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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल:स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित रणनीति

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यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से सभी संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे प्रभावी कार्ययोजना

स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभाग यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब विभिन्न विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक 'नंदी' भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।

यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का "जय जोहार" कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा।

बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सीमा कुमार, अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे।

भारत ने इंटरनेशनल ओलंपियाड 2026 में रचा इतिहास, 12 गोल्ड और 7 सिल्वर मेडल जीतकर दुनिया में लहराया तिरंगा

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नई दिल्ली- भारत के युवा वैज्ञानिकों और गणितज्ञों ने वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित भारतीय छात्रों ने 12 स्वर्ण (Gold) और 7 रजत (Silver) पदक जीतकर अब तक की सबसे शानदार उपलब्धियों में से एक हासिल की। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) ओलंपियाड में भारतीय टीम ने सभी स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान प्राप्त किया।

इस ऐतिहासिक सफलता पर परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy-DAE) ने छात्रों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की 'युवा शक्ति' और देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

चार अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय टीम का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—

  • अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) – सभी 5 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड (IChO) – सभी 4 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (IBO) – 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक।

  • अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) – 2 स्वर्ण और 4 रजत पदक।

इस तरह भारत ने कुल 12 गोल्ड और 7 सिल्वर पदक जीतकर वैश्विक मंच पर अपनी वैज्ञानिक और गणितीय प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

DAE अध्यक्ष ने दी बधाई

परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा दशकों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है।

HBCSE की अहम भूमिका

इस उपलब्धि के पीछे होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के इस राष्ट्रीय केंद्र को परमाणु ऊर्जा विभाग का सहयोग प्राप्त है। HBCSE देशभर से प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर उन्हें चरणबद्ध प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कराता है।

HBCSE के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग के कारण भारत का ओलंपियाड कार्यक्रम विश्व के सबसे सम्मानित कार्यक्रमों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह सफलता विज्ञान और गणित में उत्कृष्टता की संस्कृति को और मजबूत करेगी।

दशकों की मेहनत का परिणाम

परमाणु ऊर्जा विभाग का कहना है कि उसका योगदान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। विभाग ने HBCSE और TIFR के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों का एक मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है, जिसने वर्षों से देश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

DAE ने सभी पदक विजेता छात्रों, टीम लीडर्स, मेंटर्स, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों, शिक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), अंतरिक्ष विभाग (DOS) और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग की भी सराहना की।

भारत के वैज्ञानिक भविष्य की नई उड़ान

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल देश के युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की महाशक्ति बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मानसून का प्रकोप: आज देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ भी शामिल, रहें सावधान

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 नई दिल्ली / रायपुर : देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई हिस्सों में इसका कड़ा असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में बारिश का यह दौर यूं ही जारी रहेगा। आज (22 जुलाई) देश के 18 राज्यों में अति-भारी बारिश (मूसलाधार बारिश) की चेतावनी जारी की गई है।


मौसम विभाग ने सतर्क करते हुए बताया कि बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) तथा मैदानी व निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।

इन राज्यों के लिए जारी हुआ रेड/ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आज जिन राज्यों में भारी बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मध्य व पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा।
  • उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर।
  • पश्चिम व दक्षिण भारत: गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तेलंगाना।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्य।

मौसम विभाग ने आम जनता को बिना वजह जलभराव वाले क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा न करने की सलाह दी है।

CG NEWS ; शराबी बेटे की प्रताड़ना से तंग पिता बना कातिल, डंडे और कुल्हाड़ी से मार डाला

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुशमुली में एक पिता ने अपने ही बेटे की डंडे और कुल्हाड़ी से वार कर नृशंस हत्या कर दी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतक की रोजाना की शराबखोरी, मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर पिता ने गुस्से में यह खौफनाक कदम उठाया।


शराब के नशे में शुरू किया विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक विजेंद्र श्रीवास गंभीर रूप से शराब पीने का आदी था। वह आए दिन नशे की हालत में घर पहुंचकर परिजनों से गाली-गलौज और मारपीट किया करता था। बीती रात भी विजेंद्र अत्यधिक शराब पीकर घर लौटा और परिजनों से उलझ पड़ा। रोज-रोज के मानसिक और शारीरिक तनाव से परेशान पिता मोहित राम श्रीवास का धैर्य टूट गया।

कुल्हाड़ी और डंडे से ताबड़तोड़ हमला

विवाद बढ़ने पर आपा खो चुके पिता ने घर में रखे डंडे और कुल्हाड़ी से विजेंद्र पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण विजेंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।

आरोपी पिता गिरफ्तार, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही तखतपुर पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी पिता मोहित राम श्रीवास को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। तखतपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG Cabinet Meeting: कल होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

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 CG Cabinet Meeting ; छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार (22 जुलाई) को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11:30 बजे नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी, जिसमें जनहित और विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाने की संभावना है।


गौरतलब है कि इससे पूर्व 8 जुलाई को साय कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें राज्य के औद्योगिक, सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए थे।

पिछली कैबिनेट बैठक के मुख्य निर्णय (8 जुलाई):

  • बिजली भुगतान के लिए DDM व्यवस्था: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए पुराने त्रिपक्षीय अनुबंध की जगह आरबीआई (RBI) के नियमानुसार 'डायरेक्ट डेबिट मैंडेट' (DDM) लागू करने की मंजूरी दी गई।

  • बस्तर फाइटर्स नियमों में संशोधन: छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) आरक्षक भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।

  • निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में बदलाव: राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 'छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026' के प्रारूप को हरी झंडी दी गई।

  • वाणिज्यिक कर अधिकरण होगा समाप्त: राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के गठन के बाद अब 'छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण' को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब लंबित मामलों का हस्तांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा।

  • जीएसटी और औद्योगिक नीतियों में सुधार:

    • GST संशोधन विधेयक 2026: कर प्रणाली को सरल बनाने और निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रावधान।

    • औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन: राज्य में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल माहौल देने के उद्देश्य से नीति में संशोधन।

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक लाएगा छत्तीसगढ़: राज्य में कारोबार को सुगम, डिजिटल और समयबद्ध बनाने के लिए 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026' के प्रारूप को मंजूरी दी गई। ऐसा कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनेगा।

  • नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट (OTS): नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों व परिसरों पर देय ब्याज व अधिभार में राहत देने के लिए OTS योजना-2026 को मंजूरी दी गई।

  • आदर्श किरायेदारी कानून लागू करने की तैयारी: 'छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026' के तहत मकान मालिकों और किरायेदारों के अधिकारों को स्पष्ट करते हुए खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • राजनांदगांव को सौगात: राजनांदगांव में 2,000 सीट की क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन को स्वीकृति दी गई।

  • पर्यावरण संरक्षण संकल्प: 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024' को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत करने का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ में मानसून का असंतुलन: कहीं 'इंद्रदेव' मेहरबान, तो कहीं पानी को तरसे किसान, देखें आपके जिले का हाल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून का दौर जारी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 356.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा (408.7 मिमी) का 87.1 प्रतिशत है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 13% कम बारिश हुई है।


बीते 24 घंटों में राज्य में औसतन 21.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला 69.4 मिमी बारिश के साथ शीर्ष पर रहा।


सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सर्वाधिक बारिश

चालू मानसून सत्र में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला वर्षा के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहाँ अब तक 576.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जिले की सामान्य औसत वर्षा का 181.4% है।

अतिरिक्त बारिश वाले प्रमुख जिले:

  • जांजगीर-चांपा: 512.0 मिमी (120.4%)
  • बलौदाबाजार: 453.4 मिमी (119.7%)
  • बिलासपुर: 440.5 मिमी (114.1%)
  • महासमुंद: 427.3 मिमी (112.4%)
  • रायपुर: 395.7 मिमी (112.6%)
  • मुंगेली: 417.7 मिमी (110.4%)
  • बलरामपुर: 391.8 मिमी (160.0%)

इसके अलावा गरियाबंद (435.7 मिमी), सक्ती (419.8 मिमी), कोरबा (409.7 मिमी), दुर्ग (357.7 मिमी), कोरिया (356.0 मिमी), रायगढ़ (353.3 मिमी), बालोद (347.7 मिमी), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (337.0 मिमी) तथा सूरजपुर (313.0 मिमी) में भी स्थिति बेहतर है।

बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अब भी पानी की कमी

प्रदेश के मैदानी और मध्य हिस्सों में मानसून की स्थिति बेहतर है, लेकिन बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में अब भी औसत से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।

सबसे कम बारिश वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 203.3 मिमी (सामान्य का महज 40.4%)

  • सुकमा: 304.5 मिमी (45.8%)
  • बीजापुर: 359.7 मिमी (49.3%)
  • कांकेर: 261.2 मिमी (50.8%)
  • कोंडागांव: 263.8 मिमी (56.5%)
  • बस्तर: 298.0 मिमी (60.7%)
  • सरगुजा: 185.8 मिमी (65.9%)

अन्य जिलों का हाल

  • दंतेवाड़ा: 438.9 मिमी (86.2%)
  • नारायणपुर: 384.8 मिमी (79.4%)
  • धमतरी: 349.2 मिमी (81.8%)
  • राजनांदगांव: 303.3 मिमी (81.2%)
  • जशपुर: 301.4 मिमी (78.3%)
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: 274.2 मिमी (89.9%)
  • बेमेतरा: 253.1 मिमी (80.7%)
  • कबीरधाम: 240.6 मिमी (80.1%)

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

पिकनिक पार्टी में विवाद के बाद किन्नर की हत्या: सड़क किनारे मिली लाश, इलाके में फैला तनाव

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक किन्नर की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सकरी थाना क्षेत्र के जॉकी गांव में पिकनिक मनाने के दौरान हुए विवाद के बाद किन्नर तन्नू खान की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।


पिकनिक पर हुआ था विवाद

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तन्नू खान अपने साथियों के साथ जॉकी गांव में पिकनिक मनाने गई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका साथी किन्नर रिया से विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी बीच तन्नू खान की गला दबाकर हत्या कर दी गई और आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।

गले पर दबाव के निशान, नाक से बह रहा था खून

सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिम्स (SIMS) अस्पताल भेजा। पुलिस के मुताबिक, मृतका के नाक से खून निकल रहा था और गले पर दबाव के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। प्राथमिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है; हालांकि मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

किन्नर समुदाय में भारी आक्रोश

वारदात की खबर फैलते ही बिलासपुर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के लोग सिम्स अस्पताल पहुंच गए। घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

पुलिस का बयान:

"घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

— सकरी थाना पुलिस

खरीफ फसलों के बीमा के लिए 31 जुलाई तक अंतिम मौका, 10 फसलें अधिसूचित

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 गरियाबंद। खरीफ मौसम 2026 के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत किसान 31 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गरियाबंद जिले के लिए धान (सिंचित व असिंचित), मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी और रागी सहित कुल 10 फसलों को अधिसूचित किया गया है। योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी किसान, भू-धारक, बटाईदार तथा वनपट्टाधारी किसान उठा सकते हैं। जिले में बीमा कार्य संपादित करने के लिए बजाज अलायंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अनुबंधित किया गया है।

किस फसल पर कितना प्रीमियम?

कृषि विभाग के अनुसार अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के लिए कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत तथा लघुधान्य (मिलेट्स) फसलों के लिए 1 प्रतिशत प्रीमियम तय किया गया है:

फसल का नाम,बीमित राशि (प्रति हेक्टेयर),निर्धारित प्रीमियम

 

फसल का नामबीमित राशि (प्रति हेक्टेयर)निर्धारित प्रीमियम
धान (सिंचित)₹66,000₹1,320
धान (असिंचित)₹49,500₹990
मूंगफली₹51,700₹1,034
मक्का₹50,600₹1,012
अरहर₹46,200₹1,012
उड़द / मूंग₹27,500₹550
कुटकी₹20,900₹209
कोदो₹19,800₹198
रागी₹18,700₹187

आवेदन प्रक्रिया व दस्तावेज

अऋणी किसान अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 और फसल बुवाई प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC), संबंधित बैंक शाखा या लोक सेवा केंद्र में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज: 24 जुलाई को होगी विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेजी से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में UCC का कानूनी प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की पहली औपचारिक बैठक 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्य सचिव विकास शील के कक्ष में होगी।


सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जस्टिस की अध्यक्षता में बनी है कमिटी

इस हाई-लेवल समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं। समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:

  • शत्रुघ्न सिंह (पूर्व IAS अधिकारी, उत्तराखंड)
  • एम. के. रावत (पूर्व IAS अधिकारी, छत्तीसगढ़)
  • मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता)
  • ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्य)

बैठक का मुख्य एजेंडा

कानूनी ढांचे का अध्ययन: समिति राज्य में मौजूदा नागरिक कानूनों और UCC लागू करने की व्यावहारिक संभावनाओं का विस्तार से विश्लेषण करेगी।

प्रमुख मुद्दों का समावेशन: ड्राफ्ट तैयार करते समय विवाह, तलाक, भरण-पोषण (मंथली मेंटेनेंस), उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट: व्यापक अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद समिति अपनी विस्तृत सिफारिशें एवं ड्राफ्ट राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे का विधायी कदम उठाया जाएगा।

इस बैठक को छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक पहला और बेहद महत्वपूर्ण औपचारिक कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय: आज कई जिलों में बारिश के आसार, मौसम विभाग का 'बिजली गिरने' का अलर्ट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।


मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की स्थिति बन सकती है। खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और बेवजह यात्रा न करने की सलाह दी है।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम दर्ज की गई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है।

कम बारिश से चिंता, पर आगे उम्मीद:

चालू मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे इस कमी की भरपाई हो सकती है।

अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान

मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, प्रदेश में 21 से 26 जुलाई तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

बारिश की संभावना: अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश।

राहत: रुक-रुक कर होने वाली बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।

विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर  :  शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है।


राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत कटहल, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और आत्मीय संवाद करते हुए उनके अध्ययन, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे तथा दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं गणवेश उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर, साजा विधायक  ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष  जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, कलेक्टर  अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ - मंदिरों में चोरी करने वाले अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

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 मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में मंदिरों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लालपुर थाना क्षेत्र के दो प्रमुख मंदिरों में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 1.75 लाख रुपये मूल्य के देवी-देवताओं के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के दो अन्य सदस्य पहले से ही जेल में बंद हैं।


महामाया मंदिरों को बनाया था निशाना

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कंतेली और कोदवाबानी स्थित महामाया मंदिरों में बीते दिनों चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। शातिर चोरों ने मंदिरों के ताले तोड़कर गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं के कीमती सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामग्रियां पार कर दी थीं। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भोजराम पटेल के निर्देशन में साइबर सेल और लालपुर थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों (साइबर डेटा) का विश्लेषण किया और मुखबिरों को सक्रिय किया। पुख्ता इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अश्वनी आहिरे और चंपा बाई गोस्वामी को धर दबोचा।

पड़ोसी जिले कबीरधाम में भी की थी वारदात

पुलिस कस्टडी में हुई कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मुंगेली के अलावा पड़ोसी कबीरधाम (कवर्धा) जिले के सिल्हाटी स्थित महादेव मंदिर में भी चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह अंतर-जिला स्तर पर सक्रिय रहकर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा था।

दो साथी पहले से हैं जेल में, जांच जारी

लालपुर पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। वहीं, ताजा कार्रवाई में पकड़े गए दोनों आरोपियों को भी स्थानीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और इनसे जुड़े अन्य संदिग्धों को लेकर जांच अभी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में बड़ा पुलिस फेरबदल: भारी संख्या में ASP और DSP अफसरों के तबादले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी

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 Police Transfer : छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) और उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) के बड़े पैमाने पर तबादले (Police Transfer) कर दिए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी इस नवीन सूची के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।


शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभिन्न जिलों में लंबे समय से जमे या मैदानी आवश्यकताओं के मद्देनजर अफसरों की नई पदस्थापना की गई है।

प्रशासनिक कसावट की कवायद

माना जा रहा है कि सरकार का यह फैसला कानून-व्यवस्था की स्थिति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और पुलिसिंग में नई ऊर्जा फूंकने की दिशा में एक अहम कदम है। स्थानांतरण सूची में शामिल सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने वर्तमान पदभार से मुक्त होकर नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। (Police Transfer)









 


मोबाइल पर बात करना पड़ा भारी: मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक का पैर कटा, हालत नाजुक

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 कोरबा। पवन टॉकीज फाटक के पास रविवार रात मोबाइल फोन का इस्तेमाल एक 22 वर्षीय युवक के लिए काल बन गया। कान में मोबाइल लगाए रेलवे ट्रैक पार कर रहा युवक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक हादसे में युवक का एक पैर कटकर धड़ से अलग हो गया। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।


लोको पायलट की चेतावनी रही बेअसर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरमपुर निवासी रोशन पटेल (22) रविवार रात पटरी पार करते समय फोन पर बातचीत में पूरी तरह मशगूल था। इसी दौरान आ रही मालगाड़ी के लोको पायलट ने युवक को देख लिया था। चालक ने दुर्घटना टालने के लिए काफी दूर से ही लगातार हॉर्न बजाया और चिल्लाकर आवाज भी दी, लेकिन मोबाइल में खोए होने के कारण रोशन को न तो हॉर्न सुनाई दिया और न ही चालक की चेतावनी। पलक झपकते ही वह ट्रेन की चपेट में आ गया।

तड़पता रहा युवक, 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल

ट्रेन की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। पटरी पर युवक लहुलुहान हालत में तड़प रहा था और उसका पैर कटकर दूर जा गिरा था। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए 108 संजीवनी एक्सप्रेस को सूचित किया। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से घायल को फौरन अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

पुलिस ने मोबाइल किया जब्त, जांच शुरू

घटना की भनक लगते ही कोतवाली पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जो हादसे के वक्त भी चालू स्थिति में था। शुरुआती जांच में पुलिस इसे पूरी तरह से लापरवाही का मामला मान रही है। पुलिस ने पीड़ित के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है और मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है।

भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी: 4 से 60 साल के लोगों को मिलेगा 'क्यूडेंगा' का सुरक्षा कवच

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 नई दिल्ली: मानसून की दस्तक के साथ ही देश में मच्छरों से होने वाली बीमारियों, खासकर डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। इस जानलेवा बीमारी के बढ़ते जोखिम के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय दवा नियामक ने जापान की प्रमुख दवा कंपनी 'टाकेडा फार्मास्युटिकल' की डेंगू वैक्सीन QDENGA (क्यूडेंगा) को मंजूरी दे दी है। यह भारत में स्वीकृत होने वाली पहली डेंगू वैक्सीन है।


चारों वेरिएंट्स से मिलेगी सुरक्षा, टेस्ट की जरूरत नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'क्यूडेंगा' एक टेट्रावैलेंट लाइव-अटेन्यूएटेड वैक्सीन है। इसका सीधा मतलब यह है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रकारों (सीरोटाइप) से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। इस वैक्सीन में वायरस के बेहद कमजोर रूप का इस्तेमाल किया गया है, जो शरीर को बिना बीमार किए उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत बनाता है।

इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगवाने से पहले व्यक्ति को यह जांच कराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होगी कि उसे भूतकाल में कभी डेंगू हुआ था या नहीं। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष तक की आयु के लोगों को दी जा सकेगी।

भारत में तेजी से बढ़े हैं मामले

यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब पिछले दो दशकों के भीतर भारत में डेंगू के मामलों में लगभग 11 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में देश में डेंगू के 32,000 से अधिक मामले सामने आए थे, जबकि इससे पहले साल 2023 में 18,391 मामले रिपोर्ट किए गए थे। गंभीर स्थिति में डेंगू आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) का कारण बनता है, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित होता रहा है।

बायोलॉजिकल-ई के साथ साझेदारी: भारत में होगा बंपर उत्पादन

भारत की विशाल आबादी तक इस वैक्सीन को पहुंचाने और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए टाकेडा ने भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनी बायोलॉजिकल-ई के साथ साझेदारी की है।

इस समझौते के तहत:

सालाना उत्पादन: बायोलॉजिकल-ई भारत में हर साल लगभग 5 करोड़ (50 मिलियन) डोज तैयार करने की क्षमता विकसित करेगी।

वैश्विक लक्ष्य: इस साझेदारी की मदद से टाकेडा दशक के अंत तक दुनिया भर में हर साल 10 करोड़ (100 मिलियन) डोज बनाने के अपने लक्ष्य को हासिल कर सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहली वैक्सीन की मंजूरी से भारत में हर साल जुलाई से अक्तूबर के बीच अस्पतालों पर बढ़ने वाला दबाव काफी कम होगा और डेंगू की रोकथाम के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा।

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