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बस्तर की मनकी बघेल ने स्पान संवर्धन योजना से 2 माह में कमाए 15 हजार रुपये

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अब अंगुलिका उत्पादन से बढ़ाएंगी आमदनी

रायपुर- स्पान संवर्धन योजना छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मछली बीज (स्पान) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना, आदिवासी और स्थानीय मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन सिखाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त मछली बीज (स्पान) और नर्सरी जाल बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं। किसानों को तालाब की तैयारी, स्पान संचयन, नर्सरी प्रबंधन और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक नया और सशक्त जरिया बन रही है। योजना का लाभ उठाकर बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई कर क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

सरकारी मदद और मेहनत से मिली सफलता

मत्स्यपालन विभाग द्वारा मई माह में मनकी बघेल को मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली दी गई। मनकी ने अपने परिवार के 1 एकड़ में फैले 2 तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल चलाकर की गई निगरानी के बल पर कम समय में उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं। विभाग ने तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी और जाल निःशुल्क उपलब्ध कराए।

कम समय में बेहतर मुनाफा

मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल ने बताया कि अब तक लगभग 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाएं 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा चुकी हैं, जिससे परिवार को 15 हजार रुपये की सीधी आय हुई है। वर्तमान में तालाब में करीब 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं बिक्री के लिए और तैयार हैं, जिनसे आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। सुखलाल के अनुसार, अंगुलिका उत्पादन पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।

खेती के साथ मत्स्य पालन से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

बघेल परिवार 7 एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। इस सफल अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने का फैसला किया है, जिससे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनी आय का मुख्य स्तंभ बनाया जा सके।


अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: बाघ संरक्षण में भारत बना वैश्विक अग्रणी, दुनिया के 70% जंगली बाघ भारत में

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नई दिल्ली- हर वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस बाघ संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। भारत के लिए यह दिन विज्ञान आधारित संरक्षण, मजबूत नीतियों और जनभागीदारी के माध्यम से हासिल की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों का प्रतीक है। आज दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत जंगली बाघ भारत में पाए जाते हैं, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण का अग्रणी देश बनकर उभरा है।

भारत में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन-2022 के अनुसार देश में बाघों की संख्या 3,682 पहुंच गई है। वर्ष 2006 के बाद से भारत ने वैज्ञानिक आकलन के आधार पर अपनी बाघ आबादी को दोगुने से अधिक बढ़ाने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि दीर्घकालिक संरक्षण नीतियों, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी निगरानी का परिणाम है।

भारत में बाघ संरक्षण की आधारशिला प्रोजेक्ट टाइगर, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा टाइगर संरक्षण योजनाओं पर आधारित है। वर्तमान में देश के 18 राज्यों में 58 टाइगर रिजर्व हैं, जो लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं।

बाघों की निगरानी के लिए भारत ने अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाया है। एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES), कैमरा ट्रैप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विश्लेषण और CaTRAT जैसी प्रणालियों के माध्यम से बाघों की सटीक गणना और उनके आवास की निगरानी की जा रही है। इससे संरक्षण योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

भारत वैश्विक स्तर पर भी बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नेपाल, भूटान, रूस, म्यांमार और अन्य देशों के साथ सहयोग के अलावा भारत इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल टाइगर फोरम (GTF) जैसी पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संरक्षण प्रयासों को मजबूत कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख संरक्षक हैं। बाघों का संरक्षण जंगलों, नदियों, जैव विविधता और लाखों लोगों की आजीविका की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसी उद्देश्य के साथ भारत विज्ञान आधारित संरक्षण, आधुनिक तकनीक और वैश्विक सहयोग के जरिए बाघों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों का किया शुभारंभ

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों का शुभारंभ किया। इनका उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना तथा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले कर्मियों के परिजनों को अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) प्रदान करने की प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना है।

28 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने पिछले पांच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल की उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि ये दूरदर्शी नीतियां वर्ष 2027 में बल के स्वर्ण जयंती वर्ष की ओर बढ़ते समय उसके मनोबल और परिचालन क्षमता को और मजबूत करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल के रूप में भारतीय तटरक्षक बल को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भर्ती और करियर में लैंगिक समानता

पहली नीति के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती के लिए लैंगिक-तटस्थ (जेंडर-न्यूट्रल) व्यवस्था लागू की गई है। इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं—

  • महिला उम्मीदवारों को पुरुष उम्मीदवारों के समान शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (PA) दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा।

  • पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी अब SSA का विकल्प उपलब्ध रहेगा।

  • प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण से ही महिलाओं और पुरुषों को करियर में समान अवसर प्रदान किए जाएंगे।

  • वर्तमान में कार्यरत PA महिला अधिकारियों को पात्रता की शर्तें पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।

  • SSA पर कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर अपनी सेवा को PA में परिवर्तित करने का विकल्प भी दिया जाएगा।

सरकार ने इस कदम को 'नारी शक्ति' और देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।

समुद्र में लापता कर्मियों के परिजनों को त्वरित राहत

दूसरी नीति ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक कर्मियों के निकटतम परिजनों (Next of Kin - NoK) को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई है।

इस नीति के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए तटरक्षक कर्मियों को एक्स-ग्रेशिया के उद्देश्य से 'मृत मान लिया गया' (Presumed Dead) घोषित करने का अधिकार प्रदान किया गया है।

इस सुधार से अनुग्रह राशि और सेवा-समापन लाभ (टर्मिनल बेनिफिट्स) प्रदान करने की प्रक्रिया तेज और सरल होगी। इससे शोकग्रस्त परिवारों को लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें कठिन समय में शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ, भारत के वैश्विक विमानन हब बनने की दिशा में बड़ा कदम

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज अमृतसर से हब एंड स्पोक (Hub & Spoke) अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अमृतसर देश का दूसरा हवाई अड्डा बन गया है, जिसे भारत के अभिनव हब एंड स्पोक ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री आवाजाही के लिए जोड़ा गया है। यह पहल भारत को वैश्विक विमानन हब बनाने की सरकार की रणनीति का अगला चरण है, जिसके तहत देशभर के यात्रियों को भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे पहले 25 जून 2026 को वाराणसी से देश की पहली हब एंड स्पोक सेवा शुरू की गई थी। पिछले एक महीने में यह प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हुई है और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस अवधि में वाराणसी से यात्रा करने वाले यात्री दिल्ली के माध्यम से 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सहजता से पहुंचे हैं।

इस अवसर पर अमृतसर हवाई अड्डे पर मौजूद सभी हितधारकों को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा,
"हब एंड स्पोक केवल एक विमानन मॉडल नहीं, बल्कि अवसरों का मॉडल है। दिल्ली हब के रूप में कार्य करेगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार बनेगा। मजबूत प्रवासी भारतीय समुदाय और व्यापक क्षेत्रीय पहुंच के कारण अमृतसर इस परिवर्तन का सबसे अधिक लाभ उठाने वाले भारतीय शहरों में शामिल है।"

अमृतसर पहले से ही तीर्थयात्रियों, प्रवासी भारतीयों, व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है। इसे हब एंड स्पोक ढांचे में शामिल किए जाने से भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंच और अधिक आसान, तेज तथा सुविधाजनक होगी।

राष्ट्रीय दृष्टि पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा,

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत विश्वस्तरीय विमानन हब विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत की विमानन संप्रभुता को मजबूत करने और भारतीय हब के माध्यम से दुनिया को भारत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"

मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2030 तक हब ऑपरेशन के विकास से लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में 30 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान होगा। वहीं वर्ष 2047 तक इस पहल से 1.6 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और अर्थव्यवस्था में लगभग 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान मिलने का अनुमान है।

अब अमृतसर से यात्रा करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री यहीं पर चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उनका सामान अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक सीधे टैग किया जाएगा, जिससे दिल्ली हब पर उन्हें दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

मंत्री ने कहा कि अब तक अमृतसर से केवल 7 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध थी। हब एंड स्पोक मॉडल लागू होने के बाद यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी का लाभ अमृतसर से ही मिलेगा। अब वे 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक एक ही चेक-इन और एक ही बैगेज टैग के साथ यात्रा कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख यात्री अमृतसर से दिल्ली जाकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़ते हैं और लगभग 1.5 लाख यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

एयरलाइनों के अनुमान के अनुसार, केवल अमृतसर से प्रतिदिन लगभग 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक हवाई अड्डों के जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों यानी सालाना करीब 4.5 लाख यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।

यह पहल यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और परिचालन दक्षता के उच्चतम मानकों को भी सुनिश्चित करेगी।

हब एंड स्पोक ढांचा सरकार की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पसंदीदा प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करना, भारतीय एयरलाइनों की नेटवर्क क्षमता बढ़ाना तथा विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भरता कम करना है।

अमृतसर से इस सेवा की शुरुआत भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति के चरणबद्ध क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जल्द ही अन्य स्पोक हवाई अड्डों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे भारतीय हब हवाई अड्डों के माध्यम से पूरे देश में निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित होगा। यह पहल विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सचिव पुनीत कंसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष विपिन कुमार, मुख्य सलाहकार शरद कुमार, एयर इंडिया के ग्रुप हेड (गवर्नेंस) पी. बालाजी, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, कस्टम्स, सीआईएसएफ तथा विमानन एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्रमंडल खेल 2026: बिंद्यारानी देवी ने जीता कांस्य, पीएम मोदी ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 58 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी सोरोकाइबाम को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह सफलता उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने बिंद्यारानी देवी को उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा:

“भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक! ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 58 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बिंद्यारानी देवी सोरोकाइबाम पर हमें गर्व है। उनकी सफलता उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।

#CWG2026”

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक की चेतावनी

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्ती खत्म हो गई है और प्रदेश भर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति-भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ रेखा बीकानेर, दतिया, रीवा, डाल्टनगंज और जमशेदपुर से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के केंद्र तक फैली हुई है। इस मजबूत मौसमी तंत्र के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटे का हाल: रायपुर-बिलासपुर संभाग में जमकर बरसे मेघ

पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर और बिलासपुर संभाग के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि बाकी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। हालांकि, अच्छी बारिश के बावजूद प्रदेश में चालू मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

स्थान / क्षेत्रदर्ज वर्षा (सेमी में)
नवागढ़8 सेमी
भटगांव, पिथौरा, भिलाईगढ़7 सेमी
सरायपाली6 सेमी
अर्जुन्दा, सोनाखान, सेवरीनारायण, गिरौदपुरी, सरसींवा, बसना, राजनांदगांव5 सेमी
लाल बहादुर नगर, चांपा, जांजगीर, पामगढ़, नगरी4 सेमी
धमतरी, कुकरेल, पलारी, बिहनीडीह, घरघोड़ा3 सेमी

तापमान का मिजाज: अंबिकापुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे ज्यादा ठंडक

  • सर्वाधिक अधिकतम तापमान: अंबिकापुर – 32.7°C
  • न्यूनतम तापमान: पेंड्रा रोड – 23.0°C

राजधानी रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को दिनभर काले बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है।

  • संभावित अधिकतम तापमान: 29°C
  • संभावित न्यूनतम तापमान: 24°C

मौसम विभाग की सलाह: सावधानी बरतें

लगातार बारिश और बिजली गिरने (आकाशीय बिजली) की आशंका को देखते हुए बिना वजह यात्रा करने से बचें।

जलभराव वाले निचले क्षेत्रों और रपटों से दूर रहें।

खराब मौसम या कड़कड़ाती बिजली के समय खुले मैदान, धातु के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें।

दिनदहाड़े सूने मकान का ताला तोड़कर 4.40 लाख की चोरी

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 बालोद : गुंडरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत एक सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर का ताला तोड़कर भीतर रखे करीब 4 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और 40 हजार रुपये नकद पार कर दिए। पूरी घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।


शोक कार्यक्रम में गया था परिवार

जानकारी के अनुसार, गृहस्वामी अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार (शोक कार्यक्रम) में शामिल होने गए हुए थे। मकान को सूना पाकर अज्ञात बदमाशों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और अलमारी में रखे कीमती आभूषण व नकदी समेटकर फरार हो गए।

लौटने पर उड़ गए होश

जब परिवार कार्यक्रम से वापस लौटा, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर प्रवेश करने पर सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। चोरी का अहसास होते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत गुंडरदेही पुलिस को सूचना दी।

डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को भी बुलाया, जिन्होंने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान: शुभमन गिल कप्तान, सारांश जैन नया चेहरा, जडेजा की वापसी

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 India Squad for Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी गई है। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल टीम की कप्तानी संभालेंगे। इस टीम में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन के रूप में एक नए चेहरे को शामिल किया गया है, जबकि वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट मैच से बाहर रहेंगे।


रवींद्र जडेजा की वापसी, सारांश जैन बने सरप्राइज कॉल-अप

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से आराम दिए जाने के बाद दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टीम में वापसी हुई है। वहीं, टीम चयन में सबसे चौंकाने वाला नाम मध्य प्रदेश के 28 वर्षीय ऑलराउंडर सारांश जैन का रहा। बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने वाले सारांश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 54 मैचों में 2200 से अधिक रन बनाने के साथ-साथ 188 विकेट चटकाए हैं।

इसके अलावा, अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्पिनर मानव सुथार और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को भी 15 सदस्यीय टीम में बरकरार रखा गया है।

4 विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों पर भरोसा

चयनकर्ताओं ने श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम में 4 विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को जगह दी है। तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान जसप्रीत बुमराह संभालेंगे, जिन्हें मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ का साथ मिलेगा।

भारत की 15 सदस्यीय टेस्ट टीम

शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरैल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, सारांश जैन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़।

दौरे का पूरा शेड्यूल

भारतीय टीम 4 अगस्त को श्रीलंका के लिए रवाना होगी, जहाँ वह टेस्ट सीरीज से पहले 7 अगस्त से कोलंबो में चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी।

  • पहला टेस्ट: 15 से 19 अगस्त (गॉल)
  • दूसरा टेस्ट: 23 से 27 अगस्त (कोलंबो)

CG NEWS : स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई

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 रायपुर : स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई माह में कम हुई है।


रायपुर शहर क्षेत्र के 3,11,374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। अर्थात कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से पता चलता है, कि उनकी खपत में लगभग 44 प्रतिशत की कमी हुई है।

कारण स्पष्ट है, कि खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं अपितु उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही वास्तविक खपत है। ऐसेे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे उनकी खपत में भी माह अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है।

उदाहरणः-

  • 1. अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाट
  • i. अप्रैल- 2025 की खपत 1611 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 2071 यूनिट
  • ii. मई- 2025 की खपत 1503 यूनिट, मई- 2026 की खपत 2592 यूनिट
  • iii. जून- 2025 की खपत 895 यूनिट, जून- 2026 की खपत 2487 यूनिट
  • 2. राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट
  • i. अप्रैल- 2025 की खपत 1019 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1065 यूनिट
  • ii. मई- 2025 की खपत 885 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1383 यूनिट
  • iii. जून- 2025 की खपत 896 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1762 यूनिट
  • 3. कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाट
  • i. अप्रैल- 2025 की खपत 1332 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1360 यूनिट
  • ii. मई- 2025 की खपत 1156 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1709 यूनिट
  • iii. जून- 2025 की खपत 759 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1579 यूनिट

इसी प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, के तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट तथा मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है।

बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट तथा जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।

निष्कर्षः-

1. उपभोक्ता जो एसी का उपयोग करते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हे मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विद्युत देयक में वृद्धि परिलक्षित होती है। परंतु जुलाई माह की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे माह जुलाई की खपत जिसका बिल अगस्त में आयेगा की देय राशि कम होगी एवं अधिक उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ प्राप्त होगा।

2. ऐसे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, की खपत में भी मई और जून के माह में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। परंतु जुलाई के माह में इसी मीटर में कम खपत दर्ज हुई है।

अर्थात अधिक खपत दर्ज करने में स्मार्ट मीटर कारण नहीं है बल्कि उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है।

3. उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में उच्चतम मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इसके कारण भी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहा था।

आगामी विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी।

उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।

उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर समुचित निदान की व्यवस्था की गई है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है।

उपभोक्ता विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर- 1912 पर संपर्क कर अपना संशय दूर कर सकता है।

उपभोक्ताओं से विनम्र अनुरोध है, कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।

नौकरी के नाम पर ठगी व धमकी से तंग युवक ने की खुदकुशी, मामा-मामी गिरफ्तार

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 बिलासपुर। रेलवे कैंटीन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.5 लाख रुपये ठगने और पैसे वापस मांगने पर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी से प्रताड़ित होकर एक युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मृतक के मामा और मामी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


मस्तूरी एसडीओपी डी.आर. धृतलहरे से मिली जानकारी के अनुसार, मामला थाना मस्तूरी क्षेत्र (मर्ग क्रमांक 40/26) का है। जांच में सामने आया कि ग्राम हिर्री निवासी राहुल साहू (22) ने रेलवे कैंटीन में नौकरी की उम्मीद में अपने मामा इंद्र कुमार उर्फ भवानी वैष्णव और मामी अंबिका वैष्णव को 1.5 लाख रुपये दिए थे।

काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी, तो राहुल ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इस पर आरोपी मामा-मामी उसके साथ विवाद करने लगे और रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उसने बार-बार पैसे मांगे, तो उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 376 (रेप केस) के झूठे मामले में फंसा देंगे।

मामा-मामी की लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकी से क्षुब्ध होकर राहुल साहू ने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की पुष्टि होने पर मस्तूरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - अरुण साव

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’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’

उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश

हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहा

रायपुर- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

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छत्तीसगढ़ सदन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन

रायपुर- नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, कमलेश जांगड़े, ज्योत्सना महंत, संतोष पांडेय, विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल,  रूपकुमारी चौधरी, महेश कश्यप और भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, श्जल अर्पणश् कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।


गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री साय  ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए विकास के स्पष्ट मंत्र

विकसित भारत जी राम जी योजना, लखपति दीदी, पीएम आवास और पीएम सूर्यघर योजना को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, यही सुशासन की कसौटी - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।

इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोरमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है

मुख्यमंत्री साय ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत

कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

weather update: अगले तीन घंटे में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी

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 रायपुर- यह  आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा भेजा गया मौसम संबंधी आपातकालीन चेतावनी संदेश (Emergency Alert) है।

​जिसके अनुसार अति गंभीर चेतावनी (Extremely Severe Alert) दी गई है। 

संदेश: अगले 3 घंटों के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ तीव्र अंधड़/गर्जना (Severe Thunderstorms) होने की संभावना है।

​ मुख्य बातें: 

​समय सीमा: अगले 3 घंटे।

​स्थिति: तेज कड़क, बिजली गिरने की आशंका और हवाओं के साथ बारिश।

​ सुझाव: अगर आप इन प्रभावित जिलों में हैं, तो बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक जीतने वाले झंडू कुमार का सम्मान, केंद्रीय मंत्री ने दिए ₹10 लाख

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नई दिल्ली- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को अपने आवास पर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने झंडू कुमार को ₹10 लाख की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की।

बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट श्रेणी में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत का खाता खोला।

सम्मान समारोह के बाद झंडू कुमार ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री से मिलना उनके लिए बेहद गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि खेलों में उपलब्धि के लिए उन्हें इस तरह सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मंडाविया ने उनसे स्कॉटलैंड में प्रतियोगिता के अनुभवों के बारे में विस्तार से बातचीत की, जो उनके लिए यादगार पल रहा।

झंडू कुमार का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक रहा है। खेलों में पहचान बनाने से पहले वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। वर्ष 2023 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के मुख्य कोच राजेंद्र राहेलू ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर में प्रशिक्षण का अवसर दिया।

झंडू कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

इससे पहले झंडू कुमार खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 में रजत पदक और 2025 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 18 से 24 अक्टूबर 2026 के बीच जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है।

झंडू कुमार ने कहा कि देश के नेतृत्व से मिलने वाला समर्थन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह एशियन पैरा गेम्स में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का पूरा प्रयास करेंगे।


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