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लोकपाल कार्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, भ्रष्टाचार मुक्त शासन के संकल्प पर जोर

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नई दिल्ली- भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकपाल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजय माणिकराव खानविलकर ने लोकपाल कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर लोकपाल के सदस्य न्यायमूर्ति लिंगप्पा नारायण स्वामी, न्यायमूर्ति संजय यादव, सुशील चंद्र, न्यायमूर्ति ऋतु राज अवस्थी, पंकज कुमार और अजय तिर्की सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति खानविलकर ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के उस आदर्श को याद किया, जिसमें ऐसे राष्ट्र की कल्पना की गई है जहां मन भय से मुक्त हो और सिर ऊंचा रहे। उन्होंने सभी नागरिकों से इस आदर्श को अपने विचारों और कार्यों में बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की आजादी स्वतंत्रता सेनानियों और अनगिनत देशभक्तों के बलिदान का परिणाम है। राष्ट्रीय ध्वज फहराना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली अतीत और आजादी के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला अवसर है।

न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ भूख, अन्याय, उत्पीड़न और असमानता से मुक्ति के साथ हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए लोकपाल की प्रतिबद्धता

उन्होंने लोकपाल संस्था की स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। लोकपाल को प्राप्त हो रही शिकायतों की बढ़ती संख्या को उन्होंने नागरिकों की बढ़ती भागीदारी और संस्था के प्रति विश्वास का संकेत बताया।

उन्होंने संविधान, कानून का शासन, जवाबदेही, दक्षता, पारदर्शिता और सुगमता के प्रति लोकपाल की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से संस्था को और अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता, निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता के साथ देखा जाए। उन्होंने कहा कि हर फाइल के पीछे एक नागरिक होता है, जो न्याय की उम्मीद रखता है और संस्थागत फैसलों से उसका जीवन प्रभावित होता है।

कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति खानविलकर ने लोकपाल के सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के समर्पण एवं व्यावसायिकता के लिए आभार व्यक्त किया। संबोधन का समापन ‘जय हिंद’ के देशभक्तिपूर्ण उद्घोष के साथ हुआ।


ग्रामीण विकास में तकनीक की नई पहल, RSVC AMRIT प्लेटफॉर्म का शुभारंभ

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नई दिल्ली- भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर RSVC AMRIT प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित विकास को मजबूत करने और उपयुक्त तकनीकों को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नाबार्ड (NABARD) ने भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) के सहयोग से AMRIT प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म RuTAGe Smart Village Centre (RSVC) इकोसिस्टम के डिजिटल आधार के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण नवाचार, तकनीक हस्तांतरण और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाने में मदद करना है।

तकनीक को गांवों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर

अपने संबोधन में प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि AMRIT को RSVC की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से समर्थन देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें तकनीक की खोज और सत्यापन से लेकर उसके उपयोग, निगरानी, सहयोग और ज्ञान प्रबंधन तक की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया जाएगा।

प्लेटफॉर्म के जरिए इनोवेटर्स, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, स्टार्टअप्स, वैलिडेटर्स, एक्सेलरेटर्स, कार्यान्वयन साझेदार, फंडिंग एजेंसियां, शैक्षणिक संस्थान और ग्रामीण समुदाय एक साझा मंच पर जुड़ सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक और नवाचार पहुंचाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

ग्रामीण जरूरतों और नवाचार के बीच बनेगा सेतु

नाबार्ड के चेयरमैन डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक संस्थानों, इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और तकनीकी संस्थाओं का मजबूत नेटवर्क मौजूद है, लेकिन ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप तकनीकों को सही स्थान तक पहुंचाना अभी भी एक चुनौती है।

AMRIT इसी अंतर को कम करने का प्रयास करेगा। यह ग्रामीण जरूरतों को नवाचार, संस्थानों और कार्यान्वयन तंत्र से जोड़कर जमीनी स्तर पर तकनीकों के प्रसार और उपयोग को मजबूत करेगा।

कृषि से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा तक कई क्षेत्रों पर फोकस

RSVC पहल के तहत शोध संस्थानों, इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स से विकसित उपयुक्त और किफायती तकनीकों को ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाने के लिए गांव स्तर पर टेक्नोलॉजी हब विकसित किए जा रहे हैं।

इनमें कृषि, ग्रामीण उद्यम, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, सहायक तकनीक, जल एवं स्वच्छता और नागरिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

AMRIT इस भौतिक नेटवर्क को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए ग्रामीण नवाचारों, तकनीकों, बेहतर कार्यप्रणालियों और सहयोग के अवसरों का एक राष्ट्रीय भंडार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

8 RSVC को मिल रहा समर्थन

नाबार्ड ने बताया कि वर्तमान में 8 RSVCs को समर्थन दिया जा रहा है। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए नाबार्ड ने OPSA और NABFOUNDATION के साथ त्रिपक्षीय समझौते की दिशा में भी काम किया है। नाबार्ड के मुंबई स्थित मुख्यालय में RSVCs के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया गया है।

नाबार्ड द्वारा साझा योजना के अनुसार, नए RSVCs को कॉरपोरेट्स की CSR पहलों के माध्यम से स्थापित किया जाएगा, जबकि NABFOUNDATION कार्यान्वयन साझेदार के रूप में भूमिका निभाएगा।

AMRIT प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक और नवाचार को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण भारत की भागीदारी और मजबूत हो सके।

खेल और युवा शक्ति बनेंगे विकसित भारत की ताकत, PM मोदी ने रोजगार और 2036 ओलंपिक पर रखा जोर

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में खेल और युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, स्टार्टअप, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से ₹15,000 की सहायता दी जाएगी। वहीं, अधिक संख्या में नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर भारत की नजर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेलों और 325 से 350 स्पर्धाओं का आयोजन होता है, लेकिन भारत आज लगभग दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लेता। ऐसे में इन खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट

2036 ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशभर के गांवों, शहरों और स्कूलों में टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी।

चयनित बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। प्रधानमंत्री ने इस अभियान में बेटियों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

खेलों के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि TOPS योजना, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स के साथ-साथ खेल बुनियादी ढांचे, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के क्षेत्र में भी भारत आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जो युवा खिलाड़ी नहीं भी बन पाते, उनके लिए भी खेलों से जुड़े सपोर्ट सिस्टम में रोजगार और करियर के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

कोचिंग संस्थानों की बढ़ती लागत को मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली शिक्षक और विशेषज्ञ हैं। इन सभी संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने बताया कि Startup India के तहत देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हो चुके हैं। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने ₹1 लाख करोड़ के Innovation Fund का भी उल्लेख किया और कहा कि युवा अपने सपनों के साथ आगे आएं, संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

नशामुक्त भारत का आह्वान

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए ‘नशामुक्त भारत’ को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को मजबूत बनाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की आकांक्षाओं और भागीदारी को विकास यात्रा से जोड़ना होगा।


https://twitter.com/i/status/2088497310938669077

‘रक्षा शक्ति’ बनेगी विकसित भारत की ताकत, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर PM मोदी का जोर

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘रक्षा शक्ति’ को विकसित भारत के लिए सप्तधारा की सात प्रमुख शक्तियों में शामिल किया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत केवल दुनिया का बाजार बनकर नहीं रह सकता। देश को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों का विकास कर वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में नेतृत्व हासिल करने पर जोर दिया।

रक्षा उत्पादन में तेज बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है, जबकि रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि भारत के हथियार अब करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमाओं के भीतर या बाहर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करना जरूरी है।

आधुनिक युद्ध के लिए नई तैयारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत चल रहे कार्यों का उल्लेख किया और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए रक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया।

साइबर सुरक्षा में युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा को भी रक्षा का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और भारत के साथ-साथ दुनिया के हित में किया जा सकता है।

नागरिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा को भी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि पिछली सदी के युद्धों को ध्यान में रखकर बनाए गए मौजूदा नागरिक सुरक्षा तंत्र को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बदलने की जरूरत है।

उन्होंने आने वाले समय में आधुनिक प्रणालियों से लैस एक व्यापक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क और बड़ी स्वैच्छिक सिविल डिफेंस फोर्स तैयार करने की घोषणा की।

रक्षा क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में भी देश की बेटियां नई भूमिका निभा रही हैं। NDA से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला कैडेट्स सैन्य नेतृत्व की क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।

प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता, आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा और नागरिकों की तैयारियों के जरिए भारत को एक सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र बनाना विकसित भारत 2047 की यात्रा का अहम हिस्सा है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह : शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी  द्वितीय स्थान पर रहे 

रायपुर-  राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान...  जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश...  गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।  

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े... फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।


घुड़सवारों के साहस, महिला बैग पाईपर बैंड की लय और श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन से सजा स्वतंत्रता दिवस समारोह

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रायपुर-  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में घुड़सवार दलों ने अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिला बैग बाईपर बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित जनों की सराहना पाई। इसके साथ ही आज के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस के श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन में दर्शकों को बेहद उपयोगी जानकारी भी दी। 

घुड़सवार दल का हॉर्स शो आकर्षण का केंद्र

स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल का हॉर्स शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। तीसरी वाहिनी अमलेश्वर के घुड़सवार दल ने फ्लैग मार्च, टेंट पैगिंग, नेज़ाबंदी शो, जंपिंग और गैलप राउंड जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां दी। आरक्षक धनेश्वर कंवर ने अश्व आदित्री पर फ्लैग मार्च किया। अजय कुमार यादव ने अश्व आभा पर स्टैडिंग सैल्यूट किया गया। टैंट पैंगिंग में अश्व रूद्र, अश्वस्थामा, प्रिंसेस सारा और शक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अश्व युवराज, अवनि, कावेरी, जूही और ओजस ने शो जंपिंग में जलवा दिखाया। उपस्थित जनसमुदाय ने अश्वदल का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत अभिनंदन किया।   

महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति

आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। 

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी। 26वीं अखिल भारतीय पुलिस पाईप बैंड हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दल को गोल्ड मेडल भी मिला था। इस प्रतियोगिता में सोनबती ठाकुर ने बेस्ट कंडक्टर और पूरे प्लाटून में ऑल राउंडर द बेस्ट का खिताब भी जीता था। 

डॉग स्क्वाड द्वारा रोमांचक एवं उपयोगी प्रदर्शन

स्वतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी अपनी दक्षता, अनुशासन, सुंघने की शक्ति का रोमांचक प्रदर्शन किया। स्क्वाड प्रभारी राज कपूर के नेतृत्व में 7 विधााओं में डॉग स्क्वाड के श्वानों द्वारा अपने हैंडलर्स के निर्देशों का पालन प्रदर्शन करने पर उपस्थित जनसमुदाय भी रोमांच से भर गया। पुलिस डॉग मैक्स ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमल फूल की आकृति में खुद को व्यवस्थित कर खूब तालियां बटोरी। श्वानों द्वारा गोल रिंग में सिट, डाउन, रेस्ट स्लीप, रोल और अप जैसे निर्देश पूरी दक्षता से पूरे किये। वहीं गोल रिंग में जल रही आग के बीच से श्वान दुलार, मेरी और शिवा ने छलांग लगाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। पुलिस परेड ग्राउंड पर इन प्रशिक्षित श्वानों ने जमीन में दबे विस्फोटक पदार्थों और नारकोटिक सामग्रियों को भी बड़ी तीव्रता से ढूंढ निकाला। श्वानों ने कई गंधों के मिश्रण से एक निर्धारित गंध की पहचान करने रूमाल सूंघ कर संबंधित व्यक्ति को पहचानने का भी प्रदर्शन किया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी

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पदक व राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हुए अलंकृत

धमतरी के एएसआई रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

आईजी रामगोपाल सहित 10 अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक 

रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।

समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया। 

सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुर राजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपुर तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई  जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद हजारी लाल साहू शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।

कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक श्रीमती अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा) विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह : मुख्यमंत्री साय ने पुलिस परेड ग्राउंड पर किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी

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हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व

17 प्लाटूनों ने परेड में किया आकर्षक मार्च पास्ट 

उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार 

रायपुर- राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।

समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। इस बार बिहार प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी निशांत गौरव कुर्रे थे। परेड में सीमा सुरक्षा बल,  सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। समारोह में महिला बैग पाईपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुती दी। 

स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। आईटीबीपी के दल को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।  दूसरे स्थान पर सीमा सुरक्षा बल और तीसरे स्थान पर केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का दल रहा। सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को तीन हजार रूपए और सीआरपीएफ की टुकड़ी को दो हजार रूपए नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। 


राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे तीन हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (पुरूष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिन्हें दो हजार रूपए की नकद राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया। 

कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में पहला स्थान एनसीसी गर्ल्स और दूसरा स्थान एनसीसी बॉयज के दल को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों दल कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परेड-टू-आईसी निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर विमल कुमार पाठक, महिला बैग पाईपर दल की कमांडर  सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर अनिल यादव, श्वान दल के कमांडर  राज कपूर सहित परेड प्रस्तुतियोजन के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और मनीष परमानंद को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन

ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़

21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।

‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।

टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।

योजनाओं ने बदली जिंदगी - महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक

प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।

सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर

प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।

बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।

एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।

विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, विधायक पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह, अपर संचालक उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी,  आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।

पेट्रोल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म, डीजल और ATF पर भी शुल्क में कटौती

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। 15 अगस्त 2026 से पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है। वहीं डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क में भी कटौती की गई है।

सरकार के नए फैसले के मुताबिक, पेट्रोल पर निर्यात ड्यूटी ₹3.5 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है। डीजल पर कुल लेवी ₹25.5 से घटाकर ₹24 प्रति लीटर, जबकि ATF पर निर्यात शुल्क ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर किया गया है।

घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीधा असर नहीं

यह बदलाव मुख्य रूप से निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए जारी पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में इस फैसले से कोई बदलाव नहीं हुआ है।

हर पखवाड़े होती है शुल्क की समीक्षा

सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को देखते हुए इन निर्यात शुल्कों की हर पखवाड़े समीक्षा करती है। मौजूदा बदलाव 15 अगस्त से प्रभावी हुआ है और इससे पहले 3 अगस्त को पेट्रोल, डीजल और ATF पर शुल्क बढ़ाया गया था।

सरकार के इस कदम से पेट्रोल निर्यात करने वाली कंपनियों पर कर का बोझ कम होगा, जबकि डीजल और ATF के निर्यात पर भी पहले की तुलना में राहत मिलेगी।

FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज, 51 साल बाद खिताब की तलाश में भारत

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नई दिल्ली- हॉकी का सबसे बड़ा मंच एक बार फिर सज चुका है। FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हो रहा है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में 1975 के बाद पहली बार विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगा। मुकाबला नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वागेनर स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की अगुवाई कप्तान हरमनप्रीत सिंह कर रहे हैं।

भारत के लिए यह टूर्नामेंट खास इसलिए भी है क्योंकि टीम ने अपना एकमात्र पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जीता था। अब 51 साल बाद भारतीय टीम उस गौरव को दोहराने और विश्व हॉकी में एक नया अध्याय लिखने के लक्ष्य के साथ उतरी है।

भारतीय टीम पूल D में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ है। भारत के लिए शुरुआत से ही मुकाबले चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, लेकिन टीम को हालिया प्रदर्शन और 2025 एशिया कप जीत से आत्मविश्वास मिला है।

15 से 30 अगस्त तक चलने वाले इस विश्व कप में पुरुष और महिला वर्ग की 16-16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या हरमनप्रीत सिंह की टीम 1975 की ऐतिहासिक सफलता को दोहराकर लंबे इंतजार को खत्म कर पाएगी।

भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट शुरू, ऐतिहासिक 600वें टेस्ट में भारत ने चुनी बल्लेबाजी

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गॉल- भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार को गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू हो गया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह भारत का 600वां टेस्ट मैच है।

भारत 600 टेस्ट खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम और ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचे हैं।

गॉल की पिच को देखते हुए भारत ने अपनी टीम में स्पिन को खास तवज्जो दी है। भारत की प्लेइंग इलेवन में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार के रूप में तीन स्पिन विकल्प शामिल हैं, जबकि तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा संभाल रहे हैं।

भारत की पारी की शुरुआत यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने की। पहले दिन के शुरुआती सत्र में भारत ने अच्छी शुरुआत करते हुए लंच तक 101 रन पर एक विकेट बना लिया था।

यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी दोनों टीमों के लिए अहम है। भारत इस सीरीज के जरिए WTC अभियान में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, PM मोदी का बड़ा ऐलान

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दौर AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, स्पेस और डेटा सेंटर जैसी नई तकनीकों का है। ऐसे में भारत को केवल तकनीक का बाजार नहीं, बल्कि इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनना होगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च कई परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के शिक्षकों और प्रतिभाशाली युवाओं को एक मंच पर लाकर व्यापक ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इससे युवाओं को घर से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिल सकेगा।

युवाओं को अवसर और संसाधन देने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च, AI और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को बड़े लक्ष्य में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

अमित शाह ने PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को बताया मील का पत्थर

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नई दिल्ली- केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन को ‘स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता’ के संकल्प से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत’ के निर्माण का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। इसमें नशामुक्त भारत, सुरक्षित भारत और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को प्रमुखता दी गई।

https://twitter.com/i/status/2088522144808677769

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रेलवे परिवहन सहित कई क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया। साथ ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ‘सप्तधारा’ यानी सात शक्तियों के मंत्र को सामने रखा गया।

अमित शाह के अनुसार, युवाओं की क्षमता को दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री ने एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI कौशल प्रदान करने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने और 2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान शुरू करने जैसी पहलों की घोषणा की।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और आठ नई सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखे हैं।

अमित शाह ने कहा कि स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से ओत-प्रोत प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’

अमित शाह ने अपने एक अन्य पोस्ट में स्वतंत्रता आंदोलन के जोशीले उद्घोष ‘वंदे मातरम्’ का लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजना ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को देखना उनके लिए रोमांचकारी अनुभव था और इससे उनका पूरा अस्तित्व उत्साह से भर उठा।


लाल किले से बड़ा संदेश: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प, आत्मनिर्भरता और युवाशक्ति पर जोर

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नई दिल्ली- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, विनिर्माण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, युवाओं, कृषि, रक्षा और महिला सशक्तिकरण को देश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े सपने देखने होंगे और उन्हें मजबूत संकल्प व सामूहिक प्रयासों के जरिए पूरा करना होगा। उन्होंने 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

भाषण में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल दुनिया के लिए बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में ‘क्वालिटी, क्वालिटी, क्वालिटी’ को वैश्विक पहचान बनाने का मंत्र बताया और कहा कि भारतीय उत्पादों को लागत, गुणवत्ता और पैमाने के मामले में दुनिया के मानकों पर खरा उतरना होगा।

‘सप्त धारा’ से विकास की नई दिशा

देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने ‘सप्त धारा’ का विजन सामने रखा। इसके तहत विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रमुख क्षेत्र बताया गया।

उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों को साथ लेकर आगे बढ़ने से भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

युवाओं के लिए बड़े ऐलान

युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा लाभार्थी और प्रमुख शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, AI, शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही युवाओं को शोध और नवाचार के लिए संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

खेल और 2036 ओलंपिक की तैयारी

प्रधानमंत्री ने भारत में 2036 ओलंपिक आयोजित करने की इच्छा दोहराते हुए देश में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यापक टैलेंट-हंट अभियान की बात कही। 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजकर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

महिला शक्ति को नई भूमिका

महिला सशक्तिकरण को विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रधानमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का विस्तार करने की बात कही। उन्होंने 3 करोड़ नई लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।

साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

नशामुक्त भारत और सुरक्षा पर भी फोकस

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 100 सप्ताह के नशामुक्त भारत अभियान का उल्लेख किया गया। वहीं नक्सलवाद, आधुनिक युद्ध, साइबर सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री ने देश को सतर्क रहने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, इसलिए भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

2047 का लक्ष्य, सबकी भागीदारी जरूरी

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सपनों को संकल्प में, संकल्प को क्षमता में और क्षमता को सफलता में बदला जाए। यही सामूहिक प्रयास 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

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