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BIG NEWS : महादेव बेटिंग ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार

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 रायपुर : महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। चंद्राकर पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। इस बड़ी कामयाबी के बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज कर दी है।


मस्कट के हाई-सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में है आरोपी

रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को फिलहाल मस्कट के हाई-सिक्योरिटी 'अल खौद डिटेंशन सेंटर' में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, उसने अपनी कानूनी पैरवी के लिए स्थानीय वकीलों की एक टीम भी नियुक्त की है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट और अवैध प्रवेश से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण उसे ओमान में आसानी से जमानत मिलना बेहद मुश्किल होगा।

यूएई से ओमान भागने की थी फिराक

सौरभ चंद्राकर पिछले काफी समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को जटिल बनाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से ही उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया और ओमान में प्रवेश किया।

इंटरपोल ने खारिज की थी याचिका

हाल ही में इंटरपोल की 'कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ इंटरपोल्स फाइल्स' (CCF) ने भी सौरभ चंद्राकर को बड़ा झटका दिया था। आयोग ने उसकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस को हटाने की मांग की थी। आयोग ने स्पष्ट माना कि यह पूरा मामला विशुद्ध रूप से वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, न कि किसी राजनीतिक उत्पीड़न से।

ईडी की अब तक की बड़ी कार्रवाई

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) मिलकर कर रही हैं। यह मामला हजारों करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) इस मामले में अब तक निम्नलिखित कार्रवाई कर चुकी है:

  • छापेमारी: देश भर में 175 से अधिक ठिकानों पर रेड।

  • गिरफ्तारी व आरोपी: अब तक 13 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और कुल 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

  • चार्जशीट: रायपुर की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें (चार्जशीट) दाखिल।

  • संपत्ति की जब्ती: अब तक कुल 4,336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।

आगे की राह: यदि ओमान की अदालत भारत सरकार के अनुरोध और प्रत्यर्पण को मंजूरी देती है, तो सौरभ चंद्राकर को जल्द ही भारत लाया जाएगा, जिसके बाद छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में उसके खिलाफ लंबित मामलों में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हाईटेक हुई पुलिस: अब घटनास्थल से ही दर्ज होगी एफआईआर, डिजिटल होगी विवेचना

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 दुर्ग। अपराध विवेचना को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब जिले के थाना एवं चौकियों में पदस्थ विवेचक घटनास्थल से ही एफआईआर, गवाहों के बयान और अन्य आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए Samsung Galaxy XCover आधारित Mobile Data Terminal (MDT) विवेचकों को वितरित किए गए हैं।


इन आधुनिक उपकरणों का वितरण 7 जुलाई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दुर्ग के प्रशासनिक भवन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में पदस्थ विवेचकों को एमडीटी सौंपे गए।

घटनास्थल से ही होगी ऑनलाइन विवेचना

दुर्ग पुलिस के अनुसार, Mobile Data Terminal के माध्यम से विवेचक घटनास्थल पर ही अपराध से संबंधित आवश्यक जानकारी, एफआईआर, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इससे विवेचना प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी तथा मामलों के शीघ्र निराकरण में मदद मिलेगी।

डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा नया आयाम

Samsung Galaxy XCover आधारित इन उपकरणों के उपयोग से डिजिटल पुलिसिंग को और मजबूती मिलेगी। इससे कागजी कार्रवाई पर निर्भरता कम होगी और जांच संबंधी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल ऑनलाइन रिकॉर्ड की जा सकेंगी। इससे जांच की गुणवत्ता और जवाबदेही में भी सुधार आएगा।

विवेचकों को दिए गए आवश्यक निर्देश

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि वे उपलब्ध कराए गए उपकरणों का जिम्मेदारी, दक्षता और निष्ठा के साथ उपयोग करें। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

दुर्ग पुलिस ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अपराध विवेचना को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की गई है।

जिंदा मासूम को बोरी में बंद कर तालाब में फेंका था; वारदात का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर

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 कोलकाता / बारुईपुर: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को पुलिस ने मुठभेड़ (एनकाउंटर) में ढेर कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को घटनास्थल का मुआयना कराने के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


जांच के दौरान पुलिस टीम पर हमला

बारुईपुर पुलिस के मुताबिक, जांच अधिकारी अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को रात करीब 12:45 बजे सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए लेकर पहुंचे थे। मौके का निरीक्षण शुरू होने से पहले ही आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी पर हमला कर उसका हथियार छीन लिया और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए पुलिस को जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें आरोपी को गोली लगी।

लापता होने के अगले दिन मिला था मासूम का शव

यह जघन्य मामला शनिवार को तब सामने आया था, जब बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके से एक 11 वर्षीय बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों के अनुसार, बच्ची शाम करीब चार बजे घर के बाहर खेलते समय गायब हुई थी। रातभर तलाश करने के बाद अगले दिन सुबह सूर्यपुर हाट इलाके के एक तालाब से बच्ची का शव बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और उग्र भीड़ ने प्रदर्शन, आगजनी व पुलिस पर पथराव भी किया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बच्ची को फुसलाकर एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने से पहले तीनों ने नशीले पदार्थ का सेवन किया था। दरिंदगी के बाद मासूम को प्लास्टिक की बोरी में बंद कर तालाब में फेंक दिया गया।

प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जब बच्ची को तालाब में फेंका गया, तब वह जीवित थी, क्योंकि उसके फेफड़ों में पानी पाया गया है। पुलिस फिलहाल विस्तृत फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

उपद्रवियों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

बच्ची का शव मिलने के बाद भड़की हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने हत्या के संदेह में एक अन्य युवक की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) कर दी थी। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति, सरकारी वाहनों और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के आरोप में करीब 200 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बारिश पर लगेगा ब्रेक, अब बढ़ेगा तापमान; रायपुर समेत प्रदेश में खिली धूप

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार सुबह धूप खिलने से मौसम का मिजाज बदलता नजर आया।


मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश कराने वाले मौसमी सिस्टम अब प्रदेश से आगे बढ़ रहे हैं और कमजोर पड़ रहे हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में धूप और उमस का असर बढ़ सकता है। हालांकि स्थानीय प्रभाव के कारण प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सीजनल द्रोणिका (ट्रफ लाइन) की स्थिति में बदलाव के कारण मौसम में परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जिसका असर प्रदेश के तापमान पर पड़ेगा।

मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में बुधवार को दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश में धूप और उमस का प्रभाव बढ़ेगा, हालांकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजस्व विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था

राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता, तकनीक आधारित समाधान एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश

राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, विशेष सचिव इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मानसून सत्र से पहले BJP अलर्ट, CM साय ने विधायकों को दिए सख्त निर्देश

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की अहम बैठक हुई। बैठक में सरकार और संगठन की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।


मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, विपक्ष के हर सवाल का तथ्यों के साथ जवाब देने और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से सदन में रखने के निर्देश दिए।

बैठक में भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

अविश्वास प्रस्ताव पर भी हुआ मंथन

सूत्रों के मुताबिक बैठक में कांग्रेस की ओर से संभावित अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना पर भी चर्चा हुई। भाजपा ने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष के हर राजनीतिक और विधायी मुद्दे का मजबूती से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजनीतिक और विधानसभा रणनीति पर चर्चा

बैठक के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और विधानसभा सत्र की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी विधायकों ने अपने सुझाव दिए और वरिष्ठ नेताओं से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया।

वोट प्रतिशत बढ़ाने पर जोर

संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैठक में विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने और संगठन के साथ समन्वय बनाकर आगामी चुनावों में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

कांग्रेस पर भाजपा का पलटवार

कांग्रेस के संभावित अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए केदार कश्यप ने कहा, "जिस पार्टी पर छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने विश्वास नहीं किया, वह हमारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही है। भाजपा सरकार हर राजनीतिक और विधायी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"

छत्तीसगढ़ में NSS गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार,उच्च शिक्षा विभाग ने 29 अंशकालीन जिला संगठकों की सूची की जारी

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​रायपुर- छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों को और अधिक सुचारू, प्रभावी और गतिशील बनाने के लिए राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 29 अंशकालीन जिला संगठकों  की नियुक्ति की गई है, जिसमें संबंधित प्राध्यापकों व व्याख्याताओं को उनके वर्तमान शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ आगामी 02 वर्षों के लिए जिला संगठक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

कलेक्टरों के समन्वय से गठित होगी 'जिला स्तरीय सलाहकार समिति'

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में राज्य के सभी प्रमुख जिलों और अंचलों को शामिल किया गया है। सभी नवनियुक्त जिला संगठकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के कलेक्टर से तत्काल संपर्क स्थापित कर 'जिला स्तरीय सलाहकार समिति' का गठन सुनिश्चित करें और नियमानुसार बैठकों का आयोजन करें। सभी संगठकों को हर महीने अपना दौरा कार्यक्रम, कार्यों का संकलित प्रतिवेदन और निरीक्षण रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में संबंधित विश्वविद्यालयीन रासेयो प्रकोष्ठ और राज्य एनएसएस प्रकोष्ठ को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।  

जिला संगठक अपने क्षेत्र में आने वाले सभी प्रकार के रासेयो इकाईयों, जिसमें कृषि व तकनीकी शिक्षा से संबंधित इकाईयां भी शामिल हैं,के सुचारू संचालन में सहयोग करेंगे और इसकी रिपोर्ट संबंधित विश्वविद्यालयीन प्रकोष्ठ को देंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई

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नवनियुक्त पदाधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को देंगे नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल,  प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी ( राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

https://x.com/i/status/2074521869680796000

जीपीएम का ‘विष्णुभोग’ चावल बना महिलाओं की समृद्धि का नया ब्रांड, आधे घंटे में 45 हजार रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री

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बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के जैविक उत्पाद को जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन

 स्थानीय से राष्ट्रीय बाजार की ओर बढ़ रहा अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल

रायपुर- छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई।

यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है।

जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें।

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

कृत्रिम पैर से बबीता के जीवन को मिली नई दिशा, प्रशासन की संवेदनशील पहल बनी सहारा

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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास और जिला प्रशासन की तत्परता से दो लाख रुपये की सहायता, आधुनिक कृत्रिम पैर लगने से लौटी आत्मनिर्भरता

अब आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रहीं बबीता यादव, शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार

रायपुर- संवेदनशील प्रशासन और समय पर मिली सहायता ने रायगढ़ जिले की 27 वर्षीय बबीता यादव के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है। एक गंभीर दुर्घटना के बाद अपना बायां पैर गंवाने वाली बबीता अब आधुनिक कृत्रिम पैर की सहायता से आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास और जिला प्रशासन की त्वरित पहल से उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उनका कृत्रिम पैर लगवाया जा सका।



रायगढ़ जिले के ग्राम मुरालपाली निवासी बबीता यादव के साथ वर्ष 2025 में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद उनके बाएं पैर में गंभीर संक्रमण हो गया। संक्रमण हड्डियों तक फैल जाने के कारण चिकित्सकों को 27 जनवरी 2025 को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इस घटना के बाद बबीता के सामने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गईं और उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया।

विपरीत परिस्थितियों में भी बबीता ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी तथा कलेक्टर से कृत्रिम पैर लगवाने के लिए सहायता की मांग की। उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल दो लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर स्थित इंडो लाइट्स संस्थान में बबीता को आधुनिक कृत्रिम पैर लगाया गया। कृत्रिम पैर लगने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे सहज रूप से चल-फिर रही हैं, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर होकर पहले की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।

बबीता यादव ने कहा कि कृत्रिम पैर मिलने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनका जीवन फिर से पटरी पर लौट आया हो। उन्होंने इस मानवीय सहयोग और संवेदनशील पहल के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राज्य शासन तथा जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपर कलेक्टर से भेंट कर भी इस सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उन्हें नया जीवन और नई उम्मीद प्रदान की है।

रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

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घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

कमल विहार एवं रावभाटा सहित लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां पोर्टल पर उपलब्ध

रायपुर- रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं बुकिंग कर सकेंगे।

प्राधिकरण ने प्रथम चरण में लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें कमल विहार तथा रावभाटा सहित प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं। कमल विहार में आवासीय फ्लैट, आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं, जबकि रावभाटा में व्यावसायिक संपत्तियां बुकिंग के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए भी आवासीय संपत्तियों का निर्माण किया गया है, ताकि प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके।

ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ अब हितग्राही घर बैठे ही वेबसाइट के माध्यम से मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और सेवाएं अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध तथा पारदर्शी बनेंगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदे साहू ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रक्रिया सरल बनेगी तथा संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से हितग्राहियों को त्वरित एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बताया कि लंबे समय से संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया बंद थी। अब उपलब्ध सभी संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है, जिससे नागरिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से संपत्तियों की बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य अधिकाधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण कर नागरिकों को सहज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

रायपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन आवेदन, बुकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा से संपत्तियों के आवेदन, भुगतान एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

माननीय मुख्यमंत्री महोदय की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया जाएगा “दीदी के गोठ” का वार्षिकोत्सव

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“दीदी के गोठ” की एक वर्ष की सफल यात्रा पूर्ण — वार्षिकोत्सव समारोह 09 जुलाई 2026 को

रायपुर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान अंतर्गत संचालित “दीदी के गोठ” कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल, प्रेरणादायक एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन 09 जुलाई 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की प्रेरक कहानियों, उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता एवं आजीविका में प्राप्त उपलब्धियों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्मानित करना है। “दीदी के गोठ” ने बीते एक वर्ष में महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री एव पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा की जाएगी।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएँ एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित होकर इस सफल यात्रा के साक्षी बनेंगे।

विदित हो कि “दीदी के गोठ” के प्रथम एपिसोड का प्रसारण अगस्त 2025 में हुआ था, जो “लखपति दीदी” विषय पर केंद्रित था। इसके उपरांत प्रत्येक माह के द्वितीय गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों की समूह की महिलाओं द्वारा ड्रोन दीदी, एफपीसी, जेंडर, सरस मेला, वित्तीय जागरूकता, साइबर सुरक्षा, सरस मेला तथा “छत्तीसकला” ब्रांड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सफलता की प्रेरक कहानियाँ प्रस्तुत की गईं। “दीदी के गोठ” की एकवर्षीय सफल यात्रा का विशेष प्रसारण 09 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

“दीदी के गोठ” ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। यह मंच न केवल संवाद का माध्यम बना है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व एवं आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में वर्षभर की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण, “दीदी के गोठ” में प्रतिभागिता करने वाली महिलाओं का सम्मान तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन- बिहान द्वारा सभी नागरिकों ,संबंधित हितधारकों, स्व सहायता समूहों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया से आग्रह किया गया है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

आधुनिक तकनीक से वन संरक्षण को नई दिशा,छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम बना जंगलों का सतर्क प्रहरी

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ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो जंगलों में आग लगने की घटनाओं का तुरंत पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करती है। भारत में, भारतीय वन सर्वेक्षण और विभिन्न राज्य वन विभाग फोरेस्ट फायर अलर्ट एंड मानिटरिंग सिस्टम सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। जंगल की आग को ध्यान में रखते हुए श्फोरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम संस्करण 2.0श् लाया गया है और पूरी प्रक्रिया को स्वचालित बना दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। इसी दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह तकनीक वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी बना रही है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

अब कुछ ही मिनटों में मिलती है आग लगने की सूचना

पहले वनाग्नि की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। इस दौरान आग कई बार बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। अब नई स्वचालित प्रणाली के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है। इससे समय रहते आग पर नियंत्रण संभव हो रहा है।

उपग्रह तकनीक से होती है सटीक निगरानी

यह प्रणाली अत्याधुनिक उपग्रह तकनीक पर आधारित है। उपग्रह जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करता है। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर संबंधित वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को तत्काल एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेज दिया जाता है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता

वन विभाग ने इस प्रणाली को जीआईएस आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। इसके माध्यम से अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी सहायता मिलती है।

जनजागरूकता और पूर्व तैयारी पर विशेष जोर

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग केवल तकनीक पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण तथा मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं, ताकि आग की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।

सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षित वन

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका मानना है कि यह प्रणाली वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल साबित होगी।

वन संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल

छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना प्रणाली और प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे वनाग्नि पर समय रहते नियंत्रण संभव हो रहा है और राज्य की अमूल्य वन संपदा, वन्यजीवों तथा पर्यावरण की सुरक्षा को नई मजबूती मिल रही है। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

फर्जी अंकसूची का खेल उजागर, GST विभाग ने दो कर्मचारियों को किया बर्खास्त

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 रायपुर। फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने के आदेश जारी किए हैं।


जानकारी के मुताबिक, दोनों कर्मचारियों का चयन वर्ष 2013 में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) भर्ती के दौरान हुआ था। आरोप है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया में कक्षा आठवीं की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत की थी, जिसमें 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाए गए थे। इसी आधार पर उन्हें नौकरी मिली और बाद में दोनों को पदोन्नति देकर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त कर दिया गया।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायत मिलने पर मामले की जांच शुरू हुई। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि दोनों कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत अंकसूचियां फर्जी हैं। इसके समर्थन में संबंधित स्कूल के परीक्षा रिकॉर्ड और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेज भी पेश किए गए, जिनमें अंकसूची और वास्तविक परीक्षा रिकॉर्ड के बीच गंभीर विसंगतियां सामने आईं।

शिकायत के बाद विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन कराया। शुरुआती जांच में रिकॉर्ड को सही बताया गया, लेकिन दोबारा जांच और विधानसभा में मामला उठने के बाद जांच तेज हुई। विस्तृत जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर विभाग ने दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त करने का फैसला लिया।

हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं। जिन अधिकारियों ने प्रारंभिक सत्यापन में दस्तावेजों को सही बताया था, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, जानकारों का कहना है कि यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप प्रमाणित हो चुके हैं, तो विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल इस संबंध में किसी आपराधिक कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से की सौजन्य भेंट

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री  राधाकृष्ण किशोर से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ और झारखंड के साझा विकास, जनजातीय क्षेत्रों के सशक्तीकरण तथा पारस्परिक सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल पड़ोसी राज्य ही नहीं, बल्कि साझा जनजातीय विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और आत्मीय सामाजिक संबंधों से भी जुड़े हुए हैं। विशेष रूप से जशपुर और झारखंड के बीच वर्षों से पारिवारिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक निकटता रही है, जो दोनों राज्यों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाती है।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास, जनकल्याण, आपसी समन्वय तथा अनुभवों के आदान-प्रदान को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।


सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न यह भेंट दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग, समन्वय और विकासोन्मुखी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

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