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छत्तीसगढ़ में 11 कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार, भेजा गया जेल

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 पखांजूर (छत्तीसगढ़) : कांकेर जिले के पखांजूर में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। कापसी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत वन स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने ग्राम पीवी-124 के साप्ताहिक बाजार में छापेमारी कर 11 जीवित कछुओं के साथ एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।


पकड़ा गया आरोपी ग्राम पीवी-117 का निवासी दीपांकर राय बताया जा रहा है, जो बाजार में अवैध रूप से कछुओं की बिक्री कर रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से बरामद किए गए 11 जीवित कछुओं का कुल वजन 7 किलोग्राम 10 ग्राम दर्ज किया गया है। वन विभाग की टीम ने कछुओं को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर आवश्यक वन्यजीव संरक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल

वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है।

वन विभाग की अपील:

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि जैव विविधता और संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए यदि कहीं भी वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।

राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

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रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।

सीएसआर साझेदारी से पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

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महिला एवं बाल विकास विभाग ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

"आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे" – प्रमुख सचिव शहला निगार

आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन

रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, "आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।"

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों—महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण—पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 'पंखुड़ी' पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा 'सर' (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी: वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन से कृषि को मिल रही नई दिशा

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नई दिल्ली- भारत की कृषि व्यवस्था की नींव मानी जाने वाली मिट्टी को सुरक्षित और उपजाऊ बनाने के लिए केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से देश में खेती को अधिक टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।


देश के कुल 306.65 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 59 प्रतिशत भूमि कृषि के अंतर्गत आती है। ऐसे में मिट्टी की गुणवत्ता सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और देश की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करती है। इसी उद्देश्य से सरकार मृदा संरक्षण और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दे रही है।

25.89 करोड़ से अधिक किसानों को मिला मृदा स्वास्थ्य कार्ड

किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक पोषक स्थिति की जानकारी देने के लिए चलाई जा रही मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत अब तक 25.89 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से किसानों को फसल के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी जा रही है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ लागत में भी कमी आ रही है।

प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत मार्च 2026 तक देशभर में 18,786 क्लस्टरों में 8.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया जा चुका है। इस अभियान से 18 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं। मिशन का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना और पर्यावरण के अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करना है।

'खेत बचाओ अभियान' से बढ़ी किसानों की जागरूकता

संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा चलाए गए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत देशभर में हजारों प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता शिविर और खेत प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस अभियान से करीब 1.07 करोड़ किसानों और अन्य हितधारकों तक सीधा संदेश पहुंचा, जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से लगभग 4.5 करोड़ लोगों को जोड़ा गया।

AI और डिजिटल तकनीक बदल रही खेती की तस्वीर

अब खेती केवल पारंपरिक अनुभव पर नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकों पर भी आधारित हो रही है। सरकार भू-स्थानिक (Geospatial) मैपिंग, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से किसानों को मिट्टी, मौसम और फसल के अनुसार सटीक सलाह उपलब्ध करा रही है। इससे उर्वरकों और पानी का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है तथा खेती अधिक लाभदायक बन रही है।

किसानों को मिला सीधा लाभ

झारखंड के धनबाद के किसान निरापदो गोराई ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग किया, जिससे प्रति एकड़ उर्वरक लागत में लगभग 720 रुपये की बचत हुई और धान की पैदावार 1,000 किलोग्राम से बढ़कर 1,320 किलोग्राम प्रति एकड़ हो गई। यह उदाहरण बताता है कि वैज्ञानिक खेती किसानों की आय बढ़ाने में कितनी प्रभावी साबित हो रही है।

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा तो कृषि उत्पादन, किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से भारत टिकाऊ कृषि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रिश्तों का खून: दरिंदे पिता ने 14 वर्षीय बेटी को बनाया हवस का शिकार, गिरफ्तार

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 बालोद (गुंडरदेही) : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मानवता और पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुंडरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत एक 37 वर्षीय कलयुगी पिता ने अपनी ही 14 वर्ष की नाबालिग बेटी के साथ लगातार दुष्कर्म किया। आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर पिछले एक साल से इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


डर के साए में बीता एक साल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पेशे से मजदूर है। पीड़िता ने बताया कि जब वह महज 13 वर्ष की थी, तब आरोपी ने पहली बार उसके साथ जबरन गलत काम किया था। इसके बाद वह लगातार पीड़िता को डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। आरोपी पीड़िता को धमकी देता था कि यदि उसने इस बात की जानकारी किसी को दी, तो वह उसे जान से मार डालेगा।

मां को बताई आपबीती, पहुंची थाने

लगातार हो रहे शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर नाबालिग ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और पूरी आपबीती अपनी मां को बताई। घटना की सच्चाई जानकर मां के होश उड़ गए। इसके बाद पीड़िता अपनी मां के साथ तुरंत गुंडरदेही पुलिस थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में लिया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ी भाषा ला मिलिस नई पहचान, प्रकाशित होइस श्रीमद्भागवत गीता

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 रायपुर / जांजगीर-चांपा: कहा जाता है कि यदि मन में अटूट लगन और जुनून हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। चांपा निवासी रवींद्र कुमार सोनी ने इस बात को साबित कर दिखाया है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद कर इतिहास रच दिया है। यह पहला अवसर है जब भगवद्गीता छत्तीसगढ़ी में प्रकाशित हुई है, जिसे राज्य और राज्य की बोली के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।


पेशे से ज्वेलर, पर साहित्य से गहरा लगाव

पेशे से सर्राफा व्यवसायी रवींद्र कुमार सोनी लंबे समय से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद ही उनके मन में श्रीमद्भगवद्गीता को छत्तीसगढ़ी भाषा में लाने का विचार आया था। इसके लिए उन्होंने लगातार 5 वर्षों तक पांडुलिपि तैयार की।

खुद की टाइपिंग और खुद ही तैयार किए चित्र

पांडुलिपि तैयार होने के बाद इसके प्रकाशन में कई व्यावहारिक कठिनाइयां आईं। छत्तीसगढ़ी के कठिन और विशिष्ट शब्दों के कारण कोई भी टाइपिस्ट टंकण के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे में रवींद्र सोनी ने हार नहीं मानी और स्वयं कंप्यूटर पर टाइपिंग सीखी। इतना ही नहीं, पुस्तक के लिए आवश्यक चित्रों को भी उन्होंने खुद ही तैयार किया और कंपोज़िंग की ज़िम्मेदारी भी उठाई। करीब 25 वर्षों की इस निरंतर तपस्या के बाद आखिरकार यह ग्रंथ प्रकाशित हो सका।

मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताया गर्व

रवींद्र कुमार सोनी ने इस ऐतिहासिक कृति की प्रति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेंट की। मुख्यमंत्री ने उनकी 25 वर्षों की साधना की सराहना करते हुए इसे राजभाषा छत्तीसगढ़ी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला प्रयास बताया।

वहीं, जांजगीर-चांपा के विधायक व्यास कश्यप और स्थानीय नागरिकों ने भी रवींद्र सोनी को बधाई दी। चांपा वासियों का कहना है कि रवींद्र सोनी का यह योगदान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

परिवार का मिला अटूट सहयोग

रवींद्र सोनी की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा। व्यावसायिक व्यस्तताओं के बीच उनके इस जुनून को समझते हुए परिवार ने उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया, जिससे यह ऐतिहासिक कार्य संभव हो सका।

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की कवायद तेज़, ड्राफ्ट समिति की पहली बैठक आज

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। UCC के अध्ययन, सुझाव और ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित 5-सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की पहली आधिकारिक बैठक आज (24 जुलाई 2026) रायपुर में आयोजित हो रही है। यह बैठक दोपहर 12 बजे मुख्य सचिव विकास शील के कक्ष में शुरू होगी।


जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में मंथन

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं। बैठक में समिति के अन्य प्रमुख सदस्य भी शामिल हो रहे हैं:

  • शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त IAS, उत्तराखंड)
  • एम.के. रावत (सेवानिवृत्त IAS, छत्तीसगढ़)
  • मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता)
  • ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचीर्य)

किन मुद्दों पर बनेगा नया रोडमैप?

समिति राज्य में लागू वर्तमान विधिक और कानूनी स्थिति का गहन अध्ययन करेगी। इसके साथ ही, निम्नलिखित मुख्य विषयों से जुड़े कानूनों और नियमों का एक साझा प्रारूप (Draft) तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा:

  • विवाह (Marriage) एवं तलाक (Divorce)
  • भरण-पोषण (Maintenance)
  • उत्तराधिकार व संपत्ति अधिकार (Inheritance)
  • गोद लेना / दत्तक ग्रहण (Adoption)

महतारी वंदन योजना से माताओं और बहनों का बढ़ा आत्मविश्वास - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान श्री जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद

रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

26 दिनों बाद समाप्त हुआ सोनम वांगचुक का अनशन

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 गुरुग्राम / नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन समाप्त कर दिया। केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत और कई दौर की वार्ताओं के बाद, उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में जूस पीकर अपना उपवास तोड़ा। इस दौरान लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।


65 सांसदों की अपील और शर्तों पर सहमति

अनशन समाप्त करने के तुरंत बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों की ओर से मिले पत्रों और व्यक्तिगत अपीलों के बाद यह निर्णय लिया गया है।

वांगचुक के अनुसार, केंद्र सरकार के साथ विभिन्न शर्तों पर बनी सहमति और देश में किसी भी प्रकार की संभावित हिंसा को रोकने के उद्देश्य से उन्होंने अनशन समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि इन शर्तों का विस्तृत विवरण वे जल्द ही एक वीडियो संदेश के माध्यम से देश के सामने रखेंगे।

"मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने देने के लिए बेहद सतर्क रहें। आंदोलन के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व को शांति भंग करने का मौका न दें।"

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया संतोष, स्वास्थ्य की कामना की

सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने 'X' पर लिखा, "मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना स्वास्थ्य पुनः प्राप्त करें। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी सदैव स्वस्थ रहें।"

ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश: शराब पिलाने के बहाने ले जाकर दोस्त की पत्थर से कूचलकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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 कबीरधाम। कबीरधाम पुलिस ने सात दिन पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक के ही एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बाइक से गिरने की मामूली बात पर विवाद होने पर अपने दोस्त के सिर और सीने पर पत्थर से कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी और बाइक लेकर फरार हो गया था।


पुलिस के अनुसार, बीती 15 जुलाई को बोड़ला थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर व छाती पर गंभीर चोट के निशान मिलने पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मृतक की पहचान दुर्ग जिले के जामुल निवासी उदय प्रताप सिंह राजपूत (34 वर्ष) के रूप में हुई।

40 से अधिक CCTV कैमरों से मिला सुराग

एसडीओपी अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में बोड़ला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने टोल प्लाजा और भोरमदेव मार्ग के 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और परिजनों से पूछताछ के आधार पर पता चला कि मृतक को अंतिम बार उसके दोस्त हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट (45 वर्ष, निवासी जामुल) के साथ बाइक पर देखा गया था।

पूछताछ में उगला सच

संदेह के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी हीरासिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 14 जुलाई को वह उदय प्रताप को शराब पीने और घुमाने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी ले गया था। रास्ते में मोटरसाइकिल से गिरने की बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर उसने नायक ढाबा के पास पत्थर से वार कर उदय की हत्या कर दी और उसकी बाइक लेकर चंपत हो गया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर आला-ए-कत्ल (खून से सना पत्थर), वारदात के वक्त पहने कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। घटनास्थल पर आरोपी से घटना का री-क्रिएशन (डेमो) भी कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई। आरोपी को 22 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

CG NEWS : ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 10 हजार की रिश्वत लेते महिला आरक्षक गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई

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 जगदलपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बस्तर जिले के कोड़ेनार थाना में पदस्थ महिला आरक्षक तिलेश्वरी साहू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। महिला आरक्षक न्यायालय के आदेश के बाद भी जब्त ट्रैक्टर को मालिक को सौंपने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रही थी।


मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व एक सड़क हादसे के मामले में कोड़ेनार पुलिस ने एक ट्रैक्टर जब्त किया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने ट्रैक्टर मालिक बंगालु यादव के पक्ष में सुपुर्दनामा जारी करते हुए वाहन वापस लौटाने का आदेश दिया था।

न्यायालय का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद महिला आरक्षक तिलेश्वरी साहू वाहन छोड़ने के एवज में पीड़ित से 10 हजार रुपये की मांग कर रही थी। बार-बार परेशान किए जाने पर वाहन मालिक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।

शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने थाना परिसर में महिला आरक्षक को रिश्वत की राशि सौंपी, आसपास तैनात एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों धर दबोचा।

एसीबी ने आरोपी महिला आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कामकाज के एवज में रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है : किरण देव

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए छात्रों का हित सबसे महत्वपूर्ण है और वे इसे सर्वोच्च प्राथिमिकता देते हुए निर्णय ले रहे हैं। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। देव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में गुरुवार को आहूत पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के इस आंदोलन में अपने कार्यकर्ताओं की घुसपैठ करा कर छात्रों के आंदोलन का स्वरूप ही बदल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विषय को पहले दिन से ही गंभीरता से लेकर यह निर्णय किया है कि छात्रों का हित सर्वाेपरि है व उनके नुकसान की भरपाई भी होगी।

देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं का भाषण हमेशा प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में होता है। प्रधानमंत्री मोदी के लिए कांग्रेसी नेताओं ने भाषणों में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। यह लोकतांत्रिक पद्धति नहीं है। प्रजातंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है। संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री के लिए गालियों का प्रयोग करना यह हमारे देश के संस्कार नहीं हैं। यह हमारी संस्कृति और सभ्यता नहीं है।

देव ने कहा कि केन्द्र सरकार सदन में छात्रों के हितों को लेकर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन में चर्चा करने से भाग रहे हैं। सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी सदन में चर्चा नहीं करना चाहती और इन्हीं के घटक दल समाजवादी पार्टी के नेता कहते हैं कि उनकी वह जानें, हमको तो चर्चा करनी है। यह समझ से परे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान की किताब लेकर घूमते हुए लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 'संविधान खतरे में है' कहकर संविधान को खतरे में डालने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया है। प्रधानमंत्री आवास के सामने बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी आन्तरिक योजना के आधार पर अपने कांग्रेसी साथियों के साथ वहाँ पर धरने पर बैठ गए, जबकि वह पूरा क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र है। वहाँ पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है।

देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ाया है। इन 12 वर्षों में बहुत-सी योजनाएँ एवं कार्यक्रम जनहित में क्रियान्वित किए गए हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी का अनुसरण विश्व के दूसरे देश कर रहे हैं। 16 से ज्यादा देशों ने अपने देश का सर्वाेच्च सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर आंदोलन कर रहे लोगों को भड़काने का काम कर रही है। बिलो दि बेल्ट की राजनीति करना राहुल गांधी और कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र हो गया है। कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेताओं ने छात्रों के इस आंदोलन को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बलि चढ़ा दिया। अगर छात्रों का हित चाहते तो छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रूप नहीं देते। केन्द्र सरकार ने इस विषय में कार्यवाही करके इसकी जांच के निर्देश दिए है, तथा पेपर निरस्त करके तुरंत उसकी परीक्षा भी हुई है और बच्चे पास भी हुए हैं और खुशी मना रहे हैं।

देव ने कहा कि संसद का समय जनता के हित के लिए देश के हित के लिए होता है जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते है। लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन के अंदर चर्चा करने नहीं देते हैं। सदन की गरिमा तार-तार करते हैं। संविधान की हत्या का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? इससे बड़ा उदाहरण कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल लगा कर दिया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हमारे देश की एकता, अखंडता, समरसता को खंडित करने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया, ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस और उसके समर्थित दलों के नेता अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। देश यह पसंद नहीं करता है। कांग्रेस पार्टी को इन्हीं कारणों से आज देश में कांग्रेस पार्टी सिमटती जा रही है।

देव ने कहा कि यह पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की घिनौनी साजिश का हिस्सा है। नेपाल और बांग्लादेश में पहले ही अराजकता का माहौल है। लेकिन भारत देश ऋषि मुनियों का देश है, परंपराओं और समरसता से ओतप्रोत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना के साथ अपनी योजनाओं के साथ चल रहे हैं जबकि राहुल गांधी दूसरे देशों में जाकर देश की बुराई करने और कमी निकालने का काम करते हैं। आजादी के बाद कांग्रेस की सरकार लंबे समय तक थी। पूरी दुनिया ने उन सरकारों को भी देखा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि 12 वर्षों से देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की नेतृत्व वाली एक पारदर्शी सरकार है जिनके ऊपर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा कर सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव सेट करने का काम कर रहे हैऔ। लेकिन देश की जनता कांग्रेस पार्टी की इन बातों को अच्छी तरह से समझने लगी है। उन्होंने शिक्षा के विषय पर आँकड़ा रखते हुए कहा कि कांग्रेस शासन काल में शिक्षा का बजट 8,225 करोड रुपए होता था जो आज बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसका लाभ एम्स, आईआईटी, कॉलेज की सीटों में वृध्दि हुई रही है। उन्होंने कहा कि एक नया दल कॉकरोच पार्टी और उनके साथ एक बड़ा दल कांग्रेस पार्टी आने वाले भविष्य का ख्वाब देख रहे हैं।

इस दौरान पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मंत्री अमित साहू मौजूद थे।

सेवा सेतु से आसान हुई दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया, विद्यार्थियों के भविष्य को मिला नया सहारा

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल पर संचालित सेवा सेतु पोर्टल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक शासकीय दस्तावेज सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया से उपलब्ध हो रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों का समय, श्रम और आर्थिक खर्च बच रहा है।


पुत्र की पढ़ाई के लिए आसानी से बना निवासी प्रमाण पत्र

बड़े बचेली के कोआपारा निवासी राजू कुंजाम ने अपने पुत्र रेवांथ कुंजाम का निवासी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र की आगे की पढ़ाई और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए निवासी प्रमाण पत्र आवश्यक था।

कुंजाम ने बताया कि पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु के माध्यम से उनका आवेदन आसानी से स्वीकार किया गया और समय पर निवासी प्रमाण पत्र मिल गया। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र मिलने से उनके पुत्र की शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सुविधा हुई है।

आय प्रमाण पत्र मिलने से योजनाओं और शिक्षा का लाभ आसान

इसी तरह ग्राम मल्लेमुंडा, ग्राम पंचायत मुचनार निवासी श्री संतुराम वेक ने अपने पुत्र सुभाष वेक का आय प्रमाण पत्र सेवा सेतु के माध्यम से बनवाया। उन्होंने बताया कि आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता शैक्षणिक कार्यों और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए थी। सेवा सेतु अभियान के माध्यम से उन्हें बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आवश्यक प्रमाण पत्र मिल गया। वेक ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को दस्तावेज बनवाने में काफी सुविधा मिल रही है।

शासन की सेवाएं अब ग्रामीणों के द्वार तक

सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले के अनेक ग्रामीण परिवारों को विभिन्न प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। यह पहल प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सेवा सेतु जैसी जनहितकारी पहल से शासन की सेवाएं अब वास्तव में लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। यह सुविधा विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मां की अर्थी सजाते वक्त शिक्षक बेटे को आया हार्ट अटैक: एक ही घर से निकलीं दो अर्थियां, साथ-साथ जलीं मां-बेटे की चिताएं

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 सूरजपुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और मार्मिक घटना सामने आई है। रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम दौना में बुधवार को कुछ ही घंटों के भीतर मां और बेटे दोनों का निधन हो गया। जिस बेटे को अपनी मां को अंतिम विदाई देनी थी, उसकी भी अर्थी उसी दिन सज गई। एक ही आंगन से एक साथ उठीं दो अर्थियों और साथ-साथ जलीं दो चिताओं को देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।


मां के निधन के बाद चल रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी

जानकारी के अनुसार, दौना गांव निवासी रामधन साहू (52) स्थानीय प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक (हेडमास्टर) के पद पर कार्यरत थे। बुधवार सुबह करीब नौ बजे उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ले ली। मां के जाने के बाद घर में शोक का माहौल छा गया और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।

सीने में उठा तेज दर्द, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

दोपहर में बारिश के बीच जब मां की अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं, उसी दौरान रामधन साहू ने अचानक सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की। परिजन तत्काल उन्हें श्रीनगर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मृत्यु दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से हुई।

कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित शिक्षक थे रामधन साहू

दिवंगत रामधन साहू एक पैर से दिव्यांग थे, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी अपने कर्तव्यों के बीच नहीं आने दिया। वे अपने सरल स्वभाव, ईमानदारी और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। पिछले वर्ष ही पदोन्नति पाकर वे सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक बने थे और अपने ही गांव के स्कूल में सेवाएं दे रहे थे।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और शाम को नम आंखों के साथ मां-बेटे का एक ही दिन अंतिम संस्कार किया गया।

छत्तीसगढ़ में जल्द लागू होगी UCC, आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करेगी साय सरकार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि सरकार आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में UCC विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।


 'इमर्जिंग छत्तीसगढ़' सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन भूमि है, इसलिए महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूती देने के उद्देश्य से ही यह पहल की जा रही है।

नई औद्योगिक नीति से युवाओं को मिलेगा रोजगार

रोजगार के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के जरिए हर युवा को रोजगार देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई औद्योगिक नीति तैयार की गई है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष सरकारी प्रोत्साहन और रियायतें दी जाएंगी, जिससे प्रदेश में निवेश और निजी क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे।

महिला सशक्तिकरण और 'लखपति दीदी' योजना पर जोर

प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि 'महतारी वंदन योजना' के जरिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों से वापस लिया गया ‘रेडी टू ईट’ का काम दोबारा उन्हें सौंप दिया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य की लगभग 30 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि 40 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर चुकी हैं।

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