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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को मिले 2 अतिरिक्त जज, अधिसूचना जारी

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 Chhattisgarh High Court : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो नए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की है. अधिवक्ता बिभु दत्त गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद को वरिष्ठता के क्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है.


बता दें कि यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) के तहत की गई है और दोनों न्यायाधीशों का कार्यकाल उनके संबंधित कार्यालयों का कार्यभार संभालने की तारीख से दो वर्षों के लिए होगा. इस संबंध में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है.


केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इस नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की है।” उन्होंने बिभु दत्त गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद को शुभकामनाएं भी दीं, और लिखा, “मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं।”

गौरतलब है कि दोनों न्यायाधीशों के नाम बार कोटे से तय किए गए हैं और भारत के मुख्य न्यायाधीश ने इनकी नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति को अनुशंसा की थी. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में वर्तमान में 22 जज हैं, जिनमें 17 स्थायी और 5 अतिरिक्त न्यायाधीश शामिल हैं. इन नई नियुक्तियों से न्यायालय की न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी और न्यायिक कार्य को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी.

Chhattisgarh High Court : छत्तीसगढ़ में 12 न्यायाधीशों का हुआ प्रमोशन, आदेश जारी

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Chhattisgarh High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के 12 न्यायाधीशों को पदोन्नत करते हुए जिला न्यायाधीश बनाया है। 


जारी सूची के अनुसार शैलेष कुमार तिवारी स्पेशल जज एट्रोसिटी दुर्ग, सरोज नंददास एडीजे बालोद, संतोष कुमार आदित्या द्वितीय एडिशनल प्रिंसिपल जज परिवार न्यायालय रायपुर, संजीव कुमार टॉमक एडीजे दुर्ग, खिलावन राम गिरी अतिरिक्त रजिस्ट्रार हाईकोर्ट, संघमित्रा भटपहरी जगदलपुर, जयदीप गर्ग रायपुर, थॉमस एक्का स्पेशल जज एट्रोसिटी राजनादगांव, देवेंद्र नाथ भगत अंबिकापुर, संतोष कुमार तिवारी परिवार न्यायालय न्यायाधीश दंतेवाड़ा, शैलेश कुमार रजिस्ट्रार आर्बिटेशन ट्रिब्यूनल रायपुर एवं प्रफुल्ल कुमार सोनवानी एडीजे बलरामपुर- रामानुजगंज को जिला व सत्र न्यायाधीश के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।


छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: महाधिवक्ताओं समेत जंबो पैनल लॉयर की घोषणा, देखें सूची

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 रायपुर। राज्य सरकार के विधि विभाग ने छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता कार्यालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता समेत पूरी टीम की नियुक्ति आदेश जारी कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी इस टीम में 64 अधिवक्ता शामिल हैं। इनमें अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, उप शासकीय अधिवक्ता और पेनल लायर शामिल है।


 देखें सूची :







Chhattisgarh High Court: जस्टिस सिन्हा होंगे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस

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बिलासपुर : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश रमेश सिन्हा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश होंगे। शुक्रवार देर शाम को कानून एवं न्याय मंत्रालय ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में भी मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।


इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं। केरल उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस के विनोद चौहान को पटना हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 1990 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया है। उन्होंने 8 सितंबर 1990 को एक वकील के रूप में कार्य शुरू किया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सिविल और आपराधिक मामलों की प्रैक्टिस की।

जस्टिस सिन्हा को 21 नवंबर 2011 में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। 6 अगस्त 2013 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इस समय वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।

वन विभाग की उदासीनता से घट रहे बाघ, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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रायपुर/बिलासपुर: बाघों को संरक्षण देने के लिए वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम में 2006 में नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके तहत अलग-अलग स्तर पर 3 प्रकार की वैधानिक समितियां गठित कर बाघों और अन्य वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 12 साल होने के बाद भी इन समितियों की बैठक नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई। 

याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की बेंच ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, सचिव वन छत्तीसगढ़ शासन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) भवन छत्तीसगढ़  और NTCA को नोटिस जारी कर 8 हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाघों की संख्या कम हो रही है। लगातार बाघों का शिकार हो रहा है। साल 2014 में 46 बाघ थे, जो साल 2018 में 19 ही बचे हैं।

स्टीयरिंग कमेटी या संचालन समिति

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली 14 सदस्यीय समिति के गठन की अधिसूचना मई 2008 में जारी की गई। इस समिति का काम बाघ संरक्षण, सह-परभक्षी और शिकार किए जाने वाले वन्यजीवों के लिए समन्वय, मॉनिटरिंग और संरक्षण  सुनिश्चित करना है, लेकिन आज तक इस समिति की कोई भी बैठक वन विभाग ने नहीं करवाई।

बाघ संरक्षण फाउंडेशन की गवर्निंग बॉडी 

छत्तीसगढ़ में पब्लिक ट्रस्ट के रूप में उदंती सीतानदी बाघ संरक्षण फाउंडेशन और अचानकमार  बाघ संरक्षण फाउंडेशन की अधिसूचना साल 2010 में जारी की गई। इंद्रावती बाघ संरक्षण फाउंडेशन की अधिसूचना 2012 में जारी की गई। इस समिति का काम समग्र नीतिगत मार्गदर्शन और निर्देश देना है। 10 सदस्यीय गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष वन मंत्री होते हैं। तीनों टाइगर रिजर्व के फाउंडेशन के लिए आज तक कोई बैठक नहीं हुई है।

दैनिक प्रबंधन औप प्रशासन समिति

तीनों टाइगर रिजर्व के लिए पब्लिक ट्रस्ट के तहत यह समितियां 2010 में उदंती सीता नदी, अचानकमार टाइगर रिजर्व के लिए और 2012 में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के लिए गठित की गई। उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में आज तक के इस समिति की कोई बैठक नहीं हुई है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली और अंतिम बैठक 2016 में, अचानकमार में पहली और अंतिम बैठक 2019 में हुई थी। 5 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष फील्ड डायरेक्टर टाइगर रिजर्व होते हैं। 

रैपिड रिस्पांस टीम का नहीं है अस्तित्व

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने साल 2013 में गाइडलाइंस जारी किए थे, जिसके तहत रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाना था। तब सभी वनमंडलों को बजट जारी कर बंदूक, दवाइयां खरीदने के लिए आदेश दिए गए थे और खरीदे गए थे, लेकिन अचानकमार टाइगर रिजर्व और उदंती सीतानाडी टाइगर रिजर्व में रैपिड रिस्पांस टीम अस्तित्व में नहीं है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में इसका गठन 2020 में किया गया है।

ऋचा जोगी जाति केस: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

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जेसीसी(जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी के जाति केस(Richa Jogi Case News) में हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। ऋचा जोगी की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को चार हफ्ते के अंदर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।





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मरवाही उपचुनाव के दौरान संत कुमार नेताम की शिकायत पर ऋचा जोगी के जाती प्रमाण पत्र को मुंगेली की जिला स्तरीय छानबीन समिति ने रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ ऋचा जोगी ने अब हाईकोर्ट में अपने वकील के माध्यम से याचिका दायर की है। ऋचा जोगी ने याचिका में जाति संबंधी अधिनियम में संशोधन समेत जाति प्रमाण पत्र के निलंबन को चुनौती दी है। ऋचा जोगी ने इस पूरे मामले को राज्य सरकार का प्रायोजित बताते हुए हाईकोर्ट से कार्रवाई की मांग की है।





नेताम और पैकरा ने दायर की याचिका (Richa Jogi Case News)





बुधवार को मामले में संत कुमार नेताम समेत समीरा पैकरा ने खुद को पक्षकार बनाने के लिए याचिका दायर की है। संत कुमार नेताम की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि नेताम इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता रहे हैं और उनकी शिकायत पर ही ऋचा जोगी का जाती प्रमाण पत्र रद्द किया गया है। इसलिए उन्हें पक्षकार बनाया जाए।


बूढ़ा तालाब की सड़क बंद करने पर सरकार को हाईकोर्ट से नोटिस

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हाईकोर्ट में बूढ़ा तालाब की सड़क को बंद करने के मामले में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में कहा गया है कि बूढ़ा तालाब (Buddha Talab Raipur) स्थित सड़क को स्मार्ट सिटी रायपुर ने बंद कर दिया है। इस पर कोर्ट ने सरकार को जवाब तलब किया है।





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रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गायकवाड़ ने एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की है। याचिका में गायकवाड़ ने हाई कोर्ट से कहा है कि रायपुर के बूढ़ा तालाब की सड़क (Buddha Talab Raipur) पर आवागमन के लिए बरसों से समस्या हो रही है। स्मार्ट सिटी रायपुर ने सड़क निर्माण के लिए दोनों तरफ से सड़क को बंद कर दिया है। आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।









गायकवाड ने हाई कोर्ट से पहले की तरह सड़क बनवाने की अपील की है। चीफ जस्टिस रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। छत्तीसगढ़ सरकार और रायपुर नगर निगम सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया है। इस केस में 2 सप्ताह में जवाब मांगा गया है।


छत्तीसगढ़ में कई जजों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट में किन जजों का नाम है शामिल

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छत्तीसगढ़ में कई जिलों के जजों का तबादले (Transfer of many judges in Chhattisgarh) हुए हैं. साथ ही तबादले की लिस्ट (Transfer list) भी जारी कर दी गई है. बता दें कि शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) से जजों के ट्रांसफर का यह आदेश जारी हुआ है।





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हाईकोर्ट से जारी आदेश के मुताबिक स्टेट कोऑपरेटिव ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस जगदंबा राय को जांजगीर चांपा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें एससी-एसटी स्पेशल जज की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है. वहीं हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार अरविंद्र कुमार वर्मा को बिलासपुर और सेशन जज राजेश कुमार श्रीवास्तव को जांजगीर से दुर्ग भेजा गया है।









नीता यादव का कवर्धा ट्रांसफर





वहीं नीता यादव को स्पेशल जज एससी-एसटी जांजगीर से कवर्धा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है. नीता यादव के तबादले के बाद जस्टिस जगदंबा राय जांजगीर के एससी-एसटी स्पेशल जज की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे।





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अरविंद्र कुमार सिन्हा को एडिश्नल प्रिंसपल जज फैमली कोर्ट रायपुर से मुंगेली का जिला एवं सत्र न्यायाधीश और पंकज कुमार सिन्हा को विधि एवं विधायी कार्य विभाग के एडिश्नल सिकरेट्री रायपुर से बेमेतरा का एडिश्नल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज बनाया गया है.









कई जिलों के न्यायाधीशों का ट्रांसफर





हाईकोर्ट के जानकारों का मानना है कि प्रदेश के जजों (Transfer of many judges in Chhattisgarh) के तबादले से प्रदेश की विधिक व्यवस्था में सुधार होगा। बता दें कि न्यायाधीशों का तबादला हमेशा उच्च न्यायालय से ही होता है। इस बार राज्य में कई जिलों के न्यायाधीशों को स्थानांतरित कर दिया गया है।





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गौरतलब है कि प्रदेश में लंबे समय से जजों का तबादला नहीं हुआ था। हालांकि कई बार इसकी सुगबुगाहट जरूर सुनाई देती रही। वहीं काफी लंबे समय के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जजों के तबादले का आदेश जारी किया है। जानकारी के मुताबिक न्यायाधीशों के तबादले के बाद लंबित पड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में जजों के कई पद खाली पड़े हुए हैं, जिसकी वजह से ज्यादातर अदालतों में मामले लंबित पड़े हुए है।


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