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AIIMS में चाकू लेकर उपद्रव करने लगा मानसिक रोगी , चाकूबाजी में ASI और आरक्षक घायल

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 रायपुर । एम्स में मानसिक रोगी ने चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया है। वही मानसिक रोगी को पकड़ने के दौरान ASI और आरक्षक घायल हो गए। पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि बीरगांव उरला रायपुर निवासी भीम शाह पिता घुररू शाह उम्र 53 वर्ष अपने पुत्र ओमप्रकाश शाह उम्र 25 वर्ष जो मानसिक रोगी है, को उपचार हेतु परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एम्स अस्पताल रायपुर में लेकर आये थे, कि उक्त मानसिक रोगी व्यक्ति उनके नियंत्रण से बाहर होकर अस्पताल परिसर क्षेत्र में भीड़-भाड़ वाले स्थान में जाकर अपने हाथ में चाकू लेकर लोगों को भयभीत करने लगा तथा अस्पताल परिसर में काफी उपद्रव करने लगा जिसके कारण अस्पताल में अफरा तफरी मच गया तथा लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे।


जिसकी सूचना थाना आमानाका पुलिस को मिलने पर थाना आमानाका पुलिस द्वारा तत्काल एम्स अस्पताल पहुंचकर मानसिक रोगी ओमप्रकाश शाह जो कभी भी गंभीर अपराध घटित कर सकता था, कोे नियंत्रण करने लिये सउनि. सुरेश मिश्रा एवं आरक्षक भारतेन्दु साहू व अन्य पुलिस स्टाफ द्वारा अपनी जान की परवाह किये बिना घेराबंदी कर चाकू छीनने का प्रयास करने लगे कि मानसिक रोगी ओमप्रकाश शाह द्वारा अपने हाथ में रखंे चाकू से हमला कर सउनि. सुरेश मिश्रा एवं आरक्षक भारतेन्दु साहू को जख्मी कर लहुलूहान कर दिया गया, उसके बाद भी मानसिक रोगी को पकड़कर नियंत्रित किया गया। थाना आमानाका पुलिस के द्वारा मानवता का परिचय देते हुये मानसिक रोगी को पकड़कर उपचार के लिये एम्स अस्पताल रायपुर मे भर्ती कराया गया।


रायपुर AIIMS में ठेका कर्मचारियों ने किया काम बंद, धरने पर बैठ गए

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में कार्यरत 500 ठेका कर्मचारी काम का बहिष्कार कर हड़ताल पर बैठ गए है. इन का एम्स प्रबंधन पर आरोप है कि, वे आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से 10-10 साल से नौकरी कर रहे है, लेकिन उन्हें अकारण नौकरी से हटाया जा रहा है.


जानकारी के मुताबिक, आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि, एम्स रायपुर द्वारा मिशन रिकूटमेंट के तहत जिन पदों पर आऊटसोर्स कर्मचारी हैं उन्हीं पदों कि नियमित भर्ती की गई और एम्स रायपुर द्वारा कार्यालय आदेश जारी किया गया हैं, जिसमें नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति के पहले आऊटसोर्स कर्मचारियों की सेवा बंद करने का आदेश जारी किया गया है और एम्स प्रशासन द्वारा हमारे अनुभव और सेवाओं को अनदेखा किया जा रहा है.

कर्मचारियों ने बताया कि, मिशन रिकूटमेंट के तहत जहां एक तरफ रोजगार देने की बात की जा रही हैं, वही दूसरी ओर एम्स प्रशासन के द्वारा वर्षों से कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारियों को बेरोजगार किया जा रहा हैं, जिससे हम कर्मचारियों में असंतोष और भय व्याप्त हैं कि हम अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे. जानकरी के मुताबिक इन कर्मचारियों ने एम्स निदेशक से भी इस मुद्दे पर बातचीत की लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकला तो कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए है. इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं ठप्प हो गई हैं.


पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की बिगड़ी तबियत, दिल्ली AIIMS में हुए भर्ती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एहतियात के तौर पर एम्स में भर्ती हुए हैं. 


उन्होंने आज ट्वीट कर अपने एम्स में भर्ती होने की जानकारी दी. डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हूं, आज रूटीन चेकअप के लिए AIIMS जाना हुआ, जहां डॉक्टरों के परामर्श से एहतियात के तौर पर भर्ती हुआ हूं. फिलहाल स्वास्थ्य ठीक है. मानसून के बीच आप सब भी बारिश में पूरी एहतियात बरतें और स्वस्थ रहें.



AIIMS के डॉक्‍टरों ने किया चमत्कार, दो जुड़ी हुई बच्चियों को किया अलग

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नई दिल्ली। दिल्ली के एम्स अस्पताल में डॉक्टरों ने जन्म से जुड़ी दो जुड़वा बहनों को ऑपरेशन कर उन्हें अलग किया। दोनों बहनें छाती और पेट के ऊपरी हिस्से से आपस में जुड़ी हुई थीं। जुड़वा बहनों के बीच प्रमुख अंग साझा थे, जिनमें निचले छाती हृदय को ढकने वाली परतें, डायफार्म और पेट शामिल था। इस सर्जरी में लिवर और हृदय के हिस्सों को अलग करना डॉक्टरों के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण था।


बरेली के रहने वाले अंकुर गुप्ता और दीपिका गुप्ता को बच्चों के आपस में जुड़े होने की जानकारी तभी मिल गई थी जब दीपिका के गर्भ को 5 माह हुए थे। ऐसे में दोनों परेशान हो गए। दिल्ली एम्स में ही दोनों बच्चियों का जन्म हुआ, जब दोनों 11 महीने की हो गई तब इन्हें अलग-अलग करने के लिए 11 जून को यह सर्जरी की गई। रिद्धी-सिद्धी नाम की इन दोनों बहनों की जान अब खतरे से बाहर है।

9 घंटे चली सर्जरी

एम्स के सर्जनों की एक टीम ने करीब 9 घंटे तक रिद्धी-सिद्धी की सर्जरी किया। 9 घंटे तक चली इस सर्जरी में दोनों बहनों को अलग-अलग किया गया। इस सर्जरी की पूरा करने के लिए अलग-अलग विभाग के डॉक्टर टीम में शामिल थे।

नवजात शिशु के निःशुल्क उपचार के लिए सांसद चुन्नीलाल साहू ने एम्स में की पहल

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महासमुन्द। बसना क्षेत्र के ग्राम सालेझरिया निवासी गणेश चौहान की पत्नी का शासकीय अस्पताल बरोली मे प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई। नवजात शिशु को चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक बचा लिया गया। मां को खोया नवजात शिशु नाभि रोग से ग्रसित था। बच्चे का इलाज सर्जिकल केश होने के कारण एम्स में ही इलाज संभव था। यह बीमारी हजार बच्चों में से इक्का-दुक्का बच्चों में जन्मजात होता है।





बरोली के डॉक्टरों ने बच्चे को चिकित्सा हेतु जगदीशपुर रिफर कर दिया। सेवा भवन हॉस्पिटल जगदीशपुर के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का ईलाज एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में हो सकता है। जिसके इलाज के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति सक्षम नहीं है। गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सांसद प्रतिनिधि शिवकिशोर साहू एवं दुलीकेशन साहू ने लोकसभा सांसद से समस्या समाधान के लिए अवगत कराया। लोकसभा महासमुंद के सांसद चुन्नीलाल साहू ने तत्काल बच्चे के इलाज के लिए  एम्स के डॉक्टरों से चर्चा की। बच्चे को एम्स भिजवाया ल। जहां बच्चे को एडमिट कर डॉक्टरों ने अपनी निगरानी में चिकित्सा प्रारंभ कर दी है।





सांसद के सराहनीय पहल से पीड़ित परिवार एवं क्षेत्र की जनता ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सांसद चुन्नीलाल साहू का आभार व्यक्त किया है।





 गौरतलब है कि कोविड-19 के दौरान लगे लॉकडाउन में भी सांसद द्वारा दूसरे राज्यो में फंसे मजदूरों को आने जाने एवं खाने पीने की व्यवस्था करवाई गई थी।


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