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रायपुर-दुर्ग में ED की दबिश, रवि नगर के सुशील विला में जांच; दो गाड़ियों में पहुंची टीम

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के पंडरी और रवि नगर इलाके में ED की टीम जांच में जुटी हुई है। वहीं, दुर्ग में भी ED की दबिश की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अब तक कार्रवाई के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।


रवि नगर के सुशील विला में चल रही जांच

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के रवि नगर स्थित सुशील विला में ED की टीम जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान दो गाड़ियों में अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिसर के भीतर सुरक्षा टीम के सदस्य भी मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि टीम सुबह से ही मौके पर मौजूद है और जांच की प्रक्रिया जारी है।

किस मामले में पहुंची ED की टीम?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ED की यह कार्रवाई किस मामले से संबंधित है। जांच के दायरे में कौन-कौन लोग हैं और अधिकारियों को तलाशी के दौरान क्या मिला है, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है।

ED की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही कार्रवाई की वजह और इससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल रायपुर और दुर्ग में हुई इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

आज की बड़ी खबरें | 27 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक

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नमस्कार! आइए जानते हैं आज सुबह की प्रमुख खबरें। इस बुलेटिन में छत्तीसगढ़ की स्थानीय खबरों से लेकर देश-दुनिया, अर्थव्यवस्था, मौसम, शिक्षा, सुरक्षा और खेल जगत के अहम घटनाक्रम शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

चक्रवात के संभावित असर को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट

राज्य सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर के दौरान सभी जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियाँ रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

बलौदाबाजार जिले के दरचुरा के पास बस और खड़े ट्रक की टक्कर में पाँच लोगों की मौत और 16 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर सवाल उठे हैं। 

28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में आरोप-पत्र

पंडरिया में वर्ष 1998 की शिक्षाकर्मी वर्ग-3 भर्ती से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 22 आरोपियों के खिलाफ लगभग 1,000 पन्नों का आरोप-पत्र पेश किया है। इनमें छह तत्कालीन अधिकारी और 16 चयनित अभ्यर्थी शामिल बताए गए हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय करेगा।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का मिशन 2028

रायपुर में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की बैठकों के दौरान आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दिए जाने की खबर है।

रायपुर एयरपोर्ट की उड़ानों के समय में बदलाव

25 अक्टूबर से लागू शीतकालीन उड़ान समय-सारिणी के अनुसार, दिल्ली के लिए सुबह की पहली उड़ान का निर्धारित प्रस्थान समय 8:25 बजे से बदलकर 7:55 बजे किया गया है। यात्रा से पहले एयरलाइन से उड़ान का समय अवश्य जाँचें। 

देश की 5 बड़ी खबरें

1. प्रधानमंत्री ने साइबर आतंकवाद पर चिंता जताई

आज के प्रमुख समाचारों में प्रधानमंत्री की साइबर आतंकवाद संबंधी चेतावनी शामिल है। डिजिटल नेटवर्क, तकनीक और साइबर हमलों से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे पर जोर दिया गया है। 

2. अरुणाचल प्रदेश में चीनी नियंत्रण का दावा खारिज

भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर चीन के नियंत्रण का दावा करने वाले एक वीडियो को गलत बताया है। सीमा से जुड़ी वायरल सामग्री की पुष्टि करना जरूरी है। 

3. उत्तर प्रदेश में चुनावी अधिकारियों पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में परिषद चुनावों से संबंधित मामले में निर्वाचन आयोग ने छह अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए हैं।

4. टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर विवाद

टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को चुनौती दी है। यह घटनाक्रम समूह के कॉरपोरेट प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 

5. ऑस्ट्रेलिया के वीजा नियमों में बदलाव

भारत में वीजा आवेदकों के लिए बायोमेट्रिक आवश्यकताओं के विस्तार की खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी कर रहे लोगों को आवेदन से पहले मौजूदा आधिकारिक नियम जाँचने चाहिए। 

दुनिया की बड़ी खबरें

1. चक्रवात अर्नब से पूर्वी भारत को खतरा

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तट से अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकराने का अनुमान है। तटीय इलाकों के साथ दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का खतरा हो सकता है। 

2. सऊदी अरब में मिसाइल हमले की खबर

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। 

3. ब्राजील में लूला की ऐतिहासिक जीत

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर चौथा कार्यकाल हासिल किया है। चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। 

4. सर्बिया में राजनीतिक बदलाव

सर्बिया के संसदीय चुनाव में छात्र समर्थित विपक्षी गठबंधन के आगे रहने और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच के चुनावी खेमे की हार स्वीकार करने की खबर है। अंतिम राजनीतिक स्थिति के लिए आधिकारिक नतीजे महत्वपूर्ण होंगे। 

5. मध्य पूर्व में तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर

सऊदी अरब और यमन के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। 

शेयर बाजार, अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

1. भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत की आशंका

27 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत का अनुमान जताया गया है। ऊँची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। 

2. कच्चा तेल 115 डॉलर के आसपास

ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। तेल महँगा रहने से भारत के आयात बिल, महँगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। 

3. रुपये पर दबाव

सोमवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.1850 पर बंद हुआ। मंगलवार को बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप और रुपये की चाल पर रहेगी।

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय

विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयरों में बिकवाली और ऊँची तेल कीमतें बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच जोखिम का ध्यान रखना चाहिए। 

5. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला अहम

इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर निर्णय आने वाला है। ब्याज दरों को लेकर उसके संकेतों का असर डॉलर, बॉन्ड और उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। 

आज बाजार में किन बातों पर नजर रखें?

  • सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत।
  • कच्चे तेल की कीमत।
  • डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल।
  • विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री।
  • कंपनियों के तिमाही नतीजे।

नोट: लाइव इंडेक्स और शेयरों के भाव में दिन के दौरान बदलाव हो सकता है।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

  • साइबर सुरक्षा: डिजिटल हमलों और साइबर आतंकवाद से निपटना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। 
  • सीमा सुरक्षा: अरुणाचल प्रदेश से संबंधित भ्रामक वीडियो पर भारतीय सेना की प्रतिक्रिया के बाद ऑनलाइन सूचनाओं की पुष्टि का महत्व फिर सामने आया है। 
  • चक्रवात की तैयारी: केंद्र ने प्रभावित हो सकने वाले राज्यों में बचाव दल, नियंत्रण कक्ष और राहत व्यवस्था तैयार रखने की समीक्षा की है। 

विज्ञान, तकनीक और AI

आज के लिए तकनीकी क्षेत्र की प्रमुख बातें:

  • साइबर सुरक्षा और AI: आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम की जरूरत बढ़ रही है।
  • डिजिटल सुरक्षा: फर्जी वीडियो, भ्रामक पोस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
  • तकनीकी निवेश: वैश्विक शेयर बाजार में AI से जुड़ी कंपनियों के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। 

मौसम और पर्यावरण

आज का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट चक्रवात अर्नब है।

  • आंध्र प्रदेश: 28 अक्टूबर को चक्रवात के तट से टकराने का अनुमान है।
  • ओडिशा: कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद रखने की तैयारी और राहत प्रबंधों की खबर है।
  • छत्तीसगढ़: दक्षिणी और मध्य हिस्सों में चक्रवात के प्रभाव से बारिश हो सकती है।
  • बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता की जरूरत है। 

सावधानी: मौसम की चेतावनी क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है। यात्रा करने से पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की नवीनतम चेतावनी देखें। विशेषकर तटीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

शिक्षा और रोजगार

आज के समाचारों में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े ये विषय महत्वपूर्ण हैं:

  • शिक्षक भर्ती मामला: छत्तीसगढ़ के पंडरिया में 1998 की शिक्षाकर्मी भर्ती से जुड़े मामले में 22 आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की खबर है। 
  • स्कूलों पर मौसम का असर: चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने के फैसलों पर नजर रखें। 

कानून, न्यायपालिका और अपराध

1. केरल में सड़क हादसे का मामला

केरल में एक नाबालिग द्वारा कथित तौर पर मर्सिडीज कार से स्कूटर सवार को टक्कर मारने और उसकी मौत होने के मामले में पुलिस कार्रवाई की खबर है। मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। 

2. रायपुर में स्टील फैक्टरी में लूट की खबर

रायपुर में एक स्टील फैक्टरी के चौकीदार को बंधक बनाकर लूट किए जाने की खबर सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट में चोरी की संपत्ति और गिरफ्तारी जैसे विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। 

3. गुवाहाटी में गोलीबारी

गुवाहाटी के उलुबाड़ी इलाके के एक होटल में गोलीबारी की घटना में पाँच लोगों की मौत की खबर है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। 

10. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

किसानों के लिए आज की सबसे महत्वपूर्ण बात मौसम की अनिश्चितता है।

  • चक्रवात के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और कृषि उपज को नुकसान का जोखिम हो सकता है।
  • समुद्र में मौजूद मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है।
  • किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कटाई, भंडारण और खेतों में काम की योजना बनानी चाहिए। 

खेल जगत की बड़ी खबरें

1. भारत बनाम न्यूजीलैंड T20 सीरीज

भारत तीसरे T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तैयारी कर रहा है।  भारत सीरीज में 2-0 से आगे है और सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगा। 

2. ईशान किशन को लेकर अपडेट

रिपोर्ट के अनुसार ईशान किशन तीसरे T20 मुकाबले से बाहर हैं, जिससे वैभव सूर्यवंशी को अवसर मिलने की संभावना है। अंतिम प्लेइंग इलेवन की पुष्टि मैच से पहले होगी। 

3. पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराया

पाकिस्तान ने एक रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को एक विकेट से हराया। रिपोर्ट में शादाब खान के शानदार शतक का भी उल्लेख है। 

4. हॉकी में भारत की चुनौती

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है।

समाचार बुलेटिन का समापन

आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता चक्रवात से जुड़ी सावधानियाँ, छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा और महँगे कच्चे तेल के बीच अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला संभावित असर है। देश-दुनिया की राजनीतिक और खेल संबंधी खबरें भी चर्चा में हैं।

आपका दिन शुभ हो! जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।


छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का साइड इफेक्ट, कई जिलों में भारी बारिश के आसार

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 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।


राजधानी रायपुर में मंगलवार, 27 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है चक्रवाती तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में सक्रिय है। इसके और तीव्र होने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के पास बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच पहुंच सकता है।

तट के करीब पहुंचने के दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

28 और 29 अक्टूबर को बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम की स्थिति के अनुसार हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर इससे अधिक तेज झोंके चलने की आशंका जताई गई है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 27 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इन जिलों के लिए यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

खराब मौसम में बरतें सावधानी

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवा और बारिश के समय सुरक्षित स्थान पर रहें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

CG News: बच्चा चोरी के शक में 5 महिलाओं को घेरकर पीटा, वीडियो वायरल

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-3 थाना क्षेत्र के नंदौरी गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद पांच महिलाओं के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि बच्चा चोरी के संदेह में ग्रामीणों की भीड़ ने महिलाओं को घेर लिया और उनके साथ लात-घूंसों तथा लाठियों से मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।


बच्चा चोरी की अफवाह से जुटी भीड़, महिलाओं से मारपीट

मिली जानकारी के अनुसार, नंदौरी गांव में कुछ महिलाएं घूम रही थीं। इसी दौरान ग्रामीणों को उन पर बच्चा चोरी करने का संदेह हुआ। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि ग्रामीणों ने महिलाओं को बच्चा चोर समझकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि भीड़ ने पांच महिलाओं को घेरकर पीटा। घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस कथित मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई देने वाले सभी लोगों की भूमिका के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

बच्चे के चिल्लाने के बाद संदेह होने का दावा

ग्रामीणों की ओर से दावा किया जा रहा है कि एक बच्चे के चिल्लाने के बाद महिलाओं पर संदेह हुआ और उन्हें पकड़ लिया गया। कुछ लोगों ने महिलाओं के कथित साथियों के मौके से भागने की बात भी कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में बच्चा चोरी किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में महिलाओं पर लगाए गए आरोपों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को भीड़ से निकाला

घटना की सूचना मिलने पर भिलाई-3 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर महिलाओं को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि संबंधित महिलाएं गांव में घर-घर जाकर पैसे या सहायता मांग रही थीं। पुलिस अब महिलाओं की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी भी जांच की जा रही है।

अफवाह के आधार पर हिंसा करना गंभीर मामला

नंदौरी गांव की घटना ने बच्चा चोरी की अफवाहों के आधार पर भीड़ द्वारा हिंसा किए जाने के खतरे को फिर सामने ला दिया है। किसी व्यक्ति पर संदेह होने मात्र से उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। बिना जांच और प्रमाण के किसी को बच्चा चोर बताकर मारपीट करना कानून के खिलाफ है।

यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। भीड़ जुटाकर किसी के साथ हिंसा करना उचित नहीं है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और बच्चा चोरी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

धनतेरस तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत? सूर्य के गोचर से मिलेंगे शुभ संकेत

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Surya Gochar 2026: सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से वृषभ, मिथुन समेत 5 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत, कारोबार और नौकरी में लाभ की संभावना


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे रहा है। सूर्य ने 24 अक्टूबर 2026 को राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में प्रवेश किया था। इस नक्षत्र में सूर्य का गोचर 6 नवंबर तक रहेगा। इसी दिन धनतेरस का पर्व भी मनाया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कुछ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों, नौकरी और कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, कुछ लोगों के पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं, किन 5 राशियों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

वृषभ राशि: कारोबार में मिल सकती है सफलता

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर कारोबार के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार करने वाले लोगों को अपने कामकाज में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे जातकों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। हालांकि, किसी भी बड़े फैसले से पहले योजना और आर्थिक स्थिति का आकलन करना जरूरी होगा।

मिथुन राशि: नौकरी और परिवार में मिल सकते हैं शुभ संकेत

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह अवधि सकारात्मक रह सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है। परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है और घरेलू मामलों में सहयोग मिल सकता है। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना इस दौरान महत्वपूर्ण रहेगा।

कन्या राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में अनुकूल परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। कुछ जातकों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है। हालांकि, आर्थिक फैसले लेते समय सावधानी बरतना और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

तुला राशि: परेशानियां कम होने की उम्मीद

तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर मानसिक शांति और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुचि बढ़ाने वाला माना जा रहा है। जीवन में चल रही कुछ परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है। इस दौरान धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करना और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। सकारात्मक सोच के साथ जिम्मेदारियों को पूरा करने से लाभ मिल सकता है।

कुंभ राशि: व्यापारियों को मुनाफे के अवसर

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कारोबार के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है। व्यापारियों को मुनाफा कमाने के नए अवसर मिल सकते हैं। कामकाज में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, लाभ की उम्मीद में जोखिम भरे फैसले लेने से बचना चाहिए और अपनी योजनाओं पर सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए।

धनतेरस तक इन राशियों के लिए कैसा रहेगा समय?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए कुछ मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। इस अवधि में नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन से जुड़े सकारात्मक संकेत मिलने की संभावना जताई गई है।

ध्यान दें: ज्योतिषीय फलादेश धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आर्थिक या करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले अपनी परिस्थितियों और उचित जानकारी के आधार पर ही लें।

शहीद गुंडाधुर की धरती से लिखी जा रही बस्तर में बदलाव की कहानी

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 धनंजय राठौर संयुक्त संचालक,

जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर
रायपुर : कभी नक्सल हिंसा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर रहने वाले बस्तर के गांवों में अब विकास और विश्वास की एक नई और स्वर्णिम इबारत लिखी जा रही है। कभी जिन क्षेत्रों में खौफ का साया रहता था, अब वहां सुरक्षा कैंप विकास और जनसेवा के केंद्र में तब्दील हो चुके हैं। बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत पहले चरण में 70 कैंपों को इन सेवा डेरों में बदला जा रहा है। यह पहल आज बस्तर के ग्रामीणों के लिए डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार का एक नया संबल बन चुकी है।


विकास की मुख्यधारा से जुड़ता बस्तर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर आज नक्सलवाद के प्रभावों से मुक्त हो रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इसे देश के अग्रणी विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शुमार करना है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से आज सुदूर अंचलों तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कृषि, पशुपालन और सिंचाई योजनाओं के जरिए ग्रामीणों की आय में लगातार इजाफा हो रहा है।


शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा सुशासन और जनविश्वास का प्रतीक

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को बस्तर जिले के नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में देश के पहले शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया था। अब इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। नेतानार वही ऐतिहासिक भूमि है जो बस्तर के महान जननायक शहीद वीर गुंडाधुर की जन्मस्थली है। वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह में गुंडाधुर ने आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए शोषणकारी अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ हुंकार भरी थी। आज उसी ऐतिहासिक धरा पर खुला यह सेवा डेरा आदिवासी समाज के स्वावलंबन और आधुनिक विकास का नया केंद्र बन गया है।

एक ही छत के नीचे मिल रही हैं तमाम सरकारी सुविधाएं

पहले बस्तर के ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों, जैसे आधार कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने या जाति-निवास प्रमाण पत्र के लिए कई-कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन अब सेवा डेरा के माध्यम से यह सारी व्यवस्थाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध हो गई हैं। डिजिटल सेवाएं जैसे आधार कार्ड बनवाने व अपडेट कराने, केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंक करने और जन्म-मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र जैसी ऑनलाइन सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।

बैंकिंग सेवाएं (बैंक सखी)

महिलाओं को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे गांव में ही पैसे निकालने, जमा करने और खाते खोलने जैसी बैंकिंग सुविधाएं दे रही हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुलभ हो रही हैं।

महिला स्व-सहायता समूहों से आ रही आर्थिक क्रांति

सेवा डेरा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बाजार से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बन गया है। नेतानार में गुंडाधुर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं इमली का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला इमली पल्प तैयार कर रही हैं। समूह की सदस्य लंबी नाग बताती हैं कि इस कार्य से जुड़कर महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की आय अर्जित करने की राह पर हैं। इसी तरह, सुखदेवी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन आसान हुआ है, जिन्हें अब अपनी छोटी बच्ची का आधार बनवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।

स्थानीय परंपरा को सहेजते हुए पारंपरिक ढेंकी से चावल तैयार करने और उसकी बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, जबकि धान की भूसी का उपयोग पशु आहार के रूप में हो रहा है। इसके अलावा, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

आधुनिक बाजार और बेहतर पैकेजिंग से जुड़ रहा बस्तर

इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अब पेशेवर संस्थानों की मदद ली जा रही है। हाल ही में अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग की टीम ने नेतानार पहुंचकर सिलाई, इमली प्रसंस्करण और पारंपरिक ढेकी के कार्यों का जायजा लिया तथा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर चर्चा की। इससे बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शहीद गुंडाधुर की पावन भूमि पर सुरक्षा कैंपों से लेकर सेवा डेरा तक की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक मुस्तैदी से किस प्रकार सुदूर अंचलों की तस्वीर बदली जा सकती है। यह बदलाव केवल भौतिक विकास का नहीं, बल्कि बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का नया सवेरा है।

रायपुर में AI की नई पहल: साधारण एक्स-रे से पता चलेगी हड्डियों की कमजोरी, शुरुआती परीक्षण में 97.7% सटीकता

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छत्तीसगढ़ के रायपुर से स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। छह राष्ट्रीय संस्थान मिलकर ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जो सामान्य एक्स-रे की मदद से हड्डियों की कमजोरी का आकलन कर सकेगा। इस तकनीक के शुरुआती परीक्षण में 97.7% तक सटीकता की रिपोर्ट दी गई है। अगर आगे के परीक्षणों में भी इसके परिणाम भरोसेमंद साबित होते हैं, तो हड्डियों की बीमारी का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।

क्या है यह नई AI तकनीक?

आमतौर पर हड्डियों में कैल्शियम और खनिजों की मात्रा कम होने, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए विशेष जाँच की जरूरत पड़ती है। नई परियोजना का उद्देश्य सामान्य एक्स-रे में मौजूद जानकारी का AI के जरिए विश्लेषण करके हड्डियों की स्थिति के बारे में शुरुआती संकेत प्राप्त करना है।

इससे डॉक्टरों को ऐसे मरीजों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है, जिन्हें आगे विस्तृत जाँच कराने की जरूरत है।

इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?

AIIMS Raipur Hosts Climate Change Lecture, Unveils New Textbook

चार AIIMS संस्थान

  • AIIMS Raipur

  • AIIMS Deoghar

  • AIIMS Delhi

  • AIIMS Bhubaneswar

इन संस्थानों की भूमिका मरीजों के डेटा और चिकित्सकीय मूल्यांकन से जुड़ी है।

IIT ISM ICSDMP-2024 :: Home

दो तकनीकी संस्थान

  • IIT (ISM) Dhanbad

  • NIT Jamshedpur

इनकी भूमिका AI मॉडल और तकनीकी प्रणाली विकसित करने की है।

परियोजना का नेतृत्व AIIMS देवघर के प्रोफेसर डॉ. मनीष राज कर रहे हैं। AIIMS रायपुर में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आलोक सी. अग्रवाल ने भी इस पहल से होने वाले संभावित लाभों पर जानकारी दी है।

प्रोजेक्ट की लागत और समय-सीमा

₹1.47 करोड़-परियोजना की कुल स्वीकृत राशि

₹1.01 करोड़-ICMR की स्वीकृत सहायता

1 फरवरी 2025-परियोजना की शुरुआत

31 जनवरी 2028-निर्धारित परियोजना समाप्ति

ये आँकड़े 26 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार हैं।

अभी कौन-सी जाँच की जाती है और AI से क्या बदलेगा?
Bone Densitometry (DEXA) | United Radiology

DEXA स्कैन क्या है?

DEXA या DXA हड्डियों के खनिज घनत्व को मापने वाली विशेष जाँच है। इसका इस्तेमाल ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के कमजोर होने के जोखिम का आकलन करने में किया जाता है।

वर्तमान में DEXA मशीनों की उपलब्धता हर जगह समान नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जाँच का खर्च कुछ स्थानों पर ₹8,000 तक हो सकता है। AI आधारित तकनीक सफल होने पर पहले से उपलब्ध एक्स-रे का विश्लेषण करके ऐसे मरीजों को चिन्हित करने में मदद कर सकती है, जिन्हें DEXA जाँच की जरूरत हो।

सामान्य प्रक्रिया

        प्रस्तावित AI आधारित प्रक्रिया

एक्स-रे की डॉक्टर द्वारा व्याख्या

        एक्स-रे का AI से अतिरिक्त विश्लेषण

जरूरत पड़ने पर DEXA की सलाह

        जोखिम के संकेत मिलने पर आगे की जाँच की सलाह देने         में मदद

विशेष जाँच के लिए अलग सुविधा की जरूरत

       मौजूदा एक्स-रे सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने की संभावना

यह तुलना प्रस्तावित उपयोग को दर्शाती है, न कि सभी अस्पतालों में लागू हो चुकी व्यवस्था को।

97.7% सटीकता का वास्तव में क्या मतलब है?

यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू है।

  • शुरुआती परीक्षण में 97.7% तक सटीकता की रिपोर्ट दी गई है।

  • उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में परीक्षण के नमूने का आकार, मरीजों की संख्या और इस सटीकता की गणना की पूरी तकनीकी जानकारी नहीं दी गई है।

  • इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि AI हर 100 मरीजों में 97 या 98 मरीजों की बीमारी निश्चित रूप से पहचान लेगा।

  • व्यापक और स्वतंत्र परीक्षणों के बाद ही पता चलेगा कि यह तकनीक अलग-अलग उम्र के मरीजों और विभिन्न अस्पतालों में कितनी भरोसेमंद है।


छत्तीसगढ़ और ग्रामीण मरीजों को क्या फायदा हो सकता है?

समय रहते जोखिम की पहचान

सामान्य एक्स-रे कराते समय ही हड्डियों की कमजोरी के संभावित संकेत मिलने से आगे की जाँच में मदद मिल सकती है।

दूरदराज के क्षेत्रों में संभावित लाभ

यदि भविष्य में यह तकनीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचती है, तो बड़े शहरों से दूर रहने वाले मरीजों को भी शुरुआती स्क्रीनिंग की सुविधा मिल सकती है।

जाँच के खर्च में कमी की संभावना

मौजूदा एक्स-रे का अतिरिक्त उपयोग कुछ मरीजों के लिए अलग जाँच की जरूरत पहचानने में मदद कर सकता है। वास्तविक बचत का पता तकनीक लागू होने के बाद ही चलेगा।

ये संभावित फायदे हैं। इनके लिए तकनीक का चिकित्सकीय सत्यापन, आवश्यक मंजूरी और स्वास्थ्य सेवाओं में सफल क्रियान्वयन जरूरी होगा।

निष्कर्ष

रायपुर के AIIMS सहित छह राष्ट्रीय संस्थानों की यह संयुक्त परियोजना भारत में सुलभ और किफायती स्वास्थ्य जाँच की दिशा में एक संभावनाशील पहल है। साधारण एक्स-रे से हड्डियों की कमजोरी के संकेत पहचानने की तकनीक सफल रहती है, तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का जोखिम समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।

हालाँकि, फिलहाल 97.7% का आँकड़ा शुरुआती परीक्षण से जुड़ा है। इसे प्रमाणित नियमित जाँच समझने से पहले विस्तृत परीक्षण और चिकित्सकीय सत्यापन आवश्यक हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र आंदोलन: चुनाव के ऐलान के बाद भी क्यों जारी है विरोध?

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दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की माँग को लेकर चल रहा आंदोलन आज फिर चर्चा में है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगभग 20 साल बाद चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र चुनाव की निश्चित समय-सीमा और अपनी अन्य माँगों को लेकर असंतुष्ट हैं। सोमवार को परिसर में फिर विरोध प्रदर्शन हुए और कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पूरा मामला क्या है?

जामिया में छात्र संघ के चुनाव वर्ष 2006 से नहीं हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि निर्वाचित छात्र संघ न होने के कारण विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने के लिए प्रभावी प्रतिनिधित्व नहीं है।

छात्रों ने छात्र संघ की बहाली, चुनाव की तारीख तय करने और विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की माँग के साथ आंदोलन शुरू किया। अक्टूबर के मध्य से जारी इस आंदोलन में भूख हड़ताल भी शामिल रही।

आज 26 अक्टूबर को क्या हुआ?

सुबह, विश्वविद्यालय ने लिखित आदेश जारी किया

प्रशासन ने कहा कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। विरोध के दौरान जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने तथा सुरक्षा कर्मचारियों के आचरण की जाँच के लिए समिति बनाने की बात भी कही गई।

दोपहर, फिर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

चुनाव प्रक्रिया को तेज करने और मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करने की माँग को लेकर छात्र दोबारा जुटे। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर आई। परिसर के कुछ प्रवेश द्वारों पर भी तनाव की स्थिति बनी।

मुख्य विवाद- छात्रों ने समझौते की शर्तों पर सवाल उठाए

प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कहा कि चुनाव की निश्चित तारीख और अन्य माँगों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। प्रशासन के आदेश में सार्वजनिक माफी और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की शर्त भी दर्ज है, जिस पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई।

छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?

ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों की प्रमुख माँगें ये हैं:

1. छात्र संघ चुनाव की निश्चित तारीख

छात्र चाहते हैं कि चुनाव प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय हो और मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया जाए।

2. छात्र संघ के संविधान को मंजूरी

छात्रों की माँग है कि 20 दिसंबर 2026 तक छात्र संघ का संविधान तैयार करके मंजूर किया जाए। इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया में देरी न हो।

3. निलंबन और नोटिस वापस लेना

प्रदर्शन से जुड़े निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की माँग की गई थी। विश्वविद्यालय ने अपने 26 अक्टूबर के आदेश में इन्हें वापस लेने की बात कही है।

4. सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जाँच

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों के व्यवहार और कार्रवाई की जाँच के लिए समिति बनाने की बात कही गई है।

5. माफी की शर्त और अन्य माँगें

कुछ प्रदर्शनकारी सार्वजनिक माफी देने की शर्त से असहमत हैं। उन्होंने मुख्य सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे, परिसर में सामान्य गतिविधियाँ बहाल करने और अन्य लंबित मुद्दों पर भी कार्रवाई की माँग की है।

4. विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या फैसला लिया?

मुद्दा

                26 अक्टूबर के आदेश की स्थिति

छात्र संघ चुनाव

        संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव

चुनाव की निश्चित तारीख

                            अभी घोषित नहीं

छात्रों के निलंबन और नोटिस            

                           वापस लेने का आदेश

सुरक्षा कर्मचारियों की जाँच

                 समिति गठित करने का आश्वासन

सार्वजनिक माफी

   आदेश में शर्त दर्ज; कुछ छात्र इसका विरोध कर रहे हैं


सबसे महत्वपूर्ण बात: चुनाव कराने पर सहमति बनी है, लेकिन संविधान को मंजूरी कब मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं है। इसी कारण छात्र चुनाव की तारीख और पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा पर सवाल उठा रहे हैं।

क्या कक्षाएँ बंद हैं?

विश्वविद्यालय ने 24 अक्टूबर को जारी निर्देश के तहत कक्षाओं को अगले आदेश तक ऑनलाइन मोड में चलाने का फैसला किया था। पुस्तकालयों और परिसर की गतिविधियों पर भी प्रतिबंधों की खबर आई थी। नवीनतम उपलब्ध रिपोर्टों में इन व्यवस्थाओं की बहाली की पुष्टि नहीं है, इसलिए छात्रों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक नोटिस देखने चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

  • छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • मंजूरी के बाद 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने का प्रशासन का आदेश लागू होगा।

  • छात्रों और प्रशासन के बीच माफी की शर्त तथा अन्य लंबित माँगों को लेकर विवाद बना रह सकता है।

  • प्रदर्शन और भूख हड़ताल की स्थिति में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में समझौते के बाद हड़ताल खत्म होने की बात है, जबकि अन्य में कुछ छात्रों के विरोध जारी रखने की जानकारी है।

पूरी खबर का निष्कर्ष

जामिया का विवाद अब केवल छात्र संघ चुनाव कराने तक सीमित नहीं है। चुनाव की समय-सीमा, छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक माफी की शर्त भी विवाद के प्रमुख मुद्दे हैं। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के कदम उठाए हैं, लेकिन आंदोलन से जुड़े सभी मतभेद समाप्त हुए हैं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा: रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई यात्री बस, 3 की मौत, 10 घायल

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सिमगा के दरचुरा गांव के पास सुबह करीब 5:30 बजे हुआ हादसा; बस में सवार थे लगभग 22 यात्री, गैस कटर की मदद से चलाया गया बचाव अभियान

बलौदाबाजार-भाटापारा- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सिमगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दरचुरा के पास अंबिकापुर से रायपुर आ रही एक यात्री बस सड़क पर खराब होकर खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 8 से 10 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा बचाव दल ने राहत कार्य शुरू किया।

सुबह करीब 5:30 बजे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रॉयल ट्रेवल्स की यात्री बस अंबिकापुर से यात्रियों को लेकर रायपुर की ओर जा रही थी। बस में लगभग 22 यात्री सवार थे। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे दरचुरा गांव के पास, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के नजदीक, बस सड़क पर खड़े खराब ट्रक से पीछे की ओर टकरा गई।

सुबह का समय होने के कारण कई यात्री सो रहे थे। अचानक हुई जोरदार टक्कर से यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

बस में फंसे यात्रियों को गैस कटर से निकाला गया

हादसे की सूचना मिलते ही सिमगा थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। टक्कर के कारण बस का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया था, जिससे कुछ यात्री अंदर फंस गए थे।

बचाव दल ने गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से बस के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से सिमगा के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।

तीन लोगों की मौत, घायलों का इलाज जारी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई और कई यात्री घायल हुए हैं। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या 8 से 10 के बीच बताई गई है। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की भी जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति के संबंध में आधिकारिक रूप से अद्यतन जानकारी मिलने पर विवरण स्पष्ट हो सकेगा।

ट्रक खराब होने और सुरक्षा संकेतों की जांच

प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, ट्रक खराब होने के कारण सड़क पर खड़ा था। वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए उसके आसपास चेतावनी संकेतक या ट्रैफिक कोन रखे गए थे। इसके बावजूद बस ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की भूमिका थी या नहीं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई की, ताकि हाईवे पर यातायात प्रभावित न हो। मामले में आगे की जांच जारी है।

इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खराब होकर खड़े वाहनों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने और वाहन चालकों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।


महासमुंद के तीन शिक्षकों को मिला ‘समाज दीप रत्न सम्मान 2026’, राज्य स्तरीय समारोह में बढ़ाया जिले का गौरव

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नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों एवं उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए जितेन्द्र कुमार साहू, विनय कुमार यादव और संदीप कुमार साहू सम्मानित

महासमुंद- शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मक गतिविधियों तथा समाज निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महासमुंद ब्लॉक के तीन शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया है। शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ (समग्र विकास मंच) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में जितेन्द्र कुमार साहू, विनय कुमार यादव और संदीप कुमार साहू को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों, शिक्षण के प्रति समर्पण एवं सामाजिक योगदान के लिए ‘समाज दीप रत्न सम्मान 2026’ प्रदान किया गया। शिक्षकों की इस उपलब्धि से महासमुंद ब्लॉक और जिले का गौरव बढ़ा है।


राज्य स्तरीय समारोह में हुआ सम्मान

26 अक्टूबर 2026, सोमवार को आयोजित इस गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शासन द्वारा पंजीकृत संस्था शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ (समग्र विकास मंच) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने वाले, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना था।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय विजय बघेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर ग्रामीण के विधायक माननीय मोतीलाल साहू ने की। वहीं, भिलाई नगर के विधायक माननीय देवेंद्र यादव अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विशिष्ट अतिथियों के रूप में अहिवारा विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि माननीय सतीश साहू, समाजसेवी उपेंद्र गुप्ता तथा छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेत्री, लोक कलाकार एवं समाजसेविका जागेश्वरी मेश्राम की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में अतिथियों ने सम्मानित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रयासों और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण और भावी पीढ़ी के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महासमुंद के इन तीन शिक्षकों को मिला सम्मान

राज्य स्तरीय समारोह में महासमुंद ब्लॉक के तीन शिक्षकों को मोमेंटो, शाल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

1. जितेन्द्र कुमार साहू
शासकीय बालक प्राथमिक शाला, तुमगांव, महासमुंद।

2. विनय कुमार यादव
शासकीय प्राथमिक शाला, कुहरी, महासमुंद।

3. संदीप कुमार साहू
शासकीय प्राथमिक शाला, केशवा, महासमुंद।

तीनों शिक्षकों को यह सम्मान उनके शैक्षणिक समर्पण, नवाचारी सोच, रचनात्मक शिक्षण गतिविधियों तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।


नवाचार और समर्पण से शिक्षा को बना रहे प्रभावी

शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसे में शिक्षकों द्वारा अपनाई जाने वाली नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।

शिक्षकों का सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान होने के साथ-साथ शिक्षा जगत के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है। इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को नए प्रयोग करने, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

महासमुंद ब्लॉक के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि

महासमुंद ब्लॉक के तीन शिक्षकों का राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयनित होना जिले के शिक्षा जगत के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर भी शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

सम्मानित शिक्षकों की इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।

शिक्षकों को मिल रही बधाइयां

इस उपलब्धि पर आशीष साहू, नीरज साहू, अशोक साहू, सिराज बख्श, संगीता रात्रे, सालिक राम सेन, नीलम गोस्वामी, द्वारिका, मनोहर, कैलाश, भोज कुमार साहेब, शिव ध्रुव, मदन, संगम एवं बलराम नेताम सहित जिले के शिक्षकों, शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और शुभचिंतकों ने तीनों सम्मानित शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे आगे भी अपने शैक्षणिक कार्यों, नवाचारों और सामाजिक योगदान के माध्यम से विद्यार्थियों तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

महासमुंद ब्लॉक के लिए यह उपलब्धि गर्व का क्षण है। ‘समाज दीप रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित तीनों शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।


छत्तीसगढ़ में चक्रवात से निपटने की तैयारी तेज, राहत शिविरों से लेकर बचाव दल तक अलर्ट

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 रायपुर : भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान अर्नब के मद्देनजर राज्यों को व्यापक तैयारियों एवं चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। छत्तीसगढ़ राज्य से यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य में चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए राज्य में जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।


अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने छत्तीसगढ़ राज्य की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में सात राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं।

होमगार्ड तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन तथा संचार व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर संचालित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन द्वारा जनहानि को रोकने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।

बैठक में कैबिनेट सचिव ने राज्यों में चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने तथा यातायात के दौरान लोगों के असावधानीवश जोखिम में पड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने कहा। उन्होंने प्रभावी चेतावनी प्रणाली, आवश्यकता के अनुसार समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राज्य शासन और जिला प्रशासन के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) के पावन अवसर पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश की घोषणा की है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस वर्ष यह अवकाश 09 नवंबर 2026 (दिन-सोमवार) को रहेगा।


’पहले था ऐच्छिक अवकाश, अब हुआ सार्वजनिक अवकाश’

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (क्रमांक GENS&2101@3340@2026&GAD&5) में बताया गया है कि इससे पहले विभाग की अधिसूचना दिनांक 06 नवंबर 2025 के जरिए इस पर्व को ऐच्छिक अवकाश की सूची में (सरल क्रमांक-50 पर) दिनांक 09 नवंबर, 2026 (सोमवार के लिए) घोषित किया गया था। अब शासन ने इसमें संशोधन करते हुए इसे सार्वजनिक/सामान्य अवकाश में परिवर्तित कर दिया है। इस आधिकारिक घोषणा के बाद अब 09 नवंबर 2026 को राज्य में सभी संबंधित शासकीय कार्यालयों और संस्थानों में गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

छत्तीसगढ़ में हिरासत में मौत का मामला: पति की मौत के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही महिला को सुप्रीम कोर्ट से राहत, CBI करेगी जांच

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस हिरासत के दौरान एक व्यक्ति की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने, मृतक की पत्नी और बच्चों को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सरवन तामरे की मौत से जुड़ा है। उनकी पत्नी लहराबाई तामरे ने पति की मौत के बाद न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब मामले की जांच CBI कर रही है। अदालत ने राज्य के अधिकारियों द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर भी कड़ी टिप्पणी की है।

क्या है पूरा मामला?

मामला बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र का है। श्रवण सूर्यवंशी तामरे को 18 जनवरी 2024 को कथित तौर पर छह लीटर कच्ची महुआ शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जब्त शराब की कीमत लगभग ₹1,200 बताई गई थी।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें बिलासपुर केंद्रीय जेल भेजा गया। 21 जनवरी 2024 को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन, 22 जनवरी की सुबह लगभग 6 बजे उनकी मौत हो गई।

परिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। वहां उन्हें श्रवण की मौत के बारे में पता चला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट, शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन और कई जगह चोट के निशान दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट में सिर पर किसी कठोर और कुंद वस्तु से लगी चोट की जटिलताओं के कारण हृदय और श्वसन क्रिया बंद होने को मौत का कारण बताया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चोटें मौत से एक दिन पहले और कुछ चोटें लगभग दो से छह दिन पुरानी हो सकती थीं।

इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच की। 22 जुलाई 2024 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में भी मौत का कारण सिर की चोट से उत्पन्न जटिलताओं को बताया गया।

हाईकोर्ट में क्या हुआ था?

मृतक की पत्नी और बच्चों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ₹50 लाख मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

3 अक्टूबर 2024 को हाईकोर्ट ने माना कि श्रवण की मौत हिरासत के दौरान हुई हिंसा के परिणामस्वरूप हुई थी। अदालत ने राज्य सरकार को परिवार को ₹1 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया, लेकिन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू कराने का आदेश नहीं दिया।

परिवार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

12 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:

  • CBI जांच: मामले में नियमित आपराधिक केस दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया।

  • ₹25 लाख अंतरिम मुआवजा: छत्तीसगढ़ सरकार को मृतक की पत्नी और बच्चों को अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

  • अधिकारियों की भूमिका की जांच: न्यायिक जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखने को कहा गया।

  • वरिष्ठ अधिकारी से जांच: CBI को जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया।

अदालत ने राज्य के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि हिरासत में मौत जैसे गंभीर मामले में उचित कार्रवाई न होना चिंताजनक है।

लहराबाई तामरे की न्याय के लिए लड़ाई

इस मामले में श्रवण की पत्नी लहराबाई तामरे की कानूनी लड़ाई भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और मजदूरी करके परिवार का गुजारा करती हैं। पति की मौत के बाद उन्होंने अपनी दो बेटियों के भविष्य और न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

उनकी ओर से वकील राजीव कुमार दुबे ने निःशुल्क कानूनी सहायता दी। मामले में परिवार ने पुलिस और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की थी।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI को मामले में आपराधिक जांच करनी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि श्रवण को चोटें कैसे लगीं, हिरासत के दौरान क्या हुआ और किन अधिकारियों की कोई भूमिका या लापरवाही थी।

13 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने CBI को जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी 2027 को निर्धारित की गई है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिरासत के दौरान श्रवण सूर्यवंशी तामरे की मौत का मामला अब CBI जांच के दायरे में है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच के साथ मृतक के परिवार को ₹25 लाख अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला हिरासत में लोगों की सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और न्यायिक जांच के निष्कर्षों पर समय पर कार्रवाई के महत्व को सामने लाता है।

तहसील कार्यालय में निकला कोबरा, अलमारी के पीछे छिपा था जहरीला सांप; रेस्क्यू टीम ने पकड़ा

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 कोरबा। तहसील कार्यालय की प्रतिलिपि शाखा में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब अलमारी के पीछे एक कोबरा सांप दिखाई दिया। कार्यालय में राजस्व संबंधी कामकाज के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में कार्यालय के भीतर जहरीले सांप की मौजूदगी से खतरे की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।


अलमारी के पीछे बैठा था कोबरा

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह प्रतिलिपि शाखा में काम के सिलसिले में सहायक ग्रेड-2 आईपी डाहिरे और एक अन्य व्यक्ति पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर अलमारी के पीछे बैठे कोबरा पर पड़ी। अचानक सांप दिखाई देने से दोनों सतर्क हो गए। उन्होंने बिना देर किए वन विभाग और सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

टीम ने सावधानी से किया रेस्क्यू

सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के सदस्य अविनाश यादव अपने सहयोगी मानस के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया।

सांप दिखने पर खुद पकड़ने की न करें कोशिश

घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर उसके पास जाने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सांप को छेड़ने या पकड़ने का प्रयास खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके और लोगों को भी खतरे से बचाया जा सके।

खड़गे के बयान पर देशभर में सियासी घमासान, भाजपा का प्रदर्शन; कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर देश की राजनीति में विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार, 26 अक्टूबर को देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करार दिया। 

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे।

अपने संबोधन में खड़गे ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, कथित वोट चोरी और केंद्र सरकार की नीतियों पर भाजपा को निशाना बनाया। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।

इस पर खड़गे ने जवाब में कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। 

भाजपा ने क्या कदम उठाया?

भाजपा ने बयान को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए देशव्यापी विरोध का ऐलान किया। पार्टी ने अपने राज्य इकाइयों को प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए।

26 अक्टूबर को विभिन्न राज्यों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालयों तथा अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किए। कई जगहों पर खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की गई। बिहार के पटना और जम्मू सहित कई स्थानों पर विरोध मार्च और पुतला प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। 

अमित शाह और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी बयान को अनुचित बताया और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।

भाजपा का कहना है कि राजनीतिक विरोध नीतियों और सरकार के कामकाज तक सीमित रहना चाहिए, न कि नेताओं के परिवारों को निशाना बनाना चाहिए।

कांग्रेस ने क्या सफाई दी?

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि खड़गे की टिप्पणी को उसके पूरे संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा के अनुसार, कार्यक्रम में पहले एक व्यक्ति ने खड़गे के दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी की थी। खेड़ा ने दावा किया कि खड़गे का संदर्भ प्रधानमंत्री के जैविक पिता से नहीं, बल्कि उनके वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से था।

यह कांग्रेस की ओर से दी गई सफाई है। भाजपा ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार करने के बजाय टिप्पणी की आलोचना जारी रखी।

विवाद का राजनीतिक असर

इस घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक ओर भाजपा ने सार्वजनिक जीवन में भाषा और राजनीतिक मर्यादा का मुद्दा उठाया है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को संदर्भ से अलग करके पेश करने का आरोप लगाया है।

इस विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। कांग्रेस इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को मुद्दा बनाकर उनसे माफी की मांग की है। 

निष्कर्ष

26 अक्टूबर 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में की गई टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने देशभर में प्रदर्शन किए। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की, जबकि कांग्रेस ने कहा कि बयान का संदर्भ प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक RSS से था।

फिलहाल यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी, सार्वजनिक भाषा की मर्यादा और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।


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