Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

सौरभ के बाद अब रवि उप्पल पर शिकंजा! दुबई में गिरफ्तारी की खबर, भारत लाने की तैयारी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। ऐप के कथित सह-संचालक और प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार की ओर से अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उसे भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर तैयारी कर रहे हैं।


रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय आई है, जब महादेव ऐप के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत लाया गया है। अब सौरभ की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर रवि उप्पल पर टिकी है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए करोड़ों रुपये के कथित सट्टेबाजी नेटवर्क और उसके संचालन से जुड़े कई राज सामने आने की उम्मीद है।

दुबई में रवि उप्पल की गिरफ्तारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जांच एजेंसियों को अनौपचारिक माध्यमों से रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, UAE सरकार की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ऐसे में उसकी गिरफ्तारी की वास्तविक स्थिति और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। ED और CBI इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर तैयारी कर रही हैं।

दिसंबर 2023 में भी दुबई में पकड़ा गया था रवि उप्पल

भिलाई निवासी रवि उप्पल पर दुबई से महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के संचालन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

दिसंबर 2023 में भी दुबई में उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद रिहा कर दिया गया। इसके बाद जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया था।

अब एक बार फिर उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने से महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI रिमांड पर

इधर, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए उसे आठ दिन की कस्टोडियल रिमांड पर CBI को सौंपने की अनुमति दी है।

इसके साथ ही जांच एजेंसी को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने की भी अनुमति मिल गई है। CBI अब उससे सट्टेबाजी ऐप के संचालन और पूरे नेटवर्क से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।

करोड़ों के लेन-देन और सट्टेबाजी सिंडिकेट की होगी पड़ताल

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती महादेव ऐप के कथित आर्थिक नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाना है। CBI सौरभ चंद्राकर से ऐप के संचालन, पैसों के लेन-देन, सट्टेबाजी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।

एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस कथित सिंडिकेट का संचालन किन माध्यमों से होता था और देश-विदेश में इसके नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर और सौरभ चंद्राकर की आठ दिन की CBI रिमांड ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और भारत प्रत्यर्पण को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।

दो दिन में 807 किलो गांजा जब्त, कांकेर में तस्करों का दुस्साहस; थाना प्रभारी को मारने की कोशिश

No comments Document Thumbnail

 कांकेर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिस अधिकारियों पर ही गाड़ी चढ़ाने से पीछे नहीं हट रहे। कांकेर जिले में गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 30 किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान तस्करों ने केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कार से कुचलने की कोशिश की। कार उनके पैर को रगड़ते हुए निकल गई, जिससे उनके अंगूठे में गंभीर चोट आई। हालांकि, आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहे।


लेकिन तस्करों की जल्दबाजी उनके लिए मुसीबत बन गई। पुलिस से बचने के लिए वे गांजे से भरी बोरियां सड़क किनारे कचरे के ढेर में फेंककर भाग निकले। बुधवार दोपहर ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने वहां तलाशी ली तो 400 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। लगातार दूसरे दिन बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।

पुलिस को देखते ही भागने लगे तस्कर, थाना प्रभारी पर चढ़ाई कार

जानकारी के मुताबिक, ओडिशा की ओर से गांजे की खेप लेकर आ रही फॉर्च्यूनर कार के साथ टाटा वैक्सीन वाहन पायलट के रूप में चल रहा था। पुलिस को संदिग्ध वाहनों की जानकारी मिलने पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई।

इसी दौरान एक नेक्सॉन कार के चालक ने कथित तौर पर केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कुचलने का प्रयास किया। कार उनके पैर को रगड़ते हुए तेजी से आगे निकल गई। इस घटना में थाना प्रभारी के अंगूठे में गंभीर चोट आई।

पुलिस अधिकारी पर हमले की कोशिश के बाद जवानों ने तत्काल वाहनों का पीछा शुरू किया। इसके बाद केशकाल से कांकेर की ओर करीब 30 किलोमीटर तक पीछा चलता रहा।

कचरे के ढेर में फेंक गए गांजे की बोरियां, दोनों वाहन फरार

पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने सिंगारभाट इलाके में राइस मिल के पास गड़िया पहाड़ के नीचे गांजे से भरी बोरियां फेंक दीं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने दोनों वाहनों को अलग-अलग रास्तों से निकालकर फरार होने की कोशिश की।

घटना के बाद केशकाल पुलिस ने वापस लौट रहे एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी भी ली। हालांकि, उसमें कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने पर वाहन को छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों की सूचना पर खुला राज, 400 किलो से ज्यादा गांजा बरामद

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय ग्रामीणों की नजर कचरे के ढेर में पड़ी लावारिस बोरियों पर पड़ी। उन्हें संदिग्ध मानते हुए ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही कांकेर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जब बोरियों को खोलकर जांच की गई तो उनमें भारी मात्रा में गांजा भरा मिला। तौल के दौरान 400 किलो से अधिक गांजा बरामद होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस इसे संगठित तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।

एक दिन पहले भी पकड़ा गया था 407 किलो गांजा

कांकेर में लगातार दूसरे दिन बड़ी मात्रा में गांजा जब्त होने से तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे ठीक एक दिन पहले केशकाल पुलिस ने अलग कार्रवाई में 407 किलो गांजा बरामद किया था।

दो दिनों के भीतर 800 किलो से अधिक गांजा पकड़े जाने की घटनाओं ने ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते संचालित हो रहे तस्करी नेटवर्क की ओर ध्यान खींचा है।

पुलिस को आशंका है कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जारी होने के कारण तस्कर पुराने केशकाल-कांकेर मार्ग का इस्तेमाल वैकल्पिक रास्ते के रूप में कर रहे हैं। हालांकि, तस्करी के वास्तविक रूट और नेटवर्क की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें रवाना

कांकेर एसपी निखिल राखेचा के मुताबिक, तस्करी में इस्तेमाल वाहनों और फरार आरोपियों के संबंध में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।

फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गांजे की इतनी बड़ी खेप ओडिशा से कहां ले जाई जा रही थी, इसके पीछे कौन सा तस्करी गिरोह सक्रिय है और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

4 करोड़ दो, वरना अंजाम भुगतो! रायपुर में अनवर ढेबर समेत 6 पर रंगदारी का केस

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन के पुराने सौदे को लेकर चार करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और एक बुजुर्ग कारोबारी को धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 62 वर्षीय जमीन कारोबारी बलिराम धरमानी पर चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया। रकम देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर और कुबेर राठी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


मामले में नामजद अन्य आरोपियों में संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आपराधिक साजिश, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

2018 में हुआ था जमीन का सौदा, चार करोड़ की मांग से शुरू हुआ विवाद

एफआईआर के मुताबिक, कालीबाड़ी निवासी बलिराम धरमानी ने वर्ष 2018 में बोरड परिवार की लाभांडी स्थित करीब 2.60 लाख वर्गफुट जमीन का सौदा किया था। इस सौदे में 40 हजार वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर हुई थी, जबकि शेष जमीन के लिए एग्रीमेंट किया गया था। हालांकि, बोरड परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद के चलते बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल कारोबारी के कटोरा तालाब स्थित कार्यालय पहुंचा और विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने में मदद करने का भरोसा देकर चार करोड़ रुपये की मांग की। इस संबंध में मौखिक सहमति बनने की बात भी सामने आई है।

धरमानी के मुताबिक, करीब चार साल तक विवाद का समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने अपने नाम की 40 हजार वर्गफुट जमीन वापस बोरड परिवार के नाम रजिस्ट्री कर दी। इसके बाद उन्हें अपनी रकम 1.65 करोड़ और बयाने के 1.50 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 3.15 करोड़ रुपये वापस मिल गए। कारोबारी का दावा है कि इसके बाद बोरड परिवार के साथ उनका कोई लेन-देन बाकी नहीं रहा।

चार करोड़ रुपये के लिए बैठकों का दौर, कारोबारी पर बनाया दबाव

शिकायत के अनुसार, सितंबर 2026 में नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी ने फोन कर बलिराम धरमानी पर कुबेर राठी से बातचीत करने का दबाव बनाया। इसके बाद 26 सितंबर को रहमानिया चौक स्थित बबू प्लाजा के कार्यालय में बैठक हुई।

इस बैठक में कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी मौजूद थे। आरोप है कि यहां भी जमीन के पुराने सौदे का हवाला देकर कारोबारी से चार करोड़ रुपये देने की मांग की गई। हालांकि, धरमानी ने इस रकम को देने से इनकार कर दिया।

होटल वेलिंगटन में मारपीट, पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी

मामले में सबसे गंभीर घटनाक्रम 27 सितंबर को सामने आया। शिकायत के मुताबिक, फाफाडीह चौक स्थित होटल वेलिंगटन में बैठक तय की गई थी। बलिराम धरमानी अपने परिचित आबिद हसन और आरिफ रजा के साथ होटल पहुंचे।

बताया गया है कि होटल के फैमिली केबिन में अनवर ढेबर, कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी पहले से मौजूद थे।

आरोप है कि बातचीत के दौरान जब बलिराम धरमानी ने चार करोड़ रुपये देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। शिकायत में अन्य आरोपियों पर भी धमकी देने में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

कारोबारी का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्हें रायपुर में नहीं रहने देने की बात भी कही गई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला, पुलिस ने शुरू की जांच

बलिराम धरमानी की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने अनवर ढेबर, कुबेर राठी समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। शिकायत में चार करोड़ रुपये की कथित रंगदारी, आपराधिक साजिश, ब्लैकमेलिंग, धमकी और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अनोखा जुआ-हारकर भी जीत जाते हैं महेन्द्र, बुजुर्गों की मुस्कान ही असली दांव

No comments Document Thumbnail

दीपावली आते ही जहां लोग जुए की मेज पर किस्मत आजमाते हैं, वहीं चरौदा के शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने जुए का मतलब ही बदल दिया है। उनका जुआ न ताश के पत्तों पर खेला जाता है, न रुपयों के दांव पर। उनका दांव है - किसी बेबस चेहरे पर मुस्कान लाना।

पिछले 15-16 सालों से वे हर दीपावली पर गरीब बुजुर्गों और दिव्यांगों के बीच पहुंचते हैं। जेब में 8 से 10 हजार रुपए रखकर, एक-एक व्यक्ति को सौ-सौ रुपए ससम्मान भेंट करते हैं। लोग इसे दान कहते हैं, लेकिन महेन्द्र इसे अपना जुआ कहते हैं। कहते हैं, बुजुर्गों से जो आशीर्वाद मिलता है, वही उनकी सबसे बड़ी जीत है।

खास बात यह है कि वे दीपावली में अपने लिए कुछ भी नहीं लेते। उनका मानना है कि किसी के चेहरे पर खिली मुस्कान ही दीपावली की सच्ची रोशनी है।

कई बार ऐसा भी हुआ कि जेब में पैसा नहीं था। तब उन्होंने उधार लेकर भी इस पुनीत काम को रुकने नहीं दिया। उनका कहना है, आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना बहुत कठिन काम है, लेकिन यही हंसी उन्हें सबसे ज्यादा सुकून देती है। है न अनोखा जुआ!

आज का समाचार बुलेटिन | 5 नवंबर 2026 | देश-दुनिया एवं छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

No comments Document Thumbnail

नमस्कार! प्रस्तुत है आज सुबह का प्रमुख समाचार बुलेटिन। इसमें देश-दुनिया, छत्तीसगढ़, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, विज्ञान, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की प्रमुख खबरें शामिल हैं।

देश की 5 बड़ी खबरें

1. ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना

केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास के लिए 145 अरब रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इससे बिजली व्यवस्था और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2. दवा कंपनियों पर सख्ती की तैयारी

गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने वाली दवाओं के मामले में दवा निर्माण लाइसेंस तत्काल निलंबित करने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने कदम बढ़ाया है।

3. सुप्रीम कोर्ट से आरक्षित सीटों पर याचिका खारिज

संसद और विधानसभा की आरक्षित सीटों के रोटेशन से संबंधित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया।

4. दिल्ली में प्रदूषण गंभीर स्तर पर

दिल्ली का AQI 377 दर्ज होने की खबर है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए CAQM ने पराली जलाने के मामलों पर कार्रवाई तेज की है।

5. भारत-नेपाल संबंधों में सक्रियता

नेपाल के नेता बालेन शाह की प्रस्तावित पहली यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़ने की खबर है।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

छत्तीसगढ़ के विकास पर केंद्र का फोकस

राज्योत्सव के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य में विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे।

रायपुर में ₹400 करोड़ का अस्पताल शुरू

रायपुर में आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल का उद्घाटन किया गया। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।

NIT रायपुर में एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा

NIT रायपुर और AKSI Aerospace के बीच एयरोस्पेस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए साझेदारी की खबर है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का आज प्रदर्शन

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लंबित प्रोत्साहन राशि और सेवा संबंधी मांगों को लेकर 5 नवंबर को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

नवा रायपुर में विकास परियोजनाएं

विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन और शहर के विकास से जुड़ी योजनाएं भी राज्य की प्रमुख सुर्खियों में हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत

2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बढ़त हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है।

ईरान युद्ध पर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे ईरान युद्ध और महंगाई को प्रमुख कारण बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध को आवश्यक बताया है।

अमेरिका में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे

दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप प्रशासन की नीतियों, बजट और विदेश नीति पर नए राजनीतिक दबाव की संभावना है।

अर्थव्यवस्था, कारोबार और शेयर बाजार

बुधवार के कारोबारी सत्र का हाल (4 नवंबर):

सूचकांक

 बंद स्तर

    बदलाव

सेंसेक्स

77,301.40

    +0.50%

निफ्टी 50    

23,960.60

    +0.63%

बैंक निफ्टी

55,913.60

    +0.67%

  • भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सत्र तेजी रही।

  • ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

  • अमेरिकी बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई।

  • आज के कारोबार में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम और AI कंपनियों से जुड़ी चिंताएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

विज्ञान, तकनीक और AI

  • ऊर्जा तकनीक: केंद्र की नई ₹14,500 करोड़ की ऊर्जा भंडारण योजना बैटरी और बिजली भंडारण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।


  • एयरोस्पेस: NIT रायपुर और AKSI Aerospace की साझेदारी से विमानन एवं अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा मिल सकता है।

  • AI निवेश: अमेरिका में डेटा सेंटर विस्तार और AI कंपनियों पर संभावित प्रतिबंधों की चिंता निवेशकों के बीच चर्चा में है।
मौसम और कृषि समाचार

छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 6 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 5 नवंबर के लिए राज्य में भारी बारिश की चेतावनी नहीं बताई गई है।

किसानों के लिए सलाह:
  • कटी हुई फसल और धान को सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • खुले में रखे कृषि उत्पादों को बारिश से बचाएं।

  • मौसम के अनुसार कटाई और मड़ाई की योजना बनाएं।

खेल जगत की खबरें

क्रिकेट: भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। विराट कोहली ने 74 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।

हॉकी: भारत की दक्षिण कोरिया पर बड़ी जीत

भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

विराट कोहली ने बनाया नया रिकॉर्ड

कोहली SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में वनडे में 50 से अधिक औसत रखने वाले पहले बल्लेबाज बने।

शिक्षा, कानून और न्यायपालिका

विश्वविद्यालय रैंकिंग: QS एशिया रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन को लेकर चिंता सामने आई है। खबर के अनुसार कोई IIT या IISc शीर्ष 50 में जगह नहीं बना पाया।

फॉरेंसिक व्यवस्था: दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लैब में लंबित मामलों में एक साल के दौरान 79% की कमी दर्ज होने की खबर है।

ग्रामीण मतदाता सूची: उत्तर प्रदेश में पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूचियों के बीच 2.4 करोड़ का अंतर सामने आने पर चुनाव आयोग ने मिलान के निर्देश दिए हैं।


 इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास

नवा रायपुर और रायपुर में स्वास्थ्य, शहरी विकास और अनुसंधान से जुड़ी परियोजनाएं चर्चा में हैं।
DDA ने इस वित्त वर्ष में 9,332 फ्लैट बेचे हैं।

केंद्र की ऊर्जा भंडारण योजना भविष्य में बिजली ग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को मजबूती दे सकती है।

सिनेमा एवं मनोरंजन

रामायण फिल्म की चर्चा तेज

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण: पार्ट 1 की रिलीज और एडवांस बुकिंग चर्चा में है। निर्माता नमित मल्होत्रा ने दूसरे भाग की रिलीज 2028 तक टलने की पुष्टि की है।

आज की प्रमुख ट्रेंडिंग खबरें
  1. अमेरिका में डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत।

  2. ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राजनीति में मतभेद।

  3. विराट कोहली का नया वनडे रिकॉर्ड।

  4. रामायण फिल्म की एडवांस बुकिंग और रिलीज।

  5. छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रदर्शन।


छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचा-बसा है सुआ नृत्य, अंचल में मची धूम

No comments Document Thumbnail

आरंग। इन दिनों अंचल में सुआ नृत्य की धूम मची है। दीपावली के नजदीक आते ही बालिकाएं और महिलाएं समूह में घर-घर, गली-मोहल्ले में पहुंचकर सुआ गीतों के साथ नृत्य कर रही हैं।इस नृत्य में धार्मिक और सामाजिक संदेश से भरे गीत गाए जाते हैं।


बालिकाएं गोल घेरा बनाकर तालियों की थाप पर थिरकती हैं। यह विशुद्ध समूह नृत्य है, जिसमें किसी वाद्ययंत्र की आवश्यकता नहीं होती। कुछ बालिकाएं गीत की टेक उठाती हैं और शेष उसे दोहराते हुए नाचती हैं। समापन पर सुआ के लिए अन्न-धन मांगा जाता है और अन्न-धन मिलने पर आशीर्वाद गीत गाकर आशीष दिया जाता है।

हमर गांव हमर संस्कृति,,हमर पहचान,सुवा नृत्य लखौली

हमर गांव हमर संस्कृति,,हमर पहचान,सुवा नृत्य लखौली

जानकारों के अनुसार सुआ नृत्य की परंपरा कब से चली आ रही है, इसका कोई लिखित साक्ष्य नहीं है। सुआ एक शाकाहारी पक्षी है जो हूबहू मनुष्य की आवाज निकाल सकता है। मान्यता है कि पहले युवतियां अपने मन की बातें सुआ पक्षी के सामने प्रकट करती थीं, जो धीरे-धीरे गीत और बाद में नृत्य का रूप ले लीं। वहीं संस्कृति प्रेमी शिक्षक महेन्द्र पटेल का कहना है कि सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचा-बसा है।

दीपावली नजदीक आते ही बालिकाएं इसके लिए उत्साहित रहती हैं। यह नृत्य दीपावली के साथ-साथ तीजा, पोला, छेरछेरा और शरद पूर्णिमा पर भी विशेष रूप से किया जाता है। आजकल गांव-गांव में सुआ नृत्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित होने लगी हैं, जो हमारी लोक-संस्कृति को सहेजने का सुंदर प्रयास है।

मांदर की थाप पर थिरकते दिखे CM विष्णुदेव साय, पत्नी के साथ किया पारंपरिक करम पूजन

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने भगवान महादेव एवं माता पार्वती, छत्तीसगढ़ महतारी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।


पारंपरिक उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के साथ आयोजित इस महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नर्तक दलों सहित उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम राजा के चारों ओर मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। मुख्यमंत्री साय भी नर्तक दलों के साथ कदम मिलाकर पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और सभी को करम परब की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बनगांव में अखड़ा निर्माण और सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति हमारी गहरी आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, वह आज भी संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी है। करम परब हमें प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वास्तविक पहचान यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों, लोककलाओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव में निहित है। जनजातीय समाज ने अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। यह हमारी अमूल्य सांस्कृतिक पूंजी है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। हमारी युवा पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहे, तभी हमारी समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के ज्ञान, जीवनमूल्यों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

जनजातीय वीर नायकों का शौर्य और बलिदान देश के इतिहास का गौरवशाली अध्याय

मुख्यमंत्री  साय ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीर नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है। रानी दुर्गावती, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों ने अपने साहस, संघर्ष और बलिदान से देश के इतिहास में अमिट स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष किया। वहीं शहीद वीर नारायण सिंह ने अकाल और भुखमरी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकलवाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया। जनहित और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के कारण उन्हें अंग्रेजी शासन ने फांसी दे दी। ऐसे महान जनजातीय नायकों का जीवन हमें साहस, त्याग और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारकर हर वर्ग के जीवन में ला रहे सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार माताओं-बहनों, किसानों, गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए संकल्पों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की माताओं-बहनों को बड़ी सौगात दी गई है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में योजना की 33वीं किस्त जारी की गई। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर सरकार ने अपना वादा भी पूरा किया है। इसी प्रकार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों और पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं मिली हैं। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से बस्तर अब नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा का सुदृढ़ वातावरण प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा जशपुर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जिले में मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी विकसित की जा रही है, जिससे जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता निखारने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि कुनकुरी विकासखंड के हर्राडांड़ में राज्य का पांचवां 400 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। जिले में सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी जशपुर के प्रत्येक गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल और अधोसंरचना के विस्तार के साथ जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण करते हुए जशपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, आंचलिक करम पूजा महोत्सव के अध्यक्ष  वेद प्रकाश भगत, कार्यकारी अध्यक्ष  बलराम भगत, आयोजन समिति के  गुलाब राम, श्री बोधसाय भगत, संजय निकुंज,  देवदत्त निकुंज सहित बड़ी संख्या में उरांव समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छोटी दिवाली 2026: 7 या 8 नवंबर, कब मनाई जाएगी नरक चतुर्दशी? जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

No comments Document Thumbnail

दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व के बीच छोटी दिवाली की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कोई 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी बता रहा है तो कहीं 8 नवंबर को छोटी दिवाली मनाने की बात कही जा रही है। इसकी मुख्य वजह कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का दो दिनों तक रहना है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में सवाल है कि आखिर छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी और अभ्यंग स्नान के लिए कौन-सा समय सबसे शुभ रहेगा?


हिंदू पंचांग के अनुसार, छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं साल 2026 में छोटी दिवाली की सही तारीख, चतुर्दशी तिथि, अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस पर्व का धार्मिक महत्व।

छोटी दिवाली 2026 कब मनाई जाएगी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, छोटी दिवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर, शनिवार को सुबह 10 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 8 नवंबर, रविवार को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

उदया तिथि और अभ्यंग स्नान की परंपरा के आधार पर इस वर्ष नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। हालांकि, तिथि के 7 नवंबर की रात तक रहने के कारण कुछ धार्मिक अनुष्ठानों और निशीथ काल की पूजा को लेकर तारीख में अंतर दिखाई दे रहा है।

छोटी दिवाली 2026: पूजा और अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त

छोटी दिवाली पर सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तिल के तेल से शरीर की मालिश करने और उबटन लगाकर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

नरक चतुर्दशी 2026 के प्रमुख मुहूर्त:

  • पर्व की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे

  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे

  • अभ्यंग स्नान का शुभ समय: सुबह 5:41 से 6:38 बजे तक

नोट: अभ्यंग स्नान का दिया गया मुहूर्त नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

छोटी दिवाली पर अभ्यंग स्नान क्यों किया जाता है?

नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तिल का तेल लगाकर स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और नरक की यातनाओं से बचने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

छोटी दिवाली को रूप चौदस भी कहा जाता है। इस दिन उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, ऐसा करने से सौंदर्य, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद लोग नए वस्त्र धारण करते हैं और घरों में दीपक जलाकर उत्सव मनाते हैं।

नरक चतुर्दशी पर किन देवी-देवताओं की होती है पूजा?

छोटी दिवाली पर भगवान श्रीकृष्ण और यमराज की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कुछ क्षेत्रों में माता काली और हनुमान जी की पूजा-अर्चना भी की जाती है।

इस दिन शाम को घर के मुख्य द्वार और आसपास दीपक जलाए जाते हैं। इसके साथ ही यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपदान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि नरक चतुर्दशी पर दीपदान करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

छोटी दिवाली की पूजा विधि

नरक चतुर्दशी के दिन पूजा और स्नान के लिए कुछ विशेष परंपराओं का पालन किया जाता है।

  1. सुबह जल्दी उठकर अभ्यंग स्नान की तैयारी करें।

  2. स्नान से पहले शरीर पर तिल का तेल लगाकर मालिश करें।

  3. पारंपरिक मान्यता के अनुसार उबटन लगाकर स्नान करें।

  4. स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  5. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और फूल, धूप, दीप तथा नैवेद्य अर्पित करें।

  6. शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाएं।

  7. यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपदान करें।

नरक चतुर्दशी की पौराणिक कथा क्या है?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में नरकासुर नाम का एक शक्तिशाली और अत्याचारी असुर था। उसने अपनी शक्ति के बल पर देवताओं और ऋषि-मुनियों को परेशान करना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं, उसने देवमाता अदिति के कुंडल छीन लिए थे और 16 हजार महिलाओं को बंदी बनाकर रखा था।

नरकासुर के अत्याचारों से परेशान होकर देवताओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सहायता मांगी। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ युद्ध किया और नरकासुर का वध कर बंदी बनाई गई महिलाओं को मुक्त कराया।

मान्यता है कि नरकासुर के वध की खुशी में लोगों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

7 नवंबर या 8 नवंबर, आखिर क्यों हो रहा है कन्फ्यूजन?

इस साल चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर की सुबह शुरू होकर 8 नवंबर की सुबह तक रहेगी। वहीं, निशीथ काल में की जाने वाली कुछ विशेष धार्मिक पूजा और काली चौदस से जुड़े अनुष्ठान 7 नवंबर की रात को पड़ रहे हैं। दूसरी ओर, नरक चतुर्दशी की परंपरा के अनुसार अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह किया जाएगा।

इसी वजह से दोनों तारीखों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। श्रद्धालु अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा और स्नान का समय भी देख सकते हैं।

अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने का निर्णय अभिनंदनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल का दूरदर्शी निर्णय, अग्निवीरों के अनुभव और कौशल का राष्ट्रहित में होगा बेहतर उपयोग

युवाओं को राष्ट्रसेवा के साथ सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के मिलेंगे नए अवसर : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अग्निवीरों के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को स्वीकृति दिए जाने के निर्णय का हार्दिक स्वागत करते हुए इसे अभिनंदनीय एवं दूरदर्शी पहल बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से अग्निवीरों को चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा पूरी करने के बाद दो वर्ष तक और राष्ट्र की सेवा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीर नियमित सैन्य सेवा में भी शामिल हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय अग्निवीरों के अनुभव, कौशल और सामर्थ्य का राष्ट्रहित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं को सैन्य सेवा में आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान करेगा। इससे देश की रक्षा व्यवस्था को भी अनुभवी एवं प्रशिक्षित युवाओं की क्षमताओं का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवाओं के मनोबल को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

जियो-पोर्टल से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का डेटा आधारित शासन, विकास योजनाओं को मिलेगी नई दिशा

No comments Document Thumbnail

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट से अब एक क्लिक पर मिलेगी भौगोलिक जानकारी

190 से अधिक जीआईएस डेटा लेयर्स का एकीकरण, 35 से अधिक जीआईएस आधारित टूल्स एवं समाधान विकसित

जीआईएस तकनीक से औद्योगिक भूमि चयन, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में मिलेगी मदद

रायपुर- छत्तीसगढ़ में सुशासन को तकनीक आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य में विकास योजनाओं के बेहतर निर्माण, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन तथा सटीक निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में ‘शासन में भू-स्थानिक तकनीक का उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्यभर के विभिन्न विभागों के 200 से अधिक अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।कार्यशाला में राज्य स्तरीय जियो-पोर्टल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के माध्यम से विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जीआईएस आधारित डेटा से योजनाओं के निर्माण और निर्णय प्रक्रिया को मिलेगी मजबूती

कार्यशाला का शुभारंभ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने किया। उन्होंने बताया कि चिप्स द्वारा राज्य के लिए 190 से अधिक जीआईएस डेटा लेयर्स का एकीकरण किया जा चुका है। इन आंकड़ों के आधार पर विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं के अनुरूप 35 से अधिक जीआईएस आधारित टूल्स एवं उपयोग आधारित समाधान विकसित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन तकनीकी समाधानों के माध्यम से विभागों को उपलब्ध भौगोलिक आंकड़ों का विश्लेषण करने, संसाधनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन करने में सहायता मिल रही है।

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य चिप्स द्वारा विकसित राज्य स्तरीय जियो-पोर्टल एवं डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से जिलों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को परिचित कराना था। इसके माध्यम से जिला स्तर पर उपलब्ध भौगोलिक आंकड़ों का उपयोग कर विकास संबंधी आवश्यकताओं की पहचान और योजनाओं की प्राथमिकता निर्धारित करने को प्रोत्साहित किया जाएगा। जियो-पोर्टल के उपयोग के लिए चिप्स द्वारा सभी जिलों को यूजर नेम और पासवर्ड भी जारी किए जा चुके हैं।

कार्यशाला में नई दिल्ली से आए ईसरी इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत जोशी, हेड ई.आई.सी. पीयूष मिश्रा, ऑक्टेव इंडिया के विवेक चौहान, चंचल मुखर्जी, चिप्स सीईओ मयंक अग्रवाल, चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो, परियोजना प्रमुख संदीप टिकरिहा तथा हरीश सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

एआई चैट बॉट से आसान होगी भौगोलिक जानकारी तक पहुंच

कार्यशाला का विशेष आकर्षण जियो-पोर्टल पर विकसित नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैट बॉट फीचर रहा। इस नई सुविधा से उपयोगकर्ताओं के लिए भौगोलिक जानकारी प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक होगा। अब उपयोगकर्ता जियो-पोर्टल पर किसी भी क्षेत्र, स्थान, परिसंपत्ति अथवा स्थल का नाम चैट बॉट में लिखकर सीधे संबंधित स्थान तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए उन्हें ड्रॉप-डाउन मेन्यू या लंबी सूची में स्थान खोजने की आवश्यकता नहीं होगी।

चैट बॉट में स्थान का नाम दर्ज करते ही जियो- पोर्टल का मानचित्र संबंधित स्थान पर नेविगेट करेगा। साथ ही उस स्थान से जुड़ी विस्तृत भौगोलिक जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश स्क्रीन पर प्रदर्शित होंगे। यह सुविधा जियो-पोर्टल को अधिक सरल, सहज और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सूचनाएं तेजी से उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।

औद्योगिक विकास से लेकर बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार तक उपयोगी होगी तकनीक

कार्यशाला में जियो-पोर्टल और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी देते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा अपनाए जा रहे जीआईएस आधारित समाधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा औद्योगिक भूमि के चयन और नियोजन के लिए 'लैंड पैच एनालिसिस' का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से संभावित औद्योगिक भूखंडों की पहचान, उपलब्ध भूमि का डिजिटल विश्लेषण तथा उपयुक्त स्थानों के चयन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाई जा सकेगी।

इसी प्रकार संस्थागत वित्त संचालनालय (डीआईएफ) द्वारा 'बैंक कवरेज एनालिसिस' के माध्यम से बैंकिंग सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। इसके आधार पर नई बैंक शाखाएं स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों का निर्धारण किया जा सकेगा। इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि भू-स्थानिक तकनीक केवल मानचित्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक विकास, वित्तीय समावेशन, संसाधन प्रबंधन और जनसुविधाओं के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विशेषज्ञों ने बताए भू-स्थानिक तकनीक के नवीनतम उपयोग

कार्यशाला के दौरान ईसरी इंडिया (Esri India) एवं ऑक्टेव इंडिया के विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रस्तुतिकरण दी गई।  विशेषज्ञों ने जीआईएस तकनीक के नवीनतम अनुप्रयोगों, आधुनिक भू-स्थानिक समाधानों तथा शासन की कार्यप्रणाली में इनके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर जानकारी साझा की।

इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने जीआईएस आधारित योजनाओं, डेटा विश्लेषण और विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित करने के विषय में विचार-विमर्श किया।

डेटा आधारित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

छत्तीसगढ़ में जियो-पोर्टल और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम का विस्तार विकास योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल है। भौगोलिक सूचनाओं के एकीकृत उपयोग से विभागों को स्थानीय जरूरतों की पहचान करने, उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में सहायता मिलेगी। 

इस पहल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर पर डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ करते हुए विकास योजनाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाना है। आधुनिक जीआईएस तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समन्वित उपयोग छत्तीसगढ़ में डिजिटल एवं तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

मुर्गा बाजार की आड़ में लाखों का जुआ! बीजापुर के जंगल में पुलिस की बड़ी रेड, 156 लोगों पर कार्रवाई; 20 लाख नकद और 47 गाड़ियां जब्त

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से जुए के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। बीजापुर जिले में मुर्गा लड़ाई के आयोजन की आड़ में कथित तौर पर लाखों रुपये का जुआ संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने जंगल में दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की।

इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर मौजूद 156 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। साथ ही 20 लाख 1 हजार 200 रुपये नकद, 47 चारपहिया वाहन और 12 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सवाल यह है कि आखिर जंगल के भीतर इतने बड़े स्तर पर जुए का आयोजन कैसे चल रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी?

कहां चल रहा था जुए का पूरा खेल?

मामला बीजापुर जिले के भद्राकाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रैगुड़ा के जंगल का है।

जानकारी के मुताबिक, यहां मुर्गा बाजार और मुर्गों की लड़ाई के आयोजन की आड़ में रुपये-पैसों का दांव लगाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग जुटते थे और मुर्गों की लड़ाई पर मोटी रकम लगाई जाती थी।

पुलिस को मुखबिर के माध्यम से इस कथित अवैध जुआ गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की योजना बनाई। 

 पुलिस ने घेराबंदी कर मारी दबिश

सूचना मिलने के बाद बीजापुर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने रैगुड़ा जंगल में पहुंचकर घेराबंदी की और कथित जुए के आयोजन पर अचानक दबिश दी।

अचानक पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को पकड़कर पूछताछ की और नकदी सहित अन्य सामान जब्त किया।

20 लाख रुपये से ज्यादा नकदी, 47 वाहन जब्त

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा पहलू मौके से बरामद हुई नकदी और वाहनों की संख्या है।

पुलिस की कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है:

जब्त सामग्रीसंख्या / रकम
नकद राशि ₹20,01,200
चारपहिया वाहन 47
मोबाइल फोन 12
कार्रवाई के दायरे में आए लोग 156

इतनी बड़ी संख्या में चारपहिया वाहनों की मौजूदगी से आयोजन में लोगों की व्यापक भागीदारी का संकेत मिलता है। हालांकि, जब्त वाहनों के मालिकों और आयोजन में उनकी भूमिका की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 

156 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर मिले 156 व्यक्तियों के विरुद्ध भद्राकाली थाने में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत कार्रवाई की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) और सार्वजनिक द्यूत अधिनियम की धारा 4 एवं 13 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 156 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की खबर को सभी की गिरफ्तारी या दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है। 

क्या पड़ोसी राज्यों से भी पहुंचे थे लोग?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी लोग पहुंचे थे।

यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो पुलिस के सामने आयोजन से जुड़े लोगों के नेटवर्क और संभावित अंतरराज्यीय संपर्कों की पड़ताल भी महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि, इस संबंध में अंतिम आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए। 

अब पुलिस की जांच में किन बातों पर रहेगा फोकस?

इस कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं:

  • इस कथित जुआ आयोजन का संचालन कौन कर रहा था?

  • यहां कितने समय से जुए के दांव लगाए जा रहे थे?

  • जब्त मोबाइल फोन में लेनदेन और आयोजन से जुड़े क्या साक्ष्य हैं?

  • 47 वाहनों के मालिक कौन हैं और वे किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे?

  • क्या इस आयोजन में दूसरे जिलों या राज्यों के लोगों की भी भूमिका थी?

इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

निष्कर्ष

बीजापुर के रैगुड़ा जंगल में मुर्गा लड़ाई की आड़ में कथित जुआ गतिविधियों पर पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में चर्चा तेज कर दी है। 156 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई, 20 लाख रुपये से अधिक नकदी और 47 चारपहिया वाहनों की जब्ती इस मामले को बड़ा बनाती है।

अब देखना होगा कि पुलिस की आगे की जांच में इस कथित जुआ आयोजन के संचालकों और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क को लेकर क्या खुलासे होते हैं।


प्राथमिक शाला सलिहाभांठा में बच्चों ने सजाया हटरी, जाने व्यसाय के तरीके

No comments Document Thumbnail

खरीदारी के लिए उमड़े लोग, पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान जी भी पहुँचे बच्चों के हटरी

पटेवा- प्राथमिक शाला सलिहाभांठा के बच्चों द्वारा प्रबंधन समिति व प्रधानपाठक योगेश निर्मलकर के मार्गदर्शन में हटरी लगाया गया। इस हटरी में बच्चों ने बड़े ही उत्साह के साथ स्वयं से तैयारी करते हुए हटरी के लिए सामानों की व्यवस्था कर हटरी में बेचा। कुछ बच्चों ने समूह में तो कुछ ने अकेले ही अपना दुकान सजाया था। इसमें बच्चों के द्वारा अपने बाड़ी की सब्जी, जिमी कन्द, आलू-प्याज, भिंडी, केला, मूंगफली, मक्का भेल, मिर्ची भजिया, जलेबी, समोसा, पकौड़ा, लड्डू, बिस्किट, नड्डा और रंगोली, दीवाली फ़ोटो आदि का दुकान लगाए थे। बच्चों की हटरी में प्रथम खरीदारी सरपंच इंद्रा बाई सिन्हा ने की। गांव के लोगों ने इस हटरी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जमकर खरीददारी की। खाने वाले दुकान के पास लोगों की ज्यादा भीड़ रही। बच्चों की दुकानों से पूरा सामान बिक जाने के बाद भी गांव के लोगों का इस हटरी में आना जारी रहा। लोग बड़े ही उत्साह के साथ बच्चों के साथ मोलभाव करते दिखे। कुछ पालक बच्चों की मदद भी करते देखे गए। बच्चे भी मजे के साथ हिसाब-किताब में जुड़े रहे। लोगों ने बच्चों से सामान खरीदने में अधिक पैसों की भी परवाह नहीं किए।

बच्चों की हटरी में पहुंचे पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान

हटरी में पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान भी खरीदारी करने पहुंचे। इस दौरान बच्चों द्वारा लगाए सामानों के बारे में पूछते नजर आए। साथ ही पालकों से भी बात कर इस हटरी के बारे में जाना। इसके बाद बच्चों से थैला भरकर सब्जियां और खाने का सामान भी खरीदा। बच्चों और पालकों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उद्यम से बच्चे कम उम्र से ही व्यवसाय की तैयारी व चुनौतियों को समझ पाएंगे साथ ही स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित होंगे। बचत का भी विश्वास और आदत बनेगा।

हटरी के समापन पर बच्चे अपनी मेहनत का फल पाकर बड़े खुश लग रहे थे साथ ही पालक भी अपने बच्चों की जिम्मेदारी को देखकर काफी उत्साहित और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। गाँव के लोगों ने बच्चों से खूब खरीदारी की। इस हटरी को सफल बनाने में शिक्षक रामेश्वर ढीढी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पिरीत राम साहू, बिसनी बाई दीवान, हेमलता ध्रुव, पंचराम ध्रुव, भोजराम साहू, सुकदेव दीवान, गुलाब ध्रुव, आशाराम ध्रुव, धनेश्वरी निषाद, रामप्यारी दीवान, लगन बाई ध्रुव, त्रिलोकी साहू के साथ ही पालकों एवं गांव के लोगों का भरपूर सहयोग रहा।


सेनानी परिवारों के उत्थान के लिए मंत्री ओपी चौधरी से आवश्यक पहल की मांग

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिला महासमुंद के प्रमुखों ने आज यहां बरोंडा चौक पर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का स्वागत कर उन्हें सेनानी परिवारों की भावनाओं से अवगत कराया और उनके उत्थान विषयक कुछ मांगें भी रखी। साथ ही जिले के 146 स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को सहेजने के लिए संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए शासन स्तर से सहयोग का अनुरोध किया। 

संगठन के जिलाध्यक्ष नारायण नामदेव ने बताया कि जिले के 144 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम की शिला-पट्टिका एवं  प्रतिमा स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। तत्संबंध में प्रस्तावित स्मृति सदन हेतु शासन से सहयोग की मांग की गई है। सेनानी परिवारों के उत्थान के लिए इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए शासन स्तर से आवश्यक पहल की मांग भी की गई। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने सेनानी परिवार की भावनाओं के अनुरूप आवश्यक पहल का निवेदन मंत्री ओपी चौधरी से किया। इस मौके पर संगठन के चित्रसेन गिरी, कुबेर प्रकाश गिरी, संजय गिरी, शेषनारायण नामदेव, रोमांतक गिरी, बसंत चंद्राकर, आनंद गिरी, संजीव साव, खुमान चंद्राकर, योगेश जैन आदि मौजूद थे।

अमित जोगी के खिलाफ रायपुर में FIR! PM मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विवादित वीडियो से मचा सियासी बवाल, पोस्ट हटाकर मांग चुके हैं माफी

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है।

मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक कथित आपत्तिजनक व्यंग्यात्मक वीडियो का है। भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की।

खास बात यह है कि विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी वीडियो को सोशल मीडिया से हटा चुके हैं और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

आखिर क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक व्यंग्य करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था।

वीडियो को 'ज्ञानू-जानू की शादी' नाम से प्रस्तुत किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलते-जुलते प्रतीकात्मक किरदारों को मुखौटों के साथ दिखाया गया था।

वीडियो में शादी और हनीमून से जुड़े दृश्य दिखाए जाने का आरोप है। भाजपा नेताओं ने इस प्रस्तुति को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इसमें देश के प्रधानमंत्री और संवैधानिक संस्था के प्रमुख की छवि का अनुचित इस्तेमाल किया गया है।

हालांकि, वीडियो को लेकर अलग-अलग पक्षों की व्याख्या सामने आई है। अमित जोगी की ओर से इसे कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था। 

भाजपा नेताओं ने थाने पहुंचकर की शिकायत

वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने विरोध जताया। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सिविल लाइंस थाने पहुंचा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दी गई।

शिकायत में वीडियो के निर्माण, संपादन और सोशल मीडिया पर प्रसारण से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

भाजपा नेताओं का आरोप था कि राजनीतिक विरोध के नाम पर संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर इस तरह की सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है। 

किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित जोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की निम्न धाराओं और IT Act की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है:

कानूनी प्रावधान              मामला
BNS धारा 196         विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित
BNS धारा 352        जानबूझकर अपमान से शांति भंग कराने से संबंधित
BNS धारा 353(2)        विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या घृणा फैलाने वाले कथनों से संबंधित
BNS धारा 356(2)        मानहानि से संबंधित दंड का प्रावधान
IT Act धारा 67     इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से संबंधित

ध्यान दें कि इन धाराओं की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। FIR की आधिकारिक प्रति से इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 

विवाद बढ़ने पर अमित जोगी ने हटाया वीडियो, मांगी माफी

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह भी है कि विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 नवंबर को उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद जताया और स्वीकार किया कि राजनीतिक विचार व्यक्त करने के लिए अपनाया गया तरीका उचित नहीं था।

उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि विरोध जताने के लिए दूसरे तरीके भी अपनाए जा सकते थे। यदि उनकी पोस्ट से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

इसके बावजूद भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की मांग जारी रखी और शिकायत दर्ज कराई। 

क्या होगी पुलिस की अगली कार्रवाई?

FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच पुलिस के हाथ में है।

जांच के दौरान पुलिस इन बिंदुओं पर ध्यान दे सकती है:

  • वीडियो किस सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया?

  • वीडियो बनाने और संपादित करने में किन लोगों की भूमिका थी?

  • वीडियो में इस्तेमाल किए गए प्रतीकात्मक पात्रों और दृश्यों का उद्देश्य क्या था?

  • वीडियो कितने लोगों तक पहुंचा और उसका प्रसार कैसे हुआ?

  • क्या संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अपराध के आवश्यक तत्व मौजूद हैं?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में अमित जोगी की गिरफ्तारी या अदालत के किसी आदेश की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आगे की कार्रवाई को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में क्यों बढ़ा विवाद?

यह मामला केवल एक सोशल मीडिया वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है। इसके साथ दो बड़े मुद्दे जुड़ गए हैं।

पहला, कथित वोट चोरी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और दूसरा, राजनीतिक व्यंग्य तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं।

भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक आलोचना की भी एक मर्यादा होनी चाहिए। वहीं, इस मामले में अमित जोगी की ओर से वीडियो को राजनीतिक व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था और बाद में उन्होंने माफी भी मांगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

निष्कर्ष

अमित जोगी के खिलाफ रायपुर में FIR दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो हटाने और सार्वजनिक माफी के बावजूद मामला अब कानूनी प्रक्रिया में पहुंच चुका है।

फिलहाल सबकी नजर रायपुर पुलिस की जांच और अमित जोगी के अगले कदम पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।


© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.