Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 19 बड़े फैसले: 15 नवंबर से धान खरीदी, 7.25 लाख परिवारों को बिजली बिल में राहत, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से दिनांक 15 नवम्बर 2026 से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जावेगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है, इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। 

एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्राप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान किये जाने हेतु 360 नये उपार्जन केन्द्र प्रारंभ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जायेगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। 

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। 

2. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही, योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक विद्युत खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को योजना के तहत बिजली बिल में मिल रही रियायत का लाभ निरंतर प्राप्त होता रहेगा।

3. छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् ने बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित तथा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के अनुबंधकों को मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि में अनुबंधकों द्वारा वास्तव में क्रय एवं उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत राज्य शासन द्वारा बजट से अनुदान के रूप में दी जाएगी। वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के ऐसे अनुबंध, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पूर्व प्राप्त हुई हैं, उनमें 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक क्रय कर उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी मूल्य राहत प्रदान की जाएगी। इस पर लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है।

इस निर्णय से डामरीकरण से संबंधित लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को उपचार के समय अस्पताल में चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिवारों को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

5. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप (मिशन गाइडलाइन्स) को मंजूरी प्रदान की है। मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल 500 करोड़ रूपए, अर्थात 100 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का प्रावधान प्रस्तावित है। 

लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी।

मिशन के तहत प्रदेश का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं का डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं DPR की अग्रिम तैयारी, WAMISऔर ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण, GIS आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा PPP और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

6. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को मंजूरी प्रदान की है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले 5 वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर बेहतर अधोसंरचना, कनेक्टिविटी, सुविधाएं, सुरक्षा एवं स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जहां स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद् ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 9 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्यवाही की अनुमति प्रदान की है।

8. मंत्रिपरिषद् ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल कुंवरगढ़ अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसका नाम कूंरा प्रचलित हो गया था। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान कुंवरगढ़ के नाम से पुनः पहचान दिलाने की मांग कर रहे थे, जिस पर मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत राज्य के विशाल कोयला भंडार के मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रूपए अथवा उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

10. मंत्रिपरिषद ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

लगभग 8,000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 25 प्रतिशत, यानी करीब 2,000 करोड़ रूपए की अंशपूंजी होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय द्वारा लगभग 1,000-1,000 करोड़ रूपए का योगदान दिया जाएगा। राज्य शासन की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड/डीएमएफ/राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार होगा।

11. मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के द्वितीय चरण में 5 परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत शासकीय पोल्ट्री फार्म-दुर्ग, वेटनरी हॉस्पिटल कैम्पस रामानुजगंज, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती के बुधवारी बाजार तथा धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियों का सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा। परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी मॉडल पर निजी क्षेत्र की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे राज्य शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना नई शासकीय परिसंपत्तियों का निर्माण, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

12. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधा के विकास के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को ग्राम खपरीकला में 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह भूमि निर्धारित गाइडलाइन दर के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा निर्धारित अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर लेकर आवंटित की जाएगी। इस निर्णय से जिले में भंडारण अधोसंरचना का विस्तार होगा और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी।

13. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी की स्थापना के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। लगभग 400 करोड़ रूपए के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज की खरीदी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा फल उत्पादक किसानों को उनकी उपज के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं एवं बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

14. मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए 3 नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद तथा विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) का एक पद शामिल है। इन पदों के सृजन से विभाग को प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, बेहतर समन्वय एवं पर्यवेक्षण के साथ लोक प्रशासन और विधि संबंधी विषयों में विशेषज्ञता मिलेगी तथा सुशासन से जुड़ी नीतिगत एवं सुधारात्मक पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

15. मंत्रिपरिषद् ने वन मुख्यालय (विभागाध्यक्ष कार्यालय), अरण्य भवन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति एवं परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के त्वरित निष्पादन, समन्वय और पर्यवेक्षण में मदद मिलेगी।

16. मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर उनके पात्र परिवारजन को परिवार पेंशन, एरियर्स तथा नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है।

17. मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। विद्यालयों एवं चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी आयोजित कर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी तथा उन्हें AMS में पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद फीडर सेंटरों में बुनियादी प्रशिक्षण, राज्य खेल अकादमियों में खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण और उच्च प्रदर्शन केंद्रों में विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस एवं प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। 10 मुख्य खेल विधाओं में कोर एवं डेवलपमेंट समूह बनाकर पदक संभावित खिलाड़ियों को लक्षित सहायता और एक्सपोज़र दिया जाएगा। प्रतियोगिता परिणाम एवं निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की प्रगति और सहायता की नियमित समीक्षा होगी। प्रथम चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर की स्थापना की जाएगी। नीति के तहत विभिन्न घटकों के एकीकृत क्रियान्वयन से सुदृढ़ खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सकेगा।

18. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। इससे भूमि उपयोग सरलीकरण एवं भू-खण्ड सुगमता की पूर्ति होगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक भूमि एवं भवन संबंधी विवादों में कमी आएगी और रिक्त अथवा अतिशेष भूमि का उत्पादक उपयोग एवं पारदर्शी ई-नीलामी से आबंटन सुनिश्चित होगा।

19. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 में “कृषक उन्नति योजना” के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 

संकुल समन्वयक हरीश दीवान के जन्मदिन पर स्कूलों में उमड़ा उत्साह, बच्चों के साथ मनाया ‘न्योता भोज’

No comments Document Thumbnail

आरंग- संकुल केंद्र खमतराई के अंतर्गत आने वाले शासकीय विद्यालयों में संकुल समन्वयक हरीश दीवान का जन्मदिन अनूठे, आत्मीय और प्रेरणादायी अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘आओ खुशियां बांटें’ पहल के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ खुशियां साझा कर जन्मदिन को यादगार बनाया गया।

कार्यक्रम के तहत शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल खमतराई सहित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय भौथली तथा शासकीय प्राथमिक विद्यालय कलई और गुखेरा में बच्चों के लिए विशेष भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान संकुल समन्वयक हरीश दीवान स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें चॉकलेट वितरित की। उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को गर्मागर्म खीर, पूड़ी और भजिया परोसा। बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान और उत्साह ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया।

बच्चों के साथ खुशियां बांटना सबसे बड़ा उपहार : हरीश दीवान

बच्चों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए हरीश दीवान ने कहा कि बच्चों के साथ खुशियां बांटने से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी अपनत्व, अच्छे संस्कार और सामाजिक समरसता की नींव भी है।

उन्होंने कहा, “विद्यालय हमारा परिवार है और ये बच्चे हमारा भविष्य हैं। जब शिक्षक और समाज मिलकर इस तरह के आयोजनों में सहभागिता करते हैं, तो बच्चों का विद्यालय के प्रति आकर्षण और जुड़ाव बढ़ता है। ऐसे आयोजन बच्चों के मन में अपनत्व की भावना विकसित करने के साथ उन्हें खुशियां बांटने और मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा भी देते हैं।”

उन्होंने सभी शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने तथा विद्यालयों में सकारात्मक और आनंदमय शैक्षणिक वातावरण बनाने का आह्वान किया।

शिक्षकों और ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

इस आयोजन में संबंधित विद्यालयों के प्रधान पाठकों, संकुल के शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। उपस्थित लोगों ने संकुल समन्वयक हरीश दीवान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के साथ खुशियां साझा करने की इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम में सी.एल. एनेस्वरी, नरसिंह दास मानिकपुरी, लक्षण लहरी, अरविंद वैष्णव, तारामती बंजारे, कृष्णकांत साहू, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, लायक सिंह डहरिया, सीमा राठौर, बबीता लहरे, हेमा बंजारे, सौरभ साहू, भूषण जलछत्री, कोमल सिंह राठौर सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

संकुल केंद्र खमतराई में आयोजित यह पहल इस बात का संदेश देती है कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर को भी सामाजिक सरोकार से जोड़कर बच्चों के जीवन में खुशियां, अपनत्व और सकारात्मकता लाई जा सकती है।


शिक्षक की पहल से बदल रही है स्कूल की तस्वीर, जनभागीदारी से बन रहा भव्य स्वागत द्वार

No comments Document Thumbnail

आरंग- 'जहाँ चाह, वहाँ राह' इसे चरितार्थ कर दिखाया है एक नवाचारी शिक्षक ने। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा के शिक्षक महेंद्र कुमार पटेल की पहल पर जनभागीदारी से स्कूल का भव्य प्रवेश द्वार तैयार हो रहा है।महेंद्र पटेल बताते हैं- प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते समय भिलाई के सीआरपीएफ कैंप का भव्य प्रवेश द्वार उन्हें आकर्षित करता था। उनके मन में विचार आया कि विद्यालय का द्वार भी ऐसा ही भव्य होना चाहिए, जिससे बच्चे सकारात्मक ऊर्जा के साथ परिसर में प्रवेश करें।उनका कहना है कि विद्यालय विद्या का मंदिर है। जैसे मंदिर में प्रवेश करते ही आस्था जागती है, वैसे ही स्कूल में प्रवेश करते ही विद्या अर्जन की प्रेरणा और गुरुजनों के प्रति विश्वास सुदृढ़ होना चाहिए।

शिक्षक पटेल ने जब भव्य द्वार का प्रस्ताव शाला प्रबंधन समिति की बैठक में रखा और स्वयं अंशदान की पहल की, तो उनकी निष्ठा से प्रभावित होकर पूरा गांव एकजुट हो गया। सरपंच, पंच, पालकों और महिला संगठनों ने उदारतापूर्वक सहयोग दिया। देखते ही देखते जनसहयोग से हजारों रुपये एकत्र हो गए। करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से बिना किसी शासकीय सहयोग के यह द्वार आकार लेने लगा।

पटेल कहते हैं कि छत्तीसगढ़ दानवीरों की धरती है। यहाँ पूर्वजों ने स्वधन से तालाब, कुएं, बाग-बगीचे बनाए हैं। हर कार्य के लिए सरकार पर निर्भर रहना उचित नहीं। सभी नागरिक धार्मिक स्थलों के साथ साथ शिक्षा के मंदिर को संवारना भी अपना धर्म समझे। हर विद्यालय में प्रेरणादायक कोटेशन के साथ ऐसा स्वागत द्वार होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि महेंद्र पटेल अब तक सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों के लिए जनभागीदारी से लाखों रुपये जुटा चुके हैं। इन नवाचारों के लिए उन्हें इस वर्ष राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने पुरस्कार में मिले राशि को भी स्वागत द्वार में लगा दिया।

इस कार्य में संस्था प्रधान कीर्ति कुमार परमाल, शिक्षक सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर साहू, सुशील आवड़े, जितेन्द्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, पायल शुक्ला, पार्वती साहू, प्रभा साहू का सहयोग रहा।

वहीं मिशन में सरपंच देवशरण धीवर, उपसरपंच रवि बंजारे, एसएमसी अध्यक्ष चेतन पैगंबर, शिक्षाविद सकुन चंद्राकर, प्रेमलाल साहू, देवनाथ बंजारी, कन्हैया धीवर, दीपक फरिकार, संतोष कोसरिया, अमित साहू, मनीराम तारक, रेखराज धीवर, लक्ष्मण साहू, राजू साहू, राजा सेन, टीकम धीवर, हेमाराम परमार, दिलीप धीवर, पूर्णिमा धीवर, इंद्राणी महिला समूह, लक्ष्मी साहू, टुकेश धीवर सहित ग्रामीणों का तथा निर्माण में प्रेमलाल साहू, महेन्द्र पटेल, संतोष कोसरिया, राकेश साहू, दुलार साहू का अहम योगदान रहा है।

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विवाद: एक ही नाम से 26 फॉर्म पर हस्ताक्षर का आरोप, BLO के खिलाफ FIR दर्ज

No comments Document Thumbnail

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े एक मामले ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यापन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुल्तानपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र में 26 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए जमा किए गए फॉर्म-7 आवेदन चर्चा में हैं। इन आवेदनों पर कथित तौर पर एक ही व्यक्ति, नंद लाल, के हस्ताक्षर पाए गए। मामले के सामने आने के बाद संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के खिलाफ कार्रवाई की गई और पुलिस में FIR दर्ज कराई गई।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला सुल्तानपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 96 से जुड़ा है। यहां मतदाता सूची से 26 लोगों के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए थे।

इन आवेदनों पर कथित तौर पर एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई। इसके अलावा, आवेदनों में आवेदक की पहचान से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारियां अधूरी होने की बात भी कही गई।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

BLO के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया और 24 अक्टूबर को गोसाईंगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई।

जांच का मुख्य विषय यह है कि आवेदन स्वीकार करते समय निर्धारित प्रक्रिया और पहचान सत्यापन के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

क्या 26 मतदाताओं के नाम काट दिए गए?

निर्वाचन अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन 26 आवेदनों पर आगे कार्रवाई नहीं हुई और इनके आधार पर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया।

यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है, क्योंकि मतदाता सूची से नाम हटाने का आवेदन जमा होना और वास्तव में नाम हट जाना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

राजनीतिक दल ने क्या सवाल उठाए?

समाजवादी पार्टी (SP) ने इस मामले को उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल किए थे। पार्टी ने कथित हस्ताक्षर संबंधी अनियमितता की जांच की मांग की।

इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की। राजनीतिक दल के आरोपों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

क्या पूरे उत्तर प्रदेश में जांच की जाएगी?

रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाता सूची से जुड़े कुछ आवेदनों की जांच के निर्देश दिए हैं। इनमें फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित प्रविष्टियां शामिल हैं।

इन फॉर्मों का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है:

  • फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए।

  • फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम हटाने या नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।

  • फॉर्म-8: मतदाता के विवरण में सुधार या अन्य निर्धारित बदलाव कराने के लिए।

इस जांच का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में बदलाव नियमानुसार किए जाएं।

मतदाताओं के लिए इसका क्या मतलब है?

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में उचित सत्यापन महत्वपूर्ण है। किसी भी नागरिक का नाम केवल आवेदन जमा होने के आधार पर स्वतः नहीं हटाया जाना चाहिए; संबंधित प्रक्रिया और नियमों का पालन आवश्यक है।

अगर किसी मतदाता को अपने नाम को लेकर संदेह है, तो वह भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता पोर्टल या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकता है।

निष्कर्ष

सुल्तानपुर में 26 फॉर्म-7 आवेदनों पर कथित रूप से एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर होने का मामला निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर है, जबकि अधिकारियों के अनुसार इन आवेदनों के आधार पर किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।


गुवाहाटी के होटल में खूनी वारदात: संपत्ति विवाद में पांच लोगों की मौत, एक घायल; आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

असम के गुवाहाटी में सोमवार रात एक होटल में हुई गोलीबारी की सनसनीखेज घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे होटल के मालिक और उसे लीज पर लेने वाले व्यक्ति के बीच संपत्ति संबंधी विवाद सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को घटना के एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी जब्त कर ली है।

कहां और कब हुई घटना?

यह घटना सोमवार, 26 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन (Hotel Bilas Inn) में हुई।

यह होटल शहर की प्रमुख सड़क जीएस रोड के पास स्थित है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई।

कैसे हुई गोलीबारी?

गुवाहाटी पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, होटल के मालिक पक्ष और होटल को लीज पर लेने वाले व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान कथित तौर पर गोलीबारी हुई।

इस घटना में कुल छह लोगों को गोली लगी। इनमें से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम और गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसलिए विवाद से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

कौन है मुख्य आरोपी?

पुलिस ने आरोपी की पहचान घनकांत गोगोई (Ghanakanta Gogoi) के रूप में की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने होटल को लीज पर लिया था। शुरुआती जांच में होटल के मालिक पक्ष और लीजधारक के बीच हुए समझौते से संबंधित विवाद को गोलीबारी की संभावित वजह माना जा रहा है।

पुलिस ने आरोपी को घटना के लगभग एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल भी जब्त की गई है।

मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य

पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार एक ही परिवार के थे। ये सभी होटल के मालिक पक्ष से जुड़े हुए थे। पांचवां मृतक भी उसी गांव से संबंधित बताया गया है।

समाचार रिपोर्टों में मृतकों में होटल की सह-मालकिन, उनके बेटे, बहू और भाई का उल्लेख किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में तीन मृतकों की पहचान हेलेना भराली, देबोर्शी कश्यप और नारायण दास के रूप में बताई गई है। 

घायल व्यक्ति की हालत कैसी है?

गोलीबारी में घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, घायल व्यक्ति सत्येंद्र पाठक, लगभग 42 वर्ष, हैं। उन्हें गोली लगी थी और उनका इलाज गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा था।

घायल व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आगे की जानकारी के लिए अस्पताल या पुलिस के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हथियार जब्त कर लिया गया है।

पुलिस मामले की वैज्ञानिक जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु हैं:

  • होटल की लीज को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह।

  • गोलीबारी से पहले क्या हुआ था।

  • घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और उससे जुड़े साक्ष्य।

  • मृतकों और घायल व्यक्ति की भूमिका तथा घटना के समय उनकी मौजूदगी से संबंधित परिस्थितियां।

पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच शुरुआती चरण में है और घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ जारी है।

क्या संपत्ति विवाद ही हत्या की वजह था?

फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में होटल की लीज को लेकर विवाद को संभावित वजह माना गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण से पहले घटना के पीछे के मकसद को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

मामले में अब तक की प्रमुख बातें

  • स्थान: होटल बिलास इन, बोरा सर्विस इलाका, गुवाहाटी, असम।

  • घटना का समय: 26 अक्टूबर 2026, रात करीब 9 बजे।

  • मृतक: पांच लोग।

  • घायल: एक व्यक्ति।

  • आरोपी: घनकांत गोगोई।

  • संभावित वजह: होटल की लीज से जुड़ा संपत्ति विवाद।

  • पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, कथित हथियार जब्त।

  • वर्तमान स्थिति: पुलिस जांच जारी।

निष्कर्ष: गुवाहाटी के होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी ने एक संपत्ति विवाद को गंभीर आपराधिक घटना में बदल दिया। पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच का मुख्य उद्देश्य विवाद की वास्तविक वजह, गोलीबारी का पूरा घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि करना है।


कभी पानी के लिए घंटों इंतजार, अब घर में नल खोलते ही भर रहे बर्तन

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : कभी सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से होती थी। बर्तन लेकर हैंडपंप तक पहुंचना, अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना और फिर पानी ढोकर घर लाना रोज की मजबूरी थी। गर्मियों में हैंडपंप खराब हो जाता तो एक बाल्टी पानी जुटाना भी चुनौती बन जाता। अब उन्हीं घरों में नल से पानी भर रहा है। न हैंडपंप तक दौड़ लगानी पड़ रही है, न कतार में घंटों गंवाने पड़ रहे हैं। यह गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के बारीउमराव गांव की नई तस्वीर है, जहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लगाया गया है।


घर पर ही पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। सबसे बड़ा फर्क उस समय और मेहनत का है, जो पहले सिर्फ पानी जुटाने में खर्च हो जाते थे। बारीउमराव के श्री करमदास पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतार लगती थी। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। अब घर में ही नियमित पानी मिलने से यह परेशानी दूर हो गई है।

महिलाओं और बुजुर्गों की मशक्कत हुई कम

करमदास कहते हैं, "पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है, न लाइन लगानी पड़ती है। बचा हुआ समय दूसरे कामों में लगा पाते हैं। पूरा परिवार खुश है।"

बारीउमराव में जल जीवन मिशन से सभी घरों में नल लगने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के बर्तन लेकर हैंडपंप तक आना-जाना पड़ता था। घर में ही पानी मिलने से अब दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त मिलने लगा है। करमदास जैसे ग्रामीणों के लिए इस बदलाव की अहमियत सिर्फ नल लगने तक सीमित नहीं है। उनके लिए असली राहत पानी जुटाने की रोज की भागदौड़ से छुटकारा और अपने कीमती समय को अपने हिसाब से उपयोग करने की है।

 

महासमुंद में चक्रवात का अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद; 24 घंटे चालू रहेगा कंट्रोल रूम

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद : अर्नब चक्रवात की आशंका को देखते हुए महासमुंद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 से 29 अक्टूबर तक चक्रवात का प्रभाव पड़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने आज समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में जनहानि और पशुहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।


कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर तैयार रखने, पुलिस विभाग को सतर्क रहने तथा विद्युत विभाग को संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीआरएफ एवं होमगार्ड के जवानों को भी आवश्यकतानुसार तैनात रखने और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

आपदा संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और राहत कार्यों के समन्वय के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आम नागरिक किसी भी आपात स्थिति में 07723-223305 पर संपर्क कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी तहसीलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

कोटवारों के माध्यम से कराएं मुनादी

कलेक्टर लंगेह ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम नागरिकों तक समय पर आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर आवश्यक संसाधन और अमले की उपलब्धता सुनिश्चित रखें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए राहत एवं बचाव दल तैयार रहें।

कलेक्टर की नागरिकों से अपील -सुरक्षित रहें, सतर्क रहें

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी तीन दिनों तक विशेष सावधानी बरतें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लें। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित कंट्रोल रूम को सूचना दें।

उन्होंने कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना है कि संभावित चक्रवात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि एवं पशु हानि न हो। जिला प्रशासन स्थिति पर सतत नजर रखे हुए है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

कपड़े की दुकान में भीषण आग, 7 लाख से ज्यादा का नुकसान; मेहनत से खड़ा कारोबार जलकर खाक

No comments Document Thumbnail

 खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के घोटिया गांव में कपड़े और फैंसी सामान की दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। झरना फैशन नाम की दुकान में लगी आग से वहां रखा कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, आगजनी में 7 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता से आग बुझाने में मदद मिली और घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।


आग की खबर फैलते ही जुटे ग्रामीण

जानकारी के अनुसार, घोटिया गांव स्थित झरना फैशन कपड़ा एवं फैंसी दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दुकान में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं और आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। डायल 112 की टीम की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा काफी सामान जल चुका था।

दुकान संचालक को लाखों का नुकसान

इस घटना से दुकान संचालक झरना भोंडेकर और उनके पति जयकिशन भोंडेकर को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन में नुकसान 7 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है। आग से दुकान में रखे कपड़े और फैंसी सामान के नष्ट होने से उनका कारोबार प्रभावित हुआ है।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग या कोई दूसरी वजह?

दुकान में आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की आशंका पर जांच की जा रही है। दुकान संचालक की शिकायत के बाद खैरागढ़ पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

आग लगने की वास्तविक वजह और नुकसान की अंतिम राशि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

रायपुर-दुर्ग में ED की दबिश, रवि नगर के सुशील विला में जांच; दो गाड़ियों में पहुंची टीम

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के पंडरी और रवि नगर इलाके में ED की टीम जांच में जुटी हुई है। वहीं, दुर्ग में भी ED की दबिश की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अब तक कार्रवाई के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।


रवि नगर के सुशील विला में चल रही जांच

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के रवि नगर स्थित सुशील विला में ED की टीम जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान दो गाड़ियों में अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिसर के भीतर सुरक्षा टीम के सदस्य भी मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि टीम सुबह से ही मौके पर मौजूद है और जांच की प्रक्रिया जारी है।

किस मामले में पहुंची ED की टीम?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ED की यह कार्रवाई किस मामले से संबंधित है। जांच के दायरे में कौन-कौन लोग हैं और अधिकारियों को तलाशी के दौरान क्या मिला है, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है।

ED की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही कार्रवाई की वजह और इससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल रायपुर और दुर्ग में हुई इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

आज की बड़ी खबरें | 27 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक

No comments Document Thumbnail

नमस्कार! आइए जानते हैं आज सुबह की प्रमुख खबरें। इस बुलेटिन में छत्तीसगढ़ की स्थानीय खबरों से लेकर देश-दुनिया, अर्थव्यवस्था, मौसम, शिक्षा, सुरक्षा और खेल जगत के अहम घटनाक्रम शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

चक्रवात के संभावित असर को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट

राज्य सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर के दौरान सभी जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियाँ रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

बलौदाबाजार जिले के दरचुरा के पास बस और खड़े ट्रक की टक्कर में पाँच लोगों की मौत और 16 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर सवाल उठे हैं। 

28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में आरोप-पत्र

पंडरिया में वर्ष 1998 की शिक्षाकर्मी वर्ग-3 भर्ती से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 22 आरोपियों के खिलाफ लगभग 1,000 पन्नों का आरोप-पत्र पेश किया है। इनमें छह तत्कालीन अधिकारी और 16 चयनित अभ्यर्थी शामिल बताए गए हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय करेगा।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का मिशन 2028

रायपुर में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की बैठकों के दौरान आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दिए जाने की खबर है।

रायपुर एयरपोर्ट की उड़ानों के समय में बदलाव

25 अक्टूबर से लागू शीतकालीन उड़ान समय-सारिणी के अनुसार, दिल्ली के लिए सुबह की पहली उड़ान का निर्धारित प्रस्थान समय 8:25 बजे से बदलकर 7:55 बजे किया गया है। यात्रा से पहले एयरलाइन से उड़ान का समय अवश्य जाँचें। 

देश की 5 बड़ी खबरें

1. प्रधानमंत्री ने साइबर आतंकवाद पर चिंता जताई

आज के प्रमुख समाचारों में प्रधानमंत्री की साइबर आतंकवाद संबंधी चेतावनी शामिल है। डिजिटल नेटवर्क, तकनीक और साइबर हमलों से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे पर जोर दिया गया है। 

2. अरुणाचल प्रदेश में चीनी नियंत्रण का दावा खारिज

भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर चीन के नियंत्रण का दावा करने वाले एक वीडियो को गलत बताया है। सीमा से जुड़ी वायरल सामग्री की पुष्टि करना जरूरी है। 

3. उत्तर प्रदेश में चुनावी अधिकारियों पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में परिषद चुनावों से संबंधित मामले में निर्वाचन आयोग ने छह अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए हैं।

4. टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर विवाद

टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को चुनौती दी है। यह घटनाक्रम समूह के कॉरपोरेट प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 

5. ऑस्ट्रेलिया के वीजा नियमों में बदलाव

भारत में वीजा आवेदकों के लिए बायोमेट्रिक आवश्यकताओं के विस्तार की खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी कर रहे लोगों को आवेदन से पहले मौजूदा आधिकारिक नियम जाँचने चाहिए। 

दुनिया की बड़ी खबरें

1. चक्रवात अर्नब से पूर्वी भारत को खतरा

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तट से अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकराने का अनुमान है। तटीय इलाकों के साथ दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का खतरा हो सकता है। 

2. सऊदी अरब में मिसाइल हमले की खबर

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। 

3. ब्राजील में लूला की ऐतिहासिक जीत

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर चौथा कार्यकाल हासिल किया है। चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। 

4. सर्बिया में राजनीतिक बदलाव

सर्बिया के संसदीय चुनाव में छात्र समर्थित विपक्षी गठबंधन के आगे रहने और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच के चुनावी खेमे की हार स्वीकार करने की खबर है। अंतिम राजनीतिक स्थिति के लिए आधिकारिक नतीजे महत्वपूर्ण होंगे। 

5. मध्य पूर्व में तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर

सऊदी अरब और यमन के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। 

शेयर बाजार, अर्थव्यवस्था और बैंकिंग

1. भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत की आशंका

27 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत का अनुमान जताया गया है। ऊँची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। 

2. कच्चा तेल 115 डॉलर के आसपास

ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। तेल महँगा रहने से भारत के आयात बिल, महँगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। 

3. रुपये पर दबाव

सोमवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.1850 पर बंद हुआ। मंगलवार को बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप और रुपये की चाल पर रहेगी।

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय

विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयरों में बिकवाली और ऊँची तेल कीमतें बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच जोखिम का ध्यान रखना चाहिए। 

5. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला अहम

इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर निर्णय आने वाला है। ब्याज दरों को लेकर उसके संकेतों का असर डॉलर, बॉन्ड और उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। 

आज बाजार में किन बातों पर नजर रखें?

  • सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत।
  • कच्चे तेल की कीमत।
  • डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल।
  • विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री।
  • कंपनियों के तिमाही नतीजे।

नोट: लाइव इंडेक्स और शेयरों के भाव में दिन के दौरान बदलाव हो सकता है।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

  • साइबर सुरक्षा: डिजिटल हमलों और साइबर आतंकवाद से निपटना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। 
  • सीमा सुरक्षा: अरुणाचल प्रदेश से संबंधित भ्रामक वीडियो पर भारतीय सेना की प्रतिक्रिया के बाद ऑनलाइन सूचनाओं की पुष्टि का महत्व फिर सामने आया है। 
  • चक्रवात की तैयारी: केंद्र ने प्रभावित हो सकने वाले राज्यों में बचाव दल, नियंत्रण कक्ष और राहत व्यवस्था तैयार रखने की समीक्षा की है। 

विज्ञान, तकनीक और AI

आज के लिए तकनीकी क्षेत्र की प्रमुख बातें:

  • साइबर सुरक्षा और AI: आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम की जरूरत बढ़ रही है।
  • डिजिटल सुरक्षा: फर्जी वीडियो, भ्रामक पोस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
  • तकनीकी निवेश: वैश्विक शेयर बाजार में AI से जुड़ी कंपनियों के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। 

मौसम और पर्यावरण

आज का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट चक्रवात अर्नब है।

  • आंध्र प्रदेश: 28 अक्टूबर को चक्रवात के तट से टकराने का अनुमान है।
  • ओडिशा: कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद रखने की तैयारी और राहत प्रबंधों की खबर है।
  • छत्तीसगढ़: दक्षिणी और मध्य हिस्सों में चक्रवात के प्रभाव से बारिश हो सकती है।
  • बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता की जरूरत है। 

सावधानी: मौसम की चेतावनी क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है। यात्रा करने से पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की नवीनतम चेतावनी देखें। विशेषकर तटीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

शिक्षा और रोजगार

आज के समाचारों में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े ये विषय महत्वपूर्ण हैं:

  • शिक्षक भर्ती मामला: छत्तीसगढ़ के पंडरिया में 1998 की शिक्षाकर्मी भर्ती से जुड़े मामले में 22 आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की खबर है। 
  • स्कूलों पर मौसम का असर: चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने के फैसलों पर नजर रखें। 

कानून, न्यायपालिका और अपराध

1. केरल में सड़क हादसे का मामला

केरल में एक नाबालिग द्वारा कथित तौर पर मर्सिडीज कार से स्कूटर सवार को टक्कर मारने और उसकी मौत होने के मामले में पुलिस कार्रवाई की खबर है। मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। 

2. रायपुर में स्टील फैक्टरी में लूट की खबर

रायपुर में एक स्टील फैक्टरी के चौकीदार को बंधक बनाकर लूट किए जाने की खबर सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट में चोरी की संपत्ति और गिरफ्तारी जैसे विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। 

3. गुवाहाटी में गोलीबारी

गुवाहाटी के उलुबाड़ी इलाके के एक होटल में गोलीबारी की घटना में पाँच लोगों की मौत की खबर है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। 

10. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

किसानों के लिए आज की सबसे महत्वपूर्ण बात मौसम की अनिश्चितता है।

  • चक्रवात के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और कृषि उपज को नुकसान का जोखिम हो सकता है।
  • समुद्र में मौजूद मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है।
  • किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कटाई, भंडारण और खेतों में काम की योजना बनानी चाहिए। 

खेल जगत की बड़ी खबरें

1. भारत बनाम न्यूजीलैंड T20 सीरीज

भारत तीसरे T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तैयारी कर रहा है।  भारत सीरीज में 2-0 से आगे है और सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगा। 

2. ईशान किशन को लेकर अपडेट

रिपोर्ट के अनुसार ईशान किशन तीसरे T20 मुकाबले से बाहर हैं, जिससे वैभव सूर्यवंशी को अवसर मिलने की संभावना है। अंतिम प्लेइंग इलेवन की पुष्टि मैच से पहले होगी। 

3. पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराया

पाकिस्तान ने एक रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को एक विकेट से हराया। रिपोर्ट में शादाब खान के शानदार शतक का भी उल्लेख है। 

4. हॉकी में भारत की चुनौती

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है।

समाचार बुलेटिन का समापन

आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता चक्रवात से जुड़ी सावधानियाँ, छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा और महँगे कच्चे तेल के बीच अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला संभावित असर है। देश-दुनिया की राजनीतिक और खेल संबंधी खबरें भी चर्चा में हैं।

आपका दिन शुभ हो! जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।


छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का साइड इफेक्ट, कई जिलों में भारी बारिश के आसार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।


राजधानी रायपुर में मंगलवार, 27 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है चक्रवाती तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में सक्रिय है। इसके और तीव्र होने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के पास बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच पहुंच सकता है।

तट के करीब पहुंचने के दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

28 और 29 अक्टूबर को बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम की स्थिति के अनुसार हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर इससे अधिक तेज झोंके चलने की आशंका जताई गई है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 27 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इन जिलों के लिए यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

खराब मौसम में बरतें सावधानी

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवा और बारिश के समय सुरक्षित स्थान पर रहें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

CG News: बच्चा चोरी के शक में 5 महिलाओं को घेरकर पीटा, वीडियो वायरल

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-3 थाना क्षेत्र के नंदौरी गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद पांच महिलाओं के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि बच्चा चोरी के संदेह में ग्रामीणों की भीड़ ने महिलाओं को घेर लिया और उनके साथ लात-घूंसों तथा लाठियों से मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।


बच्चा चोरी की अफवाह से जुटी भीड़, महिलाओं से मारपीट

मिली जानकारी के अनुसार, नंदौरी गांव में कुछ महिलाएं घूम रही थीं। इसी दौरान ग्रामीणों को उन पर बच्चा चोरी करने का संदेह हुआ। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि ग्रामीणों ने महिलाओं को बच्चा चोर समझकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि भीड़ ने पांच महिलाओं को घेरकर पीटा। घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस कथित मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई देने वाले सभी लोगों की भूमिका के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

बच्चे के चिल्लाने के बाद संदेह होने का दावा

ग्रामीणों की ओर से दावा किया जा रहा है कि एक बच्चे के चिल्लाने के बाद महिलाओं पर संदेह हुआ और उन्हें पकड़ लिया गया। कुछ लोगों ने महिलाओं के कथित साथियों के मौके से भागने की बात भी कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में बच्चा चोरी किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में महिलाओं पर लगाए गए आरोपों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को भीड़ से निकाला

घटना की सूचना मिलने पर भिलाई-3 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर महिलाओं को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि संबंधित महिलाएं गांव में घर-घर जाकर पैसे या सहायता मांग रही थीं। पुलिस अब महिलाओं की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी भी जांच की जा रही है।

अफवाह के आधार पर हिंसा करना गंभीर मामला

नंदौरी गांव की घटना ने बच्चा चोरी की अफवाहों के आधार पर भीड़ द्वारा हिंसा किए जाने के खतरे को फिर सामने ला दिया है। किसी व्यक्ति पर संदेह होने मात्र से उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। बिना जांच और प्रमाण के किसी को बच्चा चोर बताकर मारपीट करना कानून के खिलाफ है।

यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। भीड़ जुटाकर किसी के साथ हिंसा करना उचित नहीं है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और बच्चा चोरी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

धनतेरस तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत? सूर्य के गोचर से मिलेंगे शुभ संकेत

No comments Document Thumbnail

Surya Gochar 2026: सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से वृषभ, मिथुन समेत 5 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत, कारोबार और नौकरी में लाभ की संभावना


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे रहा है। सूर्य ने 24 अक्टूबर 2026 को राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में प्रवेश किया था। इस नक्षत्र में सूर्य का गोचर 6 नवंबर तक रहेगा। इसी दिन धनतेरस का पर्व भी मनाया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कुछ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों, नौकरी और कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, कुछ लोगों के पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं, किन 5 राशियों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

वृषभ राशि: कारोबार में मिल सकती है सफलता

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर कारोबार के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार करने वाले लोगों को अपने कामकाज में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे जातकों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। हालांकि, किसी भी बड़े फैसले से पहले योजना और आर्थिक स्थिति का आकलन करना जरूरी होगा।

मिथुन राशि: नौकरी और परिवार में मिल सकते हैं शुभ संकेत

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह अवधि सकारात्मक रह सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है। परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है और घरेलू मामलों में सहयोग मिल सकता है। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना इस दौरान महत्वपूर्ण रहेगा।

कन्या राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में अनुकूल परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। कुछ जातकों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है। हालांकि, आर्थिक फैसले लेते समय सावधानी बरतना और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

तुला राशि: परेशानियां कम होने की उम्मीद

तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर मानसिक शांति और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुचि बढ़ाने वाला माना जा रहा है। जीवन में चल रही कुछ परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है। इस दौरान धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करना और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। सकारात्मक सोच के साथ जिम्मेदारियों को पूरा करने से लाभ मिल सकता है।

कुंभ राशि: व्यापारियों को मुनाफे के अवसर

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कारोबार के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है। व्यापारियों को मुनाफा कमाने के नए अवसर मिल सकते हैं। कामकाज में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, लाभ की उम्मीद में जोखिम भरे फैसले लेने से बचना चाहिए और अपनी योजनाओं पर सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए।

धनतेरस तक इन राशियों के लिए कैसा रहेगा समय?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए कुछ मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। इस अवधि में नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन से जुड़े सकारात्मक संकेत मिलने की संभावना जताई गई है।

ध्यान दें: ज्योतिषीय फलादेश धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आर्थिक या करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले अपनी परिस्थितियों और उचित जानकारी के आधार पर ही लें।

शहीद गुंडाधुर की धरती से लिखी जा रही बस्तर में बदलाव की कहानी

No comments Document Thumbnail

 धनंजय राठौर संयुक्त संचालक,

जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर
रायपुर : कभी नक्सल हिंसा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर रहने वाले बस्तर के गांवों में अब विकास और विश्वास की एक नई और स्वर्णिम इबारत लिखी जा रही है। कभी जिन क्षेत्रों में खौफ का साया रहता था, अब वहां सुरक्षा कैंप विकास और जनसेवा के केंद्र में तब्दील हो चुके हैं। बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत पहले चरण में 70 कैंपों को इन सेवा डेरों में बदला जा रहा है। यह पहल आज बस्तर के ग्रामीणों के लिए डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार का एक नया संबल बन चुकी है।


विकास की मुख्यधारा से जुड़ता बस्तर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर आज नक्सलवाद के प्रभावों से मुक्त हो रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इसे देश के अग्रणी विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शुमार करना है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से आज सुदूर अंचलों तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कृषि, पशुपालन और सिंचाई योजनाओं के जरिए ग्रामीणों की आय में लगातार इजाफा हो रहा है।


शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा सुशासन और जनविश्वास का प्रतीक

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को बस्तर जिले के नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में देश के पहले शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया था। अब इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। नेतानार वही ऐतिहासिक भूमि है जो बस्तर के महान जननायक शहीद वीर गुंडाधुर की जन्मस्थली है। वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह में गुंडाधुर ने आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए शोषणकारी अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ हुंकार भरी थी। आज उसी ऐतिहासिक धरा पर खुला यह सेवा डेरा आदिवासी समाज के स्वावलंबन और आधुनिक विकास का नया केंद्र बन गया है।

एक ही छत के नीचे मिल रही हैं तमाम सरकारी सुविधाएं

पहले बस्तर के ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों, जैसे आधार कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने या जाति-निवास प्रमाण पत्र के लिए कई-कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन अब सेवा डेरा के माध्यम से यह सारी व्यवस्थाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध हो गई हैं। डिजिटल सेवाएं जैसे आधार कार्ड बनवाने व अपडेट कराने, केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंक करने और जन्म-मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र जैसी ऑनलाइन सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।

बैंकिंग सेवाएं (बैंक सखी)

महिलाओं को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे गांव में ही पैसे निकालने, जमा करने और खाते खोलने जैसी बैंकिंग सुविधाएं दे रही हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुलभ हो रही हैं।

महिला स्व-सहायता समूहों से आ रही आर्थिक क्रांति

सेवा डेरा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बाजार से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बन गया है। नेतानार में गुंडाधुर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं इमली का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला इमली पल्प तैयार कर रही हैं। समूह की सदस्य लंबी नाग बताती हैं कि इस कार्य से जुड़कर महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की आय अर्जित करने की राह पर हैं। इसी तरह, सुखदेवी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन आसान हुआ है, जिन्हें अब अपनी छोटी बच्ची का आधार बनवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।

स्थानीय परंपरा को सहेजते हुए पारंपरिक ढेंकी से चावल तैयार करने और उसकी बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, जबकि धान की भूसी का उपयोग पशु आहार के रूप में हो रहा है। इसके अलावा, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

आधुनिक बाजार और बेहतर पैकेजिंग से जुड़ रहा बस्तर

इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अब पेशेवर संस्थानों की मदद ली जा रही है। हाल ही में अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग की टीम ने नेतानार पहुंचकर सिलाई, इमली प्रसंस्करण और पारंपरिक ढेकी के कार्यों का जायजा लिया तथा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर चर्चा की। इससे बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शहीद गुंडाधुर की पावन भूमि पर सुरक्षा कैंपों से लेकर सेवा डेरा तक की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक मुस्तैदी से किस प्रकार सुदूर अंचलों की तस्वीर बदली जा सकती है। यह बदलाव केवल भौतिक विकास का नहीं, बल्कि बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का नया सवेरा है।

रायपुर में AI की नई पहल: साधारण एक्स-रे से पता चलेगी हड्डियों की कमजोरी, शुरुआती परीक्षण में 97.7% सटीकता

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के रायपुर से स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। छह राष्ट्रीय संस्थान मिलकर ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जो सामान्य एक्स-रे की मदद से हड्डियों की कमजोरी का आकलन कर सकेगा। इस तकनीक के शुरुआती परीक्षण में 97.7% तक सटीकता की रिपोर्ट दी गई है। अगर आगे के परीक्षणों में भी इसके परिणाम भरोसेमंद साबित होते हैं, तो हड्डियों की बीमारी का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।

क्या है यह नई AI तकनीक?

आमतौर पर हड्डियों में कैल्शियम और खनिजों की मात्रा कम होने, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए विशेष जाँच की जरूरत पड़ती है। नई परियोजना का उद्देश्य सामान्य एक्स-रे में मौजूद जानकारी का AI के जरिए विश्लेषण करके हड्डियों की स्थिति के बारे में शुरुआती संकेत प्राप्त करना है।

इससे डॉक्टरों को ऐसे मरीजों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है, जिन्हें आगे विस्तृत जाँच कराने की जरूरत है।

इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?

AIIMS Raipur Hosts Climate Change Lecture, Unveils New Textbook

चार AIIMS संस्थान

  • AIIMS Raipur

  • AIIMS Deoghar

  • AIIMS Delhi

  • AIIMS Bhubaneswar

इन संस्थानों की भूमिका मरीजों के डेटा और चिकित्सकीय मूल्यांकन से जुड़ी है।

IIT ISM ICSDMP-2024 :: Home

दो तकनीकी संस्थान

  • IIT (ISM) Dhanbad

  • NIT Jamshedpur

इनकी भूमिका AI मॉडल और तकनीकी प्रणाली विकसित करने की है।

परियोजना का नेतृत्व AIIMS देवघर के प्रोफेसर डॉ. मनीष राज कर रहे हैं। AIIMS रायपुर में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आलोक सी. अग्रवाल ने भी इस पहल से होने वाले संभावित लाभों पर जानकारी दी है।

प्रोजेक्ट की लागत और समय-सीमा

₹1.47 करोड़-परियोजना की कुल स्वीकृत राशि

₹1.01 करोड़-ICMR की स्वीकृत सहायता

1 फरवरी 2025-परियोजना की शुरुआत

31 जनवरी 2028-निर्धारित परियोजना समाप्ति

ये आँकड़े 26 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार हैं।

अभी कौन-सी जाँच की जाती है और AI से क्या बदलेगा?
Bone Densitometry (DEXA) | United Radiology

DEXA स्कैन क्या है?

DEXA या DXA हड्डियों के खनिज घनत्व को मापने वाली विशेष जाँच है। इसका इस्तेमाल ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के कमजोर होने के जोखिम का आकलन करने में किया जाता है।

वर्तमान में DEXA मशीनों की उपलब्धता हर जगह समान नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जाँच का खर्च कुछ स्थानों पर ₹8,000 तक हो सकता है। AI आधारित तकनीक सफल होने पर पहले से उपलब्ध एक्स-रे का विश्लेषण करके ऐसे मरीजों को चिन्हित करने में मदद कर सकती है, जिन्हें DEXA जाँच की जरूरत हो।

सामान्य प्रक्रिया

        प्रस्तावित AI आधारित प्रक्रिया

एक्स-रे की डॉक्टर द्वारा व्याख्या

        एक्स-रे का AI से अतिरिक्त विश्लेषण

जरूरत पड़ने पर DEXA की सलाह

        जोखिम के संकेत मिलने पर आगे की जाँच की सलाह देने         में मदद

विशेष जाँच के लिए अलग सुविधा की जरूरत

       मौजूदा एक्स-रे सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने की संभावना

यह तुलना प्रस्तावित उपयोग को दर्शाती है, न कि सभी अस्पतालों में लागू हो चुकी व्यवस्था को।

97.7% सटीकता का वास्तव में क्या मतलब है?

यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू है।

  • शुरुआती परीक्षण में 97.7% तक सटीकता की रिपोर्ट दी गई है।

  • उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में परीक्षण के नमूने का आकार, मरीजों की संख्या और इस सटीकता की गणना की पूरी तकनीकी जानकारी नहीं दी गई है।

  • इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि AI हर 100 मरीजों में 97 या 98 मरीजों की बीमारी निश्चित रूप से पहचान लेगा।

  • व्यापक और स्वतंत्र परीक्षणों के बाद ही पता चलेगा कि यह तकनीक अलग-अलग उम्र के मरीजों और विभिन्न अस्पतालों में कितनी भरोसेमंद है।


छत्तीसगढ़ और ग्रामीण मरीजों को क्या फायदा हो सकता है?

समय रहते जोखिम की पहचान

सामान्य एक्स-रे कराते समय ही हड्डियों की कमजोरी के संभावित संकेत मिलने से आगे की जाँच में मदद मिल सकती है।

दूरदराज के क्षेत्रों में संभावित लाभ

यदि भविष्य में यह तकनीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचती है, तो बड़े शहरों से दूर रहने वाले मरीजों को भी शुरुआती स्क्रीनिंग की सुविधा मिल सकती है।

जाँच के खर्च में कमी की संभावना

मौजूदा एक्स-रे का अतिरिक्त उपयोग कुछ मरीजों के लिए अलग जाँच की जरूरत पहचानने में मदद कर सकता है। वास्तविक बचत का पता तकनीक लागू होने के बाद ही चलेगा।

ये संभावित फायदे हैं। इनके लिए तकनीक का चिकित्सकीय सत्यापन, आवश्यक मंजूरी और स्वास्थ्य सेवाओं में सफल क्रियान्वयन जरूरी होगा।

निष्कर्ष

रायपुर के AIIMS सहित छह राष्ट्रीय संस्थानों की यह संयुक्त परियोजना भारत में सुलभ और किफायती स्वास्थ्य जाँच की दिशा में एक संभावनाशील पहल है। साधारण एक्स-रे से हड्डियों की कमजोरी के संकेत पहचानने की तकनीक सफल रहती है, तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का जोखिम समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।

हालाँकि, फिलहाल 97.7% का आँकड़ा शुरुआती परीक्षण से जुड़ा है। इसे प्रमाणित नियमित जाँच समझने से पहले विस्तृत परीक्षण और चिकित्सकीय सत्यापन आवश्यक हैं।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.