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जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ड्यूटी के दौरान रील, वीडियो वायरल होने पर जांच के निर्देश

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ड्यूटी के दौरान महिला टेक्नीशियंस द्वारा रील बनाए जाने का मामला सामने आया है। रील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले का संज्ञान लिया है। वीडियो में लैब के अंदर ब्लड सैंपल और जांच से जुड़ी गतिविधियों के बीच रील बनाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।


मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, अटल आरोग्य लैब के प्रभारी जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बना, होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रील बनाने के दौरान लैब के नियमित कामकाज पर कोई असर पड़ा या नहीं।

अस्पताल प्रबंधन इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि वीडियो में मरीजों के ब्लड सैंपल अथवा उनकी जांच से संबंधित कोई संवेदनशील जानकारी दिखाई दे रही है या नहीं।

जिला अस्पताल की जांच व्यवस्था का अहम हिस्सा है लैब

अटल आरोग्य लैब जिला अस्पताल की जांच व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों के विभिन्न सैंपल लेकर जांच की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार लैब में करीब 134 प्रकार की जांच नि:शुल्क की जाती हैं। लैब का संचालन HLL कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है।

वायरल वीडियो में लैब के अंदर जांच प्रक्रिया और सैंपल से संबंधित गतिविधियां भी दिखाई दे रही हैं। इसी वजह से विभाग ने मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू की है।

एचआईवी रिपोर्ट को लेकर पहले भी उठे थे सवाल

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी लैब की जांच रिपोर्ट को लेकर विवाद सामने आया था। जिला अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक की एचआईवी जांच रिपोर्ट पहली बार पॉजिटिव आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए, जिसके बाद दोबारा जांच कराई गई। दूसरी जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई।

रिपोर्ट में अंतर सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने लैब से संबंधित जानकारी मांगी थी। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच और उनका सही तरीके से कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए थे।

अब ड्यूटी के दौरान रील बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग दोनों मामलों को ध्यान में रखते हुए लैब की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की भी पड़ताल कर रहा है। फिलहाल नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रातभर हंगामे के बाद बिलासपुर में धारा 144, भारी पुलिस बल तैनात

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 बिलासपुर। सोशल मीडिया पर किए गए कथित विवादित कमेंट को लेकर शुक्रवार रात बिलासपुर में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट पर किए गए कथित विवादित कमेंट को लेकर हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

कलेक्टर-एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र का जायजा लिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।


विधायक सुशांत शुक्ला सहित स्थानीय नागरिक भी थाने पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से चर्चा की और युवकों को समझाइश देकर माहौल शांत कराने का प्रयास किया।

हथियार लेकर चलने और भीड़ जुटाने पर रोक

जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला सहित अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

हालांकि शासकीय ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों, लाठी के सहारे चलने वाले वृद्ध एवं दिव्यांग व्यक्तियों और धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वाले लोगों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

इसके अलावा बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल आयोजित करने पर भी रोक रहेगी। क्षेत्र में एक स्थान पर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन को इससे बाहर रखा गया है। किसी भी आयोजन के लिए संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

तोड़फोड़ और सड़क जाम पर भी प्रतिबंध

प्रशासन ने सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने, सड़क जाम करने और लोगों में भय या दहशत पैदा करने वाली गतिविधियों पर भी रोक लगाई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगरानी में क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

न्यायधानी में आधी रात हंगामा: दो पक्ष भिड़े, जमकर चले ईंट-पत्थर; पुलिस पर भी हमला

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 बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में सोशल मीडिया पर कमेंट को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट और गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया। घटना में तारबाहर थाना प्रभारी (TI) रविशंकर तिवारी समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कुछ युवकों को भी चोटें आई हैं। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके का है।


विवाद के बाद दोनों पक्षों में पथराव

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान एक पक्ष के युवक द्वारा दूसरे पक्ष के युवक के साथ मारपीट किए जाने के बाद मामला और बिगड़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस पर भी हुआ पथराव

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया। पथराव में तारबाहर TI रविशंकर तिवारी के सिर में चोट आई है। इसके अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। वहीं, तीन युवकों के चाकूबाजी में घायल होने की जानकारी सामने आई है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई बार युवकों को मौके से खदेड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

कलेक्टर-एसएसपी ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी भी की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

विधायक सुशांत शुक्ला समेत स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों के साथ बैठक कर युवकों को समझाइश दी। देर रात तक इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खपरगंज और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार बाइक दीवार से टकराई, दो युवकों की मौत; एक गंभीर

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देर रात तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दीवार से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र में भेंगारी से टीआरएन कंपनी जाने वाले मार्ग पर हुई।


तेज रफ्तार के चलते अनियंत्रित हुई बाइक

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार रात करीब 8 बजे हुआ। बाइक पर तीन युवक सवार थे और वे भेंगारी की ओर से टीआरएन कंपनी की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित टीआरएन कंपनी की दीवार से जा टकराई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

घायल युवक अस्पताल में भर्ती

हादसे की सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान की कोशिश जारी

पुलिस के अनुसार, हादसे में मृत दोनों युवकों और घायल युवक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान के लिए आवश्यक जानकारी जुटा रही है और परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बाइक की तेज रफ्तार को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, हादसे की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

महासमुंद में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, बाप-बेटे गिरफ्तार; 5.24 लाख का माल जब्त

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 महासमुंद। ओडिशा से मध्य प्रदेश अवैध गांजा लेकर जा रहे दो तस्करों को कोमाखान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 8.920 किलो गांजा, एक बाइक और दो मोबाइल फोन समेत कुल 5 लाख 24 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी रिश्ते में बाप-बेटे हैं और मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के रहने वाले हैं।


पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार चेकिंग और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो व्यक्ति ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा लेकर मध्य प्रदेश की ओर जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही कोमाखान पुलिस ने ग्राम घोयनाबाहरा नाके के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक क्रमांक MP 50 JE 7254 वहां पहुंची, जिसे पुलिस टीम ने रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपियों के बैग से गांजा बरामद हुआ।

टिटलागढ़ से गांजा खरीदकर बालाघाट ले जा रहे थे

पूछताछ में आरोपियों की पहचान अर्जुन पटले (52) और उसके बेटे हिमांशु पटले (19) के रूप में हुई। दोनों वार्ड क्रमांक 14, ग्राम कोसमी, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी ओडिशा के टिटलागढ़ से गांजा खरीदकर उसे मध्य प्रदेश के बालाघाट में खपाने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है।

5.24 लाख रुपये का सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—

8.920 किलो गांजा — कीमत करीब ₹4.46 लाख
स्प्लेंडर बाइक — कीमत ₹60 हजार
2 मोबाइल फोन — कीमत ₹18 हजार

सहित कुल ₹5 लाख 24 हजार रुपये का सामान जब्त किया है।

कोमाखान पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

नेपाल आपदा: छत्तीसगढ़ के 9 नागरिकों की स्थिति सामने आई, 2 अब भी लापता, मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने बढ़ाई निगरानी

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रायपुर। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और राहत प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में फंसे या लापता नागरिकों की लगातार जानकारी जुटा रही है।


अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति स्पष्ट हुई है। इनमें दो नागरिकों के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है। रायपुर के पांच नागरिक सुरक्षित हैं और वापस लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं, बिलासपुर की प्रियंका चौधरी और सरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता के लापता होने की सूचना है। दोनों की तलाश के लिए संबंधित एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है।

मोनिका यादव के परिजनों से संपर्क

रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। नेपाल में बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने की सूचना सामने आई थी। प्रशासन के अनुसार, अब उनके परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। उनकी स्थिति के संबंध में संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं मंजू की भी जानकारी मिली

बिलासपुर निवासी 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। प्रशासन के अनुसार, उनके परिजनों से भी संपर्क स्थापित हो गया है। उपलब्ध जानकारी का सत्यापन करने के साथ आवश्यक समन्वय किया जा रहा है।

प्रियंका और डॉ. मीना अब भी लापता

बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की सूचना है। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षित तलाश के प्रयास जारी हैं।

वहीं, सरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, भी नेपाल में लापता बताई जा रही हैं। उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा बताया गया है। उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।

रायपुर के पांच नागरिक सुरक्षित

रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। सभी पांचों नागरिक 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।

नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय

राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटाने के साथ उनके परिजनों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है। नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाए रखा गया है।

सरकार ने अपील की है कि नेपाल गए छत्तीसगढ़ के किसी नागरिक के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सरकार ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री हेल्पलाइन: 1070
कंट्रोल रूम: 0771-2223471

बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में आज रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”


कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री साय को राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी दुबे से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है।


कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

जवानों की कलाई पर सजी राखी में राष्ट्र के प्रति सम्मान का भाव

मुख्यमंत्री  साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव से जोड़ना अत्यंत सुखद अनुभव रहा।




उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।

महिला पत्रकारों के साहस और समर्पण की मुख्यमंत्री ने की सराहना

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। हमारी महिला पत्रकार अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया के घटनाक्रम से अवगत करा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने आत्मीय प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान आज सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हुई है। आज अनेक सरपंच दीदियां अपने नेतृत्व और नवाचार से गांवों के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेश की माताएं-बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं।

लक्ष्य से आगे बढ़ा छत्तीसगढ़, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में सशक्त करने का संकल्प लिया है। देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। यह छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक एवं दवा का छिड़काव कर वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग 300 रुपये की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में कार्य कर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से खुल रही स्वावलंबन की नई राह

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों की बहनें अब परंपरागत आजीविका गतिविधियों के साथ नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण हो रहा है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा दीदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जशपुर प्रवास के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव बगिया में 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा बहनों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।

महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार दें। महतारी वंदन योजना से महिलाओं के बैंक खातों में नियमित राशि आने से उनकी आर्थिक विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है और बैंक उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने में आगे आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में लगभग 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक लगभग 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति में उपलब्ध प्रावधानों का अध्ययन कर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की बहनें नौकरी और स्वरोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि सफल उद्यमी बनकर प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्र की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है, ताकि विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने अनेक बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ता के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत शांति में विश्वास रखने वाला सशक्त राष्ट्र है, जो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वरा भूमि और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यहां के लोगों की सरलता, सहजता और आत्मीयता ने पूरे देश में “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपने सामर्थ्य एवं प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के पूरे अवसर प्राप्त करें।

उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

PM मोदी ने स्कूली बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन, बच्चियों ने बांधी राखी; पूछा- बचपन का सपना क्या था?

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 नई दिल्ली। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर स्कूली बच्चों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान बच्चियों ने प्रधानमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। पीएम मोदी ने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ हंसी-मजाक भी किया।


प्रधानमंत्री ने रक्षाबंधन के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और अटूट विश्वास का प्रतीक है।

बच्चियों ने पीएम मोदी की कलाई पर बांधी राखी

रक्षाबंधन के अवसर पर कई स्कूली बच्चियां प्रधानमंत्री आवास पहुंचीं। बच्चियों ने पीएम मोदी की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने भी बच्चों के साथ सहज अंदाज में बातचीत की, उनसे हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए ‘हाई-फाइव’ किया।

प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि 7, लोक कल्याण मार्ग पर रक्षाबंधन समारोह की कुछ यादगार झलकियां।

बच्ची ने पूछा- बचपन का सपना क्या था?

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और प्रधानमंत्री के बीच दिलचस्प बातचीत भी हुई। एक बच्ची ने पीएम मोदी से पूछा कि बचपन में उनका सपना क्या था?

इस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “आप लोगों से मिलने का।” प्रधानमंत्री का यह जवाब सुनकर बच्चों के चेहरे पर खुशी नजर आई और माहौल खुशनुमा हो गया।

बच्चों के साथ पीएम का सहज अंदाज

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री बच्चों के साथ बेहद सहज नजर आए। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके सवालों का जवाब दिया। रक्षाबंधन के मौके पर प्रधानमंत्री और स्कूली बच्चों की यह मुलाकात खास रही।

रक्षाबंधन पर राज्यपाल रमेन डेका ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर बांधा रक्षासूत्र

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 रायपुर : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका एवं फर्स्ट लेडी श्रीमती रानी डेका काकोटी ने आज रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर रक्षासूत्र बांधा।


राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी सौहार्द का पावन पर्व है, जो समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा एवं गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दिल्ली दौरे से लौटे CM साय, रक्षाबंधन की दी शुभकामनाएं; नेपाल आपदा पर जताई चिंता

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को दिल्ली दौरे से रायपुर लौटे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी बेहद दुखद है। आपदा के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार जरूरतमंद लोगों की हरसंभव मदद के लिए तैयार है।

नेपाल में फंसे लोगों के लिए कंट्रोल रूम

मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल में फंसे या लापता लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग या उनके परिजन इन माध्यमों से सरकार से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार नेपाल में संकट की स्थिति से प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात

मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस दौरान छत्तीसगढ़ और प्रदेश भाजपा संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

प्रदेश में भाजपा के नए संगठन प्रभारी की नियुक्ति के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन पहले छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश के लिए नए संगठन प्रभारी की नियुक्ति होना स्वाभाविक है।

ढाई साल के कामकाज पर जताया भरोसा

भाजपा सरकार के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन स्तर पर बेहतर काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में भाजपा को जनता का समर्थन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने करीब ढाई साल के कार्यकाल में विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। सरकार के कामकाज के आधार पर भाजपा आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और जनता का मजबूत समर्थन हासिल करेगी।

CG NEWS : नाबालिग की मांग में भरा सिंदूर, फिर शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म; आरोपी को 20 साल की सजा

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और उसकी मांग में सिंदूर भरने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है।


माना कैंप थाना क्षेत्र का मामला

मामला माना कैंप थाना क्षेत्र का है। प्रकरण की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अच्छेलाल काछी की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक डालेश्वर प्रसाद साहू ने पैरवी की।

मोबाइल पर बातचीत के बाद नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाया

अभियोजन के अनुसार, आरोपी संजय कुमार चंद्राकर उर्फ बबलू (25) मूल रूप से महासमुंद जिले के बागबाहरा का रहने वाला है और माना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान 17 वर्षीय नाबालिग से हुई। दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होने लगी। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसा लिया और शादी का झांसा देने लगा।

बागबाहरा ले जाकर मांग में भरा सिंदूर

अभियोजन के मुताबिक, आरोपी 16 मई 2025 को शादी का झांसा देकर नाबालिग को बागबाहरा ले गया। वहां उसकी मांग में सिंदूर भरकर शादी हो जाने की बात कही। इसके बाद आरोपी नाबालिग को अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां लेकर घूमता रहा।

आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने शादी हो जाने का झांसा देकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद पॉक्सो अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही प्रतिकर स्कीम 2018 के तहत पीड़िता को 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई।

राष्ट्रीय सरोवर दिवस विशेष: आरंग में थे 6 कोरी 6 आगर तालाब, संरक्षण की है आवश्यकता

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 आरंग। गुरुवार को राष्ट्रीय सरोवर दिवस मनाया गया। जल संरक्षण और तालाबों के महत्व को लेकर मनाए जा रहे इस दिवस पर छत्तीसगढ़ की प्राचीन नगरी आरंग की ऐतिहासिक धरोहर और जल-समृद्धि की कहानी याद आना स्वाभाविक है।


किंवदंती है कि प्राचीनकाल में आरंग में 6 कोरी 6 आगर अर्थात 126 तालाब थे। छत्तीसगढ़ में प्राचीनकाल में तालाब ही जल संरक्षण के मुख्य केंद्र थे। इतिहास के अध्येता शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल बताते हैं कि आरंग धार्मिक आस्था और दानी राजा मोरध्वज के साथ-साथ तालाबों की नगरी के रूप में विख्यात था।

महानदी के तट पर बसे होने के बावजूद यहां 126 तालाबों के निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह आज भी शोध का विषय है। पुराविदों के अनुसार आरंग को इसी कारण तालाबों की नगरी भी कहा जाता था। वर्तमान में यहां केवल 51 तालाबों के नाम ही ज्ञात हैं, जिनमें से कई पट चुके हैं और कई डबरी बनकर रह गए हैं। बढ़ती आबादी और अतिक्रमण के कारण तालाबों का अस्तित्व संकट में है।

ये है 51तालाबों के नाम

सेमरिया तालाब, रानी सागर, खरखरा, दबका, दंसेल, कांदा भैरा, रमचेंदवा, अंधियारखोप, कपूरताल, नवा तालाब, झिलमिली, मोहन डबरी, खल्लारी डबरी, कोहली पचरी, गुड़ियारी तालाब, छोटे कटी,बड़े नकटी तालाब, मझला नकटी, ठाकुरदिया, हथमार, झलमला, पंडरी तालाब, केंवसी तालाब, हाथी बुडान, कैंठा तालाब, कुकरी डबरी, गोड़धोवा, मुडधोवा, आमाडबरा, भंडारी तालाब, केशरवा डबरी, डमौउवा तालाब, जलसेन तालाब, ठरमुडिया, लामीकेंवसी, डंगनिया, अगार, हगरिया डबरी, छोटे घोघियई, बड़े घोघियई, भेंडी धोवान, पुरेना, बूढ़ी डबरी, नारायण डबरी, शिवनाथ डबरी, लीलबिलार डबरी, गस्ताही डबरी, नारायण बन, महामाया तालाब।

CG NEWS : नौकरी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

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 धमतरी। कुरूद थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर कुरूद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


पुलिस के अनुसार, महिला रोजगार की तलाश में थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात महेंद्र साहू और अजय वर्मा से हुई। आरोप है कि दोनों युवकों ने महिला को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और अपने साथ ले गए। महिला के मुताबिक, दोनों उसे मेघा पुल के पास स्थित एक नर्सरी की ओर ले गए। रास्ते में सुनसान स्थान देखकर आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती की और घटना के बाद मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद महिला ने कुरूद थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को पहले आरोपी महेंद्र साहू, निवासी बगदही, जिला बालोद के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी अजय वर्मा की तलाश शुरू की।

अजय घटना के बाद से फरार था। पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

रेलवे सुरंग में बेखौफ घूमता दिखा तेंदुआ, लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग के खोंगसरा-भनवारटंक रेलखंड की एक रेलवे सुरंग में तेंदुआ दिखाई देने से रेल कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हलचल मच गई। सुरंग के भीतर रेलवे ट्रैक पर तेंदुए के बेखौफ घूमने का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, तेंदुआ रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच चलता हुआ सुरंग के अंदर जाता दिखाई दिया। इसी दौरान रेलकर्मियों की नजर उस पर पड़ी। बाद में वहां से गुजर रहे लोको पायलट ने भी तेंदुए को देखा और सावधानी बरतते हुए ट्रेन की गति कम कर दी। इस सतर्कता के चलते वन्यजीव के साथ संभावित टक्कर टल गई।

सुरंग में तेंदुए की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

वन क्षेत्र से सटे इस रेलमार्ग पर जंगली जानवरों की आवाजाही कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन रेलवे ट्रैक और विशेषकर सुरंग के भीतर तेंदुए की मौजूदगी ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेन और वन्यजीव के बीच अचानक आमना-सामना होने की स्थिति दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

सामने आए वीडियो में तेंदुआ रेलवे पटरी के बीच आराम से चलता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेल कर्मचारियों तथा आसपास के लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

लोको पायलट की सूझबूझ से बची वन्यजीव की जान

घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोको पायलट की सतर्कता रही। तेंदुए को ट्रैक पर देखकर ट्रेन की रफ्तार कम करना वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से वन्यजीव की मौत हो सकती थी, लेकिन समय रहते सावधानी बरते जाने से संभावित दुर्घटना टल गई।

रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत

यह घटना एक बार फिर बताती है कि जंगलों और वन्यजीव क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलमार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। ऐसे संवेदनशील रेलखंडों पर वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी, ट्रेन चालकों को सतर्क करने की व्यवस्था और रेलवे तथा वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से ऐसी घटनाओं में वन्यजीवों और यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

तेंदुए का सुरंग में दिखाई देना जहां प्रकृति और वन्यजीवों की मौजूदगी का प्रमाण है, वहीं यह मानव गतिविधियों और वन्यजीव आवास के बीच बढ़ते संपर्क की ओर भी संकेत करता है। ऐसे में विकास के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।

संदेश साफ है—रेल की रफ्तार से ज्यादा महत्वपूर्ण है जीवन की सुरक्षा। लोको पायलट की सतर्कता ने न केवल एक संभावित हादसा टाला, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश किया।

धनपुर की पुरातात्विक धरोहरों को मिलेगा संरक्षण और संवर्धन का नया आधार

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संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर विशेषज्ञ दल ने धनपुर, बेनीबाई, भस्मासुर एवं शहरखेरवा का किया व्यापक सर्वेक्षण

रायपुर- संस्कृति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देशानुसार गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर से पहुंचे चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने जिले के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों का व्यापक मैदानी सर्वेक्षण एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।

विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर के साथ बेनीबाई, भस्मासुर टापू एवं शहरखेरवा स्थित पुरातात्विक धरोहरों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति, ऐतिहासिक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा भविष्य में विकसित की जा सकने वाली संभावनाओं का अध्ययन किया।

उल्लेखनीय है कि मंत्री राजेश अग्रवाल के जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में बिखरी प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता से उन्हें अवगत कराया था। मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश के बाद संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइंस रायपुर से विशेषज्ञ दल को जिले के पुरातात्विक स्थलों के सर्वेक्षण के लिए भेजा गया।

चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने किया मैदानी अध्ययन

रायपुर से पहुंचे विशेषज्ञ दल में पुरातत्ववेत्ता प्रभात कुमार सिंह, उत्खनन सहायक प्रवीण तिर्की, शोधकर्ता डॉ. राजीव जॉन मिंज एवं शोधकर्ता अमर भारद्वाज शामिल रहे। दल ने विभिन्न स्थलों का मौके पर पहुंचकर बारीकी से अध्ययन किया तथा पुरातात्विक अवशेषों, मूर्तियों और स्मारकों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

धनपुर की प्राचीन धरोहरों का सूक्ष्म निरीक्षण

विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर में स्थित प्राचीन मंदिर एवं वहां स्थापित ऐतिहासिक मूर्तियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने मंदिर की संरचना, परिसर में मौजूद पुरातात्विक अवशेषों तथा उनके संरक्षण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।

इसके साथ ही धनपुर-धोबहर धरोहर केंद्र में संग्रहित प्राचीन मूर्तियों एवं अन्य पुरावशेषों का भी गहन अवलोकन किया गया। दल ने इन पुरावशेषों के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का अध्ययन करते हुए उनके संरक्षण, रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन की संभावनाओं पर भी विचार किया।

प्राचीन मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए विशेषज्ञों ने संरचना के संरक्षण एवं आवश्यक सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं का भी जायजा लिया।

बेनीबाई और भस्मासुर टापू की धरोहरों का भी अध्ययन

सर्वेक्षण दल ने बेनीबाई एवं भस्मासुर टापू में संरक्षित एवं स्थापित प्राचीन मूर्तियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने इन धरोहरों की वर्तमान स्थिति, रखरखाव तथा संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। मौके पर उपलब्ध पुरातात्विक सामग्री और स्मारकों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक संरक्षण उपायों की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।

शहरखेरवा में पुरातात्विक संभावनाओं की तलाश

विशेषज्ञ दल ने ऐतिहासिक महत्व के स्थल शहरखेरवा का भी विस्तृत सर्वे किया। यहां उपलब्ध पुरातात्विक अवशेषों एवं संभावित धरोहर स्थलों का निरीक्षण करते हुए क्षेत्र की पुरातात्विक संभावनाओं का अध्ययन किया गया। विशेषज्ञों ने स्थल की विशेषताओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संरक्षण एवं आगे के अध्ययन की संभावनाओं का जायजा लिया।

कलेक्टर ने विशेषज्ञ दल के साथ की बैठक

क्षेत्रीय सर्वेक्षण एवं निरीक्षण पूरा होने के बाद कलेक्टर विजय दयाराम के. ने रायपुर से आए विशेषज्ञ दल के साथ बैठक कर सर्वेक्षण के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी ली। बैठक में विभिन्न पुरातात्विक स्थलों की वर्तमान स्थिति, संरक्षण की जरूरतों तथा आवश्यक कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कलेक्टर ने पुरातात्विक मूर्तियों एवं स्मारकों के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण से संबंधित आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धनपुर क्षेत्र में मौजूद प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें जिले की अमूल्य पहचान हैं। इन धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए योजनाबद्ध और व्यापक प्रयास किए जाएंगे, ताकि जिले की इस महत्वपूर्ण विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जा सके।

संरक्षण के साथ पर्यटन विकास की भी संभावनाएं

धनपुर सहित जिले के अन्य पुरातात्विक स्थलों का यह सर्वेक्षण केवल संरक्षण की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भविष्य में इन स्थलों को सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी आधार तैयार कर सकता है। व्यवस्थित संरक्षण, बेहतर रखरखाव और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास से इन ऐतिहासिक स्थलों को जिले के प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

पूरे फील्ड सर्वेक्षण के दौरान जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायत धनपुर की टीम विशेषज्ञ दल के साथ मौजूद रही और सर्वेक्षण कार्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
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