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बड़ा रेल हादसा: दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में 20 मौतें

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 Spain Train Accident: दक्षिणी स्पेन में रविवार को एक भीषण रेल हादसा हो गया। दो तेज रफ्तार ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 73 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह दुर्घटना कॉर्डोबा प्रांत के आदमूज इलाके के पास हुई, जिसके बाद मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच रेल सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।


पटरी से उतरी ट्रेन, सामने से आ रही ट्रेन से टकराई

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलागा से मैड्रिड जा रही हाई-स्पीड ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई और सामने से आ रही मैड्रिड–हुएलवा ट्रेन से जा टकराई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ट्रेनों में करीब 500 यात्री सवार थे।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

स्पेन के रेल ऑपरेटर एडीआईएफ (ADIF) ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में 20 लोगों की मौत हुई है। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार 73 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि कई लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

गार्डिया सिविल के दो अधिकारियों ने फोन और मैसेज के जरिए अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। पुलिस नियमों के तहत उन्होंने नाम उजागर नहीं किए।

डिब्बों में फंसे लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अंडालूसिया की आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक, कई यात्री अभी भी क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे हुए हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। भारी संख्या में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।

अस्पताल अलर्ट पर

हादसे के बाद मैड्रिड के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। अब तक 73 घायलों को छह अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

रेल प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें।


मुख्यमंत्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके।

उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस मौके पर कलेक्टर एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की धरा पर साहित्यकारों का महाकुंभ:23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा।


यह उत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी और साहित्य प्रेमी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे।

साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगम

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजना, उसे एक व्यापक मंच प्रदान करना तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों, पाठकों और रचनाकारों को एक साझा संवाद से जोड़ना है। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

कला के लिए ओपन माइक सत्र होगा आयोजित

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। कविता, कहानी, विचार, गीत, नाट्य अंश अथवा अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रतिभागी अपनी सृजनात्मक क्षमता को नई उड़ान दे सकेंगे। यह सत्र साहित्य, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास होगा।

विद्यार्थियों और युवाओं में बढ़ेगी साहित्य के प्रति रुचि

छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों एवं युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य, भाषा और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में यह उत्सव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तकों से होंगे रूबरू

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के दौरान देश के प्रतिष्ठित एवं ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल लगाई जाएंगी। यहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों को देखने, समझने और खरीदने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तक प्रेमियों के लिए एक समृद्ध, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव सिद्ध होगा।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 से कैसे जुड़ें?

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

उत्सव स्थल तक निःशुल्क बस सेवा

आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को रायपुर शहर के विभिन्न स्थानों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। तीनों दिनों यह बस सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी एवं आम नागरिक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे।

आरंग क्षेत्र के इतिहास पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का परिणाम जारी, हिमांशी,दामन,दुर्गा ने मारी बाजी

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 आरंग‌ । स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में आरंग क्षेत्र के ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन अक्टूबर में किया गया । जिसमें आरंग नगर के समस्त हाई, हायर सेकंडरी स्कूलों के कक्षा नवमी से बारहवी तक के सभी संकाय के 2000 हजार से अधिक छात्र - छात्राओं ने भाग लिया ।




परीक्षा में सृजन सोनकर हायर सेकंडरी स्कूल आरंग से कक्षा बारहवीं के छात्रा हिमांशी पटेल 100 में 91अंक प्राप्त कर प्रथम, ग्यारहवीं के छात्र दामन साहू 88 अंक लेकर द्वितीय तथा दसवीं की छात्रा दुर्गा साहू 85 अंक लेकर तृतीय स्थान प्राप्त की। जिसमें प्रथम पुरस्कार स्वर्गीय आर एस सोनपिपरे सेवा निवृत्त तहसीलदार आरंग की स्मृति में 3001 एक रूपए, द्वितीय पुरस्कार समाजसेवी योगेश साहू की ओर से 2001 रूपए तथा तृतीय पुरस्कार पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से 1001 रूपए नगद एवं तीनों विजेताओं को मुरली मनोहर देवांगन डायरेक्टर थिंक आईएएस कोचिंग की ओर से प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया‌।


प्रतियोगिता में विजेता छात्र -छात्राओं को राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में प्रतिभा सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और नपाध्यक्ष संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू व पीपला फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री अध्यक्ष दूजेराम धीवर,संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, रीति शर्मा सोनपिपरे के कर कमलों से पुरस्कृत किया गया।

 वहीं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा है यह आयोजन मात्र प्रश्नोत्तर की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक अतुलनीय योगदान है, जिसने बच्चों को उनके अपने नगर आरंग की धरोहर, संस्कृति और इतिहास से साक्षात्कार कराया। दोनों संस्थाओं की यह पहल नगर व क्षेत्र में पुरातात्विक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिल का पत्थर साबित होगी।

समाजसेवा, दानशीलता के लिए दिया गया मोरध्वज अलंकरण सम्मान

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 आरंग । राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कर-कमलों से “मोरध्वज अलंकरण सम्मान” से विभूषित किया गया। इनमें 5 व्यक्तिगत और एक संस्थागत कुल 6 अलंकरण में प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।


जिसमें दानशीलता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए स्व. भागीरथी लाल अग्रवाल के पौत्र आशुतोष कुमार अग्रवाल, गौ-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राहुल जोशी, खेल-कूद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  भुवन लाल नशीने, शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए मुरली मनोहर देवांगन, कला एवं संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान  प्रभुलाल साहनी और उनके पुत्र लल्ला साहनी को मोरध्वज अलंकरण से विभूषित किया गया।


वहीं समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्थागत सम्मान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग को प्रदान किया गया। संरक्षक आनंदराम साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर,संयोजक महेन्द्र पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी,सयुक्त सचिव संजय मेश्राम को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान देते हुए महोत्सव के संयोजक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि इस राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का 2023 ने पीपला फाउंडेशन संस्था ने रखी, जो अब भव्य रूप ले चुका है।


भीख के पीछे छिपा करोड़ों का खेल: भिखारी निकला संपत्ति का मालिक, पढ़े पूरी खबर

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 इंदौर। सराफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाला एक व्यक्ति प्रशासन की कार्रवाई में सामने आया तो उसकी हकीकत जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे लोगों की सहानुभूति बटोरने वाला यह व्यक्ति वास्तव में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला।


महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत सराफा क्षेत्र से भिखारी मांगीलाल को रेस्क्यू किया गया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वह रोजाना 500 से 1000 रुपये तक भीख से कमाई करता था। वह लोगों से कुछ कहे बिना उनके सामने खड़ा हो जाता था और लोग स्वयं उसे पैसे दे देते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि मांगीलाल भीख से जुटाए गए पैसों को सराफा क्षेत्र के कुछ व्यापारियों को ब्याज पर देता था। वह एक दिन और एक सप्ताह के हिसाब से कर्ज देता था और रोजाना ब्याज वसूली के लिए सराफा पहुंचता था।

तीन मकान, तीन ऑटो और कार का मालिक

रेस्क्यू टीम के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, मांगीलाल के नाम पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तीन पक्के मकान दर्ज हैं।

  • भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला मकान,
  • शिवनगर में 600 वर्गफुट का दूसरा मकान,
  • तथा अलवास में 10×20 फीट का एक बीएचके मकान।

अलवास स्थित मकान उसे शासन द्वारा रेड क्रॉस के माध्यम से विकलांगता के आधार पर आवंटित किया गया था।

इसके अलावा उसके पास तीन ऑटो हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है। साथ ही उसके पास एक डिजायर कार भी है, जिसके लिए उसने चालक नियुक्त कर रखा है। वह वर्तमान में अलवास क्षेत्र में अपने माता-पिता के साथ रहता है, जबकि उसके दो भाई अलग रहते हैं।

भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के आंकड़े

जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि इंदौर में फरवरी 2024 से भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआती सर्वे में 6500 भिखारी चिह्नित किए गए थे। इनमें से

  • 4500 लोगों की काउंसलिंग कर भिक्षावृत्ति छुड़वाई गई,
  • 1600 भिक्षुकों को रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा गया,
  • तथा 172 बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भिक्षावृत्ति करने वालों और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 57वां संस्करण: देशभर में जागरूकता और फिटनेस का संदेश, गोंडल और हैदराबाद में हुआ आयोजन

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आज सुबह देशभर में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 57वां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राजकोट के निकट गोंडल में किया, जबकि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने हैदराबाद में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

गोंडल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 साइकिलिस्टों ने भाग लिया और फिटनेस एवं स्थिरता का संदेश फैलाया।
डॉ. मांडविया ने X (ट्विटर) पर लिखा, “भारत को फिट बनाने के लिए हमें हर रविवार साइकिल पर भाग लेना होगा।”

कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि साइकिल चलाना सभी उम्र के लोगों के लिए सर्वोत्तम व्यायाम है और यह कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी मदद करता है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से साइकिलिंग करने की अपील की और कहा कि यह एक समुदाय भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि “हम सभी को अपने शहर में हर रविवार किसी स्थान पर साइकिल चलाने के लिए जुड़ना चाहिए।”

उन्होंने शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक देश उतना ही मजबूत है जितने उसके नागरिक। विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक भारतीय को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। यह वही दृष्टि है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों के साथ बातचीत के दौरान कई प्रेरणादायक कहानियाँ सामने आईं, जिसमें साइकिलिंग को समुदाय के साथ जुड़ाव का माध्यम बताया गया।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें 22 लाख से अधिक नागरिक और 2 लाख से अधिक स्थान जुड़ चुके हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन हृदय-स्थिरता (Heartfulness Institute) के सहयोग से हैदराबाद के गाचीबावली स्टेडियम में भी किया गया, जिसमें कई दिग्गज खिलाड़ी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, SAI के चेयरमैन शिवा सेना रेड्डी, बैडमिंटन महान पुलेला गोपीचंद, अर्जुन पुरस्कार विजेता शूटर एशा सिंह, पैरालिम्पिक कांस्य पदक विजेता दीप्ति जीवांजी सहित कई खिलाड़ियों और फिट इंडिया एंबेसडर को उनकी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि फिटनेस को रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना आवश्यक है और इस प्रकार के कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सक्रिय समाज के लक्ष्य को साकार करते हैं।

पुलेला गोपीचंद ने निरंतर शारीरिक गतिविधि के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल खेल में उत्कृष्टता लाती है, बल्कि अनुशासनपूर्ण जीवनशैली भी बनाती है।

फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत 29 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य फिटनेस को हमारी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना है।



उत्तरी-पूर्व की प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच: इंडिया स्किल्स 2025–26 का नॉर्थ ईस्ट रीजनल कॉम्पटीशन गुवाहाटी में 19–22 जनवरी 2026 को

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भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 के नॉर्थ ईस्ट रीजनल कॉम्पटीशन का आयोजन 19 से 22 जनवरी 2026 तक गुवाहाटी विश्वविद्यालय, असम में किया जा रहा है। यह पहली बार है जब उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए समर्पित रीजनल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी आठ राज्यों की प्रतिभाएँ 26 विभिन्न कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 19 जनवरी 2026 को कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री, जयंत चौधरी द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) इस प्रतियोगिता का ज्ञान साझेदार और कार्यान्वयन एजेंसी है।

इंडिया स्किल्स, भारत की प्रमुख राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता है, जो देश के सर्वश्रेष्ठ कौशल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और वैश्विक मानकों के अनुसार उनकी तुलना करने का एक मंच है। इस वर्ष के इंडिया स्किल्स 2025–26 साइकिल में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने 63 कौशल श्रेणियों में पंजीकरण किया है।

नॉर्थ ईस्ट रीजनल प्रतियोगिता का उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर लाना, भौगोलिक और लॉजिस्टिक बाधाओं को कम करना, तथा स्थानीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इस प्रतियोगिता के विजेता इंडिया स्किल्स 2025–26 के राष्ट्रीय चरण में प्रवेश करेंगे और देश के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली प्रतिभाओं की श्रृंखला को आगे बढ़ाएंगे।


भारतीय रेलवे में ट्रैक अवसंरचना को नई मजबूती: सुरक्षा, गति और विश्वसनीयता में ऐतिहासिक सुधार

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भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में निरंतर निवेश और सशक्त क्रियान्वयन के माध्यम से अपनी ट्रैक अवसंरचना को मजबूत करने और सुरक्षा मानकों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देशभर में रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बना है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान भारतीय रेलवे ने 6,851 ट्रैक किलोमीटर में ट्रैक नवीनीकरण का कार्य पूरा किया। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक ट्रैक नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, 2026–27 में 7,900 ट्रैक किलोमीटर के नवीनीकरण की योजना बनाई गई है, जो परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा पर रेलवे के निरंतर फोकस को दर्शाती है।

रेल परिचालन की सुगमता के लिए टर्नआउट नवीनीकरण में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2024–25 में 7,161 थिक वेब स्विच और 1,704 वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग उपलब्ध कराई गईं। वहीं 2025–26 में 8,000 से अधिक थिक वेब स्विच और 3,000 से ज्यादा वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग प्रदान की जा रही हैं।

ट्रैक की स्थिरता और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए बैलास्ट की मैकेनाइज्ड डीप स्क्रीनिंग पर भी निरंतर कार्य किया गया है। 2024–25 में 7,442 ट्रैक किलोमीटर की डीप स्क्रीनिंग पूरी की गई, जबकि 2025–26 में 7,500 ट्रैक किलोमीटर से अधिक का कार्य जारी है।

मैकेनाइज्ड रखरखाव और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने 2014 के बाद से 1,100 से अधिक आधुनिक ट्रैक मशीनें खरीदी हैं, जिससे रेल नेटवर्क का रखरखाव तेज और अधिक प्रभावी हुआ है।

सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए रेलवे ट्रैकों के किनारे फेंसिंग को प्राथमिकता दी गई है। अब तक लगभग 15,000 किलोमीटर ट्रैक पर फेंसिंग की जा चुकी है, जिससे पशु दुर्घटनाओं और अनधिकृत प्रवेश में कमी आई है, विशेषकर उन मार्गों पर जहां ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटा से अधिक की गति से चलती हैं।

इन सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम यह है कि 110 किमी प्रति घंटा या उससे अधिक गति की अनुमति वाले ट्रैक की लंबाई 2014 में 31,445 किलोमीटर (कुल नेटवर्क का लगभग 40 प्रतिशत) से बढ़कर वर्तमान में 84,244 किलोमीटर (लगभग 80 प्रतिशत) हो गई है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल रेल सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

भारतीय रेलवे की यह प्रगति देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का शुभारंभ: कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच, ‘विरासत से विकास’ की सशक्त झलक

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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने आज नई दिल्ली के दिल्‍ली हाट, आईएनए में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एमएसएमई तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, इराक और रवांडा के राजदूत, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, कारीगर तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों को रेखांकित किया और प्रदर्शनी के आयोजन के लिए मंत्रालय की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह योजना गांव स्तर के कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना देश के हर विश्वकर्मा को बाजार से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बना रही है।

राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पीएम विश्वकर्मा पहल ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि 117 से अधिक कारीगरों की इस हाट में भागीदारी यह दर्शाती है कि योजना किस तरह गांवों के कारीगरों को वैश्विक अवसरों से जोड़ रही है। यह सफलता भारत सरकार और एमएसएमई मंत्रालय के सतत प्रयासों का परिणाम है।

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव एस.सी.एल. दास ने पीएम विश्वकर्मा को “विरासत से विकास” की भावना को साकार करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा अपनी पारंपरिक दक्षताओं को आगे बढ़ाते हुए देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं।

अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने कहा कि विश्वकर्मा भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन हैं। उन्होंने योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों और कारीगरों के लिए सृजित नए विपणन अवसरों पर प्रकाश डाला।


कार्यक्रम के दौरान बिहार और राजस्थान की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लोकनृत्य भी आयोजित किए गए, जिन्होंने आयोजन में रंग और उत्साह भर दिया।

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का आयोजन 18 से 31 जनवरी 2026 तक दिल्‍ली हाट में किया जा रहा है। यह प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। प्रदर्शनी में देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए 117 से अधिक कारीगर भाग ले रहे हैं। यहां हस्तनिर्मित उत्पाद, लाइव शिल्प प्रदर्शन और सांस्कृतिक अनुभव प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जो “विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण” की भावना को सजीव करते हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को पहचान पत्र और प्रमाण पत्र, ₹500 प्रतिदिन का प्रशिक्षण भत्ता, ₹15,000 तक टूलकिट सहायता, ₹3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन तथा ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से विपणन सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाते हुए विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।


भारत की ब्लू इकॉनमी को नई उड़ान: अंडमान सागर में देश की पहली ओपन-सी मरीन फिश फार्मिंग परियोजना का शुभारंभ

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज अंडमान सागर से भारत की पहली ओपन-सी मरीन फिश फार्मिंग परियोजना का शुभारंभ किया। यह परियोजना अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के नॉर्थ बे, विजयपुरम में खुले समुद्र में आयोजित एक फील्ड कार्यक्रम के दौरान लॉन्च की गई।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ब्लू इकॉनमी को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि भारत के महासागर, हिमालय और मुख्य भूमि संसाधनों की तरह ही अपार आर्थिक संभावनाओं से भरपूर हैं, लेकिन दशकों तक इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

मंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद लगभग 70 वर्षों तक भारत के समुद्री संसाधन largely अनछुए रहे, लेकिन वर्ष 2014 के बाद राष्ट्रीय सोच में एक बुनियादी परिवर्तन आया है। अब यह स्वीकार किया जा रहा है कि भारत का समुद्री क्षेत्र भी आर्थिक विकास के समान अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी समुद्री तटों की अपनी-अपनी विशिष्टताएं हैं, जो देश के विकास में अलग-अलग योगदान दे सकती हैं।

यह परियोजना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, उसकी तकनीकी इकाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT) तथा अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। पायलट परियोजना के अंतर्गत खुले समुद्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में मरीन फिनफिश और समुद्री शैवाल (सीवीड) की खेती की जा रही है, जिससे वैज्ञानिक नवाचार के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।

फील्ड विजिट के दौरान दो प्रमुख आजीविका आधारित पहलें शुरू की गईं। समुद्री वनस्पति घटक के तहत स्थानीय मछुआरा समुदायों को खुले समुद्र में सीवीड खेती के लिए बीज प्रदान किए गए। वहीं समुद्री जीव घटक के अंतर्गत फिनफिश के बीज वितरित किए गए, जिन्हें NIOT द्वारा विकसित विशेष ओपन-सी केज सिस्टम के माध्यम से पाला जाएगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल ये परियोजनाएं सरकारी सहयोग से संचालित की जा रही हैं, लेकिन भविष्य में इनके अनुभव और व्यवहार्यता के आधार पर पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से इन्हें बड़े स्तर पर विस्तारित किया जा सकता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत की ब्लू इकॉनमी को मजबूती मिलेगी।

अपने दौरे के दौरान मंत्री ने वांडूर के पास स्थित महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क का भी भ्रमण किया। वर्ष 1983 में स्थापित यह देश के पहले समुद्री पार्कों में से एक है, जो 15 द्वीपों में फैला हुआ है। यहां उन्होंने प्रवाल भित्तियों, मैंग्रोव, कछुओं और विविध समुद्री जीवों से युक्त समृद्ध और आत्मनिर्भर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का अवलोकन किया।

नॉर्थ बे से इस परियोजना का शुभारंभ इस बात का प्रतीक है कि भारत सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी को सीधे जमीनी स्तर तक ले जाकर तटीय और द्वीपीय समुदायों को देश के महासागर-आधारित आर्थिक विकास का सक्रिय भागीदार बना रही है।

सागर मैत्री–5 मिशन की शुरुआत: INS सागरध्वनि को वैज्ञानिक सहयोग के लिए किया गया रवाना

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भारतीय नौसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की संयुक्त पहल के तहत समुद्री वैज्ञानिक सहयोग को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से INS सागरध्वनि को 17 जनवरी 2026 को कोच्चि स्थित साउदर्न नेवल कमांड से सागर मैत्री (SM-5) मिशन के लिए रवाना किया गया। यह INS सागरध्वनि का सागर मैत्री कार्यक्रम के अंतर्गत पाँचवां अभियान है।

INS सागरध्वनि को हरी झंडी माननीय सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति (रक्षा) के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने दिखाई। इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य, DRDO के सचिव एवं अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत, साउदर्न नेवल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ रियर एडमिरल उपल कुंडू, डीजी (नेवल सिस्टम्स एंड मैटीरियल्स) डॉ. आर. वी. हरा प्रसाद, एनपीओएल के निदेशक डॉ. दुव्वुरी शेषगिरि सहित भारतीय नौसेना और DRDO के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सागर मैत्री भारतीय नौसेना और DRDO की एक प्रमुख सहयोगात्मक पहल है, जो भारत सरकार की ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) परिकल्पना के अनुरूप है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के देशों के साथ सामाजिक-आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा समुद्री अनुसंधान के क्षेत्र में वैज्ञानिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है।

नेवल फिजिकल एंड ओशनोग्राफिक लेबोरेटरी (NPOL), कोच्चि द्वारा सागर मैत्री कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से समुद्र विज्ञान मिशन संचालित किए जा रहे हैं, जिससे IOR देशों के बीच क्षमता निर्माण और दीर्घकालिक वैज्ञानिक सहयोग को मजबूती मिल सके। इसी के अंतर्गत DRDO ने ‘MAITRI’ (Marine & Allied Interdisciplinary Training and Research Initiative) नामक वैज्ञानिक घटक की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य समुद्री अनुसंधान एवं विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना है।

इस मिशन के तहत INS सागरध्वनि ऐतिहासिक INS कृष्णा के मार्गों का पुनः अनुसरण करेगी, जिसने 1962-65 के दौरान इंटरनेशनल इंडियन ओशन एक्सपेडिशन में भाग लिया था। सागर मैत्री–5 अभियान के अंतर्गत ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार सहित आठ IOR देशों के साथ वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ किया जाएगा। इस चरण में मालदीव के साथ संयुक्त समुद्री अनुसंधान की शुरुआत की जा रही है, जिससे वैज्ञानिकों के बीच व्यावसायिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

सागर मैत्री मिशन भारतीय नौसेना के लिए अंडरवॉटर डोमेन अवेयरनेस (UDA) को सुदृढ़ करने की दिशा में DRDO का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अभियान के दौरान INS सागरध्वनि द्वारा समुद्री और ध्वनिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जो रणनीतिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

INS सागरध्वनि एक विशेष समुद्री ध्वनिक अनुसंधान पोत है, जिसे NPOL द्वारा डिजाइन किया गया और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित किया गया है। जुलाई 1994 में कमीशन किया गया यह पोत पिछले तीन दशकों से भारत की समुद्री अनुसंधान क्षमताओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।


रक्षा राज्य मंत्री ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का किया दौरा, कैडेट्स को देशभक्ति और स्वदेशी नवाचार का दिया संदेश

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रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 18 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया। उनके आगमन पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इसके पश्चात द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अधिकारियों और कैडेट्स को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच की “जीवंत कड़ी” बताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस शिविर देश के युवाओं के अनुशासन, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का सजीव प्रतिबिंब है।

संजय सेठ ने कैडेट्स को स्वदेशी सोच के साथ आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या पिछले वर्षों में लगभग 800 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है, जो नवाचार और स्वदेशी उद्यमिता की ताकत को दर्शाता है।

रक्षा राज्य मंत्री ने वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन में भाग लेने वाले 15 एनसीसी कैडेट्स की विशेष सराहना की, जिन्होंने रांची से दिल्ली तक 1300 किलोमीटर की यात्रा कर राष्ट्रीय एकता और वीर बिरसा मुंडा के मूल्यों का संदेश दिया। इसके अलावा, वर्ष 2025 में माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई करने वाले 10 एनसीसी कैडेट्स की उपलब्धि को भी उन्होंने प्रेरणादायक बताया।

अपने संबोधन के अंत में संजय सेठ ने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्यनिष्ठा, देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े रहें तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने एनसीसी अधिकारियों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे देश के भावी नेतृत्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, तिरंगे की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने का संकल्प लेने का भी उन्होंने आह्वान किया।

दौरे के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने कैडेट्स द्वारा विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर तैयार किए गए ‘फ्लैग एरिया’ का निरीक्षण किया तथा ‘हॉल ऑफ फेम’ का भी भ्रमण किया, जहां कैडेट्स ने एनसीसी के गौरवशाली इतिहास, प्रशिक्षण गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

भारतीय नौसेना की मानवीय पहल: लक्षद्वीप में संयुक्त सेवाओं का बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न

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भारतीय नौसेना ने 16 जनवरी 2026 को लक्षद्वीप द्वीपसमूह में आयोजित पाँच दिवसीय संयुक्त सेवाओं के बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का सफल समापन किया। यह शिविर कवरत्ती, अगत्ती, अमिनी, एंड्रोथ और मिनिकॉय द्वीपों में आयोजित किया गया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल देखने को मिला। इस पहल ने दूरदराज़ द्वीपीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।

12 जनवरी 2026 को उद्घाटित इस चिकित्सा शिविर को लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र का भरपूर सहयोग मिला। शिविर में कुल 4,719 मरीजों ने विशेषज्ञ और सुपर-स्पेशलिस्ट परामर्श का लाभ उठाया। यह लक्षद्वीप में अपने प्रकार का पहला और अब तक का सबसे बड़ा चिकित्सा शिविर रहा, जिसमें उन्नत चिकित्सा सेवाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे सुपर-स्पेशलिटी क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ-साथ मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग, दंत चिकित्सा, रेडियोलॉजी और सामुदायिक चिकित्सा के विशेषज्ञ शामिल थे।

तेज़ी से चिकित्सा टीमों और अत्याधुनिक उपकरणों की तैनाती, तथा प्रत्येक द्वीप पर पूर्ण रूप से कार्यशील चिकित्सा सुविधाओं की स्थापना ने तीनों सेवाओं के बीच उच्च स्तर के समन्वय और संयुक्तता को दर्शाया। वायु और समुद्री मार्ग से चिकित्सा कर्मियों और संवेदनशील उपकरणों का सुव्यवस्थित परिवहन इस समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

शिविर के दौरान 51 सामान्य शल्य क्रियाएँ, 71 मोतियाबिंद ऑपरेशन, 50 से अधिक एंडोस्कोपी, 50 से अधिक इकोकार्डियोग्राफी जांच, 250 से अधिक अल्ट्रासाउंड परीक्षण, 100 से अधिक दंत प्रक्रियाएँ और कई त्वचा रोग संबंधी उपचार किए गए। सभी सेवाएँ और दवाइयाँ पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं, जिससे मरीजों को मुख्य भूमि के अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आई।

स्थायी योगदान के रूप में भारतीय नौसेना ने अगत्ती और अमिनी के स्वास्थ्य केंद्रों को दो ईसीजी मशीनें भी भेंट कीं। इसके साथ ही, जन जागरूकता के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें निवारक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली, कैंसर जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण शामिल था।

लक्षद्वीप के लोगों और प्रशासन द्वारा अत्यंत सराहा गया यह संयुक्त चिकित्सा शिविर अपने व्यापक प्रभाव, पेशेवर निष्पादन और मानवीय संवेदनशीलता के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस पहल के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर देश के दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।


भाजपा सांसद मनोज तिवारी के घर से लाखों की चोरी

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 मुंबई। भाजपा सांसद और प्रसिद्ध गायक मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास में लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। यह घटना अंधेरी पश्चिम के शास्त्रीनगर क्षेत्र स्थित सुंदरबन अपार्टमेंट की बताई जा रही है। चोरी की शिकायत सांसद के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात 15 जनवरी की रात को हुई, जिसमें घर के बेडरूम में रखी नकदी गायब पाई गई।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, आरोपी पूर्व कर्मचारी निकला

मनोज तिवारी के मैनेजर प्रमोद जोगेंदर पांडेय ने अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में बताया कि घर से कुल 5.40 लाख रुपये नकद चोरी हुए हैं। इससे पहले जून 2025 में भी 4.40 लाख रुपये नकद गायब हो चुके थे, लेकिन उस समय आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी।

जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा के रूप में की है, जो मनोज तिवारी के यहां पूर्व में कर्मचारी रह चुका है। आरोपी को करीब दो वर्ष पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही सभी सीसीटीवी फुटेज जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और चोरी की अन्य घटनाओं से भी उसके संबंधों की जांच की जा रही है।

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