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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया

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रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहाँ उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सुरक्षा बल के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ  माओवादियों के बनाये अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए। इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुझे आज आनंद है कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म होता है, वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, , ग लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जब 31 मार्च, 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में लियोर ओयना’ - नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के  प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होनेवाली है। यह पुस्तक ह्यूमन राईट के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आँखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें एक्सपोज करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

छत्तीसगढ़ में किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सहकारिता के माध्यम से आया बड़ा बदलाव : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अंतर्गत बैंक की शाखा भवन अहिवारा सहित 11 एटीएम तथा गोदामों का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। कार्यक्रम में कुल 2 करोड़ 21 लाख 68 हजार रूपए की राशि के विकास कार्याें का लोकार्पण किया गया। आज 11 एटीएम का लोकार्पण हुआ, इनमें ग्राम अण्डा, बोरसी, अहिवारा, अरमरीकला, अर्जुन्दा, करहीभदर, डौंडीलोहारा, बेलौदी, कुरदी, भांठागांव- आर और जेवरा में एटीएम स्थापित किए गए है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में अब किसानों सहित ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन दिखाई देने लगा है। हमने राज्य में सहकारिता को मजबूती प्रदान करने के लिए लगातार काम किया है। सहकारिता के क्षेत्र की कठिनाईयों को दूर करते हुए इसके माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। यही वजह है कि पिछले चार वर्षाें के दौरान छत्तीसगढ़ के किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सहकारिता के माध्यम से बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था सहित किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य हो रहे है। 

इनमें शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा हमने राज्य में किसानों को ऋण माफ करके तथा बकाया सिंचाई कर माफ करके उनमें नयी ताकत जगाई है। साथ ही किसानों को उनकी उपज की सही कीमत दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना संचालित है। इसके माध्यम से चार किश्तों में प्रोत्साहन राशि दी जाती है। किसानों को उचित समय पर इनपुट सब्सिडी मिलने से खेती-किसानी में उन्हें आसानी हुई है। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी की सीमा में वृद्धि करते हुए अब 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि पूर्व में प्रदेश में 1333 सेवा सहकारी समितियां थी, आज 2058 सहकारी समितियां है। 

किसानों को उनके गांव के नजदीक ही ऋण तथा खाद-बीज मिल सके और धान बेचने की सुविधा बढ़े, इसके लिए शासन द्वारा 725 नयी सहकारी समितियों का गठन किया गया है। किसान अपने गांव के नजदीक ही धान बेच सके, इसके लिए पूरे प्रदेश में नये धान खरीदी केन्द्र खोले गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2617 धान खरीदी केन्द्र संचालित है। इसी तरह प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाएं वर्तमान में 272 से बढ़कर 325 तथा इनके एटीएम की संख्या 29 से बढ़कर 148 हो गई हैं। इसके वजह से प्रदेश में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित हुआ। इसमें किसानों को धान की बिक्री में कोई दिक्कत नहीं हुई। साथ ही इससे किसानों का उत्साह बढ़ा और वे नई ऊर्जा के साथ खेती-किसानी कर रहे हैं।

कार्यक्रम को अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ सहकारिता के विस्तार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इससे किसानों को लेन-देन तथा खेती-किसानी के कार्य में अच्छी सुविधा हो गई है। राज्य में सहकारिता के माध्यम से किसानों को मदद पहुंचाने हर संभव पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता विस्तार के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना अन्य राज्यों में भी होने लगी है। कार्यक्रम को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष राजेन्द्र साहू ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के.एन. कांडे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू कर मध्यप्रदेश रचने जा रहा है नया इतिहास : सीएम चौहान

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू कर मध्यप्रदेश एक नया इतिहास रचने जा रहा है। हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू कर हम अंग्रेजी के बिना काम नहीं चल सकता की मानसिकता को बदलने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 16 अक्टूबर को हिन्दी में मेडिकल की पढा़ई का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की हिन्दी पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। यह गुलाम मानसिकता से मुक्ति का पर्व होगा, जो एक सामाजिक क्रांति है। मुख्यमंत्री चौहान, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में 16 अक्टूबर को लाल परेड ग्राउंड पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। 



निवास कार्यालय पर बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, सामाजिक कार्यकर्ता हितानंद शर्मा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं को पढ़ाई का माध्यम बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। विश्व पटल पर हमारी प्रतिभाएँ अपनी मातृ भाषा से स्थापित हो सकें, इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश में चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी की शिक्षा हिन्दी माध्यम से देने की पहल की गई है।

इससे हिन्दी माध्यम से अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। उनकी नैसर्गिंक प्रतिभा का प्रकटीकरण होगा। मध्यप्रदेश से हो रही यह शुरूआत हमारे लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 16 अक्टूबर को होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए वातावरण निर्माण की गतिविधियाँ 15 अक्टूबर से आरंभ की जाएँ। सभी जिलों में 15 अक्टूबर को हिन्दी प्रेमी सम्मेलन हों, सभी स्कूल, कॉलेजों में हिन्दी में ज्ञान के प्रकाश कार्यक्रम में संगोष्ठियाँ तथा अन्य गतिविधियाँ की जाए। विद्यार्थियों को यह जानकारी दी जाए कि हिन्दी में भी मेडिकल की पढ़ाई संभव है। 

साथ ही 15 अक्टूबर की शाम को भोपाल सहित सभी जिलों के प्रमुख स्थानों पर हिन्दी में ज्ञान के प्रकाश कार्यक्रम में दीपक प्रज्ज्वलित किया जाए। इन गतिविधियों में उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के विद्यालय, श्रमोदय विद्यालय, कृषि महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षा, आयुष एवं चिकित्सा शिक्षा से संबंधित महाविद्यालय, संगीत एवं नाट्य विद्यालय और सभी निजी विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाए। सभी शिक्षण संस्थाओं में 16 अक्टूबर के मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को वर्चुअल जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।

सहकारिता विभाग में 6 उप पंजीयक और सहायक पंजीयक स्थानांतरित

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रायपुर। सहकारिता विभाग में कार्यरत 6 उप पंजीयक और सहायक पंजीयक प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से स्थानांतरित किया गया है। सहकारिता विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार उप पंजीयक राजनांदगांव एन.एल. टंडन को अंबिकापुर



सहायक पंजीयक राजनांदगांव विजय सिंह उइके को कोरिया, अनिल कुमार तिर्की सहायक पंजीयक अंबिकापुर को जशपुर, अनिल कुमार बनज सहायक पंजीयक दुर्ग को राजनांदगांव, सहायक पंजीयक जगदलपुर बी.एल. धु्रव को दंतेवाड़ा और सहायक पंजीयक बिलासपुर डॉ. उषा धु्रव को गरियाबंद पदस्थ किया गया है।

समर्थन मूल्य पर एक नवम्बर से हो धान की खरीदी : राजेन्द्र

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महासमुन्द। भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं किसान नेता राजेंद्र साहू सहित सैकड़ों किसानों ने खरीफ सीजन वर्ष 2022- 23 की धान खरीदी एक नवंबर से  किए जाने की मांग सरकार से की है। किसान नेता राजेंद्र साहू ने बताया कि हरूना किस्म की धान की कटाई अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रारंभ होकर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक हो जाएगी तथा लंबी अवधि वाली धान की कटाई भी 25 अक्टूबर से  प्रारंभ हो जाएगी।



एक नवंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने से किसानों को यह सुविधा मिल जाएगी कि धान खरीदी केंद्रों में एक साथ भीड़ नहीं होगी और किसान अपनी उपज आसानी से विक्रय कर सकेंगे, तथा किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए खलिहानों में रतजगा नहीं करना पड़ेगा। राजेंद्र साहू ने सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए‌ कहां कि धान के मिजाई के पश्चात लंबे समय तक खलिहान या घर में रखे जाने से सूखत आती है जिससे धान के वजन में कमी आती है,जिससे किसानों को अनावश्यक नुकसान होता है। धान खरीदी एक नवंबर से किए जाने बाबत राजेंद्र साहू के अगवानी में झालखमरिया सोसाइटी के अंतर्गत आने वाले किसानों द्वारा हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को शीघ्र ही सौंपा जाएगा।

दोष सिद्धि के मामले में एनआईए ने चौरानवे प्रतिशत से अधिक सफलता हासिल की : शाह

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रायपुर। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने में जरूर सफल होंगे। शाह ने आज अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण-एनआईए के शाखा कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दोष सिद्धि के मामले में एनआईए ने चौरानवे प्रतिशत से अधिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि अब तक अट्ठारह राज्यों में एनआईए के कार्यालय खुल चुके हैं, और अगले साल मई से पहले एनआईए के कार्यालय सभी राज्यों में खोल दिए जाएंगे। 



केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विगत तीन वर्षों में एनआईए ने काफी विस्तार किया है। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से हमारे कई जवान शहीद हुए हैं और जनहानि भी हुई है। लेकिन, आज वामपंथी उग्रवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। इसके लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय बल धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम छत्तीसगढ़ से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने में सफल होंगे। बघेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईए का कार्यालय भवन खुलने से अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

 मोदी एट द रेट ट्वेंटी’’-संगोष्ठी में शरीक

अपने रायपुर प्रवास के दौरान शाह पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में ‘‘मोदी एट द रेट ट्वेंटी’’ किताब को लेकर आयोजित संगोष्ठी में भी शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में सेमीनार को संबोधित करते हुए शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोदी जी के जीवन का मूलमंत्र राष्ट्र प्रथम है। शाह ने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया है। 

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों के मन में लोकतंत्र के प्रति आस्था फिर से जगाई है। शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने देश में गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। वे मेक इन इंडिया कार्यक्रम की मदद से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। 

  नक्सली हिंसा की घटनाओं में आई कमी

वामपंथी उग्रवाद का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों के दौरान नक्सली हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और अब यह देश के सिर्फ कुछ जिलों में ही सिमटकर रह गया है। इस कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने दिया। कार्यक्रम को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता, बुद्धिजीवी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दोष सिद्धि के मामले में एनआईए ने चौरानवे प्रतिशत से अधिक सफलता हासिल की : शाह

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रायपुर। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने में जरूर सफल होंगे। शाह ने आज अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण-एनआईए के शाखा कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दोष सिद्धि के मामले में एनआईए ने चौरानवे प्रतिशत से अधिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि अब तक अट्ठारह राज्यों में एनआईए के कार्यालय खुल चुके हैं और अगले साल मई से पहले एनआईए के कार्यालय सभी राज्यों में खोल दिए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विगत तीन वर्षों में एनआईए ने काफी विस्तार किया है। 


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से हमारे कई जवान शहीद हुए हैं और जनहानि भी हुई है। लेकिन
, आज वामपंथी उग्रवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। इसके लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय बल धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम छत्तीसगढ़ से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने में सफल होंगे। बघेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईए का कार्यालय भवन खुलने से अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

 मोदी एट द रेट ट्वेंटी’’-संगोष्ठी में शरीक

अपने रायपुर प्रवास के दौरान शाह पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में ‘‘मोदी एट द रेट ट्वेंटी’’ किताब को लेकर आयोजित संगोष्ठी में भी शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में सेमीनार को संबोधित करते हुए शाह नेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोदी जी के जीवन का मूलमंत्र राष्ट्र प्रथम है। 

शाह ने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों के मन में लोकतंत्र के प्रति आस्था फिर से जगाई है। शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि  मोदी ने देश में गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। वे मेक इन इंडिया कार्यक्रम की मदद से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। 

 नक्सली हिंसा की घटनाओं में आई कमी

वामपंथी उग्रवाद का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों के दौरान नक्सली हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और अब यह देश के सिर्फ कुछ जिलों में ही सिमटकर रह गया है। इस कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने दिया। कार्यक्रम को पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता, बुद्धिजीवी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मचेवा का पंजीयन मिथ्या जानकारी देकर कराने का आरोप है मनगढ़ंत और बेबुनियाद

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महासमुन्द। पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मचेवा (पं. क्र. 823/2.6.2020) के संबंध में कतिपय विघ्नसंतोषी लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। जो निष्पक्ष जांच से स्पष्ट हो जाएगा। इसकी उच्च स्तरीय जांच के लिए सहकारिता मंत्री और पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में संस्था के अध्यक्ष आनंदराम पत्रकारश्री, उपाध्यक्ष दिनेश पाटकर, जिला सहकारी संघ प्रतिनिधि संजय महंती, पूर्व अध्यक्ष व संचालक सदस्य उत्तरा विदानी



संचालक सदस्यगण विपिन दुबे, जसवंत पवार, मीना बाबूलाल साहू, धर्मीन पोषण कन्नौजे, राखी रत्नेश सोनीअनिता संजय यादव, लोकेश साहू ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि मिथ्या जानकारी देकर संस्था का पंजीयन कराने का आरोप बेबुनियाद है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तथाकथित पत्रकारों द्वारा तथ्यों की गलत व्याख्या करके उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं महासमुन्द को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके खिलाफ संस्था द्वारा कानूनी कार्यवाही की जा रही है। 

पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर और लाभ नहीं मिलने से बौखलाहट में शिकायत करने वाले विघ्नसंतोषी लोग छत्तीसगढ़ के मूल निवासी नहीं हैं। पलायन कर आए हुए लोग छत्तीसगढ़ी लोगों पर हुकूमत करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इसकी जानकारी भी छत्तीसगढ़ी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी गई है। ये वही लोग हैं, जो मुख्यमंत्री का बहिष्कार करने की धमकी देकर जिला प्रशासन पर अनर्गल दबाव बना रहे हैं। 

इस मामले में भी जांच अधिकारी से मिलीभगत करके तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है।संस्था के किसी भी सदस्य ने कोई मिथ्या जानकारी नहीं दी है। कुछ बिंदुओं पर जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से मिलीभगत कर संस्था का समुचित पक्ष जाने बिना, शिकायतकर्ताओं के तथाकथित फर्जी बयान (जो जांच रिपोर्ट में संलग्न ही नहीं है) के आधार पर गलत व्याख्या की है। जिससे समूची जांच कार्यवाही संदेहास्पद है। यह जांच, समिति के 27 सदस्यों वाले पत्रकार परिवार को स्वीकार्य नहीं है।

यह है कानूनी प्रावधान

संस्था की उपविधि 5 (10) में स्पष्ट उल्लेखित है कि " एक परिवार से पति/पत्नी या उसके अव्यस्क पुत्र/पुत्री में से कोई भी एक सदस्य ही संस्था का सदस्य बन सकेगा। पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत परिवार ही सदस्यता के लिए पात्र होंगे।" इसी के आधार पर 33 प्रतिशत महिला सदस्यों की अनिवार्यता की पूर्ति के लिए पत्रकारों की पत्नी को सदस्य बनाया गया है। पंजीयन के पूर्व भरे गए सदस्यता आवेदन पत्र में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। 

प्रारूप क में परिवार का व्यवसाय पत्रकारिता लिखा हुआ है, जिसकी गलत व्याख्या कर विघ्नसंतोषी लोग उपपंजीयक और जनसामान्य को दिग्भ्रमित कर संस्था और प्रतिष्ठित पत्रकार परिवारों को बदनाम करने पर आमादा हैं। ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही के लिए पृथक से न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराई जाएगी।

दबावपूर्वक बनाया मिथ्या जांच रिपोर्ट

आनंदराम पत्रकारश्री, अध्यक्ष


अध्यक्ष आनंदराम पत्रकारश्री ने पुख्ता सूत्रों के हवाले से बताया है कि शिकायत जांच के लिए नियुक्त सहकारिता विस्तार अधिकारी जिला मुख्यालय से नदारद रहते हैं। राजधानी रायपुर से कभी कभार ही महासमुन्द आते हैं। साथ ही महासमुन्द ब्लॉक के अनेक सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारी के प्रभार में हैं। जहां की वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर करने की धमकी देकर कतिपय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तथाकथित पत्रकारों ने मनगढ़ंत जांच प्रतिवेदन जांच अधिकारी से प्रस्तुत कराया है। जिसकी निष्पक्षता सवालों के घेरे में है।

ये हैं ज्वलंत सवाल

1. कार्यक्षेत्र का चिन्हांकन प्रस्तावित भूखण्ड मचेवा को केंद्रित कर किया गया है। अर्थात समिति का कार्यक्षेत्र ग्राम पंचायत मचेवा तक सीमित है। प्रवर्तक सदस्य वहीं के निवासी हों, इसकी बाध्यता नहीं है। यदि ऐसा होता तो तत्कालीन उप पंजीयक पंजीयन ही नहीं कर सकते थे। जैसे त्रिमूर्ति गृह निर्माण सहकारी समिति महासमुन्द का कार्यक्षेत्र महासमुन्द है। तब दूसरे क्षेत्र/ महासमुन्द से बाहर के लोग यहां सदस्य कैसे बने हैं ?

2. कॉलोनी बसने पर प्रवर्तक सदस्य स्वमेव कार्यक्षेत्र के स्वाभाविक निवासी हो जाते हैं। किसी भी गृह निर्माण सहकारी समिति के प्रवर्तक सदस्य उस क्षेत्र के निवासी भला कैसे हो सकते हैं, यह तो अव्यवहारिक उपविधि है ?

3. यदि मिथ्या शिकायत को थोड़ी देर के लिए सही भी मान लिया जाए तो तत्कालीन संगठक और उप पंजीयक क्या निरक्षर थे, जिन्होंने विधि विरूद्ध कथित तौर पर समिति का पंजीयन कर दिया ?

4. यदि थोड़ी देर के लिए यह भी मान लिया जाए कि कथित तौर पर गलत जानकारी दी गई है, जिस पर पत्रकार गृह निर्माण समिति का पंजीयन हुआ। तब भी यह ज्वलंत सवाल है कि जिस अधिकारी ने निर्वाचन संपन्न कराया है, वही अधिकारी कुछ खुरापाती पत्रकारों के दबाव में जांच अधिकारी की हैसियत से पंजीयन में गड़बड़ी बता रहे हैं। तब उन्होंने कथित तौर पर गलत ढंग से पंजीकृत समिति का पंजीयन पश्चात प्रथम निर्वाचन क्या आंखें बंद करके करा दिया ? तब उन्हें नियम का ज्ञान नहीं था ?

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