Media24Media.com: साइबर अपराध

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label साइबर अपराध. Show all posts
Showing posts with label साइबर अपराध. Show all posts

साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती, जिसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना आवश्यक : मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कल पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय साइबर भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर अपराध की चुनौतियों और उससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें साइबर भवन का उद्घाटन एक अहम पहल है।


मुख्यमंत्री साय ने अक्टूबर माह में प्रदेश में आयोजित 410 जनजागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान साइबर अपराध रोकने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा हमारे पुलिस अधिकारियों ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई और आईआईएम रायपुर के साथ हुए अनुबंध साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूनिसेफ द्वारा बनाए गए ऑनलाइन मॉड्यूल की प्रशंसा की।

कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान मोबाइल ऐप और सशक्त मोबाइल ऐप को लांच किया। उन्होंने साइबर अपराधों की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम नई तकनीक को अपनाकर साइबर अपराधों को रोकने की दिशा में और अधिक दक्षता के साथ काम करेंगे। उन्होंने इस दिशा में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और सुदर्शन की नीति को आधार बनाकर किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज देश में सबसे उत्कृष्ट कार्य करने वाली सरकार के रूप में उभर रही है।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना ने 70 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और समाज के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस तंत्र को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक प्रभावी प्रणाली में तब्दील कर दिया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस ने नक्सलवाद को सीमित करने में अद्भुत कार्य किया है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। साइबर अपराधों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष पहल की है। हाल ही में चलाए गए साइबर जागरूकता पखवाड़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज उद्घाटन किए गए साइबर भवन से बड़े अभियानों को संचालित किया जाएगा, जो इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी बड़े निर्णय लेकर जनता के हित में कार्य करेगी।

अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में कहा कि देश और दुनिया में बढ़ रहा साइबर अपराध चिंता का विषय

No comments Document Thumbnail

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार एक साइबर-सुरक्षित भारत के निर्माण के मिशन को गति प्रदान करने में प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन के सक्रिय योगदान के लिए उनका आभार प्रकट किया। फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र देश में साइबर अपराध के नियंत्रण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर देश को इस समस्या से मुक्त कराएं। हमारी थोड़ी सी समझदारी और सावधानी हमें साइबर अपराधियों से बचा सकती है।


गृह मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक बयान में बताया, केन्द्रीय गृह अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय देश में सुरक्षित साइबर स्पेस निर्माण के लिए कृत संकल्प है। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) ने इस दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। 

गृह मंत्री अमित शाह ने एक साइबर-सुरक्षित भारत के निर्माण के मिशन को गति प्रदान करने में प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन के सक्रिय योगदान के लिए उनका आभार प्रकट किया।    

मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि देश और दुनिया में बढ़ रहा साइबर अपराध चिंता का विषय है। गृह मंत्रालय का भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र इसके नियंत्रण की दिशा में कार्य कर रहा है। अमिताभ ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के आग्रह पर वे इस अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर देश को इस समस्या से मुक्त कराएं। हमारी थोड़ी सी समझदारी और सावधानी हमें साइबर अपराधियों से बचा सकती है।

दरअसल गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Cyber Fraud Mitigation Centre) के चार प्रमुख साइबर प्लेटफॉर्म्स का शुभारंभ किया। इस प्लेटफॉर्म ने एक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। देश के 72 से अधिक टीवी चैनल्स, 190 रेडियो एफएम चैनल्स, सिनेमाघरों और कई अन्य प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस अभियान को गति देने का प्रयास किया जाएगा। 

कल नई दिल्ली में इस भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के प्रथम स्थापना दिवस समारोह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी न्यूनीकरण केंद्र (I4C)के साथ बैंक, वित्तीय संस्थान, टेलीकॉम कंपनी, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और पुलिस को एक ही मंच पर लाकर इस केन्द्र का विचार रखा गया है। इस दौरान उन्हाेंने कहा कि आने वाले दिनों में यह साइबर अपराध की रोकथाम का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बनेगा।


सावधान: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भड़काऊ पोस्ट करने पर जाना पड़ सकता है जेल

No comments Document Thumbnail

दुर्ग जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विशेष अभियान 'प्रयास' ( एक कदम साइबर अपराध को रोकने के लिए) चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 21 फरवरी से 25 फरवरी 2021 तक तहसील कार्यालय में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम (Awareness program) में न्यायाधीश गणों द्वारा आम जनता को साइबर अपराध से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।





यह भी पढ़ें:- सावधान : कोरोना वैक्सीन के नाम पर ऑनलाइन ठगी, रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेज रहे ईमेल और मैसेज





न्यायाधीश गणों द्वारा बताया गया है कि लॉकडाउन में लोग घरों में बैठे हैं और ज्यादातर समय इंटरनेट पर बीत रहा है। बैंकिंग का काम (Banking work) भी ऑनलाइन हो रहा है। ऐसे में कुछ हैकर्स एक्टिव होकर मौके का फायदा उठा रहे हैं और लोगों को कभी कोई स्कीम के नाम पर तो कभी डोनेशन के नाम पर चूना लगा रहा है।





सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय रहे अलर्ट





कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट (Fake account on social media) बनाकर ठगने का काम भी कर रहे हैं। ऐसे में सोशल नेटवर्किंग का इस्तेमाल करते समय अलर्ट रहना चाहिए। हाल ही में फर्जी फेसबुक अकाउंट से धोखाधड़ी (Fraud with fake Facebook account) के कई मामले सामने आए हैं। साइबर ठग फेसबुक का फर्जी अकाउंट खोलकर लोगों से चीटिंग कर रहे हैं और यह काम इतनी होशियारी से किया जा रहा है कि यूजर्स को खबर तक नहीं लग पाती कि उसके फर्जी खाते का इस्तेमाल किया जा रहा है।





साइबर ठग इस तरह भी देते हैं वारदात को अंजाम





साइबर ठग सबसे पहले आपके प्रोफाइल से आपका फोटो डाउनलोड कर के आपके नाम से फेक अकाउंट बनाकर आपके फ्रेंड को रिक्वेस्ट भेजता है। जैसे ही फ्रेंड रिक्वेस्ट को आपका फेसबुक फ्रेंड मंजूर करता है वैसे ही आपके फ्रेंड से डोनेशन के नाम पर पैसे मांगा जाता है। ये साइबर ठग अपनी बातों में ऐसे उलझाते हैं कि लोग उनके झांसे में आ जाते हैं। फिर वॉलेट से पैसा मांग जाता है।





यह भी पढ़ें:- NCRB के आंकड़ों को खोले पोल, नीतीश राज में बढ़ा क्राइम का ग्राफ





इन बातों का रखें ध्यान





कुछ ऐसे भी मामले आए हैं, जिनमें साइबर ठग लोगों को विश्वास में लेकर उनके वॉलेट की जानकारी मांगते हैं और फिर उसे खाली कर देते हैं। इस बारे में अलर्ट भी किया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद अलर्ट रहे और किसी डोनेशन के मेल या रिक्वेस्ट पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड बदलते रहें। अपने सोशल अकाउंट की प्राइवेसी को बदलते रहें। अपनी फ्रेंड लिस्ट को प्राइवेट रखें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक न करें।





हो सकती है जेल





संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (क) के तहत सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी दी गई है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने इसे प्रोत्साहित करने में अहम रोल निभाया। अगर किसी पोस्ट पर या फिर किसी पोस्ट को शेयर करने से किसी की भावना आहत होती है या दो समुदायों के बीच नफरत पैदा होती है, तो आपको जेल जाना पड़ सकता है। इसके तहत अगर आप फेसबुक, ट्विटर, टिक टॉक, शेयर चैट, यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या फिर अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाला पोस्ट, वीडियो या फिर तस्वीर शेयर करते हैं, तो आपको जेल जाना पड़ सकता है।





यह भी पढ़ें:- विधायक के भतीजे से I Phone के नाम पर हजारों रुपये की ठगी





इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक पोस्ट करता है या फिर शेयर करता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई टिक टॉक, शेयर चैट, फेसबुक, ट्विटर समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ IT की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जाती है।


कही हैकर्स के पास आपकी ईमेल आईडी और पासवर्ड तो नहीं? इस तरह करें चेक

No comments Document Thumbnail

देश में दूसरे गंभीर अपराधों के साथ ही साइबर अपराध (Cyber crime in india) के मामले भी रोजाना बढ़ते जा रहे है। वहीं ईमेल के पासवर्ड (Cyber Crime Hacking E-mail) को लेकर अभी भी ज्यादातर लोग काफी लापरवाही बरत रहे हैं। खराब पासवर्ड की टॉप-10 लिस्ट में इतने कमजोर पासवर्ड देखने को मिले हैं, जिसे कोई भी आसानी से गेस करके अकाउंट हैक कर ले। लेकिन क्या हो अगर आपने मजबूत पासवर्ड रखा है, लेकिन फिर भी वो पासवर्ड हैकर्स के हाथ लग चुका है?





16 जनवरी से छत्तीसगढ़ में होगी कोविड-19 टीकाकरण की शुरूआत, प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने की तैयारियों की समीक्षा





आए दिन साइबर अटैक (Cyber ​​attack) की खबरें आती रहती है। दरअसल साइबर अटैक (Cyber ​​attack) एक या दो नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों अकाउंट्स पर किए जाते हैं। इनमें आपके सोशल मीडिया सहित ईमेल और बैंक अकाउंट भी शामिल हो सकते हैं। साइबर अटैक के बाद हैकर्स भारी मात्रा में पासवर्ड (password) इकठ्ठे करते हैं और उसे समय-समय पर अपने हिसाब से यूज करते हैं। यानी अगर आपका पासवर्ड हैकर्स के पास है, लेकिन फिर आपके अकाउंट में कोई दिक्कत नहीं है, तो ऐसे में आने वाले समय में पूरा चांस है कि आपका अकाउंट टार्गेट बन जाएगा।





कही सर्दियों में आप भी तो नहीं करते ये गलतियां?





इसलिए बेहतर ये होगा कि आप ये पता लगा लें कि आपके अकाउंट्स का पासवर्ड (password) सेफ है या नहीं। अगर सेफ है तो अच्छी बात है, लेकिन अगर सेफ नहीं है और ये किसी डेटा लीक में एक्सपोज हो चुका है तो आपको अपने अकाउंट्स का पासवर्ड तत्काल बदल लेना चाहिए। गूगल ने कुछ समय पहले एक टूल पेश किया था। इस टूल के जरिए यूजर्स ये पता लगा सकते हैं कि उनका पासवर्ड लीक हुआ है या कमजोर है या फिर एक पासवर्ड कई अकाउंट के साथ यूज किया जा रहा है।





इस तरह करें चेक (Cyber Crime Hacking E-mail)





  • चेक करने के लिए आपको passwords.google.com पर जा कर अपना अकाउंट लॉग इन करना है।
  • अकाउंट लॉग करने के बाद आपको पासवर्ड चेकअप का ऑप्शन दिखेगा।
  • पासवर्ड चेकअप का ऑप्शन टैप करते ही गूगल आपके कुछ जानकारियां देगा।
  • गूगल सेव्ड पासवर्ड के आधार पर आपको ये बताएगा कि कितने पासवर्ड कॉम्प्रोमाइज्ड हैं यानी किसी डेटा लीक में लीक हो चुके हैं, कितने पासवर्ड दुबारा यूज किए गए हैं और कितने पासवर्ड्स कमजोर हैं।
  • कॉम्प्रोमाइज्ड पासवर्ड पर टैप करके ही आपको अलग-अलग वेबसाइट पर लॉग इन किए गए आपके पासवर्ड दिखेंगे जो कभी न कभी डेटा लीक के दौरान लीक हो चुके हैं और आने वाले समय में इस वजह से आप संकट में भी आ सकते हैं। गूगल के ही इस टूल में आपको लिस्ट के सामने चेंज पासवर्ड का ऑप्शन मिलेगा।
  • चेंज पासवर्ड पर क्लिक करते ही आप उस वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे, जिसका पासवर्ड लीक हो चुका है और आप यहां से पासवर्ड बदल भी सकते हैं।




इस वेबसाइड से भी कर सकते हैं चेक





गूगल के अलावा एक और वेबसाइट है जो बताती है कि आपका ईमेल डेटा ब्रीच में शामिल है या नहीं। यानी डेटा ब्रीच में कितनी बार आपकी ईमेल आईडी प्रभावित हुई है। haveibeenpwned.com पर जा कर आपको अपनी ईमेल आईडी एंटर करनी है। यहां आईडी एंटर करते ही आपको ये बताया जाएगा कब कब और किस वेबसाइट से आपकी ईमेल आईडी प्रभावित हुई है। यहां से भी आप जान सकते हैं कि किन डेटा लीक की वजह से आपकी आईडी लीक हुई है और फिर आप इसे सिक्योर कर सकते हैं। इसके लिए स्ट्रॉन्ग पासवर्ड और टू स्टेप वेरिफिकेशन की जरूरत होगी।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.