी है। साथ ही नियम के अनुसार अंडों को सब्जियों के साथ स्टोर नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों की तापमान आवश्यकताएं अलग होती हैं।

 

अवकाश में भी खुलेंगे रजिस्ट्री ऑफिस, सरकार का खास फैसला

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 रायपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में आम नागरिकों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य के सभी पंजीयन कार्यालय चयनित अवकाश दिनों में भी खुले रहेंगे, ताकि लोगों को अपने जरूरी पंजीयन कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च और 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह संचालित किए जाएंगे। इन दिनों में दस्तावेजों के पंजीयन, रजिस्ट्री और अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।

दरअसल, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे कार्यालयों में भीड़ और काम का दबाव बढ़ जाता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कार्यों का समयबद्ध और सुचारू निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

इस फैसले से उन लोगों को विशेष राहत मिलेगी, जिनके पंजीयन संबंधी कार्य लंबे समय से लंबित हैं या जो अंतिम समय में अपने दस्तावेजों की रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं। अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुले रहने से लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा और भीड़भाड़ की समस्या भी कम होगी।

राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन कार्य पूरे कर लें, ताकि अंतिम समय की भागदौड़ और परेशानी से बचा जा सके।

सरकार के इस कदम को आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी बल्कि लोगों का समय और संसाधन भी बचेंगे।

‘मौत का टैंक’ बना अस्पताल! जहरीली गैस ने ली 3 सफाईकर्मियों की जान, मचा हड़कंप

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 रायपुर : रामकृष्ण केयर अस्पताल में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित इस प्रतिष्ठित अस्पताल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।


सेप्टिक टैंक बना ‘मौत का कुआं’

मंगलवार रात करीब 8 बजे बाहरी ठेका एजेंसी के जरिए कर्मचारियों को टैंक की सफाई के लिए उतारा गया। जैसे ही पहला कर्मचारी अंदर गया, वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने उतरे दो अन्य साथी भी उसी जहरीले जाल में फंस गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बिना सुरक्षा उपकरण उतारे गए कर्मचारी

मृतकों की पहचान:

  • अनमोल मांझी (25)
  • गोविंद सेंद्रे (35)
  • सत्यम कुमार (22)

परिजनों का आरोप है कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण—जैसे गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर या सेफ्टी बेल्ट—के सीधे टैंक में उतार दिया गया। यह सीधी लापरवाही बताई जा रही है।

परिजनों का फूटा गुस्सा

घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और जमकर विरोध किया। पत्थरबाजी और नारेबाजी के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। एक परिजन का दर्दभरा बयान—
“मेरा भाई मुझे लौटा दो… अस्पताल वालों ने उसे मार डाला…”
ने सभी को भावुक कर दिया।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

टिकरापारा थाना पुलिस और भारी बल मौके पर पहुंचा और हालात को काबू में किया। देर रात तक तनाव बना रहा।

जांच के घेरे में प्रबंधन

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं

  • क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
  • क्यों अब भी बिना मशीनों के गटर सफाई कराई जा रही है?

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावाः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मातृ वंदन योजना में छत्तीसगढ़ ने ऐसे ही नहीं मारी बाजी

शिकायतों का तेज निराकरण और मंजूरी पर फोकस कर हासिल किया देश में पहला स्थान

आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों ने सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की उपलब्धि

रायपुर- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में  डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है। 

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है।

जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

ऐसे मिली उपलब्धि

प्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में  फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।

रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए  आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है।

इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा। 

यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई। 

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।

मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण से छात्राओं को मिला आत्मनिर्भरता का मार्ग

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शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय के मशरूम उत्पादन इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के अंतर्गत छात्राओं के लिए मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग द्वारा BA एवं BSc की छात्राओं के लिए विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित किया गया।

कार्यक्रम के समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष डॉ स्वेतलाना नागल ने छात्राओं को मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने धान की पुआल (पैरा कुट्टी) को रासायनिक विधि से उपचारित करने  मशरूम स्पॉन से बैग तैयार करने तथा लगभग 25 दिनों के बाद तैयार बैग से मशरूम की तुड़ाई तक की तकनीकी जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर बताया गया कि मशरूम एक पौष्टिक एवं स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि वसा एवं कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। इसे बिना मिट्टी के धान के पुआल एवं गेहूं के भूसे पर आसानी से उगाया जा सकता है। मशरूम उत्पादन के लिए  25C डिग्री तापमान तथा 70% प्रतिशत आर्द्रता उपयुक्त मानी जाती है। इसके प्रमुख प्रकार बटन पैडी स्ट्रॉ एवं ढींगरी (ऑयस्टर) मशरूम हैं। साथ ही इसमें औषधीय गुण जैसे एंटी-कैंसर एंटी-डायबिटिक एवं एंटी-ऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं।

प्रायोगिक प्रशिक्षण में अतिथि शिक्षिका प्रेरणा कापसे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा लगभग 30 छात्राओं को रासायनिक विधि से ऑयस्टर मशरूम उत्पादन हेतु स्पॉन तैयार करने की प्रक्रिया सिखाई।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ सरस्वती वर्मा ने मशरूम उत्पादन को ग्रामीण महिलाओं के लिए आय सृजन एवं कुपोषण दूर करने का प्रभावी साधन बताया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एस बी कुमार ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को कम लागत में स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में प्रेरित किया गया जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

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 रायपुर : नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 एवं 14 मार्च 2026 को आयोजित ‘आदि पर्व 2026’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी।


इस कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से शामिल हुई प्रतिभागी वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में मंच पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।


कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भाग लेकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया, जो नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आदि पर्व 2026 का आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। इस मंच के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान मिल रही है।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ की पहल: मुख्यमंत्री साय ने हेल्थ कैंप का किया शुभारंभ

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

तलाक नहीं, किराया चाहिए! पत्नी का चौंकाने वाला प्रस्ताव वायरल

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 बैंकॉक। एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने बेवफा पति को तलाक देने के बजाय अनोखा कदम उठाते हुए उसे ‘किराए’ पर देने का प्रस्ताव रख दिया। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


मामला थाईलैंड का बताया जा रहा है, जहां खुन क्वांग नाम की महिला ने एक टीवी शो में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पुलिस अधिकारी पति का लंबे समय से किसी दूसरी महिला के साथ संबंध था और वह उसके साथ रहने भी लगा था। दोनों की शादी कॉलेज के समय हुई थी और उनका एक बच्चा भी है।

अफेयर का ऐसे हुआ खुलासा

महिला के अनुसार, साल 2025 तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक एक अज्ञात महिला सोशल मीडिया पर उनके पति को फॉलो करने लगी। इसके बाद पति का व्यवहार बदल गया—वह देर से घर आने लगा और फोन उठाने से बचने लगा। एक दिन उसने परिवार छोड़ने तक की बात कह दी।

संदेह बढ़ने पर महिला ने निजी जासूस की मदद ली। जांच में सामने आया कि पति किसी दूसरी जगह जा रहा है। जब पत्नी ने सामना किया, तो उसने स्वीकार किया कि उसका रिश्ता अभी भी जारी है।

पत्नी का अनोखा प्रस्ताव

स्थिति स्पष्ट होने के बाद पत्नी ने तलाक देने से इनकार कर दिया और एक अनोखा प्रस्ताव रखा। उसने कहा कि यदि दूसरी महिला उसके पति के साथ रहना चाहती है, तो उसे हर महीने 30,000 बात (करीब 85 हजार रुपये) ‘किराए’ के रूप में देने होंगे।

बताया जा रहा है कि प्रेमिका इस प्रस्ताव के लिए तैयार हो गई, लेकिन पति ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

कानूनी मोड़

इसके बाद पत्नी ने कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रेमिका के खिलाफ मामला दर्ज कराया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का समझौता थाईलैंड में मान्य नहीं है, क्योंकि यह वहां के कानून और सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

डिस्क्लेमर:
इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। Media24Media इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

गर्मी का असर: छत्तीसगढ़ में स्कूल टाइम बदला, अब सुबह 7:30 से लगेंगी कक्षाएं

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 पेंड्रा। मार्च की शुरुआत के साथ ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों के संचालन का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया है।


यह आदेश 16 मार्च से लागू हो गया है और प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की सभी कक्षाओं पर प्रभावी रहेगा। इसमें शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार के स्कूल शामिल हैं।


सभी स्कूलों पर लागू आदेश

जारी निर्देश के अनुसार, आदेश की जानकारी सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को भेज दी गई है।

बोर्ड परीक्षाएं रहेंगी प्रभावित नहीं

स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव केवल नियमित कक्षाओं के लिए है। बोर्ड परीक्षाएं और मूल्यांकन कार्य पूर्व निर्धारित समय पर ही संचालित होते रहेंगे।

CG NEWS ; अवैध प्लॉटिंग पर विधानसभा में संग्राम: जवाब से नाराज़ विपक्ष ने छोड़ा सदन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में धमतरी और कांकेर जिले में अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।


प्रश्नकाल के दौरान विधायक अंबिका मरकाम ने अवैध प्लॉटिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल उठाया कि कई मामलों में शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं हुई और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि धमतरी में 3 और उत्तर बस्तर कांकेर में 5 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। धमतरी में नगर निगम द्वारा जांच कर अवैध प्लॉटिंग बंद कराई गई, जबकि कांकेर में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ के भुगतान रोके गए हैं।

जिला स्तर पर बनेगी कमेटी

मंत्री ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। साथ ही 14 खसरा नंबरों में खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की भी जानकारी दी गई।

जवाब में विरोधाभास पर उठा सवाल

सदन में मंत्री के जवाबों में विरोधाभास भी सामने आया। पहले पटवारी को निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन बाद में मंत्री ने स्पष्ट किया कि गलती से ‘निलंबन’ शब्द का उपयोग हो गया, जबकि वास्तव में नोटिस देकर वेतन रोका गया है। उन्होंने बताया कि 3 पटवारियों को प्रारंभिक रूप से दोषी पाते हुए उनका स्थानांतरण किया गया है और 67 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि प्रदेश में अब तक कितनी अवैध कॉलोनियां बनीं और कितनों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कर्मचारियों को “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई स्पष्ट नहीं है। विधायक ओमकार साहू ने अवैध प्लॉटिंग का भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठाई।

विपक्ष का वॉकआउट

मंत्री के जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने मामले की स्वतंत्र जांच, विधानसभा समिति या उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

महुआ बीनने गए ग्रामीण पर भालू का हमला, गंभीर हालत में रायपुर रेफर

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 गरियाबंद। वन मंडल के सड़क परसूली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोचईमुड़ा में मंगलवार सुबह एक भालू ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।


मिली जानकारी के अनुसार, पुराणिक राम यादव (45 वर्ष) महुआ फूल बीनने जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, चेहरे और दाहिने हाथ के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं।

साथियों के पहुंचने पर भागा भालू

घटना के दौरान पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास मौजूद साथी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक भालू जंगल की ओर भाग चुका था।

जिला अस्पताल से रायपुर रेफर

घायल को साथियों ने घर लाकर घटना की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तत्काल घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले गए।

वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता

वन विभाग की टीम द्वारा पीड़ित के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है।

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