Media24Media.com: सूचना का अधिकार

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ऑनलाईन स्व पंजीयन का कार्य प्रगति पर : सूचना का अधिकार अधिनियम में 8 हजार से ज्यादा जन सूचना अधिकारी ऑनबोर्डिंग

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रायपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत शासन की आरटीआई ऑनलाइन वेब पोर्टल में स्व पंजीयन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार अब तक 8 हजार 500 से अधिक जन सूचना अधिकारी एवं 5 हजार 490 से अधिक प्रथम अपीलीय अधिकारी ऑनबोर्डिंग हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने राज्य के ऐसे सभी जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों से कहा है कि जिन्होंने आरटीई पोर्टल में स्व पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण नहीं की है, वे जल्द से जल्द इसे पूर्ण कर लें। आरटीआई पोर्टल में जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के स्व पंजीयन करने के विषय पर राज्य सूचना आयोग के द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

 

 

आर टी आई पोर्टल में स्व पंजीयन करने आज मंत्रालय और विभागाध्यक्ष भवन में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

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रायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत शासन की वेबसाइट आरटीआई पोर्टल में जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के स्व पंजीयन करने के विषय पर शुक्रवार 22 दिसंबर को नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन और विभागाध्यक्ष भवन में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यशाला किया जा रहा है। इसके तहत मंत्रालय महानदी भवन के कक्ष क्रमांक एस ओ 12 में पूर्वाह्न 11:00 से दोपहर 2 बजे तक यह प्रशिक्षण होगा।  इसके उपरांत विभागाध्यक्ष इंद्रावती भवन के हाल क्रमांक 4 में यह प्रशिक्षण होगा। इस प्रशिक्षण में समस्त विभागों के जन सूचना अधिकारी, अपीलीय अधिकारी, स्व पंजीयन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी शामिल होंगे।

सूचना का अधिकार में ई फाइलिंग सुविधा पर हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला

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रायपुर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ई फाइलिंग सुविधा एवं स्व पंजीयन विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज रायपुर स्थित सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में किया गया। राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी, धनवेंद्र जायसवाल, आयोग के सचिव जी आर चुरेंद्र और राज्य शासन की नोडल अधिकारी एवं उप सचिव सामान्य प्रशासन मेरी खेस की उपस्थिति में इस कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय के नोडल अधिकारी उपस्थित हुए।

इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के अधिकारियों एवं एन आई सी के अधिकारियों के द्वारा ऑनलाइन पोर्टल में स्व- पंजीयन एवं ई फाइलिंग की सुविधा के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। कार्यशाला में अधिकारियों की शंकाओ का समाधान भी किया गया। एक दिवसीय राज्य स्तरीय इस कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने कहा कि आम जनता एवं जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपील अधिकारियों की सुविधा के लिए ई फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को वेब पोर्टल में स्व पंजीयन सुनिश्चित करना है।  

सूचना का अधिकार अधिनियम के कार्यों के क्रियान्वयन में अब डिजिटल कार्य किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में सभी राज्यों में ई फाइलिंग की सुविधा एवं अन्य कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू कर दी गई। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से ई-फाइलिंग की सुविधा को अपने जिले के सभी जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए पंजीयन की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त जायसवाल ने नोडल अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित कराएं कि जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यालय में उनकी नाम पट्टिका स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। 

आरटीआई एक्ट में लापरवाही ना करें और किसी लिपिक के सहारे ना रखें। इस कार्य में जन सूचना  अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होता है। उन्होंने प्रथम अपील का निराकरण गंभीरता से करने की समझाइए देते हुए कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी भी प्रथम अपीलीय अधिकारी की होती है। उन्होंने ग्राम पंचायत में सचिवों के तबादले होने पर दस्तावेज भी नए सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि आरटीआई में आवेदक को भटकना न पड़े।कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग के सचिव जी आर चुरेंद्र ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा है कि वह इलेक्शन मोड की तरह स्व पंजीयन के कार्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में नोडल अधिकारी सभी विभागों में नियुक्त हो रहे हैं। 

उन्होंने जिला स्तर पर स्व पंजीयन के कार्य को करने के लिए एन आई सी की मदद लेने कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह आयोग के द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा करवा कर उसकी भी सूचना भेजना सुनिश्चित किया करें। कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग की अवर सचिव श्रीमती गीता दीवान के द्वारा कहा गया कि आरटीआई का ज्ञान और उनके नियमों की जानकारी जितना आपके पास होगी उतना ही आवेदनों का निराकरण समय पर कर सकेंगे। उन्होंने आवेदनों को टालने की प्रवृत्ति से बचने की समझाइए दी है। कार्यशाला में आयोग के अनुभाग अधिकारी अतुल कुमार वर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्वपंजीयन एवं दस्तावेजों को अपलोड करने के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र मंत्रालय के अधिकारी अशोक मौर्य एवं उनकी टीम के द्वारा ऑनलाइन आरटीआई में स्व पंजीयन एवं प्राप्त आवेदनों के निराकरण को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताते हुए अधिकारियों की शंकाओ का समाधान किया गया। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन स्टाफ ऑफिसर श्रीमती रजनी छड़ीमली के द्वारा किया गया।

सूचना का अधिकार जनता की भलाई के लिए : राउत

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रायपुर। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम.के. राउत ने कहा कि सूचना का अधिकारका मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकार द्वारा जारी की गई प्रत्येक जानकारी उपलब्ध कराना है। नागरिक का अधिकार है, जानकारी प्राप्त करना और इस बीच रुकावट आती है तो राज्य सूचना आयोगमें शिकायत कर सकते हैं। जनता और सरकार के बीच पारदर्शिता रहती है और भ्रष्ट लोग एवं कार्य में रोक लगती है। जनता प्रशासन के प्रत्येक कार्य की जानकारी प्राप्त कर जागरूक रहती है। ऑनलाईन वेबपोर्टल के माध्यम से आवेदकों को नई सुविधा प्रदान की गई है।


सूचना का अधिकार अधिनियम
2005 की स्थापना दिवस के अवसर पर आज 12 अक्टूबर 2020 को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में राउत ने उक्त विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी डी सिंह, सचिव राज्य सूचना आयोग आनंद मसीह उपस्थित थे। मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सरकार और जनता के मध्य कार्य प्रणाली की जानकारी का खुला रूप आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है। आम जनता सरकारी दस्तावेज़ो की जानकारी रख सकती है व समाज में घटित मुद्दों के प्रति जागरूक हो सकती है। 


राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के इतिहास में एक उपलब्धि और जुड़ गई। पोर्टल के ऑनलाईन होने से पहुच आसान हो गया और डाक खर्च की बचत होने के साथ ही त्वरित कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर धन, समय और श्रम की बचत होगी। अग्रवाल ने कहा कि आयोग के 2005 से 2022 के महत्वपूर्ण निर्णय को संकलित कर प्रकाशित करायाग गया है, जो जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के साथ ही साथ आवेदकों के लिए लाभकारी होगा।

मनोज त्रिवेदी ने कहा कि आयोग के पोर्टल के ऑनलाईन होने से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जवाब शीघ्र प्राप्त हो सकेगा एवं प्रकरण के निराकरण में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रक्ररणों की सुनवाई सुविधाजनक हो रही है और बहतर परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम जानकारी देने के लिए बनाया गया है। अधिनियम के तहत जो जानकारी दी जा सकती है, उसे शीघ्रता से संबंधित आवेदको को उपलब्ध कराएं। 

उन्होंने कहा कि पोर्टल के ऑनलाईन होने से अधिक से अधिक जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी पंजीयन कर इस अभियान का हिस्सा बनें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। पूर्व राज्य सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल के प्रारंभ हाने से सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और कार्य त्वरित गति से निराकृत होगा। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005” की स्थापना दिवस के अवसर पर आयोग के अधिकारी ,कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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