Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

डिजिटल जनगणना 2027: छत्तीसगढ़ में स्व-गणना को रफ्तार, 61,500+ नागरिकों ने कराया पंजीकरण

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। प्रस्तावित डिजिटल जनगणना 2027 के तहत छत्तीसगढ़ में स्व-गणना (Self-Enumeration) अभियान को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। अब तक राज्य के 61,503 नागरिकों ने आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जिनमें से बड़ी संख्या अपनी प्रक्रिया पूरी भी कर चुकी है।


47 हजार से अधिक ने पूरी की प्रक्रिया

जनगणना संचालन निदेशालय, छत्तीसगढ़ के अनुसार, पंजीकृत नागरिकों में से 47,419 लोग स्व-गणना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। वहीं 14,084 नागरिक अभी भी अपनी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं।

घर बैठे आसान प्रक्रिया

स्व-गणना प्रणाली के तहत नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए OTP आधारित लॉगिन व्यवस्था लागू की गई है। सत्यापन के बाद आवास, सुविधाओं और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। प्रक्रिया पूरी होने पर एक ‘जनगणना संदर्भ संख्या’ (CRN) जारी की जाती है।

नीति निर्माण में मिलेगी मदद

अधिकारियों के मुताबिक, इस डिजिटल पहल का उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार करना है, जिससे भविष्य की सामाजिक-आर्थिक नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायता मिल सके। डिजिटल माध्यम से न केवल जनभागीदारी बढ़ रही है, बल्कि प्रशासनिक कार्य भी सरल हो रहा है।

प्रशिक्षण और हेल्पलाइन की व्यवस्था

अभियान के सफल संचालन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवाएं भी शुरू की गई हैं।

डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के तहत एकत्र की गई सभी जानकारी कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

लोगों से भागीदारी की अपील

जनगणना संचालन निदेशक डॉ. कार्तिकेय गोयल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ें, ताकि राज्य के समावेशी विकास के लिए मजबूत डेटा आधार तैयार किया जा सके।

सफलता की कहानी-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से फायदा,ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से दुबेलाल का बढ़ा मुनाफा

No comments Document Thumbnail

रायपुर- प्रदेश के किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक खेती किसानी की तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदानी में इजाफा कर रहे हैं। ऐसे ही महासमुन्द जिले के अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह के किसान दुबेलाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।दुबेलाल कोसरे, बताते हैं कि पूर्व में वे पारंपरिक रूप से धान एवं अन्य फसलों की खेती करते थे। इस पारंपरिक खेती में लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद उन्हें सीमित लाभ ही प्राप्त हो पाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।

वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन एवं अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। इस जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन घटक का लाभ लिया। दुबेलाल कोसरे बताते है कि योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने 0.40 हेक्टेयर सिंचित भूमि में आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राफ्टेड टमाटर की खेती प्रारंभ की।

कृषक दुबेलाल कोसरे द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफ्टेड पौध, सिंचाई हेतु ड्रिप प्रणाली तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वे बताते हैं कि उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 16 से 18 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में टमाटर का औसत विक्रय मूल्य लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने से उन्हें कुल लगभग 3 लाख 9 हजार रुपए का लाभ प्राप्त हुआ। यह लाभ धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।दुबेलाल कोसरे द्वारा अन्य किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। उनके मार्गदर्शन से ग्राम बम्बुरडीह के अन्य कृषक भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आधुनिक खेती को अपनाने लगे हैं।


दशकों का अँधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली

No comments Document Thumbnail

रायपुर- कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया।

ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।

घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान 

कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है।

₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक

ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है।

अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला

बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा।

भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी 

जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।

अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत 

ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

47 नक्सलियों का सामूहिक सरेंडर, DVC पर बड़ा असर

No comments Document Thumbnail

 जगदलपुर। नक्सल मोर्चे पर तेलंगाना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 47 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। बताया जा रहा है कि इस सामूहिक सरेंडर के बाद दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी (DVC) की गतिविधियां लगभग समाप्ति की ओर पहुंच गई हैं।


दो बड़े नेताओं ने की अगुवाई
इस सरेंडर की अगुवाई दक्षिण बस्तर DVC के प्रभारी हेमला आयथु उर्फ विज्जा और 9वीं बटालियन के कमांडर पोडियम लाचू उर्फ मनोज ने की। आत्मसमर्पण करने वालों में एक स्टेट कमेटी (SCM) स्तर का नेता, 3 DVCM/ CyPCM स्तर के सदस्य, 24 ACM/ PPCM कैडर और 19 अन्य पार्टी सदस्य शामिल हैं।

भारी मात्रा में हथियार बरामद
सरेंडर के साथ नक्सलियों ने 32 हथियार और 515 जिंदा कारतूस भी सौंपे हैं। इनमें एक LMG, 4 AK-47, 3 SLR, 2 INSAS राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, 2 पिस्टल/रिवॉल्वर और 2 BGL गन शामिल हैं। इसके अलावा करीब 100 किलो कोर्डटेक्स वायर भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल विस्फोटक लगाने में किया जाता है।

पुनर्वास नीति के तहत सहायता
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जानकारी के अनुसार, इस सरेंडर के बाद करीब 1.50 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा रही है। वहीं छत्तीसगढ़ के मूल निवासी कैडरों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम राहत भी दी गई है।

2026 में 260 नक्सली कर चुके सरेंडर
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 260 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। फिलहाल तेलंगाना मूल के केवल 4 सक्रिय नक्सली अन्य राज्यों में बचे हैं।

हिंसा छोड़ने की अपील
पुलिस ने शेष शीर्ष नक्सली नेताओं—गणपति, संतोष, सुजाता और मंगतू—से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी के. डी. दीवान उपस्थित थे।

विदेशी फंडिंग पर सियासत तेज: BJP का कांग्रेस पर हमला, ‘बाहरी ताकतों से जुड़े तार’ का आरोप

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी नेताओं के करीबी लोगों के तार बाहरी ताकतों से जुड़े रहे हैं।


शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा के दौरान पाण्डेय ने दावा किया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी बैंकों के डेबिट कार्ड के जरिए बड़े पैमाने पर रकम खपाई जा रही है। उनके अनुसार, बीते एक वर्ष में ऐसे क्षेत्रों में करीब 95 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिसमें बस्तर और धमतरी में लगभग 6.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध खर्च सामने आए हैं।

कांग्रेस और भूपेश बघेल पर निशाना
पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में केंद्रीय जांच एजेंसियों पर प्रतिबंध जैसे कदम उठाए गए, जिससे ऐसे नेटवर्क को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस नेताओं के करीबी लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

FCRA और केंद्र सरकार के कदमों का जिक्र
भाजपा नेता ने केंद्र की Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) में किए गए संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विदेशी फंडिंग की निगरानी सख्त हो गई है। उनके अनुसार, विदेशी धनराशि अब निर्धारित बैंकिंग चैनल के जरिए आने से पारदर्शिता बढ़ी है और संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखना आसान हुआ है।

संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर
पाण्डेय ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे और प्रशिक्षण व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि लगातार कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और कौशल विकास पर काम करती है। जिलों और मंडलों में कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कांग्रेस पर पलटवार
कांग्रेस द्वारा सरकार और प्रशासन में तालमेल की कमी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अंदर झांकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए लगातार जनता के बीच काम कर रही है।

छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग का खुलासा: ED जांच में 95 करोड़ की संदिग्ध एंट्री, नक्सल इलाकों तक पहुंच

No comments Document Thumbnail

 रायपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार, विदेश से आए करोड़ों रुपये का उपयोग बस्तर और धमतरी क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार में किए जाने के संकेत मिले हैं।


95 करोड़ रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन

ED के मुताबिक नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत लाए गए। इनमें से लगभग 6.5 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। यह पूरा मामला The Timothy Initiative (TTI) और उससे जुड़े नेटवर्क से संबंधित बताया जा रहा है।

विदेशी नागरिक हिरासत में

इस मामले में विदेशी नागरिक मिकाह मार्क को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने हिरासत में लिया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए, जिनका उपयोग भारत में बार-बार नकदी निकासी के लिए किया जा रहा था।

देशभर में ED की छापेमारी

ED ने 18 और 19 अप्रैल को देशभर में छह स्थानों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि Truist Bank से जुड़े डेबिट कार्ड भारत लाकर विभिन्न राज्यों के एटीएम से नकद निकासी की जा रही थी, ताकि वित्तीय निगरानी प्रणाली से बचा जा सके।

FCRA नियमों का उल्लंघन

एजेंसी के अनुसार संबंधित संगठन FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है, इसके बावजूद विदेशी फंड का उपयोग किया जा रहा था। लेन-देन के रिकॉर्ड के लिए ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर विदेश से संचालित किया जा रहा था।

कैश, कार्ड और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान ED ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, करीब 40 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी को आशंका है कि यह एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

जांच जारी

फिलहाल ED इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फंडिंग के स्रोत, उपयोग तथा संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में दोहरे हत्याकांड से सनसनी: आरक्षक की पत्नी-बेटे की हत्या, बेटी ICU में, आरोपी महिला गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्मृति नगर चौकी क्षेत्र स्थित एसटीएफ कॉलोनी में एक महिला ने घर में घुसकर आरक्षक के परिवार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक की पत्नी और 9 वर्षीय बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल के ICU में भर्ती है।


अचानक घर में घुसकर किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला अचानक घर में दाखिल हुई और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर में मौजूद एक अन्य बच्चे ने बाथरूम में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।

आरोपी महिला गिरफ्तार

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला और आरक्षक नितेश यादव के बीच कथित अवैध संबंध थे, जिसके चलते विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले भी आरोपी महिला आरक्षक के घर पहुंची थी, लेकिन उस समय उसे समझाकर वापस भेज दिया गया था। इसके बावजूद अगले दिन उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के पीछे की असली वजह और संभावित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

इलाके में तनाव का माहौल

घटना के बाद एसटीएफ कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

SP भावना गुप्ता 117 दिन के अवकाश पर, ओपी शर्मा को अतिरिक्त प्रभार

No comments Document Thumbnail

 बलौदाबाजार। जिले की पुलिस व्यवस्था में अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) भावना गुप्ता चार माह के मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं।


गृह विभाग द्वारा उनका 117 दिनों का अवकाश, जो 14 अगस्त तक प्रभावी रहेगा, स्वीकृत किया गया है।


इस अवधि में उनकी अनुपस्थिति के दौरान ओपी शर्मा को बलौदाबाजार एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

बताया जा रहा है कि ओपी शर्मा वर्तमान में चौथी बटालियन, माना में कमांडेंट के पद पर पदस्थ हैं और अब वे अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में जिले की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

यह प्रशासनिक निर्णय जिले में कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

जापान ने रक्षा निर्यात नीति में किया बड़ा बदलाव, भारत-जापान सहयोग पर बढ़ी चर्चा

No comments Document Thumbnail

 टोक्यो। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच जापान ने अपनी रक्षा नीति में अहम बदलाव किया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अपनाई गई शांतिवादी नीति में संशोधन करते हुए जापान सरकार ने हथियार निर्यात से जुड़े नियमों को पहले की तुलना में अधिक लचीला बना दिया है। इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, खासकर चीन और उत्तर कोरिया की गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।


जापान सरकार का कहना है कि यह नीति परिवर्तन उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता में भी योगदान देगा। इस फैसले का स्वागत भारत, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों ने किया है।

भारत-जापान के बीच रक्षा सहयोग पर जोर

22 से 24 अप्रैल 2026 के बीच टोक्यो में भारत और जापान के बीच 8वीं "आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ टॉक्स" आयोजित हुई। इस बैठक में भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

चर्चा का मुख्य फोकस द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना रहा। दोनों देशों ने “मुक्त और समावेशी इंडो-पैसिफिक” क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि जापान की नई रक्षा नीति की समीक्षा का भारत स्वागत करता है और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है।

संभावित रक्षा सहयोग: किन क्षेत्रों पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भारत और जापान के बीच रक्षा तकनीक और उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, किसी भी विशेष हथियार प्रणाली के अधिग्रहण पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संभावित सहयोग के क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं:

उन्नत नौसैनिक प्लेटफॉर्म (जैसे हेलीकॉप्टर कैरियर तकनीक)
डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी तकनीक
मिसाइल डिफेंस सिस्टम और युद्धपोत
आधुनिक हेलीकॉप्टर और एविएशन सिस्टम
अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तकनीक
संतुलित दृष्टिकोण जरूरी

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की रक्षा खरीद नीति कई रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी कारकों पर आधारित होती है। ऐसे में किसी भी देश से हथियार खरीद का निर्णय व्यापक मूल्यांकन के बाद ही लिया जाता है।

साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सहयोग का उद्देश्य संतुलन और स्थिरता बनाए रखना होता है, न कि किसी एक देश के खिलाफ आक्रामक रणनीति बनाना।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल

पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ - मुख्यमंत्री

रायपुर- डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 



मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है।मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।

सम्मेलन को सांसदबृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।

इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Raghav Chadha Joins BJP : AAP का राज्यसभा में बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत कई सांसद BJP में शामिल

No comments Document Thumbnail

 Raghav Chadha Joins BJP : राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है । राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आज शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आम आदमी पार्टी से बगावत का ऐलान करते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने चार अन्य सांसदों के नाम भी बताए जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है। इस तरह से आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भाजपा में शामिल (Raghav Chadha Joins BJP) हो गए हैं। जिन सांसदों में आम आदमी पार्टी छोड़ी है, उनमें सभी पार्टी के बड़े नाम शामिल थे।


इन नेताओं ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin से मुलाकात की। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने संविधान के प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि सात सांसदों ने विलय से संबंधित दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। चड्ढा ने कहा कि उन्होंने दो अन्य सांसदों के साथ व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ जमा किए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, लेकिन अब यह राष्ट्रीय हित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है। मुझे महसूस हुआ कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक उनके साथ हैं। चड्ढा ने जिन अन्य सांसदों के समर्थन का दावा किया, उनमें हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के नाम शामिल हैं।

वहीं, AAP की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने कहा कि वे राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि भाजपा में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने के समान है, जिसके आधार पर उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। (Raghav Chadha Joins BJP)

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव विकासशील

No comments Document Thumbnail

सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। 

मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकरी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक,  उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के बीच सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।


भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

No comments Document Thumbnail

मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव

आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित

रायपुर- प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई  से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

No comments Document Thumbnail

खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित

काला बाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 के तैयारियों का लिया जाएजा

नैनो यूरिया-नील हरित काई जैसे विकल्प अपनाने के निर्देश; उन्नत बीज, क्लस्टर खेती और एग्रीटेक पंजीयन पर फोकस

रायपुर- पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।

वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।  

मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है।

मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। 

मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। 

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.