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रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज नई दिल्ली स्थित IIIDEM में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEOs) का एक सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन 21 से 23 जनवरी, 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन' (IICDEM) की तैयारियों के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और उन्हें IICDEM 2026 की बारीकियों तथा उनकी विशिष्ट भूमिकाओं के बारे में अवगत कराया।
संबोधन के बाद, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों ने उन 36 विषयगत समूहों (thematic groups) पर चर्चा की, जिनका नेतृत्व IICDEM 2026 में संबंधित CEOs द्वारा किया जाएगा। इन विषयों में चुनाव प्रबंधन के सभी पहलू शामिल हैं और इनका उद्देश्य चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के समृद्ध और विविध अनुभवों के आधार पर ज्ञान का भंडार विकसित करना है।
IICDEM 2026 चुनाव प्रबंधन और लोकतंत्र के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में विदेशी मिशन और चुनाव क्षेत्र के शैक्षणिक व व्यावहारिक विशेषज्ञ शामिल होंगे।
IICDEM 2026 में सामान्य और पूर्ण सत्र शामिल होंगे, जैसे उद्घाटन सत्र, EMB नेताओं का पूर्ण सत्र, EMB कार्य समूह की बैठकें और 'ECINET' का शुभारंभ। इसके साथ ही वैश्विक चुनावी विषयों, आदर्श अंतर्राष्ट्रीय चुनावी मानकों और चुनावी प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं व नवाचारों को कवर करने वाले विषयगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगेइस सम्मेलन में 4 IIT, 6 IIM, 12 NLU और IIMC सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भी भागीदारी होगी। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के CEOs के नेतृत्व में 36 विषयगत समूह और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक विशेषज्ञ इन विचार-विमर्शों में अपना योगदान देंगे।
रायपुर। बस्तर के अति संवेदनशील इलाकों में विकास की नई किरण पहुंचाने के संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज सुकमा ले के जगरगुंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बैठक में आए पारंपरिक समाज प्रमुखों गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा और जनप्रतिनिधियों के साथ आत्मीय मुलाकात की। जिसमें समाज प्रमुखों ने हिंसा के दौर में विकास के गांव तक नहीं पहुंचने के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने बताया कैसे पहले कोई भी विकास कार्य ग्राम में आता तो नक्सलियों द्वारा उनको कभी पूरा होने नहीं दिया जाता था।
जिससे ग्राम में आधारभूत सुविधाओं का भी आभाव है। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब हिंसा नहीं बल्कि विकास सुकमा की नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में जहां विकास माओवादी गतिविधियों के कारण बाधित हो गया था, उनके लिए तीव्र विकास हेतु नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है। जहां सुरक्षा कैंप केवल नक्सलवाद को रोकने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुँचाने के 'सुविधा केंद्र' के रूप में कार्य कर रहे हैं और कई गांव जहां सड़क, बिजली, पेयजल की समस्या थी वहां अब ये सुविधाएं पहुंच रहीं हैं।
उन्होंने आगे बताया कि शासन द्वारा ऐसे ग्राम जो अपने सभी भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर खुद को 'सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त' घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना से 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि प्रदाय की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित जनपद सदस्य को 10 लाख और जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये की राशि क्षेत्र के विकास हेतु प्रदान की जाएगी। यह राशि गाँव के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढाँचे के लिए सीधे उपयोग की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि बस्तर अंचल के वनोपजों से ग्रामीण केवल वनोपज संग्राहक से अब व्यवसायी बनने का सफर तय कर रहे हैं, बस्तर के गांवों में विकास का मॉडल तैयार हो रहे हैं। अब ग्रामीण केवल वनोपज इकट्ठा नहीं करेंगे, बल्कि गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर उत्पादक और व्यवसायी बनेंगे। गांव के वनोत्पादों को भी उचित मूल्य प्राप्त होगा, प्रसंस्करण से अभी के मुकाबले 4 से 5 गुना अधिक लाभ ग्रामीणों को प्राप्त होगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि अब हिंसा को रोकना आवश्यक है, वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि सभी का विकास शासन के साथ मिलकर सुनिश्चित किया जा सके।
50 ग्रामीणों को मिले उन्नत किस्म के पौधे
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत समाग्री का भी वितरण किया। जिसमें उन्होंने किसानों को उन्नत किस्म के मूंग और उड़द के बीज प्रदान किए, उद्यानिकी विभाग की ओर से 50 कृषकों को टमाटर और बैंगन के उन्नत किस्म के पौधे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया गया। 5 ग्राम समूहों को पावर वीडर, 5 संकुल संगठनों को 10 लाख रुपए, 76 समूहों को 11.40 लाख रुपए की रिवोल्विंग फंड, 63 समूहों को 37.80 लाख रुपए की सीआईएफ राशि, 6 समूहों को बैंक लिंकेज के तहत A8 लाख रुपए की राशि भी उनके द्वारा प्रदान की गई।
40 लोगों को मोतियाबिंद के इलाज के लिए विशेष बस द्वारा उपमुख्यमंत्री ने किया रवाना
नियद नेल्ला नार योजना के तहत संवेदनशील ग्रामों को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए मिशन दृष्टी के तहत विशेष बस को उपमुख्यमंत्री शर्मा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित यह बस सिलगेर, कोंडासावली, तिमापुरम जैसे दुर्गम इलाकों के दोनों आँखों से मोतियाबिंद के मरीजों को विशेष बस द्वारा जिला अस्पताल पहुंचा कर उपचार कराया जाएगा। इसके तहत 40 लोगों के दल को आज रवाना किया गया। जहां उनका पूर्ण उपचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से बात कर सभी का हाल जाना और उन्हें पूर्ण उपचार करवाने की सलाह दी।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्रदान किया
स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को उपमुख्यमंत्री ने नेशनल क्वालिटी एसस्यूरेंश स्टैण्डर्ड (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों के क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी जानकारी ली एवं उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष कोंटा कुसुमलता कोवासी, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष राधा नायक, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, हुंगा राम मरकाम, सरपंच जगरगुंडा नित्या कोसमा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास भीम सिंह, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, संचालक अश्विनी देवांगन, कलेक्टर अमित कुमार, एसपी किरण चव्हाण, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, नूपुर वैदिक, विश्वराज चौहान, बलिराम नायक, रंजीत बारठ तथा अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियद नेल्ला नार योजनान्तर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि माओवाद के समूल उन्मूलन के बाद लोगों में विश्वास जगाना और विकास कार्यों में तीव्रता लाना आवश्यक होगा। अब समय बहुत कम है, इसलिए शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नई ऊर्जा, नई रणनीति और जनकल्याण की भावना के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंचेंगी, जिसमें जिला, विकासखण्ड और मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है, जहां शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है।
बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि बीजापुर में अब शांति और सुरक्षा की स्थिति सुदृढ़ हो रही है, जिससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले की तुलना में अधिक सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण लगातार किया जा रहा है और बस्तर संभाग का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कलेक्टर संबित मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, संचालक अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। दंतेवाड़ा जिले में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन न करने पर सीएससी मुख्यालय, दिल्ली ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में अनियमितताएँ मिलने के बाद जिले के 33 सीएससी की पहचान संख्या (आईडी) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
जांच के दौरान पाया गया कि कई कॉमन सर्विस सेंटर बिना स्थायी केंद्र के संचालित हो रहे थे। कुछ केंद्रों में निर्धारित कॉमन ब्रांडिंग नहीं थी या बैनर बिना फ्रेम के लगाए गए थे। कई स्थानों पर दर सूची (रेट चार्ट) भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा, कुछ ग्राम स्तरीय उद्यमी (व्हीएलई) अपनी अधिकृत सीएससी पहचान संख्या की बजाय अन्य माध्यमों से लेन-देन कर रहे थे, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
सीएससी मुख्यालय ने कहा कि नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में जिला प्रशासन और सीएससी टीम द्वारा पुनः निरीक्षण किया जाएगा। यदि अन्य केंद्रों में भी अनियमितताएँ मिलीं, तो उनकी पहचान संख्या भी रद्द की जा सकती है। जिन व्हीएलई की आईडी बंद की गई है, उन्हें निर्देश दिया गया है कि निर्धारित ब्रांडिंग लगाएँ, दर सूची प्रदर्शित करें और स्थायी केंद्र से संचालन सुनिश्चित करें। सभी लेन-देन केवल अपनी अधिकृत सीएससी आईडी से करें। इन मानकों का पालन करने के बाद ही उनके मामलों की पुनः समीक्षा की जाएगी और पहचान संख्या पुनः सक्रिय करने पर विचार किया जाएगा।
सीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर कॉमन ब्रांडिंग सामग्री डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है, ताकि सभी VLE अपने केंद्रों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित कर सकें। यह कार्रवाई जिले में पारदर्शिता बढ़ाने, नियमों का पालन सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
09 से 13 जनवरी तक ग्राम दुधली में जुटेंगे देश-विदेश के 15 हजार रोवर-रेंजर
रायपुर-बालोद जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, नई दिल्ली के तत्वावधान में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी 2026 तक ‘प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी’ का वृहद एवं भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन देश में पहली बार आयोजित हो रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 4,252 सहित देश-विदेश से कुल 15,000 रोवर, रेंजर एवं सीनियर स्काउट-गाइड भाग लेंगे।
09 जनवरी को राज्यपाल करेंगे जंबूरी का शुभारंभ
प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का शुभारंभ शुक्रवार 09 जनवरी 2026 को दोपहर 2 :00 बजे राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन करेंगे।
उद्घाटन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति उद्घाटन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायकगण, राज्य व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय व राज्य पदाधिकारी, तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।
12 जनवरी को मुख्यमंत्री होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि
जंबूरी के समापन अवसर पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही आयोजन के विभिन्न दिवसों में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अतिथि शामिल होंगे।
भारतीय एवं वैश्विक संस्कृति की दिखेगी अनुपम झलक
पांच दिवसीय इस आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं अन्य देशों से आए प्रतिभागियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
इस जंबूरी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी एवं भारतीय संस्कृति के साथ-साथ वैश्विक संस्कृति की भी आकर्षक झलक देखने को मिलेगी।
रोमांचक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का होगा आयोजन
जंबूरी के दौरान मार्च पास्ट, क्लोजिंग सेरेमनी, एथनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वॉटर स्पोर्ट्स, कैप फायर, रोड कैम्प फायर, राज्य प्रदर्शनी, आदिवासी कार्निवल, राष्ट्रीय युवा दिवस, मास ट्री प्लांटेशन, आपदा प्रबंधन, बैंड प्रतियोगिता, युवा सांसद, क्विज प्रतियोगिता, लोक नृत्य सहित अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की पुख्ता व्यवस्था
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जंबूरी काउंसिल एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। जंबूरी मार्केट में खाद्य सामग्री, दवाइयाँ एवं आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानघर एवं स्वच्छता व्यवस्था, 30 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल, 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा, अग्निशमन, पुलिस, यातायात एवं सुरक्षा बलों की तैनाती एनडीआरएफ टीम की विशेष तैनातीरहेगी।
राज्य एवं जिले के लिए ऐतिहासिक आयोजन
प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन बालोद जिला एवं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस आयोजन से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की भावना भी प्रबल होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है।
लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलता
आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे।
लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायता
जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।
60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता
मुख्यमंत्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई।
जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।
रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड आगामी 08 जनवरी 2026 को प्रसारित किया जाएगा। यह एपिसोड वित्तीय समावेशन की थीम पर आधारित होगा, जिसमें स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रेरक कहानियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
इस विशेष एपिसोड में दुर्ग, बालोद एवं गरियाबंद जिलों की दीदियाँ अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगी। वे बताएंगी कि बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ाव, नियमित बचत, ऋण, बीमा तथा डिजिटल लेन-देन जैसी वित्तीय सेवाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया जाएगा कि ग्रामीण महिलाएँ किस तरह राज्य की अर्थव्यवस्था में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। अपने संदेश में उपमुख्यमंत्री शर्मा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, वित्तीय अनुशासन अपनाने और आजीविका के नए अवसर सृजित करने हेतु प्रोत्साहित करेंगे।
‘दीदी के गोठ’ का यह छठवां एपिसोड 08 जनवरी 2026 को हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में आकाशवाणी के राज्य के समस्त केंद्रों से दोपहर 2:00 बजे से प्रसारित किया जाएगा। वहीं बस्तरिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र जगदलपुर तथा सरगुजिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र अंबिकापुर से दोपहर 2:30 बजे से इसका प्रसारण किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उपयोगी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा।
नई दिल्ली-भारतीय वायुसेना प्रमुख (चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने 8 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया।
इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों विंग्स से आए एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके पश्चात राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक बैंड प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।
एयर चीफ मार्शल ने सभी 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए फ्लैग एरिया का निरीक्षण किया तथा इसके बाद एनसीसी हॉल ऑफ फेम का भ्रमण भी किया।
युवाओं की भूमिका पर जोर
कैडेट्स को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने भारत के युवाओं पर अपना विश्वास व्यक्त किया और राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी देश की सबसे बड़ी वर्दीधारी युवा संस्था है, जिसमें 20 लाख से अधिक कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें 40 प्रतिशत बालिकाएं हैं।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी तथा विभिन्न सरकारी पहलों के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे वर्दी से परे भी राष्ट्रवाद को अपने जीवन में अपनाएं और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए “कभी हार न मानने” का दृष्टिकोण विकसित करें।
RDC में चयन पर दी बधाई
गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने RDC 2026 में अपने-अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होने पर कैडेट्स को बधाई दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां
इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने समूह गीत, बैले और समूह नृत्य के माध्यम से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता हुआ एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसे एयर चीफ मार्शल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने खूब सराहा।
नई दिल्ली- संचार मंत्रालय के अंतर्गत दूरसंचार विभाग (DoT) ने 7 जनवरी 2026 को “मानकीकरण प्रक्रियाएं (Standardization Processes)” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार का उद्देश्य स्टार्टअप्स, टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) के लाभार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मानकीकरण ढांचों तथा उनमें भागीदारी की प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।
इस वेबिनार का आयोजन टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (TCoE) इंडिया द्वारा, दूरसंचार विभाग की ओर से, टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (TSDSI) और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) के सहयोग से किया गया। वेबिनार में 150 से अधिक प्रतिभागियों—स्टार्टअप्स, TTDF लाभार्थियों, शिक्षाविदों और उद्योग प्रतिनिधियों—ने भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में मानकीकरण के महत्व पर जोर
वेबिनार का शुभारंभ एक उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें अशोक कुमार, उप महानिदेशक (मानक, अनुसंधान एवं नवाचार), DoT, डॉ. राजेश शर्मा, सीईओ, TCoE इंडिया तथा ए. के. मित्तल, महानिदेशक, TSDSI ने संबोधित किया। वक्ताओं ने नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय मानक विकास में भारत की भूमिका को मजबूत करने में दूरसंचार मानकों के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
तकनीकी सत्रों में वैश्विक मानकीकरण प्रक्रियाओं की जानकारी
TSDSI के विशेषज्ञ पी. के. जसवाल और धिवागर बास्करन (CEWiT) ने 3GPP, oneM2M और TSDSI की मानकीकरण प्रक्रियाओं पर एक विस्तृत तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया। इस सत्र में 3GPP की संगठनात्मक संरचना, इंटरऑपरेबल IoT और M2M इकोसिस्टम में oneM2M की भूमिका, मानक विकास की प्रक्रिया तथा स्टार्टअप्स के लिए तकनीकी योगदान प्रस्तुत करने और भागीदारी के व्यावहारिक मार्गों पर चर्चा की गई।
इसके बाद दूरसंचार इंजीनियरिंग सेंटर (TEC), DoT के विनीत मलिक, निदेशक (रेडियो) ने ITU-R और ITU-T मानकीकरण ढांचों की जानकारी दी। उन्होंने रेडियो स्पेक्ट्रम प्रबंधन, दूरसंचार नेटवर्क मानकों और वैश्विक नियामक समन्वय में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) की भूमिका तथा भारतीय हितधारकों के लिए उपलब्ध भागीदारी के अवसरों को रेखांकित किया।
स्टार्टअप अनुभव साझा सत्र
वेबिनार में एक स्टार्टअप अनुभव साझा सत्र भी शामिल था, जिसमें डॉ. श्रीनाथ रामनाथ, संस्थापक, लेखा वायरलेस सॉल्यूशंस ने मानकीकरण निकायों से जुड़ने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रारंभिक चुनौतियों, इकोसिस्टम से प्राप्त सहयोग और वैश्विक मानकों में योगदान से मिलने वाले व्यावहारिक लाभों पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संस्थाओं द्वारा स्वीकृत तकनीकी योगदान, वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त मानकों का हिस्सा बनते हैं, जो आगे चलकर राष्ट्रीय विनियमों, लाइसेंसिंग ढांचों और ऑपरेटरों की खरीद प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। इससे भारतीय नवप्रवर्तकों की वैश्विक विश्वसनीयता और दृश्यता बढ़ती है।
भारत 6G मिशन के अनुरूप पहल
वेबिनार का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को भविष्य की मानकीकरण पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।
दूरसंचार विभाग ने दोहराया कि मानकीकरण इंटरऑपरेबिलिटी, वैश्विक बाजार तक पहुंच, प्रौद्योगिकी अपनाने और बौद्धिक संपदा सृजन में अहम भूमिका निभाता है। भारत 6G मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप उभरती प्रौद्योगिकियों में भारतीय हितधारकों की वैश्विक मानकीकरण प्रणालियों में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए DoT अपने तकनीकी और संस्थागत निकायों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है।
संस्थानों के बारे में संक्षिप्त परिचय
टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC):
टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (TSDSI):
टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (TCoE) इंडिया:
नवा रायपुर/बिलासपुर- छत्तीसगढ़ स्थित कोल सार्वजनिक उपक्रम साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू के तहत नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एक हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा ₹35.04 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
कोलफील्ड क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा निःशुल्क रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण
प्रस्तावित संस्थान में सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं को निःशुल्क कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्र होंगे—
नर्सिंग असिस्टेंट
मेडिकल टेक्नीशियन
एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स
इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और विशेष रूप से पिछड़े एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना है।
संस्थान परिसर में शैक्षणिक भवन, छात्रावास, स्टाफ आवास और अन्य सहायक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। SECL के परिचालन जिलों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, अगले 25 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 20 प्रतिशत सीटें SECL के कोलफील्ड जिलों के लिए आरक्षित रहेंगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
एमओयू पर हस्ताक्षर
यह एमओयू SECL के निदेशक (मानव संसाधन) बिरांची दास की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समझौते पर SECL के महाप्रबंधक (CSR) सी. एम. वर्मा और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी विवेक नारायण गौर ने हस्ताक्षर किए।
SECL–श्री सत्य साईं साझेदारी से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
SECL और श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट पहले से ही SECL की प्रमुख स्वास्थ्य पहल ‘SECL की धड़कन’ के अंतर्गत साझेदारी कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग (CHD) से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क जीवनरक्षक हृदय शल्य चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 180 से अधिक सफल सर्जरी की जा चुकी हैं, जिससे कोलफील्ड क्षेत्रों के गरीब और वंचित परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिली है।
कोल बेल्ट क्षेत्र में सामाजिक विकास का प्रमुख आधार SECL
SECL अपने कार्यक्षेत्रों में सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। कंपनी ने अब तक छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कल्याण से जुड़े CSR कार्यों पर ₹850 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं।
इस नई पहल के माध्यम से SECL ने समावेशी विकास, क्षमता निर्माण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, साथ ही यह परियोजना स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास से जुड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भी है।
नई दिल्ली-भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM), नई दिल्ली में देशभर के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) का सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन आगामी भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM 2026) की तैयारियों के क्रम में आयोजित किया गया है, जो 21 से 23 जनवरी, 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
सम्मेलन को भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी ने संबोधित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को IICDEM 2026 की रूपरेखा, उद्देश्य तथा सम्मेलन के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका से अवगत कराया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संबोधन के बाद, सम्मेलन में उपस्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने 36 विषयगत समूहों (Thematic Groups) पर चर्चा की, जिनका नेतृत्व विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी करेंगे। ये विषयगत समूह निर्वाचन प्रबंधन के सभी पहलुओं को समाहित करते हैं और विभिन्न देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों (EMBs) के अनुभवों के आधार पर ज्ञान-विकास का सशक्त मंच तैयार करने का उद्देश्य रखते हैं।
IICDEM 2026 निर्वाचन प्रबंधन और लोकतंत्र के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया भर से लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, विभिन्न देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, भारत में स्थित विदेशी मिशनों तथा निर्वाचन क्षेत्र के शैक्षणिक और व्यावहारिक विशेषज्ञों की भागीदारी होगी।
सम्मेलन के दौरान उद्घाटन सत्र, EMB नेताओं की पूर्ण बैठक (Plenary), EMB कार्य समूह बैठकें, तथा ECINET के शुभारंभ जैसे प्रमुख सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त वैश्विक निर्वाचन विषयों, अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और निर्वाचन प्रक्रियाओं में नवाचारों पर केंद्रित विषयगत सत्र भी होंगे।
इस सम्मेलन में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिनमें 4 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), 6 भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIMs), 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLUs) तथा भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) शामिल हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा संचालित 36 विषयगत समूहों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
रायपुर- छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।
इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव चन्दन कुमार, विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।
समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश, मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।
मुख्यमंत्री को राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा।
इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुश्री सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए।
जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी सागर नायक एवं उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।
श्रवण यंत्र मिलने पर उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
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