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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सैकड़ो महिलाएं हुई सम्मानित, आयोजन की हुई सराहना

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आरंग। शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन व समस्त ग्रामवासी भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में मातृशक्ति सम्मान 2025 का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास के ग्राम सहित ग्राम के सैकड़ो महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर सीआरपीएफ कैंप भिलाई के महिला सैनिकों की वर्दी में उपस्थिति सबके लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

ग्राम के समाजसेवी पारस साहू ने बताया पहली बार इस आयोजन में करीब 500 घरों के मातृ-शक्तियों को घर घर पहुंचकर आमंत्रित किया गया था। जिससे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका भरपूर मनोरंजन कराया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल रहे। उन्होंने मुख्य अतिथि के आसंदी से ग्राम वासियों व पीपला फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार के आयोजन से निश्चित रूप से मातृशक्तियो का मनोबल बढ़ता है। एक दूसरे को देखकर मातृ-शक्तियों में कुछ बेहतर करने की प्रेरणा जागृत होती है।

वहीं विशेष अतिथि के रूप में डाक्टर विजय लक्ष्मी अनंत खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आरंग, पुराविद डाक्टर शुभ्रा रजक तिवारी, सीआरपीएफ कैंप भिलाई से डॉ इंदु वशिष्ठ, रायपुर से कवयित्री अरुणा चौहान, रायपुर से समाज सेविका अनुपमा त्रिपाठी, आरंग से अधिवक्ता रीति शर्मा सोनपीपरे, रायपुर से सीए भूमिका साहू, भिलाई से प्रधान पाठिका डार्थी तांडी, शिक्षिका तृप्ति शर्मा, चरौदा से महिला नेत्री शकुन चंद्राकर, चंदखुरी से पंडवानी गायिका प्रभा यादव, आरंग से छत्तीसगढ़ी फिल्म एक्ट्रेस रिचा शर्मा, दुर्ग से फिल्म ऐक्ट्रेस गीतांजलि निषाद

आरंग से गायिका जया देवांगन, रानी पद्मावती महिला संगठन आरंग से हेमलता पटेल, शैलेन्द्री धुरंधर, सावित्री जलक्षत्री, भिलाई से कृषक टीमन देवी साहू भिलाई रही।सभी ने अपने अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित उद्बोधन देते हुए आयोजन की सराहना किए।वहीं कवयित्री अरूणा ने कविता,प्रभा ने पंडवानी,जया ने गीत तथा ऋचा व गीतांजलि ने नृत्य कर लोगों का दिल जीत लिया।सभी मातृ-शक्तियों को आयोजको द्वारा तिलक, चंदन, फूल माला,आकर्षक वुमेन पट्टी व फूलो का ताज, श्रीफल,

अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र, भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्र में कार्य कर विशेषज्ञता हासिल किए हुए मातृशक्तियों को एक मंच में पाकर सभी महिलाएं काफी प्रफुल्लित व उत्साहित नजर आई।सभी अतिथियों व ग्रामीणों ने आयोजन व पीपला फाउंडेशन की पहल की उन्मुक्त कंठ से सराहना किए।आभार प्रदर्शन ग्राम के वरिष्ठ नागरिक गिरधारी साहू ने किया। कार्यक्रम के आयोजन व व्यवस्थापन में प्रमुख योगदान समाजसेवी पारससाहू, महेन्द्र कुमार पटेल,उमेश यादव, कुमारी जितेश्वरी,किरण साहू का विशेष योगदान रहा।

वहीं आयोजन में विशेष सहयोग आरंग के समाजसेवी सुनील नेभवानी, शिक्षिका द्वय डार्थी तांडी, प्रभा जलक्षत्री, पीपला फाउंडेशन अध्यक्ष दूजेराम धीवर, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सक्रिय सदस्य रमेश देवांगन व प्रतीक टोंड्रे का रहा। कार्यक्रम का क्रमिक संचालन महेन्द्र कुमार पटेल,अशोक साहू व गोवर्धन प्रसाद साहू का रहा।इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, आसपास के ग्राम की मीतानीनों महिला संगठन की महिलाओं व ग्रामीणों की उपस्थिति रही।


कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को किया सम्मानित

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा जिला की उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकताओं एवं सहायिकाओं को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। 

इस दौरान शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकताओं एवं सहायिकाओं के प्रति आभार प्रकट करने और उनके योगदान की सराहना करने कार्यक्रम में उपस्थित सभी आंगनबाड़ी कार्यकताओं एवं सहायिकाओं का पुष्प एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया।


केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में जशपुर में माटी के वीर पदयात्रा का भव्य आयोजन

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रायपुर। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में आज जशपुर नगर में माटी के वीर पदयात्रा आयोजित हुई। जशपुर के बालाछापर से शुरू हुई यह पदयात्रा लगभग सात किलोमीटर तक की थी, जो कि विभिन्न चौक, चौराहों एवं मार्गाें से होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंची। इसका उद्देश्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जनजातीय समुदायों की विरासत और देश के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देश-दुनिया को बताना और सम्मानित करना है। 

माटी के वीर पदयात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था। पदयात्रा में शामिल लोगों के स्वागत-सम्मान में जगह-जगह सुन्दर रंगोलियां और कलाकृतियां बनाई गई थी। गम्हरिया चौक पर जनजातीय समुदायों के प्राची अस्त्र-शस्त्र एवं वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। कार्यक्रम स्थल एवं पदयात्रा के दौरान आदिवासी नर्तक दलों द्वारा गीत और नृत्य का प्रदर्शन किया गया।

इस पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद राधेश्याम राठिया एवं चिंतामणी महराज, विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत, राम कुमार टोप्पो, सुशांत शुक्ला, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्बदा सिंह जूदेव सहित प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, रणविजय सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में युवा और नागरिकगण शामिल हुए।

जशपुर नगर के बालाछापर से निकली पदयात्रा विभिन्न मार्गाें और चौक चाराहों से होते हुए शहर के हृदय स्थल रणजीता स्टेडियम पहुंची। पूरे जशपुर नगर में इस पदयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। पदयात्रा में शामिल लोगों पर पुष्प वर्षा की गई। पदयात्रा में बस्तर के किलेपाल से आए जनजातीय नर्तक दल के कलाकारों ने ककसार नृत्य प्रस्तुत किया गया। पदयात्रा का विभिन्न समाज और संगठनों के लोगों ने भी जगह-जगह पदयात्रियों का स्वागत-सम्मान किया। पदयात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित माई भारत से जुड़े 10 हजार से अधिक वॉलेंटियर शामिल हुए।

राज्योत्सव-2024 में विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम हुए घोषित

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रायपुर।  राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन 06 नवंबर को किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा 06 नवंबर को 36 विभूतियों को छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल रमेन डेका समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 

अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन समारोह पर छत्तीसगढ़ की विभिन्न विभूतियों को उनकी उपलब्धियों एवं राज्य के विकास में योगदान के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार बुटलू राम माथरा को दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, ख्ेाल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान विकास कुमार को दिया जाएगा। 

इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान श्रीमती पार्वती ढ़ीढ़ी, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान उमेश कच्छप, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान पंडीराम मंडावी को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से शिवकुमार चंद्रवंशी और खेमराज पटेल को प्रदान किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार विनोद दास को प्रदान किया जाएगा। 

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान सोनऊ राम नेताम को प्रदान किया जाएगा। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, शोभा सिंह एवं ललित कुमार नायक को प्रदान किया जाएगा। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से पन्नालाल देवांगन और बहोरी लाल देवांगन को प्रदाय किया जाएगा। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से सत्यनारायण देवांगन एवं अरूण मेहर को दिया जाएगा।

संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण सतीश जैन को प्रदान किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया जाएगा। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से सुरेन्द्र तिवारी और प्रकाश चंद्र पंत को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को प्रदान किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में मोहन तिवारी, जनसपंर्क विभाग द्वारा पिं्रट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार मुकेश एस. सिंह, जनसंपर्क विभाग द्वारा ही रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान अतुल जैन को प्रदान किया जाएगा।

राज्योत्सव-2024 में विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम हुए घोषित- पीडीएफ

 

विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित करें शिक्षक : राज्यपाल रमेन डेका

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन गरिमामयी समारोह में वर्ष 2023-24 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। राज्यपाल डेका ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित और पूरा करने प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा देना सुनिश्चित करें।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. श्रीमती सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाओ के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा है, जिसका परिणाम भी अच्छा होगा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यांे का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है।

डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिए हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग, उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिए बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून, समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए सलाम करता हूं।

राज्यपाल डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। साय ने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया, आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुए। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुए।

शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान, संस्कारपूर्ण शिक्षा, जीवन जीने की कला, कौशल, उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिए ही संभव है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जरूरत को समझा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लेकर आए। इस नीति के माध्यम से हमारी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की संभावना तैयार हुई है, जिसमें लोकल से वोकल तक के ज्ञान, सीख व समझ का समावेश किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिए किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें, तो उनके लिए बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में पीएम योजना के अंतर्गत 211 स्कूलों का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा 52 स्कूलों की और स्वीकृति मिल गई है। यहाँ गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने 13 नगरीय निकायों में नालंदा की तरह हाइटेक लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूलों में न्योता भोज की भी पहल की है, इससे सामुदायिक सहयोग से स्कूलों में बच्चों को रूचिकर पोषण आहार मिल रहा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन का वाचन किया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय को स्मृति चिन्ह स्वरूप पुस्तक भेंट की।

कार्यक्रम में आयुक्त जनसंपर्क मयंक श्रीवास्तव, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा, राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पत्रकारगण उपस्थित थे।


उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘स्पार्क’ पुरस्कार विजेता नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को किया सम्मानित

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारत सरकार द्वारा स्पार्कपुरस्कारों से नवाजे गए नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव से नई दिल्ली से पुरस्कार प्राप्त कर लौटने के बाद ये अधिकारी और लाभार्थी सौजन्य मुलाकात के लिए आए थे। साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत सभी नगरीय निकायों, वहां के अधिकारियों और लाभार्थियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है। इन पांच में से तीन पुरस्कार हमारे नगरीय निकायों को पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए मिला है। वहीं एक पुरस्कार पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहने के लिए मिला है। दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार मिला है। राज्य को ये सभी पुरस्कार शहरी गरीबों के सपनों को पूरा करने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि के माध्यम से लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उनका जीवन आसान और खुशहाल हो रहा है। वे सशक्त हो रहे हैं। आप लोगों की मेहनत से शहरी गरीबों के जीवन में बदलाव आ रहा है। मैं इसके लिए आपकी सराहना करता हूं।

उप मुख्यमंत्री साव ने अपने निवास में मौजूद सूडा, बिलासपुर और रायगढ़ नगर निगम तथा भाटापारा और चांपा नगर पालिका के अधिकारियों से कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का साकार करने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की कल्पना को ऐसे ही उत्कृष्ट कार्यों से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान, सुविधापूर्ण और खुशहाल बनाने का काम करेंगे। हमें इन योजनाओं को लक्षित लोगों तक योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

उप मुख्यमंत्री साव ने नई दिल्ली में विगत 18 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में भागीदारी के लिए राज्य शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के कुशाल राम साहू को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की श्रीमती मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की श्रीमती चित्ररेखा साहू, श्रीमती प्रियंका लोकवाणी, श्रीमती रागिनी टोण्डे, श्रीमती त्रिवेणी लहरे, श्रीमती सुनीता देवांगन, श्रीमती सुनीता यादव, श्रीमती सरस्वती झा और श्रीमती कंचन त्रिवेदी को भी सम्मानित किया।
               

उप मुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अधिकारियों, स्वसहायता समूहों और लाभार्थियों के सम्मान के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मिशन संचालक शशांक पाण्डेय, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार, भाटापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी लाल अजय बहादुर सिंह, चांपा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी और भोला सिंह ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, परियोजना अधिकारी श्रीमती जागृति साहू, राज्य मिशन प्रबंधक विवेक शुक्ला,  प्रशांत अमोली, पी. घोष, सी.एल. पाठक, सिटी मिशन प्रबंधक सुश्री एकता शर्मा, कोमल, रीमा, सरिता, सुषमा सीमा, रानु, माया, नाज पदमावती, नीरज साहू और संत कुमार महतो ने भी अपनी सहभागिता दी।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने इन नगरीय निकायों को किया है पुरस्कृत

दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित स्पार्क 2023-24’ पुरस्कारों के अंतर्गत दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तीन लाख तक जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ नगर निगम को और एक लाख तक जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा नगर पालिका को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। चांपा नगर पालिका को 50 हजार तक जनसंख्या श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला।  राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में श्रेष्ठ कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू ने विगत 18 जुलाई को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए थे।

राज्यपाल ने उत्कृष्ट सेवा करने वाले पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को किया गया सम्मानित

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रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक, सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक तथा गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा सेवा पदक से सम्मानित किया।

राज्यपाल ने जिन अधिकारी-कर्मचारियों को पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया उनमें जिला राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, जिला कांकेर के निरीक्षक लक्ष्मण केवट, जिला बिलासपुर के उप निरीक्षक पिल्लुराम मंडावी, जिला कांकेर के उप निरीक्षक जोगीराम पोड़ियाम, जिला बीजापुर के उप निरीक्षक हिड़मा पोड़ियाम, सहायक उप निरीक्षक प्रमोद कुड़ियाम, सहायक उप निरीक्षक बलराम कश्यप, सहायक उप निरीक्षक लच्छिन्दर कुरूद, उप निरीक्षक सुरेश जव्वा, प्रधान आरक्षक बीजूराम मज्जी, आरक्षक स्व. बुधराम हपका, प्रधान आरक्षक सुशील जेट्ठी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण मरपल्ली, प्रधान आरक्षक बड़दी धरमैया, प्रधान आरक्षक लीलाम्बर भोई, प्रधान आरक्षक अजय कुमार बघेल, आरक्षक मंगलू कुड़ियाम, आरक्षक छत्रपाल साहू, आरक्षक मंगलू कोवासी, आरक्षक मुकेश कलमू, आरक्षक रमेश पेरे

जिला जशपुर के उप पुलिस अधीक्षक शेरबहादुर सिंह ठाकुर, जिला बस्तर के उप निरीक्षक अरूण कुमार मरकाम, जिला कोरबा के सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार मिश्रा को प्रदान किया गया। आरक्षक स्व. बुधराम हपका का पुलिस वीरता पदक उनकी पत्नी ने प्राप्त किया। इसी तरह विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक जिला दंतेवाड़ा रेन्ज के उप पुलिस  महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप को प्रदान किया गया। सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक श्रीमती नेहा चंपावत पुलिस महानिरीक्षक, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, नई दिल्ली, सुरजन राम भगत सेनानी, 22 वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला-कांकेर, श्रीमती भावना पाण्डेय जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा भिलाई, उप निरीक्षक गनपत प्रसाद पाण्डेय जिला गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही, कंपनी कमांण्डर तेलेस्फोर मिंज 2री वाहिनी छत्तीसगढ़ बल सकरी-बिलासपुर, सहायक सेनानी राजेश कुमार शर्मा 9वी वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला दंतेवाड़ा

प्लाटून कमांडर थाक बहादुर सोनी प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ बल भिलाई, प्रधान आरक्षक वेद कुमार मंडावी यातायात कार्यालय जिला कांकेर, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह यातायात बिलासपुर, उप सेनानी प्रकाश टोप्पो 15वी वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला बीजापुर को प्रदान किया गया। इसी तरह गृह व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक संभागीय सेनानी नगर सेना रायपुर संभाग श्रीमती अनिमा एस. कुजूर, कंपनी क्वार्टर मास्टर नगर सेना धमतरी मदनलाल एवं नगर सेना कोरबा के सैनिक चन्द्रिका सिंह कंवर को प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति द्वारा स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा आज 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल ब्रम्हपारा अम्बिकापुर के प्राचार्य डॉ. पाण्डेय को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया। राष्ट्रपति द्वारा समारोह में 75 चयनित शिक्षकों को वर्ष 2023 के राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किए गए। सरगुजा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर यह पुरस्कार प्राप्त हुआ।

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्राचार्य डॉ. बृजेश पाण्डेय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या भी दिनों-दिन बढ़ रही है और अभिभावकों में इन स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ा है। जिसका परिणाम इन स्कूलों में निर्धारित सीट से कई गुना बच्चे प्रवेश पाने के लिए आ रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित डॉ. बृजेश पाण्डेय ने विज्ञान के प्रति अभिरूचि जगाने के साथ बाल वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनके दिशा-निर्देशन में कई बाल वैज्ञानिकों का मॉडल राष्ट्रीय स्तर में प्रदर्शित हो चुका है। डॉ. पाण्डेय वर्ष 2018 में राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके है। प्राथमिक शिक्षा के बच्चों के लिए एक्टिविटी बुक के निर्धारण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उप मुख्यमंत्री सिंहदेव ने सरगुजा के कोरोना वारियर्स को किया सम्मानित

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रायपुर। उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में लड़े हैं जीते हैंकार्यक्रम में सरगुजा के लगभग एक हजार से अधिक कोरोना वारियर्स को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ ने कोविड काल में बेहद सक्रीयता से काम किया, हमें अपने स्टाफ पर गर्व है। उन्होंने इस मौके पर कोरोना वारियर्स के योगदान पर आधारित थीम गीत को लॉन्च किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा किया गया।


उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि कोविड बीमारी के प्रबंधन में समूचे छत्तीसगढ में चिकित्सा क्षेत्र के आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है। सैकडों आई.सी.यू. बेड तैयार हुए हैं। सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए हैं। कोविड के दौरान चेस्ट स्केन की सुविधा स्थापित करने के लिये सभी जिला चिकित्सालयों में सिटी स्केन मशीन लगाया गया, जो आज दूसरी व्याधियों के लिये उपयोग में आ रहा है। कोविडकाल में पूरे देश में मात्र पुणे में कोविड का वॉयरोलॉजी लैब था। आज अकेले छत्तीसगढ़ में ऐसे लैब की संख्या 14 से अधिक है।

सिंहदेव ने कहा कि कोरोना संकट को स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही भांप लिया था। छत्तीसगढ़ में जब 18 मार्च 2020 को कोविड का पहला केस आया था उसके तीन चार माह पूर्व ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बीमारी से निपटने के लिये एक आधारभूत चिकित्सीय ढांचे का निर्माण कर लिया था। सभी जिला अस्पतालों में भी तेजी से कोविड चिकित्सा इकाईयों का गठन किया गया। कार्यक्रम को जिला रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में सम्मानित किए गए कोरोना वरियर्स में मितानिनें, मरीज़ों की सेवा करने वाले निजी अस्पताल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मीडिया कर्मी, नर्स, आरएचओ, पुलिस कर्मियों, लैब टेक्नीशियन, कंटेनमेंट ज़ोन की पहचान और दवा का किट वितरण करने वाले लोग के साथ ही ऑक्सीजन की आपूर्ति में योगदान देने वाले एनजीओ शामिल हैं। पैनल डिस्कशन और जन संवाद कार्यक्रम के दौरान शहर के गणमान्य नागरिकों ने कोरोना काल में अपना अनुभव साझा किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को कोरोना वारियर्स के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत कोरोना वारियर्स को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर सीजीएमएससी अध्यक्ष एवं लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

कभी हार न मानते हुए लक्ष्य को करें पूरा : मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। आत्मविश्वास मानसिक और शारीरिक दोनों रूपों में होती है। शारीरिक रूप से कमजोर होने से मनुष्य परेशान होता है और मानसिक रूप कमजोर होने से उसके आगे बढ़ने का हौसला टूट जाता है। दोनों ही क्षमता को प्रभावित करते है, लेकिन हमें अपने प्रयासों में कमी नहीं करनी चाहिए और हार नहीं माननी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम बस्तर में निजी टी.व्ही. चैनल द्वारा आयोजित पंख- खेल उपलब्धि पुरस्कारकार्यक्रम में युवाओं को सम्बोधित कर उनका हौसला आफजाई किया। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जो लक्ष्य तय किया है, उसे पाने के लिए रास्ता तय करना पड़ेगा। हमें विचलित नहीं होना है, बल्कि एक लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत करते हुए आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें युवाओं के नजरिए और उनके पक्ष को समझना होगा। बच्चों और पालकों में मधुर संबंध होने चाहिए, बात होनी चाहिए, दोनों को एक-दूसरे की बात मनानी चाहिए।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि युवा मन की चंचलता और कैरियर को लेकर उधेड़बुन के दिनों में हमें उनके साथ खड़े होने और अवसर देने की आवश्यकता है। प्रदेश की युवा ऊर्जा का सद्उपयोग कर उन्हें संस्कृति, खेलकूद, तीज-त्यौहार, से जोड़ने के लिए राजीव युवा मितान क्लब के गठन पर भी मुख्यमंत्री ने अपने विचार व्यक्त किए। इससे प्रदेश सहित वहां पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल का निर्माण हो रहा है। इस अवसर पर सांसद दीपक बैज, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ को मिला पृथ्वी अवॉर्ड्स 2023 : महिला स्व-सहायता समूहों और छत्तीसगढ़ वनोपज संघ को मिला ईएसजी के क्षेत्र में सम्मान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को वैश्विक स्तर पर ईएसजी यानी पर्यावरण, सामाजिक कल्याण और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सरकारी श्रेणी अंतर्गत पृथ्वी अवॉर्ड्स 2023 से नवाजा गया। यह पुरस्कार भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल द्वारा प्रदान किया गया। इस दौरान प्रदेश में ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एनजीओ-स्वयंसेवक श्रेणी में राज्य के दो स्व-सहायता समूह को भी सम्मानित किया गया। कवर्धा जिले से जुनवानी गांव के जय बुढ़ा देव स्व-सहायता समूह और बस्तर जिले के आसना गाँव के वर्षा स्व-सहायता समूह को सम्मानित किया गया।
                 

नई दिल्ली में 14 और 15 जुलाई को आयोजित ईएसजी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में पृथ्वी अवॉर्ड्स ईएसजी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया है, जो भारत में ईएसजी अनुपालन के लिए एक सराहनीय पहल है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ लगातार आदिवासी ग्रामीण अंचलों में वनोपज के माध्यम से रोजगार मूलक गतिविधियां कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। करीब 100 से अधिक वन उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल्स का ब्रांड नाम दिया गया। वन-धन केंद्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के वनांचलों से निकले जैविक शुद्धता वाले तमाम प्रोडक्ट्स के रूप में घरों तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं वनोपज आधारित आर्थिक विकास का मॉडल बनाने में लगातार शासन-प्रशासन के साथ आगे आ रही हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया बनी बस्तर की इमली

बस्तर के एक छोटे से गांव आसना के वर्षा स्व-सहायता समूह ने अथक प्रयासों से अपने क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी प्रभावित किया और सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर रहीं कुल 10 महिला स्व-सहायता समूहों के साथ 104 सदस्यों की एक इकाई वन धन योजना अंतर्गत कार्यरत है।
                  

इमली की प्राथमिक प्रसंस्करण गतिविधि से स्थानीय आबादी को 23 लाख रुपये से अधिक आय प्राप्त हुई है। वर्षा एसएचजी की गतिविधि से 3000 से अधिक स्थानीय वनवासी लाभान्वित हुए हैं। स्थानीय लोगों से 4,500 क्विंटल इमली की खरीद से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में 1.54 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है और इसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों की वित्तीय और सामाजिक स्थिति में वृद्धि हुई।

कवर्धा के जय बुढ़ा देव स्व-सहायता समूह ने मोटे अनाज को दी नई पहचान

जयबुढ़ा देव स्व-सहायता समूह 10 समूहों के अंतर्गत 244 सदस्यों की इकाई है, जो मोटे अनाज यानि अन्न के उत्पादन और प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए कार्यरत है। बीते साल जय बुढ़ा स्व-सहायता समूह ने 30 से 33 रूपए प्रति किलो की दर से करीब 8187 क्विंटल मोटे अनाज की खरीदी की और प्रसंस्कृत किया। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय किसानों को 2.45 करोड़ रुपये का वित्तीय पारिश्रमिक प्राप्त हुआ।

वनांचलों में ग्रामीण आजीविका का तेजी से विस्तार कर रहा छत्तीसगढ़ हर्बल्स

प्रदेश के वनांचलों में ग्रामीण विकास और उत्थान के लिए कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ अंतर्गत छत्तीसगढ़ हर्बल्स के प्रोडक्ट्स स्थानीय संजीवनी स्टोर, सी-मार्ट और ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर भी उपलब्ध हैं। यहां न केवल सर्वश्रेष्ठ हर्बल, आयुर्वेदिक और पर्सनल केयर के प्रोड्क्ट्स बनाए जा रहे हैं, बल्कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और आदिवासी परिवारों को सशक्त बनाना है। इससे न सिर्फ वनोपजों को नई पहचान मिली है, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ आदिवासी महिलाओं और उनके परिवारों के स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहा है।

पर्यावरण सहेजने अनेक योजनाएं संचालित

नरवा कार्यक्रम अंतर्गत अब तक वनांचलों के 6395 नालों को पुनर्जीवित कर 22 लाख 92 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया जा चुका है। इससे नालों के आसपास के क्षेत्र में भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है। निस्तार और सिंचाई के लिए जल की उपलब्धि बढ़ी है। जमीन में नमी भी बढ़ी है। छत्तीसगढ़ के वनांचलों में वनोपज आधारित आर्थिक विकास का गति देने के सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में 65 प्रकार के वनोत्पादों की समर्थन मूल्य पर खरीदी कर उनका वैल्यूएडिशन एवं प्रोसेसिंग का कार्य किया जा रहा है।

जिससे वनांचल में रहने वाले लोगों को रोजगार मिल रहा है और उनकी आमदनी भी सुनिश्चित हो रही है। इसके अलावा प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत फलदार वृक्षों को प्रोत्साहन मिल रहा है तथा वनावरण में भी वृद्धि हो रही है। इस योजना में लगभग 36 हजार एकड़ में प्लांटेशन करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में किसानों द्वारा विशेष रूचि दिखाई जा रही है। राज्य में योजनांतर्गत अब तक 20 हजार से अधिक कृषकों का पंजीयन हो चुका है, परन्तु 23 हजार से अधिक हितग्राहियों द्वारा लगभग 36 हजार एकड़ निजी भूमि में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत वृक्षारोपण के लिए सहमति दी गई है।

पिछले साढ़े चार वर्षों में 838 स्टार्ट-अप इकाईयां हुई पंजीकृत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू नवीन औद्योगिक नीति (2019-24) में स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है की पिछले साढ़े चार वर्षों में 838 स्टार्ट-अप इकाईयां पंजीकृत हुई हैं। नवीन औद्योगिक नीति में पहली बार इनक्यूबेटर्स की स्थापना एवं संचालन के लिए अनुदान का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा लागू नीतियों एवं इनके उचित क्रियान्यवन से राज्य की स्टार्ट-अप इकाईयां देश में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुई है। 

जून 2022 में बेंगलुरू में आयोजित ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन द्वारा आयोजित इंडिया फर्स्ट टेक स्टार्ट-अप कॉनक्लेव में राज्य के स्टार्ट-अप को चार श्रेणियों में बेस्ट स्टार्ट-अप का आवार्ड मिला है। इसी तरह जुलाई 2022 में भारत सरकार द्वारा घोषित स्टेट्स स्टार्ट-अप रैकिंग 2021 में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के विकास के लिए राज्य को एस्पायरिंग लीडर के रूप में सम्मानित किया गया। राज्य में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप इकाईयों की संख्या वर्तमान में 1012 हैं, जिसमें से 838 स्टार्ट-अप इकाईयां पिछले साढे़ चार वर्षाें में पंजीकृत हुई है।

स्टार्ट-अप प्रोत्साहन के तहत दी गई है विभिन रियायतें, छूट एवं अनुदान

स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए इनक्यूबेटर्स की स्थापना हेतु किए गए व्यय का 40 प्रतिशत, अधिकतम 50 लाख रूपये और संचालन करने पर 3 वर्षाें के लिए अधिकतम 3 लाख प्रतिवर्ष का संचालन अनुदान इत्यादि दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिए ब्याज अनुदान में अधिकतम 70 प्रतिशत, 55 लाख रूपये की सीमा तक, अधिकतम 11 वर्षों के लिए दिया जा रहा है। स्थायी पूंजी निवेश में अनुदान अधिकतम 55 प्रतिशत है, इसकी अधिकतम सीमा 24 लाख रूपए है। नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से अधिकतम 15 वर्षो तक स्थायी पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत तक छूट दी गई है। विद्युत शुल्क से छूट वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से अधिकतम 10 वर्षों तक पूर्ण छूट का लाभ दिया गया है। भूमि के क्रय या लीज पर स्टाम्प शुल्क से पूर्ण छूट दिया गया है।

किराया अनुदान में भुगतान किये गये मासिक किराये का 40 प्रतिशत, प्रतिमाह अधिकतम राशि 8000 रूपये की प्रतिपूर्ति दी जा रही है। परियोजना प्रतिवेदन अनुदान के तहत मान्य स्थायी पूंजी निवेश का एक प्रतिशत, अधिकतम राशि 2.50 लाख रूपये तक की सीमा निर्धारित की गई है। गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान के अंतर्गत 50 प्रतिशत अधिकतम राशि 5 लाख रूपए तक निर्धारित है। तकनीकी पेटेंट अनुदान के तहत किये गये व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि 10 लाख रूपये है।

प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान के अंतर्गत किये गये व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि 10 लाख रूपये की सीमा निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय, अंतर्रार्ष्ट्रीय योजना में भाग लेने हेतु अनुदान- राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार एवं वर्कशॉप में भाग लेने पर 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति अधिकतम एक लाख प्रतिवर्ष की सीमा तक किया जा सकता है। उद्योग विभाग, सीएसआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्रों एवं औद्योगिक पार्कों में भूमि आबंटन पर भू-प्रब्याजी में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है।

सीएचसी बागबाहरा को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता का प्रमाण-पत्र

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महासमुंद। राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से महासमुंद जिले को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। जिले के बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक पुरस्कार दिया गया है। इस खास उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाएं छा गई है। यह प्रमाण पत्र उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिया गया है।
                         

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा ने विभिन्न मानकों में 100 में 85 अंक प्राप्त किए। बता दें कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों एनक्यूएएस) कार्यक्रम की शुरू की गई है। ताकि, बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को पहचानने के साथ-साथ समुदाय के सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता में सुधार हो सकें। एनक्यूएएस वर्तमान में जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और शहरी पीएचसी के लिए उपलब्ध है। मानक मुख्य रूप से प्रदाताओं के लिए पूर्व परिभाषित मानकों के माध्यम से सुधार के लिए अपनी गुणवत्ता का आंकलन करने और प्रमाणन के लिए अपनी सुविधाओं को लाने के लिए हैं। इनमें उपलब्ध सेवाएं इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।

मूल्यांकन में आठ सेवा शामिल

राष्ट्रीय गुणवत्ता निर्धारण मानक कार्यक्रम अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन 22 एवं 23 मई को किया गया। नौ विभाग बाह्य रोगी विभाग, अंतः रोगी विभाग, प्रसव कक्ष, लेबोरेटरी, बीएसय ओटी, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रत्येक विभाग को विषय सेवा मरीजों के अधिकार, मरीजों के अधिकार, इनपुट सपोर्ट सर्विसेज, क्लिनिकल सर्विसेस संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम शामिल है।

दूसरी बार मिला प्रमाण-पत्र

सीएमएचओ डॉ. पी कुदेशिया ने बताया कि सीएचसी बागबाहरा के पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोमाखान को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र मिल चुका है। कलेक्टर एवं उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं सीएमओ बीएस बढ़ाई, बीपीएम हेमकुमार सोनकर के अलावा बागबाहरा में कार्यरत सभी स्टॉफ के योगदान का परिणाम है। आने वाले वर्षों में जिले से अन्य अस्पतालों को भी यह प्रमाण-पत्र मिल सके, इसके लिए हर समय सुविधाएं विकसित की जा रही है।

कलेक्टर प्रभात मलिक ने भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मिली राष्ट्रीय सराहना के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि सभी व्यक्ति को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। अस्पतालों में साफ सफाई के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा देना हमारी प्राथमिकता में है।

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