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महासमुंद में मानसून मेहरबान, अब तक 275.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज

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 महासमुंद : महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2026 से अब तक 275.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा सरायपाली तहसील में 386.3 मिलीमीटर, पिथौरा में 301.3 मिलीमीटर, महासमुंद में 281.1 मिलीमीटर, बसना में 234.6 मिलीमीटर, कोमाखान में 225.1 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 222.9 मिलीमीटर बागबाहरा तहसील में दर्ज की गई।


आज 06 जुलाई को 85.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में पिथौरा तहसील में 128.5 मिलीमीटर, सरायपाली में 97.7 मिलीमीटर, बसना में 90.4 मिलीमीटर, महासमुंद में 68.5 मिलीमीटर, कोमाखान में 66.5 मिलीमीटर एवं बागबाहरा तहसील में 62.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार, मां की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई

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 कोंडागांव। जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक पिता पर अपनी आठ वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।


पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी से बच्ची को अपने पास सुलाने के लिए कहा। मां ने पहले भी बच्ची के साथ अनुचित हरकत की आशंका के चलते उसे भेजने से इनकार कर दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी जबरन बच्ची को अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद बच्ची ने अपनी मां को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद मां ने अगले दिन थाने पहुंचकर आरोपी पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले में पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाली है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खेलते-खेलते पानी से भरे कचरा गड्ढे में गिरे दो मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत

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 गरियाबंद। जिले के कोपरा नगर पंचायत क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की पानी से भरे कचरा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, योगेश साहू और सुमन साहू (दोनों की उम्र करीब 5 से 6 वर्ष) खेलते-खेलते नगर पंचायत द्वारा कचरा डालने के लिए बनाए गए गहरे गड्ढे के पास पहुंच गए। आशंका है कि दोनों बच्चे करीब 10 से 12 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गए, जिससे उनकी डूबने से मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पांडुका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को गड्ढे से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि गहरे गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड अथवा अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने नगर पंचायत की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और ऐसे स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, फिलहाल डूबने की आशंका के आधार पर जांच की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

धान की रोपाई के दौरान किसान पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर मौत; बारिश से बिलासपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त

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 बिलासपुर। जिले में रविवार को हुई तेज बारिश एक किसान के लिए जानलेवा साबित हुई। कोनी थाना क्षेत्र में खेत में धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 65 वर्षीय किसान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित रहा।


पुलिस के अनुसार, कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम निरतू निवासी धरमदास यादव (65) रविवार सुबह करीब 9 बजे अरपा नदी किनारे स्थित अपने खेत में धान की रोपाई करने गए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह खेत के पास सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ रहे थे, तभी आकाशीय बिजली उनकी चपेट में आ गई। बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें खेत में गिरा देखा और तत्काल परिजनों तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बारिश से शहर में जलभराव, लोगों को हुई परेशानी

दूसरी ओर, रविवार दोपहर शुरू हुई तेज बारिश देर रात तक रुक-रुककर जारी रही। लगातार बारिश से शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। कई प्रमुख सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर वाहन पानी के बीच धीमी गति से चलते नजर आए।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने तथा आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

रायपुर में नवजात की मौत पर बवाल, एक्सपायरी मिल्क पाउडर के आरोप की जांच शुरू

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में एक नवजात बच्ची की मौत के बाद मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाले शिशु आहार की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल स्टोर से खरीदा गया एक्सपायरी मिल्क पाउडर बच्ची को पिलाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, बच्ची की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। मामले की जांच पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और ड्रग विभाग द्वारा की जा रही है।


परिजनों के अनुसार, मिल्क पाउडर पिलाने के कुछ समय बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश

शिकायत मिलने के बाद मौदहापारा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संबंधित मेडिकल स्टोर को नोटिस जारी कर दुकान के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर भी जांच में जुटे

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर ने भी जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों का कहना है कि यदि जांच में मिल्क पाउडर एक्सपायरी पाया जाता है, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला होगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और ड्रग विभाग सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल एक्सपायरी मिल्क पाउडर से मौत का दावा परिजनों का आरोप है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

गुवाहाटी में BRICS एंटी-ड्रग एजेंसियों की दो दिवसीय बैठक शुरू, सिंथेटिक ड्रग्स पर रहेगा मुख्य फोकस

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गुवाहाटी- ब्रिक्स (BRICS) देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों की दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक सोमवार से गुवाहाटी में शुरू हो गई। बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी नशीले पदार्थों की तस्करी, विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना, सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए समन्वय बढ़ाना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को और सशक्त बनाना है।

इस दौरान ड्रग तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, नई चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त कार्रवाई को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस बैठक से ब्रिक्स देशों के बीच नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को नई मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुंबई में भारी बारिश का कहर, विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित

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मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को आयोजित होने वाली सभी स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा और आवागमन में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय ट्रेन एवं सड़क परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। छात्रों से अपील की गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।

डॉ. तीजन बाई के सम्मान में गनियारी के शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का होगा नामकरण – शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

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शिक्षा मंत्री ने दी पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि, उनकी अंतिम संस्कार में रहे शामिल

रायपुर- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मविभूषण से सम्मानित एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अप्रतिम धरोहर डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत वे उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए तथा दाह संस्कार कार्यक्रम तक उपस्थित रहकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने घोषणा किया कि उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी" के नाम से किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की।

मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी" के नाम से किया जाएगा। राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा तथा इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी।

नशे का खौफनाक तांडव: शख्स ने जिंदा चबाए दो जहरीले सांप, तीसरे को पकड़ने के दौरान परिजनों ने ....!

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 चतरा (झारखंड) : झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कुंदा थाना क्षेत्र के बरवाडीह टोला गांव में नशे की हालत में एक व्यक्ति ने एक के बाद एक दो जहरीले सांपों को जिंदा चबा डाला। जब वह तीसरे सांप को अपना निवाला बनाने की तैयारी कर रहा था, तभी मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे बमुश्किल रोका। फिलहाल युवक की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


ताश खेलने के दौरान आई आफत

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को गांव का निवासी 46 वर्षीय बुधन भारती अपने दोस्तों के साथ शराब पीकर ताश खेल रहा था। इसी दौरान पास के खेत से एक जहरीला नाग रेंगता हुआ वहाँ आ पहुँचा और उसने बुधन को डंसने का प्रयास किया। आम तौर पर लोग सांप को देखकर दूर भागते हैं, लेकिन अत्यधिक नशे में धुत बुधन ने डरने के बजाय सांप को हाथों से दबोच लिया।

मना करने पर भी नहीं माना, जिंदा चबा गया नाग

आसपास मौजूद ग्रामीणों और दोस्तों ने बुधन को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन नशे के सुरूर में उसने किसी की एक न सुनी। उसने जिंदा नाग को मुँह में डाला और चबा गया। चश्मदीदों के मुताबिक, पहला सांप खाने के बाद भी बुधन का मन नहीं भरा और वह तुरंत पास के खेत की तरफ भागा। वहाँ ग्रामीणों द्वारा पहले से मारा गया एक दूसरा सांप पड़ा हुआ था, बुधन ने उसे भी उठाया और चबा डाला।

तीसरे सांप की थी तैयारी, परिजनों ने पहुँचाया अस्पताल

दो सांपों को निगलने के बाद बुधन वापस आया और उसने फिर से शराब पी। कुछ ही देर बाद वह तीसरे सांप को तलाश कर पकड़ने की कोशिश करने लगा। इस अजीबोगरीब और खतरनाक हरकत को देख ग्रामीणों ने तुरंत उसके परिवार को इसकी सूचना दी।

मौके पर पहुँचे परिजनों ने काफी मिन्नतों और समझाइश के बाद बुधन को काबू में किया। सांपों का जहर शरीर में फैलने के कारण कुछ ही देर में बुधन की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में लोग हैरान और सहमे हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में मौसम का 'हाई अलर्ट': अगले 24 घंटों में उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी

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 रायपुर/दिल्ली: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) ओडिशा तट से टकरा गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार दोपहर यह डिप्रेशन बालासोर के पास उत्तर ओडिशा तट से टकराया। इसके प्रभाव से ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित आसपास के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।


अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों के भीतर यह डिप्रेशन दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ेगा, जिससे इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट भी जारी है।

मुंबई में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद

देश के एक बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। हाल के दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में आगे बढ़ा है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने 6 जुलाई को सभी स्कूल और कॉलेजों में एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया है।

जुलाई में औसत से कम बारिश का अनुमान

एक तरफ जहां डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है, वहीं मौसम विभाग ने जुलाई महीने में देश भर में समग्र रूप से औसत से कम बारिश का अनुमान जताया है। IMD के मुताबिक, जुलाई में दीर्घकालिक औसत (LPA) के मुकाबले करीब 94 फीसदी ही बारिश होने की संभावना है।

 

CG NEWS : रात के अंधेरे में सेंधमारी, घर से 30 बकरियां चोरी; गांव में हड़कंप

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 कोरबा। जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंधिया में चोरी की एक अनोखी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मकान की पिछली दीवार में सेंध लगाकर घर में बंधी करीब 25 से 30 बकरियां चोरी कर लीं। इस घटना से बकरी पालक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।


जानकारी के अनुसार, ग्राम सिंधिया निवासी रामायण यादव का परिवार शनिवार रात घर में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मकान के पीछे की दीवार में सेंध लगाकर घर के भीतर प्रवेश किया। इसके बाद चोर एक-एक कर घर में बंधी करीब 25 से 30 बकरियां लेकर फरार हो गए।

सुबह जब परिवार की नींद खुली तो बकरियां गायब थीं और मकान की दीवार टूटी हुई मिली। घटना का पता चलते ही परिवार के होश उड़ गए। पीड़ित ने तत्काल कटघोरा पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

इस वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गई बकरियों की बरामदगी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों का जल्द पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

सेवा सेतु से घर बैठे मिल रही समयबद्ध शासकीय सेवाएं, सिर्फ एक सप्ताह में मिला निवास प्रमाण पत्र

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। शासन की महत्वाकांक्षी पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।


इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के नागरिक विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों का समय और आर्थिक व्यय बच रहा है, बल्कि सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की समस्या से भी उन्हें राहत मिली है।

कोरबा जिले की पोड़ी उपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम सुतर्रा निवासी कुमारी निधि सेन, पिता प्रकाश चन्द्र सेन, सेवा सेतु पोर्टल की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। उन्होंने निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ग्राम सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेजों तथा पटवारी प्रतिवेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनका आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकृत किया गया और उन्हें मात्र एक सप्ताह में निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।

कुमारी निधि सेन ने बताया कि आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े, जिससे समय और धन दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो गई है।

उन्होंने राज्य सरकार की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि सेवा सेतु ने सरकारी सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है। समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवा वितरण की यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जहां अब लोग बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को जन-जन तक पहुंचाने और प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल इसी सोच का प्रभावी उदाहरण है, जिसने शासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करते हुए सेवाओं की उपलब्धता को अधिक सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाया है। यह पहल प्रदेश में सुशासन की अवधारणा को सशक्त करने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हो रही है।

विकास का नया सेतुः जब पिनगुंडा नाला पर बनी पुलिया ने बदली ओरछा की तकदीर

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 ​रायपुर : अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में जब मानसून दस्तक देता था, तो वह अपने साथ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि ओरछा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए दुश्वारियों का दौर भी लेकर आता था।


हर साल बारिश के चार महीने यहाँ के लोगों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होते थे। लेकिन इस साल तस्वीर जुदा है। नारायणपुर के ओरछा क्षेत्र में पिनगुंडा नाला पर बनी नई बॉक्स पुलिया ने विकास की एक नई इबारत लिख दी है। यह पुलिया सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए खुशहाली और कनेक्टिविटी का एक नया 'लाइफलाइन' बन चुकी है।

​संकट का सबब था पिनगुंडा नाला

​पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग पर स्थित पिनगुंडा नाला सालों से नारायणपुर और ओरछा के बीच एक अभेद्य दीवार बना हुआ था। मानसून के आते ही नाला उफान पर आ जाता, जिससे तहसील मुख्यालय ओरछा सहित दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता था। उफनते नाले के कारण एम्बुलेंस नहीं आ पाती थी और गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते थे। नदी-नाले पार करने के जोखिम के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई हफ्तों बाधित रहती थी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो जाती थी और स्थानीय ग्रामीणों की कृषि उपज मंडियों तक नहीं पहुँच पाती थी।

258 लाख रुपए की लागत से मिला स्थायी समाधान

​ग्रामीणों की इस दशकों पुरानी और बुनियादी समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए शासन द्वारा यहाँ एक सुदृढ़ पुलिया निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। इस आधुनिक बॉक्स ब्रिज के बन जाने से बारिश के दिनों में भी नारायणपुर से ओरछा तक का मार्ग पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित हो गया है। घंटों का इंतजार और मीलों लंबा वैकल्पिक सफर अब गुजरे जमाने की बात हो गई है।

​बदलाव की बयार: बहुआयामी लाभ

​इस एकल परियोजना ने ओरछा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। सुरक्षित और सुगम मार्ग मिलने से ग्रामीणों के ईंधन और कीमती समय, दोनों की बचत हो रही है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ अब बिना किसी रुकावट के सीधे गांवों तक पहुँच रही हैं। साथ ही शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी आसान हुआ है। इसके साथ ही कृषि उपजों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं का परिवहन आसान होने से स्थानीय व्यापार को एक नई गति मिली है।

स्थानीय ​ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल नहीं, हमारा बेहतर भविष्य है। यह निर्माण उनके जीवन की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। सालों से हम इस नाले के सामने बेबस थे। बीमारों को खाट पर लादकर ले जाना पड़ता था। अब इस पुलिया के बनने से हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा डर दूर हो गया है। यह पुल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता है।

आईआईएम में चिंतन शिविर 3.0 का दूसरा दिन शुरू, मुख्यमंत्री साय ने योगाभ्यास से की शुरुआत

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 रायपुर। नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत रविवार सुबह योगाभ्यास के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के साथ व्यक्ति को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


चिंतन शिविर में राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, विभिन्न विभागों के मंत्री तथा शासन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस एवं आईपीएस) भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य सुशासन को और प्रभावी बनाना, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देना तथा राज्य के समग्र विकास की रणनीति पर मंथन करना है।

दो दिवसीय शिविर के दौरान नेतृत्व क्षमता, प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन, कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन, ग्रामीण विकास और उभरती तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

मॉर्निंग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर

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 बिलासपुर। शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।


जानकारी के अनुसार, श्याम कश्यप सुबह करीब 6:45 बजे मॉर्निंग वॉक के दौरान रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे थे। इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और डंडों व नुकीले हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने गंभीर रूप से घायल श्याम कश्यप को तत्काल रेलवे अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही तारबाहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। साथ ही हमलावरों की पहचान और हमले के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।

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