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मुख्यमंत्री बघेल न्याय योजनाओं के हितग्राहियों को वितरित करेंगे 2029 करोड़ रूपए

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई को दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में आयोजित ‘‘भरोसे के सम्मेलन’’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सम्मेलन में राज्य शासन की तीन न्याय योजनाओं के हितग्राहियों और राजीव युवा मितान क्लबों को कुल 2028.92 करोड़ रूपए की राशि वितरित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल 119 करोड़ 90 लाख 77 हजार रूपए की लागत से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा के बनने वाले शैक्षणिक भवन, संचालनालय भवन, प्रशासनिक भवन, छात्रावास सहित अन्य भवनों का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल भरोसे के सम्मेलन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 24.53 लाख किसानों के खाते में खरीफ वर्ष 2022 के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्रथम किश्त के रूप में 1894.93 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण करेंगे। इस योजना के तहत अब तक पिछले तीन वर्षों में किसानों को 18 हजार 208 करोड़ 10 लाख रूपए की राशि का भुगतान इनपुट सब्सिडी के रूप में किया गया है। इसके साथ ही साथ मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के 5 लाख 63 हजार 576 हितग्राहियों के खाते में वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदाय की जाने वाली प्रथम किश्त की राशि 112.71 करोड़ रूपए का अंतरण करेंगे। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों को दो वर्षों में 476 करोड़ 68 लाख 32 हजार रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। इस योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों को सालाना 7 हजार रूपए की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री बघेल सम्मेलन में गोधन न्याय योजना के तहत 01 मई से 15 मई तक खरीदे गए गोबर के एवज में गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों एवं महिला समूहों के खाते में 13.57 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण करेंगे। गोधन न्याय योजना के तहत योजना के प्रारंभ होने से अब तक 116.19 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। गोबर विक्रेताओं को 228.42 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार स्व-सहायता समूहों को लाभांश राशि के रूप में 75 करोड़ 8 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को भुगतान एवं लाभांश के रूप में 113 करोड़ 63 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। गौठानों में कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों ने विभिन्न आय मूलक गतिविधियों से अब तक 131 करोड़ रूपए की आय अर्जित की है।

मुख्यमंत्री बघेल सम्मेलन में इसके अलावा प्रदेश के 13 जिलों के 3085 राजीव युवा मितान क्लबों को 7 करोड़ 71 लाख 25 हजार रूपए की द्वितीय किश्त की राशि भी वितरित करेंगे। राजीव युवा मितान क्लबों को प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में अब तक 60 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री सम्मेलन में दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम कुर्मीगुण्डरा में दो करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किए गए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण और रीपा अंतर्गत निर्मित फूड रेंज सर्वदा लाईफका शुभारंभ करेंगे। बघेल जन शिकायतों के निराकरण के लिए दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए सारथी एपका लोकार्पण भी करेंगे।

 

किसान महाबइठका के लिए सांकरा में जुटे किसान

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सांकरा। महासमुंद में आयोजित होने वाले किसान महाबइठका को सफल बनाने सांकरा के किसानों ने छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य जागेश्वर जुगनू चन्द्राकर की उपस्थिति में कृषि उपज मंडी सांकरा में बैठक की। उपस्थिति किसानों ने बताया कि दिल्ली सीमाओं पर चले ऐतिहासिक किसान आंदाेलन की दो प्रमुख मांगे थी। पहली मांग किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विराेधी तथा कार्पाेरेट समर्थक कानूनो को निरस्त करना और दूसरी मांग स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी कृषि उपजो के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देना। 



जिससे किसानाें काे बारह माह अपनी फसल का समुचित दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके। केन्द्र की माेदी सरकार, उत्तरप्रदेश और हरियाणा की भाजपा सरकाराें की सक्रिय भागीदारी से थाेपे गये राज्य आतंक के जरिये शुरू से ही आंदाेलन काे बाधित करने की पूरी काेशिश की थी। माेदी सरकार द्वारा राज्य आतंक और गाेदी मिडिया की मदद से गलत सूचना व फर्जी अभियान आंदाेलन के दाैरान जारी रहा। लेकिन साहसी किसानाें की बहादुरी एवं दृढ़ संकल्प के आगे माेदी सरकार के सारे मंसूबे ध्वस्त हाे गये। परन्तु आज भी किसानाें के उपर दमनकारी नीतियाें की तलवार लटकी हुई है। 



कानून वापस लेने के बाद आज तक न्यूनतम समर्थन में ङ्ख सल खरीदी की कानूनी गारंटी बाकी है।केन्द्र एवं राज्य सरकाराें द्वारा मेहनतकश मजदूर किसान और आम जनता काे चुनावी वायदाें में उलझाया गया है उनके द्वारा किये गये वादे आज तक अधूरे हैं किसानाें काे राहत मिलने के बजाय उनके सामने फसल उत्पादन करने से लेकर अपनी फसल का वाजिब दाम पाने के लिए लगातार संकट गहराते जा रहा है।  

खाद, दवाईयाें के दामाें मे बढ़ाेत्तरी ने किसानाें की आर्थिक हालत बद से बदत्तर कर दिया है। ऐसी परिस्थिति में कृषि और किसानाें की वर्तमान हालत और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी जरूरी क्याें है, इस संबंध में व्यापक चर्चा तथा किसानाें की एकजुटता, और आगामी रणनीति के लिए छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ (संयुक्त किसान माेर्चा, दिल्ली) के बैनर तले 21 अक्टूबर 2022, दिन शुक्रवार काे सुबह  10 बजे से शाम 05 बजे तक कृषि उपज मण्डी महासमुन्द में किसान महाबइठका का आयाेजन किया गया है। जिसमें सभी किसान, मजदूर, बुद्धिजीवियाें, आम नागरीकाें काे आमंत्रित किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित हाेकर किसानों की  एकजुटता काे मजबूती प्रदान करें।

 केन्द्र सरकार से  मांगे हैं-

  •  स्वामीनाथन आयाेग की सिफारिशाें के अनुसार सभी फसलों के लागत से डेढ़ गुणा न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हाे।
  •  सभी कृषि उपजाें काे बारह माह न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी की कानूनी गारंटी दाे।
  •  प्रधानमंत्री किसान सम्मान राशि का लाभ सभी किसानाें काे अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाये।
  •   प्रधानमंत्री आवास याेजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहीयाें काे प्रदान किया जाये तथा सभी बकाया किस्त की राशि तत्काल प्रदान की जाये। ताकि अधूरे आवास का निर्माण पूरा किया जा सके तथा याेजना से वंचित गरीब किसान मजदूराें काे आवास हेतु स्वीकृती प्रदान किया जाये।

 राज्य सरकार से मांग हैः-

  •  सहकारी समितियाें के माध्यम से किसानाें का दाना-दाना धान खरीदी किया जाये।
  •  भाजपा सरकार की लंबित 2 साल के धान का बकाया बाेनस प्रदान किया जाये।
  •  चिट फंड कम्पनीयाें से किसान, मजदूर व आमजन काे राशि वापस दिलाया जाये।
  •  छत्तीसगढ़ में किसान आयाेग का गठन किया जाये।
  • ऋणी एवं अऋणी सभी किसानाें काे सहकारी समितियाें में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाये।
  • राईस मिलराें द्वारा खरीदे गये धान का बकाया भुगतान किया जाये।
  •  राजधानी एवं जिला स्तर पर किसान भवन का निर्माण किया जाये।
  • बारदाना समस्या का स्थायी निराकरण के लिए जूट मिल की स्थापना किया जाये।
  •  कृषि उपज मण्डीयाें में साैदा पत्रक काे समाप्त किया जाये तथा साैदा पत्रक के नाम से अब तक हुए भ्रष्टाचार की जांच किया जाये।
  •  कर्ज माफी से वंचित सभी किसानाें का कर्ज माफ किया जाये।
  •  कृषि उपज मण्डी एवं सहकारी समितियाें में आम निर्वाचन द्वारा प्रतिनिधियाें का चुनाव किया जाये। 
  •  जंगली सूअर काे वन्य प्राणी अधिनियम से बाहर किया जाये।

बैठक में मधुसुदन साहू, मोतीलाल भोई, अशोक प्रधान, टिकेश्वर, प्रधानमदनप्रधान, नरोत्तम साहूरशीकप्रधान, अजय साहूब्रजेश खम्हारीकलेशनजगतराम, ललित, धनीरामचुनूलाल, विजय कुमार, मुरलीधर, मोतीलाल पटेल, मनोरंजनहेमसागर, रामलाल, रंजीत, महेंद्रधनेश पटेल, बिरेंद्रउसत, महेंद्र, कुमार बांक, सुखराम,हिरालाल, पुरूषोत्तम, दयानिधि, जगदीशदुबेलाल आदि उपस्थित रहे।

दुनिया भर में बिखर रहे आपकी मेहनत के रंग, उत्पादक से निर्यातक तक लंबी दूरी तय की दीदियों ने

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम सांकरा में स्थित आजीविका केंद्र का निरीक्षण किया। आजीविका केंद्र में विविध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है और यहां के प्रोडक्ट विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री यहां काम कर रही महिलाओं से मिले। महिलाओं ने बताया कि इन्हें हर दिन  200 रुपये का मानदेय तो मिल ही रहा है। इसके साथ ही  लाभांश भी मिल रहा है। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आपकी वजह से रोजगार का इतना अच्छा साधन हमें मिला है और इसके साथ ही अतिरिक्त आय भी लाभांश के माध्यम से प्राप्त हो रही है।

हम इसके लिए आपको धन्यवाद करते है। सांकरा आजीविका केंद्र के प्रबंधकों ने बताया कि अभी हाल ही में इटली में भी हर्बल गुलाल एक्सपोर्ट किया गया है। इटली के शहरों में रन फ़ॉर यूनिटी का चलन है इसमें 5 किलोमीटर की दौड़ होती है और हजारों की भीड़ होती है। हर किलोमीटर में बड़े पैमाने पर हर्बल गुलाल का उपयोग होता है। इस बार 75 टन हर्बल गुलाल का उपयोग कार्यक्रम में किया गया और इसकी सप्लाई सांकरा से हुई। मुख्यमंत्री ने कहा यह बढ़िया काम है इसके अलावा प्रबंधकों ने बताया कि यहां उत्पादित अष्टगंध पूरे भारत में बिकता है और महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों जैसे काशी,पुरी आदि में विशेष रूप से इसकी बिक्री होती है। 


प्रबंधकों ने बताया कि नियमित रूप से यहां से कंसाइनमेंट 20 से 25 टन तक जाता है और मूंदड़ा पोर्ट के माध्यम से इसकी आपूर्ति विदेश में होती है। मुख्यमंत्री ने स्व सहायता समूह की दीदियों से पूछा कि हर्बल गुलाल के लिए फूल कहां से लाती है। इस पर दीदियों ने बताया कि जिले के विभिन्न मंदिरों से हर दिन बड़े पैमाने पर फूल इकट्ठा करते हैं और इससे हर्बल गुलाल बनाते हैं इसके साथ ही पूजा के लिए लकड़ी भी इकट्ठा करते हैं और इनकी ब्रांडिंग कर बेचते हैं। आजीविका केंद्र में चुनरी निर्माण का भी कार्य हो रहा है।

यहां पर देवी के लिए अर्पित करने चुनरी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने आजीविका केंद्र की दीदियों को बधाई देते हुए कहा कि आप लोग तो केवल प्रदेश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी सप्लाई कर रही है। आप लोगों का काम शानदार है। आप सभी को बहुत बधाई। इस दौरान संभागायुक्त महादेव कांवड़े, आईजी बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी डॉ अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।



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