Media24Media.com: Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel

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CM भूपेश बघेल ने महासमुंद जिले को दी 270 करोड़ रूपए के 258 विकास कार्यों की सौगात

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महासमुन्द। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज महासमुंद जिले को 270 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। वर्चुअल लोकार्पण, शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सालभर के दौरान कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में हमारे सामने बहुत से कठिन चुनौतियां खड़ी की। लेकिन वे हमारे विकास के संकल्प को डिगा नहीं सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में अब कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह से नियंत्रण में है। कोरोना संकट काल के दौरान विकास कार्यों की रफ्तार धीमी जरूर हो गई थी, परंतु थमी नहीं । अब हालात सामान्य होने लगे हैं, विकास के कार्य तेजी से होंगे और हम पूरी क्षमता से 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेंगे।






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जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने, लोगों को जागरुक करने का काम जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य के अमले डाॅक्टर मितानिन, आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी को उन्होंने बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रण में है ।





मुख्यमंत्री,आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में महासमुंद जिले को 270 करोड रूपए की लागत वाले 258 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों की सौगात दी उसमें मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कार्य शामिल हैं।





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इन कार्यों का शिलान्यास





मुख्यमंत्री बघेल महासमुंद जिले में लगभग 221 करोड़ रूपए की लागत के 201 कार्यों का भूमिपूजन किया। उनमें 36 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत से सराईपाली-उमरिया-भंवरपुर-बड़ेसाजापाली मार्ग में 17 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन कार्य, 15 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से आंवराडबरी-कोमा-कोल्दा-खुसरूपाली मार्ग के 6 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 11 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से 9 किलोमीटर सिरकों-नवागांव मार्ग का निर्माण कार्य, 7 करोड़ 87 लाख रूपए की लागत से पुल-पुलिया सहित बनने वाले 5.10 किलोमीटर लंबे बाघामुडा-बांसकाटा-देवरी मार्ग का निर्माण कार्य, 11 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से चण्डीडोंगरी जलाशय नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य 8 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से कालीदरहा जलाशय का बांध एवं नहर का जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं।





मुख्यमंत्री इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत 22 करोड़ रूपए की लागत के 57 कार्य, क्रेडा के माध्यम से 25 गांवों में 2 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से सोलर ड्यूल पंप संयंत्र स्थापना के कार्य का शिलान्यास शामिल है ।





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इन कार्यो का हुआ लोकार्पण





मुख्यमंत्री ने महासमुंद जिले में 49 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 57 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें प्रमुख रूप से 8 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत से पिथौरा में निर्मित 50 बिस्तरों का मातृ शिशु अस्पताल, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध महासमुंद चिकित्सालय में 2 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से स्थापित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट, 69 लाख रूपए ग्राम गढ़सिवनी में निर्मित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 4 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से बागबहरा तथा 4 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से विकासखण्ड मुख्यालय बसना में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों हेतु बनाए गए आवास, 21 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 9 सड़कें शामिल हैं।





अंग्रेजी स्कूल की पढ़ाई की सराहना





मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के माध्यम से अब राज्य में गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इन स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चों में आत्मविश्वास जगेगा, जिससे उन्हें देश-दुनिया में भी रोजगार के अवसर प्राप्त होेंगे। स्वामी आत्मानंद स्कूल महासमुंद के 8 कक्षा के छात्र क्षितिज पांडे ने शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने और उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया। बच्चे के द्वारा फर्राटे से अंग्रेजी में बातचीत किए जाने की मुख्यमंत्री ने सराहना की और बच्चों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।




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मुख्यमंत्री बघेल ने जिले में राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों तथा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, डेयरी सहित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का संचालन करने वाले, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और कृषक से चर्चा की और योजना के तहत मिलने वाले फायदे की जानकारी ली। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने सम्बोधित किया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच और पहल का ही यह परिणाम है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है। गांवों में रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा वर्चुअल रूप से शामिल हुए । उन्होंने संबोधन में कहा कोरोना आपदा काल में भी जिले को विकास कार्यों के लिए बहुत बड़ी सौगात मिली है। सरकार द्वारा कोरोना काल में भी हर तबके का खयाल रखा गया है। संसदीय सचिव व महासमुन्द विधायक विनोद चंद्राकर, खल्लारी विधायक द्वारिका प्रसाद यादव, लोकसभा सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह और किस्मतलाल नंद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिले के अनेक पंचायत एवं नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। इससे पहले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि यह देश और प्रदेश अन्नदाताओं का है। हम किसी भी सूरत में किसानों को उनके अधिकारों (Farmers condition in Chhattisgarh) से वंचित नहीं होने देंगे। हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान जो लोग यहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर बातें कर रहे थे। दिल्ली में उन्हीं की सरकार है। वहां समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं, 2 सौ से अधिक किसानों की मौत हो गई, लेकिन तब भी उस सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि किसानों पर 3 ऐसे कानून जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं, जिसे किसान चाहते ही नहीं। उन्होंने कहा कि हमनें छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ के हितों को लेकर केन्द्र को लगातार पत्र लिखता हूं। इसलिए विपक्षी सदस्यों ने आज मुझे पत्रजीवी कहा, लेकिन आदिवासियों, नौजवानों, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति और छत्तीसगढ़ के हितों की बात जब भी आएगी, तो मैं हजार बार पत्र लिखूंगा। हमने किसानों की सुविधा बढ़ाने के लिए 263 नये उपार्जन केन्द्र बनाएं। प्रदेश में 2300 धान खरीदी केन्द्र होने से धान खरीदी में कहीं अव्यवस्था नहीं हुई। बारदानों की कमी के बाद भी धान खरीदी का काम सुव्यवस्थित ढंग से हुआ।





बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जब केन्द्रीय पूल में 60 लाख मीटरिक (Farmers condition in Chhattisgarh) टन चावल जमा करने की सहमति दी थी, तो विपक्षी सदस्यों ने कहा कि केन्द्र सरकार को धन्यवाद देना चाहिए। इस पर मैंने कहा था कि जिस दिन पूरा 60 लाख मीटरिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिया जाएगा, उस दिन पूरा सदन उन्हें धन्यवाद दूंगा। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र ने केवल 24 लाख मीटरिक टन जमा करने की अनुमति दी है। अब विपक्ष को पूरे 60 लाख मीटरिक टन चावल जमा कराने के लिए केन्द्र से अनुमति दिलानी चाहिए।





मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नीतियों से कृषि के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में 13 लाख 17 हजार 583 किसानों का पंजीयन हुआ था, इनमें से 11 लाख 5 हजार 556 किसानों ने धान बेचा। 16.1 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। इसी तरह 2016-17 में 14 लाख 51 हजार 88 किसानों का पंजीयन हुआ, इनमें से 13 लाख 27 हजार 944 किसानों ने धान बेचा। 8.5 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। 2017-18 में 15 लाख 77 हजार 332 किसानों का पंजीयन हुआ, 12 लाख 6 हजार 224 किसानों ने धान बेचा और 23.6 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाए। जबकि इस साल याने 2020-21 में 21 लाख 52 हजार 475 किसानों का पंजीयन किया गया। 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने धान बेचा यानि 95.38 प्रतिशत किसानों से धान की खरीदी हुई। इस बार प्रदेश में 24 लाख 86 हजार 665 हेक्टेयर रकबे में किसानों ने धान का उत्पादन किया, जो वर्ष 2015-16 की तुलना में बहुत ज्यादा है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी सदस्य यह प्रश्न उठा रहे हैं कि अतिशेष धान राज्य सरकार क्यों बेच रही है। मैं कहना चाहता हूं कि आप हमें 60 लाख मीटरिक टन केन्द्रीय पूल में जमा करने की अनुमति दिला दीजिए, हमें बाहर धान या चावल बेचने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम धान का उपार्जन केन्द्र सरकार के लिए करते हैं। एक समय था जब देश में अनाज की कमी थी, तब इंदिरा जी के आव्हान पर हरित क्रांति हुई और हमारे किसानों ने उस चुनौती को स्वीकार किया। देश स्वावलंबी हुआ और आज जब आधिक्य हो गया तो आप व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2 हजार 500 रूपए से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे 7 लघु वनोपजों की संख्या बढ़ाकर 52 कर दी है। इसके साथ ही हम लघु वनोपजों का वैल्यू एडीशन भी कर रहे हैं। हम लोगों ने वन अधिकार पत्र के उन मामलों का भी निराकरण किया, जो पूर्व में निराकृत नहीं किए गए थे। वनवासियों को उनकी काबिज वनभूमि के वन अधिकार पत्र वितरित करने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल है। हमनें 4 लाख 33 हजार व्यक्तिगत प्रकरणों में 9 लाख 3 हजार 520 एकड़ और 41 हजार 16 सामुदायिक प्रकरणों में 37 लाख 870 एकड़ इस प्रकार कुल 46 लाख 4 हजार 399 एकड़ वनभूमि का अधिकार दिलाया है।





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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें 2019 में नई उद्योग नीति लागू की, जिसके बाद 1249 उद्योगों की स्थापना हुई। इन उद्योगों में 16 हजार 986 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश हुआ। 22 हजार लोगों को रोजगार मिला है। इसी तरह मेगा औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 104 एमओयू किए गए, जिससे 42 हजार 417 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश होगा। उन्होंने कहा कि हमें निवेश को आकर्षित करने के लिए कहीं नहीं जाना पड़ा। हमनें यहीं के उद्योगपतियों पर विश्वास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने 200 फूड पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 111 स्थानों पर फूड पार्क के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है।





सिंचाई से संबंधित विपक्ष के प्रश्नों का जवाब देेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा-भैंसाझर एक वृहद परियोजना हो सकती थी, लेकिन उसे मध्यम बना दिया गया। बीते दो सालों में राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से वास्तविक सिंचाई 9 लाख 68 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो अपने आप में कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 15 सालों के अपने कार्यकाल में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 18 हजार 225 करोड़ रूपए खर्च किए।





वास्तविक सिंचाई क्षमता (Farmers condition in Chhattisgarh) में मात्र 16 हजार हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए श्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। हम बेहतर कानून व्यवस्था देने में सफल रहे हैं। प्रदेश में नक्सली घटनाएं कम हुई है। इससे 13 साल से बंद स्कूल फिर से खुले हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण, मलेरिया उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल हुई है। लोगों का विश्वास शासन पर बढ़ा है। राज्य में कानून व्यवस्था है इसका प्रमाण यह है कि टाटा ट्रस्ट की ओर से जारी इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2020 में छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग को देशभर में दूसरा स्थान मिला है।





उन्होंने कहा कि केन्द्र से हमें 14 हजार 73 करोड़ रूपए हमारे कार्यकाल की लेनी है, जो केन्द्रीय करों में छत्तीसगढ़ का हिस्सा है। वर्ष 2004 से लेकर अब तक कुल 15 हजार 154 करोड़ रूपए लेने हैं। श्री भूपेश बघेल ने कहा केन्द्रीय करों में हिस्सा हमारा हक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में छत्तीसगढ़ में शिक्षा की व्यवस्था की तारीफ नीति आयोग और प्रधानमंत्री जी ने भी की। राज्य के विद्यार्थियों को हर तरह के प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु स्वामी आत्मानंद के नाम पर अंग्रेजी माध्यम के 52 स्कूल प्रारंभ किए गए हैं।





मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकार के कार्यकाल में रेत खदान का संचालन पंचायतों द्वारा किया जाता था। तब तरह-तरह की शिकायतें मिलती थी। आज हमनें उन्हें टेंडर के जरिए संचालन की व्यवस्था की है। केवल टेंडर से ही 25 करोड़ रूपए का राजस्व आ गए। खदानों के संचालन से जो आय होगी, उसका 25 प्रतिशत हिस्सा एड करके पंचायतों को उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण छात्रों के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया है। इस कॉलेज का संचालन निजी क्षेत्र द्वारा किया जाता रहा है। ठीक ढंग से संचालन नहीं होने के कारण छात्रों के हित के लिए हमने अधिग्रहण किया।





नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं होने देने का संकल्प भी इसी सदन में पारित किया गया है। हम बस्तर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को एनएमडीसी या सीएमडीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां संचालित करें। एकतरफा विनिवेश नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस स्टील प्लांट को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले छत्तीसगढ़ में मात्र 151 वेंटीलेटर थे, जिसे बढ़ाकर हमनें 514 किया है। इसी तरह आईसीयू की संख्या 53 से बढ़ाकर 406, ऑक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़ाकर 1668 कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण मामले में केवल 3 करोड़ लोग ही भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। 135 करोड़ लोगों को निःशुल्क टीके लगवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार ऐसा करने से इंकार करती है, तो अपने राज्य में हम अपने खर्च पर टीकाकरण करवाएंगे। उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन का उपयोग 11 राज्यों में केवल एक प्रतिशत लोगों के लिए ही किया गया है। छत्तीसगढ़ ने भी निर्णय लिया है कि इसका उपयोग तीसरे ट्रायल के बाद ही किया जाएगा।


मुख्यमंत्री निवास में आज होगा एनसीसी का ‘‘एट होम फंक्शन’’, भूपेश बघेल करेंगे कैडेटों को पुरस्कृत

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रायपुर. दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड से लौटे तीनों विंग एयर, आर्मी एवं नेवी के एनसीसी कैडेट्स के लिए रायपुर स्थित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास कार्यालय में आज संध्या 6 बजे से ‘‘एट होम फंक्शन’’ होगा। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कडेट्स द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कैडेटों को पुरस्कृत करेंगे।





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गौरतलब है कि एनसीसी की दृष्टि में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को एक निदेशालय के तहत रखा गया है। जिसका मुख्यालय मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में है। हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले एवं इस स्तर पर भाग लेने वाले कडेट्स के लिए भोपाल में फरवरी के प्रथम सप्ताह में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।





छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने वाला यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर 10 फरवरी को संध्या 6 बजे से 7.30 बजे तक होगा। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय भोपाल से अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल संजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। इसकी तैयारी रायपुर ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर श्री जे.एस. भारद्वाज के निर्देशन में पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के साथ-साथ सभी एनसीसी इकाइयों के कमान अधिकारी, एसोसिएट एनसीसी अधिकारी, पी आई स्टाफ एवं विभिन्न इकाइयों के एनसीसी कडेट्स भाग लेंगे।


छत्तीसगढ़ में जल्द होगा "ओपन गोल्फ टूर्नामेंट", गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा आयोजित

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में ’छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ टूर्नामेंट’ (Chhattisgarh Open Golf Tournament) का आयोजन किया जा रहा है।





आपस में टकराई प्रियंका गांधी के काफिले की गाड़ियां, रामपुर जाते समय हुआ हादसा





CM ने दी टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं





नवा रायपुर के सेक्टर 24 स्थित मेफेयर गोल्फ कोर्स में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या मार्च माह में इस टूर्नामेंट का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में शामिल होने का आग्रह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से किया। रायपुर स्थित गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आयोजन के लिए आर्यवीर और वाधवानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।





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गोल्फ के प्रति बढ़ेगी जागरूकता





आर्यवीर ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं गोल्फ के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए इस टूर्नामेंट (Chhattisgarh Open Golf Tournament) का आयोजन किया जा रहा है। टूर्नामेंट में भारत, जापान और कोरिया जैसे देशों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। रायपुर गोल्फ कोर्स के संस्थापक महेश वाधवानी ने बताया कि इस टूर्नामेंट में विभिन्न देशों की एम्बेसी के प्रतिनिधि, बिजनेस कम्युनिटी और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज भी शामिल होंगे। इस तरह इस टूर्नामेंट के साथ ही इन्वेस्टमेंट मीट का भव्य आयोजन होगा, जिससे राज्य में निवेश के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा


31 जनवरी और 1 फरवरी को दंतेवाड़ा-सुकमा जिले के दौरे पर CM, रेडियो पर श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे स्वास्थ्य मंत्री

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 31 जनवरी और 01 फरवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के दौरे(CM Dantewada and Sukma Tour) पर रहेंगे। CM बघेल निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक रायपुर से आज सुबह 11.15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.35 बजे दंतेवाड़ा पहुंचेंगे और वहां नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 1.10 बजे गामावाड़ा में देवगुड़ी के लोकार्पण करेंगे और 2.20 बजे दंतेवाड़ा के हाई स्कूल मैदान में आयोजित आमसभा को सम्बोधित करेंगे।





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सीएम बघेल शाम 4.35 बजे मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने के बाद तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण करेंगे और 5.20 बजे क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शाम 5.50 बजे विभिन्न संगठन प्रमुखों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद दंतेवाड़ा में रात्रि विश्राम करेंगे।









मुख्यमंत्री बघेल 01 फरवरी को सुबह 10.45 बजे पातररास में सर्व छत्तीसगढ़िया समाज-एकता परिसर का भूमिपूजन करने के बाद 11.30 बजे दंतेवाड़ा से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12 बजे सुकमा ज्ञानोदय परिसर पहुंचेंगे और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सुकमा का लोकार्पण करेंगे।





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मुख्यमंत्री दोपहर 12.30 बजे विवेकानंद युवा शक्ति परिसर में जिला ग्रंथालय का लोकार्पण करने के बाद सुकमा स्टडी क्लब में छात्रों से चर्चा करेंगे और फिटनेस सेंटर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 1 बजे मिनी स्टेडियम सुकमा में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आमसभा को सम्बोधित करेंगे।





सीएम इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल(CM Dantewada and Sukma Tour)





कार्यक्रम स्थल पर वे विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन और हितग्राहियों को सामग्री वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.35 बजे गादीरास रोड के समीप सर्व आदिवासी समाज के नवीन भवन का लोकार्पण करने के बाद 3.05 बजे सर्किट हाउस में विभिन्न समाज प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। बघेल शाम 4.05 बजे सुकमा से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 5.30 बजे रायपुर लौटेंगे।





रेडियो पर श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे स्वास्थ्य मंत्री





पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर 31 जनवरी यानी आज प्रसारित होने वाले 'हमर ग्रामसभा' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। वे शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम में व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देंगे।









मंत्री सिंहदेव कार्यक्रम में राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। छत्तीसगढ़ में स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।


भूपेश बघेल ने केन्द्रीय खाद्य मंत्री श्री गोयल को लिखा पत्र, कहा- धान की खेती छत्तीसगढ़वासियों की आजीविका का प्रमुख साधन

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल (CM writes latter to Piyush Goyal) को पत्र लिखकर राज्य के किसानों के हित में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में राज्य की पीडीएस की आवश्यकता से अतिरिक्त समस्त सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत उपार्जन किये जाने के लिए भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मैट्रिक टन चावल की अनुमति की मात्रा को वृद्धि कर 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति यथाशीघ्र प्रदाय करने का अनुरोध किया है ।





CM बघेल ने अपने पत्र में लिखा है कि- छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन सीजन में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत खाद्य विभाग भारत सरकार के साथ हुए एम.ओ.यू. के तहत की जाती है । प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 28 जनवरी, 2021 की स्थिति में विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत समर्थन मूल्य पर 20.29 लाख किसानों से 90 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है एवं धान खरीदी का कार्य दिनांक 31 जनवरी, 2021 तक किया जावेगा ।





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  छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन राजस्व विभाग के माध्यम से बोए गए धान के रकबे का भौतिक सत्यापन एवं गिरदावरी के पश्चात किया गया एवं उक्तानुसार पंजीकृत किसानों से ही धान का उपार्जन किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान की कृषि यहां के निवासियों के आजीविका का प्रमुख साधन है । प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों (एलडब्ल्युई) में भी वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन किया जाकर धान की खरीदी (CM writes latter to Piyush Goyal )का कार्य किया गया है । वनांचलों में निवासरत कृषकों से उनकी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी नक्सल समस्या के उन्मूलन में सहायक सिद्ध होगी ।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए भारत सरकार की खाद्य सचिवों की बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है, इससे वर्तमान में उपार्जित लगभग 89 लाख मैट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा। किंतु खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2020-21 में भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख मैट्रिक टन चावल (16 लाख मैट्रिक अन उसना एवं 8 लाख मैट्रिक टन अरवा) ही लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है । राज्य की पीडीएस हेतु 20 लाख मैट्रिक टन चावल की आवश्यकता होगी एवं इसके अतिरिक्त 3 लाख मैट्रिक टन चावल का स्टॉक नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा रखा जावेगा । इस प्रकार कुल उपार्जित होने वाले 47 लाख मैट्रिक टन चावल से 70.50 लाख मैट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो सकेगा । राज्य में खरीफ वर्ष 2020-21 में लगभग 93 स्डज् चावल उपार्जित होना अनुमानित है ।




बघेल ने पत्र में लिखा है कि- एम.ओ.यू. की कंडिका 18 के तहत उपार्जित धान में से राज्य की पीडीएस की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल का स्टॉक भारतीय खाद्य निगम को प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं, अतः उक्त प्रावधानों के तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त शेष समस्त सरप्लस धान का अनुपातिक चावल 40 लाख मैट्रिक टन को भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिये जाने का अनुरोध है। यदि भारत सरकार द्वारा उपरोक्त हेतु अनुमति प्रदान नहीं की जाती है तो सरप्लस धान के निराकरण में लगभग राशि रू. 2500 करोड़ की आर्थिक हानि संभावित है, जो राज्य शासन को वहन करनी पड़ेगी। यह स्थिति अत्यंत ही चिंतनीय है ।





बघेल ने लिखा कि - भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 575.36 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन 20 जनवरी 2021 तक किया गया है, जो खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समान अवधि में उपार्जित धान की मात्रा 466.22 लाख मैट्रिक टन से 23.41 प्रतिशत अधिक है । छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान की मात्रा 90 लाख मैट्रिक टन गत वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान की मात्रा 83.94 लाख मैट्रिक टन से 7.2 प्रतिशत अधिक है अतः उपरोक्त से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान की मात्रा का गत वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान की मात्रा से तुलनात्मक वृद्धि राष्ट्रीय औसत के अंतर्गत है ।





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  मुख्यमंत्री ने लिखा है कि - राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का बोनस भुगतान की घोषणा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से नहीं की गई है । पूर्व में भारत सरकार द्वारा राज्य में प्रचलित “राजीव गांधी किसान न्याय योजना के संबंध में वस्तुस्थिति की चाही गई जानकारी राज्य शासन के द्वारा खाद्य विभाग भारत सरकार को प्रेषित की गई है ।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस भुगतान के संबंध में किसी प्रकार की प्रेस-विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है । समर्थन मूल्य पर उपार्जन उपरांत धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में खुले में रखा हुआ है । धान लंबी अवधि तक खुले में अनिराकृत स्थिति में रखे होने पर धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है ।




बघेल ने केन्द्रीय मंत्री (CM writes latter to Piyush Goyal) से किसान हित से जुड़े उपरोक्त विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में राज्य की पीडीएस की आवश्यकता से अतिरिक्त समस्त सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत उपार्जन किये जाने के लिए भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मैट्रिक टन चावल की अनुमति की मात्रा को वृद्धि कर 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति यथाशीघ्र प्रदाय किये जाने का अनुरोध किया है।


सीएम बघेल आज रायपुर और दुर्ग जिले के कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) 20 दिसंबर को दुर्ग जिले में आयोजित अमर शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस कार्यक्रम (Amar Shaheed Veer Narayan Singh balidan diwas Program) और छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के '75वां राज अधिवेशन' में शामिल होंगे। वे इससे पहले मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के रायपुर में प्रथम आगमन पर आयोजित 'शताब्दी वर्ष समारोह' में भी भाग लेंगे।





शुवेंदु अधिकारी समेत TMC के 9 विधायक और एक सांसद बीजेपी में शामिल





निर्धारित दौरा कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री बघेल 20 दिसंबर यानी आज सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लेंगे।





होटल बेबीलान केपिटल में आयोजित 'थैंक यू सीएम' कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम





बता दें कि यह समारोह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के रायपुर में प्रथम आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। इसके बाद वे दोपहर एक बजे रायपुर के होटल बेबीलान केपिटल पहुंचेंगे और 2.15 बजे तक वहां एक कार्यक्रम 'थैंक यू सीएम' में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर 2.30 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 2.50 बजे रविशंकर स्टेडियम हेलीपेड जिला दुर्ग पहुंचेंगे।





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सीएम होंगे इन कार्यक्रमों में शामिल





सीएम बघेल वहां श्री कंचन धुरवा देवालय परिसर में आयोजित अमर शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस कार्यक्रम (Amar Shaheed Veer Narayan Singh balidan diwas Program) में शामिल होंगे। इसके बाद वे 4 बजे रविशंकर स्टेडियम हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 4.20 बजे दुर्ग जिले के ग्राम पाहरा (गोंड़गिरी), धमधा पहुंचेंगे और वहां आयोजित '75वां राज अधिवेशन' छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल इसके बाद पाहरा गांव से शाम 5.30 बजे कार द्वारा मुख्यमंत्री निवास वापस लौटेंगे।


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