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कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना - राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह 21 दिसंबर को

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 21 दिसंबर को शाम 6 बजे पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में काया कल्प स्वच्छ अस्पताल योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समारोह में लोक सभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले की प्रभारी मंत्री केदार कश्यप सहित विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब एवं इंद्रकुमार साहू उपस्थित रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के बोरई में स्वर्गीय दाऊ उत्तम साव की पुण्यतिथि के संस्मरण में आयोजित तहसील स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज और देश को अपने पूर्वजों के बताए मार्ग पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। जो समाज समय के साथ चलेगा, विकास में वो आगे रहेगा। उन्होंने हाल ही में समाप्त अपने अमेरिका प्रवास के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि साहू समाज के अनेक युवा वहां भी अपनी प्रतिभा और काबिलियत से समाज और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे कई युवाओं से मैं अभी मिलकर आया हूं।

साहू समाज के अनेक युवा अमेरिका में भी समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री साव ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज सभी समाजों को साथ लेकर आगे चलने वाला समाज है। हम सभी को संगठित प्रयास से अपने पुरखों के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने समाज द्वारा रखी गई मांगों को क्रमशः पूर्ण करने का भरोसा दिलाया। साव ने समारोह में कला, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले साहू समाज की प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रतिभा सम्मान समारोह को पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू और श्रीमती रमशीला साहू ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में जगमोहन साहू ने समाज रत्न स्वर्गीय दाऊ उत्तम साव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साहू समाज के दुर्ग जिला अध्यक्ष नन्दलाल साहू और दुर्ग तहसील अध्यक्ष पुसऊ साहू सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

प्लाटून कमांडर्स ने किया मार्च पास्ट, देश की आन बान शान का दिखा जज्बा

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रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने ध्वजारोहण कर सलामी ली। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया एवं हर्ष फायर किया गया। आयोजित कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय रिजर्व बल, भारत तिब्बत सीमा बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, तेलंगाना पुलिस, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल पुरूष एवं महिला, छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरूष), जेल पुलिस (पुरूष), नगर सेना (पुरूष), नगर सेना (महिला), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल, महिला बैग पाईपर बैंड दस्ता और एन.सी.सी बॉयज एवं  एन.सी.सी गर्ल्स की प्लाटून ने भाग लिया।

सभी प्लाटून्स ने मार्च पास्ट कर देश की आन बान शान के लिए जज्बा दिखाया। सभी प्लाटून्स ने एक लय में मार्च पास्ट कर दशकों का मन मोह लिया। सभी में गजब की देशभक्ती की भावना दिखी। अश्वारोही दल द्वारा फ्लैग मार्च, स्टैंडिंग सैल्यूट, टेंट पैगिंग और शो जम्पिंग भी किया गया। अश्वारोही दल द्वारा किए गए प्रदर्शन ने सभी दर्शकों को आकर्षित किया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह वर्धन किया। सभी ने उनकी सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्लाटून्स को सम्मानित किया गया। इसमें केन्द्रीय बल के सीमा सुरक्षा बल को प्रथम, भारत तिब्बत बल को द्वितीय और तेलंगाना पुलिस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी तरह राज्य पुलिस बल की महिला बैग पाईपर बैंड दस्ता ने प्रथम, नगर सेना (महिला) में द्वितीय तथा नगर सेना (पुरूष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कर्मचारियों का डीए 4% बढ़ाने की घोषणा की

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि राज्य के कर्मचारियों का महँगाई भत्ता 4% बढ़ाया जाएगा। अभी केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में 4% महँगाई भत्ते का अंतर है,

अब इस अंतर को समाप्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान आज सीहोर जिले के भैरुंदा तहसील के ग्राम गिल्लौर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह /निकाह समारोह को संबोधित कर रहे थे।

सहकारिता की भावना आदिवासी समाज की बड़ी शक्ति- सरजियस मिंज

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रायपुर। भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘‘आज़ादी के 75 वर्ष और जनजातीय पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण एवं विघटन की स्थिति’’ के तीसरे दिन समापन समारोह का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सर्जियस मिंज ने कहा कि मानव के साथ मानव का संबंध ही संस्कृति है। आज भी आदिवासी समुदाय के लोग सहज, सरल और सहृदय है। उनमें सहकारिता की भावना है जिसके कारण वे किसी भी कार्य को सामूहिक रूप से करते हैं। हमारा समाज आज सामूहिकता से व्यक्तिवादिता की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव आदिवासी समुदाय में भी देखने को मिल रहा है। सहकारिता की भावना हमारी शक्ति है इसे किसी तरह भी कम नहीं होने देना चाहिए। मिंज ने कहा कि किसी भी समुदाय के ज्ञान को कमतर नहीं आंकना चाहिए। आईक्यू अभ्यास से जुड़ा हुआ है, इसका संबंध जाति, समुदाय, धर्म विशेष से नहीं है। आदिवासियों को उनकी पहचान देने की ज़िम्मेदारी समाज वैज्ञानिकों की है ताकि उनके विकास को सही दिशा दिया जा सके। आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाना है और उनकी विशेषताओं को बनाए रखते हुए ऐसा करना बड़ी चुनौती है।

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई से आए विशिष्ट अतिथि प्रो. विपिन जोजो ने कहा कि हमें विकास को देखने के नजरिए में बदलाव लाने की जरूरत है। अगर देश, दुनिया और सम्पूर्ण मानवता को बचाना है तो आदिवासियों से सीखने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर विकास के नए फ्रेम वर्क में आदिवासी नजरिए को शामिल करना होगा। हमें अपने शोधों में आदिवासी ज्ञान, परंपरा को भी सहेजने की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पं. रविवि प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. आर. के. ब्रम्हे ने कहा कि आज दुनिया में सबसे सरल होना ही सबसे कठिन है, और यही सरलता हमें आदिवासी समाज में देखने को मिलती है। विश्वभर में राज्यों के निर्माण से पहले आदिवासी समाज रहा है और निश्चित तौर पर विभिन्न ज्ञान परंपरा आदिवासी समाज से जुड़ी रही है। आज की बड़ी चुनौती अपने संस्कृति के साथ विकास की ओर अग्रसर होना है। सांस्कृतिक अस्थिरता के कारण हो रहे बदलावों का सबसे नकारात्मक प्रभाव हाशिए के समाजों पर पड़ता है और वह समाज अपने जड़ों से कट जाता है।

कार्यक्रम में अतिथियों का समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला के अध्यक्ष व संगोष्ठी के संयोजक प्रो. निस्तर कुजूर, प्रो. एल. एस. गजपाल व असोसिएट प्रो. हेमलता बोरकर वासनिक के द्वारा राजकीय गमछा व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एल. एस. गजपाल के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेश कुमार साहू के द्वारा किया गया।

 

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह में 13 शोधार्थियों को पीएचडी और 135 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक

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रायपुर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह व विश्वविद्यालय के 8वें स्थापना दिवस समारोह आज भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन ने की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस गरिमामय दीक्षांत समारोह में 13 शोधार्थियों को पीएचडी और 135 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। समारोह में पर्यावरण संरक्षण व समाज कल्याण की दिशा में अद्वितीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले को मानद उपाधि प्रदान की गई। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पोटिया कला में 12 करोड़ रूपए की लागत से 40 एकड़ रकबे में निर्मित होने वाले विश्वविद्यालय के नवीन ऑडिटोरियम निर्माण एवं नरेंद्र देव वर्मा शोधपीठ की स्थापना की घोषणा की। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में शिक्षा को सबसे ताकतवर हथियार बताया। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपस्थित शोधकर्ताओं व छात्र-छात्राओं दी जाने वाली उपाधि व स्वर्ण पदक को उनके सालों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने इस बात की खुशी जताई की विद्यार्थी अपने जीवन के नये पड़ाव में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि  भविष्य मे कई चुनौतियां आएगी, लेकिन शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं को अपने ज्ञान और कौशल से भविष्य निर्माण के नये अवसर भी मिलेंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा ने जो शक्ति प्रदान की है, उसे आप अपने भविष्य निर्माण और समाज के निर्माण में लगाएं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री बघेल ने ऑडिटोरियम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए स्वर्गीय हेमचंद यादव जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता के लिए ज्ञान जरूरी है और यह शिक्षा से प्राप्त होता है। उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों के समावेश पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की अवधारणा उन्हें शिक्षा से प्राप्त हुई है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है।

इसके जरिए सभी वर्गों के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम निर्मित हो रहा है। उन्होंने शासन की नरवा कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रवाहित होने वाले 30 हजार नालों में से 13 हजार नालों का उपचार वाटर रिचार्जिंग के लिए किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे है। भू-जल स्तर, सिंचाई के रकबे की वृद्धि और जैव-विविधता की स्थिति बेहतर हो रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में संयम और सदाचार को अपनाकर बेहतर समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा कि आपने मुझे मानद उपाधि के लिए क्यों चुना। मुझे थोड़ा असहज लग रहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि हमने छत्तीसगढ़ राज्य में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए जो सफल नवाचार किए हैं, 

उसके लिए यह मानद उपाधि विश्वविद्यालय की ओर सहर्ष प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब मुझे यह उपाधि मिली तो मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि मेरी धर्मपत्नी और पूरा परिवार इस मौके पर मौजूद हैं जैसे आप सबके परिवारजन मौजूद हैं। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित किया और शहरी और दूरस्थ अंचल में शिक्षा के विस्तार पर चर्चा की और क्षेत्र में शासन के योगदान के बारे में बताया। दीक्षांत समारोह में अध्यक्ष रामकृष्ण आश्रम राजकोट अति विशिष्ट अतिथि स्वामी निखिलेश्वरानंद, मंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद लोकसभा विजय बघेल, दुर्ग विधायक एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ वेयर हाउस कॉपोरेशन अरूण वोरा, विधायक देवेन्द्र यादव, कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप, कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा व अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक, प्राचार्य व अधिकारीगण उपस्थित थे।


पुरस्कारों से बढ़ता है परिश्रम करने वालों का गौरव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना पर हर वर्ष आयोजित होने वाला राज्योत्सव कल से शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे इस तीन दिवसीय राज्योत्सव के अंतर्गत कल शाम राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें राज्यपाल ने तैंतीस विभिन्न विधाओं में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली इकतालीस विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया। उन्होंने राज्य अलंकरण पुरस्कार प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि इन पुरस्कारों से परिश्रम करने वालों का गौरव बढ़ता है। साथ ही समाज की नई पीढ़ी को भी अच्छा कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।



समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़िया होने का गौरव उत्सव है। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव से वसुधैव कुटुम्बकम की परिकल्पना साकार हो रही है। उन्होंने राज्य अलंकरण पुरस्कार प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके योगदान से प्रदेश का गौरव बढ़ा है। बघेल ने सभी जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की आदमकद प्रतिमा स्थापित किए जाने की घोषणा भी की। समारोह में राज्य मंत्रिमण्डल के सभी सदस्य, नेता प्रतिपक्ष, सांसद और विधायक उपस्थित थे।

छठ पर्व प्रकृति की उपासना का पर्व : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी में महादेव घाट पर आयोजित छठ पर्व समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन महादेव घाट छठ पर्व आयोजन समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह प्रकृति की उपासना का पर्व है। यह उगते एवं डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का पर्व है। मुख्यमंत्री बघेल ने आयोजन समिति के आग्रह पर कहा कि समिति के द्वारा छठ पूजा के लिए जमीन आबंटन की मांग की गई है, समिति द्वारा इस संबंध में शासन को आवेदन करने पर उन्हें प्रक्रिया अपनाने के बाद जमीन आबंटित कर दी जाएगी। साथ ही जमीन आबंटित होने के पश्चात् भवन निर्माण के लिए भी सहायता दी जाएगी।



उन्होंने कहा कि यह पूर्वांचल एवं भोजपुरी समाज के लोगों का सबसे बड़ा पर्व है। इस पर्व में कोई भेद-भाव नहीं होता, न कोई राजा होता और न कही कोई रंक होता है। सबके प्रति समान भाव रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व में कठिन तपस्या के बाद सूर्य की उपासना की जाती है। वास्तव में सूर्य ऊर्जा का स्रोत होता है। सूर्य की उपासना के बाद हम सभी में ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भी संबोधन दिया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, महापौर एजाज ढेबर, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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