Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

अर्बन चैलेंज फंड से छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारे शहरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ के शहरों का विकास वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहकर आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित, समावेशी, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम होना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन चौलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ कर संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और नई गति मिली है। अर्बन चौलेंज फंड जैसे अभिनव प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा अवसर हैं। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करनी होंगी, जो नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करें।


’नगरीय विकास को मजबूती देने दो महत्वपूर्ण एमओयू’

कार्यशाला के दौरान प्रदेश के नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला एमओयू हुडको और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा एमओयू नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री साय ने इन समझौतों को प्रदेश के नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की बेहतर योजना तैयार करने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलेगा। इससे शहरों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहरी विकास में विशेषज्ञ संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों और शासन के बीच मजबूत साझेदारी समय की आवश्यकता है। इस प्रकार का संस्थागत सहयोग छत्तीसगढ़ के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

’विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में नगरीय अर्थव्यवस्था की बड़ी भूमिका’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसे धरातल पर उतारने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें ऐसे शहर विकसित करने हैं जो निवेश को आकर्षित करें, उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें, रोजगार के नए अवसर सृजित करें और साथ ही नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। सुनियोजित शहरीकरण विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।

’शहरों की समस्याओं का हो स्थायी समाधान’

मुख्यमंत्री साय ने नगरीय निकायों से कहा कि विकास की योजनाएं केवल आज की समस्याओं के समाधान को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, जल निकासी, सड़क, बिजली, स्वच्छता, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं की दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। उन्होंने शहरों में जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि बरसात के दिनों में नागरिकों को होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान होना चाहिए। इसके लिए प्रभावी और दीर्घकालिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने बिजली एवं अन्य सेवाओं के अव्यवस्थित तारों की समस्या पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर जुलूस या बड़े वाहनों के आवागमन के दौरान बिजली के तारों को ऊपर उठाने जैसी स्थिति बनती है। यह न तो नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से उचित है और न ही आधुनिक शहरी व्यवस्था के अनुरूप। जहां संभव हो, वहां बिजली एवं अन्य सेवाओं के तारों को भूमिगत करने की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी आवश्यक है। पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी और स्वच्छता जैसे कार्य अलग-अलग न होकर समग्र शहरी नियोजन का हिस्सा होने चाहिए।

’अपने शहरों के भविष्य की योजना बनाएं जनप्रतिनिधि’

मुख्यमंत्री साय ने कार्यशाला में उपस्थित महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों तथा अधिकारियों से कहा कि जनता ने उन्हें अपने शहरों के विकास की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसलिए अपने शहर की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं को समझकर उनका स्थायी समाधान तलाशना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्बन चौलेंज फंड नगरीय निकायों के लिए बड़ा अवसर है। सभी निकाय इसके प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन करें, विशेषज्ञों से संवाद करें और ऐसी परियोजनाएं तैयार करें जो तकनीकी रूप से मजबूत, नागरिकों के लिए उपयोगी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से मिलने वाला तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञों के सुझाव प्रदेश के नगरीय विकास को नई दिशा देंगे। शासन, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों और विशेषज्ञ संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित, सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

’अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासश् के मूल मंत्र के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों तक सड़क, बिजली, आवास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से भी जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिली है।

प्रदेश में रेल अधोसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को रेलवे के क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। बस्तर के रावघाट क्षेत्र तक रेल संपर्क का विस्तार तथा रायपुर से कुरुद तक रेल सेवा का शुभारंभ प्रदेश के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां की उर्वर भूमि, प्रचुर संसाधन और परिश्रमी नागरिक हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं ने प्रदेश में विकास और निवेश की नई संभावनाओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि श्छत्तीसगढि़या सबले बढि़याश् की पहचान को और सशक्त करते हुए हम सभी को मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जो वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए।

’एक लाख करोड़ रुपए का अर्बन चौलेंज फंड शहरों के लिए बड़ा अवसर रू  अरुण साव’

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अर्बन चौलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास के लिए बड़ा अवसर है। अब चुनौती यह है कि प्रदेश के नगरीय निकाय कितनी गुणवत्तापूर्ण और व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार कर इस फंड से अधिकतम संसाधन प्राप्त कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और तकनीक के साथ नागरिकों की अपेक्षाएं भी बदल रही हैं। ऐसे में नगरीय विकास की कार्यशैली में भी बदलाव आवश्यक है। केवल परंपरागत तरीके से कार्य करके भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जा सकता। नगरीय निकायों को नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा।

साव ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जिस शहर ने हमें पहचान, शिक्षा, संस्कार और आगे बढ़ने का अवसर दिया है, आज उसी शहर ने हमें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। यह अपने शहर को कुछ लौटाने का अवसर है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि को अपने कार्यकाल में ऐसे कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए, जिनका लाभ आने वाली पीढि़यों को भी मिले। उन्होंने कहा कि किसी परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण से तय नहीं होती। उसकी उपयोगिता, संचालन, रखरखाव और वित्तीय व्यवहार्यता की योजना भी शुरुआत से ही स्पष्ट होनी चाहिए। जनता के एक-एक रुपए का सदुपयोग सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

’अर्बन चौलेंज फंड से शहरों को मिलेगा विकास का नया आधार रू  तोखन साहू’

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी विकास को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन और स्वच्छता सहित नागरिक सुविधाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके लिए नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। अर्बन चौलेंज फंड इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराता है। श्री साहू ने कहा कि विकास परियोजनाएं नागरिकों के लिए उपयोगी होने के साथ आर्थिक रूप से व्यवहार्य भी होनी चाहिए। सरकारी सहायता के अतिरिक्त बैंक वित्तपोषण, बाजार आधारित संसाधन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे विकल्पों का भी प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।

उन्होंने जबलपुर में कचरे से ऊर्जा उत्पादन तथा हैदराबाद में जल प्रबंधन और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था जैसे नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को देश के सफल प्रयोगों का अध्ययन कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्हें अपनाना चाहिए।

’विशेषज्ञता, वित्त और क्षमता विकास का मिलेगा सहयोग’

कार्यशाला में अर्बन चौलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं, नगरीय विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, परियोजनाओं की व्यवहार्यता, आधुनिक शहरी नियोजन तथा प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौतों से प्रदेश के नगरीय निकायों को परियोजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलेगा।

इस अवसर पर प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, हुडको के सीएमडी  संजय कुलश्रेष्ठ, तेलंगाना नगरीय प्रशासन विकास विभाग की सचिव डॉ. टी. के. श्री देवी, सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट  बरजोर मेहता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शादी का झांसा देकर विधवा से 22 लाख की ठगी! तीन बच्चों को अपनाने का दिया था भरोसा, आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शादी का झांसा देकर एक विधवा महिला से लाखों रुपये लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने महिला से शादी करने और उसके तीन बच्चों को अपनाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने मकान खरीदने और अन्य जरूरतों का हवाला देकर महिला से करीब 20 से 22 लाख रुपये ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया और शादी करने से भी इनकार कर दिया। महिला की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने आरोपी को दुर्ग जिले के धमधा से गिरफ्तार किया है।


पति की मौत के बाद दोबारा संपर्क में आया आरोपी

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पति की सितंबर 2025 में मौत हो गई थी। इसके बाद महिला के पूर्व परिचित मनोज कुमार यादव ने उससे दोबारा संपर्क किया। आरोप है कि मनोज ने महिला से शादी करने और उसके तीनों बच्चों को अपनाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के आधार पर उसने महिला से नजदीकियां बढ़ाईं और शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

मकान खरीदने के नाम पर लिए लाखों रुपये

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पामगढ़ में मकान खरीदने और अन्य जरूरी कामों के लिए पैसों की जरूरत बताई। महिला ने उस पर भरोसा करते हुए अपने बैंक और बीमा खातों से रकम निकाली और उसे दे दी। कुछ रकम नकद दी गई, जबकि कई बार PhonePe के माध्यम से भी लेनदेन हुआ।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में करीब 20 से 22 लाख रुपये लिए। रकम मिलने के बाद उसने महिला से बातचीत बंद कर दी और अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया। बाद में शादी करने से भी इनकार कर दिया।

साइबर सेल की मदद से धमधा पहुंची पुलिस

आरोपी के संपर्क तोड़ने के बाद पीड़िता ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उसकी लोकेशन दुर्ग जिले के धमधा में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर मनोज कुमार यादव (30) को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में रकम लेने की बात स्वीकारने का दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने महिला से रकम लेने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि रकम का इस्तेमाल अपने और परिवार के खर्च, सोने के जेवर छुड़ाने और निजी जरूरतों को पूरा करने में किया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लेनदेन में इस्तेमाल बैंक एटीएम कार्ड, ऋण से संबंधित दस्तावेज और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस इन वस्तुओं को मामले की जांच से जुड़े साक्ष्य मान रही है।

BNS की धाराओं में केस, न्यायिक रिमांड पर भेजने की तैयारी

सरकंडा थाने में आरोपी मनोज कुमार यादव, पिता पुनीराम यादव, निवासी धनगांव, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने और न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

फिलहाल, मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर एसिड अटैक की धमकी! छात्रा को अपहरण की चेतावनी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद छात्रा को धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती होने के बाद जब छात्रा को युवक के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मिली और उसने उससे बातचीत बंद कर दी, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे एसिड अटैक और अपहरण की धमकी दी। परेशान होकर छात्रा ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय चौधरी उर्फ बॉबी को गिरफ्तार कर लिया है।


इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती

पीड़िता के अनुसार, करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान विजय चौधरी उर्फ बॉबी से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई। उस समय छात्रा को युवक की पृष्ठभूमि और कथित आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं थी।

आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मिलने पर बनाई दूरी

कुछ समय बाद छात्रा को पता चला कि युवक कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद उसने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी। आरोप है कि छात्रा का यह फैसला युवक को नागवार गुजरा।

एसिड अटैक और अपहरण की दी धमकी

शिकायत के मुताबिक, बातचीत बंद होने से नाराज आरोपी ने छात्रा को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने छात्रा पर दबाव बनाने के लिए एसिड अटैक करने और अपहरण करने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर छात्रा ने हिम्मत जुटाई और तारबाहर थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की।

शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

छात्रा की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की और आरोपी विजय चौधरी उर्फ बॉबी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने धमकी देने की बात स्वीकार की, ऐसा पुलिस की कार्रवाई से संबंधित जानकारी में बताया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहना और किसी भी तरह की धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देना जरूरी है।

PV App से गिरदावरी पर सवाल - किसानों के हित में सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे- वतन चन्द्राकर

No comments Document Thumbnail

पटवारियों की हड़ताल से किसानों के धान विक्रय पर संकट की आशंका


आरंग : खड़ी धान की फसल के बीच PV App के माध्यम से फसल गिरदावरी कराने की व्यवस्था को लेकर अब किसानों के हितों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने इस मुद्दे पर सरकार की नीति और व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए किसानों के हित में ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया है। पटवारियों द्वारा 12 अक्टूबर 2026 से किसानों के हित में अनिश्चितकालीन हड़ताल किए जाने के बीच फसल गिरदावरी की प्रक्रिया और उसके संभावित परिणामों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वतन चन्द्राकर के मुताबिक, जब खेतों में धान की फसल खड़ी है, तब PV App के माध्यम से प्रत्येक किसान के खेत का वास्तविक सर्वेक्षण करना कितना व्यावहारिक है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। अनेक गांवों में नक्शा बटांकन का काम अधूरा होने और खेतों की वास्तविक पहचान स्पष्ट नहीं होने जैसी समस्याओं के बीच सभी किसानों के खेतों का व्यक्तिगत सर्वेक्षण कर पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में तकनीकी व्यवस्था लागू करने से पहले जमीनी परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है।फसल गिरदावरी का सीधा संबंध किसानों के धान विक्रय और उनकी आर्थिक स्थिति से जुड़ा है।

यदि किसी किसान के खेत का सर्वेक्षण तकनीकी या भौगोलिक कारणों से पूरा नहीं हो पाता है, तो उसके सामने धान बेचने में परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि व्यवस्था की खामियों का नुकसान आखिर किसान क्यों उठाए?वतन चन्द्राकर ने सरकार के सामने यह सवाल खड़ा किया है कि जब खेतों की पहचान, नक्शा बटांकन और खड़ी फसल के सर्वेक्षण को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं, तो इनका समाधान किए बिना नई व्यवस्था पर जोर देना कितना उचित है? क्या सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि तकनीकी प्रक्रिया के कारण किसी भी किसान का धान विक्रय प्रभावित नहीं होगा? यदि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और किसान को राहत कैसे मिलेगी?वतन चन्द्राकर के नाम से जारी संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसान का समय अमूल्य है, उसे तकनीकी प्रयोग का परीक्षण न बनाया जाए।

यह बात इस पूरे विवाद के केंद्र में है कि तकनीक का इस्तेमाल किसानों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि उनके सामने नई समस्याएं खड़ी करने के लिए।सरकार को चाहिए कि वह PV App से गिरदावरी की प्रक्रिया की जमीनी व्यवहार्यता की समीक्षा करे, अधूरे नक्शा बटांकन की समस्या का निराकरण करे और खेतों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।

साथ ही, यह भी स्पष्ट करे कि किसी तकनीकी त्रुटि या सर्वेक्षण में देरी के कारण कोई पात्र किसान धान विक्रय से वंचित नहीं होगा।सवाल यह है कि जब किसानों की आजीविका का मामला हो, तो क्या सरकार को जमीनी समस्याओं का समाधान पहले नहीं करना चाहिए? किसानों के हितों की रक्षा और धान विक्रय में किसी भी प्रकार की बाधा रोकने के लिए सरकार को तत्काल पहल करते हुए पटवारियों से संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि विवाद का समाधान हो और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

महासमुंद : सिरपुर की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक परिदृश्य अब विश्व में चमकेगा

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और प्राचीन धरोहर सिरपुर की वैश्विक पहचान की ओर बड़ा कदम, यूनेस्को की विश्व धरोहर अस्थाई सूची में शामिल


महासमुंद : छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद अंतर्गत पुण्य सलिला महानदी के तट पर स्थित सिरपुर का अतीत सांस्कृतिक समृद्धि तथा वास्तुकला के लालित्य से ओतप्रोत सिरपुर अब विश्व के मानचित्र में चमकेगा। यूनेस्को के विश्व धरोहर की संभावित सूची में सिरपुर को शामिल किया गया है। सिरपुर प्राचीन काल में श्रीपुर के नाम से विख्यात रहा है तथ पाण्डुवंशी शासकों के काल में इसे दक्षिण कोसल की राजधानी होने का गौरव प्राप्त रहा है। सिरपुर की प्राचीनता का सर्वप्रथम परिचय शरभपुरीय शासक प्रवरराज तथा महासुदेवराज के ताम्रपत्र से उपलब्ध होता है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि जिले के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर सिरपुर को यूनेस्को के विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया है। यूनेस्को के आधिकारिक वेबसाइट पर तीसरे क्रम पर सिरपुर को सूचीबद्ध किया गया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा 01 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक स्थल सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन किया गया था तत्पश्चात उन्होंने कहा था कि इन स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य किया जाएगा और सिरपुर को यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल करने प्राथमिकता से प्रयास किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चैधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।


सिरपुर की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक परिदृश्य
महाशिवगुप्त बालार्जुन के 57 वर्षीय, सुदीर्घ शासनकाल में यहीं अनेक मंदिर, बौद्ध विहार सरोवर तथा उद्यानों का निर्माण करवाया गया। सातवीं सदी ईस्वी में चीन के पर्यटक तथा विद्वान हेनसांग ने सिरपुर की यात्र की थी। उस समय यहाँ लगभग 100 संधाराम थे तथा महायान संप्रदाय के 10000 भिक्षु निवास करते थे। महाशिवगुप्त बालार्जुन ने स्वयं शेवमतावलंबी होते हुए भी बौद्ध विहारों को उदारतापूर्वक प्रचुर दान देकर संरक्षण प्रदान किया था।

लक्ष्मण मंदिर - यह ईंटों से निर्मित भारत के सर्वोत्तम मंदिरों में से एक है। अलंकरण सौंदर्य, मौलिक अभिप्राय तथा निर्माण कौशल की दृष्टि से यह अपूर्व है। लगभग 7 फुट ऊंच पाषाण निर्मित जगती पर स्थित यह मंदिर अत्यंत भव्य है। पंचरथ प्रकार का यह मंदिर गर्भगृह, अंतराल तथा मंडप से युक्त है। मंदिर की बाह्य भित्तियों में कूट द्वारा तथा वातायन आकृति, चैत्य गवाक्ष, भारवाहकगण, गज, कीर्तिमुख एवं कर्ण आमलक आदि अभिप्राय दर्शनीय है। मंदिर का प्रवेश द्वार अत्यंत आकर्षक है। द्वार शीर्ष पर शेषशायी विष्णु प्रदर्शित है। उभय द्वारा शाखा पर विष्णु के प्रमुख अवतार, कृष्ण लीला के दृश्य, अलंकरणात्क प्रतीक, मिथुन दृश्य तथा वैष्णव द्वारपालों का अंकन है। गर्भगृह के भीतर नागराज शेश की बैठी हुई सौम्य प्रतिमा रखी है। लक्ष्मण मंदिर का निर्माण महाशिवगुप्त बालार्जुन की माता वासटा ने अपने दिवंगत पति हर्षगुप्त की स्मृति में करवाया था। माता वासटा मगध के राजा सूर्यवर्मन की पुत्री थी। अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर इस मंदिर का निर्माण काल 650 ईस्वी के लगभग मान्य है।

गंधेश्वर मंदिर - महानदी के तट पर स्थित इस मंदिर का प्राचीन नाम गंधर्वेश्वर था। यह सतत पूजित शिव मंदिर है। इसका निर्माण प्राचीन मंदिरों एवं विहारों से प्राप्त स्थापत्य खण्डों से किया गया है। मंदिर परिसर में अनेक कलात्मक प्रतिमाएं संरक्षित की गई है। द्वार शाखा के विविध दृश्य है। इन्हीं दृश्यों में रावण के शीर्ष पर गर्दभमुख निर्मित है।

बौद्ध विहार- बौद्ध धर्म से संबंधित अवशेषों की दृष्टि से सिरपुर का विशेष महत्व है। उत्खनन कार्य से यहाँ दो बौद्ध विहार के अवशेष प्रकाश में आए हैं। विहारों के निर्माण में मुख्य रूप से ईंटों का उपयोग किया गया है। इन विहारों की तल योजना में गुप्तकालीन मंदिर तथा आवासीय भवन निर्माण कला का सुंदर समन्वय है। विहार में प्रमुख स्थाविर तथा अन्य भिक्षुओं के ध्यान, अध्ययन-अध्यापन तथा निवास की सुविधा थी। इन विहारों के मुख्य कक्ष में भगवान बुद्ध की भूमिस्पर्श मुद्रा में लगभग साढ़े छः फुट ऊँची प्रतिमा प्रस्थापित है। इनके अतिरिक्त अवलोकितेश्वर तथा मकरवाहिनी गंगा भी मिली है।

यहाँ के प्रमुख विहार से मिले अभिलेख से ज्ञात होता है कि महाशिवगुप्त बालार्जुन के राजत्वकाल
आनंदप्रभु नामक भिक्षु ने इसका निर्माण करवाया था। इस मठ में निवास के लिए 14 कमरे थे। यह विहार दो मंजिला था विहार के सम्मुख तोरणद्वार था, जिसके दोनों ओर द्वारपालों की प्रतिमायें रही है। अभिलेख के आधार पर इस विहार का नामकरण आनंदप्रभु कुटी विहार किया गया है। इसी के सन्निकट एक अन्य ध्वस्त विहार भी उत्खनन से प्रकाश में आया है। तल योजना के आधार पर इसे स्वास्तिक विहार के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर भी भूमिस्पर्श मुद्रा में बुद्ध की प्रतिमा प्रस्थापित है। सिरपुर से बौद्ध धर्म से संबंधित पाषाण प्रतिमाओं के अतिरिक्त धातु प्रतिमाएं तथा मृण्मय पुरावशेष भी उपलब्ध हुए है।

राम मंदिर - लक्ष्मण मंदिर से कुछ दूरी पर पूर्व की ओर ईटों से निर्मित एक भग्न तथा जीर्ण-शीर्ण अवशिष्ट है। यह राम मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर के ऊर्ध्व विन्यास में कोण तथा भुजाओं के संयोजन से निर्मित प्रतिरथ ताराकृति की रचना करते है। इस कलात्मक मंदिर का संपूर्ण शिखर नष्ट हो चुका है तथा भग्नप्राय भित्तियां बच रहे है। लक्ष्मण मंदिर तथा राम मंदिर के निर्माण में कुछ दशकों का अंतराल है।

संग्रहालय- लक्ष्मण मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्वीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा स्थापित संग्रहालय में सिरपुर से प्राप्त अनेक दुर्लभ प्रतिमाएं तथा स्थापत्य खण्ड संरक्षित कर रखी गई है। ये कलाकृतियाँ शैव, वैष्णव, बौद्ध तथा जैन धर्म से संबधित है। एक अंगड़ाई लेती हुई नायिका की 196च्प्भ् प्रतिमा में सौंन्दर्य, अनुराग तथा चपलता का अद्भुत सामंजस्य है। काले पाषाण से निर्मित चतुर्मुख शिवलिंग के प्रशांत मुख पर लास्य के भाव है। उनके कंठ तथा जटा-जूट में मुक्ताहार गुंफित है। केशीवध को प्रदर्शित करती हुई प्रतिमा में कृष्ण तथा अश्व का अंकन अत्यंत प्रभावोत्पादक है। महिषासुरमर्दिनी प्रतिमा में देवी के अनुग्रह तथा संहारक शक्ति की व्यंजना है। इसके अतिरिक्त यहाँ अन्य प्रतिमायें भी प्रदर्शित है, जिनमें नृसिंह, अंबिका, चामुंडा, विष्णु, सुर्य प्रतिमा के भाग, शिशु सहित मातृका, जैन तीर्थकर, दुर्गा, नाग पुरुष तथा बुद्ध विशेष महत्वपूर्ण है। सिरपुर से संग्रहित नाग पुरुष की एक मानवाकार प्रतिमा रायपुर संग्रहालय में भी प्रदर्शित है।

धातु प्रतिमाएं- सातवीं आठवीं सदी ईस्वी में सिरपुर
धातु प्रतिमाओं के निर्माण के केन्द्र के रूप में स्थापित हो चुका था। इस काल में सिरपुर महायान धर्म का प्रसिद्ध केन्द्र था। सिरपुर में सर्वप्रथम 1939 में धातु प्रतिमाओं का भण्डार प्राप्त हुआ था। सिरपुर से प्राप्त धातु प्रतिमाएं रायपुर, नागपुर, नई दिल्ली स्थित संग्रहालयों तथा मुम्बई के भारतीय विद्या भवन में संरक्षित है। सिरपुर से प्राप्त धातु प्रतिमाओं का प्रदर्शन इंग्लैंड, जर्मनी तथा अमेरिका में किया जा चुका है।

सिरपुर की धातु प्रतिमाओं में श्री एवं शील का अद्भुत संतुलन है। यहाँ से प्राप्त धातु प्रतिमाओं में बुद्ध, अवलोकितेश्वर प्रद्मपणि, वज्रपाणि, मंजूश्री, तारा आदि के अतिरिक्त ऋषभनाद तथा विष्णु की धातु प्रतिमाएं भी उपलब्ध हुई है। इन प्रतिमाओं के प्रदीप्त मुख, अर्घ निलिम्ब नेत्र, बरद मुद्रा युक्त हथेली की उंगलियों एवं परिधान की तरंगवत सिलवटों में आध्यात्मिक सौंदर्य के साथ कला का चरमोत्कर्ष व्याप्त है।
उत्खनन - सिरपुर के तिमिराच्छादित अतीत के परतों को अनावृत करने के उद्देश्य से पुरातत्व विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से श्री एम.जी दीक्षित के निर्देशन में उत्खनन कार्य संपादित किया गया था। उत्खनन से यहाँ पर टीले के भीतर दबे हुए दो बौद्ध विहारों को क्रमशः अनावृत किया गया है। इनमें से एक का नाम आनंदप्रभु कुटी विहार तथा दूसरे का स्वास्तिक विहार रखा गया है। सिरपुर के उत्खनन से लगभग 2000 से अधिक वस्तुएं प्राप्त हुई है। उत्खनित वस्तुओं में धातु प्रतिमा, प्रतिमाफलक, आभूषण बनाने के विविध उपकरण, लोहे के अनेक प्रकार के बर्तन, कीलें-ताले, जंजीर, सिलबट्टा, दीपक, पूजा के पात्र, घड़े, मिट्टी के मटके, कांच की चूड़ियां, पकी मिट्टी की मुहरें एवं खिलौने तथा तीन सिक्के भी मिले है। इनमें से एक सिक्का शरभपुरीय शासक प्रसन्नमात्र का है तथा दूसरा कलचुरी शासक रत्नदेव के समय का है। तीसरा सिक्का विशेष महत्वपूर्ण है। यह सिक्का चीनी राजा काई युवान (713 से 741 ईस्वी) के समय का है।

राजमहल अवशेष - सिरपुर में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप महानदी के तट पर स्थित है। डॉ. अरुण कुमार शर्मा रिटायर्ड सुप्रिन्टेडिंग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा (2000-01) में किये गये उत्खनन में एक विशाल परिसन के अवशेष उपलब्ध हुए, जिसे उन्होंने राजमहल नाम से अभिहित किया। यहाँ से प्राप्त अवशेषों में भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी की प्रतिमाएं महत्वपूर्ण है। वर्ष 2001 से वर्ष 2004 के मध्य सिरपुर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के द्वारा नागार्जुन बोधिसत्व संस्थान मनसर के तत्वावधान में उत्खनन कार्य संपादित किया गया। इस अवधि में निम्नलिखित स्मारक अवशेष अनावृत किये गए।

बौद्ध विहार (तीवर देव महाविहार)- दक्षिण कोसल (छत्तीसगढ़) में अब तक के सबसे बड़े विहार के रूप में परिगणित तीवरदेव बौद्ध विहार डाॅ. अरुण कुमार शर्मा (2002-03) के उत्खनन के दौरान प्राप्त हुआ। यह बौद्ध विहार कसडोल जाने वाले मार्ग पर दाहिने ओर लक्ष्मण मंदिर से लगभग 1 कि.मी. पूर्व स्थित है। वस्तुतः यह पूरा क्षेत्र एक बौद्ध सांस्कृतिक संकुल ही है। क्योकि इसी परिसर में अन्य विहार, बौद्ध भिक्षुणी बिहार भी स्थित है। किन्तु तीवर देव महाविहार अपनी विशालता, भव्यता, अद्भुत शिल्प कौशल की दृष्टि से अद्वितीय है। उत्खनन के दौरान प्राप्त अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर उत्खननकर्ता द्वारा इसे तीवर देव महाविहार के नाम से अभिहित किया गया है। यह बौद्ध महाविहार लगभग 902 वर्ग मी. परिक्षेत्र में निर्मित है।

सुरंग टीला - भूमि स्पर्श मुद्रा में प्रतिमा स्थापित है। बुद्ध के अतिरिक्त गर्भगृह से रत्नसंभव तथा पद्मपाणि की प्रतिमाएं भी प्राप्त हुई थी। गर्भगृह के सामने वाले मण्डप के चारों ओर लगभग 2.25- मी. चैड़ा गलियारा है। इस विहार में जल निकासी के लिए प्रस्तर निर्मित भूमिगत नाली के अवशेष भी प्राप्त हुए है। इस विहार के कक्षों को कालातंर में लघु गर्भगृहों (पूजा कक्षों) में परिवर्तन पश्चात् इस विहार के दक्षिण दिशा की ओर विस्तार किया गया तथा अनेक नवीन कक्षों का निर्माण किया गया तथा पूर्व की अपेक्षा एक अन्य बड़े मण्डप का (12.5 गुणा 9 मी.) भी निर्माण किया गया तथा चारों ओर 36 मी. लम्बा एवं 1.5 मी. चैड़ा गलियारा है। यह मण्ड 10 स्तंभों पर आधारित था। इस विस्तारित बाग में कतिपय सोपन सीढ़ियों) की प्राप्ति के आधार पर उत्खनन कर्ता द्वारा इसके दो मंजिला होने का अनुमान किया गया है।

इस विहार की सबसे बड़ी विशेषता इसका अत्यंत अलंकृत प्रवेश द्वार है जिसे देखकर बौद्ध विहार की अपेक्षा किसी मंदिर के गर्भगृह के प्रवेशद्वार की द्वार शाखाओं का स्मरण होता है। इस विहार के प्रवेश द्वार के शिल्पांकन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण पशु मैथुन का दृश्य है। जिसमें हाथियों को मैथुन मुद्रा में प्रदर्शित किया गया है। यह इसलिए भी रोचक एवं जिज्ञासा वर्धक है कि प्रायः बौद्ध विहारों में इसके शिल्पांकन का अभाव है। इसी प्रकार पंचतंत्र वर्णित मगरमच्छ एवं वानर की कथा का उत्कीर्णन भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। तथा मंगोलियाई हाव-भाव युक्त नारी मूर्तियों के साथ-साथ आलिंगनबद्ध प्रणय प्रदर्शित करती युगल मूर्तियां भी आकर्षण का केन्द्र है। शिल्पाकंन की दृष्टि से यह प्रवेश द्वार दक्षिण कोसल की उच्च कला दक्षता को प्रदर्शित करता है। उपर्युक्त वर्णित शिल्पाकंनों के अतिरिक्त भेड़ों की लड़ाई एवं उन्हें प्रोत्साहित करते उनके स्वामी का दृश्यांकन समकालीन परिवेश में मनोरंजन के साधनों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

 

सामुदायिक डबरी निर्माण से जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मिलेगा नया आधार

No comments Document Thumbnail

 लेख -शशिरत्न पाराशर, उप संचालक

धमतरी : जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने की दिशा में सामुदायिक डबरी निर्माण कार्यों को महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में 34 सामुदायिक डबरी निर्माण जिनकी स्वीकृत राशि - 172.13 लाख रुपए महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत संचालित इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन की क्षमता बढ़ाने के साथ ही कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य केवल जल संचयन तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग ग्रामीण आवश्यकताओं और आजीविका संवर्धन से जोड़ना भी है।


वर्षा जल संचयन से जल उपलब्धता बढ़ाने की पहल

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और अन्य गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। विशेषकर वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों के लिए जल संरक्षण की संरचनाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं। सामुदायिक डबरी के माध्यम से वर्षा जल को एकत्रित कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उसका उपयोग किया जा सकता है। इससे जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन को बढ़ावा मिलने के साथ ही पानी की उपलब्धता के वैकल्पिक साधन विकसित करने में सहायता मिलेगी।


सामुदायिक डबरी का महत्व इस बात में भी है कि एक ही जल संरचना का लाभ नियमानुसार अनेक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है। सामूहिक उपयोग की व्यवस्था से जल संसाधनों के प्रति साझा जिम्मेदारी विकसित होती है और ग्रामीण समुदाय प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभा सकता है।

कृषि एवं आजीविका के विविध अवसरों को मिलेगा प्रोत्साहन

सामुदायिक डबरी में संचित जल का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों, जल उपलब्धता और तकनीकी उपयुक्तता के आधार पर कृषि एवं अन्य अनुमेय गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग मिल सकता है।

जहां पर्याप्त जल उपलब्धता, उपयुक्त परिस्थितियां और आवश्यक तकनीकी सुविधाएं हों, वहां नियमानुसार मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों की संभावनाओं का भी आकलन किया जा सकता है। इस प्रकार जल संरचनाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक लाभ जल उपलब्धता, संरचना की उपयोगिता और संबंधित विभागीय प्रावधानों पर निर्भर करेगा।

टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान

सामुदायिक डबरी की दीर्घकालीन उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक है। इसके साथ ही कार्यों की नियमित निगरानी, समयबद्ध पूर्णता तथा निर्माण के बाद उचित रखरखाव पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जल संरचनाओं का प्रभावी उपयोग तभी संभव है, जब उनके संरक्षण और संचालन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित हो।

ग्रामीणों को जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण पक्ष है। सामुदायिक सहभागिता से जल संरचनाओं के संरक्षण की जिम्मेदारी मजबूत होगी और निर्मित परिसंपत्तियों का लाभ लंबे समय तक प्राप्त किया जा सकेगा।

ग्रामीण विकास को मिलेगी स्थायी मजबूती

वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत सामुदायिक डबरी निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संसाधनों के विकास और प्राकृतिक संपदा के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन संरचनाओं से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि आधारित आजीविका को सहयोग देने की संभावनाएं विकसित होंगी। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप परिसंपत्तियों का निर्माण, उनका उचित रखरखाव और सामूहिक उपयोग ग्रामीण विकास को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायक हो सकते हैं।

गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर जोर

इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्य है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल का संचयन बढ़ाने तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संसाधनों की उपयोगिता विकसित करना है। ऐसी संरचनाएं वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान दे सकती हैं।

उन्होंने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। जनपद पंचायतों एवं मैदानी अमले को कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्मित परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को इनका दीर्घकालीन लाभ मिल सके।

सामुदायिक डबरी निर्माण की यह पहल जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को परस्पर जोड़ने का अवसर प्रदान करती है। गुणवत्तापूर्ण निर्माण, जनभागीदारी और सुनियोजित उपयोग के माध्यम से ये संरचनाएं गांवों को जल संरक्षण के प्रति अधिक सक्षम बनाने तथा ग्रामीण परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती हैं।

वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता हमारे वीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वाेच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बना है। इस ऐतिहासिक परिवर्तन के पीछे उन असंख्य वीर जवानों का त्याग और बलिदान है, जिन्होंने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अमर शहीदों का बलिदान सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साय ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रांगण में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की अमर शौर्यगाथा को स्मरण करने का दिन है। हमारे पुलिस और सुरक्षा बल कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता और समर्पण के कारण ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण सुनिश्चित होता है।


उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का अदम्य साहस के साथ सामना किया था। इस संघर्ष में हमारे 10 वीर जवानों ने सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें उन सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की महान परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है। एक जवान जब देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर खड़ा होता है, तब उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। इसलिए हमारे शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी और सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शहीद परिवारों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। शहीदों के परिजनों ने जिस साहस और धैर्य के साथ अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव में परिवर्तित किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।

’नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में जवानों ने रचा शौर्य का इतिहास’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस वर्ष का पुलिस स्मृति दिवस विशेष महत्व रखता है। प्रदेश ने नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष के बाद शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों का योगदान अविस्मरणीय है।

उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने जीवन की परवाह किए बिना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष किया। उनके अदम्य साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता सुनिश्चित हुई है। अनेक जवानों ने इस संघर्ष में सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन का संकल्प साकार हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है।

’जहां कभी भय का साया था, वहां अब पहुंच रही विकास की रोशनी’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं तथा लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था और शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सुरक्षा और विकास के समन्वित प्रयासों से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की नई यात्रा प्रारंभ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद अब प्रदेश के सामने शांति को स्थायी बनाने और विकास की गति को और तेज करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हमारी सरकार बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को समृद्धि और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है।

’पुलिस बल के आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण पर विशेष जोर’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से सशक्त बनाने, बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जवानों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कानून का शासन, नागरिकों की सुरक्षा और जनता का विश्वास राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रदेश की शांति, सुरक्षा और प्रगति के प्रहरी बने रहेंगे। अमर शहीदों का त्याग और बलिदान वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

’कर्तव्य पथ पर बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा’

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुलिस स्मृति दिवस पर अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के अनेक वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की। इन जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर किए। उनका बलिदान पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। आज हमारे जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों की वीरता के साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और साहस भी उतना ही महान है।

’नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में मिली निर्णायक सफलता रू पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम’

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों का वीरतापूर्वक सामना करते हुए शहीद हुए 10 पुलिस जवानों की शौर्यगाथा का स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग से देश की सुरक्षा, शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

पुलिस महानिदेशक गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की गंभीर चुनौती से जूझता रहा है। इस कठिन संघर्ष में छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

पुलिस महानिदेशक ने शहीद परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी जवान की शहादत के साथ उसके परिवार का त्याग, धैर्य और मौन संघर्ष भी जुड़ा होता है। शहीद परिवार छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों से अमर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए कानून के शासन, जनसुरक्षा, शांति और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

’राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में मुख्यमंत्री  साय ने अर्पित किया श्रद्धासुमन’

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका भी पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री  साय और उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वाेच्च बलिदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा और उनका शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

CG NEWS : रावण दहन के बाद खूनी खेल, चाकू से गोदकर युवक की हत्या; 3 आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विजयादशमी पर रावण दहन के बाद युवकों के दो गुटों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मूड़ापार बाजार के पास हुई चाकूबाजी की घटना में एक युवक की मौत हो गई। हमलावरों ने युवक पर चाकू से आधा दर्जन से अधिक वार किए थे। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।


मामूली विवाद के बाद चाकू से हमला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना मूड़ापार बाजार के नजदीक रावण दहन मैदान के पीछे बस्ती में एक पुराने पेड़ के पास हुई। बताया जा रहा है कि युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद बढ़ने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी दौरान एक पक्ष के युवकों ने दूसरे युवक पर धारदार चाकू से हमला कर दिया।

हमले में युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जिला अस्पताल में तोड़ा दम

चाकूबाजी की सूचना मिलने पर मानिकपुर चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

रातभर चली तलाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए रातभर कार्रवाई की। इस दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू और मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

आज का न्यूज़ बुलेटिन | 21 अक्टूबर 2026 | देश-दुनिया और छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

No comments Document Thumbnail

नमस्कार! पेश है आज, 21 अक्टूबर 2026 की देश-दुनिया और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरें। जानिए राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों की बड़ी अपडेट्स, आसान भाषा में और विस्तार से।

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी खबरें
Hon’ble PM Shri Narendra Modi lays the foundation stone of various railway projects including flags off Taroki-Raipur train service in Chhattisgarh - Rail Analysis India

छत्तीसगढ़ में दो नई रेल लाइनों की शुरुआत

राज्य के लिए महत्वपूर्ण

छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर को ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद रेलखंडों का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई यात्री रेल सेवाओं को भी रवाना किया। रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रखरखाव सुविधा की आधारशिला रखे जाने की भी खबर है।

इसका मतलब क्या है?

  • दूरदराज के क्षेत्रों तक रेल संपर्क बेहतर हो सकता है।

  • यात्रियों को सड़क के मुकाबले सुविधाजनक और संभावित रूप से किफायती विकल्प मिल सकता है।

  • बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा रोजगार तक पहुंच बेहतर होने की संभावना है।

  • खनिज और औद्योगिक माल की ढुलाई में भी मदद मिल सकती है।

आम जनता के लिए ध्यान देने वाली बात: नई लाइन शुरू होना और उस पर नियमित, पर्याप्त यात्री ट्रेनें चलना अलग-अलग बातें हैं। वास्तविक लाभ ट्रेन के समय, किराये, ठहराव और नियमितता पर निर्भर करेगा।

Personal protection equipment has brought respect for sanitation workers and their jobs - The Economic Times

रायपुर के 8,000 सफाईकर्मियों की स्थिति पर सवाल

छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग के सर्वेक्षण में रायपुर के लगभग 8,000 सफाईकर्मियों की समस्याएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 336 कर्मचारियों के घरों में शौचालय नहीं थे, 1,907 के पास जरूरी पहचान दस्तावेज नहीं थे और 749 पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना काम कर रहे थे।

रिपोर्ट में एक और गंभीर बात सामने आई: 1,076 कर्मचारियों के एटीएम कार्ड या बैंक पासबुक ठेकेदारों द्वारा अपने पास रखे जाने की जानकारी मिली।

यह गंभीर क्यों है?

  • सुरक्षा उपकरणों के बिना सफाई का काम स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

  • बैंक कार्ड या पासबुक पर किसी दूसरे का नियंत्रण वेतन और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए समस्या बन सकता है।

  • पहचान दस्तावेज न होने से सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने में परेशानी हो सकती है।

आगे क्या देखना चाहिए? जिला प्रशासन और संबंधित निकाय रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करते हैं, कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मिलते हैं या नहीं, और वेतन पर उनका पूरा नियंत्रण सुनिश्चित होता है या नहीं। सर्वेक्षण के निष्कर्ष अपने-आप में सभी शिकायतों पर अंतिम कानूनी निर्णय नहीं हैं।

Nava Raipur Atal Nagar Vikas Pradhikaran

नवा रायपुर में शहरी विकास पर कार्यशाला

21 अक्टूबर को नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें शहरी विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे के अवसरों पर चर्चा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के उद्घाटन करने की जानकारी स्थानीय रिपोर्टों में दी गई है।

अर्बन चैलेंज फंड क्या है?

यह शहरी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और निवेश जुटाने से जुड़ी पहल है। ऐसी परियोजनाओं में शहरी परिवहन, पानी, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल हो सकती हैं; हालांकि किसी खास परियोजना को धन मिलना अलग निर्णय है।

जनता के लिए इसका महत्व: अगर चर्चा ठोस परियोजनाओं और वित्तपोषण में बदलती है, तो शहरों में बुनियादी सुविधाओं, निवेश और रोजगार के अवसरों को लाभ मिल सकता है। अभी कार्यशाला की खबर को किसी परियोजना के पूरा होने या स्वीकृत बजट की घोषणा नहीं समझना चाहिए।

देश की बड़ी खबरें

मतदाता सूची विवाद पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की चिंता

भारत में मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 20 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की।

विवाद क्या है?

विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं, विशेषकर गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों, के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने लगभग 13 करोड़ नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि सूची से मृत, स्थानांतरित, दोहराए गए और अन्य अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। सरकार ने पुलिस कार्रवाई को कानून के अनुरूप बताया है और अंतरराष्ट्रीय आलोचना को घरेलू मामलों में हस्तक्षेप माना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

मतदाता सूची तय करती है कि कौन चुनाव में वोट डाल सकता है। इसलिए सूची में गलती होने पर किसी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित हो सकता है। वहीं, गलत या दोहरे नाम हटाना भी चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता के लिए जरूरी है।

आगे क्या देखना चाहिए? हटाए गए नामों की जांच, शिकायत और अपील की प्रक्रिया, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण तथा विरोध प्रदर्शनों पर प्रशासन की कार्रवाई। संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की मांग अपने-आप में किसी आरोप को अदालत द्वारा सिद्ध किया जाना नहीं है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अक्टूबर को कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह समझौता अपने स्वरूप में अलग हो सकता है।

व्यापार समझौता क्या होता है?

दो देश इस बात पर सहमति बनाते हैं कि एक-दूसरे के यहां सामान बेचने पर कितना शुल्क लगेगा, किन क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच मिलेगी और व्यापार की शर्तें क्या होंगी।

भारत को संभावित फायदा: भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं, यदि समझौते की शर्तें अनुकूल हों।

संभावित चुनौती: कृषि, उद्योग, आयात शुल्क और घरेलू कंपनियों की प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दों पर भारत को अपने हित सुरक्षित रखने होंगे।

महत्वपूर्ण अंतर: बातचीत में प्रगति का बयान और समझौते पर हस्ताक्षर होना एक ही बात नहीं है। वास्तविक प्रभाव समझौते की शर्तें सार्वजनिक होने के बाद ही समझा जा सकेगा।

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और बैंकिंग

Jio IPO: Draft Papers Filed, Offer Comprises Only Fresh Issue Of 27 Crore Shares

 Jio Platforms का बड़ा IPO आज खुलने की खबर

21 अक्टूबर की सुबह की रिपोर्टों के अनुसार, Jio Platforms का लगभग 3.2 अरब डॉलर का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। कंपनी ने इससे पहले बड़े संस्थागत निवेशकों से लगभग 853.3 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

IPO क्या होता है? जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को खरीदने के लिए पेश करती है, तो उसे IPO कहते हैं।

आपके लिए इसका अर्थ: IPO खुलने का मतलब यह नहीं कि शेयर में निवेश करना निश्चित रूप से फायदेमंद होगा। निवेश से पहले कंपनी का मूल्यांकन, जारी शेयरों की कीमत, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और निवेश अवधि देखनी चाहिए। इस रिपोर्ट में IPO की सटीक कीमत और आवेदन की अंतिम तारीख की पुष्टि नहीं है।

 Bajaj Finance के मुनाफे में बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, Bajaj Finance ने पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 28.7% वृद्धि दर्ज की। कंपनी के ऋण कारोबार में वृद्धि इसका एक प्रमुख कारण बताई गई है।

इसका महत्व: वित्तीय कंपनियों का मुनाफा उनके कारोबार, कर्ज की मांग और वसूली की स्थिति का संकेत दे सकता है। लेकिन सिर्फ मुनाफा बढ़ने से यह साबित नहीं होता कि कंपनी का शेयर सस्ता है या आगे भी उसी गति से बढ़ेगा।

पहली नौकरी करने वालों के लिए ₹15,000 तक प्रोत्साहन

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पात्र पहली बार EPFO में शामिल होने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का प्रोत्साहन मिल सकता है। रिपोर्ट में 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच नौकरी शुरू करने और मासिक वेतन ₹1 लाख तक होने जैसी शर्तें बताई गई हैं।

आपको क्या करना चाहिए? यदि आपने हाल में पहली नौकरी शुरू की है, तो अपने नियोक्ता और EPFO के आधिकारिक पोर्टल से पात्रता, पंजीकरण और भुगतान की शर्तें जांचें। हर नए कर्मचारी को अपने-आप ₹15,000 मिलना सुनिश्चित नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'Great progress' in Ukraine talks: Trump - ABC listen

रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए नई कूटनीतिक कोशिश

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ नॉर्वे में बातचीत हुई। इसके बाद 21 अक्टूबर को उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना की रिपोर्ट आई।

बातचीत में मुख्य मुद्दे क्या हैं?

  • युद्ध को रोकने के लिए संभावित समझौता।

  • यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी।

  • युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था।

  • रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य तनाव कम करने के उपाय।

आम लोगों पर असर: युद्ध लंबा चलने से ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य और माल की कीमतों तथा वैश्विक कारोबार पर असर पड़ सकता है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर व्यापार और कूटनीति का प्रभाव

व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेतों के साथ अमेरिका और भारत के बीच बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और व्यापार समझौते की संभावना की खबरें भी सामने आई हैं।

भारत के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि किसी समझौते से भारतीय कंपनियों के निर्यात, निवेश, तकनीक और रोजगार को कितना लाभ मिलेगा तथा घरेलू उद्योगों पर क्या असर पड़ेगा।

खेल समाचार

Shafali Verma, Harmanpreet Kaur Power India to Record 192/4 vs South Africa in 3rd T20I On Cricketnmore

रायपुर में भारतीय महिला टीम की बड़ी जीत

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर में जिम्बाब्वे को तीसरे और अंतिम T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 92 रन से हराया। इसके साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3–0 से अपने नाम की।

मैच की खास बातें:

  • हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों में 91 रन बनाए।

  • शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी से तेज शुरुआत दिलाई।

  • नंदनी शर्मा ने तीन विकेट लेकर जिम्बाब्वे की पारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई।

यह क्यों महत्वपूर्ण है? सीरीज में लगातार जीत टीम के आत्मविश्वास और बल्लेबाजी-गेंदबाजी के तालमेल को मजबूत करती है। रायपुर के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह विशेष खबर है क्योंकि मुकाबला उनके शहर में हुआ।

भारत की पुरुष क्रिकेट टीम भी न्यूजीलैंड दौरे पर पहुंच चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पांच मैचों की T20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होनी है, जिसके बाद वनडे और टेस्ट मुकाबले खेले जाएंगे।

विज्ञान, तकनीक और AI

AIの運用方式~エッジデバイスvsサーバ~ | コラム | TechSword

AI और डिजिटल कारोबार पर नजर

Jio Platforms की IPO खबर के कारण दूरसंचार, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI आधारित सेवाएं भी चर्चा में हैं। डिजिटल कारोबार का विस्तार भारत में डेटा सेंटर, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और तकनीकी रोजगार की मांग बढ़ा सकता है।

ध्यान दें: यह तकनीकी क्षेत्र से जुड़ा व्यावसायिक रुझान है, आज किसी नई AI तकनीक के लॉन्च की पुष्टि नहीं।

शिक्षा और रोजगार

आज के लिए उपलब्ध रिपोर्टों में शिक्षा से जुड़ी किसी नई केंद्रीय परीक्षा, परिणाम या भर्ती की ऐसी घोषणा की पुष्टि नहीं मिली जिसे निश्चित रूप से प्रमुख ताजा खबर कहा जा सके।

हालांकि, पहली नौकरी करने वालों के लिए EPFO से संबंधित रोजगार प्रोत्साहन की खबर महत्वपूर्ण है।

  • नौकरी शुरू करने वाले युवा अपनी EPFO सदस्यता और योजना की पात्रता जांचें।

  • प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी तारीखों और परिणामों के लिए संबंधित भर्ती बोर्ड की आधिकारिक सूचना देखें।

  • किसी भी भर्ती के नाम पर शुल्क मांगने वाले अनधिकृत लिंक से सावधान रहें।

स्वास्थ्य और पर्यावरण

स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में आज की सुबह के लिए किसी विशेष नई राष्ट्रीय घोषणा या बड़े घटनाक्रम की पर्याप्त पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

फिर भी दो मुद्दे ध्यान देने योग्य हैं:

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य: रायपुर के सफाईकर्मियों के सर्वेक्षण ने काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को उजागर किया है।

    ऊर्जा और प्रदूषण: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ सकता है। लेकिन केवल तेल महंगा होने से किसी शहर में आज प्रदूषण बढ़ने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

मौसम, वायु गुणवत्ता या किसी जिले के लिए बारिश की चेतावनी के बारे में बिना ताजा आधिकारिक जानकारी के निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान की खरीद, खरीफ फसल की स्थिति, मंडी भाव, भुगतान और सरकारी सहायता प्रमुख विषय हैं। लेकिन आज के लिए इन मुद्दों पर कोई नई राज्यव्यापी घोषणा या प्रमाणित मंडी भाव इस बुलेटिन में सत्यापित नहीं है।

किसानों को खास तौर पर तीन बातें जांचनी चाहिए:

  1. धान खरीदी की तारीख, केंद्र और पंजीयन संबंधी आधिकारिक सूचना।

  2. स्थानीय मंडी में फसल का वास्तविक भाव और गुणवत्ता के मानक।

  3. फसल नुकसान की स्थिति में बीमा, मुआवजे और आवेदन की समयसीमा।

कानून और न्यायपालिका

मतदाता सूची विवाद पर स्वतंत्र जांच की मांग इस समय नागरिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा प्रमुख कानूनी विषय है।

इस मामले को समझने के लिए तीन अलग बातें ध्यान में रखें:

  • मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया।

  • पात्र मतदाता की शिकायत और अपील का अधिकार।

  • पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों पर स्वतंत्र जांच की मांग।

किसी विशेषज्ञ की टिप्पणी, किसी पक्ष का आरोप और अदालत का अंतिम फैसला — तीनों का कानूनी महत्व अलग-अलग होता है।


Iran-US Tension: ‘एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा’, ईरान की दो टूक; आसिम मुनीर के सामने रखी शर्त

No comments Document Thumbnail

 Iran Nuclear Deal: ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के सामने सख्त रुख अपनाया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि देश का एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं भेजा जाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। आसिम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता दोबारा शुरू कराने के लिए तेहरान पहुंचे थे।


ईरान के इस बयान से दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों की चुनौती बढ़ गई है। पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान ने यूरेनियम को बताया राष्ट्रीय संपत्ति

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि देश की परमाणु सामग्री ईरानी जनता की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है। इसका इस्तेमाल ईरान के भीतर ही किया जाना चाहिए। सरकारी मीडिया के अनुसार, रेजाई ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बातचीत में यूरेनियम देश से बाहर भेजने की संभावना को खारिज किया।

रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस रुख को दोहराया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि परमाणु सामग्री को लेकर ईरान अपने रुख में नरमी दिखाने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है।

अमेरिका के साथ बातचीत पर भी सख्त रुख

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस बीच ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिकी मांगों और अपनी शर्तों पर सहमति के बिना बातचीत आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।

परमाणु सामग्री को देश से बाहर भेजने का मुद्दा किसी भी संभावित समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में ईरान का ताजा बयान अमेरिका के साथ वार्ता बहाल करने की कोशिशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

यूरेनियम संवर्धन पर क्यों है विवाद?

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देश चिंता जताते रहे हैं। विवाद की प्रमुख वजह यूरेनियम संवर्धन का स्तर है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन कर चुका है। यह स्तर सामान्य नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए आमतौर पर आवश्यक संवर्धन से काफी अधिक है।

हथियार-स्तर के यूरेनियम के लिए लगभग 90 प्रतिशत संवर्धन का स्तर अक्सर संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, 60 प्रतिशत तक संवर्धन अपने आप में परमाणु हथियार होने का प्रमाण नहीं है। ईरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने के आरोपों से इनकार करता रहा है और अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों से जुड़ा बताता है।

आसिम मुनीर की मध्यस्थता पर टिकी निगाहें

पाकिस्तान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर चुका है। अब एक बार फिर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजने के ईरान के स्पष्ट रुख और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के मतभेदों के कारण किसी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा। अब देखना होगा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता निकलता है या तनाव और बढ़ता है।

कांकेर में इलाज के नाम पर नाबालिग से कथित दुष्कर्म, 44 वर्षीय वैद्यराज गिरफ्तार; मेडिकल जांच में सामने आया मामला

No comments Document Thumbnail

कांकेर- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इलाज और झाड़-फूंक के बहाने 14 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 44 वर्षीय एक कथित वैद्यराज को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने उपचार के बहाने नाबालिग को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब तबीयत बिगड़ने पर परिजन नाबालिग को अस्पताल लेकर पहुंचे और चिकित्सकीय जांच में उसके लगभग पांच महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

बीमारी के इलाज के लिए आरोपी के पास गया था परिवार

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 2026 में नाबालिग की तबीयत खराब होने पर उसका परिवार उपचार के लिए ग्राम आमागांव निवासी कथित वैद्यराज के पास पहुंचा था। आरोप है कि उसने नाबालिग को बच्चेदानी से जुड़ी समस्या होने की बात कही और उपचार के नाम पर ताबीज भी दिया।

परिवार को उम्मीद थी कि आरोपी के बताए उपायों से बच्ची की तबीयत में सुधार होगा। इसी कारण परिजन बाद में भी कई बार उसे उपचार के लिए आरोपी के पास लेकर गए। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर इसी भरोसे का फायदा उठाया।

उपचार के दौरान परिजनों से अलग करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उपचार के दौरान आरोपी नाबालिग को परिजनों से अलग कर देता था। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, एक अवसर पर उसे कथित तौर पर पूजा कक्ष में ले जाया गया और साथ आए परिजन को दूसरी ओर भेज दिया गया।

आरोप है कि इसी दौरान नशीला पदार्थ देकर नाबालिग को बेहोश किया गया और उसके साथ यौन अपराध किया गया। शिकायत में ऐसी घटनाएं बार-बार होने की बात भी कही गई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों, आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है।

अस्पताल की जांच से खुला मामला

अक्टूबर में नाबालिग की तबीयत फिर बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकीय जांच के दौरान उसके लगभग पांच महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद परिवार ने नाबालिग से बात की और कथित घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर पुलिस से संपर्क किया। रिपोर्टों के अनुसार, परिजनों ने 18 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

19 अक्टूबर को आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 19 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्टों में आरोपी की उम्र 44 वर्ष और उसका नाम रमेश कुमार पिस्दा बताया गया है।

आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने और न्यायिक रिमांड की प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

BNS और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म से संबंधित धाराओं और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO Act के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

POCSO कानून बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की रोकथाम और ऐसे मामलों की कानूनी कार्रवाई के लिए बनाया गया है। इस मामले में आगे की जांच के दौरान पुलिस को शिकायत, चिकित्सकीय साक्ष्य, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच करनी होगी।

झाड़-फूंक और अप्रमाणित इलाज के नाम पर सावधानी जरूरी

यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि बीमारी के उपचार के लिए योग्य और पंजीकृत चिकित्सक से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। स्वयं को वैद्य, तांत्रिक या उपचारकर्ता बताने वाला व्यक्ति जरूरी नहीं कि मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यता रखता हो।

बच्चों के उपचार के दौरान उनकी सुरक्षा, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना आवश्यक है। यदि किसी बच्चे के साथ यौन अपराध का संदेह हो, तो पुलिस या बाल संरक्षण तंत्र से सहायता ली जा सकती है।

निष्कर्ष

कांकेर जिले में नाबालिग से कथित यौन अपराध के इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए 44 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच से मामला सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ी और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

अब मामले में आरोपों की पुष्टि, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। नाबालिग की पहचान और निजता की रक्षा करना इस तरह की खबरों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.


© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.