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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

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रायपुर। महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।

मंत्री  राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

12 साल से कोमा में पड़े युवक को इच्छामृत्यु की अनुमति, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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 नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को 31 वर्षीय युवक हरीश राणा के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। युवक पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से कोमा की स्थिति में था। कोर्ट के आदेश के बाद उसकी कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


जानकारी के अनुसार हरीश राणा वर्ष 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई थी और तब से वे कोमा में थे।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को निर्देश दिया कि राणा को उपशामक देखभाल (Palliative Care) इकाई में भर्ती किया जाए, ताकि चिकित्सा उपचार को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सके।

पीठ ने कहा कि उपचार बंद करने की पूरी प्रक्रिया एक सुनियोजित योजना के तहत की जानी चाहिए, जिससे मरीज की गरिमा बनी रहे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने युवक के माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने एम्स-दिल्ली के डॉक्टरों के एक द्वितीयक मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया। रिपोर्ट में बताया गया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर और दयनीय है तथा उसके ठीक होने की संभावना नगण्य है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2023 में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, कोमा में पड़े मरीज की कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली हटाने से पहले विशेषज्ञों की राय लेने के लिए एक प्राथमिक और एक द्वितीयक मेडिकल बोर्ड का गठन करना अनिवार्य है।

इन्हीं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अदालत ने हरीश राणा के मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान की है।

बच्चा चोरी के शक में ऑटो चालक की पिटाई, ग्रामीणों ने पेड़ से बांधकर बरसाए डंडे

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 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बच्चा चोरी के शक में एक ऑटो चालक की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। आक्रोशित लोगों ने आरोपी को पकड़कर पेड़ से बांध दिया और पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी उसकी पिटाई की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ऑटो चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।


छात्रा को जबरदस्ती ऑटो में बैठाने की कोशिश का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के परशुराम मंदिर के पास एक ऑटो चालक पर बच्चा चोरी का शक जताते हुए स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो चालक एक छात्रा को जबरदस्ती अपने ऑटो में बैठाने की कोशिश कर रहा था, जबकि छात्रा उसमें बैठना नहीं चाहती थी।

बताया जा रहा है कि छात्रा के विरोध करने पर आसपास मौजूद लोगों को संदेह हुआ कि ऑटो चालक बच्चा चोरी की कोशिश कर रहा है। इसके बाद लोगों ने उसे पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी।

भीड़ जुटते ही पेड़ से बांधकर की पिटाई

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने ऑटो चालक को पेड़ से बांध दिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी आरोपी को मारा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ऑटो चालक को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और ऑटो चालक से पूछताछ जारी है।

किसानों के खाते में आने वाली है बड़ी रकम: इस दिन ट्रांसफर होंगे 2000-2000 रुपये

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का इंतजार कर रहे देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख तय कर दी है। सरकार के अनुसार 13 मार्च 2026 को 9.32 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 2000 रुपये भेजे जाएंगे।


इस बार किसानों के खातों में कुल 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगी, जिससे उन्हें खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिल सकेगी। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से इस योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल पात्र किसान परिवारों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब 22वीं किस्त किसानों को मिलने जा रही है।

केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की थी। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री जैसे खेती से जुड़े जरूरी खर्चों को आसानी से पूरा कर सकें।

सरकार का मानना है कि इस योजना के जरिए किसानों को सीधे आर्थिक मदद मिल रही है, जिससे उनकी आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने में सहायता मिल रही है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

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 रायपुर : महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।


जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।


इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।

मंत्री राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

किराए के मकान में चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस की रेड में 8 युवतियां बरामद, सरगना महिला गिरफ्तार

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस और महिला रक्षा टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक मकान से 8 युवतियों को बरामद किया है। पुलिस ने सेक्स रैकेट संचालित करने वाली महिला और एक ग्राहक को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के मुताबिक, नेहरू नगर क्षेत्र की विद्या विहार कॉलोनी स्थित मकान नंबर 146/8 को धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत (35) ने किराए पर लिया था। यहां वह पिछले करीब दो से तीन महीनों से बाहर से युवतियों को बुलाकर देह व्यापार का धंधा चला रही थी।

मंगलवार रात पुलिस ने एक प्वाइंटर (डमी ग्राहक) भेजकर पूरे मामले की पुष्टि की और इसके बाद मकान पर छापा मारा। रेड के दौरान पुलिस को कमरे के अंदर कई युवतियां मिलीं और एक ग्राहक को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि अधिकांश युवतियां पश्चिम बंगाल से बुलाई गई थीं, जबकि कुछ युवतियां छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं। ग्राहकों से सौदा तय होने के बाद इन युवतियों को दो से तीन दिन के लिए अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था।

पुलिस ने सभी युवतियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोर्ट के नियमों के अनुसार उन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं, इस मामले में सरगना धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत और दुर्ग निवासी ग्राहक अमन शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मौके से पुलिस ने एक पल्सर बाइक, 12 मोबाइल फोन, 5500 रुपये नकद, हुक्का और देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि महिला बाहर से लड़कियों को बुलाकर मकान में रखती थी और ग्राहकों से सौदा तय होने के बाद उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजती थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

दुर्घटनाओं को रोकने ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान और समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना प्रभावी रणनीति

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रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आज 'सड़क सुरक्षा प्रबंधन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से कोई जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नियमों का कड़ाई से पालन और जन-जागरूकता का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया। 

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक-स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि केवल बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज के माध्यम से ही सड़क दुर्घटनाओं को 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करना और वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने बताया कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में सक्षम हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम दिया जा सकता है।

कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाईयों के परियोजना निदेशक सर्वश्री डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यशाला में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त कानून! साय कैबिनेट ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को दी मंजूरी

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Chhattisgarh Dharma Swatantrya Bill, 2026 के मसौदे को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अवैध धर्मांतरण रोकना और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करना है।


क्या है विधेयक में प्रावधान

* साय सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 का प्रारूप तैयार किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी दी गई है।

* प्रस्तावित कानून के अनुसार बल, प्रलोभन, दबाव, मिथ्या जानकारी या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना प्रतिबंधित होगा। सरकार का कहना है कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी बनाया जाएगा।

* यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम प्राधिकारी को पूर्व सूचना देनी होगी। प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान होगा।

* विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, दुर्व्यपदेशन, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।

* कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 वर्ष तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।

* यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो सजा 10 से 20 वर्ष तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।

* सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और कठोर होगी, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

* विधेयक के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होंगे तथा मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं बल्कि अवैध तरीकों से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है।

होर्मुज बना जंग का मैदान! ट्रंप का दावा– ईरानी नेवी की 10 से ज्यादा बोट्स तबाह

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 Strait of Hormuz Crisis : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि Strait of Hormuz में सुरंगें (माइन्स) बिछाई गईं तो अमेरिका इसका “करारा जवाब” देगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरानी नेवी की माइन्स बिछाने वाली 10 से अधिक नौकाएं नष्ट कर दी गई हैं।


समुद्र तक पहुंची जंग

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का बुधवार को 12वां दिन है। Israel और United States द्वारा Iran के अंदर एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद ईरान ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाब दे रहा है। अब यह संघर्ष समुद्र तक पहुंच गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने ईरान की उन नौकाओं पर हमला किया जो समुद्र में माइन्स बिछाने की तैयारी कर रही थीं। अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई से होर्मुज में ईरानी नौसैनिक गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।

ईरान की चेतावनी

वहीं ईरान के एक सैन्य कमांडर ने दावा किया कि होर्मुज में माइन्स बिछाने की तैयारी शुरू हो चुकी है और “दुश्मन देशों के जहाजों को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास करीब 6000 समुद्री माइन्स होने की बात कही जा रही है। इनमें कुछ ऐसे एडवांस माइन्स भी बताए जा रहे हैं जो सेंसर से सक्रिय होते हैं और उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल होता है।

ट्रंप की सख्त चेतावनी

Donald Trump ने कहा कि ईरान को तुरंत माइन्स हटानी चाहिए, वरना उसे “खतरनाक अंजाम” भुगतना पड़ सकता है।

दुनिया पर पड़ सकता है असर

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या यह मार्ग बंद होता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

बिहान से बदली जिंदगी, मजदूरी करने वाली महिला बनीं डिजिटल लोक सेवा केंद्र संचालक

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रायपुर। कल तक जो हाथ सिर्फ मजदूरी के लिए उठते थे, आज वही हाथ डिजिटल क्रांति और ग्रामीण व्यापार की कमान संभाल रहे हैं। जिला कबीरधाम की महेश्वरी साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ निश्चय और सही अवसर मिले, तो एक ग्रामीण महिला भी अपने परिवार की तकदीर बदल सकती है। जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत कोहड़िया की रहने वाली महेश्वरी दीदी का जीवन कभी संघर्षों और अभावों के बीच बीतता था। समूह से जुड़ने से पहले वह केवल मजदूरी और छोटी-मोटी खेती पर निर्भर थीं, जिससे उनकी वार्षिक आय मात्र 50 हजार रुपये हो पाती थी। इस सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

महेश्वरी दीदी के जीवन में परिवर्तन का नया सवेरा तब आया जब उन्होंने ‘जय माँ लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह’ की सदस्यता ली। ‘बिहान’ योजना के माध्यम से समूह की बैठकों में शामिल होकर उन्हें न केवल बचत का महत्व समझ आया, बल्कि सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण की प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिली। समूह के माध्यम से उन्हें चक्रीय निधि और सामुदायिक निवेश कोष जैसी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपने व्यवसाय विस्तार के लिए 25 हजार रुपये का बैंक ऋण भी प्राप्त किया। प्राप्त वित्तीय सहायता का सदुपयोग करते हुए महेश्वरी दीदी ने पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ आय के नए और आधुनिक स्रोत विकसित किए। उन्होंने गाँव में एक फैंसी एवं जनरल स्टोर खोला और साथ ही डिजिटल सेवाओं की महत्ता को समझते हुए एक डिजिटल लोक सेवा केंद्र का संचालन भी शुरू किया। आज वह कृषि और मजदूरी के साथ-साथ इन व्यवसायों और श्बिहान कैडरश् के कार्यों से प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 53 हजार रुपये कमा रही हैं। उनकी आय में हुई इस तीन गुना वृद्धि ने उन्हें एक गौरवशाली ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित कर दिया है।

आज महेश्वरी साहू न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हुई हैं, बल्कि समाज और परिवार में भी उनका मान-सम्मान बढ़ा है। वह कहती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनमें गजब का आत्मविश्वास जगा है और आज उनके इस सफल सफर में उनके परिवार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। महेश्वरी दीदी की यह कहानी छत्तीसगढ़ की हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है, जो संदेश देती है कि संगठित होकर और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर गरीबी को तोड़ा जा सकता है। 


धर्म परिवर्तन कानून से लेकर भर्ती तक… साय कैबिनेट के फैसलों ने बढ़ाई हलचल

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 10 मार्च 2026 को रायपुर में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और विधेयकों को मंजूरी दी गई। जानिए बैठक के 10 बड़े फैसले -


कैबिनेट के 10 प्रमुख निर्णय

छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को मंजूरी
धर्म परिवर्तन में बल, प्रलोभन, कपट, अनुचित प्रभाव या गलत जानकारी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी गई।

13 राजनीतिक मामलों को कोर्ट से वापस लेने की मंजूरी
राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सोलर हाईमास्ट संयंत्र पर अनुदान तय
क्रेडा के माध्यम से सोलर हाईमास्ट के लिए 1.50 लाख रुपये तक राज्य अनुदान देने का निर्णय लिया गया।

घरेलू बायोगैस संयंत्र को प्रोत्साहन
2 से 6 घन मीटर क्षमता वाले बायोगैस संयंत्र के लिए 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान जारी रहेगा।

पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त
संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाला 12% अतिरिक्त उपकर खत्म करने के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई।

नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम में संशोधन
शहरी और ग्रामीण विकास से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक को स्वीकृति।

गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 में संशोधन
राज्य के आवास विकास कार्यों को बेहतर बनाने के लिए अधिनियम में संशोधन का निर्णय।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों की भर्ती के लिए नया कर्मचारी चयन मंडल बनाया जाएगा।

परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए नया कानून
लोक भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए नया विधेयक मंजूर किया गया।

राजनांदगांव में क्रिकेट अकादमी के लिए 5 एकड़ जमीन
जिला क्रिकेट एसोसिएशन को अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और अकादमी बनाने के लिए जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

आरंग में नाबालिग से दुष्कर्म, 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर। जिले के आरंग थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


पुलिस के अनुसार, ग्राम भानसोज निवासी प्रशांत लहरी (19 वर्ष) ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने आरंग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी को 9 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी,सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

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 रायपुर : महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।


कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।

ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की।

आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं।

ममता का कहना है कि “बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।" आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की गई कार्रवाई- ग्राम समोदा में हटाई गई अवैध कब्जा

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दुर्ग- जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई, अवैध कब्जों पर जेसीबी के माध्यम से शासकीय भूमि रिक्त कराई गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण तथा सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई की गई। 

ग्राम के ही ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे। 




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