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छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न: भीषण गर्मी से राहत, बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में आई इस कमी से दिन और रात के मौसम में संतुलन देखने को मिल रहा है, जिससे आम जनजीवन भी कुछ हद तक सहज हुआ है।


आज कई इलाकों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

चार दिनों तक बना रहेगा असर

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक, आंधी और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। 5 अप्रैल के आसपास कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। साथ ही अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक और गिरावट संभव है।

बीते दिन भी हुई बारिश

रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पौड़ी उपरोरा क्षेत्र में 1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

BJP का 47वां स्थापना दिवस आज, “गांव चलो अभियान” की शुरुआत

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। हजारों कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर स्थापना दिवस को भव्य रूप देंगे।


स्थापना दिवस के साथ ही भाजपा आज, 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” की शुरुआत भी कर रही है। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे।

हर विधानसभा में चुने जाएंगे 50 गांव

पार्टी की योजना के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी जाएंगी।

कार्यालयों में फहराया जाएगा पार्टी ध्वज

स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी भाजपा कार्यालयों में पार्टी का ध्वज फहराया जाएगा। साथ ही संगठन को और मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।

जनसंपर्क और संगठन विस्तार पर फोकस

इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाना, सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और आम जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करना है। पार्टी इसे संगठन विस्तार और जनआधार मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।

छत्तीसगढ़ में शर्मनाक वारदात: शराब के लिए दोस्त की बाइक बेची, फिर युवक को नग्न कर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शराब की लत और हिंसा से जुड़ा एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। दर्री थाना क्षेत्र में एक युवक ने कथित तौर पर शराब पीने के लिए अपने दोस्त की बाइक बेच दी। इस बात से गुस्साए दोस्त ने युवक को सड़क पर नग्न कर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


यह घटना 27 मार्च की बताई जा रही है, हालांकि इसका वीडियो हाल ही में सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

बाइक बेचने पर भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमरदास (36) कावेरी विहार स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहता है। उसकी पत्नी कॉलोनी के अधिकारियों के घरों में काम करती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अमरदास शराब का आदी है। घटना वाले दिन वह अपने दोस्त सरोज कुमार के पास गया और उसकी बाइक लेकर शराब पीने निकल गया।

कुछ देर बाद जब वह लौटा, तो उसके पास बाइक नहीं थी। पूछताछ में उसने बताया कि उसने शराब पीने के लिए बाइक बेच दी। यह सुनते ही सरोज कुमार का गुस्सा भड़क उठा।

नग्न कर सरेआम पिटाई

आरोप है कि गुस्साए दोस्त ने अमरदास के कपड़े उतरवा दिए और उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में युवक खून से लथपथ हालत में जान बचाकर भागता नजर आ रहा है। घटना को देखकर आसपास के लोग दंग रह गए।

बीच-बचाव में जुटे लोग, पुलिस को दी सूचना

घटना के दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। कुछ लोगों ने घायल युवक को बचाया और डायल 112 के जरिए पुलिस को सूचना दी। मारपीट के दौरान मौके पर भारी भीड़ भी जमा हो गई थी।

आरोपी फरार, गिरफ्तारी की तलाश जारी

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था, लेकिन उस समय घटना की पूरी गंभीरता सामने नहीं आई थी। अब वीडियो वायरल होने के बाद मामले में और सख्त धाराएं जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी सरोज कुमार बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। उसकी तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

सामाजिक संदेश भी छोड़ गई घटना

यह मामला केवल मारपीट का नहीं, बल्कि शराब की लत से उत्पन्न सामाजिक और आपराधिक समस्याओं को भी उजागर करता है। एक ओर शराब के लिए दोस्त की संपत्ति बेचने जैसी हरकत, तो दूसरी ओर कानून को हाथ में लेकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना—दोनों ही गंभीर अपराध हैं। फिलहाल पुलिस वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

भारत के मत्स्य क्षेत्र को मिला अब तक का सबसे बड़ा बजट, उत्पादन में 106% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए मत्स्य क्षेत्र को ₹2,761.80 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है। यह कदम देश की ब्लू इकॉनमी को मजबूत करने और करोड़ों मछुआरों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) इस क्षेत्र के विकास की मुख्य धुरी बनी हुई है, जिसके लिए इस वर्ष ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्पादन और निर्यात में बड़ी छलांग

पिछले एक दशक में भारत के मत्स्य क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
वित्त वर्ष 2013-14 में जहां मछली उत्पादन 95.79 लाख टन था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है, जो 106% की वृद्धि दर्शाता है।

इसके साथ ही समुद्री उत्पादों का निर्यात भी बढ़कर ₹62,408 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें जमे हुए झींगे (Frozen Shrimp) का बड़ा योगदान है।

मछुआरों को मिल रहा सीधा लाभ

सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मछुआरों तक पहुंच रहा है:

  • 4.39 लाख मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • 33 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा

  • 7.44 लाख परिवारों को आजीविका सहायता

इन पहलों से मछुआरों की आय स्थिर हुई है और जोखिम कम हुआ है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक पर जोर

सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • कोल्ड स्टोरेज, फिश मार्केट और प्रोसेसिंग यूनिट का विकास

  • RAS और Biofloc जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा

  • 2,195 फिशर प्रोड्यूसर संगठन (FFPOs) का गठन

इसके अलावा, FIDF योजना के तहत 225 परियोजनाओं में ₹6,685 करोड़ का निवेश किया गया है, जिससे रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़े हैं।

 डिजिटल इंडिया से जुड़ा मत्स्य क्षेत्र

सरकार ने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) लॉन्च किया है, जिसमें अब तक 30 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। यह प्लेटफॉर्म मछुआरों को:

  • लोन

  • बीमा

  • बाजार से जुड़ाव

जैसी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है।

सतत विकास और भविष्य की दिशा

सरकार ने 2025 में समुद्री मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए उत्पादन बढ़ाया जा सके।

भारत, जो पहले से ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, अब वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निष्कर्ष

मत्स्य क्षेत्र में बढ़ता निवेश, नई तकनीक, और डिजिटल पहलें भारत को एक मजबूत और टिकाऊ ब्लू इकॉनमी की ओर ले जा रही हैं। यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी बनेगा।

BIG NEWS : जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद, हाईकोर्ट ने 2007 का फैसला पलटा

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बिलासपुर। Chhattisgarh High Court ने 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलट दिया।


खंडपीठ ने सुनाया फैसला

मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Arvind Kumar Verma की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील और शिकायतकर्ता की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। अदालत ने अमित जोगी को आईपीसी की धारा 120-बी, 302/34 और 427/34 के तहत दोषी ठहराया।

क्या था मामला

Ram Avtar Jaggi, जो Nationalist Congress Party (एनसीपी) के नेता थे, की 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

CBI जांच में साजिश का खुलासा

मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी। जांच में यह सामने आया कि राजनीतिक साजिश के तहत हत्या कराई गई, ताकि एनसीपी की प्रस्तावित रैली को रोका जा सके।

अमित जोगी को मुख्य साजिशकर्ता माना

सीबीआई के अनुसार, Amit Jogi ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और शूटर को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। अदालत ने गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, विजिटर्स रजिस्टर और कबूलनामे को अहम साक्ष्य मानते हुए साजिश को प्रमाणित माना।

ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी

गौरतलब है कि 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले को सीबीआई और मृतक के परिजनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय “पक्षपाती और साक्ष्यों के विपरीत” था। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्य अमित जोगी की भूमिका को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में स्थापित करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे अमित जोगी

फैसले के बाद Amit Jogi ने Supreme Court of India का रुख किया है। हाईकोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश भी दिया है।

तेज रफ्तार का कहर: बेकाबू स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को रौंदा, 3 की मौके पर मौत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। रविवार शाम NH-130 पर स्थित भिट्ठीकला गांव में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को कुचल दिया, जिसमें 3 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।


बताया जा रहा है कि महिलाएं बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। तभी सामने से आ रही बेकाबू स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और रौंदते हुए आगे निकल गई। हादसे के बाद सड़क पर पड़ी अपनी मां की लाश देखकर एक मासूम बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया—यह दृश्य हर किसी को झकझोर देने वाला था।

यह घटना मणिपुर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो चालक को पकड़कर जमकर पीटा और शवों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक नेशनल हाईवे पर 3 से 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।

जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो (CG 15 EH 8874) अंबिकापुर से लखनपुर की ओर जा रही थी। भिट्ठीकला गांव के पास वाहन ने पहले तीन महिलाओं को कुचला, फिर चौथी को टक्कर मार दी। इसके बाद भी वाहन नहीं रुका और आगे जाकर एक ट्रेलर से टकरा गया।

हादसे में तीन महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आयुषी नाम की एक महिला गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी चालक सोनू राजवाड़े को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है।

बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर समता स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

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5 अप्रैल 2026 को बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती के अवसर पर बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समता स्थल (बाबूजी की समाधि), दिल्ली गेट, नई दिल्ली में सुबह 7:30 बजे से 8:00 बजे तक पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही 6, कृष्ण मेनन मार्ग, नई दिल्ली में सुबह 9:30 बजे सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

पुष्पांजलि समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा, लोकसभा सांसद मनोज कुमार, मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन की कार्यकारी उपाध्यक्ष स्वाति कुमार, सदस्य सचिव शैलेंद्र कुमार, निदेशक नरेंद्र वशिष्ठ, विभिन्न सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बाबूजी के सैकड़ों अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद 6, कृष्ण मेनन मार्ग पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, विभिन्न सांसदों, फाउंडेशन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में अनुयायियों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी।

बाबू जगजीवन राम एक स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष किया। वे 35 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री रहे, जो कि एक लंबा कार्यकाल है, और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

खाद्य एवं कृषि मंत्री के रूप में उन्हें ‘हरित क्रांति’ का श्रेय दिया जाता है, वहीं रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।



हैवान बना पड़ोसी! मासूम से दरिंदगी के बाद पत्थर से कूचकर हत्या, कुएं में फेंका शव

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 कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में 7 साल के मासूम की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है। आरोपी ने पहले बच्चे के साथ गलत हरकत की और फिर राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर शव को 12 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया।


जानकारी के अनुसार, किसान शिवकुमार खुरसेंगा का 7 वर्षीय बेटा आयान 2 अप्रैल की दोपहर अपने दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। नहाने के बाद अन्य बच्चे घर लौट आए, लेकिन आयान वापस नहीं पहुंचा। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

इसी दौरान परिजनों को पता चला कि आयान को आखिरी बार पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय रंजीत कुमार के साथ देखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बच्चे को बहलाकर सुनसान जगह ले गया, जहां गलत हरकत की। विरोध करने पर उसने पत्थर से सिर पर कई बार वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को पास के कुएं में फेंक दिया।

घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुएं से शव बरामद किया। पुलिस की मौजूदगी में शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

इस जघन्य वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए प्रशासनिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज “वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए प्रशासनिक क्षमता निर्माण” पर पहली बार एक समर्पित कार्यक्रम की शुरुआत की। यह पहल मिशन कर्मयोगी के तहत अकादमिक नेतृत्व को प्रशासनिक कौशल और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“SADHANA सप्तह” के विशेष सत्र में इस पहल की घोषणा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए संरचित प्रशासनिक प्रशिक्षण की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, खासकर जब वे नेतृत्व की भूमिकाओं में आते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और अकादमिक पृष्ठभूमि के पेशेवरों को अक्सर बिना पूर्व प्रशासनिक अनुभव के संस्थागत जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं, और यह कार्यक्रम इस कमी को दूर करेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल वैज्ञानिक नेतृत्व के साथ चर्चा से विकसित हुई है और संस्थागत प्रशिक्षण से “स्व-अध्ययन” पर निर्भरता कम होगी, जो समय लेने वाली और असमान हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम को गतिशील बनाए रखना होगा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों के साथ तालमेल बैठाना होगा, साथ ही तकनीक और मानवीय निर्णय के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

मंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग (CBC) के लिए नई दिशा-निर्देशों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए संरचित मॉड्यूल तैयार करना शामिल है। उन्होंने संसद प्रश्नों के उत्तर देने के लिए विशेष पाठ्यक्रम विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि अधिकारियों की प्रक्रियागत समझ मजबूत हो सके। साथ ही, प्रारंभिक स्तर के सिविल सेवकों और असिस्टेंट सेक्रेटरी के लिए छोटे ओरिएंटेशन मॉड्यूल भी तैयार किए जा सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर दिया कि क्षमता निर्माण को नियम-आधारित कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर भूमिका-आधारित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिससे अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अनुकूलन कर सकें। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कार्यप्रणालियों को भी शासन में शामिल करना जरूरी है, क्योंकि “अब साइलो का युग समाप्त हो चुका है।”

क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का अगला चरण सार्वजनिक संस्थानों को “अनुकूलनीय” और “मानवीय” बनाने पर केंद्रित होगा, खासकर तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों में। उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ प्रशासन में अनुकूलन क्षमता अनिवार्य हो गई है, जबकि नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण सार्वजनिक सेवा का मूल बना रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने UNNATI पोर्टल के उन्नत संस्करण का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य संस्थागत क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। साथ ही, कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन के लिए रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर क्षमता निर्माण आयोग और रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (RIS) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा देना है।

इस सहयोग के तहत नीति संवाद, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और विषयगत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका फोकस AI, डिजिटल परिवर्तन और सार्वजनिक क्षेत्र में नवाचार जैसे क्षेत्रों पर होगा, जिससे क्षमता निर्माण को वैश्विक सार्वजनिक हित के रूप में स्थापित किया जा सके।

विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. अशुतोष शर्मा, प्रो. अभय करंदीकर (सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग), डॉ. राजेश एस. गोखले (सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग), डॉ. एम. रविचंद्रन (सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय) और अलका मित्तल (सदस्य, प्रशासन, क्षमता निर्माण आयोग) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के पांच वर्षीय लक्ष्य के तहत एक “भविष्य के लिए तैयार” सिविल सेवा का निर्माण किया जा रहा है, जो निरंतर सीखने, तकनीकी अपनाने और नागरिक-केंद्रित शासन पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण का प्रभाव सेवा वितरण और संस्थागत प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए।


INS त्रिकंड तंजानिया पहुँचा, भारत-तंजानिया समुद्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

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भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंड 03 अप्रैल 2026 को दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती के तहत तंजानिया के दार-एस-सलाम पहुँचा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना है।

इस पोर्ट कॉल के दौरान कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें पेशेवर संवाद और तंजानिया नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शामिल है, ताकि आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) और समुद्री सहयोग को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के तहत मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। जहाज पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जो आपसी सद्भाव और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।

इस यात्रा के दौरान भारत से लाए गए आवश्यक सामग्रियों (क्रिटिकल स्टोर्स) को भी सौंपा जाएगा।

जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स और यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

INS त्रिकंड का यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) दृष्टि के अनुरूप है।


भीषण गर्मी का कहर: चलती-खड़ी गाड़ियों में आग, बढ़ रही घटनाएं

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 Heat Alert : बढ़ती गर्मी अब लोगों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है। शहर में चलती और खड़ी गाड़ियों में आग लगने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिससे वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है।


पिछले एक महीने में ही रायपुर में 6 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें रिंग रोड-2 पर चलती टाटा एस, कलेक्ट्रेट के पास खड़ी कार, खमतराई में स्कॉर्पियो और अवंति विहार की घटनाएं शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी मामलों में लोग समय रहते बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गर्मियों में कार के अंदर का तापमान 60°C तक पहुंच जाता है। इससे इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है। ओवरहीटिंग, फ्यूल लीकेज और इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं अचानक आग लगने का कारण बनती हैं। इसके अलावा गाड़ी में रखी ज्वलनशील चीजें भी खतरे को बढ़ा देती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण लापरवाही और समय पर मेंटेनेंस का अभाव है। अगर वाहन की नियमित सर्विसिंग कराई जाए और छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।

कैपिटल मोटर संचालक दीपक चावला के अनुसार, अधिक तापमान के कारण इंजन और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। फ्यूल जल्दी वाष्पित हो जाता है और इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।

पुराने वाहनों को लेकर भी नियम सख्त हैं। 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर कुछ क्षेत्रों में प्रतिबंध है। वहीं 20 साल पुरानी निजी और 15 साल पुरानी कमर्शियल गाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें स्क्रैप किया जा सकता है।

जहां तक CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात है, अगर उनकी किट सही तरीके से नहीं लगी हो या समय पर सर्विसिंग न हो तो खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अधिकृत सर्विस सेंटर से नियमित देखभाल करने पर जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 कार में आग लगने के प्रमुख कारण

  • इलेक्ट्रिकल फॉल्ट
    • वायरिंग में शॉर्ट सर्किट
    • ढीले या टूटे तार
    • गलत आफ्टर-मार्केट फिटिंग
  • फ्यूल लीकेज (पेट्रोल/डीजल/CNG)
    • टैंक या पाइप से रिसाव
    • स्पार्क प्लग के पास फ्यूल पहुंचना
  • इंजन ओवरहीटिंग
    • कूलिंग सिस्टम फेल होना
    • इंजन का अत्यधिक गर्म होना
  • CNG/LPG किट में खराबी
    • लीकेज या वाल्व में गड़बड़ी
    • घटिया क्वालिटी या गलत इंस्टॉलेशन
  • मेंटेनेंस की कमी
    • समय पर सर्विसिंग न कराना
    • पुराने या खराब पार्ट्स का इस्तेमाल
  • एक्सीडेंट के बाद चिंगारी
    • टक्कर के बाद स्पार्क
    • फ्यूल लाइन कटना
  • ज्वलनशील सामान रखना
    • परफ्यूम, डियो, लाइटर
    • सैनिटाइजर, पावर बैंक

 कार में आग लगने से बचाव के उपाय

  • नियमित सर्विसिंग कराएं
    • गर्मी से पहले पूरी जांच
    • कूलिंग सिस्टम, वायरिंग और फ्यूल लाइन चेक करें
  • इंजन ऑयल और कूलेंट जांचें
    • सही स्तर बनाए रखें
    • इंजन को ठंडा रखने में मदद
  • ज्वलनशील वस्तुएं कार में न रखें
    • परफ्यूम, सैनिटाइजर, लाइटर आदि न छोड़ें
  • इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराएं
    • पुरानी गाड़ियों में विशेष ध्यान रखें
  • CNG/LPG किट की नियमित जांच
    • केवल अधिकृत सेंटर से सर्विसिंग कराएं
  • फायर एक्सटिंग्विशर रखें
    • हर कार में छोटा अग्निशामक रखें
    • आपात स्थिति में बेहद उपयोगी
  • धूप में पार्किंग से बचें
    • संभव हो तो छांव में वाहन खड़ा करें
    • इससे तापमान कम रहता है

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: प्रेमी से विवाद के बाद झुलसी छात्रा की मौत, मोबाइल को लेकर हुआ था झगड़ा

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 सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।


95 प्रतिशत तक झुलसी थी छात्रा

जानकारी के अनुसार, विश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विश्रामपुर-भटगांव मार्ग पर पासिंग नाला के पास शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे एक नाबालिग लड़की गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में सड़क किनारे मिली। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे करीब 95 प्रतिशत तक झुलसा हुआ बताया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतका की पहचान ग्राम गोरखनाथपुर निवासी मोनिका सिंह उर्फ मोना (17) के रूप में हुई है, जो कक्षा 11वीं की छात्रा थी।

मोबाइल को लेकर हुआ था विवाद

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा का अपने ब्वॉयफ्रेंड से मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि मोबाइल किश्तों पर लिया गया था, जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। विवाद के दौरान छात्रा ने आग लगाकर आत्महत्या करने की धमकी दी थी।

ब्वॉयफ्रेंड ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि छात्रा ने एक दुकान से करीब 100 रुपये का पेट्रोल खरीदा था। उसने पेट्रोल छीनकर अपनी बाइक पर डाल लिया और उसे उसके घर से लगभग 500 मीटर दूर छोड़कर रामनगर लौट आया। इसके करीब आधे घंटे बाद छात्रा के जलने की सूचना मिली।

जांच में जुटी पुलिस, सभी पहलुओं की पड़ताल

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित एंगल्स को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

मंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को जल्द जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और घटना के हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है। इलाके में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।

INS तारागिरी के निर्माण में SAIL का अहम योगदान, भारतीय नौसेना में शामिल

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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL), जो इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, ने नीलगिरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17A) की स्टील्थ फ्रिगेट के चौथे जहाज INS तारागिरी के कमीशनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस युद्धपोत को 03 अप्रैल 2026 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

यह युद्धपोत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है, जिसमें SAIL द्वारा आपूर्ति की गई लगभग 4,000 टन विशेष ग्रेड स्टील प्लेट्स का पूर्ण उपयोग किया गया है। यह विशेष स्टील SAIL के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों में तैयार किया गया है, जो कंपनी की उन्नत धातुकर्म क्षमताओं और उच्च गुणवत्ता मानकों को दर्शाता है।

SAIL भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसे सरकारी अभियानों को निरंतर समर्थन देता रहा है। कंपनी पहले भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति कर चुकी है, जिनमें स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत और प्रोजेक्ट 17A के पहले तीन जहाज—INS नीलगिरी, INS हिमगिरी और INS उदयगिरी शामिल हैं।

INS तारागिरी का सफल शामिल होना भारत की रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह देश की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने में घरेलू इस्पात उद्योग की अहम भूमिका को दर्शाता है।


अंबिकापुर निर्भया कांड: पोस्टमार्टम में हुआ खौफनाक खुलासा, 12 पसलियां टूटीं, दिल-फेफड़े क्षतिग्रस्त

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 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी ने कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और शव के साथ भी बर्बरता की।


फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. संटू बाघ के अनुसार, मृतका की सभी 12 पसलियां टूट चुकी थीं। पसलियों के टुकड़े होने से फेफड़े और दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा। सिर पर तीन जगह गहरी चोटें मिलीं और खोपड़ी की हड्डियां भी टूटी पाई गईं। गला दबाने के स्पष्ट निशान भी मौजूद हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चोटों की प्रकृति से संकेत मिलता है कि आरोपी ने महिला के सीने पर चढ़कर दबाव बनाया।

एक से अधिक आरोपी होने की आशंका

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले महिला एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाती हुई दिखाई दी है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला के साथ अत्यंत अमानवीय कृत्य किया गया, जिससे घटना की क्रूरता और बढ़ गई है।

सियासी और सामाजिक आक्रोश

मामले पर टीएस सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने इसे निर्भया कांड जैसी हैवानियत बताते हुए जल्द गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सजा की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, महिला कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

असम में बीफ विवाद पर सियासत तेज, सीएम हिमंत सरमा की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

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 नई दिल्ली/गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव से पहले बीफ को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। Himanta Biswa Sarma ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी और उनकी मां पर लगे आरोपों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।


मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य में बीफ खाने की संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता और पशु संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और कानून के तहत सजा भी हो सकती है।

AJP ने बताया राजनीतिक मुद्दा

वहीं असम जातीय परिषद ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। पार्टी की उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक कथित एआई-जनित वीडियो फैलाया गया है, जिसे उन्होंने भ्रामक बताया।

गुवाहाटी में एक रैली के दौरान चौधरी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

इस बीच, Himanta Biswa Sarma ने जोरहाट में एक रोड शो कर पार्टी के समर्थन का दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के मुद्दे पर जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस तरह के विवाद और बयानबाजी चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं।

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