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विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के अग्रसेन धाम में आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं श्री अग्रसेन जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाराजा श्री अग्रसेन जी ने समाज को दानशीलता और परोपकार का अमूल्य संदेश दिया।


अग्रवाल समाज व्यवसाय के साथ समाज में भी अपना सार्थक योगदान दे रहे हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। यह समाज परिश्रम से स्थापित उद्योग-धंधों में लोगों को रोजगार देते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रवाल समाज के लोग अग्रणी भूमिका में रहते हैं। महाराजा अग्रसेन जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी। उनके द्वारा दिए गए एक ईंट एक रुपया का सिद्धांत आपसी सहयोग और आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल है।


राज्यपाल डेका ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने हमें सिखाया कि ज्ञान सभी से लेना चाहिए और दान भी देना चाहिए। नई पीढ़ी को त्वरित सफलता प्राप्त करने की जगह पारंपरिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। अग्रवाल समाज में पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने की सुंदर परम्परा है। असम सिनेमा को आगे बढ़ाने में ज्योति प्रसाद अग्रवाल ने योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी की भागीदारी से ही सुंदर समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ में उद्योग एवं व्यवसाय की असीम संभावना है। अग्रवाल समाज अपने व्यापार में इन अवसरों का उपयोग करेंगे तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि यह समाज हमेशा परोपकार के क्षेत्र में अग्रणी रहता है। चाहे स्वास्थ्य शिविर हो या गौसेवा, धर्मशाला, सामूहिक विवाह या निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, अग्रवाल समाज हर रूप में आगे बढ़कर परोपकार करता है।

आज भी गौमाता के लिए एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया है, यह अग्रवाल समाज की सेवा भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। हम भी विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए विजन डाक्यूमेंट के आधार पर मिशन मोड पर कार्य कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ से 75 लाख करोड़ रूपए तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में खनिज, वनोपज, बिजली, पानी सहित सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। अग्रवाल समाज अपने व्यवसायिक परिश्रम से छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज लोगों को रोजगार देने के साथ ही समाजसेवा में भी अपना बहुमूल्य योगदान देता है। महाराजा अग्रसेन जी ने समानता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर घायल गौमाता के इलाज के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया। अग्रसेवा गौशाला रायपुर द्वारा संचालित इस एम्बुलेंस की सुविधा मोबाइल नंबर +91-8109002139 पर कॉल कर ली जा सकेगी।

कार्यक्रम में अग्रवाल समाज की डायरेक्ट्री तथा अग्रपुष्प बुलेटिन त्रैमासिक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया तथा अग्रवाल समाज के प्रतिभावान बच्चों को अग्र प्रतिभा सम्मान और युवाओं को अग्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीआर ग्रुप के चेयरमैन सुशील अग्रवाल, अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रेमचंद अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के पदाधिकारी, गणमान्य जन व सामाजिक सदस्य उपस्थित थे।

सरईपानी जंगल में भालू का हमला, चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण; घायल रायपुर रेफर

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जंगल से वन उपज जुटाने गए एक बुजुर्ग पर भालू ने हमला कर दिया। नहरगांव क्षेत्र के सरईपानी जंगल में 55 वर्षीय गिरधारी विश्वकर्मा का सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। इस दौरान भालू के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। घायल बुजुर्ग को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया।


माहुल पत्ता तोड़ने गए थे जंगल

जानकारी के अनुसार, नहरगांव निवासी गिरधारी विश्वकर्मा सोमवार सुबह माहुल पत्ता तोड़ने के लिए सरईपानी जंगल गए थे। इसी दौरान गरियाबंद वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 582 में उनका सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। अचानक हुए हमले में बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए दौड़े ग्रामीण

भालू के हमले के दौरान गिरधारी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की आहट मिलने पर मादा भालू अपने दोनों शावकों के साथ जंगल की ओर चली गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और घटना की जानकारी दी।

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार, फिर रायपुर रेफर

घायल गिरधारी विश्वकर्मा को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल गरियाबंद पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालत को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने जंगल में माहुल पत्ता, महुआ और अन्य वन उपज एकत्र करने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचना और सतर्कता बरतना जरूरी है। खासकर शावकों के साथ मौजूद मादा भालू के करीब जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

जंगल में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ग्रामीणों को वन विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। फिलहाल घायल बुजुर्ग को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश तत्काल प्रभाव से एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। इस संभावित समझौते को ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का अस्थायी समझौता) कहा जा रहा है।

हालांकि, इस घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले से नहीं थी। रूस की ओर से भी तत्काल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इसके बाद यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूसी हमलों की खबरें सामने आईं। 

ट्रंप ने क्या ऐलान किया?

11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का समझौता तत्काल प्रभाव से लागू है। उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का उल्लंघन नहीं करने की अपील की।

इस घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि समझौता कितने दिनों तक लागू रहेगा, इसकी निगरानी कौन करेगा और उल्लंघन होने पर क्या कदम उठाए जाएंगे। 

‘एनर्जी सीजफायर’ का क्या मतलब है?

इसका उद्देश्य युद्ध के दौरान बिजली, तेल और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को हमलों से बचाना है।

इस तरह की व्यवस्था के अंतर्गत संभावित रूप से निम्नलिखित ठिकानों पर हमले रोकने की बात हो सकती है:

  • बिजली उत्पादन संयंत्र और पावर प्लांट

  • तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण केंद्र

  • ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान

  • बिजली और ईंधन वितरण की बुनियादी सुविधाएं

ऐसे ठिकानों पर हमले कम होने से आम नागरिकों को बिजली कटौती, ईंधन की कमी और सर्दियों में हीटिंग जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस मामले में समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं।

यूक्रेन की प्रतिक्रिया: जेलेंस्की ने क्या कहा?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि रूस भी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन इस व्यवस्था का समर्थन करेगा।

यूक्रेन का रुख यह रहा कि समझौता दोनों पक्षों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। जेलेंस्की ने इसके लिए स्पष्ट शर्तों और वास्तविक सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रूस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद रूस की ओर से समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इस कारण यह स्पष्ट नहीं था कि मॉस्को ने वास्तव में हमले रोकने की शर्तें स्वीकार की हैं या नहीं।

इसके बाद यूक्रेन के अधिकारियों ने राजधानी कीव और खार्किव में ऊर्जा सुविधाओं पर रूसी हमलों की जानकारी दी। कुछ हमलों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भी आईं। इससे युद्धविराम के वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल उठे। 

तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

रूस और यूक्रेन दोनों वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। रूस तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है, जबकि युद्ध के दौरान ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों ने आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है।

  • कच्चे तेल की कीमतें: युद्ध में तनाव कम होने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव घट सकता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है।

  • डीजल और पेट्रोल: तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और रिफाइनिंग लागत में बदलाव का असर ईंधन बाजार पर पड़ सकता है।

  • शेयर बाजार: युद्धविराम की विश्वसनीयता, तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

  • भारत पर असर: भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट राहत दे सकती है, लेकिन घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत बदलना जरूरी नहीं है।

रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड में लगभग 2% की गिरावट आई और कीमत करीब 103 डॉलर प्रति बैरल रही। हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। 

क्या रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा?

फिलहाल ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की व्यवस्था, यदि लागू होती है, तो युद्ध के एक सीमित हिस्से में तनाव कम कर सकती है। लेकिन इसका अर्थ पूरे युद्ध का अंत नहीं है।

युद्ध समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय विवाद, सुरक्षा संबंधी मांगों, सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक सहमति जैसे व्यापक मुद्दों पर भी बातचीत आवश्यक होगी।

अब आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?

आने वाले समय में तीन बातों पर नजर रहेगी:

  • क्या रूस आधिकारिक रूप से ऊर्जा युद्धविराम स्वीकार करता है?
  • क्या दोनों देश बिजली संयंत्रों, तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले वास्तव में रोकते हैं?
  • क्या अमेरिका या अन्य देश समझौते की निगरानी और उल्लंघन रोकने के लिए कोई व्यवस्था प्रस्तुत करते हैं?

निष्कर्ष: 11 अक्टूबर को डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन 12 अक्टूबर तक इसकी शर्तें और दोनों पक्षों की सहमति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थीं। यूक्रेन ने पारस्परिक युद्धविराम का समर्थन किया, जबकि ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की खबरें जारी रहीं। इसलिए इसे युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बजाय एक अनिश्चित कूटनीतिक पहल के रूप में देखना उचित है। 


रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक की मौत

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए एक हमले में हैदराबाद के एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर सामने आई। इस घटना में कई अन्य भारतीय भी घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास घायलों की स्थिति पर नजर रख रहा है और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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मृतक भारतीय की पहचान
  • नाम: मोहम्मद यूसुफ (Mohammed Yousuf / Mohammed Yusuf Ali)

  • उम्र: 46 वर्ष

  • निवास: मेहदीपट्टनम, हैदराबाद, तेलंगाना

  • पेशा: आईटी प्रोफेशनल

  • यात्रा का उद्देश्य: उमराह की धार्मिक यात्रा

मोहम्मद यूसुफ अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ यात्रा कर रहे थे। परिवार मदीना जाने से पहले रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान मौजूद था।

हमला कैसे हुआ?

Explosions near Riyadh’s King Khalid Airport trigger citywide alert, flights disrupted
10 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समयानुसार लगभग दोपहर 3 बजे एयरपोर्ट पर चेक-इन कियोस्क के पास परिवार इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या अन्य प्रकार का हमला करने वाला उड़ता हथियार एयरपोर्ट परिसर में आ गिरा।

रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा मोहम्मद यूसुफ पर गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बाद में उनकी मौत हो गई।

परिवार के सदस्यों की क्या स्थिति है?

मोहम्मद यूसुफ की पत्नी समीरा और उनके तीन बच्चे भी घटना में घायल हुए।

  • उनके एक बेटे अमान के घुटने में चोट आई और उसकी सर्जरी की गई।

  • दूसरे बेटे वसी के पैर में चोट आई और उसका इलाज चल रहा था।

  • उनकी बेटी मरियम और पत्नी समीरा के घायल होने की भी रिपोर्ट है।

  • परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति के बारे में शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारियां आई हैं।

कितने भारतीय घायल हुए?

भारतीय दूतावास की 12 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, भारतीय नागरिकों की स्थिति इस प्रकार है:

1-भारतीय नागरिक की मौत

3-ICU में, हालत स्थिर

2-सामान्य वार्ड में भर्ती

अन्य-अस्पताल से छुट्टी

घटना के बाद शुरुआती रिपोर्टों में 11 भारतीयों के घायल होने का उल्लेख था। बाद में दूतावास ने बताया कि एक भारतीय की मौत हो गई है, तीन ICU में हैं और दो अन्य सामान्य वार्ड में भर्ती हैं।

भारत सरकार ने क्या कदम उठाए?

भारतीय दूतावास, रियाद ने कहा कि उसके अधिकारी घायल भारतीयों का इलाज कर रहे सभी अस्पतालों में गए हैं। दूतावास ने सऊदी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता के लिए धन्यवाद दिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी परिवार को सहायता देने की बात कही। मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की व्यवस्था में मदद देने का आश्वासन भी दिया गया।

हमले के पीछे कौन था?

समाचार एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हुए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। रियाद एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरें सामने आईं और दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की भी सूचना दी गई।

हालांकि, किसी विशेष हमले की जिम्मेदारी से जुड़े दावों और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

इस घटना का भारत पर क्या असर हो सकता है?

  • भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: सऊदी अरब में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं।

  • हवाई यात्रा: एयरपोर्ट पर हमलों और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या मार्ग बदलने की स्थिति बन सकती है।

  • परिवारों की सहायता: घायलों के इलाज, परिजनों से संपर्क और पार्थिव शरीर को भारत लाने में भारतीय दूतावास की भूमिका महत्वपूर्ण है।

  • क्षेत्रीय तनाव: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

ये संभावित प्रभाव हैं; हर उड़ान या यात्री पर इनका असर होना जरूरी नहीं है।

मुख्य बात: हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ की 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में मौत हुई। उनकी पत्नी और तीन बच्चे भी घायल हुए। 12 अक्टूबर तक भारतीय दूतावास के अनुसार तीन भारतीय ICU में स्थिर थे और दो अन्य सामान्य वार्ड में भर्ती थे।


दुष्कर्म के आरोपी को अस्पताल में VIP सुविधा? स्पेशल वार्ड में मोबाइल चलाते मिला, आरक्षकों की ड्यूटी पर उठे सवाल

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी का झांसा देकर एक विधवा महिला का कथित तौर पर दैहिक शोषण करने के आरोपी पवन महतो को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि अस्पताल में वह मोबाइल फोन पर बात करता और गुटखा खाता नजर आया। आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप

मामला कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी पवन महतो के अडानी पावर प्लांट में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है। उस पर एक विधवा महिला को शादी का भरोसा देकर लगातार दैहिक शोषण करने का आरोप है। इस मामले में 8 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया भर्ती

जानकारी के मुताबिक, मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) के दौरान तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर आरोपी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि उसे सामान्य वार्ड के बजाय स्पेशल वार्ड में रखा गया है। अस्पताल में उसके मोबाइल इस्तेमाल करने और गुटखा खाने की बात भी सामने आई है।

इस घटनाक्रम के बाद आरोपी की निगरानी और पुलिस अभिरक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोपी की सुरक्षा और निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही कथित सुविधाओं को लेकर पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CSP बोले- आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था

मामले में सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सीएसपी ने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात आरक्षकों की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर एसपी स्तर से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, अस्पताल में आरोपी को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और पुलिसकर्मियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में है। पुलिस की ओर से जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

आज की ताज़ा खबरें

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नमस्कार! आप सुन रहे हैं आज का अपडेटेड न्यूज़ बुलेटिन। आज सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, और मैं लेकर आया हूँ देश-दुनिया की अब तक की बड़ी और ताज़ा खबरें।

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4. कांग्रेस विधायकों का दिल्ली दौरा

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खराब सड़कों पर हाई कोर्ट सख्त

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम और राज्य सरकार से सड़कों की खराब स्थिति पर जवाब माँगा है और त्योहारों से पहले मरम्मत के लिए तत्काल कदमों का ब्योरा देने को कहा है।

52 हाथियों के दल से दहशत, बच्चों की छुट्टी; रातभर जागकर घरों की रखवाली कर रहे ग्रामीण

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेलियामार गांव के आसपास विचरण कर रहे हाथियों के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घर और खेतों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। हाथियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है।


हॉस्टल की दीवार तोड़कर घुसे थे हाथी

ग्रामीणों के मुताबिक, तीन दिन पहले हाथियों के झुंड ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी। इसके अलावा हाथियों ने बगीचे को नुकसान पहुंचाया और एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजने का फैसला लिया।

बताया जा रहा है कि हाथियों के इस दल में शामिल एक दंतैल हाथी अलग घूम रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह हाथी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी गतिविधियों को लेकर लोगों में विशेष डर बना हुआ है।

हाथियों के डर से रातभर जाग रहे ग्रामीण

तेलियामार और आसपास के गांवों में हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। लोग अपने घरों और फसलों को बचाने के लिए रातभर निगरानी कर रहे हैं। हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट जाते हैं।

डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण खेलन सिंह ने हाथियों से बचने के लिए अपनी खाट घर की छानी के ऊपर रख दी है, ताकि खतरा महसूस होने पर ऊंचे स्थान पर जाकर जान बचा सकें। गांव में लोग हर समय इस आशंका में रहते हैं कि कहीं हाथियों का दल उनके घरों या खेतों की ओर न पहुंच जाए।

ग्रामीणों ने थाने में लगाई सुरक्षा की गुहार

हाथियों से सुरक्षा और नुकसान की समस्या को लेकर रविवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक कर अपनी परेशानी रखी। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी देने की मांग की गई।

पसान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश देते हुए हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों को हाथियों के करीब नहीं जाने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं छोड़ने की सलाह दी।

वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोकने के लिए भी आवश्यक समझाइश दी जा रही है।

विभाग के अनुसार, हाथियों के कारण किसानों की फसल और मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।

निगरानी बढ़ाने की मांग

लगातार हाथियों की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने, समय पर सूचना देने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी जान, घर और फसलों की सुरक्षा करना है। अब देखना होगा कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने के लिए विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

Navratri Day 2: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलता है धैर्य और आत्मबल का आशीर्वाद, जानें पूजा विधि, मंत्र और भोग

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 Navratri Day 2 2026: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से भक्तों को आत्मसंयम, धैर्य और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। नवरात्रि के इस दिन माता को चीनी, मिश्री और फल का भोग अर्पित करने की परंपरा है। वहीं, पूजा के दौरान ‘ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।


मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से माता की आराधना कर सुख-शांति की कामना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से माता की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिलता है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र, भोग और धार्मिक महत्व।

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इसी तपस्या और साधना से जुड़े स्वरूप को मां ब्रह्मचारिणी कहा जाता है।

माता का स्वरूप शांत, सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। उनका यह स्वरूप तप, त्याग, धैर्य और संयम का संदेश देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से भक्तों को आत्मबल और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। माता का स्वरूप यह प्रेरणा देता है कि जीवन में कठिनाइयां आने पर भी धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर माता की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान इन चरणों का पालन कर सकते हैं।

  1. पूजा की तैयारी: सुबह स्नान के बाद सफेद या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।

  2. दीपक जलाएं: मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर माता का ध्यान करें।

  3. पुष्प और पूजन सामग्री अर्पित करें: माता को फूल, अक्षत, कुमकुम और चंदन अर्पित करें।

  4. मंत्र जाप करें: मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। इच्छानुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं।

  5. भोग लगाएं: माता को चीनी, मिश्री और फल अर्पित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अन्य सात्विक प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं।

  6. आरती करें: पूजा के अंत में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

  7. प्रसाद बांटें: पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और श्रद्धालुओं में वितरित करें।

मां ब्रह्मचारिणी को कौन-सा भोग लगाएं?

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को चीनी और मिश्री का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा फल, दूध और दूध से बनी मिठाइयां भी चढ़ाई जा सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता को श्रद्धापूर्वक भोग अर्पित कर प्रसाद वितरित करना पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग कौन-सा है?

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सात्विकता का प्रतीक है। कुछ परंपराओं में पीले रंग के वस्त्र पहनने का भी प्रचलन है। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार वस्त्रों का चयन कर सकते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र

नवरात्रि के दूसरे दिन माता की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।

मंत्र का जाप शांत मन और श्रद्धा के साथ करें। भक्त अपनी सुविधानुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं और इसके बाद माता की आरती कर पूजा संपन्न कर सकते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से भक्तों को धैर्य, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा मिलती है। नवरात्रि का दूसरा दिन साधना और आत्मअनुशासन के महत्व को समझने का अवसर माना जाता है।

मां ब्रह्मचारिणी का तपस्विनी स्वरूप भक्तों को सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, मेहनत और संकल्प आवश्यक हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु माता की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

बैंकॉक के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. योगेश साठे ने प्रस्तुत किया दुर्लभ डबल वीएसडी केस

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श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की चिकित्सा उपलब्धि को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच

आरंग- 2 अक्टूबर को नया रायपुर में स्थित श्री सत्यसाईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर के इंटरवेंशनल पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. योगेश सी. साठे ने बैंकॉक में आयोजित कैथलैब कैफे, सीएसआई-एशिया पैसिफिक 2026 में अत्यंत दुर्लभ डबल वीएसडी केस प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

डॉ. साठे ने “एक बच्चे में दो वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट का एक साथ कैथेटर द्वारा डिवाइस से बंद करना” विषय पर 12 मिनट की प्रस्तुति दी। इसके बाद जापान के डॉ. हिदेशी तोमिता और न्यूजीलैंड की डॉ. जेम्मा पेनफोर्ड के संचालन में 10 मिनट चर्चा हुई, जिसमें विशेषज्ञों ने इस केस की सराहना की।

केस की खासियत यह रही कि एक छोटी बच्ची के हृदय में मौजूद दो वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) को एक ही कैथेटर आधारित प्रक्रिया में, दोनों डिवाइस एक साथ रिलीज कर बंद किया गया। यह प्रक्रिया विश्व स्तर पर अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है।

इस तकनीक से बच्ची को ओपन-हार्ट सर्जरी से बचाया गया, जटिलताएं कम हुईं, कॉस्मेटिक परिणाम बेहतर मिला और उसे मात्र 36 घंटे में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

सीएसआई-एशिया पैसिफिक 2026 जन्मजात व संरचनात्मक हृदय रोगों में कैथेटर आधारित आधुनिक उपचार पर केंद्रित विश्व का प्रमुख शैक्षणिक मंच है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस केस की प्रस्तुति अस्पताल और छत्तीसगढ़ में बच्चों के जटिल हृदय रोग उपचार को मिली वैश्विक मान्यता मानी जा रही है।

भव्य बन रहा है गढ़रीवा का मां चंडिका मंदिर

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नवरात्र पर श्रद्धालुओं में उत्साह, मनोकामना ज्योति की तैयारियां जोरों पर

आरंग- आज कुंवार नवरात्र के आगमन के साथ ही क्षेत्र के देवी मंदिरों में भक्ति का माहौल बन गया है। साफ-सफाई, रंग-रोगन, रोशनी और मनोकामना ज्योति की तैयारियां जोरों पर हैं।इसी बीच पुरातात्विक ग्राम गढ़रीवा स्थित प्राचीन मां चंडिका देवी मंदिर का ग्रामीणों द्वारा जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं ग्रामीण जनसहयोग से मंदिर को भव्य रूप देने के प्रयास में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस मंदिर के निर्माण में करीब 60 लाख रुपए की लागत आने का अनुमान है।

हजारों वर्ष पुराना है मंदिर का इतिहास 

मंदिर समिति के अनुसार मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि महादानी राजा मोरध्वज यहां मां चंडिका की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त करते थे। राजा महर के काल में यह वीर लोरिक अहीर की आराध्य देवी के रूप में भी प्रसिद्ध रहा।

एक ही पत्थर में है पंचमूर्ति

मंदिर के पुजारी मोहन भारती बताते हैं माता की प्रतिमा एक विशाल शिला में निर्मित पंचमूर्ति है। जिसमें भक्त लंगुरे, मां चंडिका, मां आदिशक्ति, मां महामाया और काल भैरव विराजमान हैं, इसलिए इसे पंचमूर्ति चंडिका सिद्धपीठ कहा जाता है।मंदिर से लगा 75 एकड़ का बंधुआ तालाब चर्म रोग, विशेषकर सफेद दाग के निवारण के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सात रविवार तक श्रद्धापूर्वक स्नान कर माता चंडिका का दर्शन करने से चर्म रोग से मुक्ति मिलती है, इसलिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं। वहीं कुंवार और चैत्र नवरात्र में यहां सैकड़ों मनोकामना ज्योति प्रज्वलित होती हैं। इस नवरात्र भी ज्योति कलश की तैयारियां जोरों पर हैं।

छत्तीसगढ़ में हाथियों का तांडव! कोरबा में 53 हाथियों ने तोड़ी स्कूल की बाउंड्री, धान की फसल बर्बाद; जशपुर में अस्पताल और चर्च परिसर तक पहुंचा दंतैल

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छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। कोरबा और जशपुर जिले में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कोरबा में 53 हाथियों के बड़े झुंड ने स्कूल के हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं, जशपुर जिले के कुनकुरी में झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी अस्पताल, कॉलेज और चर्च परिसर तक पहुंच गया। वन विभाग की टीमें दोनों क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। 

कोरबा: 53 हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात

कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में हाथियों के बड़े झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, हाथियों का झुंड गांव के पास स्थित दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया और वहां की बाउंड्रीवाल तोड़ दी।

हॉस्टल में करीब 160 बच्चे रह रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ और दीवार टूटने की आवाज से बच्चों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हाथियों ने हॉस्टल परिसर के बगीचे को भी नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध रिपोर्टों में हॉस्टल भवन के भीतर बच्चों पर हाथियों के हमले की पुष्टि नहीं है।

किसानों की धान की फसल को नुकसान

तेलियामार गांव के आसपास हाथियों के झुंड ने खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंद दिया। रिपोर्टों के अनुसार, एक किसान के मकान को भी नुकसान पहुंचा है।

धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों का खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। फसल को हुए नुकसान से उनकी मेहनत और आमदनी प्रभावित हो सकती है। प्रभावित किसानों को नुकसान का आकलन कराने के लिए वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

जशपुर के कुनकुरी में दंतैल हाथी की दस्तक

दूसरी घटना जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र की है। यहां झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में पहुंच गया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हाथी होली क्रॉस अस्पताल परिसर में घुसा और बाउंड्रीवाल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कॉलेज और चर्च परिसर तक भी उसकी आवाजाही की खबर सामने आई।

हाथी के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। अधिकारियों ने लोगों से हाथी के पास जाने, उसे उकसाने और वीडियो बनाने के लिए नजदीक पहुंचने से बचने की अपील की है। 

वन विभाग की निगरानी, आसपास के गांवों में सतर्कता

कोरबा क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीमों की तैनाती और निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, आसपास के लगभग 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर अलर्ट व्यवस्था भी इस्तेमाल की जा रही है। 

वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर जाने दिया जाए और इस दौरान ग्रामीणों, बच्चों, किसानों तथा स्वयं वन्यजीवों को किसी तरह का नुकसान न हो।

ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानियां

  • हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर खेतों और जंगल के रास्तों पर जाने से बचें।

  • हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और उनके पास जाकर फोटो या वीडियो न बनाएं।

  • हाथियों को भगाने के लिए पटाखे, आग या शोर का इस्तेमाल न करें।

  • रात के समय अकेले खेतों या जंगल से लगे रास्तों पर जाने से बचें।

  • बच्चों को हाथियों के संभावित रास्तों और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रखें।

  • हाथियों की सूचना मिलने पर स्थानीय वन विभाग या वनकर्मियों को तुरंत सूचित करें।

 बड़ा सवाल: जंगल से आबादी की ओर क्यों आ रहे हैं हाथी?

धान की फसल पकने के समय खेत हाथियों को आकर्षित कर सकते हैं। जंगल और गांवों के बीच हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों पर मानवीय गतिविधियां बढ़ने से भी टकराव की आशंका रहती है। हालांकि, इन दोनों घटनाओं के पीछे का सटीक कारण निर्धारित करने के लिए वन विभाग के विस्तृत आकलन की जरूरत होगी।

निष्कर्ष: कोरबा में 53 हाथियों के झुंड द्वारा स्कूल की बाउंड्री और फसलों को नुकसान पहुंचाने तथा जशपुर के कुनकुरी में दंतैल हाथी के रिहायशी परिसरों तक पहुंचने की घटनाएं मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को दिखाती हैं। ऐसे में समय पर चेतावनी, सुरक्षित दूरी और वन विभाग के साथ समन्वय बेहद जरूरी है।


मां दंतेश्वरी मंदिर में मोबाइल ले जाने पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए विशेष काउंटर

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दंतेवाड़ा- छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के प्रसिद्ध मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब  श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। दर्शन करने से पहले भक्तों को अपना मोबाइल फोन मंदिर के बाहर बनाए गए विशेष काउंटर पर जमा करना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

नवरात्रि के दौरान मां दंतेश्वरी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति ने यह कदम उठाया है।

मोबाइल से फोटो खींचने, सेल्फी लेने और वीडियो बनाने में लगने वाले समय के कारण दर्शन की कतार धीमी हो सकती है। ऐसे में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य कतार को तेजी से आगे बढ़ाना और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन का अवसर देना है।

कहां जमा करना होगा मोबाइल?

श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा कराने के लिए दंतेवाड़ा में जय स्तंभ चौक के पास, पुलिस सहायता केंद्र के बगल में विशेष काउंटर बनाया गया है।

यहां मोबाइल जमा करने के लिए श्रद्धालुओं को अपना नाम, मोबाइल नंबर और फोन का विवरण दर्ज कराना होता है। इसके बाद उन्हें एक टोकन दिया जाता है। दर्शन के बाद टोकन लौटाकर अपना मोबाइल वापस लिया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, व्यवस्था शुरू होने के शुरुआती घंटों में ही 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल जमा कराए। काउंटर पर एक समय में लगभग 1,000 से 2,000 मोबाइल सुरक्षित रखने की क्षमता बताई गई है। जरूरत पड़ने पर इसकी क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी की गई थी।

सुरक्षा और प्रशासन की विशेष व्यवस्था

मोबाइल जमा कराने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। तहसीलदार, नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।

मंदिर के अंदर सुरक्षा नियमों के तहत फोटो और वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध है। मीडिया कर्मियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके अनुसार उन्हें गरुड़ स्तंभ तक ही मोबाइल ले जाने और कवरेज करने की अनुमति दी गई है। गर्भगृह तथा अन्य प्रतिबंधित हिस्सों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है।

श्रद्धालुओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • मंदिर पहुंचने से पहले मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था के लिए समय रखें।

  • मोबाइल जमा करते समय टोकन सुरक्षित रखें।

  • दर्शन के बाद टोकन दिखाकर अपना मोबाइल वापस लें।

  • मंदिर परिसर में फोटो, वीडियो और रील बनाने से बचें।

  • भीड़ के दौरान प्रशासन और मंदिर समिति के निर्देशों का पालन करें।

श्रद्धा और सुगम दर्शन पर जोर

मां दंतेश्वरी मंदिर बस्तर की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था का उद्देश्य धार्मिक वातावरण बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और श्रद्धालुओं को कम परेशानी में दर्शन उपलब्ध कराना है।

श्रद्धालुओं के लिए संदेश: मंदिर जाने से पहले मोबाइल प्रतिबंध और जमा काउंटर की व्यवस्था की जानकारी लेकर निकलें, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।


छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पद, आदिम जाति विकास विभाग का बदलेगा नाम

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी। वहीं, ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।


बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, सुशासन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।


पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती

कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान की है। राज्य सरकार पहले ही इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के कार्यकाल पर अभिनंदन प्रस्ताव

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

प्रस्ताव में जनधन-आधार-मोबाइल व्यवस्था, जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई जैसे फैसलों का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के प्रति छत्तीसगढ़ को संसाधन उपलब्ध कराने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहयोग के लिए आभार जताया।

छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासनिक और नीतिगत सुधार किए गए हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के तहत औद्योगिक अनुमतियों की प्रक्रिया सरल की गई है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल यानी स्वतः स्वीकृति का प्रावधान और वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों से 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

गरीब परिवारों को आवास, राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश के लाखों परिवारों को लाभ मिला है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे हुए हैं। उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं। आयुष्मान भारत के तहत 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये के उपचार का लाभ मिलने की जानकारी भी दी गई।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के करीब 73 लाख परिवारों यानी 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन दिए जाने का उल्लेख किया गया।

किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 26.57 लाख किसानों को लाभ मिला है। उनके मुताबिक, धान उपार्जन 141 लाख मीट्रिक टन के स्तर तक पहुंचा है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस के रूप में भी भुगतान किया गया है।

महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों और वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जनजातीय विकास और बस्तर में बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदायों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना के तहत जनजातीय बहुल क्षेत्रों में आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बस्तर में सड़क निर्माण, स्कूलों को दोबारा शुरू करने और दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा राशन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समुदायों की भागीदारी से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देगा।

बिहार में गंगा नदी का भीषण कटाव: भागलपुर में मकानों और मंदिर को नुकसान, बचाव कार्य तेज

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भागलपुर- बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के तेज कटाव से नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। कटाव के कारण कई मकानों और एक मंदिर के प्रभावित होने की खबर सामने आई है। नदी के लगातार किनारों को काटने से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।

मकानों पर मंडराया खतरा, स्थानीय लोगों में चिंता

गंगा नदी के जलप्रवाह से किनारों की मिट्टी तेजी से बहने के कारण आसपास की जमीन कमजोर हो रही है। इससे नदी के नजदीक बने मकानों और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा, तो और भी घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।

प्रशासन ने शुरू किए बचाव और सुरक्षा के प्रयास

स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और तट-सुरक्षा के उपाय किए जाने की जानकारी है। ऐसे हालात में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने और कटाव को नियंत्रित करने की चुनौती है।

नदी किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे कटाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हर साल क्यों गंभीर होती है कटाव की समस्या?

गंगा नदी के किनारे बसे बिहार के कई इलाकों में नदी की धारा में बदलाव, तेज जलप्रवाह और मिट्टी की प्रकृति के कारण कटाव की समस्या सामने आती है। इससे खेती की जमीन, मकानों, सड़कों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।

निष्कर्ष: भागलपुर में गंगा नदी के कटाव ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा और तट-संरक्षण के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रभावित परिवारों को राहत देने और आगे के नुकसान को रोकने के लिए स्थिति की निगरानी तथा प्रभावी सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला: 12 लोगों की मौत, 300 से अधिक घायल; भारत ने की कड़ी निंदा

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नई दिल्ली- सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए मिसाइल हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत ने हमले को बताया अस्वीकार्य

भारत सरकार ने रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए।

भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, भारत ने सऊदी अरब की जनता और सरकार के प्रति एकजुटता जताते हुए क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की।

हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता

रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले के लिए सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी और परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक बयानों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

हमले के बाद एयरपोर्ट के संचालन और उड़ानों पर असर पड़ा। घटना ने नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है।

निष्कर्ष: भारत ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं। नई दिल्ली ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताते हुए हिंसा रोकने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की अपील की है।


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