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राहुल गांधी की सियासी हैसियत बढ़ाने की कोशिश है डिबेट की मांग, अमित शाह के प्रस्ताव से भी भागेंगे : ओपी चौधरी

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 रायपुर। राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दिए जाने और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता उन्हें कई बार नकार चुकी है और 100 से अधिक बार पराजय का सामना करना पड़ा है। अब वे अपनी राजनीतिक हैसियत बढ़ाने के लिए बहस की बात कर रहे हैं।


मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को जॉइंट पार्लियामेंट्री फोरम या संसद के विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव दिया है, लेकिन राहुल गांधी इस चर्चा से दूर भागेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक पहचान बढ़ाने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।

पांच लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य

ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की योजना की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश को 'पीपल सिटी' के रूप में विकसित करने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 'विकसित भारत संकल्प पीपल वन' का लोकार्पण किया था। इस अभियान के तहत अब प्रदेश में पांच लाख पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक लाख पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभियान के विस्तार को देखते हुए इसे बढ़ाकर पांच लाख कर दिया गया है।

वंदे मातरम के अधूरे गायन पर कॉलेज को नोटिस

रायगढ़ के एक कॉलेज में वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं होने के मामले पर भी वित्त मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में राष्ट्रगीत का अधूरा गायन हुआ था, जिसके बाद इसे पूरा कराया गया। मामले में कलेक्टर ने प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है। ओपी चौधरी ने लोगों से वंदे मातरम एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की।

नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर में विकास की नई राह

बस्तर के भविष्य और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर ओपी चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन कर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी थी। इसके लिए पूरा प्रदेश उनका आभारी है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। आने वाले समय में बस्तर पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के हित में राज्य निर्माण का फैसला नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए अब नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

6000 करोड़ के महादेव सट्टा कांड का मास्टरमाइंड रायपुर में, आज CBI कोर्ट में होगी पेशी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। करीब 6000 करोड़ रुपये के कथित अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर में CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। ओमान से भारत लाए गए चंद्राकर की पेशी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि CBI की पूछताछ में सट्टा नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।


ओमान से दिल्ली और फिर रायपुर पहुंचा सौरभ चंद्राकर

जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। भारत पहुंचने के बाद CBI ने सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। वहां अदालत ने जांच एजेंसी को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। इसके बाद CBI की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची है।

अब रायपुर में विशेष CBI अदालत के समक्ष उसकी पेशी होगी। इसके बाद जांच एजेंसी उससे कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी।

6000 करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी घोटाले का आरोप

सौरभ चंद्राकर को महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी सिंडिकेट का प्रमुख प्रमोटर बताया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए करीब 6000 करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सामने आए हैं।

महादेव ऑनलाइन बुक के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, ताश समेत कई खेलों और आयोजनों पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते थे। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और फ्रेंचाइजी का नेटवर्क तैयार किया गया था। आरोप है कि इस पूरे सिंडिकेट का संचालन विदेश से किया जा रहा था, जबकि भारत में इसके जरिए बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का कारोबार चलाया जा रहा था।

CM विष्णुदेव साय ने बताया बड़ी सफलता

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी कामयाबी बताया था। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि CBI मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों को बधाई भी दी थी।

कौन है सौरभ चंद्राकर?

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। बताया जाता है कि कभी उसकी जूस की दुकान थी और इससे पहले वह कपड़े की दुकान में काम करता था। वर्ष 2019 में वह दुबई गया, जहां उसने अपने सहयोगी रवि उप्पल को भी बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क खड़ा किया।

धीरे-धीरे यह नेटवर्क देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में शामिल हो गया। जांच एजेंसियां इस मामले में कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

पूछताछ से खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े बड़े राज

सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी को महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। CBI की पूछताछ में नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, देश-विदेश में फैले संपर्कों और कथित सहयोगियों की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

आज की बड़ी खबरें | 4 नवंबर 2026 | सुबह का न्यूज़ बुलेटिन | छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की टॉप हेडलाइंस

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नमस्कार! सुप्रभात!

आप देख रहे हैं आज का विशेष समाचार बुलेटिन।

आज दिनांक 4 नवंबर 2026, बुधवार। मैं हूँ आपका समाचार प्रस्तोता और आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूँ आज की सुबह की बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों के साथ।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

राज्योत्सव के समापन समारोह में अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लिया। विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन और विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी चर्चा में रहा।

महादेव ऐप मामला: आरोपी चंद्राकर रायपुर लाए गए

महादेव ऐप मामले के आरोपी चंद्राकर को रायपुर लाए जाने और आज 4 नवंबर को अदालत में पेशी की खबर सुर्खियों में है।

NIT रायपुर में ₹20 करोड़ का IndiaAI सेंटर

माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए NIT रायपुर में ₹20 करोड़ का IndiaAI सेंटर शुरू होने की खबर है।

आयुष्मान योजना में कार्रवाई: अनियमितताओं की जांच के बाद छत्तीसगढ़ में 16 अस्पतालों का पंजीकरण रद्द किए जाने की खबर है। इनमें आठ अस्पताल रायपुर के बताए गए हैं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: राज्य कर निरीक्षक की 2021-22 विभागीय भर्ती परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के मामले में चयन रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा और नई परीक्षा कराने का निर्देश दिया।

दुर्ग में छात्र आंदोलन: हॉस्टल की अव्यवस्थाओं और भोजन भत्ते की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया।

राजधानी की स्थानीय खबर: रायपुर में 1,900 स्ट्रीट लाइट सेट वितरित होने के बावजूद कई इलाकों में अंधेरे की समस्या बनी हुई है।

राष्ट्रीय समाचार – देश की बड़ी खबरें

DRDO का प्रलय मिसाइल परीक्षण

ओडिशा के चांदीपुर तट से DRDO ने प्रलय मिसाइल का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान दो निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के गांवों के 2,524 लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

Aditya-L1 ने सूर्य के रहस्यों पर नई जानकारी दी

भारत के पहले अंतरिक्ष आधारित सौर वेधशाला मिशन Aditya-L1 ने सौर विस्फोटों के अंतरिक्ष में फैलने के तरीके को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

चुनाव आयोग का SIR पर स्पष्टीकरण

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन पुराने मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उनके लिए Form 6 जमा करने को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट में अहम मामला

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों को त्योहारों के दौरान रोकने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।

दवा निर्माण के नियमों में बदलाव की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने Drugs Rules, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य दवाओं के बैच रिलीज करने में योग्य और अधिकृत कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

अहमदाबाद में 61 लोगों को हिरासत में लिया गया

पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे होने के संदेह में 61 लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

देश में स्वदेशी AI मॉडल

IndiaAI मिशन के तहत EKA-1 और Dhīr सीरीज के स्वदेशी AI मॉडल पेश किए जाने की खबर है। इनके उपयोग में बैंकिंग, रक्षा, साइबर सुरक्षा और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ कार्रवाई

हरियाणा में करीब 50,000 किलो मिलावटी मिठाइयां और नकली पनीर नष्ट किए जाने की खबर है। दिल्ली में भी हजारों किलो खराब खोया जब्त किया गया।

असम में सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नियम

असम कैबिनेट ने बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने संबंधी नियम में बदलाव को मंजूरी दी है।

रेलवे और बुनियादी ढांचा

बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच जलाशयों की वैज्ञानिक गाद निकासी तथा सड़क निर्माण में गाद के उपयोग को लेकर समझौता हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार – दुनिया की हलचल

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और लोकप्रियता की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।


यूक्रेन में रूसी हमले में 31 लोगों की मौत

दक्षिणी यूक्रेन में मानवीय सहायता लेने पहुंचे लोगों के स्थल पर रूसी हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है। ऊर्जा संयंत्रों पर भी हमले किए गए।


अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार

कूटनीतिक बातचीत के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावनाएं अनिश्चित हैं। क़ेश्म द्वीप पर हमले की खबरों से क्षेत्रीय तनाव और तेल बाजार पर दबाव बना हुआ है।

नेपाल में एवरेस्ट के पास हेलीकॉप्टर टक्कर

फेरीचे इलाके में दो हेलीकॉप्टरों की टक्कर में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो लोगों के घायल होने की खबर है। नेपाल ने जांच शुरू की है।


इजरायल में राजनीतिक गतिरोध: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरोधी दलों के नेताओं ने राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। चुनाव परिणामों के बाद स्पष्ट बहुमत का संकट बना हुआ है।

भारत-नेपाल संबंध: सुधाकर दलेला ने नेपाल में भारत के नए राजदूत के रूप में कार्यभार संभालने के लिए काठमांडू पहुंचने की खबर है।

अर्थव्यवस्था, कारोबार और बैंकिंग

प्रमुख अपडेट

                खबर

  1. कोटक महिंद्रा बैंक

  1. Deutsche Bank के भारत के रिटेल बैंकिंग कारोबार के अधिग्रहण को CCI की मंजूरी

  1. SBI

  1. बैंक ने 14–15% ऋण वृद्धि का लक्ष्य बताया

  1. फिक्स्ड डिपॉजिट

  1. Bank of India और Suryoday Small Finance Bank ने चुनिंदा FD दरों में बदलाव किया

  1. स्टील उद्योग

  1. Tata Steel, JSW Steel और SAIL ने कुछ स्टील उत्पादों की कीमतें बढ़ाईं

  1. RBI

  1. महंगाई की उम्मीदों और उपभोक्ता विश्वास को मापने के लिए तीन सर्वे शुरू करने की घोषणा

  1. तेल बाजार

  1. ब्रेंट क्रूड का पिछला बंद भाव लगभग $103.60 प्रति बैरल रहा

बैंकिंग क्षेत्र की विशेष खबर: SBI ने संभावित साइबर हमले के बाद 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड उजागर होने की घटना की जांच शुरू की है।

रक्षा और सुरक्षा
  • DRDO ने प्रलय मिसाइल का परीक्षण किया।

  • यूक्रेन में ऊर्जा ढांचे पर रूस के हमले जारी हैं।

  • अमेरिका-ईरान तनाव के कारण पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील है।

  • छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था राज्य की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में बनी हुई है।

विज्ञान, टेक्नोलॉजी और AI

Aditya-L1: सूर्य के विस्फोटों पर नई वैज्ञानिक जानकारी।

स्वदेशी AI: भारत में EKA-1 और Dhīr मॉडल पेश किए गए।

छत्तीसगढ़: NIT रायपुर में माइनिंग और हेल्थ AI सेंटर की शुरुआत।


 मौसम समाचार
मौसम अलर्ट

  • छत्तीसगढ़: कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना।

  • आंध्र प्रदेश: कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान।

  • तेलंगाना: अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की आशंका।

  • तमिलनाडु और केरल: कुछ क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट।

  • बंगाल की खाड़ी: समुद्र में खराब परिस्थितियों के चलते मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह।

रायपुर सहित राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए स्थानीय मौसम चेतावनी और जिला प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।

खेल जगत की खबरें

भारत बनाम न्यूजीलैंड – पहला ODI आज

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज ऑकलैंड के Eden Park में सुबह 7:30 बजे से शुरू होना निर्धारित है। शुभमन गिल भारत की कप्तानी करेंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली पर खास नजर रहेगी।


T20 सीरीज: भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली पांच मैचों की T20 सीरीज 3-2 से जीती थी।

IPL 2027: खिलाड़ियों के रिटेंशन की अंतिम तारीख 17 नवंबर निर्धारित है। सूर्यकुमार यादव की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मुंबई इंडियंस के प्रशंसकों में चर्चा है।

सिनेमा और मनोरंजन

रामायण फिल्म की रिलीज कल

नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म रामायण 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म की एडवांस बुकिंग चर्चा में है।


  • AI Deepfake पर चिंता: चिरंजीवी और राम चरण ने AI के गलत इस्तेमाल और कलाकारों की फर्जी तस्वीरों एवं वीडियो के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
  • फिल्म जगत: जाह्नवी कपूर और कीर्ति सुरेश की तस्वीरों के दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा जारी है।
वायरल और ट्रेंडिंग खबरें

रायपुर में मोतियों से बनी 20 फीट की हनुमान प्रतिमा
  • 2.5 लाख मोतियों से बनी विशाल हनुमान प्रतिमा रायपुर के एक मॉल में स्थापित की गई है। इसे तैयार करने में करीब 300 घंटे लगे। यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है।
  • रामायण फिल्म की एडवांस बुकिंग और चर्चा।

  • AI Deepfake पर नियंत्रण की मांग।

  • भारत-न्यूजीलैंड क्रिकेट मुकाबला।

  • छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की तस्वीरें और आयोजन।

आज का संपादकीय विचार

आज के दिन की तीन सबसे महत्वपूर्ण बातें:

  1. छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव के बाद विकास योजनाओं और सरकारी घोषणाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।

  2. देश में AI, रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की प्रगति महत्वपूर्ण है।

  3. छत्तीसगढ़ में बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए।

आज का बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। आपका दिन शुभ हो!


सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, भूपेश बघेल को झटका; हाईकोर्ट में अब क्या होगा?

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े चुनाव याचिका मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। इस घटनाक्रम के बीच बिलासपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को होने वाली भाजपा सांसद विजय बघेल की गवाही भी टल गई। अब अदालत में उनका बयान 5 नवंबर को दर्ज किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस चुनाव याचिका मामले की अगली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।


हाईकोर्ट में गवाही टालने के लिए पेश किया गया आवेदन

जानकारी के मुताबिक, चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में विजय बघेल की गवाही होनी थी। इसी बीच भूपेश बघेल की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने अदालत में आवेदन पेश कर सुनवाई के लिए अगली तारीख देने की मांग की।

आवेदन में सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला दिया गया था। इसके बाद गवाही की कार्यवाही आगे बढ़ा दी गई। अब विजय बघेल 5 नवंबर को हाईकोर्ट में अपना बयान दर्ज कराएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की भूपेश बघेल की SLP

इस मामले में सबसे अहम घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट का फैसला रहा। भूपेश बघेल की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका को शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया। इससे उन्हें सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई राहत नहीं मिल सकी।

SLP खारिज होने के बाद अब चुनाव याचिका से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया बिलासपुर हाईकोर्ट में जारी रहेगी।

5 नवंबर की सुनवाई पर टिकी नजरें

चुनाव याचिका मामले में विजय बघेल की गवाही को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 नवंबर को हाईकोर्ट में उनका बयान दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अब देखना होगा कि गवाही के दौरान कौन से तथ्य सामने आते हैं और चुनाव याचिका की कानूनी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।

नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’, अमित शाह ने किया विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन

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 रायपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16 में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने पार्क परिसर में पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश भी दिया।


उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को चिरस्थायी बनाने और भावी पीढ़ियों तक राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प पार्क का निर्माण किया गया है। यह पार्क विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की परिकल्पना का प्रतीक होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।


नवा रायपुर को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस पार्क में अब तक 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यह पार्क नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ ही शहर की हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप तथा कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

‘People for Peepal’ अभियान से पर्यावरण संरक्षण में बढ़ेगी जनभागीदारी

नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘People for Peepal’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं, बल्कि नागरिकों को पौधों के संरक्षण, संवर्धन और नियमित देखभाल से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।


इसी पहल के अंतर्गत विकसित भारत संकल्प पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। भारतीय संस्कृति में पीपल के वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व है। इस अभियान के माध्यम से पीपल के प्रति जनआस्था को प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा जा रहा है।

विकसित भारत संकल्प पार्क आधुनिक शहरी विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगी।

विजय शर्मा का खड़गे को हुडी से जवाब, लिखा- ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’ सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

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 रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद छत्तीसगढ़ में भी सियासी प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस विवाद पर अनोखे अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें उनकी काली हुडी पर लिखा संदेश राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हुडी पर बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’


विजय शर्मा की इस तस्वीर को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हुडी पर लिखे संदेश से दिया राजनीतिक जवाब

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काली हुडी पहने अपनी तस्वीर साझा की। इस हुडी पर अंग्रेजी में ‘Modi Kahin Nahi Jayega Broooo!’ लिखा हुआ है। इस संदेश के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर खड़गे की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच विजय शर्मा का यह अलग अंदाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है। भाजपा समर्थक इसे खड़गे के बयान का जवाब बता रहे हैं।

पटना में खड़गे के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 25 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में कांग्रेस की ओर से श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित कर रहे थे।

इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने अपनी जगह से आवाज लगाते हुए कहा- ‘मोदी नहीं जाएगा।’ इस पर खड़गे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इसके बाद भाजपा नेताओं ने खड़गे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। अब छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की हुडी वाली तस्वीर ने इस राजनीतिक विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आया विजय शर्मा का पोस्ट

विजय शर्मा ने सीधे किसी लंबे राजनीतिक बयान के बजाय हुडी पर लिखे संदेश के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उनकी पोस्ट को प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन और खड़गे की टिप्पणी पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। अब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ के खैरा गांव ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड: सभी 141 घरों की छतों पर लगे रूफटॉप सोलर सिस्टम, बना देश का पहला 100% सोलर विलेज

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राजनांदगांव- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छोटे से गांव खैरा ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गांव के सभी 141 घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही खैरा प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत देश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां शत-प्रतिशत घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ा गया है।

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि गांव के किसी भी परिवार को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड की मदद से परियोजना को पूरा किया गया। अब गांव के हर घर की छत पर बिजली पैदा करने की व्यवस्था मौजूद है।

141 घरों में 2-2 किलोवाट के सोलर सिस्टम

खैरा गांव की कुल आबादी लगभग 889 है। यहां के प्रत्येक 141 घरों में 2 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया गया है। इस तरह पूरे गांव की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता करीब 282 किलोवाट हो गई है।

इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि गांव के सभी परिवारों को इस योजना से जोड़ा गया है। अब ग्रामीण अपने घरों की छत पर ही बिजली पैदा कर सकेंगे और परंपरागत बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम कर सकेंगे।

सरकारी सब्सिडी और CSR फंड से पूरा हुआ काम

इस परियोजना को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का उपयोग किया गया। इसके बाद जो राशि शेष रही, उसकी व्यवस्था CSR फंड के माध्यम से की गई। इसी वजह से ग्रामीणों को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अपनी ओर से कोई रकम नहीं देनी पड़ी।

गांव के कुल 141 सोलरयुक्त घरों में से 93 घर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बनाए गए हैं। इससे कम आय वाले और जरूरतमंद परिवारों को भी स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिला है।

‘सूर्य सखियों’ ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को किया जागरूक

खैरा गांव को 100 प्रतिशत सोलर गांव बनाने में स्थानीय महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ‘पीएम सूर्य सखी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया।

इन महिलाओं ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को सोलर योजना की जानकारी दी। उन्होंने लोगों को इसके फायदे समझाए और आवेदन भरने, जरूरी दस्तावेज जुटाने तथा बैंक संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में मदद की।

पद्मश्री सम्मानित फूलबासन बाई यादव से जुड़े महिला समूहों ने भी इस अभियान में सहयोग किया। स्थानीय महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने ग्रामीणों के बीच योजना को लेकर भरोसा बढ़ाया और सभी परिवारों को इससे जोड़ने में मदद की।

बिजली बिल में मिलेगी राहत, अतिरिक्त बिजली का भी हो सकता है फायदा

रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने से ग्रामीण परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। घरों में सौर ऊर्जा से बनी बिजली का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे सामान्य बिजली आपूर्ति पर निर्भरता घट सकती है।

नेट मीटरिंग की व्यवस्था के तहत यदि सोलर सिस्टम से जरूरत से अधिक बिजली पैदा होती है, तो निर्धारित नियमों और कनेक्शन की शर्तों के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है। इससे बिजली की खपत और ग्रिड को दी गई बिजली का हिसाब मीटर के जरिए रखा जाता है।

इस तरह ग्रामीण केवल बिजली के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन में योगदान देने वाले परिवार भी बन सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बचत मौसम, बिजली की खपत और संबंधित बिजली कनेक्शन की शर्तों पर निर्भर करेगी।

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भी मिला लाभ

इस पहल का लाभ गांव के अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों तक पहुंचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गांव में अनुसूचित जनजाति के 21 परिवार और अनुसूचित जाति के 4 परिवार भी रहते हैं। सभी घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल ने ऊर्जा सुविधाओं तक पहुंच को व्यापक बनाया है।

पेंशन पर निर्भर रहने वाले परिवारों, मजदूरों और घरेलू काम करने वाले लोगों के लिए बिजली खर्च में संभावित कमी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सीमित आमदनी वाले परिवारों के लिए बिजली बिल में बचत का अर्थ रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे बचना भी है।

जिला प्रशासन, पंचायत और ग्रामीणों के तालमेल से मिली सफलता

इस परियोजना को सफल बनाने में जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत, बैंक, CSR सहयोगी संस्थाओं और स्थानीय महिला समूहों ने मिलकर काम किया। ग्रामीणों को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाए गए और विशेष बैंकिंग शिविरों के माध्यम से दस्तावेजों तथा आवेदन संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा कराया गया।

राजनांदगांव के कलेक्टर जितेंद्र यादव के अनुसार, खैरा की सफलता प्रशासन, स्थानीय समुदाय, बैंकों, CSR भागीदारों और महिला समूहों के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने इस मॉडल को दूसरे गांवों में भी लागू किए जाने की संभावना जताई है।

दूसरे गांवों के लिए भी बन सकता है मॉडल

खैरा की उपलब्धि केवल 141 घरों में सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है। यह दिखाती है कि सरकारी योजनाओं, स्थानीय भागीदारी और अतिरिक्त वित्तीय सहयोग के जरिए गांव के हर परिवार तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाई जा सकती है।

यदि इसी तरह दूसरे गांवों में भी प्रशासन, पंचायत और समुदाय मिलकर काम करें, तो ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का विस्तार किया जा सकता है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष: राजनांदगांव का खैरा गांव छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता की एक उल्लेखनीय मिसाल बनकर उभरा है। सभी 141 घरों में 2-2 किलोवाट के सोलर सिस्टम और कुल 282 किलोवाट की स्थापित क्षमता के साथ गांव ने दिखाया है कि जनभागीदारी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वच्छ ऊर्जा का लाभ हर घर तक पहुंचाया जा सकता है।


सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी—कोई भी समूह अनिश्चितकाल तक प्रदर्शन स्थल पर कब्जा नहीं कर सकता; हर संगठन को विरोध का समान अधिकार

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नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन और सार्वजनिक स्थलों के इस्तेमाल को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति, समूह या संगठन को किसी निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकाल तक कब्जा बनाए रखने का अधिकार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि देश के प्रत्येक नागरिक और संगठन को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन एक समूह के लंबे समय तक किसी स्थान पर जमे रहने से दूसरे लोगों के इसी अधिकार पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह टिप्पणी दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने कहा कि निर्धारित प्रदर्शन स्थलों का आवंटन एक तय अवधि के लिए होना चाहिए, ताकि किसान, मजदूर, ट्रेड यूनियन, पत्रकार और दूसरे संगठन भी अपनी मांगें उठाने के लिए उन स्थानों का इस्तेमाल कर सकें।

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है मामला

सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पुलिस कार्रवाई के बाद दायर याचिकाओं के समूह पर हो रही थी। इन याचिकाओं में प्रदर्शनकारियों की कथित सामूहिक हिरासत, पुलिस की कार्रवाई, इंटरनेट प्रतिबंध, मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और प्रदर्शन स्थलों तक पहुंच सीमित किए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।

इसी विवाद के बीच दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी अदालत का रुख किया। उनका कहना है कि लंबे समय तक चले प्रदर्शनों से बाजारों और कारोबार पर असर पड़ा तथा दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और रोजाना कमाने वाले लोगों की आजीविका प्रभावित हुई।

“एक समूह पूरी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता”

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी समूह यह नहीं कह सकता कि उसने किसी प्रदर्शन स्थल पर कब्जा कर लिया है और अब दूसरे लोग वहां प्रदर्शन नहीं कर सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक संगठन लंबे समय तक किसी स्थान पर बैठा रहेगा, तो किसान, मजदूर, पत्रकार और दूसरे संगठनों को अपनी बात रखने के लिए जगह कहां मिलेगी?

अदालत का जोर इस बात पर था कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित सार्वजनिक स्थलों का इस्तेमाल अलग-अलग समूहों को निश्चित समयावधि के लिए मिलना चाहिए। यानी किसी संगठन को प्रदर्शन की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसे उस स्थान पर अनिश्चितकाल तक बने रहने का अधिकार मिल गया है।

व्यापारियों ने कारोबार और आजीविका प्रभावित होने की शिकायत की

सुनवाई के दौरान दिल्ली के किराना समिति और अन्य व्यापारिक संगठनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि लंबे समय तक चले प्रदर्शनों के कारण राजधानी के कई व्यावसायिक इलाकों में कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में बाजारों की गतिविधियां बाधित होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

व्यापारिक संगठनों ने अदालत से दिल्ली में अगले दो महीने तक धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने पर विचार करने का आग्रह किया। हालांकि, अदालत ने इस मांग पर तत्काल कोई व्यापक प्रतिबंध लगाने का आदेश नहीं दिया। पीठ ने कहा कि इस विवाद को केवल प्रदर्शन बनाम व्यापार के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि दोनों पक्षों के अधिकार महत्वपूर्ण हैं।

प्रदर्शन का अधिकार और आजीविका का अधिकार—दोनों महत्वपूर्ण

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि संविधान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार देता है। वहीं, नागरिकों को व्यापार करने और अपनी आजीविका कमाने का अधिकार भी प्राप्त है।

अदालत ने विशेष रूप से छोटे दुकानदारों, दैनिक वेतन पर काम करने वाले मजदूरों और अन्य कामगारों की स्थिति का उल्लेख किया। पीठ के अनुसार, प्रदर्शन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे विरोध करने वालों को अपनी बात रखने का अवसर मिले, लेकिन आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और आजीविका भी अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

अदालत ने संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें अलग-अलग समूहों को उचित अवसर मिल सके और किसी एक समूह का लंबे समय तक कब्जा न रहे।

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का मामला भी विचाराधीन

इस सुनवाई में दिल्ली के जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का विवाद भी शामिल है। दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान जैसे अन्य स्थानों पर प्रदर्शन की व्यवस्था का मुद्दा उठा।

याचिकाकर्ताओं की ओर से इस फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत यह भी देख रही है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के पीछे अधिकारियों ने पर्याप्त विचार किया था या नहीं और वैकल्पिक स्थान प्रदर्शनकारियों की जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं।

पुलिस कार्रवाई और निगरानी से जुड़ी शिकायतें भी सुनवाई में शामिल

प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं में पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें प्रदर्शनकारियों की कथित अवैध हिरासत, पुलिस द्वारा मारपीट, बैरिकेडिंग, पत्रकारों और वकीलों को हिरासत में लेने तथा इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा प्रदर्शन स्थलों पर फेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल और लोगों की निजी जानकारी एकत्र करने को लेकर भी सवाल उठाए गए। अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में केवल सीसीटीवी कैमरे लगे होने का सवाल नहीं है, बल्कि यह भी देखना होगा कि चेहरों की पहचान और डेटाबेस से मिलान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किस कानूनी आधार पर किया जा रहा है और इससे निजता के अधिकार पर क्या प्रभाव पड़ता है।

पीठ ने इन सभी मुद्दों को अलग-अलग श्रेणियों में सुनने की बात कही, ताकि प्रत्येक मामले पर व्यवस्थित तरीके से विचार किया जा सके।

फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं, सुनवाई जारी

व्यापारिक संगठनों की याचिका पर अदालत ने नोटिस जारी किया और उनसे प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों को भी मामले में पक्षकार बनाने को कहा। पीठ का मानना था कि संबंधित संगठनों का पक्ष सुने बिना विवाद के सभी पहलुओं पर निर्णय लेना उचित नहीं होगा। अदालत ने व्यापारियों से नुकसान के आकलन से जुड़े विवरण भी रिकॉर्ड पर रखने को कहा।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकालीन कब्जे को लेकर की गई टिप्पणी सुनवाई के दौरान मौखिक न्यायिक टिप्पणी है। इसे सभी प्रदर्शनों पर रोक लगाने वाला अंतिम फैसला या आदेश नहीं समझा जाना चाहिए। पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शन स्थलों और अन्य संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी का मुख्य संदेश है कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, किसी एक संगठन को सार्वजनिक प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकाल तक कब्जा बनाए रखने का विशेषाधिकार नहीं मिल सकता। अदालत ने प्रदर्शन की स्वतंत्रता, आम नागरिकों की आजीविका और सार्वजनिक स्थानों के समान इस्तेमाल के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर जोर दिया है।


नेपाल में माउंट एवरेस्ट के पास बड़ा हादसा: लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टरों की टक्कर, चेन्नई के 47 वर्षीय भारतीय पर्यटक की मौत; तीन घायल

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काठमांडू/सोलुखुम्बु- नेपाल में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के पास मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। सोलुखुम्बु जिले के फेरेचे (Pheriche) स्थित हेलीपैड पर उतरने की कोशिश के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में चेन्नई निवासी 47 वर्षीय भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और भारतीय मूल का एक यात्री शामिल हैं।

सुबह करीब 8:11 बजे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब 8:11 बजे नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में खुम्बु पासांग ल्हामु ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर-4 स्थित फेरेचे हेलीपैड पर हुई। दोनों हेलीकॉप्टर लैंडिंग की प्रक्रिया में थे, तभी उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

हादसे में शामिल हेलीकॉप्टर निजी विमानन कंपनियों फिस्टेल एयर (Fishtail Air) और एयर डायनेस्टी (Air Dynasty) के थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फिस्टेल एयर का हेलीकॉप्टर यात्रियों को लेकर आ रहा था, जबकि एयर डायनेस्टी का हेलीकॉप्टर सामान लेकर पहुंचा था।

चेन्नई के 47 वर्षीय पर्यटक की मौके पर मौत

नेपाल पुलिस ने मृतक की पहचान चेन्नई, तमिलनाडु निवासी 47 वर्षीय वसंत कुमार बलरामुडु के रूप में की है। वह फिस्टेल एयर के हेलीकॉप्टर में सवार थे। टक्कर के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद मृतक के शव को हेलीकॉप्टर की मदद से लुकला पहुंचाया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव को आगे काठमांडू लाए जाने की प्रक्रिया की जानकारी भी सामने आई है।

तीन लोग घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। इनमें फिस्टेल एयर के पायलट रवींद्र प्रजापति, एयर डायनेस्टी के पायलट प्रज्ज्वल केसी और यात्री शैलेश कुमार पटेल शामिल हैं। पटेल न्यूजीलैंड के नागरिक हैं और भारतीय मूल के बताए गए हैं।

घायल यात्री और एक पायलट को एयरलिफ्ट कर काठमांडू के मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि दूसरे पायलट का इलाज लुकला के अस्पताल में किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दूसरे पायलट की हालत सामान्य बताई गई है।

क्या तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह?

हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच जारी है। नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुरुआती जानकारी के आधार पर तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनके अनुसार, दुर्घटना के समय मौसम साफ था, इसलिए खराब मौसम को संभावित कारण नहीं माना जा रहा। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी एक वजह को हादसे का जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।

नेपाल के नागरिक उड्डयन अधिकारियों और पुलिस की ओर से घटना से जुड़े अन्य तकनीकी और परिचालन पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर क्यों हैं इतने अहम?

माउंट एवरेस्ट और आसपास का हिमालयी क्षेत्र दुनिया के प्रमुख पर्वतीय पर्यटन और ट्रेकिंग स्थलों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक, पर्वतारोही और ट्रेकर्स पहुंचते हैं। फेरेचे एवरेस्ट बेस कैंप की ओर जाने वाले लोकप्रिय ट्रेकिंग मार्ग पर स्थित है और समुद्र तल से लगभग 4,200 मीटर की ऊंचाई पर है।

इस क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहद सीमित है। ऐसे में पर्यटकों और पर्वतारोहियों को लाने-ले जाने, जरूरी सामान पहुंचाने और बीमार या घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाता है। व्यस्त ट्रेकिंग सीजन के दौरान हेलीकॉप्टरों की आवाजाही भी बढ़ जाती है।

https://youtube.com/shorts/JSvZVkxBZis?si=P_tl8U7R-pyHGFR_

जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी वजह

माउंट एवरेस्ट के पास हुई इस दुर्घटना ने नेपाल के पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों का उपचार और दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है। संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों हेलीकॉप्टरों के रोटर ब्लेड किस परिस्थिति में टकराए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

निष्कर्ष: नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुए इस हादसे में एक भारतीय पर्यटक की जान चली गई और तीन लोग घायल हुए। ऊंचाई वाले दुर्गम इलाके में हुई यह दुर्घटना पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन के दौरान सुरक्षा और समन्वय के महत्व को फिर से सामने लाती है।


भारतीय नौसेना का बड़ा समुद्री ऑपरेशन, सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाला जहाज मुक्त; 20 लोगों की सुरक्षित बचाई गई जान

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भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अभियान चलाते हुए सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ को मुक्त कराया। करीब 48 घंटे तक चले इस अभियान में जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस कार्रवाई से समुद्र में फंसे लोगों को राहत मिली और समुद्री लूटपाट के खिलाफ भारत की सक्रिय भूमिका एक बार फिर सामने आई।

सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हुआ था जहाज का अपहरण

भारतीय नौसेना के अनुसार, मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) का सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास सशस्त्र समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया था। जहाज पर सवार चालक दल के सभी 20 सदस्य लुटेरों के कब्जे में थे। इस घटना ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।

नौसेना को आशंका थी कि समुद्री लुटेरे इस मछली पकड़ने वाले जहाज का इस्तेमाल ‘मदर शिप’ के रूप में कर सकते हैं। मदर शिप ऐसे बड़े जहाज को कहा जाता है, जिसका उपयोग समुद्री लुटेरे छोटे जहाजों के जरिए आसपास से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए आधार के तौर पर करते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को खतरा हो सकता था।

नौसेना के युद्धपोत और निगरानी विमान ने संभाला मोर्चा

अपहरण की सूचना मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने मिशन पर तैनात एक युद्धपोत को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा। इसके साथ समुद्री निगरानी विमान की भी मदद ली गई। दोनों प्लेटफॉर्म ने आपसी तालमेल के साथ लगातार निगरानी की और जहाज की लोकेशन का पता लगाया।

जहाज की गतिविधियों पर नजर रखते हुए नौसेना ने ऐसे गैर-घातक उपाय अपनाए, जिनसे उसकी आवाजाही सीमित की जा सके और समुद्री लुटेरे जहाज को लेकर भाग न सकें। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य जहाज को सुरक्षित नियंत्रण में लेना और चालक दल के सदस्यों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना मुक्त कराना था।

भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से पहुंचे मरीन कमांडो

इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने भी अहम भूमिका निभाई। वायुसेना के विशाल परिवहन विमान C-17 के जरिए सटीक एयरड्रॉप कर मरीन कमांडो को अभियान में शामिल किया गया। इसके बाद नौसेना के जवानों और कमांडो ने समन्वित सामरिक कार्रवाई करते हुए जहाज को सुरक्षित किया और समुद्री लुटेरों के खतरे को समाप्त किया।

नौसेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 48 घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के बाद जहाज को मुक्त करा लिया गया। उस पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस कार्रवाई में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना की सराहना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल अभियान के लिए भारतीय नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समुद्री लुटेरों के कब्जे से जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित मुक्त कराना नौसेना की उच्च परिचालन क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने की योग्यता को दर्शाता है।

उन्होंने अभियान में भारतीय वायुसेना के समय पर मिले सहयोग की भी सराहना की। यह कार्रवाई भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण भी बनी।

हिंद महासागर में भारत की समुद्री सुरक्षा भूमिका

हिंद महासागर क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस समुद्री क्षेत्र से बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज और व्यापारिक पोत गुजरते हैं। ऐसे में समुद्री लूटपाट की घटनाएं न केवल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक व्यापारिक मार्गों को भी प्रभावित कर सकती हैं।

भारतीय नौसेना ने कहा है कि वह समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों की रक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘अजिनी’ को मुक्त कराने का अभियान इसी जिम्मेदारी के तहत की गई कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

निष्कर्ष: सोमालिया के तट के पास चलाया गया यह अभियान भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और मरीन कमांडो के संयुक्त प्रयास का उदाहरण है। 48 घंटे से अधिक चले ऑपरेशन में सभी 20 लोगों की सुरक्षित रिहाई ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को रेखांकित किया।


ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 14 साल का शानदार सफर समाप्त; 3 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का रहे हिस्सा

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सिडनी- ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज, आक्रामक शॉट्स और मैच का रुख पलटने की क्षमता के लिए मशहूर मैक्सवेल का 14 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर अब समाप्त हो गया है। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने अपने इस फैसले की जानकारी 'द फाइनल वर्ड' पॉडकास्ट के जरिए दी।

मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 7 टेस्ट, 149 वनडे और 130 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच खास पहचान बनाई।

तीनों फॉर्मेट में शानदार रहा करियर

ग्लेन मैक्सवेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 286 मुकाबले खेले और 7,226 रन बनाए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 शतक और 136 विकेट दर्ज हैं।

उनके प्रारूपवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • टेस्ट क्रिकेट: 7 मैच, 339 रन और 1 शतक।

  • वनडे क्रिकेट: 149 मैच, 3,990 रन, 4 शतक और 77 विकेट।

  • टी-20 अंतरराष्ट्रीय: 130 मैच, 2,897 रन, 5 शतक और 51 विकेट।

टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका स्ट्राइक रेट 154.42 रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।

2015 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप जीत में निभाई अहम भूमिका

मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 की वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा 2021 में टी-20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वह केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए भी जाने जाते थे। मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाना और बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच जिताना उनकी खास पहचान रही।

अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रन की पारी हमेशा रहेगी यादगार

ग्लेन मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की पारी शामिल है।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया 292 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 91 रन पर 7 विकेट गंवा चुका था। टीम की हार लगभग तय नजर आ रही थी, लेकिन मैक्सवेल ने असाधारण बल्लेबाजी करते हुए 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बना दिए।

इस दौरान उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के लगाए। कप्तान पैट कमिंस के साथ आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रनों की साझेदारी कर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस पारी को वनडे विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।

पहले ही वनडे क्रिकेट से ले चुके थे संन्यास

मैक्सवेल ने जून 2025 में वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने 50 ओवर के क्रिकेट की शारीरिक चुनौतियों और अपने शरीर को फिट रखने की जरूरत को फैसले की प्रमुख वजह बताया था।

हालांकि, उन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व जारी रखा। फरवरी 2026 में टी-20 विश्व कप के दौरान ओमान के खिलाफ मुकाबला उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ।

अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विक्टोरिया की ओर से घरेलू 50 ओवर और चार दिवसीय रेड बॉल क्रिकेट से भी दूरी बनाने का फैसला किया है।

आईपीएल और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में जारी रह सकता है सफर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मैक्सवेल ने पेशेवर टी-20 क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई है। वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए भी उनका खेलना जारी रहने की उम्मीद है।

मैक्सवेल ने बताया कि अब वह अपने शरीर और फिटनेस पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं, ताकि अपने क्रिकेट करियर के बचे हुए टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

14 साल के सफर का भावुक अंत

अपने संन्यास के बारे में बात करते हुए मैक्सवेल ने कहा कि यह फैसला उनके लिए थोड़ा भावुक करने वाला है, लेकिन उन्हें लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय आ गया है। उन्होंने अपने देश के लिए खेलने के अवसर और टीम के साथ बिताए समय के प्रति आभार व्यक्त किया।

मैक्सवेल के संन्यास के साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक ऐसे दौर का अंत हो गया है, जिसमें उन्होंने अपनी अलग शैली, आक्रामक बल्लेबाजी और असाधारण मैच जिताऊ पारियों से खास पहचान बनाई।

उनके प्रशंसक उन्हें खास तौर पर 'द बिग शो' के नाम से याद रखेंगे।


ट्राइडेंट के शेयरों में 13% तक की जोरदार तेजी, दूसरी तिमाही में मुनाफा 93% बढ़कर ₹175.58 करोड़; कंपनी ने किया ₹4,650 करोड़ के निवेश का ऐलान

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नई दिल्ली- टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की प्रमुख कंपनी ट्राइडेंट लिमिटेड (Trident Limited) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के शानदार नतीजों के बाद शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान करीब 13.4 प्रतिशत तक उछलकर ₹25.18 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कंपनी ने सितंबर तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 93.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

कंपनी ने सोमवार को जारी वित्तीय नतीजों में बताया कि सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹175.58 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹90.93 करोड़ था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।

मुनाफे में बड़ी वृद्धि, लेकिन राजस्व में आई गिरावट

ट्राइडेंट के वित्तीय नतीजों के अनुसार, दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 3.79 प्रतिशत घटकर ₹1,719.48 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹1,787.17 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था।

हालांकि, कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। दूसरी तिमाही में EBITDA 46.5 प्रतिशत बढ़कर ₹313.7 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹214.1 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन भी 12 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत हो गया। यानी कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में सुधार हुआ है और कम राजस्व के बावजूद मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यार्न और बेडशीट कारोबार का बेहतर प्रदर्शन

कंपनी के अलग-अलग कारोबार पर नजर डालें तो यार्न और बेडशीट सेगमेंट में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।

  • यार्न कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹1,018.96 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹923.64 करोड़ था।

  • टॉवल कारोबार: राजस्व घटकर ₹570.75 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹723.46 करोड़ था।

  • बेडशीट कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹311.36 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹261.22 करोड़ था।

  • पेपर और केमिकल्स कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹287.90 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹246.89 करोड़ था।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यार्न और बेडशीट कारोबार ने कंपनी की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया, जबकि टॉवल सेगमेंट में गिरावट देखने को मिली।

₹4,650 करोड़ के निवेश से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ ही ट्राइडेंट के बोर्ड ने कंपनी के विभिन्न कारोबार में क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए करीब ₹4,650 करोड़ की निवेश योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत मध्य प्रदेश में कंपनी की मौजूदा उत्पादन इकाइयों का विस्तार करने के साथ नई विनिर्माण सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:

  1. बुधनी में विस्तार: मध्य प्रदेश के बुधनी स्थित मौजूदा यार्न निर्माण संयंत्र में 99,840 अतिरिक्त स्पिंडल लगाए जाएंगे।

  2. धार में नया प्लांट: मध्य प्रदेश के धार में 1,99,680 स्पिंडल क्षमता वाली नई यार्न विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इसके लिए कंपनी लगभग 179.2 एकड़ लीजहोल्ड जमीन खरीद चुकी है।

  3. शीटिंग कारोबार: उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 336 अतिरिक्त लूम लगाए जाएंगे।

  4. पेपर कारोबार: पेपर निर्माण क्षमता में प्रतिदिन 28 टन (TPD) की वृद्धि की जाएगी।

  5. नवीकरणीय ऊर्जा: कंपनी ने 60 मेगावाट पवन ऊर्जा और 20 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता वाली हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा परियोजना की भी योजना बनाई है।

कंपनी का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता सुधारने और भविष्य की कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

शेयर बाजार में क्यों आई तेजी?

ट्राइडेंट के शेयरों में तेजी की प्रमुख वजह दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे की 93 प्रतिशत से अधिक वृद्धि और कंपनी की बड़ी निवेश योजना को माना जा रहा है।

मंगलवार को बीएसई पर शेयर ₹22.20 के पिछले बंद भाव से बढ़कर कारोबार के दौरान ₹25.18 तक पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर परिचालन मार्जिन, मुनाफे में वृद्धि और भविष्य की उत्पादन विस्तार योजनाओं ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, कंपनी के राजस्व में गिरावट और टॉवल कारोबार के कमजोर प्रदर्शन पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

आगे क्या रहेगी नजर?

अब निवेशकों की नजर कंपनी की ₹4,650 करोड़ की निवेश योजना को लागू करने की समयसीमा, नए संयंत्रों की स्थापना, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और आने वाली तिमाहियों के वित्तीय प्रदर्शन पर रहेगी।

ट्राइडेंट के दूसरी तिमाही के नतीजों ने कंपनी की लाभप्रदता में सुधार का संकेत दिया है। हालांकि, राजस्व में गिरावट यह भी बताती है कि कंपनी के सामने कुछ कारोबारी चुनौतियां बनी हुई हैं।


दिल्ली में पटाखों की अवैध बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मीडिया रिपोर्ट का लिया संज्ञान; केंद्र और दिल्ली सरकार को कार्रवाई के निर्देश

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नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली और एनसीआर में दीपावली से पहले पटाखों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली के बाजारों में प्रतिबंधों के बावजूद खुलेआम पटाखे बेचे जाने से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट का उल्लेख किया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अदालत के निर्देशों के बावजूद दिल्ली के कई बाजारों में लाइसेंसी और बिना लाइसेंस वाले पटाखे खुलेआम बेचे जा रहे हैं। यहां तक कि ग्रीन पटाखों के नाम पर सामान्य पटाखों की बिक्री भी की जा रही है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से इस मामले को गंभीरता से देखने और आवश्यक कदम उठाने को कहा। अदालत ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बाजारों में क्यूआर कोड वाले और बिना क्यूआर कोड वाले सभी प्रकार के पटाखे उपलब्ध हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अदालत के आदेशों का उल्लंघन न हो।

कई बाजारों में खुलेआम बिक रहे थे पटाखे

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार, शास्त्री नगर, सरोजिनी नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कई बाजारों में पटाखों की बिक्री देखी गई। दुकानदार ग्रीन क्रैकर्स, पॉल्यूशन फ्री और जीरो पॉल्यूशन के नाम से पटाखे बेच रहे थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ दुकानों में पारंपरिक पटाखे ग्राहकों की मांग पर उपलब्ध कराए जा रहे थे। कई पटाखों के डिब्बों पर अनिवार्य क्यूआर कोड नहीं थे, जबकि कुछ डिब्बों पर मौजूद क्यूआर कोड से उत्पाद की वास्तविक प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो पा रही थी।

इससे ग्रीन पटाखों के नाम पर प्रतिबंधित और अप्रमाणित पटाखों की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

दीपावली पर ग्रीन पटाखों की बिक्री को मिली सीमित अनुमति

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 के आदेश में दिल्ली-एनसीआर में दीपावली के अवसर पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को कुछ शर्तों के साथ सीमित अवधि के लिए अनुमति दी है।

अदालत के आदेश के अनुसार:

  • 4 से 6 नवंबर तक निर्धारित स्थानों पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी।

  • पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

  • केवल CSIR-NEERI और PESO से प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकेंगे।

  • प्रत्येक पटाखे के डिब्बे पर उत्पाद से संबंधित क्यूआर कोड होना अनिवार्य होगा।

  • पटाखे जलाने की अनुमति 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक ही होगी।

  • अस्पतालों, नर्सिंग होम, वृद्धाश्रम, शैक्षणिक संस्थानों और निर्धारित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक रहेगी।

  • बमों की लड़ियां (लड़ी), बेरियम युक्त और अप्रमाणित पटाखों के निर्माण एवं बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर निगरानी रखने के लिए प्रशासन और पुलिस को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्धारित बिक्री केंद्रों पर निगरानी रखने, पटाखों के क्यूआर कोड की जांच करने और अवैध पटाखों की आपूर्ति रोकने के लिए वाहनों की जांच करने को कहा गया है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि अवैध और पारंपरिक पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा ऐसे पटाखों को जब्त किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और व्यापारियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसके अलावा पटाखा निर्माताओं और व्यापारियों से सुरक्षा राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन होने पर यह राशि जब्त की जा सके।

प्रदूषण और स्वास्थ्य पर भी सुप्रीम कोर्ट की नजर

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को गंभीरता से लिया है। अदालत ने संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दीपावली से पहले और बाद में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या में होने वाले बदलाव का आंकड़ा जुटाने के निर्देश दिए हैं।

संबंधित अधिकारियों को 14 दिसंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से साफ है कि दीपावली के दौरान पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल के लिए तय नियमों का पालन कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।


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