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रायपुर पहुंचे रवि किशन, कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- सड़क जाम करना आंदोलन का तरीका नहीं

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 रायपुर। भाजपा सांसद और भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता रवि किशन मंगलवार को रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन और राहुल गांधी की राजनीति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सड़क जाम कर आम लोगों को परेशान करना आंदोलन का उचित तरीका नहीं है। रवि किशन ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद जनता को परेशान करने और विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया।


राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला

रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान रवि किशन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव में हराने में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस विरोध-प्रदर्शन के जरिए आम लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक सम्मान बढ़ा है और देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर लंबे समय तक देश के विकास को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।

EVM और वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल

रवि किशन ने कांग्रेस की ओर से EVM और वोट चोरी को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव में जीत हासिल करती है, तब इन मुद्दों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते? उन्होंने विपक्ष से विकास के मुद्दों पर राजनीति करने और देश के भविष्य को लेकर अपना स्पष्ट रोडमैप सामने रखने की मांग की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है, जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है।

बोले- देश में विकास और जनता के मुद्दों पर हो राजनीति

भाजपा सांसद ने कहा कि देश को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जिसमें विकास को प्राथमिकता मिले और जनता की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे भारत की बात करती है, जहां दंगे न हों, विकास हो और आम लोगों की आवाज सुनी जाए।

रवि किशन ने दोहराया कि विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क जाम करना उचित तरीका नहीं है, क्योंकि इससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है।

बिलासपुर के गरबा महोत्सव में होंगे शामिल

रायपुर पहुंचने के बाद रवि किशन बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। वे वहां आयोजित गरबा महोत्सव में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर आयोजन से जुड़े लोगों में उत्साह है।

रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति, कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन और चुनावी आरोपों को लेकर भाजपा का पक्ष रखा।

रसोइये पर फेंका गर्म खाना, गार्ड को किया बंद; प्लेस ऑफ सेफ्टी से भागे 6 बालक

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से छह अपचारी बालकों के फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बालकों ने ड्यूटी पर तैनात गार्ड को कमरे में बंद कर दिया और रसोइये पर गर्म खाना फेंक दिया। इसके बाद सभी मौके से भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही केंद्र में हड़कंप मच गया। बाद में दो बालकों को पकड़ लिया गया, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है।


गार्ड को कमरे में बंद कर भागे बालक

मामला अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के कन्या परिसर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी का है। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात छह अपचारी बालकों ने कथित तौर पर पहले रसोइये पर गर्म खाना फेंका। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद गार्ड को कमरे में बंद कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर केंद्र से फरार हो गए।

घटना के बाद केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई और फरार बालकों की तलाश शुरू की गई।

दो बालक पकड़ाए, चार की तलाश जारी

घटना के बाद की गई कार्रवाई में दो अपचारी बालकों को पकड़ लिया गया है। वहीं, फरार हुए चार अन्य बालकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश की जा रही है।

इस घटना ने प्लेस ऑफ सेफ्टी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर छह बालक एक साथ केंद्र से कैसे फरार हो गए और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक समय रहते क्यों नहीं लगी, ये जांच के अहम बिंदु हो सकते हैं।

पहले भी सामने आ चुकी हैं फरार होने की घटनाएं

प्लेस ऑफ सेफ्टी से अपचारी बालकों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी यहां से बालकों के भागने की घटनाएं सामने आने की बात कही गई है। ऐसे में केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल चार फरार बालकों की तलाश जारी है। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यूरोप में साइबर हमले से मचा हड़कंप, हैकर्स ने सैंकड़ों सुपरमार्केट के फ़्रिज को गर्म कर आग लगा दिया

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फ्रांस के कई बड़े रिटेल स्टोर के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर साइबर हमले की खबर, तापमान बढ़ने से खाद्य पदार्थों को नुकसान; पुराने फर्मवेयर की सुरक्षा पर उठे सवाल


पेरिस। यूरोप में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। फ्रांस में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद खाद्य कारोबार और औद्योगिक उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हैकरों ने कई सुपरमार्केट के कनेक्टेड रेफ्रिजरेटरों के नियंत्रण में सेंध लगाकर उनका तापमान बढ़ा दिया। कुछ रिपोर्टों में पेरिस में करीब 150 रेफ्रिजरेटर में आग लगने का दावा भी किया गया है। हालांकि, आग लगने की घटनाओं और प्रभावित उपकरणों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि अब सुपरमार्केट में इस्तेमाल होने वाले रेफ्रिजरेशन सिस्टम इंटरनेट से जुड़े डिजिटल नियंत्रणों के जरिए संचालित होते हैं। ऐसे सिस्टम में सुरक्षा की खामी सामने आने पर खाद्य पदार्थों के भंडारण से लेकर दुकानों के संचालन तक पर असर पड़ सकता है।

छह घंटे तक बढ़ता रहा फ्रिज का तापमान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस के कुछ सुपरमार्केट में हैकरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम के नियंत्रण को प्रभावित किया। इसके बाद कई उपकरणों का तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर चला गया। इंटरमार्चे रिटेलर की मूल कंपनी लेस मौस्केटियर्स के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ रेफ्रिजरेटर लगभग छह घंटे तक प्रभावित रहे और उनका तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

यदि रेफ्रिजरेटर लंबे समय तक इस तरह गर्म रहें, तो उनमें रखे मांस, डेयरी उत्पादों और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित सामान को हटाना या नष्ट करना पड़ सकता है।

हालांकि, तापमान बढ़ने और उपकरणों में आग लगने के बीच संबंध की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।

कई बड़ी सुपरमार्केट कंपनियां जांच के दायरे में

रिपोर्टों में फ्रांस की कई प्रमुख रिटेल कंपनियों के स्टोर प्रभावित होने की बात कही गई है। इनमें कैरेफोर, मोनोप्रिक्स, औचन, इंटरमार्चे और ई-लेक्लर्क जैसे नाम शामिल हैं।

बताया गया है कि हमले में रेफ्रिजरेशन उपकरणों के डिजिटल नियंत्रण को निशाना बनाया गया। हालांकि, किन-किन स्टोरों में कितने उपकरण प्रभावित हुए और सभी कंपनियों को किस स्तर का नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कैसे हैक हुए सुपरमार्केट के फ्रिज?

इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि हैकरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई। आधुनिक सुपरमार्केट में फ्रिज और कोल्ड-स्टोरेज उपकरणों का तापमान सेंसर, कंट्रोलर और नेटवर्क से जुड़े सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जाता है।

रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने के बाद रेफ्रिजरेशन उपकरणों की सामान्य प्रक्रिया में बदलाव किया। इससे कुछ उपकरणों का तापमान बढ़ गया। हालांकि, हैकिंग का सटीक तरीका, इस्तेमाल की गई तकनीक और हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

इस घटना ने यह भी दिखाया है कि साइबर सुरक्षा की कमजोरियां केवल कंप्यूटर और मोबाइल तक सीमित नहीं हैं। इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरण भी हमलों का निशाना बन सकते हैं।

पुराने फर्मवेयर पर चल रहे थे प्रभावित उपकरण

रेफ्रिजरेशन और औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों से जुड़ी कंपनी डैनफॉस के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रभावित उपकरणों में पुराने फर्मवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी ने कथित तौर पर ग्राहकों को सिस्टम अपडेट करने के लिए पहले भी चेतावनी दी थी।

फर्मवेयर वह सॉफ्टवेयर होता है, जो किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के बुनियादी संचालन को नियंत्रित करता है। यदि इसमें सुरक्षा संबंधी खामियां मौजूद हों और उन्हें समय पर ठीक न किया जाए, तो हमलावर उनका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे जोखिम कम करने के लिए उपकरणों को नियमित रूप से अपडेट करना, नेटवर्क की पहुंच सीमित रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना जरूरी है।

फ्रांस में जांच के निर्देश, दूसरे देशों पर भी नजर

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता हमले के तरीके, प्रभावित उपकरणों और संभावित नुकसान का पता लगाना है।

कुछ रिपोर्टों में स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी संभावित असर की आशंका या जानकारी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी देशों में एक ही साइबर हमले के कारण फ्रिज प्रभावित होने की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।

खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर क्यों बढ़ी चिंता?

सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में गड़बड़ी होने पर केवल उपकरण ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री खराब होने का जोखिम भी पैदा हो जाता है। यदि किसी हमले का दायरा कई शहरों या देशों तक फैलता है, तो दुकानों के संचालन और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

इस घटना के बाद कनेक्टेड उपकरणों की सुरक्षा, पुराने सॉफ्टवेयर को अपडेट करने और औद्योगिक नेटवर्क को अलग रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह हमला किसी एक तकनीकी कमजोरी का नतीजा था या इसके पीछे व्यापक साइबर अभियान काम कर रहा था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छह राज्यपालों की नियुक्ति की, मुख्यमंत्री साय ने दी सभी को बधाइयां

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त राज्यपालों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।


मुख्यमंत्री साय ने केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त ओम प्रकाश माथुर, तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में नियुक्त राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, ओडिशा के राज्यपाल के रूप में नियुक्त ब्रज मोहन राम, कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. सुधा यादव, उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. ढाल सिंह बिसेन तथा सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त दुष्यंत गौतम को नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी नवनियुक्त राज्यपालों का दीर्घ सार्वजनिक जीवन, समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन संबंधित राज्यों की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा तथा सुशासन, जनकल्याण और संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त राज्यपालों के सफल, यशस्वी एवं गरिमामय कार्यकाल की मंगलकामना की है।

आज का समाचार बुलेटिन-13 अक्टूबर 2026

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नमस्कार! आप सभी का आज के समाचार बुलेटिन में स्वागत है। आइए, देश, दुनिया, छत्तीसगढ़, अर्थव्यवस्था और खेल जगत की प्रमुख खबरों पर एक नज़र डालते हैं।

छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरें

A Day in Middle India. Understanding the lives of people in… | by Angela Honegger | Medium

छत्तीसगढ़ के गांव में लंगूरों से परेशानी

स्थान: देवगांव, छत्तीसगढ़

एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, देवगांव में बड़ी संख्या में लंगूरों के घरों और फसलों में घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। दो मृत लंगूरों का वीडियो सामने आने के बाद 22 लंगूरों की कथित मौत के दावे की जांच की खबर भी सामने आई है।

संतोष डॉन के 25 ठिकानों पर ED का छापा, साड़ी पहनकर पुलिस को दिया था चकमा

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में ED की कार्रवाई

स्थान: रायपुर

 प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ 9 अक्टूबर को विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की। एजेंसी ने रायपुर में दो संपत्तियों पर लगभग 9.06 करोड़ रुपये का अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किया था।

क्यों—कथित धनशोधन की जांच के तहत; PMLA के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई से।
जानलेवा साबित हो रहा टाटीबंध चौक, गड्डे और खराब सर्विस रोड से रोजाना डेढ़ लाख लोगों के लिए मुसीबत - Tatibandh Chowk pit and bad service road proving fatal trouble for 1 lakh 50 thousand people daily

रायपुर में रिंग रोड-1 की सर्विस रोड चौड़ी करने की योजना

 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रिंग रोड-1 के 14 किलोमीटर हिस्से की सर्विस रोड चौड़ी करने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना का उद्देश्य सड़क व्यवस्था और यातायात को बेहतर बनाना है।

देश की प्रमुख खबरें

Vegetable:टमाटर 130 रुपये किलो, प्याज 50 पार, आलू की कीमतों में भी इजाफा, आखिर क्यों बढ़ रहे सब्जियों के दाम? - Why Are Vegetable Prices Increasing State Wise Price List In Hindi - Amar Ujala Hindi News Live

सितंबर में खुदरा महंगाई बढ़कर 5.54%

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% रही, जबकि खाद्य महंगाई दर 7.74% दर्ज की गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल सकती है।

क्यों—खाद्य कीमतों सहित विभिन्न वस्तुओं के दाम बढ़ने से; 

कैसे—उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के जरिए मापकर।

Jantar Mantar protests: Supreme Court to hear plea for alternative protest venue - India Today

 दिल्ली में जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल वाला दर्जा समाप्त

दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया और प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए। यह निर्णय नागरिकों के प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा के बाद लिया गया।

दिल्ली में जंतर-मंतर के स्थान पर निर्धारित तीन नए प्रदर्शन स्थल हैं:

  1. रामलीला मैदान (Ramlila Ground) — मध्य दिल्ली

  2. बुराड़ी मैदान (Burari Ground) — उत्तर दिल्ली

  3. CBD मैदान (CBD Ground) — पूर्वी दिल्ली

The President of India, Smt Droupadi Murmu inaugurated Conference of Governors at Rashtrapati Bhavan in New Delhi on August 2, 2024. | President of India

छह राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तमिलनाडु, केरलम, ओडिशा, सिक्किम, कर्नाटक और उत्तराखंड के लिए नए राज्यपाल नियुक्त किए।

नियुक्तियों की सूची:

  1. ओम प्रकाश माथुर — केरलम

  2. राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर — तमिलनाडु

  3. ब्रज मोहन राम — ओडिशा

  4. डॉ. सुधा यादव — कर्नाटक

  5. डॉ. दल सिंह बिसेन — उत्तराखंड

  6. दुष्यंत गौतम — सिक्किम

कारोबार और शेयर बाजार
Stock Market Opening March 14: Indices Continue To Bleed; Sensex At 72,655.22 & Nifty At 21,949.50, Reliance Gains, Airtel Slumps
महंगाई और कच्चे तेल पर बाजार की नजर

13 अक्टूबर की सुबह की रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में सीमित शुरुआत की आशंका जताई गई। सितंबर में खुदरा महंगाई का 5.54% तक पहुंचना, महंगा कच्चा तेल और पश्चिम एशिया में तनाव निवेशकों की चिंता के प्रमुख कारण रहे। बाजार की वास्तविक शुरुआत और पूरे दिन का प्रदर्शन अलग हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय खबरें

Irán reabre el Estrecho de Ormuz tras tregua con EE.UU.
पश्चिम एशिया का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा वित्तीय बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर महंगे कच्चे तेल का असर ईंधन लागत और महंगाई के रूप में पड़ सकता है।

कैसे—तेल आपूर्ति और कीमतों में अनिश्चितता के जरिए।

शिक्षा, विज्ञान और तकनीक

आज की विशेष जानकारी: समाचार पढ़ते समय सोशल मीडिया पर वायरल दावों को बिना पुष्टि के सच नहीं मानना चाहिए। किसी सरकारी आदेश, परीक्षा परिणाम या नई तकनीक से जुड़ी खबर को संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से जांचना जरूरी है।

समापन

इसी के साथ आज का समाचार बुलेटिन समाप्त होता है। देश-दुनिया की खबरों से जुड़े रहने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि हम हर खबर को समझें, उसकी पुष्टि करें और जिम्मेदारी के साथ उसे दूसरों तक पहुंचाएं।

आप सभी का धन्यवाद। नमस्कार, आपका दिन शुभ हो!


छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई ऊंचाई, बीएसएल-3 प्रयोगशाला से खुलेंगे वैज्ञानिक नवाचार के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में स्थापित अत्याधुनिक बायोसेफ्टी लेवल-3 (बीएसएल-3) प्रयोगशाला छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ ही वैज्ञानिक नवाचार और संक्रामक रोगों की रोकथाम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रयोगशाला के माध्यम से संक्रामक रोगजनकों की पहचान, उनके वैज्ञानिक अध्ययन, वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान तथा उन्नत नैदानिक तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का विस्तार राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था वाले छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सुविधा का विशेष महत्व है।


उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी द्वारा नवनिर्मित सुभाषचंद्र बोस बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत स्थापित बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशाला का लोकार्पण विगत 28 सितंबर को किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश चंदेल के प्रयासों की सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला के माध्यम से पौधों, पशुओं और मानव स्वास्थ्य से जुड़े संक्रामक रोगों, विशेषकर पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले जूनोटिक रोगों के अध्ययन एवं निगरानी को नई गति मिलेगी। यह सुविधा गंभीर संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान, रोग प्रकोप से निपटने की तैयारी और उन्नत नैदानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियंत्रित वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को संक्रामक रोगजनकों के अध्ययन तथा वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य में कृषि जैव-प्रौद्योगिकी, पशु स्वास्थ्य और संक्रामक रोग अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण के परस्पर संबंधों पर आधारित 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण को मजबूत बनाने में भी यह प्रयोगशाला महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में रोगों की निगरानी और वैज्ञानिक समाधान विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

साय ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहले से ही कृषि अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विश्वविद्यालय की फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला कृषि नमूनों, मृदा, जल, फसल अवशेषों तथा अन्य नमूनों के परीक्षण एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बीएसएल-3 प्रयोगशाला की स्थापना से विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमताओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं संबंधित विशेषज्ञों को उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। इससे राज्य में कुशल वैज्ञानिक मानव संसाधन विकसित करने के साथ ही आधुनिक अनुसंधान तकनीकों के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला भविष्य में संक्रामक रोग अनुसंधान, रोग निगरानी, जैव-सुरक्षा, पशु एवं जूनोटिक रोगों के अध्ययन तथा रोग प्रकोप से निपटने की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अधोसंरचना के रूप में विकसित होगी। इससे छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई गति मिलने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता और पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

नवरात्रि का तीसरा दिन आज: मां चंद्रघंटा की पूजा से मिलती है साहस और सुख-समृद्धि की कामना, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती

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Navratri Day 3 2026: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। माता को लाल-पीले फूल, केसर वाली खीर और मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाता है। जानिए मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, शक्तिशाली मंत्र, धार्मिक महत्व और आरती।


नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना

शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन 13 अक्टूबर, मंगलवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं में मां चंद्रघंटा को साहस, शक्ति, शांति और पराक्रम का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि विधि-विधान से माता की आराधना करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप दिव्य, तेजस्वी और कल्याणकारी माना जाता है। नवरात्रि के इस पावन दिन श्रद्धालु माता को फूल, फल, मिठाई और खीर का भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में सफलता की कामना करते हैं। पूजा के दौरान माता के मंत्रों का जाप और आरती करने का भी विशेष महत्व है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप का नाम चंद्रघंटा उनके मस्तक पर सुशोभित घंटे के आकार के अर्धचंद्र के कारण पड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता का वाहन सिंह है। उनका स्वरूप शक्ति, निर्भीकता और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

मां चंद्रघंटा को करुणा और शक्ति का अद्भुत संगम माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना से मन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। भक्त माता से जीवन में शांति, सम्मान, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को लाल और पीले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माता की पूजा कर सकते हैं।

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके श्रद्धापूर्वक माता की आराधना करें।

  1. पूजा स्थल की सफाई करें: मंदिर को स्वच्छ करके गंगाजल का छिड़काव करें।

  2. चौकी स्थापित करें: लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

  3. पूजन सामग्री अर्पित करें: माता को कुमकुम, अक्षत, चुनरी, माला और लाल या पीले फूल चढ़ाएं।

  4. दीपक जलाएं: घी का दीपक जलाकर धूप-अगरबत्ती अर्पित करें।

  5. मंत्रों का जाप करें: मां चंद्रघंटा के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

  6. भोग लगाएं: माता को खीर, दूध से बनी मिठाइयां, मिश्री या पेड़े अर्पित करें।

  7. पाठ करें: अपनी परंपरा के अनुसार दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या माता की कथा का पाठ करें।

  8. आरती करें: पूजा के अंत में मां चंद्रघंटा की आरती उतारें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

मां चंद्रघंटा को क्या चढ़ाएं? जानें प्रिय भोग

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयां और खीर अर्पित करने की परंपरा है। भक्त माता को केसर वाली खीर का भोग लगा सकते हैं। इसके अलावा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार निम्न सामग्री भी अर्पित की जा सकती है।

  • केसर वाली खीर: दूध, चावल और केसर से तैयार खीर का भोग।

  • दूध से बनी मिठाइयां: पेड़ा और अन्य सात्विक मिठाइयां।

  • मिश्री: माता को मिश्री अर्पित करने की भी परंपरा है।

  • पंचमेवा: श्रद्धानुसार मेवे का भोग लगाया जा सकता है।

  • लाल और पीले फूल: माता को गुलाब, गेंदे सहित अन्य ताजे फूल अर्पित किए जा सकते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में स्वच्छता, श्रद्धा और भक्ति का विशेष महत्व है।

मां चंद्रघंटा के मंत्र

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की उपासना के दौरान इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

1. मां चंद्रघंटा का ध्यान मंत्र

पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

2. मां चंद्रघंटा का प्रार्थना मंत्र

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।

सिंहारूढा चन्द्रघण्टा यशस्विनीम्॥

3. मां चंद्रघंटा का सरल मंत्र

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर माता का ध्यान कर सकते हैं।

मां चंद्रघंटा की आरती

नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा के बाद मां चंद्रघंटा की आरती करने की परंपरा है। आरती के माध्यम से भक्त माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

जय मां चंद्रघंटा सुख धाम,

पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।

चंद्र समान तुम शीतल दाती,

चंद्र तेज किरणों में समाती।

क्रोध को शांत करने वाली,

मीठे बोल सिखाने वाली।

मन की मालक मन भाती हो,

चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।

सुंदर भाव को लाने वाली,

हर संकट में बचाने वाली।

हर बुधवार जो तुझे ध्याये,

श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।

मूर्ति चंद्र आकार बनाएं,

सम्मुख घी की ज्योत जलाएं।

शीश झुका कहे मन की बाता,

पूर्ण आस करो जगदाता।

कांची पुर स्थान तुम्हारा,

करनाटिका में मान तुम्हारा।

नाम तेरा रटूं महारानी,

भक्त की रक्षा करो भवानी।

मां चंद्रघंटा की पूजा से जुड़ी मान्यताएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा साहस, आत्मबल और मानसिक शांति की कामना से की जाती है। माता का स्वरूप भक्तों को निडर होकर चुनौतियों का सामना करने तथा धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा, मंत्र जाप और आरती कर माता का आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा विधि और मंत्रों के पाठ में अंतर हो सकता है। पूजा से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए योग्य पुरोहित या पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श लें।

जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम रायपुर पहुँची, 16 अक्टूबर से भारत के खिलाफ T20 सीरीज; आज शाम से टिकट बुकिंग

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का रोमांच बढ़ने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाली तीन मैचों की T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिम्बाब्वे की महिला टीम 12 अक्टूबर को रायपुर पहुँच रही है। 

सीरीज के तीनों मुकाबले नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। मैच 16, 18 और 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से शुरू होने निर्धारित हैं। 

कब-कब होंगे भारत और जिम्बाब्वे के मुकाबले?

  • पहला T20 मैच: 16 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

  • दूसरा T20 मैच: 18 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

  • तीसरा T20 मैच: 20 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

मैच का स्थान: शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नया रायपुर।

तीनों मुकाबले एक ही मैदान पर खेले जाने हैं। इससे रायपुर और आसपास के क्रिकेट प्रशंसकों को भारतीय महिला टीम को घरेलू मैदान पर खेलते देखने का अवसर मिलेगा। 

टिकट की कीमत कितनी है?

छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के निदेशक के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, टिकटों की कीमतें इस प्रकार घोषित की गई हैं:

  • सामान्य टिकट: ₹250 से शुरू

  • दो मैचों का कॉम्बो टिकट: ₹350

  • तीनों मैचों का सीरीज टिकट: ₹499

  • सिल्वर श्रेणी: ₹2,000

  • गोल्ड श्रेणी: ₹2,500

  • प्लेटिनम श्रेणी: ₹3,500

ऑनलाइन टिकट बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होने की घोषणा की गई थी। एक उपयोगकर्ता अधिकतम छह टिकट खरीद सकता है। डिजिटल टिकट के QR कोड को स्टेडियम में प्रवेश के समय स्कैन किया जाएगा। 

ऑनलाइन टिकट बुकिंग: <Link url="https://ticketgenie.in/" title="TicketGenie टिकट पोर्टल"/>। टिकट की उपलब्धता और नियम बुकिंग के समय जाँचें।

भारतीय टीम की कप्तानी कौन करेगा?

भारतीय महिला टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना करेंगी। BCCI द्वारा घोषित T20 टीम में शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए यह भारत का पहला द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय दौरा है। इस दौरे में T20 सीरीज के बाद 23, 25 और 28 अक्टूबर को वडोदरा में तीन वनडे मुकाबले भी खेले जाएंगे। 

रायपुर में तैयारियाँ तेज

मैचों को लेकर स्टेडियम और आयोजन की तैयारियाँ चल रही हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम का अभ्यास सत्र 12 अक्टूबर को शाम 6 बजे और जिम्बाब्वे टीम का अभ्यास सत्र 13 अक्टूबर को प्रस्तावित है। 

रायपुर में इन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों को महिला क्रिकेट देखने का अवसर मिलेगा। मैच के दिन स्टेडियम पहुँचने से पहले प्रवेश नियम, पार्किंग और टिकट संबंधी निर्देश जरूर जाँचें।


मनेंद्रगढ़ की बेकरी में घुसा भालू, टीन शेड तोड़कर अंदर पहुँचा, घटना का वीडियो आया सामने

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मनेंद्रगढ़- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ शहर में वन्यजीव की मौजूदगी से जुड़ी एक घटना सामने आई है। देर रात एक भालू मौहारपारा इलाके की बेकरी में घुस गया। स्थानीय समाचार रिपोर्ट के अनुसार, भालू टीन शेड तोड़कर दुकान के अंदर पहुँचा। इस घटना का वीडियो भी सामने आने की जानकारी दी गई है। 

देर रात बेकरी में कैसे घुसा भालू?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा इलाके की है। रात के समय भालू बेकरी के टीन शेड को तोड़कर अंदर घुस गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

हालांकि, बेकरी के अंदर भालू ने कितना नुकसान किया, वहाँ खाद्य सामग्री या अन्य सामान को नुकसान पहुँचा या नहीं, और भालू बाद में किस दिशा में गया—इन बातों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही से सावधानी जरूरी

मनेंद्रगढ़ और आसपास के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जंगली जानवर दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। भालू भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुँच सकता है, इसलिए ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

वन्यजीव विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार:

  • भालू दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें।

  • उसके साथ सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के लिए पास न जाएँ।

  • भालू को भगाने के लिए पत्थर न मारें और न ही उसे उकसाएँ।

  • बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

वन विभाग से क्या अपेक्षा है?

ऐसी घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों का आकलन करना, स्थानीय लोगों को सतर्क करना और जरूरत पड़ने पर निगरानी बढ़ाना उपयोगी होता है। फिलहाल इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई, भालू के रेस्क्यू या उसके जंगल लौटने की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल मुख्य जानकारी यही है कि मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा इलाके में देर रात भालू टीन शेड तोड़कर बेकरी के अंदर घुसा और घटना का वीडियो सामने आया है। आगे की जानकारी मिलने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अपील: अगर आपके इलाके में भी भालू या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग को सूचना दें।


महानदी में अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग का बड़ा एक्शन, 1 जेसीबी, 1 हाईवा और 3 ट्रैक्टर जब्त

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 छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पारागांव–लखना–कोलियारी क्षेत्र में महानदी घाट पर छापेमारी कर विभागीय टीम ने एक जेसीबी मशीन, एक हाईवा और तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये वाहन कथित तौर पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। 

महानदी घाट पर कैसे हुई कार्रवाई?

रिपोर्ट के मुताबिक, पारागांव–लखना–कोलियारी क्षेत्र में महानदी से रेत निकालने और उसे दूसरे स्थान पर जमा करने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि जेसीबी की मदद से नदी से रेत निकाली जाती थी, फिर ट्रैक्टरों से उसे घाट के पास पहुँचाया जाता था और बाद में हाईवा के जरिए दूसरी जगह ले जाया जाता था।

बताया गया है कि खनिज विभाग को गोपनीय सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुँची। इस बार कार्रवाई के दौरान एक हाईवा, एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस थाने की अभिरक्षा में रखे जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।

मौके पर 50–60 हाईवा रेत जमा होने का दावा

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। स्थानीय समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घटनास्थल पर लगभग 50 से 60 हाईवा के बराबर रेत का भंडार मौजूद था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस रेत के भंडार पर तत्काल कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इस संबंध में खनिज विभाग की आगे की कार्रवाई और भंडारण की वैधता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अब आगे क्या होगा?

अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ लागू खनिज कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जब्त वाहनों के मामले में भी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

अवैध रेत उत्खनन से क्या नुकसान?

  • नदी के प्राकृतिक स्वरूप और तटों को नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है।

  • अनियंत्रित उत्खनन से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है।

  • बिना वैध अनुमति खनिज निकालने से सरकारी राजस्व को नुकसान हो सकता है।

  • भारी वाहनों की आवाजाही से आसपास के रास्तों और ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।

प्रशासन से ग्रामीणों की अपेक्षा

स्थानीय रिपोर्ट में ग्रामीणों की ओर से कथित रेत भंडार की भी जाँच करने की मांग का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि यदि वहाँ अवैध रूप से रेत जमा की गई है, तो उसकी जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, इस कार्रवाई में एक जेसीबी, एक हाईवा और तीन ट्रैक्टर जब्त किए जाने की जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। जब्त वाहनों के मालिकों, दर्ज प्रकरणों और कथित रेत भंडार के संबंध में विभाग की आधिकारिक विस्तृत जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।


बस्तर को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात! रायपुर–रावघाट मेमू ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, उद्घाटन टला

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर से रावघाट तक मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने इस सेवा की समय-सारिणी जारी कर दी है, लेकिन 12 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम फिलहाल टल गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेल मंत्री का प्रस्तावित दौरा रद्द होने के कारण उद्घाटन नहीं हो सका। अब यात्रियों को ट्रेन सेवा शुरू होने की नई तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। 

ताड़ोकी से 17 किलोमीटर आगे पहुंचेगी रेल सेवा

अब तक कांकेर जिले के ताड़ोकी तक यात्री रेल सेवा उपलब्ध थी। ताड़ोकी से लगभग 17 किलोमीटर आगे रावघाट तक रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद इस खंड पर यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है।

रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को जानकारी दी थी कि दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन के अंतिम ताड़ोकी–रावघाट खंड का काम पूरा हो गया है और इस पर रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण तथा गति परीक्षण किया गया है। यह यात्री सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर–रावघाट मेमू ट्रेन की समय-सारिणी को लेकर क्या जानकारी है?

मीडिया में प्रकाशित रेलवे बोर्ड के पत्र से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, दोनों दिशाओं में मेमू ट्रेन चलाने की योजना है।

  • रावघाट से प्रस्थान: सुबह 6:30 बजे

  • ताड़ोकी आगमन: सुबह 7:00 बजे

  • दल्ली राजहरा आगमन: सुबह 8:25 बजे

  • दुर्ग आगमन: सुबह 11:30 बजे

  • रायपुर आगमन: दोपहर 1:05 बजे

ये समय ट्रेन संख्या 68769 रावघाट–रायपुर मेमू के लिए रिपोर्ट किए गए प्रस्तावित समय हैं। वापसी ट्रेन के प्रकाशित समय में विसंगति बताई गई है, इसलिए इसे अंतिम और सत्यापित समय-सारिणी नहीं माना जाना चाहिए। यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।

बस्तर के लोगों को क्या होगा फायदा?

1. राजधानी तक पहुंच आसान होने की उम्मीद

रायपुर में इलाज, पढ़ाई, नौकरी, सरकारी कामकाज और व्यापार के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को रेल परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।

2. किसानों और वनोपज कारोबारियों को लाभ

क्षेत्र में कृषि उत्पादों और वनोपज के परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

3. औद्योगिक परिवहन को मजबूती

दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क पहुंचाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इससे औद्योगिक परिवहन व्यवस्था को लाभ मिल सकता है।

4. दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को गति

बेहतर रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और बाजारों तक पहुंच में सुधार की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित स्टेशनों और आगे की परिवहन सुविधा पर भी निर्भर करेगा।

रावघाट से जगदलपुर तक रेल विस्तार की तैयारी

रावघाट तक रेल सेवा का विस्तार परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके आगे रावघाट से जगदलपुर के बीच लगभग 140 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित विस्तार का हिस्सा है। इस मार्ग के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। 

यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन टलने की खबर है, लेकिन नई उद्घाटन तिथि और नियमित परिचालन शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यात्रियों को ट्रेन नंबर, स्टॉपेज, किराया और अंतिम समय-सारिणी की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक सूचना से करने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए यह रेल परियोजना परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें ट्रेन सेवा शुरू होने की नई तारीख पर टिकी हैं।


सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर

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उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र

दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया

रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है।

दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन

शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।

दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है।

सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया

जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के अग्रसेन धाम में आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं श्री अग्रसेन जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाराजा श्री अग्रसेन जी ने समाज को दानशीलता और परोपकार का अमूल्य संदेश दिया।


अग्रवाल समाज व्यवसाय के साथ समाज में भी अपना सार्थक योगदान दे रहे हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। यह समाज परिश्रम से स्थापित उद्योग-धंधों में लोगों को रोजगार देते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रवाल समाज के लोग अग्रणी भूमिका में रहते हैं। महाराजा अग्रसेन जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी। उनके द्वारा दिए गए एक ईंट एक रुपया का सिद्धांत आपसी सहयोग और आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल है।


राज्यपाल डेका ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने हमें सिखाया कि ज्ञान सभी से लेना चाहिए और दान भी देना चाहिए। नई पीढ़ी को त्वरित सफलता प्राप्त करने की जगह पारंपरिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। अग्रवाल समाज में पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने की सुंदर परम्परा है। असम सिनेमा को आगे बढ़ाने में ज्योति प्रसाद अग्रवाल ने योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी की भागीदारी से ही सुंदर समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ में उद्योग एवं व्यवसाय की असीम संभावना है। अग्रवाल समाज अपने व्यापार में इन अवसरों का उपयोग करेंगे तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि यह समाज हमेशा परोपकार के क्षेत्र में अग्रणी रहता है। चाहे स्वास्थ्य शिविर हो या गौसेवा, धर्मशाला, सामूहिक विवाह या निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, अग्रवाल समाज हर रूप में आगे बढ़कर परोपकार करता है।

आज भी गौमाता के लिए एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया है, यह अग्रवाल समाज की सेवा भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। हम भी विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए विजन डाक्यूमेंट के आधार पर मिशन मोड पर कार्य कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ से 75 लाख करोड़ रूपए तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में खनिज, वनोपज, बिजली, पानी सहित सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। अग्रवाल समाज अपने व्यवसायिक परिश्रम से छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज लोगों को रोजगार देने के साथ ही समाजसेवा में भी अपना बहुमूल्य योगदान देता है। महाराजा अग्रसेन जी ने समानता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर घायल गौमाता के इलाज के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया। अग्रसेवा गौशाला रायपुर द्वारा संचालित इस एम्बुलेंस की सुविधा मोबाइल नंबर +91-8109002139 पर कॉल कर ली जा सकेगी।

कार्यक्रम में अग्रवाल समाज की डायरेक्ट्री तथा अग्रपुष्प बुलेटिन त्रैमासिक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया तथा अग्रवाल समाज के प्रतिभावान बच्चों को अग्र प्रतिभा सम्मान और युवाओं को अग्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीआर ग्रुप के चेयरमैन सुशील अग्रवाल, अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रेमचंद अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के पदाधिकारी, गणमान्य जन व सामाजिक सदस्य उपस्थित थे।

सरईपानी जंगल में भालू का हमला, चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण; घायल रायपुर रेफर

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जंगल से वन उपज जुटाने गए एक बुजुर्ग पर भालू ने हमला कर दिया। नहरगांव क्षेत्र के सरईपानी जंगल में 55 वर्षीय गिरधारी विश्वकर्मा का सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। इस दौरान भालू के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। घायल बुजुर्ग को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया।


माहुल पत्ता तोड़ने गए थे जंगल

जानकारी के अनुसार, नहरगांव निवासी गिरधारी विश्वकर्मा सोमवार सुबह माहुल पत्ता तोड़ने के लिए सरईपानी जंगल गए थे। इसी दौरान गरियाबंद वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 582 में उनका सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। अचानक हुए हमले में बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए दौड़े ग्रामीण

भालू के हमले के दौरान गिरधारी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की आहट मिलने पर मादा भालू अपने दोनों शावकों के साथ जंगल की ओर चली गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और घटना की जानकारी दी।

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार, फिर रायपुर रेफर

घायल गिरधारी विश्वकर्मा को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल गरियाबंद पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालत को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने जंगल में माहुल पत्ता, महुआ और अन्य वन उपज एकत्र करने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचना और सतर्कता बरतना जरूरी है। खासकर शावकों के साथ मौजूद मादा भालू के करीब जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

जंगल में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ग्रामीणों को वन विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। फिलहाल घायल बुजुर्ग को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश तत्काल प्रभाव से एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। इस संभावित समझौते को ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का अस्थायी समझौता) कहा जा रहा है।

हालांकि, इस घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले से नहीं थी। रूस की ओर से भी तत्काल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इसके बाद यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूसी हमलों की खबरें सामने आईं। 

ट्रंप ने क्या ऐलान किया?

11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का समझौता तत्काल प्रभाव से लागू है। उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का उल्लंघन नहीं करने की अपील की।

इस घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि समझौता कितने दिनों तक लागू रहेगा, इसकी निगरानी कौन करेगा और उल्लंघन होने पर क्या कदम उठाए जाएंगे। 

‘एनर्जी सीजफायर’ का क्या मतलब है?

इसका उद्देश्य युद्ध के दौरान बिजली, तेल और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को हमलों से बचाना है।

इस तरह की व्यवस्था के अंतर्गत संभावित रूप से निम्नलिखित ठिकानों पर हमले रोकने की बात हो सकती है:

  • बिजली उत्पादन संयंत्र और पावर प्लांट

  • तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण केंद्र

  • ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान

  • बिजली और ईंधन वितरण की बुनियादी सुविधाएं

ऐसे ठिकानों पर हमले कम होने से आम नागरिकों को बिजली कटौती, ईंधन की कमी और सर्दियों में हीटिंग जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस मामले में समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं।

यूक्रेन की प्रतिक्रिया: जेलेंस्की ने क्या कहा?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि रूस भी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन इस व्यवस्था का समर्थन करेगा।

यूक्रेन का रुख यह रहा कि समझौता दोनों पक्षों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। जेलेंस्की ने इसके लिए स्पष्ट शर्तों और वास्तविक सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रूस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद रूस की ओर से समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इस कारण यह स्पष्ट नहीं था कि मॉस्को ने वास्तव में हमले रोकने की शर्तें स्वीकार की हैं या नहीं।

इसके बाद यूक्रेन के अधिकारियों ने राजधानी कीव और खार्किव में ऊर्जा सुविधाओं पर रूसी हमलों की जानकारी दी। कुछ हमलों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भी आईं। इससे युद्धविराम के वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल उठे। 

तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

रूस और यूक्रेन दोनों वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। रूस तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है, जबकि युद्ध के दौरान ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों ने आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है।

  • कच्चे तेल की कीमतें: युद्ध में तनाव कम होने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव घट सकता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है।

  • डीजल और पेट्रोल: तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और रिफाइनिंग लागत में बदलाव का असर ईंधन बाजार पर पड़ सकता है।

  • शेयर बाजार: युद्धविराम की विश्वसनीयता, तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

  • भारत पर असर: भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट राहत दे सकती है, लेकिन घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत बदलना जरूरी नहीं है।

रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड में लगभग 2% की गिरावट आई और कीमत करीब 103 डॉलर प्रति बैरल रही। हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। 

क्या रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा?

फिलहाल ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की व्यवस्था, यदि लागू होती है, तो युद्ध के एक सीमित हिस्से में तनाव कम कर सकती है। लेकिन इसका अर्थ पूरे युद्ध का अंत नहीं है।

युद्ध समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय विवाद, सुरक्षा संबंधी मांगों, सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक सहमति जैसे व्यापक मुद्दों पर भी बातचीत आवश्यक होगी।

अब आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?

आने वाले समय में तीन बातों पर नजर रहेगी:

  • क्या रूस आधिकारिक रूप से ऊर्जा युद्धविराम स्वीकार करता है?
  • क्या दोनों देश बिजली संयंत्रों, तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले वास्तव में रोकते हैं?
  • क्या अमेरिका या अन्य देश समझौते की निगरानी और उल्लंघन रोकने के लिए कोई व्यवस्था प्रस्तुत करते हैं?

निष्कर्ष: 11 अक्टूबर को डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन 12 अक्टूबर तक इसकी शर्तें और दोनों पक्षों की सहमति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थीं। यूक्रेन ने पारस्परिक युद्धविराम का समर्थन किया, जबकि ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की खबरें जारी रहीं। इसलिए इसे युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बजाय एक अनिश्चित कूटनीतिक पहल के रूप में देखना उचित है। 


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