Media24Media.com

Responsive Ad Slot


 

सावन: शिव भक्ति, हरियाली और भारतीय संस्कृति का उत्सव

No comments Document Thumbnail

"रिमझिम बरसती फुहारें, मिट्टी की सौंधी खुशबू, पेड़ों पर झूलों की मस्ती और 'हर-हर महादेव' के जयघोष..." यही है सावन की पहचान। श्रावण मास केवल हिंदू धर्म का एक पवित्र महीना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति और लोकजीवन का जीवंत उत्सव है।


बरसात की पहली बूंद जब धरती को स्पर्श करती है, तो सूखी वसुंधरा हरियाली की चादर ओढ़ लेती है। खेतों में नई फसल की उम्मीद अंकुरित होती है, नदियां और तालाब जीवन से भर उठते हैं और प्रकृति अपनी अनुपम छटा बिखेर देती है। यही कारण है कि सावन को नवजीवन, समृद्धि और उल्लास का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकले कालकूट विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था। तब से सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना करते हैं। सावन के सोमवार और कांवड़ यात्रा इस आस्था को और अधिक प्रगाढ़ बनाते हैं।

सावन भारतीय लोक संस्कृति का भी सबसे रंगीन अध्याय है। गांवों में पेड़ों पर झूले पड़ते हैं, महिलाएं और युवतियां हरे परिधानों में सजकर कजरी और सावनी गीत गाती हैं। हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे पर्व सामाजिक सौहार्द, पारिवारिक प्रेम और सांस्कृतिक परंपराओं को नई ऊर्जा देते हैं। यह महीना रिश्तों में अपनापन और जीवन में सकारात्मकता का संदेश लेकर आता है।

आज जब पर्यावरण संरक्षण पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, तब सावन हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। हरियाली तभी बचेगी, जब हम पेड़ लगाएंगे, जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। भगवान शिव स्वयं प्रकृति के देवता माने जाते हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना भी उनकी सच्ची आराधना है।

सावन केवल धार्मिक अनुष्ठानों का महीना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम, सेवा, प्रेम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। आइए, इस पावन मास में भगवान शिव से यही प्रार्थना करें कि हमारे जीवन में शांति, समाज में सद्भाव और प्रकृति में सदैव हरियाली बनी रहे।

हर-हर महादेव! जय भोलेनाथ!

वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत ने लगाई 25 स्थानों की छलांग, 82वें से 57वें स्थान पर पहुंचा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट "इंडियाज़ नेक्स्ट ग्रोथ फ्रंटियर: रिड्यूसिंग एंटी-कम्पटीटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स टू बिल्ड ऑन इंडिया'स 2010–2023 रिफॉर्म प्रोग्रेस" के अनुसार, भारत ने वर्ष 2010 से 2023 के बीच वैश्विक रैंकिंग में 25 स्थानों की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 82वें स्थान से 57वें स्थान पर पहुंचकर महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रगति बाजार संबंधी विकृतियों (Market Distortions) को कम करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा संरचनात्मक सुधारों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) के सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL) और कॉम्पेटेरे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में यह रिपोर्ट जारी की गई।

रिपोर्ट में जीएसटी (GST), दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), नियामकीय सुधार, व्यापार सुविधा प्रणालियों के आधुनिकीकरण तथा प्रतिस्पर्धा, निवेश, डिजिटल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े सुधारों को भारत की प्रगति का प्रमुख आधार बताया गया है।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत को प्रतिस्पर्धा नीति को और मजबूत करने, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश प्रतिबंधों की समीक्षा करने तथा वैश्विक व्यापार में नियामकीय बाधाओं को कम करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय सचिव एवं लद्दाख के राज्य निर्वाचन आयुक्त सुधांशु पांडेय ने मुख्य वक्तव्य दिया, जबकि कॉम्पेटेरे फाउंडेशन के अध्यक्ष शंकर सिंघम ने रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कानूनी, उद्योग, शैक्षणिक और नीति विशेषज्ञों ने भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और भविष्य के सुधारों पर चर्चा की।

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का कहर: राजिम में बाढ़ जैसे हालात, कई मार्ग बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। प्रदेशभर में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां और नाले उफान पर आने से गरियाबंद, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित कई जिलों का सड़क संपर्क टूट चुका है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और आपदा राहत दलों (SDRF/NDRF) को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।


धार्मिक नगरी राजिम जलमग्न, कुलेश्वरनाथ मंदिर तक पहुंचा पानी

बारिश का सबसे व्यापक असर धार्मिक नगरी राजिम में देखने को मिल रहा है। गरियाबंद जिले में बीते 60 घंटों से जारी बारिश और सिकासेर जलाशय से लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते त्रिवेणी संगम स्थित ऐतिहासिक बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पूरी तरह पानी से घिर गया है। सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

मार्ग बाधित: नेशनल हाईवे पर चढ़ा पानी, तेलंगाना संपर्क कटा

  • रायपुर-गरियाबंद मार्ग बंद: पैरी नदी के उफान पर होने से पंटोरा के पास नेशनल हाईवे-130C पर पानी भर गया है, जिससे रायपुर-गरियाबंद मार्ग पर वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है। यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

  • अंतर्राज्यीय यातायात प्रभावित: बीजापुर जिले में नेशनल हाईवे-163 पर तारलागुड़ा के पास निर्माणाधीन पुल का डायवर्जन बह जाने से छत्तीसगढ़ का तेलंगाना से संपर्क कट गया है। इसके अलावा जल्लावागू नाले के उफान पर होने से भोपालपटनम के कई ग्रामीण इलाके कट गए हैं।

  • बस्तर में खतरे के निशान पर नदियां: दंतेवाड़ा के भैरमगढ़ स्थित पातरपारा पुल के ऊपर से तेज बहाव के कारण मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में खारून नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश से राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर खारून नदी का जलस्तर पुल के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने घाट क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है। शहर की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति निर्मित होने से नगर निगम की टीमें निकासी कार्य में जुटी हैं।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने नागरिकों से उफान पर मौजूद नदी-नालों और रपटों को पार न करने की सख्त हिदायत दी है। किसी भी आपात स्थिति के लिए नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के नंबर जारी किए गए हैं।

गांव में तालाब से अज्ञात युवती का शव बरामद, पहचान में जुटी पुलिस

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। राजधानी रायपुर से सटे अभनपुर थाना क्षेत्र के लखना गांव में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के बीच स्थित तालाब में एक अज्ञात युवती का शव तैरता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।


बताया जा रहा है कि सुबह ग्रामीणों ने तालाब में एक शव तैरता देखा। नजदीक जाकर देखने पर पता चला कि शव एक युवती का है। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी (Missing) की रिपोर्टों का मिलान कर उसकी शिनाख्त का प्रयास कर रही है।

प्रारंभिक जांच में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती की मौत डूबने से हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना है। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है।

पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल अज्ञात युवती का शव मिलने की इस घटना से लखना गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि मृतका की पहचान से संबंधित कोई जानकारी हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

प्रिंसिपल ऑफ द ईयर समीर प्रधान का सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षा के मानवीयकरण में योगदान को सराहा

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- संकुल केंद्र खट्टा द्वारा 'प्रिंसिपल ऑफ द ईयर' से सम्मानित एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पटेवा के प्राचार्य समीर चंद्र प्रधान के सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षकों ने उनके 37 वर्षों के शैक्षणिक योगदान, मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका की सराहना की।

संकुल केंद्र खट्टा के प्रतिनिधि शिक्षक एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा से जुड़े गेंदलाल कोकड़िया ने कहा कि समीर प्रधान का संपूर्ण शिक्षकीय जीवन शिक्षा के मानवीयकरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधान ने विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति क्षमता, समय प्रबंधन, अनुशासन, चित्रकला, कविता, स्काउट-गाइड तथा जीवन विद्या अध्ययन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया। वे छुट्टी के दिनों में भी विद्यालय में गतिविधियां संचालित करते थे और कई बार स्वयं घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय लाने का कार्य भी करते थे।

उन्होंने बताया कि समीर प्रधान ने महासमुंद डीएमएस, स्वामी आत्मानंद विद्यालय पटेवा तथा मध्यप्रदेश के सागर सहित विभिन्न संस्थानों में लगभग 37 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। उन्हें 'प्रिंसिपल ऑफ द ईयर', 'द बेस्ट प्रिंसिपल' तथा 'द मास्टर' सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उनके कार्यों का उल्लेख अमेरिका की प्रतिष्ठित फोर्ब्स पत्रिका में भी प्रकाशित हो चुका है।

गेंदलाल कोकड़िया ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निर्माण के दौरान दिल्ली में आयोजित नीति निर्माण समिति की बैठक में समीर प्रधान ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), रायपुर की ओर से लगभग 30 मिनट का प्रस्तुतीकरण दिया था, जिसका भारत सरकार द्वारा सीधा प्रसारण किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवाचार, नैतिक मूल्यों, कौशल विकास और समग्र शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करती है।

सम्मान समारोह में समीर प्रधान ने संकुल केंद्र खट्टा के प्राचार्य लिकेश कुमार साहू, समन्वयक सुरेश कुमार साहू, वरिष्ठ शिक्षक ओमनारायण शर्मा, शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया तथा सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन एक बेहतर शिक्षक और बेहतर इंसान बनने का प्रभावी माध्यम है तथा इसे विद्यालयों के अनिवार्य पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक ओमनारायण शर्मा ने समीर प्रधान को सिद्धांतनिष्ठ एवं आदर्श नीति निर्धारक बताया। वहीं प्राचार्य लिकेश कुमार साहू ने उन्हें शिक्षा के मानवीयकरण के लिए समर्पित प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। समन्वयक सुरेश कुमार साहू ने उनके प्रशासनिक कौशल एवं व्यवहारिक नेतृत्व की सराहना की।

कार्यक्रम में दुलारी चंद्राकर, लखन साहू, चंद्रभान ध्रुव, तुलसी देवांगन सहित संकुल केंद्र खट्टा के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सितोष जुल्फे ने किया। समारोह के दौरान शिक्षकों ने समीर प्रधान के साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए उनके उज्ज्वल एवं प्रेरणादायी शिक्षकीय जीवन की सराहना की।

पौध-आधारित प्रोटीन निर्माण में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा, टीडीबी ने सोनिक बायोकेम को दी वित्तीय सहायता

No comments Document Thumbnail

मूल्य संवर्धित खाद्य प्रसंस्करण और पौध-आधारित पोषण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: टीडीबी ने सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन्स को वित्तीय सहायता प्रदान की

भारत में मूल्य संवर्धित खाद्य प्रसंस्करण तथा पौध-आधारित पोषण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने मेसर्स सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर (मध्य प्रदेश) को "फंक्शनल एवं टेक्सचर्ड सोया प्रोटीन कंसन्ट्रेट का विकास और व्यावसायीकरण" परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

इस परियोजना का उद्देश्य कंपनी द्वारा विकसित स्वदेशी प्रौद्योगिकी के आधार पर फंक्शनल सोया प्रोटीन कंसन्ट्रेट (FSPC) और टेक्सचर्ड सोया प्रोटीन कंसन्ट्रेट (TSPC) के व्यावसायिक उत्पादन हेतु अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा स्थापित करना है।

यह पहल उच्च गुणवत्ता वाले, नॉन-जीएमओ (Non-GMO) पौध-आधारित प्रोटीन उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। स्वास्थ्यवर्धक, टिकाऊ और क्लीन-लेबल खाद्य उत्पादों की ओर बढ़ती उपभोक्ता रुचि के कारण ऐसे उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह परियोजना भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को मजबूत करने, कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन करने तथा आयात के स्थान पर स्वदेशी उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

दो दशकों से अधिक समय से नॉन-जीएमओ सोया खाद्य अवयवों के निर्माण और निर्यात में कार्यरत सोनिक बायोकेम ने सोया प्रोटीन कंसन्ट्रेट (SPC) के आधार पर FSPC और TSPC के उत्पादन की स्वदेशी तकनीक विकसित की है।

पारंपरिक उत्पादन प्रक्रियाओं में अपेक्षाकृत महंगे सोया प्रोटीन आइसोलेट (SPI) का उपयोग किया जाता है, जिसे मुख्यतः चीन और अमेरिका जैसे देशों से आयात किया जाता है। इसके विपरीत, कंपनी की तकनीक में स्वयं विकसित और देश में निर्मित SPC का उपयोग किया जाता है, जो समान कार्यात्मक गुण प्रदान करता है। इससे उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और पौध-आधारित प्रोटीन क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।

इस परियोजना के माध्यम से इन उन्नत प्रोटीन उत्पादों का व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन किया जाएगा, जिनका उपयोग प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, पौध-आधारित मांस विकल्पों, पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स तथा कार्यात्मक खाद्य उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह तकनीक आयात पर निर्भरता कम करेगी, नए निर्यात अवसर उत्पन्न करेगी तथा मूल्य संवर्धित पौध-आधारित प्रोटीन के तेजी से बढ़ते वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाएगी।

स्वदेशी तकनीक और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नॉन-जीएमओ सोयाबीन का उपयोग करते हुए यह परियोजना उच्च मूल्य वाले प्रोटीन अवयवों की मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकसित करेगी। साथ ही भारतीय खाद्य उद्योग को वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी कच्चे माल की किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इससे कृषि क्षेत्र को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और देश को टिकाऊ खाद्य प्रणाली की ओर बढ़ने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा:

"उन्नत पौध-आधारित प्रोटीन अवयवों के लिए स्वदेशी विनिर्माण क्षमता का विकास भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में हमारी उपस्थिति बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीडीबी ऐसी तकनीकों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दें, आयात पर निर्भरता कम करें और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद विकसित करें। यह पहल विदेशी मुद्रा की उल्लेखनीय बचत करने के साथ-साथ भारत के लिए नए निर्यात अवसर भी सृजित करेगी।"

सोनिक बायोकेम एक्सट्रैक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड के नेतृत्व ने टीडीबी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वित्तीय सहायता से कंपनी अपनी स्वदेशी विकसित तकनीक का बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण कर सकेगी, नॉन-जीएमओ सोया प्रोटीन उत्पादों के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगी तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौध-आधारित पोषण उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम होगी।

छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर/भिलाई : छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए चेतावनी जारी की है।


बस्तर संभाग में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार:

  • बस्तर संभाग: भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
  • अन्य जिले: हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।

रातभर हुई मूसलाधार बारिश से जलभराव की स्थिति

बीती रात प्रदेश के अनेक जिलों में हुई मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त नज़र आ रहा है।

मौसम विभाग की सलाह:

"खराब मौसम, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना आवश्यक कार्य के यात्रा करने से बचें।"

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। स्थिति पर नज़र रखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भारी बारिश से उफान पर चित्रकोट जलप्रपात, 90 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी का विहंगम दृश्य

No comments Document Thumbnail

 जगदलपुर: बस्तर अंचल में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रसिद्ध चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात पूरे उफान पर आ गए हैं। भारत के 'नियाग्रा' नाम से विख्यात चित्रकोट जलप्रपात में करीब 90 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी की विशाल गर्जना दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर और चौड़ाई काफी बढ़ गई है, जिससे इसका प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर पहुँच गया है।


मौसम साफ होने के बाद यहाँ देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटकों के पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है।

सड़कों पर जलभराव, पेड़ गिरने से आवागमन बाधित

एक ओर जहाँ जलप्रपातों की खूबसूरती निखर आई है, वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है:

  • अस्पताल मार्ग जलमग्न: शहर के मुख्य महारानी अस्पताल मार्ग पर भारी जलभराव हो जाने से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

  • पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध: करंजी के समीप एक विशालकाय पेड़ मुख्य सड़क पर आ गिरा, जिससे यातायात थम गया। स्थानीय ग्रामीण पेड़ की शाखाओं को काटकर रास्ता साफ करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

  • जगदलपुर-सुकमा मार्ग पर लगा जाम: जगदलपुर-सुकमा मार्ग की घाटी में लोहे का भारी सामान ले जा रहा एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे सामान सड़क पर बिखर गया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रशासनिक टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचकर यातायात व्यवस्था को बहाल करने और गिरे हुए सामान को हटाने के कार्य में जुटी हुई है।

CG NEWS : साथी का मोबाइल चुराकर ₹4.87 लाख उड़ाने वाला आरक्षक गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 जांजगीर-चांपा। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए 11वीं बटालियन धनरास में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने ही साथी का मोबाइल फोन चोरी कर उसमें उपलब्ध व्यक्तिगत विवरणों का दुरुपयोग करते हुए नया यूपीआई आईडी बनाया और बैंक खाते से करीब ₹4.87 लाख की अनधिकृत निकासी कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और उसने पूरी रकम गेमिंग ऐप में उड़ा दी।


बैरक से चोरी हुआ था मोबाइल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चांदो (जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) निवासी आरक्षक सुधीर कुमार सिंह (41), जो 11वीं बटालियन में कार्यरत हैं, ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 की रात उन्होंने अपना वीवो Y21 मोबाइल बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। अगले दिन ड्यूटी पर जाने से पहले मोबाइल गायब मिला।

संदेही आरक्षक से पूछताछ में खुला राज

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान 11वीं बटालियन में ही पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव की गतिविधियों पर संदेह हुआ। घटना के बाद से आरोपी का परिसर से गायब होना पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने जब घेराबंदी कर उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

फर्जी UPI आईडी से निकाली रकम

जांच में सामने आया कि आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल से पीड़ित के व्यक्तिगत विवरणों का उपयोग करके एक नई यूपीआई आईडी बनाई। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में कुल ₹4,87,911 अपने खाते व गेमिंग वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए। पूछताछ में उसने बताया कि यह पूरी राशि उसने ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान गंवा दी।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी

पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल और तकनीकी साक्ष्य जब्त किए हैं। मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने आरोपी आरक्षक सुनील कुमार यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66-C और 66-D के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सड़क हादसे में घायल, झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती

No comments Document Thumbnail

 रायपुर / झांसी : छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव एक भीषण सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। हादसा उस समय हुआ जब वे मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम में दर्शन-पूजन के बाद छत्तीसगढ़ लौट रहे थे। दुर्घटना में उनके कमर, कूल्हे और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।


ट्रक से टकराई अनियंत्रित कार, अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त

मिली जानकारी के अनुसार, सफर के दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी ने अचानक कट मार दिया। दुर्घटना से बचने के लिए किरण देव के चालक ने वाहन को तुरंत मोड़ा, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा इंजन तक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त (चकनाचूर) हो गया।

काफिले की अन्य गाड़ियां सुरक्षित, सहयोगियों को आई मामूली चोटें

गनीमत यह रही कि काफिले में पीछे चल रही अन्य गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित रहीं। हादसे के वक्त कार में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष के पीएसओ (PSO), पीए (PA) और चालक को हल्की एवं मामूली चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, किरण सिंह देव की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

टूटा पुल बना स्कूली बच्चों की पढ़ाई में बाधा, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर लगाए उपेक्षा के आरोप

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खट्टा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर बना जर्जर पुल और क्षतिग्रस्त सड़क बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी बहने लगता है, जिससे आसपास के छह गांवों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार बच्चों को स्कूल नहीं पहुंच पाना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

ग्रामीणों के अनुसार यह पुल खट्टा, कोकड़ी, रखमखेड़ा सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से स्वामी आत्मानंद विद्यालय पटेवा, खट्टा हाई स्कूल, खट्टा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा कोकड़ी शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं।

चेतना विकास मूल्य शिक्षा संचालित अभिभावक विद्यालय, कोकड़ी के शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया ने बताया कि बरसात के दौरान पुल के ऊपर पानी बहने लगता है, जिससे छात्र-छात्राओं का स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बालिकाएं तेज बहाव के बीच पुल पार करने से डरती हैं, जिसके कारण कई बार वे स्कूल नहीं जा पातीं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यही मार्ग गर्भवती महिलाओं, बीमार मरीजों और अन्य ग्रामीणों के लिए अस्पताल एवं आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। पुल पर पानी आने से आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के सरपंच डॉ. राजकमल पटेल तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा रामस्वरूप दीवान का निवास भी इसी गांव में है और उन्हें भी इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि लंबे समय से पुल और सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात समाप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना पुल की तत्काल मरम्मत अथवा वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण या मरम्मत नहीं कराई गई तो इसका सबसे अधिक असर स्कूली शिक्षा, विशेषकर बालिका शिक्षा पर पड़ेगा। उनका मानना है कि सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का किया स्वागत

No comments Document Thumbnail

करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में  ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम - मुख्यमंत्री साय

परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

https://x.com/i/status/2082441032570937404

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कौशल परीक्षा अगस्त में होगी आयोजित

No comments Document Thumbnail

रायपुर, दुर्ग सहित विभिन्न संभागों में बने परीक्षा केंद्र

रायपुर- शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा अगस्त 2026 में विभिन्न तिथियों पर मुद्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन कौशल परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभागों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

परीक्षा कार्यक्रम एवं तिथियाँ

01 अगस्त 2026 को अंग्रेजी मुद्रलेखन (गति 10,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) की परीक्षा  05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार 02 अगस्त 2026 हिन्दी मुद्रलेखन (गति 10,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा एवं बस्तर में चयनित 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी।  

08 अगस्त 2026 को अंग्रेजी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) 08 परीक्षा केंद्रों में, 09 अगस्त 2026 को हिन्दी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) 09 परीक्षा केंद्र एवं 16 अगस्त 2026 को बिलासपुर और सरगुजा संभाग में 01-01 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी। 

परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

परीक्षार्थियों को परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्र पर ही निर्धारित बैच एवं समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। परीक्षा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध है। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सूचना परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS  के माध्यम से भेज दी गई है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों को मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या मतदाता परिचय पत्र में से कोई भी एक मूल पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना पर हाईकोर्ट सख्त, केवल सात जिलों तक सीमित रखने पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि यह योजना केवल सात जिलों तक ही क्यों सीमित रखी गई है, जबकि राज्य के अन्य जिलों के स्कूली बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। न्यायालय ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि योजना के सीमित दायरे के पीछे क्या कारण हैं।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी पात्र विद्यार्थियों को समान रूप से इसका लाभ मिले। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि सीमित जिलों में योजना लागू होने से अन्य क्षेत्रों के बच्चों के साथ असमानता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना के तहत विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषणयुक्त मिलेट (श्री अन्न) से बनी चिक्की उपलब्ध कराई जाती है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना, कुपोषण को कम करना और मोटे अनाज (मिलेट) के उपयोग को बढ़ावा देना है।

याचिका में योजना को केवल सात जिलों तक सीमित रखने के निर्णय पर सवाल उठाया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत यह जानना चाहती है कि योजना का विस्तार पूरे राज्य में क्यों नहीं किया गया और अन्य जिलों के विद्यार्थियों को इससे वंचित रखने का आधार क्या है।

अब राज्य सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि योजना के चयनित जिलों में ही लागू होने के पीछे प्रशासनिक, वित्तीय या अन्य क्या कारण हैं तथा भविष्य में इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की क्या योजना है।

हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह मामला शिक्षा और पोषण योजनाओं में समान अवसर सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ ने लागू किया 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026', निवेश और उद्योगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल को अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026' लागू किया है। इस कानून का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं को तेज, सरल और समयबद्ध बनाना है, जिससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

नए कानून के तहत ट्रस्ट-बेस्ड (विश्वास आधारित) और रिस्क-बेस्ड (जोखिम आधारित) नियामक व्यवस्था अपनाई जाएगी। इसके तहत उद्योगों का वर्गीकरण उनके आकार, निवेश और जोखिम के आधार पर किया जाएगा। कम जोखिम वाले उद्योगों को बार-बार निरीक्षण और अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी, जबकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में आवश्यक निगरानी जारी रहेगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से उद्योगों को विभिन्न विभागों से समयबद्ध मंजूरी मिलेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुमति नहीं मिलने पर कई मामलों में 'डीम्ड अप्रूवल' (स्वतः स्वीकृति) का प्रावधान भी लागू होगा। साथ ही, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को स्व-प्रमाणन (Self-Certification) जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे अनुपालन लागत और प्रशासनिक बोझ कम होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह कानून पारंपरिक निरीक्षण-आधारित व्यवस्था की जगह पारदर्शी, जवाबदेह और निवेशक-अनुकूल शासन प्रणाली को बढ़ावा देगा। इससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा तथा औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में विनिर्माण, एमएसएमई, कृषि-आधारित उद्योग, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश को नई रफ्तार मिल सकती है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के सबसे निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल करना है। नया ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जो उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आर्थिक विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.