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एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया, 20 किलो गांजा संग दो आरोपी गिरफ्तार

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 महासमुंद। जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र में एंबुलेंस की आड़ में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।


पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक एंबुलेंस के जरिए गांजा तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर खल्लारी पुलिस ने ग्राम चरौदा मोड़ के पास नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की।

जांच के दौरान एक संदिग्ध बोलेरो एंबुलेंस को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के पीछे रखी दो बोरियों से 20 किलो गांजा बरामद हुआ। एंबुलेंस में सवार नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी सलमान खान (26 वर्ष) और शिराज पठान (39 वर्ष) को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा से गांजा लाकर महाराष्ट्र में बेचने की योजना बना रहे थे।

पुलिस ने गांजा के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई एंबुलेंस, 6,800 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के 59 मामलों में कुल 3,367.500 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 16.79 करोड़ रुपये से अधिक है। इन मामलों में अब तक 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 44 छत्तीसगढ़ और 113 अन्य राज्यों के निवासी शामिल हैं।

NEtym 2026 में बोले सिंधिया, पूर्वोत्तर भारत को बताया ‘अष्टलक्ष्मी’ और विकास का सेतु

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नई दिल्ली- केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित NEtym 2026 सांस्कृतिक उत्सव में भाग लिया। यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, प्रतिभा और संभावनाओं का उत्सव है।

मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया और वैश्विक स्तर पर एक रणनीतिक सेतु के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां की लगभग 93% साक्षरता दर और युवा शक्ति भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सरकार की प्रमुख पहलें

सिंधिया ने पूर्वोत्तर के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं का उल्लेख किया:

 NE SPARKS Programme

  • ISRO के सहयोग से

  • हर साल 800 छात्रों को स्पेस साइंस का अनुभव

 Ashtalakshmi Darshan Programme

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम

  • देशभर के छात्रों को जोड़ता है

  • 2030 तक 8000 छात्रों तक विस्तार लक्ष्य

Advancing NER Portal

  • अप्रैल 2026 में लॉन्च होगा

  • 1000+ नौकरी अवसर

  • 300+ करियर विकल्प

  • 3000+ कोर्स और 800+ संस्थानों की जानकारी

मुख्य बातें

  • पूर्वोत्तर भारत को आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का केंद्र बताया

  • युवाओं को देश की ग्रोथ स्टोरी का नेतृत्व करने का आह्वान

  • “Think about what the Northeast is becoming” पर जोर

  • सांस्कृतिक विरासत को भारत की बड़ी ताकत बताया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि NEtym केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की पहचान, आकांक्षा और विकसित भारत की दिशा में उसकी भूमिका का प्रतीक है।


WTO MC14 में भारत की मजबूत पैरवी, समानता और सर्वसम्मति आधारित व्यापार प्रणाली पर जोर

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याउंडे (कैमरून)- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के दूसरे दिन WTO सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों ने चर्चा की। भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

बैठक में गोयल ने कहा कि सर्वसम्मति (consensus) आधारित निर्णय प्रक्रिया WTO की विश्वसनीयता की आधारशिला है और किसी भी सदस्य देश को उसकी सहमति के बिना नियमों में बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित चर्चा पर जोर देते हुए कहा कि WTO को वर्तमान चुनौतियों का गंभीरता से आकलन करना चाहिए।

भारत के प्रमुख मुद्दे

  • खाद्य सुरक्षा (Food Security)

  • पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग (PSH)

  • विशेष सुरक्षा तंत्र (SSM)

  • कॉटन से जुड़े मुद्दे

भारत ने कहा कि इन लंबित मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और वैश्विक व्यापार प्रणाली में मौजूद असमानताओं (asymmetries) को दूर करना आवश्यक है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • डिस्प्यूट सेटलमेंट सिस्टम की कमजोरी पर चिंता

  • छोटे देशों के हितों की रक्षा की आवश्यकता

  • पारदर्शिता का दुरुपयोग कर व्यापारिक दबाव बनाने के खिलाफ चेतावनी

  • सभी देशों को समान अवसर देने पर जोर

भारत का रुख

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने WTO सुधार प्रक्रिया को समयबद्ध और ठोस आधार पर आगे बढ़ाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सुधार प्रक्रिया:

  • पारदर्शी

  • समावेशी

  • सदस्य-प्रेरित (member-driven) होनी चाहिए

द्विपक्षीय बैठकें

सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने:

  • अमेरिका, चीन, कोरिया, स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, मोरक्को और ओमान के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

  • व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की

WTO MC14 में भारत ने वैश्विक व्यापार में संतुलन, समान अवसर और विकासशील देशों के हितों की रक्षा पर जोर दिया।


आईआईएम रांची में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं से नैतिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का आह्वान

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रांची (झारखंड)- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज आईआईएम रांची के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा केवल कॉर्पोरेट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान और समावेशी विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सफलता को केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मूल्यों और नैतिकता के आधार पर परिभाषित करें।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईमानदारी, विश्वास और नैतिक नेतृत्व मजबूत संस्थानों की नींव हैं। उन्होंने युवाओं को “Think Global, Act Local” का मंत्र अपनाते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि सच्ची सफलता वही है, जो समाज को लौटाने में दिखाई दे।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति ने खूंटी जिले के उलिहातु गांव में भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली का दौरा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने रांची में बिरसा चौक पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति का यह दौरा युवाओं को नैतिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।


बजट 2026-27 में SEZ को बढ़ावा, घरेलू बिक्री पर रियायती शुल्क की बड़ी राहत

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने यूनियन बजट 2026-27 में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत पात्र SEZ निर्माण इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र (DTA) में सीमित मात्रा में उत्पादों की बिक्री रियायती शुल्क दरों पर करने की अनुमति दी जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • SEZ इकाइयों को अब बिना पूरी कस्टम ड्यूटी के बोझ के देश में बिक्री की सुविधा

  • बिक्री की मात्रा निर्यात के अनुपात तक सीमित होगी

  • देश में कुल 368 SEZ (फरवरी 2026 तक)

  • 2025-26 में SEZ निर्यात 11.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक (32% वृद्धि)

SEZ क्या हैं?

SEZ (Special Economic Zones) ऐसे विशेष क्षेत्र होते हैं जो:

  • ड्यूटी-फ्री एरिया होते हैं

  • निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं

  • यहां उद्योगों को टैक्स छूट, आसान नियम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलता है

सरकार का नया कदम क्यों अहम है?

  • उद्योगों को अधिक उत्पादन और बेहतर उपयोग (capacity utilisation) का मौका

  • निर्यात लागत में कमी

  • वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

  • घरेलू बाजार में भी सीमित अवसर

SEZ का प्रदर्शन

  • 31.73 लाख से अधिक रोजगार (दिसंबर 2025 तक)

  • कुल निवेश: ₹7.86 लाख करोड़

  • निर्यात में लगातार वृद्धि

अन्य प्रमुख सुधार

  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए विशेष SEZ (गुजरात, कर्नाटक)

  • सिंगल विंडो क्लीयरेंस

  • ड्यूटी-फ्री आयात और जीएसटी में छूट

  • बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

 सरकार का यह कदम SEZ को भारत के आर्थिक विकास, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षण का मजबूत आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


गट हेल्थ पर बढ़ी चिंता, प्रोबायोटिक्स और पारंपरिक आहार पर जोर: राजीव गौबा

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नई दिल्ली- गट माइक्रोबायोटा एंड प्रोबायोटिक साइंस फाउंडेशन द्वारा 27–28 मार्च 2026 को “गट माइक्रोबायोम और प्रोबायोटिक्स: शिशु से वृद्ध तक प्रभाव” विषय पर 16वां इंडिया प्रोबायोटिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में राजीव गौबा ने गट माइक्रोबायोम (आंतों के सूक्ष्म जीव) की भूमिका को इम्युनिटी, मेटाबॉलिज्म और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में बदलती जीवनशैली और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स की बढ़ती खपत लोगों को पारंपरिक और पोषणयुक्त आहार से दूर कर रही है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने चिंता जताई कि भारत में लगभग 56.4% बीमारियों का कारण असंतुलित आहार है और चेतावनी दी कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो “सूक्ष्म जीव (micro-organisms) बड़े परिणाम (macro consequences) पैदा कर सकते हैं।”

राजीव गौबा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र देश के विकास और आर्थिक प्रगति के लिए बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, पीएम-जय, जनऔषधि योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसे कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। साथ ही, लोगों के जेब से होने वाला स्वास्थ्य खर्च 62.6% से घटकर 39.4% हो गया है, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुलभता, गुणवत्ता और प्रशिक्षित मानव संसाधन की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने डॉक्टरों से सस्ती जेनेरिक दवाओं के उपयोग, टेलीमेडिसिन और AI आधारित तकनीकों को बढ़ावा देने की अपील की।

प्रोबायोटिक्स के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब CRISPR और सिंथेटिक बायोलॉजी जैसी तकनीकों के जरिए नई पीढ़ी के उपचार विकसित हो रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने भ्रामक विज्ञापनों और गलत जानकारी से सावधान रहने की जरूरत बताई।

भारत की पारंपरिक फर्मेंटेड फूड संस्कृति को देश की ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर प्रोबायोटिक्स के क्षेत्र में नेतृत्व कर सकता है।

कार्यक्रम में युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी नई साझेदारियों और नवाचार को बढ़ावा देगी।


राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन शुरू, वैज्ञानिकों को मिलेगा बड़ा सम्मान

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नई दिल्ली- भारत सरकार ने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (Rashtriya Vigyan Puraskar - RVP) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।

इन पुरस्कारों का संचालन सीएसआईआर (CSIR) के अंतर्गत RVP सचिवालय द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार करते हैं।

पुरस्कार की श्रेणियां

RVP-2026 के तहत चार प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे:

  • विज्ञान रत्न (Vigyan Ratna): जीवन भर के उत्कृष्ट योगदान के लिए

  • विज्ञान श्री (Vigyan Shri): विशेष योगदान के लिए

  • विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर (VY-SSB): 45 वर्ष तक के युवा वैज्ञानिकों के लिए

  • विज्ञान टीम (Vigyan Team): 3 या अधिक सदस्यों की टीम को

 किस-किस क्षेत्र में नामांकन?

नामांकन कई क्षेत्रों में आमंत्रित हैं, जैसे:

  • कृषि विज्ञान

  • परमाणु ऊर्जा

  • जैव विज्ञान

  • रसायन विज्ञान

  • रक्षा प्रौद्योगिकी

  • पृथ्वी विज्ञान

  • इंजीनियरिंग

  • पर्यावरण विज्ञान

  • गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान

  • चिकित्सा

  • भौतिकी

  • अंतरिक्ष विज्ञान

  • तकनीक एवं नवाचार

आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदन ऑनलाइन किए जा सकते हैं

  • पोर्टल: https://awards.gov.in

  • शुरुआत: 28 मार्च 2026

  • अंतिम तिथि: 11 मई 2026

  •  स्व-नामांकन (Self-nomination) भी स्वीकार्य है

सरकार का दृष्टिकोण

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार भारत में वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रतीक है। उन्होंने संस्थानों और व्यक्तियों से योग्य उम्मीदवारों को नामांकित करने की अपील की।

यह पहल भारत को ‘विकसित भारत’ और वैश्विक ज्ञान नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


जम्मू-कश्मीर के युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, मुख्यधारा से जुड़ाव हुआ मजबूत: डॉ. जितेंद्र सिंह

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नई दिल्ली- केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर के युवाओं का मुख्यधारा में समावेश हुआ है, जिससे उनके आत्मविश्वास और आकांक्षाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वे “वतन को जानो” (Watan Ko Jaano) कार्यक्रम के तहत आयोजित 6वें कश्मीर यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के प्रतिभागियों से संवाद कर रहे थे। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा, गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के युवा सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर रहे हैं। पहले जहां युवा सीमित दायरे में रहते थे, वहीं अब वे देशभर में अवसरों का लाभ उठाकर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन जैसे क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे विकास की खाई को पाटने में मदद मिली है। आज युवाओं के आत्मविश्वास, गतिशीलता और आकांक्षाओं में आया बदलाव इसी का परिणाम है।

कार्यक्रम में पुलवामा, बांदीपोरा, अनंतनाग और कुपवाड़ा जैसे जिलों के युवाओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संसद, विधान सभा और राष्ट्रपति भवन के दौरे को देश के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ाव बढ़ाने वाला बताया।

युवाओं ने खेल सुविधाओं, कोचिंग और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता भी जताई। इस पर मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खेल और युवा विकास के लिए पारदर्शिता और निवेश बढ़ रहा है, जिसका उदाहरण हाल ही में रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर टीम की जीत है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे एकता और साझा पहचान की भावना और मजबूत हुई।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हो रहा यह बदलाव देश के समावेशी विकास का प्रतीक है और युवा भारत के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

शहरी क्षेत्रों में PNG विस्तार को मिलेगा गति, 50 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य

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नई दिल्ली- विज्ञान भवन में आज शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सेवाओं के विस्तार और आवश्यक सेवाओं की निरंतर आपूर्ति पर एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और राज्यों के कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि तथा गैस कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए।

बैठक में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उपभोक्ता मामले मंत्रालय के केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित रहे, जबकि कुछ राज्यों ने वर्चुअली हिस्सा लिया।

बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए PNG नेटवर्क का विस्तार जरूरी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रस्तुति में PNG को LPG के मुकाबले अधिक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण अनुकूल बताया गया। हालांकि, राइट ऑफ वे (RoW) मंजूरी, नगर निगम की अनुमति और ऊंचे शुल्क जैसी समस्याएं इसके विस्तार में बाधा बन रही हैं।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शहरों को आर्थिक विकास का इंजन बताते हुए PNG विस्तार को मिशन मोड में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, बेहतर शहरी योजना और अंतिम छोर (last-mile) तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही 50 लाख नए PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य भी रखा गया।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य का जिक्र करते हुए PNG इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि उपभोक्ता मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति, अफवाहों पर रोक और ईंधन की कालाबाजारी रोकने की आवश्यकता बताई।

बैठक में राज्यों ने सुझाव दिया कि RoW शुल्क को कम या अस्थायी रूप से माफ किया जाए और मंजूरी प्रक्रिया को सरल व समयबद्ध बनाया जाए। साथ ही LPG से PNG में चरणबद्ध बदलाव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के अंत में यह सहमति बनी कि PNG नेटवर्क विस्तार को तेज करने के लिए ठोस कार्ययोजना, बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।



CBIC की EMI स्कीम से आयातकों को राहत, बिना अग्रिम शुल्क भुगतान के होगा क्लीयरेंस

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नई दिल्ली- केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने यूनियन बजट 2026-27 में घोषित व्यापार सुविधा पहल के तहत Eligible Manufacturer Importers (EMI) के लिए ड्यूटी डिफरमेंट स्कीम पर एक हाइब्रिड आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में योगेंद्र गर्ग (सदस्य, कस्टम्स, CBIC), मनीष कुमार (मुख्य आयुक्त, दिल्ली कस्टम्स),  संजय गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्कीम के लाभ और प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए गए।

योगेंद्र गर्ग ने कहा कि यह योजना विश्वास-आधारित (Trust-based) प्रणाली पर आधारित है, जिसका उद्देश्य कस्टम क्लीयरेंस को तेज करना और समय (dwell time) कम करना है। वहीं, मनीष कुमार ने बताया कि यह योजना निर्माताओं की वित्तीय स्थिति (working capital) को मजबूत बनाकर उनके व्यवसाय को अधिक व्यवहार्य बनाएगी।

EMI स्कीम क्या है?

EMI (Eligible Manufacturer Importers) स्कीम के तहत पात्र आयातक बिना अग्रिम शुल्क (import duty) भुगतान किए माल को क्लीयर कर सकते हैं, और शुल्क का भुगतान मासिक आधार पर किया जाएगा।

 यह योजना MSME सेक्टर के लिए भी लागू है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देती है।

 मुख्य लाभ

  • निर्माताओं के लिए बेहतर लिक्विडिटी (नकदी प्रवाह)

  • तेज क्लीयरेंस और कम समय

  • बेहतर इंपोर्ट प्लानिंग

  • सप्लाई चेन में सुधार

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि

पात्रता (Eligibility)

  • वैध IEC (Import Export Code)

  • पिछले वर्ष में कम से कम 25 EXIM दस्तावेज (MSME के लिए 10)

  • GST अनुपालन

  • अच्छी वित्तीय स्थिति

  • साफ कंप्लायंस रिकॉर्ड

आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदन ऑनलाइन AEO पोर्टल (www.aeoindia.gov.in) पर

  • पूरी प्रक्रिया डिजिटल, कोई फिजिकल इंटरफेस नहीं

  • 1 अप्रैल 2026 से सभी कस्टम्स में लागू

  • वैधता: 31 मार्च 2028 तक (2 वर्ष)

यह योजना भारत में व्यापार को आसान बनाने, लागत कम करने और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


सी-डॉट और दिल्ली पुलिस के बीच समझौता, तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

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नई दिल्ली- दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत कार्यरत प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्था सी-डॉट (C-DOT) ने दिल्ली पुलिस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य राजधानी में तकनीक आधारित, स्वदेशी और सुरक्षित पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करना है।

इस समझौते के तहत सी-डॉट दिल्ली पुलिस को आधुनिक और उन्नत तकनीकी समाधान उपलब्ध कराएगा, जिससे पुलिस की संचार व्यवस्था, निगरानी प्रणाली, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में बड़ा सुधार होगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूती देता है।

समझौते के अंतर्गत नौ प्रमुख तकनीकों को लागू किया जाएगा। इनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए संदिग्धों और लापता व्यक्तियों की पहचान आसान होगी। SAMVAD प्लेटफॉर्म सुरक्षित मैसेजिंग और कॉलिंग की सुविधा देगा, जबकि SAMVAD Prime वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विशेष सुरक्षित संचार प्रणाली होगी।
इसके अलावा, C-DOT Meet के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, MCX प्लेटफॉर्म से आपात स्थितियों में त्वरित संचार, और इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम से प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा।

साथ ही, सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के जरिए जनता को आपातकालीन सूचनाएं तुरंत भेजी जा सकेंगी। साइबर सुरक्षा के लिए Trinetra ESOC और Trinetra 360 जैसे AI आधारित सिस्टम लगाए जाएंगे। वहीं, क्वांटम आधारित सुरक्षा समाधान पुलिस संचार को भविष्य के खतरों से सुरक्षित बनाएंगे।

इस अवसर पर सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय और दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री सतीश गोलछा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। दोनों पक्षों ने इस साझेदारी को देश में तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक मॉडल बताया।

यह समझौता दिल्ली को एक सुरक्षित, स्मार्ट और तकनीकी रूप से सक्षम शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

डेडलाइन से पहले बड़ा सरेंडर: 3 माओवादियों ने डाला हथियार, पुलिस को मिली अहम सफलता

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 कांकेर। नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में अब महज तीन दिन शेष हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सुरक्षा बलों को अहम सफलता मिली है। परतापुर थाना में तीन माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, तीनों माओवादी बिना हथियार के थाना पहुंचे और पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। इस आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि कांकेर एसपी द्वारा की गई है।

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। फिलहाल तीनों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

प्रशासन का मानना है कि लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली को मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले नक्सली संगठन के शीर्ष कमांडर पापाराव ने भी अपने 12 से अधिक साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। पापाराव को संगठन का बड़ा लीडर माना जाता था और वह कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड रहा है। उसके सरेंडर के बाद राज्य में बड़े नक्सली नेतृत्व के लगभग खत्म होने की बात कही जा रही है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है।

8 साल की बच्ची के हत्यारे का एनकाउंटर, दरोगा को भी लगी गोली

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 आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा में 8 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में शनिवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी की मौत हो गई, जबकि एक दरोगा घायल हो गया।


पुलिस के अनुसार, आरोपी किराएदार सुनील (29) को बमरौली कटारा क्षेत्र में घेराबंदी के दौरान पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक दरोगा गोली लगने से घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से आरोपी भी घायल हुआ। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 24 मार्च को एक जूता कारोबारी की 8 वर्षीय बेटी की गला काटकर हत्या कर दी थी और शव को कनस्तर में छिपा दिया था। करीब 30 घंटे बाद पुलिस ने शव बरामद किया था। घटना के बाद से आरोपी फरार था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दिन पहले किराए के बकाया को लेकर आरोपी और मकान मालिक के परिवार के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान बच्ची के चाचा द्वारा आरोपी को थप्पड़ मारने और कमरे पर ताला लगाने की बात सामने आई। इसी रंजिश में आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।

घटना की शुरुआत तब हुई जब बच्ची घर के बाहर से अचानक लापता हो गई। परिजनों ने पहले आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद इलाके के CCTV फुटेज खंगाले गए।

मामले की जांच के लिए पुलिस ने चार टीमें गठित की थीं। एक टीम CCTV फुटेज की जांच कर रही थी, जबकि अन्य टीमें परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ में जुटी थीं। इसी दौरान शक के आधार पर आरोपी के कमरे की तलाशी ली गई, जहां कनस्तर में बच्ची का शव बरामद हुआ।

शव मिलने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। लोगों ने विरोध करते हुए फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

चिटफंड पीड़ितों को राहत की उम्मीद, 2500 निवेशकों की सूची तैयार, जल्द लौटेगा पैसा

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 रायपुर : दुर्ग जिले में चिटफंड पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद जिला प्रशासन ने निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे हजारों लोगों में उम्मीद जगी है।


प्रशासन ने यश ड्रीम कंपनी में फंसे करीब 2500 निवेशकों की सूची तैयार कर ली है। इन निवेशकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि प्रक्रिया पूरी होते ही राशि वापस की जा सके। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस निवेशक को कितनी राशि मिलेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले प्रशासन द्वारा पहली किस्त में करीब 4500 निवेशकों को लगभग 7 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं। उस समय निवेशकों को करीब ढाई साल बाद राहत मिली थी। अब शेष निवेशकों को भी भुगतान मिलने की उम्मीद है।

बताया जा रहा है कि यश ड्रीम कंपनी से जुड़े कुल लगभग 14 हजार निवेशक हैं, जो अब भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी की संपत्तियों की नीलामी के बाद करीब 20 करोड़ रुपये शासन के खाते में जमा हैं, जिनसे भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

एसडीएम उत्तम ध्रुव के अनुसार, सूची तैयार हो चुकी है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इधर, कंपनी की एक जमीन, जिसे मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक ने खरीदा था, उसे दोबारा नीलाम करने की तैयारी की जा रही है। कई बार निविदा जारी होने के बावजूद अब तक कोई खरीदार सामने नहीं आया है। इस जमीन की बिक्री से मिलने वाली राशि भी निवेशकों को लौटाई जाएगी।

प्रशासन ने निवेशकों से अपील की है कि वे अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और आगामी सूचना पर नजर बनाए रखें।

आर्थिक चुनौतियों को मात देकर वेटलिफ्टिंग में पहचान बना रहे झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम

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 रायपुर : सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद झारखंड के युवा वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव से आने वाले बाबूलाल आज एक-एक पदक के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


कोच गुरविंदर सिंह की सलाह पर वेटलिफ्टिंग को अपनाने वाले बाबूलाल के लिए शुरुआती दौर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। संसाधनों की कमी के कारण उन्होंने निर्माण स्थलों पर बांस और लोहे की रॉड से अभ्यास शुरू किया। बाद में उन्होंने झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश लिया, जहां वे प्रतिदिन लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रशिक्षण प्राप्त करते रहे।

19 वर्षीय बाबूलाल ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर रही है। उनकी मां स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं, जबकि पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल के प्रति अपने समर्पण को बनाए रखा।

बाबूलाल हेम्ब्रम ने 2024 में चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2024 में 49 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके साथ ही उन्होंने आईडब्ल्यूएफ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए हैं।

वर्तमान में बाबूलाल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर सुर्खियों में हैं। यह उपलब्धि उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाली साबित हुई है।

फिलहाल वे पटियाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हैं और सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं। बाबूलाल का लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन करना है।

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