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सारंग टीम का प्रदर्शन अनुशासन, आपसी विश्वास, टीम भावना और उत्कृष्टता का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर आज नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जाँबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और बेहतरीन तालमेल से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा, हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।


मुख्यमंत्री साय ने भारतीय वायु सेना के जाँबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। हमारे वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है।


मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ इसी प्रकार निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जाँबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर हम एक ऐसे गौरवशाली उत्सव के साक्षी बन रहे हैं, जहाँ राज्य स्थापना की खुशियों के साथ भारतीय वायु सेना का शौर्य, अनुशासन और अदम्य साहस भी जुड़ गया है। नवा रायपुर का आसमान हमारे वायु वीरों के अद्भुत हुनर, साहस और आपसी तालमेल का गवाह बन रहा है।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब हमें भले ही सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकता है।

आकाशगंगा के जाँबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण

हवाई प्रदर्शन का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जाँबाजों ने अपने पैराशूटों को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का अद्भुत परिचय दिया।

ऊंचे आसमान से उतरते हुए स्काईडाइवर्स ने निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप अपने पैराशूटों को नियंत्रित किया तथा सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। आसमान से धरती की ओर उतरते इन साहसी जवानों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए रोमांच और उत्सुकता से भरा रहा। निर्धारित स्थान पर सफलतापूर्वक उतरते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने भारतीय वायु सेना के इन जाँबाजों के अद्भुत साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

आकाशगंगा टीम की इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता, कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की क्षमता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।

गरुड़ कमांडोज ने दिखाया चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विशेष ऑपरेशन का कौशल

आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के पश्चात भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का साहसिक प्रदर्शन किया। हवा में एक स्थान पर स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुँचने की अपनी दक्षता का परिचय दिया।

गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से उतरकर सेंध लेक के सामने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरने और निर्धारित स्थान पर ऑपरेशन को अंजाम देने की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

इस प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई, साहसिक प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने की दक्षता का परिचय मिला। दर्शकों ने कमांडोज के अदम्य साहस और अनुशासित प्रदर्शन की करतल ध्वनि से सराहना की।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में रचा रोमांच, हैरतअंगेज करतबों ने थाम दीं दर्शकों की सांसें

हवाई प्रदर्शन का सबसे प्रमुख और रोमांचकारी आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और साहसिक हवाई करतब प्रस्तुत किए।

सारंग टीम के पायलटों ने अपने हेलीकॉप्टरों को अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ उड़ाते हुए अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए।

प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों के बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाले रोमांचकारी 'क्रॉसओवर' करतब ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। इस साहसिक करतब में पायलटों की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और एक-दूसरे के साथ सटीक तालमेल स्पष्ट दिखाई दिया।

सारंग टीम ने विभिन्न आकर्षक फॉर्मेशनों और रोमांचकारी मैनुवर के माध्यम से भारतीय वायु सेना की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक उत्कृष्टता और साहसिक उड़ान कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रत्येक नई फॉर्मेशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। हेलीकॉप्टरों के अद्भुत करतबों को देखकर दर्शक बार-बार तालियां बजाकर वायु वीरों का उत्साहवर्धन करते रहे।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सारंग टीम के रोमांचकारी प्रदर्शन को उत्साहपूर्वक देखा और पायलटों के साहस, अनुशासन तथा उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।

सारंग के कॉकपिट से गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया', दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया।

आसमान से गूंजे इस आत्मीय उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण विशेष रूप से यादगार बन गया।

तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने 'वंदे मातरम्' गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से भर दिया।

भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार फॉर्मेशन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। आसमान में उड़ान भरते हेलीकॉप्टरों के अद्भुत तालमेल, तिरंगे के रंगों और देशभक्ति गीत की गूंज ने एक अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित किया।

शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ हवाई प्रदर्शन का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप से परिचित कराया।

विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम

उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है।

सारंग टीम ने जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टीम की प्रस्तुतियां भारतीय वायु सेना की दक्षता, साहस, तकनीकी उत्कृष्टता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रभावशाली परिचय देती रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में सारंग टीम की उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव का अवसर है।

2 नवंबर को सेंध लेक में होगा सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि आज आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के पश्चात कल 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम अपना मुख्य हवाई प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।

राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह रोमांचकारी आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना के अद्भुत शौर्य, साहस, अनुशासन और उड़ान कौशल को निकट से देखने का विशेष अवसर प्रदान करेगा। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों से यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाएगा।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  धरमलाल कौशिक, कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, भारतीय वायु सेना के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती है - अरुण साव

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 रायपुर। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें तो सिर्फ एक परिवार के उत्सव से मतलब है। जब छत्तीसगढ़ की जनता राज्य स्थापना दिवस का उत्सव मना रही है, तब कांग्रेस दिल्ली में एक परिवार को बचाने के लिए रैली निकाल रही है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही सर्वोपरि है, देश और प्रदेश नहीं।


उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। पूरी दुनिया जब युद्ध की विभीषिका से गुजर रही है, तब भारत तेजी से विकसित देश की ओर अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 5 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जो पहले 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी नहीं था। प्रधानमंत्री जी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा करने का जो संकल्प लिया है, वही संकल्प कांग्रेस को चुभ रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत की आवाज गूंज रही है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है कि वह हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाती रहती है। चाहे चुनाव आयोग हो, ईडी हो, सीबीआई हो या न्यायपालिका, जब भी कांग्रेस के खिलाफ फैसले आते हैं तो वह सभी संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर देती है। लोकतंत्र पर खतरा कांग्रेस की हार से नहीं, बल्कि कांग्रेस की सोच से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र पूरे देश ने देख लिया है। जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीत जाती है, वहां चुनाव आयोग अच्छा काम करता है और ईवीएम ठीक रहती है, लेकिन जहां हार जाती है, वहां चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है और कहती है कि कोई भी बटन दबाओ वोट भाजपा को ही जाता है। यह हार की हताशा के अलावा कुछ नहीं है। जनता ने इन्हें नकार दिया है, इसलिए ये अब ईवीएम और चुनाव आयोग को कोस रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है, जो पूरे देश में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराती है। चुनाव आयोग पर आरोप लगाना सीधे-सीधे लोकतंत्र और बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान है। कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि झूठे आरोपों से न तो जनता भ्रमित होने वाली है और न ही लोकतंत्र कमजोर होने वाला है।

दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ को केंद्र से मिले 3,602 करोड़ रुपये, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जताया आभार

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 रायपुर। दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को बड़ी वित्तीय राशि जारी की है। टैक्स डिवोल्यूशन (कर हस्तांतरण) की अग्रिम किस्त के रूप में प्रदेश को 3,602 करोड़ रुपये मिले हैं। इस राशि के आवंटन पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है।


वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि केंद्र से मिली इस राशि से प्रदेश में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले राशि जारी होने से राज्य के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से इस निर्णय के लिए उनका हार्दिक आभार है।

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर PM मोदी ने दी बधाई, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा की तारीफ; नक्सलवाद पर कही बड़ी बात

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Chhattisgarh Foundation Day 2026: छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और लोक परंपराओं की सराहना करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ जारी प्रयासों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली नागरिक देश की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।


रायपुर। छत्तीसगढ़ आज यानी 1 नवंबर को अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक पहचान की जमकर सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ जारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अब विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'छत्तीसगढ़ के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं!' उन्होंने कहा कि यह प्रदेश अपनी जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अनूठी लोक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां की पुरातात्विक धरोहरें भी छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को मजबूत करती हैं।

जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं की पीएम मोदी ने की सराहना

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए यहां की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लोक-संस्कृति से परिपूर्ण वातावरण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

छत्तीसगढ़ की पहचान यहां के पारंपरिक लोकनृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प, मेले-मड़ई और जनजातीय जीवनशैली से जुड़ी हुई है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक अलग-अलग जनजातीय समुदायों की अपनी विशिष्ट परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत हैं। यही विविधता प्रदेश को देश के अन्य राज्यों से अलग पहचान दिलाती है।

प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और पुरातात्विक विरासत को भी महत्वपूर्ण बताया। छत्तीसगढ़ के घने जंगल, नदियां, पहाड़, जलप्रपात और खनिज संसाधन इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं।

बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर और प्रदेश के विभिन्न पुरातात्विक स्थल छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक समृद्धि को दर्शाते हैं। इन विशेषताओं के चलते राज्य की पहचान पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में भी लगातार मजबूत हो रही है।

नक्सलवाद के खिलाफ प्रयासों का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की जड़ें खत्म करते हुए छत्तीसगढ़ विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि नक्सलवाद लंबे समय से प्रदेश के बस्तर संभाग सहित कुछ क्षेत्रों के विकास में बड़ी चुनौती रहा है। इसके खिलाफ सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को राज्य की विकास यात्रा से जोड़ते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास जताया।

मेहनती और प्रतिभाशाली नागरिकों पर जताया भरोसा

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के लोगों की मेहनत और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा, 'मुझे विश्वास है कि मेरे प्रतिभाशाली और परिश्रमी परिवारजनों की भागीदारी से यह प्रदेश राष्ट्र की समृद्धि में बढ़-चढ़कर योगदान देता रहेगा।'

उनके इस संदेश में प्रदेश के नागरिकों की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि, खनन, उद्योग, वन आधारित गतिविधियों और सेवा क्षेत्र का अहम योगदान है। प्रदेश के किसान, श्रमिक, युवा, उद्यमी और आदिवासी समुदाय राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

1 नवंबर 2000 को हुआ था छत्तीसगढ़ का गठन

छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ देश के 26वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। रायपुर को प्रदेश की राजधानी बनाया गया।

राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में स्थापना दिवस और राज्योत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, विकास उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।

प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश के अंत में छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा, 'यह विशेष अवसर छत्तीसगढ़ के सभी निवासियों के लिए कल्याणकारी हो, यही कामना है!'

प्रधानमंत्री का यह संदेश राज्य की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय विरासत, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं को रेखांकित करता है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ के मेहनती और प्रतिभाशाली नागरिक आने वाले समय में देश की प्रगति और समृद्धि में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

 

सुप्रभात छत्तीसगढ़ – आज का महा समाचार बुलेटिन | प्रदेश, देश और दुनिया की हर बड़ी खबर

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज सुबह का प्रमुख समाचार बुलेटिन। इसमें छत्तीसगढ़, देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेती-किसानी, रक्षा, तकनीक, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की महत्वपूर्ण खबरें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते में राहत

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने DA और DR में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

  • महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है।

  • लगभग 3.85 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे।

  • सरकार पर करीब 432 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त भार आएगा।
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी
  • खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से प्रस्तावित है।

  • समर्थन मूल्य पर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी होगी।

  • प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल की सीमा निर्धारित की गई है।

  • 360 नए खरीदी केंद्र खुलने से कुल केंद्रों की संख्या 3,100 होगी।

  • AgriStack ID वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी।
बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक बढ़ी

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल की रियायत जारी रखने का फैसला किया गया है। 400 यूनिट तक खपत वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है।

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की तैयारियां

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रायपुर में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम के एयर शो की खबर सामने आई है। कार्यक्रम के समय और आम जनता के लिए प्रवेश संबंधी आधिकारिक निर्देश जरूर जांचें।

राष्ट्रीय समाचार – भारत

INS Kesari में पानी घुसने की घटना

विशाखापत्तनम स्थित नौसेना के डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के जहाज INS Kesari के एक हिस्से में पानी घुसने की सूचना मिली। नौसेना के अनुसार कोई जनहानि नहीं हुई। पानी निकालने और जांच की कार्रवाई जारी है।

भारत का सबसे बड़ा IPO चर्चा में

Jio Platforms की लगभग 30,200 करोड़ रुपये की IPO लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार मूल्यांकन तेजी से बढ़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कंपनी भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।

वायुसेना और रक्षा क्षेत्र

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को लेकर गतिविधियां जारी हैं। आज की प्रमुख रिपोर्टों में INS Kesari की घटना विशेष रूप से चर्चा में है।

शिक्षा और छात्रवृत्ति

National Means-cum-Merit Scholarship Scheme (NMMSS) 2026-27 के आवेदन की अंतिम तारीख 15 नवंबर तक बढ़ाए जाने की खबर है। आवेदन करने वाले विद्यार्थी आधिकारिक शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर इसकी पुष्टि करें।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका और इजरायल की ओर से नए हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है।

सऊदी अरब में ड्रोन को रोका गया

सऊदी अरब ने रियाद क्षेत्र में एक संदिग्ध शत्रुतापूर्ण ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से रोकने की जानकारी दी है।

क्वाड देशों की अहम बैठक

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने अटलांटा में बैठक कर सुरक्षित सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। मनमाने निर्यात प्रतिबंधों को लेकर भी चिंता जताई गई।

G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में मतभेद

अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर साझा सहमति के बिना समाप्त हुई। ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन पर सहयोग की प्रतिबद्धता जरूर जताई गई।

मिस्र में सड़क दुर्घटना

मिस्र में एक मिनीबस और भारी ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत और 24 लोगों के घायल होने की खबर है।

अर्थव्यवस्था, व्यापार और शेयर बाजार

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट

30 अक्टूबर के MCX कारोबार के अनुसार सोने का भाव लगभग ₹1,38,250 प्रति 10 ग्राम तक आ गया था। यह जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। ध्यान दें कि यह आज सुबह का लाइव भाव नहीं, पिछला उपलब्ध कारोबार है।

स्कॉच व्हिस्की आयात शुल्क पर सरकार की बैठक

भारत सरकार 2 नवंबर को शराब कंपनियों के साथ स्कॉच व्हिस्की के आयात शुल्क विवाद पर बातचीत करेगी। यह भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से जुड़ा मामला है।

रोजगार के आंकड़ों में बदलाव की तैयारी

भारत सरकार जनवरी 2027 से रोजगार सर्वेक्षण में बदलाव प्रस्तावित कर रही है। इसका उद्देश्य गिग वर्कर्स और घरेलू अवैतनिक काम को बेहतर तरीके से आंकड़ों में शामिल करना है।

कृषि और किसान समाचार
  • छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की तैयारी है।

  • 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की अधिकतम सीमा महत्वपूर्ण है।

  • Krishak Unnati Yojana में धान के लिए इनपुट सहायता को प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का फैसला किया गया है।

  • AgriStack और डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है।
विज्ञान, तकनीक और AI

टेलीकॉम सेक्टर में AI के लिए नए दिशानिर्देश

TRAI ने टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में AI के जिम्मेदार उपयोग के लिए ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन पर सुझाव देने की अंतिम तारीख 27 नवंबर 2026 है।

भारत में नई तकनीकों पर जोर

Emerging Science, Technology and Innovation Conclave 2026 में ऑटोनॉमस सिस्टम, फिजिकल AI और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों पर चर्चा हुई।

मौसम और पर्यावरण

 छत्तीसगढ़ में बारिश और गरज-चमक की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और भारी बारिश की संभावना है। 3 और 4 नवंबर को भी बारिश का एक और दौर संभव है।

नवंबर में सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान

IMD के अनुसार नवंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

खेल समाचार

भारत-न्यूजीलैंड T20 सीरीज

न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे T20 मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तानी को लेकर श्रेयस अय्यर की आलोचना की है। आज पांचवां T20 मुकाबला चर्चा में है।

लक्ष्य सेन बैडमिंटन फाइनल में

भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने Hylo Open के फाइनल में जगह बनाई है। उन्होंने फ्रांस के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव को हराया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम की जीत

भारतीय महिला टीम ने कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल में युगांडा को 35-15 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

 सिनेमा और मनोरंजन

रजनीकांत की Jailer 2 बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में

फिल्म के भारत में 510 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन पार करने का अनुमान ट्रेड रिपोर्टों में सामने आया है। ये शुरुआती ट्रेड आंकड़े हैं, आधिकारिक ऑडिटेड आंकड़े नहीं।

अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन जगत

हैलोवीन के मौके पर अमेरिका और यूरोप में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। वहीं अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक हैलोवीन स्टोर में गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत और छह लोग घायल हुए।

आज के महत्वपूर्ण कार्यक्रम और तारीखें

तारीख

    महत्वपूर्ण गतिविधि

1 नवंबर

    छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

1 नवंबर

    छत्तीसगढ़ कर्मचारियों का नया DA लागू

1 नवंबर

    IMD का मौसम अलर्ट

2 नवंबर

    स्कॉच आयात शुल्क पर बैठक

15 नवंबर

    छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रारंभ

27 नवंबर

    TRAI AI ड्राफ्ट पर सुझाव की अंतिम तारीख

समाचार बुलेटिन का समापन

आज छत्तीसगढ़ के लिए सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की राहत, किसानों के लिए धान खरीदी की तैयारी और मौसम की चेतावनी सबसे महत्वपूर्ण खबरें हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया का तनाव और भारत के लिए आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग से जुड़े घटनाक्रम चर्चा में हैं।


तमिलनाडु की थेनी जेल से 17 कैदी फरार होने के मामले में बड़ी कार्रवाई: उप जेल अधिकारी निलंबित, वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले; सभी कैदी दोबारा गिरफ्तार

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चेन्नई- तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी उप-जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कड़ी कार्रवाई की है। जेल की सुरक्षा में गंभीर चूक और अधिकारियों की कथित लापरवाही को देखते हुए सरकार ने उप जेल अधिकारी को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जेलों की सुरक्षा और निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

26 अक्टूबर की रात जेल से फरार हुए थे 17 कैदी

जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 अक्टूबर 2026 की रात थेनी जिले की थेक्कमपट्टी उप-जेल में हुई थी। जेल में बंद 17 विचाराधीन कैदियों ने कथित तौर पर मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया और ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मचारियों को काबू में कर परिसर से फरार हो गए।

घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। फरार कैदियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया और आसपास के इलाकों में सघन जांच की गई।

ड्रोन की मदद से चलाया गया तलाशी अभियान

फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीक की भी मदद ली। तलाशी अभियान के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, आठ फरार कैदियों को घनी झाड़ियों और वन क्षेत्र में छिपे होने के दौरान ड्रोन की मदद से खोजा गया।

पुलिस ने अभियान चलाकर सभी 17 कैदियों को दोबारा पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें फिर से हिरासत में लेकर जेल में भेज दिया गया। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

उप जेल अधिकारी एन. नागेश्वरन निलंबित

घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विजय ने थेक्कमपट्टी उप-जेल के प्रभारी उप जेल अधिकारी एन. नागेश्वरन को निलंबित करने का आदेश दिया। वे 6 अगस्त 2024 से इस उप-जेल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

निलंबन आदेश 30 अक्टूबर 2026 से प्रभावी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कैदियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की उचित निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में गंभीर चूक को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।

जेल प्रशासन में बड़े स्तर पर फेरबदल

सरकार ने केवल एक अधिकारी के निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी किए हैं।

मदुरै सेंट्रल जेल के अधीक्षक आर. कृष्णराज को स्थानांतरित कर सलेम सेंट्रल जेल का अधीक्षक बनाया गया है।

इसके अलावा, जेल विभाग के पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर को तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (TANGEDCO) में मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह के. शंकर को जेल एवं सुधार सेवाओं का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री विजय ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विजय ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य की सभी जेलों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ पालन करने को कहा है।

सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जेलों में सुरक्षा संबंधी लापरवाही, निगरानी में कमी या जिम्मेदारी निभाने में कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

थेनी की उप-जेल से एक साथ 17 कैदियों का फरार होना राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना के बाद जेलों में कर्मचारियों की तैनाती, निगरानी प्रणाली, आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल और कैदियों की गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।

सरकार की कार्रवाई से स्पष्ट है कि इस घटना के बाद जेल प्रशासन में जवाबदेही तय करने और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल इस मामले में सभी 17 फरार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया है। वहीं, जेल प्रशासन की चूक और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच तथा विभागीय कार्रवाई जारी है।


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का ‘पब्लिक महाभियोग’: INDIA गठबंधन ने दिल्ली में किया प्रतीकात्मक विरोध, SIR और वोटर लिस्ट को लेकर उठाए सवाल

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नई दिल्ली- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने 31 अक्टूबर 2026 को राजधानी दिल्ली में प्रतीकात्मक ‘पब्लिक महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार सहित विपक्षी दलों के कई नेता शामिल हुए।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उनके पद से हटाए जाने की मांग दोहराई है।

दिल्ली में आयोजित हुआ प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम

INDIA गठबंधन ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर यह कार्यक्रम आयोजित किया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने प्रतीकात्मक कार्यवाही की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची में बदलाव और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष की ओर से प्रस्ताव और आरोपों को प्रस्तुत किया। राहुल गांधी ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी। विपक्ष ने इस आयोजन के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया।

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्ति

विपक्षी दलों का मुख्य विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने या उनके मतदान अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित सत्यापन के नहीं हटाया जाना चाहिए। गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण देने और शिकायतों का समाधान करने की मांग की है।

हालांकि, विपक्ष के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से अलग-अलग पक्ष रखे गए हैं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उस पर लगाए गए आरोपों का अंतिम आकलन संबंधित दस्तावेजों, जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।

संसद में पहले भी उठाया जा चुका है हटाने का मुद्दा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष इससे पहले भी संसद में प्रस्ताव लाने की कोशिश कर चुका है। मार्च 2026 में विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में इस संबंध में नोटिस दिए थे। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने उन नोटिसों को स्वीकार नहीं किया था।

इसके बाद विपक्षी दलों ने नए सिरे से रणनीति बनाई और विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश की। सितंबर में भी INDIA गठबंधन की बैठकों में इस मुद्दे पर संयुक्त कार्रवाई और कानूनी विकल्पों पर चर्चा हुई थी।

क्या होता है मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का संवैधानिक प्रावधान?

भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान है। इसका उद्देश्य चुनाव आयोग के प्रमुख को राजनीतिक दबाव से संवैधानिक सुरक्षा देना है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए:

  1. संसद के किसी भी सदन में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव लाया जा सकता है।

  2. प्रस्ताव में सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार होने चाहिए।

  3. लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है।

  4. प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होती है।

  5. दोनों सदनों से प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति हटाने का आदेश जारी करते हैं।

इसलिए किसी राजनीतिक दल या गठबंधन की मांग अथवा प्रतीकात्मक कार्यक्रम से मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से नहीं हटाया जा सकता। इसके लिए संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली की तैयारी

INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत रैली आयोजित करने की भी योजना बनाई है। इस रैली के जरिए विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने वाला है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राष्ट्रीय बहस

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर देश में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है।

जहां विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं इस मामले में संवैधानिक प्रक्रिया और संस्थागत जवाबदेही भी महत्वपूर्ण हैं। आने वाले दिनों में संसद, चुनाव आयोग और न्यायिक मंचों पर इस मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।

महत्वपूर्ण: 31 अक्टूबर का ‘पब्लिक महाभियोग’ एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम था। इसे संसद द्वारा पारित वास्तविक महाभियोग या ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने की कार्रवाई नहीं समझना चाहिए।

दिल्ली की जूता फैक्ट्री में भीषण आग: चार मजदूरों की दर्दनाक मौत, दो गंभीर घायल; पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार रात एक जूता बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद कई मजदूर धुएं के बीच फंस गए। दमकलकर्मियों और पुलिस की टीम ने घंटों तक बचाव अभियान चलाकर छह लोगों को बाहर निकाला।

रात करीब 9:30 बजे लगी आग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित जूता निर्माण फैक्ट्री में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली। आग फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी, जहां जूते बनाने और उनसे संबंधित सामान रखने का काम होता था।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के साथ-साथ फैक्ट्री में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।

धुएं के कारण ऊपरी मंजिलों पर फंसे मजदूर

फैक्ट्री की इमारत में बेसमेंट, भूतल और ऊपर की मंजिलें थीं। आग बेसमेंट में लगी, लेकिन उससे निकला घना धुआं ऊपरी हिस्सों तक पहुंच गया। इससे वहां मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने में परेशानी हुई।

बचाव अभियान के दौरान छह लोग बेहोशी की हालत में मिले। दमकलकर्मियों ने एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल की सीढ़ियों के पास से और पांच लोगों को ऊपर की मंजिल पर स्थित एक कमरे से बाहर निकाला। सभी को तत्काल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, मंगोलपुरी पहुंचाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का उपचार जारी है।

मृतकों की हुई पहचान

मीडिया रिपोर्टों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • अशोक – 25 वर्ष

  • हरिहर – 40 वर्ष

  • लाल बाबू – 38 वर्ष

  • प्रेम चंद – 50 वर्ष

इनमें अशोक बिहार के नालंदा जिले का निवासी बताया गया है। अन्य मृतकों के पते और परिजनों से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।

घायलों की पहचान हरेंद्र (35) और विकास (21) के रूप में बताई गई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287, 125(a), 105 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है।

पुलिस ने मामले में सुरेश चंद और अशोक नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के संबंध में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार से भी पूछताछ की गई है।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

फिलहाल आग लगने का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस और संबंधित विभाग यह भी जांच कर रहे हैं कि फैक्ट्री में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, आपातकालीन निकास की व्यवस्था कैसी थी और घटना के समय परिसर में कितने मजदूर मौजूद थे।

औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मंगोलपुरी की यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। फैक्ट्रियों में ज्वलनशील सामग्री, कच्चा माल और तैयार उत्पाद रखे जाते हैं। ऐसे स्थानों पर आग से बचाव के उपकरण, पर्याप्त निकास द्वार, अलार्म और आपातकालीन बचाव व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है।

एक बार फिर लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी की आशंका के बीच चार परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।


रायपुर में भीषण हिट एंड रन हादसा: तेज रफ्तार स्कोडा ने बलेनो को मारी टक्कर, 60 वर्षीय नरेंद्र सिंह भसीन की मौत; महिला और दो बच्चे गंभीर घायल

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देर रात तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक के पास एक तेज रफ्तार स्कोडा कार ने बलेनो कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बलेनो कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में 60 वर्षीय नरेंद्र सिंह भसीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

शादी समारोह से लौट रहा था परिवार

मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र सिंह भसीन अपने परिवार के साथ नया रायपुर में आयोजित अपनी भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। परिवार बलेनो कार में सवार था। इसी दौरान आधी रात के आसपास अग्रसेन धाम चौक के पास तेज रफ्तार स्कोडा कार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बलेनो कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार चला रहे नरेंद्र सिंह भसीन को गंभीर चोटें आईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद महिला और दो बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुए चार युवक

बताया जा रहा है कि स्कोडा कार में चार युवक सवार थे। टक्कर के दौरान स्कोडा सवार युवकों को भी चोटें आईं, लेकिन हादसे के बाद वे अपनी कार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर तेलीबांधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त स्कोडा कार को जब्त कर लिया।

पुलिस अब फरार युवकों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है। हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है।

शराब सेवन से जुड़ा वीडियो भी आया सामने

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे से पहले स्कोडा कार में सवार युवकों का एमजी रोड स्थित सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, युवकों के नशे में होने और दुर्घटना का उससे संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच और मेडिकल परीक्षण के आधार पर ही हो सकेगी। इसलिए इस पहलू को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आएंगे हादसे के कारण

इस दुर्घटना के बाद पुलिस की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इनमें स्कोडा कार की गति, वाहन कौन चला रहा था, चालक की स्थिति और हादसे के बाद युवकों के फरार होने के कारण शामिल हैं। जब्त वाहन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

राजधानी में देर रात तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाएं एक बार फिर चिंता का विषय बन गई हैं। इस हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई और एक महिला तथा दो बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। एक परिवार शादी समारोह से घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हुई इस दुर्घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

सड़क पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, नशे की हालत में वाहन न चलाना और दुर्घटना होने पर घायलों की मदद करना हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है। पुलिस जांच के बाद इस मामले में दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।


62वें जन्मदिन पर प्रधान पाठक परमाल ने बच्चों को कराया न्योता भोज

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आरंग- 'आओ बांटें खुशियां' अभियान के तहत शनिवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा के प्रधान पाठक कीर्ति कुमार परमाल ने अपना 62वां जन्मदिन बच्चों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को न्योता भोज कराया, जिसमें खीर-पूड़ी, मिठाई और फल परोसे गए।

अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बच्चों के साथ 40 वर्षों से अधिक समय बिताया है। जो खुशी बच्चों के साथ मिलती है, वह कहीं और नहीं मिलती। बच्चों के साथ बिताए लम्हे अविस्मरणीय हैं। यह मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है।

इस दौरान संस्था के शिक्षकों और बच्चों ने केक काटकर खुशी जाहिर की। जिससे प्रधान पाठक परमाल भावुक हो गए।

इस अवसर पर संकुल समन्वयक जीतेन्द्र शुक्ला सहित संस्था के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने श्री परमाल द्वारा बच्चों के साथ खुशियां बांटने की पहल की सराहना की।


छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 6 नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश, 4 अधिवक्ता और 2 न्यायिक अधिकारी सूची में शामिल

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छह नामों की सिफारिश की है। 30 अक्टूबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में चार अधिवक्ताओं और दो न्यायिक अधिकारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक प्रस्ताव में सभी छह नामों का उल्लेख किया गया है। इस फैसले के बाद अब इन नामों पर केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे विचार किया जाएगा। हालांकि, अभी इनकी नियुक्ति की अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए सुझाए गए छह नाम

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए जिन छह व्यक्तियों के नामों को मंजूरी दी है, उनमें चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

चार अधिवक्ताओं के नाम

  1. आनंद शुक्ला (Anand Shukla)

  2. रत्ना निधि पुष्टी (Ratna Nidhi Pusty) — जिन्हें R.N. Pusty और Ratan Pusty के नाम से भी जाना जाता है।

  3. शशांक ठाकुर (Shashank Thakur)

  4. सौरभ शर्मा (Sourabh Sharma)

दो न्यायिक अधिकारियों के नाम

  1. रजनीश श्रीवास्तव (Rajnish Shrivastava)

  2. बलराम प्रसाद वर्मा (Balram Prasad Verma)

इस प्रकार कॉलेजियम ने न्यायिक सेवा और अधिवक्ता वर्ग, दोनों से प्रतिनिधित्व रखते हुए कुल छह नामों की सिफारिश की है।

30 अक्टूबर को हुई कॉलेजियम की बैठक में फैसला

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुई थी। इसी बैठक में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए छह और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए पांच नामों की सिफारिश की। इस तरह दोनों हाईकोर्ट के लिए कुल 11 नामों को मंजूरी दी गई।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए भी पांच नामों की सिफारिश

छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए भी पांच न्यायिक अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी गई है। इनमें शामिल हैं:

  1. रेणुका कंचन (Renuka Kanchan)

  2. कृष्णमूर्ति मिश्रा (Krishnamurty Mishra)

  3. वीरेंद्र सिंह राजपूत (Virendra Singh Rajput)

  4. ममता जैन (Mamta Jain)

  5. अशिता श्रीवास्तव (Ashita Shrivastava)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए सभी पांच नाम न्यायिक सेवा से संबंधित अधिकारियों के हैं।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कितने पद हैं खाली?

न्याय विभाग के 6 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 22 है। इनमें से 13 पदों पर न्यायाधीश कार्यरत थे, जबकि नौ पद रिक्त थे।

विवरण        संख्या
स्वीकृत न्यायाधीश पद           22
कार्यरत न्यायाधीश           13
रिक्त पद                    9
कॉलेजियम की नई सिफारिशें            6

यदि सभी छह सिफारिशों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो हाईकोर्ट की कार्यरत न्यायिक शक्ति में वृद्धि होगी। हालांकि, उस समय की वास्तविक रिक्तियों और नियुक्तियों की स्थिति अंतिम अधिसूचना के अनुसार ही तय होगी।

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद क्या होगी प्रक्रिया?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति तत्काल हाईकोर्ट के न्यायाधीश बन गए हैं। नियुक्ति के लिए आगे संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

आम तौर पर प्रक्रिया के प्रमुख चरण इस प्रकार होते हैं:

  1. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा नामों की सिफारिश।

  2. सिफारिशों पर केंद्र सरकार के स्तर पर आवश्यक परीक्षण और प्रक्रिया।

  3. नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति और वारंट जारी होना।

  4. नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना।

  5. संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद पदभार ग्रहण।

इसलिए फिलहाल इन छह व्यक्तियों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित नाम कहना सही होगा, न कि नवनियुक्त न्यायाधीश।

न्यायिक व्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों का असर मामलों की सुनवाई और न्यायिक कामकाज पर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में छह नए नामों की सिफारिश से न्यायाधीशों की उपलब्ध संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इससे लंबित मामलों की सुनवाई, नियमित न्यायिक कार्य और अलग-अलग प्रकार के मुकदमों के निपटारे में भविष्य में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव नियुक्तियां पूरी होने और न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने के बाद ही स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए चार अधिवक्ताओं और दो न्यायिक अधिकारियों सहित छह नामों की सिफारिश की है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की आगे की कार्रवाई और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी होने वाली नियुक्ति अधिसूचना पर रहेगी।


शिक्षक भर्ती परीक्षा के पहले दिन 83.25 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति, 34,514 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी

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1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह

शिक्षक गणित विषय में सर्वाधिक 90.25 प्रतिशत उपस्थिति, कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली की अभ्यर्थियों ने की सराहना

रायपुर- छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1812 रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के पहले दिन अभ्यर्थियों में उत्साह देखने को मिला। यह परीक्षा 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। पहले दिन प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में कुल 83.25 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।

लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में कुल 10 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 7,025 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 1,177 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

विषयवार उपस्थिति के आंकड़ों के अनुसार शिक्षक गणित विषय में सर्वाधिक 90.25 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त व्याख्याता संस्कृत में 81.77 प्रतिशत, व्याख्याता सामाजिक विज्ञान में 84.87 प्रतिशत, व्याख्याता भौतिकी में 84.83 प्रतिशत, व्याख्याता जीव विज्ञान में 83.27 प्रतिशत, व्याख्याता इतिहास में 80.56 प्रतिशत, व्याख्याता रसायन में 77.07 प्रतिशत, व्यायाम शिक्षक में 76.9 प्रतिशत, व्याख्याता भूगोल में 64.29 प्रतिशत तथा व्याख्याता अर्थशास्त्र में 63.64 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।

34,604 अभ्यर्थियों ने किया आवेदन, 99.74 प्रतिशत को प्रवेश पत्र जारी

इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 34,604 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें से 34,514 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं, जो कुल आवेदकों का 99.74 प्रतिशत है। आवेदन करने वालों में 20,779 महिला अभ्यर्थी (60 प्रतिशत) तथा 13,825 पुरुष अभ्यर्थी (40 प्रतिशत) शामिल हैं। इस प्रकार महिला आवेदकों की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक रही है। कुल आवेदकों में 332 दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल हैं। 

छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में प्रथम दिवस परीक्षार्थियों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। परीक्षार्थियों ने बताया कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली, ओएमआर एवं पारंपरिक पेन-पेपर परीक्षा की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी है।

कंप्यूटर द्वारा उत्तरों का स्वचालित मूल्यांकन होने के कारण कम समय में त्रुटिरहित परीक्षा परिणाम तैयार एवं घोषित किए जा सकेंगे। परीक्षार्थियों ने इसे राज्य शासन की एक सराहनीय पहल बताया। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ब्ठज्) में अभ्यर्थियों के उत्तर, उत्तर कुंजी, डिजिटल रिकॉर्ड एवं ऑडिट ट्रेल उपलब्ध होने से परीक्षा प्रक्रिया अन्य परीक्षा प्रणालियों की तुलना में अधिक पारदर्शी है। परीक्षार्थियों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में अन्य भर्ती परीक्षाओं का आयोजन भी यथासंभव कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

बस्तर की 485 बसाहटों को मिलेगी बारहमासी सड़क की सुविधा, 804 करोड़ के 263 नए सड़क कार्यों के प्रस्ताव

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रायपुर- दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल हुई है। संभाग की 485 बसाहटों में सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़क से जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इन प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर बताई गई है। इस पहल का उद्देश्य अंदरूनी वनांचल और दुर्गम गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को पूरे साल आवागमन की सुविधा मिल सके।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहा काम

बस्तर में सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण यानी PMGSY-4 के तहत कार्य किए जा रहे हैं। योजना के प्रथम बैच में संभाग की 234 बसाहटों के सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है।

इनमें बस्तर जिले की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोंडागांव की 34 और सुकमा जिले की 16 बसाहटें शामिल हैं।

इन कार्यों के माध्यम से ऐसे गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों के कारण आवागमन लंबे समय से चुनौती बना हुआ है।

280 अन्य बसाहटों के लिए 804 करोड़ के प्रस्ताव

PMGSY-4 के दूसरे बैच में 280 अन्य बसाहटों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 804.06 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर है। इन कार्यों के आगे बढ़ने से बस्तर के अंदरूनी इलाकों में आवागमन के साधन बेहतर हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त लगभग 474 अन्य चिन्हांकित बसाहटों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी DPR तैयार किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण की संभावनाओं और जरूरतों का आकलन किया जा सकेगा।

373 पुलों के निर्माण पर भी पहल

बस्तर में केवल सड़कों का विस्तार ही नहीं, बल्कि नदी-नालों और बरसाती क्षेत्रों में आवागमन की समस्या दूर करने के लिए पुल निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, PMGSY-4 के प्रथम बैच के तहत 206 पुलों और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में विचार किया गया है।

इस तरह कुल 373 पुलों के प्रस्तावों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं बस्तर संभाग में 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं।

नारायणपुर जिले में PM-JANMAN के तहत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव हैं, जिनकी अनुमानित लागत 87.45 करोड़ रुपये बताई गई है। इन पुलों के निर्माण से बरसात के दौरान नदी-नालों के कारण गांवों का संपर्क टूटने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

नक्सलवाद से मुक्त गांवों के लिए विशेष छूट की मांग

बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियां सामान्य मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं। यहां कई छोटी बसाहटें जंगलों और पहाड़ी इलाकों में बसी हैं। आबादी कम होने के कारण कुछ गांव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मौजूदा जनसंख्या संबंधी मानकों के तहत पात्रता हासिल नहीं कर पाते।

इसी समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर विशेष छूट देने का अनुरोध किया था।

प्रस्ताव में 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित छोटी-छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृति देने और निर्धारित जनसंख्या संबंधी मानकों में राहत देने की बात रखी गई है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में सकारात्मक रुख जताते हुए आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षण की बात कही है।

शेष बसाहटों की पहचान के लिए चार महीने का सर्वे

बस्तर की शेष पात्र बसाहटों की पहचान और उनकी सड़क संबंधी जरूरतों का आकलन करने के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण (GSS) ऐप के माध्यम से चार महीने का सर्वेक्षण शुरू किया गया है।

इस सर्वे में गांवों की वास्तविक जरूरत, सड़क संपर्क की स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रस्तावित सड़क मार्गों को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

सड़क बनने से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?

बारहमासी सड़क संपर्क से बस्तर के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाएं: मरीजों को अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस तक पहुंचने में आसानी होगी। आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ेगी।

शिक्षा: विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए स्कूलों तक पहुंचना आसान होगा। बरसात में रास्ते बंद होने की समस्या कम हो सकती है।

कृषि और व्यापार: किसान अपनी उपज को बाजार और खरीदी केंद्रों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। परिवहन लागत और समय में कमी आने की संभावना है।

महिलाओं और बच्चों को सुविधा: आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सरकारी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है।

स्थानीय रोजगार: सड़क निर्माण और बेहतर संपर्क से स्थानीय व्यापार, आजीविका और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास कार्यों को गति

बस्तर में सड़क और पुल निर्माण को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच समन्वय से कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया है।

निष्कर्ष: बस्तर की 485 बसाहटों में सड़क कार्यों की स्वीकृति और 280 अन्य बसाहटों के लिए 804.06 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों में संपर्क सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, प्रस्तावित सड़कों और पुलों के लिए आगे की स्वीकृति, निर्माण की शुरुआत और काम पूरा होने की समय-सीमा पर नजर रहेगी।

महत्वपूर्ण तथ्य: 485 बसाहटों के कार्य स्वीकृत हैं; 280 बसाहटों के लिए 263 सड़क कार्य प्रस्तावित हैं; लगभग 474 अन्य बसाहटों के DPR तैयार हो रहे हैं। पुलों के प्रस्तावों पर विचार जारी है—उन्हें अभी पूर्ण स्वीकृति या निर्मित पुल नहीं माना जाना चाहिए।


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