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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक जीतने वाले झंडू कुमार का सम्मान, केंद्रीय मंत्री ने दिए ₹10 लाख

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नई दिल्ली- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को अपने आवास पर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने झंडू कुमार को ₹10 लाख की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की।

बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट श्रेणी में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत का खाता खोला।

सम्मान समारोह के बाद झंडू कुमार ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री से मिलना उनके लिए बेहद गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि खेलों में उपलब्धि के लिए उन्हें इस तरह सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मंडाविया ने उनसे स्कॉटलैंड में प्रतियोगिता के अनुभवों के बारे में विस्तार से बातचीत की, जो उनके लिए यादगार पल रहा।

झंडू कुमार का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक रहा है। खेलों में पहचान बनाने से पहले वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। वर्ष 2023 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के मुख्य कोच राजेंद्र राहेलू ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर में प्रशिक्षण का अवसर दिया।

झंडू कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

इससे पहले झंडू कुमार खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 में रजत पदक और 2025 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 18 से 24 अक्टूबर 2026 के बीच जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है।

झंडू कुमार ने कहा कि देश के नेतृत्व से मिलने वाला समर्थन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह एशियन पैरा गेम्स में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का पूरा प्रयास करेंगे।


महाराष्ट्र को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की दूसरी किस्त मिलेगी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की समीक्षा बैठक

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नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत जारी धनराशि के उपयोग की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में महाराष्ट्र सरकार को योजना की दूसरी किस्त (Second Installment) जारी करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में महाराष्ट्र को ₹335 करोड़ की राशि जारी की थी। राज्य सरकार ने इस राशि में से लगभग ₹260 करोड़ का उपयोग कर लिया है, जो निर्धारित 75 प्रतिशत उपयोग के मानक से अधिक है। इसके आधार पर महाराष्ट्र दूसरी किस्त प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि ₹335 करोड़ की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि तय समय के भीतर 75 प्रतिशत से अधिक धनराशि का प्रभावी उपयोग राज्य की कृषि विकास योजनाओं के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी धन का समय पर खर्च होने के साथ-साथ उसकी निरंतर निगरानी भी आवश्यक है, ताकि राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में महाराष्ट्र के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को करीब ₹14,000 करोड़ की सहायता राशि मात्र पांच दिनों में सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करने की राज्य सरकार की पहल की प्रशंसा की।

बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। वहीं डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), बीज, तिलहन तथा एग्रोफॉरेस्ट्री जैसे क्षेत्रों में खर्च की गति बढ़ाने और लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों द्वारा सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक और गैर-केसीसी दोनों प्रकार के किसान योजना का लाभ लेने के पात्र हैं, लेकिन आवेदन के दौरान किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर प्रस्तावित घोषणा का उद्देश्य केवल पारदर्शिता और सही जानकारी सुनिश्चित करना है, न कि किसी पात्र किसान को योजना से वंचित करना।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्य घटकों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

लद्दाख में पहली बार शुरू हुआ योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स, समग्र स्वास्थ्य को मिलेगा बढ़ावा

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लेह- राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान (NISR), लेह में तीन माह (400 घंटे) का योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), नई दिल्ली और राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान, लेह के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री योग पुरस्कार से सम्मानित एवं महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) के संस्थापक अध्यक्ष वेन. भिक्षु संघसेना ने किया। इस अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के आयुष, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. ताशी थिनलास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान, लेह के निदेशक डॉ. पद्मा गुरमेट ने की।

डॉ. पद्मा गुरमेट ने प्रतिभागियों को लद्दाख के पहले योग वेलनेस सर्टिफिकेट कोर्स का हिस्सा बनने पर बधाई देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को योग के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों पहलुओं में दक्ष बनाएगा। उन्होंने लद्दाख में योग एवं ध्यान को बढ़ावा देने के लिए वेन. भिक्षु संघसेना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों और वेलनेस पद्धतियों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य अतिथि डॉ. ताशी थिनलास ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा, पारंपरिक चिकित्सा और योग के समन्वय से समग्र स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवनशैली सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने लद्दाख में योग विशेषज्ञों की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में योग को व्यापक रूप से शामिल करने की योजना की जानकारी दी।

वेन. भिक्षु संघसेना ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को समर्पण और ईमानदारी के साथ अपनाने का आह्वान किया तथा ध्यान (Meditation) को योग का अभिन्न हिस्सा बताते हुए महाबोधि मेडिटेशन सेंटर आने का निमंत्रण भी दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कोर्स समन्वयक गोपाल शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। अंत में डोलमा त्सेरिंग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसी के साथ तीन माह के योग वेलनेस इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

यह पहल लद्दाख में योग शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को दी शुभकामनाएं, साहस और राष्ट्रसेवा की सराहना की

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर देश की सेवा में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता करने तक, सीआरपीएफ के जवानों ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके समर्पण और सेवा भावना ने देशवासियों का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से नक्सलवाद (माओवाद) के खिलाफ सीआरपीएफ की निर्णायक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों के साहस, समर्पण और निरंतर अभियानों के कारण प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर अपने संदेश में कहा कि सीआरपीएफ ने हर कठिन परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अद्वितीय साहस का परिचय दिया है। उन्होंने बल के सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित सेवा की कामना करते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया।

सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, जो आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सल विरोधी अभियानों, चुनावी सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाता है।


जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 की तैयारी बैठक आयोजित, मानव और प्रकृति केंद्रित वैश्विक परिवर्तन पर जोर

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महासमुंद- जीवन विद्या अध्ययन आधारित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों के स्वागत, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय शिक्षा और वैश्विक मानव निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही (महासमुंद) के संचालक एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने कहा कि जीवन विद्या का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि सर्व शुभ और सर्व मंगल के लिए समर्पित मानव का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन मानव और प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन तथा मानवीय मूल्यों की स्थापना पर आधारित है।

उन्होंने मानव मैत्री समिति बोडरा (धमतरी) के टोमन साहू के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सुझाव दिया कि सम्मेलन में आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को कॉपी, पेन, बैग, थाली और गिलास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भोजन और पेयजल के लिए इन्हीं का उपयोग करें। इससे प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 5 से 6 डिस्पोजेबल कप एवं प्लेटों के उपयोग से होने वाले प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

कोकड़िया ने सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सरकार एवं भारत सरकार के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या आधारित चेतना विकास मूल्य शिक्षा, कार्यशालाओं, पुस्तकों और शिविरों के माध्यम से इस विचारधारा को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर मानवीय मूल्यों से युक्त समाज का निर्माण हो सके।

अंतरराष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर ने सम्मेलन की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का निर्णय इसलिए लिया, ताकि समाधान, समृद्धि और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन शैली को समाज तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने अभ्युदय संस्थान, अछोटी (दुर्ग) के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में सरदार मंजीत सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए "सबके साथ, सबका विकास" की भावना को आगे बढ़ाने पर बल दिया। वहीं महावीर अग्रवाल ने उत्पादन कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित करने का सुझाव दिया, जिससे आत्मनिर्भरता और शुद्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

चंद्रशेखर राठौड़ ने अभ्युदय संस्थान अछोटी के इतिहास, उद्देश्यों और वर्षभर किए गए जनहित कार्यों की जानकारी दी। अनिता शाह ने अभिभावक विद्यालय, चेतना विकास मूल्य शिक्षा, संस्कार और उत्सव की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बच्चों में संस्कारों के बीजारोपण की आवश्यकता बताई।

अंकित पोगुला ने सामाजिक परिवर्तन के लिए जीवन विद्या और मानवीय मूल्यों की शिक्षा को देश की अनिवार्य शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की मांग की। वहीं मीना अंजनी अग्रवाल ने जीवन विद्या अध्ययन से समाज में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर विशेष मंचीय कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 की तैयारियों को लेकर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, देशभर तथा विदेशों में संचालित जीवन विद्या अध्ययन केंद्रों में भी तैयारियां तेज की जाएंगी।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा ही सामाजिक नैतिकता को मजबूत कर सकती है। यदि शिक्षा का मानवीकरण नहीं हुआ, तो समाज में अपराध, हिंसा और युद्ध जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती रहेंगी। इसलिए जीवन विद्या के माध्यम से मानव, समाज और प्रकृति के बीच संतुलित एवं शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी: लगातार मानसिक प्रताड़ना और शादी का दबाव आत्महत्या के लिए उकसाने के समान हो सकता है

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाए और उस पर लगातार शादी करने का दबाव बनाया जाए, तो ऐसी परिस्थितियां आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) के दायरे में आ सकती हैं।

अदालत ने अपने अवलोकन में कहा कि किसी व्यक्ति पर लगातार मानसिक दबाव, उत्पीड़न और भावनात्मक प्रताड़ना उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यदि इस तरह की परिस्थितियां किसी व्यक्ति को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर करती हैं, तो मामले के तथ्यों के आधार पर इसे आत्महत्या के लिए उकसाने के रूप में देखा जा सकता है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक घटना के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाना आवश्यक है। अदालत की यह टिप्पणी मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक दबाव से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी दृष्टिकोण के रूप में देखी जा रही है।

इस फैसले ने यह संदेश भी दिया है कि किसी भी व्यक्ति पर लगातार मानसिक दबाव या अनावश्यक सामाजिक एवं वैवाहिक दबाव बनाना गंभीर कानूनी परिणामों का कारण बन सकता है।

रायपुर में छात्रों का आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का दूसरा चरण शुरू

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्र बड़ी संख्या में अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने तथा अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित कई गंभीर समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है, जबकि सरकार की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।

केशव चंद्र ने खान मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला

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नई दिल्ली- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1995 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी केशव चंद्र ने आज भारत सरकार के खान मंत्रालय (Ministry of Mines) के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया।

पदभार संभालने के तुरंत बाद सचिव ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं एवं चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन्हें खनिज अन्वेषण (Mineral Exploration), खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं संचालन, महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज (Critical & Strategic Minerals) तथा खनन एवं खनिज क्षेत्र से जुड़ी अन्य प्रमुख पहलों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर सचिव, खान ने भारत के खनिज क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती औद्योगिक और आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में खनिज क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है।

सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के विकास, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को मजबूत करना है।

भारत का स्वर्णिम गौरव: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास

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भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। उन्होंने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनके करियर का लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक है।

मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपना दबदबा कायम रखा, बल्कि एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद भावुक मीराबाई ने कहा कि इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और उनके परिवार व कोच का अमूल्य योगदान है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वजन सीमा बनाए रखने के लिए उन्हें कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर से मीराबाई चानू को बधाइयाँ मिल रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने करोड़ों भारतीयों को गर्व का अवसर दिया है और युवा खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।

मुख्य बातें:

  • 🥇 मीराबाई चानू ने जीता लगातार तीसरा Commonwealth Games स्वर्ण।

  • 🏋️ महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में हासिल की जीत।

  • भारत के लिए 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक।

  • 🌟 देशभर में खुशी की लहर, मीराबाई की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाइयों का दौर।

CG NEWS : संस्कृति सहेजने और कर्ज से बचाने बैगा समाज का बड़ा फैसला: शादियों में डीजे और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

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 कबीरधाम : विशेष संरक्षित जनजाति और 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' माने जाने वाले बैगा समाज ने अपनी पारंपरिक संस्कृति को बचाने, फिजूलखर्ची रोकने तथा गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से उबारने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। समाज ने शादी-ब्याह, छठी और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाने और शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है।


कबीरधाम जिले के ग्राम हरमों में आयोजित बैगा समाज (सेक्टर भोरमदेव) की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में सामाजिक पदाधिकारियों ने कहा कि डीजे और बढ़ते दिखावे के कारण गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। कई परिवारों को शादी निपटाने के लिए कर्ज लेना पड़ता था, जिससे आगे चलकर जमीन बिकने और पारिवारिक विवाद जैसी गंभीर स्थितियां पैदा होती थीं।

डीजे की जगह गूंजेगी मांदर और नगाड़े की थाप

समाज ने आधुनिक डीजे संस्कृति को नकारते हुए अपनी पारंपरिक संस्कृति की ओर लौटने का संकल्प लिया है। अब किसी भी मांगलिक या सामाजिक आयोजन में डीजे नहीं बजेगा। इसके स्थान पर बैगा समाज की पारंपरिक पहचान रहे मांदर और नगाड़ा की धुनों को फिर से बढ़ावा दिया जाएगा।

दशगात्र (मृत्यु संस्कार) के लिए सामूहिक सहयोग की नई व्यवस्था

बैगा समाज ने आपसी एकजुटता और शोकाकुल परिवार को संबल देने के लिए दशगात्र संस्कार के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत सेक्टर के किसी भी गांव में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर:

  • प्रत्येक घर से 20 रुपये नकद और
  • एक पैली (लगभग 4 से 5 किलोग्राम) चावल सहयोग स्वरूप अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।

नशामुक्ति की ओर कदम

सामाजिक वातावरण को सुधारने और आर्थिक तंगी से निपटने के लिए किसी भी आयोजन में शराब परोसने पर रोक लगा दी गई है। पदाधिकारियों का मानना है कि नशाखोरी के कारण न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बदहाल होती है, बल्कि समाज का माहौल भी खराब होता है।

एक नज़र में: बैगा जनजाति

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के जंगलों में सर्वाधिक निवास करने वाली बैगा जनजाति को 'राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र' का दर्जा प्राप्त है। जिले में इनकी कुल जनसंख्या लगभग 60 हजार के आसपास है।

CGPSC भर्ती घोटाला: CBI के बाद ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से शुरू हुई जांच

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और गहराती जा रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध रकम के इस्तेमाल की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।


500 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है भ्रष्टाचार

जांच का मुख्य केंद्र CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उनके कार्यकाल में आयोजित भर्ती प्रक्रियाएं हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्रतिष्ठित सरकारी पदों पर चयन के बदले अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर इस कथित भ्रष्टाचार का दायरा 500 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

CSR और संस्थाओं के जरिए 'व्हाइट' करने की कोशिश

CBI की जांच में मिले वित्तीय दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड्स के आधार पर 47 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन तथा लगभग 1.30 करोड़ रुपये की कथित वसूली के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को संदेह है कि नकद लेन-देन के अलावा सामाजिक संस्थाओं और CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड का सहारा लेकर इस रकम को वैध (व्हाइट) दिखाने का प्रयास किया गया।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि एक निजी पावर प्लांट से जुड़े कारोबारी परिवार के दो सदस्यों के चयन के बदले एक संस्था के खाते में 47 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। एजेंसियां अब उस संस्था के संचालन, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और CSR के नाम पर दिखाई गई शैक्षणिक संस्था के वास्तविक अस्तित्व की जांच कर रही हैं।

फरार कोचिंग संचालक की तलाश तेज

इस पूरे मामले में एक प्रमुख कोचिंग संचालक की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उस पर मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन की गारंटी देने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। नाम सामने आने के बाद से ही आरोपी फरार है। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस व एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

आकाशीय बिजली का कहर: मासूम समेत 3 की मौत, 6 झुलसे

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 शहडोल : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही हुई। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में घटी इन घटनाओं में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।


खेत में रोपाई के दौरान हादसा

पहली घटना झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक की है, जहाँ खेत में धान की रोपाई कर रहे ग्रामीणों पर अचानक कड़कड़ाती बिजली गिर गई। हादसे में 28 वर्षीय किशन और उनकी पत्नी राकेश गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अनुपस्थित थे, जिसके बाद घायलों को जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया। इलाज के दौरान किशन ने दम तोड़ दिया।

मौके पर ही तोड़ा दम

दूसरी घटना दरशिला चौकी के छुटकी टोला की है, जहाँ खेत में काम कर रहे 45 वर्षीय सुंदर पाव पर गाज गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ग्राम मुसरा में घर के बाहर खड़े 11 वर्षीय मासूम धर्मेंद्र सिंह (पिता प्रेमलाल सिंह) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। धर्मेंद्र को बचाने दौड़ीं उनकी भाभी भी झुलस गईं।

इसके अतिरिक्त रेकोवा गांव में भी खेत में काम कर रहे दो अन्य लोग बिजली की चपेट में आकर घायल हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर है।

प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तेज गरज-चमक की संभावना व्यक्त करते हुए किसानों व ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। बारिश व कड़क के दौरान खुले खेतों में काम न करने तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।

छत्तीसगढ़ में शर्मसार करने वाली करतूत: मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने गए छात्र से डॉक्टर ने की अश्लील हरकत, गिरफ्तार

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 दुर्ग । मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे 10वीं कक्षा के एक छात्र से अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र की शिकायत पर पद्मनाभपुर पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने डॉक्टर द्वारा संचालित एडॉप्शन सेंटर की जांच और उसका पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


जांच के दौरान की अभद्र हरकत

जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार (24 जुलाई) दोपहर की है। 10वीं का छात्र अपने दोस्त का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने बोरसी स्थित एडॉप्शन सेंटर पहुंचा था। आरोप है कि जांच के दौरान सेंटर के संचालक डॉक्टर सुधीर हिसीकर ने छात्र के साथ अश्लील हरकत की।

घटना के बाद छात्र ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई। परिजन तुरंत पद्मनाभपुर थाना पहुंचे और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया

शिकायत मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। शनिवार (25 जुलाई) को आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और उसने आयुर्वेदिक चिकित्सा (BAMS) की डिग्री ली है। उसकी पत्नी भी डॉक्टर हैं और ग्राम अंडा में संविदा पद पर कार्यरत हैं। दोनों मिलकर इस सेंटर का संचालन करते हैं।

एडॉप्शन सेंटर की जांच के निर्देश, निरस्त हो सकता है पंजीयन

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग को 'सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर' की कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच करने और पंजीयन रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह राज्य के प्रमुख गोद लेने वाले केंद्रों में से एक है, जहां से अब तक 12 से अधिक बच्चों को देश और विदेश (जैसे अमेरिका, यूरोप आदि) के परिवारों को गोद दिया जा चुका है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सेंटर का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रहा था या नहीं।

उफनते नाले में बही कार, चालक लापता: सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर हादसा

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 सारंगढ़-बिलाईगढ़ | जिले के माधोपली क्षेत्र में तेज बारिश के बीच उफनते नाले को पार करने का जोखिम एक कार सवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। सारंगढ़-बरमकेला मुख्य मार्ग पर स्थित माधोपली के पास एक कार पानी के प्रचंड बहाव में बह गई। हादसे के बाद से कार चालक लापता बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, देर शाम अंधेरा होने और पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। सुबह से दोबारा बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया जाएगा।


तेज बहाव में अनियंत्रित होकर बही कार

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी दौरान एक कार चालक ने उफनते नाले को पार करने की कोशिश की। नाले पर पानी का दबाव इतना अधिक था कि कार अचानक अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते तेज धार में बह गई। इस दृश्य को देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।

अंधेरा बना रेस्क्यू में बाधा

घटना की खबर मिलते ही पुलिस टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नाले और आसपास के इलाकों में काफी देर तक खोजबीन की। लेकिन जलस्तर ज्यादा होने और शाम ढलते ही अंधेरा छा जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से रेस्क्यू ऑपरेशन को स्थगित करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार में कितने लोग सवार थे और लापता व्यक्ति की सटीक पहचान क्या है, इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रशासन की अपील के बावजूद लापरवाही

बारिश के दिनों में जिले के कई पुल-पुलिया जलमग्न हो जाते हैं। प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से उफनते नदी-नालों को पार न करने की अपील की जा रही है, फिर भी जल्दबाजी में लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।

ट्रंप के फैसले से कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट, Brent और WTI क्रूड 6% तक टूटे

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 अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर अस्थायी विराम लगने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी राहत देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमलों को फिलहाल रोकने के फैसले के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 6 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।


इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाड़ी देशों का मानक 'ब्रेंट क्रूड' (Brent Crude) गिरकर $91.42 प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी क्रूड 'डब्ल्यूटीआई' (WTI) $84.15 प्रति बैरल की रेंज में कारोबार करता दिखाई दिया।

कूटनीतिक रास्ते तलाशने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक समाधान को एक मौका देने के लिए आगे की सैन्य कार्रवाइयों पर रोक लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ (Mike Waltz) ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि बातचीत का माहौल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे वैश्विक बाजारों में उम्मीद जगी है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष कम हो सकता है और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक शिपिंग फिर से सामान्य हो सकेगी।

सोमवार को बाजार खुलते ही:

  • अमेरिकी क्रूड (WTI): $5.16 (5.78%) की गिरावट के साथ $84.15 प्रति बैरल पर पहुंचा।
  • ब्रेंट क्रूड (Brent): $5.36 (5.54%) टूटकर $91.42 प्रति बैरल पर आ गया।

फाइनेंशियल एनालिस्ट्स के मुताबिक, 14-सूत्रीय समझौते (MOU) पर बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा स्थिति स्पष्ट होने से बाजारों को स्थिरता मिलेगी। हालाँकि, शिपिंग डेटा (Kpler) के अनुसार कंपनियां अभी भी पूरी सुरक्षा का आश्वासन मिलने तक सतर्क रुख अपना रही हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही में सुधार धीमा रहने की संभावना है।

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