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जीएसटी दरों में कमी से जनता को मिलेगा बड़ा लाभ, बढ़ेगी क्रय शक्ति: केदार कश्यप

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 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा जिला भाजपा कार्यालय चितालंका में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है। आयकर में राहत के बाद अब जीएसटी दरों में कमी और स्लैब सरलीकरण से आम जनता और उद्योग-व्यापार दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।


मंत्री कश्यप ने बताया कि नवरात्र से लागू होने वाले नए जीएसटी प्रावधान लोगों की जेब में बचत बढ़ाएंगे और व्यापारियों के लिए कामकाज आसान करेंगे। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले 17 टैक्स और 13 सेस अस्तित्व में थे, जिन्हें खत्म कर "एक राष्ट्र–एक टैक्स" व्यवस्था बनाई गई। अब चार टैक्स स्लैब घटाकर दो स्लैब कर दिए गए हैं। कई आवश्यक वस्तुएं करमुक्त की गई हैं और कई उत्पादों पर 10% तक की कमी की गई है।

कश्यप ने कहा कि इस सुधार से एमएसएमई, छोटे उद्योग और किसानों को सबसे अधिक लाभ होगा। तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, शैक्षणिक सामग्री, स्वास्थ्य व जीवन बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल उत्पाद सस्ते होंगे। कृषि उपकरणों जैसे शैटर, हार्वेस्टर और रोटावेटर पर जीएसटी घटाकर 5% किया गया है। जैव–कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर टैक्स कम होने से किसानों की लागत घटेगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर टैक्स में कटौती सामाजिक सुरक्षा और सस्ती चिकित्सा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ताड़ी उत्पादों पर 18% जीएसटी निर्धारित किया गया है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने के समय 66.5 लाख करदाता थे, जो अब बढ़कर 1.51 करोड़ हो गए हैं। वर्ष 2024–25 में जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो चार साल में दोगुना है।

कश्यप ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कभी जीएसटी का श्रेय लेना चाहती है और कभी इसका मजाक उड़ाती है। जबकि हकीकत यह है कि जीएसटी अब "गुड एंड सिंपल टैक्स" बन चुका है। उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार विदेशी दबाव में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संघवाद के तहत लागू किए गए हैं। काउंसिल के फैसले तीन-चौथाई बहुमत से होते हैं, जिनमें दो-तिहाई वोट राज्यों के पास रहते हैं।

इस मौके पर विधायक चैतराम अटामी, जिला भाजपा अध्यक्ष संतोष गुप्ता, महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मंडावी, अभिमन्यु सोनी, पूर्व जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा, जिला महामंत्री मुन्ना मरकाम, धीरेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

GST कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में शीर्ष पर, मुख्यमंत्री ने अफसरों को टैक्स निगरानी तेज करने कहा

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।

बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।

बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बीमा प्रीमियम से जी एस टी हटाने बजट में हो पहल, सांसद बृजमोहन को यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

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 रायपुर : भारतीय बीमा बाजार की कुछ प्रमुख समस्याओं को संसद में प्रभावी ढंग से उठाने का अनुरोध करते हुए आज बीमा कर्मियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल से उनके निवास स्थान मौलीश्री में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा .


 उल्लेखनीय है कि बीमा कर्मियों के अ. भा. संगठन आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के आव्हान पर संसद के बजट सत्र के पूर्व देशभर में सांसदों से मुलाकात कर जीवन एवं स्वास्थ बीमा में लगने वाले18 % जी एस टी को खत्म करने बजट में प्रावधान की पहल को लेकर सी जेड आई ई ए के महासचिव धर्मराज महापात्र के नेतृत्व में सुरेंद्र शर्मा, राजेश पराते, अतुल देशमुख, गजेंद्र पटेल, सुभाष साहू, ललित वर्मा तथा दीपक जेम्स के प्रतिनिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा गया l 

ज्ञापन में मुख्य रूप से जीवन एवं स्वास्थ बीमा प्रीमियम से जी एस टी हटाने, बीमा पालिसी धारकों हेतु आयकर छूट में आकर्षक प्रावधान करने, राष्ट्रीय कृत आम बीमा की चारों कंपनियों को एकीकृत करने तथा एल आई सी का विनिवेशीकरण रोके जाने की मांग की गई है l ज्ञापन में कहा गया है कि  जीवन बीमा व स्वास्थ्य बीमा प्रीमियमों पर 18% जी एस टी से पालिसी धारकों पर अत्यधिक बोझ पड़ रहा है एवं इससे व्यवसाय में वृद्धि प्रभावित हो सकती है .

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के नेतृत्व में गठित संसदीय समिति ने भी इन दरों को तर्कसंगत बनाये जाने की सिफारिश की है l इसलिए इस बजट में बीमा प्रीमियम से जी एस टी वापस लिये जाने की जरूरत है l भारत में घटती घरेलू बचत के मद्देनजर जीवन बीमा के माध्यम से हो रही बचत को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है और इसलिए बजट में बीमा प्रिमियमों हेतु आकर्षक प्रावधान करते हुए आयकर में छूट बढाई जानी चाहिये l 

जीवन बीमा के माध्यम से एकत्रित प्रीमियम से सरकार को दीर्घकालीन निवेश हेतु एकमुश्त राशि उपलब्ध होती है जो देश के बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के विकास में लगाई जाती है l इसी प्रकार राष्ट्रीयकृत आम बीमा निगम की चारों कंपनियों को एकीकृत कर उन्हें मजबूत किये जाने की जरूरत है ताकि वे आपसी प्रतिस्पर्धा से हटकर निजी कंपनियों का मुकाबला करने में और अधिक सक्षम हो सके l 

मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थान एल आई सी के 3.5% शेयरों का विनिवेशीकरण कर इसे स्टाक मार्केट में सूचीबद्ध कर दिया था l इस महत्वपूर्ण संस्थान से सरकारी अंशधारिता कम करते जाने से देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही खतरे में पड़ सकती है l अत: एल आई सी के  विनिवेशीकरण को यही पर रोक दिया जाना चाहिए l सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना तथा संसद सत्र के दौरान इन मुद्दों को उचित रूप से प्रस्तुत किये जाने का आश्वासन दिया l


GST चाहिए, तो देश के करोड़ों युवाओं को सट्टे में धकेलोगेः मुख्यमंत्री भूपेश

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 रायपुर : रविशंकर प्रसाद के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाबी पलटवार किया है। उन्होंने केंद्र को निशाने पर लेते हुए केंद्र पर जीएसटी वसूली के लिए युवाओं को सट्टेबाजी में धकेलने का आरोप लगाया है। सीएम ने अपने एक्स अकाउंट पर यह बातें ट्वीट की है।


 भाजपा नेता ये बता दें कि आपने इस ऑनलाइन सट्टे पर रोक लगाने की जगह इस पर जीएसटी किस मंशा से लगाया? युवाओं में सट्टे की लत लग रही है। मुझसे सैकड़ों अभिभावकों ने आकर शिकायत की है। कुल मिलाकर GST चाहिए, तो देश के करोड़ों युवाओं को सट्टे में धकेलोगे? इस पर जवाब दे दें भाजपा के नेता, फिर हमसे सवाल पूछें।  पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशनकार प्रसाद ने रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य की बघेल सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अलग अलग कथित घोटालों से लेकर महादेव सट्टा एप्प के मामले पर कांग्रेस सरकर को कटघरे में खड़ा किया है।  

उन्होंने लिखा है भाजपा दिल्ली से अपने कथित दिग्गजों को बुला रही है और छत्तीसगढ़ के बारे में उल-जलूल बयान दिलवा रही है। वे बिना जानकारी अगड़म बगड़म कुछ भी बोले जा रहे हैं। अरे भैया महादेव ऐप के बारे में बोलना है तो पहले अपनी ईडी से तो पूछ लो कि जांच किसने शुरु की।  हमने शुरू की कार्रवाई  उन्होंने आगे लिखा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज करके जांच शुरु की। सौ से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया। 

इसी के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया। और अब आप हमसे ही सवाल पूछ रहे हैं? सवाल हमारे पास भी हैं. केंद्र में भाजपा की सरकार है तो स्पोर्ट्स चैनलों और सोशल मीडिया पर दिन-रात विज्ञापनों के ज़रिए युवाओं को सट्टे की लत लगाने वाले जो अनगिनत गेम चल रहे हैं उन्हें सरकार क्यों नहीं रोक रही है? उन पर सरकार कानूनी पाबंदी क्यों नहीं लगाती?

सीएम बघेल ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, उठाया 12 फीसदी GST का मुद्दा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को खत लिखा है। उन्होंने 12% जीएसटी के अतिरिक्त भार से छात्रों को मुक्त करने का आग्रह किया है।


जीएसटी अग्रिम निर्णय प्राधिकरण के हालिया आदेश से गरीबों व निम्न मध्यम वर्ग के पालकों पर 12% जीएसटी के अतिरिक्त भार पड़ रहा है। साथ ही पेइंग गेस्ट और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को भी 12% जीएसटी देने पड़ रहा है।


मुख्यमंत्री ने पत्र के जरिए जीएसटी के अतिरिक्त भार से मुक्त करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का किया आग्रह किया है।


CM बघेल ने नेता प्रतिपक्ष को लिखा पत्र , PM मोदी से होने वाली मुलाकात में प्रदेश हित के 11 मुद्दों पर बात करने की अपील

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें बीजेपी विधायक दल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात में GST क्षतिपूर्ति, कोल रॉयल्टी, मेट्रो रेल और हवाई सेवा समेत प्रदेश हित की 11 मांगों पर चर्चा करने की अपील की है।


प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकात को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी विधायक दल ने छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था। सीएम ने कहा मेरी शुभकामनाएं हैं की जल्दी उनकी भेंट हो।

भूपेश बघेल ने कहा कि साढ़े 4 सालों में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की समस्याओं के बारे में सुध नहीं ली। मैं नारायण चंदेल जी से नीचे दी गई मांगों पर चर्चा करने के लिए कहूंगा।

  1. GST की क्षतिपूर्ति बंद है, उसे वापस दिलाने की मांग करें। 4000 करोड़ से ज्यादा की कोल रॉयल्टी की राशि बची है, उसे दिलाने की बात करें। धान के एक-एक दाने के संग्रहण के बराबर केंद्र सरकार हमसे चावल लें।
  2. सभी यात्री ट्रेनों का फिर से नियमित रूप से परिचालन हो। राज्य के उद्योगों को कोयला और आयरनओर की लगातार आपूर्ति हो। नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में जाने से रोकने की बात करें।
  3. जनगणना और जातिगत जनगणना सर्वे तत्काल शुरू कराएं। आरक्षण विधेयक को संविधान के नौवीं अनुसूची में शामिल करने की बात कहें। चिटफंड घोटाले के पीड़ित परिवारों को राशि वापस दिलाने के लिए जो राशि चिटफंड कंपनियां डकार चुकी हैं। उसे वापस दिलाने में सहयोग करें।
  4. रायपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रारंभ हो उसकी मांग करें और मेट्रो मोनो रेल की बजट सत्र में हमने घोषणा की है उसमें सहयोग की बात करें। प्रदेश की जनता की ओर से उन्हें ये चर्चा करनी चाहिए।


केंद्र सरकार का बड़ा फैसला , पान मसाला, तंबाकू पर अधिकतम GST सेस की सीमा तय की

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GST cess rate: केंद्र सरकार ने पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर जीएसटी कंपनसेशन सेस की अधिकतम सीमा को तय कर दिया है। साथ ही इसे अधिकम खुदरा मूल्य से जोड़ दिया है।


बता दें कि सेस की अधिकतम दर फाइनेंस बिल 2023 में लाए गए संशोधनों के तहत हुआ है, जिसे लोकसभा में शुक्रवार को पास किया गया है। इस संशोधन के अनुसार अब पान मसाला पर अधिकतम जीएसटी कंपनसेशन सेस खुदरा बाजार मूल्य का 51 प्रतिशत होगा। मौजूदा समय में सेस यथामूल्य पर 135 प्रतिशत लगाया जाता है।

सरकार की ओर से तंबाकू की कीमत 4170 रुपये प्रति हजार स्टिक और 290 प्रतिशत यथामूल्य या प्रति यूनिट खुदरा बिक्री मूल्य का 100 प्रतिशत तय की गई है। बता दें, सेस 28 प्रतिशत की उच्चतम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर के तहत आने वाली वस्तुओं पर अतिरिक्त लगाया जाता है।

फाइनेंस बिल 2023 में संशोधन के माध्यम से लाए गए जीएसटी कंपनसेशन सेस एक्ट की शेड्यूल -1 में पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर लगने वाले सेस की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है।

इस साल फरवरी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली और राज्यों के समकक्षों वाली जीएसटी काउंसिल ने पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में कर चोरी को रोकने के लिए राज्य के वित्त मंत्रियों के एक पैनल की रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। बता दें कि राज्य के वित्त मंत्रियों ने सिफारिश की थी कि राजस्व बढ़ाने के पहले चरण में पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन सेस यथामूल्य के हटाकर एक विशिष्ट दर से लिया जाना चाहिए।

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