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संसद में दिखी सियासी सौहार्द की तस्वीर! PM मोदी और राहुल गांधी की बातचीत ने खींचा ध्यान

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 नई दिल्ली: संसद भवन परिसर में एक खास और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई।


यह मुलाकात महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हुई। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं के बीच दोनों नेताओं ने कुछ समय रुककर आपस में बातचीत की।

करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में दोनों नेता बातचीत करते नजर आए, वहीं आसपास भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इस दौरान का दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। ऐसे में इस मुलाकात को कई लोग लोकतांत्रिक परंपरा और आपसी संवाद का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

सरगुजा में महिला की हत्या का खुलासा: 6 साल के संबंध में शक बना वजह, आरोपी गिरफ्तार

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 सरगुजा/अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी को चिरमिरी से गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस के अनुसार, आरोपी मिथुन उर्फ पंडा का मृतका के साथ करीब 6 साल से संबंध था। दोनों साथ रहते थे और कबाड़ बीनने का काम करते थे। आरोपी को महिला के किसी अन्य युवक से संबंध होने का शक था, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और इसी दौरान आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

क्या है पूरा मामला?

घटना अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। 3 अप्रैल को महामाया प्रवेश द्वार के पास रिंग रोड किनारे एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश की गई।

आरोपी की गिरफ्तारी

वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। वह ट्रेन से नागपुर की ओर गया और फिर चिरमिरी पहुंचकर रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ था। पुलिस ने उसे संदिग्ध स्थिति में घूमते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया।

जांच और खुलासा

पुलिस ने आरोपी को घटना स्थल पर ले जाकर क्राइम सीन का पुनर्निर्माण (री-क्रिएशन) कराया। प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला की मौत गंभीर चोटों के कारण होना सामने आया है। मामले की विस्तृत जानकारी आज पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की जाएगी।

बताया जा रहा है कि महिला अपने पति की मृत्यु के बाद अकेले रह रही थी और उसका एक बेटा भी है। महिला और आरोपी के बीच लंबे समय से संबंध थे, लेकिन आपसी विवाद और शक ने इस घटना को जन्म दिया।

आयुष्मान योजना में बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ के 59 अस्पतालों पर गिरी गाज, 33 सस्पेंड

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 रायपुर: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर 59 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं।


इनमें से 33 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि 26 अस्पतालों के भुगतान और प्री-ऑथराइजेशन (Pre-Auth) पर रोक लगा दी गई है।

 कार्रवाई के प्रमुख कारण

आवेदन नहीं किया: 21 अस्पतालों ने HEM 2.0 पोर्टल पर आवेदन ही नहीं किया, इन्हें सस्पेंड किया गया।

जानकारी अपडेट नहीं की: 12 अस्पतालों ने क्वेरी का जवाब नहीं दिया, इन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया।
अपूर्ण आवेदन: 26 अस्पतालों के आवेदन अधूरे पाए गए, इसलिए उनका भुगतान और प्री-ऑथ रोक दिया गया।

 राजधानी रायपुर सबसे आगे

कार्रवाई में सबसे ज्यादा लापरवाही रायपुर में सामने आई, जहां कुल 44 अस्पताल प्रभावित हुए। इससे स्पष्ट है कि राजधानी में ही नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन हो रहा था।

 क्या था नियम?

NHA के निर्देशानुसार सभी आयुष्मान पंजीकृत अस्पतालों को HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी पूरी जानकारी अपडेट करना और जरूरी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य था। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी। कई बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद अस्पतालों ने नियमों का पालन नहीं किया।

खून से सने बैग- जूते… ‘मिनाब 168’ के साथ पाकिस्तान पहुँचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, वार्ता से पहले दिया भावुक संदेश

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 इस्लामाबाद/तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुँच गया है। लेकिन इस कूटनीतिक यात्रा से पहले एक भावुक और प्रतीकात्मक संदेश ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींच लिया है।


ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने विमान के अंदर की एक तस्वीर साझा की, जिसमें खाली सीटों पर स्कूली बच्चों की तस्वीरें रखी गई थीं। इन बच्चों की मौत मिनाब स्कूल हमले में हुई थी। ग़ालिबफ़ ने इस तस्वीर के साथ लिखा— “इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब 168।”

बताया जा रहा है कि यह कदम दुनिया को उस हमले की याद दिलाने और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग को दोहराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मिनाब स्कूल हमला क्या था

मिनाब में स्थित ‘शजरेह तैय्येबाह’ स्कूल पर मिसाइल हमला उस समय हुआ था जब क्षेत्र में अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी। इस हमले में 168 बच्चों की मौत हो गई थी।

अमेरिका ने दावा किया था कि निशाना स्कूल के पास मौजूद सैन्य ठिकाना था, लेकिन ईरान ने इसे सोची-समझी रणनीति बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।

UN में उठा मामला

ईरान ने इस हमले का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया है। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका से मामले की जांच पूरी कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

पाकिस्तान में अहम वार्ता

इस्लामाबाद में हो रही वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ग़ालिबफ़ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची, केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

ईरान ने वार्ता से पहले ही अमेरिका पर अविश्वास जताया है। ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “टूटे हुए वादों” से भरा रहा है।

ईरान की शर्तें और चेतावनी

ईरान लेबनान में युद्धविराम और अपनी संपत्तियों को अनफ्रीज करने की मांग कर रहा है। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि यदि उसकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो वह समझौते से पीछे हट सकता है।

वहीं, अमेरिका ने भी सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि वह बातचीत में किसी तरह का “खेल” न करे।

एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर ‘मिनाब 168’ का प्रतीकात्मक संदेश यह दिखाता है कि जख्म अभी भी ताजा हैं और भरोसे की राह आसान नहीं है।

दरिंदगी की हद पार: 5 साल की मासूम से दुष्कर्म, बोरे में बंद कर फेंका, आरोपी गिरफ्तार

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसे बोरे में बंद कर कुएं के पास फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पड़ोसी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।


चॉकलेट का लालच देकर ले गया

जानकारी के अनुसार, बच्ची दोपहर करीब 12 बजे घर के पास स्थित दुकान पर चॉकलेट लेने गई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ दरिंदगी की।

बोरे में बंद कर फेंका

घटना के बाद आरोपी ने बच्ची का मुंह कपड़े से बांध दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद उसे बोरे में डालकर घर के पीछे खंडहर के पास स्थित कुएं के किनारे फेंक दिया।

हिलते बोरे ने बचाई जान

दोपहर करीब 2 बजे गांव के दो युवकों की नजर कुएं के पास पड़े एक बोरे पर पड़ी, जो हल्का हिल रहा था। शक होने पर जब उन्होंने बोरा खोला तो अंदर बच्ची को देख दंग रह गए। बच्ची की हालत गंभीर थी और वह सांस लेने के लिए संघर्ष कर रही थी। युवकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी।

गांव में आक्रोश, थाने का घेराव

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में लोग उतई थाने पहुंच गए और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

POCSO Act के तहत कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बच्ची का इलाज जारी है और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

पुलिस का कहना है कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा ताकि पीड़िता (Rape of a Girl Child) को जल्द न्याय मिल सके और आरोपी को कड़ी सजा दी जा सके।

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।


मुख्यमंत्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है।  उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। 

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, हिमांशु द्विवेदी, सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मत्स्य पालन विभाग ने नई दिल्ली में ‘सीफूड एक्सपोर्टर्स मीट 2026’ का किया आयोजन

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मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग ने अंबेडकर भवन, नई दिल्ली में सीफूड एक्सपोर्टर्स मीट 2026 का आयोजन किया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस मीट का उद्देश्य सरकार और उद्योग के बीच संवाद स्थापित करना, निर्यातकों की समस्याओं को समझना तथा बाजार विस्तार, मूल्य संवर्धन और निर्यात बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करना था।

प्रमुख बिंदु:

  • केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने निर्यातकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के सीफूड निर्यात में मजबूत वृद्धि हुई है।

  • उन्होंने नए बाजारों की खोज, उत्पाद विविधीकरण और सख्त गुणवत्ता मानकों (जैसे एंटीबायोटिक प्रतिबंध और ट्रेसबिलिटी) के पालन पर जोर दिया।

  • अंडमान-निकोबार, EEZ और गहरे समुद्र में टूना जैसी उच्च मूल्य वाली प्रजातियों के निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

  • बेहतर कोल्ड-चेन, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।

  • निर्यातकों को ₹1 लाख करोड़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अन्य महत्वपूर्ण बातें:

  • राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मत्स्य क्षेत्र को उच्च मूल्य और उच्च मांग वाले सेक्टर के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

  • सचिव डॉ. अभिलक्ष लिक्खी ने बताया कि लगभग 40 देशों के साथ मार्केट डाइवर्सिफिकेशन रणनीति पर काम किया जा रहा है।

  • रेडी-टू-ईट और वैल्यू एडेड उत्पादों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चुनौतियां और सुझाव:

  • निर्यातकों ने मार्केट एक्सेस, उच्च अनुपालन लागत, कोल्ड-चेन की कमी और लॉजिस्टिक्स समस्याओं को प्रमुख चुनौतियां बताया।

  • कैच सर्टिफिकेट प्रक्रिया को सरल बनाने, समुद्री शैवाल (सीवीड) खेती को बढ़ावा देने और फिश फीड उत्पादन में सुधार की मांग उठाई गई।

पृष्ठभूमि:

  • भारत का सीफूड निर्यात पिछले 11 वर्षों में औसतन 7% वार्षिक वृद्धि के साथ बढ़ा है।

  • 2013-14 में ₹30,213 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹62,408 करोड़ हो गया।

  • झींगा (श्रिम्प) निर्यात का इसमें सबसे बड़ा योगदान है।

  • भारत लगभग 130 देशों में 350 से अधिक उत्पाद निर्यात करता है।

यह बैठक भारत के सीफूड निर्यात को और मजबूत करने तथा वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : रामविचार नेताम

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 रायपुर : आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।


मंत्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।


मंत्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

मनरेगा आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।

संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म पांडी राम मंडावी, पद्मश्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।

राजधानी में अंतर्राज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में 7 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं, जो अलग-अलग राज्यों में घूमकर सोने की चेन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।


पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य लग्जरी वाहन—खासकर इनोवा—का इस्तेमाल करते थे। ये लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे बाजार, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही लोगों के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते थे।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रायपुर में ही एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डीडी नगर थाना क्षेत्रों में इनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर गिरोह की तलाश शुरू की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम देते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सक्रिय रहे हैं।

आरोपियों के कब्जे से करीब 11 लाख 30 हजार रुपये मूल्य की चोरी की गई सोने की चेन और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि चोरी की चेन बेचकर मिली रकम से आरोपियों ने इनोवा वाहन खरीदा था, जिसका इस्तेमाल वारदातों में किया जाता था।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर और महाराष्ट्र के जलगांव के निवासी हैं। वारदात के बाद ये लोग तुरंत स्थान बदल लेते थे, जिससे पुलिस की पकड़ से बच सकें।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गिरफ्तारी से शहर में चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।

खीरा की खेती ने बदली सुभद्रा की जिंदगी,बिहान योजना से बनी लखपति दीदी

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रायपुर-सुभद्रा पहले गरीबी से जूझ रही थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह जुड़कर एवं ऋण लेकर उन्होंने खीरा की खेती शुरू की l खीरा की खेती से प्राप्त आय से आज वह 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं 

बिलासपुर जिला के कोटा के ग्राम करका की सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और मेहनत साथ हो, तो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। सुभद्रा समूह से जुड़कर खीरा की खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब लखपति दीदी बन चुकी हैl सुभद्रा मुख्यमन्त्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजना ने उनका जीवन बदल दिया है।

आदिवासी बहुल गांव करका की सुभद्रा आर्मी ने आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत मां सरस्वती समूह से जुड़कर खीरा की खेती को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में समूह को 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फण्ड, 60 हजार रुपये सी आई एफ तथा 3 लाख रुपये बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में बड़ी मदद दी। समूह की महिलाओं ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए खीरा की खेती शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे 2 एकड़ में खेती कर लगभग 10 क्विंटल खीरा की बिक्री हर दूसरे दिन कर रही हैं। इससे उन्हें लगभग 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

इस अतिरिक्त आय से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं l बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। सुभद्रा बताती हैं कि इस सफलता के पीछे समूह की बीमा सखी हबीबुन निशा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर ऋण सबंधी प्रक्रिया को पूरा करने में  सहायता की साथ ही खेती की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुभद्रा आर्मी की मेहनत लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से अब वह लखपति दीदी” बनने का गौरव हासिल कर चुकी है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री साय

मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य

सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भ

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।मुख्यमंत्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।इस अवसर पर विधायक इंद्र कुमार साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

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सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्री

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पद्मश्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

महासमुंद को मिलेगी बड़ी राहत: सिकासार-कोडार लिंक परियोजना से दूर होगा सूखा, 178 गांवों को फायदा

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 महासमुंद। जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सिकासार-कोडार लिंक परियोजना के तहत अब गरियाबंद के सिकासार जलाशय का अतिरिक्त पानी महासमुंद के कोडार जलाशय तक पहुंचाया जाएगा।


करीब ₹3400 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 88 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसके माध्यम से एक जलाशय को दूसरे से जोड़ा जाएगा। यह प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना होगी, जिसमें स्टील की अंडरग्राउंड पाइप का उपयोग किया जा रहा है।

परियोजना से महासमुंद जिले के कई गांवों को सिंचाई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा, वहीं पेयजल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है। वाष्पीकरण से नष्ट होने वाले लगभग 25 प्रतिशत पानी को संरक्षित कर उसका बेहतर उपयोग किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

सरकार ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और वर्ष 2029 से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे कुछ क्षेत्रों के हितों के खिलाफ बताया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे प्रदेश में जल प्रबंधन और सिंचाई विस्तार की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना समय पर पूरी होती है, तो महासमुंद जिले में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

रायपुर में ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर्स मीट 2026 का आयोजन, सीएम साय हुए शामिल

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में आज ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर्स मीट 2026 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। देशभर से आए हेल्थ साइंसेज विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर्स की मौजूदगी में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।


यह कार्यक्रम नया रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न राज्यों से पहुंचे वाइस चांसलर्स और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान मेडिकल और आयुष शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, रिसर्च को प्रोत्साहन देने और आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश में पहली बार इस तरह की वाइस चांसलर्स मीट आयोजित की जा रही है। विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा और स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मंथन से जो निष्कर्ष निकलेंगे, वे चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि देशभर के मेडिकल साइंस विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर्स का एक मंच पर आना महत्वपूर्ण है। इस बैठक के माध्यम से मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

फुटपाथ पर दरिंदगी के बाद हत्या, 8 दिन तक फरार रहा आरोपी आखिर गिरफ्तार, इनामी चढ़ा पुलिस के हत्थे

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 अंबिकापुर, 10 अप्रैल। शहर में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के 8 दिन बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोरिया जिले से पकड़ा गया, जिस पर ₹35,000 का इनाम घोषित था।


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। गिरफ्तारी के बाद सरगुजा पुलिस की टीम आरोपी को अंबिकापुर लाने के लिए रवाना हो गई है।

3 अप्रैल की रात हुई थी वारदात

यह घटना 3 अप्रैल की दरमियानी रात महामाया द्वार के पास हुई थी, जहां फुटपाथ पर सो रही एक महिला के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया था।

इनाम घोषित कर तेज की गई थी तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रेंज और डीआईजी स्तर पर आरोपी की जानकारी देने वालों के लिए ₹35,000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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