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किम जोंग उन की खुली धमकी: दक्षिण कोरिया को पूरी तरह मिटा देंगे!

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 प्योंगयांग/सियोल। किम जोंग उन ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया को “पूरी तरह मिटा” सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।


सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने सियोल के साथ बातचीत से एक बार फिर इनकार कर दिया, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) के साथ वार्ता के रास्ते खुले रखने के संकेत दिए। सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक के समापन पर उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा भी पेश की।

हाल के वर्षों में किम ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी बयानबाजी को काफी आक्रामक बना दिया है और कूटनीतिक संवाद की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे सैन्य संघर्ष की तैयारी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है, ताकि उत्तर कोरिया परमाणु शक्ति और अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आधार पर मजबूत स्थिति हासिल कर सके।

आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, किम ने सेना को और मजबूत करने के लिए नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम में हुई प्रगति ने देश को एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

किम जोंग उन ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करना चाहता है, तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित “शत्रुतापूर्ण” नीतियों को छोड़ना होगा।

वहीं, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के इस रुख को “खेदजनक” बताया और कहा कि सियोल शांति और स्थिरता के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।

बर्थडे पार्टी में हथियार लहराकर डांस, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के कमल विहार इलाके से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक कथित रूप से हथियार लेकर नाचते और उनका प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक बर्थडे पार्टी का है, जहां युवकों ने हथियार लहराते हुए डांस किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।


वीडियो से स्थानीय लोगों में चिंता

वायरल वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। हाल के दिनों में हथियारों के साथ वीडियो बनाकर वायरल करने की घटनाएं भी बढ़ती नजर आ रही हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो की सत्यता, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वीडियो में दिख रहे हथियार वैध हैं या अवैध।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून के मुताबिक सार्वजनिक स्थान पर हथियारों का प्रदर्शन और उसका प्रचार-प्रसार कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है।

मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है और लोग ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बेटी की जिद में खरीदा था बच्चा, अब जेल में आरोपी की रहस्यमय मौत

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 इटावा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के इटावा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बच्चा चोरी के आरोप में जेल में बंद 42 वर्षीय अशोक कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे मामले में हड़कंप मच गया है।


मृतक की पहचान दादरी (गौतमबुद्ध नगर) निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को अचानक उसके सीने में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई। जेल प्रशासन ने तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अशोक कुमार को कुछ समय पहले बच्चा चोरी से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि उसकी एक बेटी है, जो अपने पिता से भाई लाने की जिद करती थी। इसी जिद को पूरा करने के लिए अशोक ने कथित तौर पर एक दलाल के माध्यम से बच्चा खरीद लिया था।

बताया गया कि यह बच्चा ट्रेन से चोरी किया गया था। पिछले महीने नंदनकानन एक्सप्रेस में 10 महीने के बच्चे की चोरी का मामला सामने आया था। अलीगढ़ निवासी मुन्नी अंसारी अपने बेटे इब्राहिम के साथ कोडरमा जा रही थीं। यात्रा के दौरान उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया और उनका बच्चा गायब हो गया।

शिकायत मिलने पर जीआरपी (Government Railway Police) ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चे को करीब साढ़े तीन लाख रुपये में एक दंपति को बेचा गया था। इसी कड़ी में पुलिस अशोक कुमार तक पहुंची और अवैध रूप से बच्चा खरीदने के आरोप में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने अशोक के पास से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसके असली माता-पिता को सौंप दिया था।

अब जेल में बंद अशोक कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत हो जाने से मामला फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच जारी है।

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सरेंडर से पहले मौत: साथियों ने ही खत्म कर दिया नक्सली कमांडर

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 सुकमा/कंधमाल। ओडिशा में माओवादी हिंसा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की कथित तौर पर उसके ही संगठन के वांछित नेता ने हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अन्वेष पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था, इसी आशंका में उसे मार दिया गया।


पुलिस के मुताबिक, कंधमाल जिला के डारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पाकरी आरक्षित वन इलाके से अन्वेष का क्षत-विक्षत शव कब्र से बरामद किया गया। बुधवार को शव की खुदाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

कंधमाल के पुलिस अधीक्षक हरीश बीसी ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि राज्य के वांछित नक्सली नेता सुक्रू और उसके साथियों ने अन्वेष की हत्या उस समय कर दी, जब वह कुछ अन्य माओवादियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की योजना बना रहा था।

पुलिस ने बताया कि अन्वेष मूल रूप से सुकमा जिला का निवासी था। वह केकेबीएन (कालाहांडी–कंधमाल–बौध–नयागढ़) डिवीजन का डिविजनल कमेटी सदस्य (DVCM) और सैन्य प्लाटून कमांडर था। उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

आत्मसमर्पण से पहले ‘संगठन का संदेह’

पुलिस सूत्रों का कहना है कि संगठन को अन्वेष के आत्मसमर्पण की भनक लग गई थी। इसके बाद उस पर “विश्वासघात” का आरोप लगाते हुए उसकी हत्या कर दी गई। माओवादी संगठनों में आत्मसमर्पण की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

जांच तेज, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हत्या में शामिल अन्य माओवादियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

NMDC Limited और Indian Institute of Technology Hyderabad के बीच MoU, खनन एवं धातु क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

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भारत के खनन एवं धातु क्षेत्र के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए NMDC Limited के आर एंड डी केंद्र, “Responsible Miner”, ने Indian Institute of Technology Hyderabad (IITH) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता NMDC के कार्यकारी निदेशक (आर एंड डी) संजीव साहि और IIT हैदराबाद के डीन (स्पॉन्सर्ड रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) द्वारा, IIT हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य खनिज प्रसंस्करण एवं संबद्ध क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों को आगे बढ़ाना है।

यह साझेदारी क्षेत्रीय विशेषज्ञता और अकादमिक उत्कृष्टता का सशक्त संगम है। NMDC और IIT हैदराबाद मिलकर लौह अयस्क परिष्करण (beneficiation) एवं एग्लोमरेशन, हरित इस्पात निर्माण तकनीक, स्वदेशी कच्चे माल से वैकल्पिक लौह निर्माण, तथा खनन और धातुकर्म प्रक्रियाओं के उन्नत मॉडलिंग एवं सिमुलेशन पर अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही, प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ मृदा खनिजों के निष्कर्षण के नए मार्ग भी विकसित किए जाएंगे, जिससे भारत की खनिज सुरक्षा और संसाधन आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

खनन क्षेत्र में तेजी से हो रहे डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप, यह MoU स्वायत्त वाहन संचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), माइनिंग 4.0 ढांचे, तथा ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और निगरानी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और पायलट परियोजनाओं को प्रोत्साहित करेगा। परिचालन क्षमता और अनुसंधान-आधारित नवाचार के समन्वय से यह सहयोग टिकाऊ, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करेगा, जो दक्षता, उत्पादकता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगे।

इस अवसर पर NMDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमितावा मुखर्जी ने कहा, “IIT हैदराबाद के साथ यह समझौता उद्योग–शिक्षा सहयोग के माध्यम से नवाचार के प्रति NMDC की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। IIT हैदराबाद की शोध उत्कृष्टता और NMDC की क्षेत्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाकर यह साझेदारी खनन, खनिज प्रसंस्करण और उभरते क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों को आगे बढ़ाएगी तथा सतत विकास और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण में योगदान देगी।”

यह साझेदारी नवाचार-आधारित विकास के प्रति NMDC की प्रतिबद्धता और औद्योगिक अनुप्रयोगों में शोध को रूपांतरित करने में IIT हैदराबाद की भूमिका को रेखांकित करती है। उल्लेखनीय है कि यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है जब NMDC का आर एंड डी केंद्र भारत की खनिज विकास यात्रा में अपने 50 वर्ष पूरे कर रहा है, जो अनुसंधान उत्कृष्टता और तकनीकी प्रगति की उसकी विरासत को और सुदृढ़ करता है।

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए हैं और इसमें लिप्त कई लोग आज जेल के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गर्व का विषय है।


 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां स्कूलों को जला दिया गया था और हथियारों की फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, वहीं आज बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। स्कूल संचालित हो रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और लोगों का समुचित इलाज हो रहा है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से बड़ा राज्य होने के बावजूद पूर्व में अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बस्तर पंडुम में इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं। 
 
नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इसकी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को रामलला के दर्शन कराने के लिए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसका 42 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री दर्शन योजना से भी 5 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और अंतर की राशि होली से पहले किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षेत्र में जहां पूर्व सरकार ने 5700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने 10700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और इसे सुव्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा। नया रायपुर में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का उद्घाटन भी किया गया है। शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे सेक्टर में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं। ‘जी राम जी योजना’ को मनरेगा से बेहतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 100 के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। सरकार की मंशा हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली बिल की दिशा में जाने की है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के 8 नगर निगमों में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के माध्यम से गेल और बीपीसीएल द्वारा बायोसीएनजी संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमने सुशासन एवं अभिसरण के रूप में एक नया विभाग ही बना दिया। इसका काम प्रचलित तरीकों से इतर नई सोच के साथ आगे बढ़ना है जिसमें तकनीक का समावेश हो, गवर्नेंस की सर्वाेत्तम पद्धतियां जिसमें शामिल हो। हमने ई-आफिस प्रणाली लागू की है, फाइलें अब कंप्यूटर के जरिए बढ़ती हैं, तय समय सीमा में अधिकारियों को अपने अभिमत लिखने होते हैं और आगे फारवर्ड करना होता है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है अपितु समय भी बच रहा है। इस प्रणाली को हम राज्य स्तर से जिला स्तर की ओर भी ले जा रहे हैं। हम डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागों में लागू कर रहे हैं, ताकि काम त्वरित गति से हों और लोगों को भटकना न पड़े।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रधानमंत्री जी की सार्थक पहल है। हमने छत्तीसगढ़ में अब तक 27 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रौशन कर दिया है। केंद्र से उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ तो मिलता ही है, हम राज्य में भी उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ दे रहे हैं।  मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें और अगले 25 सालों तक मुफ्त बिजली का लाभ लें।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। वंदेभारत एक्सप्रेस की सुविधा नागपुर और विशाखापट्नम के लिए आरंभ की गई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के निर्माण से प्रदेश के विकास को तीव्र गति मिलेगी। आज के समय सड़कें जितनी जरूरी हैं उतनी ही जरूरी संचार कनेक्टिविटी भी है, हमारी सरकार ने 500 नये मोबाइल टावर स्वीकृत किये हैं जिससे कनेक्टिविटी की स्थिति और बेहतर होगी। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता की वृद्धि के लिए हम प्रदेश में 5 नये मेडिकल कालेज आरंभ कर रहे हैं। इसमें मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिला में भूमिपूजन हो चुका है और कुनकुरी में भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अटल जी की संकल्पना एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के रूप में देश में हेल्थ केयर का सबसे बड़ा प्लान दिया। इस योजना के माध्यम से 4 हजार 551 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाये। इसकी शुरूआत भी छत्तीसगढ़ से हुई। हमने युक्तियुक्तकरण के रूप में किया। पिछली सरकार के समय दूरस्थ ग्रामीण स्कूल तो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हो गये थे। जिन स्कूलों में शिक्षक थे भी तो वहां भी सामान्यतः प्रति सौ छात्र केवल एक शिक्षक थे। अधिकांश शिक्षक शहरी स्कूलों में आ गये थे, कुछ शहरी स्कूलों में यह अनुपात दस छात्र के पीछे एक शिक्षक का भी था। हमने इस समस्या का निराकरण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से निकाला। अब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत के युवा दुनिया भर में कमाल कर रहे हैं। पिछले साल मैं जापान की राजधानी टोक्यो में बस्तर के एक युवा अविनाश तिवारी से मिला। अविनाश वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्य कर करता है। उगते सूरज के देश में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा का उजाला देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमारी युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासनिक प्रणाली बेहतर तरीके से चले और इसमें युवा ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो, इसलिए हम 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर पर पहुंचाना है।

कैशलैस चिकित्सा सुविधा पर आभार: कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, श्री प्रवीण सिंह एवं निशा यादव उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

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 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश में दिखने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।


तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी

आगामी तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में अगले सात दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले 24 घंटे का मौसम

बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ओरछा और बड़े बचेली में सर्वाधिक 40 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

लो प्रेशर एरिया से बदला मौसम

दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इससे नमी वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं।

साथ ही मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में ट्रफ सक्रिय है। गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उत्तर तटीय इलाकों के पास भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ी है, जिससे बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो रही है।

48 घंटे तक सक्रिय रहेगा सिस्टम

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का मजबूत क्षेत्र अगले 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है। यह पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है।

ट्रफ लाइन से फैल रही नमी

लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों तक फैली है। जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी यह ट्रफ समुद्री नमी को दूर-दराज इलाकों तक पहुंचा रही है।

ऊपरी वायुमंडल (5-6 किमी ऊंचाई) में सक्रिय ट्रफ बादलों को ऊपर तक फैलने में मदद कर रही है। नीचे की नमी और ऊपर की ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ पर सीमित असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सिस्टम प्रदेश के बेहद करीब नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना कम है। हालांकि दक्षिणी इलाकों, खासकर बस्तर संभाग में बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है।

दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है।

फरवरी में बदलता है मौसम

रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फरवरी में आमतौर पर आसमान साफ रहता है। लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभी गरज-चमक, बारिश, आंधी या ओलावृष्टि की स्थिति बन जाती है।

सर्दी का असर कम होने के साथ न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो जाती है, हालांकि कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। 

उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

‘महिला गजनी’ टिप्पणी से सियासी संग्राम, प्रियंका गांधी के गाजा बयान पर भाजपा का हमला

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजराइल यात्रा को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा गाजा में ‘नरसंहार’ का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर तीखा हमला बोला है।


भाजपा ने प्रियंका गांधी को “भारतीय राजनीति की महिला गजनी” करार देते हुए उन पर ‘सुविधाजनक आक्रोश’ दिखाने का आरोप लगाया। ‘महिला गजनी’ का संदर्भ 2008 की फिल्म गजनी के उस किरदार से जोड़ा गया है, जिसे अल्पकालिक स्मृति हानि होती है। भाजपा का कहना है कि प्रियंका गांधी को गाजा का मानवीय संकट दिखता है, लेकिन 7 अक्टूबर को इजराइल में हुए हमलों का जिक्र नहीं करतीं।

यह विवाद उस समय सामने आया जब प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा से पहले उम्मीद जताई कि वे इजराइली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए गाजा में कथित ‘नरसंहार’ का मुद्दा उठाएं और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करें। केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत को दुनिया को सत्य, शांति और न्याय का मार्ग दिखाते रहना चाहिए।

उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “भारतीय राजनीति की ‘महिला गजनी’ वापस आ गई हैं।” उन्होंने प्रियंका गांधी की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वे ‘फलस्तीन’ लिखा बैग लिए नजर आ रही हैं।

भाटिया ने आरोप लगाया कि संसद में ‘फलस्तीन’ लिखा बैग ले जाना आसान है, लेकिन 7 अक्टूबर को 1,200 से अधिक लोगों की हत्या, महिलाओं के अपहरण और यौन हिंसा की निंदा करना प्रियंका गांधी के लिए कठिन है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की निंदा के लिए नैतिक साहस चाहिए और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना पड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। पिछले नौ वर्षों में यह उनकी इजराइल की दूसरी यात्रा बताई जा रही है।

बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सुबह प्राप्त इस संदेश में हाईकोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई थी, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं।


सूचना मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर सख्त जांच शुरू कर दी गई है।

हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। फिलहाल ई-मेल की सत्यता और स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

विधानसभा में आंकड़ों पर बवाल: चरणदास महंत ने उठाया गलत जानकारी का मुद्दा, अरुण साव बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण और उससे जुड़ी जानकारी में विसंगतियों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अधिकारियों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।


पहले 26, फिर 21 – सही आंकड़ा कौन सा?

डॉ. महंत ने सदन में कहा कि एसटीपी की संख्या को लेकर दो बार संशोधित उत्तर भेजे गए। पहले जवाब में 26 एसटीपी का उल्लेख था, जबकि बाद में संशोधित उत्तर में संख्या 21 कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सही आंकड़ा क्या है और बार-बार संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?

सरकार का पक्ष

इस पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि संशोधित उत्तर बाद में उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।
मंत्री के अनुसार 12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत हैं, जबकि 68 नगरीय निकायों में कुल 96 एसटीपी को मंजूरी दी गई है।

गुमराह करने वालों पर क्या कार्रवाई?

नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा कि उनके क्षेत्र में एसटीपी प्लांट से संबंधित जानकारी मांगने पर हर बार “प्रक्रियाधीन” का जवाब मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अधूरी या गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा कि जो अधिकारी गुमराह करने वाले उत्तर दे रहे हैं, उनके लिए किस प्रकार की सजा या कार्रवाई का प्रावधान है?

जांच का आश्वासन

मंत्री अरुण साव ने जवाब में कहा कि पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा। यदि किसी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।

होली पर पूर्ण प्रतिबंध: 4 मार्च को छत्तीसगढ़ में एक बूंद भी नहीं बिकेगी शराब

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश में ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी आदेश (File No. GENCOR-3405/1/2026-EXCISE) के तहत होली के दिन राज्यभर में शराब की बिक्री, परोसने और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब तथा अन्य सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान 4 मार्च को बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार की मदिरा बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गेस्ट हाउस, स्टार होटल और निजी क्लबों में संचालित बार भी इस प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के दौरान निजी भंडारण अथवा गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने और बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण, परिवहन और विक्रय रोकने के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध स्थानों और वाहनों की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शासन ने यह निर्णय होली के दिन कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। आदेश राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार विशेष सचिव द्वारा जारी किया गया है।

नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 का भव्य समापन: ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘हर घर स्वदेशी’ के संकल्प के साथ व्यापारियों का महाकुंभ संपन्न

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 रायपुर। राजधानी के बीटीआई ग्राउंड में Confederation of All India Traders (CAIT) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026’ का गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ी, जिससे स्थानीय कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्सपो की सफलता पर ‘कैट’ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन से आम जनता को एक ही छत के नीचे विविध उत्पादों की सुविधा मिली। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और इसी दिशा में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने बजट में व्यापारिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के विशेष प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलेगी।

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने केंद्र और राज्य सरकार के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प की सराहना की और इसे व्यापारिक सुगमता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ की 36 की शक्ति’ का उल्लेख करते हुए प्रदेश को विकसित बनाने का आह्वान किया। साथ ही, प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ विजन में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका रेखांकित करते हुए ‘हर घर स्वदेशी’ के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के बजट को व्यापारियों और आम जनता के लिए दूरदर्शी और प्रभावी बताया।

कार्यक्रम के अंत में ‘कैट’ पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि छत्तीसगढ़ न केवल व्यापार का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। पांच दिवसीय इस आयोजन ने करोड़ों के कारोबार के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को व्यापक मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम रखा।

अंधविश्वास पड़ा भारी: सपने के इशारे पर सांप को दूध पिलाने गया युवक, डसने के बाद अस्पताल पहुंचा

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 सीतामढ़ी जिला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सपने को सच मान लेना एक युवक को भारी पड़ गया।


जानकारी के मुताबिक, मेजरगंज प्रखंड निवासी मुकेश पासवान, जो मजदूरी करते हैं, ने दावा किया कि पिछले करीब 15 दिनों से एक सांप उनके सपने में आकर दूध और लावा मांग रहा था। उनका कहना है कि यह सपना उन्हें लगातार कई दिनों तक आता रहा।

बीती रात भी उन्होंने वही सपना देखा। सुबह नींद खुलते ही उन्होंने इसे किसी संकेत की तरह लिया। घर से बाहर निकले तो उन्हें एक सांप दिखाई दिया। सपने को सच मानते हुए वे उसे दूध पिलाने की कोशिश करने लगे।

लेकिन सांप ने दूध नहीं पिया और अचानक मुकेश को डस लिया। डसते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

हालांकि घबराने के बजाय मुकेश ने साहस दिखाया। उन्होंने जिंदा सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद किया और तुरंत अस्पताल पहुंच गए। सांप को साथ ले जाने से डॉक्टरों को इलाज में सहूलियत मिली।

डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर चर्चा तेज है। स्थानीय लोग ऐसे विश्वासों से दूर रहने और किसी भी सर्पदंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील कर रहे हैं।

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