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कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा

सूरजपुर जिले को दी 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर- कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया।

परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की।

कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

धर्मनगरी आरंग में मोरध्वज महोत्सव संपन्न, कवियों के हास्य व्यंग्य के बीच करीब 3 घंटे रहे मुख्यमंत्री साय

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आरंग- दानशीलता और धर्म नगरी आरंग में  दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का गरिमामय समापन  हो गया है। 15 और 16 जनवरी के दो दिवसीय  आयोजन में  प्रख्यात कवि कुमार विश्वास के हास्य व्यंग्य के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करीब तीन घंटे तक आरंग में रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन लोरिक चंदा,  राजा मोरध्वज की नाट्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहा। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देर शाम तक समां बांधा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों का पहली बार आरंग में कवि सम्मेलन ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने दी सौगातें

महोत्सव समापन समारोह के मुख्य अतिथि और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मंच से ही अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत समोदा  स्थित उपतहसील को पूर्ण तहसील बनाए जाने की घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजा मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने इनडोर स्टेडियम एवं खेल परिसर का नामकरण “राजा मोरध्वज खेल परिसर” किए जाने की भी घोषणा की। इन घोषणाओं के बाद महोत्सव स्थल  तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 

मुख्यमंत्री का प्रेरक संबोधन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राजा मोरध्वज ने दानशीलता और धर्म परायण की जो मिसाल पेश की है, वह अद्वितीय है। आरंग स्थित बाबा बागेश्वरनाथ महादेव की पूजा अर्चना करके वनवास के दौरान भगवान श्रीराम आगे बढ़े। यह सिद्ध पीठ आज भी जन-जन के आस्था का केंद्र है। 

मुख्यमंत्री ने आरंग को धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट बताते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राजा मोरध्वज के आदर्श—त्याग, सत्य और जनसेवा—को अपने जीवन में अपनाएँ। अंत में उन्होंने राजा मोरध्वज को नमन करते हुए संयोजक गुरु खुशवंत साहेब और आरंग की जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

बाबा बागेश्वरनाथ का दर्शन पूजा 

आरंग पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और छत्तीसगढ़ की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब, आयोजन संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, ध्रुव कुमार मिर्धा, पीठाधीश राजीव लोचन महाराज, विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू, आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं मंडल-निगम के अध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा और विनोद गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. संदीप जैन ने किया।

विशिष्ट सेवा के लिए मोरध्वज अलंकरण सम्मान

महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को “मोरध्वज अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें 5 व्यक्तिगत और एक संस्थागत कुल 6 अलंकरण में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। 

दानशीलता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान  स्व. भागीरथी लाल अग्रवाल के पौत्र आशीष कुमार अग्रवाल,  गौ-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राहुल जोशी, खेल-कूद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  भुवन लाल नशीने, शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  मुरली मनोहर देवांगन, कला एवं संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान प्रभुलाल साहनी और उनके पुत्र लल्ला साहनी को मोरध्वज अलंकरण से विभूषित किया गया।

समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्थागत सम्मान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग को प्रदान किया गया। संरक्षक आनंदराम साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर और संयोजक महेन्द्र पटेल को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान देते हुए महोत्सव के संयोजक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आरंग में इस महोत्सव का फाउंडेशन इसी संस्था ने रखी है, जो अब भव्य रूप ले चुका है। 

भक्ति से सांस्कृतिक संध्या तक

महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9 बजे माता गायत्री यज्ञ–हवन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र अग्नि के बीच नगरवासियों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। दोपहर 2 से 5 बजे तक स्कूल एवं कॉलेज के छात्र–छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों से भरपूर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कार्यक्रमों का संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल और अरविंद वैष्णव ने किया।

ऐतिहासिक कवि सम्मेलन ने बांधा समां

महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण रात साढ़े 10 बजे आया, जब देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन से आयोजन का भव्य समापन हुआ। उनके साथ हास्य कवि रोहित शर्मा, श्रृंगार रस की कवियत्री साक्षी तिवारी, हास्य-व्यंग्य के सशक्त कवि दिनेश बावरा तथा वीर रस के कवि विनीत चौहान ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रभाव से भरी कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। तालियों की गूंज और भावनाओं का सैलाब आयोजन की ऐतिहासिक सफलता का साक्षी बना। मुख्यमंत्री भी देर रात तक कवि सम्मेलन में समापन तक बैठे रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत, विधायक सम्पत अग्रवाल, छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी तक

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26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन

व्यापक जनभागीदारी के साथ ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर कार्यक्रमों का होगा आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। 

गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। 

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

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‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण

23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

‘आदि से अनादि तक’—भारतीय साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव

'रायपुर साहित्य उत्सव' के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा  कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।

नवा रायपुर बनेगा साहित्य, विचार और कला का केंद्र

तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देशभर के साहित्यकार, विचारक और रचनाकार होंगे शामिल

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।

युवाओं और बच्चों को मिलेगा सशक्त मंच

उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। 

युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।

भव्य पुस्तक मेला और लेखक–पाठक संवाद

उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा।

‘चाणक्य’ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहेंगी विशेष आकर्षण

रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।

कवि सम्मेलन और संवाद सत्र

विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।

निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। 

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।

सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम है शिव पुराण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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प्रधानमंत्री की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। वे आज रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला अंचल के ग्राम-खम्हार में आयोजित शिव महापुराण कथा में को सम्बोधित कर रहे थे।  

गौरतलब है कि इस कथा का आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास कृष्णा दुबे महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी संबोधित किया। 

शिव महापुराण कथा का वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया और कमलेश जांगड़े राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया कमल गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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कांकेर जिले को 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात 

बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने सहित कई घोषणाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री साय आज कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। 

मुख्यमंत्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याेें में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है। साय ने बताया कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।  

मुख्यमंत्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंुचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया। 

इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी पदाधिकारियों को निर्वाचन में मिली सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रेस क्लब जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाएगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े उपस्थित थे।

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं

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रायपुर- राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में  उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल,  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Kharod Blood Donate Camp : सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है रक्तदान : एडिशनल एसपी, खरौद के तिवारीपारा में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में आयोजित हुआ रक्तदान शिविर

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जांजगीर-चाम्पा- धार्मिक नगरी खरौद के तिवारीपारा स्थित मिडिल स्कूल परिसर में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में 'रक्तदान शिविर' आयोजित किया गया. इस दौरान एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, भाजपा पामगढ़ मण्डल अध्यक्ष यशवंत साहू, खरौद की पार्षद नीलम यादव विशेष रूप से मौजूद थे. रक्तदान का यह शिविर, शिवरीनारायण के संकट मोचन ब्लड सेंटर के सहयोग से लगा था, जहां 30 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया, जिसमें 5 युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया और ब्लड डोनेट कर वे काफी खुश नजर आए. 

इस दौरान एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने कहा कि रक्तदान को महादान कहा जाता है और सबसे बड़ा पुण्य का कार्य रक्तदान है. खरौद के शिविर में युवाओं ने रक्तदान किया है और समाज को बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर को लाभ होता है. ऐसे में युवाओं को रक्तदान करने हमेशा आगे रहना चाहिए. कश्यप ने वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर को लेकर कहा कि यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है. आज वे हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी याद में यह पुनीत कार्य हो रहा है, यह अच्छी पहल है. 

इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक उग्रसेन साहू, बिसम्भर प्रसाद साहू, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू आयोजन समिति के संयोजक राजकुमार साहू, संकट मोचन ब्लड सेंटर के संचालक गोविंद साहू, युवा जागरण समिति के अध्यक्ष जागेश्वर साहू, शिवरीनारायण के कान्हा यादव, भाजपा के युवा नेता रामकृष्ण सोनी, पूर्व पार्षद धनंजय रात्रे, इंदलदेव सेवा समिति के कृष्णकुमार आदित्य, दीपक देवांगन, हेमंत साहू, गोपाल यादव, लव सोनी, फिरत आदित्य, रमा आदित्य, बलराम आदित्य, संकुल समन्वयक उपेंद्र सिंह ध्रुव, मिडिल स्कूल की प्रधानपाठक सरोज यादव, प्रायमरी स्कूल की प्रधानपाठक रश्मि कश्यप, शिक्षक नीलकमल साहू, रविशंकर यादव, गौतम शर्मा, हीरालाल साहू, मिथलेश साहू, रमाशंकर यादव, प्रकाश तिवारी, कैलाश थवाईत, हेमंत साहू, दीनदयाल साहू समेत अन्य लोग मौजूद थे.


Kisaan School : देश के पहले किसान स्कूल बहेराडीह में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर ध्वजारोहण करेंगे सीताराम वैष्णव

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जांजगीर-चाम्पा- बहेराडीह में स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीताराम वैष्णव के द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा. वे कोटमीसोनार गांव में स्थित छग के एकमात्र क्रोकोडायल पार्क के केयरटेकर हैं. 

देश के पहले किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर हर साल की तरह ध्वज वंदन किया जाएगा. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीताराम वैष्णव होंगे, जो कोटमीसोनार क्रोकोडायल पार्क के केयरटेकर हैं और मगरमच्छों से अपने याराना को लेकर वे छग ही नहीं, देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं और उनकी एक आवाज पर क्रोकोडायल पार्क में मगरमच्छ दौड़े चले आते हैं.

Kisaan School : प्राकृतिक खेती का मॉडल देखने किसान स्कूल पहुंचे रायगढ़ जिले के किसान, अडानी फाउंडेशन तमनार ने 55 प्रगतिशील किसानों को कराया भ्रमण

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जांजगीर-चाम्पा- कृषि विज्ञान केंद्र के गोदग्राम बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल का अडानी फाउंडेशन तमनार ने रायगढ़ जिले के 55 प्रगतिशील किसानों को भ्रमण कराया, जहां किसानों ने प्राकृतिक खेती के मॉडल देखा और खूब प्रभावित हुए.

अडानी फाउंडेशन के कार्तिकेश्वर मालाकार और दिब्यानी लहरे ने बताया कि रायगढ़ जिले के 19 गांव के 55 प्रगतिशील किसानों को बहेराडीह के वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल का भ्रमण कराया गया, जहां पर प्राकृतिक खेती के मॉडल देखकर किसान खूब प्रभावित हुए. इसके साथ ही किसान स्कूल परिसर में विकसित समन्वित क़ृषि प्रणाली का किसानों ने बारीकी से अध्ययन किया.

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने किसानों को पुरानी विलुप्त चीजों का संग्रहालय समेत केले के रेशे से निकाले जाने वाले रेशपेडर मशीन, बड़ी बनाने का ड्रायर मशीन, जैविक पद्धति से ऊगाई गई 6 फिट ऊंचाई की धनिया, छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों के मॉडल के साथ ही 65 भाजियों की जानकारी, घर की छत पर बागवानी, डेयरी, गोमूत्र इकाई, गोबर गैस सयंत्र, अंजोला इकाई, नाडेप इकाई, केंचुआ पालन इकाई, केंचुआ खाद बनाने की इकाई, सब्जी उगाने की चार मंजिला पद्धति अक्षय चक्र क़ृषि मॉडल, क़ृषि अवशेष से रेशा निकालकर बनाई गई रंग बिरंगी राखियां और कपड़ा बनाने की तकनीकों को न सिर्फ दिखाया, बल्कि उनकी खूबियों के बारे में एक-एक बिंदुवार जानकारी दी. 

भ्रमण में रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत पाता गांव के प्रगतिशील किसान राधेलाल यादव, रामलाल साय, बसंती यादव, उशीला चौहान, डोलेसरा से बनाऊ राम पैकरा, छवि शंकर गुप्ता, कुंजेमुरा से जयपाल मिंज, मोहनलाल निषाद, किशोर सिदार, फूलबाई निषाद, बसंती सिदार, ढोलनारा से मिनकेतन पटेल, महेश अगरिया, मिनकेतन भगत, सराईटोला से रवि राठिया, राजेंद्र राठिया, भालूमुड़ा से हमी लाल राठिया, घसिया राम मांझी, हुलसी राठिया, चितवाही से मिनकेतन अगरिया, टंकेश्वर सिदार, जरिडीह से गुप्तेश्वर गुप्ता,जनकराम कलंगा,रेवती गुप्ता, सोना कुमारी गुप्ता, बांधापाली से सुरेश राठिया, कमल सिंह राठिया, नंद कुमार राठिया, रोडोपाली से माधव राठिया, धर्मेंद्र राठिया, लक्ष्मी सिदार, पंकजनी राठिया, गुलापी राठिया, निल कुंवर राठिया, मिलुपारा से किरती राम कलंगा, रसिया राम कलंगा, चैतराम सिदार, दिनु सिदार, हरि कुमार सिदार, घुराऊ राम सिदार, खम्हरिया से गजपति राठिया, गोविन्द बेहरा, मुड़ागाँव से दर्शन सिदार, अमृत लाल राठिया, बजरमुड़ा से बाबुराम चौहान, पुनाऊ राम खड़िया, मड़वाडुमर से भनजिनि गुप्ता, कुंजलता गुप्ता, इंदुमती चौहान, उर्मिला चौहान, उरबा से संतोषी राठिया, कमला राठिया आदि प्रमुख रूप से शामिल थे.

पहली बार देखा भाजियों के रेशे से निर्मित कपड़ा

भ्रमण में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह पहुंचे रायगढ़ जिले के प्रगतिशील किसानों ने कहा कि हमने तो यहां पर आकर पहली बार छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों और अन्य भाजियो का इतना बड़ा संग्रह के साथ ही चेच भाजी, अमारी भाजी के डंठल के रेशो से निर्मित रंग बिरंगी राखियां, कपड़ा पहली बार देखा इसके साथ ही अलसी, केला, भिंडी और कमल के डंठल के रेशे से किसान स्कूल के नवाचारी कृषक रामाधार देवांगन, दीनदयाल यादव, पार्वती देवांगन, रेवती यादव, पुष्पा यादव, शोभाराम यादव, राजेश यादव,संतोषी बरेठ, सतरूपा यादव, संतोषी यादव, बेदिन कश्यप, निर्मला, पूरन देवांगन आदि की टीम द्वारा क़ृषि क्षेत्र में किए गए नवाचार की भूरी-भूरी प्रशंसा की. इस अवसर पर किसान स्कूल के बाबूलाल यादव, पशु सखी पुष्पा यादव, उर्मिला यादव, साधना यादव समेत अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे.


पंचायत प्रतिनिधियों के अध्ययन भ्रमण से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा - मुख्यमंत्री साय

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल को प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सकुशल एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) की जानकारी प्राप्त होगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श, पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों, नवाचारों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर की पहचान के रूप में राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी एवं विकासमूलक योजनाओं, सुशासन (गुड गवर्नेंस) तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था के बारे में भी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से जानकारी साझा करें।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोज़र विज़िट के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्य की पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र राज्य की पंचायत राज व्यवस्था का अध्ययन कराने के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2025 तक मुंबई भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 60 पंचायत प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में सम्मिलित हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का भी भ्रमण कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के सभी संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को क्रमवार इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा।

इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका महोबिया सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मालदा में 3,250 करोड़ रुपये की रेल–सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का झंडा फहराया

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के मालदा में 3,250 करोड़ रुपये की कई रेल एवं सड़क बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि-पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और विकास को गति प्रदान करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज मालदा से पश्चिम बंगाल की प्रगति को तेज करने का अभियान और मजबूत हुआ है।” उन्होंने कहा कि राज्य के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं समर्पण इसी अवसर पर किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए नई रेल सेवाएँ शुरू की गई हैं, जो लोगों की यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ व्यापार और वाणिज्य को भी बढ़ावा देंगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां स्थापित नई ट्रेन मेंटेनेंस सुविधाएँ बंगाल के युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की पवित्र भूमि से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि आज से भारत में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो रही है। इस नई ट्रेन से लंबी यात्राएँ और अधिक आरामदायक और शानदार होंगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में ट्रेनों का स्वरूप कैसा होना चाहिए, यह दृष्टि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने मालदा स्टेशन पर यात्रियों से बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि यात्रियों ने इस ट्रेन में यात्रा को “असाधारण अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि पहले लोग विदेश की ट्रेनों की तस्वीरें देखकर भारत में ऐसी ट्रेन की कामना करते थे, और आज यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में विदेशी पर्यटक भारतीय रेल के परिवर्तन की वीडियो बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह वंदे भारत ट्रेन मेक इन इंडिया है, जिसे भारतीयों की मेहनत और समर्पण से बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन माँ काली की भूमि को माँ कामाख्या की भूमि से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह आधुनिक ट्रेन पूरे देश में फैलेगी और बंगाल, असम तथा पूरे देश को इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है—रेल लाइन का विद्युतीकरण और स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। साथ ही एक आधुनिक एवं उच्च-गति ट्रेनों का पूरा नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे बंगाल के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं—

• न्यू जलपाईगुड़ी–नागरिकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
• न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
• अलिपुर्दुआर–बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
• अलिपुर्दुआर–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस

उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल को दक्षिण और पश्चिम भारत से जोड़कर कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये ट्रेनें गंगासागर, दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे तीर्थस्थलों की यात्रा को आसान बनाएंगी, साथ ही तमिलनाडु और महाराष्ट्र की यात्राओं में भी सुविधा देंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय रेल न केवल आधुनिक बन रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही है।” उन्होंने कहा कि भारत की रेल इंजन, कोच और मेट्रो कोच अब भारत की तकनीक के प्रतीक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि आज भारत अमेरिका और यूरोप से अधिक लोकोमोटिव बनाता है और कई देशों को यात्री ट्रेन और मेट्रो कोच निर्यात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना प्राथमिकता है और दूरी घटाना मिशन है, जो आज के कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखा।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C.V. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि:

प्रधानमंत्री ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन का दौरा किया और हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को झंडा दिखाया। उन्होंने वर्चुअल रूप से गुवाहाटी (कामाख्या)–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी झंडा दिखाया। यह पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन आधुनिक भारत की बढ़ती यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और यह यात्रियों को एयरलाइन जैसी यात्रा अनुभव, कम किराये पर प्रदान करेगी। यह लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा समय में लगभग 2.5 घंटे की कमी आएगी, जिससे धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी—

• बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
• न्यू जलपाईगुड़ी में नेक्स्ट-जेन फ्रेट मेंटेनेंस सुविधाएँ
• सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
• जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस सुविधाओं का आधुनिकीकरण

ये परियोजनाएँ यात्री एवं माल परिवहन को मजबूत करेंगी, उत्तर बंगाल में लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाएंगी और क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगी।

प्रधानमंत्री ने न्यू कूचबिहार–बामनहाट और न्यू कूचबिहार–बॉक्सिरहाट रेल लाइनों के विद्युतीकरण का समर्पण भी किया, जिससे तेज, स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल ट्रेन संचालन संभव होगा।

प्रधानमंत्री ने चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें का वर्चुअल रूप से भी झंडा दिखाया—

• न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल
• न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली
• अलिपुर्दुआर–SMVT बेंगलुरु
• अलिपुर्दुआर–मुंबई (पनवेल)

इनसे लंबी दूरी की किफायती और भरोसेमंद रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जो आम नागरिकों, छात्रों, प्रवासी मजदूरों और व्यापारियों की आवाजाही को सहज बनाएगी और अंतर-राज्यीय आर्थिक व सामाजिक संबंधों को मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री ने दो नई ट्रेन सेवाओं का भी झंडा दिखाया, जिनमें LHB कोच हैं—

• राधिकापुर–SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस
• बालुरघाट–SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस

ये ट्रेनें क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे बड़े आईटी और रोजगार हब तक सीधी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31D के धूपगुड़ी–फलाकाटा सेक्शन के पुनर्वास और चौड़ीकरण की आधारशिला भी रखी, जो उत्तर बंगाल में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी और यात्रियों व माल के आवागमन को सुगम बनाएगी।

ये परियोजनाएँ आधुनिक अवसंरचना निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को राष्ट्र के विकास के प्रमुख इंजन के रूप में सशक्त बनाएंगी।

MGR की जयंती पर प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन (MGR) की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रधानमंत्री ने एक बयान में MGR की बहुआयामी विरासत की सराहना की और तमिलनाडु के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान तथा तमिल संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुँचाने के उनके प्रयासों को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने X पर अलग-अलग पोस्ट में कहा:

“अपनी जयंती पर असाधारण MGR को श्रद्धांजलि। तमिलनाडु की प्रगति में उनका योगदान उत्कृष्ट है। तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका भी समान रूप से उल्लेखनीय है। हम हमेशा उनके समाज के लिए दृष्टिकोण को साकार करने के लिए काम करते रहेंगे।”

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