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राष्ट्रपति का गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (15 जनवरी, 2026) पंजाब के अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाई और समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद विद्यार्थी विभिन्न दिशाओं में अपने जीवन की यात्रा प्रारंभ करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवाएँ देंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान का मार्ग अपनाएँगे, जबकि अनेक विद्यार्थी अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करेंगे या शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाएँगे। यद्यपि प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, फिर भी कुछ गुण ऐसे हैं जो हर क्षेत्र में प्रगति के लिए समान रूप से आवश्यक और उपयोगी होते हैं। ये गुण हैं—सीखते रहने की निरंतर इच्छा और प्रवृत्ति; प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के प्रति दृढ़ निष्ठा; परिवर्तन को अपनाने का साहस; असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संकल्प; टीमवर्क और सहयोग की भावना; समय और संसाधनों का अनुशासित उपयोग; तथा ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए करना। उन्होंने कहा कि ये गुण विद्यार्थियों को न केवल एक अच्छा पेशेवर बनाएँगे, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाएँगे।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को यह स्मरण रखने की सलाह दी कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की सेवा का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज ने उनकी शिक्षा में योगदान दिया है और वे समाज के प्रति ऋणी हैं। विकास की यात्रा में पीछे रह गए लोगों के उत्थान के लिए प्रयास करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने प्रौद्योगिकी विकास और उद्यमिता संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज कृषि से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक और रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक, युवाओं के लिए अनेक उद्यमी अवसर उपलब्ध हैं। हमारे उच्च शिक्षण संस्थान अनुसंधान को बढ़ावा देकर, उद्योग–शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ बनाकर और सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को प्रोत्साहित करके इस प्रगति को और तेज कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में पंजाब में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या एक गंभीर चुनौती के रूप में उभरी है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है। यह समस्या न केवल स्वास्थ्य, बल्कि समाज की सामाजिक, आर्थिक और नैतिक संरचना को भी प्रभावित कर रही है। एक स्वस्थ समाज के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है। इस संदर्भ में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अगले दो दशक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत का भविष्य ऐसे युवाओं पर निर्भर करता है जिनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो, जो जिम्मेदारी से कार्य करें और निःस्वार्थ भाव से सेवा करें। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यार्थियों में इन मूल्यों का समावेश करें। साथ ही, उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे जिस भी पेशे को चुनें, उसमें उनका योगदान राष्ट्र को सशक्त बनाए और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करे।

राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के अवसर पर की गई थी और उनके उपदेश व मूल्य इस विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ हमारी साझा विरासत हैं और उनके विचार एवं आदर्श समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर हम समाज की अनेक समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें यह शिक्षा दी कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने यह देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्रियाँ और पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की बहुलता से स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में यह आवश्यक है कि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और इसके लिए सभी को प्रयासरत रहना चाहिए।


राजस्व वृद्धि, रोजगार और तकनीक: छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति

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सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।

सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यांे के संपादनका सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व मंे वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान मंे कार्यरत् है। 

दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN - Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।

दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी - माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है।

माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।

क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।

कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।

भविष्य की कार्ययोजना - पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।

टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। 

टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।
लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। 

बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।

क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे। 

डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा। 

हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा। 

सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है।

महासमुंद : बागबाहरा मंडी सचिव निलंबित, अवैध धान परिवहन मामले में कार्रवाई

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव कुशल राम ध्रुव को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्य में उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार विपणन वर्ष 2025-26 में 28 दिसंबर 2025 को ग्राम टेमरी निवासी कृषक राधेश्याम साहू के घर के पास ओडिशा राज्य से अवैध रूप से धान ट्रक से लाकर खाली किया जा रहा था। इस दौरान 03 ट्रैक्टर में धान पलटा गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार मंडी प्रशासन द्वारा नियमानुसार आवश्यक पंचनामा, जप्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई एवं मंडी के सुपूर्द नहीं किया गया।

कलेक्टर खाद्य शाखा के प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड द्वारा यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में ध्रुव का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड, संभागीय कार्यालय रायपुर रहेगा। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में ध्रुव के स्थान पर मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार साहू को कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा के सचिव का प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।

महासमुंद : ओड़िशा से अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में 420 कट्टा धान एवं ट्रक जब्त

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महासमुंद। जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन और भंडारण पर संयुक्त टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल देर रात बागबाहरा एवं आज सरायपाली ब्लॉक में कार्रवाई कर अवैध धान एवं ट्रक वाहन जब्त किया गया।

सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलीहादेवरी में आज डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा ओड़िशा से कोचियों के माध्यम से अवैध रूप से लाकर डंप किए गए 420 कट्टा धान को मौके पर ही जब्त किया गया। कार्रवाई के पश्चात डिप्टी कलेक्टर द्वारा ओड़िशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती जांच नाका सिरपुर का भी निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने एवं कड़ी निगरानी रखने के आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसी तरह बागबाहरा ब्लॉक अंतर्गत देर रात ओड़िशा सीमा के पास टूहलू चौकी क्षेत्र में की गई, जहां अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए एक मिनी ट्रक को पकड़ा गया। वाहन में भरा धान जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया तथा जब्त धान को कोमाखान थाना क्षेत्र में मंडी को सुपुर्द किया गया। अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं खरीदी के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सचिव खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता

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रायपुर। सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।

सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यों के संपादन का सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान में कार्यरत् है। 

दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN -Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।

दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी

माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। 

माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।

क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।

कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।

भविष्य की कार्ययोजना

पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।

टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। 

टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।

लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। 

बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।

क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे। 

डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा। 

हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा। 

सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है।


छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। राज्य सरकार व्दारा खनिजों के विकास एवं दोहन के लिए की जा रही योजनाबद्ध कार्यवाही के परिणामस्वरूप राज्य के खनिज राजस्व में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।


दयानन्द ने कहा कि राज्य गठन के समय 429 करोड़ खनिज राजस्व में वृद्धि करते हुये अपने रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक 14,592 करोड़ का सोपान तय किया है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह दिसम्बर, 2025 तक खनिजों से राज्य शासन को लगभग 10,345 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है एवं वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लगभग 17,000 करोड़ लक्ष्य की पूर्ति हेतु अग्रसर है। छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुल खनिज उत्पादन का औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी में योगदान है तथा राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत योगदान दे रहा है।

सचिव ने बताया कि खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना गाईड लाईन-2024 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को आत्मसात कर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किये गये है। अब तक डीएमएफ अन्तर्गत 16,742 करोड़ का अंशदान प्राप्ति हुई है जिसका खनन प्रभावित क्षेत्रों/लोगों के विकास हेतु 1.07,689 कार्यों की स्वीकृति की गई है, जिसमें से 75,901 कार्य पूर्ण हो गये है तथा शेष प्रगतिरत है।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि के समायोजन द्वारा कुल जिला खनिज संस्थान अन्तर्गत होने वाले कार्यों का समुचित निगरानी, वित्तीय स्वीकृति, प्रबंधन एवं नियंत्रण एवं उत्तरदायिता के साथ कार्य किये जाने हेतु केन्द्र सरकार के डीएमएफ पोर्टल की भांति राज्य डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।

दयानन्द ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खनिज अधिनियम, 1957 में संशोधन करते हुए. देश में खनिजों की खोज हेतु राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास (एनएमईडीटी) गठन किया गया। उक्त न्यास मद में वर्ष 2015-16 से अब तक माह दिसम्बर 2025 तक 1,159 करोड़ रूपये जमा किया जा चुका है।

सचिव ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के मंशानुसार क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 की दृष्टिगत में अति-महत्वपूर्ण माना गया है। तत्संबंध में भारत सरकार द्वारा नेशनल क्रिटिकल मिशन लागू किया गया है। जिससे क्रिटिकल मिनरल्स की खोज एवं दोहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अन्तर्गत लीथियम और दुर्लभ खनिज का नीलामी किया गया है। राज्य में लीथियम खदान खुलने से स्थानीय बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान परिदृश्य में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मेनरल्स की महत्ता काफी बढ़ गई है, जिसके दृष्टिगत छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा तथा बस्तर जिले के बेंगपाल एलिंगनार कोमाकोलेंग क्षेत्र में लीथियम, नियोबियम, टेंटेलम तथा आरईई खनिज की खोज हेतु अधिसूचित प्रायवेट सेक्टर एक्सप्लोरेशन एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत् 01 परियोजना स्वीकृत की गई है।

 

सरकार बनी जीवन रक्षक, कृतिका को मिला 16.50 लाख का इलाज सहारा

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 रायपुर : जब बीमारी जिंदगी पर भारी पड़ने लगे और इलाज की लागत परिवार की हैसियत से बाहर हो, तब उम्मीद अक्सर टूटने लगती है। ऐसी ही नाजुक घड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बालिका कृतिका निषाद को छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने नया जीवन दिया।


गंभीर बीमारी से जूझ रही कृतिका के इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल, गुरुग्राम में 16 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। जिला प्रशासन की तत्परता और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से यह सहायता समय पर मिली, जिससे परिवार को कर्ज के बोझ से बचाते हुए बेहतर इलाज संभव हो सका।

राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए 25 लाख रुपये तक की अधिकतम सहायता दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक में शामिल है। यह योजना उन परिवारों के लिए संबल बनी है, जिनके लिए महंगे इलाज की कल्पना भी असंभव होती है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस योजना से कैंसर, हृदय रोग, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल इलाज कराए जा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि कोई भी नागरिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।कृतिका की कहानी इसी संवेदनशील सोच की जीवंत मिसाल बनकर सामने आई है।

23 जनवरी को रायपुर में होगा IND vs NZ टी-20 मुकाबला, आज से ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू

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 IND vs NZ Raipur : छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजधानी रायपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।


इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के डायरेक्टर विजय शाह और बलदेव सिंह भाटिया ने होटल कोटियार्ड में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी। (IND vs NZ Raipur)

टिकट की कीमतें

टिकटों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। स्टूडेंट्स के लिए टिकट ₹800 से शुरू होगी, जिसमें एक छात्र को एक ही टिकट दिया जाएगा। अन्य टिकट दरें इस प्रकार हैं—

  • अपर सिटिंग: ₹2000
  • लोअर सिटिंग: ₹2500, ₹3000, ₹3500
  • सिल्वर: ₹7500
  • गोल्ड: ₹10,000
  • प्लैटिनियम: ₹12,500
  • कॉर्पोरेट बॉक्स: ₹25,000

आज से ऑनलाइन टिकट बिक्री

टिकटों की ऑनलाइन बिक्री ticketgenie.in पर 15 जनवरी की रात 7:30 बजे से शुरू होगी। एक व्यक्ति ऑनलाइन अधिकतम चार टिकट खरीद सकेगा।
वहीं, 19 जनवरी से फिजिकल टिकट रिडेंप्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टेडियम में फूड व्यवस्था को लेकर निर्देश

प्रेस वार्ता में बताया गया कि स्टेडियम परिसर में फूड बेचने वाले सभी विक्रेताओं को अपने कर्मचारियों की टी-शर्ट पर खाने की कीमत लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्टेडियम के अंदर फूड मेन्यू और उसके दाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। (IND vs NZ Raipur)

गरियाबंद : अश्लील ऑर्केस्ट्रा डांस पर बड़ा एक्शन, ओडिशा की डांसर गिरफ्तार

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में ओडिशा की डांसर सुचित्रा जेना को उसके गांव से गिरफ्तार कर धर्मशाला थाना में पेश किया, जहां से उसे निजी मुचलके पर रिहा किया गया। पुलिस ने डांसर को आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में सह-आरोपी बनाया है।


क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले के उरमाल गांव में छह दिवसीय ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 8 जनवरी को हुए कार्यक्रम के दौरान डांसरों द्वारा अर्धनग्न होकर अश्लील नृत्य किया गया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया।

SDM और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

वायरल वीडियो में तत्कालीन SDM तुलसी दास मरकाम खुद कार्यक्रम का वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने SDM को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया और जांच समिति गठित की है।

वहीं, डांसरों के साथ आपत्तिजनक हरकत करने वाले देवभोग थाने के तीन पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

दूसरी डांसर की तलाश जारी

पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही 9 जनवरी को डांस करने वाली दूसरी डांसर निशा महाराणा की तलाश की जा रही है, जिसने कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर प्रचार वीडियो भी जारी किया था।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अश्लीलता और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

10 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरा बिहान संघ, उग्र आंदोलन की चेतावनी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सरकार के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन खड़ा होता नजर आ रहा है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से राजधानी पहुंचे बिहान संघ के कार्यकर्ताओं ने रायपुर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।


पिछले करीब एक महीने से नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कार्यकर्ता गुरुवार को राजधानी के राजीव गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं और शासन-प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा से नाराज़ होकर आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया गया है।

बिहान संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में उग्र रूप ले सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

पारापुर डायवर्सन योजना के लिए 9.30 करोड़ रूपए स्वीकृत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-लोहांडीगुड़ा के अंतर्गत पारापुर डायवर्सन योजना के कार्यों के लिए 9 करोड़ 30 लाख 11 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।


योजना के अंतर्गत 350 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

शिवनाथ नदी बनी सुसाइड पॉइंट? पुलिस-गोताखोरों ने बचाईं दो युवतियां

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 दुर्ग। शिवनाथ नदी एक बार फिर चर्चा में रही, लेकिन इस बार वजह राहत देने वाली रही। 13 जनवरी को दुर्ग जिले में अलग-अलग समय पर दो युवतियां आत्महत्या के इरादे से नदी किनारे पहुंचीं, हालांकि स्थानीय लोगों, गोताखोरों और पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई।


दोपहर में नदी में कूदी युवती, गोताखोरों ने बचाया

पहली घटना दोपहर की है, जब एक युवती अचानक शिवनाथ नदी में कूद गई। नदी तट पर मौजूद लोगों ने जैसे ही यह देखा, तत्काल शोर मचाया और गोताखोरों को सूचना दी। मौके पर तैनात गोताखोरों ने बिना समय गंवाए नदी में उतरकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसके परिजनों को बुलाकर युवती को उनके सुपुर्द किया गया। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई है। फिलहाल युवती के आत्महत्या के प्रयास के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

शाम को दूसरी युवती को कूदने से पहले बचाया

दूसरी घटना देर शाम की है। एक अन्य युवती काफी देर तक नदी किनारे बैठी रही, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। लोगों ने तुरंत डायल-112 में तैनात आरक्षक जावेद अहमद खान को सूचना दी।

सूचना मिलते ही आरक्षक मौके पर पहुंचे और युवती को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान युवती ने नदी में कूदने की कोशिश की, लेकिन आरक्षक ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और बड़ा हादसा टल गया।

काउंसलिंग के बाद घर पहुंचाई गई युवती

घटना की जानकारी मिलने पर महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचा। युवती की काउंसलिंग की गई और आवश्यक पूछताछ के बाद उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचाया गया। युवती ने पुलिस को बताया कि वह घरेलू परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाने जा रही थी। फिलहाल पुलिस और सखी सेंटर की टीम युवती की काउंसलिंग कर रही है।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा पर लगी मुहर, छत्तीसगढ़ कर्मचारियों का DA बढ़ा, वित्त विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के तीन दिन बाद ही राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी होते ही कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।


दरअसल, रायपुर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस घोषणा को अमल में लाते हुए वित्त विभाग के माध्यम से आदेश जारी कर दिया है।

1 सितंबर 2025 से लागू होगा बढ़ा हुआ DA

वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार—

  • सातवें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों को 1 सितंबर 2025 से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
  • वहीं छठवें वेतनमान के कर्मचारियों को 252 प्रतिशत की दर से DA स्वीकृत किया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते की गणना केवल मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा।

जनवरी 2026 से होगा भुगतान

सरकारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि का वास्तविक भुगतान जनवरी 2026 से किया जाएगा। आदेश जारी होते ही कर्मचारी संगठनों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

रायगढ़ : 6 औद्योगिक इकाइयों को अर्थदण्ड, श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला

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रायपुर। रायगढ़ जिले की 6 औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरणों में श्रम न्यायालय द्वारा सभी संबंधित इकाइयों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। यह कार्रवाई जिले में औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने एवं श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में जिले में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की सतत निगरानी की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों में घटित दुर्घटनाओं के पश्चात किए गए निरीक्षणों के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 एवं नियम 2008 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई।

उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा किए गए निरीक्षणों के आधार पर 6 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे, न्यायालय द्वारा सुनवाई के पश्चात दोष सिद्ध होने पर मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट), खरसिया रोड, रायगढ़ के अधिभोगी श्री सब्यसाची बन्योपाध्याय एवं कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को पृथक-पृथक 1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी एवं कारखाना प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

इसी प्रकार मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा एवं ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम से संबंधित एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा एवं कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को 1.60 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। कलेक्टर ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।



महंगाई भत्ते में वृद्धि आदेश जारी, सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र के समान 58 प्रतिशत महंगाई मिलेगा भत्ता

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य के शासकीय कर्मचारियों को मिल रहे 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी किए जाने की घोषणा के परिपालन में आज छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा यह आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के शासकीय कर्मचारियों को एक जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।  

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र के समान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। एक सितम्बर 2025 से राज्य के कर्मचारियों से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान में एक जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में एक जनवरी 2026 से 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार की जाएगी।

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