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पीपला फाउंडेशन ने रीवा में 5000 लीटर की टंकी स्थापित की, ग्रामीणों को जल संकट से मिली राहत

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 आरंग | भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच आरंग क्षेत्र के लोरिक नगर (गढ़रीवां) के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर आई है। स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव में 5000 लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी स्थापित की है।


इस पहल से न केवल पानी की बर्बादी रुकी है, बल्कि राहगीरों और पशुओं के लिए भी पेयजल सुलभ हो गया है। दरअसल, गांव के ट्यूबवेल के पास भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। ग्रामीणों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।

समस्या को देखते हुए पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने सरपंच घसियाराम साहू के समक्ष टंकी लगाने का प्रस्ताव रखा। पंचायत ने तत्काल सहमति देते हुए टंकी के लिए पक्का चबूतरा, पाइपलाइन और नलों की व्यवस्था कराई। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में टंकी का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब इस सुविधा का लाभ रीवा के साथ-साथ लखौली और कुकरा के ग्रामीणों को भी मिल रहा है। मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी यह प्यास बुझाने का केंद्र बन गया है। गांव के सरपंच घसियाराम साहू का कहना है कि गांव में पानी की समस्या गंभीर थी।

संस्था और पंचायत के इस तालमेल से अब पानी सहेजने में मदद मिलेगी। हम पीपला फाउंडेशन के इस सेवाभावी कार्य का आभार व्यक्त करते हैं। इस शुभारंभ अवसर पर सरपंच घसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू और फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने इस कार्य को जनहित में मील का पत्थर बताया। इस दौरान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सचिव अभिमन्यु साहू, संयुक्त सचिव संजय मेश्राम सहित सक्रिय सदस्य सीताराम साहू, ईश्वरी साहू, पोखराज साहू, हीराधर धीवर पंच वेदप्रकाश साहू, रमेश चंद्राकर, श्रीमती मीरा चंद्राकर, समाजसेवी अश्वनी चंद्राकर , पी के चंद्राकर, सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े ऐलान: ₹15 हजार सहायता से लेकर ई-बसों तक कई फैसले

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी। 

निर्माणाधीन स्कूल के पास चल रहा था चिट्टे का कारोबार, युवती गिरफ्तार

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 भिलाई। नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जामुल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत का चिट्टा (हेरोइन), नकदी और मोबाइल फोन बरामद किया है।


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान राजविंदर कौर (25 वर्ष) निवासी एलआईजी-312, हाउसिंग बोर्ड, भिलाई, थाना जामुल, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई

पुलिस को 8 जून को सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन बीएनएस स्कूल के पास एक महिला अवैध रूप से चिट्टा रखकर उसकी बिक्री कर रही है। सूचना मिलते ही जामुल थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।

बताए गए स्थान पर पुलिस ने संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। महिला आरक्षक की उपस्थिति में तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 49.8 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया।

नकदी और मोबाइल भी जब्त

तलाशी के दौरान पुलिस ने नशीले पदार्थ की बिक्री से प्राप्त 1,000 रुपये नकद और एक कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया। पुलिस के अनुसार बरामद चिट्टे की अनुमानित कीमत 9 लाख 96 हजार रुपये है। नकदी और मोबाइल सहित जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 9 लाख 97 हजार 300 रुपये आंकी गई है।

पहले भी हुई थी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि इससे पहले पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के एक अन्य मामले में करीब 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। उस मामले में आरोपी महिला रज्जो कौर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जंगली सुअर शिकार कांड में रिश्वतखोरी का आरोप, वायरल VIDEO से मचा हड़कंप

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई के बीच रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने से मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि शिकार के आरोपियों ने फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़ से दो लाख रुपये देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की।


जानकारी के अनुसार मामला पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट अंतर्गत करी गांव का है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों द्वारा जंगली सुअर का शिकार किए जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। बताया जाता है कि शिकार के बाद मांस पकाने की तैयारी चल रही थी, तभी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की।

वन विभाग ने दर्ज किया मामला

वन विभाग ने मौके से शिकार में उपयोग की गई सामग्री जब्त की और कई लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। हालांकि, कार्रवाई के बाद पूरे मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आने लगे हैं।

वायरल VIDEO में क्या है?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी ग्रामीणों के बीच बैठी दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कथित तौर पर कहती सुनाई दे रही हैं कि जंगली सुअर शिकार मामले में उन्हें लोगों की नाराजगी और आलोचना का सामना करना पड़ा।

वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को डेढ़ से दो लाख रुपये देकर बच निकले। वहीं, वीडियो में मौजूद कुछ ग्रामीण यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि इस राशि में उन्हें भी हिस्सा मिलेगा, इसलिए उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी।

वायरल वीडियो के बाद जांच के आदेश

वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। कोरबा के डीएफओ कुमार निशांत ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी पसान रेंजर मनीष सिंह को सौंपी गई है।

डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में वन्यजीवों के शिकार के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और वन्यजीवों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।

8 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट

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 नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है। भारतीय मौसम विभाग ने 9 जून को देश के 17 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 8 घंटों के दौरान कई राज्यों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।


मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक सहित कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

11-12 जून को सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

आईएमडी के अनुसार 11 और 12 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

मानसून ने पकड़ी रफ्तार

दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के कुछ और हिस्सों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के शेष क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी ने अगले सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 8 और 9 जून को केरल और कर्नाटक में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

इन राज्यों में आज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 9 जून के लिए केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

Kisaan school : किसान स्कूल बहेराडीह में जुटेंगे प्रदेशभर के किसान, 26 जून को होगा राज्य स्तरीय 'मशरूम महोत्सव'

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 जांजगीर-चाम्पा. बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल में शुक्रवार 26 जून को राज्य स्तरीय मशरूम ( पुटू ) महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वरिष्ठ पत्रकार स्व कुंजबिहारी साहू की जन्म जयंती अवसर पर आयोजित इस मशरूम महोत्सव में प्रदेशभर के किसान, क़ृषि विशेषज्ञ, मशरूम उत्पादक, युवा उद्यमी और क़ृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं छात्र-छात्राएं शामिल होंगे.


इस सम्बन्ध में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण विपणन और उद्यमिता को बढ़ावा देना है. साथ ही, किसानों, महिला एवं स्व सहायता समूहों, युवाओं और क़ृषि उद्यमियों को स्व रोजगार के नए अवसरों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.


मशरूम की प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र

किसान स्कूल टीम के डॉ. सुरेश देवांगन, रामाधार देवांगन ने बताया कि महोत्सव के दौरान विविध प्रकार की प्राकृतिक मशरूम, कृत्रिम मशरूम की प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी. इसके अलावा मशरूम उत्पादन, एवं उद्यमिता विषयक तकनीकी सत्र सफल उद्यमियों का अनुभव साझा कार्यक्रम तथा राज्य स्तरीय मशरूम प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीकों, बाजार की सम्भावनाओं और मशरूम आधारित व्यवसाय के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी.

'मशरूम मित्र सम्मान' से होंगे सम्मानित

महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले 'मशरूम प्रतियोगिता' में शामिल होने वाले मशरूम उत्पादकों को वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल टीम द्वारा 'मशरूम मित्र सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा. किसान स्कूल के सदस्यों ने बताया कि मशरूम उत्पादन, कम लागत में अधिक आमदनी देने वाला ब्यवसाय है.-आज के समय में यह खेती बेरोजगार युवाओं, युवतियों, बिहान से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए स्व रोजगार का प्रभावी माध्यम से लोगों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने के लिये प्रेरित किया जाएगा.

चार थीम पर आधारित है यह मशरूम महोत्सव

किसान स्कूल के संचालक एवं मशरूम के मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव ने बताया कि किसान स्कूल में 26 जून को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव, चार थीम को लेकर किया जा रहा है, जिसमें मशरूम उत्पादन समेत पोषण, रोजगार, और आत्मनिर्भरता की ओर एक सशक्त कदम रखी गई है, जो क़ृषि आधारित रोजगार और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का सन्देश देता है. यह मशरूम महोत्सव, छत्तीसगढ़ में पहली बार 'भाजी महोत्सव' की तर्ज पर किया जा रहा है.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी

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मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा 

रायपुर- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है। 

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा।

करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026: देशभर में स्वच्छता और जनजागरूकता की नई मिसाल, DBT के अभियान को मिली बड़ी सफलता

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नई दिल्ली- स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने 1 मई से 15 मई 2026 तक देशव्यापी स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का सफल आयोजन किया। इस दौरान नई दिल्ली स्थित विभागीय मुख्यालय के साथ-साथ सभी स्वायत्त संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया।

पखवाड़े की शुरुआत 1 मई को नई दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह से हुई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छ, स्वस्थ और जिम्मेदार भारत के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।

स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस

पंद्रह दिनों तक चले इस अभियान में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य जांच शिविर, पर्यावरण जागरूकता व्याख्यान, हस्ताक्षर अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान, तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं और विभिन्न सेमिनारों के माध्यम से लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अलावा "वेस्ट टू वेल्थ" प्रतियोगिता ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिसमें बेकार वस्तुओं को उपयोगी उत्पादों में बदलने की कला को बढ़ावा दिया गया। जूट बैग वितरण और लकड़ी के पैकिंग मटेरियल से आकर्षक गमले तैयार करने जैसी गतिविधियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

स्कूलों और समुदायों तक पहुंचा अभियान

स्वच्छता पखवाड़ा केवल संस्थानों तक सीमित नहीं रहा। आसपास के सरकारी स्कूलों में शौचालयों और कक्षाओं के नवीनीकरण का कार्य किया गया। विद्यार्थियों के बीच निबंध, कविता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।

साथ ही प्रयोगशाला अपशिष्ट प्रबंधन (Laboratory Waste Management) पर विशेष व्याख्यान आयोजित कर वैज्ञानिक संस्थानों में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा दिया गया।

जनभागीदारी और श्रमदान को मिला बढ़ावा

अभियान के दौरान जल संरक्षण, स्वच्छता और श्रमदान को बढ़ावा देने वाली कई गतिविधियां आयोजित की गईं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को मिला सम्मान

पखवाड़े के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार की गई। विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के आधार पर तीन संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुना गया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के विजेता संस्थान:

🥇 BRIC - National Institute of Animal Biotechnology (NIAB)

🥈 BRIC - National Agri-Food Biotechnology Institute (NABI)

🥉 BRIC - Institute of Bioresources and Sustainable Development (IBSD)

इन संस्थानों को 2 जून 2026 को आयोजित एक विशेष समारोह में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव द्वारा सम्मानित किया गया।

देश को दिया स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश

DBT के इस अभियान ने यह साबित किया कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से सफल होने वाला राष्ट्रीय आंदोलन है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह पखवाड़ा एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

मुख्य बिंदु:

✅ 1 से 15 मई तक चला स्वच्छता पखवाड़ा 2026
✅ देशभर के DBT संस्थानों में व्यापक आयोजन
✅ वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
✅ स्कूलों में स्वच्छता और शिक्षा सुधार की पहल
✅ वेस्ट टू वेल्थ और प्लास्टिक मुक्त भारत पर विशेष जोर
✅ NIAB, NABI और IBSD बने सर्वश्रेष्ठ संस्थान

वन्यजीव फोरेंसिक प्रशिक्षण सम्पन्न, हाथियों की मृत्यु की होगी वैज्ञानिक जांच

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


 
 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए 78 वन अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान तथा संरक्षण संबंधी प्रयासों को मजबूत बनाना था।

 
मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
         छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जैसे जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हाथियों की मृत्यु के वास्तविक कारणों की सटीक जानकारी मिलने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
 
हाथी की मृत्यु को माना जाएगा संभावित अपराध स्थल
          प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जंगल में मृत पाया गया हाथी केवल एक वन्यजीव मृत्यु का मामला नहीं, बल्कि संभावित अपराध स्थल भी हो सकता है। इसलिए घटनास्थल की सुरक्षा, साक्ष्य संग्रहण, विषप्रयोग, शिकार अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
 
फोरेंसिक जांच और नमूना संरक्षण की दी गई जानकारी
         विशेषज्ञों ने वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा मृत्यु जांच की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण में जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए सुरक्षित तरीके अपनाने की जानकारी भी दी गई। वन्यजीव अपराधों, विशेषकर हाथीदांत तस्करी से जुड़े मामलों में कानूनी साक्ष्य तैयार करने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाणों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।
 
फील्ड में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
        प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त एवं ऊतक नमूना संग्रहण, रोग एवं विष विज्ञान जांच तथा दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से जांच कार्य करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे अधिकारियों की तकनीकी क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी।
 
विशेषज्ञ संस्थानों ने साझा किया अनुभव
           कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान तथा वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी दी। अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक श्रीमती प्रियंका पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।
 
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
         प्रशिक्षण के माध्यम से सभी 78 प्रतिभागियों को हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मृत्यु जांच के लिए मानकीकृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इससे वन विभाग की फोरेंसिक जांच, रोग निगरानी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण और संरक्षण संबंधी क्षमता और मजबूत होगी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण के माध्यम से हाथियों सहित सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रदेश में हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण और बेहतर वन्यजीव प्रबंधन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

ASI के बेटे पर जानलेवा हमला, अपहरण और लूटकांड से दहला कोरबा

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 कोरबा। जिले में बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र अंतर्गत बुधवारी बाईपास से बलगी मार्ग पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बोलेरो सवार युवकों ने पहले एक युवक को वाहन से टक्कर मार दी और बाद में उसका पीछा करने वाले युवक का कथित तौर पर अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल युवक चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू जिला पुलिस बल में पदस्थ एएसआई रामनारायण रात्रे का पुत्र है। बताया जा रहा है कि बोलेरो सवारों ने रास्ता छोड़ने की बात को लेकर विवाद शुरू किया। इसी दौरान जब चंद्रमणि वाहन से उतरकर सड़क पर पहुंचा, तब बोलेरो चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।

पीछा करने पर युवक का किया अपहरण

घटना के बाद चंद्रमणि के साथी अरविंद राठौर और साहिल निर्मलकर स्कूटी से बोलेरो का पीछा करने लगे। आरोप है कि बलगी मार्ग पर बोलेरो सवार युवकों ने अरविंद राठौर को पकड़ लिया और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।

25-30 युवकों ने की बेरहमी से पिटाई

पीड़ित के अनुसार, उसे एक स्थान पर ले जाकर करीब 25 से 30 युवकों ने मिलकर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसे गंभीर रूप से घायल कर मृत समझकर वहीं छोड़ दिया।

नकदी और जेवर भी लूटे

मारपीट के दौरान आरोपियों ने अरविंद की जेब में रखी करीब एक लाख रुपये की नकदी, आईफोन, सोने की अंगूठी और गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

पुलिस ने दोनों घटनाओं में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने कुछ आरोपियों की पहचान कर ली है। जानलेवा हमले के मामले में एक आरोपी की पहचान नीरज साहू के रूप में हुई है, जो बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, नीरज साहू के खिलाफ पहले से भी बांकीमोंगरा थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल सभी आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

CG NEWS : सड़क निर्माण स्थल पर सो रहे मजदूरों पर हाथी का हमला, दो की मौत

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 मनेन्द्रगढ़। गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क निर्माण कार्य में लगे दो श्रमिकों की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


निर्माण स्थल के पास सो रहे थे श्रमिक

जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले देवसील गांव के आगे सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। कार्य में लगे श्रमिक रविवार रात काम खत्म होने के बाद भोजन कर निर्माण स्थल के पास ही आराम कर रहे थे। इसी दौरान एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और श्रमिकों पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने श्रमिकों को दौड़ाकर कुचल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य मजदूर किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे।

दो श्रमिकों की मौत

हादसे में 22 वर्षीय गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल अमर सिंह (35) को उपचार के लिए सोनहत अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।

ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा बढ़ाने की मांग

घटना के बाद देवसील और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।

फिलहाल वन अमला हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को सामने लाती है, जहां वन्यजीव संरक्षण और विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

AIIMS रायपुर में मानवता को सलाम, सुमना की किडनियों से दो मरीजों को मिला जीवनदान

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 रायपुर। कभी-कभी छोटी सी जिंदगी भी ऐसा संदेश दे जाती है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। राजधानी रायपुर की 12 वर्षीय सुमना कुंडू अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अपने निधन के बाद वह दो लोगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन गई। अंगदान के जरिए सुमना ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।


गंभीर बीमारी से जूझ रही सुमना पिछले नौ दिनों से रायपुर AIIMS में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस कठिन घड़ी में सुमना के परिजनों ने साहसिक और प्रेरणादायक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति प्रदान की।

दो मरीजों को मिला नया जीवन

सुमना की दोनों किडनियों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक किडनी 15 वर्षीय किशोर को और दूसरी 45 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई। सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।

AIIMS रायपुर के चिकित्सकों ने बताया कि सुमना का अंगदान दो परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अस्पताल प्रशासन ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

अंतिम विदाई में छलक पड़े भाव

अंगदान के इस महान कार्य के सम्मान में AIIMS रायपुर में सुमना कुंडू को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। भावुक माहौल में सभी ने सुमना और उसके परिवार के इस निर्णय को नमन किया।

अंगदान के प्रति बढ़ी जागरूकता

सुमना की कहानी अब लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक और प्रेरित कर रही है। चिकित्सकों का मानना है कि अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है।


सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है। योजना को मंजूरी मिलने पर कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद भुगतान किए बिना उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

ट्रांसफर नीति पर भी हो सकता है फैसला

कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित तबादला (ट्रांसफर) नीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से नई ट्रांसफर नीति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इस संबंध में लिया गया निर्णय लाखों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कई अन्य प्रस्तावों पर होगी चर्चा

बैठक में प्रशासनिक सुधार, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा के साथ कुछ नई घोषणाओं और नीतिगत फैसलों पर भी मुहर लग सकती है।

कर्मचारियों की नजरें बैठक पर टिकीं

राज्य के शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों की निगाहें इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं। विशेष रूप से कैशलेस चिकित्सा योजना और ट्रांसफर नीति को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता बनी हुई है।

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कैबिनेट बैठक में किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और कर्मचारियों तथा आम जनता से जुड़े कौन-कौन से बड़े फैसले सामने आते हैं।

शराब पीने से मना करने पर बहू ने ससुर पर किया हमला, बुजुर्ग घायल

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 दुर्ग। स्मृतिनगर पुलिस चौकी क्षेत्र में पारिवारिक विवाद का एक मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से शराब पीने से मना करने पर एक महिला ने अपने ससुर पर हमला कर दिया। घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात की बताई जा रही है। आरोप है कि महिला नशे की हालत में थी। इसी दौरान उसके ससुर ने उसे शराब पीने से मना किया, जिससे वह नाराज हो गई।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने पास में रखी ईंट उठाकर अपने ससुर पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला ने बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ लोगों के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल बुजुर्ग को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

स्मृतिनगर पुलिस चौकी की टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें - उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पण


रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।

साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

विधायक चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य यामिनी देवी साहू, लोक गायिका आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

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