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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. रमन सिंह को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर सदन में बधाई

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ रमन सिंह को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर आज सदन में बधाई देते हुए कहा कि डॉ. सिंह प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि इनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मुझे लगातार मिलता रहा है। उन्हें संसदीय परंपराओ और विधि विधायी कार्यों का लम्बा अनुभव है।

उनके अनुभवों का लाभ इस सदन को मिलेगा। उन्होंने डॉ.रमन सिंह की सहज, सरल और सौम्य छवि, सबको साथ लेकर चलने की विशेषता का भी उल्लेख किया। इसके पहले प्रोटेम स्पीकर रामविचार नेताम ने उनके सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की सदन में घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने परंपरा के अनुसार उन्हें अध्यक्षीय आसंदी तक पहुंचाया।

राज्यपाल हरिचंदन ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त कर केबिनेट गठन के लिए किया आमंत्रित

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने वर्ष 2023 की छत्तीसगढ़ राज्य नव गठित विधानसभा के अपने नव निर्वाचित विधायकों की सर्वसम्मति से, प्रदेश विधायक दल का नेता विष्णुदेव साय को चयनित किये जाने संबंधित पत्र सौंपा और नई सरकार बनाने के लिए अपना दावा प्रस्तुत किया।

राज्यपाल हरिचंदन ने विष्णुदेव साय को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के संविधान की धारा 164 के तहत विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त करने संबंधित पत्र प्रदान किया और केबिनेट गठन के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल, मनसुख मांडविया, ओम माथुर सहित नवनिर्वाचित विधायक, पदाधिकारीगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

मंत्री ताम्रध्वज साहू के विभागों के लिए 12,915 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित

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रायपुर। लोक निर्माण, गृह, जेल, धार्मिक न्यास, धर्मस्व और पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में प्रस्तुत लगभग 12,915 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित कर दी गई है। अनुदान मांगों पर विधानसभा के 15 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। पारित अनुदान मांगों में लोक निर्माण कार्य विभाग अंतर्गत सड़के और पुल के लिए 3,584 करोड़ 9 लाख 4 हजार रूपए, भवन हेतु 1,549 करोड़ 93 लाख 50 हजार रूपए, विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 836 करोड़ 75 लाख 88 हजार रूपए, पुलिस विभाग के लिए 6401 करोड़ 68 लाख 84 हजार रूपए, गृह विभाग से संबंधित अन्य व्यय के लिए 116 करोड़ 42 लाख 56 हजार रूपए, जेल विभाग के लिए 220 करोड़ 80 लाख 36 हजार रूपए, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 45 करोड़ 08 लाख रूपए और पर्यटन विभाग के लिए 159 करोड़ 40 लाख 50 हजार रूपए शामिल है।

मंत्री साहू ने अनुदान मांगों पर चर्चा में कहा कि प्रदेश के विकास में बेहतर कानून व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान है। खासतौर पर माओवाद प्रभावित क्षेत्र में बिना सुरक्षा के विकास कार्य करना लगभग नामुमकिन है। इसलिए हमने अभी तक 74 कैम्पों की स्थापना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में की है तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार करने तथा बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह विभाग दृढ़ संकल्पित है। बेहतर कानून व्यवस्था, केन्द्र एवं राज्य पुलिस बलों द्वारा संयुक्त कार्यवाही से नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और यह बजट इसी मूलमंत्र पर आधारित है।

पुलिस विभाग की चर्चा में साहू ने कहा कि साइबर अपराधों में लगाम लगाने के लिए प्रदेश के सभी 5 रेंज मुख्यालयों में साइबर थानों की स्थापना की जाएगी। वर्तमान में डायल 112 की सुविधा 11 जिलों में हैं, जिसे बढ़ाकर अब 28 जिलों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिटफंड कंपनियों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है और निवेशकों को राशि लौटाई जा रही है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 209 अनियमित चिटफंड कंपनियों पर कार्यवाही करते हुए निवेशकों को 32 करोड़ रूपए की राशि लौटाई जा चुकी है।

मंत्री साहू ने लोक निर्माण विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई 01 लाख 5 हजार किलोमीटर है। अभी तक 1494 वृहद तथा 8394 मध्यम पुलों का संधारण किया जा चुका है। वर्ष 2022-23 में 2274 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने जानकारी दी की विगत 4 वर्षों में 764 किलोमीटर की नवीन सड़कें, 728 किलोमीटर सिंगल लेन सड़कों को डब्बल लेन तथा 609 किलोमीटर सड़कों को मल्टीलेन किया गया। इस दौरान रेलवे ओव्हर/अंडरब्रिज के 10 कार्य पूर्ण होे चुके हैं तथा 5 कार्य प्रगति पर हैं।

साहू ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी सफलता मिली है। ई-श्रेणी पंजीयन योजना के तहत प्रदेश के 694 बेरोजगारों का पंजीयन कर 337 करोड़ 22 लाख रूपए के कार्य आबंटित किए गए है। मंत्री साहू ने पर्यटन विभाग की चर्चा में कहा कि प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार के द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल-टूरिज्म की शुरूआत की गई है। पर्यटकों को और अधिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश में पर्यटन नीति बनाई गई है तथा 12 मोटल्स को 30 वर्षों के लिए लीज पर दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा भगवान श्रीराम द्वारा छत्तीसगढ़ में बिताए गए स्थलों को चिन्हांकित कर राम-वन-गमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में सीतामढ़ी हरचौका से लेकर चंदखुरी, शिवरीनारायण सहित 9 स्थानों का विकास किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली। मंत्री साहू ने सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अंतर्गत प्रदेश के धार्मिक न्यासों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश स्तर पर संचालनालय एवं संभाग स्तर पर अधीनस्थ कार्यालयों के गठन की कार्यवाही की जा रही है।

राज्य सरकार ने आबादी के आधार पर तय किया आरक्षण- भूपेश बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया। इसमें अनुसूचित जनजाति को बत्तीस प्रतिशत, अनुसूचित जाति को तेरह, अन्य पिछड़ा वर्ग को सत्ताईस और सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आरक्षण विधेयक पर विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में करीब सात घंटे तक चली लंबी चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने आबादी के आधार पर आरक्षण तय किया है।



इसके लिए क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाया गया है। हालांकि विपक्ष ने सदन के पटल पर क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट को नहीं रखने पर आपत्ति दर्ज कराई। विपक्षी विधायकों ने कहा कि सदस्यों को डाटा आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, कि प्रदेश में किस वर्ग की कितनी जनंसख्या है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष दो हजार ग्यारह की जनगणना में अनुसूचित जाति की जनसंख्या बारह प्रतिशत से कुछ अधिक थी, लेकिन सरकार ने तेरह प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है।

यदि आगामी जनगणना में सोलह प्रतिशत जनसंख्या आती है तो सोलह प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति को उनकी जनसंख्या के अनुसार ही आरक्षण देने का प्रावधान है। बघेल ने विपक्ष के ई.डब्ल्यू.एस. का आरक्षण दस प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर कहा कि क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट में ई.डब्ल्यू.एस. की जनसंख्या साढ़े तीन प्रतिशत के करीब आई है, जबकि सरकार ने चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मामले में जिला और संभाग संवर्ग में रोस्टर लागू होगा, जिन स्थानों पर सामान्य वर्ग की जनसंख्या ज्यादा है, वहां संभाग व जिला संवर्ग में ई.डब्ल्यू.एस. को जनसंख्या के अनुपात में अधिकतम दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।

आरक्षण संशोधन विधेयक पर सोमवार को हस्ताक्षर करेंगी राज्यपाल 

राज्यपाल अनुसुईया उइके आरक्षण संशोधन विधेयक पर सोमवार को हस्ताक्षर करेंगी। आज राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सुश्री उइके ने कहा कि उनके विधि सलाहकार अभी छुट्टी पर है। राज्यपाल ने कहा कि विधेयक पेश होने और पारित होने की प्रक्रिया है। विधानसभा में पारित होने के बाद जब कोई विधेयक राजभवन आता है, तब सचिवालय में विधि सलाहकार परीक्षण करते हैं। इसके बाद विधेयक राज्यपाल के पास आता है, तत्काल  विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं होता। 

सुश्री उइके ने कहा कि जब राज्य सरकार के मंत्री मिलने आए थे, तब मैंने उन्हें बता दिया है कि मेरी ओर से भी सकारात्मक सहयोग मिलेगा। गौरतलब है कि कल राज्य सरकार के मंत्री - रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, कवासी लखमा, अमरजीत भगत और डॉक्टर शिवकुमार डहरिया ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें विधानसभा द्वारा पारित आरक्षण संशोधन विधेयक आगामी कार्यवाही हेतु सौंपा था।

राज्य सरकार ने बहुमत का किया दुरूपयोग - चंदेल

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने बहुमत का दुरूपयोग करते हुए आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कराया है। उन्होंने ई.डब्ल्यू.एस. को दस प्रतिशत की जगह चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर आपत्ति जताई है।आज रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में भाजपा ने संशोधन प्रस्ताव लाया था, जिसमें अनसूचित जनजाति को बत्तीस, अनुसूचित जाति को सोलह,

ओबीसी को सत्ताईस और सामान्य वर्ग के गरीब ई.डब्ल्यू.एस. को दस प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने उसे खारिज कर दिया। चंदेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कराया है। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि राज्य सरकार ने आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित करवा कर आरक्षित वर्गों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखाया है।


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