Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

रायपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 750 किलो पनीर नष्ट, दो ब्रांड के संचालकों पर होगी कानूनी कार्रवाई

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में 750 किलोग्राम पनीर नष्ट करा दिया। जांच में ‘मिल्की मलाई’ और ‘मलाई मैजिक’ ब्रांड के पनीर के नमूने खाने के लिए असुरक्षित पाए गए थे। अब विभाग संबंधित ब्रांड संचालकों के खिलाफ न्यायालय में मामला पेश करने की तैयारी कर रहा है।

ओडिशा भेजी जा रही थी पनीर की खेप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम ने 8 सितंबर 2026 को रायपुर के जोरा के पास ओडिशा की ओर जा रहे एक मालवाहक वाहन को रोककर पनीर की खेप जब्त की थी। जब्त पनीर ‘मिल्की मलाई’ और ‘मलाई मैजिक’ ब्रांड का बताया गया है।

जब्ती के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे थे। 12 सितंबर को प्राप्त जांच रिपोर्ट में दोनों ब्रांड के पनीर को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और उसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित बताया गया। इसके बाद संबंधित निर्माता कंपनी का लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

जांच रिपोर्ट के बाद भी 44 दिन तक नहीं हुआ निपटान

इस मामले में सबसे अहम सवाल पनीर को नष्ट करने में हुई देरी को लेकर उठ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रयोगशाला की जांच में पनीर असुरक्षित पाए जाने के बावजूद जब्त खेप को नष्ट करने की कार्रवाई में लगभग 44 दिन लग गए।

बताया गया है कि संबंधित कंपनी ने सरकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच कराने की मांग की थी। इसके लिए नमूना नेशनल फूड लैब भेजने की प्रक्रिया भी सामने आई। कंपनी की ओर से पनीर नष्ट करने के लिए आवेदन दिए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में है।

इसके बाद खाद्य विभाग ने उरला स्थित फैक्ट्री में कार्रवाई करते हुए करीब 750 किलो पनीर नष्ट करा दिया, ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल या बाजार में बिक्री न हो सके।

दोनों ब्रांड के संचालकों पर होगी कानूनी कार्रवाई

खाद्य विभाग अब ‘मिल्की मलाई’ और ‘मलाई मैजिक’ ब्रांड से जुड़े संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में दस्तावेज तैयार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा।

आगे की कार्रवाई संबंधित साक्ष्यों और न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर होगी। फिलहाल मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

भिलाई में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कार्रवाई

रायपुर में पनीर नष्ट किए जाने के मामले के बीच भिलाई में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर विभाग की कार्रवाई की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कुछ प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी दूध से पनीर तैयार करने और अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां बनाने जैसी गड़बड़ियां पाई गईं।

कार्रवाई के दौरान करीब 2,500 किलोग्राम मिठाइयां और 1,000 लीटर दूध नष्ट कराए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ प्रतिष्ठानों में काम बंद कराने की कार्रवाई भी की गई।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रायपुर में 750 किलो पनीर नष्ट किए जाने का मामला खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच और असुरक्षित उत्पादों के समय पर निपटान की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पनीर जैसे उत्पाद आम लोगों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं।

ऐसे में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच, संदिग्ध खेप को बाजार में पहुंचने से रोकना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

अब निगाहें खाद्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर हैं। न्यायालय में मामला पेश होने के बाद संबंधित ब्रांड संचालकों की जवाबदेही और प्रकरण के परिणाम को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।


समाजसेवियों ने किया सप्तऋषि मुनियों की तपोभूमि का दर्शन,क्षेत्र के पिछड़ेपन पर जताई चिंता

No comments Document Thumbnail

नगरी/सिहावा- शनिवार को रायपुर के समाजसेवियों ने नगरी-सिहावा क्षेत्र में स्थित सप्तऋषियों की तपोभूमि का दर्शन किया।

इस दौरान वरिष्ठ पायलट एवं समाजसेवी ओके तिवारी, आरंग के समाजसेवी महेन्द्र पटेल, मंत्रालय में पदस्थ समाजसेवी लोकेश्वर साहू, दीपेश शर्मा और उमाकांत सेन ने मुचकुंद ऋषि आश्रम पहुंचकर दर्शन लाभ लिया।

इस अवसर पर समाजसेवियों ने कहा कि नगरी-सिहावा क्षेत्र पौराणिक काल से ही ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है। मान्यता के अनुसार यहाँ श्रृंगी, कंक, शरभंग, अंगिरा, अगस्त्य, मुचकुंद और गौतम ऋषि के आश्रम स्थित हैं। यही क्षेत्र महानदी के उद्गम स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है।

दुर्भाग्य से क्षेत्र वासियों को ही यहां के गौरवशाली इतिहास की जानकारी कम लोगों को है। इतनी पौराणिक उपलब्धियां होने के बावजूद इस क्षेत्र का पिछड़ा रहना चिंतन का विषय है।

समाजसेवियों ने कहा कि इस गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नगरी में सप्तऋषियों की कथा पर आधारित संगोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए और स्थानीय स्तर पर पहल कर क्षेत्र को विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि हमारी संस्कृति और इस पावन विरासत को सम्मान मिल सके।इस संबंध में समाजसेवियों ने नगर पालिका अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा से विस्तारपूर्वक चर्चा कर शीघ्र संगोष्ठी आयोजित करने का आग्रह किये है।जिस पर उन्होंने सहमति जताया है।

छत्तीसगढ़ को मिला देश को राम देने का सौभाग्य : मानस संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा

No comments Document Thumbnail

 शरद पूर्णिमा पर चरौदा में हुई भव्य मानस संगोष्ठी

आरंग- शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को ग्राम चरौदा में समस्त रामायण प्रेमीजनों द्वारा मानस संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में रामचरितमानस के मर्मज्ञ प्रहलाद वैष्णव अचिंत चरौदा, डॉ. नारायण वर्मा रायपुर, रमाकांत साहू धुसेरा रायपुर, सुरेन्द्र सिन्हा गरियाबंद, कोमल साहू ऊपरवारा और कुमारी सोनिया साहू बिरकोनी महासमुंद ने सारगर्भित व्याख्यान दिया।

सभी व्याख्याकारों ने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी हैं और श्रृंगी ऋषि द्वारा कराए गए पुत्रेष्ठी यज्ञ से भगवान श्रीराम का प्राकट्य हुआ। इस प्रकार देश को राम देने का सौभाग्य छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर वक्ताओं ने शरद ऋतु प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्षा ऋतु बीतने के बाद शरद ऋतु के आगमन से पूरी पृथ्वी पर कास के फूलों की सफेदी छा जाती है। जिस प्रकार वर्षा के बाद आकाश निर्मल हो जाता है, उसी प्रकार संतों के सत्संग से मन के विकार दूर हो जाते हैं और हृदय में भक्ति का निर्मल चंद्रमा प्रकाशित होता है।कार्यक्रम का संचालन पोयम शरण साहू व बुगेश्वर साहू ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिला मानस संघ के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रेखराज तारक, हेमलाल साहू, प्रेमलाल साहू, खेलावन साहू, चुरावन धीवर सहित समस्त ग्रामवासियों ने अहम भूमिका निभाई।

9 साल तक दुर्ग में किराए के मकान में रही बांग्लादेशी महिला, जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी; अब भेजा गया वापस

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में करीब नौ साल तक किराए के मकान में रहने वाली बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को 23 अक्टूबर को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। जुलाई 2026 में गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर जेल में रखा गया था। अब पुलिस उसके आधार कार्ड और राशन कार्ड सहित अन्य भारतीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। इन दस्तावेजों को कहां और किस प्रक्रिया के तहत बनवाया गया था, इसकी पड़ताल की जा रही है।


2017 से दुर्ग में रह रही थी महिला

पुलिस के मुताबिक, रीना अख्तर वर्ष 2017 से दुर्ग जिले में रह रही थी। इस दौरान वह किराए के मकान में रही और सिलाई-कढ़ाई के साथ घरेलू काम भी करती थी। उसके दुर्ग और रायपुर में रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को उसके कई बार पश्चिम बंगाल जाने और एक बार बांग्लादेश जाकर वापस दुर्ग लौटने की जानकारी भी मिली थी।

जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन के लिए चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को रीना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जुलाई 2026 में उसे गिरफ्तार कर रायपुर जेल भेज दिया गया।

STF, खुफिया विभाग और BSF की मदद से कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद रीना अख्तर को बांग्लादेश वापस भेजने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 23 अक्टूबर को दुर्ग पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल पहुंची। वहां खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सहयोग से उसे बांग्लादेश भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), खुफिया विभाग और BSF की संयुक्त भूमिका रही।

आधार और राशन कार्ड की भी होगी जांच

पुलिस के अनुसार, दुर्ग में रहने के दौरान रीना अख्तर ने आधार कार्ड और राशन कार्ड समेत कुछ भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। अब इन दस्तावेजों की वैधता और इन्हें जारी करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि संबंधित दस्तावेज किन परिस्थितियों में और किन माध्यमों से बनवाए गए थे।

एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि रीना के भारतीय दस्तावेजों के संबंध में जानकारी मिली है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर नियमों के अनुसार इन्हें रद्द कराने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के साथ उनके पास मौजूद दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूचना देने की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-1905

चक्रवाती तूफान का असर: छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से बारिश, दो दिन भारी बरसात की संभावना

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। फिलहाल 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन 27 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।


बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसम तंत्र

मौसम में संभावित बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और मजबूत हो सकता है। इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके बाद इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 

27 अक्टूबर से बदल सकता है छत्तीसगढ़ का मौसम

प्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। हालांकि, 27 अक्टूबर से कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। 

28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रहने की संभावना है। विशेष रूप से किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए। 

किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को कटी हुई फसल और खुले में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने की तैयारी करनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। बारिश या तेज हवाओं के दौरान यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट की जानकारी लें।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। इसलिए जिलेवार अलर्ट और प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।

आज की बड़ी खबरें | 25 अक्टूबर 2026 | CG से देश-दुनिया तक

No comments Document Thumbnail

नमस्कार! आप पढ़ रहे हैं आज का विशेष समाचार बुलेटिन। इसमें छत्तीसगढ़ और महासमुंद की स्थानीय खबरों को प्राथमिकता देते हुए राजनीति, प्रशासन, देश-दुनिया, अर्थव्यवस्था, बैंकिंग, मौसम, कृषि, शिक्षा, तकनीक, मनोरंजन और खेल की खबरें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें

महासमुंद में सड़क हादसा: दो महिलाओं की मौत

महासमुंद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर 23 अक्टूबर को एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। शादी समारोह से लौट रही एक कार पीछे से 16 पहियों वाले ट्रक में जा घुसी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए। पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू की। 

लोगों के लिए संदेश: हाईवे पर वाहन चलाते समय सुरक्षित दूरी रखें, गति नियंत्रित रखें और थकान होने पर वाहन चलाने से बचें।

सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान

महासमुंद जिले का ऐतिहासिक सिरपुर अपनी सांस्कृतिक विरासत के कारण चर्चा में है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल किए जाने की खबर सामने आई है।

इससे क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय रोजगार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। ध्यान रहे कि अस्थायी सूची में शामिल होना अंतिम विश्व धरोहर दर्जा मिलने के समान नहीं है।

पटेवा के निजी स्कूल का मामला

महासमुंद जिले के पटेवा में एक निजी स्कूल के चौथी कक्षा के छात्र के बाल काटे जाने के मामले में FIR दर्ज होने की खबर आई है। इस घटना ने बच्चों के सम्मान, विद्यालयों में अनुशासन और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं।

छत्तीसगढ़ में रेल संपर्क

रावघाट क्षेत्र तक रेल संपर्क पहुँचने की खबर भी प्रदेश के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को लाभ मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय समाचार

भारत में रोजगार सर्वेक्षण में बदलाव की तैयारी

भारत सरकार रोजगार सर्वेक्षण में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि गिग वर्कर्स और बिना वेतन किए जाने वाले काम की बेहतर गणना हो सके। प्रस्तावित बदलाव रोजगार की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद कर सकते हैं। 

इसका महत्व: इससे भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों के बारे में अधिक उपयोगी आँकड़े मिल सकते हैं।

RBI की ब्याज दर नीति पर चर्चा

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के विवरण के अनुसार, कुछ सदस्यों ने महँगाई को नियंत्रित करने के लिए आगे ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की। हालांकि, आर्थिक विकास पर असर को देखते हुए आक्रामक सख्ती को लेकर सावधानी भी दिखाई गई।

आम लोगों पर संभावित असर: भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव होने पर होम लोन, वाहन लोन और कारोबार के लिए लिए जाने वाले कर्ज की लागत प्रभावित हो सकती है। फिलहाल इस खबर को नई दर वृद्धि की घोषणा न समझें।

विश्व समाचार

पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति

सऊदी अरब में मक्का और मदीना के क्षेत्रों में मिसाइलों को रोकने के बाद मलबा गिरने की खबर सामने आई है। हूती पक्ष ने इन क्षेत्रों पर हमले के दावों को खारिज किया है। इस घटनाक्रम के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर निगरानी बनी हुई है।

यूक्रेन में सैटेलाइट संचार सेवाएँ

यूक्रेन ने 24 अक्टूबर को बताया कि Starlink और Starshield सेवाएँ फिर सामान्य रूप से काम कर रही हैं। सैन्य संचार में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका इस घटनाक्रम के कारण चर्चा में है।

सिडनी में नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में नया वेस्टर्न सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट 25 अक्टूबर को यात्रियों के लिए खुलने की खबर है। इससे शहर के पश्चिमी हिस्से में हवाई परिवहन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अर्थव्यवस्था और कारोबार

भारत की व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी

अक्टूबर के शुरुआती सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की व्यावसायिक गतिविधियों में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। नए ऑर्डर और सेवा क्षेत्र में मजबूती इसका प्रमुख कारण रहे।

हालाँकि, कारोबार बढ़ने के बावजूद नई भर्तियों की गति लगभग रुक गई। इसका अर्थ है कि बढ़ती व्यावसायिक मांग का लाभ रोजगार में उसी अनुपात में दिखाई नहीं दे रहा। 

स्टील उद्योग से जुड़ी खबर

JSW Steel ने तिमाही मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, लेकिन साथ ही कोकिंग कोल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई। यह कच्चे माल की लागत और स्टील उद्योग की लाभप्रदता के बीच संबंध को दिखाता है।

चाँदी के आयात पर अपडेट

भारत ने अगले छह महीनों में लगभग 6,500 मीट्रिक टन चाँदी के आयात के लिए परमिट जारी किए हैं। त्योहारों के मौसम में मांग और घरेलू आपूर्ति की स्थिति इस फैसले के महत्वपूर्ण पहलू हैं। 

मौसम समाचार: आज की सबसे जरूरी जानकारी

बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 25 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना अवदाब और मजबूत होने की संभावना है। इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने और बाद में और तीव्र होने का अनुमान जताया गया है। 

ओडिशा के लिए क्या चेतावनी है?

IMD के पूर्वानुमान में ओडिशा के लिए:

  • 27 अक्टूबर: कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी।
  • 28 अक्टूबर: कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी।
  • 29 अक्टूबर: कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी।

छत्तीसगढ़ और महासमुंद के लोगों के लिए

ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के लिए जारी चेतावनी को छत्तीसगढ़ में सीधे चक्रवाती तूफान के आने की घोषणा नहीं समझना चाहिए।

महासमुंद में आज बारिश, हवा और तापमान की सटीक स्थिति के लिए स्थानीय पूर्वानुमान देखना उचित होगा।

किसानों के लिए सलाह:

  1. कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  2. धान या दूसरी कृषि उपज को खुले में छोड़ने से बचें, जहाँ बारिश का खतरा हो।
  3. खेतों में छिड़काव करने से पहले मौसम की स्थिति देखें।
  4. समुद्री क्षेत्रों में जाने वाले मछुआरे मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करें।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

छत्तीसगढ़ के लिए धान खरीदी, मंडी भाव, खाद-बीज की उपलब्धता और किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता प्रमुख विषय हैं।

किसानों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

  • राज्य सरकार की धान खरीदी संबंधी आधिकारिक सूचना।
  • स्थानीय मंडी में धान और दूसरी फसलों के भाव।
  • सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता।
  • मौसम की चेतावनी और फसल सुरक्षा संबंधी निर्देश।

विज्ञान, तकनीक और AI

 AI और रोजगार

भारत में व्यावसायिक गतिविधियाँ बढ़ने के बावजूद भर्तियों की रफ्तार धीमी रहने की खबर से रोजगार की गुणवत्ता और तकनीकी बदलावों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो जाती है।

AI कई क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने के अवसर देता है, लेकिन रोजगार पर इसका वास्तविक प्रभाव उद्योग, कौशल और अपनाई जाने वाली तकनीक पर निर्भर करेगा।

डिजिटल सेवाएँ

रोजगार सर्वेक्षण में गिग वर्कर्स और बिना वेतन किए जाने वाले काम को बेहतर तरीके से शामिल करने की प्रस्तावित पहल से डिजिटल अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिल सकती है। 


नमस्कार! आप सभी का दिन शुभ हो। 🙏

शरद पूर्णिमा आज: रात में क्यों की जाती है मां लक्ष्मी की पूजा? जानें धार्मिक मान्यता

No comments Document Thumbnail

Sharad Purnima 2026 Puja Vidhi: शरद पूर्णिमा का पर्व आज, 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने, मंत्र जाप करने और दीपदान करने से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इस अवसर पर घरों में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के साथ खीर का भोग लगाने की परंपरा भी है।

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और मां लक्ष्मी का स्मरण करने से परिवार में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। ऐसे में अगर आप भी इस दिन पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, पूजा की विधि और मां लक्ष्मी के प्रभावशाली मंत्र।

शरद पूर्णिमा 2026 का शुभ मुहूर्त

पंचांग में शरद पूर्णिमा की तिथि और चंद्रोदय के समय का विशेष महत्व माना जाता है। दिए गए विवरण के अनुसार पूजा के प्रमुख समय इस प्रकार हैं:

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2026, सुबह 11:55 बजे

  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 26 अक्टूबर 2026, सुबह 9:41 बजे

  • चंद्रोदय का समय: शाम करीब 5 बजे

  • निशीथ काल में पूजा: रात 11:40 बजे से मध्यरात्रि के बाद तक

पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए पूजा से पहले स्थानीय पंचांग में समय की पुष्टि कर लें।

मां लक्ष्मी की पूजा के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?

शरद पूर्णिमा पर पूजा करने के लिए कुछ आवश्यक सामग्री पहले से तैयार रखनी चाहिए। इसमें मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर, लाल या पीला कपड़ा, चौकी, रोली, अक्षत, मौली, सुपारी, पान, लौंग, इलायची, फूल, घी का दीपक, धूप, कपूर, शंख और पूजा के लिए जल शामिल हैं।

इसके अलावा भोग के लिए खीर, मखाने, बताशे या अन्य मिठाई रख सकते हैं। मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें?

1. स्नान कर पूजा का संकल्प लें: सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद श्रद्धानुसार व्रत रखने और मां लक्ष्मी की पूजा करने का संकल्प लें।

2. चौकी पर स्थापित करें मां लक्ष्मी की प्रतिमा: शाम को पूजा स्थल की सफाई करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

3. विधि-विधान से करें पूजन: मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर धूप दिखाएं और श्रद्धापूर्वक पूजा करें।

4. खीर का भोग लगाएं: शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने और उसका भोग लगाने की परंपरा है। कई परिवार खीर को कुछ समय के लिए चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं। इसके बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

5. करें मंत्र जाप और आरती: पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें। अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण भी कर सकते हैं।

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी के कौन से मंत्र का जाप करें?

शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की आराधना के लिए इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

मां लक्ष्मी का मंत्र

ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः।

महालक्ष्मी बीज मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

चंद्र देव का मंत्र

ॐ सों सोमाय नमः।

श्रद्धालु इनमें से किसी एक मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं। मंत्र जाप के दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी का स्मरण करें।

शरद पूर्णिमा की रात क्यों मानी जाती है खास?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की आराधना और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। इसे कोजागरी पूर्णिमा इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि इससे जुड़ी परंपरा में रात के समय जागकर मां लक्ष्मी का स्मरण किया जाता है।

इस दिन भक्त पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य के माध्यम से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हालांकि, ये धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं पर आधारित मान्यताएं हैं। पूजा का उद्देश्य श्रद्धा, मानसिक शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करना है।

महासमुंद: रामचंडी मंदिर पहुंचे CM साय, 50 लाख के सर्वमंगल भवन का किया लोकार्पण; डोम निर्माण की घोषणा

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महासमुंद जिले के दौरे के दौरान बसना विकासखंड के गढ़फुलझर स्थित मां रणेश्वर रामचंडी मंदिर पहुंचे। रामचंडी दिवस के अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात देते हुए 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। साथ ही मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण कराने की घोषणा की।


मंदिर परिसर में 50 लाख से बनेगा भव्य डोम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रामचंडी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंदिर परिसर में डोम निर्माण की घोषणा से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।


वहीं, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने रामचंडी मंदिर की सीढ़ियों पर शेड निर्माण कराने की घोषणा की। इससे मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलने की संभावना है।

सैनिक स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र की मांग उठी

कार्यक्रम के दौरान बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के समक्ष गढ़फुलझर क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें क्षेत्र में सैनिक स्कूल की स्थापना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराने और लोअर जोंक परियोजना के विस्तार की मांग शामिल रही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन मांगों पर विचार करने की बात कही। इन प्रस्तावों के पूरा होने से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

रामचंडी दिवस के कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा महासमुंद जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी और बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। सर्वमंगल भवन के लोकार्पण और मंदिर परिसर में डोम निर्माण की घोषणा को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर दो दिन में दूसरी बार बम की धमकी, फुकेट से आई इंडिगो फ्लाइट में मचा हड़कंप

No comments Document Thumbnail

विमान के टॉयलेट के शीशे पर लिखा मिला धमकी भरा संदेश, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया; दो घंटे से अधिक चली सुरक्षा जांच

कोलकाता- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगातार दूसरे दिन बम की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। शनिवार को फुकेट से कोलकाता पहुंची इंडिगो की एक उड़ान के टॉयलेट के शीशे पर धमकी भरा संदेश लिखा मिला। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एहतियातन विमान से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और विमान को अलग स्थान पर ले जाकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

विमान के टॉयलेट में मिला धमकी भरा संदेश

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इंडिगो की उड़ान संख्या 6E1494 शनिवार दोपहर करीब 2:05 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरी थी। विमान के केबिन क्रू ने टॉयलेट के शीशे पर लिखा धमकी भरा संदेश देखा। इसके बाद तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और सुरक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। इसके बाद विमान को आइसोलेशन बे यानी निर्धारित अलग स्थान पर ले जाया गया, ताकि सामान्य उड़ान संचालन से अलग रखकर उसकी विस्तृत जांच की जा सके।

CISF, बम निरोधक दस्ते और पुलिस ने की तलाशी

घटना की सूचना मिलने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), बम निरोधक दस्ते और एयरपोर्ट पुलिस ने विमान की बारीकी से जांच की। सुरक्षा दलों ने संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया।

रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा जांच पूरी होने तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि यात्रियों को करीब दो घंटे बाद, लगभग शाम 4:30 बजे, टर्मिनल में प्रवेश की अनुमति दी गई।

एक दिन पहले भी मिला था बम की धमकी वाला नोट

कोलकाता एयरपोर्ट पर यह दो दिनों के भीतर दूसरी बम धमकी की घटना थी। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट के महिला शौचालय में टिश्यू पेपर पर हाथ से लिखा एक नोट मिला था। उसमें बोर्डिंग गेट के पास बम होने की धमकी दी गई थी।

उस घटना के बाद भी CISF, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने एयरपोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया था। अधिकारियों के अनुसार, उस तलाशी में भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और विमान सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

CCTV फुटेज और यात्रियों की सूची की जांच

लगातार दो घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और कड़ी कर दी गई है। पुलिस शनिवार की घटना के संबंध में यात्रियों की सूची और CCTV फुटेज की जांच कर रही है, ताकि धमकी भरा संदेश लिखने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदेश किसने लिखा और उसका उद्देश्य क्या था।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

हवाई अड्डों और विमानों में बम की धमकी मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे को गंभीरता से लेते हुए तलाशी और निकासी जैसी प्रक्रियाएं अपनाती हैं। कोलकाता एयरपोर्ट की इन घटनाओं में अब तक किसी विस्फोटक वस्तु की बरामदगी की सूचना नहीं है। हालांकि, जांच पूरी होने और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने तक मामले को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।



'गढ़बो हमर व्यापार' से छत्तीसगढ़िया व्यापारियों को मिला ग्रोथ का मंत्र, टेक्नोलॉजी से कारोबार बढ़ाने के सीखे गुर

No comments Document Thumbnail

रायपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर के व्यापारियों ने लिया हिस्सा, सरकारी योजनाओं, टैक्स, ONDC, AI और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग की मिली जानकारी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यापारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को रायपुर के विमतारा में 'गढ़बो हमर व्यापार' प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ उद्योग विभाग (CSIDC) एवं छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उम्मीद से अधिक संख्या में व्यापारी शामिल हुए।

प्रदेश के पांचों संभागों से पहुंचे व्यापारियों को सरकारी योजनाओं, औद्योगिक नीति, टैक्स प्रबंधन, ऑनलाइन व्यापार, ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को बदलते व्यावसायिक माहौल के अनुरूप तैयार करना और तकनीक के माध्यम से उनके कारोबार को विस्तार देने के अवसरों से परिचित कराना रहा।

औद्योगिक नीति और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम में उद्योग विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर श्रीमती सोमानी मंडलोई ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-30 के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नए उद्योग स्थापित करने, स्टार्टअप शुरू करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन और सब्सिडी संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी।

उन्होंने व्यापारियों को सरकारी योजनाओं और औद्योगिक नीतियों की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इससे स्थानीय उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार और नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

टैक्स प्रबंधन से कारोबार को व्यवस्थित बनाने पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक कुमार साहू ने टैक्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं और व्यावसायिक प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने व्यापारियों को कर संबंधी नियमों की जानकारी रखने, व्यावसायिक दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने और कारोबार में वित्तीय प्रक्रियाओं को सही तरीके से संचालित करने के महत्व से अवगत कराया।

टैक्स संबंधी नियमों की बेहतर समझ से व्यापारियों को अपने व्यवसाय का प्रबंधन अधिक व्यवस्थित ढंग से करने में सहायता मिल सकती है।

ONDC से ऑनलाइन व्यापार बढ़ाने के बताए तरीके

डिजिटल माध्यमों से कारोबार को विस्तार देने के विषय पर अभिजीत राय ने व्यापारियों को ऑनलाइन व्यापार और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से व्यापारी अपने उत्पादों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने के अवसर तलाश सकते हैं। डिजिटल माध्यमों को अपनाकर स्थानीय व्यापारी अपने पारंपरिक कारोबार के साथ ऑनलाइन बाजार में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

AI से आसान हो सकता है व्यापार का संचालन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विशेषज्ञ सौरभ सराफ ने व्यापार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि AI आधारित तकनीकों का इस्तेमाल ग्राहकों से संवाद, प्रचार सामग्री तैयार करने, उत्पादों की जानकारी देने, बाजार संबंधी विश्लेषण और रोजमर्रा के व्यावसायिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने में किया जा सकता है।

आधुनिक तकनीक का सही उपयोग छोटे व्यापारियों के लिए भी नए अवसर खोल सकता है। इससे समय की बचत करने, ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचने और कारोबार की कार्यप्रणाली में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग पर भी हुआ मंथन

कार्यक्रम में SPIU, CSIDC से जुड़े आनंद वर्धन ने पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापारियों को पैकेजिंग के ऐसे विकल्पों के प्रति जागरूक किया, जो पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

बदलते समय में उत्पादों की गुणवत्ता के साथ उनकी पैकेजिंग भी कारोबार की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। ऐसे में पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाना व्यापारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाना महासंघ का उद्देश्य

छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शेखर वर्मा ने कहा कि महासंघ का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाना और छत्तीसगढ़िया समाज को उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से व्यापारियों को नई जानकारियां मिलती हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। व्यापारियों को सरकारी योजनाओं और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

महासंघ के उपाध्यक्ष दिलीप टिकरिया एवं ईश्वर पटेल ने कहा कि कार्यक्रम में व्यापारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस बात का संकेत है कि स्थानीय व्यापारी नई तकनीक और आधुनिक व्यावसायिक तरीकों को अपनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रदेश के अन्य संभागों और जिला स्तर पर भी आयोजित करने की मांग की है।

प्रतिभागियों को मिलेंगे ऑनलाइन प्रमाणपत्र

कार्यक्रम में शामिल व्यापारियों को प्रशिक्षण में सहभागिता के लिए ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इससे प्रतिभागियों को कार्यक्रम में अपनी भागीदारी का प्रमाण भी उपलब्ध होगा।

महासंघ के महासचिव कुबेर चंद्राकर ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों, प्रशिक्षकों और व्यापारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया व्यापारी आपस में एकजुट होकर स्थानीय खरीदारी को बढ़ावा दें। स्थानीय उत्पादों और व्यापारियों को प्राथमिकता देने से प्रदेश के व्यापारिक वातावरण को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

व्यापारियों की रही बड़ी भागीदारी

'गढ़बो हमर व्यापार' प्रशिक्षण कार्यक्रम में महासंघ के उपाध्यक्ष आशीष साहू एवं पुनारद निषाद, कोषाध्यक्ष ललित साहू सहित विजय चंद्रवंशी, गुलाब साहू, दिनेश सारसीहा, देवेंद्र सांभकर, रामशरण टंडन, घनश्याम सिन्हा, नागेश्वर वर्मा, टीकम ठाकुर, पारस पटेल, यश साहू, त्रिलोचन साहू, लक्ष्मण साहू और गोविंद यादव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

स्थानीय व्यापार को आधुनिक बनाने की पहल

'गढ़बो हमर व्यापार' कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय व्यापारियों को पारंपरिक व्यावसायिक तरीकों के साथ डिजिटल तकनीक, सरकारी योजनाओं और आधुनिक प्रबंधन प्रक्रियाओं से जोड़ने की पहल की गई। कार्यक्रम में सामने आया कि छोटे व्यापारियों के लिए सही जानकारी, तकनीकी प्रशिक्षण और आपसी सहयोग कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—सरकारी योजनाओं की जानकारी लें, नई तकनीक अपनाएं, डिजिटल बाजार से जुड़ें और स्थानीय व्यापार को मजबूत बनाकर छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में योगदान दें।


पराली जलाने के बजाय उससे उगाएं मशरूम, बचे अवशेषों से बनाएं जैविक खाद

No comments Document Thumbnail

किसान स्कूल में मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण, किसानों को पराली के सदुपयोग से अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के बताए तरीके

जांजगीर-चांपा- धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली पराली किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन सकती है। इसे जलाकर नष्ट करने के बजाय इससे ढींगरी (ऑयस्टर) मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। इतना ही नहीं, मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाले पराली के अवशेषों का उपयोग जैविक खाद तैयार करने में भी किया जा सकता है। इससे जहां पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी, वहीं किसानों को कृषि अपशिष्ट से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा।

इसी उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले के बहेराडीह स्थित किसान स्कूल में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को धान की पराली का बेहतर उपयोग करने, मशरूम उत्पादन की तकनीक अपनाने और उत्पादन के बाद बचे अवशेषों से जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

पराली नहीं, किसानों के लिए उपयोगी कृषि संसाधन

किसान स्कूल के संचालक एवं वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि धान की पराली को अनुपयोगी कचरा समझकर जलाना उचित नहीं है। सही तकनीक अपनाकर इसी पराली को उपयोगी कृषि संसाधन में बदला जा सकता है।

उन्होंने बताया कि धान की पराली से ढींगरी यानी ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। इसके लिए पराली की सफाई, उसे छोटे टुकड़ों में काटना, निर्धारित विधि से उपचार करना, मशरूम के बीज (स्पॉन) डालना तथा उत्पादन के दौरान उचित तापमान और नमी बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने किसानों को मशरूम उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए कृषि अवशेषों का सदुपयोग करने और खेती में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

मशरूम उत्पादन के बाद बचे अवशेषों से बनेगी जैविक खाद

प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाले पराली के अवशेषों का उपयोग कम्पोस्ट और अन्य जैविक खाद तैयार करने में किया जा सकता है। उचित तरीके से तैयार की गई खाद खेतों में जैविक पदार्थ बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकती है।

इस तरह धान की पराली का उपयोग मशरूम उत्पादन से लेकर जैविक खाद तैयार करने तक किया जा सकता है। इससे कृषि अवशेषों की उपयोगिता बढ़ेगी और उन्हें जलाने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

कम जगह में शुरू कर सकते हैं मशरूम उत्पादन

किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम जगह में भी शुरू किया जा सकता है। इच्छुक किसान उचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण मशरूम बीज, उत्पादन की अनुकूल परिस्थितियों और बाजार की उपलब्धता को ध्यान में रखकर इसे कृषि आधारित व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं।

मशरूम उत्पादन शुरू करने से पहले किसानों को स्थानीय बाजार में इसकी मांग, उत्पादन लागत, भंडारण और बिक्री की संभावनाओं का आकलन करना चाहिए। इससे वे अपने संसाधनों के अनुसार बेहतर योजना बना सकते हैं और अतिरिक्त आय के अवसर तलाश सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ेगी खेती की उपयोगिता

किसान स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना और कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग के विकल्पों से परिचित कराना रहा।

पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसके विपरीत, पराली का उपयोग मशरूम उत्पादन और जैविक खाद बनाने में करने से कृषि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

किसान स्कूल के माध्यम से किसानों को कम लागत वाली तकनीकों, कृषि नवाचारों और खेती को अधिक उपयोगी एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

किसान स्कूल का संदेश: पराली जलाएं नहीं, उससे कमाई के रास्ते बनाएं

किसान स्कूल ने किसानों से अपील की कि धान की कटाई के बाद बचने वाली पराली को जलाने के बजाय उसका उपयोग मशरूम उत्पादन और जैविक खाद तैयार करने में करें। इससे कृषि अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन करने, प्रदूषण कम करने और खेती के लिए उपयोगी संसाधन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

पराली का सदुपयोग, मशरूम उत्पादन और जैविक खाद निर्माण—ये तीनों उपाय किसानों को खेती में नए अवसर तलाशने की दिशा दिखाते हैं।


CG NEWS ; तेंदुए की आहट से दहशत, CCTV में गुर्राहट जैसी आवाज रिकॉर्ड; वन विभाग अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 कवर्धा। शहर में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है। जी-श्याम नगर कॉलोनी में रात करीब पौने दो बजे सीसीटीवी कैमरे में गुर्राहट जैसी आवाज रिकॉर्ड होने के बाद इलाके में तेंदुए की हलचल की चर्चा शुरू हो गई। पिछले दो महीनों में रिहायशी इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर यह तीसरी बार चर्चा सामने आई है। हालांकि, ताजा मामले में शहर के भीतर तेंदुए की मौजूदगी की वन विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एहतियात के तौर पर विभागीय अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


दो तेंदुओं के घूमने की भी चर्चा

जी-श्याम नगर कॉलोनी में आवाज रिकॉर्ड होने के बाद स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं। इलाके में दो तेंदुओं के एक साथ घूमने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना वन विभाग को देने की अपील की गई है।

दो सप्ताह पहले अस्पताल में घुसा था तेंदुआ

कवर्धा में वन्यजीवों की रिहायशी क्षेत्रों में आवाजाही का मामला नया नहीं है। करीब दो सप्ताह पहले शहर के स्नेहा हॉस्पिटल परिसर में एक तेंदुआ घुस गया था। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में वह सीढ़ियों से उतरकर परिसर में घूमता दिखाई दिया था।

इस दौरान तेंदुए ने यशोदा बाई नामक महिला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद वह महिलाओं के वॉशरूम में छिप गया। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ लिया था। इस घटना के बाद शहर में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

बटालियन के गेट के पास दिखे थे दो तेंदुए

इससे पहले शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर सरेखा स्थित 17वीं बटालियन के मुख्य द्वार के सामने भी दो तेंदुओं की मौजूदगी सामने आई थी। वायरल सीसीटीवी फुटेज में दोनों तेंदुए एक कुत्ते का शिकार करते और उसे जंगल की ओर ले जाते दिखाई दिए थे। बटालियन परिसर भोरमदेव अभयारण्य के जंगलों से लगा हुआ है।

भोरमदेव अभयारण्य में तेंदुओं की मौजूदगी

जानकारों के मुताबिक, भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में 70 से अधिक तेंदुए मौजूद हैं। हाल के महीनों में जैतपुरी सहित आसपास के गांवों में भी तेंदुओं की आवाजाही की खबरें सामने आई हैं। जंगल से लगे गांवों और रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी से मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बनी रहती है।

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध आवाज, वीडियो या वन्यजीव की मौजूदगी से जुड़ी सूचना की पुष्टि किए बिना उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे, तो उसके पास जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

फिलहाल जी-श्याम नगर में रिकॉर्ड हुई आवाज की पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में लोगों की नजर वन विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

निर्माण श्रमिकों के जीवन में खुशहाली ला रहीं सन्निर्माण कर्मकार मंडल की जनकल्याणकारी योजनाएं

No comments Document Thumbnail

 ताराशंकर सिन्हा- सहायक संचालक

रायपुर : श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन के तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित 15 जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को मातृत्व सहायता, शिक्षा, साइकिल, औजार, सुरक्षा उपकरण, आवास, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मंडल के द्वारा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया गया, जिसमें इन हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 47 हजार 11 पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को कुल 18 करोड़ 96 लाख 73 हजार रुपए का लाभ दिया गया। मंडल द्वारा उनके बैंक खातों में यह राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की गई।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ श्रम सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1 हजार 975 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से तथा मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 220 हितग्राहियों को 8 लाख 15 हजार 113 रुपये की सहायता डीबीटी के माध्यम से दी गई है। वहीं, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 509 हितग्राहियों को 17 लाख 44 हजार 7 रुपये प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा करने और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।


शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 38 हजार 380 हितग्राहियों को 6 करोड़ 67 लाख 9 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 904 हितग्राहियों को 60 लाख 64 हजार 700 रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 1 हजार 243 हितग्राहियों को 17 लाख 59 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए गए हैं। बच्चों को खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 3 हितग्राहियों को 1 लाख 50 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए गए हैं।

सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 246 हितग्राहियों को 2 करोड़ 46 लाख रुपये तथा 2 हितग्राहियों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत 2 हितग्राहियों को 40 हजार रुपये और मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 238 हितग्राहियों को 47 लाख 60 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए गए हैं।

महिला श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 1 हजार 957 हितग्राहियों को 3 करोड़ 91 लाख 40 हजार रुपये तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 12 हितग्राहियों को 13 लाख 37 हजार 200 रुपये प्रदान किए गए हैं। वहीं, कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 1 हजार 319 हितग्राहियों को 19 लाख 78 हजार 500 डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को 75 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

ज्ञातव्य है कि मंडल की ये महत्वाकांक्षी योजनाएं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों की जरूरतों और कल्याण को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही हैं। शिक्षा, मातृत्व, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और आवास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिल रही सहायता श्रमिक परिवारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने में सहायक है। योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने, बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर नाबालिग को ले गया दूसरे जिले; दुष्कर्म के आरोप में युवक गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 भानुप्रतापपुर। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद नाबालिग को बहला-फुसलाकर दूसरे जिले ले जाने और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र की कच्चे पुलिस चौकी में परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। जांच के दौरान नाबालिग को कोंडागांव जिले के ग्राम कुसमा से बरामद किया गया। मामले में 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी धनेश्वर नेताम कोंडागांव जिले के ग्राम कुसमा का निवासी है। बताया गया है कि उसकी नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम के माध्यम से जान-पहचान हुई थी। आरोप है कि युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और 15 अक्टूबर को कुसमा स्थित अपने घर पहुंचा दिया।

परिजनों की शिकायत पर शुरू हुई तलाश

नाबालिग के लापता होने पर परिजनों ने कच्चे पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और लड़की की तलाश में जुट गई। जांच के दौरान 22 अक्टूबर को नाबालिग को आरोपी के घर से बरामद किया गया।

शिकायत के बाद आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने अपने साथ दुष्कर्म होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी धनेश्वर नेताम को गिरफ्तार कर लिया। उसे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

CG NEWS : शराब पीने के बाद दो की संदिग्ध मौत, पार्षद और क्लीनिक संचालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

No comments Document Thumbnail

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में शराब सेवन के बाद दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे के रूप में हुई है। दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालत गंभीर होने के कारण बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। फिलहाल मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हुई है।


शुक्रवार शाम चार लोग साथ बैठकर पी रहे थे शराब

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम चार लोग एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान रामखिलावन जांगड़े और जोहितराम खरे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनकी हालत गंभीर होने पर दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया।

वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को बिलासपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में लेकर पहुंचे।

सिम्स और अपोलो में इलाज के दौरान मौत

पार्षद रामखिलावन जांगड़े को बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया था। वहीं, जोहितराम खरे का इलाज अपोलो अस्पताल में चल रहा था। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

दो लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद पामगढ़ में घटना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों की तबीयत अचानक किस वजह से बिगड़ी और उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या था।

पैसों के लेनदेन के विवाद की भी चर्चा

घटना के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ सूत्रों के हवाले से जोहितराम खरे का एक रिश्तेदार के साथ आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

ऐसे में इस कथित विवाद को दोनों की मौत से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी। मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी मौत की असली वजह

फिलहाल दोनों की मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। शराब सेवन के बाद तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि मौत जहरीली शराब या किसी अन्य विशेष कारण से हुई है।

मौत की वास्तविक वजह चिकित्सकीय जांच और संबंधित जांच प्रक्रिया के निष्कर्षों से ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय मौजूद अन्य दो लोगों की स्थिति और उनके बयान भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल क्षेत्र के लोगों को आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.