Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव जी का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।

इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा उपस्थित थे।

जनगणना 2027: केंद्र सरकार ने 'जनसंख्या गणना' के लिए जारी की 40 प्रश्नों की अधिसूचना

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी 'जनसंख्या गणना' (Population Enumeration) के लिए 40 प्रश्नों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। भारत के महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, इस बार की जनगणना में सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कई नए व महत्वपूर्ण प्रश्नों को शामिल किया गया है।


जाति और कोविड टीकाकरण पर रहेंगे खास सवाल

नवीनतम प्रश्नावली के तहत नागरिकों से उनकी जाति तथा कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से जुड़े विवरण मांगे जाएंगे। जनगणना कर्मचारी प्रत्येक परिवार से यह जानकारी लेंगे कि वे अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंध रखते हैं या नहीं, और उनकी विशिष्ट जाति कौन सी है। इसके अलावा, महामारी के बाद स्वास्थ्य डेटाबेस को मजबूत करने के उद्देश्य से कोविड टीकाकरण का स्थान और उससे जुड़े विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।



बर्फबारी वाले क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरुआत
सर्दियों में भारी बर्फबारी और विषम मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनसंख्या गिनती की प्रक्रिया 1 से 30 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी। 

इनमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

  • लद्दाख
  • जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले क्षेत्र
  • हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाके
  • उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्र

मुख्य बिंदु:

  • कुल प्रश्न: जनसंख्या गणना चरण के लिए 40 सवाल तय।
  • पहला चरण: जनवरी में मकान सूचीकरण (House Listing) के लिए 33 सवाल अधिसूचित किए गए थे।
  • उद्देश्य: देश के नागरिकों का सटीक सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य और जनसांख्यिकी डेटाबेस तैयार करना।

सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विस्तृत ब्यौरा

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) कार्यालय द्वारा जारी 'हाउसहोल्ड शेड्यूल' में रहन-सहन, पेयजल, बिजली, शौचालय, वाहन, व्यवसाय और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए गए हैं, जिससे देश की भावी योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी।

CG NEWS : मिठाई का लालच देकर नाबालिगों से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 कवर्धा। कबीरधाम जिले के उड़ियाकला गांव में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


मिठाई का लालच देकर की हरकत

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 9 अगस्त की शाम की है। आरोपी जागेश्वर साहू (39 वर्ष), निवासी उड़ियाकला, ने दो सगी नाबालिग बहनों और उनकी पड़ोस की एक अन्य बच्ची को मिठाई का लालच देकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान उसने बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें कीं। बच्चियों द्वारा शोर मचाने और विरोध करने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने 11 अगस्त को कबीरधाम महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 8 के तहत मामला पंजीकृत किया। पीड़ितों के बयान दर्ज कर उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 12 अगस्त को आरोपी जागेश्वर साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के प्रति अपराधों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग पर विचार का आश्वासन

No comments Document Thumbnail

इंटर्न्स एवं आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा के मध्य  मांगों को लेकर सकारात्मक चर्चा

रायपुर- आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में आईएमए प्रतिनिधियों और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य इंटर्न्स की समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान निकालना था।

स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग

बैठक के दौरान इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख माँग रखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कही। इस पर विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि छात्र हित में सरकार द्वारा हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं और इंटर्न्स की स्टाइपेंड संबंधी माँग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

हॉस्टल निर्माण को मंजूरी

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं, जो छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित न करने की अपील

बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में सेवाएँ प्रभावित न हों।

बैठक में IMA-MSN Chhattisgarh  के संयोजक शाहदिल ख़ुसरू ने कहा कि आज की यह बैठक समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल साबित हुई है। दोनों पक्षों ने सकारात्मक वातावरण में चर्चा को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की और बैठक का समापन भी सकारात्मक माहौल में हुआ। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रशासन और इंटर्न्स, दोनों की ओर से इसी प्रकार संवाद और सहयोग की भावना बनी रहेगी तथा इस समस्या का जल्द ही संतोषजनक समाधान निकलेगा।

बैठक में पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (PT. JNM Raipur), छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान, बिलासपुर (CIMS Bilaspur), शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव (GMC Rajnandgaon), शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर (GMC Kanker) एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर (GMC Ambikapur) के इंटर्न्स उपस्थित रहे।

CGMSC पर लगा 1 लाख का जुर्माना निरस्त,सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को पलटा

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की कार्य शैली और नियम आधारित टेंडर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को  रद्द कर दिया है, जिसमें CGMSC पर 1 लाख का जुर्माना (हर्जाना) लगाया गया था। इस फैसले से साफ हो गया है कि कंपनी की टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह साफ-सुथरी और नियमों के हिसाब से थी।

पूरा मामला यह था कि टेंडर से जुड़े एक मामले में एक ठेकेदार ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने CGMSC पर 1 लाख का जुर्माना लगा दिया था। इसके खिलाफ CGMSC सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई में पाया कि निगम की तरफ से कोई गलती नहीं हुई थी।

अदालत ने माना कि ठेकेदार ने फॉर्म में जो अपनी ऑफिशियल ईमेल आईडी दी थी, उसी पर समय रहते सारी जरूरी जानकारियां और मैसेज भेजे गए थे। ठेकेदार ने खुद तय समय में जवाब नहीं दिया, इसलिए नियमों के तहत ही उसे टेंडर से बाहर किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पूरे मामले में CGMSC का काम बिल्कुल सही था और उस पर लगा 1 लाख का जुर्माना ग़लत है। इस फैसले से साबित हो गया है कि CGMSC अपने सभी टेंडर और खरीदारी में पूरी ईमानदारी और नियमों का पालन करता है। निगम ने कहा है कि वह आगे भी राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ऐसे ही पूरी ईमानदारी के साथ काम करता रहेगा।

विभाजन विभीषिका दिवस: बंटवारे के ज़ख्मों को याद कर भावुक हुए PM मोदी, बोले.....

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के अवसर पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के अदम्य साहस, संघर्ष और जिजीविषा को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि देश के विभाजन ने लाखों परिवारों को रातों-रात बेघर कर दिया और असहनीय दर्द दिया, लेकिन प्रभावित लोगों ने विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी शून्य से नई शुरुआत कर देश के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया।


इसी के साथ प्रधानमंत्री ने देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सद्भाव के संकल्प को मजबूत करते हुए 'विकसित भारत' के निर्माण में जुटने का आह्वान किया।

'इतिहास का वह दौर, जिसने तहस-नहस कर दी थीं अनगिनत जिंदगियां'
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा:

"आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को नमन करते हैं, जो 1947 के विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह हमारे इतिहास का वह दर्दनाक दौर था, जिसने अनगिनत जिंदगियां तहस-नहस कर दीं। परिवार उजड़ गए, अपनों को खो दिया और लोगों ने असीम वेदना सही।"

पीएम ने आगे लिखा कि इतने बड़े संकट के बावजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मुश्किलों को अपनी ताकत बनाया, शून्य से अपनी जिंदगी फिर से शुरू की और देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया।

इंसानी जज्बे की मिसाल और एकता का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा कि विभाजन पीड़ित लोगों की जीवन-यात्राएं इंसानी जज्बे और जिजीविषा की अद्भुत ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने अपील की कि यह दिन हमें आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने का संदेश देता है, ताकि देश फिर कभी ऐसे काले दौर से न गुजरे और हम सब एकजुट होकर 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर बढ़ें।

आजादी के जश्न के साथ जुड़ा विभाजन का दर्द

उल्लेखनीय है कि भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी। स्वतंत्रता दिवस हर देशवासी के लिए गर्व और उल्लास का अवसर है, लेकिन आजादी की इस सुबह के साथ बंटवारे का गहरा और कभी न भरने वाला दर्द भी जुड़ा हुआ था। देश के विभाजन के दौरान हुई हिंसा में लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

इसी ऐतिहासिक त्रासदी और शहीदों व पीड़ितों के बलिदान को याद करने के लिए हर साल 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

धमतरी: गंगरेल बांध में मिली भगवान नेमिनाथ की दुर्लभ प्रतिमा, जैन समाज में उत्साह

No comments Document Thumbnail

 धमतरी : छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गंगरेल बांध क्षेत्र से भगवान नेमिनाथ की एक दुर्लभ और प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई है। सफेद संगमरमर से निर्मित इस प्रतिमा के मिलने से क्षेत्र के जैन समाज और स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।


बोटिंग चालक से मिली प्रतिमा

मिली जानकारी के अनुसार, गंगरेल बांध घूमने पहुंचे जैन समाज के कुछ पर्यटकों की नजर एक स्थानीय बोटिंग चालक के पास रखी इस प्रतिमा पर पड़ी। बारीक नक्काशी और विशेषताओं को देखकर पर्यटकों ने इसकी पहचान जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा के रूप में की।

दिगंबर जैन मंदिर में कराई गई सुरक्षित

प्रतिमा की ऐतिहासिकता और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे धमतरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पूर्ण आदर एवं सुरक्षा के साथ स्थापित कर दिया गया है।

पुरातत्व विभाग करेगा जांच:

प्रतिमा कितनी प्राचीन है और यह गंगरेल बांध क्षेत्र तक कैसे पहुंची, इसका सटीक पता लगाने के लिए पुरातत्व विशेषज्ञों से इसकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही प्रतिमा के वास्तविक कालखंड और ऐतिहासिक संदर्भ का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

कोकड़ी की 11.22 हेक्टेयर वनभूमि पर प्रस्तावित रिसॉर्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध

No comments Document Thumbnail

ग्रामीणों ने कहा—यह भूमि पशु चराई और ग्रामीणों की जरूरतों का प्रमुख सहारा, औद्योगिक/व्यावसायिक उपयोग में न दी जाए

पटेवा- ग्राम कोकड़ी में प्रस्तावित रिसॉर्ट निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत खट्टा के आश्रित ग्राम कोकड़ी में स्थित शासकीय भूमि, जो वर्तमान में घास/चरागाह मद में दर्ज है, गांव के पशुधन और ग्रामीणों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है। इसी भूमि के एक हिस्से को रिसॉर्ट निर्माण के लिए चिन्हांकित किए जाने की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।


ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर महासमुंद को दिए गए आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 164 की कुल 11.22 हेक्टेयर भूमि घास चरागाह मद में दर्ज है। आवेदन में बताया गया है कि इसमें से लगभग 2.40 हेक्टेयर भूमि को रिसॉर्ट निर्माण के लिए चिन्हांकित कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को आवंटित किए जाने की प्रक्रिया का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कोकड़ी गांव में पशुओं के निस्तारी और चराई के लिए यह प्रमुख उपलब्ध भूमि है। इसके अलावा ग्रामीणों के मुताबिक आसपास अन्य पर्याप्त शासकीय भूमि या चराई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस भूमि का व्यावसायिक उपयोग होने से गांव के पशुपालकों और ग्रामीणों के सामने भविष्य में परेशानी खड़ी हो सकती है।

ग्राम सभा में भी उठ चुका है मुद्दा

दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर भी इस विषय को लेकर चर्चा की गई है। बैठक की कार्यवाही में ग्रामीणों द्वारा वन/चराई से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखने तथा प्रस्तावित औद्योगिक/व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति दर्ज किए जाने का उल्लेख दिखाई देता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 164 की पूरी 11.22 हेक्टेयर भूमि को ग्राम कोकड़ी के निस्तारी एवं चराई के लिए सुरक्षित रखा जाए और इसे किसी अन्य औद्योगिक अथवा व्यावसायिक कार्य में न दिया जाए।

ग्रामीणों की मांग—पहले गांव की जरूरत, फिर विकास

ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास या पर्यटन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य के लिए ऐसी भूमि का चयन नहीं होना चाहिए जो गांव के पशुधन, चराई और दैनिक जरूरतों का आधार हो।

ग्रामीणों ने कलेक्टर महासमुंद एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर भूमि की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित आवंटन तथा ग्रामवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की आपत्ति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है।


दस्तावेजों में उपलब्ध तथ्य:

  • स्थान : ग्राम कोकड़ी, तहसील पटेवा, जिला महासमुंद

  • खसरा नंबर : 164

  • कुल भूमि : 11.22 हेक्टेयर

  • ग्रामीणों के अनुसार रिसॉर्ट हेतु चिन्हांकित भूमि : लगभग 2.40 हेक्टेयर

  • मुख्य मांग : भूमि को ग्राम के निस्तारी/चराई के लिए सुरक्षित रखा जाए

लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन, पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का होगा विशेष गायन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष का समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली विरासत को समर्पित होगा। साथ ही, विकसित भारत@2047 की दिशा में देश की युवा शक्ति की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इस वर्ष पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का विशेष गायन होगा।

प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। इसके बाद दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल द्वारा उन्हें सामान्य सलामी दी जाएगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। इस वर्ष प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी तथा 24-24 जवान शामिल होंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए इस वर्ष भारतीय सेना समन्वयक सेवा है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे।

तिरंगा फहराने के साथ होगा 21 तोपों की सलामी का समन्वय

गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। तिरंगा फहराने का कार्यक्रम 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के वीर तोपचियों द्वारा दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी के साथ समन्वित होगा।

इस अवसर पर स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगे को दिया जाएगा ‘राष्ट्रीय सलाम’

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस से जुड़े जवानों वाला राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ‘राष्ट्रीय सलाम’ पेश करेगा। इस इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान मेजर लोकेन्द्र सिंह शेखावत संभालेंगे।

तिरंगा फहराए जाने के बाद सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन प्रस्तुत करेगा और समारोह में मौजूद सभी लोग राष्ट्रीय गीत का गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। सेना बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे।

हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरे पर ‘वंदे मातरम्’ का ध्वज होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

2,500 NCC कैडेट और ‘My Bharat’ स्वयंसेवक होंगे शामिल

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और ‘My Bharat’ के स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे, जिसके बाद राष्ट्रगान होगा।

इस वर्ष कुल 2,500 बालक एवं बालिका कैडेट तथा ‘My Bharat’ स्वयंसेवक समारोह में भाग लेंगे। ये सभी ज्ञानपथ पर लाल किले की प्राचीर के सामने बैठेंगे और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत@2047’ विषय को दर्शाने वाले व्यू-कटर भी लगाए जाएंगे।

देशभर से करीब 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल

इस वर्ष लाल किले पर आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक, पीएम मुद्रा योजना की महिला उद्यमी, NAMASTE, PM AJAY और SEED योजनाओं के लाभार्थी, उत्कृष्ट My Bharat स्वयंसेवक, PMAY (Urban) के लाभार्थी, पीएम स्वनिधि के स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के शहरी स्वच्छता कर्मी और दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा कर्तव्य पथ एवं सेंट्रल विस्टा में कार्यरत उत्कृष्ट कर्मचारी, युवा नवप्रवर्तक, विभिन्न क्षेत्रों के श्रेष्ठ वैज्ञानिक, भारत टैक्सी के सारथी और चालक, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के श्रेष्ठ इंटर्न, स्टार्टअप इंडिया से जुड़े उत्कृष्ट स्टार्टअप, पीएम कौशल विकास योजना के उत्कृष्ट प्रशिक्षित युवा, सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग ऑर्डरली, पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर और उत्कृष्ट किसान भी समारोह में शामिल होंगे।

देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1,500 से अधिक लोग पारंपरिक परिधानों में भी समारोह में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

समारोह में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर 25 क्लोक रूम बनाए गए हैं। आगंतुकों की सहायता के लिए 200 स्वयंसेवक, जिनमें 100 NCC और 100 My Bharat स्वयंसेवक शामिल हैं, तैनात रहेंगे।

जरूरतमंद लोगों के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में NCC कैडेट व्हीलचेयर सहायता उपलब्ध कराएंगे। 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवा शुरू होगी और आमंत्रित अतिथियों के लिए मेट्रो सेवा नि:शुल्क रहेगी। पार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए रैंप और यातायात संबंधी जानकारी के लिए Google एवं Mappls Maps पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

इस बार नदियों की जगह देश की प्रमुख झीलों के नाम पर होंगे एनक्लोजर

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैठने वाले एनक्लोजरों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें डल, चिलिका, लोकटक, सांभर, पुष्कर, पांगोंग त्सो, वुलर, वेम्बनाड, पुलिकट, कोलेरू और अन्य प्रमुख झीलों के नाम शामिल हैं।

स्वच्छता और बारिश से निपटने की भी तैयारी

समारोह के बाद लाल किले पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। NCC कैडेट और My Bharat स्वयंसेवक दर्शकों के जाने के बाद प्लॉगिंग और कचरा हटाने का कार्य करेंगे।

संभावित बारिश को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी एवं सीवेज व्यवस्था की व्यापक सफाई की जा रही है, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में प्रतियोगिताएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय और MyGov के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत के निर्माण में AI की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ पर चित्रकला प्रतियोगिता और संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन, आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष तथा परमाणु तकनीक से जुड़े ऑनलाइन क्विज शामिल हैं।

इन प्रतियोगिताओं के करीब 600 विजेता भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे।

देशभर में 343 स्थानों पर बैंड प्रदर्शन

देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, Integrated Defence Staff, RPF और असम राइफल्स के बैंड शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों के लिए प्रवेश खुला रहेगा।

अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी फहराया जाएगा तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

कुल मिलाकर, 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह भारत की स्वतंत्रता की गौरवशाली विरासत, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा और विकसित भारत@2047 के संकल्प को एक साथ सामने लाएगा। समारोह में युवाओं की भागीदारी, तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति की भावना को विशेष महत्व दिया गया है।

भारत ने स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन दूरबीन लॉन्च की, रक्षा क्षेत्र की तकनीक अब आम नागरिकों के लिए उपलब्ध

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन मिनी रत्न श्रेणी-I रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (IOL) ने नागरिक बाजार के लिए स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन बाइनोक्युलर्स (दूरबीन) लॉन्च किए हैं। इसका विकास और निर्माण इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड की इकाई ऑर्डनेंस फैक्ट्री, देहरादून ने किया है।

‘GARUD’ को स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के जरिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत करने वाले उत्पाद के रूप में विकसित किया गया है। वर्ष 1943 से सटीक ऑप्टिकल उपकरणों के निर्माण की विरासत रखने वाली ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने रक्षा क्षेत्र में अपने अनुभव और आधुनिक तकनीक को मिलाकर इस दूरबीन को तैयार किया है।

8x मैग्निफिकेशन और 7.6 डिग्री का विस्तृत दृश्य क्षेत्र

‘GARUD’ में 8x मैग्निफिकेशन और 7.6 डिग्री का विस्तृत फील्ड ऑफ व्यू दिया गया है। इससे दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने के साथ-साथ व्यापक क्षेत्र का अवलोकन किया जा सकता है।

दूरबीन में व्यक्तिगत दृष्टि के अनुसार समायोजन के लिए ±5 डायोप्टर एडजस्टमेंट, लंबे समय तक आरामदायक उपयोग के लिए सॉफ्ट-टच आईकप और बेहतर पकड़ के लिए एर्गोनोमिक डिजाइन दिया गया है। इसका वेदर-रेसिस्टेंट निर्माण विभिन्न बाहरी परिस्थितियों में भरोसेमंद उपयोग सुनिश्चित करता है।

लगभग 610 ग्राम वजन वाली ‘GARUD’ को पोर्टेबल और मजबूत बनाया गया है। इसका उपयोग बर्डवॉचिंग, वन्यजीव अवलोकन, प्रकृति भ्रमण, यात्रा, खेल, वानिकी, समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी कार्यों में किया जा सकता है।

रक्षा क्षेत्र के अनुभव से नागरिक बाजार तक पहुंची तकनीक

‘GARUD’ की लॉन्चिंग के साथ इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने नागरिक ऑप्टिक्स बाजार में प्रवेश किया है। यह उत्पाद दशकों से भारतीय रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विकसित की गई ऑप्टिकल तकनीक को आम नागरिकों और पेशेवर उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यह दूरबीन ऐसे ऑप्टिकल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसने चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विश्वसनीय उपकरण के रूप में लंबे समय तक सेवा दी है।

नई दिल्ली में हुआ लॉन्च

स्वदेशी ‘GARUD’ हाई-रेजोल्यूशन बाइनोक्युलर्स का औपचारिक शुभारंभ 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित DPSU भवन में संयुक्त सचिव (लैंड सिस्टम्स) डॉ. गरिमा भगत की उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर रक्षा उत्पादन विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और वाइल्डलाइफ सोसाइटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘GARUD’ का लॉन्च भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर विनिर्माण क्षमता को नागरिक उपयोग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

तंबाकू पर शिकंजा कसने की तैयारी, कोटपा के कड़े अमल से बनेगा तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़

No comments Document Thumbnail

रायपुर- तंबाकू के सेवन पर रोक और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और बहुक्षेत्रीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ (कोटपा) के कड़े क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं इंद्रजीत बर्मन ने की।

कार्यशाला में मुंबई से पहुंचीं वाइटल स्ट्रैटजीज की मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान और लोगों को सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उपायों पर जानकारी दी। वहीं वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. हंसा कंडू ने राज्य में तंबाकू नियंत्रण कानून को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं की बहुक्षेत्रीय सहभागिता की आवश्यकता पर विचार साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच और उपलब्धता कम करने के उपायों पर चर्चा की गई, ताकि कम उम्र में तंबाकू सेवन की शुरुआत को रोका जा सके।

कार्यशाला में तंबाकू मुक्त समुदाय, तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू मुक्त गांव की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों के साथ जिला स्तर पर एमआईएस की प्रगति और उसके अपडेट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को कोटपा के प्रावधानों के प्रभावी पालन और मैदानी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने राज्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ वैधानिक प्रावधानों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण में जिला स्तर से आए जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी), जिला सलाहकार (एनटीसीपी), सामाजिक कार्यकर्ता, दंत शल्य चिकित्सक एवं दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला एनजीओ सहयोगियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता, आपूर्ति और उपयोग को कम करने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की क्षमता विकसित करना रहा। स्वास्थ्य विभाग का जोर कानून के सख्त पालन, विभागीय समन्वय और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य में तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने पर है।

राजस्थान और तेलंगाना के लिए कृषि योजनाओं के तहत 605.71 करोड़ रुपये की मंजूरी

No comments Document Thumbnail

भोपाल- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के तहत राजस्थान और तेलंगाना के लिए बड़ी वित्तीय मंजूरियों को स्वीकृति दी है। किसानों के हित, योजनाओं की प्रगति और व्यय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राजस्थान को 340.59 करोड़ रुपये तथा तेलंगाना को 265.12 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

चौहान ने आज भोपाल से राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में दोनों राज्यों के लिए PM-RKVY और कृषोन्नति योजना के तहत महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गईं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतिश चंद्र सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

ये स्वीकृतियां दोनों राज्यों की प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (PAC) बैठकों में स्वीकृत वार्षिक कार्य योजनाओं, पहली मदर सैंक्शन के उपयोग और अब तक हुए व्यय की समीक्षा के बाद जारी की गईं।

राजस्थान को 340.59 करोड़ रुपये

राजस्थान के लिए 20 अप्रैल 2026 को हुई PAC बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 849.37 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें केंद्र का हिस्सा 509.62 करोड़ रुपये था।

इसके बाद 4 मई 2026 को राज्य के लिए 216.13 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन जारी की गई। अब तक राजस्थान द्वारा इसमें 164.39 करोड़ रुपये, यानी 76.06 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री की मंजूरी के बाद राजस्थान को कुल 340.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 216.12 करोड़ रुपये RKVY तथा 124.47 करोड़ रुपये कृषोन्नति योजना के तहत शामिल हैं।

 शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान सरकार को कृषि के व्यापक विकास के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और किसानों को समय पर तथा सुगमता से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तेलंगाना को 265.12 करोड़ रुपये

तेलंगाना के लिए 27 अप्रैल 2026 को हुई PAC बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 651.06 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें केंद्र का हिस्सा 390.63 करोड़ रुपये था।

12 मई 2026 को तेलंगाना के लिए 157.65 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन जारी की गई थी। राज्य ने अब तक 96.05 करोड़ रुपये, यानी स्वीकृत राशि का 60.93 प्रतिशत खर्च किया है।

व्यय की प्रगति को देखते हुए चौहान की मंजूरी के बाद तेलंगाना को कुल 265.12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 157.66 करोड़ रुपये RKVY और 107.46 करोड़ रुपये कृषोन्नति योजना के तहत दिए जाएंगे।

किसान ID और उर्वरक वितरण मॉडल की सराहना

केंद्रीय कृषि मंत्री ने तेलंगाना सरकार द्वारा विकसित किसान ID और उर्वरक वितरण के नए मॉडल की सराहना की। उन्होंने तेलंगाना के कृषि मंत्री को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे किसानों तक सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने तेलंगाना में तिलहन और दलहन मिशन के तहत व्यय की प्रगति को अपेक्षाकृत धीमा बताया। उन्होंने राज्य सरकार को इन मिशनों के अंतर्गत खर्च और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यों को कृषि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय और नीतिगत सहयोग उपलब्ध करा रही है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

No comments Document Thumbnail

बरसात के बाद अतिवृष्टि एवं बाढ़ से खराब हुए सड़कों-पुलों के निर्माण व सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के दिए निर्देश, टाइम-लाइन के अनुसार सभी निर्माण कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने कहा

काम पूर्ण होने के 3 माह के भीतर सभी देयकों के भुगतान और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश, कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान एक माह में करने कहा

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर   

रायपुर- लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से प्रस्तावित, स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों और कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। बंसल ने अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत और विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।

बंसल ने वर्षा ऋतु के बाद अतिवृष्टि एवं बाढ़ से खराब हुए सड़कों एवं पुलों के निर्माण व सुधार के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित सड़कों व पुलों पर आवागमन यथाशीघ्र प्रारंभ करना है। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बरसात के बाद बी.टी. पेच रिपेयरिंग के काम युद्ध स्तर पर करने के लिए 31 सितम्बर तक एजेंसियां तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए 31 अगस्त तक निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा। 

 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों के साथ ही निविदा प्रक्रिया की प्रगति, बिलों के भुगतान, न्यायालयीन प्रकरणों, मानव संसाधन तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण कार्यों के निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी संपर्क के लिए सड़कों एवं पुलों तथा द्रुतगामी सड़कों के प्रस्तावों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपसी सहमति से होने वाले भू-अर्जन की कार्यवाही 3 महीने में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन के तत्काल बाद नामांतरण भी कराने को कहा।     

विभागीय सचिव ने पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की जीएसटी, रायल्टी व ठेकेदारों के फायनल भुगतान सहित सभी देयकों के भुगतान आगामी 30 सितम्बर तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के तीन महीने के भीतर सभी देयकों का भुगतान कर और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में कार्यों को क्लोज करें। बंसल ने आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों के भुगतान नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख अभियंता को अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में उनके द्वारा समय-सीमा में पूर्ण किए गए निर्माण कार्यों की संख्या की मार्किंग के लिए पत्र जारी करने को कहा।

 बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सीपीग्राम्स (CPGRAMS – Centralized Public Grievances Redress & Monitoring System) तथा लोक सेवा गांरटी से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों का त्वरित और प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं को हर 15 दिनों में स्वयं इन पोर्टल्स को देखकर निराकरण की स्थिति से अवगत रहने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित पेंशन प्रकरणों को 30 सितम्बर तक निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के अमांग-अजांच प्रमाण पत्र भी संकलित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय, दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता बी.के. पटोरिया और विद्युत एवं यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता सुरेश भूपल तथा दुर्ग परिक्षेत्र के सभी 7 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू

No comments Document Thumbnail

परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

रायपुर- छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45  पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है

अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित हुई सड़क सतह

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग (रा.रा. क्र.-45) के किमी 290.000 स्थित ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, वर्तमान में GSB (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) और अत्यधिक संख्या में भारी वाहनों के आवागमन के कारण इस विशेष हिस्से की सड़क सतह को क्षति पहुंची थी।

विभाग लगातार मुस्तैद

विभाग ने जानकारी दी कि क्षति की सूचना मिलते ही EPC अनुबंधक (मेसर्स शांति इंजीकॉन प्रायवेट लिमिटेड) द्वारा सुधार कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है, जो लगातार जारी है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं और यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया जा रहा है।

286 करोड़ की लागत से 58 प्रतिशत काम पूरा

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रा.रा. क्र.-45 के 42.598 किमी (किमी 278.750 से 321.348) लंबे मार्ग के 2-लेन चौड़ीकरण व उन्नयन (मय पेव्ड शोल्डर, पैकेज-2) के लिए 286.00 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी गई थी। नियम अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। DBM (डामरीकरण) 25.770 किमी, HP कल्वर्ट 98 नग, RCC बॉक्स कल्वर्ट 14 नग, माइनर ब्रिज 07 नग, RCC नाली 4.890 किमी, रिटेनिंग वॉल व टो-वॉल कुल 4.467 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है।

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मार्ग पर आवागमन जारी है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

तिरंगा मय हुआ चरौदा, सीआरपीएफ ने निकाली विशाल तिरंगा बाइक रैली

No comments Document Thumbnail

आरंग- "घर घर तिरंगा" अभियान के तहत गुरुवार को सीआरपीएफ कैंप भिलाई के उप महानिरीक्षक अजय कुमार सिंह के दिशानिर्देश में कमांडेंट आशीष यादव, उप कमांडेंट अजय सिंह, सहायक कमांडेंट मोहम्मद जावेद, प्रभाकर प्रसाद सिंह, डॉ किरण कुमार इत्यादि द्वारा विशाल तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली में सैकड़ों सीआरपीएफ जवानों और अधिकारियों ने बाइकों पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति का संदेश दिया। 

बाइकों पर लगे तिरंगे और जवानों के जोशीले नारों से पूरा क्षेत्र तिरंगा मय हो गया।

तिरंगा रैली का शुभारंभ मोंटेशरी स्कूल सीआरपीएफ कैंप भिलाई से हुआ। यहां से रैली शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा पहुंची। जहां बच्चों व शिक्षको व ग्रामीणों ने जवानों का गर्म जोशी के साथ स्वागत अभिनंदन किया। जवानों के पहुंचते ही बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। बैंड-बाजे पर बजते देशभक्ति गीत एवं सामूहिक वंदे मातरम् गायन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने हाथों में तिरंगे लहराकर जवानों का स्वागत किया। 

इस अवसर पर कमांडेंट आशीष यादव और उप कमांडेंट अजय सिंह ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने "घर घर तिरंगा" अभियान का महत्व समझाते हुए कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है। इसे हर घर में फहराकर हम देश के प्रति सम्मान व्यक्त करें। वहां से रैली भिलाई में भ्रमण करते हुए इंदिरा चौक आरंग पहुंचे जहां स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने जवानों का फूल मालाओं से आत्मीय अभिनंदन किया। वहां भी तिरंगा वितरण किया। तत्पश्चात् शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला आरंग पहुंचकर बैंड बाजे के साथ राष्ट्रीया गीत गायन पश्चात तिरंगा वितरण किया। इस दरम्यान संपूर्ण वातावरण तिरंगामय रहा।इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा और विकासखंड स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन ने जवानों का गर्म जोशी से स्वागत करते हुए कहा आज हम जवानों के त्याग बलिदान से ही सुरक्षित है।हमें जवानों और तिरंगा का सदैव सम्मान करना चाहिए।अंत में केंद्रीय विद्यालय भिलाई में तिरंगा बाइक रैली का समापन हुआ।

इस दरम्यान "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के नारों से गूंजता रहा।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.