Media24Media.com: Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel

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CM भूपेश बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से बस्तर जिले में 167 करोड़ 21 लाख रूपए के 70 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से बस्तर जिले में 167 करोड़ 21 लाख रूपए के 70 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया, जिसमें 67 करोड़ 91लाख रूपए की लागत वाले 24 कार्यों का लोकार्पण और 99 करोड़ 30 लाख रूपए के 46 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों से चर्चा कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी मूल्यांकन किया।





इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू उपस्थित हैं ।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक आयोजित की गई । मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अचानक मार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में वृद्धि के लिए लगभग 26 करोड़ रुपये के कार्यों का शुभारंभ भी किया।


CM आज देंगे सूरजपुर और कोरिया को सौगात, जिले में 460.14 करोड़ रूपए के 367 कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज 16 जून को दोपहर 12 बजे अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में सूरजपुर और कोरिया जिले में 460 करोड़ 14 लाख 14 हजार रूपए की लागत के 368 कार्याें का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 184 करोड़ 28 लाख 75 हजार रूपए की लागत के 187 कार्याें का लोकार्पण और 275 करोड़ 85 लाख 39 हजार रूपए की लागत के 180 कार्याें का भूमिपूजन शामिल है।





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मुख्यमंत्री बघेल सूरजपुर जिले में 244 करोड़ 40 लाख रूपए के 123 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 82 करोड़ 71 लाख रूपए की लागत के 34 कार्यों का लोकार्पण और 161 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत के 89 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।





इसी तरह मुख्यमंत्री कोरिया जिले में 215 करोड़ 73 लाख 40 रूपए के 245 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 101 करोड़ 57 लाख 75 हजार रूपए के 154 कार्यों का लोकार्पण और 114 करोड़ 16 लाख 39 हजार रूपए के 91 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।





सूरजपुर जिले के मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा 28.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 264 जी.ए.डी. भवन, सिलौटा जलाशय लागत 6 लाख 40 हजार रूपए, जल जीवन मिशन के तहत 162 सोलर ड्यूल पंप की स्थापना लागत 16 करोड़ रूपए, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कन्दरई लागत 7 लाख रूपए के लोकार्पण के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 78.68 करोड़ के 52 कार्यो, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 90.43 करोड़ के 57 कार्यों, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के लिए मंडी प्रांगण प्रतापपुर में 5400 मेट्रिक टन गोदाम निर्माण, महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में 20 हजार मेट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण और 5000 मेट्रिक टन क्षमता का मोलासिस टैक निर्माण लागत 9.52 करोड़ का लोकार्पण-भूमिपूजन षामिल है।





उत्तर छत्तीसगढ़ में एयर कनेक्टिविटी के लिए एक कदम और, मुख्यमंत्री ने अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट के उन्नयन कार्य का किया भूमिपूजन





मुख्यमंत्री कोरिया जिले में 35 करोड़ 43 लाख 62 हजार रूपये की लागत के 9 सड़कों एवं पुल-पुलियों, 33 करोड़ 29 लाख 40 हजार रूपये की लगात से 3 सोलर पंप एवं सोलर हाई मास्ट, 10 करोड़ 79 लाख 40 हजार रूपए की लागत के औद्योगिक क्षेत्र परसगढ़ी-मनेन्द्रगढ़, 9 करोड़ 34 लाख 97 हजार रूपये की लागत के 80 सामुदायिक मवेशी आश्रय स्थल (गौठान), चार करोड़ 48 लाख 84 हजार रूपये की लागत के 23 नवीन ग्राम पंचायत भवन सह-उचित मूल्य दुकान, 95 लाख रूपये की लागत से 2 मिनी स्टेडियम व इंडोर हॉल, 95 लाख रूपये की लागत से 24 ठोस तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन हेतु एस.एल.डब्लू.एम सेंटर, 5 करोड़ 12 लाख रूपये की लागत से 2 वृहद सेतु पुलिया और 32 लाख रूपये की लगात से ग्रामीण हाट बाजार का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री 44 लाख 72 हजार रूपये के मनेन्द्रगढ में गोदाम निर्माण, तीन करोड़ 27 लाख 95 हजार रूपये के नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर में 24 कार्यों, 69 लाख 98 हजार की लागत के चिकित्सों हेतु शासकीय आवास, चार करोड़ 58 लाख 59 हजार रूपये के राशि के नरवा विकास के 5 कार्यो और एक करोड़ 56 लाख रूपये के नगर निगम चिरमिरी में 9 निर्माण कार्यो का भूमिपूजन करेगें।


उत्तर छत्तीसगढ़ में एयर कनेक्टिविटी के लिए एक कदम और, मुख्यमंत्री ने अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट के उन्नयन कार्य का किया भूमिपूजन

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रायपुर। उत्तर-छत्तीसगढ़ में एयर-कनेक्विटी के लिए एक और कदम बढ़ाते हुए आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 44 करोड़ रूपए की लागत से अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट के उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा में हवाई-सेवाएं शुरु होने ने अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर का विकास तो तेज होगा ही, पूरे प्रदेश के विकास को और अधिक गति मिलेगी। उत्तर छत्तीसगढ़ में एयर कनेक्टिविटी केवल सरगुजा संभाग के लोगों का ही नहीं पूरे छत्तीसगढ़ का सपना है।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में सरगुजा और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को 324 करोड़ 42 लाख रूपए की लागत के 302 कार्याें की सौगात दी। उन्होंने सरगुजा जिले में 247 करोड़ 91 लाख रूपए के 107 विभिन्न विकास कार्यों का और रामानुजगंज-बलरामपुर जिले में 76 करोड़ 51 लाख 88 हजार रूपए के 195 विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।





इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री और सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उच्च शिक्षा मंत्री और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज, विधायक बृहस्पत सिंह, डॉ. प्रीतमराम कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।





मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हवाई-सेवा शुरु होने से सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अम्बिकापुर से रायपुर और बनारस का सफर भी आसान हो जाएगा। बघेल ने कहा कि बिलासपुर के लोग भी कई वर्षों से वहां हवाई-सेवा शुरु करने की मांग कर रहे थे। जब हमारी सरकार बनी तो उनके इस सपने को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। आज बिलासपुर के लोगों का सपना साकार हो चुका है। बिलासपुर के बिलासा बाई केंवट एयरपोर्ट से प्रयागराज, दिल्ली और जबलपुर के लिए हवाई-सेवा शुरु हो चुकी है। इसी तरह जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से हैदराबाद और रायपुर के लिए नियमित उड़ानें हैं। वहां भी हवाई सुविधाओं के और विस्तार के लिए काम कर रहे हैं।





मुख्यमंत्री ने कहा कि राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकास योजना शुरु की गई। पहले चरण में कोरिया से लेकर सुकमा तक 9 पर्यटन केंद्रों में सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इनमें सरगुजा का रामगढ़ और कोरिया का सीतामढ़ी-हरचौका भी शामिल है। सरगुजा का मैनपाट तो अपनी सुंदरता और संस्कृति के लिए पहले से प्रसिद्ध है। नयी सुविधाओं के विकास से उसकी प्रसिद्धी और बढ़ जाएगी। हम पर्यटकों को सिर्फ अपनी प्राकृतिक-सुंदरता और संस्कृति मात्र नहीं दिखाना चाहते, हम उन्हें अपने गांव, खेत और समृद्धि भी दिखाना चाहते हैं। वह दिन भी आएगा, जब लोग हमारे गौठान देखने के लिए भी छत्तीसगढ़ आएंगे।





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सुराजी गांव योजना के नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम से गांवों में जिस बदलाव की शुरुआत हुई है, उसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। गोधन न्याय योजना को पूरे देश में लागू करने की मांग की जा रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना कोरोना-काल में किसानों का संबल बन गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने छत्तीसगढ़ में जो क्रांति की है, उसे देखते हुए हमने अब इस योजना का और विस्तार किया है। बघेल ने कहा कि स्व सहायता समूहों की हमारी बहनों ने गौठानों को छोटे-छोटे उद्योगों में बदल दिया है। जैविक खाद के उत्पादन से लेकर, सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और साबुन निर्माण जैसे काम वे कर रही हैं। आज हमारी बहनों के चेहरे पर अलग ही तरह का आत्मविश्वास नजर आता है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के बाद प्रदेश में विकास का जो नया दौर शुरु हुआ है, उसे किसी भी कीमत पर थमने नहीं देना है। कुछ पड़ोसी राज्यों में कोरोना के मामले फिर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।





इसे लेकर हम सबको बहुत सावधान रहना होगा। सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड के समय में भी छत्तीसगढ़ में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में 4 हजार करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकार्पण और शिलान्यास किया है।





आज देश मेें विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा है। उच्च शिक्षा मंत्री और बलरामपुर-रामानुजगंज के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में सभी वर्गों के लोगों की बेहतरी के लिए जहां अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई, वहीं प्रदेश में अधोसंरचना विकास के कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के नागरिकों की ओर से विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद दिया।





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स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने कहा कि अम्बिकापुर की दरिमा हवाई पट्टी के नामकरण के साथ इसके उन्न्यन कार्य का आज भूमिपूजन यहां हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में एक ठोस कदम है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि विषम परिस्थितियों के बाद भी छत्तीसगढ़ में विकास की गति थमी नही है। पिछड़े क्षेत्रों में भी तेजी से विकास किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में बच्चों को अच्छी सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज, विधायक द्वय बृहस्पत सिंह और डॉ.प्रीतमराम ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।


छत्तीसगढ़ में जेंडर इक्वेलिटी देने किन्नर समुदाय ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, शासकीय नौकरियों में आरक्षण सहित…

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर जिले के लोकार्पण और भूमिपूजन के वर्चुअल कार्यक्रम में किन्नर समुदाय के लाभार्थियों से भी चर्चा की। इस समुदाय की विद्या राजपूत ने किन्नर समुदाय को आवास और सामुदायिक भवन की सुविधा, शासकीय नौकरियों में आरक्षण देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ पूरे विश्व में किन्नर समाज को सम्मानजनक स्थान दिलाने और जेंडर इक्वेलिटी के लिए जाना जा रहा है।





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किन्नर समुदाय की विद्या राजपूत ने मुख्यमंत्री को बताया कि किन्नर समुदाय के लोगों को शहरी क्षेत्रों में विभिन्न आयोजनों के लिए अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। राजधानी रायपुर में किन्नर समुदाय के लिए शहर के जोन क्रमांक 8 में सामुदायिक भवन तैयार किया गया है जिसका आज लोकार्पण हुआ, इससे काफी सहुलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि किन्नर समुदाय को आवास के लिए अनेक प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।





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शहर में किन्नर समुदाय के लोगों को 160 नये आवास दिए गए हैं, इससे समुदाय के लोग बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। चर्चा के दौरान किन्नर समुदाय की तनुश्री साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका चयन पुलिस आरक्षक के पद के लिए हुआ है। उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय को शासकीय नौकरी में आरक्षण दिए जाने से देश दुनिया में छत्तीसगढ़ सरकार का नाम रोशन हो रहा है।





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उल्लेखनीय है कि रायपुर शहर में बीएसयूपी योजना के तहत किन्नर समुदाय के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए 160 आवास बनाए गए हैं। इसके अलावा रायपुर शहर के जोन क्रमांक 8 में नया सामुदायिक भवन बनाया गया है। शहर में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों में किन्नर समुदाय में अलग से टायलेट की सुविधा दी जा रही है।


CM भूपेश बघेल ने महासमुंद जिले को दी 270 करोड़ रूपए के 258 विकास कार्यों की सौगात

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महासमुन्द। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज महासमुंद जिले को 270 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। वर्चुअल लोकार्पण, शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सालभर के दौरान कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में हमारे सामने बहुत से कठिन चुनौतियां खड़ी की। लेकिन वे हमारे विकास के संकल्प को डिगा नहीं सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में अब कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह से नियंत्रण में है। कोरोना संकट काल के दौरान विकास कार्यों की रफ्तार धीमी जरूर हो गई थी, परंतु थमी नहीं । अब हालात सामान्य होने लगे हैं, विकास के कार्य तेजी से होंगे और हम पूरी क्षमता से 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेंगे।






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जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने, लोगों को जागरुक करने का काम जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य के अमले डाॅक्टर मितानिन, आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी को उन्होंने बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रण में है ।





मुख्यमंत्री,आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में महासमुंद जिले को 270 करोड रूपए की लागत वाले 258 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों की सौगात दी उसमें मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कार्य शामिल हैं।





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इन कार्यों का शिलान्यास





मुख्यमंत्री बघेल महासमुंद जिले में लगभग 221 करोड़ रूपए की लागत के 201 कार्यों का भूमिपूजन किया। उनमें 36 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत से सराईपाली-उमरिया-भंवरपुर-बड़ेसाजापाली मार्ग में 17 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन कार्य, 15 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से आंवराडबरी-कोमा-कोल्दा-खुसरूपाली मार्ग के 6 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 11 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से 9 किलोमीटर सिरकों-नवागांव मार्ग का निर्माण कार्य, 7 करोड़ 87 लाख रूपए की लागत से पुल-पुलिया सहित बनने वाले 5.10 किलोमीटर लंबे बाघामुडा-बांसकाटा-देवरी मार्ग का निर्माण कार्य, 11 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से चण्डीडोंगरी जलाशय नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य 8 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से कालीदरहा जलाशय का बांध एवं नहर का जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं।





मुख्यमंत्री इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत 22 करोड़ रूपए की लागत के 57 कार्य, क्रेडा के माध्यम से 25 गांवों में 2 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से सोलर ड्यूल पंप संयंत्र स्थापना के कार्य का शिलान्यास शामिल है ।





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इन कार्यो का हुआ लोकार्पण





मुख्यमंत्री ने महासमुंद जिले में 49 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 57 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें प्रमुख रूप से 8 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत से पिथौरा में निर्मित 50 बिस्तरों का मातृ शिशु अस्पताल, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध महासमुंद चिकित्सालय में 2 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से स्थापित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट, 69 लाख रूपए ग्राम गढ़सिवनी में निर्मित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 4 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से बागबहरा तथा 4 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से विकासखण्ड मुख्यालय बसना में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों हेतु बनाए गए आवास, 21 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 9 सड़कें शामिल हैं।





अंग्रेजी स्कूल की पढ़ाई की सराहना





मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के माध्यम से अब राज्य में गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इन स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चों में आत्मविश्वास जगेगा, जिससे उन्हें देश-दुनिया में भी रोजगार के अवसर प्राप्त होेंगे। स्वामी आत्मानंद स्कूल महासमुंद के 8 कक्षा के छात्र क्षितिज पांडे ने शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने और उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया। बच्चे के द्वारा फर्राटे से अंग्रेजी में बातचीत किए जाने की मुख्यमंत्री ने सराहना की और बच्चों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।




कोरोना ने छीनी पति की जिन्दगी, सहारा बनी अनुकम्पा नियुक्ति, शासन के फैसले से नीतू को मिली सहायक शिक्षक की नौकरी





मुख्यमंत्री बघेल ने जिले में राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों तथा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, डेयरी सहित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का संचालन करने वाले, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और कृषक से चर्चा की और योजना के तहत मिलने वाले फायदे की जानकारी ली। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने सम्बोधित किया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच और पहल का ही यह परिणाम है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है। गांवों में रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा वर्चुअल रूप से शामिल हुए । उन्होंने संबोधन में कहा कोरोना आपदा काल में भी जिले को विकास कार्यों के लिए बहुत बड़ी सौगात मिली है। सरकार द्वारा कोरोना काल में भी हर तबके का खयाल रखा गया है। संसदीय सचिव व महासमुन्द विधायक विनोद चंद्राकर, खल्लारी विधायक द्वारिका प्रसाद यादव, लोकसभा सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह और किस्मतलाल नंद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिले के अनेक पंचायत एवं नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। इससे पहले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि यह देश और प्रदेश अन्नदाताओं का है। हम किसी भी सूरत में किसानों को उनके अधिकारों (Farmers condition in Chhattisgarh) से वंचित नहीं होने देंगे। हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान जो लोग यहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर बातें कर रहे थे। दिल्ली में उन्हीं की सरकार है। वहां समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं, 2 सौ से अधिक किसानों की मौत हो गई, लेकिन तब भी उस सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि किसानों पर 3 ऐसे कानून जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं, जिसे किसान चाहते ही नहीं। उन्होंने कहा कि हमनें छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा।





मंत्री शिव डहरिया के निर्देश पर हाई स्कूल के दो शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त, जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आदेश जारी- नए स्कूल भवन में अब नहीं आएगी अध्यापन की समस्या





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ के हितों को लेकर केन्द्र को लगातार पत्र लिखता हूं। इसलिए विपक्षी सदस्यों ने आज मुझे पत्रजीवी कहा, लेकिन आदिवासियों, नौजवानों, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति और छत्तीसगढ़ के हितों की बात जब भी आएगी, तो मैं हजार बार पत्र लिखूंगा। हमने किसानों की सुविधा बढ़ाने के लिए 263 नये उपार्जन केन्द्र बनाएं। प्रदेश में 2300 धान खरीदी केन्द्र होने से धान खरीदी में कहीं अव्यवस्था नहीं हुई। बारदानों की कमी के बाद भी धान खरीदी का काम सुव्यवस्थित ढंग से हुआ।





बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जब केन्द्रीय पूल में 60 लाख मीटरिक (Farmers condition in Chhattisgarh) टन चावल जमा करने की सहमति दी थी, तो विपक्षी सदस्यों ने कहा कि केन्द्र सरकार को धन्यवाद देना चाहिए। इस पर मैंने कहा था कि जिस दिन पूरा 60 लाख मीटरिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिया जाएगा, उस दिन पूरा सदन उन्हें धन्यवाद दूंगा। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र ने केवल 24 लाख मीटरिक टन जमा करने की अनुमति दी है। अब विपक्ष को पूरे 60 लाख मीटरिक टन चावल जमा कराने के लिए केन्द्र से अनुमति दिलानी चाहिए।





मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नीतियों से कृषि के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में 13 लाख 17 हजार 583 किसानों का पंजीयन हुआ था, इनमें से 11 लाख 5 हजार 556 किसानों ने धान बेचा। 16.1 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। इसी तरह 2016-17 में 14 लाख 51 हजार 88 किसानों का पंजीयन हुआ, इनमें से 13 लाख 27 हजार 944 किसानों ने धान बेचा। 8.5 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। 2017-18 में 15 लाख 77 हजार 332 किसानों का पंजीयन हुआ, 12 लाख 6 हजार 224 किसानों ने धान बेचा और 23.6 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। जबकि इस साल याने 2020-21 में 21 लाख 52 हजार 475 किसानों का पंजीयन किया गया। 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने धान बेचा यानि 95.38 प्रतिशत किसानों से धान की खरीदी हुई। इस बार प्रदेश में 24 लाख 86 हजार 665 हेक्टेयर रकबे में किसानों ने धान का उत्पादन किया, जो वर्ष 2015-16 की तुलना में बहुत ज्यादा है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी सदस्य यह प्रश्न उठा रहे हैं कि अतिशेष धान राज्य सरकार क्यों बेच रही है। मैं कहना चाहता हूं कि आप हमें 60 लाख मीटरिक टन केन्द्रीय पूल में जमा करने की अनुमति दिला दीजिए, हमें बाहर धान या चावल बेचने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम धान का उपार्जन केन्द्र सरकार के लिए करते हैं। एक समय था जब देश में अनाज की कमी थी, तब इंदिरा जी के आव्हान पर हरित क्रांति हुई और हमारे किसानों ने उस चुनौती को स्वीकार किया। देश स्वावलंबी हुआ और आज जब आधिक्य हो गया तो आप व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2 हजार 500 रूपए से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे 7 लघु वनोपजों की संख्या बढ़ाकर 52 कर दी है। इसके साथ ही हम लघु वनोपजों का वैल्यू एडीशन भी कर रहे हैं। हम लोगों ने वन अधिकार पत्र के उन मामलों का भी निराकरण किया, जो पूर्व में निराकृत नहीं किए गए थे। वनवासियों को उनकी काबिज वनभूमि के वन अधिकार पत्र वितरित करने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल है। हमनें 4 लाख 33 हजार व्यक्तिगत प्रकरणों में 9 लाख 3 हजार 520 एकड़ और 41 हजार 16 सामुदायिक प्रकरणों में 37 लाख 870 एकड़ इस प्रकार कुल 46 लाख 4 हजार 399 एकड़ वनभूमि का अधिकार दिलाया है।





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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें 2019 में नई उद्योग नीति लागू की, जिसके बाद 1249 उद्योगों की स्थापना हुई। इन उद्योगों में 16 हजार 986 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश हुआ। 22 हजार लोगों को रोजगार मिला है। इसी तरह मेगा औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 104 एमओयू किए गए, जिससे 42 हजार 417 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश होगा। उन्होंने कहा कि हमें निवेश को आकर्षित करने के लिए कहीं नहीं जाना पड़ा। हमनें यहीं के उद्योगपतियों पर विश्वास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने 200 फूड पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 111 स्थानों पर फूड पार्क के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है।





सिंचाई से संबंधित विपक्ष के प्रश्नों का जवाब देेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा-भैंसाझर एक वृहद परियोजना हो सकती थी, लेकिन उसे मध्यम बना दिया गया। बीते दो सालों में राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से वास्तविक सिंचाई 9 लाख 68 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो अपने आप में कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 15 सालों के अपने कार्यकाल में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 18 हजार 225 करोड़ रूपए खर्च किए।





वास्तविक सिंचाई क्षमता (Farmers condition in Chhattisgarh) में मात्र 16 हजार हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए श्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। हम बेहतर कानून व्यवस्था देने में सफल रहे हैं। प्रदेश में नक्सली घटनाएं कम हुई है। इससे 13 साल से बंद स्कूल फिर से खुले हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण, मलेरिया उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल हुई है। लोगों का विश्वास शासन पर बढ़ा है। राज्य में कानून व्यवस्था है इसका प्रमाण यह है कि टाटा ट्रस्ट की ओर से जारी इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2020 में छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग को देशभर में दूसरा स्थान मिला है।





उन्होंने कहा कि केन्द्र से हमें 14 हजार 73 करोड़ रूपए हमारे कार्यकाल की लेनी है, जो केन्द्रीय करों में छत्तीसगढ़ का हिस्सा है। वर्ष 2004 से लेकर अब तक कुल 15 हजार 154 करोड़ रूपए लेने हैं। श्री भूपेश बघेल ने कहा केन्द्रीय करों में हिस्सा हमारा हक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में छत्तीसगढ़ में शिक्षा की व्यवस्था की तारीफ नीति आयोग और प्रधानमंत्री जी ने भी की। राज्य के विद्यार्थियों को हर तरह के प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु स्वामी आत्मानंद के नाम पर अंग्रेजी माध्यम के 52 स्कूल प्रारंभ किए गए हैं।





मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकार के कार्यकाल में रेत खदान का संचालन पंचायतों द्वारा किया जाता था। तब तरह-तरह की शिकायतें मिलती थी। आज हमनें उन्हें टेंडर के जरिए संचालन की व्यवस्था की है। केवल टेंडर से ही 25 करोड़ रूपए का राजस्व आ गए। खदानों के संचालन से जो आय होगी, उसका 25 प्रतिशत हिस्सा एड करके पंचायतों को उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण छात्रों के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया है। इस कॉलेज का संचालन निजी क्षेत्र द्वारा किया जाता रहा है। ठीक ढंग से संचालन नहीं होने के कारण छात्रों के हित के लिए हमने अधिग्रहण किया।





नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं होने देने का संकल्प भी इसी सदन में पारित किया गया है। हम बस्तर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को एनएमडीसी या सीएमडीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां संचालित करें। एकतरफा विनिवेश नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस स्टील प्लांट को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले छत्तीसगढ़ में मात्र 151 वेंटीलेटर थे, जिसे बढ़ाकर हमनें 514 किया है। इसी तरह आईसीयू की संख्या 53 से बढ़ाकर 406, ऑक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़ाकर 1668 कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण मामले में केवल 3 करोड़ लोग ही भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। 135 करोड़ लोगों को निःशुल्क टीके लगवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार ऐसा करने से इंकार करती है, तो अपने राज्य में हम अपने खर्च पर टीकाकरण करवाएंगे। उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन का उपयोग 11 राज्यों में केवल एक प्रतिशत लोगों के लिए ही किया गया है। छत्तीसगढ़ ने भी निर्णय लिया है कि इसका उपयोग तीसरे ट्रायल के बाद ही किया जाएगा।


रेडियो वार्ता लोकवाणी का प्रसारण आज, "उपयोगी निर्माण, जनहितैषी अधोसंरचनाएं, आपकी अपेक्षाएं" विषय पर होगी केंद्रित

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी (Lokvani 15th Telecast today) की 15 वीं कड़ी का प्रसारण आज 14 फरवरी, रविवार को होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार ’उपयोगी निर्माण, जनहितैषी अधोसंरचनाएं, आपकी अपेक्षाएं’ विषय पर प्रदेशवासियों से बातचीत करेंगे। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफ.एम. रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।


मुख्यमंत्री निवास में आज होगा एनसीसी का ‘‘एट होम फंक्शन’’, भूपेश बघेल करेंगे कैडेटों को पुरस्कृत

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रायपुर. दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड से लौटे तीनों विंग एयर, आर्मी एवं नेवी के एनसीसी कैडेट्स के लिए रायपुर स्थित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास कार्यालय में आज संध्या 6 बजे से ‘‘एट होम फंक्शन’’ होगा। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कडेट्स द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कैडेटों को पुरस्कृत करेंगे।





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गौरतलब है कि एनसीसी की दृष्टि में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को एक निदेशालय के तहत रखा गया है। जिसका मुख्यालय मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में है। हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले एवं इस स्तर पर भाग लेने वाले कडेट्स के लिए भोपाल में फरवरी के प्रथम सप्ताह में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।





छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने वाला यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर 10 फरवरी को संध्या 6 बजे से 7.30 बजे तक होगा। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय भोपाल से अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल संजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। इसकी तैयारी रायपुर ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर श्री जे.एस. भारद्वाज के निर्देशन में पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के साथ-साथ सभी एनसीसी इकाइयों के कमान अधिकारी, एसोसिएट एनसीसी अधिकारी, पी आई स्टाफ एवं विभिन्न इकाइयों के एनसीसी कडेट्स भाग लेंगे।


छत्तीसगढ़ सरकार जहां जनता के लिए निजी उपक्रमों को बदला शासकीय में, वही केंद्र लगातार बेच रही सरकारी संस्थाएं

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महासमुंद - महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर (Dr. Rashmi Chandrakar) ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दुर्ग स्थित निजी मेडिकल कॉलेज चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल का अधिग्रहण करके छत्तीसगढ़ राज्य के मेडिकल छात्रों को बहुत बड़ी सौगात दी है। इस अधिग्रहण के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में मेडिकल की सीट वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लगातार कांग्रेस शासनकाल में बनाये गये सरकारी उपक्रमों को बेचा जा रहा है जहां एक ओर छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोनों हाथों से सरकारी एवं निजी उपक्रमों को खरीद कर जनता को समर्पित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों हाथों से सरकारी उपक्रमों को अपने चंद उद्योगपति मित्रों के हाथों बेच रहे हैं।





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डॉ रश्मि चंद्राकर (Dr. Rashmi Chandrakar) ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनकी योजनाओं के बारे में चर्चा करनी चाहिए। कोरोना महामारी के समय भी नगरनार स्टील प्लांट को खरीदने की बात कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अदम्य साहस का परिचय दिया और आदिवासियो को उनके भूमि का हक दिलाया। जबकि इसके विपरीत मोदी सरकार किसानों के भूमि लेकर चंद उद्दोगपतियो के हाथों में बेचने का कार्य कर रही है। निजी मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहित कर सरकारी कॉलेज बनाने की पहल के पर पूरे प्रदेशवासियों ने खुशी जाहिर की है।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों को धान का मूल्य पच्चीस सौ दिया जा रहा है जो कि पूरे विश्व में किसी भी सरकार द्वारा नहीं दिया जाता वहीं दूसरी ओर देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 75 दिनों से मोदी सरकार के तीन काले कृषि कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है, जिसके कारण 150 से भी जादा किसानों की शहादत हो चुकी है। इसके बावजूद भी तानाशाह प्रधानमंत्री मोदी किसानों से वार्ता करने की जगह उन्हें प्रताड़ित करने में लगे हुए हैं।





स्व . चंदूलाल चंद्राकर के पुण्यतिथि के दिन उनके शिष्य मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उनके नाम के निजी कॉलेज को अधिग्रहित कर जनता को समर्पित करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।


छत्तीसगढ़ में जल्द होगा "ओपन गोल्फ टूर्नामेंट", गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा आयोजित

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में ’छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ टूर्नामेंट’ (Chhattisgarh Open Golf Tournament) का आयोजन किया जा रहा है।





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CM ने दी टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं





नवा रायपुर के सेक्टर 24 स्थित मेफेयर गोल्फ कोर्स में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या मार्च माह में इस टूर्नामेंट का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में शामिल होने का आग्रह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से किया। रायपुर स्थित गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आयोजन के लिए आर्यवीर और वाधवानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।





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गोल्फ के प्रति बढ़ेगी जागरूकता





आर्यवीर ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं गोल्फ के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए इस टूर्नामेंट (Chhattisgarh Open Golf Tournament) का आयोजन किया जा रहा है। टूर्नामेंट में भारत, जापान और कोरिया जैसे देशों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। रायपुर गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी ने बताया कि इस टूर्नामेंट में विभिन्न देशों की एम्बेसी के प्रतिनिधि, बिजनेस कम्युनिटी और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज भी शामिल होंगे। इस तरह इस टूर्नामेंट के साथ ही इन्वेस्टमेंट मीट का भव्य आयोजन होगा, जिससे राज्य में निवेश के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा


स्व. चंदूलाल चंद्राकार मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अब होगा शासकीय, CM की घोषणा, बोले कैबिनेट में जल्द ही होगी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मेडिकल कॉलेज को शासकीय मेडिकल (CCM Medical College) कॉलेज बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव लाया जाएगा तथा अन्य प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।





मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले के कचांदुर में स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त आशय की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के संचालन में दिक्कत होने के चलते प्रबंधन ने सरकार से प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन की बेहतरी को देखते हुए सरकार से इस कॉलेज का अधिग्रहण आग्रह किया था।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि दुर्ग जिले में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर का सपना था कि यहां मेडिकल कॉलेज खुले, इस पर डॉ एपी चन्द्राकर से उनकी लंबी चर्चा हुई थी और इसके पश्चात क्षेत्र का पहला मेडिकल कॉलेज खुला था। अभी इस मेडिकल कॉलेज के संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही थी और प्रबंधन ने अपनी दिक्कतें शासन से साझा की थी।





उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर (CCM Medical College) का देखा गया यह सपना फले फुले इसे आगे बढाए रखना है। मुख्यमंत्री इस मौके पर स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर से जुड़ी हुई स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर हमेशा जमीन से जुड़े रहे। उन्होंने लगातार विदेश यात्राएं की लेकिन अपना छत्तीसगढ़िया स्वभाव नहीं छोड़ा। जब भी विदेश जाते, अपने साथ दातुन लेकर जाते अपने साथ ठेठरी खुरमी लेकर जाते। वे विशाल व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी रूचि का दायरा काफी व्यापक था। उन्हें फोटोग्राफी का बहुत शौक था और देश-विदेश में रिपोर्टिंग के साथ ही उनकी फोटोग्राफी भी काफी मशहूर थी।





इस मौके पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जी का योगदान बहुत अहम है उन्होंने राजनीति के साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया।





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इस मौके पर अपने संबोधन में जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर के दिखाए रास्ते पर छत्तीसगढ़ शासन कार्य कर रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को लेकर जो सपना देखा था। उसे पूरा करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है.





इस मौके पर अपने संबोधन में पीएचई मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने कहा कि उनकी दादी स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता एवं स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर (CCM Medical College News) एक साथ सांसद रहे और दोनों का छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत अहम योगदान रहा।





इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, बालोद विधायक संगीता सिन्हा, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, छत्तीसगढ़ खनिज विकास के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


बड़ी घोषणा- अब नक्सल गढ़ से अलग गारमेंट हब बनेगा दंतेवाड़ा, पूरे देश में होगी डैनेक्स की सप्लाई

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ और नवा-दंतेवाड़ा गढ़ने में दंतेवाड़ा जिले की माताएं और बहनें आगे बढ़कर काम कर रही हैं। अब जिले को मां दन्तेश्वरी के नाम से ही नहीं यहां की माताओं और बहनों के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाया है। जिले को नयी पहचान दिलाने के लिए डैनेक्स नाम से गारमेंट तैयार कर रही है। दंतेवाड़ा को गारमेंट हब (Dantewada As Garment Hub) के रूप में विकसित करने 04 नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री तैयार की जा रही है। डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) में तैयार गारमेंट की सप्लाई पूरे देश में होगी। CM आज जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में आम सभा को संबोधित कर रहे थे।






विकास के साथ संस्कृति बचाए रखना भी जरुरी






मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास जितना जरूरी है, अपनी संस्कृति को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। देवगुड़ियों के कायाकल्प (Dantewada As Garment Hub) की शुरुआत गमावाड़ा से हुई है, बस्तर संभाग के सातों जिलों में देवगुड़ियों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों और बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सुपोषण अभियान की शुरूआत दंतेवाड़ा जिले से की गई थी। केवल 10 माह में कुपोषण की दर घटाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। सुपोषण अभियान से छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में 99 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं तथा 20 हजार महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुई हैं।





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मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 सालों से लंबित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को फिर से शुरु करने की पहल सरकार ने की है। इस योजना के पूरी होने से न सिर्फ दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के किसानों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा, बल्कि इसका लाभ नारायणपुर और कोण्डागांव जिले तक मिलेगा। वनांचल क्षेत्र के किसानों और वनवासियों की आय बढ़ाने शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपया मानक बोरा किया गया। वनांचल क्षेत्रों में 52 तरह के लघु वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। कोरोना-काल में वनवासियों की आय प्रभावित न हो, इसलिए लॉकडाउन के दिनों में भी छत्तीसगढ़ में वनोपज इकट्ठा करने का काम बंद नहीं होने दिया गया। जिसके फलस्वरूप लॉकडाउन के समय छत्तीसगढ़ में देश का सबसे ज्यादा लघु-वनोपज संग्रह किया गया।




Dantewada as garment hub




मुख्यमंत्री ने कहा कि वन-भूमि पर वर्षों से काबिज किसान जमीनों के पट्टे बांटने का काम तत्परता से किया है। व्यक्तिगत पट्टों के साथ-साथ, सामुदायिक पट्टे और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार भी दिया है। वनभूमि के पट्टे देने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को भूमिहीन नहीं रहने दिया जाएगा, जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, उन्हें भी जमीन दी जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा जल्द ही कोदो-कुटकी का भी समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा। कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में गोठानों का निर्माण किया जा रहा, ताकि पशुओं की देखभाल अच्छी तरह हो, फसलों को चराई से होने वाला नुकसान रुके और दूध का उत्पादन भी बढ़े। इन गोठानों का विकास आजीविका केंद्रों के रूप में भी किया जा रहा है, जहां स्व सहायता समूह की हजारों माताएं-बहनें तरह-तरह की गतिविधियों से आय प्राप्त कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार दुनिया की पहली सरकार है, जो दो रुपए किलो में गोबर खरीद रही है। जिन लोगों के पास न पशुधन है, न जमीन, वे भी आज गोबर इकट्ठा कर आय प्राप्त कर रहे हैं। पहले लोग धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदते थे, अब तो गोबर बेचकर ही मोटरसाइकिल और जेवर खरीद रहे हैं।





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उन्होंने कहा कि गरीबों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सकें इसके लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत अभी 52 स्कूल संचालित हो रहे हैं। अगले साल से 100 और स्कूल शुरु किया जाएगा।





कार्यक्रम को उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद दीपक बैज, स्थानीय विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं, जनहितैषी निर्णय एवं फैसलों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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