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बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर समता स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

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5 अप्रैल 2026 को बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती के अवसर पर बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समता स्थल (बाबूजी की समाधि), दिल्ली गेट, नई दिल्ली में सुबह 7:30 बजे से 8:00 बजे तक पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही 6, कृष्ण मेनन मार्ग, नई दिल्ली में सुबह 9:30 बजे सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

पुष्पांजलि समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा, लोकसभा सांसद मनोज कुमार, मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन की कार्यकारी उपाध्यक्ष स्वाति कुमार, सदस्य सचिव शैलेंद्र कुमार, निदेशक नरेंद्र वशिष्ठ, विभिन्न सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बाबूजी के सैकड़ों अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद 6, कृष्ण मेनन मार्ग पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, विभिन्न सांसदों, फाउंडेशन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में अनुयायियों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी।

बाबू जगजीवन राम एक स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष किया। वे 35 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री रहे, जो कि एक लंबा कार्यकाल है, और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

खाद्य एवं कृषि मंत्री के रूप में उन्हें ‘हरित क्रांति’ का श्रेय दिया जाता है, वहीं रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।



हैवान बना पड़ोसी! मासूम से दरिंदगी के बाद पत्थर से कूचकर हत्या, कुएं में फेंका शव

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 कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में 7 साल के मासूम की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है। आरोपी ने पहले बच्चे के साथ गलत हरकत की और फिर राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर शव को 12 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया।


जानकारी के अनुसार, किसान शिवकुमार खुरसेंगा का 7 वर्षीय बेटा आयान 2 अप्रैल की दोपहर अपने दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। नहाने के बाद अन्य बच्चे घर लौट आए, लेकिन आयान वापस नहीं पहुंचा। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

इसी दौरान परिजनों को पता चला कि आयान को आखिरी बार पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय रंजीत कुमार के साथ देखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बच्चे को बहलाकर सुनसान जगह ले गया, जहां गलत हरकत की। विरोध करने पर उसने पत्थर से सिर पर कई बार वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को पास के कुएं में फेंक दिया।

घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुएं से शव बरामद किया। पुलिस की मौजूदगी में शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

इस जघन्य वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए प्रशासनिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज “वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए प्रशासनिक क्षमता निर्माण” पर पहली बार एक समर्पित कार्यक्रम की शुरुआत की। यह पहल मिशन कर्मयोगी के तहत अकादमिक नेतृत्व को प्रशासनिक कौशल और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“SADHANA सप्तह” के विशेष सत्र में इस पहल की घोषणा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए संरचित प्रशासनिक प्रशिक्षण की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, खासकर जब वे नेतृत्व की भूमिकाओं में आते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और अकादमिक पृष्ठभूमि के पेशेवरों को अक्सर बिना पूर्व प्रशासनिक अनुभव के संस्थागत जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं, और यह कार्यक्रम इस कमी को दूर करेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल वैज्ञानिक नेतृत्व के साथ चर्चा से विकसित हुई है और संस्थागत प्रशिक्षण से “स्व-अध्ययन” पर निर्भरता कम होगी, जो समय लेने वाली और असमान हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम को गतिशील बनाए रखना होगा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों के साथ तालमेल बैठाना होगा, साथ ही तकनीक और मानवीय निर्णय के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

मंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग (CBC) के लिए नई दिशा-निर्देशों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए संरचित मॉड्यूल तैयार करना शामिल है। उन्होंने संसद प्रश्नों के उत्तर देने के लिए विशेष पाठ्यक्रम विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि अधिकारियों की प्रक्रियागत समझ मजबूत हो सके। साथ ही, प्रारंभिक स्तर के सिविल सेवकों और असिस्टेंट सेक्रेटरी के लिए छोटे ओरिएंटेशन मॉड्यूल भी तैयार किए जा सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर दिया कि क्षमता निर्माण को नियम-आधारित कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर भूमिका-आधारित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिससे अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अनुकूलन कर सकें। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कार्यप्रणालियों को भी शासन में शामिल करना जरूरी है, क्योंकि “अब साइलो का युग समाप्त हो चुका है।”

क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का अगला चरण सार्वजनिक संस्थानों को “अनुकूलनीय” और “मानवीय” बनाने पर केंद्रित होगा, खासकर तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों में। उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ प्रशासन में अनुकूलन क्षमता अनिवार्य हो गई है, जबकि नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण सार्वजनिक सेवा का मूल बना रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने UNNATI पोर्टल के उन्नत संस्करण का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य संस्थागत क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। साथ ही, कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन के लिए रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर क्षमता निर्माण आयोग और रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (RIS) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा देना है।

इस सहयोग के तहत नीति संवाद, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और विषयगत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका फोकस AI, डिजिटल परिवर्तन और सार्वजनिक क्षेत्र में नवाचार जैसे क्षेत्रों पर होगा, जिससे क्षमता निर्माण को वैश्विक सार्वजनिक हित के रूप में स्थापित किया जा सके।

विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. अशुतोष शर्मा, प्रो. अभय करंदीकर (सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग), डॉ. राजेश एस. गोखले (सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग), डॉ. एम. रविचंद्रन (सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय) और अलका मित्तल (सदस्य, प्रशासन, क्षमता निर्माण आयोग) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के पांच वर्षीय लक्ष्य के तहत एक “भविष्य के लिए तैयार” सिविल सेवा का निर्माण किया जा रहा है, जो निरंतर सीखने, तकनीकी अपनाने और नागरिक-केंद्रित शासन पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण का प्रभाव सेवा वितरण और संस्थागत प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए।


INS त्रिकंड तंजानिया पहुँचा, भारत-तंजानिया समुद्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

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भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंड 03 अप्रैल 2026 को दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती के तहत तंजानिया के दार-एस-सलाम पहुँचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना है।

इस पोर्ट कॉल के दौरान कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें पेशेवर संवाद और तंजानिया नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शामिल है, ताकि आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) और समुद्री सहयोग को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के तहत मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। जहाज पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जो आपसी सद्भाव और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।

इस यात्रा के दौरान भारत से लाए गए आवश्यक सामग्रियों (क्रिटिकल स्टोर्स) को भी सौंपा जाएगा।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स और यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

INS त्रिकंड का यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) दृष्टि के अनुरूप है।


भीषण गर्मी का कहर: चलती-खड़ी गाड़ियों में आग, बढ़ रही घटनाएं

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 Heat Alert : बढ़ती गर्मी अब लोगों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है। शहर में चलती और खड़ी गाड़ियों में आग लगने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिससे वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है।


पिछले एक महीने में ही रायपुर में 6 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें रिंग रोड-2 पर चलती टाटा एस, कलेक्ट्रेट के पास खड़ी कार, खमतराई में स्कॉर्पियो और अवंति विहार की घटनाएं शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी मामलों में लोग समय रहते बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गर्मियों में कार के अंदर का तापमान 60°C तक पहुंच जाता है। इससे इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है। ओवरहीटिंग, फ्यूल लीकेज और इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं अचानक आग लगने का कारण बनती हैं। इसके अलावा गाड़ी में रखी ज्वलनशील चीजें भी खतरे को बढ़ा देती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण लापरवाही और समय पर मेंटेनेंस का अभाव है। अगर वाहन की नियमित सर्विसिंग कराई जाए और छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।

कैपिटल मोटर संचालक दीपक चावला के अनुसार, अधिक तापमान के कारण इंजन और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। फ्यूल जल्दी वाष्पित हो जाता है और इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।

पुराने वाहनों को लेकर भी नियम सख्त हैं। 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर कुछ क्षेत्रों में प्रतिबंध है। वहीं 20 साल पुरानी निजी और 15 साल पुरानी कमर्शियल गाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें स्क्रैप किया जा सकता है।

जहां तक CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात है, अगर उनकी किट सही तरीके से नहीं लगी हो या समय पर सर्विसिंग न हो तो खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अधिकृत सर्विस सेंटर से नियमित देखभाल करने पर जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 कार में आग लगने के प्रमुख कारण

  • इलेक्ट्रिकल फॉल्ट
    • वायरिंग में शॉर्ट सर्किट
    • ढीले या टूटे तार
    • गलत आफ्टर-मार्केट फिटिंग
  • फ्यूल लीकेज (पेट्रोल/डीजल/CNG)
    • टैंक या पाइप से रिसाव
    • स्पार्क प्लग के पास फ्यूल पहुंचना
  • इंजन ओवरहीटिंग
    • कूलिंग सिस्टम फेल होना
    • इंजन का अत्यधिक गर्म होना
  • CNG/LPG किट में खराबी
    • लीकेज या वाल्व में गड़बड़ी
    • घटिया क्वालिटी या गलत इंस्टॉलेशन
  • मेंटेनेंस की कमी
    • समय पर सर्विसिंग न कराना
    • पुराने या खराब पार्ट्स का इस्तेमाल
  • एक्सीडेंट के बाद चिंगारी
    • टक्कर के बाद स्पार्क
    • फ्यूल लाइन कटना
  • ज्वलनशील सामान रखना
    • परफ्यूम, डियो, लाइटर
    • सैनिटाइजर, पावर बैंक

 कार में आग लगने से बचाव के उपाय

  • नियमित सर्विसिंग कराएं
    • गर्मी से पहले पूरी जांच
    • कूलिंग सिस्टम, वायरिंग और फ्यूल लाइन चेक करें
  • इंजन ऑयल और कूलेंट जांचें
    • सही स्तर बनाए रखें
    • इंजन को ठंडा रखने में मदद
  • ज्वलनशील वस्तुएं कार में न रखें
    • परफ्यूम, सैनिटाइजर, लाइटर आदि न छोड़ें
  • इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराएं
    • पुरानी गाड़ियों में विशेष ध्यान रखें
  • CNG/LPG किट की नियमित जांच
    • केवल अधिकृत सेंटर से सर्विसिंग कराएं
  • फायर एक्सटिंग्विशर रखें
    • हर कार में छोटा अग्निशामक रखें
    • आपात स्थिति में बेहद उपयोगी
  • धूप में पार्किंग से बचें
    • संभव हो तो छांव में वाहन खड़ा करें
    • इससे तापमान कम रहता है

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: प्रेमी से विवाद के बाद झुलसी छात्रा की मौत, मोबाइल को लेकर हुआ था झगड़ा

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 सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।


95 प्रतिशत तक झुलसी थी छात्रा

जानकारी के अनुसार, विश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विश्रामपुर-भटगांव मार्ग पर पासिंग नाला के पास शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे एक नाबालिग लड़की गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में सड़क किनारे मिली। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे करीब 95 प्रतिशत तक झुलसा हुआ बताया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतका की पहचान ग्राम गोरखनाथपुर निवासी मोनिका सिंह उर्फ मोना (17) के रूप में हुई है, जो कक्षा 11वीं की छात्रा थी।

मोबाइल को लेकर हुआ था विवाद

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा का अपने ब्वॉयफ्रेंड से मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि मोबाइल किश्तों पर लिया गया था, जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। विवाद के दौरान छात्रा ने आग लगाकर आत्महत्या करने की धमकी दी थी।

ब्वॉयफ्रेंड ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि छात्रा ने एक दुकान से करीब 100 रुपये का पेट्रोल खरीदा था। उसने पेट्रोल छीनकर अपनी बाइक पर डाल लिया और उसे उसके घर से लगभग 500 मीटर दूर छोड़कर रामनगर लौट आया। इसके करीब आधे घंटे बाद छात्रा के जलने की सूचना मिली।

जांच में जुटी पुलिस, सभी पहलुओं की पड़ताल

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित एंगल्स को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

मंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को जल्द जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और घटना के हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है। इलाके में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।

INS तारागिरी के निर्माण में SAIL का अहम योगदान, भारतीय नौसेना में शामिल

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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL), जो इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, ने नीलगिरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17A) की स्टील्थ फ्रिगेट के चौथे जहाज INS तारागिरी के कमीशनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस युद्धपोत को 03 अप्रैल 2026 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

यह युद्धपोत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है, जिसमें SAIL द्वारा आपूर्ति की गई लगभग 4,000 टन विशेष ग्रेड स्टील प्लेट्स का पूर्ण उपयोग किया गया है। यह विशेष स्टील SAIL के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों में तैयार किया गया है, जो कंपनी की उन्नत धातुकर्म क्षमताओं और उच्च गुणवत्ता मानकों को दर्शाता है।

SAIL भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसे सरकारी अभियानों को निरंतर समर्थन देता रहा है। कंपनी पहले भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति कर चुकी है, जिनमें स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत और प्रोजेक्ट 17A के पहले तीन जहाज—INS नीलगिरी, INS हिमगिरी और INS उदयगिरी शामिल हैं।

INS तारागिरी का सफल शामिल होना भारत की रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह देश की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने में घरेलू इस्पात उद्योग की अहम भूमिका को दर्शाता है।


अंबिकापुर निर्भया कांड: पोस्टमार्टम में हुआ खौफनाक खुलासा, 12 पसलियां टूटीं, दिल-फेफड़े क्षतिग्रस्त

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 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी ने कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और शव के साथ भी बर्बरता की।


फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. संटू बाघ के अनुसार, मृतका की सभी 12 पसलियां टूट चुकी थीं। पसलियों के टुकड़े होने से फेफड़े और दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा। सिर पर तीन जगह गहरी चोटें मिलीं और खोपड़ी की हड्डियां भी टूटी पाई गईं। गला दबाने के स्पष्ट निशान भी मौजूद हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चोटों की प्रकृति से संकेत मिलता है कि आरोपी ने महिला के सीने पर चढ़कर दबाव बनाया।

एक से अधिक आरोपी होने की आशंका

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले महिला एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाती हुई दिखाई दी है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला के साथ अत्यंत अमानवीय कृत्य किया गया, जिससे घटना की क्रूरता और बढ़ गई है।

सियासी और सामाजिक आक्रोश

मामले पर टीएस सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने इसे निर्भया कांड जैसी हैवानियत बताते हुए जल्द गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सजा की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, महिला कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

असम में बीफ विवाद पर सियासत तेज, सीएम हिमंत सरमा की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

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 नई दिल्ली/गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव से पहले बीफ को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। Himanta Biswa Sarma ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी और उनकी मां पर लगे आरोपों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।


मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य में बीफ खाने की संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता और पशु संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और कानून के तहत सजा भी हो सकती है।

AJP ने बताया राजनीतिक मुद्दा

वहीं असम जातीय परिषद ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। पार्टी की उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक कथित एआई-जनित वीडियो फैलाया गया है, जिसे उन्होंने भ्रामक बताया।

गुवाहाटी में एक रैली के दौरान चौधरी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

इस बीच, Himanta Biswa Sarma ने जोरहाट में एक रोड शो कर पार्टी के समर्थन का दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के मुद्दे पर जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस तरह के विवाद और बयानबाजी चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं।

नौकरी का झांसा देकर ठगी! ‘कलेक्ट्रेट में लगवा दूंगा’ कहकर महिला से 3.38 लाख ऐंठे

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 रायगढ़। जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। कोतरा रोड थाना क्षेत्र में एक महिला से कलेक्ट्रेट सारंगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3.38 लाख रुपये की ठगी की गई।


पीड़िता ने शनिवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान बैकुंठपुर निवासी आरोपी हरीश मिश्रा से उसकी भतीजी के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने उसे कलेक्ट्रेट सारंगढ़ में संविदा आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में पैसों की मांग की।

शिकायत के मुताबिक, पीड़िता ने 9 फरवरी से 22 मार्च के बीच अलग-अलग किस्तों में 3,08,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके बाद 23 मार्च को 30 हजार रुपये और दिए गए। इस तरह कुल 3.38 लाख रुपये आरोपी को सौंपे गए, लेकिन नौकरी नहीं मिली।

फर्जी नियुक्ति पत्र देकर किया गुमराह

पीड़िता ने बताया कि 20 मार्च को उसे एक नियुक्ति पत्र दिया गया, जो ‘कॉल मी सर्विस’ नामक संस्था के नाम से था। आरोपी ने उसे रायगढ़ कलेक्ट्रेट बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने पर उसका मोबाइल बंद मिला। बाद में जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

ठगी का पता चलने पर पीड़िता ने कोतरा रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी हरीश मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की चेतावनी, कोलकाता तक हमले की दी धमकी

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 इस्लामाबाद/नई दिल्ली। Khawaja Asif ने भारत को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाला कोई भी युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल सकता है। इस दौरान उन्होंने Kolkata का नाम संभावित निशाने के रूप में लिया।


सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आसिफ ने आरोप लगाया कि भारत ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ की योजना बना सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

आसिफ ने कहा कि यदि भारत इस प्रकार की कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान इसका जवाब कड़े रूप में देगा। उनके अनुसार, संभावित टकराव सीमावर्ती क्षेत्रों से आगे बढ़कर गहराई तक जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगला टकराव पहले की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है।

भारत का दोटूक जवाब

इधर, Rajnath Singh ने हाल ही में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा। केरल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की ओर से दोबारा किसी प्रकार की आतंकी गतिविधि होती है, तो भारतीय सेना उसे ऐसा जवाब देगी, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेगा।

तनाव बढ़ाने वाले बयान

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकते हैं। फिलहाल, भारत की ओर से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पखांजुर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक की मौत, कई घायल

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 पखांजुर (कांकेर)। थाना क्षेत्र अंतर्गत पीवी-27 गांव में जमीन विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को यह विवाद अचानक उग्र हो गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से जमकर मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और संघर्ष में एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं घायलों को तत्काल पखांजुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबू जगजीवन राम की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपना पूरा जीवन समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने देश के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके योगदान को स्मरण करता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,

“पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने समानता और सामाजिक न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। देश के लिए उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”

ध्यान से ही शांत और विकसित विश्व की नींव: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज भारत मंडपम में “ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स – मेडिटेशन फॉर होलिस्टिक लिविंग एंड ए पीसफुल वर्ल्ड” को संबोधित किया। इस सम्मेलन का आयोजन पिरामिड स्पिरिचुअल सोसायटीज़ मूवमेंट और बुद्धा-CEO क्वांटम फाउंडेशन द्वारा किया गया था।

आयोजकों, वक्ताओं, ध्यान गुरुओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने समग्र जीवन और वैश्विक शांति के मार्ग के रूप में ध्यान को बढ़ावा देने के उनके समर्पण की सराहना की।

प्रसिद्ध तमिल संत तिरुमूलर की शिक्षाओं को याद करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि ध्यान एक आंतरिक दीपक जलाने के समान है, जो अज्ञानता को दूर कर सत्य और शांति की ओर ले जाता है। उन्होंने बताया कि तिरुमूलर ने मानव शरीर को एक मंदिर और ध्यान को भीतर स्थित दिव्यता के साक्षात्कार का माध्यम बताया है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है और संघर्ष केवल बाहरी ही नहीं, बल्कि लोगों के भीतर भी मौजूद है। इस संदर्भ में उन्होंने जोर दिया कि ध्यान शांति, स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण लाकर परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है तथा दूसरों को सुनने और समझने की क्षमता को बढ़ाता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ध्यान की वास्तविक शक्ति मानव के भीतर परिवर्तन लाने में निहित है। उन्होंने बताया कि ध्यान तनाव को कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है, भावनात्मक संतुलन को मजबूत करता है और अधिक सोचने तथा अत्यधिक काम करने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि केवल भौतिक सफलता की अंधी दौड़ में सार्थक जीवन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धन सुविधा दे सकता है, लेकिन जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए। ध्यान सोच को बेहतर बनाता है और संतुलित तथा संतोषजनक जीवन जीने में मदद करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ध्यान केवल आध्यात्मिक लोगों के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी उतना ही आवश्यक है। ध्यान आंतरिक शांति, भावनात्मक संतुलन और स्पष्ट सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो एक प्रगतिशील राष्ट्र के लिए जरूरी हैं।

नशा मुक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने 2004 में किए गए अपने पदयात्रा का उल्लेख किया। युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान तनाव, चिंता और दिशाहीनता को दूर कर नशे की समस्या से लड़ने में सहायक हो सकता है।

दार्शनिक जिद्दू कृष्णमूर्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “बिना मूल्यांकन के अवलोकन करने की क्षमता ही सर्वोच्च बुद्धिमत्ता है।” उन्होंने कहा कि ध्यान व्यक्ति को अपने विचारों को बिना किसी निर्णय के देखने की क्षमता देता है, जिससे आत्मिक परिवर्तन संभव होता है। यह परिवर्तन समझदार व्यक्तियों, सामंजस्यपूर्ण समाज, संवेदनशील नेतृत्व और मानवीय संस्थाओं के निर्माण में मदद करता है।

अंत में उन्होंने कहा कि बेहतर दुनिया बनाने के लिए पहले बेहतर और शांत मन का निर्माण जरूरी है, और ध्यान इस यात्रा की शुरुआत है।

इस अवसर पर सीबीआई और सीआरपीएफ के पूर्व निदेशक डी.आर. कार्तिकेयन, परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष और आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. न्यूटन कोंडावेटी, बुद्धा-CEO क्वांटम फाउंडेशन के संस्थापक चंद्र पुलमारासेट्टी, पिरामिड स्पिरिचुअल ट्रस्ट (हैदराबाद) के अध्यक्ष श्री विजय भास्कर रेड्डी सहित कई ध्यान गुरु, नीति निर्माता और विद्वान उपस्थित रहे।


बंगाल में बदलाव की लहर, भाजपा को मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन: सीएम साय

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य की जनता को केंद्र सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा गया है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ गरीबों और किसानों तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने राज्य में रोजगार के अवसरों की कमी और महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के वादों के पूरा न होने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है और युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है। साय ने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी सरकार को दोबारा सत्ता में आने से रोकें और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन दें।

पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम और बिनपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित नामांकन कार्यक्रमों और जनसभाओं में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी के पक्ष में जनसमर्थन की अपील की। सड़कों पर उमड़ी भीड़ और विभिन्न वर्गों की भागीदारी को उन्होंने परिवर्तन की इच्छा का संकेत बताया।

मुख्यमंत्री साय ने झारग्राम की भूमि को वीर सपूतों और विद्वानों की धरती बताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपने परिश्रम से शीर्ष पदों तक पहुंच सकता है।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से आने के बावजूद पार्टी ने उन्हें सांसद, विधायक, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे, जो पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देश के हर वर्ग के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने अन्य दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां नीतियों और नीयत दोनों की कमी है।

जनजातीय समाज के संदर्भ में साय ने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जनजातीय कल्याण बोर्ड, पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका लाभ पश्चिम बंगाल में नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतनमान लागू किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनसंपर्क करने और पार्टी के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उन्होंने दावा किया कि जनता का मिल रहा समर्थन इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

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