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कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर

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 रायपुर। कांकेर जिले के तिरियारपानी और सरईपानी जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अब तक 3 नक्सलियों को ढेर कर दिया है।


जंगल में अभी भी कुछ नक्सलियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और वरिष्ठ अधिकारी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन कांकेर SP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जल्द प्रेस ब्रीफिंग कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर और कांकेर जिलों में लंबे समय से नक्सली गतिविधियां सक्रिय हैं। हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने इन क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर रखा है।

जनता और व्यापारियों में खुशी, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ हुईं सस्ती - सांसद ने मिठाई बांटी

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 रायपुर : शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से लागू हुए GST 2.0 का स्वागत करते हुए रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज बजट उत्सव मनाया। इस अवसर पर उन्होंने मालवीय रोड मार्केट का भ्रमण कर उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों से भेंट की और उन्हें मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक कर सुधार की खुशी साझा की।


जनता और व्यापारियों की प्रतिक्रिया

मार्केट भ्रमण के दौरान उपभोक्ताओं ने खुशी जताई कि आवश्यक वस्तुएँ सस्ती हो गई हैं जिससे उनके घर का बजट सुधरेगा। वहीं व्यापारियों ने सांसद को बताया कि नए प्रावधानों से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आ रही है और कारोबार का माहौल और बेहतर होगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को धन्यवाद ज्ञापित किया।


सांसद अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू हुआ GST 2.0 देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और यह आमजन व व्यापार जगत दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि दूध एवं डेयरी उत्पाद, मिठाई, नमकीन, बिस्कुट, कपड़े, जूते-चप्पल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएँ सस्ती होने से उपभोक्ताओं को सीधे राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि GST 2.0 कर व्यवस्था में सरलता, पारदर्शिता और सुगमता का मार्ग प्रशस्त करता है। यह कदम छोटे और मध्यम व्यापारियों को विशेष लाभ देगा और "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" की दिशा में ऐतिहासिक सुधार है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी और जनता-हितैषी नीतियों से आम उपभोक्ता, व्यापारी और देश की अर्थव्यवस्था तीनों को मजबूती मिल रही है।

इस दौरे में विधायक सुनील सोनी और भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर भी उनके साथ उपस्थित रहे।

Navratri 2025: कभी हाथी तो कभी घोड़ा, नवरात्रि में कैसे तय होती है माता की सवारी?

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 Navratri 2025: नवरात्रि का महापर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विशेष अवसर है। हर साल नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। इन दिनों माता के आगमन और प्रस्थान की सवारी का भी खास महत्व होता है। आपने अक्सर सुना होगा कि कभी मां दुर्गा हाथी पर आती हैं, तो कभी घोड़े या नाव पर। आखिर यह तय कैसे होता है? आइए जानते हैं।


नवरात्रि और माता की सवारी का ज्योतिषीय आधार

  • मां दुर्गा की सवारी का निर्धारण उस दिन (वार) से होता है, जिस दिन नवरात्रि का आरंभ होता है।
  • सोमवार और रविवार – हाथी (गज) पर आगमन → वर्षा, समृद्धि और खुशहाली का संकेत।
  • शनिवार और मंगलवार – घोड़ा (तुरंग) पर आगमन → युद्ध, अस्थिरता या आपदा का संकेत।
  • गुरुवार और शुक्रवार – पालकी (डोला) पर आगमन → सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक।
  • बुधवार – नाव (नौका) पर आगमन → शुभ संकेत, भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति।

माता की वापसी की सवारी

जैसे आगमन की सवारी का महत्व है, वैसे ही विजयादशमी पर माता की विदाई सवारी भी शुभ-अशुभ संकेत देती है।

  • रविवार और सोमवार – भैंसा पर वापसी → रोग और कष्ट का संकेत।
  • मंगलवार और शनिवार – मुर्गा पर वापसी → संघर्ष और संकट का संकेत।
  • बुधवार और शुक्रवार – हाथी पर वापसी → समृद्धि और खुशहाली।
  • गुरुवार – नर वाहन (मनुष्य) पर वापसी → कठिनाइयों का संकेत।

इस बार माता की सवारी कौन-सी?

पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से हो रही है।
इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसका अर्थ है — वर्षा, उन्नति और सुख-समृद्धि के शुभ संकेत।

पौराणिक मान्यता

मां दुर्गा का मुख्य वाहन शेर है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। लेकिन नवरात्रि के आरंभ और समापन वार के अनुसार बदलती हुई सवारियां ब्रह्मांडीय ऊर्जा और प्रकृति के चक्र को दर्शाती हैं। यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि मां का हर रूप और हर संकेत मानव जीवन और प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. media24media इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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