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शादी से पहले मातम! कन्या विवाह योजना की बस खाई में गिरी- 54 जोड़े घायल

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 मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले से एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे दर्जनों जोड़ों के साथ बड़ा सड़क हादसा हो गया। जनकपुर से रतनपुर जा रही एक यात्री बस पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर रेलवे स्टेशन के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में बस में सवार 54 जोड़े घायल हो गए।


तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्गा बस की रफ्तार काफी तेज थी। नागपुर के पास चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क से फिसलकर खाईनुमा गड्ढे में जा घुसी। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

चालक-कंडक्टर मौके से फरार

हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाला दृश्य सामने आया। बस का चालक और कंडक्टर घायलों को तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए। बस में सवार कई लोग दर्द से कराहते रहे, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शादी की रस्मों से पहले अस्पताल पहुंचे जोड़े

हादसे में सभी यात्रियों को चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां कुछ जोड़ों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शादी की खुशियों के साथ निकले नवविवाहित जोड़ों को रस्मों की जगह अस्पताल के बेड पर इलाज कराना पड़ा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकारी योजना के तहत आयोजित इतने बड़े आयोजन के लिए बस की तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस इतनी तेज क्यों चलाई जा रही थी, इसकी जांच की मांग उठने लगी है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना पुलिस और नागपुर चौकी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की हर पंचायत में हाई-स्पीड इंटरनेट— केंद्र से ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रस्ताव

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की भारत नेट योजना के तीसरे चरण (फेज-थ्री) के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र को करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। साथ ही प्रदेश में 5,000 नए मोबाइल टावर स्थापित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है।


11,693 ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ

त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में कुल 11,693 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2024-25 की स्थिति में भारत नेट परियोजना के पहले और दूसरे चरण के तहत प्रदेश की 9,804 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। नेटवर्क के रखरखाव और संचालन के लिए 66 करोड़ रुपये की पूल निधि के गठन का भी प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में वाई-फाई हॉटस्पॉट

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने के लिए वाई-फाई हॉटस्पॉट (हाट-स्पॉट) स्थापित किए जाएंगे।
प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएम-वाणी परियोजना के अंतर्गत 37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग किए जा रहे ई-एसेट्स, मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स की साइबर सुरक्षा जांच और सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी की जाएगी।

बस्तर के 735 गांव अब भी नेटवर्क से दूर

बस्तर संभाग में माओवाद प्रभावित (LWE) क्षेत्रों में कुल 3,791 स्थान चिन्हित हैं, जिनमें से 3,056 क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है। हालांकि 735 गांव अब भी नेटवर्क से वंचित हैं।
इन इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए 481 नए मोबाइल टावरों की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिन्हें स्वीकृति मिल चुकी है।
केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है और योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक सभी स्वीकृत मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में टावर स्थलों का सर्वे कार्य प्रगति पर है। इन टावरों की स्थापना और संचालन का कार्य बीएसएनएल द्वारा किया जा सकता है।

फेज-टू की कंपनी से कानूनी विवाद

जानकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चिप्स और टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बीच करीब 3,056 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था, जिसका उद्देश्य 6,000 गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना था।
हालांकि जमीनी स्तर पर काम नहीं होने के कारण मई 2025 में अनुबंध समाप्त कर दिया गया। कंपनी ने खुदाई में आने वाली बाधाओं और प्रशासनिक दिक्कतों को इसका कारण बताया। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिससे फेज-टू का काम प्रभावित हुआ।

अधिकारियों का बयान

अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा कि
“राज्य सरकार हर गांव तक मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। भारत नेट योजना के तीसरे चरण में सभी ग्राम पंचायतों को कवर करने का लक्ष्य है। इसके लिए केंद्र सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है।”

मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा: देश में 7 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित, ₹183.46 करोड़ जारी

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नई दिल्ली- फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देश के सात NIPER संस्थानों में सात उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence – CoEs) स्थापित किए हैं। ये केंद्र PRIP योजना (Promotion of Research & Innovation in MedTech Sector) के तहत स्थापित किए गए हैं।

31 जनवरी 2026 तक इन केंद्रों की स्थापना के लिए कुल ₹183.46 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।

सरकार को उद्योग, स्टार्ट-अप और MSME सेक्टर से कुल 710 शोध परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें कई परियोजनाएं प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से जुड़ी हैं, जिन्हें PRIP योजना के तहत अधिक वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना गया है।

योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने से पहले परियोजनाओं का बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से परीक्षण किया जाता है। इसके बाद पात्र परियोजनाओं को पूर्ण या उच्च वित्तीय सहायता मंजूर की जाती है।

यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।


BIOFACH 2026 में भारत बना “कंट्री ऑफ द ईयर”, ऑर्गेनिक कृषि क्षेत्र को मिली वैश्विक पहचान

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न्यूरेम्बर्ग, जर्मनी- भारत को दुनिया के सबसे बड़े ऑर्गेनिक उत्पाद व्यापार मेले BIOFACH 2026 में “कंट्री ऑफ द ईयर” घोषित किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 10 से 13 फरवरी 2026 तक जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में आयोजित की जा रही है।

भारत की भागीदारी का आयोजन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में भारत अपनी समृद्ध कृषि विरासत और वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति प्रदर्शित करेगा।

BIOFACH जर्मनी विश्व का सबसे बड़ा और प्रभावशाली ऑर्गेनिक खाद्य और कृषि प्रदर्शनी मंच है। APEDA पिछले एक दशक से इस आयोजन में लगातार भाग ले रहा है और भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता रहा है।

BIOFACH 2026 में भारत की भागीदारी पिछले वर्षों की तुलना में काफी बड़े स्तर पर हो रही है, जो भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों के बढ़ते निर्यात, वैश्विक मांग और निर्यातकों तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। 14 वर्षों के बाद एक बार फिर भारत का ऑर्गेनिक कृषि क्षेत्र इस मंच पर केंद्र में रहेगा।

इंडिया कंट्री पवेलियन की खासियत

APEDA द्वारा स्थापित इंडिया कंट्री पवेलियन 1,074 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें 67 सह-प्रदर्शक भाग लेंगे। इनमें ऑर्गेनिक उत्पाद निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन, सहकारी संस्थाएं, ऑर्गेनिक लैब, राज्य सरकारी संस्थाएं और कमोडिटी बोर्ड शामिल हैं।

पवेलियन में चावल, तिलहन, जड़ी-बूटियां, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम प्यूरी और आवश्यक तेल जैसे कई ऑर्गेनिक उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जिनमें असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं।

भारतीय स्वाद और GI टैग चावल की प्रस्तुति

इंडिया पवेलियन में आगंतुकों को भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों का स्वाद चखाया जाएगा। ऑर्गेनिक बासमती चावल और मसालों से बनी खुशबूदार बिरयानी का लाइव टेस्टिंग भी आयोजित होगी। इसके अलावा इंड्रायणी चावल, नवारा चावल, गोबिंदभोग चावल, रेड राइस और चक-हाओ (ब्लैक राइस) जैसे GI टैग प्राप्त चावल भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

वैश्विक ऑर्गेनिक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति

BIOFACH 2026 में कंट्री ऑफ द ईयर बनने से वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक कृषि में भारत की अग्रणी भूमिका और मजबूत हुई है। APEDA भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और भारत को दुनिया का ऑर्गेनिक फूड बास्केट बनाने के लिए लगातार सहयोग कर रहा है।


मां-बेटे की जोड़ी निकली चोर! सूने घर से लाखों की चोरी का पर्दाफाश, पढ़े पूरी खबर

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 कोरबा। जिले में सूने मकान में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए मां–बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के चोरी किए गए आभूषण बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब ₹11.11 लाख बताई जा रही है।


पुलिस के अनुसार, 6–7 फरवरी की दरम्यानी रात मानीकपुर थाना क्षेत्र में एक सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने जेवरात और नगदी पर हाथ साफ किया था। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से खुलासा

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद संजय वैष्णव उर्फ गोलू और उसकी मां लव कुमारी वैष्णव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां दोनों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।

फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखे थे आभूषण

पूछताछ में सामने आया कि चोरी किए गए आभूषणों को आरोपियों ने मधुर फाइनेंस में गिरवी रख दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहां से सभी आभूषण बरामद कर लिए।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

पुलिस ने बरामद सामान जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

“डिजिटल फ्रॉड = खुली डकैती! सुप्रीम कोर्ट भड़का, कहा - बैंक अब देश पर ‘बोझ’ बनते जा रहे हैं”

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 नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश में बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी पर कड़ा रुख अपनाते हुए करीब 54 हजार करोड़ रुपये के गबन को “पूरी तरह लूट और डकैती” करार दिया है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बैंक अब अपराधियों के लिए एक तरह से मंच बनते जा रहे हैं और अपनी मूल जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहे हैं।


सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह RBI, बैंकों और दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ समन्वय कर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे, जिससे डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

बैंकों की जिम्मेदारी तय

पीठ ने स्पष्ट कहा कि बैंक खातों में यदि असामान्य और बड़े लेनदेन होते हैं, तो बैंक की जिम्मेदारी बनती है कि वह तुरंत सतर्कता बरते।
कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई पेंशनभोगी, जो आमतौर पर 10–20 हजार रुपये निकालता है, अचानक लाखों रुपये की निकासी करता है, तो बैंक को तत्काल अलर्ट जारी करना चाहिए।

कई राज्यों के बजट से ज्यादा रकम

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के जरिए की गई हेराफेरी की राशि कई छोटे राज्यों के सालाना बजट से भी अधिक है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह के अपराध बैंक अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकते।

CBI को अहम निर्देश

कोर्ट ने सीबीआई को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” मामलों की पहचान कर एकीकृत जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही गुजरात और दिल्ली सरकारों को इन मामलों में आवश्यक स्वीकृति देने का आदेश दिया गया।
अदालत ने डिजिटल अरेस्ट के पीड़ितों को मुआवजा देने में उदार दृष्टिकोण अपनाने की भी बात कही।

SOP और AI तकनीक पर जोर

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने बताया कि RBI ने बैंकों के लिए SOP का मसौदा तैयार किया है, जिसमें संदिग्ध खातों पर अस्थायी डेबिट होल्ड जैसी व्यवस्था शामिल है।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता एन.एस. नप्पिनई ने कहा कि संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति बागची ने बताया कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी के जरिए 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी हो चुकी है।
CJI सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा,
“ये बैंक अब बोझ बनते जा रहे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि वे धन के रखवाले हैं, न कि अपराधियों के सहायक।”

उन्होंने यह भी कहा कि बैंक धोखेबाजों को ऋण दे देते हैं और बाद में NCLT या NCLAT जैसी प्रक्रियाओं में उलझकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं।

डिजिटल अरेस्ट क्या है?

डिजिटल अरेस्ट एक साइबर अपराध है, जिसमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर ऑडियो या वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस तरह के मामलों में AI तकनीक से संदिग्ध खातों को फ्रीज़ करने के निर्देश दे चुका है।

बस्तर पंडुम उत्सव पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी छत्तीसगढ़वासियों को बधाई

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रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 7 से 9 फरवरी तक आयोजित हुए “बस्तर पंडुम” उत्सव के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इस विशेष आयोजन में बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत को भव्य रूप से प्रदर्शित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस प्रयास से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले बस्तर का नाम सुनते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की तस्वीर सामने आती थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनकी यही कामना है कि बस्तर का भविष्य शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से भरा हो।




आज रायपुर में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह, CM साय देंगे आशीर्वाद

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रदेशभर के 6,412 से अधिक जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री साय नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का भी शुभारंभ करेंगे। अभियान के प्रथम चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को कवर किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से की जाएगी, जिसमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं सुकमा जिले शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में

  • हिंदू रीति से 6,281 जोड़े
  • मुस्लिम रीति से 3 जोड़े
  • ईसाई रीति से 113 जोड़े
  • बौद्ध रीति से 5 जोड़े

बैगा समुदाय के 10 जोड़े
विवाह बंधन में बंधेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ में मौसम का डबल अटैक! अंबिकापुर सबसे ठंडा, दुर्ग सबसे गर्म- 3 दिन में बढ़ेगा पारा

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार करवट बदल रहा है। दिन में तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड का असर अब भी बरकरार है। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेशवासियों को अलर्ट करते हुए अगले तीन दिनों में तापमान बढ़ने की चेतावनी जारी की है।


मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में आगामी 72 घंटों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो प्रदेश में दुर्ग सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान पूरे राज्य में बारिश शून्य रही।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रदेश में कोई भी सक्रिय सिनॉप्टिक सिस्टम मौजूद नहीं है। हालांकि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना बनी हुई है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

ठंड का असर बच्चों पर भारी

लगातार बदलते मौसम का सीधा असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में तेजी से गर्मी खोता है, जिससे उन्हें ठंड का ज्यादा खतरा रहता है। खासकर नवजात शिशु और सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे बच्चों में हाइपोथर्मिया का जोखिम अधिक होता है।

हाइपोथर्मिया बना खतरे की घंटी

हाइपोथर्मिया एक गंभीर आपात स्थिति है, जिसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37°C) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरते ही शरीर के महत्वपूर्ण अंग सामान्य रूप से काम करना बंद कर सकते हैं।

पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 प्रतिशत गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकल जाती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ठंडे पानी के संपर्क में रहता है तो शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी

मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अचानक तापमान बदलने से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि ठंड के समय अनावश्यक यात्रा से बचें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।

स्पा नहीं, जिस्मफरोशी का अड्डा! होटल में पुलिस का छापा, संचालक-मैनेजर गिरफ्तार

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 रायगढ़। जिले में अवैध देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर के होटल ट्रिनिटी की सातवीं मंजिल पर संचालित सनराइज स्पा एंड सैलून में छापा मारकर पुलिस ने देह व्यापार का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर संचालक और होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस को सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।

योजना के तहत एक पुलिस कर्मचारी को ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर भेजा गया। तय संकेत मिलने के बाद शाम करीब 7:30 बजे पुलिस टीम ने होटल ट्रिनिटी में दबिश दी। छापेमारी के दौरान होटल के तीन अलग-अलग कमरों से तीन महिलाएं मिलीं। महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कमरों की तलाशी ली गई, जहां से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।

पूछताछ में स्पा सेंटर संचालक विनयकांत बरगट ने स्वीकार किया कि ग्राहकों को आकर्षित करने और अवैध कमाई के उद्देश्य से लड़कियां उपलब्ध कराई जाती थीं। मामले में होटल मैनेजर देवेन्द्र सिंह को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन, ₹6,000 नकद, स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेज, ग्राहकों का रजिस्टर और किरायानामा जब्त किया है। इस मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 36/2026 दर्ज कर अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4, 5 एवं 7 के तहत कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार आरोपी

विनयकांत बरगट (43 वर्ष) – स्पा सेंटर संचालक, निवासी दुर्ग जिला, वर्तमान पता होटल ट्रिनिटी, रायगढ़

देवेन्द्र सिंह (48 वर्ष) – होटल मैनेजर, निवासी बीडपारा, रायगढ़

पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

PF निकालना हुआ सुपरफास्ट! UPI के जरिए तुरंत ट्रांसफर, अप्रैल 2026 से लागू

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 नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए बड़ी सुविधा लाने जा रहा है। EPFO अप्रैल 2026 तक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जिसके जरिए सदस्य अपने PF (EPF) का तय हिस्सा सीधे UPI के माध्यम से निकाल सकेंगे। इससे PF निकासी की प्रक्रिया तेज, आसान और पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।


PTI की रिपोर्ट के अनुसार, EPF की कुल राशि का एक हिस्सा रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए लॉक रहेगा, जबकि शेष राशि UPI के जरिए सीधे सदस्य के लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी। यह सुविधा EPFO 3.0 अपग्रेड का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य PF सेवाओं को बैंकों के स्तर तक ले जाना है।

3 दिन में होगा PF क्लेम सेटलमेंट

फिलहाल EPFO सदस्यों को PF निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम दाखिल करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है। लेकिन नई ऑटो-सेटलमेंट प्रणाली के तहत क्लेम बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के अधिकतम 3 दिनों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से निपटाए जाएंगे।

EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा पहले ही 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे लाखों सदस्यों को तेजी से राहत मिलेगी और संगठन पर काम का बोझ भी कम होगा। EPFO हर साल करीब 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम सेटल करता है, जिनमें ज्यादातर PF निकासी से जुड़े होते हैं।

UPI पिन डालते ही मिलेगा पैसा

नए सिस्टम के तहत सदस्य UPI पिन डालकर PF की राशि अपने बैंक खाते में लगभग तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे। लंबी क्लेम प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। बीमारी, शिक्षा, विवाह और मकान जैसी जरूरतों के लिए PF का पैसा 3 दिनों के भीतर मिल सकेगा।

सूत्रों के मुताबिक, UPI से PF निकासी पर प्रति ट्रांजैक्शन 25,000 रुपये तक की सीमा तय की जा सकती है। ऐप में यह भी साफ तौर पर दिखेगा कि कुल बैलेंस में से कितनी राशि निकासी के लिए उपलब्ध है। रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल PF बैलेंस का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा लॉक रहेगा।

यह सुविधा नए EPFO ऐप के जरिए दी जाएगी, जिसे BHIM ऐप और अन्य UPI प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा।

फिलहाल ट्रायल मोड में सिस्टम

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय फिलहाल 100 डमी खातों पर इस सिस्टम का ट्रायल कर रहा है, ताकि किसी भी तकनीकी खामी को लॉन्च से पहले दूर किया जा सके। अप्रैल 2026 में पब्लिक लॉन्च के बाद UPI के जरिए PF निकासी के लिए नया ऐप मुख्य प्लेटफॉर्म होगा।

हालांकि, EPFO का यूनिफाइड मेंबर पोर्टल और UMANG ऐप अन्य सेवाओं के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे।

T20 World Cup 2026: ICC की दो-टूक के आगे झुका पाकिस्तान, T20 वर्ल्ड कप में खेलेगा भारत से मैच

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 T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित ग्रुप मैच अब तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के खिलाफ मुकाबले के बॉयकॉट का अपना फैसला वापस ले लिया है। यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है।


इससे पहले पीसीबी ने पाकिस्तान सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ मैच न खेलने का ऐलान किया था। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने रुख में नरमी दिखाई।

ICC की पहल से सुलझा मामला

आईसीसी के प्रतिनिधि इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी हाल ही में लाहौर पहुंचे, जहां उन्होंने पीसीबी अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल भी शामिल रहे। चर्चा के दौरान आईसीसी ने पाकिस्तान को मैच न खेलने की स्थिति में संभावित वित्तीय नुकसान और अन्य परिणामों से अवगत कराया। इसके बाद पीसीबी ने विवाद को समाप्त करने का फैसला लिया।

पाकिस्तान सरकार ने दी मंजूरी

पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए पुष्टि की कि राष्ट्रीय टीम भारत के खिलाफ अपना निर्धारित मुकाबला खेलेगी। पोस्ट में कहा गया कि विभिन्न चर्चाओं और मित्र देशों की अपील को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि स्पिरिट ऑफ क्रिकेट और वैश्विक खेल की निरंतरता बनी रहे।

क्रिकेट फैंस में खुशी

इस फैसले के बाद दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट के सबसे बड़े और रोमांचक मैचों में गिना जाता है, जिसे लेकर हमेशा जबरदस्त क्रेज रहता है।

आईसीसी की सक्रिय भूमिका और सभी बोर्ड्स की सहमति से टूर्नामेंट की एकता बनाए रखने में सफलता मिली है।

प्लास्टइंडिया 2026 में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का दौरा, प्लास्टिक इंडस्ट्री स्टेटस रिपोर्ट 2025 जारी

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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित विश्व प्रसिद्ध प्लास्टिक प्रदर्शनी PLASTINDIA 2026 का दौरा किया। यह प्रदर्शनी 5 से 10 फरवरी 2026 तक आयोजित हो रही है।

इस अवसर पर मंत्री पासवान ने Plastic Industry Status Report 2025 का विमोचन किया और स्टार्टअप सर्च इनिशिएटिव के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। यह पहल प्लास्टइंडिया फाउंडेशन और आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से विकसित की गई है।

उद्योग जगत को संबोधित करते हुए मंत्री चिराग पासवान ने अपशिष्ट कम करने और तकनीक के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने प्लास्टिक उद्योग के सतत उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान की सराहना की।

PLASTINDIA 2026 में भारत और विदेशों से उद्योग नेता, वैश्विक खरीदार, नवप्रवर्तक और नीति निर्माता शामिल हुए हैं, जिससे वैश्विक प्लास्टिक मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका उजागर हुई है। रिपोर्ट में उद्योग की वृद्धि, निर्यात और स्थिरता की दिशा में परिवर्तन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रीस के रक्षा मंत्री से की द्विपक्षीय बैठक, रणनीतिक साझेदारी को मिला नया बल

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य (ग्रीस) के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।

दोनों देशों ने अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योगों की क्षमता को साझेदारी के माध्यम से विस्तार देने का निर्णय लिया। भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ग्रीस के ‘एजेंडा 2030’ रक्षा सुधारों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए रक्षा औद्योगिक सहयोग पर एक संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अगले पांच वर्षों के रोडमैप के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

बैठक के दौरान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग तथा रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी। दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सैन्य सहभागिता की रूपरेखा तय करने के लिए वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का भी आदान-प्रदान किया गया।

दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच प्रमुख समुद्री मुद्दों पर अभिसरण को भी रेखांकित किया गया। ग्रीस ने गुरुग्राम स्थित इंडियन ओशन रीजन इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) में एक ग्रीक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी की तैनाती की घोषणा की।

बैठक से पहले ग्रीस के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मानेकशॉ सेंटर में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया।

अपने दौरे के दौरान हेलेनिक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में प्रमुख रक्षा और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया तथा नई दिल्ली में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs), रक्षा उद्योग और स्टार्टअप प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यह दौरा भारत और ग्रीस के बीच दीर्घकालिक और घनिष्ठ संबंधों पर आधारित रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है।



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