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84 नगरीय निकायों में PM आवास मंजूर, संतोष पांडेय ने कांग्रेस को घेरा; बैज पर भी किया पलटवार

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 रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 84 नगरीय निकायों में नए आवासों को मंजूरी मिलने पर सांसद संतोष पांडेय ने प्रसन्नता जताई है। धनतेरस के मौके पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के सिर पर अपनी छत होना जरूरी है। गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दौरान उन्होंने आवास योजना, युवाओं की भर्ती और बस्तर में बदलते हालात को लेकर अपनी बात रखी, वहीं कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा।


सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि चुनाव में जीत के बाद सरकार ने सबसे पहले आवास के मुद्दे को प्राथमिकता दी। पिछली सरकार के कार्यकाल में जिन आवासों को रोक दिया गया था, उन्हें वर्तमान साय सरकार ने आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 84 नगरीय निकायों में नए आवासों की स्वीकृति गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत है।

1000 से अधिक पदों पर भर्ती, युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक हजार से अधिक पदों पर भर्ती की घोषणा को सांसद ने युवाओं के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना करते हुए कहा कि अग्निवीर के बाद प्रदेश के युवाओं को रोजगार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण अवसर मिलने जा रहा है। सरकार लगातार युवाओं को रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है।

कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर संतोष पांडेय का तंज

कांग्रेस की रैली में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चाओं पर सांसद ने विपक्षी पार्टी को घेरा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में अपने ही नेताओं और विरोधियों की सूची तैयार की जा रही है। पार्टी के भीतर आपसी खींचतान और गुटबाजी का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अंदरूनी टकराव लगातार बढ़ रहा है।

दीपक बैज के अर्जुन वाले बयान पर बोले- यह अर्जुन नहीं, दुर्योधन है

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के कांग्रेस को अर्जुन बताते हुए हर चक्रव्यूह तोड़ने वाले बयान पर संतोष पांडेय ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, "यह अर्जुन नहीं, दुर्योधन है और 10 जनपद में गांधारी पट्टी बांधकर बैठी हैं।" सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने नेताओं के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। उन्होंने पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल उठाते हुए उसके पतन की बात कही।

रामलीला मैदान में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल

रामलीला मैदान में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी संतोष पांडेय ने कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर मंच और कुर्सियां खाली नजर आ रही थीं। उन्होंने इस आधार पर कांग्रेस के प्रदर्शन की सफलता पर सवाल उठाए और पार्टी की जनसमर्थन जुटाने की क्षमता पर निशाना साधा।

बस्तर में दीपोत्सव को बताया शांति और बदलाव का प्रतीक

बस्तर के विभिन्न गांवों में दीपोत्सव मनाए जाने पर सांसद संतोष पांडेय ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कोंटा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव और बस्तर क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब अमन-चैन की बयार बह रही है और दीपों की रोशनी क्षेत्र में शांति एवं सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रही है।

भारतीय रेलवे की नई डोर-टू-डोर पार्सल सेवा: अब घर बैठे भेज सकेंगे सामान, स्टेशन जाने की जरूरत नहीं!

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भारतीय रेलवे अब पार्सल भेजने की पारंपरिक व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर रहा है। रेलवे जल्द ही 'Rail Parcel App – Ghar Se Ghar Tak' नाम से एक नई डिजिटल सेवा शुरू करने जा रहा है।

इस सुविधा के माध्यम से आम नागरिक, व्यापारी और छोटे कारोबारी अपने घर या दुकान से ही पार्सल बुक कर सकेंगे। निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां सामान को आपके घर से उठाएंगी, रेलवे ट्रेन से दूसरे शहर तक पहुंचाएगा और वहां से डिलीवरी पार्टनर सामान को सीधे प्राप्तकर्ता के घर तक पहुंचाएगा।

इसका मतलब है कि अब पार्सल भेजने और प्राप्त करने के लिए रेलवे स्टेशन के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

किन 8 शहरों में सबसे पहले शुरू होगी सेवा?

रेलवे बोर्ड की 26 अक्टूबर 2026 की नीति के अनुसार शुरुआत में आठ प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है।

पहले चरण के 8 शहर

दिल्ली

मुंबई

कोलकाता

चेन्नई

अहमदाबाद

हैदराबाद

बेंगलुरु

पुणे

ये शुरुआती शहर हैं। देशभर में विस्तार का फैसला आगे के अनुभव और तैयारी के आधार पर होगा।

क्या छत्तीसगढ़ और रायपुर भी शामिल हैं?

फिलहाल शुरुआती आठ शहरों की सूची में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई शामिल नहीं हैं। हालांकि भविष्य में सेवा का विस्तार दूसरे शहरों में भी किया जा सकता है। अभी रायपुर के लिए लॉन्च की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।

घर से दूसरे शहर तक पार्सल कैसे पहुंचेगा?

इस सेवा में तीन चरण होंगे:

पहला चरण: घर से पार्सल पिकअप

निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी आपके घर या दुकान से सामान उठाकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगी।

दूसरा चरण: ट्रेन से परिवहन

भारतीय रेलवे पार्सल को ट्रेन के जरिए गंतव्य शहर के रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगा।

तीसरा चरण: घर तक डिलीवरी

गंतव्य स्टेशन से लॉजिस्टिक्स कंपनी पार्सल लेकर सीधे प्राप्तकर्ता के पते पर पहुंचेगी।


उदाहरण: मान लीजिए आपको दिल्ली से मुंबई अपने रिश्तेदार को कोई सामान भेजना है।
  • कंपनी दिल्ली में आपके घर से सामान उठाएगी।

  • रेलवे उसे ट्रेन से मुंबई पहुंचाएगा।

  • मुंबई में डिलीवरी पार्टनर आपके रिश्तेदार के घर सामान पहुंचाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया की बुकिंग और भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा।

मोबाइल ऐप से बुकिंग कैसे होगी?

रेलवे इसके लिए एक नया ऐप और वेबसाइट तैयार कर रहा है।

प्रस्तावित ऐप का नाम है Rail Parcel App – Ghar Se Ghar Tak।

बुकिंग की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  1. मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाना होगा।

  2. मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा।

  3. पार्सल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले का पता दर्ज करना होगा।

  4. सामान का वजन, आकार और उसकी जानकारी भरनी होगी।

  5. उपलब्ध लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर (LSP) का चयन करना होगा।

  6. घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी का विकल्प चुनना होगा।

  7. ऐप पर रेलवे और लॉजिस्टिक्स के अलग-अलग शुल्क देख सकेंगे।

  8. UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान कर सकेंगे।

इसके बाद बुकिंग और पार्सल की स्थिति मोबाइल पर देखी जा सकेगी।

कितने दिन पहले पार्सल बुक कर सकेंगे?

रेलवे के प्रस्तावित नियमों के अनुसार:

नियम

   जानकारी

एडवांस बुकिंग

  15 दिन पहले तक

अंतिम बुकिंग

  ट्रेन रवाना होने से कम से कम 1 दिन पहले

पिकअप स्लॉट

  ऐप पर उपलब्ध समय के अनुसार

रेलवे को पार्सल सौंपना

  ट्रेन रवाना होने से 12 घंटे से 1 घंटे पहले के बीच

बुकिंग

  ट्रेन में जगह उपलब्ध होने पर

इसका मतलब है कि ग्राहक पहले से अपनी डिलीवरी की योजना बना सकेंगे।

पार्सल भेजने का किराया कितना लगेगा?

अभी रेलवे ने सभी सामानों के लिए कोई एक निश्चित दर घोषित नहीं की है।

किराया मुख्य रूप से इन बातों पर निर्भर करेगा:

  • पार्सल का वजन।

  • पार्सल की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई।

  • कितनी दूरी तक सामान भेजना है।

  • किस श्रेणी की ट्रेन से सामान जाएगा।

  • घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी का शुल्क।

  • अतिरिक्त पैकेजिंग या स्टोरेज सेवा।

खास बात: ऐप में रेलवे का किराया और निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी का शुल्क अलग-अलग दिखाया जाएगा। ग्राहक दोनों सेवाओं का भुगतान एक ही ट्रांजैक्शन में कर सकेंगे।

अभी यह कहना सही नहीं होगा कि यह सेवा हर स्थिति में निजी कोरियर से सस्ती होगी। वास्तविक तुलना किराया घोषित होने के बाद ही की जा सकेगी।

कौन-कौन सा सामान भेज सकेंगे?

रिपोर्टों में जिन सामानों की श्रेणियों का उल्लेख किया गया है, उनमें शामिल हैं:

फल और सब्जियां


इलेक्ट्रॉनिक सामान


फर्नीचर


दोपहिया वाहन


मशीनरी और औजार


खाद्य एवं उपभोग की वस्तुएं

इन श्रेणियों में सामान स्वीकार करने की शर्तें लागू होंगी। हर वस्तु की बुकिंग स्वतः अनुमत नहीं होगी।

कौन-सा सामान नहीं भेज सकेंगे?
  • विस्फोटक पदार्थ।

  • ज्वलनशील पदार्थ।

  • खतरनाक रसायन और प्रतिबंधित वस्तुएं।

  • गैरकानूनी सामान।

  • रेलवे नियमों के तहत प्रतिबंधित वस्तुएं।

सामान की सही जानकारी और उचित पैकिंग देना ग्राहक की जिम्मेदारी होगी।

पार्सल कैंसिल करने पर कितना रिफंड मिलेगा?

रेलवे ने इसके लिए अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार नियम बनाए हैं।

कैंसिल करने का समय

      रिफंड का नियम

पिकअप से पहले

      रेलवे किराया वापस, ₹10 क्लर्केज कटेगा

लॉजिस्टिक्स कंपनी के पिकअप के बाद

      सामान्यतः रिफंड नहीं

रेलवे रसीद (PRR) बनने के बाद

      सामान्यतः कैंसिलेशन नहीं

विशेष तकनीकी या परिचालन समस्या

      निर्धारित मंजूरी से अपवाद संभव

घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी के शुल्क का रिफंड संबंधित निजी कंपनी की अपनी नीति के अनुसार होगा।

पार्सल की लोकेशन कैसे पता चलेगी?

इस सुविधा में डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी।

ग्राहक को मोबाइल पर सूचना मिलेगी:

  • पार्सल पिकअप होने पर।

  • रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर।

  • ट्रेन में लोड होने पर।

  • गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने पर।

  • अंतिम डिलीवरी के लिए निकलने पर।

  • प्राप्तकर्ता को सामान सौंपे जाने पर।

पार्सल की रेलवे रसीद यानी PRR डिजिटल रूप में मिलेगी। सामान की डिलीवरी और प्राप्ति के समय OTP सत्यापन भी होगा।

इस योजना से किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?

लाभार्थी

       संभावित फायदा

छोटे व्यापारी

     दूसरे शहरों में सामान भेजना आसान

किसान 

     उपयुक्त वस्तुओं को दूसरे बाजारों तक भेजने का विकल्प

ऑनलाइन विक्रेता

     माल की आवाजाही में अतिरिक्त विकल्प

आम नागरिक

     घर बैठे सामान भेजने की सुविधा

फर्नीचर व्यवसाय

     बड़े सामान के परिवहन का विकल्प

इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी

    रेलवे नेटवर्क से लंबी दूरी पर सामान भेजना

यह सेवा कब शुरू होगी?

अभी परीक्षण और तैयारी जारी

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।

  • रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को इस योजना के लिए नीति दिशानिर्देश जारी किए हैं।

  • ऐप iOS, Android और वेबसाइट के लिए विकसित किया जा रहा है।

  • Centre for Railway Information Systems (CRIS) को आवश्यक टेस्टिंग पूरी करनी है।

  • टेस्टिंग पूरी होने के बाद संबंधित रेलवे जोन को लागू करने की तारीख बताई जाएगी।

  • अभी आठ शहरों में सेवा की शुरुआत की निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।

इसलिए फिलहाल इसे शुरू हो चुकी सेवा नहीं, बल्कि जल्द शुरू होने वाली प्रस्तावित सुविधा समझना चाहिए।

रेलवे की इस योजना का महत्व क्या है?

भारतीय रेलवे पहले से ही लंबी दूरी पर बड़े पैमाने पर माल और पार्सल का परिवहन करता है। लेकिन आम नागरिक के लिए स्टेशन जाकर पार्सल बुक करना और गंतव्य स्टेशन से उसे प्राप्त करना कई बार मुश्किल होता है।

नई योजना में रेलवे और निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां मिलकर काम करेंगी।

इससे:

  • रेलवे की पार्सल परिवहन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।

  • निजी कोरियर कंपनियों को एक नया प्रतिस्पर्धी विकल्प मिलेगा।

  • छोटे कारोबारियों को देश के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

  • ग्राहकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग, भुगतान और ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी।

मेरी राय: इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रेलवे की लंबी दूरी की परिवहन सुविधा सीधे आम नागरिक और छोटे व्यापारियों तक पहुंच सकेगी। खासकर भविष्य में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों को भी इसमें शामिल किया जाता है, तो छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को काफी लाभ मिल सकता है।

घर के बाहर मौत बनकर दौड़ा करंट! पिता को बचाने पहुंचे मां-बेटे भी चपेट में, दो की मौत

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 बलौदाबाजार। दीपावली की तैयारियों के बीच बलौदाबाजार के एक परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा कि त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। नेहरू चौक इलाके में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से पिता और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से झुलस गईं। घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।


पति को बचाने दौड़ी पत्नी और बेटा, तीनों आए करंट की चपेट में

मिली जानकारी के अनुसार, हादसा नेहरू चौक स्थित राकेश गुप्ता के घर के बाहर हुआ। बताया जा रहा है कि मकान के बेहद करीब, महज पांच फीट की दूरी से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। इसी दौरान राकेश गुप्ता बिजली के करंट की चपेट में आ गए।

पति को करंट से छटपटाता देखकर पत्नी वर्षा और बेटा ईशान उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों भी बिजली के संपर्क में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि राकेश गुप्ता और उनके बेटे ईशान की जान चली गई, जबकि वर्षा बुरी तरह झुलस गईं।

अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही मां, रायपुर रेफर

घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया।

घर के इतने करीब हाईटेंशन लाइन कैसे? सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से महज पांच फीट की दूरी पर हाईटेंशन लाइन गुजरने की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोग सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आखिर रिहायशी इलाके में मकान के इतने करीब से हाईटेंशन लाइन कैसे गुजर रही थी? क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

पुलिस और संबंधित विभाग कर रहे जांच

कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की वास्तविक परिस्थितियों के साथ बिजली लाइन से जुड़े सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। धनतेरस के दिन हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं और अब सभी की नजर घायल महिला के स्वास्थ्य पर टिकी है।

नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम! बीजापुर के जंगल से 711 BGL सेल बरामद, IED को लेकर अलर्ट

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 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी कामयाबी मिली है। संयुक्त सर्चिंग ऑपरेशन में जवानों ने माओवादियों के डंप से 711 बीजीएल (BGL) सेल बरामद किए हैं। विस्फोटक सामग्री की यह बड़ी खेप थाना उसूर क्षेत्र के ताड़ापाला के जंगलों में छिपाकर रखी गई थी। बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। साथ ही आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बारूदी सुरंग और अन्य विस्फोटक सामग्री मौजूद होने की आशंका जताई है।


ताड़ापाला के जंगल में सर्चिंग के दौरान मिली विस्फोटक सामग्री

जानकारी के मुताबिक, बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 196वीं वाहिनी और 204 कोबरा की संयुक्त टीम को विश्वसनीय सूत्रों से माओवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी।

सूचना के आधार पर जवानों ने थाना उसूर क्षेत्रांतर्गत FOB ताड़ापाला के आसपास के जंगलों में सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान FOB ताड़ापाला से करीब 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में केजी हिल्स के समीप तलाशी ली गई। यहां माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 711 बीजीएल सेल बरामद हुए।

सुरक्षा मानकों के तहत कब्जे में लिए गए 711 BGL सेल

सर्चिंग के दौरान मिली विस्फोटक सामग्री को सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सुरक्षित कब्जे में लिया गया। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई को माओवादियों की विस्फोटक सामग्री जमा करने की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में जाने से बचें, IED का खतरा

बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि फिलहाल कर्रेगुट्टा और आसपास की पहाड़ियों में जाने से परहेज करें।

सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस क्षेत्र में अब भी बारूदी सुरंग (IED) या अन्य विस्फोटक सामग्री छिपी होने की आशंका है। ऐसे में पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आवाजाही करना खतरनाक हो सकता है।

क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य की निर्धारित कार्ययोजना के तहत डी-माइनिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए संभावित बारूदी सुरंगों और विस्फोटक सामग्री की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जाएगा।

सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री दिखाई देने पर उसे छूने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है।

Gold Price: डेढ़ लाख के करीब पहुंचा सोना, पिछले धनतेरस से ₹16,400 महंगा; चांदी भी 2 लाख के पार जाने को तैयार

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 नई दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में तेजी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों के मौके पर सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई है। वहीं, चांदी का भाव भी करीब दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।


ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,200 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही सोना बढ़कर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को इसका भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी की कीमतों में भी उछाल, 1.95 लाख के करीब पहुंचा भाव

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का सिलसिला जारी है। गुरुवार को चांदी 1,500 रुपये महंगी होकर 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,93,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के कारण बाजार में मांग बढ़ी है। जौहरियों और खुदरा कारोबारियों के साथ स्टॉकिस्ट भी त्योहार से पहले खरीदारी बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा निवेश के लिए कीमती धातुओं की बढ़ती मांग भी कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

पिछले धनतेरस से सोना 16,400 रुपये महंगा

इस साल सोने की कीमतों में आई तेजी का अंदाजा पिछले धनतेरस के भाव से लगाया जा सकता है। पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन सोने की कीमत 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, इस साल इसका भाव बढ़कर 1,48,800 रुपये पर पहुंच गया है।

यानी एक साल में सोना 16,400 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। दूसरी ओर, चांदी की कीमत भी पिछले धनतेरस के करीब 1.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से बढ़कर 1,94,500 रुपये तक पहुंच गई है।

मोनार्क पीएमएस के असिस्टेंट फंड मैनेजर ध्रुव जोगलेकर के अनुसार, पिछले धनतेरस के मुकाबले सोने की कीमतों में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस साल घरेलू बाजार में सोने का भाव लगभग 1.40 लाख से 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना रहा। उनके मुताबिक, उतार-चढ़ाव भरे बाजार में सोने ने पूंजी की सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर प्रदर्शन किया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमका सोना

सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का असर केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 65.12 डॉलर यानी करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,125.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ सोने ने 4,100 डॉलर का महत्वपूर्ण स्तर भी पार कर लिया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 52.73 डॉलर प्रति औंस हो गई।

धनतेरस पर सोना खरीदना हुआ महंगा, खरीदारों की बढ़ी मुश्किल

धनतेरस को सोना, चांदी और आभूषण खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई तेजी ने आम खरीदारों का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले साल की तुलना में सोने की कीमत में 16 हजार रुपये से ज्यादा का अंतर आ चुका है।

हालांकि, बाजार में निवेश और त्योहारों की मांग बनी हुई है। अब देखना होगा कि धनतेरस और दिवाली के दौरान बढ़ी कीमतों के बीच सर्राफा बाजार में ग्राहकों की खरीदारी का रुझान कैसा रहता है।

आज की बड़ी खबरें | 6 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़, देश-दुनिया और शेयर बाजार

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नमस्कार! आज के बुलेटिन में छत्तीसगढ़ से लेकर देश-दुनिया तक की प्रमुख खबरें, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बैंकिंग, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और खेल जगत शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी खबरें

बस्तर में जुए और मुर्गा लड़ाई पर बड़ी पुलिस कार्रवाई

  • जंगल में चल रहे अवैध जुए और मुर्गा लड़ाई के आयोजन पर पुलिस ने कार्रवाई की।

  • 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

  • 47 वाहन और 12 मोबाइल फोन जब्त किए गए।

  • कथित तौर पर मुर्गा लड़ाई पर 20 लाख रुपये तक के दांव लगाए जा रहे थे।
 महादेव सट्टा ऐप मामला

सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाकर रायपुर में पेश किए जाने के बाद CBI जांच आगे बढ़ रही है। रायपुर कोर्ट ने उन्हें आठ दिन की CBI हिरासत दी थी। इस मामले में कथित वित्तीय लेनदेन और संरक्षण नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण है।

 रायपुर में 400 करोड़ रुपये का अस्पताल

आर्टेमिस शांति अस्पताल में 350 बेड और 11 उत्कृष्टता केंद्र बनाए गए हैं। यह रायपुर की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की बड़ी पहल है।

NIT रायपुर में AI और ड्रोन तकनीक
  • NIT रायपुर में एयरोस्पेस और ड्रोन तकनीक के लिए नई पहल।

  • खनन और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित अनुसंधान के लिए भी केंद्र की खबर सामने आई है।

  • उद्योग और तकनीकी शिक्षा के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर

शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा

रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों ने 2,300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग उठाई। 400 से अधिक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई है।

छत्तीसगढ़ की अन्य खबरें
  • रायपुर में 1,900 स्ट्रीट लाइट सेट बांटे गए, लेकिन कई इलाकों में रोशनी की समस्या बरकरार है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों की नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

  • बस्तर ओलंपिक की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
देश की बड़ी खबरें

DRDO ने किया मिसाइल परीक्षण

भारत ने ओडिशा तट के पास स्वदेशी प्रलय क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। यह रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

झारखंड में भीषण सड़क दुर्घटना

खूंटी जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने भीड़ को कुचल दिया। इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई, जिनमें चार महिलाएं और तीन बच्चे बताए गए हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री भारत आएंगे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह 22 नवंबर से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आएंगे। जल संसाधन, ऊर्जा, व्यापार और दोनों देशों के संबंधों पर बातचीत संभावित है।

उत्तराखंड में ट्रेकिंग हादसा

केदारताल मार्ग पर हिमस्खलन के बाद लापता ट्रेकर्स में से दो और के शव मिले। मरने वालों की संख्या छह हो गई है और दो अन्य की तलाश जारी है।

मेडिकल उपकरणों पर चिंता

भारतीय चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी गंभीर प्रतिकूल घटनाओं में छह साल के दौरान लगभग तीन गुना वृद्धि के आंकड़े सामने आए हैं।

निर्वाचन आयोग

चार और राज्यों तथा दो केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़ी खबरें सामने आई हैं।

राजनीति और सरकारी नीतियां
  • कर्नाटक: चुनावी धोखाधड़ी और Form-7 के कथित दुरुपयोग की जांच होगी।

  • पश्चिम बंगाल: नई निवेश नीति को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

  • मेघालय: स्थानीय हथकरघा और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए नए विभाग की घोषणा।

  • केंद्र सरकार: VB-G RAM G कानून के तहत चारा सुरक्षा और पशुधन अवसंरचना के लिए 22 कार्यों की पहचान।

  • भारत-अमेरिका: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों से अंतरिम व्यापार समझौते पर असर नहीं पड़ने की सरकारी सूत्रों की जानकारी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
  1. अमेरिका: मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की सफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ी है।

  2. यूरोप: लगभग 30 उड़ानों को बम की झूठी धमकियों के कारण डायवर्ट या रोकना पड़ा। कई देशों में सुरक्षा जांच बढ़ाई गई।

  3. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: इस समुद्री मार्ग को खुला रखने के लिए दक्षिण कोरिया ने समुद्री निगरानी विमान और विस्फोटक निष्क्रिय करने वाली टीम भेजने की योजना बनाई है।

  4. जलवायु संकट: संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के अनुसार लगभग 9 करोड़ विस्थापित लोग जलवायु संबंधी खतरों के प्रति संवेदनशील देशों में रह रहे हैं।

  5. न्यूजीलैंड: आम चुनाव का प्रचार अपने अंतिम दिन में पहुंच गया है। मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है।

  • रूस-अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात की पुष्टि की है।

अर्थव्यवस्था और कारोबार
  • पश्चिम बंगाल: जय बालाजी ग्रुप की स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 6,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना।

  • भारत-नेपाल: बाढ़ प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और ऊर्जा सहयोग पर बातचीत।

  • सेवा क्षेत्र: अक्टूबर में भारत के सर्विस सेक्टर की वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची। घरेलू मांग में सुधार इसका प्रमुख कारण रहा।

  • विशेष उर्वरक: चीन पर निर्भरता कम करना भारत के लिए एक बड़ी औद्योगिक और कृषि चुनौती है।
 शेयर बाजार की विशेष रिपोर्ट

वैश्विक बाजारों में दबाव

सूचकांक

  पिछला बंद/गिरावट

Sensex

   79,310.01

Nifty 50

   24,536.60

Dow Jones

    -1.14%

S&P 500

   -3.09%

Nasdaq

   -4.80%

आज सुबह की बड़ी बात:

  • जापान का Nikkei लगभग 6% गिरा।

  • दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 9% नीचे आया और सर्किट ब्रेकर के कारण कारोबार कुछ समय रोका गया।

  • AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली।

  • भारतीय बाजार पिछले सत्र में लगातार छठे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के लिए आज नजर रखने वाले क्षेत्र: बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, IT, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और विदेशी निवेश।

ध्यान दें: ऊपर Sensex और Nifty के आंकड़े 5 नवंबर के बंद भाव हैं, 6 नवंबर के लाइव भाव नहीं।

बैंकिंग और वित्त

  • RBI ने कृषि अवसंरचना के लिए प्रति उधारकर्ता बैंक ऋण की कुल सीमा 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित की है।

  • RBI ने गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों की साइबर सुरक्षा निगरानी कड़ी की है।

  • CERT-In ने बैंकों और फिनटेक कंपनियों को AI आधारित फंड ट्रांसफर धोखाधड़ी के प्रति चेतावनी दी है।

  • बैंकिंग क्षेत्र के दूसरी तिमाही के शुद्ध लाभ में लगभग 20% वृद्धि की रिपोर्ट है।
रक्षा और सुरक्षा
  • DRDO का प्रलय मिसाइल परीक्षण महत्वपूर्ण रक्षा उपलब्धि।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय।

  • यूरोप में विमानों को बम की धमकियों के कारण सुरक्षा अलर्ट।

  • छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद विरोधी अभियान और सुरक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय चर्चा जारी है।

विज्ञान, AI और टेक्नोलॉजी

AI से साइबर सुरक्षा में नई उपलब्धि

OpenAI ने बताया कि उसके AI पाइपलाइन ने कुछ ही घंटों में Linux की 948 सुरक्षा खामियां खोजने और ठीक करने में मदद की।

अन्य अपडेट:
  • भारत के IndiaAI मिशन के तहत स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल EKA-1 और Dhīr मॉडल पेश किए गए हैं।

  • टेराहर्ट्ज तरंगों को अवरोधों के पार जाने देने वाली नई सिलिकॉन चिप भविष्य की 6G तकनीक में मदद कर सकती है।

  • भारतीय खगोलविदों ने UBC 63 तारा समूह को दोहरे क्लस्टर सिस्टम के रूप में पहचानने में योगदान दिया।

स्वास्थ्य और शिक्षा

  • चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी गंभीर प्रतिकूल घटनाओं में वृद्धि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चिंता का विषय।

  • रायपुर में आर्टेमिस शांति अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।

  • NIT रायपुर में ड्रोन, एयरोस्पेस और AI आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा।

  • वाराणसी में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कृषि और पर्यावरण

  • केंद्र सरकार ने पशुधन और चारा सुरक्षा के लिए 22 कार्यों की पहचान की।

  • भारत में विशेष उर्वरकों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा।

  • जलवायु परिवर्तन से दुनिया के करोड़ों विस्थापित लोगों के प्रभावित होने की चेतावनी।

  • भारत COP31 में समाधान आधारित और समान जलवायु कार्रवाई पर जोर देगा।

 खेल समाचार

बैडमिंटन में तन्वी पात्री की उपलब्धि

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री ने चीन की खिलाड़ी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया।

  • जसप्रीत बुमराह शनिवार को न्यूजीलैंड के लिंकन में भारत-A के लिए रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी करेंगे।

  • विराट कोहली के विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की संभावना पर चर्चा जारी है, हालांकि उनकी तरफ से औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

  • भारत-श्रीलंका का 13 दिसंबर का पहला ODI दिल्ली से विशाखापत्तनम स्थानांतरित किया गया है।

मनोरंजन और वायरल खबरें

  • तमिलनाडु में अभिनेता विजय की राजनीतिक सफलता के बाद फिल्म जगत से राजनीति में आने को लेकर चर्चा तेज है।

  • रायपुर में BJP की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली की तस्वीरें चर्चा में हैं।

आज का संपादकीय निष्कर्ष

आज की तीन सबसे महत्वपूर्ण थीम हैं:

  1. छत्तीसगढ़: बस्तर में अवैध गतिविधियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई और रायपुर में स्वास्थ्य एवं तकनीकी सुविधाओं का विस्तार।

  2. भारत: रक्षा तकनीक, नेपाल के साथ संबंध और घरेलू अर्थव्यवस्था।

  3. दुनिया: अमेरिका की राजनीति, मध्य पूर्व की सुरक्षा और टेक शेयरों में भारी गिरावट।


छत्तीसगढ़ में ठंड की एंट्री! रायपुर-बिलासपुर में गिरेगा रात का पारा, मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब धीरे-धीरे सर्दी का असर दिखाई देने लगा है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में सुबह और रात के तापमान में बदलाव महसूस किया जा रहा है। दिन में तेज धूप के कारण मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन शाम होते ही हल्की ठंडक का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया है। इससे रायपुर और बिलासपुर समेत आसपास के इलाकों में ठंड का असर बढ़ सकता है।


मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड या शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है। हालांकि रात के तापमान में गिरावट के चलते सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों को ठंडक ज्यादा महसूस हो सकती है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को रायपुर-माना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं लालपुर मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार 6 नवंबर को राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। शनिवार और रविवार को भी मौसम लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। फिलहाल राजधानी में बारिश की संभावना बेहद कम है।

10 और 11 नवंबर को 17 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

राजधानी रायपुर के सात दिवसीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 9 नवंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इसके बाद 10 और 11 नवंबर को न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इन दिनों रात का पारा 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। आसमान साफ रहने और ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से रात के समय ठंडक अधिक महसूस होगी। हालांकि दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।

बिलासपुर में भी बढ़ेगी ठंड, पेंड्रारोड में पहले से ज्यादा ठंडा मौसम

बिलासपुर और पेंड्रारोड के तापमान में फिलहाल काफी अंतर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक रहा।

वहीं पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यहां रात का तापमान बिलासपुर के मुकाबले काफी कम रहा। दोनों शहरों के न्यूनतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान दोनों मौसम केंद्रों पर बारिश नहीं हुई।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण बिलासपुर में भी सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।

छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में भी बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 6 नवंबर को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि बिलासपुर और पेंड्रारोड के लिए अलग से बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

7 नवंबर से बस्तर संभाग में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। वहीं 9 नवंबर के आसपास प्रदेश के कुछ इलाकों में रात के तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।

अभी नहीं पड़ेगी कड़ाके की ठंड, धीरे-धीरे बढ़ेगा सर्दी का असर

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, प्रदेश को प्रभावित करने वाली मौसमी प्रणालियों का प्रभाव कमजोर होने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आसमान साफ रहने और ठंडी हवाओं के प्रभाव से रात का तापमान धीरे-धीरे नीचे आ सकता है।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में शीतलहर जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नवंबर का पहला सप्ताह समाप्त होने के साथ ही सर्दी की दस्तक तेज होने लगी है। आने वाले दिनों में तापमान में संभावित गिरावट के बाद राजधानी रायपुर, बिलासपुर और उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में सुबह-शाम ठंड का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।

Dhanteras 2026: आज धनतेरस पर ऐसे करें भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूरी विधि

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Dhanteras 2026 : दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का आगाज आज शुक्रवार, 6 नवंबर से धनतेरस के साथ हो गया है। हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व बेहद खास माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में आरोग्य एवं खुशहाली बनी रहती है।


धनतेरस के मौके पर बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। लोग सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, बर्तन और अन्य नई वस्तुओं की खरीदारी को शुभ मानते हैं। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में बरकत और समृद्धि का प्रतीक होती हैं। लेकिन धनतेरस पर खरीदारी के साथ पूजा और दीपदान का भी विशेष महत्व है। ऐसे में आइए जानते हैं धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त, पूजा का सही समय और भगवान धन्वंतरि से लेकर माता लक्ष्मी की आराधना करने की पूरी विधि।

धनतेरस 2026: जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष धनतेरस का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। प्रदोष काल में धनतेरस की पूजा करना विशेष शुभ माना गया है।

  • धनतेरस की तारीख: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार

  • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक

  • पूजा की अवधि: 1 घंटा 56 मिनट

  • प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक

  • वृषभ काल: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवधि में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की क्यों है परंपरा?

धनतेरस के दिन सोना, चांदी और धातुओं से बनी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन ज्वेलरी दुकानों और बर्तन बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है। लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर नई वस्तुएं घर लाने से धन-धान्य और वैभव में वृद्धि होती है। हालांकि, इस दिन खरीदारी करना अनिवार्य नहीं है। श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भी पर्व मनाया जा सकता है।

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का क्या है महत्व?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें देवताओं का वैद्य और आयुर्वेद का जनक माना जाता है। इसलिए धनतेरस के दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व है।

इस दिन भगवान धन्वंतरि की आराधना कर परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, निरोगी जीवन और दीर्घायु की कामना की जाती है। वहीं, माता लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी तथा भगवान कुबेर को धन का संरक्षक माना जाता है। यही कारण है कि धनतेरस पर इन तीनों की पूजा की जाती है।

धनतेरस पूजा के लिए ये सामग्री रखें तैयार

पूजा के समय किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से ही सभी जरूरी सामग्री एकत्र कर लें।

  • भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर

  • घी या तेल का दीपक

  • रोली और अक्षत

  • फूल और फूलों की माला

  • धूप और अगरबत्ती

  • फल और मिठाई

  • जल और पंचामृत

  • कलावा या मौली

  • पूजा की थाली और कपूर

धनतेरस पूजा विधि: इन आसान चरणों में करें पूजा

1. घर और पूजा स्थल की सफाई: धनतेरस के दिन सुबह घर की साफ-सफाई करें। शाम को पूजा स्थल पर चौकी लगाकर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें।

2. भगवान गणेश का स्मरण: पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें। दीपक जलाकर गणेश जी का ध्यान करें और पूजा निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करें।

3. धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर का पूजन: इसके बाद भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का ध्यान करें। उन्हें जल, रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।

4. फल और मिठाई का भोग: सभी देवी-देवताओं को फल, मिठाई और सात्विक पकवान अर्पित करें। धूप और दीप दिखाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

5. कथा और आरती: धनतेरस की कथा का श्रवण करें और अंत में भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, धन्वंतरि तथा कुबेर जी की आरती करें।

6. मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं: पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। इसके साथ ही यमराज के निमित्त यम दीपदान करने की परंपरा भी निभाएं।

धनतेरस पर यम दीपदान क्यों किया जाता है?

धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा को यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों की लंबी आयु की कामना पूरी होती है।

इस तरह धनतेरस का पर्व केवल धन और खरीदारी का उत्सव नहीं, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और परिवार की खुशहाली का प्रतीक भी है। इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करें और जरूरतमंदों की सहायता कर पर्व की खुशियां साझा करें।

छत्तीसगढ़ में 1703 पदों पर बंपर भर्ती, कर्मचारी चयन मंडल ने जारी किया नोटिफिकेशन; 10 जनवरी 2027 को होगी लिखित परीक्षा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB), रायपुर ने समूह-2, तृतीय श्रेणी (स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर) उपसमूह-02 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के 1703 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। मंडल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार भर्ती परीक्षा 10 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी।

10 विभागीय पदों पर होगी भर्ती

जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न पदों का विवरण इस प्रकार है—

  1. शीघ्रलेखक (हिन्दी) – 30 पद

  2. शीघ्रलेखक (अंग्रेजी) – 03 पद

  3. शीघ्रलेखक (द्विभाषी) – 13 पद

  4. उप निरीक्षक-अ (शीघ्रलेखक), सामान्य शाखा (हिन्दी) – 34 पद

  5. डाटा एंट्री ऑपरेटर – 25 पद

  6. स्टेनो टाइपिस्ट – 23 पद

  7. सहायक ग्रेड-3 – 1206 पद

  8. पंजीयन लिपिक – 50 पद

  9. सहायक उप निरीक्षक-अ (सामान्य शाखा) – 40 पद

  10. सहायक उप निरीक्षक-अ (जिला इकाई संवर्ग) – 279 पद

कुल रिक्तियां – 1703 पद।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

कर्मचारी चयन मंडल ने ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा से संबंधित कार्यक्रम भी जारी कर दिया है।

  • ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ: 5 नवंबर 2026

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 27 नवंबर 2026, शाम 5 बजे तक

  • आवेदन में त्रुटि सुधार: 28 नवंबर से 30 नवंबर 2026, शाम 5 बजे तक

  • लिखित परीक्षा: 10 जनवरी 2027 (रविवार)

  • प्रवेश पत्र जारी होने की संभावित तिथि: 4 जनवरी 2027

दो घंटे 15 मिनट की होगी परीक्षा

जारी कार्यक्रम के अनुसार लिखित परीक्षा 10 जनवरी 2027 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए प्रदेश के पांचों संभागीय मुख्यालयों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

स्थानीय अभ्यर्थियों को मिलेगी परीक्षा शुल्क वापसी

विज्ञप्ति में दी गई जानकारी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को परीक्षा में उपस्थित होने पर परीक्षा शुल्क वापस कर दिया जाएगा। शुल्क की वापसी उसी बैंक खाते में की जाएगी, जिससे ऑनलाइन आवेदन के दौरान भुगतान किया गया होगा।

आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है विस्तृत जानकारी

भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी, ऑनलाइन आवेदन और अन्य निर्देश छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: https://cgssb.cgstate.gov.in

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञप्ति में दिए गए पात्रता मानदंड, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर लें।


सोशल मीडिया कंपनियों पर केंद्र सरकार की बड़ी सख्ती की तैयारी

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Facebook, Instagram, YouTube और X की कानूनी जिम्मेदारी बढ़ सकती है।

केंद्र सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी Safe Harbour Protection में बदलाव करने पर विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए पहले से ज्यादा जवाबदेह होना पड़ सकता है।

इसका असर करोड़ों सोशल मीडिया यूजर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल मीडिया कंपनियों और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर पड़ सकता है।

आखिर सरकार क्या बदलना चाहती है?

इस पूरे मामले का केंद्र है Information Technology Act, 2000 की धारा 79 (Section 79)।

इस धारा के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को एक विशेष कानूनी सुरक्षा मिलती है, जिसे Safe Harbour Protection कहा जाता है।

इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति Facebook पर गलत पोस्ट करता है, Instagram पर आपत्तिजनक वीडियो डालता है या YouTube पर गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करता है, तो सामान्यतः उस यूजर के कंटेंट के लिए प्लेटफॉर्म को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता, बशर्ते कंपनी कानून की निर्धारित शर्तों और उचित सावधानियों का पालन करे।

सरकार अब इसी कानूनी सुरक्षा की समीक्षा कर रही है।

सरकार का तर्क है कि सोशल मीडिया कंपनियां केवल दूसरों की पोस्ट दिखाने का काम नहीं करतीं, बल्कि उनके एल्गोरिदम यह भी तय करते हैं कि किस व्यक्ति को कौन-सा वीडियो, पोस्ट या कंटेंट ज्यादा दिखाया जाए।

इसलिए सरकार यह सवाल उठा रही है कि जब कंपनियां खुद कंटेंट की पहुंच और लोकप्रियता को प्रभावित करती हैं, तो उन्हें उसकी जिम्मेदारी से पूरी तरह अलग क्यों रखा जाए?

Safe Harbour Protection क्या है? आसान उदाहरण से समझिए

मान लीजिए:

  • किसी व्यक्ति ने Facebook पर किसी दूसरे व्यक्ति के खिलाफ झूठी और मानहानिकारक पोस्ट डाल दी।

  • किसी यूजर ने YouTube पर भ्रामक वीडियो अपलोड कर दिया।

  • किसी ने Instagram पर किसी महिला की फर्जी तस्वीर या Deepfake वीडियो डाल दिया।

ऐसी स्थिति में पोस्ट करने वाला व्यक्ति अपने कंटेंट के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार हो सकता है।

लेकिन मौजूदा व्यवस्था में सोशल मीडिया कंपनी को केवल इसलिए स्वतः दोषी नहीं माना जाता कि उसके प्लेटफॉर्म पर किसी यूजर ने ऐसा कंटेंट अपलोड किया है।

हालांकि यह सुरक्षा बिना शर्त नहीं है। कंपनियों को कानून के अनुसार उचित सावधानियां बरतनी होती हैं और निर्धारित परिस्थितियों में गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई करनी होती है।

प्रस्तावित बदलाव के बाद: अगर प्लेटफॉर्म अपने एल्गोरिदम के जरिए किसी कंटेंट को बढ़ावा देता है, उसकी पहुंच बढ़ाता है या उसे यूजर्स तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो उसकी कानूनी जिम्मेदारी पर अधिक गंभीरता से विचार किया जा सकता है।

किन सोशल मीडिया कंपनियों पर पड़ेगा असर?

Facebook

यूजर्स की पोस्ट, वायरल कंटेंट और एल्गोरिदम से कंटेंट प्रमोशन पर अधिक जवाबदेही का सवाल उठेगा।

Instagram

Reels, Deepfake, फर्जी अकाउंट और आपत्तिजनक तस्वीरों से जुड़े मामलों में अधिक जिम्मेदारी आ सकती है।

YouTube

वीडियो रिकमेंडेशन, भ्रामक वीडियो और वायरल कंटेंट को बढ़ावा देने के मामलों की जांच हो सकती है।

X (Twitter)

राजनीतिक पोस्ट, भ्रामक जानकारी और एल्गोरिदम के जरिए कंटेंट की पहुंच बढ़ाने पर जवाबदेही का सवाल उठ सकता है।

सरकार ऐसा कदम क्यों उठाना चाहती है?

इस प्रस्ताव के पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

(A) फेक न्यूज पर नियंत्रण

सोशल मीडिया पर कई बार गलत जानकारी तेजी से वायरल हो जाती है। सरकार चाहती है कि प्लेटफॉर्म की भूमिका और जवाबदेही भी तय हो।

(B) Deepfake और AI से बने फर्जी वीडियो

AI की मदद से किसी नेता, अभिनेता या आम नागरिक का नकली वीडियो बनाया जा सकता है। इससे प्रतिष्ठा, सुरक्षा और निजी जीवन को नुकसान पहुंच सकता है।

(C) महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा

बिना सहमति के निजी तस्वीरें और वीडियो साझा करना, यौन शोषण से संबंधित सामग्री और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध गंभीर चिंता हैं।

(D) एल्गोरिदम की जवाबदेही

किसी वीडियो को लाखों लोगों तक पहुंचाने में प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम की भूमिका होती है। सरकार जानना चाहती है कि ऐसे मामलों में कंपनियों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।

(E) भारतीय कानूनों का पालन

सरकार चाहती है कि भारत में काम करने वाली वैश्विक टेक कंपनियां भारतीय कानूनों और नियामकीय निर्देशों का पालन करें।

WhatsApp और दूसरे मैसेजिंग ऐप पर क्या असर होगा?

प्रस्ताव पर उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ऐसी सेवाओं को अलग रखने पर विचार कर रही है जो केवल एक यूजर का संदेश दूसरे यूजर तक पहुंचाती हैं और कंटेंट की रैंकिंग या प्रमोशन में सक्रिय भूमिका नहीं निभातीं।

इसलिए Peer-to-Peer Messaging Services को सोशल मीडिया फीड और रिकमेंडेशन प्लेटफॉर्म से अलग श्रेणी में रखने का विचार है।

इसका मतलब यह नहीं है कि WhatsApp को सभी भारतीय कानूनों से छूट मिल जाएगी। केवल Safe Harbour में प्रस्तावित बदलाव का दायरा अलग हो सकता है।

आम सोशल मीडिया यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

अगर प्रस्ताव लागू होता है तो आम लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं:

क्षेत्र

 संभावित असर

फेक न्यूज

 गलत जानकारी फैलाने पर निगरानी बढ़ सकती है

Deepfake

 नकली फोटो-वीडियो हटाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है

Reels और Shorts

 कंटेंट रिकमेंडेशन पर जवाबदेही बढ़ सकती है

मानहानिकारक पोस्ट

 शिकायतों पर प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बढ़ सकती है

निजी तस्वीरें

 बिना सहमति साझा सामग्री हटाने के लिए मजबूत व्यवस्था बन सकती है

कंटेंट क्रिएटर्स

 कंटेंट मॉडरेशन और नियमों का पालन अधिक महत्वपूर्ण होगा

क्या सरकार के पास शिकायत करने पर वीडियो तुरंत हटाया जा सकेगा?

सरकार एक अन्य प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है।

इसके तहत किसी व्यक्ति को सीधे सोशल मीडिया कंपनी से शिकायत करके अपने खिलाफ पोस्ट किए गए Deepfake, निजी तस्वीर या बिना सहमति साझा किए गए वीडियो को हटाने की मांग करने की सुविधा दी जा सकती है।

अभी कई मामलों में पीड़ित को पुलिस, साइबर क्राइम पोर्टल या अदालत की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ितों को तेज राहत देना है। हालांकि प्रस्तावित प्रक्रिया, समय-सीमा और शिकायतों के निपटारे के नियम अभी अंतिम रूप में घोषित नहीं हुए हैं।

क्या सोशल मीडिया कंपनियों को भारी जुर्माना भी लग सकता है?

यह भी एक महत्वपूर्ण पहलू है।

सरकार की चर्चा केवल Safe Harbour खत्म करने तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अनुपालन और शिकायत निवारण की व्यवस्था मजबूत करने पर भी विचार हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी बच्चों के यौन शोषण से संबंधित ऑनलाइन सामग्री रोकने में प्लेटफॉर्म की विफलताओं पर चिंता जताई है और अधिक अनुपातिक दंड व्यवस्था की जरूरत पर चर्चा की है।

संभावित बदलावों में शामिल हो सकते हैं:

  • आर्थिक जुर्माने की व्यवस्था।

  • गैरकानूनी कंटेंट पर समयबद्ध कार्रवाई।

  • शिकायतों का बेहतर निपटारा।

  • प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम और कंटेंट प्रमोशन की जवाबदेही।

लेकिन अभी इन प्रस्तावों की अंतिम कानूनी रूपरेखा तय नहीं है।

इस प्रस्ताव के फायदे और नुकसान क्या हो सकते हैं?

संभावित फायदे

        संभावित चिंताएं

फेक न्यूज पर नियंत्रण

    अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित होने का खतरा

Deepfake पर कार्रवाई

    कंपनियां जरूरत से ज्यादा पोस्ट हटा सकती हैं

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा

    सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका

प्लेटफॉर्म की जवाबदेही

    छोटी कंपनियों पर अनुपालन का बोझ

पीड़ितों को जल्द राहत

    कानूनी विवाद और लागत बढ़ सकती है

इसलिए इस कानून में सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बेहद जरूरी होगा।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल: क्या सरकार ने यह कानून लागू कर दिया है?

अभी प्रस्तावित / विचाराधीन

5 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार:

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इस विषय पर विचार-विमर्श कर रहा है।

  2. Safe Harbour Protection में बदलाव के प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

  3. Section 79 में बड़ा बदलाव करने के लिए IT Act में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है।

  4. इस तरह के संशोधन के लिए संसद की विधायी प्रक्रिया आवश्यक होगी।

  5. टेक कंपनियों और अन्य हितधारकों से विचार-विमर्श भी किया जा सकता है।

इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि Facebook, Instagram, YouTube और X की कानूनी सुरक्षा खत्म हो चुकी है।

परीक्षा और सामान्य ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न

     उत्तर

संबंधित मंत्रालय

    इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्रालय (MeitY)

संबंधित कानून

    Information Technology Act, 2000

संबंधित धारा

    Section 79

कानूनी सुरक्षा का नाम

    Safe Harbour Protection

मुख्य मुद्दा

   User-generated content की कानूनी जवाबदेही

संबंधित कंपनियां

   Meta, Google, X आदि

प्रस्ताव की स्थिति

   विचाराधीन, अंतिम निर्णय नहीं


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