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जिंदगी मिलेगी न दोबारा : सड़क सुरक्षा के लिए अवश्य लें यह दो शपथ

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आनंदराम पत्रकारश्री

महासमुन्द। यातायात नियमों के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने एक खास कार्यक्रम 'जिंदगी मिलेगी न दोबारा' का आयोजन हुआ। पुलिस अधीक्षक महासमुन्द भोजराम पटेल और यातयात पुलिस के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी पटेल ने 'सड़क सुरक्षा-सबकी रक्षा' के लिए दो शपथ अवश्य लेने का आह्वान किया। पहला संकल्प- 'मेरी मृत्यु मेरे कारण नहीं होगी।' दूसरा-'किसी और की मृत्यु मेरे कारण नहीं होगी।' 

अनुज शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए एसपी भोजराम पटेल

कार्यक्रम स्थल शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन, स्कूली और कॉलेज के बच्चों से खचाखच भरी हुई थी। नवरात्रि पर्व के प्रथम दिवस मातृशक्ति शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राजगीत-'अरपा पैरी के धार' गायन से विधिवत शुभारंभ हुआ। मंचस्थ अतिथियों बीज निगम अध्यक्ष अग्नि चंद्रकार, पदमश्री अनुज शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्रकार, महामंत्री संजय शर्मा, श्रीपुर एक्सप्रेस के संपादक आनंदराम पत्रकारश्री, पार्षद गुरमीत चावला, युवा नेता हर्षित चंद्राकर, कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर, जिपं सीईओ एस आलोक, डीएफओ पंकज राजपूत का पुलिस मित्र और अधिकारियों ने बैच लगाकर स्वागत किया। 

मंचस्थ अतिथि गण राजगीत के सम्मान में खड़े हुए



स्वागत उदबोधन में एएसपी आकाश राव ने 'दुर्घटना से देर भली' का संदेश देते हुए कहा कि दुर्घटना बहुत दुखद होती है। इस जागरूकता कार्यक्रम से सभी यातायात नियमों का पालन करना सीखकर जाएंगे। ज्यादा से ज्यादा नियमों का पालन करेंगे।

कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि छालीवुड कलाकार पदमश्री अनुज शर्मा ने छत्तीसगढ़ी में उदबोधन देते हुए मनोरंजक अंदाज में यातायात जागरूकता की सीख दी। उन्होंने बचपन की यादों में खोते हुए कहा कि "महासमुन्द बहुत संस्कारी जगह है। मैं यहां बचपन से आ रहा हूं। छात्र जीवन में स्काउट में आता था। महासमुन्द के मया एक बार फिर आज खींच लायी।" उन्होंने कहा कि जब घर से निकलो मा- बाप को याद करके निकलो। घर में कोई इंतजार कर रहा, यह ध्यान रखें तो दुर्घटना नहीं होगी। जीवन में आगे बढ़ने का माद्दा रखें, लेकिन शार्ट कट और 'कट मारकर' नहीं अवसर मिलते ही बढ़ें। 
यातायात जागरूकता के लिए निकाली गई बाइक रैली


मुख्य अतिथि अग्नि चंद्रकार ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर किसी भी नेता को सिफारिश नहीं करना चाहिए। कुछ जनप्रतिनिधि ऐसा समझ जाते हैं, जैसे वे कभी पद से नहीं उतरेंगे। पुलिस के हर काम में हस्तक्षेप करते रहते हैं। दुर्घटना रोकने के लिए नशावृत्ति कम होना चाहिए। हादसे का एक बड़ा कारण नशा की बढ़ती लत है। सड़क हादसे में निर्दोष मारे जाते हैं। नशा कर वाहन चलाने वाले को सख्ती से रोकने की जरूरत है। रात में नशा करके लोग सड़क पर निकलते हैं। कोरोना जितना भयावह है, सड़क दुर्घटना उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है। 

विशिष्ट अतिथि डॉ रश्मि चंद्रकार ने कहा कि जरा सोचिए आपके माता-पिता को चिथड़े में लाश मिलेगी, तो उन पर क्या बीतेगी। यातायात नियमों का पालन करें। दूसरों के लिए भी आदर्श बनें। उन्होंने आत्महत्या नहीं करने भी प्रेरित किया। ओवर स्पीड वाहन चलाकर मौत को गले लगाने को भी एक तरह का आत्महत्या निरूपित किया। 

कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि जितनी मौतें कोरोना से नहीं हुई, उससे ज्यादा सड़क दुर्घटना के कारण हो रही है। ज्यादातर लोग शाम 6 से 10 बजे शराब, नशा करके चलते हैं। जो दुर्घटना का कारण बनता है। उन्होंने आपबीती मनोरंजक ढंग से सुनाई।  छोटा कद काठी होने से कॉलेज लाइफ में उन्हें बच्चा समझकर पुलिस रोक लेती थी। तब चालान की कार्यवाही से बचने हेलमेट पहनने लगे। धीरे-धीरे हेलमेट पहनने की आदत हो गई। ऐसे ही सभी आदत बनाएं। सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें। इसके लिए पुलिस जन-जन को जागरूक कर रही है।

पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाले प्रभावी उदबोधन देते हुए दो संकल्प याद रखने प्रेरित किया। उन्होंने कन्यादान के बाद जीवनदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए कहा कि सड़क में सावधानी पूर्वक चलने से हम अनगिनत लोगों को जीवनदान देते हैं। उन्होंने महासमुन्द को महाकाल और महाकाली की धरती संबोधित करते हुए संदेश दिया कि काल पर किसी का वश नहीं चलता। अकाल मृत्यु से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करें। क्योंकि 'जिंदगी मिलेगी न दोबारा।' ये हसीन पल जो गुजर रहा है, वह जीवन में नहीं आएगा दोबारा। सबकुछ दे सकते हैं, जीवन दोबारा नहीं दे सकते हैं। जीवन आसान नहीं है। माँ के गर्भ में हम महसूस करते हैं। जन्म लेते ही जीवनयात्रा की शुरुआत हो जाती है। गर्भवती माँ बच्चे को रक्षा के लिए पल्लू में छुपा लेती हैं, ताकि किसी की नजर न लगे। सड़क सुरक्षा में ही सबकी रक्षा निहित है। 

जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने भी संबोधित किया। संचालन राजेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय से आए बच्चों और शिक्षकों के साथ ही अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। यातायात जागरूकता पर गीत प्रदर्शित (लांच) किया गया। जनजागरण के लिए मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। 








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