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भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में फंसे छह मछुआरों का सुरक्षित किया रेस्क्यू

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नई दिल्ली/मंगलुरु- भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 29 जून 2026 को मंगलुरु तट के पास समुद्र में संकटग्रस्त भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव आईएफबी ‘मंजू माथा’ (IFB Manju Matha) से छह मछुआरों को सफलतापूर्वक बचाया। यह चुनौतीपूर्ण समुद्री खोज एवं बचाव (Search and Rescue - SAR) अभियान भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस सचेत (ICGS Sachet) द्वारा अंजाम दिया गया।

तटरक्षक बल को शाम लगभग 4 बजे वीएचएफ रेडियो के माध्यम से संकट संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में बताया गया कि सूरतकल तट से लगभग 33 समुद्री मील दूर स्थित मछली पकड़ने वाली नाव में समुद्र की ऊंची लहरों और खराब मौसम के कारण गंभीर जलभराव और नाव के ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे उसमें सवार सभी छह मछुआरों की जान खतरे में पड़ गई है।

संदेश मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आईसीजीएस सचेत को घटनास्थल की ओर रवाना किया और संकटग्रस्त नौका तक पहुंचकर राहत अभियान शुरू किया।

अत्यंत खराब मौसम, ऊंची लहरों, तेज हवाओं और कम दृश्यता जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक दल ने उच्च स्तर की दक्षता और साहस का परिचय दिया। अभियान के दौरान विशेष रूप से खराब समुद्री परिस्थितियों के लिए विकसित रिमोट-ऑपरेटेड लाइफबॉय का उपयोग कर सभी मछुआरों तक सुरक्षित पहुंच बनाई गई और उन्हें एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।

शाम 6 बजे तक सभी छह मछुआरों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद आईसीजीएस सचेत बचाए गए मछुआरों को सुरक्षित उतारने के लिए न्यू मंगलुरु बंदरगाह की ओर रवाना हो गया।

यह अभियान समुद्र में मानव जीवन की सुरक्षा के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की अटूट प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह आधुनिक तकनीक, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, साहस और पेशेवर दक्षता के प्रभावी समन्वय को भी दर्शाता है, जिसके बल पर तटरक्षक बल सबसे कठिन समुद्री आपात स्थितियों का भी सफलतापूर्वक सामना कर रहा है।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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जोगीमारा गुफा शिलालेख एवं हाथीपोल का किया अवलोकन

हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय "रामगढ़ महोत्सव-2026" के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाड़ियों में अपनी कालजयी कृति "मेघदूतम्" की रचना की थी, जिसका आरंभ "आषाढस्य प्रथमदिवसे" से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।

रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान "हाथीपोल" नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

‘खेत बचाओ अभियान’ अब बनेगा राष्ट्रीय मिशन : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

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संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और मिट्टी संरक्षण से ही समृद्ध किसान तथा विकसित भारत का सपना होगा साकार

रेवाड़ी (हरियाणा)- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह एवं हरियाणा किसान उत्पादक संगठन (FPO) मिशन के शुभारंभ अवसर पर किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की, जबकि हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल हुए।

किसान समृद्ध होंगे तभी बनेगा विकसित भारत

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब देश का किसान समृद्ध और सशक्त होगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के लिए हरियाणा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दे रहा है, भावांतर भरपाई योजना लागू कर चुका है तथा बागवानी, सब्जियों और फलों पर भी मूल्य अंतर की भरपाई कर किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिला रहा है।

उन्होंने ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ और ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ जैसी योजनाओं को कृषि प्रबंधन और जल संरक्षण के उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए।

किसानों ने भारत को बनाया खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय भारत को अपनी खाद्यान्न जरूरतों के लिए विदेशों से गेहूं आयात करना पड़ता था, लेकिन आज किसानों की मेहनत से देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है और इस उपलब्धि में हरियाणा के किसानों का विशेष योगदान रहा है।

उन्होंने हरियाणा को कृषि के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और खेलों में भी अग्रणी राज्य बताते हुए कहा कि यहां के किसानों और युवाओं की मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

अधिक रासायनिक उर्वरक मिट्टी को बना रहे हैं बीमार

चौहान ने कृषि भूमि की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग से धरती मां बीमार हो रही है। उन्होंने किसानों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि मिट्टी मानो स्वयं पुकार रही है कि उस पर जरूरत से ज्यादा उर्वरकों का बोझ न डाला जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों को केवल मृदा स्वास्थ्य परीक्षण (Soil Testing) के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। जिस प्रकार डॉक्टर की गलत या अधिक दवा मरीज के लिए नुकसानदायक होती है, उसी प्रकार आवश्यकता से अधिक यूरिया और डीएपी (DAP) का उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करता है, अम्लीयता बढ़ाता है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ता है तथा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ावा देता है। इसका असर फसलों, खाद्य पदार्थों और अंततः मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति जारी रही तो भविष्य में भूमि की उत्पादन क्षमता समाप्त हो सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

मोबाइल ऐप से मिलेगी मिट्टी की पूरी जानकारी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ऐसी तकनीक विकसित कर रही है, जिससे किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड की पूरी जानकारी मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी। किसान खेत में खड़े-खड़े ही अपनी मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति, उनकी कमी तथा आवश्यक उर्वरकों की सही मात्रा की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

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प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान

चौहान ने कहा कि सही तरीके से अपनाई गई प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी नहीं आती। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे शुरुआत में अपनी थोड़ी-सी भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाकर उसके परिणाम स्वयं देखें और बाद में उसका विस्तार करें।

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव और केंचुए तेजी से समाप्त हो रहे हैं। इसलिए जैविक संतुलन और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

जल संरक्षण और फसल विविधीकरण पर जोर

जलवायु परिवर्तन और संभावित एल-नीनो प्रभाव का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कम वर्षा की संभावना को देखते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को बढ़ावा दे रही हैं।

उन्होंने धान की खेती छोड़कर दलहन की खेती अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के हरियाणा सरकार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे भूजल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता, फसल विविधीकरण और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

‘खेत बचाओ अभियान’ अब बनेगा राष्ट्रीय मिशन

शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि ‘खेत बचाओ अभियान’ अब केवल एक अभियान नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर का दीर्घकालिक मिशन बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा, "आज समापन नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अभियान समाप्त हो सकता है, लेकिन मिशन आज से शुरू हो रहा है।"

उन्होंने घोषणा की कि केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक दिन देश के विभिन्न राज्यों में ‘खेत बचाओ अभियान’ से जुड़े कार्यक्रमों में स्वयं भाग लेंगे।

किसानों को दिलाई शपथ

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय मंत्री ने किसानों, महिलाओं और युवाओं को ‘खेत बचाओ, धरती बचाओ’ अभियान से जुड़ने, संतुलित उर्वरक उपयोग, स्वस्थ मिट्टी प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने की सामूहिक शपथ दिलाई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को सरकार और किसानों की साझेदारी से ही पूरा किया जा सकता है। केंद्र सरकार हरियाणा जैसे प्रगतिशील राज्यों के साथ मिलकर कृषि विकास की राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करेगी, ताकि वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण, तकनीकी नवाचार और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से समृद्ध किसान, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकसित भारत का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।

मानवीय संविधान की समझ से ही मानव-मानव के बीच मतभेद होंगे समाप्त : गेंदलाल कोकड़िया

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महासमुंद- मध्यस्थ दर्शन आधारित मानवीय संविधान सूत्र व्याख्या का अध्ययन मानव जीवन में मानवीय मूल्यों, चरित्र निर्माण और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रभावी माध्यम है। जब तक मानवीय चरित्र की सही व्याख्या और समझ विकसित नहीं होगी, तब तक मानव-मानव के बीच मतभेद, देशों के बीच तनाव, टकराव और युद्ध जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए विश्व के प्रत्येक व्यक्ति तक मानवीय संविधान सूत्र व्याख्या की समझ पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

यह विचार मानवीय शिक्षा शोध केंद्र, तेंदुवाही (महासमुंद) के संचालक एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा से जुड़े कोकड़ी शासकीय विद्यालय के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने अभ्युदय संस्थान, अछोटी (दुर्ग) में आयोजित जीवन विद्या अध्ययन शिविर को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि मानवीय संविधान सूत्र व्याख्या के प्रणेता पूज्य ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ दर्शन मानव जीवन के मूल्यों, व्यवहार और चरित्र निर्माण की वैज्ञानिक समझ प्रदान करता है। उन्होंने जीवन विद्या अध्ययन के लोकव्यापीकरण अभियान की अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

कोकड़िया ने बताया कि जीवन विद्या अध्ययन से प्रतिभागियों के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। उन्होंने विद्यालयों में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए सभी प्रतिभागियों को कोकड़ी शासकीय विद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में मूल्य शिक्षा कार्यशालाओं का आयोजन करने का आह्वान किया। साथ ही सभी को आगामी जीवन विद्या अध्ययन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

शिविर का प्रबोधन कर रहे अंतरराष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर ने सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वयं में परिवर्तन लाने और जीवन विद्या अध्ययन की निरंतरता बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने जीवन ज्ञान, अस्तित्व दर्शन तथा मानवीयता पूर्ण आचरण को समृद्ध समाज की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम में अभ्युदय संस्थान, अछोटी की आयोजन समिति के सदस्य सरदार मंजीत सिंह एवं  डाली ने स्वावलंबन के 30 से अधिक व्यावहारिक प्रयोगों की जानकारी देते हुए उपयोगिता मूल्य और कला मूल्य आधारित जीवनशैली पर प्रकाश डाला।

अभिभावक विद्यालय, अछोटी के प्रभारी बलवंत भैयाजी ने श्रेष्ठ व्यक्तियों एवं संस्थाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की संस्कृति को मानवीय जीवन का महत्वपूर्ण मूल्य बताया।

युवा प्रकोष्ठ प्रभारी चंद्रशेखर राठौड़ ने युवाओं को चेतना विकास मूल्य शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए अखंड समाज, सार्वभौम व्यवस्था और परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य की स्थापना में जीवन विद्या अध्ययन की भूमिका स्पष्ट की।

समाजसेवी एवं आकाशवाणी रायपुर से जुड़ी शुभ्रा ठाकुर ने जीवन विद्या के प्रचार-प्रसार, प्रकाशन और जनजागरण के प्रभावी तरीकों पर विचार रखते हुए मानवीय मूल्यों को परिवार और समाज में व्यवहार के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को अभ्युदय संस्थान, अछोटी के शैक्षणिक भ्रमण के लिए भी आमंत्रित किया।

उत्सव परिसर, अभ्युदय संस्थान के उत्पादन आयाम प्रभारी महावीर अग्रवाल ने स्वावलंबन एवं शुद्ध उत्पादन के 50 से अधिक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए तथा संस्थान में एक वर्ष तक अध्ययन-अभ्यास करने वाले 17 से अधिक लक्ष्य फेलो के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

मूल्यांकन सत्र में मानवीय शिक्षा शोध केंद्र, तेंदुवाही के सदस्य एवं समाजसेवी संतोष कुमार साहू (रायतुम, पटेवा) ने समाज के सभी वर्गों से जीवन विद्या अध्ययन और चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशालाओं में सक्रिय सहभागिता की अपील की।

कार्यक्रम में धमतरी से हेमलाल, ताम्रध्वज साहू, रायपुर से डॉ. श्वेता, शिक्षक मुकेश साहू, कांकेर (चारामा) से डिगेश्वर साहू, बिहार से आदित्य मिश्रा, धमतरी से लक्ष्य फेलो लक्ष्मी साहू, गोढ़ी से पेनोरमा साहू, बालोद के सांकरी (उत्सवपारा) से गोपी निषाद सहित विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक युवा, लक्ष्य फेलो, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

यह संस्करण समाचार पत्र में प्रकाशित होने योग्य शैली में तैयार किया गया है, जिसमें भाषा अधिक प्रवाहपूर्ण, संतुलित और पेशेवर रखी गई है।

एआईएम–नीति आयोग और एसटीपीआई ने बेंगलुरु में आयोजित किया ‘जीसीसी कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026’

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भारत के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग पर जोर

अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से बेंगलुरु में ‘जीसीसी कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026’ का आयोजन किया। इस सम्मेलन में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के प्रमुख, अनुसंधान एवं विकास (R&D) विशेषज्ञ, नवाचार क्षेत्र के अग्रणी, स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े संस्थान, इनक्यूबेटर और नीति-निर्माता एक मंच पर आए। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए सहयोग के नए अवसर तलाशना था।

सम्मेलन में इंटेल, आईबीएम, बॉश, अमेज़न, एसएपी, थर्मो फिशर साइंटिफिक, सीजीआई, शेल, मर्सिडीज-बेंज, फिलिप्स, मॉर्गन स्टेनली, एनवीडिया, सैमसंग, सैंडिस्क, विप्रो, याहू सहित अनेक प्रमुख वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL), अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (AIC), अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC), एसटीपीआई के सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के नवाचार तंत्र और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करना था। इसके अंतर्गत विद्यालय स्तर पर अटल टिंकरिंग लैब्स, स्टार्टअप इनक्यूबेशन के लिए AIC और ACIC, तथा आगामी AACESS (Atal Acceleration Centres for Scale-up of Startups) औद्योगिक एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।

एसटीपीआई की भूमिका पर जोर

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि एसटीपीआई वर्ष 1991 से भारत के तकनीकी और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत में 2,100 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कार्यरत हैं, जो लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का वार्षिक राजस्व अर्जित कर रहे हैं। यह भारत की प्रतिभा और वैश्विक महत्वाकांक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि एसटीपीआई के टेक्नोलॉजी पार्क, सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और डिजिटल अवसंरचना को अब अटल इनोवेशन मिशन के नवाचार नेटवर्क से जोड़कर जीसीसी को भारतीय स्टार्टअप्स के साथ सह-नवाचार, अत्याधुनिक तकनीकों के परीक्षण तथा नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी जीसीसी से इस मिशन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

‘जय अनुसंधान’ बने विकसित भारत की शक्ति : दीपक बागला

अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘जय अनुसंधान’ के मंत्र को विकसित भारत की आधारशिला बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में AIM ने देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स और 100 से अधिक इनक्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से नवाचार की मजबूत आधारशिला तैयार की है। उन्होंने कहा कि जीसीसी ने भारत को वैश्विक तकनीक, इंजीनियरिंग और उत्पाद नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाया है। यदि AIM और GCC मिलकर कार्य करें, तो प्रतिभा विकास, उद्यमिता, उद्योग आधारित नवाचार तथा वैश्विक स्तर के उद्यमों का निर्माण और तेज़ी से संभव होगा।

उन्होंने जीसीसी को मेंटरशिप, नवाचार चुनौतियों, पायलट प्रोजेक्ट, बाजार उपलब्ध कराने और स्टार्टअप-उद्योग साझेदारी के माध्यम से AIM की पहलों से जुड़ने का आह्वान किया।

बेंगलुरु नवाचार की राजधानी

एसटीपीआई बेंगलुरु के निदेशक डॉ. संजय त्यागी ने कहा कि बेंगलुरु देश के सबसे बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर इकोसिस्टम का केंद्र है। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई पिछले तीन दशकों से तकनीकी अवसंरचना, नीति समर्थन और अनुपालन सेवाओं के माध्यम से जीसीसी को सशक्त बना रहा है।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से जीसीसी को अटल टिंकरिंग लैब्स में युवा नवाचारकों का मार्गदर्शन, अटल इन्क्यूबेशन सेंटरों के स्टार्टअप्स के साथ सह-निर्माण, तथा आगामी AACESS औद्योगिक एक्सेलेरेटर कार्यक्रम में भागीदारी जैसे ठोस अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा

सम्मेलन में निम्नलिखित चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया—

  • अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से विद्यालय स्तर पर नवाचार को नई दिशा देना।

  • AIC एवं ACIC के माध्यम से नवाचार को उद्यम में बदलना।

  • AACESS औद्योगिक एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के जरिए बड़े स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देना।

  • संयुक्त एक्सेलेरेटर प्लेटफॉर्म एवं एसटीपीआई सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से उद्योग आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना।

प्रतिभागियों ने मेंटरशिप, तकनीकी सत्यापन, पायलट परियोजनाओं, नवाचार चुनौतियों, बाजार तक पहुंच और क्षेत्र-विशिष्ट एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों के माध्यम से जीसीसी और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।

AACESS कार्यक्रम पर विशेष फोकस

सम्मेलन में AIM के आगामी AACESS औद्योगिक एक्सेलेरेटर कार्यक्रम पर विशेष चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के चरण में पहुंच चुके स्टार्टअप्स को उद्योगों के साथ जोड़कर उन्हें औद्योगिक परीक्षण, पायलट प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावसायीकरण के अवसर उपलब्ध कराना है।

AIM ने उद्योगों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से इस कार्यक्रम के स्वरूप, सहयोग मॉडल, प्राथमिकताओं और स्टार्टअप्स के विस्तार में योगदान को लेकर सक्रिय सुझाव देने का आग्रह किया।

सम्मेलन में AIM और STPI के बीच भविष्य में नवाचार, स्टार्टअप्स, उद्यमिता और तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी हितधारक संरचित परामर्श, साझेदारी और सहयोगी पहलों के माध्यम से नवाचार को गति देंगे, उद्यमिता को प्रोत्साहित करेंगे और भारत को वैश्विक नवाचार एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएंगे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: ‘टिन्नू यादव ने गलत किया, मेरी कोई भूमिका नहीं’ — चंपत राय

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 अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। सूत्रों के अनुसार चंपत राय ने स्पष्ट कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने अपने ड्राइवर टिन्नू यादव के संबंध में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह इस तरह की हरकत करेगा और उसने गलत किया है।


चोरी की जानकारी मिलते ही की कार्रवाई

चंपत राय ने पुलिस को बताया कि जैसे ही उन्हें चढ़ावे में गड़बड़ी और चोरी की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मामले की पड़ताल शुरू कराई और चोरी गई रकम को रिकवर कराने की प्रक्रिया भी शुरू की। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए वह जवाबदेह जरूर हो सकते हैं, लेकिन सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं।

‘टिन्नू यादव पर भरोसा था, ऐसी उम्मीद नहीं थी’

पुलिस पूछताछ के दौरान ड्राइवर टिन्नू यादव के बारे में पूछे जाने पर चंपत राय ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि टिन्नू यादव इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी कर सकता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद उस पर कार्रवाई की गई और उसके घर से भी रकम बरामद हुई है।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

पुलिस ने कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी चंपत राय से सवाल किए। इस पर उन्होंने कहा कि केवल उनकी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों जैसे Anil Mishra और Gopal Rao की सिफारिश पर भी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में किसी की मंशा गलत नहीं थी।

क्या तीन महीने पहले ही लग गया था चोरी का शक?

मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि State Bank of India (SBI) को करीब तीन महीने पहले ही मंदिर में दान राशि की गिनती में गड़बड़ी का संदेह हो गया था। सूत्रों के मुताबिक बैंक ने नकदी गिनने वाले कर्मचारियों को बदलने का प्रस्ताव दिया था, जिन्हें एक निजी कंपनी के जरिए नियुक्त किया गया था। हालांकि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने कर्मचारियों को बदलने की अनुमति नहीं दी।

सूत्रों के अनुसार बैंक ने इन कर्मचारियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा था। संदेह होने के बाद SBI ने दान पेटियों की राशि गिनने में लगे कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन उस समय तक चोरी का मामला सार्वजनिक नहीं हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

"विकसित ग्राम, विकसित भारत" के लक्ष्य को गति देने के लिए केंद्र-राज्य सहयोग, जनभागीदारी और तकनीक आधारित सुशासन पर जोर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ग्रामीण परिवर्तन के विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (RGVS) 2026 का दो दिवसीय आयोजन 29 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन का समापन "विकसित ग्राम, विकसित भारत" के लक्ष्य को केंद्र-राज्य समन्वय, समुदाय आधारित विकास तथा तकनीक-संचालित सुशासन के माध्यम से तेज़ी से आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन ग्रामीण विकास की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सफल अनुभवों के आदान-प्रदान तथा ग्रामीण परिवर्तन के अगले चरण की रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच बना।

सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी तथा ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान भी उपस्थित रहे।

दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र एवं राज्य सरकारों के विशेषज्ञ, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के प्रतिनिधि तथा विकास सहयोगी संस्थाओं ने भाग लिया।

सम्मेलन का प्रमुख विषय VB-GRAMG अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई।

चर्चाओं में ग्रामीण विकास योजनाओं को और सशक्त बनाने, ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने, महिलाओं की आजीविका के अवसर बढ़ाने, ग्रामीण आवास एवं सड़क संपर्क को मजबूत करने तथा जलवायु-अनुकूल आजीविका को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही वर्ष 2029 तक 6 करोड़ 'लखपति दीदी' तैयार करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न राज्यों के नवाचारों को देशभर में लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

वर्तमान में DAY-NRLM के अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं। महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए उद्यम वित्त, डिजिटल नवाचार, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

सम्मेलन में सरस आजीविका पहल की निरंतर बढ़ती सफलता को भी रेखांकित किया गया। वर्ष 1999 में आयोजित पहले सरस मेले से शुरू हुई यह पहल आज 25 से अधिक राज्य ब्रांडों के साथ एक राष्ट्रीय विपणन मंच बन चुकी है, जो प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार करती है।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'सरस शक्ति कलेक्शन' का शुभारंभ किया तथा 'सरस शक्ति कॉफी टेबल बुक' का विमोचन किया। सरस शक्ति कलेक्शन में देशभर के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों का विशेष संग्रह प्रस्तुत किया गया है, जबकि कॉफी टेबल बुक में इन महिला उद्यमों की विविधता, गुणवत्ता और बाजार में उनकी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना और प्रीमियम बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।

गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मेघालय, बिहार, केरल, तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने सरस आजीविका गैलरी का अवलोकन किया। इस गैलरी में हथकरघा, वस्त्र, गृह सज्जा, वेलनेस उत्पाद और पारंपरिक खाद्य सामग्री का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इसमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना की इकट एवं तेलिया वस्त्र कला, मिजोरम की पौंचेई के साथ-साथ मीनाकारी, ढोकरा कला, पीतल शिल्प और लकड़ी की उत्कृष्ट हस्तकलाओं को भी प्रदर्शित किया गया।

गैलरी में विभिन्न राज्यों की लखपति दीदियों ने भी अपने सफल उद्यमों का प्रदर्शन किया और बताया कि किस प्रकार ब्रांडिंग, उत्पाद विकास और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर एवं सफल उद्यमी बन रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 ने समुदाय आधारित संस्थाओं को मजबूत बनाने, सतत आजीविका के अवसरों का विस्तार करने तथा ग्रामीण उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में मंत्रालय की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों से ही समावेशी, आत्मनिर्भर और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण संभव है।


CG NEWS : नौकरी लगाने के नाम पर ठगी: मुख्य सचिव से करीबी बताकर महिला ने 7 लोगों से ठगे 25.50 लाख रुपये

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 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो खुद को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव का करीबी बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा दे रही थी। आरोपी महिला अब तक 7 लोगों से करीब 25 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर चुकी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


कृषि विभाग और अस्पताल में नौकरी दिलाने का दिया था लालच

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी लता धीवर (36 वर्ष), पति आकाश धीवर, निवासी वार्ड क्रमांक 05, लोगों को यह कहकर भरोसे में लेती थी कि उसकी पहचान छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से है। इसी बहाने उसने कुछ लोगों को कृषि विभाग और कुछ को जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने का वादा किया। हाल ही में उसने तीन लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये वसूल लिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में खुलासा, 7 लोगों को बना चुकी है शिकार

पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी महिला अब तक कुल 7 लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। उसने सभी से मिलाकर 25 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने ठगी से हासिल रकम अपने पास रखने के बजाय अपने एक साथी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। पुलिस अब उस बैंक खाते और आरोपी के सहयोगी की तलाश में जुटी हुई है।

आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर बालोद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेशी के बाद उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सफलता की कहानी-धमतरी के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का भारतीय फुटबॉल टीम में चयन, स्वीडन में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

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सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं

रायपुर- धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat)  की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026)  अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।

उचित मार्गदर्शन और लगन से मिला मुकाम

विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है।

कलेक्टर ने दीं शुभकामनाएँ- विश्व मंच पर चमकेगा धमतरी का नाम

इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

अभिभावकों और गुरुओं का मिला सतत सहयोग

इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।

सरस्वती साइकिल योजना से वैष्णवी के सपनों को मिली नई उड़ान

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सरस्वती साइकिल योजना से शिक्षा की राह हुई आसान

रायपुर- सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।

बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।

वैष्णवी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है

हैवानियत की हद: युवक से चप्पल पर थूकवाकर की पिटाई, ‘बाप बोल’ कहकर किया अपमान, वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी गिरफ्तार

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 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ युवक एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करते, उसे अपमानित करते और जबरन ‘बाप बोल’ कहलवाते नजर आ रहे हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।


जानकारी के अनुसार मामला Arjuni थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवक Kharatuli गांव का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि मुख्य आरोपी की पहचान Khilawan Sahu के रूप में हुई है। आरोपी Loharsi गांव का निवासी है।

वायरल वीडियो में आरोपी युवक पीड़ित को जबरन चप्पल पर थूकने के लिए मजबूर करते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उसी चप्पल से उसकी पिटाई की गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने युवक को अपमानित करते हुए जबरन ‘बाप बोल’ कहलवाया। पीड़ित बार-बार छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे।

सबसे हैरानी की बात यह रही कि आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो खुद रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि आरोपी जैसे ही गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में उसे बांधकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

मामले की सूचना Dial 112 Emergency Response Service के जरिए पुलिस को दी गई। Arjuni Police Station थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर रखा था, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी एक कथित बदमाश समूह से जुड़ा हुआ है और लंबे समय से गांव के युवकों को डराकर उनके साथ मारपीट करता था। यह भी आरोप है कि उसने कई युवकों के वीडियो बनाकर इलाके में दहशत का माहौल बना रखा था।

धमतरी की यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिस तरह आरोपी खुलेआम मारपीट कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, उससे साफ है कि अपराधियों में कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है। अब पूरे मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।

नौगई अग्निकांड की CBI जांच की मांग तेज, राजपूत संगठनों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपा ज्ञापन

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 बिलासपुर। नौगई अग्निकांड मामले में अब सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। विभिन्न राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने Vijay Sharma से मुलाकात कर भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज और Shri Rajput Karni Sena के पदाधिकारी शामिल थे।


प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस मामले के कुछ आरोपियों के स्थानीय विधायक से करीबी संबंध हैं, जिससे निष्पक्ष जांच को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं।

संगठनों ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित सहायता राशि उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान कन्नौजिया क्षत्रिय समाज के प्रदेशाध्यक्ष आनंद बल्लभ सिंह, राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह परिहार, शिवप्रताप सिंह, राणाप्रताप सिंह, हरिकपूर सिंह, आशीष सिंह, उमाकांत सिंह, प्रफुल्ल सिंह और श्रीनिवास सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

16 जून की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि 16 जून की देर रात बिलासपुर जिले के नौगई गांव में रेत खनन को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को कथित तौर पर घेरकर उनकी Toyota Fortuner कार में आग लगा दी गई। उस वक्त कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे।

आग की चपेट में आने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाहर निकलने की कोशिश कर रहे अन्य लोगों पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह और विरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

पुलिस ने मामले में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, तीन दशक पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रमुख बातें

  • लगभग 30 वर्षों से लंबित पेयजल विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी सफलता।

  • जुलाई से अक्टूबर तक यमुना नहर से राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

  • पानी की आपूर्ति 3.6 मीटर से अधिक व्यास वाली तीन भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से की जाएगी।

  • परियोजना से राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों को पेयजल उपलब्ध होगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?

राजस्थान

  • सीकर

  • चूरू

  • झुंझुनूं

हरियाणा

  • भिवानी

  • फतेहाबाद

समझौते की विशेषताएं

  • जल बंटवारा, लागत साझा करने और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था।

  • आधुनिक निगरानी प्रणाली और पारदर्शी संचालन तंत्र।

  • विवाद समाधान के लिए मजबूत और वैज्ञानिक व्यवस्था।

  • केंद्र सरकार, दोनों राज्य सरकारों और केंद्रीय जल आयोग (CWC) के समन्वय से तैयार व्यापक ढांचा।

अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "संवाद से समाधान" और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्षों से व्यर्थ बह रहा पानी अब लोगों की प्यास बुझाएगा, भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा और दोनों राज्यों के विकास को नई गति देगा।

परियोजना का उद्देश्य

यह परियोजना 1994 के अपर यमुना बेसिन जल बंटवारा समझौते के तहत राजस्थान को आवंटित यमुना जल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगी। साथ ही, शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराकर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।

इन्फ्लुएंसर मीट से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान, डिजिटल मंचों पर गूंजेंगी प्रदेश की खूबसूरती

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पाँच दिवसीय फेम टूर में मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय वैभव

रायपुर- डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी।

मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं।

यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक  पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है।

डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।

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