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CM साय ने 'मन की बात' का 136वां एपिसोड सुना; बोले- 'यह राष्ट्रसेवा के संकल्प को दृढ़ करने वाला संवाद'

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का रायपुर स्थित दया भवन में श्रवण किया।


कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री साय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रेरणादायी संवाद का सहभागी बनना राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय में ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि यह जनभागीदारी के एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में स्थापित हो चुका है। यह देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक प्रयासों, अनाम नायकों और प्रेरक नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान देकर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है।

कोरबा के अमृत सरोवर और 'हर घर तिरंगा' का जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज के एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। अनेक प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने जनसहभागिता की शक्ति को रेखांकित किया है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का उत्सव बनाने का भी आह्वान किया।

सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह सतत संवाद हमें विश्वास दिलाता है कि विकसित भारत का मार्ग जागरूक नागरिकों के सामूहिक संकल्प, कर्तव्यबोध और जनशक्ति से ही प्रशस्त होगा।

प्रमुख जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद

रायपुर स्थित दया भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का बताया उदाहरण

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि  धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन के प्रत्येक दायित्व का निर्वहन सदैव निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में  धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व और नैतिक आचरण का एक प्रेरक उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने श्री धर्मेंद्र प्रधान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास आगे भी देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देते रहेंगे।

'पीएम मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरूँगा, पूरी जिम्मेदारी से निभाऊँगा कर्तव्य'

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 नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद शनिवार को देश को आश्वस्त किया कि वे इस नई भूमिका को पूरी विनम्रता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद जोशी को यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।


पदभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री जी ने मुझ पर विश्वास जताते हुए इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में, मैं पूरी निष्ठा के साथ काम करूँगा और इस विभाग में उनकी सभी अपेक्षाओं को पूरा करने का भरसक प्रयास करूँगा।"

NEP के क्रियान्वयन और धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना

नवनियुक्त शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के सफल क्रियान्वयन का श्रेय पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। बीते 4-5 वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था में जो परिवर्तन और प्रगति हुई है, उसमें धर्मेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

छात्र प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

गौरतलब है कि NEET परीक्षा पत्र लीक मामले को लेकर देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना त्यागपत्र साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि देश की एकता और छात्रों का हित उनके लिए सर्वोपरि है।

उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया, "जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में उत्पन्न स्थितियों का राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग न हो और छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फँसे, इसी उद्देश्य से मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है।"

छत्तीसगढ़: आकाशीय बिजली गिरने से 7 साल की बच्ची की मौत, दो घायल

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 सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम बिनिया में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में धान की रोपाई कर रहे परिवार पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में 7 वर्षीय बच्ची प्रीति ठाकुर की मौके पर ही झुलसने से मौत हो गई, जबकि उसकी 9 वर्षीय बहन और एक युवक घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार, ग्राम बिनिया निवासी प्रीति ठाकुर अपने पिता शिक्षा प्रसाद ठाकुर, मां पुनीता ठाकुर, बहन रूमा ठाकुर, रवि ठाकुर, वृक्षा प्रसाद ठाकुर और व्रत कुंवर ठाकुर के साथ खेत में काम कर रही थी। शाम करीब 4:30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ गाज गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल में बच्ची को मृत घोषित किया, दो का इलाज जारी

घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सभी घायलों को अरगोती अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद 7 साल की प्रीति को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बिजली के तेज झटके से बेहोश हुई उसकी बहन रूमा ठाकुर (9 वर्ष) और रवि ठाकुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति में अब सुधार है।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार को प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

कोरिया जिले में भी गाज गिरने से 7 महिलाएं झुलसीं

इसी दौरान प्रदेश के कोरिया जिले से भी आकाशीय बिजली गिरने की खबर आई है। यहाँ खेत में धान की रोपाई कर रहीं 7 महिलाएं गाज की चपेट में आकर झुलस गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

NEET पेपर लीक: 'बिहार बंद' में प्रदर्शन के बाद तेज प्रताप यादव गिरफ्तार

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 पटना। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) धांधली और पेपर लीक मामले के विरोध में आयोजित राज्यव्यापी बिहार बंद के दौरान जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव पटना के रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे छात्र संगठनों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान क्षेत्र में काफी हंगामा और तोड़फोड़ हुई, जिसमें पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पटना के सेंट्रल मॉल के पास से हिरासत में लिया और देर रात थाने में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

'छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी'

प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा, "हम छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं। युवाओं और छात्रों के न्याय की इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।"

राज्यभर में बंद का प्रभाव

नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए इस बंद का बिहार में मिला-जुला असर देखा गया:

पटना: कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और पथराव की घटनाएं हुईं।

अन्य जिले: नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास जैसे जिलों में बंद का आंशिक असर ही देखने को मिला।

डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: देशभर में 27 किलोग्राम से अधिक तस्करी का सोना जब्त, 12 आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली- संगठित स्वर्ण तस्करी सिंडिकेट्स के खिलाफ जारी अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने देशभर में खुफिया सूचना के आधार पर कई समन्वित अभियान चलाकर 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया है। इन कार्रवाइयों में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई की जांच में तस्करों द्वारा सोना छिपाने के लिए अपनाए जा रहे अत्याधुनिक और नए तरीकों का खुलासा हुआ है। इनमें विमान के शौचालय की छत, वाहनों और बर्तनों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खांचे तथा शरीर के भीतर सोना छिपाना शामिल है। इससे संगठित तस्करी गिरोहों के लगातार बदलते तौर-तरीकों का पता चलता है।

मुंबई एयरपोर्ट पर विमान के शौचालय से 12 किलोग्राम सोना बरामद

23-24 जुलाई 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर अदीस अबाबा से मुंबई पहुंचे तीन यात्रियों को रोका। विमान की गहन तलाशी के दौरान उसके पिछले शौचालय (Rear Lavatory) की छत के पैनलों में छिपाए गए विदेशी मूल के छह सोने के बिस्कुट, जिनका कुल वजन लगभग 12 किलोग्राम था, बरामद किए गए।

जांच में सामने आया कि यात्रियों ने सोना विमान में छिपाया था ताकि बाद में हवाई अड्डे के कुछ कर्मचारियों की मदद से उसे बाहर निकाला जा सके। डीआरआई ने सोना जब्त कर तीनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।

ब्रह्मपुत्र मेल में महिला यात्री से 5 किलोग्राम सोना जब्त

23 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में डीआरआई अधिकारियों ने ब्रह्मपुत्र मेल में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसकी कमर पर बंधी बेल्ट और हैंडबैग से 42 विदेशी मूल के सोने के बिस्कुट, जिनका कुल वजन लगभग 5 किलोग्राम था, बरामद किए गए।

पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि यह सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया गया था। सोना जब्त कर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुंबई एयरपोर्ट पर गोल्ड डस्ट तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

22-23 जुलाई 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई ने एक अन्य खुफिया अभियान में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो मोम (Wax) के रूप में गोल्ड डस्ट को विमान के शौचालय में छिपाता था। बाद में विमान की सफाई करने वाले कुछ कर्मचारी उसे निकालकर गिरोह तक पहुंचाते थे।

इस कार्रवाई में 3.7 किलोग्राम गोल्ड डस्ट जब्त किया गया तथा पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में कैरियर, विमान सफाई कर्मचारी, हैंडलर और सोना प्राप्त करने वाला व्यक्ति शामिल हैं।

कोलकाता रेलवे स्टेशन पर बर्तनों में छिपाया गया 4.6 किलोग्राम सोना बरामद

19-20 जुलाई 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने कोलकाता रेलवे स्टेशन पर एक यात्री को रोककर उसके सामान की जांच की। तलाशी में विशेष रूप से तैयार किए गए बर्तनों के भीतर छिपाया गया लगभग 4.6 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ।

जांच में पता चला कि यह सोना म्यांमार के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया गया था। सोना जब्त कर यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।

कोच्चि और गुवाहाटी में भी कार्रवाई

इसी सप्ताह डीआरआई ने दो अन्य अलग-अलग अभियानों में लगभग 2 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया।

  • कोच्चि हवाई अड्डे पर दुबई से आए एक यात्री के शरीर के भीतर छिपाया गया सोना बरामद किया गया।

  • गुवाहाटी में एक कार के विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खांचे से सोने के बिस्कुट जब्त किए गए।

इन दोनों मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

तस्करी के बदलते तौर-तरीकों पर डीआरआई की पैनी नजर

डीआरआई का कहना है कि हालिया कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि संगठित तस्करी गिरोह लगातार नए और जटिल तरीके अपनाकर सोने की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, खुफिया सूचना आधारित अभियानों और सतर्क निगरानी के माध्यम से ऐसे नेटवर्क का लगातार भंडाफोड़ किया जा रहा है।

डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि देश में सोने की तस्करी पर अंकुश लगाने और संगठित तस्करी सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने पीडब्ल्यूडी ने तहसीलदार से की कानूनी कार्रवाई की मांग

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सरायपाली- लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) उपसंभाग क्रमांक-1, रायपुर ने सरायपाली स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के पुराने कार्यालय भवन एवं उससे संबंधित शासकीय भूमि पर कथित अनाधिकृत अतिक्रमण के मामले में तहसीलदार, सरायपाली को पत्र प्रेषित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

20 जुलाई 2026 को जारी पत्र में अनुविभागीय अधिकारी ने उल्लेख किया है कि उपअभियंता भुजरंग साय पैकरा द्वारा पुराने कार्यालय भवन एवं शासकीय भूमि पर कथित अनाधिकृत कब्जा, अवैध निर्माण तथा शासकीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामला विभाग के संज्ञान में है।

पत्र के अनुसार, इस विषय में पूर्व में मुख्य अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी स्तर से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, तहसीलदार न्यायालय, सरायपाली द्वारा भी मामले में आदेश पारित किया गया था। विभागीय निर्देशों के तहत संबंधित अधिकारी को पुराने कार्यालय भवन एवं शासकीय भूमि को खाली कर विभाग को अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

विभाग का कहना है कि दो बार लिखित निर्देश जारी किए जाने के बावजूद न तो संबंधित शासकीय भवन एवं भूमि को खाली कराया गया और न ही विभाग को कोई अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देशों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से यह प्रतीत होता है कि शासकीय संपत्ति को खाली करने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है।

इसी परिप्रेक्ष्य में अनुविभागीय अधिकारी ने तहसीलदार, सरायपाली को पत्र भेजकर न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए शासकीय भवन एवं भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शासकीय संपत्ति को रिक्त कराने के लिए विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही तहसीलदार से अनुरोध किया गया है कि वे अपने स्तर पर आवश्यक कानूनी कदम उठाकर शासकीय भूमि एवं भवन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

हालांकि, इस मामले में संबंधित अधिकारी भुजरंग साय पैकरा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तहसीलदार स्तर पर होने वाली आगामी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर रेल परिवहन की ओर ऐतिहासिक कदम

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17 जुलाई 2026 को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के निकट जींद और सोनीपत के बीच भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब तक यह ट्रेन 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है और इस दौरान 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत हुई है।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

हाइड्रोजन ट्रेन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया के माध्यम से ट्रेन के भीतर ही बिजली उत्पन्न की जाती है। यही बिजली ट्रेन को संचालित करती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प (Water Vapour) निकलती है, जबकि धुआँ या कार्बन उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता। इस कारण हाइड्रोजन ट्रेन वर्तमान समय की सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल रेल प्रणालियों में से एक मानी जाती है।

पूर्णतः स्वदेशी तकनीक पर आधारित परियोजना

यह परियोजना भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित एक पूर्णतः स्वदेशी (Indigenous) पहल है। 10 कोचों वाली इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार लगाए गए हैं, जो संयुक्त रूप से 2,400 किलोवाट शक्ति प्रदान करते हैं। ट्रेन में ऊर्जा भंडारण के लिए लिथियम आयरन फॉस्फेट (LiFePO₄) बैटरियाँ तथा हाइड्रोजन सिलेंडरों का उपयोग किया गया है।

भारत की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा

जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज सुविधा स्थापित की गई है। इसमें 500 बार तक के दबाव पर ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण किया जाता है तथा 350 बार के दबाव पर ईंधन उपलब्ध कराया जाता है। इस सुविधा की कुल भंडारण क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन है।

उच्चतम सुरक्षा मानकों से सुसज्जित

हाइड्रोजन ट्रेन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें गैस रिसाव, तापमान, आग और धुएँ का पता लगाने के लिए अनेक स्वतंत्र सुरक्षा प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन तथा सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण एवं प्रमाणीकरण सुनिश्चित किए गए हैं।

जींद–सोनीपत खंड पर सफल संचालन के बाद अब दिल्ली मार्ग पर भी परीक्षण जल्द प्रारंभ किया जाएगा।

हरित भविष्य की ओर भारत का कदम

भारत की हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वदेशी हाइड्रोजन रेल इकोसिस्टम की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह परियोजना शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) रेल परिवहन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा भविष्य में स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल रेल सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करती है।

यह उपलब्धि भारत को हरित परिवहन (Green Mobility) और स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

कैच द रेन अभियान (4 जुलाई–4 अगस्त 2026): नंद्याल जिले में वर्षा जल संरक्षण की दिशा में व्यापक पहल

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कैच द रेन अभियान (4 जुलाई–4 अगस्त 2026) आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में “जहाँ वर्षा हो, वहीं वर्षा जल को संजोएँ (Catch the Rain, Where it Falls, When it Falls)” के सिद्धांत पर प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बूंद वर्षा जल का संरक्षण करना है। इसके अंतर्गत पारंपरिक जलाशयों का पुनर्जीवन, फीडर एवं सप्लाई चैनलों की गाद निकासी (डी-सिल्टिंग), टैंक प्रणालियों का पुनर्स्थापन तथा अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों, वैज्ञानिक योजना और जनभागीदारी के माध्यम से जिला वर्षा जल संरक्षण अवसंरचना को सुदृढ़ बना रहा है तथा मानसूनी जल के संग्रहण एवं भंडारण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है।

वैज्ञानिक योजना एवं जनभागीदारी आधारित क्रियान्वयन

जिले की सभी 489 ग्राम पंचायतों में फील्ड सर्वे, प्राथमिकता वाले जलाशयों, फीडर चैनलों एवं जलग्रहण क्षेत्रों का मानचित्रण तथा संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर वैज्ञानिक योजना तैयार की गई। स्थानीय समुदायों एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों से परामर्श लेकर स्थानीय आवश्यकताओं एवं पारंपरिक ज्ञान के अनुरूप कार्यों की पहचान की गई। प्रस्तावित कार्यों को पारदर्शिता एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस वैज्ञानिक एवं सहभागी योजना प्रक्रिया के आधार पर जिले में 2,103 जल संरक्षण कार्यों की पहचान, स्वीकृति एवं शत-प्रतिशत (100%) ग्राउंडिंग सुनिश्चित की गई। इन कार्यों की रणनीतिक योजना वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल भंडारण क्षमता को अधिकतम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे कैच द रेन अभियान के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

बड़े पैमाने पर जल संरक्षण कार्य

अभियान के अंतर्गत 2,691 किलोमीटर लंबे फीडर एवं सप्लाई चैनलों की गाद निकासी एवं पुनर्स्थापन किया गया, जिससे वर्षा जल का टैंकों एवं जलाशयों तक सुचारु प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

इसके अतिरिक्त, 251 लघु सिंचाई टैंकों के पुनर्स्थापन का कार्य किया गया, जिनमें से 225 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर हैं।

जिले में 22,221 फार्म पॉन्ड, 2,221 चेक डैम तथा 202 परकोलेशन टैंक के नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया गया है। इन संरचनाओं से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे जल संरक्षण प्रणाली की समग्र दक्षता बढ़ी है और जिले की प्रत्येक संभव वर्षा बूंद को संचित करने की क्षमता और मजबूत हुई है।

अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता का सृजन

इन सभी कार्यों से उत्पन्न अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता का आकलन संबंधित इंजीनियरिंग विभागों द्वारा तैयार तकनीकी अनुमानों के आधार पर किया गया।

फीडर चैनलों एवं जल संरक्षण संरचनाओं के पुनर्स्थापन से 3.27 टीएमसी टैंक भंडारण क्षमता की पुनर्बहाली का अनुमान है, जबकि नई जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से 0.03 टीएमसी अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है।

टैंकों एवं अन्य जल निकायों की मानसूनी जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि के माध्यम से ये वैज्ञानिक रूप से नियोजित हस्तक्षेप भूजल पुनर्भरण को मजबूत करते हैं तथा कृषि, आजीविका और स्थानीय समुदायों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सतत जल सुरक्षा की दिशा में

कैच द रेन अभियान के अंतर्गत नंद्याल जिले में 2,691 किलोमीटर फीडर एवं सप्लाई चैनलों की गाद निकासी, 251 लघु सिंचाई टैंकों का पुनर्स्थापन, 2,103 जल संरक्षण कार्यों का क्रियान्वयन तथा हजारों वर्षा जल संचयन संरचनाओं का पुनर्जीवन जल संरक्षण प्रयासों को नई गति प्रदान कर रहा है।

वैज्ञानिक योजना, तकनीकी मूल्यांकन तथा सक्रिय जनभागीदारी पर आधारित यह समन्वित पहल जिले की वर्षा जल संग्रहण, भंडारण एवं भूजल पुनर्भरण क्षमता को सुदृढ़ करते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा एवं जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) को मजबूत बना रही है।

नंद्याल जिले का यह एकीकृत मॉडल दर्शाता है कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से "जहाँ वर्षा हो, वहीं वर्षा जल को संजोएँ" की अवधारणा को सफलतापूर्वक लागू करते हुए सतत जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की जा रही हैं।

'छात्रों का भविष्य सर्वोपरि'... धर्मेंद्र प्रधान ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, अगले साल से 'नीट' में बड़ा बदलाव

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नई दिल्ली- नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों का एक भावुक पत्र साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि वे नहीं चाहते कि राजनीतिक गतिरोध के कारण देश के छात्रों का भविष्य खराब हो।

इस्तीफे की 3 सबसे बड़ी वजहें

* छात्रों को कानूनी पेचीदगियों से बचाना: प्रधान ने लिखा कि वे नहीं चाहते कि देश का कोई भी विद्यार्थी कानूनी विवादों और अदालती चक्करों में उलझे। उनका मकसद है कि छात्र अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें।

* देश विरोधी ताकतों को रोकने का संकल्प: पत्र के अनुसार, जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो हालात बने हैं, उसका देश विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना सही समझा।

* आहत महसूस करना: उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे बेहद दुखी हैं और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।


धर्मेंद्र प्रधान के पत्र की मुख्य बातें

* 4 दशकों का नाता: उन्होंने कहा कि वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्र राजनीति, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं।

* CBI जांच और बड़ा फैसला: उन्होंने माना कि 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं हुई थीं, जिसकी जांच तुरंत सीबीआई को सौंपी गई। साथ ही ऐलान किया कि अगले साल से नीट परीक्षा पूरी तरह CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में होगी।

* परीक्षा माफिया पर वार: प्रधान ने कहा कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कुछ लोगों पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

* पीएम का आभार: उन्होंने मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट के सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया।

आगे क्या?

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आने वाले समय में प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित रखेंगे।

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बाढ़ में फंसे 170 लोगों को भारतीय तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचाया, दमन, दादरा एवं नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में चलाया बड़ा रेस्क्यू अभियान

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नई दिल्ली- भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर दमन, दादरा एवं नगर हवेली और दक्षिण गुजरात के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 170 लोगों को सुरक्षित बचाया। 22 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि से अब तक लगातार बारिश, भीषण बाढ़ और खराब मौसम के बीच 11 सफल रेस्क्यू अभियान चलाए गए।

रेस्क्यू अभियान की शुरुआत 22/23 जुलाई की रात सिलवासा के खानवेल क्षेत्र से पांच लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ हुई। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में बाढ़ के कारण नदी किनारे फंसे तीन मछुआरों को बचाया गया।

सबसे बड़े अभियानों में से एक में वेलस्पन इंडस्ट्रियल एरिया से 60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जहां बाढ़ के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका था।

इसके अलावा बाढ़ के पानी में फंसी एक बस से सात लोगों को, डोंगरी क्षेत्र से 10 लोगों को, वलसाड-पारडी क्षेत्र से हेलीकॉप्टर की मदद से चार लोगों को तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज क्षेत्र से आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एक अन्य महत्वपूर्ण अभियान में आवध सोसाइटी से 10 लोगों को बचाया गया, जिनमें नौ माह की गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही एक महिला भी शामिल थीं। दोनों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

24 जुलाई को भारतीय तटरक्षक बल के दो हेलीकॉप्टरों ने नवसारी जिले के मेंदर गांव से 33 लोगों को एयरलिफ्ट किया। इनमें एक गंभीर सीने के दर्द से पीड़ित व्यक्ति भी शामिल था, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

लगातार मूसलाधार बारिश, तेज बहाव और बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय तटरक्षक बल के जवान बिना रुके राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे। इस अभियान के जरिए तटरक्षक बल ने अपने आदर्श वाक्य "वयम् रक्षामः" (हम रक्षा करते हैं) को एक बार फिर चरितार्थ किया।

भारतीय तटरक्षक बल ने कहा है कि वह नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर पूरी सतर्कता के साथ राहत कार्य जारी रखे हुए है और बाढ़ से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा सरकार के साथ की समीक्षा बैठक, सर्दियों से पहले तेज़ कार्रवाई के निर्देश

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नई दिल्ली- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग मिशन मोड में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई, बेहतर समन्वय और सख्त निगरानी पर विशेष जोर दिया।

सड़कों की धूल और सफाई पर विशेष ध्यान

भूपेंद्र यादव ने सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, फुटपाथ निर्माण और नियमित गहरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सितंबर तक सभी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती पूरी कर उन्हें जियो-टैग किया जाए, ताकि सफाई कार्य की रियल-टाइम निगरानी हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने एनसीआर के हरियाणा नगर निगम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही सात नगर निगम क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की तेज़ स्थापना के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की।

पुराने वाहनों पर सख्ती

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (EoL) वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एनओसी प्रक्रिया तेज़ करने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

'No PUCC, No Fuel' अभियान होगा सख्त

मंत्री ने सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि 'No PUCC, No Fuel' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। साथ ही ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।

उद्योगों और कचरा प्रबंधन पर भी जोर

औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCDs) जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन, पुराने कचरे के निस्तारण और नगर निगम के ठोस कचरे के 100% संग्रहण पर भी जोर दिया गया।

पराली जलाने पर रोक के लिए विशेष योजना

भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से उद्योगों की फसल अवशेष उपयोग क्षमता का सर्वे कराने और मांग-आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "वायु प्रदूषण की चुनौती का समाधान तभी संभव है, जब सरकार और समाज मिलकर 'Whole of Government' और 'Whole of Society' दृष्टिकोण अपनाएं।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ को मिलेगी पहली राजकीय तितली: 31 अगस्त तक जनता करेगी ऑनलाइन मतदान, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ जल्द ही अपनी पहली राजकीय तितली (State Butterfly) घोषित करने जा रहा है। राज्य सरकार ने इस अनूठी पहल के तहत प्रदेशवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन जनमत संग्रह (Public Voting) शुरू किया है। नागरिक 31 अगस्त तक अपनी पसंद की तितली के पक्ष में मतदान कर सकेंगे।

इस अभियान का उद्देश्य केवल राज्य की राजकीय तितली का चयन करना ही नहीं, बल्कि लोगों में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और तितलियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। तितलियां स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की पहचान मानी जाती हैं और परागण (Pollination) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वन विभाग का मानना है कि इस पहल से प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। राज्य सरकार ने सभी नागरिकों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।

राजकीय तितली की घोषणा के बाद यह प्रजाति छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगी और वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जनजागरूकता अभियानों में भी विशेष स्थान पाएगी।

आप निम्नलिखित तीन तितलियों में से अपनी पसंदीदा तितली को वोट दे सकते हैं:

1. ऑरेंज ओकलीफ

2. कॉमन बैंडेड पीकॉक

3. स्पॉट स्वॉर्डटेल

🗳️ वोट करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

https://forms.gle/7Mqa1kBLx4dnFA6b7

आपका एक वोट छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक विरासत को नई पहचान देगा। कृपया स्वयं मतदान करें तथा इस संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समूहों में अधिक से अधिक साझा करें।

“आपकी पसंद—छत्तीसगढ़ की राजकीय तितली!” 🦋🌿

आज देवशयनी एकादशी: चातुर्मास का शुभारंभ, भगवान विष्णु की आराधना में लीन हुए श्रद्धालु

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नई दिल्ली- आज देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ देवशयनी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ चार माह तक चलने वाले चातुर्मास का शुभारंभ होता है।

मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर व्रत रख रहे हैं तथा सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना कर रहे हैं। कई स्थानों पर विशेष भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सत्संग का आयोजन भी किया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु के देवउठनी एकादशी पर जागृत होने के साथ ही शुभ एवं मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत होती है।

धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं से विधि-विधान के साथ व्रत और पूजा करने तथा जरूरतमंदों की सहायता एवं दान-पुण्य करने का भी आह्वान किया है।

देशभर में भारी बारिश का अलर्ट: कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

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नई दिल्ली- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

प्रशासन ने संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।

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