Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर

No comments Document Thumbnail

महानदी भवन , नया रायपुर में मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे शिवराज सिंह

31 जनवरी को छत्तीसगढ़ के किसानों से सीधा संवाद करेंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 

गिरहोला–खपरी में खेत भ्रमण, कुम्हारी में किसान मेले में होंगे शामिल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

नई दिल्ली/रायपुर- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ जाएंगे। राजधानी रायपुर, दुर्ग एवं नया रायपुर में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से वे किसानों से सीधा संवाद करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

दिल्ली से रायपुर, खेतों तक व्यस्त कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी को सुबह 6.55 बजे दिल्ली से विमान द्वारा रायपुर के लिए रवाना होंगे और प्रातः 8.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे। रायपुर में थोड़े समय रुकने के बाद सीधे गांवों और किसानों के बीच जाएंगे।

खेतों में उतरकर करेंगे फसल और नवाचार का अवलोकन

केंद्रीय मंत्री चौहान सुबह 10 बजे रायपुर से गिरहोला, खपरी (जिला दुर्ग) के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 11 बजे ग्राम गिरहोला पहुंचेंगे। 11 बजे से 12 बजे तक वे ग्राम गिरहोला एवं ग्राम खपरी में खेत भ्रमण और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे। यहां वे केंद्र की प्रमुख कृषि योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्राकृतिक खेती एवं सूक्ष्म सिंचाई (PMKSY) आदि के लाभों पर भी चर्चा करेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से जुड़ सकें।

किसान मेले में भाग लेंगे, कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं का संदेश देंगे

दोपहर 12 बजे के बाद शिवराज चौहान गांव खपरी से निकलकर 12.30 बजे दुर्ग जिले के कुम्हारी पहुंचेंगे, जहां वे छत्तीसगढ़ यूथ प्रोग्रेसिव फार्मर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किसान मेले में शामिल होंगे। दोपहर 12.30 से 1.30 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वे आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), डिजिटल एग्रीकल्चर और ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के रोडमैप पर अपने विचार रखेंगे।

दोनों मंत्रालयों की बड़ी योजनाओं पर फोकस

किसान मेले और किसान संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डालेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को सीधे लाभांतरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के उपयोग पर बल देने के साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए गांवों की बुनियादी ढांचा एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा करेंगे। इन योजनाओं के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किसानों- ग्रामीणों की आय बढ़ाने, उनकी समृद्धि तथा गांवों को सड़कों, आवास और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मजबूत बनाने का संदेश वे विस्तार से रखेंगे।

नया रायपुर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

दोपहर 2 बजे कुम्हारी, दुर्ग से केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान नया रायपुर स्थित महानदी भवन के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 3 बजे वहां पहुंचेंगे, जहां शाम 5 बजे तक वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास स्वीकृति एवं निर्माण की स्थिति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विस्तार, बीज एवं खाद की उपलब्धता,क्रेडिट सुविधा, एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड आदि विषयों की समीक्षा की जाएगी।

राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति 

इस दौरे के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीण समाज और राज्य सरकार के साथ मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए नए संकल्पों और ठोस कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का संदेश देने वाले हैं, साथ ही यह उनका देशभर में राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

नई भूमि गाइडलाइन से रियल एस्टेट को मिलेगी गति, जनता को मिलेगी राहत

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों के युक्तिकरण एवं सरलीकरण के तहत रायपुर एवं कोरबा जिलों के लिए जारी संशोधित भूमि गाइडलाइन को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक संगठनों में उत्साहजनक माहौल है। नई गाइडलाइन को जनहितकारी बताते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर स्थित वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के शासकीय निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और आभार व्यक्त किया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी का विभिन्न संगठनों ने किया सम्मान, जताया आभार

क्रेडाई द्वारा 30 जनवरी 2026 से प्रदेश में लागू संशोधित भूमि गाइडलाइन के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर एवं आम नागरिकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में यथार्थपरक एवं संतुलित संशोधन किया गया है। इससे प्रदेश में मकान, प्लॉट एवं अन्य अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक आहुजा,सचिव विक्रांत डोसी, कोषाध्यक्ष दीपक जैन सहित राज्य सलाहकार समिति के सदस्य हेमंत सेठिया, गुरुदास सत्रे, योगेश बोथरा, विनोद छिपा, मनोज महंती एवं संजय निलांजने उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नई भूमि गाइडलाइन से जमीन की दरों में संतुलन स्थापित हुआ है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, किसानों एवं व्यापारियों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से आवास, व्यवसाय तथा औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यों में अब अधिक सुगमता और स्पष्टता आएगी।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आमजन के हितों की रक्षा करते हुए विकास को गति देना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक विचार-विमर्श, स्थानीय परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सभी नीतिगत निर्णयों में जनहित सर्वोपरि रहेगा।

प्रतिनिधिमंडलों एवं एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन के इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक और निर्णायक कदम : चार इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

No comments Document Thumbnail

सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में संस्कृति मंत्रालय को दोहरा सम्मान, ‘वंदे मातरम्’ झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति को पुरस्कार

No comments Document Thumbnail

संस्कृति मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 में एक महत्वपूर्ण दोहरी उपलब्धि हासिल की। मंत्रालय की झांकी “वंदे मातरम् – 150 वर्षों की यात्रा” को केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ झांकी का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि इसकी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति “वंदे मातरम्: भारत की शाश्वत गूंज” को अपनी असाधारण कलात्मक एवं विषयगत उत्कृष्टता के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पुरस्कार विजेता झांकी ने ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसमें इसके राष्ट्रीय चेतना के गीत के रूप में उद्भव और भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता तथा सभ्यतागत चेतना को आकार देने में इसकी सतत भूमिका को दर्शाया गया। सशक्त दृश्यांकन और प्रतीकात्मक प्रस्तुति के माध्यम से झांकी ने राष्ट्रीय गीत की भारतीय सामूहिक पहचान में उसकी कालातीत प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

विशेष पुरस्कार से सम्मानित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति “वंदे मातरम् – भारत की शाश्वत गूंज” का संयोजन संगीत नाटक अकादमी द्वारा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सहयोग से किया गया। यह प्रस्तुति राष्ट्रऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की उस अमर रचना को नमन करती है, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज बनी। इस भव्य प्रदर्शन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 2,500 कलाकारों ने भाग लिया और शास्त्रीय, लोक तथा जनजातीय कला रूपों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का सजीव प्रदर्शन किया।

कोरियोग्राफी के माध्यम से भारत की शाश्वत यात्रा को उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान तथा सशस्त्र बलों के शौर्य और समर्पण तक प्रभावी रूप से उकेरा गया। संस्कृत मंत्रों, भावपूर्ण संगीत और गतिशील संरचनाओं से सजी इस प्रस्तुति ने ‘वंदे मातरम्’ की संपूर्ण भावनात्मक और दार्शनिक यात्रा को अभिव्यक्त किया, जिसका समापन तिरंगे को समर्पित एक सशक्त श्रद्धांजलि के साथ हुआ—जो एकता, भक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।

इस सांस्कृतिक प्रस्तुति का समग्र रचनात्मक निर्देशन संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने किया। संगीत निर्देशन ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार एम. एम. कीरावानी द्वारा किया गया, जबकि अतिरिक्त गीत सुभाष सहगल ने लिखे। वॉयस-ओवर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अनुपम खेर ने दिया, कोरियोग्राफी संतोष नायर द्वारा की गई तथा परिधान परिकल्पना संध्या रमन ने की।


“भारत संपर्क” पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आईआईटी दिल्ली दौरा, छात्रों से संवाद

No comments Document Thumbnail

“भारत संपर्क—भारत के युवा मस्तिष्कों से संवाद” जनसंपर्क पहल के अंतर्गत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।

आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी अंगीकरण, लॉजिस्टिक्स, नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा सार्वजनिक संस्थानों में युवाओं की भागीदारी जैसे विविध विषयों पर केंद्रीय मंत्री से विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा के रूपांतरण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

करियर के अवसरों और सरकारी संस्थानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक व्यापक तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवा वितरण में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित सहयोग के माध्यम से विभाग से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास से जुड़े प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक अपने व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में, सशक्त सहयोग प्रदान करने की मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 आधुनिकीकरण परियोजना के अंतर्गत नई तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से भारतीय डाक एक भरोसेमंद और भविष्य-तैयार सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और उभरते व्यावसायिक अवसरों के अनुरूप भारतीय डाक नए और बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं की शुरुआत कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली स्थित एन-जेन (नेक्स्ट जेनरेशन) कैंपस पोस्ट ऑफिस का भी दौरा किया, जो एन-जेन पहल के अंतर्गत पुनर्निर्मित देश का पहला डाकघर है। इस पहल का उद्देश्य कैंपस डाकघरों को युवा-केंद्रित, डिजिटल रूप से सक्षम और छात्र-प्रेरित सेवा केंद्रों में परिवर्तित करना है।

आईआईटी दिल्ली के एन-जेन पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

पुनर्निर्मित एन-जेन कैंपस पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए गए इंटीरियर और वॉल आर्ट, निःशुल्क वाई-फाई, विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेवा काउंटर, क्यूआर आधारित बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान, पार्सल पैकिंग सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के लिए रियायती स्पीड पोस्ट सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही डाक संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए छात्र सहभागिता मॉडल भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली के भारती स्कूल ऑफ टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का भी दौरा किया, जहां विद्यार्थियों ने टैक्टाइल इंटरनेट और हैप्टिक रोबोटिक्स तकनीक में अत्याधुनिक प्रगति का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित समाधान अल्ट्रा-लो लेटेंसी नेटवर्क के माध्यम से मानव स्पर्श के वास्तविक समय में प्रसारण को संभव बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता हैप्टिक फीडबैक के जरिए दूरस्थ वस्तुओं की बनावट, आकार, कठोरता और तापमान का अनुभव कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक कौशल-आधारित शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं रखती है। यह भारत के डीप-टेक और ‘इंटरनेट ऑफ स्किल्स’ इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया, अमृत काल सुधारों और युवा शक्ति की भागीदारी की सरकार की परिकल्पना के अनुरूप, एन-जेन पहल के तहत 31 मार्च 2026 तक 100 कैंपस-आधारित डाकघरों के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी और राज्य विश्वविद्यालयों में 40 से अधिक एन-जेन डाकघरों का उद्घाटन किया जा चुका है।

भारतीय डाक नवाचार, सहभागिता और आधुनिक सार्वजनिक सेवा अवसंरचना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे समावेशी और भविष्य-उन्मुख सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन की गई वॉल आर्ट की सराहना की


आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री

गढ़बेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की लोक-संस्कृति और स्थापत्य कला की सराहना की

No comments Document Thumbnail

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए। 

मुख्यमंत्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया। 

इस दौरान वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, पद्मश्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।

बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट

मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की। 

इको-फ्रेंडली घोटुल:

वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।


स्पेशल स्टोरी-छत्तीसगढ़ में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन,योजना का तेजी के साथ हो रहा है क्रियान्वयन

No comments Document Thumbnail

धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

रायपुर- छत्तीसगढ़ में पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं l इसी कड़ी में मखाना की खेती किसानों के लिए एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आ रही है l

छत्तीसगढ़ राज्य में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल करने की ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत राज्य में मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण कार्य की गतिविधियों में तेजी आई है l

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 से उक्त योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 178 लाख 11 हजार  रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के क्रियान्वयन हेतु धमतरी, बालोद, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों का चयन किया गया है।

मखाना की बाजार में अच्छी मांग

मखाना की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अगर केवल कच्चे बीज न बेचकर, बीज को प्रोसेस कर मखाना बनाकर बाजार में बेचें, तो उन्हें कहीं अधिक लाभ मिलता है l बीज को सुखाकर, भूनकर और प्रोसेस कर मखाना तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है 

मखाना उत्पादन में कृषकों की रुचि 

योजना अंतर्गत मखाना उत्पादन एवं मखाना बीज उत्पादन की गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कृषकों के पूर्व से निर्मित तालाबों में 96.438 हेक्टेयर तथा किसानों की भूमि पर 37.424 हेक्टेयर, इस कुल 133.862 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय तथा विभागीय रोपणियों में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

मखाना उत्पादन में धमतरी जिले के 43 कृषक सम्मिलित

वर्तमान में धमतरी जिले में महिला स्व-सहायता समूहों का चयन कर मखाना उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें शैल पुत्री स्व-सहायता समूह, नई किरण स्व-सहायता समूह, जय माँ नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह एवं प्रगतिशील कृषक समूह प्रमुख हैं। जिले में 55 एकड़ क्षेत्र में तालाबों में मखाना बीज की बुवाई पूर्ण की जा चुकी है तथा 15 एकड़ में तैयारी प्रारंभ है, जिसमें 43 कृषक सम्मिलित हैं। भूमि पर मखाना उत्पादन हेतु चयनित 55 एकड़ क्षेत्र में भी बुवाई की तैयारी प्रारंभ की गई है, जिसमें 20 कृषक शामिल हैं।

2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है, जिसके अंतर्गत 75 हेक्टेयर में तालाबों में तथा 30 हेक्टेयर भूमि पर मखाना उत्पादन, 10 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 5 हेक्टेयर में अतिरिक्त मखाना उत्पादन प्रस्तावित है।

मखाना उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण

पिछले पांच वर्षों से मखाना की खेती कर रही ओजस फार्म की संचालक मनीषा चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु एवं मिट्टी मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य में सर्वप्रथम आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा व्यावसायिक मखाना उत्पादन प्रारंभ किया गया था तथा दिसंबर 2021 में पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र स्थापित हुआ। वर्तमान में उनकी संस्था न केवल उत्पादन एवं प्रसंस्करण कर रही है, बल्कि राज्य एवं राज्य के बाहर के किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।

स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करने पर अधिकतम लाभ

मनीषा चंद्राकर ने बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। यदि किसान स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करता है, तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से भेंट की

No comments Document Thumbnail

कोरिया गणराज्य के राष्ट्रीय विधानसभा के माननीय उपाध्यक्ष ली हैक-यंग के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद भवन में राज्यसभा के माननीय उपसभापति हरिवंश से भेंट की।

बैठक के दौरान हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य सशक्त एवं प्रगतिशील लोकतंत्र हैं तथा दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान की एक मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों संसदों के बीच नियमित संवाद और संपर्क ने भारत-कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

द्विपक्षीय सहयोग के बहुआयामी स्वरूप को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, संस्कृति तथा जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी है, जो लोकतंत्र, विधि के शासन, वैश्विक शांति एवं समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

दोनों देशों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और गिम्हे के राजा किम सुरो के वैवाहिक संबंध के माध्यम से गहरे सभ्यतागत संबंध स्थापित हुए हैं, जो दोनों राष्ट्रों के बीच प्राचीन जुड़ाव को दर्शाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह गर्व का विषय है कि वर्ष 2011 में कोरिया गणराज्य की सरकार ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सियोल में नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव टैगोर की प्रतिमा स्थापित की। श्री हरिवंश ने स्मरण कराया कि गुरुदेव टैगोर ने वर्ष 1929 में ‘लैम्प ऑफ द ईस्ट’ कविता की रचना की थी, जिसमें उन्होंने कोरिया के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की प्रशंसा की थी, जिसे आज भी कोरियाई जनता स्नेहपूर्वक याद करती है।

हरिवंश ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश में निरंतर वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हुंडई, सैमसंग और एलजी भारत में घरेलू नाम बन चुके हैं।

साझा दृष्टिकोण को ठोस कार्यरूप देने में सांसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने संसदीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए आगंतुक प्रतिनिधिमंडल को अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सतत संवाद और आदान-प्रदान से भारत और कोरिया गणराज्य के संबंधों की पूर्ण क्षमता साकार होगी तथा प्रतिनिधिमंडल को भारत में सुखद एवं फलदायी प्रवास की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर राज्यसभा की सदस्य रेखा शर्मा, मुजीबुल्ला खान, डॉ. परमार जशवंतसिंह सलामसिंह, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी, राज्यसभा सचिवालय एवं विदेश मंत्रालय (एमईए) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे सिरपुर महोत्सव का शुभारम्भ

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी 2026 को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को महोत्सव में शामिले होने आमंत्रित किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे।


उद्घाटन अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं जिले के प्रभारी दयाल दास बघेल, वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद रूप कुमारी चौधरी शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्रीनिखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बसना डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली लक्ष्मी पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव बलरामकांत साहू, जिला पंचायत सदस्य सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड संघ इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव एवं भारत स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर महोत्सव का समापन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल शामिल होंगे तथा अध्यक्षता सांसद रूप कुमारी चौधरी करेंगी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुन्द योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत बागबाहरा केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ छत्तीसगढ़ इन्द्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य दशरी ध्रुव तथा जिला अध्यक्ष भारत स्काउट एवं गाइड संघ येतराम साहू तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं सिरपुर साडा द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर साडा द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता करें।

सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री साय देंगे लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद : ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

पीएम आवास निर्माण में बलौदाबाजार छत्तीसगढ राज्य में अव्वल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।


बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है।

बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है।
वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें 24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है।

सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण -

बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।

कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण

जिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है।
इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों को मिला डीज़ीपीएस सर्वे एवं वन्यजीव प्रबंधन का व्यवहारिक प्रशिक्षण

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गत दिवस किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों, आईटी आधारित वन प्रबंधन तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण से भावी वन सेवा के अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर उपयोग में आने वाली तकनीक एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से परिचित हुए।


वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अखिल भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि आप सभी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी कौशल को विकसित करें और छत्तीसगढ की वन संपदा की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सतत कार्य करे l उन्होंने सभी प्रशिक्षु अधिकारी को अपनी शुभकामनाएं दीं l


प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्रीय निदेशक सुश्री स्तोविषा समझदार ने डीज़ीपीएस की कार्यप्रणाली, उसकी उपयोगिता तथा वन सर्वेक्षण, सीमांकन एवं प्रबंधन में इसके महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीज़ीपीएस आधारित सर्वेक्षण से वन क्षेत्रों में सटीक डेटा संग्रह संभव होता है जो दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

इसी क्रम में उप-निदेशक, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व वरुण जैन ने “गज संकेत” मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एप हाथी मॉनिटरिंग, मूवमेंट ट्रैकिंग, मानव–हाथी संघर्ष प्रबंधन तथा त्वरित सूचना साझा करने में एक प्रभावी डिजिटल टूल के रूप में कार्य करता है। प्रशिक्षु अधिकारियों को एप के फील्ड उपयोग, डेटा एंट्री एवं प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी एवं फील्ड आधारित प्रशिक्षण भावी वन सेवा के अधिकारियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल टूल्स एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होंगे।

अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य कृषानू चन्द्राकार ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बारनवापारा अभ्यारण्य की भौगोलिक, पारिस्थितिक एवं संरक्षण संबंधी विशेषताओं की जानकारी दी । इसके साथ ही अधिकारियों को अभ्यारण्य में संचालित वनभैंसा संरक्षण केंद्र, ब्लैकबक रिलोकेशन एवं संरक्षण केंद्र, ग्रासलैंड विकास क्षेत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जिससे उन्हें संरक्षण कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। 

पूर्व CM भूपेश बघेल को सोशल मीडिया पर गाली देना पड़ा भारी, आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने का मामला सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।


पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अमित सेन के रूप में हुई है, जो भिलाई स्थित आरोग्य हॉस्पिटल में ड्रेसर के पद पर कार्यरत था। आरोपी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट साझा की गई थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।

बताया गया कि कुछ दिन पहले एक वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले को लेकर NSUI अध्यक्ष शान्तनु झा के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता और प्रदेश पदाधिकारी 27 जनवरी को सिविल लाइन थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। NSUI ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी अमित सेन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) एवं 356 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। इसके बाद 29 जनवरी (गुरुवार) को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से भी कड़ा रुख अपनाया गया। जिला कांग्रेस कमेटी, भिलाई द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया तथा सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। विरोध के बाद पुलिस ने जांच में तेजी लाई।

आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू ने की है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शराब के नशे में आपत्तिजनक पोस्ट किया था। आरोपी मूलतः मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का निवासी बताया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

CG NEWS : 17 साल बाद इंसाफ: CG के चर्चित फर्जी टॉपर कांड में पोराबाई समेत 4 को 5 साल की जेल

No comments Document Thumbnail

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 12वीं बोर्ड टॉपर फर्जीवाड़ा मामले में करीब 17 वर्ष बाद अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश गणेश राम पटेल की अदालत ने फर्जी टॉपर पोराबाई सहित चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।


मामला वर्ष 2008 का है, जब सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, बिर्रा की छात्रा पोराबाई को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में राज्य में प्रथम स्थान मिला था। परिणाम घोषित होते ही पोराबाई को टॉपर घोषित कर सम्मानित करने की तैयारी शुरू हो गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद अंकों की असामान्यता और उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट में अंतर को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ।


तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंडल के उप सचिव पी.के. पांडेय के निर्देश पर विशेष जांच कराई गई। जांच के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं में ओवरराइटिंग, अलग-अलग हैंडराइटिंग और अंकों में हेरफेर के ठोस प्रमाण सामने आए। इसके बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिलासपुर संभागीय अधिकारी के माध्यम से पोराबाई सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया।

जांच मेंй रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि एक सुनियोजित साजिश के तहत उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर कर पोराबाई को राज्य की टॉपर बनाया गया। इस मामले में स्कूल प्राचार्य, परीक्षा केंद्राध्यक्ष और शिक्षक की संलिप्तता भी सामने आई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान चांपा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 27 दिसंबर 2020 को सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से 29 जुलाई 2021 को जांजगीर सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई।

सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक केदारनाथ कश्यप ने अदालत के समक्ष उत्तर पुस्तिकाएं, जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और बोर्ड अधिकारियों के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने पूरे मामले को मात्र संदेह के आधार पर की गई कार्रवाई बताया।

सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट रूप से माना कि यह मामला साधारण लापरवाही का नहीं, बल्कि संगठित साजिश का है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इतनी बड़ी शैक्षणिक अनियमितता अंदरूनी मिलीभगत के बिना संभव नहीं थी।

अदालत ने पोराबाई को इस फर्जीवाड़े का मुख्य लाभार्थी माना, जबकि स्कूल प्राचार्य, केंद्राध्यक्ष और शिक्षक को साजिश का सक्रिय हिस्सा करार दिया। इसके आधार पर चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंडल अध्यक्ष बी.के.एस. रे ने गवाही में बताया कि मेरिट सूची देखने के बाद वे पोराबाई को सम्मानित करना चाहते थे। जब उन्होंने उसकी उत्तर पुस्तिका मंगाई तो असामान्य रूप से साफ लिखावट और अंग्रेजी के उच्चस्तरीय उत्तर देखकर उन्हें तत्काल फर्जीवाड़े का संदेह हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि पोराबाई का पूर्व शैक्षणिक रिकॉर्ड कमजोर था। परीक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार उसने परीक्षा स्वयं दी ही नहीं थी, बल्कि उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति ने उत्तर लिखे थे। इसी आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि प्रारंभिक स्तर पर सबूतों के अभाव में आरोपी बरी हो गए थे, लेकिन बोर्ड की अपील पर अब 17 साल बाद अदालत ने सख्त सजा सुनाकर ऐतिहासिक फैसला दिया है। इस निर्णय को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

सुकमा में टूटा माओवादी नेटवर्क, 4 इनामी नक्सलियों का सरेंडर

No comments Document Thumbnail

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर डिवीजन में चलाए जा रहे “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस सुकमा एवं आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिला पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कुल 8 लाख रुपये के इनामी चार माओवादी कैडरों, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण कर दिया।


आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों में गोलापल्ली LOS का कमांडर एवं अन्य पार्टी सदस्य शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने इनके कब्जे से SLR, INSAS, .303 और .315 बोर राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किया है।

आत्मसमर्पण कार्यक्रम बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (आईपीएस), पंकज मीणा (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह (आईपीएस) तथा 2IC कोंटा रेंज सीआरपीएफ अरविंद पी. आनंद की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति और लगातार दबाव के चलते माओवादी मुख्यधारा में लौटने को मजबूर हो रहे हैं। यह आत्मसमर्पण अभियान क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.