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बस्तर पंडुम 2026-माँ दंतेश्वरी की धरती पर संस्कृति का उत्सव: बस्तर पंडुम 2026 ने जीता दिल

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सुकमा के जनजातीय वेशभूषा ने बिखेरा जलवा

गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित

गुंजन नाग और किरण नाग ने बढ़ाया जिले का मान

जगदलपुर- बस्तर की आत्मा, उसकी परंपराएं और उसकी जनजातीय पहचान—इन सबका भव्य उत्सव बनकर उभरा “बस्तर पंडुम 2026” न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि यह सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनजातीय संरक्षण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण भी बना। लाल बाग मैदान में हुए इस ऐतिहासिक समापन समारोह ने पूरे देश का ध्यान बस्तर की गौरवशाली विरासत की ओर आकृष्ट किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की परिकल्पना को प्रशासन ने पूरी निष्ठा के साथ साकार किया। यह आयोजन उन परंपराओं के लिए संजीवनी साबित हुआ, जो समय के प्रवाह में विलुप्त होने की कगार पर थीं। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, जनजातीय वेशभूषा, खानपान और शिल्प—सब कुछ अपने मूल स्वरूप में सहेजा गया, यही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

सुकमा बना सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक

सुकमा जिला प्रशासन ने इस आयोजन में उत्कृष्ट समन्वय, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का परिचय दिया।  जिले के कलाकारों ने बस्तर की आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया। छिंदगढ़ विकासखंड के किंदरवाड़ा निवासी गुंजन नाग और किरण नाग ने जनजातीय वेशभूषा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल सुकमा, बल्कि पूरे बस्तर का मान बढ़ाया। 

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर देश के गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक प्रदान किया गया, जो शासन की कलाकारों के प्रति सम्मान और विश्वास को दर्शाता है।

सहभागिता ने रचा इतिहास

सुकमा जिले से 12 विधाओं में 69 कलाकारों की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए मंच और अवसर जनजातीय प्रतिभाओं को नई उड़ान दे रहे हैं। यह सहभागिता केवल प्रस्तुति नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, पहचान और भविष्य की उम्मीद का प्रतीक रही।

विकास के साथ संस्कृति का संरक्षण

बस्तर पंडुम 2026 यह स्पष्ट संदेश देता है कि श्री विष्णु देव साय सरकार का विकास मॉडल केवल सड़कों, भवनों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक आत्मसम्मान को समान महत्व देता है। यह आयोजन साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और नेतृत्व दूरदर्शी, तो विकास और परंपरा एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का समापन,सुकमा के जनजातीय नाट्य ने बिखेरा जलवा

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मुड़िया जनजाति पर आधारित नाट्य का मंचन

गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित

जगदलपुर- बस्तर संभाग की गौरवशाली संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण हेतु आयोजित 'बस्तर पंडुम 2026' में सुकमा जिले ने सफलता का परचम लहराया है। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में आयोजित इस भव्य संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल विधा को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

देश के गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य के मूल स्वरूप को सहेजना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त हो रही विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समूहों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

सुकमा के कलाकारों ने जीती प्रतियोगिता

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी।

कला का जीवंत चित्रण

मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे ताड़ का पत्ता, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल का कलात्मक प्रयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इन कलाकारों ने बढ़ाया जिले का गौरव

कोंटा विकासखंड में स्थित पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित किया है। कलाकारों की इस सफलता में नोडल अधिकारी मनीराम मरकाम और पी श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।


स्कूली बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह , ताली बजाकर बढ़ाया उत्साह

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 रायपुर : संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।


समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री के स्वागत में जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों ने “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की भावपूर्ण और अनुशासित प्रस्तुति देखकर  अमित शाह भी भावविभोर हो उठे और उन्होंने बच्चों को ताली बजाकर प्रोत्साहित किया।


कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा *मलखंभ प्रदर्शन* भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। केंद्रीय गृहमंत्री  शाह ने बच्चों की कला, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत को हिंदी एवं हल्बी बोली में रचा गया है। इसमें बस्तर की बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत का योगदान दिया है। दायरा बैंड द्वारा इस गीत को आधुनिक संगीत के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे यह गीत युवाओं और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

Valentine Week में ‘फिल्मी रोमांस’ ! NH-30 पर चलती बाइक पर कपल का खतरनाक स्टंट, वीडियो वायरल

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 कांकेर। वैलेंटाइन वीक की शुरुआत के साथ ही कांकेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। NH-30 पर चलती बाइक पर सवार एक युवा जोड़े ने पब्लिक रोड को मानो फिल्मी सीन का सेट बना दिया।


चलती बाइक पर रोमांस करते हुए और खतरनाक स्टंट दिखाता यह कपल न केवल अपनी जान जोखिम में डालता नजर आया, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन गया।

यह पूरी घटना किसी राहगीर के मोबाइल कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हैरानी की बात यह है कि लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और जागरूकता अभियानों के बावजूद, ट्रैफिक नियमों को लेकर लापरवाही कम नहीं हो रही।

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक व्यवहार बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर बाइक सवार की पहचान में जुट गई है। पहचान होने पर मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नियमों के अनुसार, इस तरह खतरनाक तरीके से वाहन चलाना और सड़क पर स्टंट करना दंडनीय अपराध है।

CG NEWS : 1 रुपये में सोनोग्राफी सेवा, महाशिवरात्रि से होगी शुरुआत

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 भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की है। विधायक सेन ने गर्भवती महिलाओं के लिए मात्र 1 रुपये में सोनोग्राफी सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना का शुभारंभ 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जाएगा।


योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को जीरो रोड, शांति नगर स्थित विधायक कार्यालय में अवकाश दिवस को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक टोकन लेना होगा। टोकन प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड और चिकित्सक द्वारा जारी रेफर पर्ची अनिवार्य होगी। टोकन मिलने के बाद गर्भवती महिलाएं मात्र 1 रुपये में सोनोग्राफी करा सकेंगी।

इसी दिन एक और जनहितकारी योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत जरूरतमंद मरीजों को 1 रुपये में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा विधायक कार्यालय में 25 दिसंबर से लगातार फ्री ब्लड टेस्ट सुविधा भी जारी है, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन 31 प्रकार के जांच परीक्षण निःशुल्क किए जा रहे हैं।

विधायक रिकेश सेन ने यह भी घोषणा की है कि 2 अप्रैल से लोगों को मात्र 1 रुपये में पावर वाला चश्मा उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी।

विधायक सेन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता है कि आमजन, विशेषकर महिलाएं और जरूरतमंद वर्ग, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

अगर देर हो जाती तो… रायपुर में चलती कार में लगी भीषण आग

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में रविवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रिंग रोड पर अग्रसेन चौक के पास चलती सुमो ग्रैंड कार अचानक धू-धू कर जलने लगी। कुछ ही पलों में गाड़ी आग का गोला बन गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।


झारखंड के रहने वाले थे कार सवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी लोग झारखंड के निवासी थे और रायपुर से होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक कार के इंजन से धुआं उठने लगा। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। हालात की गंभीरता को भांपते हुए कार सवारों ने तुरंत दरवाजे खोले और बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।

देखते ही देखते जलकर खाक हुई कार

घटना की सूचना मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि सुमो ग्रैंड पूरी तरह जलकर खाक हो गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य कराया।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

सावधानी की अपील

पुलिस और विशेषज्ञों ने वाहन चालकों से अपील की है कि गर्मी या लंबी यात्रा के दौरान वाहन की वायरिंग, कूलेंट और इंजन की नियमित जांच कराएं। यदि चलते समय वाहन से धुआं या जलने की गंध आए, तो तुरंत गाड़ी सुरक्षित स्थान पर खड़ी कर बाहर निकलें और मदद के लिए संपर्क करें।

छत्तीसगढ़ में न बारिश, न तूफान! आने वाले दिनों में फिर बढ़ेगी ठंड, जानें मौसम का पूरा अपडेट

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 CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से मौसम पूरी तरह स्थिर बना हुआ है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल न बारिश की संभावना है और न ही किसी तूफानी गतिविधि के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है।


आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद अगले 2 से 4 दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। वहीं अधिकतम तापमान आगामी एक सप्ताह तक लगभग स्थिर बना रहने की संभावना है।

बीते 24 घंटों का मौसम हाल

पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। प्रदेश में अधिकतम तापमान सबसे अधिक राजनांदगांव में 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

  • अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं
  • न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट की संभावना
  • अधिकतम तापमान सामान्य और स्थिर रहेगा
  • प्रदेशभर में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा

राजधानी रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में 9 फरवरी की सुबह हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में धूप खिली रहेगी और मौसम सामान्य बना रहेगा।

एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म, रास्ते में तड़प-तड़प कर मरीज की मौत! अस्पताल में जमकर हंगामा

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 गरियाबंद। गरियाबंद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। रविवार को एक 35 वर्षीय मरीज की एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसंत देवांगन के रूप में हुई है, जो निमोनिया से पीड़ित था और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और समय पर रेफर न करने का गंभीर आरोप लगाया है।


अस्पताल में भर्ती, रेफर करने में देरी का आरोप

परिजनों के अनुसार, बसंत देवांगन को शनिवार रात करीब 8 बजे गरियाबंद स्थित सोमेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 12 घंटे बाद रविवार सुबह डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को निमोनिया है और उसकी एक पसली की हड्डी भी टूटी हुई है। जब मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई तो परिजनों ने उसे रायपुर के बड़े अस्पताल रेफर करने की मांग की। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन लगातार टालमटोल करता रहा।

परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल स्टाफ द्वारा असंवेदनशील टिप्पणी करते हुए कहा गया—
“अगर मरना ही है तो यहीं मरेगा।”

बिना स्टाफ और खाली ऑक्सीजन सिलेंडर वाली एंबुलेंस

दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच अस्पताल ने एंबुलेंस उपलब्ध कराई, लेकिन परिजनों का कहना है कि उसमें न तो कोई पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर की सही जांच की गई। मजबूरी में मरीज के भाई पीतेश्वर स्वयं एंबुलेंस चलाकर रायपुर के लिए निकले।

गरियाबंद से करीब 5 किलोमीटर आगे मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे पांडुका के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में सामने आया कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह खाली था।

अस्पताल लौटने पर डॉक्टर से तीखी बहस

मरीज की मौत के बाद परिजन शव को वापस सोमेश्वर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज कर रही डॉक्टर पूनम सरकार से उनकी तीखी बहस हो गई। परिजनों ने डॉक्टर के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें संवेदनशीलता और नम्रता से बात करनी चाहिए। आरोप है कि इस पर डॉक्टर ने कहा—
“ऐसे लोगों के लिए मेरे पास नम्रता नहीं है,”
और परिजनों को जेल भेजने की धमकी भी दी।

शव ले जाने को लेकर विवाद, सड़क पर प्रदर्शन

परिजनों ने मृतक के शव को उसी एंबुलेंस से घर ले जाने की मांग की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इनकार कर 108 एंबुलेंस बुलाने को कहा। इससे आक्रोशित परिजनों ने एंबुलेंस को सड़क पर खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

पुलिस ने संभाली स्थिति

मामले की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और शव को एंबुलेंस के माध्यम से घर ले जाया गया।

जांच और कार्रवाई की मांग

परिजनों ने पूरे मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए अस्पताल प्रबंधन, संबंधित डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग उठाई है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग! उग्रवादियों ने फूंके दर्जनों घर, कर्फ्यू लागू

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 Manipur Fresh Violence : मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर हिंसा और सांप्रदायिक तनाव ने गंभीर रूप ले लिया है। रविवार रात लिटान सारेइखोंग क्षेत्र में सशस्त्र उग्रवादियों ने दर्जनों मकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा (कर्फ्यू) लागू कर दी है।


प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों के बीच पथराव की घटना हुई थी। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और देर रात लिटान सारेइखोंग क्षेत्र में तंगखुल नगा समुदाय के कई मकानों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा आग लगा दी गई। जवाबी हिंसा में पास के एक इलाके में कुकी समुदाय के कुछ घरों को भी आग के हवाले किए जाने की सूचना है।

बताया जा रहा है कि हिंसा की जड़ शनिवार रात की एक घटना है, जब लिटान गांव में सात से आठ लोगों द्वारा तंगखुल नगा समुदाय के एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष और लिटान सारेइखोंग गांव के मुखिया के बीच मामला सुलझ गया था और दोनों पक्ष पारंपरिक तरीकों से समाधान पर सहमत भी हुए थे। रविवार को इस संबंध में एक बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन वह बैठक नहीं हो सकी।

इसके बजाय, पास के सिकिबुंग गांव के ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान लिटान पुलिस थाने के आसपास से गुजरते समय सात राउंड फायरिंग भी की गई, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए।

तंगखुल नगा समुदाय मणिपुर की सबसे बड़ी नगा जनजाति है, जबकि लिटान सारेइखोंग को कुकी बहुल क्षेत्र माना जाता है। दोनों समुदायों के बीच भड़की इस ताजा झड़प ने राज्य की पहले से ही संवेदनशील कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

जिला प्रशासन ने बताया कि फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लिटान की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है, ताकि संदिग्धों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी रायपुर में खुलेआम दहशत! युवक ने लहराया धारदार हथियार

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। ताजा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र के रामकुंड बस्ती से जुड़ा है, जहां एक युवक द्वारा खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए दहशत फैलाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


वायरल वीडियो में राहुल जंघेल उर्फ मान्या सुर्वे नामक युवक कथित तौर पर मछली काटने वाले धारदार हथियार को हाथ में लेकर सार्वजनिक रूप से लहराता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक का रवैया बेहद आक्रामक दिखाई देता है और वह इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश करता हुआ प्रतीत हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रामकुंड बस्ती का है, जहां इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है। नागरिकों ने पुलिस से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आजाद चौक थाना पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में युवक की पहचान राहुल जंघेल उर्फ मान्या सुर्वे के रूप में की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, राहुल जंघेल उर्फ मान्या सुर्वे का नाम पहले भी इलाके में नशे से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि वह रामकुंड बस्ती क्षेत्र में नशे की गोलियों की बिक्री और अन्य असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है, हालांकि पुलिस इस संबंध में भी तथ्यात्मक जांच कर रही है। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जा सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो राजधानी रायपुर में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों की ओर इशारा कर रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई से ही ऐसे बदमाशों पर लगाम लगाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

विकसित भारत @2047 का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़ : अमित शाह

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है। छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि आने वाले भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रफुल्ल केतकर, विनीत कुमार गर्ग, पूर्णेंदु सक्सेना सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और पत्रकार उपस्थित रहे।


केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए राज्य गठन के आंदोलन हो रहे थे, तब यह तर्क दिया जाता था कि छोटे राज्य कैसे टिक पाएंगे, कैसे राजस्व जुटाएंगे और कैसे सक्षम नेतृत्व मिलेगा। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छोटे राज्यों को जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम माना और छत्तीसगढ़, झारखंड व उत्तराखंड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक और प्रशासनिक सीमाओं के कारण छत्तीसगढ़ की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पा रही थीं, जिसे राज्य गठन ने दूर किया।

अमित शाह ने कहा कि राजनीति केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विचारधारा से संचालित होती है। विचारधारा ही शासन को दिशा देती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के नेतृत्व में बने राज्यों में आज परस्पर सहयोग और समन्वय दिखाई देता है, जबकि आंध्र प्रदेश–तेलंगाना विभाजन का उदाहरण यह दर्शाता है कि विचारधारा के बिना किए गए प्रशासनिक निर्णयों से वर्षों तक विवाद और कटुता बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि कभी जिन राज्यों को बीमारू कहा जाता था, आज वही राज्य विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहे हैं। बीमारू कोई गुणात्मक शब्द नहीं था, बल्कि बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश का संक्षिप्त रूप था। छत्तीसगढ़ 25 वर्षों में बीमारू छवि से निकलकर विकसित राज्य बनने की कगार पर खड़ा है और इसका प्रमुख कारण हमारी सरकार की विचारधारा आधारित शासन व्यवस्था है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना बढ़ा है, प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और जीएसडीपी में 25 गुना वृद्धि हुई है। राज्य के सभी 16 प्रमुख विकास संकेतकों में औसतन 20 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है, खरीफ फसल उत्पादन तीन गुना और रबी फसल उत्पादन छह गुना बढ़ा है।

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है, मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो चुके हैं। कुपोषण से मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 हो गई है। साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुकी है। एकलव्य आवासीय विद्यालयों की संख्या शून्य से बढ़कर 75 हो गई है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में दो गुना वृद्धि हुई है, जबकि निवेश में 300 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट सहित प्रमुख खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 1 से 5 राज्यों में शामिल है। राज्य की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।

माओवाद पर स्पष्ट रुख रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह न तो विकास की कमी की समस्या है और न ही केवल कानून-व्यवस्था का विषय, बल्कि यह एक विनाशकारी विचारधारा की उपज है। उन्होंने कहा कि यदि बस्तर माओवाद से ग्रसित न होता, तो आज वह देश का सबसे विकसित जिला होता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले 10 वर्षों में बस्तर विकास का नया मॉडल बनेगा।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती। जो माओवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आएंगे, उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश से माओवाद को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा। बस्तर क्षेत्र में 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे आदिवासी अंचलों में विकास को नई गति मिलेगी ।

इस अवसर पर प्रफुल्ल केतकर की ‘शिफ्टिंग द लेंस’ पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक में छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा को विचारधारा और सुशासन के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है। अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आने वाले 25 वर्षों में दोगुनी गति से आगे बढ़ेगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

बस्तर पंडुम समापन समारोह में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

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 रायपुर : बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह आज 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।


‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में निर्धारित है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े शामिल होंगे।

बस्तर पण्डुम में सांसद द्वय महेश कश्यप और भोजराज नाग, विधायक श्री किरण सिंहदेव, लता उसेंडी, विनायक गोयल, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी, महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

महाशिवरात्रि 2026 कब है- 15 या 16 फरवरी? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और राशियों पर प्रभाव

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 Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व शिव और शक्ति के पावन मिलन का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।


हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन शिवभक्त व्रत रखकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक, विशेष पूजा और रात्रि जागरण करेंगे।

इस बार महाशिवरात्रि पर लक्ष्मी नारायण योग, अमृत योग, शुक्रादित्य योग और श्रवण नक्षत्र जैसे शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।

महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार

  • चतुर्दशी तिथि का आरंभ: 15 फरवरी, शाम 3:50 बजे
  • चतुर्दशी तिथि का समापन: 16 फरवरी, शाम 4:25 बजे

उदयातिथि के अनुसार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को ही रखा जाएगा, जबकि
व्रत का पारण 16 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

महाशिवरात्रि 2026 का शुभ मुहूर्त

  • विशेष पूजा का समय: शाम 3:54 बजे से रात 12:12 बजे तक
  • निशीथ काल (अत्यंत शुभ): रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक
  • शास्त्रों के अनुसार निशीथ काल में की गई शिव पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

महाशिवरात्रि 2026: इन राशियों के लिए रहेगा विशेष शुभ

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। वहीं सूर्य और शुक्र की कुंभ राशि में युति से शुक्रादित्य योग बनेगा, जो कई राशियों को विशेष लाभ देगा।

मेष राशि:
नौकरी और व्यापार में उन्नति, आर्थिक मजबूती और विवाह के योग बन सकते हैं।

कन्या राशि:
संतान संबंधी चिंताओं से राहत, संपत्ति और वाहन सुख के योग, स्वास्थ्य में सुधार के संकेत।

कुंभ राशि:
व्यापार विस्तार, दांपत्य जीवन में सुख, विद्यार्थियों को सफलता और नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलने की संभावना, साथ ही आय के नए स्रोत बन सकते हैं।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल

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 रायपुर : केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय बजट को नवोत्थान और समावेशी विकास का वाहक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 के दीर्घकालिक विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। वे राजधानी रायपुर में एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।


मनोहर लाल ने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिजली, आवास, शहरी विकास एवं अधोसंरचना क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद संतोष पाण्डेय एवं बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बात न मानने पर हैवानियत: 70 साल के बुजुर्ग ने मासूम पर किया कुल्हाड़ी से वार

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। उतई थाना क्षेत्र में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने महज घर के अंदर खेलने पर ढाई साल के मासूम बच्चे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज निजी अस्पताल में जारी है।


जानिए पूरा मामला

घटना उतई थाना क्षेत्र के जोरातराई गांव की है। जानकारी के अनुसार आरोपी परदेशी देवांगन (70) के पड़ोस में रहने वाला ढाई साल का मासूम शनिवार को उसके घर के अंदर खेल रहा था। बुजुर्ग ने बच्चे को घर के भीतर खेलने से मना किया, लेकिन मासूम के नहीं मानने पर वह गुस्से में आ गया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।

हमले के बाद बच्चा लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजनों ने तत्काल उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी परदेशी देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बच्चे के बात न मानने पर उसने गुस्से में आकर हमला किया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अत्यंत गंभीर है और नाबालिग पर हमले के मामले में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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