Media24Media.com: rajnath singh

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label rajnath singh. Show all posts
Showing posts with label rajnath singh. Show all posts

CM ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री को लिखा पत्र, बिलासपुर में थल सेना की लंबित छावनी की जल्द स्थापना का किया अनुरोध

No comments Document Thumbnail

  • बिलासाबाई केवटींन हवाई अड्डा अब सिविल एविएशन एवं थल सेना की विमानन संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये उपलब्ध
  • राज्य में आर्मी छावनी की स्थापना से इलाके के समुचित विकास के साथ राज्य के युवाओं को सेना में सहजता से उपलब्ध होंगे अवसर




मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर बिलासपुर (army camp in bilaspur) में थल सेना की लंबित छावनी की शीघ अतिशीघ्र स्थापना करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री का ध्यान राज्य के विकास की दिशा में राज्य में सैन्य संस्थानों के विकास के प्रयास की ओर आकर्षित करते हुए लिखा है कि- राज्य ने लगभग 1000 एकड़ भूमि रक्षा मंत्रालय को बिलासपुर में थल सेना छावनी की स्थापना के लिए आबंटित की हुई है। इस थल सेना छावनी की स्थापना की प्रक्रिया लंबित है।





आरंभ में थल सेना छावनी की स्थापना के लिए इसके साथ हवाई पट्टी की आवश्यकताओं को बताया गया था। राज्य सरकार ने इस इलाके की विमानन आवश्यकताओं के दृष्टिगत इस हवाई पट्टी का विस्तार कराकर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली है। बिलासाबाई केवटींन हवाईअड्डा. बिलासपुर अब डीजीसीए द्वारा 3सी वीएफआर कैटगरी में मान्यता प्राप्त । अब ये हवाई पट्टी सिविल एविएशन एवं थल सेना की विमानन संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये उपलब्ध है।





मुख्यमंत्री ने लिखा है कि आगामी एक मार्च से बिलासपुर से व्यवसायिक यात्री सेवाएँ आरंभ हो रही है। राज्य सरकार चक्रभाठा, बिलासपुर में थल सेना छावनी की स्थापना के लिए उत्सुक है। राज्य में आर्मी छावनी की स्थापना से न केवल इस इलाके के समुचित विकास में गति आएगी बल्कि थल सेना सेवा के अवसर राज्य के युवाओं को सहजता से उपलब्ध भी होंगे। थल सेना छावनी की राज्य में उपस्थिति मूलतः नक्सलवादी उग्रवाद के उन्मूलन की दिशा में सहायक होने की भी आशा है।





बघेल ने कहा है कि थल सेना छावनी ((army camp in bilaspur)) की स्थापना से राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को होने वाले लाभों के दृष्टिगत, राज्य सरकार रक्षा मंत्रालय से इसकी स्थापना शीघ्रातिशीघ्र करने के लिए आग्रह करना चाहती है। इस दिशा में राज्य सरकार रक्षा मंत्रालय एवं थल सेना की अन्य संबंधित आवश्यकताओं पर भी विचार करने के लिए तैयार है। इस संदर्भ में रक्षा मंत्रालय के साथ कार्य करने के लिए राज्य सरकार तत्पर हैं एवं मैं आपसे सहयोग की आशा करता हूँ।


भारतीय वायुसेना की ताकत में और होगा इजाफा, 83 स्वदेशी तेजस विमानों के सौदे पर आज होंगे हस्ताक्षर

No comments Document Thumbnail

भारतीय वायु सेना की ताकत को आसमान में बढ़ाने के उद्देश्य से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के बीच 3 फरवरी को 83 स्वदेशी तेजस (Tejas Aircraft Deal) विमान के लिए डील पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। एयरफोर्स के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।





इस शक्तिशाली विमानों के लिए हुई डील में 73 एमके-1 लड़ाकू विमान और 10 एलसीए एमके-1 ट्रेनर विमान शामिल हैं। बता दें कि भारतीय वायु सेना पहले 40 लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट की डील कर चुका है। इसी के साथ भारतीय वायु सेना के लिए कुल 123 तेजस विमानों की डील हुई है।  





वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता। सिंह ने बंगलूरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की दूसरी एलसीए-तेजस निर्माण सुविधा का उद्घाटन किया।





उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भारत 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के तहत अपनी रक्षा उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में तत्पर है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता। 





प्रधानमंत्री आवास को लेकर गंभीर नहीं है छत्तीसगढ़ सरकार !









तेजस (Tejas Aircraft Deal) में एक साथ 9 तरह के हथियार लोड और फायर किए जा सकते हैं। यह एयरक्राफ्ट एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट से लैस है। तेजस पर हवा से हवा, हवा से धरती और हवा से पानी पर हमला करने वाले हथियार लोड कर सकते हैं। तेजस में जैमर सुरक्षा तकनीक है ताकि किसी दुर्गम क्षेत्र में कम्युनिकेशन बंद न हो।





यह एक सुपरसोनिक फाइटर जेट है, जो 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। तेजस को 42 फीसदी कार्बन फाइबर, 43 फीसदी एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है।


Online shopping in CSD Canteen- आर्मी कैंटीन से ऑनलाइन खरीद सकेंगे सामान

No comments Document Thumbnail

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएसडी कैंटीन (Online shopping in CSD Canteen) के जरिये वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव ओवन, फ्रीजर, एयर कंडीशनर, टीवी और लैपटॉप समेत कीमती सामानों की ऑनलाइन बिक्री के लिए शुक्रवार को एक पोर्टल लॉन्च किया।






https://twitter.com/rajnathsingh/status/1347448634577543168




सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘पोर्टल से लगभग 45 लाख सीएसडी (Online shopping in CSD Canteen) यानी कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट लाभार्थी घर बैठे एएफडी-1 सामान खरीद सकेंगे।‘ एएफडी-1 श्रेणी में उपरोक्त सामानों के अलावा एयर प्यूरीफायर, होम थियेटर, मोबाइल फोन इत्यादि कीमती सामान आते हैं। सीएसडी कैंटीनों का इस्तेमाल सशस्त्र सुरक्षा बलों के कर्मी और पूर्व कर्मचारी करते हैं।





CS अमिताभ जैन स्वास्थ्य कारणों के चलते अवकाश पर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू को मिली बड़ी जिम्मेदारी






सिंह ने ट्वीट किया, ‘सरकार सशस्त्र बलों के सभी जवानों और अधिकारियों तथा पूर्व कर्मियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘डिजिटल इंडिया‘ मिशन के तहत आज यह ऑनलाइन पोर्टल लांच किया गया है।‘


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.