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आरंग में बन रहा छत्तीसगढ़ का पहला रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क

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आरंग। आरंग नगर में कलई रोड किनारे छत्तीसगढ़ का पहला रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क बन रहा है। इसकी लागत करीब 18 करोड़ रुपये अनुमानित है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर ने बताया कि करीब साढ़े 11 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क से आरंग में पर्यटन को बल मिलेगा। गौरतलब है कि भारत में एकमात्र कौशल्या माता मंदिर आरंग विधानसभा क्षेत्र के चंदखुरी में स्थित है।


 चंदखुरी, आरंग, सिरपुर, बारनवापारा एक रूट पर पर्यटन सर्किट बनता है तो प्राचीन नगर आरंग में पर्यटन की अपार संभावनाएं रहेगी। आरंग के सबसे बड़े झलमला तालाब में पाथ-वे बनाकर पर्यटकों के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क (एडवेंचर स्पोर्ट्स और वाटर हार्वेस्टिंग) की परिकल्पना आरंग क्षेत्र के विकास में सहायक साबित होगी।


नगरीय प्रशासन, श्रम एवं विकास मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया के विशेष प्रयास से तीन चरणों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क को विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रथम चरण में करीब चार एकड़ क्षेत्र में जल संग्रहण, म्यूजिकल फाउंटेन, 5 डी थियेटर, बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग खेल मैदान, कॉटेज और रेस्टोरेंट बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है।

दूसरे चरण में वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, मछलीघर विकसित करने की कार्ययोजना है। तीसरे चरण में रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल को मूर्तरूप दिया जाएगा। करीब तीन एकड़ क्षेत्र में हरियाली का आनंद लिया जा सकता है।
यह एक ऐसा स्थान होगा, जहाँ बच्चों से बड़ों तक सबके लिए कुछ न कुछ मनोरंजन का साधन उपलब्ध हो सकेगा। एमएम फनसिटी की तरह यहाँ वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था होगी। बच्चे यहां 5 डी थियेटर में रोमांच का आनंद ले सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि आरंग में हाथी पाव (फाइलेरिया) की समस्या विकराल रूप ले रही थी। नगर के सबसे बड़े तालाब झलमला ताल में गंदगी की वजह से यह बीमारियों का गढ़ बन रहा था। इस तालाब के पानी का सैम्पल लेकर अहमदाबाद भेजा गया। मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया की दूरागामी सोच से वाटर हार्वेस्टिंग और झलमला तालाब का वाटर रिचार्ज करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसका लाभ क्षेत्रवासियों को बहुत जल्दी मिलने लगेगा।

दंतेवाड़ा में एडवेंचर स्पोर्ट्स होगा आकर्षण का केंद्र

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अपने चारों ओर पहाड़ों से घिरे हरे-भरे वादियों के बीच प्रशासनिक और धार्मिक महत्व के स्थल दंतेवाड़ा में डंकिनी नदी के तट पर विकसित हो रहे एडवेंचर स्पोर्ट्स जल्द ही आकर्षण का केंद्र बनेगा। यहां साहसिक खेलों और मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए बस्तर संभाग के प्रथम एडवेंचर पार्क की स्थापना जिला खनिज संस्थान न्यास निधि  मद के तहत जिला प्रशासन और वन विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। 

एडवेंचर पार्क में संचालित होने वाली साहसिक खेल गतिविधियों और प्रशिक्षण से पर्यटकों और नागरिकों को अपने स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने का महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में शासन-प्रशासन की पहल से विकसित किए जा रहे यह पार्क दंतेवाड़ा जिले के पर्यटन विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इसके तहत सायकल जिप लाइन के निर्माण समेत सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा दंतेवाड़ा और इसके आस-पास ढोलकल और सातधार  महत्वपूर्ण स्थानों तक पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।  

एडवेंचर पार्क एक आधुनिक व्यायाम प्रक्रिया साधन है, जिसमें जिप लाइन, साइकिल जिप लाइन, किड एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे रस्सी द्वारा निर्मित पुल, हवा में ऊपर छलांग लगाने वाला कमरबंद झूला साहसिक खेल प्रदर्शन के माध्यम से नई विधियों और तकनीकों से परिचय कराना है। इसे ध्यान में रखते हुए खेल प्रशिक्षकों और खेल वैज्ञानिकों द्वारा पार्क के माध्यम से नवीनतम और प्रभावी जानकारी कुशलता से प्रदान की जाएगी। साथ ही ये पर्यटन के क्षेत्र में पर्यटकों की रुचि का केंद्र और दंतेवाड़ा जिले की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा। 

पर्यटकों के रुकने की उत्तम व्यवस्था

इस कड़ी में जिले के अंतर्गत पर्यटन के क्षेत्र में ढोलकल पहाड़ी में प्राचीन भगवान गणेश की प्रतिमा विश्व-विख्यात है। यहां देश और विदेश से पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ढोलकल में बस्तर और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक शैली अनुसार पर्यटकों के रुकने की उत्तम व्यवस्था और पारंपरिक खान-पान से संबंधित गढ़कलेवा को स्थानीय रोजगार से जोड़ने की महत्वपूर्ण योजना भी बनाई जा रही है। इस तरह परंपरागत बस्तर और छत्तीसगढ़िया खान-पान को समाहित करते हुए अत्याधुनिक कॉटेज हट अपने आप में आधुनिकता को पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और लोकप्रियता के साथ प्रदर्शित करेंगे।

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