Media24Media.com: Vehicle seized with illegal wood

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label Vehicle seized with illegal wood. Show all posts
Showing posts with label Vehicle seized with illegal wood. Show all posts

1 एक लाख के अवैध लकड़ी के साथ वाहन जब्त, रांका पटवारी निलंबित

No comments Document Thumbnail

वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार राज्य में वनों की सुरक्षा और वृक्षों की अवैध कटाई और परिवहन पर नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा सतत अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी में वनमंडल रायपुर अंतर्गत 13 जून को रात्रि गश्त के दौरान विभागीय टीम द्वारा ग्राम मानपुर तुलसी चौक के पास लगभग 01 लाख रूपए मूल्य की लकड़ी का अवैध परिवहन करते हुए एक माजदा वाहन को जब्त किया गया।





मास्क नहीं लगाने पर 2,274 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई, 3 दुकानों को किया गया सील





इस कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक के.आर.नायक और वनमंडलाधिकारी रायपुर विश्वेश कुमार झा के निर्देशन में सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी तिल्दा दीपक तिवारी के नेतृत्व में की गई। जब्त वाहन को काष्टागार तिल्दा लाया गया है। इसमें अर्जुन, साजा, कसही प्रजाति के लकड़ी के लट्ठा का बिना परिवहन अनुज्ञा पत्रक के परिवहन किया जा रहा था। अभियान में जागेश बांधे, रिखी राम साहू, शरद कुमार, राधेश्याम वर्मा, ऋतुराज, धन्नु यदु विभागीय अमला का सहयोग रहा।





बेमेतरा के रांका का पटवारी निलंबित





बेमेतरा जिले के बेरला तहसील के अन्तर्गत पटवारी हल्का नंबर 19 रांका गांव के पटवारी शंकर लाल नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ एक किसान से ऋण पुस्तिका बनने के लिए नगद राशि की मांग करने की शिकायत प्राप्त होने पर SDM बेरला द्वारा संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बेरला द्वारा संबंधित पटवारी को शो-काज नोटिश जारी किया गया था। पटवारी नेताम द्वारा निर्धारित तिथि तक अपने पक्ष मे कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया है।





नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले 437 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई





निलंबन अवधि में नेताम का मुख्यालय तहसील कार्यालय बेरला नियत किया गया है। इस दौरान उन्हे जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। कलेक्टर भोसकर विलास संदीपान ने कहा है कि अगर कोई शासकीय कर्मचारी-अधिकारी किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों के काम करने में हीलाहवाला करता है और राशि की मांग करता है तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।





कुम्हाररास में हटाया गया अतिक्रमण





सुकमा जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा कुम्हाररास में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इसके तहत यहां अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया। सुकमा तहसीलदार प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इनके द्वारा बताया गया कि उपस्वास्थ्य केन्द्र कुम्हाररास सुकमा के पास शासकीय भूमि पर नागेश लड्डा द्वारा टिन शेड और मिट्टी पाटकर अवैध रुप से कब्जा किया गया था।





सुकमा CMO भी रहे मौके पर मौजूद





जिस पर कार्रवाई करते हुए आम जन की उपस्थिति में अवैध कब्जा को हटाया गया। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर 31 नग टिन शेड सहित 09 नग लोहा पाइप की जब्ती की गई। मौके पर सुकमा CMO आशीष कोर्राम भी उपस्थित थे। तहसीलदार नाग ने बताया कि शासकीय भूमि में अतिक्रमण पर लगातार सख्त कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी।


रायपुर: एक लाख रूपए कीमत की अवैध लकड़ी के साथ वाहन जब्त

No comments Document Thumbnail

वन मंत्री मोहम्मद अकबर (Forest Minister Mohammad Akbar) द्वारा वन अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 22 जनवरी को रायपुर वनवृत्त के अंतर्गत लगभग एक लाख रूपए मूल्य के अवैध लकड़ी सहित (illegal timber sized in Raipur) वाहन की जब्ती की गई। साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। मुख्य संरक्षक रायपुर जे.आर. नायक के मार्गदर्शन में डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी के नेतृत्व में टीम द्वारा लकड़ी की अवैध परिवहन कर रहे एक वाहन को जब्त किया है।





यह भी पढ़ें:- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने चौक-चौराहों पर दी जा रही हिदायतें





इस अभियान में टीम द्वारा जांच के दौरान संलिप्त आरोपी रवि वर्मा के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। इस कार्रवाई में यदुराम साहू, इन्द्रचंद धनगर, राधे और प्रशांत यादव सहित विभागीय अमला शामिल था।
गौरतलब है कि 21 जनवरी को डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी के ही नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मुरा मोड़ में घेराबंदी कर लगभग 70 हजार रूपए मूल्य के अवैध लकड़ी सहित (illegal timber sized in Raipur) एक अन्य वाहन की जब्ती की गई थी।





रायपुर और दुर्ग के उद्योगों का दूषित जल नहीं हो रहा खारून नदी में प्रवाहित





खारुन नदी में दुर्ग और रायपुर के किसी भी उद्योग से दूषित जल प्रवाहित नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में प्रकाशित खबरों के संबंध में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि आवास और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर नगरपालिक निगम बिरगांव और पर्यावरण मंडल के संयुक्त जांच दल द्वारा गोंदवारा, सोनडोंगरी, बिरगांव औद्योगिक क्षेत्र उरला, सरोरा, उरकुरा, रावाभाटा सहित भनपुरी के आस-पास के उद्योगों और दुर्ग के उद्योगों का निरीक्षण किया गया है।





यह भी पढ़ें:- इन राशियों को आज मिल सकती है नौकरी में तरक्की, जानिए आपका आज का राशिफल





निरीक्षण में पाया गया कि किसी भी उद्योग से दूषित जल खारून नदी में प्रवाहित नहीं हो रहा है। खारुन नदी का कुछ भाग घरेलू दूषित जल से प्रभावित है। इसमें सुधार के लिए नगर निगमों द्वारा 01 जुलाई 2021 के पूर्व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जानी है, ये प्लांट नगरीय निकायों के अधीन निर्माणाधीन हैं। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जल प्रदूषणकारी उद्योगों से हो रहे जल प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया गया है और इसकी सतत रूप से मॉनिटरिंग भी की जा रही है। साथ ही प्राकृतिक जल स्त्रोतों की जल गुणवत्ता की मॉनिटरिंग भी की जा रही है।





आवश्यक होने पर न्यायालयीन कार्रवाई





पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा यह भी सुनिश्चित कराया गया है कि सभी जल प्रदूषणकारी उद्योग, दूषित जल उपचार संयंत्र की स्थापना के साथ ही संचालित हो। इसमें उल्लंघन पाये जाने पर उद्योगों को बंद कराने और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जा रही है और आवश्यक होने पर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा रही है।





अगर आपके स्मार्टफोन का टच भी नहीं करता काम, तो अपनाएं ये ट्रिक्स





छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के निरीक्षण में यह भी पाया गया है कि भनपुरी, उरला और सिलतरा सहित दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्र से निकलकर खारून नदी तक पहुंचने वाले पानी से नालों और खारून नदी की गुणवत्ता किसी तरह प्रभावित नहीं हो रही है। इन क्षेत्रों में स्थित अधिकांश उद्योग वायु प्रदूषणकारी प्रकृति के हैं या इनसे दूषित जल का निस्सारण होकर नदी नाले में मिलने जैसी स्थिति नहीं है। क्षेत्र में कोई भी ऐसा जल प्रदूषणकारी उद्योग संचालित नहीं है, जिसमें दूषित जल उपचार संयंत्र स्थापित न हो।





सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना





वहीं मंडल द्वारा प्रदेश की मुख्य नदियां, महानदी, शिवनाथ, खारून, अरपा, हसदेव, केलो, शंखनी-डंकनी, मांड, इंद्रावती में प्राकृतिक जल स्त्रोतों की गुणवत्ता पर सतत रूप से निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए विभिन्न सैम्पलिंग प्वॉइंट बनाए गए हैं, जहां से सैंपल लेकर जल स्त्रोतों की नियमित जांच की जा रही है। नगरीय क्षेत्रों से जनित दूषित जल के उपचार के लिए दूषित जल उपचार संयंत्र की स्थापना और घरेलू दूषित जल के उपचार के लिए विभिन्न नालों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की कार्रवाई की जा रही है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.