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देश में फिर मंडराने लगा बर्ड फ्लू का खतरा, एम्स में 11 साल के बच्चे ने तोड़ा दम

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देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर अभी थमा नहीं है। अभी भी रोजाना 40 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। वहीं रोजाना 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इसी बीच देश में फिर बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। देश में इस साल बर्ड फ्लू के मरीज की पहली मौत हुई है। दिल्ली के एम्स में 11 साल के बच्चे की  H5N1 से मौत हो गई है। बच्चे को 2 जुलाई को एम्स में भर्ती कराया गया था। मरीज की मौत के बाद संपर्क में आए सभी अस्पताल के कर्मचारियों को आइसोलेशन में रखा गया है।



दिल्ली एम्स के प्रशासन के मुताबिक 11 साल का ये बच्चा 2 जुलाई को एम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद लड़का एवियन फ्लू से संक्रमित पाया गया था। जानकारी के मुताबिक मृतक हरियाणा का था और NCDC की एक टीम को उस गांव में भेजा गया है, जहां इस मामले का पता चला है।  इस एवियन इन्फ्लूएंजा H5N1 मौत के बाद सभी कर्मचारी जो संपर्क में थे, उन्हें फ्लू के किसी भी लक्षण और लक्षणों के लिए खुद की निगरानी करने के लिए आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी है। इसी साल शुरुआत में कई राज्यों बर्ड फ्लू के मामले सामने आए थे।


पक्षियों से इंसानों में कैसे आता है बर्ड फ्लू 


लोगों में इंफेक्शन मरे या जिंदा संक्रमित पक्षियों से होता है। उसके आंख से, मुंह से, नाक से जो द्रव निकलता है या उसके मल से ये फैलता है। अगर इनमें से किसी भी चीज़ के संपर्क में मनुष्य आता है तो उसके अंदर भी ये संक्रमण आ सकता है। अगर किसी सतह पर या किसी संक्रमित पक्षी को छूने के बाद यदि कोई मनुष्य अपनी आंख नाक या मुंह में वो गंदा हाथ लगाता है तो उसे संक्रमण का खतरा हो सकता है। यह भी देखा गया है के जब जंगली पक्षी उड़ते समय मल निष्काषित करतें हैं तो उसके संपर्क में आने से ये बीमारी शहरी पक्षियों में भी फैल जाती है। ऐसे में जो लोग भी पोल्ट्री फार्म में कार्य करतें हैं या पक्षियों के संपर्क में सीधे तौर पर रहते हैं उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने कि जरूरत है।


बर्ड फ्लू के लक्षण


बर्ड फ्लू के प्रमुख लक्षणों में कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है। अगर आपको यह लगने लगे की आपको बर्ड फ्लू हो गया है तो आप तुरंत किसी डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें और किसी के भी संपर्क में आने से बचें। ताकि आपसे दूसरे इंसान को यह संक्रमण ना फैल पाए।


इस तरह कर सकते हैं बचाव 


बर्ड फ्लू से बचने का तरीका कोरोना से बचने के लिए अपनाएं जाने वाली सावधानियों जैसी ही है। जैसे हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। करीब 15 सेकेंड तक धोएं।  सैनिटाइजर साथ में रखें। हाथ ना धो पाने की स्थिति में सैनिटाइज करें। संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने से बचें। वहां काम करने वाले लोगों के संपर्क में भी आने से बचें। पोल्ट्री फार्म के कर्मचारियों या वहां जाने वाले लोगों को PPE किट पहननी चाहिए। डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें। इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें। कपड़े पूरे बाजू के पहनें और अपने जूतों को डिसइनफेक्ट करते रहें। छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से कवर करें। सांस के संक्रणण से बचने के लिए मास्क पहनकर रखें। अगर आप बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।  इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर को डस्टबिन में डालें। 


इन देशों में मिलता है ज्यादा केस


H5N1 वायरस मुख्य रूप से पक्षियों में होता है और उनमें अत्यधिक संक्रामक होता है। HPAI Asian H5N1 पोल्ट्री के लिए विशेष रूप से घातक होता है। इस वायरस का पहली बार 1996 में चीन में गीज में पता चला था। एशियाई H5N1 पहली बार 1997 में हांगकांग में एक पोल्ट्री प्रकोप के दौरान मनुष्यों में पाया गया था और तब से अब तक अफ्रीका, एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के 50 से अधिक देशों में मुर्गी और जंगली पक्षियों में पाया गया है। पोल्ट्री (बांग्लादेश, चीन, मिस्र, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम) में H5N1 वायरस के लिए 6 देशों को स्थानिक माना जाता है।



2014 में मिला था पहला मामला


जनवरी 2014 में कनाडा ने अमेरिका में H5N1 वायरस से संक्रमित पहले व्यक्ति की सूचना दी थी। संक्रमित यात्री चीन से लौटा था। इसके बाद आज तक संयुक्त राज्य अमेरिका में H5N1 वायरस के संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। फ्लू के वायरस लगातार बदल रहे हैं और एनिमल फ्लू के वायरस इस तरह बदल सकते हैं कि वे लोगों को आसानी से संक्रमित करने और लोगों के बीच फैलने की क्षमता हासिल कर सकते हैं, जिससे महामारी फैल सकती है।


कई मानव संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है वायरस


यह वायरस कई मानव संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है। जब भी महामारी की संभावना वाले वायरस की पहचान की जाती है तो सीडीसी नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों के उपाय करता है। क्योंकि एशियाई H5N1 का प्रसार जारी है और यह वायरस कई मानव संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है। एशियाई H5 की तैयारी के प्रयास व्यापक रहे हैं. संयुक्त राज्य सरकार द्वारा महामारी की तैयारियों के लिए एशियाई H5N1 वैक्सीन को स्टोर किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल तब किया जा सकता है जब H5N1 वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से और कुशलता से ट्रांसमिट करना शुरू कर दे।

दिल्ली में ‘बर्ड फ्लू’ की पुष्टि, भोपाल प्रयोगशाला में भेजे गए सभी 8 नमूनों में संक्रमण

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नई  दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘बर्ड फ्लू’ (Bird flu confirmed in Delhi) की पुष्टि हो गई, दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 के पार्क से चार, संजय झील से तीन और द्वारका से भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए। सभी आठ नमूनों में संक्रमण (Infection) की पुष्टि गई है ।





मिली जानकारी के मुताबिक विकास विभाग के तहत पशुपालन विभाग के डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि मयूर विहार फेस-3 के पार्क से चार, संजय झील से तीन और द्वारका से भेजे एक नमूने में ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ संक्रमण की पुष्टि (Bird flu confirmed in Delhi) हुई है। उन्होंने बताया कि नमूनों की रिपोर्ट सोमवार सुबह आई।





‘अलर्ट जोन’ घोषित (Bird flu confirmed in Delhi)





अधिकारियों ने पहले बताया था कि मयूर फेस-3 के सेंट्रल पार्क में पिछले तीन से चार दिनों में करीब 50 कौवे मृत मिले हैं। दिल्ली की संजय झील को रविवार को 17 और बत्तखों के मृत पाए जाने के बाद ‘अलर्ट जोन’ घोषित कर दिया गया। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस मशहूर जलाशय तथा पार्क को 10 बत्तखों के मृत पाए जाने के बाद शनिवार को बंद कर दिया था।





कई झीलों को बंद किया गया





सिंह ने बताया कि कुछ नमूने जालंधर भी भेजे गए हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों ने हौज खास पार्क, द्वारका सेक्टर-9 पार्क, हस्तसाल पार्क और संजय झील को पहले ही एहतियाती तौर पर बंद कर दिया था।





यह भी पढ़ें : प्रदेश में कौवे का शव मिलने से मचा हड़कंप, बर्ड फ्लू की जताई जा रही आशंका





अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के लोकप्रिय हौज खास पार्क को बंद कर दिया गया है, जो एक बड़ा जलाशय केंद्र है और वहां हर रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हालांकि वहां अभी तक किसी पक्षी की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। शहर के सबसे बड़े पोल्ट्री मार्केट गाजीपुर कुक्कुट बाजार को भी बंद कर दिया गया है।


छत्तीसगढ़ में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं, 7 जिलों में हुई जांच

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छत्तीसगढ़ राज्य (Chhattisgarh State) में बर्ड फ्लू (Bird flu) का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं (No case of bird flu so far in Chhattisgarh) आया है। केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू (Bird flu) की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य (Bird Flu Alert in Chhattisgarh) में भी इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है।









 इंसानों में भी फैल सकता है बर्ड फ्लू





पशुधन विकास विभाग द्वारा बर्ड फ्लू (Bird Flu Alert in Chhattisgarh)के प्रवेश को रोकने के संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों सहित पशु चिकित्सा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को सीमावर्ती प्रदेश से पक्षियों के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है। साथ ही सभी शासकीय और अशासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्रों और पोल्ट्री व्यवसायी केन्द्रों का सर्विलेंस करने के निर्देश दिए गए हैं।





7 जिलों से लिए गए थे सैंपल(Bird Flu Alert in Chhattisgarh)





बर्ड फ्लू (Bird flu) के मामले में एहतियातन पशुधन विकास विभाग द्वारा राज्य के 7 जिलों में स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्मों से एकत्र सैंपल की जांच में बर्ड फ्लू (Bird flu)का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त और सचिव, कृषि विकास और जैव प्रौद्योगिकी विभाग एम. गीता ने बताया कि राज्य के दुर्ग, रायगढ़, जगलदपुर, बैकुण्ठपुर-कोरिया, बिलासपुर जिले के कोनी और सरगुजा जिले के कुनकुरी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म से बर्ड फ्लू (Bird flu) की जांच पड़ताल के लिए वहां से सैंपल लेकर जांच की गई।





छत्तीसगढ़ में भी अब बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी, कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कही ये बात…





सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू (Bird flu) का अब तक कहीं से कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि राज्य में बर्ड फ्लू (Bird flu) के प्रवेश को रोकने के संबंध में जिलों को विस्तृत दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। पक्षियों की असामान्य बीमारी और मृत्यु होने की स्थिति में अधिकारियों को सतर्कता बरतने की निर्देश दिए गए हैं।





पक्षियों के इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश





भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश (Guidelines issued by the Government of India) के मुताबिक सैंपल साइज का पालन करते हुए नमूने इकट्ठा कर राज्य स्तरीय रोग अन्वेषण प्रयोगशाला रायपुर भिजवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। बत्तख पालन वाले क्षेत्र और जंगली अप्रवासी पक्षियों के इलाकों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। इसके साथ ही वन विभाग से समन्वय स्थापित कर राष्ट्रीय अभ्यारण्य, पोखर, झील को चिन्हांकित कर उन क्षेत्रों के समीप निगरानी के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसका अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।






भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव





पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू (Bird flu) के रोकथाम और जैव सुरक्षा के सभी नियमों की जानकारी देने को कहा गया है। जिलों को बर्ड फ्लू (Bird flu) से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण, रासायन और पीपीई कीट तैयार रखने की भी हिदायत दी गई।


छत्तीसगढ़ में भी अब बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी, कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कही ये बात...

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बर्ड फ्लू का कहर अब छत्तीसगढ़ भी पहुंच चुका है. छत्तीसगढ़ सरकार ने सावधानी बरतते हुए जिला पशुपालन अधिकारियों को सतर्क (bird flu in Chhattisgarh) रहने के निर्देश जारी कर दिए है। हालांकि अभी राज्य में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया हैं, जहां बर्ड फ्लू के लक्षण मिले हो। फिर भी सरकार अपनी तरफ से कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है।





कृषि और पशुपालन मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि






राज्य के कृषि और पशुपालन मंत्री रविंद्र (Ravindra Choubey's Statement) चौबे ने पॉलेट्री फार्म और पक्षियों की मौत को लेकर सतत निगरानी को कहा गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता के निर्देश जारी किये गये हैं। हमारे संयुक्त संचालक को इस बात का निर्देश जारी कर दिया गया है। पॉलेट्री फार्म और पक्षियों की मौत को लेकर सतत निगरानी को कहा गया है। पक्षियों की लगातार मौत पर किस तरह का कार्य किया जाना है, उसे लेकर भी निर्देश दिया गया है। हालांकि प्रदेश के पालेट्री फार्म में में बर्ड फ्लू का किसी भी तरह का कोई लक्षण नहीं मिला है।





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इन राज्यों में पहले से जारी हैं अलर्ट






आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू का अलर्ट (bird flu in Chhattisgarh) जारी हो चुका। मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो इस मामले को लेकर आज आपात बैठक भी बुलायी थी। वहीं मंदसौर में चिकन और अंडा बिक्री पर रोक भी लगा दिया गया है।





ये है बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms Of Bird Flu)





बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है।  अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। 





बर्ड फ्लू होने के कारण





बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं, लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो इंसानों को संक्रमित करता है।  इसका पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था।  उस समय बर्ड फ्लू के प्रकोप को पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों से जोड़ा गया था। 





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मुर्गियों में आसानी से फैलता है यह फ्लू





H5N1 प्राकृतिक रूप से पक्षियों में होता है, लेकिन ये पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है।  ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होता है।  संक्रमित मुर्गियों के 165ºF पर पकाए गए मांस या अंडे के सेवन से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है, लेकिन संक्रमित मुर्गी के अंडों को कच्चा या उबालकर नहीं खाना चाहिए। 





इन लोगों को होता है बर्ड फ्लू का खतरा





 H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है।  संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है।  दूषित सतहों को छूने से ये संक्रमण फैल सकता है।  अगर इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है।   इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों का देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है।  





यह है इलाज





अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है, लेकिन ज्यादतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है।  लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं।  बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण न हों। 





इस तरह करें बचाव





 इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए डॉक्टर आपको फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा आप खुले बाजर में जाने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने और अधपका चिकन खाने से बचें।  हाइजीन बनाए रखें और समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें। 


भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव

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अभी तक देश में कोरोना का कहर थमा नहीं है।  इसी बीच एक और बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।  भारत में बर्ड फ्लू (Bird Flu In India) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।  बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है।  राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।  ये वायरस संक्रमित पक्षियों और इंसानों दोनों के लिए भी बहुत खतरनाक है।  





बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन की तरह है जो न सिर्फ पक्षियों बल्कि दूसरे अन्य जानवरों और इंसानों के लिए भी उतना ही खतरनाक है।  बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान इससे आसानी से संक्रमित हो जाते हैं।  ये वायरस इतना खतरनाक (Bird Flu In India) होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। 





ये है बर्ड फ्लू के लक्षण





बर्ड फ्लू होने पर (Bird Flu Symptoms) आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है।  अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। 





बर्ड फ्लू होने के कारण





बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं, लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो इंसानों को संक्रमित करता है।  इसका पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था।  उस समय बर्ड फ्लू के प्रकोप को पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों से जोड़ा गया था। 





रायपुर में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए बूथ की लिस्ट जारी, जानिए कहां लगेंगे Covid-19 के टीके





मुर्गियों में आसानी से फैलता है यह फ्लू





H5N1 प्राकृतिक रूप से पक्षियों में होता है, लेकिन ये पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है।  ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होता है।  संक्रमित मुर्गियों के 165ºF पर पकाए गए मांस या अंडे के सेवन से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है, लेकिन संक्रमित मुर्गी के अंडों को कच्चा या उबालकर नहीं खाना चाहिए। 





इन लोगों को होता है बर्ड फ्लू का खतरा





 H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है।  संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है।  दूषित सतहों को छूने से ये संक्रमण फैल सकता है।  अगर इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है।   इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों का देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू (bird Flu News Update) हो सकता है।  





यह है इलाज





अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है, लेकिन ज्यादतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है।  लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं।  बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण न हों। 





इस तरह करें बचाव





 इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए डॉक्टर आपको फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा आप खुले बाजर में जाने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने और अधपका चिकन खाने से बचें।  हाइजीन बनाए रखें और समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें। 


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